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- दुर्ग. जिले के ग्राम चन्द्रखुरी एवं कुथरेल में संयुक्त आयुक्त भू अभिलेख श्री अतुल विश्वकर्मा द्वारा डीसीएस के सर्वे का निरीक्षण किया गया। श्री विश्वकर्मा ने ग्राम चन्द्रख़ुरी एवं कुथरेल में हल्का पटवारी एवं सर्वेयर के साथ फ़ील्ड में जाकर सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे पर श्री विश्वकर्मा ने संतोष ज़ाहिर की। उन्होंने सर्वे के दौरान सर्वेयर्स से भी उनको आ रही समस्याओं के संबंध में चर्चा की। श्री विश्वकर्मा ने ज़िले में डीसीएस के कार्यों के अप्रूवल की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक शीतल दस एवं नायब तहसीलदार श्री वसुमित्र दीवान उपस्थित थे।
- 0- सम्बंधित दुकान संचालकों को दी कड़ी चेतावनी0- निगम जोन 7 स्वास्थ्य, नगर निवेश, राजस्व की संयुक्त टीम फील्ड में उतरी0- रामनगर के आसपास की व्यवसायिक सम्पतियों में की पुर्नमूल्यांकन की कार्रवाईरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग, नगर निवेश विभाग, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में फील्ड पर उतरी और जोन क्षेत्र अंतर्गत रामनगर कर्मा चौक के आसपास क्षेत्र में अभियान चलाकर गन्दगी फैलाने और सड़कों पर कब्जा करने पर सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लगभग 35000 रूपये का ई जुर्माना किया.नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में जोन क्षेत्र अंतर्गत कर्मा चौक रामनगर के आसपास के व्यवसायिक भवनों में पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई अभियान चलाकर की. पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई में 1लाख 42414 रूपये की वृद्धि सम्पतिकर में नियमानुसार दर्ज की गयी, बढ़े सम्पतिकर की राशि की प्रक्रिया के अंतर्गत वसूली हेतु सम्बंधित सम्पतिकरदाता नागरिकों को नोटिस नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग ने जारी कर दी और बढ़े हुए सम्पतिकर की अंतर की राशि की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जा रही है.
- रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में तिलापिया क्लस्टर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने एवं तिलापिया मछली के निर्यात को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को तिलापिया मछली का देश एवं विदेश में निर्यात करने हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तिलापिया मछली का अधिक मात्रा में उत्पादन होता है, जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रोसेसिंग प्लांट में कार्य करने के लिए प्रथम चरण में 100 किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों का एफएफपीओ (फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) में पंजीयन कराया जाएगा, जिससे उन्हें संगठित रूप से उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सहायता मिल सकेगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत भारत सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में कुल 18 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिसमें से एक क्लस्टर प्राथमिक निर्यात-उन्मुख तिलापिया क्लस्टर के रूप में जिला रायपुर को नामित किया गया है। इसका उद्देश्य मीठे पानी की तिलापिया मछली के उत्पादन को बढ़ावा देना एवं विदेश में निर्यात को प्रोत्साहित करना है।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला मत्स्य अधिकारी श्री मनोज कुमार पैकरा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- नगर निगम ने जोन 8 क्षेत्र में शहीद भगत सिंह वार्ड 21 में कार्रवाई कीरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गनिर्देशन एवं कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता श्री लोचन चौहान की उपस्थिति में जोन 8 नगर निवेश विभाग टीम द्वारा नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत शहीद भगत सिंह वार्ड कमांक 21 क्षेत्र के अंतर्गत टाटीबंध सरोवर पोर्टिको होटल के पास दत्ता किचन के बाजू मुख्य मार्ग में लगभग 2000 वर्गफीट में किए जा रहे व्यवसायिक अनुमति विपरीत निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की गयी | अन्य वार्डों में सड़क बाधा शुल्क एवं ग्रीन नेट की कार्रवाई करते हुए ई पेनाल्टी के माध्यम से रसीद काटी गयी.
