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नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बृहस्पतिवार को केरल में दस्तक दे दी। आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु (जून से सितंबर) की शुरुआत का संकेत माना जाता है। आईएमडी ने कहा, ''दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून, 2026 को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ भागों, पूरे लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और माहे, कर्नाटक तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र के शेष भागों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तक आगे बढ़ गया है।'' इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा।
पिछले सप्ताह विभाग ने मौसमी वर्षा के अपने पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए कहा था कि इस वर्ष बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, इस साल देश में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। एलपीए का मतलब किसी विशेष क्षेत्र में किसी निर्धारित अवधि जैसे एक महीने या मौसम के दौरान लंबे समय आमतौर पर 30 से 50 वर्षों में दर्ज औसत वर्षा से है। देशभर में मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर 87 सेंटीमीटर है। यदि मानसून के दौरान वर्षा एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो आईएमडी उसे 'अल्प वर्षा' की श्रेणी में रखता है। सामान्य से कम वर्षा की संभावित वजहों में से एक अल नीनो की स्थिति का विकसित होना हो सकता है, क्योंकि इसके प्रभाव से भारत में मानसून के दौरान बारिश कम होती है। फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थिति अल नीनो की ओर बढ़ रही है। अल नीनो की स्थिति बनने से देश में मानसून वर्षा कम हो जाती है। आईएमडी ने कहा कि जून में अल नीनो की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है, जबकि सितंबर तक इसके मध्यम से मजबूत होने की आशंका है। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पद पर नहीं रहेंगे। भाजपा ने राहुल पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ पार्टी ने यह भी कहा कि देश में अब तक केवल एक बार आपातकाल लगाया गया था और वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया था कि मोदी एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि ''चीजों को नियंत्रित करने का उनका जो 'सिस्टम था, वह ध्वस्त हो रहा है।'' उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि मोदी सरकार जनता के दबाव को कुचलने के लिए आपातकाल जैसा कदम उठा सकती है। इन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी के इतिहास और उसकी मानसिकता को दर्शाती हैं। पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, ''राहुल गांधी ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका इतिहास आपातकाल से जुड़ा रहा है। इसलिए उन्हें लगता है कि हर कोई आपातकाल लगाने वाला है। भारत में संविधान को केवल एक बार कुचला गया था और वह इंदिरा गांधी ने किया था। उन्होंने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया और उनमें हस्तक्षेप किया, वह सर्वविदित है।'' भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वास्तविक ''आपातकाल'' कांग्रेस पार्टी के भीतर है।
उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र के ऊपर वंशवाद को रखने वाले राहुल आज भी हर जगह आपातकाल देखते हैं। एक तरह का आपातकाल जरूर है, लेकिन वह कांग्रेस के भीतर है। कांग्रेस के अंदर संस्थागत पतन और विद्रोह चल रहा है। यदि कोई व्यवस्था टूट रही है, तो वह कांग्रेस पार्टी की व्यवस्था है।'' पूनावाला ने दावा किया कि कांग्रेस नेता एक-एक कर पार्टी छोड़ रहे हैं और पार्टी वंशवादी राजनीति के खिलाफ ''विद्रोह'' का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, ''99 चुनाव हारने के बाद कांग्रेस की संस्था स्वयं वंशवादी राजनीति के खिलाफ विद्रोह कर रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के नेता एक के बाद एक पार्टी छोड़ रहे हैं। वे आपके खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं।'' भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर भारत की संस्थाओं के खिलाफ बार-बार टिप्पणी करने और विदेशों में देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''लेकिन आप विपक्ष के नेता (एलओपी) नहीं, बल्कि 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' हैं। झूठ फैलाना, डर पैदा करना और उससे फायदा उठाना- यही आपका मॉडल है।'' उन्होंने कहा, ''आप विदेशों में भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ बोलते हैं। यदि किसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम करने का अभियान चलाया है, तो वह आप हैं।'' पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी अर्थव्यवस्था, कोविड टीकों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भ्रामक बयान देते रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आप बार-बार कहते रहे हैं कि अर्थव्यवस्था ढह चुकी है, जबकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। आपने भारत में बने कोविड टीकों के खिलाफ दुष्प्रचार किया ताकि विदेशी टीके बिक सकें।'' उन्होंने कहा, ''आप ऑपरेशन सिंदूर और गलवान में भारत की कार्रवाई के खिलाफ बोलकर भारतीय सशस्त्र बलों का मनोबल कमजोर करते हैं। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय भी आपको फटकार लगा चुका है।'' पूनावाला ने कांग्रेस नेता से ''डर पैदा कर फायदा उठाने'' की राजनीति बंद करने को कहा।
उन्होंने कहा, ''भारत को बदनाम करने का यह एजेंडा बंद कीजिए। 'डर पैदा कर फायदा उठाने' की राजनीति बंद कीजिए। और याद रखिए कि 'एलओपी' का अर्थ 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' नहीं होता।'' राहुल ने बुधवार को यहां इंदिरा भवन में आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देशभर के आदिवासी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ''बहुत बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है'' और जनता के दबाव के कारण 'सिस्टम' के भीतर ही विद्रोह की स्थिति पैदा हो रही है। -
22 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात और दमन का दौरा करेंगे और करीब 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। इसमें सूरत में 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन और दमन के नमो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण शामिल हैं। प्रधानमंत्री पांच जून को सूरत जिले के हजीरा का दौरा करेंगे और वहां किए जा रहे औद्योगिक कार्यों तथा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वह सूरत में करीब 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे और इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज छह और सात का भी उद्घाटन करेंगे।
इसके बाद मोदी सूरत में 200 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। फिर वह दमन जाएंगे, जहां नमो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन और नमो अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कुछ अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। दमन में कुल मिलाकर करीब 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी।
प्रधानमंत्री केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के लिए करीब 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का ऑनलाइन माध्यम से शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं में कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ओर बंदरगाहों का विकास शामिल है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में ऑनलाइन दान करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए 'ई-हुंडी' सुविधा शुरू करने पर विचार कर रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं से दान के अनुरोध प्राप्त होने के बाद कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस विचार पर चर्चा की गई। एक अधिकारी ने बताया, "ओडिशा सरकार और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) को 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में दान के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधा शुरू करने के लिए श्रद्धालुओं से कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं।" उन्होंने बताया कि प्रस्तावित 'ई-हुंडी' व्यवस्था भक्तों को सुरक्षित रूप से दान करने की सुविधा प्रदान करेगी। इसका व्यवस्था का अस्थायी नाम 'समर्पण' है।
अधिकारी ने बताया कि बैठक में इस प्रकार के ऑनलाइन दान को कर मुक्त करने और उस राशि को पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के बुनियादी ढांचे के विकास व संरक्षण पर खर्च करने के संबंध में भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मंदिर में किए जाने वाले ऑनलाइन लेनदेन साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित हों। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में उत्तरपूर्वी परिषद (एनईसी) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति, विकास और संपर्क व्यवस्था के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि 12 से अधिक शांति समझौतों, बेहतर कानून-व्यवस्था और रेल, सड़क तथा हवाई संपर्क के विस्तार ने न केवल भौगोलिक दूरी कम की है, बल्कि दिल्ली और पूर्वोत्तर के बीच दिलों की दूरी भी मिटाई है।
