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- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सी.एम.पोर्टल हेल्प लाईन नम्बर 1076 में प्राप्त शिकायत अनुसार विगत 21 जुलाई 2026 को आबकारी विभाग वृत-दुर्ग आंतरिक उत्तर के द्वारा रात्रि 8ः00 बजे त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी जितेन्द्र गायकवाड़ निवासी अंजोरा ढाबा द्वारा 42 नग देशी मदिरा मसाला पाव (180 एम.एल.) कुल मात्रा 07.560 बल्क लीटर (बाजार मूल्य 4200 रूपये) मदिरा को परिवहन करते पाये जाने पर उक्त मदिरा को जप्त कर प्रकरण विवेचना में लिया गया हैं। बिना परिमिट के आरोपी के कब्जे से 42 नग देशी मदिरा मसाला पाव (180 एम.एल.) पाए जाने एवं आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) का उल्लघंन किये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। इस प्रकरण की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सुशीला साहू द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक रोहित वर्मा, आबकारी मुख्य आरक्षक अशोक वर्मा आबकारी आरक्षक रवि शंकर एवं चंद्रेश्वर मरकाम, ड्राइवर धनराज खरे का योगदान रहा।
- दुर्ग. इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा जिला चिकित्सालय में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित रक्तदान शिविरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री अभिजीत सिंह करेंगे। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस एवं अर्धसैनिक बल, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संघ, औद्योगिक संस्थानों, राजनीतिक दलों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
- 0- जिला जनगणना हस्त पुस्तिका निर्माण हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण0- कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा, सटीक आंकड़े ही विकास योजनाओं की मजबूत नींवरायपुर। भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) तैयार किए जाने के उद्देश्य से आज रेडक्रॉस हॉल, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्रातः 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला जनगणना हस्त पुस्तिका तैयार करने की प्रक्रिया, आवश्यक प्रपत्रों, आंकड़ों के संकलन, सत्यापन तथा अभिलेखीकरण संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। \कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं संसाधनों के प्रभावी नियोजन का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के सफल एवं समयबद्ध संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा उनके प्रश्नों का समाधान भी किया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित सबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- 24 घण्टा क्रियाशील रहेगी बाढ़ नियंत्रण कक्ष, अधिकारी-कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी0- बाढ़ आपदा के संबंध में मदद हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07749-223950 सार्वजनिक की गईबालोद. छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में दैवीय विपत्ति एवं प्राकृतिक आपदा की घटनाओं से बचाव एवं राहत कार्यों के सुचारू संचालन हेतु बालोद जिले में जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अंतर्गत संयुक्त जिला कार्यालय में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला एवं अनुविभाग स्तरीय नोडल अधिकारियों के अलावा सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय में मुस्तैद रहकर बाढ़ आपदा के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति में आम जनता को तत्काल मदद उपलब्ध कराने हेतु त्वरि कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने या प्राप्त करने हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07749-223950 पर संपर्क की जा सकती है। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकड़ा (मोबाइल नंबर 9425252314) को नोडल अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री के.एल. नेताम (मोबाइल नंबर 789837994) को बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे पाली अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें अनुभाग एवं तहसील स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिसके तहत अनुभाग स्तर बालोद के लिए अनुविभागीय अधिकारी श्री नूतन कुमार कंवर (मोबाइल नंबर 7974926756), गुरूर के लिए श्री रामकुमार सोनकर (मोबाइल नंबर 9179675044), गुंडरदेही के लिए श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा (मोबाइल नंबर 8770911099), डौंडीलोहारा के लिए श्री शिवनाथ बघेल (मोबाइल नंबर 6267842188) और डौंडी के लिए श्री सुरेश साहू (मोबाइल नंबर 7587030552) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह तहसील स्तर पर बालोद के लिए तहसीलदार सुश्री संध्या नामदेव (मोबाइल नंबर 6264897027), गुरूर तहसील के लिए तहसीलदार श्री हेमंत कुमार पैकरा (मोबाइल नंबर 9755003989), गुंडरदेही तहसील के लिए तहसीलदार श्री हनुमंत सिंह श्याम (मोबाइल नंबर 9685561564), डौंडीलोहारा तहसील के लिए तहसीलदार श्री हिंसा राम नायक (मोबाइल नंबर 9407750314), डौंडी तहसील के लिए तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मोबाइल नंबर 9407704570), अर्जुन्दा तहसील के लिए तहसीलदार श्री चन्द्रशेखर चन्द्राकर (मोबाइल नंबर 9406253971) तथा मार्री बंगला देवरी के लिए श्री प्रीतम कुमार साहू (मोबाइल नंबर 9907419970) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- 0- गुरूर के आशुतोष पंचागम के घर गर्मी के दिनों में आने वाला बिजली का बिल 10 हजार से घटकर हुआ लगभग 1200बालोद. