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नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि आज के संघर्षग्रस्त विश्व को हिंदू धर्म की आवश्यकता है, क्योंकि यह एक सार्वभौमिक धर्म है, जो विविधता को स्वीकार करने की शिक्षा देता है। भागवत ने यहां धर्म जागरण न्यास के नये भवन के उद्घाटन के अवसर पर कहा, ‘‘आज सम्पूर्ण विश्व को इसी ‘धर्म' की आवश्यकता है। विश्व अपनी विविधताओं को स्वीकार करते हुए जीना नहीं जानता, इसीलिए इतने संघर्ष हो रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि भारतीयों के लिए ‘धर्म' एक परम सत्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह धर्म एकता और सभी विविधताओं को स्वीकार करना सिखाता है। हम सभी विविधताओं को स्वीकार करते हैं। हम इसलिए अलग नहीं हैं, क्योंकि हम विविध हैं, यह धर्म यही हमें सिखाता है।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यह एक सार्वभौमिक धर्म है, लेकिन चूंकि हिंदुओं ने इसे सबसे पहले खोजा था, इसलिए इसे हिंदू धर्म कहा जाने लगा। उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा, हिंदू धर्म प्रकृति का धर्म है, एक सार्वभौमिक पंथ है, मानवता का धर्म है। प्रत्येक हृदय को इस धर्म से जागृत होना चाहिए।'' भागवत ने कहा कि धर्म का कर्तव्य केवल ईश्वर के प्रति ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति भी होता है।
उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास बताता है कि ‘‘धर्म'' के लिए अनेक बलिदान दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘धर्म के लिए ढेरों सिर काटे गए, लेकिन किसी ने धर्म नहीं छोड़ा। आप सभी ने ‘छावा' फिल्म देखी होगी। यह सब (बलिदान) हमारे लोगों ने किया। वे हमारे लिए एक मिसाल हैं।'' हिंदी फिल्म ‘‘छावा'' मराठा राजा छत्रपति संभाजी के जीवन पर आधारित है, जिन्हें 1689 में मुगल सम्राट औरंगजेब ने कड़ी यातनाएं दीं और अंत में उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। भागवत ने कहा कि इस तरह के बलिदान आम लोगों द्वारा भी किए गए थे, क्योंकि उनका मानना था कि ‘‘हमारा धर्म सत्य पर आधारित है और दुनिया का अंतिम सत्य यह है कि भले ही हम सामान्य जीवन में अलग-अलग दिखते हों, लेकिन हम सभी एक हैं।'' उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म यह भी सिखाता है कि विभिन्न धर्मों के मार्ग एक ही मंजिल तक ले जाते हैं, इसलिए किसी को भी दूसरों के तौर-तरीकों को जबरन बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। -
केंद्रपाड़ा (ओडिशा). ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में बुधवार को एक कॉलेज छात्रा ने अपने प्रेमी द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के कारण अपने घर में कथित तौर पर आत्मदाह कर लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। बारह जुलाई के बाद से ओडिशा में किसी महिला की जलने से मौत की यह तीसरी घटना है।
ताजा घटना पट्टामुंडई (ग्रामीण) थाना क्षेत्र के काठियापाड़ा गांव में बुधवार सुबह हुई।
लगभग 20 वर्षीय युवती के पिता ने दावा किया कि जब वह घर में अकेली थी, तो उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। उन्होंने दावा किया, ‘‘वह एक युवक के साथ रिश्ते में थी, जो उसे ब्लैकमेल कर रहा था।'' पिता ने दावा किया कि युवती ने छह महीने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिता ने कहा, ‘‘पुलिस ने मेरी बेटी से कहा कि अगर वह व्यक्ति उसे परेशान कर रहा है तो वह उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दे।'' केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया घटनास्थल पर पहुंचे और कहा, ‘‘मैंने शव देखा है। युवती के पिता ने दावा किया है कि उसने आत्महत्या की है। मामले की जांच की जाएगी।'' यह इस तरह की तीसरी घटना है। इससे पहले, बालासोर के एक कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा ने 12 जुलाई को कॉलेज परिसर में आत्मदाह कर लिया था और दो दिन बाद एम्स-भुवनेश्वर में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुरी जिले के बलांगा क्षेत्र की 15 वर्षीय एक अन्य लड़की की भी दो अगस्त को जलने से मौत हो गई थी। -
नयी दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) देशभर में 5,583 रिक्त पदों के लिए जूनियर एसोसिएट्स (ग्राहक सेवा और सहायता) की भर्ती शुरू करेगा। एसबीआई ने बुधवार को बयान में कहा कि आवेदन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण छह से 26 अगस्त, 2025 तक खुला रहेगा। बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025- 26 के लिए ये नई भर्तियां पिछले महीनों में बैंक द्वारा 505 'प्रोबेशनरी ऑफिसर्स' और 13,455 'जूनियर एसोसिएट्स' की भर्ती के बाद की गई है, जिसमें एसबीआई का लक्ष्य देश भर में अपनी प्रक्रिया और सेवा वितरण को और बेहतर बनाना है। इस राष्ट्रव्यापी नियुक्ति प्रयास के तहत, एसबीआई की शाखाओं और कार्यालयों में नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उम्मीदवारों को एक गतिशील और विकास-संचालित संस्थान के साथ अपना करियर शुरू करने का मौका मिलेगा। भर्ती अभियान पर टिप्पणी करते हुए, एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा कि नई प्रतिभा वाले लोगों को शामिल करना, कार्यात्मक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करके मानव संसाधन क्षमताओं को मजबूत करना बैंक के उद्देश्य का केंद्र है।
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नयी दिल्ली. त्वरित संदेश मंच व्हाट्सएप ने एक नया ‘सेफ्टी ओवरव्यू' फीचर पेश किया है, जो उपयोगकर्ताओं को उन ग्रुप के बारे में सतर्क करेगा जिनमें उन्हें किसी अनजान व्यक्ति ने जोड़ा है। व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा कि इस टूल के जरिये उपयोगकर्ता को संबंधित ग्रुप के बारे में अहम जानकारी और सुरक्षित बने रहने से जुड़े सुझाव भी मिलेंगे। बयान के मुताबिक, यदि उपयोगकर्ता चाहे तो वह अलर्ट मिलने के बाद उस ग्रुप को देखे बिना ही उससे अलग हो सकता है। इसके अलावा उपयोगकर्ता उस ग्रुप में बने रहने की जब तक खुद पुष्टि नहीं करेगा, उस ग्रुप को भी ‘म्यूट' रखा जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्सएप ने कहा कि वह उन मामलों में भी चेतावनी देने के उपाय खोज रहा है जब कोई उपयोगकर्ता अपनी संपर्क सूची से बाहर के किसी व्यक्ति के साथ बातचीत शुरू करता है। इसमें संबंधित व्यक्ति के बारे में अधिक संदर्भ भी दिखाने की तैयारी है। फर्जीवाड़े पर रोक की कोशिशों के तहत कंपनी ने बताया कि साल 2025 के पहले छह महीनों में 68 लाख से अधिक खातों पर रोक लगाई गई, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित आपराधिक गिरोहों द्वारा चलाए जा रहे फर्जीवाड़ा केंद्रों से जुड़े थे। कंपनी ने बताया कि हाल ही में व्हाट्सएप, मेटा और ओपनएआई ने मिलकर कंबोडिया स्थित एक फर्जीवाड़े वाले नेटवर्क को निष्क्रिय किया है। इस नेटवर्क ने धांधली के लिए चैटजीपीटी से संदेश तैयार कर उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सएप से टेलीग्राम पर भेजा, जहां उन्हें टिकटॉक वीडियो पर लाइक करने जैसे फर्जी काम दिए जाते थे और फिर क्रिप्टो निवेश के लिए पैसे मांगे जाते थे।
