- Home
- छत्तीसगढ़
- -राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत है।मंत्री श्री चौधरी ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइये, राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर हम सभी राष्ट्रध्वज के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उद्घाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी।उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत विगत कई दशकों से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का यह प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी है। उन्होंने संस्था के संस्थापकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के समर्पण भाव की सराहना करते हुए उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, सचिव श्री अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी तथा शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।
- -गुरूर के आशुतोष पंचागम का बिजली बिल 10 हजार रुपए से घटकर हुआ 12 सौ रुपए-सौर ऊर्जा से बढ़ी बचत और आत्मनिर्भरता, 3 किलोवाट के सोलर प्लांट पर 1.08 लाख रुपए की मिली सहायतारायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसके प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। बालोद जिले में भी यह योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जिले के गुरूर निवासी श्री आशुतोष पंचागम इसका प्रेरणादायी उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी हासिल की है।पिछले सात महीनों से संचालित इस सोलर प्लांट का लाभ अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आशुतोष पंचागम बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने से शुरुआती महीनों में उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य रहा। वहीं भीषण गर्मी के मौसम में, जब घर में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का अधिक उपयोग हुआ, तब भी उनका बिजली बिल, जो पहले 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच जाता था, घटकर लगभग 1200 से 1500 रुपये रह गया।आशुतोष पंचागम ने बताया कि योजना के तहत आवेदन की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक है। आवेदन के बाद अधिकृत वेंडर द्वारा घर का निरीक्षण किया गया तथा ऋण और सब्सिडी से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कम समय में ही उनके घर पर सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे सोलर प्लांट लगाने का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया।आशुतोष का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी है। सौर ऊर्जा अपनाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करें और बिजली खर्च में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अभियान का हिस्सा बनें।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आज छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल परिवारों का मासिक बिजली खर्च कम कर रही है, बल्कि प्रदेश में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी नई गति प्रदान कर रही है।
- -प्रशासन की संवेदनशील पहल से ग्रामीण को मिली डिजिटल सेवा का लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन एवं जनसेवा की प्रतिबद्धता को साकार करती मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभर रही है। मुंगेली जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को शासन की सेवाओं का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखंड के ग्राम सिपाही निवासी सुखीराम की मांग पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उसे लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराया गया। सुखीराम ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के संबंध में अपनी समस्या दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की और उनका लर्निंग लाइसेंस तैयार कर प्रदान कर दिया।लर्निंग लाइसेंस प्राप्त होने के बाद सुखीराम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले ऐसी सेवाओं के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समय पर समाधान हुआ और उन्हें बिना अनावश्यक परेशानी के सेवा का लाभ मिल गया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। बता दें कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि पात्र नागरिकों को शासन की जनहितकारी सेवाओं का लाभ शीघ्र मिल सके। शासन की डिजिटल एवं जन-केंद्रित पहलें ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और आम नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
- -महिलाओं को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ-महिला सशक्तिकरण, रोजगार, पर्यटन, उद्योग और सुशासन के विजन को मुख्यमंत्री ने किया साझा-बस्तर में शांति, विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू-इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हुए शामिलरायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित 'इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बस्तर के विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, सुशासन और सामाजिक सुधारों पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हम सभी के लिए छत्तीसगढ़ महतारी है। यह माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान देने की परंपरा रही है। उन्होंने वेदों का उल्लेख करते हुए