बैठक में केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मेघालय के राज्यपाल सी.एच. विजय शंकर, मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार, गृह सचिव गोविंद मोहन और मंत्रालय के सचिव संजय जाजू सहित पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि ‘Act East’, ‘Act First’ और ‘Act Fast’ की नीति के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी का ‘पूर्वोदय’ का लक्ष्य साकार हो रहा है। जो क्षेत्र कभी विवादों के लिए जाना जाता था, वह आज अवसरों और निवेश का केंद्र बन चुका है।गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 12 से अधिक शांति समझौतों के जरिए पूर्वोत्तर के लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान किया गया और 10,800 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया। उन्होंने कहा कि उग्रवाद में उल्लेखनीय कमी आई है और नागरिक हताहतों की संख्या में 86% गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप विकास और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने के लिए गठित हाई लेवल टास्क फोर्स की रिपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि रिपोर्ट की सिफारिशों का 100% क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और भविष्य की विकास प्राथमिकताओं को इसी आधार पर तय किया जाए।गृह मंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सभी मुख्यमंत्री और राज्यपाल इसकी नियमित मासिक समीक्षा करें, ताकि निवेशकों के लिए पूर्वोत्तर सबसे आकर्षक गंतव्य बन सके। उन्होंने बताया कि राइजिंग नॉर्थईस्ट निवेश शिखर सम्मेलन और अन्य पहलों के माध्यम से क्षेत्र में बड़े निवेश आ रहे हैं। असम में 27 हजार करोड़ रुपए के सेमीकंडक्टर संयंत्र सहित कई परियोजनाएं पूरे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति दे रही हैं।अमित शाह ने कहा कि सबरूम लैंड पोर्ट तथा मेघालय और मिजोरम में स्थापित कस्टम्स केंद्रों के माध्यम से पूर्वोत्तर दक्षिण-पूर्व एशिया और इंडो-पैसिफिक देशों के साथ व्यापार का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने गुवाहाटी, इंफाल और अगरतला को मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों को मछली, अंडा और दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य करना चाहिए। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से उच्च दुग्ध उत्पादक पशुओं की आपूर्ति और मजबूत सहकारी नेटवर्क विकसित किया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष से हर वर्ष 50,000 से अधिक दुग्ध पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।गृह मंत्री ने कहा कि अगरवुड, सुगंधित तेल, वेलनेस, कॉस्मेटिक और बांस आधारित उद्योगों में पूर्वोत्तर को वैश्विक उत्पादन एवं निर्यात केंद्र बनाने की रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक राज्य में जीआई टैग उत्पादों के लिए समर्पित टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। साथ ही ऑर्गेनिक मिशन, हेल्थ टूरिज्म और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ जैसी योजनाओं को गति देने पर जोर दिया।अमित शाह ने कहा कि नारकोटिक्स की तस्करी और खपत को जड़ से समाप्त करने के लिए भारत सरकार ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने सभी राज्यों से ‘नशामुक्त पूर्वोत्तर’ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आग्रह किया। साथ ही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, समयबद्ध न्याय और आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी डिजिटल तकनीकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल अवसंरचना को मजबूत कर पूर्वोत्तर को आईटी उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही जलविद्युत, सौर ऊर्जा और डेटा सेंटर निवेश की संभावनाओं पर भी जोर दिया। - नई दिल्ली। कांग्रेस ने राज्यसभा की सात सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान कर दिया है. । कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया गया है। मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, झारखंड से प्रणव झा और तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवाती को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है.। मीनाक्षी नटराजन और प्रवीण चक्रवर्ती को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। सात में से चार उम्मीदवार अगड़ी जाति से, दो दलित और एक अल्पसंख्यक समुदाय से है.।राज्यसभा में नेता विपक्ष खरगे शुक्रवार को बेंगलुरु में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी खरगे के नामांकन के मौके पर मौजूद रहेंगे.।कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा जाना पहचाना चेहरा हैं।. मूल रूप से राजस्थान से आने वाले पवन खेड़ा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं. । चार साल पहले उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बनाया गया था.। हाल में ही असम विधानसभा चुनाव में दौरान सीएम हेमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर दूसरे देशों के पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति का आरोप लगाने के बाद खेड़ा कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. लेकिन आख़िरकार उनकी "तपस्या" पूरी होने जा रही है.कर्नाटक से ही आने वाले युवा नेता मंसूर अली खान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और केरल के सह प्रभारी हैं. मंसूर के पिता के रहमान ख़ान पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के उपसभापति रह चुके हैं.।
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नई दिल्ली। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए गुरुवार को उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. सूची के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश से ताई तगाक को उम्मीदवार बनाया है। . वहीं गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार, जीतेंद्र मेघजीभाई, कंजारिया को प्रत्याशी बनाया गया है.। इसके अलावा पार्टी ने मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय प्रवक्ता तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है.। इसी प्रकार मणिपुर से ए शारदी देवी को, राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और सतीश पुनिया को उम्मीदवार बनाया है. जबकि ओडिशा से देबाशीष सामंतराय पार्टी के उम्मीदवार होंगे..।
राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके सतीश पूनिया ने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे शीर्ष तक पहुंचे.। पूनिया राजस्थान विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं.। वर्तमान में वह हरियाणा भाजपा के प्रभारी भी हैं। पूनिया के जाट समुदाय से होने की वजह से वह राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों में राजनीतिक समीकरणों को साधने में उनको महारत है.।इसी तरह पंजाब के अमृतसर से आने वाले तरुण चुघ छोटी उम्र में ही आरएसएस (RSS) से जुड़ गए थे.।. वह वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं. .।उनको पार्टी का संकटमोचक और चुनावी रणनीतिकार माना जाता है. .। वह जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं..। ओडिशा के कटक क्षेत्र के जमीनी नेता माने जाने वाले देबाशीष सामंतराय ने मई 2026 में उन्होंने बीजू जनता दल (BJD) का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा था. .। भाजपा में आने से ठीक एक दिन पहले उन्होंने राज्यसभा सांसद के पद से भी इस्तीफा दे दिया था..। -
नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अहमदाबाद की धरती से विश्व की खेल विरासत में एक नया अध्याय जुड़ रहा है और यह प्रतियोगिता योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे विभिन्न देशों के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यूनेस्को विश्व धरोहर शहर अहमदाबाद में इस आयोजन का होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विश्व योग दिवस से पहले आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता स्वास्थ्य और वेलनेस की “डबल डोज” की तरह है। पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था। भारत का उद्देश्य अपनी प्राचीन परंपरा को पूरी मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना था। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में 190 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। आज करोड़ों लोग योग, ध्यान और प्राणायाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं, जो इस पहल की सफलता का प्रमाण है।नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हर जीवंत परंपरा समय के साथ नए चरण में प्रवेश करती है और विश्व योगासन चैंपियनशिप उसी नए चरण का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में योगासन भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने कहा कि ओलंपिक या अन्य बहु-खेल आयोजनों में योगासन को शामिल करने की दिशा में यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े खेल के साथ एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित होता है, जो रोजगार और अवसर पैदा करता है। योगासन के खेल के रूप में विस्तार से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और इवेंट प्रबंधकों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। इससे स्वास्थ्य और खेल दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रतियोगिता ऐसे समय में आयोजित हो रही है, जब पूरी दुनिया 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में जुटी है। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” रखी गई है। उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बने रहने के उपाय खोज रहे हैं और योग इसका सबसे प्रभावी माध्यम है। योग व्यक्ति को रोग और भोग दोनों से मुक्ति दिलाने में मदद करता है तथा कम खर्च में बेहतर जीवनशैली प्रदान करता है।प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने “योगा 365” अभियान शुरू किया है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने देशों में लौटकर योग के संदेश को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपने अनुभव और विश्वास के माध्यम से दुनिया भर में योग के दूत बन सकते हैं और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ सकते हैं।अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता में जीत चाहे किसी की भी हो, लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी पहले से ही चैंपियन हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करेगा। इसी के साथ उन्होंने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 अहमदाबाद ओपन के औपचारिक शुभारम्भ की घोषणा की। ( -
