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- -नैनो उर्वरकों ने बढ़ाया श्री अमर सिंह कंवर का विश्वास-पर्याप्त भंडारण से मजबूत हुई कृषि व्यवस्था, अन्नदाताओं को मिल रहा लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।कोरबा जिले के ग्राम अमगांव निवासी कृषक श्री अमर सिंह कंवर लगभग दो एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। लंबे समय से पारंपरिक खेती कर रहे श्री कंवर ने पिछले वर्ष पहली बार नैनो उर्वरकों का उपयोग किया। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए उन्होंने इस वर्ष भी अपनी फसल में नैनो उर्वरकों के उपयोग का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने सहकारी समिति कनबेरी से समय पर आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त की।श्री कंवर ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आई है, जबकि फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उर्वरकों की बर्बादी भी कम हुई है और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिला है। उनके अनुसार आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से खेती पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और लाभकारी बन रही है।उन्होंने सहकारी समिति में उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि किसानों को आवश्यकतानुसार खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री सहजता से उपलब्ध कराई जा रही है। समितियों में पर्याप्त भंडारण होने से किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया ।राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा समय पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि आदान सामग्री से जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। नैनो उर्वरकों का बढ़ता उपयोग न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि कम लागत, संतुलित पोषण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- -धान के बदले अन्य फसलों के लिए किसानों को सतत प्रोत्साहित करें - कलेक्टर-एचपीवी टीकाकरण के लिए सघन अभियान चलाकर लक्ष्य पूर्ण करेंमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर श्री लंगेह ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन, तिलहन फसलों को प्राथमिकता देने प्रोत्साहित करें। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा हरी खाद के उपयोग को व्यापक रूप से प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष किसानों एवं वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को यूरिया का आवश्यकतानुसार एकमुश्त मात्रा में प्रदान किया जाए, शेष खाद निर्देशानुसार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि किसानों को समसामयिक सलाह देते रहें। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के सहकारी समितियों में अब तक 42 हजार 565 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। जिसमें 26 हजार 458 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने खाद के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समय-समय में खाद वितरण की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।जिले में 13 से 18 जुलाई तक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। अभियान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा। कलेक्टर ने श्री लंगेह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र बालिका का टीकाकरण छूटने न पाए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को शिक्षा विभाग के साथ आवश्यक समन्वय बनाकर टीकाकरण के निर्देश दिए। साथ ही अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। कलेक्टर ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निर्धारित तिथि पर चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में लेकर आएं तथा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। जिले में अभी तक 3000 पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है।कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्याें के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वयित करें। कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। बैठक में राजस्व विभाग को सतत नक्शा अपडेशन के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांकन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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मोहला । खरीफ वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग और बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसानों को योजना से जोड़ने के लिए सहकारी समिति स्तर पर शिविर तथा ग्राम स्तर पर फसल बीमा पाठशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
शिविरों में कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अऋणी किसानों को मौसम एवं वर्षा से होने वाले संभावित नुकसान से सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ने की सलाह दे रहे हैं। वहीं ऋणी किसानों को ऑप्ट-आउट फॉर्म नहीं भरने की समझाइश भी दी जा रही है।
उप संचालक कृषि जे.एल. मंडावी ने जिले के सभी किसानों से समय पर फसल बीमा कराने की अपील करते हुए कहा है कि किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र, संबंधित बैंक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान बिना आवेदन किए वापस न लौटे।
जिले में खरीफ सीजन के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित), कोदो, कुटकी, रागी, अरहर तथा मक्का अधिसूचित फसलें हैं। इनमें धान (सिंचित) के लिए 66 हजार, धान (असिंचित) 49,500 रुपए कोदो 24,200 रुपए, कुटकी 24,200 रुपए, मक्का 52, 800 रुपए, अरहर 44,000 रुपए तथा रागी 27,500 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। योजना से संबंधित जानकारी एवं शिकायत के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं फसल नुकसान की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर बजाज जनरल इंश्योरेंस के व्हाट्सएप नंबर 70655-14447 पर सूचना देकर दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। -
- 'लखपति दीदी' बनने की ओर अग्रसर हैं श्रीमती केजू बाई सलामे