कहा कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता" अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की लगभग 68 लाख 50 हजार विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार 800 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि जब वे गांवों का दौरा करते हैं तो माताओं और बहनों के चेहरों पर इस योजना से आया आत्मविश्वास और संतोष स्पष्ट दिखाई देता है। बातचीत के दौरान माताएं और बहनें बताती हैं कि किसी ने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश किया है, किसी ने सिलाई मशीन खरीदकर रोजगार शुरू किया है तो किसी ने किराना या सब्जी की दुकान खोलकर आय बढ़ाई है। इससे माताएं और बहनें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि यह इस योजना का सबसे प्रेरक उदाहरण है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी कर रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 86 हजार महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन्हें रेडी-टू-ईट कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है तथा ऋण एवं अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चार-पांच दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैंप स्थापित करने के साथ-साथ विकास की योजनाओं को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया गया। पहले सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर दायरे तक योजनाओं का लाभ पहुंचता था, जिसे अब बढ़ाकर दस किलोमीटर तक किया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत अब 500 से अधिक गांवों को जोड़ा जा चुका है। लगभग 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाओं का लाभ इन गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। यहां लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। वहीं बस्तर मुन्ने योजना के माध्यम से अधिकारी स्वयं दूरस्थ गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में इंद्रावती नदी पर देउरगांव एवं मटनार सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे लगभग 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी।उन्होंने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं, अबूझमाड़ के विशाल वन तथा धुड़मारास जैसे गांव बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में होम-स्टे को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत पांच कमरों तक के होम-स्टे निर्माण के लिए ऋण और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इमली, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, सीताफल और औषधीय वनोपजों का मूल्य संवर्धन कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जा रही है। नेतानार जैसे गांवों में सेवा डेरा के माध्यम से महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, पैकेजिंग तथा अन्य आजीविका आधारित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। आईआईटी की टीम भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास का कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण समाज के लिए गंभीर चुनौती है। विभिन्न राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 लागू किया गया है। इसके तहत धर्म परिवर्तन करने और करवाने वाले दोनों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रलोभन, दबाव अथवा छलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है तथा राज्य सरकार का प्रयास है कि आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र तक इस दिशा में ठोस प्रगति हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने विभिन्न विभागों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है तथा शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।उन्होंने कहा कि सभी युवाओं को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया जा रहा है। पिछले डेढ़ वर्षों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।कार्यक्रम में बलौदाबाजार जिले की श्रीमती मीना देवांगन ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने चूड़ी का व्यवसाय शुरू किया है। वहीं श्रीमती सरोज ने कहा कि वे इस राशि से अपने बच्चे की स्कूल फीस का भुगतान कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
- -सेवा भाव, संवेदनशीलता और तार्किक निर्णय से निभाएं दायित्व -श्री डेकारायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी से निर्वहन करना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जहां चुनौतियां होती हैं, वहीं नए अवसर भी मौजूद होते हैं। इसलिए प्रत्येक परिस्थिति का सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करते हुए जनता के हित में निर्णय लिए जाने चाहिए।राज्यपाल आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा कर रहे थे। ये अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों ने अकादमी के महानिदेशक श्री टी.सी. महावर के नेतृत्व में राज्यपाल से सौजन्य भेंट की।राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक निर्णय में मानवीय संवेदनाओं का भी समावेश होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य में ह्यूमन टच होना आवश्यक है, ताकि शासन की योजनाओं और निर्णयों का लाभ वास्तविक रूप से आम नागरिकों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता से नियमित संवाद करना चाहिए, क्षेत्र का सतत भ्रमण करना चाहिए और लोगों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कार्य संभव हो, उसे प्राथमिकता के साथ पूरा करें और यदि किसी कारणवश कोई कार्य संभव नहीं है तो उसकी स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी संबंधित व्यक्ति को अवश्य दें। इससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है।राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तार्किक सोच और विवेकपूर्ण निष्कर्ष अत्यंत आवश्यक हैं। तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लेना ही एक सक्षम अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है और प्रत्येक अधिकारी को इस भावना के साथ कार्य करना चाहिए।उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे युवा हैं और उनके कंधों पर भविष्य के प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने कार्यों के माध्यम से सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको छत्तीसगढ़ जैसे शांत, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में सेवा करने का अवसर मिला है। यहां के लोगों में सेवा, सहयोग और आत्मीयता की भावना अत्यंत प्रबल है। इस विश्वास और अपनत्व को बनाए रखते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही एक सफल प्रशासनिक अधिकारी की पहचान होगी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की प्रशिक्षण निदेशक श्रीमती मेनका प्रधान एवं प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
- -यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से सभी संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे प्रभावी कार्ययोजना-स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभाग यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब विभिन्न विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक 'नंदी' भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं सुश्री मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का "जय जोहार" कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा।बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार, श्री अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे।
- -बीएससी एग्रीकल्चर ग्रेजुएट युवती ने सरकारी सहायता से स्वरोजगार को बनाया सफलता की मिसाल-नेशनल लाइव स्टॉक मिशन से मिली 30 लाख रुपये की सब्सिडी, आधुनिक फार्म में 400 से अधिक सूकररायपुर / सूकर पालन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एक तेजी से उभरता हुआ और अत्यधिक लाभदायक स्वरोजगार है। कम लागत, उच्च प्रजनन क्षमता और मांस की लगातार बढ़ती मांग के कारण, यह लाखों युवाओं और किसानों के लिए स्थायी आय का एक प्रमुख साधन बन गया है। सूअर अन्य पशुओं की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ते हैं। मादा सूअर एक बार में 8 से 12 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, जो 45 से 60 दिनों में बेचने लायक हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ में कई युवा अपनी पारंपरिक या सामान्य नौकरियां छोड़कर आधुनिक तरीके से सूकर पालन कर सालाना लाखों-करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।बस्तर के युवाओं में अब पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि एवं पशुपालन आधारित उद्यमों की नई सोच विकसित हो रही है। इसी सोच को साकार करते हुए बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के किंजोली गांव की रहने वाली बीएससी एग्रीकल्चर स्नातक ग्रेसी दुग्गा ने पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की आधुनिक सूकरपालन परियोजना स्थापित कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। आज उनका फार्म न केवल सफल व्यावसायिक मॉडल बन चुका है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन गया है।ग्रेसी दुग्गा ने वर्ष 2023 में उत्तराखंड के देहरादून से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने के बजाय उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग करते हुए कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने का निर्णय लिया। उन्होंने पारंपरिक व्यवसायों के बजाय सूकरपालन को चुना, क्योंकि बस्तर क्षेत्र में इसकी मांग लगातार बढ़ रही थी, जबकि व्यावसायिक स्तर पर इस क्षेत्र में बहुत कम लोग कार्य कर रहे थे। भारत सरकार सूकर पालन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन जैसी योजनाएं चला रही है। इसके तहत, फार्म खोलने के लिए 15 लाख से 30 लाख तक की परियोजना पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।बड़े स्तर पर आधुनिक सूकरपालन इकाई स्थापित करने के लिए ग्रेसी को तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। पशु चिकित्सा सेवाओं के संयुक्त संचालक कार्यालय ने उन्हें परियोजना तैयार करने से लेकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया। विभाग के मार्गदर्शन में 1 करोड़ 12 लाख 10 हजार रूपए की आधुनिक परियोजना तैयार की गई, जिसे केंद्र सरकार की नेशनल लाइव स्टॉक मिशन योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिली।अनुसूचित जनजाति वर्ग से पहली बार आवेदन करने पर ग्रेसी को योजना के तहत 30 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई। ग्रेसी का कहना है कि यदि यह सरकारी अनुदान नहीं मिलता तो वे केवल 20 से 25 सूकरों के साथ छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर पातीं, लेकिन शासन की सहायता ने उन्हें आधुनिक अधोसंरचना के साथ बड़े स्तर पर फार्म स्थापित करने का अवसर दिया।