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- बिलासपुर. कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 02/06/2026 से 04/06/2026 को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा तेंदुआ,कोटा, चोरभट्टी,कच्छार, लोफन्दी, सेंदरी, निरतु,कोनी, मंगला, हिर्री क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान कोटा क्षेत्र में खनिज गिट्टी का परिवहन करते 01 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। मंगला,-शुभम विहार क्षेत्र में खनिज रेत का परिवहन करते 02 ट्रैक्टर ट्राली वाहनों को जप्त किया गया।कोनी क्षेत्र में खनिज रेत का परिवहन करते 01 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।हिर्री क्षेत्र में खनिज साधारण पत्थर का परिवहन करते 01 हाइवा वाहन को जप्त किया गया।इस प्रकार जप्त कुल 05 वाहनों को जप्त कर पुलिस थाना कोनी,कोटा, हिर्री एंव सकरी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग व पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- 0- 486 ग्राम पंचायतों में जल बचाने का महाअभियान, हजारों ग्रामीण कर रहे श्रमदानबिलासपुर. जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मोर गांव-मोर पानी” महाअभियान के तहत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों में चलाए जा रहे इस अभियान में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।अभियान के अंतर्गत जिले में 55 हजार 567 श्रमदान के माध्यम से सोक पिट निर्माण और नालों में 190 बोरी बंधान कार्य किए गए हैं। वहीं अनुपयोगी बोरवेलों में 163 सैंड फिल्टर स्ट्रक्चर स्थापित किए गए हैं। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 123 तालाबों का गहरीकरण, 270 परकोलेशन टैंक, 41 इंजेक्शन वेल तथा 45 नए तालाबों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति देकर कार्यान्वित किया गया है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिले में 59 हजार 52 पौधों के वृक्षारोपण का लक्ष्य स्वीकृत किया गया है, जिनमें से अब तक 28 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक जनसहभागिता मिल रही है, जिससे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
- 0- गंदगी मिलने पर 50 हजार का जुर्माना, स्वच्छता सुधारने के दिए सख्त निर्देशरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश और नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के नेतृत्व में शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए औचक निरीक्षण अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही और जोन 4 कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी ने जोन 4 क्षेत्र के शास्त्री बाजार के समीप स्थित होटल मेजबान का औचक निरीक्षण किया।नगर निगम को स्वच्छता संबंधी जनशिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जोन 4 टीम ने तत्काल कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर भी उपस्थित थे।निरीक्षण में जनशिकायत सही पाई गई। होटल परिसर में गंदगी मिली। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर होटल मेजबान के संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही निगम की टीम ने तत्काल 50 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। स्वच्छता में लापरवाही बरतने वाले होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से भी अपील है कि वे स्वच्छता संबंधी शिकायतें 1100 टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराएं।
- 0- विजयनगर चौक और शीतला तालाब मार्ग अतिक्रमण मुक्त, नागरिकों को जाम से राहतरायपुर। शहर को यातायात जाम और अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए 'टीम प्रहरी अभियान' के तहत नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेश और नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर आज जोन 9 के महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक 32 में बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।नगर निगम मुख्यालय के नगर निवेश उड़नदस्ता और जोन 9 नगर निवेश विभाग की संयुक्त टीम ने यातायात पुलिस के सहयोग से विजयनगर चौक और शीतला तालाब क्षेत्र में सड़क पर लगे अवैध ठेलों और गुमटियों को हटाया। जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता श्री रविप्रभात साहू एवं श्री अतुल बंसल की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान मार्ग पर कब्जा कर व्यवसाय कर रहे लगभग 12 अवैध ठेलों और गुमटियों को हटाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। संबंधित लोगों पर जुर्माना अधिरोपित करते हुए भविष्य में अतिक्रमण न करने की कड़ी चेतावनी दी गई। अतिक्रमण हटने से विजयनगर चौक और शीतला तालाब मार्ग पर नागरिकों को सुगम और सुव्यवस्थित आवागमन की तत्काल राहत मिली।अधिकारियों ने बताया कि 'टीम प्रहरी अभियान' का मुख्य उद्देश्य राजधानी रायपुर के प्रमुख चौराहों, तालाबों और बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त कर यातायात जाम की समस्या दूर करना है। अभियान के तहत ऐसे सभी स्थानों पर नियमित कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आमजन को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
- 0- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज विभाग की कार्यवाहीरायपुर। जिले में अवैध खनिज उत्खन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार राजस्व विभाग एवं खनिज विभाग की टीम ने दिनांक 04 जून 2026 को आरंग विकासखंड के मंदिरहसौद क्षेत्र में औचक जांच अभियान चलाया गया।इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अभिलाषा पैकरा के नेतृत्व में राजस्व विभाग एवं खनिज विभाग की टीम ने अवैध रूप से 3 रेत और 1 मुरूम का परिवहन करते 4 हाईवा वाहनों को मौके पर पकड़ा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सभी वाहनों को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना मंदिरहसौद में अभिरक्षार्थ सुपुर्द किया गया।