- 0- रायपुर में पीएम राहत योजना से 124 मरीजों का सफल सत्यापन0- पीएम राहत योजना में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल, डी.के.एस. अस्पताल राज्य के लीडिंग अस्पतालों में शामिल0- दुर्घटना के 7 दिन तक फ्री इलाज: रायपुर में पीएम राहत योजना से लोगों को मिल रही राहतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय से जिले में पीएम राहत योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। योजना के क्रियान्वयन में पुलिस विभाग से पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, एसपी ग्रामीण श्रीमती श्वेता सिन्हा, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा, एएसपी ग्रामीण श्रीमती चंचल तिवारी, एसीपी श्रीमती सीमा अहिरवार एवं जिला प्रबंधक श्रीमती अर्चना राजपूत का विशेष सहयोग रहा।जिला नोडल अधिकारी ट्रॉमा डॉ. सार्थक नंदा ने बताया कि जिले के 20 निजी एवं शासकीय अस्पतालों के सहयोग से अब तक 200 से अधिक जरूरतमंद लोगों को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया जा चुका है, जिनमें से लगभग 124 मरीजों का सफल सत्यापन किया गया है। इस उपलब्धि में डी.के.एस. अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में उच्च स्थान प्राप्त किया है। योजना की शुरुआत से ही अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा एवं डॉ. हेमंत शर्मा के मार्गदर्शन में डी.के.एस. के अधिकारी एवं कर्मचारी इस योजना के क्रियान्वयन में लगे हुए हैं।उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहाँ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के विशेष निर्देशन में दिनांक 30 अप्रैल 2026 को प्रथम हितग्राही को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया गया था।योजना के बारे में :- प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक राष्ट्रीय कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है, जो सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। यह योजना किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य सड़क या शहर की सड़क पर हुए हादसे पर लागू है। इसके लिए 112 पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा का अनुरोध कर नजदीकी अस्पताल में इलाज शुरू किया जा सकता है।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर द्वारा वर्ष 2026 की नवंबर सत्र में आयोजित होने वाली हाईस्कूल (10वीं) एवं हायर सेकण्डरी (12वीं) परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश एवं परीक्षा आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी सामान्य शुल्क के साथ 10 अक्टूबर 2026 तक अपना परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। जो छात्र-छात्राएं नियत अवधि में आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें ₹500/- विलंब शुल्क राशि के साथ दिनांक 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने का अवसर प्रदान किया गया है।छात्र प्रवेश एवं परीक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए अपने समीपस्थ मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा आवेदन फॉर्म छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.sos.cg.nic.in से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित अध्ययन केंद्र में जमा करना होगा।
- 0- GRM एवं MRM पोर्टल पर बैंक अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजितरायपुर. साइबर ठगी एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा ठगी की राशि की प्रभावी ढंग से वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.09.2026 को दोपहर 12:30 बजे यातायात पुलिस कार्यालय, कालीबाड़ी, रायपुर में जिले में संचालित विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों हेतु GRM (Grievance Redressal Module) एवं MRM (Money Restoration Module) पोर्टल संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।उल्लेखनीय है कि साइबर ठगी/धोखाधड़ी के मामलों में ब्लॉक किए गए बैंक खातों एवं होल्ड किए गए बैंक खातों में उपलब्ध राशि को पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा GRM एवं MRM पोर्टल की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षण कार्यशाला में बैंक अधिकारियों को इन पोर्टलों के माध्यम से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, बैंक खातों में होल्ड/ब्लॉक की गई राशि की जानकारी, प्रकरणों के निस्तारण तथा पीड़ितों को राशि वापस किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंक स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए संबंधित जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट की जाए, ताकि ठगी की राशि को सुरक्षित रखने एवं पात्र पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।प्रशिक्षण में बैंक अधिकारियों को GRM एवं MRM पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग, प्रकरणों की निगरानी, लंबित मामलों के निराकरण तथा पुलिस एवं बैंक के बीच प्रभावी समन्वय के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित मामलों में बैंक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका एवं दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यशाला में उपस्थित बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने बैंक की शाखाओं में साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा पुलिस विभाग एवं संबंधित साइबर सेल के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें।इस अवसर पर नागरिकों को भी साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई। नागरिकों से कहा गया कि वे OTP, PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज एवं ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी की घटना होने पर नागरिकों से बिना विलंब 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने तथा संबंधित साइबर अपराध पोर्टल/पुलिस को शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई, जिससे ठगी की राशि को तत्काल रोकने एवं पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना बढ़ाई जा सके। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बैंकिंग संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ितों को राहत प्रदान करने की दिशा में इस प्रशिक्षण कार्यशाला को महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल सर उपस्थित थे
- 0- माना बस्ती की सड़क से हटाए गए आवारा मवेशीरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर जिले में तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में माना बस्ती, ब्लॉक धरसींवा निवासी श्री अंशु कुमार द्वारा सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि पूरे रोड पर आवारा गाय-बैल एवं अन्य पशुओं के विचरण के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है तथा आवागमन में बाधा एवं अन्य परेशानियां हो रही हैं। शिकायतकर्ता ने पशुओं के गले में दूर से दिखाई देने वाले बेल्ट लगाने सहित आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। शासकीय पशु चिकित्सालय, माना बस्ती द्वारा मवेशियों जो रेडियम बेल्ट पहनाया गया तथा शिकायत का त्वरित निराकरण कर दिया गया है। इस कार्रवाई से सड़क पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली परेशानी और दुर्घटना की आशंकाओं को कम करने में मदद मिलेगी।जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से दर्ज कराएं, ताकि संबंधित विभागों द्वारा उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