पशुपालन विभाग के चिकित्सकों और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में फार्म में तमिलनाडु से उन्नत नस्ल के सूकर लाए गए। सभी पशुओं के टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। मई 2025 में फार्म की शुरुआत 110 प्रजनन योग्य सूकरों से हुई थी, जिनमें 100 मादा और 10 नर शामिल थे। शुरुआती चरण में छोटे बच्चों को तैयार करने और प्रजनन योग्य बनाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। वैज्ञानिक प्रबंधन और बेहतर देखभाल के परिणामस्वरूप जून 2026 तक फार्म में 202 वयस्क प्रजनन योग्य सूकर तथा लगभग 206 पिगलेट तैयार हो चुके हैं। वर्तमान में फार्म में कुल 400 से अधिक सूकर मौजूद हैं, जो इस परियोजना की उल्लेखनीय सफलता को दर्शाते हैं।ग्रेसी दुग्गा के आधुनिक फार्म से अब उन्नत नस्ल के पिगलेट्स की व्यावसायिक बिक्री भी शुरू हो चुकी है। उनके फार्म से रायपुर सहित स्थानीय बाजारों में सूकरों की नियमित आपूर्ति की जा रही है। हाल ही में उन्होंने 65 पिगलेट्स को 6 हजार रूपए प्रति पिगलेट की दर से बेचकर 3 लाख 90 हजार रुपए की आय अर्जित की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर सूकरपालन लाभकारी व्यवसाय के रूप में तेजी से उभर रहा है।ग्रेसी दुग्गा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर सफल उद्यम स्थापित कर सकते हैं। पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग, शासन की वित्तीय सहायता और अपनी मेहनत के बल पर ग्रेसी ने न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि बस्तर के शिक्षित युवाओं को कृषि एवं पशुपालन आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए भी नई प्रेरणा दी है।
- -राज्य में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी पूर्णरायपुर / प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य जोरों पर हैं। राज्य में 22 जुलाई की स्थिति में राज्य के 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।अधिकारियों ने बताया कि 22 जुलाई सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 389.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 421.5 मिमी. है। वहीं प्रतिवेदित समय तक आज हुई वर्षा 33.5 मिमी. है।अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.70 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.12 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 83 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 4.11 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 59 प्रतिशत है।अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 21 जुलाई की स्थिति में 6633.71 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 5560.34 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
-
-परिजनों से दूरभाष पर की चर्चा, बेहतर उपचार सुनिश्चित करने जिला प्रशासन को दिए निर्देश
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुबह अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और आवश्यक सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है तथा इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा कर श्री विक्रम यादव के उपचार की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भारत की समृद्ध परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहचान दिलाई है।मुख्यमंत्री ने श्री विक्रम यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के लिए प्रसिद्ध श्री विक्रम यादव वर्तमान में अस्वस्थ हैं और उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। -
-14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई चर्चा
-एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा नया संबल, निवेश और रोजगार को मिलेगी गति - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव श्री नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री समीर, प्रांत अध्यक्ष श्रीमती सी. पी. दुबे, श्री पुरुषोत्तम पटेल, श्री अनिल बाकलीवाल, श्रीमती तूलिका पांडे एवं श्री प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे। - 0-अब बच्चों को सुरक्षित भवन में मिलेगी बेहतर शिक्षा, वर्षों की प्रतीक्षा हुई समाप्तबीजापुर। जिले के विकासखंड भैरमगढ़ के सुदूर ग्राम बेलनार में बच्चों के लिए पहला पक्का प्राथमिक विद्यालय भवन तैयार हो गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, बीजापुर द्वारा निर्मित इस नए विद्यालय भवन से अब बच्चों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इंद्रावती नदी के किनारे स्थित बेलनार गांव ग्राम पंचायत मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। लंबे समय तक यहां विद्यालय भवन नहीं होने के कारण बच्चों को कच्ची पाठशाला और अस्थायी शेड के नीचे पढ़ाई करनी पड़ती थी। बरसात और गर्मी के मौसम में इससे पढ़ाई प्रभावित होती थी और विद्यार्थियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। शिक्षा विभाग (डी.पी.आई.) की स्वीकृति से बेलनार में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराया गया है। भवन निर्माण पूरा होने के बाद अब बच्चे पक्के और सुरक्षित विद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे। इससे उनकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और उन्हें बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा।बेलनार क्षेत्र के इस पहले स्थायी विद्यालय भवन से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और उनकी सीखने की क्षमता में भी सकारात्मक सुधार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। बेलनार में बने इस नए विद्यालय भवन से यह स्पष्ट होता है कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।
