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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने आवास पर रक्षाबंधन मनाया, जहां स्कूली बच्चों और आध्यात्मिक संगठन ‘ब्रह्माकुमारी' की सदस्यों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। यह त्योहार भाई-बहन के पारंपरिक बंधन का उत्सव है।
मोदी ने इस उत्सव की एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें युवा छात्राओं के एक समूह ने अपनी खुशी और भावनाओं को व्यक्त किया है। एक छात्रा ने उन्हें "योद्धा और रक्षक" कहकर सराहा, तो कुछ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया। एक स्कूली छात्रा ने कहा कि वह "मोदी अंकल" के लिए मोर वाली राखी लाई है, जबकि एक अन्य ने उनकी तरह प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री ने एक छात्रा की प्रशंसा की, जिसने कई सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें एक कविता में शामिल किया था। मोदी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए ‘एक्स' पर एक संदेश भी पोस्ट किया। वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, "आज रक्षाबंधन के एक बेहद खास उत्सव की झलकियां यहां प्रस्तुत हैं। हमारी नारी शक्ति के निरंतर विश्वास और स्नेह के लिए उनका आभार। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ‘भारत छोड़ो आंदोलन' की 83वीं वर्षगांठ पर इसमें भाग लेने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साहस ने देशभक्ति की ऐसी चिनगारी जलाई जिसने स्वतंत्रता की ललक में असंख्य लोगों को एकजुट किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन सभी बहादुर लोगों को गहरी कृतज्ञता के साथ याद करते हैं, जिन्होंने बापू के प्रेरक नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया।'' मोदी ने कहा, ‘‘उनके साहस ने देशभक्ति की एक चिनगारी जलाई जिसने स्वतंत्रता की ललक में अनगिनत लोगों को एकजुट किया।'' महात्मा गांधी ने 1942 में ब्रिटिश शासन को हटाने का आह्वान करते हुए आंदोलन शुरू किया था, जिसके परिणामस्वरूप औपनिवेशिक शासकों ने कांग्रेस के लगभग पूरे नेतृत्व को गिरफ्तार कर लिया था।
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को बेंगलुरु मेट्रो की बहुप्रतीक्षित येलो लाइन जनता को समर्पित करेंगे और बेंगलुरु-बेलगावी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखायेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां के अपने लगभग चार घंटे के दौरे के दौरान तीन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर एचएएल हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर एवं सड़क मार्ग से केएसआर बेंगलुरु (शहर) रेलवे स्टेशन जाएंगे, जहां वे केएसआर बेंगलुरु-बेलगावी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। वह अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा और अजनी (नागपुर)-पुणे के बीच दो और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी सड़क मार्ग से येलो लाइन पर आरवी रोड (रागीगुड्डा) मेट्रो स्टेशन जाएंगे और यहां 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट के बीच वह येलो लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन तक मेट्रो में सफर करेंगे। वहां से मोदी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) बेंगलुरु जाएंगे, जहाँ संस्थान के सभागार में वह बेंगलुरु मेट्रो चरण-चार की आधारशिला रखेंगे और आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा स्टेशन तक येलो लाइन का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से एचएएल हवाई अड्डे जाएंगे और अपराह्न दो बजकर 45 मिनट पर दिल्ली वापस आ जाएंगे। बेंगलुरु मेट्रो की आरवी रोड से बोम्मासंद्रा तक 19.15 किलोमीटर लंबी 16 स्टेशन वाली येलो लाइन 5,056.99 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है। मेट्रो के चरण तीन के तहत बनने वाली ‘ऑरेंज लाइन' 44.65 किलोमीटर लंबी होगा और इसके निर्माण पर अनुमानित 15,611 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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अमरावती. न्याय प्रदान करने के मामले में आंध्र प्रदेश ने 18 बड़े और मध्यम आकार के राज्यों में दूसरा स्थान हासिल किया है। 'इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2025' में यह कहा गया है। राज्य 2022 में पांचवें स्थान पर था।
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी राज्य 'कारागार' श्रेणी में चौथे स्थान पर तथा 'कानूनी सहायता' के मामले में पांचवें स्थान पर है। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ने कहा, "हम अपनी रैंकिंग में इस नाटकीय बदलाव से बेहद खुश हैं। हम अगली रैंकिंग में नंबर 1 बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" टाटा ट्रस्ट ने इसे शुरु किया था और पहली बार 2019 में इसका प्रकाशन हुआ था। -
नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने शनिवार को एक योजना की घोषणा की, जिसके तहत एक ही ट्रेन से 13-26 अक्टूबर के बीच यात्रा और 17 नवंबर से एक दिसंबर तक वापसी के लिए बुक किए गए टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट 14 अगस्त से बुक किए गए टिकटों पर लागू होगी और यह छूट राजधानी, शताब्दी, दुरंतो जैसी ट्रेन पर लागू नहीं होगी, जिसमें किराये में मांग के आधार बढ़ोतरी होती है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "एआरपी (अग्रिम आरक्षण अवधि) तिथि 13 अक्टूबर 2025 के लिए बुकिंग शुरू होने की तारीख 14.08.2025 होगी।" इसमें कहा गया है, "यात्रा की शुरुआत का टिकट पहले 13 अक्टूबर 2025 और 26 अक्टूबर 2025 के बीच ट्रेन शुरू होने की तारीख के लिए बुक किया जाएगा और बाद में 17 नवंबर और एक दिसंबर 2025 के बीच ट्रेन शुरू होने की तारीख के लिए कनेक्टिंग यात्रा सुविधा का उपयोग करके वापसी यात्रा टिकट बुक किया जाएगा।" इसमें स्पष्ट किया गया है कि अग्रिम आरक्षण अवधि, जो 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक है, वापसी यात्रा की बुकिंग के लिए लागू नहीं होगी। विज्ञप्ति में कहा गया है, "इस योजना के तहत, यात्रियों के एक ही समूह के लिए जाने और आने दोनों यात्राओं के लिए बुकिंग कराने पर छूट लागू होगी। वापसी यात्रा का यात्री विवरण आगे की यात्रा के समान ही होगा।" मंत्रालय ने कहा, "बुकिंग केवल दोनों दिशाओं में कन्फर्म टिकटों के लिए ही स्वीकार्य होगी। वापसी यात्रा के मूल किराए पर ही 20 प्रतिशत की कुल छूट दी जाएगी।" विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना के तहत बुकिंग जाने और आने दोनों यात्राओं के लिए एक ही श्रेणी और एक ही प्रस्थान-गंतव्य ट्रेन के लिए होगी। इसमें स्पष्ट किया गया है, "इस योजना के तहत बुक किए गए टिकटों पर किराया वापस नहीं किया जाएगा।"