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बालोद जिले के आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैलाने के साथ-साथ आर्थिक बचत का बड़ा माध्यम बन रही है। योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाते हुए जिले के गुरूर निवासी श्री आशुतोष पंचागम ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आ रहे हैं। श्री आशुतोष के घर पिछले 07 महीनों से यह सोलर पैनल सफलतापूर्वक कार्यरत है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती महीनों में उनका बिजली बिल बिल्कुल शून्य (जीरो) आया। वहीं, भीषण गर्मी के दिनों में जब एसी, पंखे और कूलर का अत्यधिक उपयोग होता था, तब आमतौर पर उनका बिजली बिल 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद इस भीषण गर्मी के मौसम में भी उनका बिजली बिल भारी कटौती के साथ महज 1200 से 1500 रुपये ही आया।योजना की सरलता की तारीफ करते हुए आशुतोष ने बताया कि सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी है। आवेदन के बाद वेंडर द्वारा घर का भौतिक निरीक्षण किया गया और लोन व सब्सिडी से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई। जिसके बाद बेहद कम समय में उनके घर पर पैनल स्थापित कर दिए गए। उन्हें इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। बिजली बिल में इतनी बड़ी राहत और सरकार से मिली आर्थिक सहायता से उनका परिवार बेहद खुश है। योजना से मिली सहूलियत और बचत से उत्साहित होकर आशुतोष पंचागम ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आएं और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यह योजना न केवल बिजली बिल का आर्थिक दबाव कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बेहतरीन कदम है।
- 0- पंजीयन के अभाव में धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री करने में हो सकती है कठिनाई0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी कृषकों को अनिवार्य रूप से पंजीयन करने की अपील कीबालोद. शासन के मंशानुरूप किसानों को शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों को अपने प्रत्येक खातों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके अभाव में किसानों को अपने धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री के अलावा राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कार्य को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने बालोद जिले के सभी किसानों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु निर्धारित समयावधि में अपने प्रत्येक खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। जिससे कि उन्हें धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री एवं शासन के विभिन्न किसान हितैषी योजना का लाभ लेने हेतु किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो सके।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल एक डिजिटल कृषि मंच है। इसके तहत किसानों को विशिष्ट 11 अंकों की फार्मर आईडी दी जाती है। जो उनके आधार कार्ड एवं भूमि रिकार्ड से जुड़ी होती है। एग्रीस्टैक पोर्टल का मुख्य उद्देश्य किसानों और कृषि से जुड़ी जानकारियों का केन्द्रीयकृत डाटाबेस तैयार करना है। उन्होंने इसके लाभ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के सभी खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से प्रधानमंत्री किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि अनुदानों का लाभ सीधे पात्र किसानों को पारदर्शी तरीके से मिलता है। इसके अलावा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से किसानों को खाद, बीज या सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार पटवारी के चक्कर नही लगाने पड़ते और बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नही पड़ती।उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में जिले के सभी किसानों एवं संयुक्त खाताधारकों के लिए आवश्यक सूचना जारी की गई है। जिससे वे समय रहते अपना पंजीयन सुनिश्चित करा सकें। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सूचना में बताया गया है कि यदि किसी एक ऋण पुस्तिका या खाते में 2, 3 या 4 लोगों के नाम दर्ज हैं, तो उन सभी संयुक्त खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसके अलावा जिन किसानों के नाम एक ही खाते में अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, उन सभी संबंधित खाताधारकों को उन्हीं खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन कराना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, पटवारी, कृषि विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं।ज्ञातव्य हो कि बालोद जिले में कुल 02 लाख 62 हजार 126 खाता धारकों किसानों में से अब तक 01 लाख 49 हजार 189 खाता धारकों का किसान पंजीयन उनके सभी खसरा नंबरों एवं सह खाताधारकों के साथ पूर्ण किया जा चुका है। शेष 01 लाख 12 हजार 937 सह खाताधारकों का एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन किया जाना शेष है। राजस्व, कृषि एवं सहकारी समितियों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एगीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष सभी कृषकों संबंधित सभी सहकारी समितियों एवं लोक सेवा केन्द्रों में किसानों को बुलाकर उनका शत प्रतिशत पंजीयन किया जा रहा है।
- 0- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की तैयारियों की समीक्षादुर्ग. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में 22 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के कार्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें जिले के सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पैरालीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को और अधिक सशक्त, संगठित तथा जनसेवा केन्द्रित बनाना था, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि विधिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होगा, जब न्याय की पहुँच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुलभ एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स को नए उत्साह, नई कार्यशैली एवं नई जिम्मेदारियों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पैरालीगल वॉलंटियर्स न्यायपालिका और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही विधिक सहायता, जनजागरूकता एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकता है।