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- 0- रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 अध्यक्ष गज्जू साहू की पहल0- जोन 1 क्षेत्र के सब्जी बाजारों की व्यवस्था सुधारने निगम सहित जनप्रतिनिधियों, यातायात पुलिस, बाजार संघ पदाधिकारियों की जोन में हुई बैठकरायपुर. रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत के निर्देश पर आज नगर निगम जोन 1 क्षेत्र अंतर्गत सब्जी बाजारों की व्यवस्था सुधारने हेतु रायपुर नगर निगम जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू ने नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर सहित नगर निगम जोन 1, यातायात पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बाजार संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक जोन कार्यालय में ली । बैठक में शहर के विभिन्न सब्जी बाजारों में यातायात व्यवस्था, पार्किंग एवं व्यापारियों के सुव्यवस्थित संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वार्ड क्रमांक-16 शिवाजी वार्ड स्थित खमतराई स्कूल के समीप संचालित सब्जी बाजार तथा खमतराई क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे लगने वाले अस्थायी बाजार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए.बैठक में निर्णय लिया गया कि सब्जी विक्रेताओं के लिए नियत स्थान चिन्हित किए जाएंगे तथा बाजार में आने वाले ग्राहकों एवं विक्रेताओं के वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए खमतराई स्कूल परिसर तथा अन्य उपयुक्त स्थलों का निरीक्षण किया गया। वहीं, उद्यान (गार्डन) के सामने सड़क किनारे लगने वाले ठेलों एवं दुकानों को सुव्यवस्थित करने की कार्ययोजना तैयार की गई।बैठक में यह तय किया गया है कि गुमटी एवं अन्य अस्थायी व्यापारियों के लिए पृथक स्थान निर्धारित किया जाएगा।इस संबंध में आगामी दिनांक 31 जुलाई 2026 को संबंधित हितधारकों के साथ पुनः बैठक आयोजित कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इसके अतिरिक्त वार्ड क्रमांक-17 हनुमानगढ़ी से गोंदवारा अंडरब्रिज तक सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजार को व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित कर गार्डन के समीप खुले स्थान पर संचालित करने तथा वाहनों की पार्किंग के लिए गोंदवारा अंडरब्रिज के पास उपलब्ध खुले क्षेत्र का उपयोग करने पर भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैँ कि नागरिकों की सुविधा, सुगम यातायात तथा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाजारों को सुव्यवस्थित किया जाए।इस सम्बन्ध में रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैँ ।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के स्कूल में शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ समूचे स्टाफ का भी किया गया सम्मानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में प्राइमरी व प्री प्राइमरी के बच्चों ने और दूसरी पाली में मिडिल, हाई व हायर सेकंडरी क्लास के छात्र- छात्राओं ने शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ मिलकर गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए एक से एक प्रस्तुतियां दीं। प्राइमरी सेक्शन में कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका विनिता सुंदरानी ने किया। अंजलि महाजन ने शिक्षकों की ओर से संबोधित करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। मंच की साज- सज्जा सुदेवी विश्वास व अस्मिता कुसरे ने की। बच्चों को कार्यक्रम के लिए तैयार करना, गीत, संगीत और नृत्य की तैयारी म्यूजिक शिक्षक विवेक सिंह राजपूत ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अपर्णा आठले ने दिया।मिडिल, हाई और हायर सेकंडरी क्लास के बच्चों ने गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम तैयार किया। कार्यक्रम का संचालन 12वीं की छात्रा पूर्वी साहू और बर्षा परीदा ने किया। सभी कक्षाओं के छात्रों ने अपने- अपने क्लास के शिक्षकों- शिक्षिकाओं को श्रीफल देकर सम्मान किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य मनीष गोवर्धन व वाइस प्रिंसिपल राहुल वोडितेलवार ने द्वीप प्रज्जवलन कर की। प्राचार्य गोवर्धन ने बच्चों को अपनी प्रथम गुरु माता व पिता का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। उप प्राचार्य वोडितेलवार ने बच्चों को संबोधित करते हुए गुरु पूर्णिमा का महत्व समझाया।मिडिल, भाई व हायर सेकंडरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के कार्यक्रम का शुभारंभ समृद्धि मिश्रा के भाषण से हुआ। सातवीं के बच्चों ने एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। संपूर्ण कार्यक्रम आराधना लाल व रोशन सिंह राजपूत ने तैयार किया गया। तृप्ति अग्निहोत्री और सुनिधि रोकड़े ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन आराधना लाल के भाषण और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। उल्लेखनीय यह भी है कि इस कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ विद्यालय के नॉन टीचिंग स्टाफ को भी श्रीफल देकर सम्मानति किया गया, इनमें भी आया, मदर, पियून स्टाफ और स्कूल के गार्ड शामिल रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, प्रस्तावित कार्यस्थलों, तालाबों एवं सफाई व्यवस्था सहित आईटीआई में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से बेहतर सफाई सुनिश्चित करने कहा।निगम आयुक्त ने कॉलोनी विकास शुल्क मद से अनुष्ठा रेसिडेंसी में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि कॉलोनीवासियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। इसके पश्चात आयुक्त ने अयप्पा नगर में प्रस्तावित कार्य स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित कार्य की आवश्यकताओं एवं स्थल की स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके।आयुक्त ने कोहका स्थित आमा तालाब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब एवं उसके आसपास की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेते हुए नियमित साफ-सफाई कराने और स्थल को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 24 फौजी नगर क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को विशेष ध्यान देने तथा कचरा फेंकने एवं डम्प करने वालों के ऊपर बड़ी पेनाल्टी लगाने कहा है। आयुक्त ने आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कार्य को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सह जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया, अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, संजय वर्मा अरविन्द शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना उपस्थित रहे।