- नयी दिल्ली।' सरकार ने कहा है कि चालू वर्ष में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) देशभर में 22 स्थलों पर खुदाई कर रहा है। संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में यह भी बताया कि एएसआई के संज्ञान में आया है कि इसके बजट व व्यय के संबंध में एक मीडिया प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित कुछ रिपोर्ट ‘‘भ्रामक हैं और तथ्यात्मक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं''। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 10 वर्षों में एएसआई का व्यय उसके आवंटित बजट की तुलना में बहुत कम रहा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि एएसआई नागपुर, दिल्ली, पटना, भुवनेश्वर, वडोदरा और मैसूर में स्थित छह समर्पित इकाइयों का संचालन करता है, जिनके पास सालाना पुरातात्विक अन्वेषण और उत्खनन कार्य करने का दायित्व है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार के अंतर्गत अन्वेषण और उत्खनन के लिए बजट आवंटन में पर्याप्त वृद्धि देखी गई है। 2024-25 में, इस मद के तहत 15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई जो 2014-15 में 6.53 करोड़ रुपये के आवंटन से लगभग 2.3 गुना अधिक है।'' बयान में कहा गया कि यह वृद्धि देश की पुरातात्विक संपदा के संरक्षण, अनुसंधान और वैज्ञानिक अध्ययन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘केवल चालू वर्ष में ही एएसआई देश भर में 22 स्थलों पर खुदाई कर रहा है।''
- जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में सड़क हादसे में दो बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बताया कि यह दुर्घटना शुक्रवार शाम जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिकंदरा थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब कार सवार पांच लोग जयपुर के बस्सी में परीक्षा देने के बाद गांव लौट रहे थे। उसने बताया कि एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। थाना प्रभारी ने बताया कि अशोक चौधरी ने बताया कि इस हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन लोगों ने जयपुर ले जाते समय दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान यादराम मीणा (36), मोनिका मीणा (18), वेदिका मीणा (21), अर्चना मीणा (20) और मुकेश महावर (27) के रूप में हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि अर्चना और मोनिका बहनें थीं।
- उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में इस हफ्ते की शुरुआत में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद फंसे लोगों को निकालने के लिए चार हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है तथा 287 और लोगों को बचाया गया है। इस आपदा ने भारी तबाही मचाई और इसमें कई लोगों की जान चली गई। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि शनिवार को बचाव अभियान के पांचवें दिन 170 लोगों को भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मातली हेलीपैड और 107 लोगों को चिन्यालीसौंड़ स्थित हवाई पट्टी पर पहुंचाया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आपदाग्रस्त धराली क्षेत्र के कुछ हिस्सों से अब तक 1,000 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है। धराली क्षेत्र मंगलवार को भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के बाद अब भी संपर्क से कटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने चार मौतों की पुष्टि की है और 49 लोग अब तक लापता हैं।उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के चार हेलीकॉप्टर जिले के विभिन्न स्थानों पर शरण लिए हुए लोगों को बचाने के लिए उड़ान भर रहे हैं। शनिवार सुबह एक चिनूक हेलीकॉप्टर ने राहत शिविर में जनरेटर सेट ले जाने के लिए जोलीग्रांट हवाई अड्डे से उड़ान भरी। अचानक बाढ़ के कारण धराली और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क सुधारने के लिए गंगनानी के पास लिम्चागाड़ में युद्धस्तर पर एक बेली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य रातभर किया गया ताकि यह अगले 24 घंटे में बनकर तैयार हो जाए। गंगोत्री राजमार्ग कई जगहों पर बंद है या टूट गया है, जिससे धराली में अचानक बाढ़ से तबाह हुए स्थान पर मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए आवश्यक उन्नत उपकरणों को पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वकीलों के रूप में नामांकन कराने वाले विधि स्नातकों से राज्य बार काउंसिल या ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया' द्वारा वैधानिक शुल्क के अलावा कोई अन्य ‘वैकल्पिक' शुल्क नहीं वसूला जा सकता। शीर्ष अदालत ने इसी के साथ कर्नाटक राज्य बार काउंसिल से ऐसी कोई भी राशि वसूलना बंद करने को कहा है।न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने के. एल. जे. ए. किरण बाबू की एक अवमानना याचिका पर यह निर्देश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य बार काउंसिल, विशेषकर कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा विधि स्नातकों से नामांकन के लिए अत्यधिक शुल्क नहीं लेने के इस न्यायालय के पिछले साल जुलाई के निर्देशों का अक्षरशः पालन नहीं किया जा रहा है। ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया' ने अपने हलफनामे में कहा कि सभी राज्य बार काउंसिल उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रही हैं और कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा पहचान पत्र, प्रमाण पत्र, कल्याण निधि और प्रशिक्षण आदि के लिए 6,800 रुपये की फीस ली जाती है तथा वैधानिक शुल्क के अतिरिक्त 25,000 रुपये वैकल्पिक हैं, अनिवार्य नहीं। पीठ ने चार अगस्त के अपने आदेश में कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करते हैं कि वैकल्पिक जैसा कुछ नहीं है। कोई भी राज्य बार काउंसिल या बार काउंसिल ऑफ इंडिया कोई भी राशि ‘वैकल्पिक' के तौर पर नहीं वसूलेंगे। उन्हें मुख्य फैसले में इस अदालत द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही फीस वसूलनी होगी।'' शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि कर्नाटक राज्य बार काउंसिल वैकल्पिक रूप से कोई राशि वसूल रही है, हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, तो भी इसे रोका जाना चाहिए। पिछले साल 30 जुलाई को शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि राज्य बार काउंसिल विधि स्नातकों को वकील के रूप में नामांकित करने के लिए अत्यधिक शुल्क नहीं ले सकतीं, क्योंकि यह हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के खिलाफ प्रणालीगत भेदभाव को बढ़ावा देता है एवं कानूनी पेशे में उनकी भागीदारी को कमजोर भी करता है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि कुछ राज्य बार काउंसिल (एसबीसी) द्वारा 15,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक की अत्यधिक फीस वसूलना ‘‘मूल समानता के सिद्धांत के विपरीत'' है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि एसबीसी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) संसद द्वारा निर्धारित राजकोषीय नीति में ‘‘परिवर्तन या संशोधन'' नहीं कर सकते।
- नयी दिल्ली।'' रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 2024-25 में 1,50,590 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष के 1.27 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन की तुलना में 18 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाती है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन बढ़कर 1,50,590 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष के 1.27 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन की तुलना में 18 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाती है। साथ ही यह वित्त वर्ष 2019-20 के बाद से अब तक 90 प्रतिशत की आश्चर्यजनक बढ़ोतरी को भी प्रदर्शित करती है, उस समय यह आंकड़ा 79,071 करोड़ रुपये था।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को हासिल करने में रक्षा उत्पादन विभाग और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योग सहित सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘‘यह भारत के सशक्त होते रक्षा औद्योगिक आधार का स्पष्ट संकेत है।''
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस पर अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक दशक में इस प्राचीन भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत है तथा इसका प्रभाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। मोदी ने कहा कि यह इस भाषा को सीखने और इसे लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है। यह दिवस प्रतिवर्ष ‘श्रावण पूर्णिमा' के अवसर पर मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सामने रखते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, संस्कृत शिक्षण केंद्रों की स्थापना, इस भाषा के विद्वानों को अनुदान देने और प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए एक मिशन की शुरुआत जैसे विभिन्न उपायों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इससे अनगिनत विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को लाभ हुआ है।
हिंदू महाकाव्यों समेत कई प्रभावशाली प्राचीन पुस्तकें संस्कृत में लिखी गई हैं। लेकिन संस्कृत अब ऐसी भाषा बनकर रह गई है जो बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यों में ही सीमित हो गई है। - भोपाल, । केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल जीवन निर्माण नहीं है, बल्कि उस जीवन में अर्थ का निर्माण करने और सवाल पूछने की क्षमता विकसित करने में सक्षम होना है। केंद्रीय संचार मंत्री ने शुक्रवार को कहा , ‘‘शिक्षा का उद्देश्य केवल यह प्रश्न पूछना नहीं होना चाहिए कि ‘मैं कैसे सफल होऊं', बल्कि यह भी पूछना होना चाहिए कि ‘मैं कैसे सेवा करूं'।'' सिंधिया भोपाल में ब्रिटेन से जुड़े ‘श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल' के 150 एकड़ के परिसर के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे। दक्षिण एशिया के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग ने भी इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत में श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत के मौके पर शामिल होकर प्रसन्न हूं। यह पारस्परिक विकास पर आधारित भारत-ब्रिटेन की दोस्ती का एक नया अध्याय है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले महीने हमारे प्रधानमंत्रियों ने ‘भारत-ब्रिटेन विजन 2035' को मंजूरी दी है। इस नयी साझेदारी से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। इस दृष्टिकोण में शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर मौके मिलेंगे।'' कांग ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बढ़ेगा।उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन की सदियों पुरानी शिक्षा परंपरा और भारत के नए विचारों को मिलाकर हम युवाओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर बना रहे हैं। इससे हमारे युवा आगे बढ़ेंगे और भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे।''