- 0- समय सीमा में कार्य न करने पर कलेक्टर ने की कार्रवाई0- लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आम जनता से जुड़ी सेवाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने हेतु लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत क्रियान्वयन करना सुनिश्चित किया जा रहा है।सेवा सेतु पोर्टल के अंतर्गत ऑनलाइन प्राप्त आवेदन में रायपुर जिले के नगर पालिका निगम जोन 3 के जोन आयुक्त श्रीमती प्रीति सिंह पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 100 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। एक हितग्राही का राशन कार्ड में बनाने का आवेदन प्राप्त हुआ था। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इसके लिए 30 दिन की समय सीमा निर्धारित है। परंतु निर्धारित समय सीमा के भीतर नाम सुधार का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, जिसके कारण जोन आयुक्त के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि सभी विभाग लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिस विभाग में निर्धारित समय सीमा के भीतर आम जनता को लाभ नहीं दिया जाएगा, संबंधित अधिकारी पर शासन के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सिंह ने समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ बिना विलंब के मिल सके।
- 0- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर की पहलरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए विभिन्न नवाचारी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है।निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन 12 एवं 13 सितंबर 2026 को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार का अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें साक्षात्कार की प्रक्रिया, प्रश्नों के प्रभावी उत्तर, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, आत्मविश्वास और संवाद कौशल से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।मॉक इंटरव्यू के माध्यम से अभ्यर्थियों को विशेषज्ञों के समक्ष साक्षात्कार का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उनके प्रदर्शन का आकलन कर आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक भी दिया जाएगा, जिससे वे वास्तविक परीक्षा के साक्षात्कार चरण के लिए स्वयं को अधिक बेहतर ढंग से तैयार कर सकें।इच्छुक अभ्यर्थी 11 सितंबर 2026 तक निर्धारित Google Sheet में अपनी आवश्यक जानकारी भरकर पंजीयन करा सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल -9425502970, श्री चंद्रेश 7389931878. से भी संपर्क कर सकते है।
- 0- प्रसूता माताओं को हरियाली की भेंटरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा" प्रोजेक्ट ग्रीन पालना" अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा हैं। इस अभिनव पहल के तहत् शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहें हैं ताकि नई जिंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती में जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत् आज एमसीएच कालीबाड़ी अस्पताल 11, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग 01, कुरूद कुटेला 01, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंगोराभाटा 01, अभनपुर 03, तिल्दा 03, उरला 01, आज कुल 21 प्रसूतियों को 105 पौधें भेंट किए गए। अब तक कुल 13191 माताओं को 65955 पौधे भेंट किए गए। यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता हैं।
- 0- ग्रामीण और अर्ध-शहरी विकास की दिशा में एक सशक्त पहलबालोद. ग्रामीण और अर्ध-शहरी छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेश को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने 9 सितंबर 2026 को धमतरी क्षेत्र के दल्ली राजहरा में अपनी 62वीं शाखा का उद्घाटन किया। इस नई शाखा को दल्ली राजहरा और आसपास के गांवों के निवासियों को सुलभ और आधुनिक बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। शाखा का औपचारिक उद्घाटन बालोद जिले के पुलिस अधीक्षक श्री किरण जी. चौहान (आई.पी.एस.) ने किया। इस अवसर पर रायपुर अंचल के अंचल प्रमुख श्री दिवाकर पी. सिंह, धमतरी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री बानाम्बर बेहेरा और उप-क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अमित सिंह पटेल के साथ-साथ बैंक ऑफ़ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी और कई निवासी/व्यवसायी, स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्य तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।कार्यक्रम की शुरुआत मेहमानों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद धमतरी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री बानाम्बर बेहेरा ने स्वागत भाषण दिया और क्षेत्र की उपलब्धियों तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा की हालिया सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने दूरदराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के बैंक के संकल्प को दोहराया।रायपुर अंचल के अंचल प्रमुख श्री दिवाकर पी. सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि नई शाखा खुलने से अब स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और ग्रामीणों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना और ऋण सुविधाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। उन्होंने बैंक के उत्पादों जैसे केंद्र सरकार के साथ सैलरी पैकेज, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के साथ सैलरी पैकेज (MOU), छत्तीसगढ़ पुलिस सैलरी पैकेज आदि के बारे में भी जानकारी दी।बालोद के पुलिस अधीक्षक श्री किरण जी. चौहान (आई.पी.एस.) ने निवासियों से अपने परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खाते खुलवाने का आग्रह किया ताकि वे औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़कर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें। उन्होंने ब्रांच के सुचारू कामकाज और विकास के लिए पूरा प्रशासनिक सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। साथ ही, उन्होंने लोगों को बढ़ते हुए फाइनेंशियल और साइबर फ्रॉड के मामलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी और किसी भी तरह का फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील की, ताकि नुकसान को कम किया जा सके और समय पर कार्रवाई हो सके।