- 0- उचित मूल्य दुकानों के संचालकों एवं विक्रेताओं पर हुई वैधानिक कार्रवाईदुर्ग. जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और हितग्राही-उन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सतत निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खाद्य विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान निर्धारित मानकों और अनुबंध शर्तों के विचलन का मामला सामने आने पर त्वरित प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। खाद्य नियंत्रक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक श्री टेकेश्वर प्रसाद साहू द्वारा थाना मोहन नगर में तीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।भौतिक सत्यापन के दौरान शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001017, 431001025 तथा 431001006 में चावल व केरोसिन के भंडारण में अंतर पाया गया, जिस पर नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत आम नागरिकों एवं पात्र लाभान्वितों के हितों की रक्षा हेतु जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। मामले में संबंधित संस्था जय शक्ति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती संध्या चंदेल सहित विक्रेताओं नवीन राजपूत, अविनाश निर्मलकर एवं लल्लन किशोर यादव के विरुद्ध नियमानुसार विवेचना जारी है, तथा भविष्य में भी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु ऐसे सुधारात्मक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे।
- -विधायक अनुज शर्मा ने हितग्राहियों को भू स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित कियारायपुर, । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत बुधवार को को तहसील धरसींवा में अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विधायक श्री अनुज शर्मा के कर कमलों से ग्राम धरसींवा के कुल 10 हितग्राहियों सहित कुल 76 ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार पत्र का वितरण किया गया।स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित संपत्तियों का नक्शा तैयार कर हितग्राहियों को अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी आवासीय संपत्ति पर कानूनी अधिकार प्राप्त होगा और वे बैंक से ऋण, खरीद-बिक्री जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पटवारी, राजस्व अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। हितग्राहियों ने अधिकार पत्र मिलने पर शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- - एक बाघिन के संघर्ष से प्रकृति संरक्षण का संदेशरायपुर। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष एवं स्वदेश के पत्रकार दिनेश यदु द्वारा लिखित पुस्तक ‘जंगल की निःशब्द रानी’ का विमोचन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के करकमलों से किया गया। समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, वरिष्ठ वीडियो पत्रकार इकराम कुरैशी सहित अनेक पत्रकार, साहित्यकार एवं वन्यजीव प्रेमी उपस्थित रहे।यह पुस्तक किसी कल्पना की कहानी नहीं, बल्कि एक घायल बाघिन के जीवन संघर्ष, उसके उपचार, संरक्षण और पुनर्जीवन की सच्ची गाथा है। कभी गंभीर रूप से घायल होकर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही यह बाघिन आज अचानकमार टाइगर रिजर्व की पहचान बन चुकी है। लेखक ने उसके संघर्ष को केवल एक वन्यजीव की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संवेदनशील रिश्ते के रूप में प्रस्तुत किया है।विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘जंगल की निःशब्द रानी’ जैसी पुस्तकें लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं तथा विशेष रूप से युवाओं में संरक्षण की भावना विकसित करने का कार्य करती हैं।लेखक दिनेश यदु ने बताया कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य केवल एक बाघिन की कहानी कहना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि यदि समय पर संरक्षण और उपचार मिले तो वन्यजीवों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल जंगलों की शान नहीं, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के आधार हैं। इनके संरक्षण से ही वन और जैव विविधता सुरक्षित रह सकती है। विश्व बाघ दिवस पर पुस्तक का यह विमोचन साहित्य, पत्रकारिता और वन्यजीव संरक्षण के संगम का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। उपस्थित लोगों ने इसे प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने वाली एक सार्थक पहल बताया।
- -ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजितरायपुर / जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को रेडक्रॉस सभा कक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर ने टॉप प्रायोरिटी ग्राम पंचायतों में अक्टूबर 2026 तक निर्धारित 15 प्रतिशत लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। जब गांव की पूरी टीम यह संकल्प ले ले कि गांव को स्वच्छ रखना है, तो उसे स्वच्छ बनाए रखना संभव हो जाता है। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से अपने गांवों में बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर बेहतर कार्ययोजना तैयार करने और उपलब्ध सरकारी संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने का आह्वान किया।कलेक्टर ने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहित किया जाए। साथ ही स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए तथा चार प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण किया जाए। स्वच्छाग्राही समूहों द्वारा डोर-टू-डोर कलेक्शन, स्वच्छता शुल्क के नियमित संग्रहण एवं भुगतान की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 31 अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सभी निर्धारित कार्यों को पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग 90 ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुरूप विकसित किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।बैठक में जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बीडब्ल्यूजी (BWG) के चयन एवं पंजीयन, उनकी जिम्मेदारियों, 16वें वित्त आयोग की राशि के अभिसरण, बालिका शौचालय निर्माण तथा जल संरक्षण से संबंधित विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक में जिले के चारों विकासखंडों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के अधिकारी तथा लगभग 90 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।
