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- -2.53 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण, 2,52,967 मामलों का समाधान कर जिले ने दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धिरायपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले के राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 2 लाख 53 हजार 365 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 52 हजार 967 प्रकरणों का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में लंबित मामलों के समाधान से आम नागरिकों को राहत मिली है।राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के राजस्व प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति, आपसी सुलह और सरल प्रक्रिया के जरिए निराकरण किया गया। इस पहल से लंबे समय से लंबित मामलों को गति मिली और पक्षकारों को अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्राप्त हुई।राष्ट्रीय लोक अदालत में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे से संबंधित 23 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 22 का निराकरण किया गया। इसी प्रकार वारिसों के मध्य बंटवारे के 19 में से 18 तथा कब्जे के आधार पर बंटवारे के 7 में से 6 प्रकरणों का समाधान किया गया।धारा 145 की कार्यवाही से संबंधित सभी 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं रेंट कंट्रोल एक्ट का 1 प्रकरण भी पूरी तरह निराकृत हुआ। विक्रय पत्र, दानपत्र एवं वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण से संबंधित 73 में से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया।आंकड़ों के अनुसार अन्य प्रकृति के कुल 2,152 प्रकरणों में से 2,139 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अलावा अन्य विभागों से संबंधित 2 लाख 51 हजार 80 प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 50 हजार 699 प्रकरणों का निराकरण किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। जीपीएम जिले में बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरणों के निराकरण से न केवल नागरिकों को लंबित मामलों से राहत मिली, बल्कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिली है। जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत की यह उपलब्धि न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम, प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लोक अदालत के माध्यम से हुए निराकरण से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति को बढ़ावा मिलने के साथ ही समय और संसाधनों की बचत भी हुई है।
- -गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारीरायपुर । छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया। बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझने तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी घटना की स्थिति में डर अथवा सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से सहायता एवं शिकायत की जा सकती है तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ पुराने प्रकरणों के फॉलोअप की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना बच्चे को गोद लेना अथवा देना कानूनन अपराध है। विद्यार्थियों को बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका से भी अवगत कराया गया।‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की समझाइश दी गई। ओटीपी साझा नहीं करने, अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत से बचने, निजी फोटो साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के संबंध में महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं।विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कम उम्र में वाहन नहीं चलाने तथा बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की समझाइश दी गई। विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों को भी वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा एवं पंजीयन दस्तावेज साथ रखने तथा हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित करने कहा गया।कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी देते हुए संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध सहायता के संबंध में बताया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर टोल फ्री नंबर 181 के माध्यम से सखी वन स्टॉप सेंटर की निःशुल्क सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।महिला सशक्तिकरण हब की ओर से किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बेटियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और समान अवसरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम में विद्यालय संचालक श्री राहुल अग्रवाल, प्राचार्य श्रीमती खुशबू सिंह, महिला सशक्तिकरण हब की जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सलोनी कुजूर, चाइल्ड लाइन से श्री प्रकाश राजवाड़े, सूरजपुर कोतवाली से श्रीमती सुमन पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -रटगा में खराब हैंडपंप की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, ग्रामीण संत राम बोले—समय पर हुआ समाधान, शासन-प्रशासन पर बढ़ा भरोसारायपुर । राज्य शासन की सुशासन नीति और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन की इसी प्रतिबद्धता का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ‘विष्णु का सुशासन’ केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष सकारात्मक बदलाव लाने वाली व्यवस्था के रूप में साकार हो रहा है।