- नयी दिल्ली। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं ने भारत में ई-सिगरेट पर लगे प्रतिबंध की पुनः समीक्षा करने का सुझाव दिया है। ई-सिगरेट बैटरी से चलते हैं और इन्हें ‘इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम' (ईएनडीएस) भी कहा जाता है। भारत ने 2019 में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) के जरिए ऐसे उपकरणों की बिक्री, भंडारण और निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया।वर्तमान साक्ष्यों के आलोक में इस प्रतिबंध के प्रभावों की पड़ताल करते हुए, एम्स-दिल्ली के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक शंकर और डॉ. वैभव साहनी ने इस महीने ‘जेसीओ ग्लोबल ऑन्कोलॉजी' में प्रकाशित एक लेख में कहा कि ऐसे उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध "मांग को अवैध विपणन की ओर ले जा सकता है (और ले भी चुका है)। शोधकर्ताओं ने कहा कि भारत में कुछ राज्यों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण कुछ भयावह परिणाम देखने को मिले हैं, जिसके कारण अवैध व्यापार बढ़ा है और नकली उत्पादों के सेवन से मौतें हुई हैं। डॉक्टरों ने कहा कि उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध से प्रशासन को राजस्व की हानि भी हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध के बावजूद, ईएनडीएस स्थानीय दुकानों और ऑनलाइन मंचों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जो बिक्री से पहले खरीदार की उम्र की पुष्टि भी नहीं करते हैं और यहां तक कि इसे घर पर पहुंचाने की पेशकश करते हैं। एम्स-दिल्ली के डॉक्टरों ने बताया कि ई-सिगरेट लोगों को धूम्रपान छोड़ने में मदद करती है, जैसा कि धूम्रपान छोड़ने की बढ़ी हुई दरों के आंकड़ों से पता चलता है। इस बात के भी पर्याप्त प्रमाण हैं कि निकोटीन वाली ई-सिगरेट से धूम्रपान छोड़ने की संभावना, बिना निकोटीन वाली ई-सिगरेट से ज्यादा होती है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि जिन ई-सिगरेट में निकोटीन होता है, वे बिना किसी इलाज के या सामान्य देखभाल की तुलना में ज्यादा फायदेमंद साबित हुई हैं, लेकिन, इसमें कुछ गलत जानकारी होने का खतरा हो सकता है। डॉक्टरों ने सिफारिश की कि निश्चित रूप से, कम से कम ईएनडीएस से संबंधित संपूर्ण प्रतिबंध नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता प्रतीत होती है।” उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी नीतियां आधुनिक और जानकारी पर आधारित बनी रहें, और जो लोग धूम्रपान छोड़ने के लिए सही मदद चाहते हैं, उन्हें उचित कानूनों के दायरे में वह मदद मिल सके। एम्स-दिल्ली के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. शंकर ने ‘ कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि भारत में ईएनडीएस पर पूर्ण प्रतिबंध नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
- बेंगलुरु, । एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराने की पुष्टि की है। उन्होंने इसे भारत द्वारा सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बताया। उन्होंने यहां एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे स्मृति व्याख्यान के 16वें संस्करण के दौरान कहा, “हमें उस एडब्ल्यूसी हैंगर में कम से कम एक एडब्ल्यूसी तथा कुछ एफ-16 विमानों के होने का संकेत मिला है, जिनका वहां रखरखाव किया जा रहा है। हमारे पास कम से कम पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराए जाने की पुष्ट जानकारी है और एक बड़ा विमान है, जो या तो विमान हो सकता है या फिर एडब्ल्यूसी (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम), जिसे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया।” सिंह ने कहा, “ यह वास्तव में सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जो हमने हासिल किया है।”इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी), ड्रोन और उनकी कुछ मिसाइलें भी भारतीय क्षेत्र में गिरीं। सिंह ने कहा कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना ने हवाई क्षेत्र पर हमला करने का निर्णय लिया। वायुसेना प्रमुख ने कहा, "इसलिए हवाई अड्डे पर हमला किया गया और मुख्य भवन पर भी हमला किया गया, जहां योजनाएं बनती हैं, और इसका इस्तेमाल कभी-कभी सिविल टर्मिनल भवन के रूप में भी किया जाता था। जहां तक सुकूर एयरबेस का सवाल है, हमने यूएबी हैंगर और रडार स्थल पर हमला किया।" उन्होंने कहा, "आपके पास यहां दृश्य उपलब्ध हैं - यह वह हैंगर है, जिसे ध्वस्त कर दिया गया है, यह पहले और बाद का रडार स्थल है। एडब्ल्यूसी हैंगर पर फिर से हमला किया गया। यहां हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि जहां हमला हुआ था, वहां एक विमान था।" सरगोधा के बारे में वायुसेना प्रमुख ने कहा, "हम अपनी वायुसेना में ऐसे ही दिनों का सपना देखते हुए बड़े हुए हैं। किसी दिन हमें मौका मिलेगा। संयोग से मुझे अपनी सेवानिवृत्ति से पहले यह मौका मिल गया। हमने उस हवाई क्षेत्र पर हमला किया, जहां हमें एफ-16 विमानों के बारे में बहुत पुख्ता जानकारी मिली थी।" एयर चीफ मार्शल के अनुसार, एस-400 वायु रक्षा प्रणाली पासा पलटने वाली साबित हुई है। भारत ने इसे हाल में खरीदा है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, "इस प्रणाली की रेंज ने पाकिस्तान के विमानों और यूएवी को भारतीय रक्षा प्रणाली से दूर रखा था। एस-400 प्रणाली की वजह से पाकिस्तान भारतीय वायु रक्षा प्रणाली को भेद नहीं सका।" सिंह ने यह भी कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) का पद सैन्य अभियानों