बैठक के दौरान मुख्य रूप से दिनाँक 25 जुलाई से 29 जुलाई, 2026 तक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग के चतुर्थ तल में स्थित नवीन सभागार में आयोजित होने वाले पाँच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन (Community Mediation) प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष चर्चा की गई। सचिव द्वारा बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित पाँच ग्रामों कुथरेल, निकुम, घुघसीडीह, अरसनारा एवं ननकट्ठी के सामुदायिक मध्यस्थ (मीडिएटर) भाग लेंगे, जिन्हें विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित सामुदायिक मध्यस्थता योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पक्षकारों के मध्य आपसी संवाद, सहयोग एवं समझौते के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण निराकरण करना है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी लाई जा सके तथा मुकदमेबाजी मुक्त ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सके।बैठक के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर्स द्वारा शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के दौरान आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव दिए गए। सचिव ने सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भावना के साथ करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक विधिक सहायता एवं जागरूकता पहुँचाने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय, विधिक सहायता एवं जनजागरूकता पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, बालोद जिले में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से निपटने एवं आम जनता को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) की स्थापना की गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।☎️ जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07749-223950???? नोडल अधिकारी (जिला): श्री अजय किशोर लकड़ा (अपर कलेक्टर) - 9425252314???? प्रभारी अधिकारी (नियंत्रण कक्ष): श्री के.एल. नेताम (SDO, जल संसाधन) - 789837994???? अनुभाग स्तरीय नोडल अधिकारी:बालोद: श्री नूतन कुमार कंवर (SDM) - 7974926756गुरूर: श्री रामकुमार सोनकर (SDM) - 9179675044गुंडरदेही: श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा (SDM) - 8770911099डौंडीलोहारा: श्री शिवनाथ बघेल (SDM) - 6267842188डौंडी: श्री सुरेश साहू (SDM) - 7587030552???? जनहित में शेयर करें! आपात स्थिति में तुरंत दिए गए नंबरों पर संपर्क करें और सुरक्षित रहें।#Balod #BalodNews #Chhattisgarh #CGApdaPrabandhan #FloodControl #EmergencyServices #DistrictAdministrationBalod
- 0- विधायक द्वय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सदस्यों और विभिन्न विभाग के अधिकारी हुए शामिलबालोद. जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, सहित विभिन्न समितियों के सभापति, जिला पंचायत सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में पूर्व बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। इसी तरह बैठक में सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, खनिज विभाग, आबकारी विभाग एवं अन्य विषयों के कार्यों की समीक्षा की गई।
- -नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर में 53 बच्चों की जांच, 18 बच्चों का होगा निःशुल्क ऑपरेशन-उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगा विशेष हृदय जांच शिविररायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय संबद्ध शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय में रायपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 53 बच्चों की विशेषज्ञ जांच की गई, जिनमें 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन सभी बच्चों का उपचार शासन की व्यवस्था के अनुसार पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य जन्मजात एवं अन्य हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के माध्यम से चिन्हित बच्चों का ऑपरेशन और उपचार निःशुल्क कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा न बने। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग को ऐसे विशेष जांच शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हृदय रोग से पीड़ित प्रत्येक बच्चे का उपचार बिना किसी विलंब के सुनिश्चित किया जाए। शिविर में रायपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चन्द्रकांत उसेंडी ने बच्चों की ईको कार्डियोग्राफी जांच की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी शिविर में उपस्थित रहकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। गंभीर बीमारी पाए जाने पर बच्चों को शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में, आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी निःशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि दूध पीते समय जल्दी थक जाना, अत्यधिक पसीना आना, होंठ या नाखून नीले पड़ना, वजन नहीं बढ़ना, तेज सांस चलना, थोड़े परिश्रम में सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर आना या बेहोश होना हृदय रोग के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
- बालोद. शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में रिक्त सीटो में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई 2026 तक आमंत्रित की गई है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि संस्था में कोपा एनसीवीटी के 12 सीट, डीजल मैक एसीवीटी के 23 एवं वेल्डर के 29 सीट उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in पर 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही इस संबंध में अधिक जानकारी प्रभारी प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू के मोबाइल नंबर 8982562514 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