- -मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश- हर घर जल प्रमाणन, स्रोत सुदृढ़ीकरण और नियमित पेयजल आपूर्ति पर दिया जोरबिलासपुर, जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार मार्च 2027 तक गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी एवं अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।कलेक्टर श्री अग्रवाल बुधवार को कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित जल जीवन मिशन की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सचिव एवं कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री रूपेश धनंजय ने विभागीय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में विभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं तथा विभिन्न निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने हर घर जल प्रमाणित 219 योजनाओं के हस्तांतरण, मूल्यांकन एवं शेष आवश्यक कार्यों का शीघ्र निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित भुगतान के प्रकरणों का त्वरित परीक्षण कर पात्र योजनाओं का भुगतान सुनिश्चित करने तथा शेष योजनाओं में हर घर जल प्रमाणन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने कहा कि सीआईआरपी (CIRP) के अनुसार अक्टूबर 2026 एवं मार्च 2027 की समय-सीमा वाली सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल किए जा सकें। उन्होंने विद्युत कनेक्शन एवं अन्य विभागों से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण कर निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए।उन्होंने जल संकट संभावित ग्रामों में फ्रैक्चर जोन आधारित स्रोत सुदृढ़ीकरण, रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण तथा जल स्रोतों की स्थायित्व संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ एवं प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त योजनाओं की रिफिलिंग एवं पुनर्स्थापना के कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का नियमानुसार ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण कर उनके संचालन एवं संधारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (एलपीसीडी) के मानक के अनुरूप नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य है। सभी कार्य एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें और जिले को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी बनाएं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनाबांदा (उप्र)। छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष और जगदलपुर से विधायक किरण सिंहदेव अपनी एसयूवी कार बुधवार को ललितपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एक ट्रक से टकराने के कारण घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशीष मिश्रा ने बताया कि बुधवार को सिंहदेव (58) की इनोवा कार तालबेहट थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 में आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। घटना में उनके हाथ और पैर में चोट आई हैं। उन्होंने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सिंहदेव को इलाज के लिए पहले तालबेहट की सरकारी अस्पताल ले जाया गया, बाद में मेडिकल कॉलेज झांसी भेज दिया गया है। मिश्रा ने कहा कि फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनामुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना पर दुःख व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की एवं संबधित प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर इलाज के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए है । उन्होंने माँ दंतेश्वरी से प्रार्थना की कि वे उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने का आशीर्वाद प्रदान करें।
- -बूढ़ा महादेव, राजा नवागांव, भोरमदेव, डोंगरिया और खुड़िया में कांवड़ियों के विश्राम सुविधा के लिए दिए निर्देश-कांवड़ यात्रा मार्ग, विश्राम स्थलों एवं मंदिर परिसरों का लिया जायजा-पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और ठहरने की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के दिए निर्देश-सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभागों को समन्वय से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर। पवित्र सावन मास में मध्यप्रदेश के नर्मदा नगरी अमरकंटक से जल लेकर भगवान बूढ़ा महादेव एवं भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने आने वाले हजारों कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुधवार को बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से लेकर भोरमदेव, राजानवागांव, डोंगरिया और मुंगेली जिला के ग्राम खुड़िया तक विभिन्न विश्राम स्थलों, कांवड़ यात्रा मार्ग एवं मंदिर परिसरों का साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात और ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सावन माह में हजारों कांवड़िए और श्रद्धालु इस मार्ग से यात्रा करते हैं। उनकी सुविधा के लिए विभिन्न पड़ावों पर विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अमरकंटक में कावड़ियों के लिए विश्राम और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 20–20 लाख रुपए की लागत से खुड़िया और लमनी में प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया हैं। उन्होंने आज इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भोरमदेव में कांवड़ियों के लिए तैयार किए जा रहे विश्राम स्थल एवं स्वदेश दर्शन योजना के तहत निर्माणाधीन हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि हॉल के एक हिस्से की तत्काल साफ-सफाई कर उसे कांवड़ियों के ठहरने योग्य बनाया जाए, ताकि सावन माह में श्रद्धालु इसका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों। निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक नियमित निगरानी रखें तथा कहीं भी तकनीकी कमी या गड़बड़ी दिखाई देने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करें, ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा स्थित पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में निर्माण हुए डोम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य को बेहतर फिनिशिंग के साथ पूरा करने, डोम में एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाने, पर्याप्त पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ियों के ठहरने और आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्राम राजानवागांव में निर्मित डोम का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरम्मत एवं रखरखाव, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पंखे तथा शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में आकर्षक उद्यान विकसित करने को कहा, ताकि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सके।