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- -कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति और जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री का विशेष जोररायपुर/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का श्रवण किया।इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि 'मन की बात' केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु योजना प्रदेश में नागरिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाण पत्रों और शासकीय सेवाओं की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सहज हो गई है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है।सूरजपुर जिले के ग्राम कमलपुर निवासी श्री सुशील सिंह इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं। उन्होंने अपनी पुत्री अनीता सिंह के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन किया। पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन सेवा सेतु के जरिए आवेदन की प्रक्रिया सरल होने से उनका आवेदन निर्धारित समय में निराकृत हुआ और उन्हें आय प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हो गया।श्री सुशील सिंह ने बताया कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनकी पुत्री के शैक्षणिक एवं अन्य शासकीय कार्य बिना किसी परेशानी के पूरे हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु योजना ने ग्रामीण नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है और अब बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्रदेश सरकार की यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सेवा सेतु योजना के माध्यम से लोगों का समय और संसाधन दोनों बच रहे हैं, वहीं सरकारी सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।
- -माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील-महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वानरायपुर / रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का प्यार और स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।"मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें, उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक बनेगी। मंत्री ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र 'पूर्व सैनिक महासभा' के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह मजबूत संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।
- -महिला स्व सहायता समूह बना ग्रामीण विकास की प्रेरक मिसालरायपुर। ’’बिहान योजना’’ एवं ’’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)’’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बिलासपुर के विकासखण्ड मस्तुरी के ग्राम कछार स्थित ’’वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह’’ की महिलाएं आज अपने परिश्रम और सामूहिक प्रयास से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।समूह की अध्यक्ष श्रीमती अपूर्वा तिवारी के नेतृत्व में समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के घरेलू उपयोग के उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। इनमें क्लिनिकल तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है। समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता के कारण स्थानीय बाजार में इनकी अच्छी मांग है, जिससे महिलाओं को नियमित रूप से अच्छा मुनाफा प्राप्त हो रहा है। 'बिहान' योजना के अंतर्गत समूह को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन तथा उद्यम विकास का मार्गदर्शन मिला। इससे महिलाओं ने अपने हुनर को व्यवसाय का रूप दिया और आज वे अपने उत्पादों को स्थानीय हाट-बाजारों, मेलों तथा विभिन्न प्रदर्शनियों में भी विक्रय कर रही हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। श्रीमती तिवारी ने बताया कि 'बिहान' योजना और एनआरएलएम के सहयोग से महिलाओं को रोजगार का नया अवसर मिला है। पहले महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने उत्पादों का निर्माण और विपणन स्वयं कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह की यह सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका और सशक्त भविष्य की ओर भी अग्रसर कर रहा है।
- -पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के लिए खुले कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार-15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्ररायपुर / कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।
- -जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम, कृषि विभाग के मार्गदर्शन से मिली नई दिशारायपुर / कृषि विभाग द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। सरगुजा जिले के विकासखंड सीतापुर के ग्राम पेटला की कृषक श्रीमती एरिन भगत ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक खेती अपनाकर खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।कृषि विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के बाद एरिन भगत ने अपने खेतों में जीवामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट का नियमित उपयोग शुरू किया। विभाग द्वारा उन्हें जीवामृत तैयार करने के लिए विशेष ड्रम उपलब्ध कराया गया, जिसकी सहायता से वे गाय के मूत्र से जीवामृत तैयार करती हैं। वहीं, गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर खेतों में उपयोग कर रही हैं।एरिन भगत वर्तमान में पूरी तरह जैविक खेती कर रही हैं। साथ ही वे वर्मी कल्चर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद का उत्पादन भी कर रही हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता काफी कम हुई है, जिसके परिणामस्वरूप खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन प्रणाली अधिक टिकाऊ बनी है।उन्होंने बताया कि पहले रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जैविक खाद के उपयोग से आर्थिक बचत हो रही है। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी हुई है, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ी है। उनका मानना है कि जैविक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।कृषि विभाग किसानों को जैविक खेती, जीवामृत निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा प्राकृतिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग के वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से जिले के किसान कम लागत, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