- 0- श्री लीलाराम ने कहा सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के मिला उर्वरकरायपुर. राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।जिले के विकासखंड अभनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत उपरवारा के किसान श्री लीलाराम पटेल ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।श्री लीलाराम पटेल ने बताया कि उनके पास लगभग पौन एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी पोटाश, 1 बोरी इफको (उर्वरक) तथा 1 बोरी राखड़ खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।श्री पटेल ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
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*भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बम्हनीडीह,शिवनंदनपुर और सहसपुर लोहारा में भाजपा की ऐतिहासिक विजय पर जताया आभार*
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेश के स्थानीय निकाय उपचुनावों और अध्यक्ष पदों पर मिली शानदार जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए जनता और कर्मठ कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। श्री देव ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। जनता ने एक बार फिर विकास और सुशासन को चुना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा मेंअध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने 762 वोटों के बड़े अंतर से एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की है। इसी प्रकार सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए अध्यक्ष पद पर रितेश जायसवाल को 362 वोटों के अंतर से विजयी बनाया है। श्री देव ने कहा कि बम्हनीडीह, सहसपुर लोहारा और शिवनंदनपुर नगर पंचायत में मिली यह जीत दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर जनता कांग्रेस के खोखले वादों को पूरी तरह समझ चुकी है और विकास के लिए केवल भाजपा पर भरोसा कर रही है। इस चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले प्रत्येक देवतुल्य कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। भाजपा जनता के इस विश्वास का मान रखेगी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी। -
-विश्व पर्यावरण दिवस विशेष
-एनएचएआई का पर्यावरण-हितैषी निर्माण पर जोररायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधुनिक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कई अभिनव पहलें की हैं। प्रकृति, वन्य जीव और आधुनिकता के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करने का यह अनूठा मॉडल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। औद्योगिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर पर्यावरण-अनुकूल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।राजमार्ग निर्माण में थर्मल पावर प्लांट की फ्लाई-ऐश (राख) का उपयोग करके एनएचएआई ने पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है, जिसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की बिजली परियोजनाओं से निकलने वाले कचरे को खपाने में काम आ रहा है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न परियोजनाओं में वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 2.17 करोड़ मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई-ऐश को सड़क निर्माण में खपाया गया, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 20 लाख मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश का उपयोग किया जा चुका है। इतना ही नहीं, स्टील उद्योग के अपशिष्ट यानी स्लैग, अनुपयोगी टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन जैसी वैकल्पिक सामग्रियों को रिसायकल कर वर्ष 2024-25 में 30,477 मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में 2691 मीट्रिक टन सामग्रियों का उपयोग करके ग्रीन-हाइवे की परिकल्पना को साकार किया गया है।सड़क निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण और भूजल संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर सुधर सके। छत्तीसगढ़ के राजमार्गों के आस-पास के ग्रामीण अंचलों सहित देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 13 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार और निर्माण किया गया है। वर्षा जल संचयन को गति देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स की संख्या को वर्ष 2024-25 में 14 से बढ़ाकर अगले ही वर्ष 105 कर दिया गया। निर्माण कार्यों और पौधों की सिंचाई में पीने योग्य साफ पानी की बर्बादी रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्राप्त 323 किलोलीटर शोधित जल का उपयोग किया गया, जो जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में बेहद संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों में अत्याधुनिक इको-फ्रेंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती अभ्यारण्य के संवेदनशील क्षेत्र में करीब 3 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक सुरंग इसका नायाब उदाहरण है। इस निर्माण से वाहनों का आवागमन भूमिगत होगा और जंगल के शांत माहौल पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। इस क्षेत्र में विशेष ध्वनि-अवरोधक (साउंड बैरियर्स) लगाए जा रहे हैं, ताकि वन्य जीव और पक्षी वाहनों के शोर से विचलित न हों। साथ ही, पेड़ों पर रहने वाले जीवों के लिए सड़क के ऊपर मंकी-कैनोपी और हाथियों व अन्य वन्य जीवों के बेरोकटोक विचरण के लिए विशेष एलिफेंट-पास एवं एनिमल-अंडर विकसित किए जा रहे हैं।