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बिलासपुर /कभी हर बारिश के बाद ठरकपुर गांव का पानी नालों से बहकर दूर निकल जाता था। खेतों में नमी नहीं टिकती थी, कुएं और नलकूप सूख जाते थे, किसान एक फसल तक सीमित रहते थे लेकिन आज वही ठरकपुर गांव जल संरक्षण की ताकत से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई मिसाल बन चुका है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम ने न केवल वर्षा जल को सहेजने का काम किया, बल्कि किसानों के जीवन में ऐसा सकारात्मक बदलाव लाया, जिसने खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की।
जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत ठरकपुर में वर्ष 2025-26 के दौरान 19.01 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से निर्मित सामुदायिक सीसी चेक डैम आज ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और कृषि समृद्धि का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। इस चेक डैम के निर्माण से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर व्यर्थ चला जाता था, वहीं अब उसका संरक्षण होने से खेतों, कुओं और नलकूपों में वर्षभर पानी उपलब्ध रहने लगा है। इससे किसानों को सिंचाई, पशुपालन और आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। ठरकपुर गांव लंबे समय से जल संकट और मिट्टी कटाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। वर्षा का पानी तेजी से बह जाने के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा था और रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने मनरेगा के तहत नाले पर सीसी चेक डैम निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे स्थानीय ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
चेक डैम बनने के बाद वर्षा जल का संचयन होने लगा और पानी धीरे-धीरे जमीन में समाने लगा। इससे आसपास के कुओं और नलकूपों का जलस्तर बढ़ा तथा गांव में सिंचाई की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब किसान वर्ष में दो से तीन फसलें लेने लगे हैं। टमाटर, मिर्च जैसी नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मिट्टी का कटाव कम होने से खेतों की उर्वरता भी बनी हुई है। जल उपलब्धता बढ़ने से पशुपालन को भी नई दिशा मिली है। वर्षभर नाले में पानी रहने से पशुओं के लिए पेयजल और चारे की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है, जिससे दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेती और पशुपालन दोनों पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हो गए हैं। गांव के एक किसान बताते हैं, पहले हमारी खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। चेक डैम बनने के बाद सिंचाई की सुविधा मिलने से अब हम टमाटर और मिर्च जैसी नकदी फसलें उगा रहे हैं। हमारी वार्षिक आय लगभग दोगुनी हो गई है और अब खेती लाभ का सौदा बन गई है। यह जल संरक्षण की संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है। -
रायपुर, कोरबा, और बिलासपुर, प्रेस क्लब के प्रस्ताव का भिलाई , दुर्ग, राजनांदगांव और कांकेर जगदलपुर प्रेस क्लब अध्यक्षों ने किया समर्थन
कोरबा/रायपुर। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों के अध्यक्षों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसक घटनाओं की एक स्वर में कड़ी निंदा की तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा, कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने समर्थन किया , इस मौके पर बिलासपुर, कोरबा के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हिंसा को चिंता जनक बताया और सभी प्रेस क्लब अध्यक्षों ने सर्वसम्मति बना कर ऐसी घटना की निंदा करने का सुझाव रखा
बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि जंतर-मंतर में कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों रोहित रंजन, देव कोटक, शेफाली, आर्यन आनंद, लोकेश ठाकुर एवं अन्य मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट, मोबाइल एवं घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं न केवल निंदनीय हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा आघात हैं।
बैठक में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई कि देशभर में पत्रकारों के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका सत्य को समाज तक पहुंचाने की है। ऐसे में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पत्रकारों पर हमला किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है। ऐसी घटनाओं के दोषियों पर त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी पत्रकारों को डराने या सच की आवाज दबाने का दुस्साहस न कर सके।
बैठक में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव की जानकारी भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा तथा जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज गर्ग और कांकेर प्रेस क्लब अध्यक्ष योगेश सिन्हा को भी दी गई सभी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभी प्रेस क्लबों ने अपने-अपने प्रेस क्लब में भी संबंध में प्रस्ताव पारित करने की भी बात कही है,, चर्चा में शामिल प्रेस क्लब अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और भय का वातावरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख प्रेस क्लब पीड़ित पत्रकारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और केंद्र तथा दिल्ली प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।
कोरबा में आयोजित इस बैठक में कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी,बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा सहित रायपुर प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े के साथ कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक कमलेश यादव, वरिष्ठ पत्रकार एवं पदाधिकारी गण राजकुमार शाह , राकेश श्रीवास्तव , रमेश राठौड़ , दिनेश राज , कृष्णा राठौर, ई जयंत, सादिक शेख, आकाश शर्मा , बिलासपुर प्रेस क्लब पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र गहवाई, निर्मल माणिक, बिलासपुर प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक किशोर कुमार सिंह, सह सचिव हरिकृष्ण गंगवानी, कैलाश यादव मौजूद थे। - -प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला आशियाना, पुनर्वास नीति से बदल रही जिंदगीरायपुर। कभी हिंसा और भटकाव की राह पर चले बण्डो राकेश उर्फ जोगेन्द्र ने आज विकास और शांति की मुख्यधारा से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2016 में उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेते हुए सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सहयोग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। आज बण्डो राकेश सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उनके जीवन में एक और महत्वपूर्ण बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ।छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत बण्डो राकेश के लिए पक्के मकान की स्वीकृति प्रदान की। जनपद पंचायत और जिला पंचायत सुकमा के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत जीरमपाल (मुतोड़ी) ने आवास निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया। पक्का मकान मिलने से बण्डो राकेश और उनके परिवार को अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है। कभी संघर्ष और असुरक्षा से भरे जीवन से निकलकर आज वे अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को नई शुरुआत का अवसर दे रही हैं।बण्डो राकेश की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी भी कारण से हिंसा और भटकाव की राह पर चले गए हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि बंदूक नहीं, बल्कि शांति, विकास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ही सुरक्षित और खुशहाल भविष्य का रास्ता हैं। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलते माहौल की तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। अब इन क्षेत्रों में बंदूकों की गूंज की जगह विकास, पक्के मकान, रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई दे रही है।
- रायपुर। कभी लंबी दूरी और आवागमन की परेशानी कई ग्रामीण बेटियों की पढ़ाई में बाधा बनती थी। अब वही राह आसान हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना ने बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अचौद की छात्राओं के सपनों को नए पंख दे दिए हैं। इस वर्ष भी योजना के तहत विद्यालय की 32 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं।शाला प्रबंधन समिति, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिलें सौंपी गईं। यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि ग्रामीण बेटियों की शिक्षा को नई गति देने का संकल्प भी था।अचौद विद्यालय में खुटेरी, फुंडा, बोरगहन और रजोली जैसे आसपास के गांवों से छात्राएं अध्ययन के लिए आती हैं। पहले लंबी दूरी तय करने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। अब साइकिल मिलने से उनका सफर सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध हो गया है। इसका सकारात्मक असर उनकी नियमित उपस्थिति, समयपालन और पढ़ाई के प्रति बढ़ते उत्साह में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। अब अभिभावकों को बच्चों के आवागमन के लिए अलग से खर्च या साधन जुटाने की चिंता नहीं रहती। इससे वे अपनी बेटियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। विद्यालय में वितरित की गई ये साइकिलें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक हैं। सरस्वती साइकिल योजना यह साबित कर रही है कि जब बेटियों को अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने सपनों की मंजिल तक पहुंचने का रास्ता स्वयं बना लेती हैं।