- बालोद. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद ने जिले के किसानों के लिए मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खरीफ फसलों, उद्यानिकी एवं पशुपालन संबंधी विस्तृत कृषि सलाह जारी की है। आगामी दिनों में मध्यम वर्षा एवं घने बादल छाए रहने की संभावना को देखते हुए किसानों को फसल प्रबंधन, जल निकास एवं कृषि कार्यों के संबंध में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन किसानों द्वारा धान की रोपाई एवं बियासी का कार्य शेष है, वे इसे 30 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। धान की सीधी बुवाई वाले खेतों में खरपतवार नियंत्रण हेतु अनुशंसित निंदानाशकों का प्रयोग मौसम साफ होने पर ही करें। लगातार वर्षा की स्थिति में लेही विधि अथवा ड्रम सीडर से बुवाई को प्राथमिकता दें तथा खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था रखें। धान की रोपाई 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध से 20 से 10 सेमी की दूरी पर करने तथा रोपाई के 8 से 10 दिन बाद अनुशंसित मात्रा में नत्रजन (यूरिया) देने की सलाह दी गई है।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से खरीफ फसलों की केवल अनुशंसित एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने धान के लिए इंद्रावती, एम.टी.यू. 1153, विक्रम टी.सी.आर. एवं छत्तीसगढ़ धान 1919, सोयाबीन के लिए आर.एस.सी. 10-46, आर.एस.सी.11-15 एवं आर.एस.सी. 11-07, अरहर के लिए छत्तीसगढ़ अरहर-1, छत्तीसगढ़ अरहर-2 एवं राजीवलोचन, मक्का के लिए पूसा हाईब्रिड-1, विवेक मक्का संकर-51 तथा मूंग के लिए पी.के.वी.ए.के.एम.-4, शिखा एवं मालवीय ज्योति जैसी उन्नत किस्मों को अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं मूंग एवं उड़द के लिए शिखा, पूसा-105, पी.के.वी.ए.के.एम.-4, इंदिरा उड़द-1, आजाद उड़द-3, बरखा एवं बसंत बहार किस्मों की अनुशंसा की गई है।अरहर, मूंगफली एवं मक्का की फसलों में वर्तमान मौसम को देखते हुए खरपतवारनाशी का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वर्षा समाप्त होने एवं मौसम साफ होने के बाद ही खरपतवार नियंत्रण एवं पौध संरक्षण रसायनों का प्रयोग करें। साथ ही सभी खरीफ फसलों में जलभराव से बचाव के लिए खेतों में प्रभावी जल निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करें। अरहर, मूंग एवं उड़द की बुवाई से पहले बीजों का राइजोबियम एवं पी.एस.बी. कल्चर तथा अनुशंसित फफूंदनाशी से बीजोपचार करने, निर्धारित कतार एवं पौध दूरी बनाए रखने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई है। गन्ना उत्पादक किसानों को सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग केवल मौसम अनुकूल होने पर करने का सुझाव दिया गया है।उद्यानिकी फसलों के संबंध में किसानों को वर्षाकालीन सब्जियों जैसे भिंडी, बैंगन, मिर्च, खीरा, लौकी, कद्दू, मूली एवं फूलगोभी की खेती की तैयारी करने, करेला एवं बरबट्टी की मेड़-नाली पद्धति से बुवाई करने तथा लौकी एवं कुम्हड़ा की पौध पॉलीबैग में तैयार करने की सलाह दी गई है। आम, अमरूद, केला एवं पपीता के पौधरोपण के समय गोबर खाद एवं अनुशंसित उर्वरकों का उपयोग करने तथा अदरक एवं हल्दी में मल्चिंग एवं उचित जल निकास बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही गेंदा सहित वर्षाकालीन पुष्पों की तैयार पौध की रोपाई मुख्य खेत में करने की सलाह भी दी गई है।पशुपालन के क्षेत्र में किसानों को गलघोटू एवं लंगड़ा बुखार से बचाव हेतु समय पर टीकाकरण कराने, पशुओं को जलभराव वाले स्थानों पर नहीं चराने, कृमिनाशक दवाओं का उपयोग करने तथा पशुशाला में स्वच्छता एवं उचित वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी गई है। दुग्धा पशुओं को प्रतिदिन 25 से 30 किलोग्राम हरा चारा, संतुलित सूखा चारा एवं 25 से 30 ग्राम मिनरल मिश्रण खिलाने की अनुशंसा की गई है। मुर्गीपालकों को रानीखेत रोग से बचाव हेतु समय पर टीकाकरण कराने तथा नवजात बछड़ों को जन्म के दो घंटे के भीतर खीस (प्रथम दुग्ध) अवश्य पिलाने की सलाह दी गई है।कृषि विज्ञान केंद्र बालोद ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करें। अनावश्यक रूप से खरपतवारनाशी एवं कीटनाशकों का छिड़काव न करें तथा किसी भी तकनीकी जानकारी या समस्या के समाधान हेतु कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क कर अथवा विशेषज्ञों की सलाह प्राप्त करने हेतु टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान आवश्यक कृषि जानकारी एवं परामर्श के लिए किसान सारथी पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं।
- -2 स्कूल बसों में खामियां पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन को कारण बताओं नोटिस जारीमहासमुंद / जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला के निर्देशन में परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से महासमुंद अंतर्गत 02 निजी स्कूल रीवरडेल इंटरनेशनल स्कूल एवं वेडनर स्कूल महासमुंद की संघन जांच की गई। जांच के दौरान स्कूल बच्चों द्वारा दो पहिया वाहन चालन किया जाना नहीं पाया गया। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा स्कूल प्रबंधन को यातायात नियमों का पालन करते हुए 16 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को लायसेंस एवं हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से किये जाने की सूचना दी गई एवं 02 स्कूल बसों में खामियों पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