हाइवे को एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने छत्तीसगढ़ के मैदानी और वनांचल मार्गों के किनारों पर एनएचएआई द्वारा कई अनोखे प्रयोग किए जा रहे हैं। सड़कों के किनारे विशेष बी-कॉरिडोर (मधुमक्खी गलियारा) विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के खेतों में प्राकृतिक परागण बढ़ेगा और स्थानीय किसानों की फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी। वहीं, बंजर और खाली पड़ी जमीनों पर मेडिसीन पार्क (औषधि वन) तैयार कर नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला जैसे हजारों औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही, एनएचएआई ने "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान के अंतर्गत बीते वर्ष छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर ढाई लाख से अधिक पौधों का रोपण कर हरित राजमार्ग का एक नया कीर्तिमान रचा है। - -28 हजार 754 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रूपए की सहायता राशि डी बी टी के माध्यम से करेंगे अंतरितरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगामी शुक्रवार 5 जून को दोपहर 2.30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले पंजीकृत श्रमिक परिवारों के 22 मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इस गरिमामय अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। यह पहल श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक मेधावी छात्र को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु 1 लाख रुपये का विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को कुल रुपये 2 लाख रूपए का चेक वितरण कर लाभान्वित करेंगें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधगण, गणमान्य नागरिक सहित हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहेगें।
- -कृषक उन्नति योजना के संचालन से मिली आर्थिक संबलता, घर बनाने में पैसे का किया उपयोगरायपुर । नैनो उर्वरक का उपयोग कर बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्र्राम फिरतुटोला के किसान श्री महमुद हसन अंसारी अब अपनी खेती को बेहतर उत्पादन एवं मुनाफेदार बना रहे हैं। वे नैनो उर्वरक का वैज्ञानिक पद्धति से उपयोग कर अपने फसल उत्पादन में वृद्धि कर रहे है। किसान श्री महमुद हसन ने बताया कि वे लगभग 07 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। वे खरीफ सीजन में धान की फसल तथा रबी सीजन में मुख्य रूप से चना और गेहूं की खेती करते हैं। इसके लिए वे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रेंगाडबरी से उन्नत बीज और खाद प्राप्त करते हैं। महमुद ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का उठाव कर लिया है। नैनो उर्वरक के उपयोग के संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए महमुद हसन ने कहा कि उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया है। इसका परिणाम बेहद ही प्रभावी रहा है। नैनो खाद के उपयोग से न केवल धान, चना, गेहूं की फसल की गुणवत्ता सुधरी है तथा बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन में भी बेहतरीन वृद्धि हुई है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक को अपनाएं, जिससे कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल का उत्पादन किया जा सके। महमुद हसन ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस योजना के तहत धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से हम किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। योजना से मिली अतिरिक्त राशि का उपयोग वे अपने खेती-किसानी के कार्यों को बेहतर बनाने के साथ ही अपना स्वयं का पक्का मकान बनाने के लिए कर रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के निरंतर संचालन और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसान महमुद हसन अंसारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है।
- -सुशासन तिहार के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद-सपेरा समाज के लिए सामुदायिक भवन, मंगल भवन, सीसी रोड और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई विकास कार्यों की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे।जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -जल संसाधन विभाग और रिसाली निगम के संयुक्त अभियान में शासकीय भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्तरायपुर / जल संसाधनों के संरक्षण तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिक निगम रिसाली की संयुक्त टीम ने नहर क्षेत्र एवं विभागीय स्वामित्वाधीन शासकीय भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।हनोदा माइनर नहर डी.पी.एस. स्कूल से वी.आई.पी. नगर तक नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र से होकर गुजरती है। यह नहर क्षेत्र जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नहरों एवं उनसे संबद्ध शासकीय भूमि का संरक्षण जनहित से जुड़ा विषय है। इन क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण न केवल शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आते हैं, बल्कि नहरों के अनुरक्षण, निरीक्षण एवं मरम्मत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। प्रशासन द्वारा कार्रवाई से पूर्व संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।