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उत्तरकाशी. उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में आयी विनाशकारी बाढ़ से यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर कल्प केदार मलबे में दब गया। ऐसा बताया जाता है कि पिछली बार आई किसी आपदा के कारण यह मंदिर कई वर्षों तक जमीन के नीचे दबा रहा था तथा केवल इसका उपरी हिस्सा ही दिखाई देता था। कतुरे शैली में निर्मित इस शिव मंदिर की वास्तुकला केदारनाथ धाम की तरह है।
वर्ष 1945 में की गई एक खुदाई के बाद इस मंदिर के बारे में पता चला था। जमीन के नीचे कई फुट तक खुदाई करने पर एक प्राचीन शिव मंदिर मिला था जिसकी संरचना केदारनाथ मंदिर की तरह थी। मंदिर जमीन से नीचे स्थित था और भक्तों को मंदिर में प्रार्थना करने के लिए नीचे जाना पड़ता था। लोगों का कहना है कि मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर अक्सर खीरगंगा का पानी आता है और इसके लिए एक रास्ता भी बनाया गया है। मंदिर के बाहर पत्थर पर नक्काशी की गई है। प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग का आकार केदारनाथ की तरह ही नंदी की पीठ की तरह है। -
नई दिल्ली। उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से बड़े पैमाने पर बाढ़ और भूस्खलन की वजह से धराली और सुखी टॉप क्षेत्रों में व्यापक विनाश हुआ है। बचाव कार्य जोरों पर है, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय सेना की टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने और लापता लोगों का पता लगाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।
आईटीबीपी के प्रवक्ता कमलेश कमल ने चल रहे प्रयासों पर जानकारी देते हुए कहा, “धराली में आईटीबीपी की पांच टीमें हैं, जिनमें 130 जवान हैं। 100 से अधिक जवान रास्ते में हैं, और वे जल्द ही वहां पहुंच जाएंगे।”उन्होंने बताया कि हमने आज सुबह एक शव बरामद किया है, और 100 से अधिक लोगों को बचाया गया है। आज, हमने संचार भी स्थापित कर लिया है, अब जब उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं, तो यह संभव है कि हम देखेंगे कि यह बचाव अभियान गति पकड़ेगा। कमल ने आगे कहा, “कल हमें जानकारी मिली कि किन्नौर जाने वाले रास्ते पर एक लकड़ी का मैक्सी-शिफ्ट पुल बह गया है। शुरुआती जानकारी में हमें पता चला है कि लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं, आज सुबह तक 413 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, सुबह से अब तक 57 लोगों को बचाया जा चुका है।” जानकारी है कि वहां 100 और लोग फंसे हुए हैं। शाम तक उन्हें भी बचा लिया जाएगा। हमें जानकारी मिली है कि वहां एक व्यक्ति की मौत हो गई है।”एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने स्थिति की गंभीरता का विवरण देते हुए कहा कि प्राप्त सूचना के अनुसार, चार लोगों की मौत हो गई है और 50 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं। इसके अलावा, हर्षिल और सुखी टॉप में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आने की भी खबर है। हर्षिल में सेना के लगभग 11 जवान लापता बताए जा रहे हैं। सुखी टॉप में कोई हताहत नहीं हुआ है।ऋषिकेश-उत्तरकाशी राजमार्ग प्रभावित है, इसलिए आवाजाही बहुत धीमी है। कई जगहों पर सड़कें जाम होने के कारण टीमों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें प्रभावित लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए देहरादून में तैयार हैं।इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और धराली में बादल फटने और भूस्खलन की घटना स्थल पर स्थानीय लोगों से मुलाकात की, जिससे घरों और अन्य इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे पहले आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ का आकलन करने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) में आपदा प्रबंधन बैठक की।वहीं, सीएम धामी ने उत्तरकाशी के जोशियाड़ा हेलीपैड का भी दौरा किया और हाल ही में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान और चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। राज्य और केंद्र सरकारों के पूर्ण सहयोग से बचाव और राहत कार्य जारी हैं। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राज्य आपदा परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक की और उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले सीएम धामी बादल फटने की घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे। वहीं, मंगलवार को उत्तरकाशी में आई आपदा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अगले आदेश तक उत्तरकाशी जिले में तीन IAS अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से उत्तरकाशी जिले में तीन पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी है।