- -32 पदकों से चमके खिलाड़ी, सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उत्साहवर्धनरायपुर । उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा में डीडीएम रोड स्थित सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र एवं हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीतकर कोरबा एवं छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक अर्जित करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मंत्र ष्जो खेलेगा, वो खिलेगाष् आज देशभर के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर ओलंपिक, खेल अलंकरण समारोह, उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार तथा पहली बार सरगुजा ओलंपिक जैसी पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में खेलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में शीघ्र ही हॉकी लीग का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ कर रही है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से देश और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का आह्वान करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतना खिलाड़ियों की प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिचायक है। किकबॉक्सिंग एक चुनौतीपूर्ण खेल है और इसमें सफलता प्राप्त करना विशेष उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास केवल खेल तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से खिलाड़ियों को हनुमान चालीसा भेंट की गई है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने माता-पिता, जिले और प्रदेश का नाम निरंतर रोशन करने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री नौशाद खान, जनप्रतिनिधिगण, पार्षद, किकबॉक्सिंग समिति के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।
- -’उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 73 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन’-’36.37 करोड़ के 12 कार्यों का भूमिपूजन, 37.45 करोड़ के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण’-’वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन रहे उपस्थित’-प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कराया गृह प्रवेश, सौंपी आवास की चाबी’रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा में सुनालिया नहर मार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित मल्टी-लेवल पार्किंग का लोकार्पण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर का भूमिपूजन किया। उन्होंने नगर निगम द्वारा दादरखुर्द में आयोजित लोकार्पण, भूमिपूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर कोरबा जिले को 73 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 36 करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 37 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की लागत के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। वाणिज्य एवं उद्योग श्री लखनलाल देवांगन, जिला पंचायत के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और नगर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वार्ड पार्षद श्रीमती सुनीता साहू सहित अन्य पार्षद, अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। गरीबों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज कोरबा को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है, ऊर्जाधानी कोरबा निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।श्री साव ने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शासन का प्रत्येक रुपया जनता के हित और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का भी अब बेहतर एवं जनहितकारी उपयोग हो रहा है। हमारी सरकार शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए है और जनता की यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।उप मुख्यमंत्री ने मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बीते ढाई वर्षों में जिले में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी) के हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि आज केवल आवास की चाबी ही नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई खुशियों का भी प्रवेश हुआ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में यहां सड़क, आंगनबाड़ी सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के मार्गदर्शन में जिले के विकास के लिए लगातार राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ पूर्ण भी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों, गरीबों एवं आम नागरिकों को लाभान्वित किया है। महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री का जिले को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने नगर निगम की विभिन्न गतिविधियों एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।उप मुख्यमंत्री श्री साव एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दादरखुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों हिमांशु सोनी, मधुमिता बनर्जी, संतोषी साहू, लक्ष्मी श्रीवास, लक्ष्मी महंत, प्रियंका महंत, उतरा सोनी, दिलबाई, सुदेवबाई सहित अन्य हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें दर्री बराज-कोहड़िया मार्ग स्थित बेलगरी नाला पर 9 करोड़ 11 लाख 68 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, कुदमुरा-श्यांग मार्ग के गुरमा नाला पर 5 करोड़ 5 लाख 62 हजार रुपये, लेमरू-श्यांग मार्ग के लमटी नाला पर 3 करोड़ 74 लाख 34 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में आजीविका संवर्धन हेतु 90 लाख 96 हजार रुपये की लागत से दुकान निर्माण, बालको मार्ग (ढेंगुर नाला क्रॉसिंग) से दर्री मुख्य मार्ग तक 4 करोड़ 45 लाख 11 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, वार्ड क्रमांक 31 में विभिन्न नाली एवं कलवर्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 25 शिवाजीनगर, वार्ड क्रमांक 49 प्रगतिनगर तथा वार्ड क्रमांक 52 अयोध्यापुरी में 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, बाउंड्रीवॉल एवं स्विच-रूम निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत कुदमुरा में आदिवासी कन्या आश्रम, कोरबा में प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, कटघोरा में पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पतुरियाडांड अंतर्गत करहिया नाला पर 40 लाख रुपये की लागत से स्लैब कलवर्ट निर्माण, रामपुर एवं पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजनाओं, तुमान-पुटूवा मार्ग के अहिरन नदी पर 11 करोड़ 50 लाख 45 हजार रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, सिरली गांड़ा घाट मार्ग एवं झांझ गांड़ा घाट मार्ग पर पितनी नदी में उच्च स्तरीय पुलों, नहर रोड स्थित नवीन पानी टंकी के समीप 17 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से निर्मित मल्टी-लेवल पार्किंग तथा घंटाघर चौक में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज वार्ड क्रमांक 27 स्थित घंटाघर चौक में स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज के लोकार्पण उपरांत तिरंगे का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आन, बान और शान का प्रतीक हमारा तिरंगा अब इस विशाल खम्बे पर पूरे गौरव के साथ लहराएगा और नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
- -पोटियाडीह में औषधीय खेती से स्व-सहायता समूह महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल - मंत्री श्री केदार कश्यप-गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह को मंत्री कश्यप ने सौंपी 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशिरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज धमतरी जिले के ग्राम पोटियाडीह का दौरा कर जिला प्रशासन की पहल पर विकसित औषधीय पौधों की खेती और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी का गहन अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय खेती को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। धमतरी जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वे वर्तमान में लगभग चार एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी और खस जैसी उच्च मांग वाली औषधीय फसलों का उत्पादन कर रही हैं। मंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए समूह को उत्पादन विस्तार के लिए 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। औषधीय पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का एक बेहतरीन जरिया बन रहा है। कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले में अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग करने और महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि विविधीकरण, स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन, मूल्य संवर्धन और उत्पादों को सीधे बाज़ार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ, वनमंडलाधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।