- -समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से हुईं सशक्त, महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा संबलरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- -पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल-प्रदेशभर की 128 सिंधी पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर हुए एकजुटरायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि सिंधी समाज स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। देश के विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सहने के बावजूद इस समाज ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से न केवल स्वयं को पुनः स्थापित किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री डेका आज रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ (विचार, तर्क एवं सुझाव परिचर्चा) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभाजन के समय अपनी मातृभूमि, संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहरों को छोड़कर आए सिंधी समाज ने उस असीम वेदना को अपनी शक्ति बनाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।श्री डेका ने कहा कि किसी भी समाज की रीढ़ उसकी पंचायतें होती हैं। सिंधी समाज की पंचायत व्यवस्था सामाजिक समरसता बनाए रखने के साथ-साथ प्रगतिशील सोच को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘मुखी संवाद’ में प्रदेशभर की 128 पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो समाज की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है। राज्यपाल ने समाज के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा महिला विंग के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायतों के मुखी, प्रतिनिधि, महिला विंग के सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
- -नो बैग डे पर बच्चों ने किया श्रमदान, फलदार पौधे और सब्जियों के लगाए गए बीजरायपुर। नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया। संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए। संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
- बीजापुर । जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मंडेम में नए मोबाइल नेटवर्क टॉवर का सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ हो गया है। लंबे समय से नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे मंडेम एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। टॉवर चालू होने के साथ ही अब क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से उपलब्ध होने लगी हैं।जिला मुख्यालय बीजापुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मंडेम, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 2,168 हेक्टेयर है, अब डिजिटल कनेक्टिविटी की मुख्यधारा से जुड़ गया है। मोबाइल टॉवर की स्थापना से ग्रामीणों को संचार संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और आधुनिक डिजिटल सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।अब ग्रामीणों को मोबाइल कॉल करने, वीडियो कॉल, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाओं तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नेटवर्क बेहतर होने से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा।मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से शासन की विभिन्न डिजिटल योजनाओं एवं ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक तेजी से पहुंचेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज़, बैंकिंग सुविधाएं तथा अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं का उपयोग अब अधिक सुगम हो सकेगा।स्थानीय ग्रामीणों ने नए मोबाइल टॉवर के संचालन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से क्षेत्र में बेहतर नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से गांव के लोगों का अपने परिजनों एवं बाहरी दुनिया से संपर्क मजबूत होगा तथा शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।ग्राम पंचायत मंडेम में स्थापित यह मोबाइल टॉवर केवल संचार सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच बढ़ाने की दिशा में यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीणों के जीवन को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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- ग्राम पंचायत मुसराकला, अछोली और अर्जुनी के घर-घर पहुंची सौर ऊर्जा, अतिरिक्त बिजली उत्पादन से बन रहे ऊर्जादाता
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही गांवों की तस्वीर
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से राजनांदगांव जिले में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुसराकला, अछोली एवं डोंगरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत अर्जुनी इस योजना के सफल क्रियान्वयन से आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी हैं। इन ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में ग्रामीण रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर ऊर्जा संरक्षण और आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुसराकला में अब तक 29 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। 10 आवेदन स्थापना की प्रक्रिया में हैं तथा 16 नए परिवारों ने भी योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती गायत्री टेम्भुरकर ने बताया कि उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में ग्राम सभा, पंचायत बैठकों तथा व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से लगातार लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है, जिससे ग्रामीण बड़ी संख्या में योजना से जुड़ रहे हैं। सरपंच श्रीमती गायत्री ने बताया कि वे स्वयं ने माह अप्रैल 2026 में अपने घर पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित कराया। पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 1200 रूपए प्रतिमाह आता था, लेकिन अब बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो रहा है, जिसका लाभ आगामी समय में मिलेगा।