कार्यक्रम के आखिर में, उप क्षेत्रीय प्रमुख श्री अमित सिंह पटेल ने वहां मौजूद सभी गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया और समाज के हर वर्ग को प्रभावी और बिना रुकावट वाली बैंकिंग सेवाएं देने के अपने संकल्प को दोहराया। यह उद्घाटन इस क्षेत्र में फाइनेंशियल पहुंच और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- 0- पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने बालोद में परखी योजनाओं की प्रगति0- अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देशबालोद. छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आज बालोद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, भौतिक उपलब्धियों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सहित सभी वर्गों के हितग्राहियों को योजनाओं का मिल रहे लाभ की विभागवार समीक्षा की गई।महिला और बालिका सशक्तीकरण पर विशेष जोरबैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने विभागवार योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।शिक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभजिला शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तक और छात्रवृत्ति के वितरण की जानकारी अधिकारियों ने दी। विभाग द्वारा इन सामग्रियों एवं छात्रवृत्ति का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देशआयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आयोग के सदस्य सर्वश्री यशवंत सिंह वर्मा, नीलाम्बर, बलदाऊ राम साहू, आयोग के सचिव अमित कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं कहा कि पात्र हितग्राही के चयन के लिए एक कमेटी गठित कर चिन्हांकित किया जाए और उस पात्र हितग्राही को योजना का समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग सहित सभी पात्र वर्गों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोरसमीक्षा बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने, मैदानी स्तर की स्थिति की जानकारी लेने तथा जहां आवश्यक हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में होंगे जनसेवा, जनभागीदारी और जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम0- सभी नोडल एवं सहयोगी समन्वय अधिकारियों को कार्ययोजना जल्द प्रस्तुत करने के निर्देशबालोद. ’सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय नोडल एवं सहयोगी समन्वय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण साहू, राज्य एथेलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने अभियान को अधिक प्रभावी और जनभागीदारीपूर्ण बनाने के लिए अपने-अपने अनुभव और आवश्यक सुझाव साझा किए।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ’सेवा संकल्प अभियान’ को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों एवं सहयोगी समन्वय अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।’आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत’अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ’आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत ग्राम, जनपद और जिला स्तर पर शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के घरों में दीया प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।बच्चों और युवाओं की भागीदारी पर रहेगा जोर17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ’सेवा चित्र’ कार्यक्रम के तहत शासकीय एवं निजी स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और ’विकसित भारत 2047’ की संकल्पना को विषय बनाया जाएगा।वहीं 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक ’सेवा स्मरण-संगीतमय नाट्य प्रस्तुति’ के माध्यम से पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों, प्रमुख योजनाओं और देश में हुए सकारात्मक बदलावों को सरल एवं रोचक नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाया जाएगा।आंगन मिलन से मातृ संवाद तक25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक ’आंगन मिलन’ कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ माताओं को आमंत्रित कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। साथ ही माताओं के साथ ’मातृ संवाद’ आयोजित कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां होंगी साझापूरे अभियान के दौरान ’कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की प्रेरक सफलता की कहानियों पर लघु फिल्में तैयार की जाएंगी। इन कहानियों को सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित किया जाएगा, ताकि शासन की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंच सके।सेवा ज्योति यात्रा और ’सेवा मेरा योगदान’07 अक्टूबर को ’सेवा ज्योति यात्रा’के तहत ’विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प के साथ जिले के गांवों और शहरों में पैदल एवं बाइक रैली निकाली जाएगी। वहीं 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ’सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत 25 प्रमुख गतिविधियों में नागरिकों को श्रमदान और समाजसेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें सहभागिता करने वाले नागरिकों को ’माय भारत पोर्टल’ के माध्यम से डिजिटल प्रमाण पत्र भी जारी किए जाएंगे।जल संरक्षण और जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष फोकसअभियान अवधि में ’जल जन सेवा संकल्प’ के तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल जीवन मिशन और ’हर घर जल’ जैसी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों एवं विकासखंडों में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ’सेवा सेतु कैंप’ आयोजित किए जाएंगे। ’सेवा के रंग’ कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक स्थलों पर ’ह्यूमन रंगोली’ और भव्य ’भारत मंडल रंगोली’ का निर्माण किया जाएगा।युवाओं के नवाचार को मिलेगा मंचहैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को स्थानीय एवं जमीनी समस्याओं के नए और उपयोगी समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।17 अक्टूबर को होगा ’जनसेवक महाकुंभ’अभियान के समापन अवसर पर 17 अक्टूबर को ’जनसेवक महाकुंभ’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं से लेकर संसद तक के जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ’पंचायत से पार्लियामेंट’ महाकुंभ आयोजित किया जाएगा।बैठक में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण साहू ने अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने प्राप्त सुझावों को उपयोगी बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी नोडल अधिकारियों एवं सहयोगी समन्वय अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने दायित्वों के तहत किए जाने वाले कार्यों की स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर जल्द जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्तबालोद. संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ तथा जनसंपर्क विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार नगर पंचायत पलारी में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना, विकसित भारत 2047 का संकल्प लेना तथा केंद्र व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना है।