- 0- जिला चिकित्सालय में जांच में लापरवाही पर कलेक्टर के निर्देश पर कराई गई एफआईआर0- शासकीय योजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देशराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित विकास कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा जिला चिकित्सालय में एक मरीज की जांच में लापरवाही बरतने पर संबंधित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता तथा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, जन शिकायत, पीजीएन, पीजी पोर्टल, जनदर्शन, सुशासन तिहार तथा अन्य लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने तथा ऑनलाइन मॉनिटरिंग लगातार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के लिए भी कहा।कलेक्टर ने खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की उपलब्धता, वितरण एवं भंडारण की समीक्षा की। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि इस वर्ष किसानों ने डीएपी की अपेक्षा एनपीके उर्वरक को अधिक प्राथमिकता देते हुए उठाव किया है, जिससे किसानों में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक पंजीयन के माध्यम से किसानों को विशिष्ट किसान आईडी प्राप्त होती है, जिससे कृषि विभाग की विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध हो सकेगा। जिले में अब तक 1 लाख 47 हजार 36 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया जा चुका है। कलेक्टर ने जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को अभिभावकों एवं किशोरी बालिकाओं के बीच वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यह टीका अत्यंत प्रभावी है। जिले में अब तक 6 हजार 508 किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को स्कूलवार रोस्टर बनाकर अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजना से जोडऩे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के बिजली व्यय को कम करने के साथ उन्हें ऊर्जा उत्पादक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिले में अब तक 4 हजार 164 हितग्राहियों के यहां सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए शहरी क्षेत्र के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाए। जिले में अब तक 4 हजार 647 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण वितरित किया जा चुका है। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित प्रयोगशाला परिचालक के रिक्त पदों पर लिखित भर्ती परीक्षा (PSLA-26) का आयोजन 26 जुलाई 2026 (रविवार) को जिले के 52 परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा। परीक्षा प्रातः 10:00 बजे से 12:15 बजे तक आयोजित होगी। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सोसायटी सभाकक्ष में ब्रीफिंग मीटिंग आयोजित की गई।परीक्षा के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को नोडल अधिकारी तथा विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर के रोजगार अधिकारी श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।परीक्षा में कुल 16 हजार 987 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 26 जुलाई को प्रातः 6:00 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर, रायपुर से किया जाएगा।नोडल अधिकारी ने परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी पर्यवेक्षकों तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, विद्युत, बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं तथा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।उन्होंने पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक परीक्षार्थी के परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए, ताकि परीक्षा व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
- 0- बैंकिंग योजनाओं, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल वित्तीय लेन-देन की दी गई जानकारीरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट पाई-पाई के तहत भारतीय रिजर्व बैंक, नवा रायपुर के नेतृत्व में कृष्णा इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, धनलक्ष्मी नगर, भनपुरी में आज वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन तथा सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बैंकिंग योजनाओं, बजट निर्माण, बचत एवं निवेश के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी जैसे बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में भी बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहकर सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाना चाहिए।