इसी तरह ग्राम पंचायत अछोली में भी योजना को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। यहां लगभग 50 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं तथा 15 से अधिक नागरिकों ने पंजीयन कराया है जो प्रक्रियाधीन हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री नंद कुमार साहू ने बताया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बिजली विभाग, बैंक तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को योजना की पूरी जानकारी दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि पहले कई परिवारों का मासिक बिजली बिल 1000 रूपए से 2 हजार रूपए तक आता था, जबकि अब बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर भविष्य में आय प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
डोंगरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत अर्जुनी में भी लगभग 47 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। गांव में दूर से दिखाई देने वाले सोलर पैनल ग्रामीणों की जागरूकता और बदलती सोच का प्रतीक बन गए हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती ललिता साहू ने बताया कि ग्रामीणों को घर-घर जाकर योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम सभा और सूर्यसभा आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण प्रेरित होकर अपने घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भी स्वयं लगभग 4 माह पूर्व अपने घर पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर संयंत्र लगाया। पहले उनके घर का बिजली बिल 1800 से 2000 रूपए प्रतिमाह तथा गर्मी के मौसम में 3 हजार रूपए से अधिक तक पहुंच जाता था, जबकि अब बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। लोग इसे केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी साधन मान रहे हैं। योजना से लाभान्वित परिवार स्वयं अन्य लोगों को प्रेरित कर रहे हैं, जिससे गांवों में सौर ऊर्जा अपनाने का अभियान जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 871 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 317 हितग्राहियों के घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ प्राप्त हो चुका है तथा 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। शेष प्रकरणों में दस्तावेजों का सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूर्ण की जा रही हैं। - - आधार, सेवा सेतु, सीएससी संचालकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन- आरजेएन, एमएमएसी एवं केसीजी जिले के आधार, सेवा सेतु, सीएससी संचालक हुए शामिल- 570 से अधिक सेवाएं एक ही ऑनलाईन प्लेटफार्म पर कराई गई उपलब्ध- कार्यों में लाएं एकरूपता, जनमानस का बढ़ेगा विश्वास- समन्वित एवं प्रतिबद्धतापूर्वक करें कार्य, सेवा सेतु कार्यों में लाएं गतिराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की उपस्थिति में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आधार, सेवा सेतु, सामान्य सेवा केन्द्र (सीएससी) संचालकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के आधार, सेवा सेतु, सीएससी संचालकों के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन जनमानस के जीवन को आसान बनाने के लिए कार्य कर रही है। जिसमें हमारी भागीदारी होना चाहिए। जनमानस के हितों के लिए सभी को प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा कि शासन की इस महती योजना से नागरिकों को बिजली के बिल से मुक्ति मिल जाएगी। इसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी सेंटर संचालक को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिथ्या एवं भ्रामक खबरें फैलाने वाले तथा कार्य में लापरवाही करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी आधार, सेवा सेतु, सामान्य सेवा केन्द्र संचालक समाज एवं देश के विकास के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए सेवा सेतु की पहल की गई है। जिसमें प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिक तक सरल, त्वरित व डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आय, जाति, निवास, विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, राजस्व सहित 570 से अधिक सेवाएं एक ही ऑनलाईन प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं।कलेक्टर ने सीएससी सेंटर के सुचारू संचालन के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आय, जाति, निवास सहित अन्य सेवाओं में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज की सूची बनाकर नागरिकों को जानकारी दें। जिससे कार्यों में एकरूपता आएगी और लोगों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी संचालक बेहतर तरीके से कार्य करें तथा इस बात का ध्यान रखें कि नागरिकों के प्रकरणों का निरस्तीकरण न हो। उन्होंने सभी एसडीएम को आधार सेवा पोर्टल के तहत लंबित प्रकरणों तथा निरस्त प्रकरणों की समीक्षा करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि जिस तरह सेतु से आवागमन मजबूत बनता है, उसी तरह जनमानस की सेवा के लिए सभी समन्वित एवं प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करेंगे एवं सेवा सेतु कार्यों में गति लाएं। एसडीएम एवं तहसीलदार सेवा सेतु के कार्यों की समीक्षा करें एवं इस कार्य को बेहतर बनाएं। कलेक्टर ने आधार, सेवा सेतु, सामान्य सेवा केन्द्र संचालकों से बात की तथा उन्हें जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने कहा। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए पटवारी आवेदनकर्ता को फोन लगाएं एवं संदेश भी भेज सकते हैं, जिसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।