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*लोरमी में 250 युवाओं को कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण, उप मुख्यमंत्री ने किया संवाद*
बिलासपुर/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोरमी में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने युवाओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और अपने कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर प्रशिक्षणार्थियों के अनुभव भी सुने।श्री साव ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसईसीएल के सहयोग से 1 अप्रैल से 250 युवा कंप्यूटर, सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं में नए कौशल सीखने को लेकर उत्साह और उमंग दिखाई दे रहा है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करता है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज के समय में शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ किसी एक व्यावहारिक कौशल का होना भी अत्यंत आवश्यक है। ब्यूटीशियन, सिलाई, डाटा एंट्री जैसे प्रशिक्षण युवाओं को अतिरिक्त दक्षता प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि, कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके व्यक्तित्व को भी सशक्त बनाता है।श्री साव ने युवाओं से कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए। निरंतर अभ्यास और सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का आधार है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास अतिरिक्त कौशल होता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह हर परिस्थिति में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम बनता है। यही आत्मविश्वास जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी शक्ति है जो सफलता की नई राहें खोलता है। -
स्मृति शेष : रुप नारायण सिन्हा
--गणेशा जाधव पाटिल, सभासद, महाराष्ट्र मंडल रायपुर
हमारे भैयाजी यानी रुप नारायण सिन्हा अपने विराट व्यक्तित्व के कारण एक युगपुरुष थे। उनके साथ बिताए गए हर एक पल जीवन के अनमोल पल हैं। जिन्होंने अपने पास के किसी भी व्यक्ति को कभी छोटा महसूस नहीं होने दिया। यही भैयाजी का सबसे बड़ा गुण था। ग्राम कुम्हली से कबीर नगर के नए पते से लेकर अंतिम सांस तक, वे सबके लिए ‘भैयाजी’ ही रहे। पद बढ़ा, कद बढ़ा, इसके साथ ही उनके दिल का दायरा और बड़ा होता गया।प्रचारक, विभाग प्रचारक, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री जैसे पदों पर काम करने से परे भैयाजी कार्यकर्ता के लिए छत अर्थात आधार थे। धूप में छांव, बारिश में आड़। ओजस्वी और प्रखर वक्ता होते हुए भी उनका असली ओज सामान्य स्वयंसेवक को असामान्य बना देना था। सम्मान देने की विलक्षण कला मंच से 10- 20 कार्यकर्ताओं का नाम लेकर उनका सम्मान बढ़ाना" सहज हृदय की विशालता थी। भैयाजी भली भांति जानते थे कि संगठन का भवन ईंट-गारे से नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान से बनता है।उनका इतना बड़ा व्यक्तित्व, इतनी विनम्रता, जिज्ञासा व शिष्य से सीखने का भाव ही उन्हें सच्चा गुरु बनाता था। प्रवास पर स्थान का भूगोल, लोग, कार्यकर्ता सहित हर पहलू पर बारीकी से पूछना उनके जमीन से जुडने का प्रणाम था। संस्कारगत दृष्टि से भैयाजी को हम सभी ने अपने माता- पिता की सेवा करते तो देखा होगा लेकिन जब स्वयं की बच्चों से सेवा लेने की बारी आई तो उन्होंने ये अवसर किसी को नहीं दिया। हमेशा दूसरों की चिंता करने वाला यह व्यक्तित्व सबसे बाद में अपने बारे में सोचता था। भैयाजी का जीवन दरअसल तपस्वी का जीवन... नि:स्वार्थ, निष्कपट, पारदर्शी और समर्पित।योग आयोग और गौ सेवा आयोग के संयुक्त कार्यक्रम में मेरी भैयाजी से अंतिम भेंट हुई। यहां आयोग का अध्यक्ष बनने पर कबीर नगर छोड़ने का दुःख तो उन्हें था, लेकिन अब इस लोक से विदाई का महादुःख उन्होंने हमें दे दिया। यहां उनकी रिक्तता हमेशा बनी रहेगी।भैयाजी के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक समन्वयता की भी थी। संत यात्रा 2023 में बम्लेश्वरी संत यात्रा के स्वागत की जिम्मेदारी उन्होंने मराठा समाज रायपुर को दी थी। समाज के सभी घटकों को जोड़कर समरसता का भाव जगाना उनकी विशेषता थी।शिवाजी महाराज से विशेष लगावछत्रपति शिवाजी महाराज और धमतरी मराठा समाज से उनका विशेष लगाव था। शिवाजी महाराज का शौर्य, धर्मनिष्ठा और सुराज का विचार उनके जीवन का आदर्श था। धमतरी की भूमि और वहां के कार्यकर्ताओं से उनका विशेष आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उनके लिए ‘जीवन पद्धति’ था। शाखा से निकला कार्यकर्ता ही घर-परिवार तक संघ के विचार पहुंचाता है। शाखा में किसी भी अधिकारी का प्रवास होता, तो नए स्वयंसेवकों को वरिष्ठों से मिलवा कर वे उनका मनोबल बढ़ाते थे। इस विश्वास के साथ ही यही कार्यकर्ता संगठन के निर्माण व विकास की असली प्रक्रिया है। संघ के कार्यक्रमों में उनका सान्निध्य हमें मिलता रहता था। वे केवल मार्गदर्शक नहीं, सह-यात्री बनकर साथ चलते थे।भैयाजी को 45 विधानसभा का प्रभारी बनाया गया। चुनाव के बाद दूसरे दिवस उनके निवास पर जाने पर उन्होंने चुनाव संबंधी सटीक आंकलन बताया। उन्होंने जो कहा, वो बाद में अक्षरश: सत्य हुआ। जमीनी पकड़, आंकड़ों की समझ और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद जैसी विशेषताओं के साथ उनकी राजनीतिक दूरदृष्टि अलग थी। प्रतिवर्ष गौशाला में गोपाष्टमी को पूजन में हमारे मां बगलामुखी गौशाला में गौ पूजन करने के लिए वे आते थे। गौ, गंगा, गीता उनके जीवन के आधार थे। श्रीमद भागवत, राम कथा में रुपनारायण हमारे मार्गदर्शक होने के कारण हमेशा उनसे मिलना होता था। धर्म और अध्यात्म को वे जीवन का आधार मानते थे। इसी तरह गौशाला और मंदिर से उनका विशेष लगाव था। ऐसे सेवाभावी स्वभाव व कार्यों से वे लोगों को भी प्रेरित करते रहते थे। संस्कृति के केंद्रों को जीवंत रखना ही उनका मिशन था।*दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन:*योग आयोग अध्यक्ष का शपथ ग्रहण पद उनके लिए सेवा का माध्यम बना। भैयाजी ने योग को घर-घर पहुंचाया। इसके प्रचार– प्रसार में कभी कोई कमी नहीं रखी। मेरे जैसे जिस साधारण कार्यकर्ता को उन्होंने अंगुली पकड़कर चलाया, उसी ने उन्हें कंधों से अंतिम विदाई दी। यह गुरु-शिष्य परंपरा का एक और उदाहरण है।*।।सब धरती कागद करूँ, लेखनी सब बनराय।**सात समुद्र की मसि करूँ, आपके गुण लिखा न जाय।।