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को एक नया इतिहास रच दिया। वायुसेना का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई पहली बार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। जैसे ही यह शक्तिशाली लड़ाकू विमान रनवे पर उतरा, उसकी गरिमामय उपस्थिति से पूरा माहौल गूंज उठा। इस ऐतिहासिक क्षण का वहां मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
यह उपलब्धि केवल एक सफल लैंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, त्वरित तैनाती की योग्यता और देश के तेजी से विकसित हो रहे विमानन एवं एयरोस्पेस बुनियादी ढांचे का भी प्रदर्शन है। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जो वायु श्रेष्ठता स्थापित करने के साथ-साथ सटीक जमीनी हमले करने में भी सक्षम माना जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार किसी नागरिक हवाई अड्डे पर लड़ाकू विमान की सफल लैंडिंग यह दर्शाती है कि आवश्यकता पड़ने पर उस हवाई अड्डे का उपयोग सैन्य अभियानों, आपातकालीन तैनाती और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए भी किया जा सकता है। यह भारत की नागरिक और सैन्य विमानन संरचना के बीच बढ़ते समन्वय का भी संकेत है।इससे पहले अक्टूबर 2024 में इसी हवाई अड्डे के रनवे पर भारतीय वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान ने पहली ऐतिहासिक लैंडिंग की थी। उस अवसर पर सुखोई-30 ने आसमान में फ्लाईपास्ट किया था। अब पहली बार सुखोई-30 एमकेआई का रनवे पर उतरना वायुसेना की क्षमता विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने इस उपलब्धि के साथ एक बार फिर प्रदर्शित किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में देश के विभिन्न हवाई अड्डों से संचालन करने में सक्षम है। सुखोई-30 एमकेआई की यह पहली लैंडिंग भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति, आधुनिक सैन्य तैयारी और आत्मविश्वास से भरे एयरोस्पेस क्षेत्र का प्रतीक बन गई है।गौरतलब है कि सुखोई-30 एमकेआई भारत के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में से एक है। कुछ समय पहले राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायुसेना ने ‘वायुशक्ति’ अभ्यास के दौरान अपनी सैन्य क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान सीमा के निकट पोखरण रेंज में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सुखोई-30 एमकेआई की आकाश भेदी गर्जना ने उसकी मारक क्षमता और शक्ति का परिचय दिया था।‘वायुशक्ति-26’ नामक इस बड़े युद्धाभ्यास में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वायुसेना प्रमुख एपी सिंह भी मौजूद थे। अभ्यास के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि भारतीय वायुसेना हवा में अपना दबदबा कायम रखने और लंबी दूरी तक सटीक वार करने में पूरी तरह सक्षम है।युद्धाभ्यास के पहले दिन 18 महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, जिनमें आतंकवादी शिविर, दुश्मन की हवाई पट्टियां, पेट्रोलियम भंडार, रडार स्टेशन, बंकर, टैंकों के काफिले, संचार केंद्र, रसद केंद्र और सैन्य वाहनों के काफिले शामिल थे। वायुसेना के जवानों ने अत्यंत सटीकता के साथ इन लक्ष्यों को ध्वस्त किया। इस व्यापक अभ्यास में भारत के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल रहे। 120 से अधिक विमानों की भागीदारी वाले इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30 एमकेआई के अलावा तेजस, राफेल, मिग-29, मिराज-2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने भी हिस्सा लिया। ( -
गांधीनगर. गुजरात पुलिस ने राज्यभर से 362 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ा है और 780 अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने यहां पत्रकारों से कहा कि 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत की गई कार्रवाई की सुनियोजित योजना बनाई गई थी और इसमें राज्य के सभी हिस्से शामिल थे। उन्होंने कहा, ''कुल मिलाकर 6,200 से अधिक व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। इनमें से अब तक 362 लोगों की पहचान (अवैध) बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है और आने वाले दिनों में जांच जारी रहेगी।'' संघवी ने कहा कि पुलिस की एक टीम उन लोगों के खिलाफ भी जांच कर रही है जिन्होंने इन प्रवासियों को आवास प्रदान किया या अनिवार्य पुलिस सत्यापन के बिना उन्हें काम पर रखा। मंत्री ने कहा कि पुलिस दलों ने पिछले 72 घंटों से अधिक समय तक अथक परिश्रम किया और अवैध प्रवासियों का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ मानवीय खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए एक व्यापक रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि अधिकांश अवैध बांग्लादेशी नागरिक मजदूरी जैसे कार्यों में लगे हुए थे और इनकी सबसे अधिक संख्या अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा और भरूच में पाई गई। अहमदाबाद पुलिस के अनुसार, शहर में ऐसे 300 लोगों को पकड़ा गया और उनमें से 66 लोगों के अवैध प्रवासी होने की पुष्टि अब तक हो चुकी है। संघवी ने कहा, ''डांग जिले में भी एक अभियान चलाया गया, जिसमें पांच संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।'' उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा छापेमारी के दौरान रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनल, राजमार्गों और जिला सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी गई। उन्होंने कहा कि गुजरात से भागने की कोशिश करते समय कम से कम 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंत्री ने कहा, ''यह एक सुनियोजित अभियान था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अवैध प्रवासियों की संख्या में काफी वृद्धि होने की आशंका है।'' उन्होंने कहा कि पुलिस घर-घर और गांव-गांव जाकर अभियान जारी रखेगी, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे प्रत्येक बांग्लादेशी नागरिक को उनके देश वापस भेजना है। संघवी ने कहा कि इनमें से कई प्रवासियों ने पश्चिम बंगाल के कुछ गांवों से प्राप्त मामूली सरकारी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड हासिल कर लिए, जिससे देश में उनका अवैध रूप से रहना आसान हो गया। मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर मजबूत बाड़ लगाने से घुसपैठियों को देश में घुसने का मौका नहीं मिलेगा और राष्ट्रीय सीमाएं अधिक सुरक्षित हो जाएंगी।
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ठाणे. राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बुधवार को कहा कि उसने महीनों लंबी जांच के बाद पिछले साल के अंत में मुंबई के पास एक ट्रेन में हुई बड़ी चोरी में शामिल 10 सदस्यीय आपराधिक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से 1.62 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चोरी का सोना बरामद किया है। मुंबई रेलवे अपराध शाखा ने बताया कि गिरोह के शेष छह फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।
रेलवे पुलिस ने कहा कि यह सफलता छह महीने तक चले व्यापक राज्यव्यापी अभियान के बाद मिली है, जिसमें दक्षिण-पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के सुदूर गांवों में छिपे संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई तकनीकी दल, स्थानीय अपराध शाखाएं और दंगा नियंत्रण दस्ते शामिल थे। जीआरपी की विज्ञप्ति के अनुसार, चोरी की यह घटना छह और सात दिसंबर, 2025 की दरमियानी रात सोलापुर-मुंबई सीएसएमटी सिद्धेश्वर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12116) में हुई थी, जहां एक सराफा व्यापारी के बैग से सोना और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया था। शिकायतकर्ता मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) निवासी 52 वर्षीय स्वर्ण व्यवसायी है, जो सोलापुर से मुंबई के पास कल्याण तक वातानुकूलित (एसी) कोच में यात्रा कर रहा था। जीआरपी के बयान में कहा गया, ''शिकायतकर्ता दो ट्रॉली बैग के साथ यात्रा कर रहा था। जब वह सो गया तो अज्ञात चोरों ने सोने के आभूषणों और कीमती सामान से भरा एक बैग चुरा लिया।'' -