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर का विकास किया जा रहा है। मेन रोड से यहां तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण किया जाएगा तथा खाली जगह में शेड का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने सावन माह के लिए विश्राम स्थल का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और किसी प्रकार की कमी न रहे।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से खुड़िया में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में आधुनिक प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रतीक्षालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भवन के सामने समतलीकरण कराने तथा पूरे परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सावन माह के दौरान कांवड़ियों की सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरे श्रावण मास तक एक एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भोरमदेव परिसर में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर पूरे सावन माह के दौरान कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी सोमवार से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, इसलिए सभी विभाग समन्वय बनाकर पूर्व तैयारी पूरी करें। उन्होंने मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय, विश्राम भवन, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव मार्ग में सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई, जहां सड़क खराब है वहां तत्काल मिट्टी डालकर मार्ग समतल करने तथा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा से जुड़ी समितियों के अध्यक्षों की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने तथा श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- -हर-हर नर्मदे, बोल बम के जयकारों के साथ रवाना हुई भक्ति और सेवा की गाड़ीरायपुर। सावन मास के पावन अवसर पर अमरकंटक से कवर्धा तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर मृत्युंजय आश्रम, अमरकंटक में प्रतिदिन निःशुल्क भंडारा संचालित किया जाएगा। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुधवार को विधायक कार्यालय से भंडारे के लिए आवश्यक भोजन सामग्री से भरे वाहन अन्नकूट रथ को रवाना किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के श्री भगत पटेल, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी सहित जनप्रतिनिधिगणों की उपस्थिति में हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयकारों के साथ भोजन सामग्री वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात अमरकंटक के लिए रवाना किया गया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की इस पहल के अंतर्गत मृत्युंजय आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को निःशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा दी जाएगी। भोजन में दाल, भात, सब्जी, खीर, पूड़ी, हलवा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन प्रतिदिन श्रद्धालुओं को परोसे जाएंगे वह भी पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ। मृत्युंजय आश्रम में संचालित इस भंडारे की लोकप्रियता और व्यापक सेवा भाव का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष लगभग हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाया था। इस वर्ष भी उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, की सहभागिता से यह सेवा और भी विस्तार के साथ संचालित की जा रही है।उल्लेखनीय है कि सावन मास में लाखों श्रद्धालु अमरकंटक से जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ामहादेव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पदयात्रा करते हैं। ऐसे में मृत्युंजय आश्रम में संचालित यह भंडारा भक्ति के साथ-साथ सेवा का प्रतीक बन गया है।
- नई दिल्ली/बिलासपुर। बिलासपुर शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर के लिए प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड परियोजना की स्वीकृति एवं निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।मुलाकात में तोखन साहू ने बताया कि बिलासपुर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए लगभग ₹827.20 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड शहर की प्रमुख आवश्यकता बन गई है। यह परियोजना NH-130, NH-130A और NH-49 को आपस में जोड़ेगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों का शहर के भीतर प्रवेश कम होगा और आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।उन्होंने बताया कि रिंग रोड के निर्माण से औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा बिलासपुर के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी।तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि परियोजना पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR), ट्रैफिक सर्वे तथा ड्राफ्ट एलाइनमेंट तैयार करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। इस परियोजना के साकार होने पर बिलासपुर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं आधारभूत विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