* - रायपुर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में पर्यावरण जागरूकता सम्मेलन एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई, कृषि महाविद्यालय रायपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने हेतु जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में पौधरोपण कर किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के संकल्प के साथ फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के सचिव श्री गोपाल कृष्णा ने पर्यावरण संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ते जलवायु संकट के दौर में प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने संगठन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की पारंपरिक जीवनशैली प्रकृति के संरक्षण पर आधारित रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत एवं छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए युवाओं को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि, पर्यावरण एवं ग्रामीण विकास एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सतत विकास के लिए इन सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम रॉय ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से ऐसे ऋण प्रस्तावों एवं योजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जिनका पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हो तथा जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत कृषि विकास को बढ़ावा देते हों।कार्यक्रम में विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल ने कृषि क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने धान की कतार में सीधी बुआई, टपक सिंचाई प्रणाली, सूखा-रोधी किस्मों का उपयोग, उतेरा खेती, जीरो-टिल ड्रिल तकनीक तथा छत पर बागवानी जैसी नवाचार आधारित तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से जल, ऊर्जा एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।कार्यशाला के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे ऋण प्राप्त करने के इच्छुक किसानों एवं उद्यमियों को अपने परियोजना प्रस्तावों में ऐसे घटकों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करें, जो कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों के पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को कम करने में सहायक हों। इससे हरित एवं सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के अध्यक्ष श्री प्रियंक चोपड़ा, कृषि महाविद्यालय रायपुर के डॉ. रामामोहन सावु, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, कृषि महाविद्यालय रायपुर के छात्र-छात्राएं, कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर की विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. स्वाती पारधी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, विषय-वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, सतत कृषि विकास एवं हरित वित्तीय पहल के महत्व पर व्यापक चर्चा की गई तथा सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
- -पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशिरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App, नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। file photo
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रायपुर। समहिता सिंह को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से अपने शोघ कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि दी गई। उन्होंने अपना शोध कार्य 'कल्चरल वैल्यूज इन सिलेक्ट साउथ एशियन नोवेल्स: अ स्टडी' विषय पर डॉ. जया तिवारी के मार्गदर्शन में पूरा किया है।
समहिता के शोध का विषय साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आमानाका निवासी समहिता रिटायर्ड कर्नल सीएम सिंह और सपना सिंह की पुत्री हैं, जो वर्तमान में कलिंगा यूनिवर्सिटी में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं। पीएचडी वाइवा के लिए आए परीक्षक डॉ. ओएन उपाध्याय ने उनके अध्ययन और शोध के परिणामों की सराहना की। अपने शोध में समहिता ने साउथ एशियन नोवेल्स में पाए जाने वाले साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर चर्चा की और यह भी बताया कि किस प्रकार लेखकों ने अपने- अपने देशों के सांस्कृतिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए उनकी आलोचना की है। - -11 वर्ष बाद स्वर्णिम सफलता: जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियन टीम का डॉ. रमन सिंह ने किया सम्मानरायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह जी ने शंकर नगर स्थित विधानसभा अध्यक्ष निवास के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ बालिका बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का सम्मान किया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह जी ने सभी छत्तीसगढ़ के बालिका खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षको को बधाई दी एवं सभी खिलाड़ियों को अपने स्वेक्षा निधि से 15,000 रुपये देने की घोषणा की।उन्होंने बताया कि जब वो 15 वर्ष मुख्यमंत्री थे तब श्री राजेश पटेल जी ने हमेशा राज्य का मान बढ़ाया था और उनके रहते हुए छत्तीसगढ़ बालिका बास्केटबॉल टीम ने पूरे देश मे अपनी छाप छोड़ी थी और अभी 11 वर्षो के बाद एक बार फिर से छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल बालिका टीम ने विजेता होने का गौरव प्राप्त किया है एवं इसी तरह छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल टीम नई ऊँचाई पर पहुचे।उसके बाद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिंह सिसोदिया जी ने भी छत्तीसगढ़ की बालिका टीम को बधाई दी एवं छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल को हर संभव मदद करने की बात कही।छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल संघ से श्री अमर पारवानी जी के द्वारा सभी खिलाड़ियों को जीके मोटर्स की तरफ से 5100 रुपये देने की घोषणा की गयी।छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षको को शुभकामनाएं दी हैं।
- रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे है। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- रायपुर - आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्षेत्र स्थित जोन 10 अमलीडीह कार्यालय परिसर में आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ हो गया। वहां पहुंचकर नगर निगम के जोन 10 के आरआरआर सेंटर का नये स्वरूप में लोकार्पण कर शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन 10 जोन अध्यक्ष श्री सचिन बी मेधानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्री विनय पंकज निर्मलकर, श्रीमती गायत्री नौरंगे, श्री मनोज जांगडे, श्री विनय प्रताप सिंह ध्रुव, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर, उपअभियंता श्री राहुल थरानी, श्रीमती निवृत्ति गौतम, निगम मुख्यालय स्वच्छ भारत मिशन शाखा उपअभियंता श्रीमती कृष्णा राठी, श्री संस्कार शर्मा, जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा, स्वच्छता निरीक्षक श्री अनिल झा एवं वंदना महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं, आमजनों की उपस्थिति में करते हुए शानदार सौगात दी ।इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है जो नगर निगम जोन क्रमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डों में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रह करके लाने का कार्य करेगा, जिन्हें समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत उपलब्ध कराया जायेगा।इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था दी गई है। जिस पर महिलाएं कार्य कर रोजगारयुक्त हो सकेंगी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। यहां नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का संचालन वंदना महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं के माध्यम से जनहित में योजना अंतर्गत किया जायेगा। साथ ही वहां बर्तन बैंक, झोला बैंक की व्यवस्था रखी गयी है। अलग अलग आलमारियों के खंड़ों में पुराने कपड़ों, जूते -चप्पलों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों, पुराने बर्तनों, पुराने प्लास्टिक सामानों अन्य पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था दी गई है। जिससे नागरिकों को यहां नगर निगम जोन 10 के अमलीडीह जोन कार्यालय परिसर पहुंचकर अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को देना सहज और सरल हो सके। इससे पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंद नागरिकों तक उनके उपयोग की वस्तुएं सहजता से पहुंचायी जा सकेंगी।इस अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों को बताया कि आरआरआर (रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनःउपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलती है। आरआरआर सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ नागरिक अपनी उपयोग योग्य वस्तुएँ दान करते हैं, जिन्हें मरम्मत कर जरूरतमंदों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। आरआरआर सेंटर में संग्रहित एवं मरम्मत की गई उपयोग योग्य वस्तुओं को जरूरतमंद नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।इसके साथ ही जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होंती, जैसे पुराने व अनुपयोगी कपड़े, उन्हें स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पुनर्चक्रित कर थैले, झोले आदि उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। इसके अतिरिक्त शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स तक भेजा जाता है, जिससे वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होता है और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा मिलता है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से एक बार पुनः विनम्र अपील की है कि कृपया अपने घर में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करने का कष्ट करें। नागरिकों के इस छोटे से प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि इन वस्तुओं के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान भी लाई जा सकेगी।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना में 12 पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण करने स्वीकृति पत्र प्रदत्त, ई श्रम कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए-विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने मौलश्री एवं महापौर मीनल चौबे ने कचनार का पौधा लगायारायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 10 के अंतर्गत रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49. पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड कमांक 50, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड कमांक 52, बाबू जगजीवन राम वार्ड कमांक 53, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड कमांक 54, रविन्द्रनाथ टैगोर वार्ड कमांक 55, लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 के लिए सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर जोन क्रमांक 10 क्षेत्र अंतर्गत देवपुरी गुरूद्वारा परिसर के समीप हॉल में लगाया गया ।शिविर की व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू, आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्रीमती गायत्री नौरंगे, सर्वश्री विनय पंकज निर्मलकर, मनोज जांगडे, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, श्री राजेश गुप्ता, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर सहित विभिन्न 15 से अधिक रायपुर जिले के शासकीय विभागों के सम्बंधित शासकीय कर्मचारियों एवं आमजनों की उपस्थिति में किया।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जोन 10 अंतर्गत देवपुरी गुरुद्वारा परिसर के पास हॉल के सामने रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू एवं नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधा रोपित किया। ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने मौलश्री और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कचनार का पौधा रोपित किया एवं नागरिको से विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में शहर में सुरक्षित स्थानो पर समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधरोपण कर लगाये गये प्रत्येक पौधे की देखभाल व सुरक्षा अपनी संतान की भांति करने का संकल्प लेने की विनम्र अपील की।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने भीषण गर्मी की तपिश के मध्य महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू वार्ड पार्षदों सहित सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर स्थल पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 सहित विभिन्न शासकीय विभागो द्वारा लगाये गये स्टॉलो की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया एवं वहाँ आमजनो से उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा कर जानकारी ली। रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि जब से प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार आयी है तब से अपने ग्रामीण विधायक के कार्यकाल में वे अब तक रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड से अधिक से नये विकास कार्यों को करवा चुके है। इसके पूर्व पूर्ववर्ती सरकार में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प थे। प्रतिपक्ष के नेतागण हो रहे तेज विकास कार्य को उस समय स्वीकृत हुआ बताते है। जबकि उस समय कोई विकास कार्य स्वीकृत नहीं हुए थे। ये सभी कार्य विष्णुदेव साय सरकार के कार्यकाल के दौरान के है। जिसकी शत प्रतिशत जानकारी वे दे सकते है। ग्रामीण विधायक ने कहा कि नागरिको को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सुशासन तिहार शिविर का लाभ अवश्य उठाना चाहिए और विकास विरोधी लोगो को पहचानकर उनसे सावधान रहकर विकास कार्यों से सकारात्मक जुडाव करना चाहिए।