- -कोरबा प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ-उप मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब को 20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की-पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते है उद्योग मंत्री श्री देवांगनरायपुर । कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, रामपुर (कोरबा) में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई तथा सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब को 20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि कोरबा प्रेस क्लब की पहचान राज्य स्तर पर है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पत्रकार निष्पक्ष, जिम्मेदार और तथयपरक पत्रकारिता के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करें। नई तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में पत्रकारिता के स्वरूप में बदलाव आया है। ऐसे समय में अनुभवी और युवा पत्रकारों के समन्वय से पत्रकारिता को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा पत्रकार इस क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, जो समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब की गतिविधियों और समय-समय पर आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की।समारोह में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि पत्रकार सदैव निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। जनसरोकारों और शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता निष्पक्षता, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों के साथ की जानी चाहिए तथा लोकतंत्र की मजबूती में मीडिया की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहेगी।कार्यक्रम में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, रामपुर विधायक श्री फूलसिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक श्री कमलेश यादव, अध्यक्ष श्री नौशाद खान, उपाध्यक्ष श्री राजकुमार शाह, सचिव श्री दिनेश राज, उप सचिव श्री हरीश तिवारी, कोषाध्यक्ष श्री दुर्गेश श्रीवास्तव तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री राजेश कुमार मिश्रा, श्री नवाब हुसैन एवं श्री आकाश शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी एवं बिलासपुर प्रेस क्लब के श्री अभिजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री नौशाद खान ने क्लब की गतिविधियों एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सचिव श्री दिनेश राज ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रेस क्लब के सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर सहायक अभियता श्री सुशील अहीर उपअभियंता श्री नवीन वर्मा, नगर निवेश विभाग कार्य सहायक श्री जितेन्द्र कौशिक एवं नगर निगम जोन 10 नगर निवेश उडनदस्ता ओर नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता की टीम द्वारा यातायात पुलिस बल के सहयोग से नगर निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत संगम मैरिज पैलेस के पास शिव विहार कालोनी बोरियाखुर्द क्षेत्र में स्थित भूमि पर कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड क्रमांक 54 के क्षेत्र में निर्माणकर्ता श्री पन्ना पाल द्वारा रायपुर नगर निगम की बिना अनुमति किये गये 5 ब्लाक में अवैध निर्माण को जेसीबी मशीन की सहायता से तोडने की कार्यवाही की गई।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में साप्ताहिक टीएल बैठक लेकर विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा करते हुए संबंधित नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने टीएल बैठक में सभी जोन कमिश्नरों को जोन अंतर्गत वार्डो में अवैध निर्माणों, अवैध प्लाटिंग अवैध कालोनियों के प्रकरणों के स्थलो को चिन्हित कर उनमें नियमानुसार प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है। आयुक्त ने मुख्य मार्गों में बिना पार्किंग व्यवस्था नियमानुसार दिये संचालित व्यवसायिक परिसरो का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने एवं नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरो को दिये है। आयुक्त ने कैच द रैन अभियान अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी जोनो के समस्त वार्डो में वर्षा जल संचयन रैन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य अधिक से अधिक स्थानो पर जन जागरण अभियान चलाकर करवाना प्राथमिकता से सुनिश्चित करने जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने जोन कमिश्नरो एवं प्रभारी अधिकारियों को सीएम हेल्प लाईन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर कॉल सेंटर, निदान 1100 सहित जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों एवं सभी जनशिकायतों का व्यवस्थित रूप से त्वरित निदान सुनिश्चित करने निर्देश दिये है। आयुक्त ने नगर निगम रायपुर के हित को सर्वोपरि मानकर दिये गये निर्धारित दैनिक साप्ताहिक लक्ष्य के अनुसार रायपुर नगर निगम के लिए राजस्व वसूली तत्काल गतिमान कर सुनिश्चित करने सभी जोन कमिश्नरों एवं जोन सहायक राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है। आयुक्त ने अधिकारियों को नागरिको को 30 सितम्बर 2026 तक नगर निगम रायपुर को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के संपत्तिकर की पूर्ण अदायगी पर दी जा रही संपत्तिकर में 5 प्रतिशत की छुट का लाभ देकर अधिक से अधिक संपत्तिकर वसूली करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। आयुक्त ने रायपुर नगर निगम के बड़े बकायेदारो से नियमानुसार प्रक्रिया के तहत सख्ती के साथ कुर्की सीलबंदी की कार्यवाही कर बकाया राजस्व वसूला जाना सुनिश्चित करने सभी जोन कमिश्नरो को निर्देशित किया है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने अवैध नल नियमितिकरण अभियान सभी जोनो एवं सभी वार्डो में नागरिको को जानकारी देकर योजना का लाभ देकर चलाना एवं तत्काल गतिमान कर अभियान का प्रभावी कियान्वयन नगर निगम के हित में सुनिश्चित करने जोन कमिश्नरो को निर्देशित किया है। आयुक्त ने अब तक जोनो में अवैध नलो के नियमितिकरण हेतु प्राप्त आवेदनो में नियमितिकरण कार्यवाही की प्रक्रिया निर्धारित नियमानुसार करने के निर्देश जोन कमिश्नरो को दिये है।आयुक्त ने साप्ताहिक टीएल बैठक में सभी जोन कमिश्नरो को कचरा व गंदगी पर नियमानुसार जुर्माना करने, नियमानुसार ग्रीन नेट लगाये बिना निर्माण कार्यों को करने पर जुर्माना करने, सी एण्ड डी वेस्ट जुर्माना की कार्यवाही ई चालान के माध्यम से करने, सडक पर कब्जा करने वालो पर समझाईश देकर जुर्माना करने की कार्यवाही लगातार जोन स्तर पर करने के निर्देश दिये है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की प्रगति की जानकारी लेकर इसे शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिये गये है। वहीं अधिकारियों को बीएलसी घटक अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के मकान निर्माण की कार्यवाही नियमानुसार भवन अनुज्ञा स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ करवाकर पूर्ण करवाने के निर्देश दिये गये है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा ली गई साप्ताहिक टी एल बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त सर्वश्री लोकेश्वर साहू, पंकज के. शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागडे, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री इमरान खान, नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, सभी उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं उपस्थिति रही। सहायक अभियंताओं, सभी विभागो के प्रभारी अधिकारियों की उपस्थिति रही। -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम मुख्यालय के सभापति कक्ष में नगर निगम के सभी जोन अध्यक्षगणों एवं नगर निगम शहरी गरीबी उपशमन एवं समाज कल्याण विभाग के अध्यक्ष श्री खेम कुमार सेन सहित नगर निगम उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा सहित निराश्रित पेंशन प्रकरणों में हितग्राहियों को भुगतान हेतु नगर निगम रायपुर द्वारा अधिकृत आईडीबीआई बैंक के सम्बंधित अधिकारियों को बुलवाया एवं उनसे नगर निगम रायपुर में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पेंशन भुगतान सभी हितग्राहियों को सुविधाजनक रूप से प्रदान करने सभी प्रकरणों पर चर्चा कर आवश्यक जानकारी ली एवं नगर निगम उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा को सभी लंबित पेंशन भुगतान प्रकरणों का शीघ्र निराकरण समाज हित में राज्य शासन की समाज हितकारी मंशा के अनुसार प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए.
सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को निराश्रित पेंशन के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को प्रत्येक वार्ड में नियमित निराश्रित पेंशन का भुगतान करने वार्ड के किसी च्वाइस सेंटर को वार्ड पार्षद की सहमति से निराश्रित पेंशन भुगतान करने हेतु अधिकृत करने कहा है, इससे निराश्रित पेंशन के पात्र हितग्राही माह में कभी भी अपनी सुविधा अनुसार चाइस सेंटर में जाकर अपनी निराश्रित पेंशन राशि का भुगतान प्राप्त कर सकेंगे. सभी वार्डों में नियुक्त च्वाइस सेंटर संचालकों को नगर निगम में आईडीबीआई बैंक द्वारा ट्रेनिंग दी जाकर इस कार्य हेतु निपुण बनाया जायेगा जिसके एवंज में बैंक द्वारा च्वाइस सेंटर संचालक को निश्चित कमीशन दिया जायेगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ से चर्चा के दौरान सभापति कक्ष में एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, जोन अध्यक्ष सर्वश्री गज्जू साहू, मुरली शर्मा, अम्बर अग्रवाल, बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रीतम सिंह ठाकुर, गोपेश साहू, सचिन बी. मेघानी, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा सहित आईडीबीआई बैंक समता कॉलोनी शाखा के सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही. - रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र के रहवासी समाप्तिकर दाताओं को व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे सभी बकायादारों को उनकी बकाया राशि की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी देय बकाया राशि का निगम को भुगतान कर संभावित कार्रवाई के तनाव से मुक्त रह सकें. इस हेतु व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 पर सभी बकायादारों को बकाया राशि अदा करने रिमाइंडर दिया जा रहा है. कुछ बकायादार सम्पतिकर दाता नागरिकों द्वारा व्हाट्सएप्प चैट बाँट पर दी जा रही बकाया राशि के मैसेज को स्पेम कर दिया जा रहा है, जिससे यह ब्लाक होने की आशंका बनी रहती है.नगर निगम रायपुर ने सभी सम्पतिकर दाता नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे निगम व्हाट्सएप्प चैट बाँट नम्बर 9301953294 से नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे बकाया राशि की जानकारी के मैसेज को स्पेम ना करें, ताकि यह सुविधा ब्लाक ना हो एवं बकायादारों को बकाया राशि की जानकारी एवं उससे सम्बंधित रिमाइंडर प्राप्त हो सके एवं वे समय पर देय बकाया राशि का नगर निगम को भुगतान करके अन्यथा की स्थिति में संभावित कार्रवाई के तनाव से सुरक्षित रह सकें एवं नगर विकास में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवा सकें.