- -जनदर्शन में सुनी जन-समस्याएं-दफ्तरों से निकलें और धरातल पर काम करें - विधायक अनुज शर्मारायपुर । विधानसभा क्षेत्र धरसीवा में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से विधायक श्री अनुज शर्मा ने बुधवार को जनपद पंचायत सभा कक्ष में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में विधायक का सख्त और संवेदनशील अंदाज देखने को मिला। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की असली सफलता है।विधायक श्री शर्मा ने लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनपद पंचायत, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित अन्य विभागों से चल रही परियोजनाओं और कार्यालयों में लंबित आवेदनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी।उन्होंने निर्देश दिए कि फाइलों को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। टेबल पर पड़ी हर फाइल के पीछे एक गरीब की उम्मीद और समस्या जुड़ी होती है। मुझे हर विभाग से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' चाहिए। जो काम महीनों से रुके हैं, उनकी बाधा बताएं। अधिकारी दफ्तरों से निकलकर धरातल पर काम करें।विधायक ने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है। कागजों पर विकास दिखने से ज्यादा जरूरी है कि वह धरातल पर नजर आए।समीक्षा बैठक के पश्चात विधायक श्री शर्मा सेवा सदन पहुंचे, जहां आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें रखीं। विधायक ने सभी की बातें संवेदनशीलता से सुनीं और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान विधायक ने शासन की योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को मकान के पट्टे भी वितरित किए। पट्टा पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद परिवार को सिर छिपाने के लिए अपनी छत मिले, यह हमारी प्राथमिकता है। पट्टा मिलने से उन्हें कानूनी अधिकार के साथ सुरक्षित और सम्मानित जीवन मिलेगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला ढीलेंद्र सेन, सीईओ जनपद श्री आशीष केशरवानी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय, रायपुर की छात्रा एवं 8 सीजी गर्ल्स बटालियन (एनसीसी) की कैडेट सुश्री सानंदा शोविता का चयन वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री सर्वश्रेष्ठ सीनियर विंग (SW) कैडेट पुरस्कार हेतु किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान एनसीसी में उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासन, प्रशिक्षण, सामाजिक सेवा तथा उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेटों एवं एनसीसी अधिकारियों को मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं एनसीसी दिवस नगद पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। 8 सीजी गर्ल्स बटालियन, एनसीसी, रायपुर द्वारा जारी चयन सूची में कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की कैडेट सुश्री सानंदा शोविता का चयन मुख्यमंत्री सर्वश्रेष्ठ एसडी/सडब्ल्यू कैडेट पुरस्कार के लिए किया गया है। इस पुरस्कार के अंतर्गत उन्हें रू. 25,000 की नगद राशि एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा। कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने सुश्री सानंदा को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
- -वैज्ञानिक खेती अपनाकर महिला कृषक ने घटाई लागत, बढ़ाई उम्मीदें; आधुनिक कृषि तकनीक से बनीं क्षेत्र की प्रेरणादायक मिसालएमसीबी/ कभी बढ़ती उर्वरक लागत और अनिश्चित उत्पादन से चिंतित रहने वाली मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम कछौड़ की महिला कृषक श्रीमती शकुन्तला आज आधुनिक खेती की एक सफल पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि किसान समय के साथ नई तकनीकों को अपनाएं और वैज्ञानिक सलाह पर भरोसा करें, तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।खेती उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार रही है, लेकिन हर वर्ष बढ़ती लागत और उत्पादन को लेकर बनी रहने वाली चिंता उन्हें परेशान करती थी। इसी दौरान कृषि विभाग एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़, शाखा मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से उन्हें इफको नैनो डीएपी की जानकारी मिली। कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें इसके वैज्ञानिक उपयोग, कम मात्रा में अधिक प्रभाव तथा संतुलित पोषण के बारे में विस्तार से समझाया।नई तकनीक पर विश्वास करते हुए श्रीमती शकुन्तला ने अपनी फसल में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। कुछ ही समय बाद खेतों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे। पौधों की बढ़वार पहले की तुलना में अधिक तेज हुई, फसल का रंग गहरा हरा और पौधे अधिक मजबूत नजर आने लगे। इससे उन्हें बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी और खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी आई। कम खर्च में बेहतर पोषण मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनने लगी। यही अनुभव उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। अब वे पूरे विश्वास के साथ कहती हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।श्रीमती शकुन्तला बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें इस तकनीक को लेकर संदेह था, लेकिन परिणाम देखने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। अब वे अपने गांव और आसपास की महिला किसानों को भी वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि किसान सही समय पर सही तकनीक अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करना संभव है।उनकी सफलता केवल एक किसान की उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों तक पहुंचाई जा रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन का प्रभावी उपयोग खेती की दिशा बदल सकता है। आज श्रीमती शकुन्तला अपने क्षेत्र में आत्मनिर्भर, जागरूक और प्रगतिशील महिला कृषक के रूप में नई पहचान बना चुकी हैं। उनकी प्रेरक यात्रा यह विश्वास जगाती है कि आधुनिक तकनीक, सही जानकारी और दृढ़ संकल्प के साथ खेती को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। इस बार रक्षाबंधन पर बहनों के स्नेह का प्रतीक राखी सिर्फ रिश्तों को ही नहीं जोड़ेगी, बल्कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान दिलाएगी। जिले की प्रसिद्ध विष्णु भोग धान और उसके चावल से तैयार की जा रही अनोखी राखियां बाजार में आकर्षण का केंद्र बनने जा रही हैं। बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पारंपरिक कला और स्थानीय संसाधनों का अनूठा मेल पेश कर रही हैं।रंग-बिरंगे धागों और विष्णु भोग चावल को कलात्मक रूप देकर तैयार की जा रही ये राखियां स्थानीय विरासत की झलक भी अपने साथ लेकर चलेंगी। इस पहल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने समूह की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया, जिसके बाद वे पूरी तरह आत्मनिर्भर होकर राखियों का निर्माण कर रही हैं। तैयार राखियों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट और विभिन्न ग्राम संगठन परिसरों में स्टॉल लगाए जा रहे हैं, ताकि राखियां सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकें और महिलाओं को बेहतर आय मिल सके।महिला समूहों का कहना है कि यह पहल उनके लिए केवल अतिरिक्त आय का जरिया नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और पहचान का माध्यम भी बनी है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की इस कोशिश से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि यदि स्थानीय उत्पादों को इसी तरह प्रोत्साहन मिलता रहा तो न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जीपीएम की विशेष पहचान भी प्रदेश और देशभर तक पहुंचेगी। इस रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल से बनी राखियां भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ ‘‘वोकल फॉर लोकल‘‘ का भी संदेश देंगी।