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिको से विनम्र अपील की कि वे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य शासन द्वारा लगाये जा रहे सुशासन तिहार शिविर में अधिकाधिक संख्या में आकर सभी शासकीय योजनाओ का वांछित लाभ अवश्य उठाये। महापौर ने कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर लगाये जा रहे सुशासन तिहार शिविर में आमजनों द्वारा दिये जा रहे सभी आवेदनो, मांगो, शिकायतो पर शत प्रतिशत आवश्यक कार्यवाही नगर निगम रायपुर जोन 10 के जोन कमिश्नर व अधिकारीगणों सहित संबंधित शासकीय विभागों के अधिकारीगण गंभीरता से प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में एक माह की अवधि के भीतर करना सुनिश्चित करें। महापौर ने निर्देशित किया कि नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर एवं जोन नगर निवेश विभाग के संबंधित अधिकारीगण शिविर में जोन 10 के वार्डो में अवैध निर्माणो से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनो को गंभीरता से लेकर शासकीय अधिनियम अनुसार सभी अवैध निर्माणो के प्रकरणो में नोटिस जारी करने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करके आवेदनो का समय सीमा में निराकरण सुशासन तिहार अंतर्गत करना सुनिश्चित करें।रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू ने सभी नागरिको को सुशासन तिहार शिविर आयोजन में बधाई दी एवं कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन तिहार शिविर लगाकर नागरिको की मांगो, शिकायतो को सुनकर उनके आवेदन ले रही है, सभी आवेदनो का एक माह की तय समय सीमा के भीतर सभी शासकीय विभागों के अधिकारीगण शत प्रतिशत संख्या में समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होने अपील की कि नागरिक अधिक से अधिक संख्या में सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचे एवं अपनी मांगो, शिकायतो के आवेदन देकर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत तय समय सीमा में त्वरित समाधान प्राप्त करें एवं सभी शासकीय योजनाओं का पात्रतानुसार पूर्ण वांछित लाभ उठाएं।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू, आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्रीमती गायत्री नौरंगे, सर्वश्री विनय पंकज निर्मलकर, मनोज जांगडे, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, श्री राजेश गुप्ता, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय सहित प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 12 पात्र हितग्राहियों बालू विश्वकर्मा, कामदेव साहू, प्रदीप सेन, हेमा बाई साहू, हिरेश साहू, कौशल्या शर्मा, लक्ष्मी पुरेना, मोना हलधर, रामदास जोशी, साद बाई, वर्षा हलघर, नंदकुमार गडरिया को आवेदन करते ही मकान निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदत्त किया गया। शिविर में मंच स्थल पर अतिथियों ने पात्र हितग्राहियों को आवेदन देते ही प्रदत्त नये राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई श्रम कार्ड प्रदत्त किये। गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म अदायगी तत्काल की गई वहीं नवजात शिशुओं का अन्नप्रासन्न किया गया।
- -सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशो के अनुरूप वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स के रूप में उनकी भूमिका के प्रति सशक्त बनाना हैरायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स हेतु ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का भ्रमण कार्यक्रम सकरी प्लांट में करवाकर शैक्षिक भ्रमण में महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर वार्ड पार्षदों को अनौपचारिक बैठक कर इस विषय में विस्तृत चर्चा कर जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई ।यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशो के अनुरूप वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स के रूप में उनकी भूमिका के प्रति सशक्त बनाना है, यह आज के शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य रहा। वार्ड पार्षदों को अपने अपने वार्ड क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति रहवासी नागरिको को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौपी गयी है ताकि वे स्त्रोत स्तर पर कचरे का पृथककरण करें, कचरा निर्धारित डस्टबीन में डाले और अपने घरों और दुकानों के आस पास स्वच्छता बनाये रखे। इसी उद्देश्य से सभी लीड फैसिलिटेटर्स को कचरे के संग्रहण से लेकर उसके सम्पूर्ण प्रसंस्करण की प्रक्रिया को समझाने हेतु इस शैक्षिक भ्रमण का आयोजन नगर पालिक निगम रायपुर द्वा bरा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रखा गया।शैक्षिक भ्रमण पर सकरी प्लांट के कार्य की प्रक्रियाओं के सुक्ष्म निरीक्षण एवं अध्ययन हेतु पहुंचे नगर निगम रायपुर के वार्ड पार्षदो ने नगर निगम अधिकारियों सहित मिलकर वहां विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश दिया एवं सभी नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सुरक्षित स्थानो पर शहर में पौधरोपण कर लगाये गये प्रत्येक पौधे की देखभाल अपनी संतान की भांति करने का समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रण लेने की विनम्र अपील की।शैक्षिक भ्रमण में इस दौरान नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग अध्यक्ष श्री भोला राम साहू, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू, शहरी गरीबी उपशमन एवं समाज कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री खेमकुमार सेन, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, वार्ड पार्षद सर्वश्री राजेश गुप्ता, अजय साहू, मोहन साहू, अर्जुन यादव, महेन्द्र औसर, भगत राम हरवंश, कैलाश बेहरा, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु, उपअभियंता श्रीमती कृष्णा राठी, श्री संस्कार शर्मा, विषय विशेषज्ञ श्री प्रणीत चोपड़ा, श्री सूरज चंद्राकर, अनुबंधित एजेंसी रामकी कंपनी के लोकल हेड श्री योगेश कुमार सहित रामकी कंपनी के अन्य अधिकारी प्रतिनिधिगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण की उपस्थिति रही।
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रायपुर/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। मिशन के तहत गांव-गांव में दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, स्कूली रैलियां तथा स्वच्छता एवं महामारी प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
ग्राम स्तर पर विशेष रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वच्छाग्रहियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया गया है, जिससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है|दीवार लेखन एवं नुक्कड़ नाटकों के जरिए स्वच्छता का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया गया है। वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा निकाली गई रैलियों ने पूरे गांव में स्वच्छता का संदेश फैलाने एवं बच्चों ने स्वयं भी स्वच्छता दूत की भूमिका निभाई। -