इसी सुशासन की प्रभावी मिसाल मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत रटगा में देखने को मिली, जहां एक ग्रामीण की पेयजल संबंधी समस्या का समाधान शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर कर दिया गया। ग्राम रटगा निवासी श्री संत राम ने अपने आसपास खराब पड़े हैंडपंप की समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मैदानी अमले ने बिना विलंब मौके पर पहुंचकर खराब हैंडपंप का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया। विभागीय टीम की तत्परता से महज 24 घंटे के भीतर हैंडपंप को दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया।हैंडपंप के चालू होने से श्री संत राम सहित आसपास के ग्रामीणों को अब आसानी से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पेयजल की समस्या दूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, त्वरित निराकरण से ग्रामीणों के बीच शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।शिकायत करने के बाद इतनी जल्दी समाधान होगा, इसकी उम्मीद थी, लेकिन 24 घंटे में ही हैंडपंप चालू हो गयासमस्या के शीघ्र समाधान से प्रसन्न श्री संत राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हैंडपंप खराब होने से हम लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी हो रही थी। मैंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद विभाग के कर्मचारी तुरंत पहुंचे और 24 घंटे के अंदर हैंडपंप ठीक कर दिया गया। अब हम लोगों को फिर से आसानी से पानी मिल रहा है। इतनी जल्दी समस्या का समाधान होने से हमें बहुत खुशी हुई है। सीएम हेल्पलाइन आम लोगों के लिए बहुत उपयोगी व्यवस्था है। मैं मुख्यमंत्री जी और जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूं।शिकायत के साथ ही हरकत में आया विभागग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी समस्याओं का समय पर निराकरण आम नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रटगा में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर संबंधित विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने से यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासनिक तंत्र लगातार सक्रिय है।सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का सरल माध्यम उपलब्ध हुआ है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उसके निराकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने से आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हुई है।सुशासन का असर, ग्रामीणों को मिला सीधा लाभरटगा की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि शासन की जनसुनवाई और शिकायत निराकरण व्यवस्था किस तरह आम नागरिकों के दैनिक जीवन में बदलाव ला रही है। एक ओर जहां शिकायत के माध्यम से ग्रामीण की आवाज प्रशासन तक पहुंची, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग ने तत्परता दिखाते हुए समस्या का समाधान किया। शिकायत दर्ज होने से लेकर समाधान तक की यह पूरी प्रक्रिया ‘सुशासन’ की उस भावना को प्रदर्शित करती है, जिसमें नागरिकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाता है।सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से रटगा के ग्रामीणों को मिली यह राहत शासन की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसमें हर नागरिक की समस्या को सुना जाए, उसका समाधान किया जाए और शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
- -तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वाररायपुर । पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया।आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा।जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
- रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया।इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की तथा संस्थान द्वारा संचालित अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य के कृषि विभाग के साथ समन्वय से भारतीय कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।डॉ. राय ने फसलों में कीट-व्याधियों, रोगों एवं अन्य जैविक तनावों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने फसल उत्पादकता, कृषि की प्रतिरोधक क्षमता तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए विकसित की जा रही सतत एवं किसानोन्मुख तकनीकों पर भी प्रकाश डाला।श्री चौहान ने संस्थान के कृषि अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित ICAR-NIBSM एक प्रमुख प्ब्।त् संस्थान के रूप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, नवाचारों एवं किसान-केंद्रित पहलों का अवलोकन करने के लिए निकट भविष्य में ICAR-NIBSM का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। केंद्रीय कृषि मंत्री ने उभरती कृषि चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। यह मुलाकात केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि अनुसंधान को सुदृढ़ करने, फसल तनावों के प्रभावी प्रबंधन तथा किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के साझा संकल्प को प्रतिबिंबित करती है।