में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। उन्होंने कहा, “सीडीएस हमेशा हमारे बीच एकता बनाए रखने और समस्याओं को सुलझाने के लिए मौजूद रहते थे। जब भी हमें जरूरत होती थी, हम वरिष्ठ नेतृत्व के पास जाकर मुद्दों पर चर्चा किया करते थे।” एयर चीफ मार्शल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिससे अन्य एजेंसियों और सुरक्षा बलों को एक साथ लाने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि जब अभियान शुरू हुआ, तो सैन्य प्रमुखों ने इसके संभावित परिणामों और भारत को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा की। ‘ऑपरेशन सिंदूर' से मिली सीख के बारे में सिंह ने कहा, "इस अभियान की सबसे बड़ी सीख यह रही है कि हवाई युद्ध की प्रधानता एक बार फिर सामने आई है। लोगों को यह एहसास हो गया है कि हवाई युद्ध किसी भी देश की पहली प्रतिक्रिया है और हवाई युद्ध वास्तव में त्वरित प्रतिक्रिया दे सकता है, सटीकता के साथ अंदर तक हमला कर सकता है और बिना अनावश्यक नुकसान के अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है।" पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आपातकालीन उपयोग वाली चार दवाओं और 37 एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाओं की अधिकतम कीमतें तय कर दी हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने इन दवाओं की सीलिंग प्राइस (जीएसटी सहित) निर्धारित की है, जो संक्रमण, हृदय रोग, सूजन, मधुमेह और विटामिन की कमी के इलाज में उपयोगी हैं।
प्रमुख दवाओं की नई कीमतेंइप्राट्रोपियम: क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के लिए, 2.96 रुपये/मिलीलीटर।सोडियम नाइट्रोप्रसाइड: उच्च रक्तचाप और हृदय विफलता के लिए, 28.99 रुपये/मिलीलीटर।डिल्टियाजेम: उच्च रक्तचाप और सीने में दर्द के लिए, 26.72 रुपये/कैप्सूल।पोविडोन आयोडीन: त्वचा कीटाणुशोधन और घावों की देखभाल के लिए, 6.26 रुपये/ग्राम।अन्य प्रभावित दवाएंपैरासिटामोल, एटोरवास्टेटिन, एमोक्सिसिलिन, मेटफॉर्मिन और सूजनरोधी दवाएं जैसे एसिक्लोफेनाक, पैरासिटामोल-ट्रिप्सिन काइमोट्रिप्सिन मिश्रण, और एटोरवास्टेटिन-क्लोपिडोग्रेल संयोजन की कीमतें भी कम की गई हैं।एनपीपीए के दिशानिर्देशएनपीपीए ने कहा कि जिन दवाओं का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) सीलिंग प्राइस से कम है, वे मौजूदा एमआरपी पर बिकेंगी। ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमतें सीलिंग प्राइस से अधिक नहीं हो सकतीं। नई कीमतें जीएसटी-मुक्त हैं, और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शुल्क लागू हो सकता है। खुदरा विक्रेताओं को नई कीमतें प्रमुखता से प्रदर्शित करने और पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। गैर-अनुपालन को डीपीसीओ और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसमें ब्याज सहित अतिरिक्त वसूली शामिल होगी।उपभोक्ताओं को राहतयह कदम किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो मरीजों को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएगा। -
नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को यहां एक प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रसिद्ध ‘वाघ-नख' प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि हर किसी को इस हथियार को देखना चाहिए, क्योंकि यह ‘‘हमें हमारी वीरता के इतिहास'' की याद दिलाता है। ‘शिवशास्त्र शौर्यगाथा' प्रदर्शनी के तहत मराठाओं द्वारा इस्तेमाल किए गए विभिन्न हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा है। भागवत ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ-नख हमें हमारे शौर्य के इतिहास की याद दिलाता है। सभी को इसे देखना चाहिए।'' इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह हथियार लंदन के विक्टोरिया एवं अल्बर्ट संग्रहालय में दक्षिण एशियाई संग्रह का हिस्सा है। ऐसा माना जाता है कि इसे 17वीं शताब्दी में दक्षिण भारत में बनाया गया था। स्टील से बने इस हथियार में ठोस धातु की एक छड़ है जिस पर चार घुमावदार, धारदार पंजे लगे हैं। इसके दोनों सिरों पर छल्ले हैं जो इसे बाएँ हाथ की हथेली में छिपाने के लिहाज से डिजाइन किए गए हैं। ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, मराठा राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज ने नवंबर 1659 में आदिल शाही वंश के सेनापति और आक्रमणकारी सेना का नेतृत्व कर रहे अफजल खान को मारने के लिए वाघ-नख का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनी में 190 अन्य मराठा हथियार भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के भाले, कुल्हाड़ी, तलवारें, ढाल, खंजर, दंडपट्ट और अग्निबाण शामिल हैं।
- पटना. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आठ अगस्त को बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास से जुड़ी परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसे देवी सीता का जन्मस्थान माना जाता है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 882.87 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना के शिलान्यास समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आठ अगस्त को सीतामढ़ी के पुनौराधाम में ‘जानकी मंदिर' के पुनर्विकास से जुड़ी परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह बिहार के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा।” कुमार ने कहा, “मंत्रोच्चार के बीच 67 एकड़ में फैले भव्य मंदिर के पुनर्विकास संबंधी परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी। राज्य पर्यटन विभाग ने इस परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके 11 महीने के भीतर पूरा होने की संभावना है।” उन्होंने बताया कि गृह मंत्री शुक्रवार सुबह दरभंगा पहुंचेंगे और वहां से सीतामढ़ी के लिए रवाना होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जुलाई को मंदिर परिसर के