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस को बुधवार को अपने 28 साल के इतिहास में पहली फूट का सामना करना पड़ा, और पार्टी के 58 बागी विधायकों ने निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुनकर विधायक दल पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी प्राप्त कर ली, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी अपने गठन के बाद से अब तक के सबसे गंभीर आंतरिक संकट में घिर गई है। कुछ ही घंटों के भीतर, घबराए हुए तृणमूल नेतृत्व ने पूरे पश्चिम बंगाल में पार्टी की सभी समितियों और अग्रिम मोर्चों को भंग कर दिया। यह कदम तेजी से बढ़ते सत्ता संघर्ष के बीच राजनीतिक नियंत्रण वापस पाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के दो महीने के भीतर ही हुई इस नाटकीय बगावत ने संगठन और इसके निर्वाचित विधायकों के बीच एक गहरी दरार को उजागर कर दिया है। इसने नेतृत्व, उत्तराधिकार और उस पार्टी की भविष्य की दिशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका एक दशक से अधिक समय से बंगाल की राजनीति पर दबदबा रहा है। रिताब्रता और उनके साथी एवं निष्कासित विधायक संदीपन साहा के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को 58 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। यह संख्या दल-बदल रोधी कानून के तहत एक अलग गुट के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत की सीमा को आसानी से पार कर लेती है। विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद रिताब्रता ने पत्रकारों से कहा, ''विधानसभा अध्यक्ष ने हमारे दावे को स्वीकार कर लिया है।'' संख्याबल के माध्यम से अपनी वैधता का दावा करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि अब विद्रोही गुट ही विधानसभा में असली तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ''तृणमूल विधायक दल 58 विधायकों की एक टीम है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता है। विधानसभा में असली तृणमूल हम ही हैं।'' विधानसभा अध्यक्ष की स्वीकृति ने प्रभावी रूप से उस पार्टी में पहली संगठनात्मक दरार को औपचारिक रूप दे दिया, जिसकी स्थापना ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होने के बाद की थी। बागी खेमे ने एक नयी नेतृत्व संरचना प्रस्तुत की, जिसमें रिताब्रता को नेता प्रतिपक्ष और अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक नामित किया गया। वरिष्ठ विधायकों और पार्टी के पुराने सदस्यों जावेद अहमद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा को उपनेता नियुक्त किया गया। तृणमूल कांग्रेस के तमाम दिग्गज विधायक भी इस विद्रोह में शामिल हो गए हैं, जिनमें समर मुखोपाध्याय, अरूप राय, रथीन घोष, जावेद खान और प्रसून बनर्जी जैसे नाम शामिल हैं। हालाँकि, गौर करने वाली बात यह है कि बागियों ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी की सर्वोच्चता को चुनौती नहीं दी। विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अपने पत्र में, उन्होंने ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में मान्यता देना जारी रखा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे विधायक दल के कामकाज में उनके भतीजे तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के अधिकार को अब और स्वीकार नहीं करेंगे। बागी खेमे से जुड़े एक नेता ने कहा, ''हम ममता बनर्जी को अपना नेता स्वीकार करते हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को स्वीकार नहीं करते।'' रिताब्रता ने पूर्व मुख्यमंत्री से विधायक दल का मार्गदर्शन करने की अपील भी की।
उन्होंने कहा, ''हम ममता बनर्जी से अनुरोध करेंगे कि वह विधायक दल के मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाएं।'' हालाँकि, ममता बनर्जी खेमे ने बागियों के कदम की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि विधानसभा अध्यक्ष को दी गई जानकारी पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड के बजाय सादा कागज पर जमा की गई। पार्टी का रुख है कि विधानसभा को इस तरह के किसी भी निर्णय की जानकारी देने का अधिकार केवल पार्टी अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पास ही है। रिताब्रता ने जोर देकर कहा कि हर कदम संसदीय परंपराओं और विधायी नियमों के अनुरूप उठाया गया है।
विद्रोह के तात्कालिक कारणों के तार चुनाव बाद नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर पैदा हुए विवाद से जुड़े हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा अध्यक्ष को वरिष्ठ तृणमूल विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को मान्यता देने के लिए भेजे गए एक प्रस्ताव में कथित तौर पर कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए। इन आरोपों के कारण इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और सीआईडी जांच शुरू कर दी गई। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संगठनात्मक मोर्चे पर तेजी से कदम उठाए और सभी संगठनात्मक इकाइयों के पुनर्गठन से पहले उनकी संरचना और कामकाज की व्यापक समीक्षा करने की घोषणा की। पार्टी ने एक बयान में कहा, ''गहन विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियों के साथ-साथ इसके सभी अग्रिम संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाए।'' महत्वपूर्ण बात यह है कि रिताब्रता तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष थे, जबकि अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव थे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस कदम को इस स्वीकारोक्ति के रूप में देखा कि यह संकट सामान्य गुटबाजी से कहीं आगे निकल गया है और अब पार्टी पर नियंत्रण के संघर्ष के रूप में बदल चुका है। कई लोगों के लिए, ये घटनाएँ महाराष्ट्र के घटनाक्रम की स्पष्ट याद दिलाती हैं।
जिस तरह 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को दो फाड़ किया था और 2023 में अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विभाजन हुआ था, बंगाल की यह बगावत भी मूल संगठन पर नियंत्रण के बजाय विधायक दल के भीतर संख्या बल के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
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मथुरा. हरियाणा की एक गायिका ने अपनी 90 साल की सास को विशेष रूप से तैयार टोकरी में बैठाया और फिर उसे (टोकरी) सिर पर लादकर 84-कोस की ब्रज परिक्रमा करने की उनकी इच्छा पूरी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद गायिका काजल चौधरी को अपने इस कदम के लिए उपयोगकर्ताओं की काफी सराहना मिल रही है। काजल ने बताया कि उन्होंने अपनी सास को सिर पर उठाने का फैसला लिया, ताकि वह ब्रज क्षेत्र की परिक्रमा पूरी करने की उनकी बरसों पुरानी इच्छा पूरी कर सकें। उन्होंने कहा, "यह मेरा खुद का फैसला था। मेरी सास ने मुझसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा था। मैं यह अपनी खुद की संतुष्टि के लिए कर रही हूं।" चौरासी कोसी ब्रज परिक्रमा लगभग 260 किलोमीटर की यात्रा है, जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में भगवान कृष्ण की कथाओं से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों, तालाबों और जंगलों से होकर गुजरती है। गोवर्धन के श्री ढंगघाटी मंदिर के सेवायत पवन कौशिक ने बताया कि श्रद्धालु आमतौर पर इस परिक्रमा को पूरी करने में लगभग 40 दिन लगाते हैं, लेकिन कई लोग इसे मौजूदा 'अधिक मास' के दौरान ही पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। कौशिक ने कहा कि हिंदू कैलेंडर के इस महीने के दौरान परिक्रमा करना, मंदिरों में पूजा-अर्चना करना और यज्ञ करना शुभ माना जाता है।
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रांची. झारखंड में भाजपा नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की दो दिवसीय यात्रा की तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की। पार्टी प्रमुख की इस यात्रा के दौरान कई संगठनात्मक बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। नवीन छह और सात जून को झारखंड का दौरा करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद राज्य की उनकी यह पहली यात्रा होगी। रांची स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस यात्रा से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की गई। भाजपा के राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने कहा, "उनकी यात्रा से पार्टी को नयी ऊर्जा और गति मिलेगी। कार्यकर्ता नये उत्साह और जोश के साथ अपनी सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।" पार्टी नेताओं के अनुसार, नवीन के यात्रा कार्यक्रम में भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठकें, कोर कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा तथा जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ एक सम्मेलन शामिल है। प्रदेश भाजपा महासचिव अमर बौरी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। राज्यसभा चुनाव 18 जून को होना है, जिसके लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है और आठ जून तक जारी रहेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद एक सीट रिक्त हुई है, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने वाला है। -
नयी दिल्ली. दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके की एक तंग गली में बिना अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के चल रहे एक होटल में बुधवार को भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें वे 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनके रिश्तेदारों का पास के अस्पतालों में इलाज जारी है। मालवीय नगर के हौज रानी स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई, जिससे लोग स्तब्ध रह गए। कई स्थानीय लोगों सहित बचावकर्मी पांच मंजिला संकरी इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। घटना के समय कई लोग तो सो रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में प्रवेश और निकास का केवल एक ही द्वार था, खिड़कियां स्थायी रूप से सील थीं और मुख्य द्वार सेंसर से संचालित होता था। इन सभी कारकों से मिलकर इमारत एक तरह से मौत का जाल बन गई थी। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 58 लोगों को होटल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 10 भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायल गंभीर हालत में हैं। यह हाल के वर्षों में शहर की आग लगने की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है। मृतकों में अधिकांश मध्य एशियाई और अफ्रीकी देशों के हैं। उनके परिजनों का इलाज चंद दूरी पर स्थित मैक्स अस्पताल में किया जा रहा था, जिस वजह से वे होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वह 25 कमरे का उपयोग कर रहा था। तहखाने में भी कमरे बनाए गए थे। इमारत के भूतल पर एक रेस्तरां था, जबकि तहखाने और ऊपरी मंजिलों का उपयोग होटल के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि छह-सात साल पहले तक इमारत में केवल भूतल के अलावा एक और मंजिल थी। बाद में बिना अधिकारियों को सूचित किए अतिरिक्त मंजिलें बना दी गईं। इसके अलावा, इमारत का पूरा नक्शा भी जमा नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि इमारत की ऊंचाई कथित तौर पर 15 मीटर से अधिक है, जिसके कारण अग्नि सुरक्षा संबंधी मंजूरी अनिवार्य है। उप मुख्य दमकल अधिकारी एके मलिक ने कहा, "जहां तक अग्नि संबंधी एनओसी का सवाल है, हमें भवन प्राधिकरण या लाइसेंसिंग एजेंसी से कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ था।" उन्होंने कहा कि इमारत की बनावट ऐसी थी कि वहां से निकलना लगभग नामुमकिन था।