मोहला । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। जिले के विकासखंड मोहला के ग्राम रामगढ़ निवासी श्रीमती केजू बाई सलामे इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। अपनी मेहनत और लगन के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया है, बल्कि आज वे आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बन रही हैं।
श्रीमती केजू बाई बिहान के रोशनी स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उनमें बचत एवं आर्थिक प्रबंधन की समझ बढ़ी और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास मिला। इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अपने गांव में एक किराना दुकान का संचालन शुरू किया, जो आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। वे बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त होती है। यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने की पूंजी बन गई है। प्राप्त राशि से वे अपनी दुकान के लिए आवश्यक किराना सामग्री खरीदती हैं, जिससे दुकान में हमेशा पर्याप्त सामान उपलब्ध रहता है। परिणामस्वरूप ग्राहकों की संख्या और बिक्री में निरंतर वृद्धि हुई है तथा उनकी आय पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हुई है।
श्रीमती सलामे कहती हैं कि पहले सीमित संसाधनों के कारण व्यवसाय का विस्तार करना कठिन था, लेकिन अब नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और भविष्य के लिए बचत भी संभव हो रही है। अपने बढ़ते व्यवसाय और निरंतर आय के बल पर वे आज 'लखपति दीदी' बनने की ओर अग्रसर हैं। उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय का और विस्तार करना तथा अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
श्रीमती सलामे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। शासन की योजनाओं के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर वे आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। -
- ई-श्रम साथी मोबाइल एप्लीकेशन के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
- स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
मोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत गांवों में घर-घर सर्वेक्षण कर एनसीएईआर के अंतर्गत चिन्हित जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं समाज के वंचित वर्गों तक उनका समयबद्ध लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत विभागवार किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड , मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जल जीवन मिशन, मृत्यु प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस एवं आय प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी विभिन्न परिवारमूलक योजनाओं तथा आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, शिक्षा विभाग अंतर्गत मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क यूनिफॉर्म एवं पुस्तकें, टीकाकरण, श्रमिक कार्ड, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, महतारी वंदन योजना और मतदाता पहचान पत्र जैसी व्यक्तिमूलक योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं के सर्वेक्षण कार्य में विभाग प्रगति लाएं तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से लाभान्वित करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि विभागीय योजनाएं श्रमिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने शत-प्रतिशत श्रमिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-श्रम साथी मोबाइल एप्लीकेशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग तथा निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार और पंजीयन कार्य कराने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने समग्र शिक्षा अंतर्गत स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देशित किया कि शेष कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं तथा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें अतिशीघ्र पूर्ण किया जा सके।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सेवा सेतु के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा सेतु में प्राप्त आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न विभागों की 528 सेवाएं सेवा सेतु में उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आमजन विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने सभी आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। मौके पर उन्होंने नेशनल हाईवे के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नेशनल हाईवे पर किए जा रहे एवं शेष कार्यों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। - - सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री नड्डा, मुख्यमंत्री साय और प्रदेश के मंत्री जायसवाल का माना आभाररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडे ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक विस्तार पर हर्ष व्यक्त किया है। श्री पाण्डेय ने राज्य को 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की सौगात मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढाँचे और युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार के प्रयासों से प्रदेश को यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है। श्री पाण्डेय ने बताया कि नए स्वीकृत किए गए 5 शासकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ ही प्रदेश में 250 नई एमबीबीएस सीटों की भी स्वीकृति मिली है। इन सभी कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। श्री पाण्डेय ने विशेष रूप से कबीरधाम सहित वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को शामिल किए जाने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, बल्कि क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अपने ही प्रदेश और जिलों में डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के इस तालमेल से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश्वर रामटेके, उपअभियंता श्री टिकेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में नगर निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत कुशालपुर रिंग रोड क्रमांक 1 में श्रीमती तरूणा मेहता द्वारा लगभग 2000 वर्गफीट भूमि पर जी प्लस 2 आवासीय भवन में स्वीकृत भवन अनुज्ञा के विपरीत किये गये निर्माण पर नियमानुसार नोटिस देकर कार्यवाही की गई। इसके पूर्व नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण में पाया गया कि भवन के फ्रंट एमओएस क्षेत्र में अनुमति के विपरीत निर्माण कर लिया था। जिस पर नगर निगम रायपुर जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा नियमानुसार फ्रंट एमओएस क्षेत्र में किये गये अनाधिकृत निर्माण को हटाने की कार्यवाही स्थल पर पुलिस बल की उपस्थिति में अभियान पूर्वक की गई।