- महासमुंद / मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आज 22 जुलाई से प्रारंभ हो गई है। यह काउन्सलिंग 5 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी।सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास शिल्पा साय ने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के पश्चात पात्र छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग सूची एवं तिथियां विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.inपर प्रदर्शित कर दी गई हैं। काउन्सलिंग सूची में जिन छात्र-छात्राओं का नाम शामिल है, उन्हें सूची में आबंटित प्रयास आवासीय विद्यालय में निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर काउन्सलिंग में भाग लेना होगा। काउन्सलिंग प्रतिदिन प्रातः 11ः00 बजे से सायं 4ः00 बजे तक आयोजित की जाएगी।सहायक आयुक्त ने अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक मूल दस्तावेजों एवं उनकी छायाप्रतियों के साथ संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें। प्रवेश प्रक्रिया, काउंसलिंग सूची तथा अन्य संबंधित जानकारी विभाग की वेबसाइट एवं जिला सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, महासमुंद से प्राप्त की जा सकती है।
- -किसानों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपीलमहासमुंद / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए ग्राम स्तर पर धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन एवं राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का बीमा समय रहते करवा लें। किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समितियों अथवा लोक सेवा केन्द्र में संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।बीमा से जुड़ी जानकारी एवं समस्याओं के समाधान के लिए कृषकगण विकासखंडवार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं। विकासखंड महासमुंद अंतर्गत श्री वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री दिलीप दीवान (91313-38542) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसी तरह बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जितेन्द्र चंद्राकर (96692-40072), पिथौरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ब्रजेश तूरकाने (62613-64266), बसना विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती उषा कान्ति खेस्स (6260988073), सरायपाली विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एल.के. चैहान (99776-21237) एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधि श्री रंजीत कुमार साहू जिला समन्वयक (9039146418) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- -श्रम और समय की बचत से बच्चों का देखभाल और घर का काम हुआ आसान - देविका साहूमहासमुंद / कभी सुबह की शुरुआत पानी की तलाश से होती थी। गांव की महिलाएं सिर पर घड़े रखकर दूर-दूर तक पानी लाने जाती थीं। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और भी बढ़ जाती थी। लेकिन आज विकासखंड पिथौरा के ग्राम पंचायत टेका अंतर्गत ग्राम सेवैयाकला में अब गांव के हर घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी की चिंता अतीत की बात बन गई है।केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन हर घर जल योजना के तहत 25 जून 2026 को सेवैयाकला ने हर घर जल का लक्ष्य हासिल कर लिया। गांव के सभी परिवारों को नियमित रूप से नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। योजना के अंतर्गत लगभग 81.52 लाख रुपए की लागत से गांव में जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की गई। इसके तहत 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी का निर्माण किया गया तथा 3,825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 185 घरों तक नल कनेक्शन दिए गए। गांव के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इस सुविधा से जोड़ा गया, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल सहजता से उपलब्ध हो रहा है।जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। समिति का बैंक खाता संचालित है और रखरखाव के लिए प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जा रहा है। इससे भविष्य में भी जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहेगी। जलापूर्ति की जिम्मेदारी श्री मिथिलेश बसंत को पंप ऑपरेटर के रूप में सौंपी गई है। वे प्रतिदिन सुबह और शाम निर्धारित समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे प्रत्येक घर तक नियमित पानी पहुंच रहा है।गांव की निवासी श्रीमती देविका साहू बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी में कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब घर के नल से स्वच्छ पानी मिल रहा है। समय की बचत होती है, बच्चों की देखभाल और घर के अन्य काम आसानी से हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि परिवार को साफ पानी मिलने से स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है।
- -छात्राओं को भविष्य के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गयामहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेंद्र जाटवर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) ने हायर सेकण्डरी स्कूल छपोराडीह में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किशोरी बालिकाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में छात्राओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार तथा विभिन्न रोजगारपरक अवसरों की जानकारी देकर उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के विषय विशेषज्ञ ने छात्राओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण के विभिन्न अवसरों की जानकारी देते हुए कहा कि आज के दौर में कौशल आधारित शिक्षा आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने छात्राओं से अपनी रुचि के अनुरूप कौशल विकसित कर रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।मिशन शक्ति हब की वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ ने छात्राओं को बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, डिजिटल भुगतान, वित्तीय प्रबंधन तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई (आईसीपीएस) के सामाजिक कार्यकर्ता ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता से अवगत कराया और किसी भी आपात स्थिति में इस निःशुल्क सेवा का उपयोग करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कैरियर, उच्च शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