कार्यशाला में स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर आधार श्री प्रभात सिंह ने कहा कि सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी निष्ठापूर्वक कार्य करें। दस्तावेजों का आकलन एवं सत्यापन कर अपलोड करें। कार्यशाला को यूआईडीएआई हैदराबाद श्री खुर्शीद आलम, आधार राज्य मैनेजर श्री प्रभात सिंह, सीएससी राज्य प्रमुख श्री जयनारायण पटेल, सीएससी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री नीरज हरदेव, राजपत्र कार्यालय के श्री पवन आईन्ड, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय एवं अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा ने भी संबोधित किया। जिला ई-डिस्ट्रिक प्रबंधक श्री सौरभ मिश्रा ने बताया कि पहले तीन सेवाएं-राजस्व, नगरीय, पंचायत क्षेत्र में सेवाएं दी जा रही थी। जिसका दायरा बढ़ाकर विभिन्न विभागों को शामिल करते हुए 570 सेवाएं दी जा रही हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं सरलता पूर्वक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से तीनों जिलों में आवेदन तथा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यशाला में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधार, सेवा सेतु, सीएससी संचालकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री जीआर मरकाम, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री अनिकेत साहू, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री विश्वास कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री श्रीकांत कोराम, डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक तिवारी, डिप्टी कलेक्टर श्री अमिय श्रीवास्तव, सहायक जिला ई-प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला आधार समन्वयक श्री अंकित सिंह एवं अन्य अधिकारी सहित राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के आधार, सेवा सेतु, सीएससी संचालक उपस्थित रहे।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य एवं अटूट संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वाेच्च समर्पण का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग, बलिदान और शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अदम्य साहस के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारत का गौरव अक्षुण्ण है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के हृदय में अमिट रहेगा। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।
- -राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’अभियान का किया शुभारंभरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमें अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।राज्यपाल श्री डेका ने आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’के लिए आयोजित राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा। राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।श्री डेका ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है और उसका संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासी सौभाग्यशाली हैं। यह प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां के घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इसलिए यहां की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना आवश्यक है।राज्यपाल ने जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता भविष्य की एक बड़ी चुनौती है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ वर्षा जल संचयन और परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इको फ्रेंडली व्यवस्थाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना होगा।राज्यपाल ने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। माइक्रोप्लास्टिक का प्रभाव मां के दूध तक में दिखाई देना भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से समाज एवं समुदाय के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने पर जोर दिया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धरती का बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं हमें प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रही हैं।श्री डेका ने कहा कि यह अभियान विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का भी संदेश देता है। राजयोग के माध्यम से सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। भौतिक प्रगति के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना भी आवश्यक है।राज्यपाल ने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह देखभाल करे। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई तथा अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।
- -मल्चिंग तकनीक से मिर्च की खेती में हुई छह लाख रुपये की आयबीजापुर। जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम पुतकेल निवासी किसान एर्रागोला राजेन्द्र ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और शासकीय योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को लाभकारी बनाया है। पहले वे धान की खेती के अलावा शेष भूमि पर कोई अन्य फसल नहीं लेते थे। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर मिर्च की खेती एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।शुरुआत में मिर्च की खेती में लागत अधिक और लाभ कम होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मल्चिंग तकनीक अपनाने की सलाह दी। विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन (छंजपवदंस भ्वतजपबनसजनतम डपेेपवद) योजना के अंतर्गत ₹32,000 की अनुदान राशि प्रदान की गई, जिससे उन्होंने मल्चिंग शीट का उपयोग कर मिर्च की खेती शुरू की।मल्चिंग तकनीक अपनाने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्ष 2026 में किसान एर्रागोला राजेन्द्र को लगभग 30 क्विंटल मिर्च का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें करीब 6 लाख रुपये की आय हुई।किसान ने बताया कि उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय सहायता से उनकी खेती अधिक लाभकारी बनी है। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने की अपील की।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल पर दूरस्थ गांव में शुरू हुआ मोबाइल टॉवर-अब शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और शासकीय सेवाओं तक होगी आसान पहुंचरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की संवेदनशील पहल के तहत, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुसबाका में नए मोबाइल नेटवर्क टॉवर का सफलतापूर्वक संचालन शुरू हो गया है। वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह बड़ी राहत और विकास की नई शुरुआत है।बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 65 से 70 किलोमीटर दूर स्थित पुसबाका अब बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा से जुड़ गया है। मोबाइल टॉवर शुरू होने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संचार व्यवस्था मजबूत हुई है तथा लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से मिलने लगा है।