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नई दिल्ली। कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना ने अमेरिका की कोको गॉफ को रोमांचक मुकाबले में हराकर यूएस ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली है। आर्थर ऐश स्टेडियम में एक सेट से पिछड़ने के बाद रायबाकिना ने शानदार वापसी करते हुए गॉफ को 3-6, 6-4, 6-4 से मात दी। यह पहली बार है जब रायबाकिना यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका से होगा।
गॉफ ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की और शुरुआत से ही रायबाकिना पर दबाव बनाए रखा। अमेरिकी खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। एक सेट गंवाने के बाद रायबाकिना के लिए मुकाबला मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखते हुए अपने खेल का स्तर बढ़ाया।दूसरा सेट काफी करीबी रहा, लेकिन रायबाकिना को वह अहम ब्रेक मिला जिसकी उन्हें जरूरत थी। उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए सेट 6-4 से अपने नाम किया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट में पहुंचा दिया। इस दौरान रायबाकिना ने अपनी सर्विस और रिटर्न दोनों में बेहतर नियंत्रण दिखाया।तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। रायबाकिना जीत के करीब पहुंचीं तो गॉफ ने वापसी की कोशिश करते हुए उनका सर्विस ब्रेक कर दिया। हालांकि, रायबाकिना ने तुरंत जवाब दिया और दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबला 6-4 से अपने नाम कर लिया।मैच के बाद रायबाकिना ने गॉफ की सर्विस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैच में एक ब्रेक मिलने के बाद भी दबाव बना रहता है। रायबाकिना के मुताबिक, गॉफ की पहली सर्व भले ही कभी-कभी प्रभावी न हो, लेकिन उनकी दूसरी सर्व इतनी मजबूत होती है कि रैली को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि तीसरे सेट में वह गॉफ की सर्विस पर कुछ अच्छे रिटर्न खेलने में सफल रहीं और गॉफ की एक गलती का भी उन्हें फायदा मिला।यूएस ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में अब रायबाकिना का सामना दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका से होगा। रायबाकिना पहली बार यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं और उनके पास न्यूयॉर्क में अपना पहला खिताब जीतने का मौका है। दूसरी ओर, सबालेंका लगातार चौथी बार यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं। सबालेंका ने 2024 और 2025 में लगातार दो यूएस ओपन खिताब जीते थे। अब वह लगातार तीसरी बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। ऐसे में रायबाकिना और सबालेंका के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।रायबाकिना के लिए 2026 का सत्र पहले ही शानदार रहा है। साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाली रायबाकिना के पास अब न्यूयॉर्क में भी ट्रॉफी अपने नाम करने का मौका है। यूएस ओपन का खिताब जीतकर वह अपने शानदार सत्र को और खास बनाना चाहेंगी। ( -
मुंबई. भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बृहस्पतिवार को यहां कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। यहां एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं। रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, '' अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।'' वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।
उनसे यह भी पूछा गया कि क्या भारत के खिताब जीतने पर प्रशंसकों के साथ जश्न मनाने के लिए खुली बस में परेड आयोजित की जाएगी, ठीक उसी तरह जैसे 2024 में रोहित के नेतृत्व वाली टीम ने वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप जीतने के बाद मुंबई में विजय परेड निकाली थी। रोहित ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि अब बस परेड संभव होगी।''भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। रोहित ने वनडे में भारत के लिए अपने आखिरी मैच में शतक बनाया था। -
मोकी (चीन). भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को यहां पाकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त देकर महिला जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने शुरू से लेकर आखिर तक दबदबा बनाए रखा और आक्रामक खेल का नजारा पेश करते हुए टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीत में से एक दर्ज की। भारत ने जहां 19 गोल किए, 18 पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक हासिल किया, वहीं पाकिस्तान एक भी गोल, पेनल्टी कॉर्नर या पेनल्टी स्ट्रोक हासिल नहीं कर पाया। भारत शनिवार को सेमीफाइनल में कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगा।
भारत ने पहले क्वार्टर में पांच, दूसरे क्वार्टर में भी पांच, तीसरे क्वार्टर में तीन और अंतिम क्वार्टर में छह गोल करके बड़ी जीत दर्ज करके शान से सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत को शुरुआती पांच मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि वह इनका फायदा नहीं उठा पाया। भारत ने छठे मिनट में गोल दाग दिया था, लेकिन रेफरल के बाद गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। भारत ने अपना दबाव बनाए रखा और एक मिनट बाद ही उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार पूजा साहू ने कोई गलती नहीं की और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारत ने नौवें मिनट में रोशनी ऐंद के मैदानी गोल से अपनी बढ़त को तुरंत दोगुना कर दिया।इस क्वार्टर में भारत को मिले चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर तनुश्री काडू ने 11वें मिनट में डिफ्लेक्शन के जरिए गोल करके स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने सर्कल के अंदर फाउल किया, जिससे भारत को 13वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे सुखवीर कौर ने गोल में बदला। सानिका माने ने इसके तुरंत बाद मैदानी गोल दागकर पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 5-0 कर दिया।