उन्होंने कहा, "इस तरह की इमारतें एक शाफ्ट की तरह काम करती हैं, जहां आग से उत्पन्न तपिश और धुआं कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे निकासी और भी मुश्किल हो जाती है।" पुलिस सूत्रों के अनुसार, होटल का संचालन तीन साझेदारों द्वारा किया जा रहा था, जिनके बारे में माना जाता है कि वे दिल्ली भर में अन्य होटलों और गेस्ट हाउस के भी मालिक हैं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या की धारा और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार, भवन के मालिक की पहचान लवकेश के रूप में हुई है, लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी किया गया था और होटल के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है। अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
संदिग्धों को भागने से रोकने के लिए रेलवे और हवाई अड्डा अधिकारियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। भवन मालिक और पर्यटन विभाग में पंजीकृत लाइसेंस धारक के आवास सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। इलाके से मिले दृश्यों में संकरी गलियां, लटकते तार और तंग इमारतें बेतरतीब ढंग से एक-दूसरे से सटी हुई दिखाई दे रही हैं। इनमें हवा में उठती आग की ऊंची लपटें भी दिख रही हैं। इमारत के चारों ओर कांच बिखरा पड़ा था। दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और आपदा राहत इकाइयों की टीम ने धुएं से काली पड़ी इमारत में जीवित बचे लोगों की तलाश की। पीड़ितों को तहखाने से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग 'लेमन ग्रीन रेस्तरां' में लगी थी, लेकिन पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि यह एक होटल की इमारत है। अग्निशमन अधिकारी ए. के. मलिक के अनुसार, इमारत में एक तहखाना, भूतल और पांच ऊपरी मंजिलें हैं। रेस्तरां भूतल पर था, जबकि इमारत के बाकी हिस्से का उपयोग होटल के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आग इमारत के भूतल, पहली और दूसरी मंजिल तक ही सीमित थी तथा इमारत की ऊपरी मंजिलें तपिश और धुएं से प्रभावित थी। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, तहखाना बंद था और उन्होंने दमकल टीम को दरवाजा खोलने में मदद की।
उन्होंने बताया, "तहखाने का दरवाजा खोलने में 20 मिनट से अधिक का समय लगा।" हर तरफ भयावह दृश्य देखने को मिला। जैसे ही इमारत में घना धुआं भर गया और आग तेजी से फैलने लगी, कई लोग खिड़कियों के शीशे तोड़ते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर इमारत की तीसरी मंजिल से कूद गई।
व्यक्ति ने बताया, "इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा नीचे सड़क पर गद्दे बिछाए गए और अपने छोटे बच्चे को गोद में लिये एक महिला तीसरी मंजिल से कूद गई।" चौथी मंजिल पर फंसे एक विदेशी दंपति ने खिड़की का शीशा और एल्युमिनियम की ग्रिल तोड़ दी और पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। दोनों नीचे गिर गए। ऊपर से गुजर रहे तारों में फंसते हुए महिला सिर के बल जमीन पर गिरी। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे बच पाए या नहीं।
होटल के सामने कंबल की दुकान के मालिक अरमान ने लोगों के कूदने पर उन्हें चोट लगने से बचाने के लिए अधिक से अधिक रजाई और गद्दे सड़क पर बिछा दिए, जबकि अन्य लोगों ने घायलों को सीपीआर दिया। अरमान ने ' बताया, "उस समय हमने किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा। हमने जरूरत के हिसाब से गद्दे/रजाइयां मुहैया कराईं।" अन्य प्रत्यक्षदर्शी शेख अली ने कहा, "आग लगने के कारण दरवाजे बंद हो गए और खिड़कियां पूरी तरह से सील थी। अंदर फंसे लोग काफी देर तक बाहर नहीं निकल सके।" स्थानीय निवासियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने खिड़कियां और मुख्य द्वार तोड़ने के लिए पत्थरों और हथौड़ों का इस्तेमाल किया। एक अन्य निवासी, आसिफ ने दावा किया कि इमारत के अंदर उपलब्ध अग्निशामक यंत्र बड़ी आग से निपटने के लिए बहुत छोटे थे। सड़क के उस पार स्थित मैक्स अस्पताल में, स्तब्ध रिश्तेदार अपने प्रियजनों की तलाश में प्रतीक्षा क्षेत्र में जमा हो गए, घायल और मृतकों को लाए जाने पर सूचियों को खंगालते रहे और घबराकर फोन करते रहे। एक व्यक्ति ने रोते हुए कहा, "तस्वीरों को देखकर हम उन्हें पहचान नहीं सकते; सभी बुरी तरह झुलस गए हैं।" इन्हीं लोगों में शामिल नमित गोयल ने बताया कि उनके छह रिश्तेदार इस आग की चपेट में आ गए। इनमें से चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान होना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, "चार शव मैक्स साकेत के शवगृह में हैं और दो शव दूसरे अस्पताल में हैं। हम उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" वहीं अन्य व्यक्ति ने कहा कि वह अपनी बेटी और दो नातिन की तलाश कर रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार को उसके दामाद की मौत की सूचना मिल चुकी है, जिसका शव बरामद कर लिया गया है। व्यक्ति ने कहा, "उन्होंने इमारत में एक कमरा लिया था। हमें मेरे दामाद के शव के बारे में खबर मिली है, लेकिन बाकी लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है।" मैक्स अस्पताल ने बताया कि लाए गए 39 लोगों में से 18 को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 15 को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है। अस्पताल के बयान के अनुसार, कई लोगों को धुएं की वजह ले सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, कई मामूली रूप से झुलसे हुए थे और कई अन्य को 'फ्रैक्चर' था। इसने कहा कि मामूली रूप से घायल पांच मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक मरीज को गंभीर रूप से जलने के कारण सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से तीन इमारत से गिरने की वजह से घायल हुए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य लोगों को बचाते समय 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें एम्स ले जाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई अन्य लोगों ने हादसे को लेकर शोक संवेदना व्यक्त की। मुर्मू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत पीड़ादायक है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'' प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दिल्ली के मालवीय नगर में आग की घटना में जनहानि अत्यंत दुखद है। अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।" मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने घटना पर दुख व्यक्त किया। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहायता देने का आग्रह करता हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना से बेहद दुखी हूं। उन परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और प्रशासन को पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के साथ समय पर मुआवजा प्रदान करना चाहिए। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस घटना में जनहानि पर दुख जताया। संधू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हौज रानी, मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने की घटना को लेकर मैं बहुत दुखी हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' गुप्ता ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर कहा, "मालवीय नगर में आग लगने की विनाशकारी घटना में जनहानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस दिल दहला देने वाली त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस मिलने की प्रार्थना करती हूं। - ओएसएम निविदा प्रक्रिया की जांच के आदेशनयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को लेकर जारी विवाद पर मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए दो शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की सीबीएसई द्वारा खरीद की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया। सरकार ने यह कदम 12वीं कक्षा के लिए लागू डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के बाद उठाया है। इसी बीच, सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से प्रभावित झारखंड के 17 वर्षीय एक छात्र ने संसद की एक समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। सूत्रों ने बताया कि सार्थक सिद्धांत ने ऑनलाइन मूल्यांकन की खातिर 'वेंडर' के चयन के लिए सीबीएसई की निविदा प्रक्रिया में विसंगतियों का उल्लेख किया और बोर्ड के समक्ष कई सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसद की शिक्षा, महिला बाल, युवा और खेल की स्थायी समिति के समक्ष सात पन्नों में अपने बिंदुओं को रखा। समिति के सदस्यों ने सार्थक की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और सीबीएसई अधिकारियों से जवाब मांगा। सीबीएसई ने इस बीच दावा किया कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने सिलसिलेवार साइबर हमलों के माध्यम से उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया, जिसमें एक ऐसा हमला भी शामिल है जिसके कारण दो मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म पर 15 लाख 'हिट' हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के एक लाख से अधिक प्रयास किये गए। सीबीएसई उस समय विवादों में घिर गया, जब 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं, जिससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान में संभावित गड़बड़ी को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया और उनके स्थान पर क्रमशः वरिष्ठ नौकरशाह लोखंडे प्रशांत सीताराम और वरुण भारद्वाज को नियुक्त किया गया है। इसके बाद, कैबिनेट सचिवालय ने एक परिपत्र जारी कर सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की। इसके मुताबिक, समिति की अध्यक्षता क्षमता विकास आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी।परिपत्र में कहा गया है कि चौहान को आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के अधिकारियों की मदद हासिल करने का अधिकार दिया गया है, जबकि क्षमता विकास आयोग समिति को सचिवालय संबंधी सहायता प्रदान करेगा। संबंधित परिपत्र के अनुसार, समिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। चौहान के नाम पर जारी परिपत्र को विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के साथ साझा किया गया है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया में ओएसएम प्रणाली के कार्यान्वयन को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई। तकनीकी खामियों, शुल्क भुगतान में समस्या और सत्यापन एवं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी को लेकर बोर्ड को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, जिसकी वजह से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई गई है। सार्थक ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव (स्कूल शिक्षा) संजय कुमार के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। सीबीएसई ने समिति के सदस्यों को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना पक्ष रखा गया था और सांसदों को आश्वासन दिया गया कि उसके पोर्टल से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और छात्रों के पास अब अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की खातिर छह जून तक का समय है। सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली पर विवाद के बीच, समिति ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में इस प्रणाली के उपयोग के मुद्दे और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा के लिए बोर्ड और स्कूल शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था। समिति ने शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ नौवीं और 10वीं कक्षाओं में त्रि-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर भी चर्चा की। समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में सार्थक की प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह सीबीएसई के जवाबों से संतुष्ट हैं, सिंह ने कहा, ''यह समिति को तय करना है।'' उन्होंने त्रि-भाषा फॉर्मूले के मुद्दे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा, "मेरा मानना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।" दिग्विजय ने संवाददाताओं द्वारा बैठक के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''समिति हमेशा से छात्रों के मुद्दों और उनकी समस्याओं पर ध्यान देती रही है। समिति ने ठीक यही किया है।'' सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि '''सबसे हालिया घटना एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' हमले का प्रयास है, जिसके कारण 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख हिट हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के 1 लाख से अधिक प्रयास किये गए।'' सीबीएसई ने कहा कि पोर्टल वर्तमान में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रहा है, और अपराह्न 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपनी प्रविष्टियां जमा कर दीं। बोर्ड ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा ''आज हजारों छात्रों ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल का उपयोग किया, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की एक शृंखला के माध्यम से सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।'' 'डिनायल-ऑफ-सर्विस' हमला एक दुर्भावनापूर्ण साइबर खतरा है जो किसी मशीन, नेटवर्क या वेबसाइट को उसके लक्षित उपयोगकर्ताओं को अनुपलब्ध करता है। छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने कहा कि उसने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया है, जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाना भी शामिल है, ताकि प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को कहा कि भाजपा और नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के बीच दलीय स्तर पर संबंधों को और मजबूत करने को लेकर 'सार्थक चर्चा' हुई। नवीन ने यह टिप्पणी आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार को यहां भाजपा के मुख्यालय में हुई मुलाकात के बाद की। प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर भाजपा मुख्यालय में उनका भव्य स्वागत किया गया।नवीन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भाजपा को जानो पहल के तहत, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल के अध्यक्ष रवि लामिछाने और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भाजपा मुख्यालय में स्वागत करना और उनसे बातचीत करना मेरे लिए खुशी की बात है।'' उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसपी के बीच दलीय स्तर पर संबंधों को और मजबूत करने को लेकर 'सार्थक चर्चा' हुई। नवीन ने कहा, ''इस बात पर भी व्यापक चर्चा हुई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का शासन मॉडल विकास और जनसेवा पर केंद्रित है।'' लामिछाने के नेतृत्व में आरएसपी का यह प्रतिनिधिमंडल भाजपा अध्यक्ष नवीन के निमंत्रण पर भारत के दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर को नयी दिल्ली पहुंचा। भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक बयान में कहा, "प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, नवीन ने साझा सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक संबंधों और मजबूत जन-केंद्रित संबंधों पर आधारित भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया।" चौथाईवाले ने कहा कि नवीन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की बातचीत से भाजपा और आरएसपी के बीच "लोकतांत्रिक संवाद मजबूत होता है और दलों के बीच जुड़ाव गहरा होता है"। उन्होंने कहा कि नवीन ने भाजपा की यात्रा, विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक जुड़ाव के लिए उसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण के बारे में जानकारी साझा की। चौथाईवाले ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी के संगठनात्मक मॉडल से अवगत कराया और जमीनी स्तर पर लोगों के साथ सीधा और निरंतर संपर्क बनाए रखने में भाजपा कार्यकर्ताओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "बातचीत के दौरान, आरएसपी प्रतिनिधिमंडल भाजपा की सदस्यता प्रक्रिया, उम्मीदवार चयन प्रणाली और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की पहचान करने तथा उनके साथ जुड़ने के पार्टी के तंत्र को जानने के लिए काफी उत्सुक नजर आया।" चौथाईवाले ने कहा कि नवीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकासोन्मुख शासन मॉडल पर भी प्रकाश डाला। पार्टी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी ने कहा, "उन्होंने (नवीन ने) कहा कि विकास, सेवा, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भाजपा के जनसंपर्क और शासन के दृष्टिकोण के केंद्र में रहा है।" चौथाईवाले ने बताया कि दोनों नेताओं ने राजनीति में 'जेन जेड' की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की, विशेष रूप से लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक संवाद और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में उनकी भूमिका को लेकर बातचीत हुई। 'जेन जेड' से अभिप्राय 1997 से 2012 के बीच जन्में युवाओं से है। भाजपा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर, मुलाकात का एक वीडियो साझा करते हुए पोस्ट किया, "नेपाल की आरएसपी पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने आज नयी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।"
- नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना ने हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल रुद्र एम-दो का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि प्रक्षेपण के बाद मिसाइल को पूर्वनिर्धारित लक्ष्य की ओर निर्देशित किया गया और उन्होंने अत्यंत सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदा। परीक्षण के सभी उद्देश्यों को पूरी तरह सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया। मंत्रालय ने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया। मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''प्रक्षेपित सभी मिसाइल ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।'' रुद्र एम-दो को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्र एम-दो के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी।