एकीकृत विकास के लिए 882.87 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। कुल राशि में से 137 करोड़ रुपये पुराने मंदिर और उसके परिसर के विकास पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 728 करोड़ रुपये पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा, 16 करोड़ रुपये 10 वर्षों तक व्यापक रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। कुमार ने बताया कि बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में मंदिर के निर्माण और पुनर्विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ-सदस्यीय ट्रस्ट का गठन किया है। कुमार ने कहा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या की तर्ज पर व्यापक विकास किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री (घरेलू और विदेशी) पुनौराधाम आते हैं, जो सीतामढ़ी जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। मंत्रिमंडल ने परियोजना के लिए डिजाइन सलाहकार के रूप में नोएडा स्थित ‘मेसर्स डिजाइन एसोसिएट्स इंक' की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। यह फर्म राम जन्मभूमि न्यास के लिए मास्टर प्लान बनाने और वास्तुकला सेवाएं उपलब्ध कराने में शामिल थी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 अगस्त को बिहार के गयाजी जिले का दौरा करेंगे, जहां वह कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी 22 अगस्त को गयाजी आएंगे, जहां वह एक जनसभा को संबोधित करने के अलावा कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
- नयी दिल्ली. सात वर्षों के अंतराल के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इस महीने के अंत में चीन की यात्रा कर सकते हैं। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। योजना के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त के आसपास जापान की यात्रा पर जाएंगे और यात्रा के समापन के बाद, वह 31 अगस्त से एक सितंबर तक आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन के उत्तरी शहर तियानजिन जाएंगे। मोदी की चीन यात्रा की योजना दोनों पक्षों द्वारा अपने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों के बीच बनाई जा रही है। जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच घातक झड़पों के बाद दोनों देशों के बीच गंभीर तनाव पैदा हो गया था। मोदी की जापान और चीन की यात्रा की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह यात्रा 29 अगस्त से एक सितंबर तक होने की संभावना है। मोदी की चीन यात्रा से पहले, ऐसा माना जा रहा है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता के अगले दौर के लिए भारत की यात्रा करेंगे। मोदी ने आखिरी बार जून 2018 में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा किया था। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अक्टूबर 2019 में दूसरे "अनौपचारिक शिखर सम्मेलन" के लिए भारत आए थे। हालांकि, पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ और उसी वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़पों के परिणामस्वरूप संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया। पिछले साल 21 अक्टूबर को हुए एक समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह गतिरोध प्रभावी रूप से समाप्त हो गया। पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने सीमा संबंधी मुद्दे और अन्य संवाद तंत्रों पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता को बहाल किया है। विभिन्न संवाद तंत्रों को बहाल करने का निर्णय 23 अक्टूबर, 2024 को कजान (रूस) में प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग के बीच हुई बैठक में लिया गया था। मोदी-शी की यह बैठक भारत और चीन के बीच देपसांग और डेमचोक से सैनिकों को पीछे हटाने के समझौते के दो दिन बाद हुई। दोनों पक्षों ने संबंधों को पुनः मजबूत करने के लिए कई पहल कीं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर शुरू करना तथा भारत द्वारा चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करना शामिल है। दोनों पक्ष दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पिछले दो महीनों में एससीओ बैठकों में भाग लेने के लिए चीन गए थे। चीन एससीओ का वर्तमान अध्यक्ष है।यह अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक करेंगे या नहीं। ऐसी संभावना है कि एससीओ शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत शीर्ष नेता शामिल होंगे। एससीओ एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा समूह है, जिसके सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। पाकिस्तान 2017 में भारत के साथ इसका स्थायी सदस्य बना। ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में इस समूह में शामिल हुआ।
- नयी दिल्ली. बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने के फैसले को मौजूदा अनिश्चित माहौल में महंगाई नियंत्रित करने और वृद्धि को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण पर केंद्रित बताया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को अमेरिकी शुल्क को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 5.5 प्रतिशत पर कायम रखने का निर्णय किया। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा, "एमपीसी का रेपो दर को स्थिर रखने का निर्णय मौजूदा अनिश्चितताओं को देखते हुए काफी हद तक उम्मीद के अनुरूप है। नीति, व्यापार एवं कुछ उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के निम्नतम स्तर पर पहुंचने की धीमी प्रतिक्रिया से उत्पन्न अनिश्चितताओं का इस पर असर रहा।" इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ आरबीआई द्वारा रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने और तटस्थ रुख बनाए रखने का निर्णय मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और वृद्धि को बढ़ावा देने के उसके उद्देश्य की ओर एक सुविचारित दृष्टिकोण है।'' श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ हम नगदी प्रबंधन पर आरबीआई के कदम और गतिशील बने रहने के उसके लक्ष्य का भी स्वागत करते हैं, जो आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। '' उन्होंने कहा कि एसआईपी (व्यवस्थित निवेश योजना) के माध्यम से ट्रेजरी बिल तक खुदरा पहुंच बढ़ाने और बैंक लॉकर तथा खाता दावा निपटान के मानकीकरण का आरबीआई का निर्णय, ऐसी पहल हैं जिनसे वित्तीय समावेश बढ़ने के साथ निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार ने कहा, ‘‘ यह एक स्वागत योग्य कदम है। हालांकि, आने वाले महीनों में इस पर पुनर्विचार की गुंजाइश बनी हुई है क्योंकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक स्थिर है और वृद्धि को बढ़ावा देने की आवश्यकता हो सकती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इंडियन बैंक में हम पिछली ब्याज दरों में कटौती का लाभ पहले ही दे चुके हैं और उम्मीद है कि एमसीएलआर (कोष की सीमांत लागत पर आधारित ऋण दर) में आगे भी सामान्यीकरण होगा क्योंकि कोष की लागत में गिरावट जारी है।'' साउथ इंडियन बैंक के महाप्रबंधक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी विनोद फ्रांसिस ने कहा, ‘‘ रेपो दर और रुख पर यथास्थिति बनाए रखने के आरबीआई के फैसले में कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि अमेरिका के प्रस्तावित 25 प्रतिशत शुल्क सहित वैश्विक अनिश्चितताओं के मद्देनजर मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यही सही नीतिगत निर्णय है। '' उन्होंने कहा, ‘‘ साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि आरबीआई मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। एमपीसी को भविष्य में कोई भी कटौती करने से पहले मौजूदा कटौती के पूर्ण प्रभाव के अमल में आने का इंतजार करना चाहिए।'' श्रीराम फाइनेंस के कार्यकारी वाइस चेयरमैन उमेश रेवणकर ने कहा, ‘‘ तटस्थ नीतिगत रुख के साथ रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने का आरबीआई का निर्णय एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें मुद्रास्फीति नियंत्रण एवं वृद्धि दोनों को प्राथमिकता दी गई है।'' आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने कहा, "एमपीसी का यह कदम मजबूत आर्थिक वृद्धि, हालिया दर कटौतियों से नकदी प्रवाह बढ़ने और मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं से निर्धारित है। खासकर अमेरिकी शुल्क नीति को लेकर अप्रत्याशित धारणा ने भी इस पर असर डाला।" गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मनीबॉक्स फाइनेंस लिमिटेड के सह-संस्थापक दीपक अग्रवाल ने कहा, ‘‘रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रख और तटस्थ रुख कायम रखकर आरबीआई ने स्थिरता को बढ़ावा दिया है। छोटे शहरों एवं ग्रामीण भारत में सूक्ष्म उद्यमों के लिए ऋण पहुंच पर केंद्रित हमारे जैसे ऋणदाताओं के लिए यह स्थिरता दीर्घकालिक योजना बनाने में सहायक है।'
- चंडीगढ़. पंजाब के मोहाली जिले में एक ऑक्सीजन सिलेंडर संयंत्र में बुधवार को भीषण विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो गई और चार व्यक्ति घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मोहाली के फेज-9 के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘हाई-टेक गैस' नामक ऑक्सीजन सिलेंडर संयंत्र में यह हादसा हुआ। मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे एक ट्रक में सिलेंडर रखते समय उसमें विस्फोट हो गया। उन्होंने बताया कि हादसे में मोहम्मद आसिफ (25) और दविंद्र कुमार (27) की मौत हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल ले जाए गए चार घायलों में सर्वेश (45), अशोक (44), सचिन (24) और अकबर (50) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चारों की हालत स्थिर है। अधिकारियों ने बताया कि मोहाली के फेज-11 पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस हादसे में किसी तरह की लापरवाही बरते जाने के सवाल पर एसएसपी हंस ने कहा, ‘‘हम इसकी जांच करेंगे।''उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़ितों के परिवारों से बात करेगी और जरूरी कानूनी कार्रवाई करेगी। विस्फोट इतना भीषण था कि मृतकों के शरीर के अंग घटनास्थल पर बिखरे पड़े मिले। विस्फोट के कारण संयंत्र और आसपास की इमारतों की कांच की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सिलेंडर का कुछ हिस्सा घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर कंबाला गांव में जाकर गिरा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया।उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। पंजाब सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ है।'' हाई-टेक गैस प्राइवेट लिमिटेड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी अस्पतालों को ‘मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन सिलेंडर' की आपूर्ति करती है।
- फरीदाबाद. फरीदाबाद की एक अदालत ने पति की हत्या कर शव पर तेज़ाब डालकर पहचान मिटाने के मामले में महिला व उसके चार साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतक दिनेश धवन का शव 28 जनवरी, 2021 को एक अनाज भंडारण इकाई के सामने स्थित नाले से बरामद हुआ था। जांच के दौरान यह सामने आया कि धवन ने हरजीत पाल सिंह और देवेंद्र शर्मा नामक दो व्यक्तियों के अपने वैवाहिक घर में उसकी पत्नी से बार-बार मिलने पर आपत्ति जताई थी, जिससे वह नाराज़ हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद महिला, सिंह और शर्मा ने अपने साथ विनीत सक्सेना और विक्की को धवन की हत्या की साजिश में शामिल किया। धवन की 18 जनवरी 2021 को गला दबाकर और पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और इसके बाद उसकी पहचान मिटाने के लिए शव पर तेजाब डाला गया और उसे नाले में फेंक दिया गया। धवन का शव 10 दिन बाद बरामद किया गया था।पुलिस ने बताया कि शुरुआत में पत्नी ने शव की पहचान से इनकार करते हुए दावा किया कि उसका पति नौकरी की तलाश में उत्तराखंड गया है लेकिन धवन के भाई गुलशन को अपनी भाभी पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से सख्ती से पूछताछ करने का अनुरोध किया। पूछताछ के दौरान महिला टूट गई और पूरे मामले का खुलासा कर दिया।पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने मंगलवार को धवन की पत्नी और उसके चार साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना भी लगाया।