अभियान के सफल संपादन और वार्ड स्तर पर शत-प्रतिशत जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी 10 प्रमुख कार्यक्रमों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिसके अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 07 बजे ’आशीर्वाद का दीया अभियान’ का शुभारंभ वार्डवासियों द्वारा योजनाओं के प्रति आभार स्वरूप दीप प्रज्ज्वलन एवं ओंकारेश्वर शिव मंदिर में प्रत्येक परिवार की सहभागिता से संकल्प दीप जलाए जाएंगे।इसके लिए नगर पंचायत पलारी के लेखापाल गिरधर लाल (मो. 8889958470) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह 19 सितंबर को ’सेवा चित्र प्रतियोगिता’ अंतर्गत नगर के शासकीय व निजी स्कूलों में बच्चों के लिए ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसके लिए शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला पलारी के प्राचार्य श्री अनिल कुमार सोनी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह 22 सितंबर को ’सेवा स्मरण कार्यक्रम’ अंतर्गत स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता हेतु संगीतमय नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। इसके लिए शासकीय प्राथमिक शाला पलारी के प्रधानपाठक श्री बोधन लाल साहू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह 25 सितंबर को ’आंगन का मिलन’ अंतर्गत स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों व माताओं की सक्रिय भागीदारी से मातृ संवाद और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कार्यक्रम होगा। इसी तरह 02 अक्टूबर को गांधी जयंती के उपलक्ष्य में सुबह 07 बजे सेवा-मेरा योगदान कार्यक्रम अंतर्गत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।07 अक्टूबर को ’सेवा ज्योति यात्रा’ अंतर्गत नगर में भव्य सेवा ज्योति यात्रा, रैली एवं मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 12 अक्टूबर को ’सेवा सेतु अभियान’ अंतर्गत कार्यालयों में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए नगर पंचायत पलारी के लेखापाल श्री गिरधर लाल (मो. 8889958470) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संपूर्ण अभियान के दौरान शासन के निर्देशानुसार ’कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर आधारित वीडियो व रील बनाकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही ’सेवा के रंग’ अंतर्गत नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भव्य ’ह्यूमन रंगोली’ व ’भारत मंडल रंगोली’ सजाई जाएगी। इसके अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में ’जनसेवक महाकुंभ पंचायत से पार्लियामेंट’ कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
- बालोद. स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ ग्राम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नाहंदा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत नाहंदा द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया है। इस संबंध में ग्राम वासियों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती प्रभा नायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति कांति सोनबरसा सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नारायण बंजारा, सरपंच श्री रूपेश सिन्हा एवं पंचगण तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि कचरे के उत्पादन को कम करना, उसका पृथक्करण, पुनः उपयोग एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा ग्रामीण समुदाय के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक घर में 04 तरह के कचरा का पृथक्करण किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों द्वारा स्वयं से टिन के 04 प्रकार के डब्बो का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सभी सामाजिक संगठन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का बैन करते हुए बर्तन बैंक स्थापित किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत द्वारा कचरा प्रबंधन की शुरुआत स्रोत पर ही कचरे के पृथक्करण से की जा रही है। ग्रामीण परिवारों को गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों से निकलने वाले कचरे का नियमित संग्रहण करते हुए उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने तथा प्रावधान भी किया गया है।ग्राम पंचायत नाहंदा की यह पहल जिले में एसडब्ल्यूएम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है। डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नाहंदा द्वारा की गई यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और कचरे को संसाधन में बदलने की सोच को बढ़ावा देने वाली पहल है।
- -‘रंग परब नाट्य श्रृंखला’ का भव्य शुभारंभ — तीन दिनों तक रोजाना होंगी दो नाट्य प्रस्तुतियां, सामाजिक सरोकारों से लेकर पौराणिक कथाओं तक दिखेगा रंगमंच का विविध संसाररायपुर। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘रंग परब नाट्य श्रृंखला’ का शुभारंभ बुधवार को मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस, घड़ी चौक रायपुर में हुआ। 9 से 11 सितंबर तक आयोजित इस नाट्य श्रृंखला में प्रतिदिन दो नाटकों की रंगमंचीय प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। आयोजन में सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और पौराणिक कथाओं को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का जीवंत दर्पण है। रंगमंच हमारी संवेदनाओं, संघर्षों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से सामने लाता है। कलाकार अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों को सोचने, समझने और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि नाटक हमारी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को भी समृद्ध करने का सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार श्री विजय मिश्रा, फिल्म बोर्ड की सदस्य श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी तथा समाजसेवी श्री उदयभान चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।‘मया के मुंदरी’ ने दहेज प्रथा के खिलाफ बुलंद की आवाजनाट्य श्रृंखला की पहली प्रस्तुति ‘मया के मुंदरी’ रही, जिसका मंचन रिखी क्षत्रिय एवं समूह द्वारा किया गया। नाटक ने शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर आकर्षित किया। दहेज प्रथा पर केंद्रित इस प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस तरह धन-संपत्ति का लालच विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को रिश्ते से सौदेबाजी में बदल देता है।नाटक में दहेज के लालची पिता के चरित्र के माध्यम से यह दिखाया गया कि बेटे का विवाह उसके लिए संस्कार, प्रेम और पारिवारिक संबंधों का अवसर न रहकर धन-संपत्ति और गाड़ी हासिल करने का माध्यम बन जाता है। दहेज के लालच की यह मानसिकता केवल सामाजिक और नैतिक मूल्यों को कमजोर नहीं करती, बल्कि परिवार और रिश्तों की बुनियाद को भी प्रभावित करती है।