- -ठेकेदारों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-5 ठेकेदारों को लापरवाही बरतने नोटिस जारीमहासमुंद / कलेक्टर तथा अध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता मिशन श्री विनय कुमार लगेंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ठेकेदारों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन योजना के प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग श्री पी.आर. वर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने ठेकेदारों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। धीमी गति से काम करने एवं लापरवाही बरतने वाले 05 पर ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए चेतावनी जारी किया गया। उन्हें तत्काल कार्य प्रारंभ नहीं करने पर निरस्त करने, ठेकेदार को डिबार करने या पेनाल्टी लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों और सब-इंजीनियरों को निर्देशित किया गया कि वे निर्माण स्थलों का लगातार निरीक्षण करें और तथ्यपूर्ण प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।बैठक में उपस्थित ठेकेदारों के द्वारा काम को आगे बढ़ाने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से भी अवगत कराया गया। कलेक्टर के द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, विद्युत विभाग एवं पंचायत विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का निराकरण कर जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री देवप्रकाश वर्मा ने अवगत कराया कि महासमुंद जिले में 298 ग्रामों में कार्य पूर्ण कर हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है, साथ ही 100 से अधिक ग्रामों में प्रमाणीकरण का कार्य चल रहा है।
- 0- 'स्वराज से साम्राज्य तक' कार्यशाला के समापन पर एम्स की प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा ने कहा- मराठी प्रचार को लेकर मंडल के कार्य प्रशंसनीयरायपुर। ‘स्वराज से साम्राज्य तक' विशेष कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा रुईकर ने कहा कि मराठी को लेकर महाराष्ट्र मंडल के कार्य प्रशंसनीय हैं। खासकर मराठी सिखाने को लेकर आप लोगों की जो मराठी क्लासेस चल रही है, वह एक बढ़िया प्रयास है। एम्स की प्रोफेसर और सामुदायिक चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष डॉ. रुईकर ने कहा हमें अपनी अगली पीढ़ी को मराठी सिखानी ही चाहिए क्योंकि भाषा का संबंध संस्कृति और परंपराओं को आगे ले जाने से भी होता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम घर में मराठी में बातचीत करें और अपना पूरा व्यवहार मराठी में ही करें।डॉ. रुईकर ने मराठी में दिए अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र मंडल को अपने सभासदों के घरों में जाकर हमारे सभासद मराठी में बात कर रहे हैं या नहीं, इस बात की पड़ताल करनी चाहिए। जिस घर में मराठी का वातावरण नहीं है, वहां अभिभावकों से लेकर बच्चों तक को मराठी क्लासेस जॉइन करवाने सहित और भी जरूरी कोशिशें करनी चाहिए। पूरा प्रयास होना चाहिए कि मंडल में सभी कार्यक्रम मराठी में ही हो। ठीक है यह कार्यशाला बाहरी गैरमराठी भाषी लोगों के शामिल होने की संभावना के कारण हिंदी में लगाई गई है।इस मौके पर श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल, पुणे के कार्यवाह व मुख्य वक्ता सुधीर थोरात ने कहा कि हमें एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हिंदवी स्वराज के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके वंशजो का संघर्ष सिर्फ मराठों के लिए नहीं बल्कि समूचे हिंदु समाज के लिए था। जहां- जहां मराठा राजा- पेशवा युद्ध करते हुए आगे बढ़े, वो- वो जगह आज भी हिंदुस्तान के नक्शे पर है। अटक से कटक तक साम्राज्य का आधार भी यही है। मराठे पूर्वी बंगाल तक तो गए लेकिन पश्चिम बंगाल नहीं जा पाए।परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल पहले पूर्वी पाकिस्तान और बाद में बंगलादेश बन गया।कार्यशाला के अंतिम दिन मुख्य अतिथि डॉक्टर मनीषा रुईकर का महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने सूत माला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर कर सम्मान किया। इसी तरह छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने पुणे से यहां पहुंचे सुधीर थोरात और विक्रम सिंह मोहिते को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के समन्वयक अभिषेक विद्याधर बक्षी ने किया। आभार प्रदर्शन गणेशा जाधव पाटिल और रीना बाबर ने किया।
- 0- एक दिवसीय प्रतियोगिता में राजधानी की 36 टीमें चैंपियन ट्रॉफी के लिए भिडेंगी आपस मेंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में रविवार, 9 अगस्त को सुबह नौ बजे से नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा का आयोजन किया गया है। मंडल की खेलकूद समिति व गायन करोओके समिति की ओर से सर्वसमाज, संस्था, समिति, क्लब और ग्रुप के लिए संगीतमय स्पर्धा आयोजित की जा रही है। इस बार आर्केस्ट्रा के पेशेवर कलाकार और रेडियो लिस्नर्स क्लब की भागीदारी स्पर्धा को और भी रोचक बनाएगी।उपाध्यक्ष व कार्यक्रम की समन्वयक गीता दलाल ने बताया कि समूची स्पर्धा हिंदी फिल्मी गानों पर आधारित होगी। इसमें भाग लेने वाली टीमों में चार- चार प्रतिभागी होंगे। अंताक्षरी स्पर्धा टीवी चैनलों पर दिखाई जानी वाली स्पर्धाओं की तरह तकनीकी रूप से भी सशक्त होगी। इसमें कई राउंड बजर पर आधारित होंगे, जैसे बड़े स्क्रीन पर फ़िल्म के क्लिप दिखाकर, वाद्य यंत्र पर म्यूजिक बजाकर, गायकों की आवाज पहचान कर गाने पहचानने वाले राउंड।