मधु सिदार ने 16वें मिनट में मैदानी गोल किया, जिसके दो मिनट बाद गीता यादव ने एक और गोल करके भारत की बढ़त को 7-0 तक पहुंचा दिया। सानिका ने 23वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इसके बाद तनुजा टोप्पो ने 25वें मिनट में मैच का अपना पहला गोल दागा। भारत ने लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। पूजा मलिक ने 27वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर हाफ टाइम से पहले स्कोर 10-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर के शुरू में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पूर्णिमा यादव ने डिफ्लेक्शन से गोल करके स्कोर 11-0 कर दिया। मधु ने 39वें मिनट में और सुप्रिया ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। कृष्णा शर्मा ने 48वें मिनट में मैदानी गोल किया। यह उनका टूर्नामेंट में पहला गोल था। इसके एक मिनट बाद पूजा ने अपना दूसरा गोल किया और फिर 51वें मिनट में एक और गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। भारत को 54वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे सुप्रिया ने गोल में बदला। इसके बाद बिनिमा धन ने 55वें मिनट में मैदानी गोल किया जबकि रोशनी ने 60वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके स्कोर 19-0 कर दिया। -
नयी दिल्ली. भारत के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में महान एथलीट नीरज चोपड़ा के नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं। नीरज चोट के कारण आगामी एशियाई खेलों से हट चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के डभिया गांव के रहने वाले 25 वर्षीय रोहित का इस साल ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था जहां उन्होंने केवल 81.56 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि 22 अगस्त को भुवनेश्वर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर सिल्वर मीट में उन्होंने 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रोहित को भरोसा है कि वह आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में अपने इस प्रदर्शन को और बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ''मैं कोई दबाव नहीं ले रहा हूं, हालांकि मुझे पता है कि लोगों को मुझसे काफी उम्मीदें हैं। नीरज का यहां नहीं होना अच्छी बात नहीं है, लेकिन हमें इसे स्वीकार करना होगा। नीरज का पदक शत प्रतिशत पक्का माना जा रहा था, लेकिन मैं उनकी जगह भरने की कोशिश करूंगा। मुझे पता है कि मैं उनकी जगह नहीं ले सकता, लेकिन मैं पोडियम पर पहुंचने की कोशिश करूंगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने की कोशिश करूंगा ताकि पदक जीतने वालों में शामिल हो सकूं। '' रोहित ने कहा, ''नीरज का स्थान अलग है। उन्होंने देश के लिए इतिहास बनाया है। दुनिया में उन्होंने हर तरह के पदक जीते हैं। दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां उन्होंने पदक नहीं जीता हो। मैं भी उनकी उपलब्धियों जैसा प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा, ताकि देश को मुझ पर गर्व हो। '' रोहित ने कहा कि अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए उन्हें डायमंड लीग जैसी शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''मुझे डायमंड लीग जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलना है। अगर मैं ऐसा कर पाया तो इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। मेरे पास वह क्षमता है और मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच उस स्तर पर ऐसा थ्रो करना चाहता हूं। यह मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव होगा। '' उन्होंने कहा, ''इसलिए मेरा लक्ष्य अगले साल सभी बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है, ताकि नीरज के स्तर तक पहुंच सकूं और भारत को गौरवान्वित कर सकूं। '' रोहित ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के बाद उन्होंने अपनी तकनीक में कोई खास बदलाव नहीं किया, बल्कि अपनी लय और मानसिकता पर काम किया। उन्होंने कहा, ''यह बदलाव करने की बात नहीं है, बल्कि पूरी तरह मानसिकता की बात है। राष्ट्रमंडल खेलों में मेरा 'रन-अप' सही नहीं था और मैं समझ नहीं पाया कि ऐसा क्यों हुआ। मेरी लय पूरी तरह बिगड़ गई थी और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो नहीं कर सका। इसके बाद हमने सिर्फ लय और केवल थ्रो पर ध्यान केंद्रित करने पर पर काम किया। मुझे यह याद रखना है कि रोहित को सिर्फ रोहित बनना है। '' उन्होंने कहा, ''किसी ने मुझसे कहा कि दूसरों को मत देखो, सिर्फ अपने थ्रो पर ध्यान दो और फिर तुम पोडियम पर जगह बना सकते हो। '' रोहित किसी खास दूरी को लक्ष्य नहीं बना रहे हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य एशियाई खेलों में पोडियम पर पहुंचकर पदक जीतना है। श्रीलंका के भाला फेंक एथलीट रूमेश पथिरागे (2026 डायमंड लीग और 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक) और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम से मिलने वाली चुनौती के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा, ''वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और मैं भी अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने की कोशिश करूंगा। बाकी फिर देखा जाएगा। '' उन्होंने कहा, ''जब मैंने 87.68 मीटर का थ्रो किया था, तब मैंने अपना शत प्रतिशत प्रयास नहीं किया था। इसलिए भाला दो-तीन मीटर आगे-पीछे जा सकता है, यह संभव है। उन्होंने अपना नाम बनाया है, यह अच्छी बात है। हर किसी को अपना नाम बनाना होता है और हर किसी का समय आता है। -
अहमदाबाद . मौजूदा पैरालम्पिक चैम्पियन हरविंदर सिंह और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी की अगुवाई में भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरिज के तीसरे चरण का अंत आखिरी दिन बुधवार को दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक के साथ किया । मौजूदा विश्व चैम्पियन शीतल ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण जीता जबकि पैरालम्पिक में दो पदक जीत चुके हरविंदर ने भावना के साथ पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पीला तमगा हासिल किया । रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में हरविंदर और भावना ने चीन के लियांग कियूरोंग और शिया लेइ को 6 . 0 से हराया । भावना ने रिकर्व महिला प्लेआफ में राजश्री राठौड़ को 6 . 0 से हराकर कांस्य पदक जीता ।