- -आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल-19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित-504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईराज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।
- जिला पंचायत बालोद में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित; 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'आशीर्वाद का दीया'बालोद/ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू एवं जिला पंचायत सदस्यों की उपस्थिति में अभियान की तैयारियों, गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मुख्य ध्येय शासन की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर जनभागीदारी को बढ़ावा देकर काम को परिणाममूलक बनाया जाएगा।जन-जागरूकता पर जोरजिला पंचायत उपाध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को लेकर जागरूकता फैलाने और पंचायत प्रतिनिधियों सहित आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।हितग्राहियों को जोड़ने की पहलकेंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हितग्राहियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।विशेष आयोजन:17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया'अभियान के अंतर्गत आगामी 17 सितंबर 2026 को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत प्रशासन ने इस अवसर पर अधिक से अधिक ग्रामीणों से बढ़-चढ़कर भाग लेने और जनभागीदारी निभाने की अपील की है।
- सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करेगा एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियानबिलासपुर/जिले में जनसेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहंुचाने सेवा संकल्प अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा, स्वच्छता, जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अभियान के सफल आयोजन के लिए नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही विभागीय अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को गतिविधिवार जिम्मेदारियां सौंपी हैं।अभियान के दौरान 17 सितंबर की शाम को जिला स्तर पर, रतनपुर और मल्हार मंदिर में, महतारी वंदन, पीएम आवास हितग्राहियों के घर में एवं प्रत्येक परिवार स्तर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया जाएगा। मेरे सपनों का भारत’ विषय पर 18 एवं 19 सितम्बर, 28 सितम्बर, 1 अक्टूबर एवं 3 अक्टूबर को विद्यालय स्तर पर ‘ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 17 सितंबर से 21 सितम्बर, 6 से 10 अक्टूबर एवं 15 से 17 अक्टूबर तक प्रमुख स्थलों पर नमो सेवा अनकही कहानियां विषय पर संगीतमय नाटक प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा का आयोजन, 17 से 21 सितम्बर तक सेवा की कहानी, पर्यटन विभाग द्वारा विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतर्गत बस्तर सहित परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा निकली जाएगी। 23 से 25 सितम्बर तक सेवा मेरा योगदान का आयोजन होगा। वहीं जल संसाधन विभाग के माध्यम से ‘जल जन सेवा संकल्प’ से जुड़ी गतिविधियां पूरे अभियान के दौरान संचालित की जाएंगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा-मेरा योगदान’ अभियान के अंतर्गत नदी घाटों की स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। 1 से 5 अक्टूबर तक विकासखण्ड स्तर पर सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार अंतर्गत शिविर लगाये जाएंगे। 29 सितम्बर को सेवा के रंग, राष्ट्र के संग का आयोजन होगा। 9 अक्टूबर को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज एवं 17 अक्टूबर को सुशासन सेवा संवाद जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।कलेक्टर ने सभी संबंधित नोडल अधिकारियों एवं विभागों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर/शासन द्वारा नागरिकों को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा कुरूद एसएलआरएम सेंटर के सामने आवारा एवं सामुदायिक कुत्तों के प्रबंधन हेतु डॉग हाउस का निर्माण किया गया है। डॉग हाउस में कुल 44 केज (कैच) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केज में 4 डॉग रखने की क्षमता के अनुसार एक समय में लगभग 176 डॉग की व्यवस्था की गई है।नगर निगम द्वारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के उद्देश्य से यहां प्रतिदिन लगभग 40 से 44 डॉग के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।डॉग हाउस में डॉग को पकड़कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत बधियाकरण किया जाएगा तथा आवश्यक देखरेख के पश्चात उन्हें निर्धारित स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ नागरिकों को होने वाली परेशानियों में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