उत्तरकाशी में जिलास्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापनासीएम धामी ने एक्स पर कहा कि देहरादून स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर धराली (उत्तरकाशी) में बादल फटने से उत्पन्न हुई स्थिति की जानकारी ली एवं प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उत्तरकाशी में जिलास्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई है।प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देशउन्होंने बताया कि प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, आवश्यक चिकित्सा एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने, घायलों को बेहतर उपचार मुहैया कराने सहित उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने हेतु प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। धराली के आसपास के क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर रखने एवं सभी चिकित्सा अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारीसीएम धामी ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस दौरान अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी संबंधित हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहें। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।सीएम धामी ने नागरिकों को मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा ना करने को कहाउन्होंने नागरिकों से अनुरोध है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा ना करें। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृपया सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम धामी से बात कर घटना की जानकारी लीइससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर मुख्यमंत्री धामी से बात कर घटना की जानकारी ली। अमित शाह ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ITBP की निकटतम 3 टीमों को उत्तराखंड भेज दिया गया है, साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं।धराली के आसपास के क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट परवहीं, सीएम धामी ने मीडिया को बताया कि प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, आवश्यक चिकित्सा एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने, घायलों को बेहतर उपचार मुहैया कराने सहित उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने हेतु प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। धराली के आसपास के क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर रखने एवं सभी चिकित्सा अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर 4 से 8 अगस्त तक भारत दौरे पर हैं। इस बीच 5 अगस्त को राष्ट्रपति मार्कोस को राष्ट्रपति भवन के मुख्य द्वार पर आधिकारिक स्वागत किया गया।इसके बाद, मार्कोस ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राज घाट का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति मार्कोस ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में भी भाग लिया। राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। मार्कोस भारत के आईटी हब बेंगलुरु भी जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने कई बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की। भारत और फिलीपींस के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई, जो 1949 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों के बीच शांति, विश्वास, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की एक लंबी परंपरा है, जिसे और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।दोनों देशों ने 1952 में हुए मित्रता समझौते, 2000 में नीति परामर्श समझौते, 2007 में द्विपक्षीय सहयोग आयोग की स्थापना और 2007 में द्विपक्षीय सहयोग के ढांचे पर घोषित समझौतों को फिर से रेखांकित किया।भारत और फिलीपींस ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जो दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की पूर्ण संभावनाओं को साकार करने के लिए एक नई दिशा है। यह साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि की दिशा में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करने के लिए है और इसका उद्देश्य भविष्य के लिए एक-दूसरे के लिए लाभकारी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करना है। यह साझेदारी एक दशक तक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कार्य योजना (प्लान ऑफ एक्शन) पर आधारित होगी।पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष सहयोग, व्यापार और निवेश, औद्योगिक सहयोग, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकियां, विकास सहयोग, संस्कृति, पर्यटन, और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।दोनों देशों ने 2006 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौते पर आधारित नियमित उच्चस्तरीय संवाद और सैन्य प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा और मरीन संसाधनों के साझा उपयोग के लिए सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि का स्वागत किया, जो 2024-25 में लगभग 3.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।इसके साथ ही, दोनों देशों ने अधिमान्य व्यापार समझौता (पीटीए) के शीघ्र समापन पर सहमति व्यक्त की, जिससे व्यापारिक सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान और विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, और अंतरिक्ष विज्ञान में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने एक व्यापक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम की योजना बनाई है।इस कार्यक्रम के अंतर्गत भारत-फिलीपींस के छात्रों, पर्यटकों, और पेशेवरों के बीच अधिक से अधिक संपर्क और सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ, और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को भूस्खलन और बादल फटने की घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तरकाशी त्रासदी पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रपति मुर्मु के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किए एक बयान में कहा, “उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्यों में सफलता की कामना करती हूं।”इस बीच, पीएम मोदी ने उत्तरकाशी त्रासदी के बारे में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी से जानकारी ली। सीएम धामी ने एक्स पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर धराली (उत्तरकाशी) में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्हें प्रदेश सरकार, एसडीआरएफ, सेना और अन्य रेस्क्यू टीमों द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तरकाशी त्रासदी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की घटना दुखद और हृदय विदारक है। घटना के तुरंत बाद सेवा के जवान, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम वहां पहुंच गई है और सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर बचाव एवं राहत कार्य किया जा रहा है।”