- प्रयागराज (उप्र). प्रयागराज के कोतवाली थानाक्षेत्र के साउथ मलाका में मंगलवार को एक मकान में चार व्यक्ति मृत पाए गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। डीसीपी (नगर) मनीष शांडिल्य ने बताया कि मंगलवार शाम पुलिस को एक मकान से दुर्गंध आने की सूचना मिली और जब पुलिस मौके पर पहुंची एवं उसने मकान का दरवाजा खोला तो वहां चार शव पाए गए जो संभवतः दो दिन पुराने हैं। उन्होंने बताया कि तीन शवों की शिनाख्त वीरेंद्र वैश्य (70), उनकी पत्नी अनिता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के रूप में की गई है। उन्होंने कहा कि चौथे शव की शिनाख्त अभी हो नहीं सकी है। शांडिल्य ने बताया कि इन लोगों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका लगती है। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र वैश्य के दो लड़के- अश्वनी और अभिषेक तथा एक लड़की मीनाक्षी थी।पुलिस का कहना है कि चौथा शव अभिषेक का हो सकता है लेकिन अभी उस शव की शिनाख्त नहीं हुई है।शांडिल्य ने बताया कि वीरेंद्र का दूसरा लड़का अश्वनी किसी मामले में कौशांबी में जेल जा चुका है, जबकि बहू भी ठगी के मामले में जेल जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस पता लगा रही है कि ये जेल में हैं या बाहर हैं, यदि बाहर हैं तो हो सकता है कि इन्होंने ही घटना को अंजाम दिया हो। उन्होंने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को कहा कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया, जिसमें एक ऐसा हमला भी शामिल है जिसके कारण दो मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म पर 15 लाख 'हिट' हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के एक लाख से अधिक प्रयास किये गए। सीबीएसई ने कहा कि पोर्टल वर्तमान में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रहा है, और अपराह्न 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपनी प्रविष्टियां जमा कर दीं। बोर्ड ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा ''आज हजारों छात्रों ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल का उपयोग किया, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।'' पोस्ट में कहा गया है, ''सबसे हालिया घटना एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' हमले का प्रयास है, जिसके कारण 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख हिट हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के 1 लाख से अधिक प्रयास किये गए।'' 'डिनायल-ऑफ-सर्विस' हमला एक दुर्भावनापूर्ण साइबर खतरा है जो किसी मशीन, नेटवर्क या वेबसाइट को उसके लक्षित उपयोगकर्ताओं को अनुपलब्ध करता है। छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने कहा कि उसने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया है, जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाना भी शामिल है, ताकि प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके। बोर्ड ने कहा, ''हमारी टीम सतर्क और तत्पर है ताकि हमारे प्रिय छात्रों को हर संभव तरीके से सुविधा मिल सके।'' सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर साइबर हमले के संबंध में टिप्पणी करते हुए, 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की साइबर सुरक्षा सहायक कंपनी '63सैट्स साइबरटेक' के संयुक्त प्रबंध निदेशक और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीनिवास एल. ने इस घटना को ''समन्वित हमला'' करार दिया। उन्होंने कहा, ''दो मिनट में 15 लाख अनुरोध किया जाना और फाइल हासिल करने का एक लाख प्रयास किया जाना कोई मामूली गड़बड़ी या किसी लापरवाह हैकर का काम नहीं है। यह एक समन्वित हमला है। असल मकसद फाइल हासिल करना था...।'' हालांकि, श्रीनिवास ने आगाह किया कि ''एक बार स्थिति संभाल लेना कोई रणनीति नहीं, बल्कि खुशकिस्मती है।'' उन्होंने कहा, ''आप बार-बार इन प्रणालियों का बचाव करके हर बार जीत की उम्मीद नहीं कर सकते। भारत की परीक्षा व्यवस्था को (साइबर) हमले से निपटने के लिए तैयार किया जाना चाहिए, न कि हमले के बाद उसमें सुधार किया जाए।'' इससे पहले दिन में, सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन से असंतुष्ट छात्रों के लिए उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन एवं उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों में पाई गई समस्याओं के सत्यापन हेतु मंगलवार को ऑनलाइन पोर्टल चालू कर दिया। बोर्ड के अनुसार, यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त की हैं। सीबीएसई ने कहा, ''उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में देखी गई समस्याओं के सत्यापन और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन के लिए पोर्टल दो जून 2026 को शुरू कर दिया गया है। उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में यदि कोई समस्या है तो छात्र उसके सत्यापन और मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होने पर उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।'' पोर्टल दो जून से छह जून (मध्यरात्रि) तक चालू रहेगा और समयसीमा के बाद कोई ऑफलाइन आवेदन या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में समस्याओं के सत्यापन के लिए छात्र पन्ने गायब होने, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका गायब होने, मानचित्र या ग्राफ गायब होने, धुंधले पन्ने, गलत उत्तर पुस्तिका या किसी अन्य प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने कहा, ''छात्रों को अंतिम आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि सभी विषयों से जुड़े अनुरोध उसमें शामिल हों।'' उसने कहा कि उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में पाई गई समस्याओं के सत्यापन के लिए शुल्क 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका है जबकि उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क लिया जाएगा। सीबीएसई ने कहा, ''छात्र समस्याओं के सत्यापन/पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन जमा कर सकते हैं इसलिए उन्हें पहले ही तय कर लेना चाहिए कि वे एक विषय के लिए आवेदन करना चाहते हैं या कई विषयों के लिए।'' बोर्ड ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान पूरा होने के बाद ही आवेदन को सफल माना जाएगा।उसने यह भी कहा कि समस्याओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन की अनुमति होगी।बोर्ड ने कहा, ''छात्र आवश्यक विवरण, जैसे प्रश्न संख्या और पृष्ठ संख्या आदि देकर एक या अधिक विषयों में एक या अधिक प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।'' बोर्ड ने कहा, ''जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, रिश्तेदार या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं।' बोर्ड ने कहा, ''ऐसी स्थिति में आधार पर दर्ज नाम, जन्मतिथि और लिंग उसी व्यक्ति का होना चाहिए जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।'' यह पोर्टल देरी से चालू किया गया है। सीबीएसई ने पहले कहा था कि उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन पोर्टल 29 मई तक शुरू होने की संभावना है। यह घटनाक्रम 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों द्वारा चिंता जताए जाने के बाद सामने आया है। सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों, भुगतान विफल होने और पोर्टल तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं को लेकर बोर्ड को छात्रों और अभिभावकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है।
- सूरत। गुजरात के सूरत जिले के बारडोली कस्बे के पास मंगलवार को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की दो बसों की टक्कर में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और करीब 40 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बारडोली तालुका के उवा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर हुई दुर्घटना के बाद एक बस पलट गई और उसमें आग लग गई। यह मार्ग महाराष्ट्र को गुजरात से जोड़ता है। सूरत जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश गढ़िया ने बताया कि एक बस सूरत से धुले जा रही थी, जबकि दूसरी बस महाराष्ट्र के चालीसगांव से सूरत आ रही थी। गढ़िया ने कहा, "बारडोली-व्यारा राजमार्ग पर, महाराष्ट्र जा रही एक बस ने एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने के बाद, बस डिवाइडर को पार कर गई और महाराष्ट्र की तरफ से आ रही दूसरी बस से टकरा गई, जिससे वह पलट गयी और सड़क किनारे एक निचले इलाके में गिर गई। उसके बाद बस में आग लग गई।" उन्होंने कहा कि पुलिस, दमकल विभाग और सूरत तथा पड़ोसी तापी जिले के अधिकारियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा, "हमने बस में फंसे कई यात्रियों को बचाया और घायलों को बारडोली अस्पताल पहुंचाया। दोनों बसों में सवार लगभग 40 लोग घायल हुए, जबकि सात लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक उस बस में सवार थे जिसमें आग लगी थी।" मुंबई में, राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा करते हुए हादसे को "बेहद दुखद और दर्दनाक" बताया। एक बयान के अनुसार, एमएसआरटीसी के अध्यक्ष ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और एमएसआरटीसी कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सरनाइक ने कहा, "मृतकों के वारिसों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को घायल यात्रियों के लिए मुफ्त और बेहतर चिकित्सा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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नई दिल्ली। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश की युवा पीढ़ी से साइकिल को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की विशेष अपील की है।मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा, “आज देश की युवा शक्ति से विशेष अपील करना चाहता हूं। साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यह केवल एक व्यायाम या एक दिन की हॉबी नहीं, बल्कि सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली की पहचान है। साइकिल हमें फिट रखती है, शरीर को ऊर्जावान बनाती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखती है।’मंत्री ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण का सबसे सस्ता, सुंदर और टिकाऊ माध्यम बताते हुए कहा कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने से प्रदूषण कम होगा, पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और देश को भी फायदा पहुंचेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए साइकिल एक प्रभावी और सकारात्मक समाधान है।मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया’ आंदोलन के तहत चलाए जा रहे ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों युवा इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और इसे जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने सभी युवाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस अभियान को मिल रहे स्नेह, समर्थन और ऊर्जा के लिए उनका हृदय से आभार है।मांडविया ने बताया कि आने वाले रविवार को पूरे देश में ‘संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन विश्व साइकिल दिवस को समर्पित होगा। उन्होंने सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे उत्साहपूर्वक इसमें भाग लें। युवाओं से फिट इंडिया ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने और अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों को भी इससे जोड़ने की अपील की।मंत्री ने कहा, “इस खास दिन पर हम सभी संकल्प लें कि साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और एक फिट, स्वस्थ तथा विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।”