इस अवसर पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा बैंकिंग लोकपाल हेल्पलाइन 14448 की जानकारी भी दी गई, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नोटों की पहचान, शिक्षा ऋण, ऋण के सही उपयोग तथा प्रधानमंत्री जन-धन योजना, सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं एवं पेंशन योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक, नवा रायपुर से सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) श्री सत्येंद्र राठौर, एलडीओ श्री नवीन तिवारी एवं श्री आकाश उपस्थित रहे। जिला अग्रणी बैंक (बैंक ऑफ बड़ौदा) की ओर से एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज, एफएलसीएस श्री दिलीप कुमार यदु एवं श्री हरीश पांड्या ने भी विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता एवं सुरक्षित बैंकिंग के संबंध में मार्गदर्शन दिया।विद्यालय की निदेशक श्रीमती हरजीत कौर बग्ग एवं प्राचार्य श्रीमती सरिता सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में वित्तीय अनुशासन एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 0- अब तक 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय हाई स्कूल सारखी में 149 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केन्द्र क्रं 1 व 2 घोंट में 148 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला टेमरी में 92 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा माध्यमिक शाला सरारीडीह एवं एससी/एसटी गर्ल्स हॉस्टल में 104 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय रायपुर में 215 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला संस्कृत विद्यालय एवं शासकीय माध्यमिक शाला रायपुरा में 219 बच्चों एवं अर्बन टीम डी द्वारा प्राथमिक शाला रावाभाठा कक्षा 2, 3 एवं 5 में 215 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1142 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 52 हजार 9 सौ 24 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में शिक्षक श्री रघु राम साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला कटोरातालाब, नर्सिंग ऑफिसर सुश्री वनिता कन्नौजे ने आंगनवाड़ी केंद्र गोपियापारा, पुरानी बस्ती एवं टीबीएचवी श्रीमती नंदा दूधी ने आंगनबाड़ी केंद्र कुंद्रा पारा गुढ़ियारी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- दुर्ग. जिले में 1 जून 2026 से 21 जुलाई 2026 तक 357.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 479.1 मिमी तहसील बोरी में तथा न्यूनतम 249.3 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 397.1 मिमी, तहसील पाटन में 405.5 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 322.1 मिमी और तहसील अहिवारा में 293.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 21 जुलाई 2026 को तहसील दुर्ग में 5.2 मिमी, तहसील धमधा में 1.8 मिमी, तहसील पाटन में 24.1 मिमी, तहसील बोरी में 1.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 5.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 1.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- दुर्ग. ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025” के तहत 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में वीबी-जी रामजी योजना लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, आधारभूत अधोसंरचना विकास तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार 1 जुलाई 2026 से अब तक दुर्ग जिले में 12,089 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसके लिए एसएनए (Single Nodal Account) प्रणाली के माध्यम से 36 लाख 26 हजार 700 रुपये की मजदूरी राशि जारी की गई है, जिसे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। योजना के तहत मजदूरी भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है।योजना में यह प्रावधान भी किया गया है कि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा। भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मजदूरी राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में भेजी जा रही है। यदि मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आंगनबाड़ी भवन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित कार्य, कौशल विकास केंद्र, बाढ़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य जनहितकारी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाते हुए विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से ग्राम सभाओं की सहभागिता से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। योजना को पीएम गतिशक्ति एवं जीआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से भी जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- 0- दैनिक जीवन में स्थानीय स्तर पर निर्मित ग्रामोद्योग एवं हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने तथा उनके उपयोग को बढ़ावा देने की अपीलदुर्ग. छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत शासकीय विज्ञान महाविद्यालय दुर्ग में आयोजित वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम में शामिल हुई। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से दैनिक जीवन में स्थानीय स्तर पर निर्मित ग्रामोद्योग एवं हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने तथा उनके उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। श्रीमती शालिनी राजपूत ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न हस्तशिल्प स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय शिल्पकारों से संवाद कर उनके कार्यों, उत्पादों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग से न केवल पारंपरिक कला एवं संस्कृति का संरक्षण होगा। बल्कि शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर हस्तशिल्प प्रबंधक श्री सी.