उन्होंने कहा, “80 साल पहले भी वहां इस प्रकार की घटना घटित हुई थी। इस समय पूरी सरकार सजग है और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पूरा रेस्क्यू कार्य चल रहा है। सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरी घटना पर अपनी पैनी निगाह रखे हुए हैं।”उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना पर लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने कहा, “मंगलवार दोपहर हर्षिल के पास धराली गांव के पास एक बड़ा बादल फटा। इसके बाद भारी बाढ़ और मलबा गांव में घुस आया, जिससे घरों और निवासियों को भारी नुकसान हुआ। हर्षिल में तैनात भारतीय सेना की इकाई को सूचना मिली और वे 10 मिनट के भीतर ही वहां पहुंच गई।वहीं उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध सड़कों को जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है। उत्तरकाशी-हर्सिल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के बाद अवरुद्ध सड़कों को साफ किया जा रहा है।: क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्लासडा (नरेंद्रनगर) के पास प्लासडा चौकी से आगे एक कार मलबे में फंस गई है। उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना: SDRF के कमांडर अर्पण यदुवंशी ने कहा, "... सूचना मिलते ही SDRF की तीन टीमें मौके पर पहुँच गईं... लगभग 70-80 लोगों को बचाकर गंगोत्री में सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है... SDRF द्वारा बचाव और तलाशी अभियान युद्धस्तर पर जारी है..." -
नयी दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 11 वर्षों में किसानों के खातों में 43.87 लाख करोड़ रुपये भेजे हैं। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, उर्वरक पर सब्सिडी और उपज की खरीद पर सरकार द्वारा खर्च की गई राशि का ब्यौरा दिया। प्रश्नकाल के दौरान एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को निशाने पर लेते हुए चौहान ने कहा कि ‘‘वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं''। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष मुझे सवालों का जवाब नहीं देने दे रहा है। किसानों और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी को रोकने का प्रयास कर रहा है।'' चौहान ने कहा, ‘‘मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, नुकसान की भरपाई और कई अन्य उपाय किए गए हैं। लाखों किसानों की आय दोगुनी से ज्यादा हुई है।'' उन्होंने सदन को बताया, ‘पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत लगभग साढ़े चार लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले गए। फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों के खाते में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक डाले गए हैं। उर्वरक सब्सिडी पर 14.06 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।'' चौहान का कहना था, ‘‘विपक्ष में दम है तो सुन ले कि मोदी सरकार ने किसानों के लिए कितना काम किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में किसानों के खातों में 43.87 लाख करोड़ रुपये डालकर उनकी जिंदगी बदली है।'' चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री होते थे, जिन्होंने कहा था कि मैं एक रुपया भेजता हूं तो लोगों के खाते में 15 पैसे पहुंचते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी एक रुपया भेजते हैं तो एक रुपया ही किसान के खाते में पहुंचता है।''
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नयी दिल्ली/ प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सेना को पाकिस्तान द्वारा किए गए किसी भी प्रकार के हिंसक कृत्यों का जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा। यहां एक कार्यक्रम में को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा कि पाकिस्तान के "पूर्ण-आयामी प्रतिरोध सिद्धांत” को चुनौती देने की आवश्यकता है, तथा इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादी पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में छिप नहीं सकते। वार्षिक ‘ट्राइडेंट' व्याख्यान श्रृंखला के उद्घाटन सत्र में उन्होंने दोहराया कि सैन्य तैयारी अत्यंत उच्च स्तर की होनी चाहिए, चौबीसों घंटे और वर्ष के 365 दिन तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि युद्ध और शांति के बीच बहुत कम अंतर है, तथा कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक दूसरे में विलीन हो रहे हैं। सीडीएस ने कहा, "हमें अपरंपरागत और परमाणु क्षेत्रों के बीच पारंपरिक अभियानों के लिए अधिक स्थान बनाने की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान की धरती पर कहीं भी छिप नहीं सकते।
जनरल चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय सेना के पास अत्यधिक दूरी पर स्थित स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को भेदने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली किसी भी हिंसात्मक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा, चाहे वह राज्य के तत्वों द्वारा की जाए या राज्येतर तत्व द्वारा की जाए, और यह पहला मानदंड है, जो हमें समझना होगा। यह हम सभी के लिए नया मानदंड है।" सीडीएस ने कहा कि एक और सैन्य मानक यह है कि अब परमाणु नीति पर अधिक निर्भरता होगी, जो पारंपरिक सैन्य अभियानों की बुनियाद बन गई है। उन्होंने कहा कि एक और मानक यह होगा कि भारत को अपने विरोधियों के मुकाबले तकनीकी रूप से आगे रहना होगा। -
उत्तरकाशी. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में आयी विनाशकारी बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गयी और 130 से अधिक लोगों को बचा लिया गया। उत्तराखंड सरकार द्वारा यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा सेना सहित अन्य राहत एजेंसियों ने मिलकर घटनास्थल से 130 से अधिक लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इससे पहले, घटनास्थल के लिए जाते समय उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संवाददाताओं को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में चार लोगों की मृत्यु हुई है। बाढ़ में लापता हुए लोगों की संख्या के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यह संख्या 50 से अधिक हो सकती है क्योंकि बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि धराली में आई बाढ़ में कई मकान और होटल तबाह हो गए। धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद करीब पौने दो बजे हुई इस घटना में कम से कम आधा धराली गांव मलबे और कीचड़ में दब गया। बाढ़ के पानी और मलबे के तेज बहाव में तीन-चार मंजिला मकानों सहित आस-पास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। अधिकारियों के अनुसार, खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई।