कहानी का सबसे प्रभावशाली पक्ष यह रहा कि स्वाभिमानी बेटा और उसकी मां दहेज के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं। वे गरीब लड़की और उसके पिता का समर्थन करते हैं तथा विवाह को आर्थिक लेन-देन से अलग मानवीय संबंध के रूप में स्थापित करने का प्रयास करते हैं।नाटक में अंततः युवक दहेज रूपी कुरीति का विरोध करते हुए गरीब लड़की से विवाह स्वीकार करता है। ग्रामीण रीति-रिवाजों और परंपराओं के बीच विवाह संपन्न होता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि विवाह किसी सौदे का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और समानता पर आधारित जीवन-संबंध है।‘हरित सागर’ ने पौराणिक कथा को दिया रंगमंचीय स्वरूपनाट्य श्रृंखला की दूसरी प्रस्तुति 7वीं शताब्दी की संस्कृत उत्तरकथा ‘हरित सागर’ पर आधारित रही। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक श्री किशोर वैभव हैं। पौराणिक कथा पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को एक अलग ही रंगमंचीय संसार से परिचित कराया।नाटक की कथा भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को एकांत में सुनाई गई कथा से जुड़ी है। कथा को जलंधर द्वारा सुन लिए जाने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ता है। इसके पश्चात माता पार्वती द्वारा दिए गए श्राप और उस श्राप से मुक्ति की कथा को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया।कलाकारों ने संवाद, अभिनय और रंगमंचीय प्रस्तुति के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया। कथा की प्रस्तुति ने दर्शकों को पौराणिक आख्यानों की रोचकता और रंगमंच की सृजनात्मक शक्ति से रूबरू कराया।रंगमंच के जरिए सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक संवाद का प्रयासरंग परब नाट्य श्रृंखला’ का विशेष आकर्षण यह है कि इसमें मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक चिंतन और सांस्कृतिक चेतना को भी केंद्र में रखा गया है। एक ओर ‘मया के मुंदरी’ जैसी प्रस्तुति दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध आवाज बुलंद करती है, वहीं ‘हरित सागर’ जैसी प्रस्तुति पौराणिक कथा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाती है। तीन दिनों तक चलने वाली इस नाट्य श्रृंखला में विभिन्न विषयों और कथानकों पर आधारित नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी। संस्कृति विभाग का यह आयोजन रंगमंच के कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ ही दर्शकों को चिंतन, संवेदना, संस्कृति और मनोरंजन का समन्वित अनुभव देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
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-वृद्धाश्रम के संचालन में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले पत्रकारों एवं प्रबुद्ध समाजसेवियों को सम्मानित भी किया जाएगारायपुर । छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम जो की छत्तीसगढ़ के प्रथम वृद्धाश्रम के रूप में 10 सितम्बर 1989 को प्रारम्भ हुआ था। उसकी स्थापना हुए 37 वर्ष पूर्ण हो रहा है। इस अवसर पर कुलदीप निगम वृद्धाश्रम और सनातन संस्कृति रक्षक संस्था के द्वारा 10 सितम्बर 2026 गुरुवार को दोपहर 3 बजे से कुलदीप निगम वृद्धाश्रम परिसर पुलिस थाना के पास हॉट बाजार के पीछे माना कैम्प, रायपुर में "बुजुर्गों का सम्मान और हमारी संस्कृति की पहचान" विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है।इस अवसर पर कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के संचालन में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले पत्रकारों एवं प्रबुद्ध समाजसेवियों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारकापीठ शंकराचार्य आश्रम छत्तीसगढ़ प्रमुख दांडी स्वामी डॉ इंदु भावानंद जी महाराज होंगे एवं विशेष अतिथि श्री उदय शदाणी जी, पुज्य शदाणी दरबार रायपुर से होंगे।सनातन संस्कृति रक्षक के संयोजक श्री राहुल सिंह परिहार अपने विचार व्यक्त करेंगे। साथ ही अन्य वक्ताओं में श्री मोहन चोपड़ा, श्री अनिल पुसदकर, श्री प्रकाश शर्मा, श्री समीर दीवान भी अपने विचार रखेंगे।यह आयोजन हमारे बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्यों को समर्पित है।राजेन्द्र कुमार निगमअध्यक्ष , कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प, रायपुर9827172160 - -उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की-संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजनारायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए।श्री साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : श्री सोनमणि बोरानगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।इन कार्यों की हुई समीक्षाउप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगा नया विस्तार-‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’ और ‘कहानी बदलाव की’ जैसी अभिनव गतिविधियों से जुड़ेगा हर वर्गरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से जीपीएम जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने और विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना तथा प्रभावी मैदानी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे को ‘सेवा संकल्प अभियान’ का जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है।‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभअभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इस दिन शाम को जिले के प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलित कर अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक होगा।मैदानी अमला घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल की जानकारी देगा तथा उन्हें दीप प्रज्वलन के माध्यम से अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करेगा। इस गतिविधि का उद्देश्य विकास के संकल्प को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जन-जन और घर-घर का संकल्प बनाना है।बच्चों की कल्पनाओं में दिखेगा विकसित भारत‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के अंतर्गत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत की अपनी कल्पना और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का अवसर मिलेगा।उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बच्चों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ कलाकृतियों एवं उनकी कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन के सामने रखा जाएगा।नुक्कड़ नाटकों के जरिए आमजन तक पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’अभियान के दौरान ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके उद्देश्यों और योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को रोचक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नागरिकों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंच सके।‘आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी।कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियांअभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।