गायन कोरोओके समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता राउंड के आधार पर आगे बढ़ेगी। प्रत्येक राउंड में छह टीमें शामिल होंगी। इसमें एक विजेता टीम फाइनल राउंड में भाग ले पाएगी। इस तरह कुल छह राउंड में छह विजेता टीमें फाइनल राउंड में चैंपियन ट्रॉफी के लिए संघर्ष करेंगी। फाइनल राउंड के विजेता को आकर्षक नगद पुरस्कार के साथ ट्राफी प्रदान तो की ही जाएगी, प्रत्येक प्रतिभागी को व्यक्तिगत मैडल व प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। इसी तरह स्पर्धा के उप विजेता और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को भी नगद पुरस्कार के साथ ट्राॅफी, व्यक्तिगत मैडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। स्पर्धा में शामिल होने वाली सभी टीमों के सदस्यों के लिए भी मैडल व प्रमाण पत्र की व्यवस्था की गई है।कार्यकारिणी सदस्य और क्रीड़ा समिति की मालती मिश्रा ने बताया कि यादव समाज, आंध्र समाज, सिंधी, सोनी, ब्राह्मण समाज, अधिवक्ता संघ, मधु फाउंडेशन सहित अनेक टीमों के इस वर्ष भी अंताक्षरी स्पर्धा में शामिल होने की संभावना है। इस बार नई टीमों के साथ विभिन्न राउंड में नए- नए सेगमेंट भी दर्शकों के बीच अंताक्षरी स्पर्धा के रोमांच को बढ़ाएंगे। जरूरी नहीं कि सभी टीमें पुरुष प्रतिभागियों या महिला प्रतिभागियों की ही हों। टीमों में हर आयुवर्ग के महिला- पुरुष एक साथ शामिल हो सकते हैं। अंताक्षरी स्पर्धा में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय चौबे काॅलोनी, मंडल की क्रीड़ा समिति और कला संस्कृति समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।क्रीड़ा समिति के समन्वयक ओपी कटारिया ने बताया कि स्पर्धा में सभी टीमों के खिलाड़ी बतौर दर्शक सभागृह में उपस्थित रह सकते हैं। साथ ही फिल्मी गानों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए भी अंताक्षरी स्पर्धा में मनोरंजन के साथ- साथ फिल्मी गानों की अपनी जानकारी व ज्ञान को परखने का शानदार मौका भी होगा। दरअसल प्रत्येक राउंड में दर्शकों से भी रोचक सवाल पूछ जाएंगे और सही जवाब देने वाले दर्शकों को आकर्षक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार, 23 जुलाई को शाम छह बजे से कांदे नवमी उत्सव आयोजित किया गया है। उत्सव शुरू होने से पहले आसन्न 26 जुलाई के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक होगी। उसके तत्काल बाद कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों सहित सभासदों की व्यक्तिगत संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही अन्य कुछ सभासद स्टैंडअप कामेडी भी करेंगे। उत्सव का समापन प्याज से बने सुस्वाद व्यंजनयुक्त रात्रिभोज से होगा। सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में मजेदार चुटकुलों, गानों और मनोरंजक के ठहाके तो लगेंगे ही। साथ ही रात्रिभोज में प्याजी पकौड़े, प्याजी झुनका, प्याज-ककड़ी, प्याजी कचूंबर सहित अनेक व्यंजन रात्रिभोज का आकर्षण होंगे।
- फाइल फोटो
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित और समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में गुरुवार, 23 जुलाई को वृद्धजनों से भेंटवार्ता कार्यक्रम रखा गया है। इसमें शिक्षा विभागों से सेवानिवृत्त बुजुर्ग सियान गुड़ी पहुंचेंगे और यहां के वरिष्ठ नागरिकों से भेंट - मुलाकात कर विचारों का आदान- प्रदान करेंगे। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार इस मौके पर बुजुर्गों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप खुला मंच दिया जाएगा। इसमें वे अपनी रुचि के अनुरूप, भजन, गायन सहित किसी विषय पर अपने विचार भी व्यक्त करेंगे। सियान गुड़ी के वरिष्ठ नागरिक रिटायर्ड एजुकेशन अफसरों के साथ कैरम, शतरंज, लूडो, सांप सीढ़ी जैसे खेलों में भी दो-दो हाथ करेंगे। - -पक्का आवास मिलने से वर्षों का सपना हुआ साकार, महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा नियमित आर्थिक संबलअम्बिकापुर । विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें शासन की मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) आवास योजना जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों के जीवन में बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से ऐसे परिवार, जो वर्षों से कच्चे एवं असुरक्षित आवासों में जीवनयापन कर रहे थे, अब पक्के और सम्मानजनक आवास में रहने का सपना साकार कर रहे हैं। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कलजीवा के निवासी मनबहाल पहाड़ी कोरवा भी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान स्वीकृत हुआ, जिसके निर्माण के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधायुक्त घर में रह रहा है। मनबहाल के परिवार में पति-पत्नी दो सदस्य हैं। पहले उनका कच्चा मकान बरसात, तेज हवा और अन्य मौसमों के दौरान असुरक्षित हो जाता था। हर वर्ष बारिश के मौसम में घर की मरम्मत करनी पड़ती थी और हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती थी।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलने से अब उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। मजबूत छत और सुरक्षित दीवारों वाले घर ने उन्हें न केवल सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास भी दिया है। अब उन्हें मौसम की मार की चिंता नहीं रहती और वे अपने नए घर में सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में जीवनयापन कर रहे हैं। पक्का आवास मिलने से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है तथा स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में रहने का अवसर मिला है।मनबहाल पहाड़ी कोरवा के परिवार को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। यह राशि परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्चों तथा छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हो रही है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार को आर्थिक संबल मिला है और जीवनयापन पहले की तुलना में अधिक सहज हुआ है।मनबहाल पहाड़ी कोरवा ने बताया कि वे मजदूरी का कार्य करते हैं, शासन की योजनाओं ने उनके परिवार का जीवन बदल दिया है। पहले कच्चे मकान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पक्का मकान मिलने से सुरक्षित आशियाना मिल गया है। वहीं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता भी परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है।उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना जैसी जनहितैषी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं जरूरतमंद और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक पहुंच रही हैं। इन योजनाओं के कारण उनके परिवार के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती आई है।