बाढ़ से केवल धराली ही नहीं प्रभावित हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि तेज गति से आया सैलाब एक ही पहाड़ी की दो अलग-अलग दिशाओं में बहा-एक धराली की ओर दूसरा सुक्की गांव की ओर। इस बीच, शाम तक जारी बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा आई।
इसके अलावा, राज्यभर में भूस्खलन के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने से भी राहत कार्य में अड़चनें आईं और बचावकर्मियों को आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचने में कठिनाई हुई। सुमन ने बताया कि हर्षिल में मौजूद सेना की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया लेकिन खराब मौसम और सड़कों के कारण अन्य स्थानों से आने वाली टीम को पहुंचने में काफी मुश्किलें आयीं। बुधवार को भी मौसम से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार और देहरादून समेत सात जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि 40 से 50 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी नहीं ली जा सकीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धराली बाजार का एक बड़ा हिस्सा आपदा में तबाह हो गया।
बादल फटने से धराली में आई आपदा के एक वीडियो में लोगों को डर के मारे चीखते सुना जा सकता है जबकि एक अन्य वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है, ‘‘सब कुछ खत्म हो गया है।'' मुख्यमंत्री धामी अपना आंध्र प्रदेश का दौरा बीच में ही छोड़कर देहरादून लौट आए और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। धामी ने धराली में हुए भारी नुकसान पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी । उन्होंने बताया कि बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम युद्धस्तर पर लगी हैं। धामी ने प्रभावितों को हवाई मार्ग से लाने तथा उनके लिए तत्काल भोजन, कपड़े और दवाइयां भिजवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वायु सेना के एमआई-17 का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रुहेला तथा गौरव कुमार को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं जो उत्तरकाशी जाकर बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में घायलों के लिए बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं और एंबुलेंस धराली पहुंच गयी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी से बात की और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सात बचाव दल भेजने का आदेश दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं और कीमती जानें बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एडीआरएफ ने उत्तराखंड में बादल फटने की घटना में मारे गए लोगों का पता लगाने में मदद के लिए शव खोजी कुत्तों की अपनी पहली टीम तैनात करने का फैसला किया है। इन कुत्तों के एक जोड़े को दिल्ली से हवाई मार्ग से लाया जाएगा, जबकि राज्य के विभिन्न स्थानों से बल की तीन टीम घटनास्थल पर पहुंच गई हैं जिनमें प्रत्येक में 35 बचावकर्मी शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि उत्तरकाशी में मलबे और कीचड़ में दबे शवों को ढूंढ़ने के लिए खोजी कुत्तों को तैनात किया जा रहा है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत इस महीने के अंत में यहां तीन-दिवसीय कार्यक्रम में भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संगठन का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। वह इस कार्यक्रम में देश को अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रभावशाली बनाने के लिए ‘‘विकास के औपनिवेशिक युग के मानदंडों से आगे जाने की आवश्यकता'' समेत कई विषयों पर अपने विचार रखेंगे। आरएसएस इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदायों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और विदेशी राजदूतों (पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर) समेत समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित करेगा। सूत्रों ने बताया कि तुर्किये को निमंत्रण भेजे जाने की भी संभावना नहीं है।
छब्बीस अगस्त से शुरू होने वाली तीन-दिवसीय व्याख्यानमाला का विवरण साझा करते हुए, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने कहा कि भागवत समाज की मदद से भारत के “उज्ज्वल भविष्य” को आकार देने में आरएसएस और उसके स्वयंसेवकों की भूमिका को रेखांकित करेंगे। उन्होंने यहां आरएसएस कार्यालय केशव कुंज में प्रेसवार्ता में कहा कि 26 से 28 अगस्त तक यहां विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का विषय 'आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा: नए क्षितिज' है। उन्होंने कहा कि व्याख्यानमाला के पहले दो दिनों में, सरसंघचालक मोहन भागवत भारत के भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण और भारत के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में स्वयंसेवकों (आरएसएस स्वयंसेवकों) की भूमिका सामने रखेंगे। उन्होंने बताया कि तीसरे दिन आरएसएस प्रमुख प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देंगे। -
नयी दिल्ली/ उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने ऊंचाई पर स्थित गांवों में भारी तबाही मचाई है। आइए विस्तार से जानें कि बादल फटने का क्या मतलब है। भारतीय हिमालयीय क्षेत्र में सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल बादल फटने की घटनाओं में बेहद कम समय में सीमित इलाके में भारी मात्रा में बारिश होती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, बादल फटने की घटना से आशय 20 से 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के बीच 100 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक की दर से बारिश होने से है। हालांकि, 2023 में जारी एक शोध पत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जम्मू और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) रुड़की के शोधकर्ताओं ने बादल फटने की घटना को “एक छोटी-सी अवधि में 100-250 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से अचानक होने वाली बारिश के रूप में परिभाषित किया है, जो एक वर्ग किलोमीटर के छोटे-से दायरे में दर्ज की जाती है।” इस शोधपत्र को ‘इंटरनेशल हैंडबुक ऑफ डिजास्टर रिसर्च' में प्रकाशित किया गया है।