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 9 अतर्गत कुशाभाउ ठाकरे वार्ड कमांक 7 अंतर्गत सड्डू विधानसभा मार्ग में बारिश में जलभराव और यातायात जाम की समस्या को दूर करने नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियता श्री शरद ध्रुव, उपअभियंता श्री अतुल बंसल, श्री रविप्रभात साहू की उपस्थिति में जेसीबी मशीन की सहायता से 5 पाटे नाले के ऊपर से तोडने की कार्यवाही की गई एवं सफाई की बाधा को दूर किया गया। इस कारण होने वाली जलभराव और यातायात जाम की समस्या से भी नागरिको को इससे राहत मिल सकेगी। नाले पर बने अवैव पाटो को हटाकर नाले की अवैध कब्जे के कारण जाम सफाई जेसीबी मशीन की सहायता से करवायी गयी एवं स्वच्छता कायम कर गंदे पानी का सुगम निकास प्रबंधन कायम किया गया।
- -महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर ने सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदत्त किए, प्रत्येक जोन को 20 पीपीई किट प्रदाय-सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारा दायित्व है- महापौर मीनल चौबेरायपुर शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ बनाने में सफाई मित्रों का महत्वपूर्ण योगदान है- सभापति सूर्यकांत राठौड़रायपुर - आज नमस्ते दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोलकाता में रखे गये विशेष कार्यकम का रायपुर नगर निगम मुख्यालय में लाइव प्रसारण किया गया। मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी उपस्थितजनों ने देखा। कार्यक्रम की शुरूआत गणमान्य अतिथियों के अभिनंदन से हुई। इसमें केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री विरेन्द्र कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंद्रु अधिकारी ने कार्यकम में समाज के सभी वर्गो तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं पर लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होने सामाजिक समावेशन और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे प्रयासो की सराहना की। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने समावेशी विकास एवं सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।इस संदर्भ में नमस्ते दिवस पर नगर निगम रायपुर के मुख्यालय भवन के सामान्य सभा सभागार में हुए आयोजन में रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारा दायित्व है। महापौर ने सफाई मित्रों से अपील की है कि जोखिम के कार्यों को सफाई मित्र ना करें एवं अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें एवं यह स्मरण रखें कि उनके पीछे उनके परिवारजन भी है और उनका दायित्व भी है। महापौर ने कहा कि सफाई मित्रों को फील्ड पर कार्य करने के पूर्व निर्धारित मानको के सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराये जाये। ताकि उनको कार्यों में कोई जोखिम ना रहे। सफाई मित्र भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का निजी दायित्व पूर्ण करें एवं अधिकारीगण उन्हें सुरक्षात्मक वातावरण एवं उपकरण उपलब्ध करवायें एवं सुरक्षित वातावरण में सफाई मित्रगण कार्य करें।नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड ने कहा कि रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ करने में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सफाई मित्रों को पहले सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाये। इसके बाद ही वे सफाई के कार्य में फील्ड में भेजे जाये। सफाई कार्यों को मैनुअल पद्धति से ना करवाकर मैकेनिकल पद्धति से करवाया जाना प्राथमिकता से सफाई मित्रों की सुरक्षा की दृष्टि से सुनिश्चित किया जाये।नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में सफाई मित्रो का योगदान महत्वपूर्ण है। सफाई मित्रों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सफाई मित्र पूरे शहर के लोगो के स्वास्थ्य का ध्यान रखकर सफाई कार्य अच्छी तरह करते है। जिससे शहर में स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बना रह सके। इसलिए सफाई मित्रों का योगदान शहर के लोगो को स्वास्थ्यवर्धक वातावरण देने महत्वपूर्ण है। उनकी सुरक्षा सबकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सफाई मित्र अपने अच्छे कार्यों के लिए वास्तव में हार्दिक धन्यवाद के पात्र है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम मुख्यालय के चतुर्थ तल सामान्य सभा सभागार में नमस्ते दिवस के आयोजन में भाग लिया एवं उपस्थित सभी सफाई मित्रों को नमस्ते मुद्रा में उनका हार्दिक अभिनन्दन किया।भारत सरकार द्वारा नमस्ते दिवस योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी। यह योजना आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। जिसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करना है।नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्यमैनुअल स्कैवेंजिंग एवं जोखिमपूर्ण सीवर, सेप्टिक टैंक सफाई को समाप्त करना।स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करना।सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कार्यों में पूर्ण मशीनीकरण को बढ़ावा देना।स्वच्छता कर्मियों को पीपीई किट, स्वास्थ्य सुरक्षा, बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना।पात्र कर्मियों को नमस्ते आईडी कार्ड प्रदान करना।स्वच्छतः कर्मियों के लिए कौशल विकास एवं वैकल्पिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना।स्वच्छता कर्मियों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।स्वच्छता कार्यों को सुरक्षित, सम्मानजनक और तकनीक आधारित बनाना।