- रायपुर :। लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने टाटा ट्रस्ट और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), छत्तीसगढ़ के साथ मिलकर जुलाई 2026 को एससीईआरटी, रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) 2025' रिपोर्ट जारी की। यह सर्वे कक्षा 1 और 2 में शिक्षण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति को समझने और स्कूल के शुरुआती वर्षों में अपनाए जा रहे पढ़ाने के तरीकों का विश्लेषण करने के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष 'निपुण भारत मिशन' के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।रिपोर्ट विमोचन कार्यक्रम में एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ, एलएलएफ के राष्ट्रीय सलाहकार (बहुभाषी शिक्षा) पद्मश्री महेंद्र कुमार मिश्रा, सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डाइट (DIET) के प्राचार्य, समग्र शिक्षा के प्रतिनिधि, राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।यह अध्ययन नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कबीरधाम और नारायणपुर जिलों की 100 कक्षाओं में किए गए अवलोकन पर आधारित है। एलएलएफ के सीनियर एकेडमिक स्पेशलिस्ट अजय गुप्ता ने सर्वे की रूपरेखा और इसकी प्रक्रिया साझा की, जबकि सीनियर स्पेशलिस्ट (बहुभाषी शिक्षा) संजय गुलाटी ने रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष प्रस्तुत किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक श्री जे. पी. रथ ने कहा कि ऐसी कक्षाओं की सबसे ज़्यादा जरूरत है, जहाँ बच्चे बिना डर के अपनी गलतियों से सीख सकें। उन्होंने कहा, "जिस दिन कोई छात्र बिना डर के अपनी गलती स्वीकार कर लेता है, उसी दिन उसके भीतर असली सीख शुरू होती है। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ़ जवाब नहीं देता, बल्कि ऐसा सवाल छोड़ता है जो पूरी जिंदगी सीखने की प्रेरणा देता है।"टाटा ट्रस्ट की डिप्टी हेड ऑफ प्रोग्राम्स और हेड ऑफ एजुकेशन अमृता पटवर्धन ने कहा, "छत्तीसगढ़ टीएलपीएस रिपोर्ट हमें सिर्फ कार्यक्रमों की जानकारी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कक्षा के भीतर बच्चे और शिक्षक पढ़ाने-सीखने की प्रक्रिया को कैसे अनुभव करते हैं। रिपोर्ट बताती है कि सर्वे में शामिल 84 प्रतिशत स्कूलों में एक ही कक्षा में अलग-अलग स्तर के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इससे शुरुआती शिक्षा में कुछ अवसर मिलते हैं, तो कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। समाजसेवी संस्थाओं के लिए इस तरह की विस्तृत जानकारी बहुत अहम है, क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बहुभाषा शिक्षण, कक्षा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और बहुस्तरीय कक्षाओं में पढ़ाने के तरीकों को कहाँ और कैसे मजबूत किया जा सकता है, ताकि सरकार और उसके सहयोगी जमीनी ज़रूरतों के हिसाब से बेहतर काम कर सकें।"कार्यक्रम में अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भी कहा कि नीतियाँ और सिद्धांत दिशा तय करते हैं, लेकिन असली सफलता ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। डाइट जशपुर के प्राचार्य श्री एम. ज़ेड. यू. सिद्दीकी ने कहा कि अच्छी नीतियाँ और पर्याप्त संसाधन तभी सार्थक हैं, जब उनका असर कक्षा में स्पष्ट दिखे। वहीं, एससीईआरटी की राज्य स्रोत समूह की सदस्या पुष्पा शुक्ला ने कहा कि बच्चों के सीखने के नतीजों में सुधार के लिए कक्षा की शिक्षण प्रक्रिया में बदलाव अनिवार्य है।एलएलएफ के संस्थापक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. धीर झिंगरन ने कहा, "छत्तीसगढ़ की भाषाई, सामाजिक और भौगोलिक विविधता उसकी कक्षाओं में साफ दिखाई देती है। टीएलपीएस रिपोर्ट हमें यह समझने में मदद करती है कि बच्चे किस तरह भाग लेते हैं, शिक्षक अलग-अलग भाषा और सीखने की जरूरतों के मुताबिक कैसे पढ़ाते हैं और किन क्षेत्रों में कक्षा के तौर-तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत है। शुरुआती शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों और मेंटर्स को लगातार शैक्षणिक सहयोग देना होगा, ताकि छत्तीसगढ़ का हर बच्चा निपुण बन सके।"सर्वे में सामने आया कि 66 प्रतिशत शिक्षक बच्चों की मातृभाषा से परिचित थे। 82 प्रतिशत कक्षाओं में शिक्षक, समूह या व्यक्तिगत गतिविधियों के दौरान बच्चों के काम की नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे, और 70 प्रतिशत कक्षाओं में सीखने के स्तर के अनुरूप पढ़ाने के तरीकों में बदलाव नहीं देखा गया। रिपोर्ट में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, गतिविधियों को रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने और मातृभाषा के प्रभावी उपयोग जैसे सुधारों पर ज़ोर दिया गया है।लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के बारे में: वर्ष 2015 में स्थापित एलएलएफ एक गैर-लाभकारी शिक्षा संस्था है, जो सरकारी प्राथमिक स्कूलों में एफएलएन के लिए सरकारों के साथ मिलकर काम करती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य शुरुआती वर्षों में बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एलएलएफ मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में कार्य करती है, जिसमें 'बहुभाषी शिक्षा' (MLE) एक अंतर्निहित आधार के रूप में शामिल है:1. शिक्षकों और मेंटर्स का पेशेवर विकास: संस्था शिक्षकों को कक्षा में आधुनिक, बाल-केंद्रित और बहुभाषी शिक्षण विधियों के प्रभावी उपयोग में सक्षम बनाने का प्रयास करती है। एलएलएफ का मानना है कि यदि शिक्षण के दौरान बच्चे की मातृभाषा का सम्मान किया जाए, तो बच्चे की अवधारणात्मक समझ अधिक गहरी होती है।2. डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम: संस्था ज़िला स्तर पर मॉडल कार्यक्रमों का संचालन करती है। इन कार्यक्रमों में बहुभाषी शिक्षण सामग्री और रणनीतियों के प्रयोग से कक्षा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाकर बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित किए जाने का प्रयास किया जाता है।3. व्यवस्थागत मजबूती (Systemic Strengthening): एलएलएफ जिला और राज्य स्तर पर शिक्षा विभागों के साथ मिलकर नीतियों के क्रियान्वयन और अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करती है। संस्था यह सुनिश्चित करती है कि बहुभाषी शिक्षा का दृष्टिकोण केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर, पूरी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने, जिससे सुधारों में निरंतरता बनी रहे।संस्था यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा पीछे न रहे। अब तक एलएलएफ ने 10 राज्यों में 2.18 करोड़ बच्चों और 11.8 लाख शिक्षकों तक पहुँच बनाई है, और ज़िला स्तर पर 14 लाख बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार किया है।
- -विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने जिला स्तरीय अभिसरण की बैठक सम्पन्नदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने हेतु जिला स्तरीय अभिसरण की बैठक आज पीडब्ल्यूडी सभागार में आयोजित की गई। जिले में विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने, वर्तमान कमियों एवं सहयोग की संभावनाओं की पहचान करने, बच्चों एवं उनके परिवारों को समयबद्ध, समग्र एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।बैठक में जेजेबी के प्रधान मजिस्ट्रेट भगवान दास पनिका ने कहा कि बच्चों के समग्र संरक्षण और पुरर्वास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से बाल-अनुकूल, संवेदनशील और सशक्त संरक्षण तंत्र विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करने का आव्हान किया। उन्होंने बच्चों के लिए बनाए गए कानूनी अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधि से संघर्षरत बच्चों का पुनर्वास केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी है।विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भगवतकार ने कहा कि विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास, संरक्षण एवं उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ऐसे बच्चों के साथ दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाए, ताकि वे शिक्षा, परामर्श और कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।सीएसजी सीनियर डायरेक्टर उर्वशी तिलक ने बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, मानसिक एवं सामाजिक परामर्श, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने प्रत्येक बच्चे की परिस्थितियों के अनुरूप पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। सीएसजी सीनियर डायरेक्टर उर्वशी तिलक ने बताया कि यह पहल वर्तमान में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में प्रारंभ की गई है। इन जिलों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां बाल अपराध के मामले अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बैठक के दौरान तीनों जिलों में दर्ज बाल अपराध के आंकड़ों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर पुनर्वास और संरक्षण की कार्ययोजना को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।