भारतीय हिमालयी क्षेत्र को असामान्य और चरम मौसमी घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील माना जाता है, जिनमें बादल फटना, अत्यधिक वर्षा, अचानक आई बाढ़ और हिमस्खलन शामिल हैं। कहा जाता है कि जलवायु परिवर्तन के तीव्र होने के साथ ही इन आपदाओं का खतरा बढ़ता जाता है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जिलों सहित इस पूरे क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं आमतौर पर मानसून के मौसम में दर्ज की जाती हैं। अत्यधिक बारिश से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान तो होता ही है, साथ ही अचानक बाढ़ आने, भूस्खलन की घटनाएं घटने, यातायात बाधित होने और संपर्क टूटने का जोखिम बढ़ जाता है। आईआईटी जम्मू और एनआईएच रुड़की के शोधपत्र में कहा गया है कि समुद्र तल से 1,000 से 2,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जगहों पर (जिनमें मुख्यत: हिमालय की घनी आबादी वाली घाटियां शामिल हैं) चरम मौसमी घटनाएं काफी आम हैं। उत्तरकाशी समुद्र तल से लगभग 1,160 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शोधपत्र के अनुसार, उत्तराखंड में भारतीय हिमालयी क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तुलना में प्रति इकाई क्षेत्रफल में बादल फटने की घटनाएं “बहुत अधिक” होती हैं। इसमें कहा गया है कि बादल फटने की हालिया घटनाएं ज्यादा घातक पाई गई हैं और इन्होंने अधिक लोगों को प्रभावित किया है। गत 26 जुलाई को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश हुई, जिससे पहाड़ी से पत्थर एवं चट्टानें गिरने लगीं और केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया। यात्रा मार्ग पर फंसे 1,600 से अधिक चारधाम यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
इससे पहले, उत्तराखंड में बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई बैंड में 29 जून को अचानक बादल फटने से एक निर्माणाधीन होटल क्षतिग्रस्त हो गया और आठ से नौ श्रमिक लापता हो गए। शोधकर्ता बादल फटने की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक संगठनों से ठोस नीतियों, योजनाओं और बेहतर प्रबंधन की मांग कर रहे हैं। - नई दिल्ली/पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। वह जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे राज्यों में गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले सत्यपाल मलिक समाजवादी विचारधारा से निकले नेता थे। एक सांसद से लेकर गवर्नर तक का सफर तय करने वाले सत्यपाल मलिक आखिरी कुछ सालों में भाजपा से जुड़े थे और कई राज्यों में गवर्नर के तौर पर सेवाएं दीं। सत्यपाल मलिक के एक्स अकाउंट से भी उनकी मौत की जानकारी दी गई।
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नई दिल्ली। फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस जूनियर पांच दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने स्वागत की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस का गर्मजोशी से स्वागत किया। इंडिया और फिलीपींस के साथ हमारे संबंध सभ्यतागत और ऐतिहासिक हैं।”
भारत-फिलीपींस संबंध: प्राचीन सभ्यताओं के सांस्कृतिक सेतु और ऐतिहासिक साझेदारी का उज्ज्वल अध्यायउन्होंने आगामी दिनों में फिलीपींस के साथ होने वाली चर्चाओं का भी जिक्र किया। कहा कि हमारी स्थायी मित्रता और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चाएं व्यापक होंगी। इससे पहले फिलीपींस के राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया।फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस का भारत की पहली राजकीय यात्रा पर गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत किया गयाविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस का भारत की पहली राजकीय यात्रा पर गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गर्मजोशी से स्वागत किया।”यह राजकीय यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती साझेदारी की पुष्टि करती हैइस दौरान आर. मार्कोस ने कहा कि यह राजकीय यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती साझेदारी की पुष्टि करती है। पत्रकारों से बात करते हुए, मार्कोस ने कहा, “यह यात्रा उस गठबंधन और साझेदारी की दोबारा पुष्टि है जिसे हम मजबूत कर रहे हैं। पहले हमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता था, अब हमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता है, जो राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रकृति के कारण उस समझ का सही विकास है।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति सोमवार को भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैंउन्होंने आगे कहा, “हम यहां (भारत और फिलीपींस) जो पहले से मौजूद है, उसे और बेहतर बनाने के लिए और निश्चित रूप से उन अनेक अवसरों का लाभ उठाने के लिए आए हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में नई तकनीकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा हमारे आसपास की भू-राजनीति में बदलती स्थिति के कारण उत्पन्न हुए हैं।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति सोमवार को भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। - सिंगापुर. भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) ने 28 जुलाई से एक अगस्त तक वार्षिक सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिमबेक्स) किया। रक्षा मंत्रालय ने यहां बताया कि अभ्यास के तहत इस वर्ष पहले आरएसएस सिंगापुर-चांगी नौसैनिक अड्डे पर तटीय चरण और उसके बाद दक्षिण चीन सागर के दक्षिणी छोर पर समुद्री चरण का आयोजन किया गया। उसने बताया कि समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं के पोत और सिंगापुर गणराज्य वायु सेना (आरएसएएफ) के विमान शामिल हुए। आरएसएन ने ‘फोर्मिडेबल' (दुर्जेय) श्रेणी के फ्रिगेट ‘आरएसएस सुप्रीम' और ‘विक्ट्री' (विजयी) श्रेणी के मिसाइल युद्धपोत ‘आरएसएस विजिलेंस' (एमवी मेंटर) को तैनात किया। भारतीय नौसेना ने शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा के साथ अभ्यास में भाग लिया। आरएसएएफ के एक एस70बी नौसैनिक हेलीकॉप्टर, दो फोकर-50 समुद्री गश्ती विमान और दो एफ-15एसजी लड़ाकू विमान भी इस अभ्यास में शामिल हुए। सिम्बेक्स 2025 का सफल आयोजन भारतीय नौसेना और आरएसएन के बीच स्थायी साझेदारी को रेखांकित करता है।