नमस्ते दिवस कार्यक्रम में दी गयी जानकारी के अनुसार स्वच्छता कर्मचारी रायपुर शहर की स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वच्छता कर्मियों से विनम्र अपील की गयी कि सीवर, सेप्टिक टैंक एवं अन्य स्वच्छता कार्यों के दौरान हमेशा निर्धारित पीपीई किट जैसे हेलमेट, दस्ताने, मास्क, गमबूट और सुरक्षा चश्मे का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। किसी भी परिस्थिति में बिना सुरक्षा उपकरणों के जोखिमपूर्ण कार्य न करें तथा सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उपलब्ध मशीनीकृत उपकरणों और मशीनों का अधिकतम उपयोग करें। सुरक्षा मानकों का पालन न केवल दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचाता है, बल्कि स्वच्छता कर्मियों के परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। नमस्ते दिवस योजना की भावना के अनुरूप सभी मिलकर सुरक्षा पहले, कार्य बाद में का संकल्प लें और सुरक्षित, सम्मानजनक एवं मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था को सफल बनाएं। रायपुर नगर पालिक निगम के स्वच्छता कर्मी भानु साहू, ओम प्रकाश, सनी सेंद्र, गोपाल साहू, कपील बेहरा, सचिन सोनाली, लोकेश तिवारी, विक्रांत, राजकुमार को पीपीई किट प्रदत्त की गई। प्रत्येक जोन को 20 पीपीई किट प्रदाय की जा रही है।इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सभापति श्री सूर्यकांत राठौड एवं स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर का नमस्ते दिवस आयोजन में पहुंचने पर नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव सिंह बाबरा, स्वच्छ भारत मिशन शाखा नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु ने बुके प्रदत्त कर मंच पर आत्मीय स्वागत किया।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत भर्री खार भाठागांव में लगभग ढाई एकड निजी भूमि पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग पर वहां स्थल पर नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उपअभियंता श्री सागर ठाकुर की उपस्थिति में वहां निर्मित अवैध मुरम रोड को जेसीबी की सहायता से तत्काल काटकर एवं वहां का यातायात बाधित कर स्थल पर कारगर रोक लगायी गयी। जोन कमिश्नर ने नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग की ओर से रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर शीघ्र संबधित भूमि के वास्तविक भूमि स्वामी की जानकारी नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग को देने अनुरोध किया है।तहसील कार्यालय से जानकारी मिलने पर शासन के अधिनियम अनुसार नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा प्रकरण में संबंधित अवैध प्लाटिंगकर्ता के विरूद्ध नियमानुसार कडी कानूनी कार्यवाही करने संबंधित पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज करवायी जायेगी।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार ने अधोसंरचना विकास निगम (CIDC) के अंतर्गत आने वाले विघटित परिवहन निगम के दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर, इन दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए एक नई नीति बनाने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के निर्धारण के लिए राज्य शासन द्वारा सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में 07 सदस्यीय अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है, जिसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, पूर्व में इन दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को शिक्षाकर्मी वर्ग-तीन के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती थी। लेकिन शिक्षाकर्मी पद समाप्त होने के बाद जल संसाधन विभाग ने 13 दिसंबर 2022 को एक आदेश जारी कर सीआईडीसी ((CIDC) के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किया था। सीआईडीसी में पद रिक्त न होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति के कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित हो गए थे। इसके चलते आश्रित परिवारों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था।मामले की संवेदनशीलता, उच्च न्यायालय के निर्देशों और कर्मचारी हित को सर्वाेपरि रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। गठित की गई 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट एक माह के भीतर शासन को सौंपनी होगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट (मंत्रि-परिषद्) से अंतिम अनुमोदन लिया जाएगा, जिसके बाद नई नीति को विधिवत अधिसूचित कर दिया जाएगा। राज्य शासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को किसी भी प्रकार के आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इस नई नीति के लागू होने से वर्षों से लंबित प्रकरणों का तेजी से निपटारा होगा और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार व आर्थिक संबल मिल सकेगा।
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रायपुर। नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से भाजपा सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ की टीम ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने छत्तीसगढ़ भाजपा सोशल मीडिया टीम के साथ प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर भाजपा सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक मितुल कोठारी सहित सोशल मीडिया टीम के पदाधिकारी मौजूद रहे।
- -कुछ ही दिनों में बना मृत्यु प्रमाण पत्र, समस्या हुई दूररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पेंड्रा निवासी श्री अशोक सैनी की पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने संबंधी समस्या का समयबद्ध निराकरण किया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। श्री सैनी की पत्नी का रायपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण का त्वरित परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की गई तथा कुछ ही दिनों में उनकी समस्या का निराकरण करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होने से अब श्री सैनी को आवश्यक शासकीय एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूर्ण करने में सुविधा होगी।
- - कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति की बैठक आयोजित- फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाईमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर द्वारा क्रियान्वयन बीमा कम्पनी को कृषि विभाग एवं संबंधित विभाग बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक प्रचार कर फसलों के बीमा कराने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिये गए। उन्होंने जिले के सभी किसानों से फसलों का बीमा कराने के लिए अपील की है, ताकि आपदा की स्थिति में किसानों को क्षति पूर्ति हेतु दावा भुगतान मिल सके।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभविन्त करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने बताया की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों के लिये बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई नियत की गई है। बैठक में कलेक्टर ने ऋणी एवं अऋणी किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा आवरण में शामिल कराने के निर्देश दिए है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, उप संचालक कृषि श्री जे एल मंडावी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।बैठक में उप संचालक कृषि जे.एल. मंडावी ने जिले के सभी किसानों से समय पर फसल बीमा कराने की अपील करते हुए कहा है कि किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र, संबंधित बैंक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान बिना आवेदन किए वापस न लौटे।जिले में खरीफ सीजन के लिए धान (सिंचित एवं असिंचित), कोदो, कुटकी, रागी, अरहर तथा मक्का अधिसूचित फसलें हैं। इनमें धान (सिंचित) के लिए 66 हजार, धान (असिंचित) 49,500 रुपए कोदो 24,200 रुपए, कुटकी 24,200 रुपए, मक्का 52, 800 रुपए, अरहर 44,000 रुपए तथा रागी 27,500 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। योजना से संबंधित जानकारी एवं शिकायत के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं फसल नुकसान की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर बजाज जनरल इंश्योरेंस के व्हाट्सएप नंबर 70655-14447 पर सूचना देकर दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- -दंतेवाड़ा के देवेंद्र झाड़ी बने दूसरों के लिए प्रेरणा, ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से बदली जिंदगीरायपुर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर भारी-भरकम बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति पाई जा सकती है। भारत सरकार 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी देती है। 1 किलोवाट के लिए 30 हजार रूपए, 2 किलोवाट के लिए 60 हजार रूपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक के लिए 78 हजार रूपए तक की वित्तीय सहायता सीधे आपके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। दंतेवाड़ा जिले के रहने वाले देवेंद्र झाड़ी के लिए अब हर महीने आने वाला बिजली का बिल कोई चिंता का विषय नहीं रहा। कुछ समय पहले तक वे भी महंगे बिजली बिलों से परेशान रहते थे, लेकिन आज उनके घर की छत पर लगे सोलर पैनल उनके परिवार के लिए बचत और खुशहाली की नई किरण लेकर आए हैं। यह सब मुमकिन हुआ है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए।देवेंद्र ने इस जन-कल्याणकारी योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करवाया। इस प्लांट को लगाने के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की ओर से बेहतरीन सब्सिडी (वित्तीय सहायता) मिली। सब्सिडी मिलने के कारण सोलर प्लांट लगाने का शुरुआती खर्च बहुत कम हो गया, जिससे देवेंद्र के लिए इसे लगवाना बेहद आसान हो गया। अपने अनुभव को साझा करते हुए देवेंद्र झाड़ी बेहद खुश नजर आते हैं। वे बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली का बिल काफी अधिक आता था, जिससे घर का बजट प्रभावित होता था। लेकिन जब से सोलर पैनल लगा है, बिजली का खर्च न के बराबर हो गया है। अब हमारे घर के पंखे, लाइट और अन्य उपकरण सौर ऊर्जा से ही चलते हैं। इससे हमें बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर घर को आत्मनिर्भर बनाना और नागरिकों को महंगे बिजली बिलों से राहत दिलाना है। 3 किलोवाट तक के घरेलू सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जाती है। यह स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।कोई भी इच्छुक नागरिक योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से सुरक्षित तरीके से प्लांट लगवा सकता है।देवेंद्र झाड़ी आज अपने पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। वे दूसरों को भी इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहते हैं कि अगर आपके घर की छत पर खाली जगह उपलब्ध है, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। इससे न सिर्फ आपके पैसों की बचत होगी, बल्कि आप देश को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में भी अपना योगदान देंगे। सरकार की इस योजना का फायदा उठाकर अपने घरों को सौर ऊर्जा से जरूर जोड़ें।
- -संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कलेक्टर ने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। कलेक्टर ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें।जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने बताया कि जिले में 4 नवीन ब्लैक स्पॉट के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
- -राष्ट्रीय राजमार्ग पर 41 से अधिक वाहनों पर 41 हजार रुपए का जुर्माना-राजमार्गों पर अवैध कब्जे और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति-सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का सघन अभियानरायपुर ।सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने आज राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ व्यापक संयुक्त अभियान चलाया। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गठित जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स ने शहर के प्रमुख यातायात क्षेत्रों में सघन प्रवर्तन अभियान चलाते हुए राजमार्गों से अतिक्रमण हटाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले 41 से अधिक वाहनों पर लगभग 41 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के निर्देशन में यह अभियान कांशीराम चौक, छातामुड़ा चौक तथा अन्य व्यस्त मार्गों पर संचालित किया गया। अभियान के दौरान एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम श्री महेश शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राष्ट्रीय राजमार्ग) तथा जिला परिवहन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने मैदानी स्तर पर कार्रवाई की।संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटाया। दुकानों के सामने किए गए सड़क विस्तार, अस्थायी शेड, अवैध निर्माण तथा अन्य बाधाओं को हटाते हुए संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।अभियान के दौरान राजमार्गों और प्रमुख चौराहों के आसपास अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों एवं अन्य गाडि़यों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई। यातायात बाधित करने और दुर्घटना की आशंका बढ़ाने वाले 41 से अधिक वाहनों पर मौके पर ही चालानी कार्रवाई करते हुए लगभग 41 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला गया। जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 15 मीटर की परिधि के भीतर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अथवा संबंधित मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, लाइसेंस अथवा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी या नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप इस अभियान की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित अवधि में प्रस्तुत की जाएगी।जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने जिले के सभी दुकानदारों, ढाबा संचालकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करें। राजमार्गों पर अतिक्रमण न करें और न ही वाहनों को अव्यवस्थित ढंग से खड़ा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पूरे जिले में ऐसे औचक अभियान लगातार चलाए जाएंगे तथा दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक एवं वित्तीय कार्रवाई की जाएगी।
- -चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र, समयबद्ध सेवाओं का मिला लाभ-पिता ने लोकसेवा केंद्र से कराया ऑनलाइन आवेदन, प्रक्रिया रही सरल और पारदर्शी-प्रमाण पत्र मिलने से शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक कार्य होंगे सुगमरायगढ़ ।शासन द्वारा नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु आमजन के लिए सुविधाजनक माध्यम बनता जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी होने से नागरिकों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। इसी क्रम में रायगढ़ तहसील के ग्राम कोसमपाली निवासी पंकज कुमार विश्वाल का आय प्रमाण पत्र सेवा सेतु के माध्यम से निर्धारित समयावधि में जारी किया गया। पंकज कुमार विश्वाल के पिता नवीन कुमार विश्वाल ने 5 जुलाई 2026 को लोकसेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण एवं सत्यापन किया गया। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत 9 जुलाई 2026 को तहसीलदार, रायगढ़ द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।नवीन कुमार विश्वाल ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान रही। आवेदन जमा करने के बाद तय समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और बार-बार कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि आय प्रमाण पत्र समय पर मिलने से बच्चे के शैक्षणिक कार्यों सहित अन्य आवश्यक शासकीय प्रक्रियाओं में सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा नागरिकों को ऑनलाइन एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की यह पहल आमजन के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं अन्य नागरिक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। डिजिटल प्रणाली से सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, प्रक्रियाएं सरल हुई हैं तथा नागरिकों को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन पहल से त्वरित समाधान, नागरिकों में बढ़ा भरोसा-महिलाओं, बच्चों और राहगीरों को मिला सुरक्षित आवागमन का भरोसा-डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासरायपुर। सीएम हेल्पलाइन 1076 से लौटी रोशनी, संतोषी नगर की बंद स्ट्रीट लाइटें हुईं चालूसीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए शुरू किया गया एक एकीकृत मंच है। यह टोल-फ्री नंबर 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहता है, जहाँ नागरिक बिना किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाए अपनी शिकायतें सीधे शासन तक पहुँचा सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी पहल सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। यह व्यवस्था न केवल लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कर रही है, बल्कि सुशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास भी लगातार मजबूत कर रही है।इसका ताजा उदाहरण दुर्ग जिले के भिलाई नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 33 स्थित संतोषी नगर में देखने को मिला, जहां कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था। इससे महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही अंधेरे के कारण असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में असुरक्षा का वातावरण भी बन गया था। क्षेत्र के जागरूक नागरिक श्री बोल बम गुप्ता ने इस समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कर दिया। कुछ ही दिनों में पूरे वार्ड में रोशनी लौट आई और नागरिकों को राहत मिली।स्ट्रीट लाइटों के पुनः चालू होने से अब क्षेत्र में रात्रिकालीन आवागमन सुरक्षित और सुगम हो गया है। महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षा का अनुभव हो रहा है तथा अंधेरे का लाभ उठाकर होने वाली असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ सरकार की शिकायत निवारण व्यवस्था अब केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। डिजिटल तकनीक आधारित सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। संतोषी नगर के नागरिकों ने समस्या के शीघ्र समाधान पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली से आम लोगों को वास्तविक राहत मिल रही है तथा सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंच रहा है।