शीतल ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में कजाखस्तान की ऐजादा सेडान को शूटआफ में मात दी । शीतल ने इससे पहले तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिश्रित टीम में भी कांस्य पदक जीता था । उन्होंने ईराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम को 157 . 145 से हराया ।
भारत ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी कांस्य जीता जब सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को 141 . 140 से मात दी । तोमन ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन ईराक के अब्बास कादिम को 143 . 138 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया । - नयी दिल्ली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत के घरेलू क्रिकेट के लिए कैंपा, एसबीआई लाइफ और चैटजीपीटी को एसोसिएट पार्टनर बनाते हुए बताया कि तीनों कंपनियों के साथ दो सत्रों के लिए हुए इन करारों की संयुक्त कीमत 130 करोड़ रुपये से अधिक है। यह रकम पिछले चक्र की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक है।इन साझेदारियों के साथ बीसीसीआई ने अपने वाणिज्यिक पोर्टफोलियो का और विस्तार किया है। पेय पदार्थ, बीमा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक से जुड़े प्रमुख ब्रांड अब भारतीय क्रिकेट से जुड़ेंगे। इससे इन कंपनियों को क्रिकेट प्रशंसकों के साथ जुड़ने और अपने ब्रांड की पहुंच बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे। बीसीसीआई ने कहा कि ये साझेदारियां इस बात को दर्शाती हैं कि भारतीय क्रिकेट कारोबार के लिए एक प्रभावी मंच है, जहां कंपनियां अपनी दृश्यता बढ़ाने के साथ बड़े और जुनूनी प्रशंसक वर्ग तक पहुंच बना सकती हैं। यह साझेदारी भारत की आगामी घरेलू श्रृंखला में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबलों से शुरू होगी और मार्च 2028 तक चलेगी। इस दौरान भारत में होने वाले सभी घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले इसके दायरे में होंगे। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, "कैंपा, एसबीआई लाइफ और चैटजीपीटी के साथ साझेदारी भारतीय क्रिकेट के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र की बड़ी पुष्टि है।" उन्होंने कहा, "इन साझेदारियों के संयुक्त मूल्य में हुई बड़ी वृद्धि विशेष रूप से उत्साहजनक है। यह दर्शाती है कि प्रमुख ब्रांड बीसीसीआई से जुड़ने से मिलने वाली पहुंच, प्रशंसकों की भागीदारी और व्यावसायिक संभावनाओं पर कितना भरोसा करते हैं।" बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "घरेलू सत्र की साझेदारियों के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि इस संपत्ति की मजबूती और बीसीसीआई तथा टीम इंडिया पर ब्रांडों के भरोसे को दर्शाती है।''
- श्रीनगर. पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के चयन में क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता लेकिन उन्होंने माना कि इस प्रक्रिया में किस्मत भी भूमिका निभा सकती है। धवन से यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है क्योंकि उन्हें अधिक मौके नहीं मिलते तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता।'' उन्होंने कहा, ''अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता। आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है। कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है। यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया। यह खेल का ही एक हिस्सा है।'' यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 'प्रो स्टार क्रिकेट लीग' दूसरे सत्र की शुरुआत की घोषणा करने के लिए बुलाई गई थी। यह टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा। इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी और फाइनल देहरादून में होगा। धवन को जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल के साथ लीग का 'आइकॉनिक खिलाड़ी' घोषित किया गया।भारत के लिए और आईपीएल में खेल चुके रसूल और तेज गेंदबाज उमरान मलिक का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि इन खिलाड़ियों को एक शानदार मंच मिला। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी उस स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करें।
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शेनजेन. भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को यहां रोमांचक फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को हराकर चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
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नई दिल्ली। पहली आईसीसी विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी अगले साल 14-28 फरवरी के बीच खेली जाएगी, जिसकी मेजबानी अब भारत को मिल गई है। इसके पीछे की वजह श्रीलंका को मेजबानी से हटाया जाना है, क्योंकि वहां के क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल के बाद प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया जारी है।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने एक बयान में कहा कि 6 टीमों वाला यह टूर्नामेंट अब दो वेन्यू पर खेला जाएगा, जिनमें क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (मुंबई) और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (वडोदरा) शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम इस प्रतियोगिता के लिए नहीं चुना गया, जहां भारत ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। आईसीसी ने कहा, “यह टूर्नामेंट पहले श्रीलंका में होना था, लेकिन अब यह भारत में होगा, क्योंकि श्रीलंका क्रिकेट जुलाई में आईसीसी के सालाना सम्मेलन में तय किए गए जरूरी सुधार कर रहा है।”श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) का कामकाज अभी एक अंतरिम ‘ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी’ (बदलाव समिति) की देखरेख में जारी है। इस कमेटी को श्रीलंकाई सरकार ने संवैधानिक और प्रशासनिक बदलाव करने के लिए बनाया है। चूंकि, आईसीसी राजनीतिक दखल को सख्ती से मना करता है और सरकार की ओर से नियुक्त संस्थाओं को मान्यता नहीं देता, इसलिए इस कमेटी के बनने के बाद से एसएलसी के प्रतिनिधियों को आईसीसी बोर्ड की बैठकों में शामिल होने से रोक दिया गया है।