बैठक में पुलिस विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, सामाजिक संस्थाएं एवं सीएसआर के प्रतिनिधि, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम शुरू-10 संवेदनशील जिलों में होगा पहले चरण का क्रियान्वयनरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आज रायपुर में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप थे।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन एवं आईआईटी मद्रास CoERS के बीच कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में वैज्ञानिक एवं डेटा-आधारित दृष्टिकोण से कमी लाना है। कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना डेटा का विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की जाएगी हाइपरलोकल सड़क सुरक्षा उपाय और कम लागत वाले अभियांत्रिकी हस्तक्षेप किए जाएंगे। ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ब्लैक स्पॉट की समय पर पहचान कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जाएंगे।प्रथम चरण में राज्य के सड़क दुर्घटना की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील 10 जिलों को चिन्हित किया गया है। इन जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप डेटा-आधारित सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि ऐसी सुरक्षित सड़क व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक सुरक्षित अपने घर पहुँच सके। यह पहल सुरक्षित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि संजय प्लेटफॉर्म से दुर्घटना संभावित स्थलों की वैज्ञानिक पहचान कर समयबद्ध हस्तक्षेप संभव होगा। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर दुर्घटनामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान किया।कार्यशाला में चयनित 10 जिलों के कलेक्टर, एसपी, आरटीओ, डीटीओ, एनआईसीसी के जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा-आधारित योजना एवं त्वरित हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी आएगी।
- -सभी संत गुरु रविदास के संकल्पों से प्रेरणा लें और समाज में एकता और समरसता का संदेश दें-राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के लिए सामाजिक न्याय मात्र शब्द ही हैं जबकि हमारे लिए प्रतिबद्धता हैरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुप्रकाश पासवान ने भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती का कार्यक्रम है। भाजपा का ध्येय और विचार है राष्ट्र प्रथम व सांस्कृतिक विरासत। सांस्कृतिक विरासत में समरसता के संत प्रतिनिधि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज उनके जीवन का दर्शन उनके विचार और उनका संदेश है कि समाज में जो भेदभाव है वह दूर कैसे हो? आज उनके जीवन से हम क्या प्रेरणा ले सकते हैं? श्री पासवान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एकमात्र पॉलीटिकल पार्टी है जो एक वैचारिक आंदोलन भी है और यह वैचारिक आंदोलन हमें प्रेरित करता है कि समाज को जोड़ने का काम कैसे करें।भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पासवान ने कहा कि एक तरफ ऐसी शक्तियां है जो भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर भारत को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं, समाज में जाति, भेदभाव के नाम से राजनीति करती है लेकिन भाजपा की प्रतिबद्धता है समाज में एकता सामाजिक समानता, सामाजिक न्याय और समावेशिता। इसी प्रतिबद्धता के निमित्त हमारी पार्टी देशव्यापी अभियान शुरू कर रही है 650वीं जन्म जयंती से पूरे देश में यात्रा होगी, पूरे देश में संपर्क होगा और गुरु रविदास के जीवन से जुड़े दर्शन उनके विचारों को हम पूरे देश में लेकर जाने वाले हैं। श्री पासवान ने कहा कि सरल बातों में महत्वपूर्ण बातें कैसे कही जाती है, यह हमें गुरु रविदास महाराज बताते हैं। मीरा बाई उनकी शिष्या रही, रामानंद के वे शिष्य रहे, कबीर, रविदास, गुरु नानक हमारे इतिहास के प्रहरी हैं। आज हमें उनसे सीखने की आवश्यकता है। हमारा विचार परिवार है, हमारा दर्शन है, हमारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है, हमारा सिविलाइजेशन है और उस सिविलाइजेशन कॉन्शसनेस के माध्यम से भाजपा ने बड़ा ही पावन पवित्र काम हाथ में लिया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पासवान ने बताया कि इस अभियान के तहत पूरे देश में कलश यात्रा निकलेगी, छात्रावास में हम संपर्क करेंगे। हम यह बात पूरी संवेदनशीलता के साथ कहना चाहते हैं संत रविदास हमारे लिए प्रेरणापुंज है, प्रेरणा पुरुष हैं। सामाजिक एकता का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर से जुड़े सभी स्थानों को तीर्थ का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जो टीम है, वह प्रदेश की सभी 36 संगठन जिलों में जाएगी, संपर्क करेगी और समाज में एकता, संवेदनशीलतख व समावेशिता का एक संकल्प लेने का काम भी करेगी। आज पूरे देश में भारत विरोधी ताकतें सक्रिय हो जाती हैं, ऐसे में एक सक्रिय नागरिक होने के नाते सामाजिक समरसता हम सबका दायित्व है और विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं का। पिछले 11 -12 वर्षों में हमने देखा है, सामाजिक न्याय हो समानता हो, पहली बार संविधान के सर्वाेच्च स्थान पर आदिवासी की बेटी बैठी है। राहुल गांधी और विपक्ष के जितने नेता हैं, उनके लिए सामाजिक न्याय मात्र शब्द ही हैं जबकि हमारे लिए प्रतिबद्धता है। भाजपा में दलित समाज का मुख्यमंत्री बनता है छत्तीसगढ़ व ओड़िशा में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनता है यह एक कमिटमेंट का विषय है प्रतिबद्धता का विषय है वैचारिक मजबूती का विषय है। श्री पासवान ने कहा कि अगले वर्ष की माघ पूर्णिमा तक संत गुरु रविदास जी के जन्म जयंती तक हमारा यह अभियान सक्रियता से चलेगा और पूरी पार्टी समाज के हर वर्ग में जाएगी और हर वर्ग में जाकर सुनिश्चित करने का काम करेगी कि कैसे हम आज भी संत गुरु रविदास के संदेश से उनके संकल्पों से उनकी सीख से प्रेरणा लें और समाज में एकता और समानता का संदेश दें।इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण श्याम नारंग, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, ध्रुव कुमार मिर्धा मौजूद रहे।
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- ग्राम झुराडबरी में अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाया गया रास्ता ध्वस्त
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम झुराडबरी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ काटकर अवैध प्लॉटिंग की नीयत से बनाए गए कच्चे रास्ते को बुलडोजर से ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झुराडबरी स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 672, रकबा 32.9723 एकड़ पर स्थित पहाड़ को काटकर अवैध रूप से कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गौतम पाटिल के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध रास्ते को हटाते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसी कार्रवाई के दौरान खसरा क्रमांक 563/1, 563/2 एवं 563/3 के सामने शासकीय नाले को पाटकर बनाए गए अवैध रास्ते को भी हटाया गया। जिला प्रशासन ने नाले को उसके मूल स्वरूप में बहाल करते हुए जल निकासी व्यवस्था को पुन: सुचारू किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि, नाला, पहाड़, चरनोई तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्रीमती सुरेखा वर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा राजस्व विभाग का अमला उपस्थित थे।
- ग्राम झुराडबरी में अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाया गया रास्ता ध्वस्त
राजनांदगांव 23 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम झुराडबरी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ काटकर अवैध प्लॉटिंग की नीयत से बनाए गए कच्चे रास्ते को बुलडोजर से ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झुराडबरी स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 672, रकबा 32.9723 एकड़ पर स्थित पहाड़ को काटकर अवैध रूप से कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गौतम पाटिल के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध रास्ते को हटाते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसी कार्रवाई के दौरान खसरा क्रमांक 563/1, 563/2 एवं 563/3 के सामने शासकीय नाले को पाटकर बनाए गए अवैध रास्ते को भी हटाया गया। जिला प्रशासन ने नाले को उसके मूल स्वरूप में बहाल करते हुए जल निकासी व्यवस्था को पुन: सुचारू किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि, नाला, पहाड़, चरनोई तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्रीमती सुरेखा वर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा राजस्व विभाग का अमला उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला गांधीनगर में अध्ययनरत दो छात्रों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को एक-एक लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दोनों दिवंगत छात्रों के परिजन श्री राकेश मंडावी को उनके निवास ग्राम बोरतलाव पहुंचकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत एक-एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया।