*स्वयं के व्यवसाय से कर रहीं सालाना 1.20 लाख की आय*
रायपुर/ बिहान योजना से जुड़कर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, ऐसी ही प्रेरणादयक कहानी है ग्राम कुम्हारी की निवासी श्रीमती महेश्वरी यादव की। योजना से जुड़कर आज वे सालाना 1 लाख 20 हजार तक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि उन्होंने समाज में अपनी नई पहचान भी बनाई है।श्रीमती यादव पहले गृहणी थीं एवं घर के काम-काज में अपना समय व्यतीत करती थीं। बिहान से जुड़ने के बाद वे सक्रिय महिला के रूप में कार्य करने लगीं। अपना व्यवसाय शुरू करने हेतु उन्हें योजना के तहत 75 हजार की सीआईएफ राशि एवं बैंक से 1 लाख रूपए का ऋण प्राप्त हुआ जिससे उन्होंने जनवरी 2024 में उन्होंने फैन्सी स्टोर, ब्यूटि पार्लर, केक शॉप एवं कपड़े की दुकान शुरू की एवं अब उनकी मसिक आय 10 हजार एवं सालाना आय 1 लाख 20 हजार हो गई है। इस आय का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई एवं घर खर्च में कर रहीं हैं।इस योजना हेतु श्रीमती यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंन्द्र मोदी का धन्यवाद किया, जिन्होंने महिलाओं के हित के बारे में सोचा और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनने में सहयोग प्रदान किया। - -15 अगस्त से पहले प्रारंभ करने के दिए निर्देशमहासमुंद / छत्तीसगढ़ शासन गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने आज महासमुंद प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन जिला पुस्तकालय भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय भवन की प्रगति, उपलब्ध सुविधाओं तथा संचालन संबंधी तैयारियों का जायजा लिया।प्रभारी सचिव श्रीमती बारिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला पुस्तकालय का कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे आगामी 15 अगस्त से पूर्व आमजन, विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रारंभ किया जाए। उन्होंने पुस्तकालय में सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने तथा संचालन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, जिला, एसडीएम अक्षा गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।विदित हो कि जिला पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। पूर्णतः वातानुकूलित यह पुस्तकालय लगभग 500 पाठकों की बैठने की क्षमता वाला होगा। यहां विद्यार्थियों एवं पाठकों को निःशुल्क वाई-फाई सुविधा उपलब्ध होगी। भवन में लिफ्ट की सुविधा, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था तथा दिव्यांगजन-अनुकूल पहुंच सुनिश्चित की गई है। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग एवं निःशुल्क वाचनालय की व्यवस्था भी की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सीनियर सिटीजन कॉर्नर तथा बच्चों में अध्ययन की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से चिल्ड्रन कॉर्नर स्थापित किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में पुस्तकालय में लगभग 15 हजार से 20 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध रहेगा, जिसमें साहित्य, इतिहास, विज्ञान, तकनीक, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विभिन्न विषयों की संदर्भ पुस्तकें शामिल होंगी। साथ ही पुस्तकालय परिसर में 13 व्यावसायिक दुकानें तथा एक रेस्टोरेंट की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे पाठकों एवं आगंतुकों को आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। सुरक्षा एवं निगरानी के लिए संपूर्ण परिसर को सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही यह पूर्णतः ऑटोमेटेड ग्रंथालय होगा, जहां पुस्तकों के निर्गमन, वापसी एवं सूचीकरण जैसी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक के माध्यम से संचालित की जाएंगी।
- महासमुंद / कृषि में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन में वृद्धि के साथ खेती की लागत को भी कम करने में सफल हो रहे हैं। विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम दूधीपाली के प्रगतिशील किसान श्री निरंजन सिदार ने विगत वर्ष अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं।श्री सिदार ने धान की खेती में नैनो डीएपी से बीज उपचार कर खेती की शुरुआत की। इसके बाद फसल की वृद्धि अवस्था में नैनो डीएपी तथा नैनो यूरिया का छिड़काव किया। आधुनिक उर्वरक तकनीक के उपयोग से उनकी फसल में रोग एवं कीटों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम देखने को मिला, जिससे फसल स्वस्थ एवं मजबूत बनी रही। इसके साथ ही धान की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आई है। नैनो उर्वरकों को कीटनाशकों के साथ मिलाकर छिड़काव किए जाने की सुविधा के कारण अलग-अलग बार मजदूरी लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार नैनो डीएपी का उपयोग बीजोपचार, पौध उपचार तथा प्रारंभिक वृद्धि अवस्था में छिड़काव के रूप में किया जा सकता है, जबकि नैनो यूरिया का उपयोग फसल की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विभिन्न अवस्थाओं में किया जाता है। विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित मात्रा एवं विधि से उपयोग करने पर उत्पादन वृद्धि, गुणवत्ता सुधार तथा लागत में कमी आती है। विशेषज्ञों के अनुसार नैनो डीएपी से बीज उपचार के लिए 1 किलोग्राम बीज में 5 एमएल नैनो डीएपी के घोल को बीज में अच्छे तरीके से मिलाएं, उसके पश्चात 20 मिनट तक छांव में सूखने दें और फिर बुवाई करें। नैनो डीएपी से थरहा (पौध) उपचार के लिए 1 लीटर पानी में 5 एमएल नैनो डीएपी की दर से घोल बनाएं एवं रोपाई से पहले 20 मिनट तक थरहा को इस घोल में डूबे रहने दें, उसके पश्चात रोपाई करें। पहला छिड़काव फसल 30-35 दिन का होने पर जब फसल में पत्तियां अच्छी आ जाएं, तब 1 लीटर पानी में 4-5 एमएल की दर से नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया प्लस का पत्तियों में स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव, प्रथम छिड़काव के 25-30 दिन बाद फूल आने से पहले 1 लीटर पानी में 4-5 एमएल की दर से नैनो यूरिया प्लस का पत्तियों में स्प्रेयर के माध्यम से छिड़काव करें। साथ ही नैनो उर्वरकों को कीटनाशकों के साथ मिलाकर भी स्प्रे किया जा सकता है। लेकिन कॉपर युक्त कीटनाशक एवं फफूंद नाशक के साथ इसे नहीं मिलाया जाता है।