आईसीसी ने यह भी बताया कि भारत को मेजबान के तौर पर चुनने से पहले एक मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया था। इस फैसले को बुधवार को आईसीसी बोर्ड ने मंजूरी दी। उन्होंने कहा, “आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 महिला क्रिकेट के लिए एक रोमांचक नया अध्याय है। टूर्नामेंट के पहले संस्करण के तौर पर, यह दुनिया की बेहतरीन टीमों को एक जबरदस्त और हाई-क्वालिटी प्रतियोगिता में एक साथ लाएगा। साथ ही, यह टीमों को रैंकिंग में ऊपर चढ़ने और ग्लोबल स्टेज पर जगह बनाने के लिए और ज्यादा प्रेरित करेगा।”आईसीसी चेयरमैन ने कहा, “अब हर साल आईसीसी का कोई न कोई बड़ा महिला टूर्नामेंट होने से, हमारे पास विमेंस क्रिकेट, इसकी खिलाड़ियों और दुनिया भर में इसके फैंस के लिए बेहतर गति बनाने, ज्यादा निरंतरता लाने और एक मजबूत लय बनाने का एक बड़ा मौका है।”विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 के लिए क्वालीफाई करने वाली 6 टीमों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी। इनमें से टॉप-2 टीमें 28 फरवरी को होने वाले फाइनल में पहुंचेंगी। ये छह टीमें 6 जुलाई की क्वालिफिकेशन कट-ऑफ तारीख पर आईसीसी विमेंस टी20 टीम रैंकिंग में अपनी पोजीशन के आधार पर चुनी गई हैं। विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मुकाबलों का पूरा शेड्यूल बाद में जारी किया जाएगा। -
वॉवर (बेल्जियम). पिछली चैम्पियन जर्मनी ने बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए स्पेन को माइकल स्टरटफ के गोल के दम पर 1 - 0 से हराते हुए चौथी बार एफआईएच पुरूष हॉकी विश्व कप जीतकर पाकिस्तान के चार खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही जर्मनी अब पाकिस्तान के साथ पुरूष हॉकी विश्व कप के इतिहास की सबसे सफल टीम बन गई ।
जर्मनी इससे पहले 2002 में कुआलालम्पुर में, 2006 में अपनी मेजबानी में मोंशेंग्लाबाख और 2023 में भुवनेश्वर में खिताब जीत चुकी है । पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में विश्व कप जीता था । वहीं स्पेन 1998 के बाद पहली बार और अब तक तीसरी बार फाइनल में पहुंचा लेकिन खिताब जीतने का उसका सपना फिर अधूरा रह गया । इस साल फुटबॉल विश्व कप जीतने वाली जर्मनी हॉकी में खिताब के करीब पहुंचकर चूक गई । इसी साल बने बेलफियस हॉकी एरेना में करीब आठ हजार दर्शकों के सामने दोनों टीमों ने बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए एक दूसरे के प्रयासों को लगातार विफल किया । मैच का पहला गोल 44वें मिनट में जर्मनी के माइकल स्टरटफ ने रन आफ प्ले में किया । पहला हाफ गोलरहित रहने के बाद तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने जर्मन गोल पर दस हमले बोले लेकिन सफलता जर्मनी को मिली । पहले पंद्रह मिनट में दोनों टीमों को एक एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सफलता नहीं मिल सकी । जर्मनी ने पहले हमला बोलते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन बेनेडिक्ट श्वारजाप (आठ) के शॉट को स्पेनिश गोलकीपर ने बचाया जबकि जवाबी हमले में नौवे मिनट में स्पेन के बोरजा लोकाले (नौ ) को कामयाबी नहीं मिली । पहले क्वार्टर में जर्मनी ने गेंद पर नियंत्रण में दबदबा बनाया लेकिन दूसरे क्वार्टर में स्पेन के खिलाड़ियों के बीच छोटे छोटे पास और अच्छे मूव देखने को मिले लेकिन सफलता नहीं मिली । स्पेन के जोकिन मेनिनी ने 18 वें मिनट में सर्कल के भीतर इफियाकी जाल्डुआ को गेंद सौंपी लेकिन जर्मन डिफेंडरों ने कब्जा छीन लिया । इसके तीन मिनट बाद स्पेन के निकोलस अल्वारेज मैदान के बीच से दाहिने ओर से अकेले गेंद लेकर आगे बढे लेकिन डी के भीतर नियंत्रण खो दिया । जर्मनी के पास ब्रेक से दो मिनट पहले गोल करने का सुनहरा मौका था जब जॉर्ज जोहानेस को गोल के बायें ओर गेंद मिली जो उन्होंने टियो हिनरिच को सौंपी लेकिन उनका शॉट रोक लिया गया । गेंद सर्कल के भीतर ही थी और जस्टस वारवेज की स्टिक से टकराते हुए फिर जॉर्ज के पास गई लेकिन वह सटीमैक निशाना नहीं लगा सके । हाफटाइम तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थी ।
ब्रेक के बाद स्पेन ने प्रवाहपूर्ण हॉकी खेलते हुए दबदबा बनाया और गेंद पर नियंत्रण के साथ कई हमले बोले । इसी लय में 39 वें मिनट में गेरार्ड क्लापेस ने दाहिने फ्लैंक से सर्कल पर पोल वर्डियेल काबरे को गेंद सौंपी जिन्हें बाधा पहुंचाये जाने पर स्पेन को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला । इस पर कप्तान मार्क मिरालेस की ड्रैग फ्लिक हालांकि गोल के बाहर से निकल गई । जर्मनी ने 44वें मिनट में दाहिने और बायें फ्लैंक से जबर्दस्त तालमेल का प्रदर्शन करते हुए ओपन प्ले में पहला गोल दागा । स्टरटफ को दाहिने ओर से गेंद मिली और स्पेन के गोलकीपर के बाहर निकल आने पर उन्होंने आसानी से उसे गोल के भीतर डिफ्लैक्ट कर दिया। तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने सर्कल में दस बार प्रवेश किया लेकिन सफलता जर्मनी को मिली । जवाबी हमले में स्पेन ने 45वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन मार्क मिरालेस की फ्लिक पर गेंद जर्मनी के पहले रशर प्रिंस थियेज को लगी जिन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा । स्पेन ने आखिरी मिनटों में बराबरी के कई प्रयास किये लेकन जर्मन डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा । स्पेन के कोच मैक्स कालडास ने चार मिनट बाकी रहते गोलकीपर लुईस कालजाडो को हटाकर पूरी तरह आक्रमण की रणनीति अपनाई लेकिन बराबरी का गोल नहीं हो सका । स्पेन ने एम्सटेलवीन में सेमीफाइनल में सह मेजबान नीदरलैंड को 4 -3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी जबकि जर्मनी ने वॉवरे में दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2 -1 से हराया था । इससे पहले कांस्य पदक के रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने सह मेजबान नीदरलैंड को रोमांचक मुकाबले में 2 -1 से हराकर कांस्य पदक जीता । अर्जेंटीना के लिये छठा विश्व कप खेल रहे कप्तान मथियास रे ने 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर विजयी गोल दागा । टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले टोमास डोमेने ने 41वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके अर्जेंटीना को बढत दिलाई थी लेकिन डच मिडफील्डर फ्लोरिस मिडेनडॉर्प ने 49वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर बराबर कर दिया था । अर्जेंटीना को हूटर से कुछ सेकंड पहले लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका ।