अब ग्रामीण मोबाइल कॉल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ई-गवर्नेंस सेवाओं और अन्य इंटरनेट आधारित सुविधाओं का सहज उपयोग कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा।बेहतर नेटवर्क के कारण शासन की विभिन्न ऑनलाइन योजनाओं का लाभ भी अब तेजी से ग्रामीणों तक पहुंचेगा। टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संपर्क जैसी सुविधाएं अब पहले से अधिक सुलभ होंगी। यह पहल डिजिटल इंडिया और सुशासन के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी।मोबाइल टॉवर शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से बेहतर मोबाइल नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब गांव के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शासकीय सेवाओं से डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे तथा देश-दुनिया से उनका संपर्क भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा।ग्राम पंचायत पुसबाका में स्थापित यह मोबाइल टॉवर केवल संचार सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समावेशी विकास, सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प का प्रभावी उदाहरण है।
- -किसानों को खाद की निर्बाध उपलब्धता और अवैध शराब कारोबार पर संयुक्त अभियान चलाने के दिए निर्देश-किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष फोकस-खाद, आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सोलर योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा-जनप्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप विभागों को तय समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति तथा विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए तथा सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहे। उन्होंने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री और अवैध चखना दुकानों पर पुलिस विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। गोधाम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभी जिले में 17 गोठानों की स्वीकृति मिली है। उन्होंने 10 अगस्त तक सभी का पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए। मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन मछली उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 35 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिले की अर्थव्यवस्था और जीडीपी बढ़ाने की दिशा में सभी विभाग प्रयास करें। नगरीय निकायों में पट्टा सर्वेक्षण एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरस्वती साइकिल योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइकिलों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वेंडर द्वारा उपलब्ध कराई गई साइकिलें गुणवत्तापूर्ण होने पर ही स्वीकार की जाएं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित के ऊपर कार्रवाई की जाएगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिले में गुलाबी चने के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रबी सीजन में इसका रकबा एवं उत्पादन बढ़ाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण कराने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की बिहान समूह की महिलाएं सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल स्थापना का कार्य कर रही हैं और यह प्रदेश का पहला ऐसा समूह है। उन्होंने इन महिला समूहों को अन्य कार्यों के लिए भी अनुबंध उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मरम्मत योग्य सड़कों का शीघ्र सुधार कराने और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उद्योग एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर कमियों में तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए बेहतर कार्य अपनाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी पटवारी अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसके लिए कलेक्टर को आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दिए।श्रम विभाग की समीक्षा में उन्होंने सभी विकासखंड मुख्यालयों में पंजीयन शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का अन्यत्र अटैचमेंट किया गया है, उन्हें तत्काल मूल पदस्थापना स्थल पर भेजा जाए ताकि विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप पैनल लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने जिले की धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान धान उठाव में अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीदी पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में संचालित अटल टिंकरिंग लैब की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि इन प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए किया जाए। जिले के सहकारी शक्कर कारखाने की समीक्षा के दौरान उत्पादन क्षमता एवं शक्कर रिकवरी बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर आयुष्मान कार्ड का लाभ और निःशुल्क उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन जर्जर भवनों में आंगनबाड़ी संचालित हो रही हैं, उनका सर्वे कराया जाए तथा ऐसे भवनों में आंगनबाड़ी संचालन बंद कर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने छात्रावासों में अधीक्षकों की उपलब्धता एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश आदिवासी विकास विभाग को दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि संकुल एवं अन्य बैठकें विद्यालय समय के बाद आयोजित की जाएं ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो और शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहें। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने वृद्धावस्था, विधवा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए गांव में सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।बैठक में कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, सहपुर लोहारा श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ
रायपुर / जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं। इसी क्रम में तहसीलदार धरसींवा श्री राज कुमार साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला धरसींवा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल एवं पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। - -ग्राम पंचायत ककनी के 9 ग्रामीणों को मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत ककनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर में नागरिकों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराते हुए 9 ग्रामीणों को विवाह प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह पहल ग्रामीणों को शासन की सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे पहले विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को कई बार कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब आवेदन प्रक्रिया सरल, ऑनलाइन एवं समयबद्ध होने से नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है।विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद हितग्राहियों को अब राशन कार्ड में नाम जोड़ने, जॉब कार्ड बनवाने, महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरने, आधार कार्ड में नाम सुधरवाने, श्रमिक कार्ड का पंजीयन, वोटर कार्ड में संशोधन करवाने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी हुई है।यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- भिलाई। निगम आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 01, वार्ड क्रमांक 17 स्थित आकाशगंगा प्रतिष्ठान एवं सब्जी मंडी क्षेत्र में विशेष जांच व चालानी कार्रवाई अभियान चलाया गया।कार्रवाई के दौरान दुकानों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, प्रतिष्ठानों के आसपास गंदगी फैलाना तथा मंडी में अवैध रूप से दुकानों के सामने सामान रखकर सड़क बाधित करने वालों पर सख्त रुख अपनाते हुए कुल ₹4,200 का सड़क बाधा व जुर्माना शुल्क वसूला गया।जगन्नाथ नाश्ता सेंटर गंदगी व साफ-सफाई न रखने पर – 400 रुपए, राजेश चाय ठेला सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर – 100 रुपए,महादेव फर्नीचर, अवैध रूप से सड़क बाधित करने पर – 50 रुपए, मेवा लाल गुपचुप ठेला सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर –200 रुपए, श्री राम फर्नीचर सड़क बाधित करने पर – 50 रुपए, मोहन भाई सब्जी सेंटर सड़क बाधित करने पर – 200 रुपए, लाल मणि यादव (ड्राइवर) सड़क बाधा उत्पन्न करने पर – 200 रुपए, रज्जू पोल्ट्री फार्म अवैध रूप से वाहन खड़े कर सड़क बाधित करने पर – 3,000 रुपए कुल वसूल की गई राशि 4,200 रुपए है।कार्रवाई के दौरान पोल्ट्री फार्म मालिक द्वारा लिखित व मौखिक रूप से यह आश्वासन दिया गया कि दो दिनों के भीतर मंडी क्षेत्र में मुर्गियों से भरी गाड़ियां खड़ी करना बंद कर दिया जाएगा। निगम की टीम ने मंडी परिसर में सभी वाहन चालकों व व्यापारियों को सख्त समझाइश दी कि सड़क पर अवैध ढंग से वाहनों की पार्किंग न करें। भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर गाड़ियों को जब्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम भिलाई सभी व्यापारियों एवं नागरिकों से अपील करता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें, दुकानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और सड़क पर अतिक्रमण या अवैध पार्किंग न करें।
- -हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशरायपुर / पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी एवं सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समीक्षा बैठक लेकर योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीएसपीडीसीएल के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कलेक्टर डॉ. सिंह ने बैंकों को आवेदन सोर्सिंग बढ़ाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत नहीं किया जाए। यदि किसी कारणवश आवेदन निरस्त किया जाता है, तो संबंधित आवेदक को अस्वीकृति का स्पष्ट कारण अनिवार्य रूप से बताया जाए।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने बैंक, सीएसपीडीसीएल और वेंडरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए योजना की स्वीकृति, ऋण वितरण एवं सोलर इंस्टॉलेशन की साप्ताहिक समीक्षा निरंतर जारी रखने की बात कही।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत आम नागरिकों को लाभ प्राप्त करने एवं ऋण लेने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।बैठक में लीड बैंक मैनेजर श्री मोहम्मद मोफिज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -अब तक 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय हाई स्कूल कोलार में 131 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बोहारडीह में 48 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला धरमपुरा में 126 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा हाई स्कूल भुमिया में 336 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1, रायपुर में 250 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा बिन्नी बाई सोनकर, भाठागांव में 294 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा हाई स्कूल तिलकनगर, गुढ़ियारी में 206 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1391 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- -शिक्षण उत्सव 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर - सीईओ-संकुल स्कूल शिक्षक एवं बीईओ को किया गया सम्मानित-वीबी जीरामजी से स्कूलों में बनाए जाएंगे अतिरिक्त कक्ष एवं गर्ल्स टॉयलेटकेपीआई से होगा शिक्षकों का मूल्यांकनरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह समग्र शिक्षा अभियान और आचार्य विनोबा भावे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शिक्षण उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन और जिला शिक्षा अधिकारी श्री सतीश नायर उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले संकुल, विकासखण्ड, स्कूल और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर डॉ. सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है शिक्षक अपने स्कूलों में ऐसा कार्य करें कि उनके नाम और काम से पूरा स्कूल जाना जाए। उनके शिक्षण कार्य और उनके मार्गदर्शन पर बच्चों का भविष्य निर्भर करता है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि “जिस दिन शिक्षक अपने अंदर छिपे गुरु भाव को जागृत कर ले, उस दिन शिक्षा की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर और प्रोजेक्ट उत्कर्ष की सराहना करते हुए कहा कि अब जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों का मूल्यांकन केपीआई (Key Performance Indicator) के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही एक अतिरिक्त पैरामीटर ‘पब्लिक ओपीनियन’ भी रखा जाएगा, जिसके तहत जिस क्षेत्र में स्कूल है वहां के नागरिकों से भी फीडबैक लिया जाएगा।कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं हो वहां वीबी जीरामजी के तहत गर्ल्स टॉयलेट के साथ-साथ रनिंग वॉटर की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों केे जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष नहीं है वहां भी वीबी जीरामजी के तहत आवश्यकतानुसार कक्ष का निर्माण कराया जाएगा।कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंग्लिश में केवल टीचर एक शब्द है, लेकिन हिन्दी में इसी शब्द के चार अलग शब्द है। जिसमें पहला शब्द अध्यापक जो केवल अध्यापन कराता है। दूसरा शब्द है शिक्षक जो अध्यापन के साथ-साथ शिक्षा भी देता है। तीसरा शब्द है आचार्य, जो पढ़ाता भी है शिक्षा भी देता है और आचरण पर भी नजर बनाए रखता है और चौथा शब्द है गुरू जो उसकी सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर काम करता है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने शिक्षकों को कहा कि बच्चियों एवं उनके पालकों में एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूकता लाएं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट धड़कन की तरह बच्चों के रक्त जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है जिसके माध्यम से बच्चों का सिकलसेल, सीबीसी, हीमोग्लोबिन, किडनी फंक्शन टेस्ट, लीवर फंक्शन टेस्ट एवं विटामिन डी और बी12 सहित अन्य जांच किया जाएगा। साथ ही जांच के पश्चात् बच्चे के ठीक होने तक लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ श्री बिश्वरंजन ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और भविष्य निर्माण में शिक्षक की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक कभी साधारण नहीं होता है। उन्होंने कहा कि अगर आज हम एक भवन बनाते हैं तो वह लगभग 50 साल तक सलामत रहेगा लेकिन अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जाए तो वह पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चों तक पहुंचे और आगे बढ़ेगी। वह विद्यार्थियों का हमेशा पथ प्रदर्शक होता है एवं विद्यार्थी हमेशा अपने शिक्षक को देख कर ही सीखते हैं।कार्यक्रम में डीएमसी श्री अरूण कुमार शर्मा सहित सभी बीईओ एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
- -1.08 लाख रुपये मिली सब्सिडी, बिजली बिल भी हुआ शून्यबिलासपुर /प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत के साथ अतिरिक्त आय का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। बिलासपुर शहर के तेलीपारा निवासी ’’श्री शैलेन्द्र साहू’’ इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं, बल्कि सोलर संयंत्र से बची हुई बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।श्री साहू ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। इसके लिए उन्हें 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे संयंत्र लगाने का खर्च काफी कम हो गया। सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद उनके घर की बिजली की आवश्यकता पूरी तरह सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी और उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि घरेलू उपयोग के बाद बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत वितरण कंपनी के ग्रिड में चली जाती है। इसके बदले श्री साहू को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। इस प्रकार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उनके लिए दोहरा लाभ लेकर आई है, एक ओर बिजली बिल की बचत और दूसरी ओर अतिरिक्त आमदनी। श्री शैलेन्द्र साहू का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब बिजली खर्च लगभग समाप्त हो गया है। साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचने से नियमित आय भी हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना की आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही तथा सब्सिडी सीधे उनके खाते में प्राप्त हुई।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ उठाएं। यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का भी उत्कृष्ट माध्यम है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
- -गुणवत्ता एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम से हितग्राहियों को त्वरित मिलेगा राशनबिलासपुर / पीडीएस सिस्टम को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में बिलासपुर के सरकंडा में निर्माणाधीन 'अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम का आज संचालक खाद्य, छत्तीसगढ़ शासन श्रीमती फरिहा आलम सिद्दीकी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती सिद्दीकी ने कहा कि ग्रेन एटीएम शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक एवं गरिमापूर्ण तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा सभी आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के संचालन से हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मशीन के माध्यम से आसानी से प्राप्त होगा। जिस तरह से एटीएम बूथ से कभी भी पैसे निकालते हैं, उसी तरह इस बूथ से कभी भी पहुंचकर राशन निकाला जा सकता है। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, समय की बचत होगी, मानव हस्तक्षेप कम होगा तथा खाद्यान्न वितरण में सटीकता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।निरीक्षण के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी श्री राजीव लोचन तिवारी, जिला प्रबंधक नान श्री नितिन दीवान, नगर निगम के अभियंता श्री रमनदीप छाबड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।संचालक खाद्य ने सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रेन एटीएम का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण कर आम नागरिकों को इसका लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।




























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