जनभागीदारी से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगा विस्तार‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जिले में शासन की योजनाओं की जानकारी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ सेवा, सहभागिता और संकल्प की भावना को जन-जन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। एक माह तक चलने वाली विभिन्न गतिविधियों में बच्चे, महिलाएं, युवा, किसान, हितग्राही और आम नागरिक सहभागी बनेंगे।इस तरह ‘सेवा संकल्प अभियान’ 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार से लेकर विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प तक की यात्रा को जनभागीदारी से सशक्त करने का व्यापक अभियान बनेगा।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री ने रायपुर में जनकल्याणकारी योजनाओं और SC/ST बैकलाग भर्ती की समीक्षा कीरायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले ने अपने छत्तीसगढ़ के आधिकारिक दौरे के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' की दृष्टि के तहत राज्य के सर्वांगीण विकास को मजबूत वित्तीय गति प्रदान कर रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए ₹50,427 करोड़ का कर हस्तांतरण प्रस्तावित किया गया है, साथ ही राज्य की वित्तीय क्षमता और बुनियादी ढांचे के कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹15,000 करोड़ के अनुदान का प्रावधान किया गया है।राज्य में केंद्रीय प्रमुख योजनाओं की प्रगति को प्रस्तुत करते हुए श्री आठवले ने कहा कि केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में ग्रामीण, गरीब और आदिवासी समुदायों पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में 1.88 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिससे ₹9,324 करोड़ से अधिक की जमा राशि के साथ वित्तीय समावेशन सुनिश्चित हुआ है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 39.75 लाख से अधिक गैस कनेक्शन आवंटित किए गए हैं, जो ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ ईंधन प्रदान कर रहे हैं।अवसंरचना और स्वास्थ्य विकास पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने रेखांकित किया कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के लिए 5 नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, कोरबा में ₹130 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित इंडियन ऑयल का बॉटलिंग प्लांट क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, स्थानीय रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा दे रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ₹4,699 करोड़ के आवंटन से 1.77 लाख से अधिक मकानों का निर्माण किया गया है, जबकि उजाला योजना के तहत राज्य भर में 1.08 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए गए हैं।केंद्रीय मंत्री ने वंचित वर्गों के कल्याण पर केंद्र सरकार के निरंतर ध्यान को दोहराते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा पहलों को समर्थन देने के लिए क्षेत्र में 5 नशा मुक्ति केंद्रों और 3 वृद्ध आश्रमों के लिए धन प्रदान किया गया है। इससे पूर्व दिन में, श्री आठवले ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) बैकलाग भर्ती की प्रगति का आकलन करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और रायपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
- -अनफिट घोषित भवनों में रहना सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम, दुर्घटनाओं की आशंका के मद्देनजर अपील- अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रवर्तन अनुभाग की कार्रवाई जारी, टाउनशिप को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने पर जोररायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन ने भिलाई टाउनशिप में जर्जर एवं अनफिट घोषित आवासों में निवासरत रहवासियों तथा अवैध कब्जाधारियों से इन आवासों को शीघ्र खाली करने की अपील की है। प्रबंधन ने कहा है कि संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुके इन भवनों में निवास करना रहवासियों और उनके परिवारजनों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकता है। विशेषकर बारिश के दौरान ऐसे जर्जर भवनों में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।बीएसपी प्रबंधन के अनुसार, समय के साथ संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुके कई आवासों को निवास की दृष्टि से अयोग्य एवं जोखिमपूर्ण घोषित किया गया है। इन भवनों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इनमें रहना सुरक्षित नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में जर्जर भवनों से संबंधित हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए भी ऐसे आवासों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी आवश्यक है।बीएसपी टाउनशिप में अवैध कब्जों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर सेवाएं विभाग के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा अवैध कब्जाधारियों एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। टाउनशिप को अवैध कब्जों और अनधिकृत अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से प्रवर्तन अनुभाग द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अनफिट एवं जर्जर घोषित आवासों में रहना सुरक्षित नहीं है। ऐसे आवासों में निवासरत रहवासियों तथा अवैध कब्जाधारियों से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित आवासों को शीघ्र खाली कर दें। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ संबंधित आवासों के संबंध में प्रबंधन द्वारा की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई भी सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सकेगी।बीएसपी प्रबंधन ने कहा कि टाउनशिप में सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। जर्जर एवं जोखिमपूर्ण भवनों को लेकर की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा टाउनशिप में सुरक्षित आवासीय व्यवस्था को मजबूत करना है।