- -ऑनलाइन दावा-आपत्ति 24 सितंबर तक आमंत्रितदुर्ग/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), दुर्ग के अंतर्गत संविदा भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 12 पदों के लिए अभ्यर्थियों की प्रारंभिक पात्र एवं अपात्र सूची जारी कर दी गई है। जारी सूची के संबंध में अभ्यर्थी आगामी 24 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत कुल 18 विभिन्न संविदा पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इनमें से 12 पदों—साइकोलॉजिस्ट क्लीनिकल, प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर, एसटीएस, लैब सुपरवाइजर, टीबीएचवी, डेंटल असिस्टेंट, एमपीडब्ल्यू-मेल, ऑप्थेलमिक असिस्टेंट, एएनएम, वार्ड असिस्टेंट व अटेंडेंट तथा सिक्योरिटी गार्ड के लिए प्रारंभिक पात्र-अपात्र सूची पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in पर दिए गए लिंक अथवा सीधे पोर्टल https://govthealth.cg.gov.in/RecDurgCont2026/ पर जाकर अपनी पंजीयन आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन उपरांत उपलब्ध लिंक के जरिए अभ्यर्थी 24 सितंबर 2026 को सायं 05:30 बजे तक अपनी दावा-आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।निर्धारित तिथि व समय बीत जाने के बाद अथवा ऑफलाइन, डाक या ईमेल जैसे अन्य किसी माध्यम से भेजी गई दावा-आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। विस्तृत विवरण व सूची जिले की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- दुर्ग/ जिले में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के संबंध में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य समन्वय बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री पुरूर्षोत्तम देवांगन, श्रीमती चन्द्रिका चन्द्राकर, श्रीमती सरिता मिश्रा, श्री विनोद अरोरा एवं विनोद सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला पंचायत के सीईओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी श्री बी.के. दुबे सहित समस्त विभागीय नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी सम्मिलित हुए। अभियान अंतर्गत विभिन्न 12 पहलुओं क्रमशः आशीर्वाद दीया, मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा, नमो सेवा अनकही कहानियां, आनंद मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति कलश यात्रा, सेवा मेरा योगदान, जन-जन सेवा संकल्प, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग एवं सुशासन सेवा संवाद के बेहतर आयोजन के संबंध में तिथियों आदि के संबंध में रायशुमारी की गई। जनप्रतिनिधियों ने आयोजन हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। साथ ही अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।
- -महाराष्ट्र मंडल की फिजियोथेरेपिस्ट डा. संगीता कश्यप ने विश्व फिजियोथेरपी दिवस पर अभिभावकों को दिए कई महत्वपूर्ण टिप्सरायपुर। विकास में देरी, जन्मजात बीमारियां, हड्डियों की चोट या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। बच्चों में सबसे आम प्रकार की शारीरिक अक्षमता सेरेब्रल पाल्सी है। निगलने में कठिनाई और आँखों की मांस पेशियों में असंतुलन, जिसके कारण आँखें एक ही वस्तु पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पातीं, सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित लोगों में आम हैं। अगर आपके आसपास किसी बच्चे को इस तरह की परेशानी होती है तो उसे एक बार फिजियोथेरेपिस्ट को जरूर दिखाएं। उक्त विचार महाराष्ट्र मंडल की फिजियोथेरेपिस्ट डाॅ. संगीता कश्यप ने विश्व फिजियोथेरपी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।डा. संगीता ने कहा कि बच्चों के फिजियोथेरेपिस्ट बच्चों की शारीरिक क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं। वे नवजात शिशुओं से लेकर किशोरों तक के रोगियों का इलाज करते हैं और लंबे समय तक इलाज में स्वयं तो सहृदयता तो रखते ही है, साथ ही बच्चों के अभिभावकों को भी धैर्य रखने के लिए विशेष रूप से ध्यान देते हैं। शिशु एवं बढ़ते बच्चे की गतिशीलता, विकास और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियों की विशेष समझ रखते हैं।डॉ. संगीत कश्यप के अनुसार अगर आपका बच्चा या आपके आसपास कोई बच्चा एड़ी उठाकर चलता है, तो आमतौर पर लोग इसे सामान्य मानते हैं। ऐसा है भी, लेकिन दो साल तक। दो- तीन साल की उम्र पार करने के बाद भी बच्चे एड़ी उठाकर चलता है, तो उसकी मांसपेशियां बहुत कड़ी और सख्त हो चुकी है। ऐसे में उसे फिजियोथैरेपी ट्रीटमेंट की आवश्यकता है।
- रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार ग्राम फुण्डहर के खसरा क्रमांक 54/127 के रकबा 0.0352 हेक्टेयर भूमि पर संजय अग्रवाल पिता राधेश्याम अग्रवाल, शंकर नगर निवासी द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर आज प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की।उक्त कार्यवाही नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर पालिक निगम एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटाया गया।कार्यवाही के पश्चात उक्त भूमि को विधिवत रूप से भूमि स्वामी यशोदा एसोसिएट एवं पार्टनर योगेश आहूजा को सौंपी गई।
- मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 90 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षणरायपुर। स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित दाई-दीदी मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू -2) ने एक और संवेदनशील एवं सराहनीय पहल करते हुए शासकीय मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधितार्थ विद्यालय, मठपुरैना में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।यह शिविर सामान्य स्वास्थ्य जांच से कहीं अधिक महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें ऐसे बच्चों तक चिकित्सकीय सेवाएं पहुंचाई गईं, जिनके लिए अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को सामान्य तरीके से बताना स्वयं एक चुनौती है। मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमएमयू की स्वास्थ्य टीम ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चंद्राकर, आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार और अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पांडे और उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव सिंह बाबरा के मार्गनिर्देशन में एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीमती काजल शर्मा की उपस्थिति में किया गया। शिविर में डॉ. निवेदिता चन्द्रा ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। कार्य में फार्मासिस्ट नंदिनी साहू, लैब टेक्नीशियन अंजू साहू , नर्स नेहा निर्मलकर ने उनका सहयोग किया। शिविर के दौरान कुल 90 बच्चों की ओपीडी दर्ज की गई। स्वास्थ्य टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।इसी दौरान एक बच्चे में टायफायड एवं मलेरिया जैसे लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय टीम द्वारा विशेष सतर्कता बरतते हुए उसे आगे की आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए रेफर किया गया। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट एमएमयू केवल सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं दे रही, बल्कि समय पर स्वास्थ्य समस्या की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।विशेष बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर एक महत्वपूर्ण पहलमूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों के बीच स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण पहल है। दाई-दीदी एमएमयू की टीम ने बच्चों के बीच पहुंचकर स्वास्थ्य सेवा को उनके दरवाजे तक पहुंचाने की मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की मूल भावना को सार्थक करने का प्रयास किया।मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एमएमयू द्वारा विद्यालयों एवं विशेष संस्थानों तक पहुंचकर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और अधिक समावेशी बनाता है।‘अस्पताल तक मरीज नहीं, मरीज तक स्वास्थ्य सेवा’ की सोचदाई-दीदी एमएमयू की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि स्वास्थ्य सुविधा को केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित न रखकर जरूरतमंदों के बीच पहुंचाया जा रहा है। मठपुरैना स्थित विशेष विद्यालय में आयोजित यह शिविर इसी सोच का जीवंत उदाहरण रहा, जहां चिकित्सकीय टीम ने बच्चों के बीच पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार उपचार एवं मार्गदर्शन दिया।दाई-दीदी एमएमयू -2 की यह पहल मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की उस संवेदनशील सोच को मजबूत करती है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने की छत्तीसगढ़ शासन की जनहितकारी मंशा को प्राथमिकता दी जा रही है। मठपुरैना के विशेष बच्चों के लिए आयोजित यह शिविर सेवा, संवेदना और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक सराहनीय कदम रहा।
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हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष की थीम पर सजेगा प्रेस क्लब
रायपुर। वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पूरे वर्ष विभिन्न आयोजनों और गतिविधियों के माध्यम से उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष का गणेशोत्सव भी हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को समर्पित होगा।रायपुर प्रेस क्लब परिसर में भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और पूरे परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। गणेश पंडाल की सजावट और प्रस्तुति में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की यात्रा को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। पत्रकारिता के आरंभिक दौर से लेकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वर्तमान डिजिटल एवं न्यू मीडिया तक के सफर की झलक गणेश पंडाल में देखने को मिलेगी।गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर रायपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि गणेशोत्सव को भव्य और गरिमापूर्ण स्वरूप दिया जाएगा। उत्सव के दौरान प्रेस क्लब परिसर में प्रतिदिन भक्तिमय वातावरण में भगवान गणेश की आराधना की जाएगी।प्रेस क्लब के विभिन्न प्रकोष्ठों को अलग-अलग दिवस पर भगवान श्रीगणेश की सेवा, पूजा-अर्चना और आयोजन की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं महिला पत्रकार साथियों की विशेष सहभागिता सुनिश्चित करते हुए एक विशेष दिन विशेष भोग एवं प्रसाद का आयोजन भी किया जाएगा।रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है। रायपुर प्रेस क्लब इस गौरवशाली यात्रा को पूरे वर्ष अलग-अलग आयोजनों के माध्यम से सेलिब्रेट कर रहा है। गणेशोत्सव भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और शुभारंभ के प्रतीक हैं और पत्रकारिता भी समाज को जागरूक करने, सत्य को सामने लाने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम है। इसलिए इस वर्ष गणेशोत्सव को पत्रकारिता की गौरवशाली विरासत से जोड़ते हुए प्रेस क्लब परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रेस क्लब परिवार की एकजुटता, धार्मिक परंपरा, और पत्रकारिता की विरासत और नई पीढ़ी को पत्रकारिता के 200 वर्षों के सफर से परिचित कराने का अवसर भी बनेगा।बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, अंशुमान शर्मा, जाकिर घुडसेना, चंदन साहू, संतोष साहू, नीरज मिश्रा और संजीव सिन्हा उपस्थित रहे। - -मछली पालन विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण जारीबिलासपुर /मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश में प्रतिबंधित एक्सोटिक मांगूर (क्लेरियस गेरीपिनयस) एवं बिग हेड (हाइपोप्थेलमिक्थीस नोबीलीस) मछलियों के पालन, संवर्धन, आयात, निर्यात, विक्रय, परिवहन एवं विपणन की रोकथाम के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में मछली पालन विभाग की टीम द्वारा शनिचरी बाजार क्षेत्र में निरीक्षण कर एक्सोटिक मांगूर की मत्स्य बीज जब्त कर कार्रवाई की गई। साथ ही मछली विक्रेताओं को प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी।उप संचालक मछली पालन विभाग ने बताया कि एक्सोटिक मांगुर को सामान्यतः थाई मांगुर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक आक्रामक मांसाहारी मछली है, जो भोजन के लिए देशी मछली प्रजातियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पर्यावरण अधिकारी के अनुसार थाई मांगुर के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1948 की धारा 5 के तहत प्रतिबंधित मछलियां पाए जाने पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पाली गई प्रतिबंधित मछलियों के मत्स्य बीज एवं भंडारण को तत्काल नष्ट किए जाने का प्रावधान भी है।
- -शिविर में कुल 705 दिव्यागजनों का किया गया पंजीयनबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग जिला बालोद के संयुक्त तत्वाधान में बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान 2026 अन्तर्गत ’हर पात्र बच्चे तक प्रमाण-पत्र और अधिकार’ कार्यक्रम अंतर्गत शिविर आयोजित किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम ने बताया कि इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के दिव्यांगजन शामिल हुए। जिसमें कुल 705 दिव्यागजनों का पंजीयन किया गया है। उन्होंने बताया कि शिविर में 40 दिव्यांगजनों का नवीन दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 31 दिव्यांगजनों का दिव्यांग प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कर शिविर में तत्काल प्रदाय किया गया। साथ ही शिविर में कुल 35 दिव्यागजनों का यूनिक आई.डी. कार्ड, 53 दिव्यांगजनों का उपकरण, 42 दिव्यांगजनों का छात्रवृत्ति, 85 दिव्यांगजनों का फिजियोथैरेपी, 115 दिव्यांगजनों का विशेष शिक्षा एवं 04 दिव्यांगजनों का कृत्रिम पैर हेतु पंजीयन कर माप लिया गया है। शिविर में 41 छात्र-छात्राओं का सिकलसेल जांच हेतु ब्लड सेम्पल लिया गया है। उन्होंने बताया कि 53 छात्र-छात्राओं को स्पेसिफिक लर्निंग दिव्यांगता से ग्रसित थे, जिनकी रिपोर्ट परीक्षण हेतु जिला अस्पताल बालोद एवं सी.आर सी. राजनादगांव भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के पश्चात उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाएगा।शिविर में समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित घरौंदा आश्रय गृह में निवासरत् कुल 40 दिव्यांगजनों का विशेष शिक्षा से संबंधित जानकारी प्रदान किया गया है। उप संचालक श्री गेडाम ने बताया कि शिविर में कुल 705 दिव्यांग बच्चों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित हुए थे, जिन्हंे विभाग द्वारा संचालित पेंशन, उपकरण एवं छात्रवृत्ति फार्म प्रदान किया गया है। शिविर में दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित समस्त योजनाओं, जिला निःशक्त पुनर्वास केन्द्र (डी.डी.आर.सी), घरौंदा आश्रय गृह एवं स्वावलंबन केन्द्र के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया। शिविर में उपस्थित सभी दिव्यांगजनों एवं उनके सहायकों के लिए स्वअल्पाहार एवं भोजन का व्यवस्था किया था तथा दिव्यांगजनों को उनके निवास स्थल से शिविर स्थल तक लाये जाने एवं कार्यक्रम के पश्चात उन्हे सकुशल गन्तव्य तक पहुंचाये जाने हेतु बस की व्यवस्था किया गया है। शिविर में समाज कल्याण विभाग, जिला निःशक्त पुनर्वास केन्द्र, समाज कल्याण विभाग जिला बालोद अन्तर्गत संचालित स्वैच्छिक संस्थाओं, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं जनपद पंचायत गुण्डरदेही के संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिले के सर्वेक्षित व चिन्हांकित दिव्यांग बच्चों के परीक्षण एवं दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा समाज कल्याण विभाग परिसर, झलमला में 17 सितंबर को एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि 07 से 12 सितंबर 2026 तक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम ने बताया कि डौंडीलोहारा विकासखंड के दिव्यांग बच्चों के परीक्षण सह प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु 12 सितंबर को प्रस्तावित शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त शिविर का आयोजन अब गुरूवार 17 सितंबर को किया जाएगा।