- -वॉकर मिला तो बढ़े आत्मविश्वास के साथ कदमरायपुर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं तब सबसे अधिक सार्थक होती हैं, जब वे किसी जरूरतमंद के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आती हैं। समाज कल्याण विभाग की ऐसी ही एक पहल ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम बांधाबाजार निवासी 90 प्रतिशत दिव्यांग शुभम कुमार गंधर्व के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है।जन्म के कुछ समय बाद पोलियो से प्रभावित होने के कारण शुभम का बचपन अनेक कठिनाइयों के बीच बीता। सामान्य बच्चों की तरह चलना-फिरना उनके लिए संभव नहीं था और दैनिक कार्यों के लिए भी उन्हें परिवार के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी उनका हौसला टूटने नहीं दिया। उनकी माता ने अपने हाथों से लकड़ी का सहारा तैयार किया, जिसके सहारे शुभम धीरे-धीरे चलने का प्रयास करते रहे।इसी बीच समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण योजना की जानकारी मिलने पर परिवार ने आवेदन किया। विभाग ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए शुभम को वॉकर उपलब्ध कराया। यह वॉकर उनके लिए केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत बन गया।वॉकर मिलने के बाद शुभम अब पहले की तुलना में अधिक सहजता से चल-फिर पा रहे हैं। उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे अपने कई दैनिक कार्य स्वयं करने लगे हैं। परिवार के चेहरे पर भी संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। शुभम कहते हैं, वॉकर मिलने के बाद मेरा जीवन पहले से काफी आसान हो गया है। अब मुझे लगता है कि मैं भी अपने दम पर आगे बढ़ सकता हूं। शुभम के पिता श्री अरुण कुमार गंधर्व ने समाज कल्याण विभाग और राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके बेटे के लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि समय पर मिली इस मदद ने शुभम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।
- नारायणपुर । जिले के ग्राम गुडरीपारा निवासी 47 वर्षीय श्री सोमारू नेताम का जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब सही व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल ने उनके जीवन में ऐसा सकारात्मक बदलाव लाया है, जिसने उनकी दिनचर्या और सोच, दोनों को नई दिशा दी है।श्री सोमारू नेताम 75 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। लंबे समय तक दिव्यांगता के कारण उन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। घर से बाहर निकलना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। बाजार जाना हो, अस्पताल पहुंचना हो या किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना हो, हर बार उन्हें परिवार या आसपास के लोगों की सहायता की आवश्यकता पड़ती थी। इस कारण उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित होता था और वे कई बार आवश्यक कार्य भी समय पर नहीं कर पाते थे।उनकी इस कठिन परिस्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल (बैटरी चलित) प्रदाय योजना के अंतर्गत 17 अप्रैल 2026 को उन्हें बैटरी चलित ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई गई। यह सहायता उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। ट्रायसाइकिल मिलने के बाद उन्होंने स्वयं अपने कार्य करना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी दूसरों पर निर्भरता कम होने लगी।अब सोमारू नेताम बिना किसी की मदद के अपने घर से बाजार, अस्पताल, बैंक तथा अन्य आवश्यक स्थानों तक आसानी से आ-जा रहे हैं। पहले जहां छोटी-सी दूरी तय करना भी कठिन था, वहीं अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने सभी जरूरी कार्य समय पर पूरा कर रहे हैं। इससे न केवल उनका समय बचता है, बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का नया अनुभव भी मिला है।बैटरी चलित ट्रायसाइकिल ने उनके सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है। अब वे परिवार और समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक सक्रियता से भाग लेते हैं। लोगों से मिलना-जुलना आसान हुआ है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों को भी राहत मिली है, क्योंकि अब सोमारू अपने अधिकांश कार्य स्वयं करने में सक्षम हो गए हैं।सोमारू नेताम का कहना है कि यह ट्रायसाइकिल उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है। इससे उन्हें अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीने का अवसर मिला है। उन्होंने इस अमूल्य सहयोग के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा समाज कल्याण विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।सोमारू नेताम की कहानी इस बात का प्रेरक संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का प्रभाव तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ सही पात्र तक पहुंचे। एक बैटरी चलित ट्रायसाइकिल ने उनके जीवन में केवल गतिशीलता ही नहीं लाई, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नई उम्मीद भी दी। यह सफलता की कहानी समाज के लिए प्रेरणा है कि उचित सहयोग और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकते हैं।




























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