अर्जेंटीना की महिला टीम ने शनिवार को एम्सटेलवीन के वेगनेर स्टेडियम पर फाइनल में पिछले तीन बार की चैम्पियन नीदरलैंड की बादशाहत खत्म करके खिताब जीता था ।
- नयी दिल्ली. भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने विश्व कप जिताने के बाद कप्तानी से हटाए जाने पर हुई निराशा के बारे में कहा कि करीब दो महीने तक वह इस फैसले को समझने की कोशिश करते रहे। सूर्यकुमार को कप्तानी से हटाने के साथ ही ब्रिटेन दौरे के लिए भी टी20 टीम में जगह नहीं मिली, जबकि श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया। सूर्यकुमार ने बताया कि वह करीब 40-50 दिन तक घर पर रहे और उनके मन में क्रिकेट को लेकर कई सवाल चल रहे थे। उन्होंने कहा, ''मैं सोच रहा था कि अब क्या करूं? क्या मुझे खेलना भी है या नहीं?''उन्होंने कहा, '' इस दौरान मेरी पत्नी ने मुझे याद दिलाया कि मैंने 20 साल पहले क्रिकेट खेलना क्यों शुरू किया था और उसी जुनून को फिर से जगाने की सलाह दी।'' भारत के प्रमुख टी20 बल्लेबाजों में शामिल 35 वर्षीय सूर्यकुमार ने 113 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 3,272 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 162.94 और औसत 36.35 है। टी20 विश्व कप 2024 जीतने के बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई है। इसके बाद 42 पारियों में उन्होंने 932 रन बनाए हैं और इस दौरान सिर्फ छह अर्धशतक लगाए हैं। सूर्यकुमार ने कहा कि टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी भावनाओं पर काबू रखा और इसे मुस्कुराकर स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ''मैंने पिछले दो वर्षों में जब भी दबाव का सामना किया और चीजें मेरे मुताबिक नहीं रहीं, तब भी मुस्कुराने की कोशिश की।'' कप्तानी से हटाए जाने पर उन्होंने कहा, ''मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। मैं अगले दो साल तक टीम को आगे ले जाने और फिर ओलंपिक तथा अगले टी20 विश्व कप की तैयारी करने की योजना बना रहा था।'' उन्होंने हालांकि श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाए जाने के फैसले का सम्मान किया।सूर्यकुमार ने कहा, ''मैंने श्रेयस के साथ काफी क्रिकेट खेली है। वह अच्छे खिलाड़ी, अच्छे इंसान और अच्छे कप्तान हैं।'' उन्होंने कहा, ''हां, मैं थोड़ा निराश था, क्योंकि दो साल में हमने एक भी श्रृंखला नहीं गंवाई थी और विश्व कप तथा एशिया कप भी जीता था। ऐसे में मेरे मन में यही चल रहा था कि अगर सब अच्छा चल रहा है तो बदलाव क्यों हुआ?
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नयी दिल्ली. भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में चोट लग गई है, जिसके कारण वह आगामी एशियाई खेलों में नहीं खेल पाएंगे। चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। चोपड़ा ने कहा, ''कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।'' उन्होंने कहा, ''दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।'' चोपड़ा ने कहा, ''अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।'' चोपड़ा के इस सत्र से हटने का मतलब यह भी है कि वह डायमंड लीग फाइनल में भी नहीं खेल पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था।
- नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित एफआईएच हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक पांचवें स्थान पर रहने के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम को 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।सलिमा टेटे की टीम ने गुरुवार को एम्सटेलवीन में 5वें/6वें स्थान के क्लासिफिकेशन मैच में दुनिया की 5वें नंबर की टीम जर्मनी को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की, जो 1974 में पहले एडिशन में चौथे स्थान पर रहने के बाद से टूर्नामेंट में भारत का सबसे अच्छा नतीजा था। टीम ने इस कैंपेन में सिर्फ एक हार का सामना किया, जिसमें उसने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी ऊंची रैंक वाली टीमों के साथ ड्रॉ खेला और दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद चीफ कोच शोर्ड मारिन के अंडर जर्मनी पर जीत के साथ अपना सफर पूरा किया।टीम को इस कामयाबी पर बधाई देते हुए, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, “यह भारतीय महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक नतीजा है। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान पर आना इस टीम की कड़ी मेहनत, हिम्मत और लड़ने के जज्बे का सबूत है जो उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दिखाया है। हॉकी इंडिया की ओर से, मुझे टीम के लिए 50 लाख रुपये के कैश अवॉर्ड की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि इससे खिलाड़ियों को अपना लेवल ऊंचा करने की प्रेरणा मिलेगी।”हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोला नाथ सिंह ने कहा, “सलीमा और उनकी टीम ने एक ऐसे कैंपेन से देश को गर्व महसूस कराया है जिसमें उन्होंने दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों के साथ मुकाबला किया और अपनी जगह बनाए रखी। यह घोषणा उनकी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को पहचानने का हमारा तरीका है, और हमें उम्मीद है कि इससे टीम को और प्रेरणा मिलेगी क्योंकि वे एशियन गेम्स पर अपना ध्यान लगाएंगे।
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नयी दिल्ली. भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया। मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा। क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा। भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा। सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ:
ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडिया
ग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपे
ग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊ
ग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंका
ग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआम
ग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह -
मुंबई. 'ट्रांसजेंडर' खिलाड़ी अनाया बांगड़ सामुदायिक स्तर पर खेलने की अनुमति मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया में अपनी क्रिकेट यात्रा फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और भले ही उन्हें अभी तक कोई टीम नहीं मिली है लेकिन उन्हें विश्वास है कि इससे उनके लिए अगले साल महिला बिग बैश लीग में खेलने के द्वार खुल जाएंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की 'बेटी' अनाया ने इस साल मार्च में लिंग परिवर्तन की सर्जरी कराने से पहले मुंबई के लिए आयु वर्ग के पुरुषों का क्रिकेट खेला था। अनाया ने यहां पत्रकारों से कहा, ''आज का दिन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई वर्षों तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैं आखिरकार उस खेल में वापसी के रास्ते के बारे में बात कर सकती हूं जो मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।'' इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ''मैं मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट में वापसी करने की तैयारी कर रही हूं, जिसका उद्देश्य एलीट क्रिकेट खेलना है। मैं यह दावा नहीं कर रही हूं कि मुझे किसी टीम में जगह मिल गई है। मैं बस इतना कह रही हूं कि मुझे टीम में जगह बनाने का मौका मिला है और मैं इसके लिए कड़ी मेहनत करूंगी।'' अनाया ने इससे पहले बीसीसीआई से महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने की अपील की थी, लेकिन भारतीय बोर्ड से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। आईसीसी ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया था। अनाया ने कहा कि हाल ही में हुई उनकी जांच से पता चलता है कि अगले साल मार्च में होने वाले एक और परीक्षण में भी उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर समान बना रह सकता है, जिससे उनके लिए महिला क्रिकेट में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा, ''अगर वह परीक्षण मेरे अनुकूल रहा तो मैं शीर्ष स्तर की क्रिकेट में खेलने की पात्रता हासिल कर लूंगी।
- मुंबई । भारत के मयंक चक्रवर्ती और प्रतीति बोरदोलोई ने बुधवार को यहां एशियाई जूनियर क्लासिकल शतरंज चैंपियनशिप में क्रमशः ओपन और लड़कियों के वर्ग का खिताब जीता। शीर्ष वरीयता प्राप्त मयंक ने नौ राउंड की ओपन चैंपियनशिप में 7.5 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रूस के आर्टेम पिंगिन ने सात अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि भारत के दक्ष गोयल ने 6.5 अंक बनाकर कांस्य पदक जीता। प्रतीति ने नौ राउंड में 7.5 अंक हासिल करके लड़कियों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई। कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको उनसे आधा अंक पीछे रहकर रजत पदक जीतने में सफल रहीं, जबकि निवेदिता वी सी ने 6.5 अंक लेकर कांस्य पदक जीता। ओपन चैंपियन मयंक ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एक और ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। कांस्य पदक विजेता दक्ष गोयल फिडे मास्टर बने। उन्होंने इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म भी हासिल किया। महिला चैंपियन प्रतीति ने महिला इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने महिला ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल किया।
- दुबई । बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं। इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं। स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल 'बॉक्सिंग डे' टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था। बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे। बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।
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नयी दिल्ली. भारत के युवा लेग स्पिनर जीशान अंसारी ने कहा कि आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए दिग्गज स्पिनरों मुथैया मुरलीधरन और डेनियल वेटोरी से मिले सबक से उन्हें अपने खेल को निखारने में मदद मिली। ईशान किशन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों के साथ भारत की अंडर-19 विश्व कप 2016 टीम का हिस्सा रहे जीशान के करियर में तब नया मोड़ आया जब आईपीएल 2025 के लिए सनराइजर्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। अंसारी ने कहा, ''जब मैं सनराइजर्स में था, तब मुझे मुथैया मुरलीधरन और डेनियल वेटोरी से काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने मुझे गेंदबाजी के बारे में कई ऐसी बातें बताईं जो मुझे पता नहीं थीं। उनसे मैंने जो कुछ भी सीखा है, उससे मुझे बहुत मदद मिली है। अगर मैं उनसे मिली सीख पर अमल करता रहूंगा तो मेरा खेल बेहतर होता जाएगा।'' इस 26 वर्षीय खिलाड़ी को यूपी टी20 लीग के दौरान पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला के मार्गदर्शन से भी फायदा मिल रहा है। अंसारी ने कहा, ''मैंने यूपी टी20 में पीयूष चावला से दो बार बात की है। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं और मुझे कुछ सलाह भी दी। मैं उनसे जितना हो सके सीख रहा हूं। वह मेरी बहुत मदद कर रहे हैं।
- -छह टीमें लेंगी हिस्सा, राज्य के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच-प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी लीग – अरुण साव-उप मुख्यमंत्री ने लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का किया अनावरणरायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मंगलवार को राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है—"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।