एस. केहरि व अन्य अधिकारी-कर्मचारी, शिल्पकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- 0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों बच्चियों को मिली साइकिल, अब स्कूल जाना हुआ आसानदुर्ग. जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव वर्ष 2026-27 छात्राओं के लिए यादगार पल बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। जैसे ही छात्राओं ने मुख्यमंत्री के हाथों साइकिल प्राप्त की, उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलकने लगा। योजना से लाभान्वित छात्राओं हर्षिका देवांगन, संध्या पटेल, मेनका सेन और विहारिका देवांगन ने बताया कि अब तक उन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घर से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण प्रतिदिन पैदल चलना पड़ता था। विशेषकर बारिश के मौसम में रास्ते की परेशानी और भी बढ़ जाती थी।कई बार भीगकर स्कूल पहुंचना पड़ता था, जिससे उनकी कॉपी-किताबें भी खराब हो जाती थीं। छात्राओं ने बताया कि मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल मिलने से उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। अब वे समय पर, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के विद्यालय पहुंच सकेंगी। इससे न केवल उनकी पढ़ाई नियमित होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी और वे पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी अधिक भाग ले सकेंगी। छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनके बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलेगा। मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना प्रदेश की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। सरकार का यह प्रयास शिक्षा को अधिक सुलभ और बेटियों के भविष्य को अधिक उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
- दुर्ग. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत जिला अस्पताल दुर्ग में रिक्त विषय विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के पदों पर संविदा भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित की गई है। यह भर्ती 1 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए अस्थायी संविदा नियुक्ति के आधार पर की जाएगी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भर्ती के अंतर्गत मेडिकल विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट एवं पैथोलॉजिस्ट के एक-एक पद सहित कुल 3 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। पात्र अभ्यर्थियों की सूची दोपहर 2 बजे तक प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 2 से 2.30 बजे तक दावा-आपत्ति प्राप्त की जाएगी तथा 2.30 से 3.30 बजे तक उनका निराकरण किया जाएगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होगा।
- 0- शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नियमों के अनुरूप ही होगी, दोनों विभागों की अनुमति अनिवार्य0- कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठकदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वर्तमान में यदि स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, तो उनकी प्रतिनियुक्ति पूरी तरह नियमानुसार होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित शिक्षक की मूल नियुक्ति वाले विभाग तथा जिस विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, दोनों विभागों से विधिवत अनुमति प्राप्त होना अनिवार्य होगा। साथ ही जिस विभाग में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है, वहां स्वीकृत सेटअप के अनुसार रिक्त पद उपलब्ध होना भी आवश्यक है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में सभी प्रकरणों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जिले के सभी शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सार्वजनिक मार्गों पर आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले धार्मिक स्थलों के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे स्थलों को नियमानुसार प्रतिस्थापित अथवा हटाने की कार्यवाही की जानी है। इसके लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि अनुविभाग स्तर पर समिति की बैठक आयोजित कर ऐसे धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन करें तथा उनकी सूची, स्थलवार फोटोग्राफ एवं आवश्यक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को शासकीय ई-मेल आईडी उपलब्ध कराकर शासकीय फाइलों का डिजिटल माध्यम से त्वरित संचालन सुनिश्चित करने, आयुष्मान कार्ड एवं व्यय वंदन योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर सभी पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत कार्ड बनाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, जलजनित रोगों की रोकथाम, नियमित फॉगिंग एवं छिड़काव कराने तथा 1 अगस्त से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने से पहले सभी विभागों के लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर भवनों को शीघ्र ध्वस्त करने की कार्यवाही भी तेज करने को कहा।