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नई दिल्ली। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने भारतीय मूल के ऐप ‘गिटार विज’ को एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड 2026 के ‘समावेशिता’ (इनक्लूसिविटी) श्रेणी का विजेता घोषित किया है। यह सम्मान विभिन्न क्षमताओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ और समावेशी संगीत अनुभव उपलब्ध कराने के लिए दिया गया है।एप्पल ने इस वर्ष के एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा की, जिनमें समावेशिता, नवाचार, इंटरैक्शन, सामाजिक प्रभाव, आनंद और मनोरंजन तथा विजुअल्स एवं ग्राफिक्स जैसी विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं।
भारतीय डेवलपर बिजॉय थंगराज द्वारा विकसित गिटार विज एक ऑल-इन-वन टूलकिट है, जिसे नए और अनुभवी दोनों प्रकार के गिटार वादकों के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप सुर, कॉर्ड्स, उंगलियों की सही स्थिति और गिटार सीखने से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए वॉइस-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।एप्पल के अनुसार, इस ऐप को समावेशिता श्रेणी में इसलिए चुना गया क्योंकि यह विभिन्न पृष्ठभूमियों, क्षमताओं और भाषाओं के उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है तथा संगीत सीखने और बजाने में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है।कंपनी ने बताया कि गिटार विज में कई उन्नत एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं और एप्पल तकनीकों का उपयोग किया गया है। इनमें डायनेमिक टाइप, इन्क्रीज्ड कॉन्ट्रास्ट और डिफरेंशिएट विदाउट कलर जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो विभिन्न जरूरतों वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप का उपयोग आसान बनाती हैं।एप्पल ने गिटार विज को ऐसा प्रभावशाली ऐप बताया है, जो एक्सेसिबिलिटी-केंद्रित डिजाइन और सहज उपयोगकर्ता अनुभव के माध्यम से सभी क्षमताओं वाले संगीत प्रेमियों का समर्थन करता है।एप्पल की वर्ल्डवाइड डेवलपर रिलेशंस की उपाध्यक्ष सुसान प्रेस्कॉट ने कहा कि इस वर्ष के एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड विजेता इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कि डेवलपर्स किस तरह उपयोगकर्ताओं के लिए असाधारण अनुभव तैयार कर रहे हैं।एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स के माध्यम से हर वर्ष आईफोन, आईपैड, मैक, एप्पल वॉच, एप्पल टीवी और एप्पल विज़न प्रो जैसे प्लेटफॉर्मों पर नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने वाले ऐप और गेम डेवलपर्स को सम्मानित किया जाता है।यह उपलब्धि उन भारतीय मूल के ऐप्स की बढ़ती सूची में नया नाम जोड़ती है, जिन्हें एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स में वैश्विक पहचान मिली है। इससे पहले ल्यूमी, डेनिम, इवॉल्व और मेडिटेट जैसे भारतीय मूल से जुड़े ऐप विभिन्न श्रेणियों में फाइनलिस्ट और विजेता रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एप्पल ने भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी नई सुविधाएं भी शुरू की थीं। इनमें एप्पल वॉच पर स्लीप एपनिया नोटिफिकेशन और एयरपॉड्स प्रो में चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित श्रवण परीक्षण सुविधा शामिल है। -
नई दिल्ली। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि के रूप में महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू तालुका के अंबेसारी गांव में तीसरी पर्वतीय सुरंग (एमटी-07) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना उन्नत सुरंग, निगरानी और निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा दे रही है। सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य के लिए रेल परिवहन की नींव रखे जाने से देश की हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्षमताएं मजबूत हो रही हैं।
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी इसकी जानकारी दी है। बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों ओर की पटरियों के लिए हाल ही में बनकर तैयार हुई एमटी-07 पर्वतीय सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है। इस सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से नियंत्रित ड्रिलिंग और विस्फोट विधि द्वारा की गई। निर्माण के दौरान उन्नत इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।खुदाई की पूरी प्रक्रिया की अवधि में संरचनात्मक स्थिरता, श्रमिकों की सुरक्षा और सटीक निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (एसएसपी), 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ सहित वास्तविक समय की निगरानी व्यवस्थाओं द्वारा कंपन, सुरंग की गतिविधि और आसपास की संरचनाओं पर निरंतर नजर बनाई रखी गई।सुरंग निर्माण कार्यों के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियंत्रित पहुंच और निरंतर भू-तकनीकी पर्यवेक्षण सहित व्यापक श्रमिक सुरक्षा उपायों में कोई भी ढील नहीं दी गई। आपको बता दें, महाराष्ट्र में पिछले पांच महीनों के भीतर तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह देश के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण खंडों में से एक में हुई तीव्र प्रगति को दर्शाता है।यह सफलता परियोजना के महाराष्ट्र खंड में पहले हासिल की गई उपलब्धियों पर आधारित है। 1.5 किलोमीटर लंबी पहली पर्वतीय सुरंग (एमटी-05) का निर्माण 2 जनवरी 2026 को पालघर जिले के सफाले के पास पूरा हुआ। यह उपलब्धि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना की पहली सफल पर्वतीय सुरंग निर्माण के रूप में सामने आई। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को दूसरी सुरंग (एमटी-06) का निर्माण हुआ, इसमें न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके 454 मीटर लंबी सुरंग खोदी गई। इस तरह पालघर जिले में लगभग एक महीने के भीतर दो सफल निर्माण पूरे हुए।महाराष्ट्र में निर्माणाधीन सात पर्वतीय सुरंगों में से, एमटी-05, एमटी-06 और एमटी-07 में अब तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एमटी-08 (350 मीटर) में 5 अक्टूबर 2023 को खुदाई का काम पूरा हो गया था, एमटी-03 की खुदाई 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है, एमटी-04 लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि एमटी-01 और एमटी-02 में काम लगातार जारी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल आठ पर्वतीय सुरंगों में से सात महाराष्ट्र के पालघर जिले के अंतर्गत आती हैं और एक गुजरात के वलसाड जिले में है और उस सुरंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है। वापी और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच तीनों पर्वतीय सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र के बोइसर और गुजरात के वापी के बीच एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। वहां के निर्माण कार्य तेजी से प्रगति हो रही है। इन दोनों शहरों के बीच के मार्ग में तीन (03) पर्वतीय सुरंगें (एमटी 08, एमटी -07 और एमटी-06) शामिल हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिससे बाढ़, बिजली आपूर्ति बाधित होने, संपत्ति को नुकसान और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, तिरुप्पुर, तिरुनेलवेली, तेनकासी, डिंडीगुल, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी ने यह भी कहा है कि गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। वहीं नमक्कल जिले के रसिपुरम में पुराने बस स्टैंड के पास सरकारी अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा। नए बस स्टैंड बाजार क्षेत्र में भी जलभराव हुआ, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।तिरुपत्तूर जिले में अंबूर, अलंगकुप्पम और पेरियंकुप्पम में ओलावृष्टि (ओले गिरना) दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए। विनमंगलम में नागालम्मन मंदिर के पास एक पूवारसु का पेड़ घर पर गिर गया, जबकि एक बड़ा बरगद का पेड़ डांडू मारियम्मन मंदिर पर गिर पड़ा।तिरुवन्नामलाई जिले के अरनी, सावूर, कुन्नाथुर और कामाक्कुर में तीन घंटे से अधिक भारी बारिश हुई, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। मेलनगर गांव में एक इमली का पेड़ एक चलती मिनी बस पर गिर गया, जिसमें ड्राइवर सहित 10 से अधिक यात्री घायल हो गए।तिरुप्पुर, इरोड, करूर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, शिवगंगा और डिंडीगुल जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर पानी भर गया और मदुरै के कुछ हिस्सों जैसे मट्टुथवानी, पेरियार बस स्टैंड, सिम्मक्कल, मेलूर, थिरुमंगलम और एयरपोर्ट क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही।पहाड़ी पर्यटन स्थल कोडईकनाल में शाम के समय अचानक घना कोहरा छा गया और हल्की बारिश भी हुई। कई क्षेत्रों में दृश्यता बहुत कम हो गई, जिससे दिन में भी रात जैसा माहौल बन गया। चेन्नई के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। (


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