- -विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी टीम के समर्पित उपचार से मरीज में उल्लेखनीय सुधार, परिवार ने जताया आभाररायपुर । जिला चिकित्सालय मुंगेली में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है कि एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद लगभग चलने-फिरने की उम्मीद खो चुके 24 वर्षीय ईशान गुप्ता अब जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग के विशेषज्ञ उपचार से आत्मविश्वास के साथ दोबारा खड़े होने और चलने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दाउपारा, मुंगेली निवासी ईशान गुप्ता एक भीषण सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। निजी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद भी लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के कारण उनकी मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं और शरीर का संतुलन भी प्रभावित हो गया था। ऐसे कठिन समय में जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग में उनका पुनर्वास उपचार प्रारंभ किया गया। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. उत्कर्ष पाठक ने ईशान की स्थिति का विस्तृत परीक्षण कर चरणबद्ध उपचार योजना तैयार की। नियमित चिकित्सकीय व्यायाम, मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले विशेष अभ्यास, संतुलन प्रशिक्षण, गेट ट्रेनिंग (चलने का प्रशिक्षण) तथा सतत निगरानी के माध्यम से कुछ ही सप्ताह में उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दिखाई देने लगा। आज ईशान पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ सहारे से खड़े होकर चलने का अभ्यास कर रहे हैं। ईशान गुप्ता और उनके परिजनों ने जिला अस्पताल की पूरी फिजियोथेरेपी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें दोबारा सामान्य जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट की विशेषज्ञता, धैर्य और समर्पण ने उनके जीवन में नई रोशनी भर दी है।सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि गंभीर दुर्घटनाओं के बाद यदि समय पर फिजियोथेरेपी और वैज्ञानिक पुनर्वास उपचार शुरू किया जाए, तो मरीजों की शारीरिक क्षमता तेजी से बेहतर होती है और वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेवाएं मरीजों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- रायपुर। खैरागढ़ जिले के खैरा नवापारा निवासी 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित श्री योगेश जंघेल की समस्या का जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। दृष्टिबाधिता के कारण उन्हें आवागमन एवं दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इस पर कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशानुसार तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें स्मार्ट छड़ी उपलब्ध कराई गई।अपर कलेक्टर श्रीमती सुमन राज ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से श्री योगेश जंघेल को स्मार्ट छड़ी प्रदान की। यह उपकरण दृष्टिबाधित व्यक्तियों को सुरक्षित एवं सहज आवागमन में सहायता प्रदान करता है। स्मार्ट छड़ी मिलने से अब योगेश जंघेल को आने-जाने में सुविधा होगी तथा वे अपने दैनिक कार्य अधिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ कर सकेंगे। स्मार्ट छड़ी प्राप्त करने पर श्री योगेश जंघेल ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और उन्हें स्वतंत्र रूप से आवागमन करने में काफी सहूलियत मिलेगी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री कमलेश कुमार पटेल भी उपस्थित रहे।
- -सुरदा के किसान धनेंद्र वैष्णव ने जताया शासन के प्रति आभाररायपुर। किसानों को खेती-किसानी के लिए समय पर ऋण और कृषि आदान उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। समय पर वित्तीय सहायता और कृषि आदानों की उपलब्धता से मुंगेली जिले के किसानों का खेती के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा है। जिले के ग्राम सुरदा के किसान धनेंद्र वैष्णव ने बताया कि वे 03 एकड़ 31 डिसमिल भूमि में धान की खेती कर रहे हैं। इस वर्ष उन्हें खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। समय पर खाद उपलब्ध होने से धान की फसल की बुवाई और अन्य कृषि कार्य सुचारु रूप से संपन्न हुए, जिससे वे संतुष्ट हैं। खेती के लिए उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण समय पर प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने कृषि कार्यों की तैयारी सहजता से की और आवश्यक कृषि आदान की व्यवस्था कर सके। किसान धनेंद्र वैष्णव ने कहा, केसीसी के माध्यम से समय पर ऋण मिलने और बिना किसी परेशानी के खाद उपलब्ध होने से खेती करना आसान हुआ है। इसके लिए उन्होंने शासन की व्यवस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- -महिला एवं बाल विकास विभाग की संवेदनशील पहल से महिला हुई नशा मुक्त, बेटी के साथ सुरक्षित जीवन की ओर लौटीरायपुर । जीवन में अपनों को खोने का दुख किसी भी व्यक्ति को गहरे मानसिक आघात में डाल सकता है। ऐसे समय में यदि भावनात्मक और सामाजिक सहारा मिल जाए, तो जीवन को नई दिशा मिल सकती है। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर ने ऐसी ही एक महिला को अवसाद और नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उसे फिर से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया। दंतेवाडा के आवंराभाटा क्षेत्र की रहने वाली प्रीति सिंह ने कुछ वर्ष पहले अपने पुत्र को बीमारी के कारण खो दिया था। इससे पहले उनके पति का भी निधन हो चुका था। लगातार मिले इन दुखद आघातों के कारण वह गहरे अवसाद में चली गईं और धीरे-धीरे शराब की आदी हो गईं। उन्होंने घर पर रहना छोड़ दिया और कई दिनों तक बिना भोजन के इधर-उधर भटकती रहीं।