आरएसएस के कमांडिंग ऑफिसर सुप्रीम लेफ्टिनेंट कर्नल आरोन कोह ने कहा, ‘‘सिम्बेक्स सिंगापुर गणराज्य की नौसेना और भारतीय नौसेना के बीच दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है। यह अभ्यास अभियानगत दक्षताओं को निखारने, आपसी समझ बढ़ाने और लोगों के बीच स्थायी संबंध बनाने की दिशा में नौसैन्य कर्मियों की पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान मंच के रूप में वर्षों से कार्य करता रहा है।'' सिम्बेक्स का पहली बार 1994 में आयोजन किया गया था। इस साल यह इस अभ्यास का 32वां संस्करण था। यह आरएसएन के सबसे लंबे समय से जारी द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में से एक है और भारत द्वारा किसी अन्य देश के साथ किया जाने वाला सबसे लंबा निरंतर द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है।
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नयी दिल्ली. भारत ने वर्ष 2025-26 के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र को ‘प्राचीन बौद्ध स्थल, सारनाथ' शीर्षक से एक दस्तावेज प्रस्तुत किया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के लिए प्रस्तावित नए धरोहर स्थलों की संख्या और इस प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय-सीमा का विवरण पूछा गया था। मंत्री ने अपने उत्तर में कहा, ‘‘इस वर्ष, 2025-26 के लिए ‘प्राचीन बौद्ध स्थल, सारनाथ' शीर्षक से नामांकन दस्तावेज विश्व धरोहर केंद्र को प्रस्तुत किया गया है। परिचालन दिशानिर्देश, 2024 के अनुसार, किसी भी वार्षिक नामांकन चक्र में केवल एक ही संपत्ति को शिलालेख प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।'' परिचालन दिशानिर्देश, 2024 में निर्धारित अभिलेखीकरण प्रक्रिया के बाद, नामांकन प्रक्रिया में दस्तावेज जमा करने की तिथि से लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सभी नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस से पहले अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ‘हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक निर्दिष्ट पोर्टल पर तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करने की अपील की। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘हर घर तिरंगा' अभियान ने देश के लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब हर व्यक्ति से जुड़ गया है और इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील करता हूं कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और तिरंगे के साथ सेल्फी ‘हरघरतिरंगा डॉट कॉम' पर अपलोड करें।'' ‘हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत ‘आजादी का अमृत महोत्सव' के तत्वावधान में हुई थी जिसके तहत लोगों को राष्ट्रीय ध्वज घर लाने और भारत की स्वतंत्रता के उपलक्ष्य में इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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नयी दिल्ली. दक्षिण कोरियाई अभिनेता सॉन्ग यंग-क्यू रविवार को एक वाहन के अंदर मृत मिले। वह ‘बिग बेट', ‘ह्वारांग' और ‘हॉट स्टोव लीग' जैसी लोकप्रिय कोरियाई फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। स्थानीय समाचार वेबसाइट कोरियाबू के अनुसार, अभिनेता (55) रविवार को ग्योंगगी प्रांत के योंगिन स्थित एक टाउनहाउस परिसर में एक कार में मृत मिले। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उनकी मृत्यु का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सॉन्ग के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं।
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नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को कहा कि एक अगस्त को बिहार की मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने दस्तावेज़ से किसी व्यक्ति का नाम शामिल करने या हटाने के लिए उससे संपर्क नहीं किया है। मसौदा सूची को लेकर एक सितंबर तक आपत्तियां और दावे दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके तहत दल और व्यक्ति छूटे हुए पात्र नागरिकों को शामिल करने और उन लोगों को बाहर करने की मांग कर सकते हैं जिन्हें वे अयोग्य मानते हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि एक अगस्त को दोपहर तीन बजे से 4 अगस्त (सोमवार) को दोपहर बाद 3 बजे के बीच, दलों द्वारा नियुक्त किसी भी बूथ-स्तरीय एजेंट ने दावे और आपत्ति प्रक्रिया में चुनाव अधिकारियों से संपर्क नहीं किया है। आयोग के एक बुलेटिन में कहा गया है कि अब तक 1,927 व्यक्तियों ने नाम शामिल करने या हटाने के लिए उससे संपर्क किया है। यह मसौदा सूची आयोग द्वारा जारी बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का हिस्सा है, जिसका विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों का दावा है कि इस प्रक्रिया से करोड़ों पात्र नागरिकों को दस्तावेजों के अभाव में मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ सकता है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा। बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
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श्रीनगर. अमरनाथ यात्रा का अंतिम चरण सोमवार को शुरू हो गया। महंत दीपेंद्र गिरि ने भगवान शिव की पवित्र छड़ी 'छड़ी मुबारक' को दशनामी अखाड़ा मंदिर से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित गुफा मंदिर की यात्रा के रवाना किया। छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत गिरि ने कई साधुओं के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह यहां बुद्धशाह चौक स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर से पवित्र छड़ी यात्रा निकाली। उन्होंने कहा, ‘‘पवित्र छड़ी यात्रा आज रात पहलगाम पहुंचेगी और वहां दो रात रुकेगी। इसके बाद छह अगस्त को चंदनवाड़ी, सात अगस्त को शेषनाग और आठ अगस्त को पंजतरणी में रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद नौ अगस्त को पवित्र गुफा पहुंचेगी, जो शास्त्रों के अनुसार यात्रा का समापन होगा।'' श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने महीने भर जारी रहने वाली इस यात्रा को निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले शनिवार को ही समाप्त कर दिया। बोर्ड ने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के कारण पवित्र गुफा तक जाने वाले क्षतिग्रस्त हुए मार्गों की मरम्मत की आवश्यकता है। इस वर्ष 4.13 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ यात्रा की। गिरि ने इस वर्ष आने वाले तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया कि तीर्थयात्री श्रावण पूर्णिमा तक यात्रा कर सकें, जो हर साल रक्षा बंधन के दिन होती है।