- महासमुंद / सुशासन तिहार के तहत जिले में आयोजित अंतिम समाधान शिविर में आज प्रमुख सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती निहारिका बारिक शामिल हुईं। नगर के टाउन हॉल में आयोजित इस शिविर में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली।इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान श्रीमती बारिक ने गर्भवती माताओं एवं बच्चों को सुपोषण टोकरी वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए संचालित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी और विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका है।शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिलकांत साहू, कलेक्टर श्री विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार एवं स्थानीय पार्षदगण उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों की स्थिति जानी। जिले में आयोजित सुशासन तिहार के इस अंतिम शिविर में जनसहभागिता और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला। अंतिम शिविर में भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
- महासमुंद/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुरुवार को बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत सिंघनपुर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किए गए। समाधान शिविर में जनप्रतिनिधिगण, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समाधान शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधे संवाद स्थापित कर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे तथा नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांग संबंधित आवेदनों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र एवं अन्य सामग्रियों का भी वितरण किया गया।
- महासमुन्द / सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ’’पीएम राहत (Prime Minister Road Accident Victims' Hospitalisation and Assured Treatment) योजना’’ लागू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि योजना का लाभ भारत की किसी भी सड़क पर मोटर वाहन से होने वाली दुर्घटना के सभी पीड़ितों को मिलेगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को रोकना तथा पीड़ितों की जान बचाना है। योजना को 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम अस्पताल की पहचान करने अथवा एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी। योजना के अंतर्गत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 24 घंटे तथा गंभीर एवं जीवन-रक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। पीएम राहत योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। उपचार से संबंधित क्लेम एवं वित्तीय प्रबंधन ’’मोटर वाहन दुर्घटना कोष के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ई-डीएआर दुर्घटना रिपोर्टिंग प्रणाली तथा टीएमएस 2.0 अस्पताल क्लेम प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करें तथा 112 हेल्पलाइन के माध्यम से आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाकर पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
- महासमुंद / वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से जन एवं पशु हानि की आशंका को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भारत सरकार द्वारा विकसित ’’दामिनी एप’’ एवं ’’मेघदूत एप’’ का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को मौसम संबंधी पूर्वानुमान और सुरक्षा उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने सभी जिला, तहसील एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में पटवारियों, शासकीय शिक्षकों एवं पंचायत सचिवों को इन एप्स के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।दामिनी एप आकाशीय बिजली गिरने की संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगभग 20 से 31 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से नागरिक समय रहते सतर्क होकर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपना सकते हैं तथा जन एवं पशु हानि की घटनाओं को कम किया जा सकता है। एप में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सावधानियां भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार मेघदूत एप किसानों के लिए उपयोगी मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करता है। इसमें तापमान, वर्षा की संभावना, हवा की गति एवं दिशा सहित अन्य महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध रहते हैं, जिससे किसान कृषि कार्यों की बेहतर योजना बना सकते हैं और मौसम जनित जोखिमों को कम कर सकते हैं। दोनों एप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्रॉइड मोबाइल में आसानी से डाउनलोड किए जा सकते हैं।जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे इन एप्स का उपयोग कर मौसम संबंधी समयपूर्व जानकारी प्राप्त करें तथा आकाशीय बिजली एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
- -किसानों को सरलता से उपलब्ध हो रहा उर्वरक, जिले में खाद का पर्याप्त भंडारणमहासमुन्द / खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा शासन के नियमानुसार किसानों को समय पर खाद का वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले की सहकारी समितियों में वर्तमान में 11,310 टन यूरिया, 4,276 टन डीएपी, 1,912 टन पोटाश, 5,888 टन सुपर फास्फेट तथा 3,110 टन एनपीके सहित कुल 26,496 टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। वहीं किसानों को अब तक 1,365 टन यूरिया, 470 टन डीएपी, 240 टन पोटाश, 466 टन सुपर फास्फेट तथा 264 टन एनपीके का वितरण किया जा चुका है।महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हनी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में वर्तमान में 93 टन यूरिया, 57 टन डीएपी, 20 टन सुपर फास्फेट, 7 टन पोटाश तथा 25 टन एनपीके उपलब्ध है। समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम चिंगरौद के किसान गोविंद साहू एवं वेदलाल साहू ने बताया कि उन्हें समिति से बड़ी सरलता और सुगमता के साथ यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध हो गया, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में सुविधा मिल रही है। इसी तरह ग्राम बरोंडा बाजार स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम लाफिनखुर्द के किसान अंजान राम ध्रुव एवं खुमन ध्रुव ने बताया कि उन्हें भी समिति से आसानी से यूरिया एवं डीएपी खाद प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से खेती की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद मिल सके।खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरे प्रदेश में कृषकों को खाद की आपूर्ति कि जा सकें इस हेतु कृषि भूमि के रकबे वार अलग से व्यवस्था कि गई है जिसमें कृषक (2.5 एकड़ से कम) को एक मुश्त खाद वितरण, सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक) को दो किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) खाद वितरण एवं दीर्घ कृषक (2.5 एकड़ से अधिक) को तीन किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) उर्वरको का वितरण निजी एवं सहकारी दोनो क्षेत्रो में किया जावेगा।