बैठक में निजी स्कूलों में बायोमैट्रिक अपडेट शिविर आयोजित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा खाद की उपलब्धता की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन एवं पीजीएन पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई आयुक्त सुश्री सुरुचि सिंह, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम दुर्ग उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू, अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम श्री हरवंश मिरी, एसडीएम श्री सोनल डेविड, श्री लवकेश धु्रव, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रफुल्ल गुप्ता सहित समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- स्कूल-कालेजों में नशा-मुक्ति अभियान चलायी जाए0- माननीय उच्च न्यायालय के प्रकरणों पर जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करेंदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने आज क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान रूआबांधा (दुर्ग) के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय समय-सीमा प्रकरणों और काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने मानसून की सक्रियता को ध्यान में रखते हुए संभाग के जिलों में खरीफ फसल बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। संभाग आयुक्त ने कहा कि किसानों द्वारा बोये गये खरीफ बीज अंकुरण नहीं होने की स्थिति में वैकल्पित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, साथ ही किसानों को दोबारा बोनी के लिए शीघ्र बीज उपलब्ध करायी जाए। बीज निगम के प्रबंधक ने बताया कि दुर्ग जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ-2026 के लिए मांग 29827 क्विंटल के विरूद्ध उपलब्धता 30391.76 क्विंटल है। अब तक विभिन्न माध्यम (समिति, कृषि विभाग एवं बीज निगम) से किसानों हेतु कुल 29643.64 क्विंटल बीज प्रदाय किया गया है। बीज निगम में 7489.12 क्विंटल बीज उपलब्ध है, जिसमें धान 737.10 क्विंटल, अरहर 4.80 क्विंटल के अलावा रागी, कोदो उड़द, मूंग एवं हरी खाद सन का बीज प्रमुख है। जिसे आवश्यकतानुसार कृषक बीज निगम रूआबांधा से क्रय कर सकते हैं। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने जिलों में मृदा स्वास्थ्य परीक्षण लैब की जानकारी लेते हुए कहा कि मानपुर, मोहला एवं खैरागढ़ ने भी उक्त लैब की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को मृदा परीक्षण कराने में सहुलियत हो।संभाग आयुक्त ने नशा-मुक्ति अभियान पर जोर देते हुए स्कूल-कालेजों एवं पुलिस विभाग के सहयोग से जनजारूकता रैली, नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को नशा के दुष्परिणामों से अवगत करायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित कार्यालयों में कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से ही कराने निर्देशित किया। शासन के निर्देशानुसार मैनुअल फाईल कार्य बंद किया जाए। कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति आधार बेस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज निर्धारित समय पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। कार्यालयों में संलग्नीकरण प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है, अधिकारी इसका ध्यान रखें। अधिकारी-कर्मचारियों का निलंबन अवधि लंबे समय तक न हो, साथ ही निलंबन पश्चात बहाल होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को विभाग अंतर्गत किसी भी कार्यालय में आवश्यकतानुसार पदस्थ किया जाए। संभाग आयुक्त ने कहा कि बारिश के मौसम में पेयजल की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत समूह परियोजना के कार्य जहां पूर्ण हो गये हैं। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यह व्यवस्था संभाग के कवर्धा, खैरागढ़ जिले के पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को दुर्ग में कन्या छात्रावास के निर्माण कार्य पूर्ण कराने तथा संयुक्त संचालक शिक्षा को स्कूली बच्चों का जाति-आय-निवास व जन्म प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत बनवाने निर्देशित किया।संभाग आयुक्त ने विभागों में माननीय उच्च न्यायालय के लंबित प्रकरणों के संबंध में कहा कि अधिकारी प्रकरणों के निराकरण को गंभीरता से लेते हुए समय रहते जवाबदावा प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बैठक समाप्ति पश्चात संभाग आयुक्त श्री राठौर ने क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिकारियों के साथ पौध-रोपण किया। इस अवसर पर उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं शासकीय कार्यालयों का लिया जायजाबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने डौंडीलोहारा विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का औचक निरीक्षण कर ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं शासकीय कार्यालयों का जायजा लिया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम कामता में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित बायो गैस संयंत्र, प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन एवं आहाता निर्माण का जायजा लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके अलावा उन्होंने ग्राम पंचायत बड़गांव के आंगनबाड़ी, डारागांव स्थित अमृत सरोवर, बिजौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों तथा ग्राम पंचायत सुरेगांव में निर्माणाधीन महतारी सदन का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरेगांव और आयुर्वेदिक औषधालय सुरेगांव पहुँचकर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए।




























.jpg)