- -सामाजिक, राजनीतिक संगठनों ने दिए महत्वपूर्ण सुझावरायपुर / छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में राजनांदगांव के जिला पंचायत सभाकक्ष में बैठक में यूसीसी समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार एवं सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह के समक्ष विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे विषयों पर खुलकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।पारंपरिक-सामाजिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। UCC के पक्ष और विपक्ष दोनों में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के सर्व आदिवासी समाज, बौद्ध, जैन, मुस्लिम, ईसाई, साहू, कलार, लोधी, यादव, क्रिश्चयन समाज, पटेल, गड़रिया समाज और सेन समाज, अध्यक्ष गोड़ समाज, सामाजिक कार्यकर्ता, उराव समाज, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए और अपने सुझाव समिति के समक्ष रखे।विभिन्न सामाजिक संगठनों दिए गए सुझाव में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) के तहत सभी नागरिकों के लिए धर्म, जाति या लिंग के भेदभाव के बिना विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक जैसा कानून होना चाहिए। समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों के आधार पर ही अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने बताया कि आम जनता से ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। विधिक सलाहकार द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से UCC की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आम नागरिक समिति की आधिकारिक वेबसाईट https://ucc.cgstate.gov.in/: एवं ई-मेल [email protected] के माध्यम से भी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।बैठक के दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी तथा अपर कलेक्टर श्री सी.एल. मारकंडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और दुर्ग के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की चर्चा-जिला, संभाग, नगरीय निकाय एवं विकासखंड मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन की तैयारी के निर्देशरायपुर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार वाले जिलों बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद एवं दुर्ग में आगामी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संबंधित जिलों के विधायकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस की संध्या पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत जिला एवं संभाग मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और सामाजिक समरसता के साथ सेवा एवं संकल्प की भावना को मजबूत करने का अवसर होगा।श्री शर्मा ने कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल ऐसा हो, जहां अधिक से अधिक नागरिक सुविधाजनक रूप से शामिल हो सकें और आयोजन गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ की भावना को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखते हुए सभी जिलों के नगरीय निकायों एवं विकासखंड मुख्यालयों में भी सामूहिक रूप से एक निर्धारित स्थान पर दीप प्रज्वलित करने की पहल की जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर दिया।श्री शर्मा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच सहभागिता एवं सेवा भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आयोजन की तैयारियां समय पर पूरी हों और कार्यक्रम का उद्देश्य एवं संदेश समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समुचित समन्वय एवं प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिलावार तैयारियों की जानकारी ली तथा आयोजन को सफल, गरिमापूर्ण एवं जनभागीदारीपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तैयारियों की समीक्षा की- 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजनरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी बनाने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज नया रायपुर स्थित अपने आवास कार्यालय पर अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सचिव डॉ. एस. भारतीदासन पर्यटन एवं संस्कृति छत्तीसगढ़ शासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।मंत्री श्री अग्रवाल ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा, जनभागीदारी और विकास के प्रति नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का व्यापक अवसर है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान से जुड़ी गतिविधियों को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और जनोन्मुखी बनाया जाए, ताकि योजनाओं एवं विकास कार्यों का संदेश प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक सहज और प्रभावशाली ढंग से पहुंच सके।नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से दिखेगी योजनाओं से आए बदलाव की कहानीसंस्कृति विभाग द्वारा अभियान के दौरान प्रदेश के महाविद्यालयों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक केन्द, पंचायत सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा इन योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भावपूर्ण एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।नुक्कड़ नाटकों में स्थानीय भाषा, लोककला, संगीत और प्रभावी संवादों का उपयोग करते हुए योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की जीवन-परिवर्तन की कहानियों को आमजन तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी को केवल औपचारिक प्रचार तक सीमित न रखते हुए उसे जनसंवाद और जनजागरूकता का माध्यम बनाना है। महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में होने वाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित कर आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।पर्यटन विभाग के माध्यम से दुनिया देखेगी बदलता छत्तीसगढ़अभियान के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा देश और प्रदेश के इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश की बदलती तस्वीर को लोगों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी। इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, विकसित अधोसंरचना, पर्यटन सुविधाओं और विकास कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास की कहानी को व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के साथ प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है। डिजिटल माध्यमों की व्यापक पहुंच को देखते हुए इस पहल के जरिए युवाओं और सोशल मीडिया से जुड़े नागरिकों को अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।सेवा और विकास की गाथा बनेगी जनभागीदारी का माध्यम‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देना है।अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान, ‘सरकार आपके द्वार’ सहित अनेक गतिविधियां होंगी।इन गतिविधियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने, योजनाओं के लाभ से वंचित पात्र हितग्राहियों को जोड़ने तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।संस्कृति और पर्यटन के माध्यम से अभियान को मिलेगा रचनात्मक विस्तारबैठक में मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से संबंधित गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति जनसंवाद का प्रभावी माध्यम है और पर्यटन प्रदेश की विकास यात्रा को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम। इन दोनों माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को अधिक व्यापक एवं जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान की गतिविधियों में स्थानीय संस्कृति, लोक कलाओं, युवाओं और डिजिटल माध्यमों की सहभागिता को बढ़ावा दिया जाए, ताकि सेवा, विकास और जनभागीदारी का संदेश सहज एवं प्रभावशाली तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचे।






















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