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राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनकी एवं मोखला में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 7 अगस्त 2026 तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव में आवेदन आमंत्रित की गई है। ग्राम मोखला में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए पूर्व में आमंत्रित आवेदन की अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए इच्छुक जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहाकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि शाख समिति, वन सुरक्षा समिति, महिला स्वसहायता समूह, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति विहित प्रारूप एक में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि तक कार्यालयीन अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। शासकीय उचित मूल्य दुकान आबंटन की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत की जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार, 23 जुलाई को संत शिरोमणि रविदास महाराज जी की आगामी 650वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा तैयार करने हेतु एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता के संदेश और उनके जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया।संत रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता और बंधुत्व का प्रतीक - किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और शिक्षा के माध्यम से समाज से भेदभाव को मिटाकर समरसता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वाराणसी में संत रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है, जो उनकी विरासत को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य है। इस उपलक्ष्य में भाजपा की एक विशेष टीम 27 तारीख को वाराणसी जाकर वहाँ से कलश में पवित्र माटी एवं जल लेकर छत्तीसगढ़ आएगी। इस पवित्र जल और माटी को प्रदेश के सभी प्रमुख देव स्थलों और मंदिरों में ले जाया जाएगा, जहाँ विशेष सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी - गुरु प्रकाश पासवानभाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि संत रविदास एक ऐसे महान संत थे जिन्होंने श्रम की प्रतिष्ठा, समानता और मानवीय मूल्यों को सर्वाेपरि रखा। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए केंद्र सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी स्थित संत रविदास जी के भव्य स्मारक स्थल से 27 तारीख को कलश में लाई जाने वाली पवित्र माटी और जल को छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में पहुँचेगा। मंदिरों और देव स्थलों पर होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक संत रविदास जी के विचारों और संदेशों को पहुँचाया जाएगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पासवान ने बताया कि जयंती वर्ष के दौरान प्रदेशभर में सामाजिक समरसता यात्राओं, विचार गोष्ठियों और संत रविदास जी की शिक्षाओं पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया गया, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संत रविदास जी का संदेश पहुँच सके। इसी तरह विद्यालयों, महाविद्यालयों और बस्तियों में निबंध, चित्रकला एवं विचार-विमर्श प्रतियोगिताओं के जरिए नई पीढ़ी को संत रविदास जी के विचारों से अवगत कराया जाएगा। संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान और सेवा कार्यों का संचालन किया जाएगा।निष्ठा और सेवा भाव से मनाएंगे संत रविदास जयंती - अजय जम्वालभाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि पार्टी का यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संत रविदास जी के विचारों को हर घर तक पहुँचाने का संकल्प है। प्रदेशभर में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 27 तारीख को वाराणसी से कलश में पवित्र जल और माटी लाने वाली टीम के स्वागत से लेकर प्रदेश के सभी प्रमुख देव स्थलों तक उसे पहुँचाने की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जाएगा, ताकि आयोजन भव्य और सर्वसमावेशी बने।अभियान को लेकर बूथ स्तर तक तैयारियों में जुटी भाजपा - पवन सायभाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी इस अवसर पर प्रदेशभर में विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाएगी। वाराणसी में बन रहे भव्य स्मारक स्थल से 27 तारीख को कलश में पवित्र माटी व जल लाने के लिए विशेष टीम रवाना होगी। इसके बाद इस पवित्र माटी व जल को राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों और देव स्थलों तक पहुँचाने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में 25, 26, 27 जुलाई तक कार्यशाला होगी। सभी ज़िलों और मंडलों में कार्यकर्ताओं की सहभागिता से इन विशेष कार्यक्रमों को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।छत्तीसगढ़ में आयोजित होंगे भव्य कार्यक्रम - अखिलेश सोनीभाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भाजपा द्वारा प्रदेशभर में विविध आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। संत रविदास जी का कर्तृत्व और उनके विचार भारतीय संस्कृति के अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने विस्तार से कार्यक्रम की रूपरेखा रखी एवं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर वाराणसी में बन रहे भव्य स्मारक स्थल की पवित्र माटी एवं जल को कलश में रख कर राज्य के सभी मंदिरों और देव स्थलों तक पहुँचाने की अपील की।इस कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, शंकर अग्रवाल, श्रीमती रंजना साहू, डॉ. सनम जांगड़े, हरिनाथ खुटे, संतोष दास, ध्रुव कुमार मिर्धा, खेमराज बाकरे सहित समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -'केन्द्र सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस और उसके नेता चर्चा करने से भाग रहे हैं'-'कांग्रेस के नेता देश की एकता, अखंडता, समरसता को खण्डित करने का काम कर रहे हैं'रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए छात्रों का हित सबसे महत्वपूर्ण है और वे इसे सर्वोच्च प्राथिमिकता देते हुए निर्णय ले रहे हैं। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री देव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में गुरुवार को आहूत पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के इस आंदोलन में अपने कार्यकर्ताओं की घुसपैठ करा कर छात्रों के आंदोलन का स्वरूप ही बदल दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस विषय को पहले दिन से ही गंभीरता से लेकर यह निर्णय किया है कि छात्रों का हित सर्वाेपरि है व उनके नुकसान की भरपाई भी होगी। श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं का भाषण हमेशा प्रधानमंत्री श्री मोदी के विरोध में होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए कांग्रेसी नेताओं ने भाषणों में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। यह लोकतांत्रिक पद्धति नहीं है। प्रजातंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है। संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री के लिए गालियों का प्रयोग करना यह हमारे देश के संस्कार नहीं हैं। यह हमारी संस्कृति और सभ्यता नहीं है। श्री देव ने कहा कि केन्द्र सरकार सदन में छात्रों के हितों को लेकर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन में चर्चा करने से भाग रहे हैं। सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी सदन में चर्चा नहीं करना चाहती और इन्हीं के घटक दल समाजवादी पार्टी के नेता कहते हैं कि उनकी वह जानें, हमको तो चर्चा करनी है। यह समझ से परे हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान की किताब लेकर घूमते हुए लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 'संविधान खतरे में है' कहकर संविधान को खतरे में डालने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया है। प्रधानमंत्री आवास के सामने बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी आन्तरिक योजना के आधार पर अपने कांग्रेसी साथियों के साथ वहाँ पर धरने पर बैठ गए, जबकि वह पूरा क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र है। वहाँ पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ाया है। इन 12 वर्षों में बहुत-सी योजनाएँ एवं कार्यक्रम जनहित में क्रियान्वित किए गए हैं। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी का अनुसरण विश्व के दूसरे देश कर रहे हैं। 16 से ज्यादा देशों ने अपने देश का सर्वाेच्च सम्मान प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रदान किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर आंदोलन कर रहे लोगों को भड़काने का काम कर रही है। बिलो दि बेल्ट की राजनीति करना राहुल गांधी और कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र हो गया है। कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेताओं ने छात्रों के इस आंदोलन को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बलि चढ़ा दिया। अगर छात्रों का हित चाहते तो छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रूप नहीं देते। केन्द्र सरकार ने इस विषय में कार्यवाही करके इसकी जांच के निर्देश दिए है, तथा पेपर निरस्त करके तुरंत उसकी परीक्षा भी हुई है और बच्चे पास भी हुए हैं और खुशी मना रहे हैं। श्री देव ने कहा कि संसद का समय जनता के हित के लिए देश के हित के लिए होता है जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते है। लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन के अंदर चर्चा करने नहीं देते हैं। सदन की गरिमा तार-तार करते हैं। संविधान की हत्या का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? इससे बड़ा उदाहरण कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल लगा कर दिया था।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हमारे देश की एकता, अखंडता, समरसता को खंडित करने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया, ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस और उसके समर्थित दलों के नेता अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। देश यह पसंद नहीं करता है। कांग्रेस पार्टी को इन्हीं कारणों से आज देश में कांग्रेस पार्टी सिमटती जा रही है। श्री देव ने कहा कि यह पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की घिनौनी साजिश का हिस्सा है। नेपाल और बांग्लादेश में पहले ही अराजकता का माहौल है। लेकिन भारत देश ऋषि मुनियों का देश है, परंपराओं और समरसता से ओतप्रोत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना के साथ अपनी योजनाओं के साथ चल रहे हैं जबकि राहुल गांधी दूसरे देशों में जाकर देश की बुराई करने और कमी निकालने का काम करते हैं। आजादी के बाद कांग्रेस की सरकार लंबे समय तक थी। पूरी दुनिया ने उन सरकारों को भी देखा है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि 12 वर्षों से देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की नेतृत्व वाली एक पारदर्शी सरकार है जिनके ऊपर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा कर सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव सेट करने का काम कर रहे हैऔ। लेकिन देश की जनता कांग्रेस पार्टी की इन बातों को अच्छी तरह से समझने लगी है। उन्होंने शिक्षा के विषय पर आँकड़ा रखते हुए कहा कि कांग्रेस शासन काल में शिक्षा का बजट 8,225 करोड रुपए होता था जो आज बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसका लाभ एम्स, आईआईटी, कॉलेज की सीटों में वृध्दि हुई रही है। उन्होंने कहा कि एक नया दल कॉकरोच पार्टी और उनके साथ एक बड़ा दल कांग्रेस पार्टी आने वाले भविष्य का ख्वाब देख रहे हैं।इस दौरान पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मंत्री अमित साहू मौजूद थे।
- -उर्वरक खर्च हुआ आधा, मिट्टी बनी अधिक उपजाऊरायपुर । खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति आज किसानों के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में कांकेर के चारामा विकासखंड के ग्राम गोलकुमड़ा के प्रगतिशील किसान श्री परशुराम साहू ने हरी खाद (ढैंचा) को अपनाकर यह साबित किया है कि प्राकृतिक तरीकों से भी कम लागत में बेहतर खेती की जा सकती है। उनका यह अनुभव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है। कृषक श्री साहू ने करीब तीन वर्ष पहले कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव पर धान की खेती में ढैंचा का उपयोग शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने प्रयोग के तौर पर इसे अपनाया, लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से अपनी लगभग 3 एकड़ कृषि भूमि में धान की रोपाई से 40 से 45 दिन पहले ढैंचा की बुवाई करते हैं।श्री साहू बताते हैं कि ढैंचा की फसल लगभग 35 से 40 दिन में तैयार हो जाती है। इसके बाद ट्रैक्टर या हल की सहायता से इसे खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। कुछ दिनों में यह पूरी तरह विघटित होकर उत्कृष्ट हरी खाद का रूप ले लेती है, जिससे भूमि को प्राकृतिक रूप से आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। वे बताते हैं कि ढैंचा अपनाने के बाद उनके खेत में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। पहले जहां अधिक मात्रा में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का उपयोग करना पड़ता था, वहीं अब कम उर्वरक में भी अच्छी फसल मिल रही है। साथ ही उनकी भूमि पहले की तुलना में अधिक भुरभुरी, उपजाऊ और नमी बनाए रखने में सक्षम हो गई है।विकासखंड चारामा के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री महेश कुमार सोनकर ने बताया कि ढैंचा दलहनी वर्ग की महत्वपूर्ण हरी खाद फसल है। इसकी जड़ों में विकसित होने वाली राइजोबियम जीवाणु ग्रंथियां वायुमंडल से नाइट्रोजन को स्थिर कर मिट्टी में उपलब्ध कराती हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार ढैंचा की हरी खाद से भूमि को लगभग 40 से 60 किलोग्राम नाइट्रोजन प्राकृतिक रूप से प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही यह मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाती है, सूक्ष्मजीवों की सक्रियता को प्रोत्साहित करती है, जलधारण क्षमता में सुधार लाती है तथा मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाती है। लगातार उपयोग से भूमि की उर्वराशक्ति लंबे समय तक बनी रहती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को ढैंचा बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की इस वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर लाभान्वित हो सकें। खरीफ मौसम में धान की रोपाई से पहले ढैंचा की बुवाई कर उसे खेत में पलटने से मिट्टी में पर्याप्त जैविक पदार्थ एवं पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, जिससे धान की प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि होती है।प्रगतिशील कृषक श्री परशुराम साहू का कहना है कि यदि किसान धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर हरी खाद, जैविक खाद तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाएं, तो खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ मिट्टी का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रखा जा सकता है। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती केवल लागत कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखने का भी प्रभावी उपाय है।