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नयी दिल्ली. थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की मिश्रित युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल खिलाड़ी एलेक्स लानियर ने रविवार को यहां विश्व चैंपियन बनकर फ्रांस के लिए इतिहास रच दिया। मिश्रित युगल और पुरूष एकल में यह फ्रांस के लिए पहला स्वर्ण पदक है। विश्व की पांचवें नंबर की फ्रांस की जोड़ी गिकेल और डेलर्यू ने विश्व चैंपियनशिप के मिश्रित युगल फाइनल में चीन की दुनिया की नंबर एक जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया। एक घंटे 18 मिनट चले मुकाबले में मिली यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इसके कुछ ही देर बाद लानियर ने एकतरफा फाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 21-11, 21-11 से करारी शिकस्त दी। डेलफिन ने कहा, "यह हमारे लिए बेहद शानदार पल है। यह हमारा लक्ष्य था, लेकिन इसे हासिल करना एक अलग ही अनुभव है। आज पदक मंच पर शीर्ष स्थान हासिल करके हमें बहुत गर्व और खुशी महसूस हो रही है।" पिछली विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली गिकेल और डेलर्यू की जोड़ी ने फाइनल में शानदार रणनीतिक खेल दिखाया। खासकर नेट पर दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन की हुआंग डोंग पिंग के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया। गिकेल ने कहा, "हम हर मुकाबला जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन हमें पता था कि यह सफर बहुत कठिन है। इसलिए हमारा पूरा ध्यान पहले मैच पर और फिर अगले मुकाबले पर रहा। हमने एक-एक मुकाबले पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि पूरे टूर्नामेंट में हमारा लक्ष्य जीतना था और हमने वही किया।" विश्व चैंपियनशिप से पहले भी फ्रांसीसी जोड़ी शानदार फॉर्म में थी। इस साल दोनों ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता का स्थान हासिल किया था और इंडोनेशिया तथा चीन सुपर-1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। साल 2009 में महिला एकल में कांस्य पदक जीतकर पाई होंगयान ने फ्रांस को विश्व चैंपियनशिप का पहला पदक दिलाया था। उसके 17 साल बाद फ्रांस ने एक ही सप्ताहांत में मिश्रित युगल में एक जोड़ी और पुरुष एकल में एक खिलाड़ी के रूप में दो विश्व चैंपियन हासिल किए। पिछले साल पेरिस में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था।
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कोलंबो. भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन रविवार को बाएं हाथ पर चोट लगने के बाद 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर चले गए। दिन के तीसरे सत्र में श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा ने पंत को शॉर्ट गेंद डाली और भारतीय खिलाड़ी ने गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले के बजाय सीधे उनके बाएं हाथ पर जा लगी। चोट लगने के बाद पंत दर्द से कराहते दिखाई दिए। भारतीय टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने मैदान पर आकर उनका उपचार किया। पंत के हाथ पर पहले 'आइस पैक' लगाया गया और फिर पट्टी बांधी गई। लेकिन दर्द ज्यादा होने के कारण पट्टी भी जल्द हटा दी गई। पंत ने 15 गेंदों पर नाबाद तीन रन बनाए और पारी के 58वें ओवर में फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद रविंद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए और देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी को आगे बढ़ाया।
- -एथलेटिक्स दल में 73 खिलाड़ीनयी दिल्ली. खेल मंत्रालय ने अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए शनिवार को 492 खिलाड़ियों वाले दल को मंजूरी दे दी जिसमें एथलेटिक्स के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक 73 है। इस दल में 265 पुरुष और 227 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, मंत्रालय ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाड के लिए अभी तक दल के साथ जाने वाले सहयोगी स्टाफ की सूची जारी नहीं की है। एक विश्वस्त सूत्र ने पीटीआई से कहा, ''सहयोगी स्टाफ की सूची एक सप्ताह के भीतर या उससे भी पहले जारी कर दी जाएगी। सभी टीम के लिए फिजियो और मेडिकल स्टाफ जैसे खेल विज्ञान विशेषज्ञों की संतुलित मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए सूची में फिर से बदलाव किया जा रहा है। '' सूत्र ने कहा, ''खिलाड़ियों की सूची कमोबेश वही है जिसकी सिफारिश आईओए (भारतीय ओलंपिक संघ) ने की थी। कुछ खिलाड़ियों के नाम को डोपिंग उल्लंघन के कारण हटा दिया गया है, जैसा कि पहले से दर्ज हो चुका है। हालांकि, कुछ और खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है जिसके लिए हम एशियाई ओलंपिक परिषद की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। '' एथलेटिक्स टीम में 35 पुरुष और 38 महिलाएं हैं। इसमें दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा, लंबी कूद खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर, लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर और 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। निशानेबाजी टीम की अगुवाई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर कर रही हैं। उनके अलावा शानदार फॉर्म में चल रहीं युवा निशानेबाज सु्रुचि सिंह (पिस्टल), एलावेनिल वलारिवन (राइफल) और ईशा सिंह (पिस्टल) भी टीम में हैं। 30 सदस्यीय इस टीम में 15 पुरुष और 15 महिला निशानेबाज हैं। भारोत्तोलन टीम में मीराबाई चानू (49 किग्रा) और ज्ञानेश्वरी देवी (53 किग्रा) प्रमुख नाम हैं। हाल के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर सुर्खियों में आईं ज्ञानेश्वरी टीम का हिस्सा हैं। कुछ चयनित खिलाड़ियों के डोपिंग उल्लंघन के कारण भारोत्तोलन टीम को घटाकर पांच सदस्यीय करना पड़ा है। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) इस टीम के एकमात्र पुरुष सदस्य हैं।बीस सदस्यीय बैडमिंटन टीम में पी वी सिंधू, आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं। शनिवार को यहां विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक जीतने वाली गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की महिला युगल जोड़ी के अलावा सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल को भी टीम में जगह मिली है। मुक्केबाजी टीम में 11 खिलाड़ी हैं जिनमें हाल में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), नरेन्द्र बेरवाल (+90 किग्रा) और जादूमणि सिंह (55 किग्रा) शामिल हैं। ई-स्पोर्ट प्रतियोगिता के लिए 15 खिलाड़ियों के नाम मंजूर किए गए हैं जबकि 22 नौकाचालक भी आइची-नागोया में होने वाले इन खेलों के लिए यात्रा करेंगे। रग्बी प्रतियोगिता में भारत केवल महिला टीम उतारेगा जिसमें 13 खिलाड़ी हैं। वॉलीबॉल स्पर्धा में देश की ओर से केवल 12 सदस्यीय पुरुष टीम हिस्सा लेगी। सेपकटकरॉ (दक्षिण पूर्व एशियाई खेल जो वॉलीबॉल, फुटबॉल और जिम्नास्टिक का मिश्रण है) के लिए 21 खिलाड़ियों को मंजूरी दी गई है। सूची में क्रिकेट की पुरुष और महिला टीम के लिए 30 खिलाड़ी हैं। पूरी क्षमता वाली कबड्डी टीम (12 पुरुष और 12 महिला) पिछले चरण में जीते गए दोनों स्वर्ण पदकों का बचाव करने के लिए मैदान में उतरेंगी। सात सदस्यीय टेनिस टीम में सुमित नागल एकमात्र पुरुष एकल खिलाड़ी हैं।इन खेलों में भारत की ओर से 16 पहलवान चुनौती पेश करेंगे। इनमें विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अंतिम पंघाल (53 किग्रा) और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत (57 किग्रा) भी शामिल हैं।
