एशियाई खेलों से पहले धीरज की नजरें विश्व कप फाइनल में पहले पदक पर
साल्टिलो (मेक्सिको) . भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा इस साल सत्र के अंत में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले देश के एकमात्र तीरंदाज हैं और उनका लक्ष्य रविवार को यहां इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहला पदक जीतने का होगा। एक दिन की यह प्रतियोगिता सीधे नॉकआउट प्रारूप में होगी और क्वार्टर फाइनल से शुरू होगी। इसका मतलब है कि किसी तीरंदाज के लिए दो जीत पदक पक्का करने के लिए काफी होंगी। धीरज अपना अभियान तुर्की के बर्किम तुमेर के खिलाफ शुरू करेंगे। धीरज ने अंताल्या में विश्व कप का तीसरा चरण जीतकर आठ सदस्यों के बीच होने वाले फाइनल में जगह बनाई। पुरुष और महिला वर्गों में रिकर्व तथा कंपाउंड दोनों वर्गों को मिलाकर कोई अन्य भारतीय तीरंदाज इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका। ड्रॉ की बात करें तो 25 वर्षीय सेना के जवान धीरज के लिए यह अपेक्षाकृत अनुकूल है। उनका पहला मुकाबला तुमेर से होगा जिन्हें उन्होंने जुलाई में मैड्रिड में हुए अपने पिछले विश्व कप में प्री-क्वार्टर फाइनल में हराया था। हालांकि इसके बाद वह क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। अगर वह शुरुआती चुनौती पार कर लेते हैं तो विजयवाड़ा के इस तीरंदाज का सेमीफाइनल में अमेरिकी दिग्गज ब्रैडी एलिसन से सामना होने की संभावना है। कई बार के विश्व चैंपियन और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता एलिसन मेक्सिको में अपने पुरुष रिकर्व खिताब का बचाव करने उतरेंगे। उन्होंने 2025 में नानजिंग में अपना छठा विश्व कप फाइनल खिताब जीता था। धीरज हालांकि पहले ही साबित कर चुके हैं कि वह इस अमेरिकी दिग्गज को हरा सकते हैं। उन्होंने 2023 में अंताल्या में विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में एलिसन को हराया था। इस जीत से उन्हें विश्व कप में अपना पहला पदक (कांस्य) हासिल करने में मदद मिली थी। इसके बाद धीरज ने अपने विश्व कप पदकों की संख्या में दो और कांस्य तथा एक स्वर्ण पदक जोड़ा है।

.jpeg)









Leave A Comment