- -आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर क्षेत्र के किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोतरायपुर। कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि लागत भी कम कर रहे हैं। जिला सक्ती के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम डोड़की निवासी किसान श्री दिगपाल सिंह चौहान नैनो यूरिया का उपयोग कर क्षेत्र के किसानों के लिए मिसाल बन गए हैँ l श्री चौहान पिछले वर्ष से अपनी लगभग 10 एकड़ धान की फसल में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।श्री दिगपाल ने बताया कि शुरू में नैनो यूरिया को लेकर जिज्ञासा थी, लेकिन परिणाम सकारात्मक रहे। इसके उपयोग से धान की फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधे अधिक हरे-भरे और स्वस्थ रहे तथा उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हो गया। इससे खेती की लागत घटी और आर्थिक लाभ बढ़ा। श्री दिगपाल सिंह का कहना है कि वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। नैनो यूरिया के सकारात्मक अनुभव के बाद वे अब अपने गांव और आसपास के किसानों को भी इसके उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।उनका मानना है कि नैनो यूरिया जैसी तकनीक किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में प्रभावी सिद्ध हो सकती है। श्री दिगपाल सिंह चौहान ने नैनो यूरिया से मिले लाभ के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -‘मूल मंथन’ में छत्तीसगढ़ मॉडल पर विमर्शसंस्कृति और समुदाय आधारित विकास रणनीति तैयार करने दो दिवसीय कार्यशालारायपुर। प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य के लिए समुदाय, संस्कृति और व्यवहार विज्ञान पर आधारित योजनाएं तैयार की जाएंगी। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आज राजधानी रायपुर में ‘मूल मंथन आदिवासी ज्ञान से किशोरावस्था की पुनर्कल्पना’ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति जताई कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा बनाए रखते हुए सामुदायिक नेतृत्व को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर ही स्थायी परिवर्तन संभव है।शुभारंभ सत्र में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि जनजातीय समुदायों के साथ सम्मान, संवेदनशीलता और विश्वास के आधार पर जुड़ना ही किसी भी प्रभावी नीति की सफलता का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी, जब उनका निर्माण समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर किया जाएगा।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर सहित जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय भाषाओं को व्यवहार परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि विकास का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति को बदलना नहीं, बल्कि उसकी अंतर्निहित शक्ति को पहचानकर उसे समाज के हित में उपयोग करना है।उन्होंने प्रदेश के जनजातियों को विकास की मूलधारा में लाने के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय इस मूलमंथन में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी रिपोर्ट के आधार पर जनजातियों के विकास के लिए योजनाओं का संचालन तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार जनजातियों के विकास के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने सभी लोगों से जनजातियों के संरक्षण-संवर्धन के साथ विकास में सहभागी बनने की अपील की। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 43 प्रकार के जनजातीय है इनकी विभिन्न उप जातियां भी हैं। राज्य की आबादी के 31 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या जनजातीय समुदाय की है। वहीं यदि हम भारतवर्ष की बात करे तो लगभग 10 करोड़ के आबादी जनजातियों की है। छत्तीसगढ़ शासन जनजातियों की समृद्ध विरासत कला, संस्कृति, परंपरा को सहेजते हुए उनके विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्री बोरा बताया कि जनजातीय समाज मुख्य रूप से जल-जंगल, जमीन की बात करते हैं उनकी पूजा अराधना करते हैं, प्रकृति में ही लौकिक-और-अलौकिक शक्ति मानकर अपनी संस्कृति और परंपरा में उसे शामिल भी करते है। हालांकि आधुनिकता के दौर में संस्कृति और परंपराओं को बचाये रखना चुनौती है।उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य विद्यालय के माध्यम से जनजातियों के मूलभूत सुविधाओं सहित उन क्षेत्रों का भी विकास किया जा रहा है। वहीं विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, नीट, प्रोफेसनल कोर्सेज सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सहयोग प्रदान कर विकास की गाथा भी लिखी जा रही है। इसके बाद भी इनके संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर अखरा विकास योजना का शुभारंभ हुआ है। वहीं बैगा, गुनिया, मांझी चालकी और सिरहा को संस्कृति को बचाए रखने में उनके योगदान के लिए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।राजधानी रायपुर में आयोजित इस परामर्श में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों, विकास भागीदारों तथा युवा नेतृत्व ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के बच्चों और किशोरों के समग्र विकास के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवहार परिवर्तन आधारित रणनीति तैयार करना है।दिनभर चले तकनीकी सत्रों में एनीमिया, कुपोषण, किशोर स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित किशोरावस्था, मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि स्थानीय नेतृत्व, सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त संवाद, व्यवहार विज्ञान आधारित हस्तक्षेप और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ही दीर्घकालिक बदलाव संभव होगा।विशेष पैनल चर्चा में जनजातीय युवाओं, सामुदायिक प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब समुदाय स्वयं परिवर्तन की प्रक्रिया का नेतृत्व करता है, तब स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रम अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित होते हैं।परामर्श में यह भी रेखांकित किया गया कि जनजातीय समाज की परंपराएं, सामाजिक मान्यताएं और पारंपरिक ज्ञान केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन के प्रभावी साधन भी हैं। ’’ह्यूमन-सेंटर्ड डिजाइन’’ और ’’बिहेवियरल इनसाइट्स’’ के माध्यम से समुदायों की सोच, जरूरतों और निर्णय प्रक्रिया को समझते हुए ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें लोग सहजता से अपनाएं और जिनका दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे।दो दिवसीय परामर्श के दूसरे दिन विषयगत समूहों की विस्तृत चर्चाओं के आधार पर राज्य के लिए व्यवहार परिवर्तन एवं सामुदायिक सहभागिता का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही आदिवासी किशोर कल्याण के लिए प्राथमिक व्यवहारों की पहचान, कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर आधारित महत्वपूर्ण अनुशंसाएं भी तैयार की जाएंगी।
- -राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरतरायपुर / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स श्री मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ बन रहा है, अग्रणी राज्य सेवा सेतु, भारतनेट, एआई और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है । नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ए.आई. (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है ।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने प्रेस को बताया कि सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं । सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं । इन तकनीकी नवाचारों से नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं ।श्री अंकित आनंद ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है । भारत सरकार से वित्त पोषित डिजिटल भारत निधि DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, एल डब्लू ई फेज़ II तथा 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं । इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा । इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा ।युवाओं के लिए नई संभावनाएं राज्य में भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य के मूल निवासियों के लिए सी.एम. आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है । अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत आरक्षण नियमों के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार हो सके ।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं । खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है । वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है । पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है । बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 07 जिले एवं अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने हेतु मॉनिटरिंग की जा रही है । वहीं डिजिटल द्वार के माध्यम से सभी विभागों के बीच सुरक्षित एवं मानकीकृत डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है ।भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ए.आई. को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है । छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा । राज्य में ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ए.आई. डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ।साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य राशि रूपये 105.3 करोड़ की लागत से राज्य में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन दोनों के द्वारा बराबर राशि रुपये व्यय किये जायेंगे । प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जायेगा।डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है । हमारी सरकार ए.आई., डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ।




























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