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कोलंबो. लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और 'बाहरी शोर' से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनकी आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या 'लाइक्स' की चिंता नहीं है।'' चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, "काश मैं आपको मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष के बीच हुई बातचीत के बारे में बता पाता। यह बातचीत सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि क्रिकेट में हम आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और खेल की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले किए जाने चाहिए। इसलिए फिलहाल हमारी चर्चा पूरी तरह क्रिकेट और भविष्य में खेल को लेकर हमारी सोच तक सीमित है।" गंभीर ने यह स्वीकार किया कि खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के मुद्दे पर टीम प्रबंधन के शीर्ष स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, "इस श्रृंखला में भी हम कई खिलाड़ियों की सेवाओं से वंचित रहे हैं। इस मामले पर कुछ चर्चा हुई है। यह सिर्फ बीसीसीआई की बात नहीं है, बल्कि समग्र रूप से हमारी कोशिश यही है कि हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेलें। इससे टीम में निरंतरता बनी रहेगी और हम अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को नियमित रूप से सही दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे।" भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है। मुझे लगता है कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि प्रेस बॉक्स और कमेंट्री बॉक्स में बैठे लोग भी जानते हैं कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौरान उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। लेकिन हमें यह पता है कि हमें किन क्षेत्रों में सही दिशा में आगे बढ़ना है।" दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ''हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।'' गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। उन्होंने कहा, "कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।" गंभीर ने कहा कि जब टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरती है तो किसी एक गेंदबाज को अपेक्षाकृत कम गेंदबाजी मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि गेंदबाज अपना काम नहीं कर रहा था, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से किस गेंदबाज का सबसे प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, यह फैसला कप्तान और टीम प्रबंधन का होता है। उन्होंने कुलदीप का समर्थन करते हुए कहा, "लंबे समय से हम देख रहे हैं कि कुलदीप सही दिशा में काम कर रहे हैं। हम जानते हैं कि अनुकूल परिस्थितियों में वह कितने सफल और प्रभावी साबित हो सकते हैं।" भारत के इस पूर्व सालमी बल्लेबाज ने संकेत दिया कि दूसरे टेस्ट में भी भारत पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों की रणनीति पर कायम रह सकता है। गंभीर ने कहा, "अगर विकेट बेहद सपाट है तो गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करनी होगी, शायद उससे भी ज्यादा, क्योंकि जैसा मैंने कहा, आपको 20 विकेट लेने होंगे। अगर विकेट सपाट है तो हमारे पास आखिरकार एक ही समाधान है—पांच विशेषज्ञ गेंदबाज।" उन्होंने बताया कि पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होने से कप्तान के लिए मैच के दौरान गेंदबाजों का बेहतर तरीके से रोटेशन करना आसान हो जाता है। गंभीर ने कहा, ''जब आपके पास पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होते हैं तो आप उनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल और रोटेशन कर सकते हैं। हमने पिछले टेस्ट में भी यही देखा। भले ही कुलदीप ने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की, लेकिन हमारे पास पांच ऐसे विशेषज्ञ गेंदबाज थे, जो किसी भी समय विकेट दिला सकते थे।'' गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, "क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।''
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लुसाने. भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया। चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी।
उन्होंने कहा, ''मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो से खुश हूं। सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।'' चोपड़ा ने कहा, ''प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं। लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।'' चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था। पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उन्हें 'नो मार्क' मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की। -
ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया). मानसी लाथेर ने यहां चल रही अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता जबकि तन्वी मगदुम और कोमल ने कांस्य पदक हासिल किए। मानसी को 68 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले में चीन की चेनलिंग सोंग के हाथों 1-2 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। तन्वी ने 57 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में कनाडा की एग्निया क्राकोव्स्का को 10-4 से हराया, जबकि कोमल ने 59 किलोग्राम वर्ग में हंगरी की एडा बालाज़ पर 5-2 की शानदार जीत दर्ज कर कांस्य पदक जीता।












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