- -समाधान शिविर में मिला मोबाइल, एमआर किट एवं श्रवण यंत्रमहासमुन्द / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में लगाए जा रहे समाधान शिविर जनसमस्याओं के निराकरण के साथ ही जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों को विभिन्न आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन सरल और सुगम बना रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचने से अनेक परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट रही है।इसी कड़ी में महामसुंद शहरी क्षेत्र लोहिया चौक में आयोजित समाधान शिविर तीन दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आया। शिविर में दृष्टिबाधित दिव्यांग योगेश चंद्राकर को अध्ययन एवं संचार में सहायता के लिए टॉकिंग मोबाइल एवं स्पीकर प्रदान किया गया। इस उपकरण की मदद से वे अपनी पढ़ाई अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे तथा शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर सहभागिता सुनिश्चित कर पाएंगे।इसी तरह दिव्यांग हार्दिक को एमआर (मेंटल रिटार्डेशन) किट प्रदान की गई। यह किट उनकी स्मरण शक्ति, तार्किक क्षमता, एकाग्रता तथा आंखों और हाथों के समन्वय को विकसित करने में सहायक होगी। साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास को गति मिलेगी। वहीं श्रवण बाधित दिव्यांग कान्हा मानिकपुरी को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इस उपकरण के माध्यम से वे दैनिक जीवन की गतिविधियों, संवाद एवं सामाजिक सहभागिता में अधिक सहजता से जुड़ सकेंगे। समाधान शिविर में उनके परिजनों ने शासन की इस संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता उनके जीवन को अधिक सरल, सुगम और आत्मनिर्भर बनाने में विशेष योगदान देगा।
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- पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मार्च तिमाही 2026 के तहत जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने विभिन्न बैंकिंग एवं शासकीय योजना अंतर्गत लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक एवं विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाए। उन्होंने एलडीएम द्वारा जून माह में पीएम स्वनिधि महोत्सव एवं खेत बचाओ अभियान के संबंध में जानकारी ली। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, एसएचजी बैंक क्रेडिट लिंकेज, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड फिशरीज, केसीसी पशुपालन, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई एवं पीएम अजय योजना के प्रगति की समीक्षा गई।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय एवं यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा राजनांदगांव के शाखा प्रबंधकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड श्री मनोज नायक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक राजनांदगांव व प्रभारी निदेशक आरसेटी श्री मुनीश शर्मा, श्री अमित मिश्रा सहित विभिन्न बैंकों एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -
- किसान लगातार कर रहे खाद का उठाव
- अब तक 17205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण
- सहकारी समितियों में अब तक 7236 क्विंटल बीजों का भंडारण
- किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने हरी खाद को भी किया जा रहा प्रोत्साहित
राजनांदगांव । जिले के किसानों द्वारा जून माह में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ फसलों की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। आगामी खरीफ मौसम में जिले में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न खरीफ फसलों की बोनी संभावित है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए 1 अप्रैल से ही सहकारी समितियों में भंडारण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 45650 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 18500 मीट्रिक टन यूरिया, 4000 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), 3600 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तथा विभिन्न प्रकार के 9800 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरकों का लक्ष्य शामिल है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक जिले में 12000 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया, 365 मीट्रिक टन से अधिक सिंगल सुपर फॉस्फेट, 2755 मीट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा लगभग 3000 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा खरीफ सीजन की तैयारी के साथ लगातार उर्वरकों का उठाव किया जा रहा है और अब तक 17205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके बावजूद जिले में 12584 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है, जो जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है।
इसी प्रकार खरीफ 2026 के लिए धान सहित विभिन्न दलहनी एवं तिलहनी फसलों के लिए 14331 क्विंटल बीज की मांग का आंकलन किया गया है। इसके विरूद्ध अब तक 7236 क्विंटल बीजों का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। किसानों द्वारा लगातार बीजों का उठाव किया जा रहा है तथा अब तक 1533 क्विंटल बीजों का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा प्राकृतिक रूप से नत्रजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरी खाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत जिले में 350 क्विंटल मूंग बीज तथा 100 क्विंटल धैचा बीज का भंडारण किया गया है, जिससे किसान हरी खाद के रूप में इनका उपयोग कर भूमि की उत्पादकता में वृद्धि कर सकें। कृषि विभाग द्वारा किसानों से खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद एवं बीज का समय पर उठाव करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की अपील की है। - - राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, अभिलेखों के संधारण एवं आमजन सुविधाओं पर दिया विशेष जोरराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को तहसील कार्यालय डोंगरगांव का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, राजस्व प्रकरणों एवं नागरिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तहसील कार्यालय में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम बाकल निवासी श्री तोरण खूंटे वर्ष 2000 से वर्ष 2024 तक के बी-1 नकल प्राप्त करने हेतु आवेदन करने पहुंचे थे। कलेक्टर ने उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए नियत अवधि में दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम आलीखुंटा के बुजुर्ग ग्रामीण श्री बल्दु राम पिता मेहतर सीमांकन नहीं होने की समस्या लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे थे। उनकी समस्या सुनकर तत्काल आवेदन लिखवाकर सीमांकन का प्रकरण दर्ज कराया गया। ग्राम पैरी निवासी श्री छन्नू लाल साहू पिता दीनालाल जन्म प्रमाण पत्र संबंधी कार्य से तहसील कार्यालय आए थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राजस्व प्रकरणों की अपील अवधि पूर्ण हो चुकी है, उनसे संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों को नियमानुसार रिकॉर्ड रूम में जमा कराया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण एवं संरक्षण सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने चालक श्री अनिल कुमार के वेतन भुगतान संबंधी प्रकरण को स्वयं ई-कोष पोर्टल में प्रोसेस कर त्वरित कार्य निष्पादन का उदाहरण प्रस्तुत किया।