- वाराणसी/संभल/लखनऊ (उप्र)। श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार को लखनऊ, वाराणसी, संभल और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई और ‘‘हर हर महादेव'', ‘‘बम बम भोले'' के जयकारे गूंजते रहे। वाराणसी में, हजारों श्रद्धालु सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए कतारों में खड़े दिखे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, भगवान शिव की मूर्ति को रुद्राक्ष से सजाया गया था, जिससे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और उन्होंने इस दिव्य श्रृंगार को देखकर अपार प्रसन्नता व्यक्त की। वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मंदिर ट्रस्ट ने कहा कि सुचारू और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें पेयजल काउंटर, चिकित्सा सहायता डेस्क, खोया-पाया केंद्र और सुरक्षा चौकियां शामिल हैं। संभल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संभल में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद, श्रद्धालुओं ने प्रमुख शिव मंदिरों में बड़े उत्साह के साथ जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। चंदौसी स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर, बहजोई स्थित सआदत बड़ी पातालेश्वर और 46 वर्षों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुले कार्तिकेय महादेव मंदिर सहित कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। राजघाट, नरौरा, हरिद्वार और बृजघाट से गंगाजल लेकर आए हजारों कांवड़ियों ने स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक किया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार के लिए मंदिरों की ओर जाते श्रद्धालुओं के जयघोष से जिले भर की सड़कें गूंज उठीं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। स्थानीय निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने चामुंडा मंदिर में रुद्राभिषेक किया।चंदौसी में बूंदाबांदी के बावजूद सुबह की प्रार्थना में शामिल हुए एक अन्य श्रद्धालु भुवनेश कुमार वार्ष्णेय ने कहा, ‘‘बारिश भी हमारे उत्साह को कम नहीं कर सकी।'' लखनऊ में मनकेश्वर मंदिर में भारी भीड़ थी, जहां बारिश के बीच भी श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े दिखे।
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नई दिल्ली।‘ देश भर में स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर एक अहम संदेश दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस अभियान ने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर घर तिरंगा अभियान की जो पहल की गई थी, उसने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैअमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर घर तिरंगा अभियान की जो पहल की गई थी, उसने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज यह अभियान जन-जन से जुड़ चुका है। प्रत्येक देशवासी में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना इस अभियान के माध्यम से साफ दिखाई दे रही है।”गृह मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगृह मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने आगे कहा कि मैं सभी देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं से अपील करता हूं कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करें।”सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी सोमवार को लोगों से हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने की अपील कीसूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी सोमवार को लोगों से हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने की अपील की। मंत्रालय ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, “15 अगस्त तक गर्व से जुड़ें ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से!” मंत्रालय ने आगे कहा कि अपने घर पर तिरंगा फहराएं और आधिकारिक वेबसाइट पर सेल्फी अपलोड करें।”प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत आजादी का अमृत महोत्सव के तहत की थीप्रधानमंत्री मोदी ने 2022 ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत आजादी का अमृत महोत्सव के तहत की थी। इस अभियान का उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और जुड़ाव की भावना को और मजबूत करना है। तब से लेकर अब तक लाखों लोग इस अभियान में जुड़ चुके हैं और अपने घरों, दुकानों, संस्थानों पर गर्व से तिरंगा फहरा रहे हैं। - गोंडा (उप्र). गोंडा जिले के इटियाथोक क्षेत्र में रविवार को एक एसयूवी के सरयू नहर में गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। इटियाथोक थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि एसयूवी सवार श्रद्धालु मोतीगंज थाना क्षेत्र के सिहागांव गांव से खरगूपुर स्थित प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर में पवित्र जल चढ़ाने जा रहे थे, तभी बेलवा बहुता के पास यह दुर्घटना हुई। राय ने बताया कि एसयूवी में चालक सहित 15 लोग सवार थे। वाहन का नियंत्रण खो जाने के कारण यह सड़क से उतरकर नहर में पलट गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और बचाव दल की मदद से डूबे हुए वाहन से महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित 11 शव निकाले गए। पुलिस ने बताया कि चार अन्य यात्रियों को बचाया गया जिनकी हालत गंभीर हैं, उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।


























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