स्थानीय लोगों ने महिला की स्थिति की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को दी। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची। महिला की मानसिक और नशे की स्थिति को देखते हुए 112 पुलिस सेवा की सहायता से उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सखी सेंटर लाया गया।सेंटर में उनकी नियमित देखभाल की गई। चिकित्सकों की निगरानी में उपचार कराया गया और लगातार काउंसलिंग के माध्यम से उनका मानसिक संबल बढ़ाया गया। काउंसलिंग के दौरान प्रीति सिंह ने बताया कि वह दूसरों के घरों में काम करके अपना जीवन चलाती थीं, लेकिन पति और पुत्र के निधन के बाद अकेलापन और तनाव उन्हें नशे की ओर ले गया।सखी सेंटर के काउंसलरों ने उन्हें स्वास्थ्य सुधार और सुरक्षित वातावरण में रहने की सलाह दी। हालांकि उन्होंने नारी निकेतन में रहने के बजाय अपनी बेटी के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की।सखी सेंटर की टीम ने महिला की बेटी का पता लगाया और उसे अपनी मां की देखभाल के लिए प्रेरित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में सखी सेंटर की टीम ने प्रीति सिंह को पूरी तरह स्वस्थ और नशा मुक्त होने के बाद सुरक्षित रूप से रायपुर में उनकी बेटी के पास पहुंचाया।अपनी बेटी के साथ सुरक्षित पहुंचने के बाद प्रीति सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग और सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।यह कहानी दर्शाती है कि सखी वन स्टॉप सेंटर केवल संकट में फंसी महिलाओं को आश्रय ही नहीं देता, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जीवन की नई शुरुआत करने में भी मदद करता है। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल महिलाओं के संरक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और संवेदनशील प्रयास है।
- 5 अगस्त तक जमा किए जा सकते हैं आवेदनरायपुर। . राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि, प्रेरणा निधि और डाइट मनी के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं निर्णायक आगामी 5 अगस्त तक निर्धारित प्रारूप में अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइटhttp//sportsyw.cg.gov.inपर आवेदन के प्रारूप उपलब्ध हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाडियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को ये पुरस्कार दिए जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में पदक प्राप्त किया हो या अधिकृत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया हो।इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाड़ियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिन्होंने जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक प्राप्त किया हो। विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले महिला व पुरूष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो, या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो, या खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा दी हो, उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है। इन सभी पुरस्कारों के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों का प्रावीण्यता के आधार पर पुरस्कार के लिए चयन किया जाएगा।शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु 3 लाख रुपए, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं पंकज विक्रम सम्मान हेतु 25-25 हजार रुपए के नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सीनियर एवं जूनियर वर्ग के दलीय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 4 है, उन्हें सीनियर वर्ग में 2 लाख रुपए एवं जूनियर वर्ग में 1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 4 से अधिक है, उनमें सीनियर वर्ग में 5 लाख रुपए तथा जूनियर वर्ग में 3 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार राशि के साथ ही मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर एवं टाई भी प्रदान की जाएगी।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहनस्वरूप नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। इसके लिए वर्ष 2025-26 में (1 अप्रैल से 31 मार्च तक के 1 वर्ष) जिन खिलाड़ियों ने सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है, वे जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघों से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो, या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो, वे खेलवृत्ति (डाइट मनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए खेल संघों द्वारा वर्ष 2025-26 में (1 अप्रैल से 31 मार्च तक के 1 वर्ष) अर्जित की गई उपलब्धि हेतु प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय या खेल संचालनालय में निर्धारित तिथि तक जमा किए जा सकते हैं। खेल पुरस्कारों, नगद राशि, खेलवृत्ति एवं प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फॉर्म संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण या विभाग के सभी जिला कार्यालयों एवं राज्य खेल संघों से प्राप्त किए जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघों की अनुसंशा सहित प्राप्त किए जाएंगे। पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संचालनालय एवं जिला कार्यालय में खिलाड़ियों से सीधे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।जिला कार्यालयों या संचालनालय में राज्य खेल संघों से अनुशंसा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन समय तक निर्धारित की गई है। आवेदन पत्रों के प्रारूप मयसूचना विभाग की वेबसाईटhttps://sportsyw.cg.gov.in/cgsports/पर उपलब्ध है। पुरस्कार संबंधी आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय वेबसाइटhttp//sportsyw.cg.gov.inपर अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे।पुरस्कार नियमों के प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुशंसा नहीं की गई है, पर तुलनात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है, वे तत्संबंधी विवरण प्रस्तुत कर निर्धारित प्रारूप में अपने व्यक्तिगत विवरण की जानकारी 5 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन समय में सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय या विभाग के जिला कार्यालयों में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।