कलेक्टर ने पूर्व में निराकृत राजस्व प्रकरणों के आदेशों का अवलोकन कर उनकी समीक्षा की तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी मामलों में नियमानुसार एवं विधिसम्मत आदेश पारित किए गए हो। साथ ही लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आगामी पेशी तिथियां न्यूनतम अंतराल पर निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सके और आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक शाखा एवं कक्ष के बाहर स्पष्ट सूचना एवं साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को यह आसानी से जानकारी मिल सके कि किस प्रकार का कार्य किस कक्ष में संपादित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा तथा कार्यालयीन कार्यों में और अधिक सुगमता आएगी। उन्होंने तहसील कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजनों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके आवेदनों एवं समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- राजनांदगांव । कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान सहित विभिन्न फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। नैनो उर्वरक आधुनिक कृषि तकनीक पर आधारित हैं, जिनके उपयोग से पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। धान की फसल में नैनो डीएपी का पहला छिड़काव रोपाई के 25 से 30 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव आवश्यकता अनुसार 10 से 15 दिन बाद किया जा सकता है। नैनो यूरिया का पहला छिड़काव रोपाई के 30 से 35 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव बालियां निकलने के पूर्व 15 से 20 दिन के अंतराल पर किया जाना लाभकारी पाया गया है। प्रति एकड़ 250 मिलीलीटर नैनो डीएपी अथवा नैनो यूरिया को लगभग 125 लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर समान रूप से छिड़काव करने की अनुशंसा की जाती है। नैनो यूरिया की 500 मिलीलीटर की एक बोतल लगभग 45 किलोग्राम पारंपरिक यूरिया के बराबर प्रभाव प्रदान करती है। इसी प्रकार नैनो डीएपी फसलों में नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस की उपलब्धता बढ़ाकर जड़ों के विकास, पौधों की वृद्धि एवं कल्ले बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की एक बोरी का मूल्य लगभग 266 रूपए तथा डीएपी की 50 किलोग्राम की एक बोरी का मूल्य लगभग 1350 रूपए है। इसके विपरीत नैनो यूरिया की 500 मिलीलीटर की एक बोतल लगभग 225 रूपए तथा नैनो डीएपी की 500 मिलीलीटर की बोतल लगभग 600 रूपए में उपलब्ध है। पारंपरिक उर्वरकों का केवल 30 से 50 प्रतिशत भाग ही फसल द्वारा उपयोग किया जा पाता है, जबकि शेष भाग बहाव, वाष्पीकरण अथवा भूमि में स्थिरीकरण के कारण नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता 80 प्रतिशत से अधिक होती है, जिससे पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे उर्वरक की बचत होने के साथ-साथ उत्पादन एवं गुणवत्ता में भी सुधार होता है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से परिवहन एवं भंडारण की लागत कम होती है, मिट्टी एवं जल प्रदूषण में कमी आती है तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिलती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन के अंतर्गत नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो रहा है। कृषि विभाग द्वारा विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों से अपने नजदीकी कृषि कार्यालय, कृषि विस्तार अधिकारी अथवा किसान कल्याण केंद्र से संपर्क कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी कर आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपील की गई है।
- - किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया- 605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती- अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट- फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावाराजनांदगांव । जिले में फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का की खेती अपनाने वाले किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध खेती करने वाले किसानों ने उत्पादन एवं आय के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी द्वारा जिले के किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।रबी वर्ष 2025-26 में गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी द्वारा जिले के 605 किसानों के साथ अनुबंध कुल 1763 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कराई गई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने 1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करते हुए 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का मक्का खरीदा। इसमें से अब तक 3.73 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है तथा शेष भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है। छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान श्री ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 6 लाख 95 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। इसी प्रकार राजनांदगांव विकासखंड के किसान श्री वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर 32.66 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 5 लाख 27 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। वहीं ग्राम जमलेश्वर के किसान श्री देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर लगभग 4 लाख 67 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को अधिक लाभ मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता तथा फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिले के किसानों की यह सफलता अन्य किसानों को भी फसल चक्र परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।