- -न्यायालय से प्रकरण वापस लेकर पात्र उपभोक्ता उठा सकेंगे योजना का लाभरायपुर । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को न्यायालयों में लंबित प्रकरण वापस लेना होगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों को भी इसमें शामिल किया गया है।उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल संबंधी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, वे न्यायालय से अपना प्रकरण वापस लेकर योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उन्हें उपलब्ध छूट एवं अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे। प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने निकटतम वितरण केंद्र अथवा संबंधित कार्यालय से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर योजना का लाभ उठाते हुए अपने बिजली बिल संबंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराएं।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल की मूल राशि एवं अधिभार में नियमानुसार छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। अब तक 8 लाख 61 हजार 38 सक्रिय उपभोक्ताओं का पंजीयन हुआ है, जिन पर 1,493 करोड़ रुपये की कुल बकाया राशि थी, उन्हें कुल 745.61 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई है तथा 85.22 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है। वहीं 1 लाख 42 हजार 799 उपभोक्ताओं ने अपने प्रकरणों का संपूर्ण समाधान प्राप्त किया, जिनके लिए मूल राशि में 28.28 करोड़ रुपये तथा अधिभार में 50.60 करोड़ रुपये की छूट दी गई और 58.96 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ।इसके अतिरिक्त 3.58 लाख निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल राशि में 124.31 करोड़ रुपये तथा अधिभार में 40.76 करोड़ रुपये, अर्थात कुल 165.07 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई तथा उनसे 2.52 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ। पूर्व में यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील थी। योजना की अवधि बढ़ने से ऐसे पात्र उपभोक्ताओं को तीन माह का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश इसका लाभ नहीं ले सके हैं।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जनदर्शन में पहुंचे ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरनलाल रजक ने गांव के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े तीन अलग-अलग महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने गांव में पर्यावरण संरक्षण और तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए 200 फलदार पौधों की मांग की है, ताकि उन्हें उपयुक्त स्थानों पर लगाया जा सके। इसके साथ ही, सरपंच ने सेंवार के पूर्व माध्यमिक शाला भवन में पढ़ने वाले 228 छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए नए शौचालय और प्रार्थना शेड निर्माण की भी स्वीकृति मांगी है, क्योंकि वर्तमान में वहां बना शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सरपंच द्वारा एक अन्य ज्ञापन में मुक्तिधाम, छोटकी छुइहा तालाब और साप्ताहिक बाजार स्थल पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने तथा वहां का सीमांकन जल्द से जल्द कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत नवागांव सोनसाय के ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर बातया कि गांव के राशन दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को कम राशन दिया जा रहा है। जांच के दौरान ई-पॉस मशीन से जुड़े कांटे में 20 किलो पर आधा किलो और 35 किलो के वजन पर 800 ग्राम तक की बड़ी गड़बड़ी (कम तौल) पाई गई, साथ ही हितग्राहियों को चने का वितरण भी नहीं किया गया। इसी तरह, ईंट भट्ठे में काम करने वाले तखतपुर तहसील के नवापारा निवासी भोजराम डहरिया ने अपने परिवार के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित मजदूर का कहना है कि उन्होंने कुल 57,158 ईंटें बनाई थीं, जिसके हिसाब से उनकी कुल मजदूरी 59,850 रुपये बनती है, लेकिन भट्ठा मालिक रमेश बंजारे ने उन्हें केवल 36,000 रुपये थमाए और बाकी के 23,850 रुपये देने से साफ मना कर दिया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर के रानी दुर्गावती खमतराई वार्ड क्रमांक 58 की निवासी श्रीमती वृंदा पटेल ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि उनका राशन कार्ड बिलासपुर में पंजीकृत है, लेकिन वर्तमान में वह रायगढ़ जिले के डभरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत ओडेकेरा सराईपाली में रहने लगी हैं। बिलासपुर से रायगढ़ की दूरी अधिक होने के कारण उन्हें राशन लेने और राशन कार्ड संबंधी अन्य कार्यों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कलेक्टर से अपने राशन कार्ड को रायगढ़ जिले की संबंधित उचित मूल्य दुकान में ट्रांसफर करने का विनम्र आग्रह किया है। मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम वृंदावन निवासी दुकेश कुमार पाटले ने बताया कि ग्राम पंचायत डंगनिया के सरपंच हरप्रसाद भारते द्वारा गांव से तीन किलोमीटर दूर आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जा रहा है। गांव से तीन किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे बच्चे या गर्भवती महिलाएं वहां तक पैदल नहीं जा पाएंगी। सरपंच की इस मनमानी पर तुरंत रोक लगाने और आंगनबाड़ी केंद्र को गांव के भीतर ही किसी उपयुक्त स्थान पर बनवाने की मांग की है ताकि बच्चों और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चपोरा की महिला सरपंच श्रीमती दीपमाला ने भी कलेक्टर से मुलाकात कर क्षेत्र की दो बड़ी समस्याओं से अवगत कराया। सरपंच और पंचों ने बताया कि चपोरा विद्युत सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले चारों फीडर मोहतरा, चपोरा, बांसाझाल और पुडू़ फीडर में पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। जनदर्शन में आज शाला प्रवेशोत्सव, अवैध कब्जा, भूमि और राजस्व संबंधी शिकायतें मिली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। - -टीएल बैठक में विकास कार्यों, सीएम हेल्पलाइन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षाबिलासपुर / कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित के मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयसीमा का कड़ाई से पालन करें। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल,वनमंडलाधिकारी श्री नीरज तथा सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले की एकल शिक्षकीय शालाओं में शीघ्र अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी अतिथि शिक्षक के रूप में ली जा सकती हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे विद्यालयों के लिए तत्काल वैकल्पिक भवनों की व्यवस्था की जाए तथा नए भवन अथवा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उपलब्ध प्रावधानों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि डीएमएफ के माध्यम से विभिन्न पदों पर संविदा नियुक्तियों के लिए सहमति प्रदान की जा चुकी है।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष किसानों का सत्यापन 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यालयों में इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि जल्द ही बायोमेट्रिक उपस्थिति को वेतन भुगतान से जोड़ा जाएगा।बैठक में 18 जुलाई को प्रस्तावित जिलेव्यापी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित कर सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि अभियान जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो सके।इसके अलावा बैठक में अग्रिस्टेक पंजीयन, सुशासन तिहार, पीएमओ पोर्टल, समय-सीमा प्रकरण, जनदर्शन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सीएम हेल्पलाइन सहित शासन की विभिन्न प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा खरीफ सीजन में खेती-किसानी की प्रगति की भी जानकारी लेते हुए किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- -खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने किसानों को वितरित किए गए उड़द बीजमहासमुंद / राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में खरीफ सीजन के दौरान फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आत्मनिर्भर दलहन योजना अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में किसानों को उन्नत किस्म के उड़द बीज का वितरण किया गया।ग्राम पाइकपारा में आयोजित बीज वितरण कार्यक्रम में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-16 श्रीमती पद्मनी प्रदीप भोई की उपस्थिति में किसानों को उड़द बीज का वितरण किया गया। जनपद सदस्य श्रीमती भोई ने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने का आग्रह किया। इसी प्रकार सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापली में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पटेल ने किसानों को आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत उड़द बीज वितरित किया। उन्होंने किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने किसानों को उड़द की उन्नत खेती, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर बुवाई तथा फसल संरक्षण संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि धान के एकमात्र विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने से उत्पादन जोखिम कम होता है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेकर दलहन एवं तिलहन फसलों का अधिक से अधिक उत्पादन करें, जिससे जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
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- स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव का आकस्मिक निरीक्षण कर विभिन्न विभागों एवं वार्डों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने रेडियोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर प्रतिदिन होने वाले सीटी स्कैन एवं सोनोग्राफी की संख्या तथा विभाग में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से दो सीटी स्कैन टेक्नीशियन की भर्ती हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कैजुअल्टी वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर मेडिकल कालेज में मिल रही चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैजुअल्टी वार्ड में दो मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नियोनेटल वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिलर प्लांट में आवश्यक सुधार करने तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर एवं इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एम. लूका, अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवतरन तथा डॉ. पवन जेठानी सहित अन्य चिकित्सा, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। - - राजनांदगांव जिले में 5176 किशोरी बालिकाओं को लगाया गया एचपीवी टीकाराजनांदगांव । स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बेटियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में 13 से 18 जुलाई तक एचपीवी (हाूमन पैंपिलोमा वायरस) विशेष टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले की 14 वर्ष आयु की सभी पात्र बालिकाओं को नि:शुल्क एचपीव्ही टीका लगाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों सहित चिन्हित विद्यालयों एवं निर्धारित टीकाकरण सत्र स्थलों पर एचपीवी टीकाकरण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिले में अब तक तक 5176 किशोरी बालिकाओं को चिकित्सकों की निगरानी में एचपीपी टीका लगाया गया है, जिसका अभी तक कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं हुआ है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया है कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर बीमारी से बचाव का सुरक्षित, प्रभावी एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। एचपीवी विशेष टीकाकरण अभियान को सफल बनाने तथा पात्र बालिकाओं के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए अभिभावकों से अपनी 14 वर्ष की प्रत्येक पात्र बेटी को एचपीवी विशेष टीकाकरण अभियान के तहत नि:शुल्क एचपीवी टीका लगवाने की अपील की है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन, स्वंयसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अधिक से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए सहयोग का आग्रह किया गया है।




























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