- -दूरस्थ आदिवासी अंचल के छात्र ने बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से नीट परीक्षा में पाई सफलतारायपुर । छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी अंचल से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी बड़े सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम उदरसई निवासी किसान पुत्र रमन कुमार ने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के दम पर वर्ष 2026 की नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।एक साधारण कृषक परिवार से आने वाले रमन ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कुसमी में अध्ययन करते हुए कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट में उन्हें सम्मानित कर उपहार भेंट किया तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।रमन के माता-पिता खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और कक्षा 6वीं से ही एकलव्य विद्यालय में अध्ययन करते हुए नियमित मेहनत की। उन्होंने किसी भी निजी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास को अपनी सफलता का आधार बनाया।रमन के पिता श्री राजेश कुमार ने बताया कि उनके गांव से नीट परीक्षा में सफल होने वाले रमन पहले छात्र हैं। बेटे की उपलब्धि से पूरे गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय रमन की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया।सम्मान समारोह के दौरान रमन ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, सही रणनीति, नियमित अध्ययन और स्वयं पर विश्वास सबसे अधिक जरूरी है। उन्होंने युवाओं से समय का सदुपयोग करने, कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें अपनी ताकत बनाने और पूरी लगन के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।रमन कुमार की यह सफलता केवल एक छात्र की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में छिपी प्रतिभाओं की क्षमता का सशक्त प्रमाण है। उनकी कहानी आज प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को यह विश्वास दिला रही है कि सच्ची मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर सपना संभव है।
- -उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ-‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत हुआ पौधरोपणरायपुर । वृक्ष धरती का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज गुरु पूर्णिमा एवं अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वन महोत्सव में ये बातें कही। उन्होंने इस अवसर पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने वन विभाग के ‘‘पौधा तुंहर दुवार’’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षा के मंदिर में वृक्षारोपण होना अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायी है। गुरु त्याग, समर्पण और ज्ञान के प्रतीक होते हैं। आज का दिन गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस भी है, जो हमें वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव शरीर अनेक अंगों से मिलकर बना है, उसी प्रकार पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए वृक्ष अत्यंत आवश्यक हैं। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और धरती को जीवनदायी बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने वन महोत्सव में कहा कि वन मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन का आधार हैं। वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। सीसीएफ श्री मनोज पांडे ने वन महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि वर्ष 1950 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना हुआ है।विधायक श्री दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, बिल्हा जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक, कुलपति डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, वनमंडलाधिकारी श्री नीरज कुमार, श्री मोहित जायसवाल और श्री राजेश सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -वित्तीय साक्षरता कार्यशाला से बढ़ा आत्मविश्वास, 80 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सारायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप प्राप्त रूप से सशक्त बनाने के लिए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीडि़त राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 लागू की है। इस नीति के तहत वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए जनसंपर्क छत्तीसगढ़ पर जा सकते हैं।पुनर्वास प्राप्त नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तत्वावधान में बुधवार को पुनर्वास केंद्र में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लगभग 80 पुनर्वासित युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय अधिकारों और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि वे सुरक्षित वित्तीय लेन-देन कर सकें और अपने भविष्य की बेहतर आर्थिक योजना बना सकें। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सत्येंद्र राठौर, अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री मनीष कुमार कुशरो तथा श्री कार्तिक राम बाँधेकर उपस्थित रहे। श्री नवीन तिवारी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता से व्यक्ति अपनी आय और बचत का बेहतर प्रबंधन कर सकता है। उन्होंने बैंकिंग लोकपाल व्यवस्था और उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को वित्तीय मामलों में जागरूक रहने की सलाह दी। कार्यशाला में बैंक खाता खोलने और संचालन, बचत की आदत, केवाईसी प्रक्रिया, बैंक ऋण, जमाकर्ताओं और ऋणग्राहकों के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल, चिटफंड कंपनियों से सावधानी, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा साइबर वित्तीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। श्री कार्तिक राम बाँधेकर ने प्रतिभागियों को केवल अधिकृत बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से ही वित्तीय लेन-देन करने और किसी भी संस्था में निवेश से पहले उसके पंजीकरण की जानकारी अवश्य जांचने की सलाह दी।कार्यशाला के माध्यम से पुनर्वासित युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें बैंकिंग सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। प्रशासन की यह पहल पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समर्पित संस्था की ऑफिस इंचार्ज सुश्री सरिता गंधामी, काउंसलर श्री विकास सोनी, सुश्री सुनीता सोनी तथा अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।









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