- बिलासपुर /जिला अस्पताल बिलासपुर में बच्चों एवं किशोरों में होने वाले टाइप-1 डायबिटीज के बेहतर प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साप्ताहिक टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। क्लीनिक के माध्यम से टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित बच्चों को नियमित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। क्लीनिक में बच्चों को बीमारी के बेहतर प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन देने के साथ-साथ काउंसलिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क इंसुलिन उपलब्ध कराया जाएगा। बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी मधुमेह के बेहतर प्रबंधन, नियमित फॉलोअप और आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी जाएगी।विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन एवं जिला चिकित्सालय बिलासपुर के तकनीकी सहयोग से यह क्लीनिक प्रत्येक बुधवार नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इससे टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित बच्चों को अपने नजदीक ही निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। क्लीनिक के शुभारंभ अवसर पर सिविल सर्जन जिला अस्पताल, पेडियाट्रीशियन, प्रमुख चिकित्सक, अस्पताल सलाहकार, स्टाफ नर्स एवं काउंसलर सहित संबंधित स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
- -आंगनबाड़ियों में लड्डू योजना का भी आगाज़रायपुर / छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
- -उच्च स्तरीय समिति द्वारा आयोजित द्विपक्षीय चर्चा में आमंत्रित किए गए सुझावरायपुर / समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य श्री एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार उपस्थित थे।पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव श्री गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के श्री राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा श्री आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।
- -केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम-हर गांव में जगमगाए दीप, सजी रंगोली, परिवारों के चेहरों पर आई ’खुशियों की रोशनी’बालोद। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम जनमन एवं विशेष परियोजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में निर्मित नए आवासों का राज्य स्तरीय गृह प्रवेश समारोह आज 11 सितम्बर 2026 को सक्ती जिले में आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में भारत सरकार के केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं कल्याण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की। इस अवसर पर दोनों अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से 02 लाख से अधिक हितग्राहियों को उनके पक्के मकानों में ’खुशियों की चाबी’ सौंपकर गृह प्रवेश कराया गया।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी के मार्गदर्शन में 11 सितम्बर को जिले के समस्त विकासखण्डों में सामूहिक रूप से अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर ग्रामीण अंचलो में गृह प्रवेश का यह उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं के साथ मनाया गया।इस विशेष अवसर पर बालोद जिले के 4000 से अधिक आवासों के लाभार्थियों के नए घरों को दीपों से रोशन कर उनके आंगनों को आकर्षक रंगोली से सजाकर जिले में एक उत्सव का माहौल तैयार किया गया। गृह प्रवेश के इस गरिमामय अवसर पर सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले एवं सभी जनपद स्तर के जनप्रतिनिधियों को सादर आमंत्रित किया गया था। जिनकी गरिमामय उपस्थिति में हितग्राहियों ने अपने नवीन पक्के मकानों में विधिवत प्रवेश किया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सभी पात्र हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों के करकमलों से सम्मानपूर्वक ’आभार पत्र, ’खुशियों की चाबी’ एवं ’स्मृति चिन्ह’ भेंट किए गए।इसी प्रकार स्वयं के पक्का मकान हर गरीबों को मिले इसके लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी के मार्गदर्शन में हितग्राहियों को पक्का आवास निर्माण करने में हर संभव मदद की जा रही है। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से उन लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनका आवास निर्माणाधीन है जिससे वे जल्द से जल्द अपने आवास का निर्माण पूर्ण कर सकें। हितग्राहियों के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत् पक्का मकान मिलने एवं गृह प्रवेश के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया गया।
- -केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती के जेठा में किया पौधरोपण-केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री श्री साय ने बादाम का पौधापर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की प्रेरक पहल है ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियानरायपुर । पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश-17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक होंगे विभिन्न आयोजनरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।















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