- मेदिनीनगर. झारखंड के पलामू जिले में बुधवार को धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना पांकी थाना क्षेत्र के जोल्हाबिघा गांव की है। लेस्लीगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनोज कुमार झा ने बताया कि महिलाएं घर के पास खेत में धान की रोपाई कर रही थीं, तभी उन पर आकाशीय बिजली गिरी। झा ने बताया कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में जिले में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर राज्य के स्वामित्व वाले सभी नए और पुराने कार्यालय भवनों के लिए भगवा रंग अनिवार्य कर दिया है। निर्माण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘सरकार सभी नए सरकारी भवनों के साथ-साथ मौजूदा भवनों में आवधिक मरम्मत/नवीनीकरण कार्यों के समय एक समान रंग कोड अपनाने पर खुशी जताती है।'' विभाग द्वारा 30 जुलाई को जारी आदेश में बाहरी दीवारों और बॉर्डर के लिए क्रमशः हल्के केसरिया और टेराकोटा जैसे दिखने वाले बी (लाल, हरा और नीला) रंग का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। यह आदेश सभी राज्य सरकार के विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर लागू है।
- अमरावती. आंध्र प्रदेश के मंत्री के. पार्थसारथी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना की 15 अगस्त से शुरुआत करेगी। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सत्तारूढ़ चंद्रबाबू नायडू सरकार का एक प्रमुख चुनावी वादा भी था।इस योजना का नाम 'स्त्री शक्ति' रखा गया है। इसका अनुमानित वार्षिक व्यय 1,942 करोड़ रुपये (लगभग 162 करोड़ रुपये प्रति माह) होगा। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आवागमन की बेहतर सुविधा प्रदान कर सशक्त बनाना है। राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के. पार्थसारथी ने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा 15 अगस्त से शुरू होगी।'' उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और शिक्षा, रोजगार तथा अन्य क्षेत्रों में उनके अवसरों तक पहुंच को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्थसारथी ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि यह योजना केवल कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित रहेगी। मंत्रिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिनमें आंध्र प्रदेश लैंड इंसेंटिव फॉर टेक हब (एलआईएफटी) पॉलिसी 4.0 (2024–2029) शामिल है।
- नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि गरीब रथ एक्सप्रेस का नाम बदलने के संबंध में रेलवे मंत्रालय को कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। लोकसभा में वैष्णव का यह बयान उस समय आया जब अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इस ट्रेन के नाम को यात्रियों के स्वाभिमान और गरिमा से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा। औजला ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार इस बात से अवगत है कि गरीब रथ एक्सप्रेस के नाम को लेकर सार्वजनिक भावना और अपीलें लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि कुछ यात्रियों को लगता है कि यह नाम उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है। सांसद ने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार यह मानती है कि 'गरीब रथ' शब्द, जो कभी सस्ती एसी यात्रा का प्रतीक था, अब इसे उपेक्षापूर्ण रूप में देखा जाने लगा है, और यह आज के उदीयमान मध्यम वर्ग, विशेष रूप से मेहनतकश अमृतसरवासियों की आकांक्षाओं से मेल नहीं खाता, जो इस ट्रेन के नियमित यात्री हैं। जवाब में रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेल का ध्यान सभी वर्गों के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा, "जहां तक गरीब रथ ट्रेन का नाम बदलने का सवाल है, इस संबंध में अब तक कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। रेलवे ने इसके साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं विकसित की हैं।" वैष्णव ने इन ट्रेनों में उपलब्ध विशेष सुविधाओं, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और बेहतर यात्री सुविधाओं को भी रेखांकित किया। रेल मंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि फिलहाल गरीब रथ एक्सप्रेस का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है, हालांकि सरकार रेल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए विकल्पों और आधुनिक ट्रेनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन क्लस्टर्स में कैटरिंग ठेकों का आवंटन पारदर्शी तरीके से किया गया है, और आईआरसीटीसी मजबूत निगरानी प्रणाली और अनुपालन उपायों के माध्यम से इसे सुनिश्चित करता है। यह बयान कॉर्पोरेशन में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच दिया गया। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि रेल कोच फैक्ट्रियों की स्थापना समग्र आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की जाती है और वर्तमान में मौजूदा उत्पादन इकाइयां तथा पहले से नियोजित इकाइयां निकट भविष्य में रोलिंग स्टॉक की कुल आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।






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