अभियान के दौरान नगर पालिक निगम रिसाली एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया, जिससे नहर क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा सका।कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारश्वत ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधीन नहरों, जल संरचनाओं, अनुरक्षण मार्गों तथा शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र की सभी नहरों एवं शासकीय परिसंपत्तियों की सतत निगरानी की जा रही है और जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव के वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि एवं जल संरचनाएं सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। इन परिसंपत्तियों का सुरक्षित एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।जल संसाधन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नहरों, शासकीय भूमि तथा अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की संरचनाओं पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और इनके संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें। सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण से ही जनहित एवं विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकती है।
- -120 करोड़ रुपये की परियोजना युवाओं को देगी अध्ययन, आवास और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं-बिलासपुर बनेगा प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब : युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और बिलासपुर को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है।परियोजना के अंतर्गत नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।अधिकारियों ने बताया कि परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही इस परियोजना का संचालन वित्तीय दृष्टि से भी आत्मनिर्भर होगा तथा नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह एजुकेशन हब हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।
- -बिलासपुर संभाग के पांच जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, पेयजल, स्वास्थ्य और खरीफ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा-राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण, पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने मुख्यमंत्री ने दिए निर्देशरायपुर । शासन प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने विकास कार्यों की प्रगति, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे नागरिकों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक विलंब आमजन की परेशानी बढ़ाता है, इसलिए इनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी जैसे विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं प्रदेश में आयोजित समाधान शिविरों में शामिल होकर आम नागरिकों से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है। यही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार बनेगा।बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग तथा पांचों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण-जनजातीय परिवारों से संवाद कर सुनीं समस्याएं, दिव्यांग हितग्राहियों को दिए सहायक उपकरण-‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपणरायपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की-सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति की ली जानकारीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भिखमपुरा पहुंचकर स्वामी शिवानंद विद्यापीठ एवं गौसेवा आश्रम परिसर स्थित श्री पंचमुखी दक्षिणाभिमुख सिद्ध हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन दिनों सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का सतत दौरा कर रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से वे सीधे आमजन से संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं और सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।भिखमपुरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने गौसेवा आश्रम परिसर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए प्रशासन सीधे लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक, आश्रम से जुड़े सदस्य तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
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किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया
605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती
अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट
रायपुर/ फसल विविधीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और भूमि की उर्वरता में सुधार हो रहा है। पारंपरिक फसलों से हटकर नई और उच्च-मूल्य वाली फसलें उगाने से किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है और जोखिम कम होता है। धान के बदले मक्का की खेती अपनाना फसल विविधीकरण की दिशा में एक बेहतरीन और अत्यधिक लाभदायक कदम है। इससे न केवल भूमि की उर्वरता और जल स्तर में सुधार होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।
किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ
राजनांदगांव जिले में फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्के की खेती अपनाने वाले किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध खेती करने वाले किसानों ने उत्पादन एवं आय के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी द्वारा जिले के किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मक्का की खरीदी
रबी वर्ष 2025-26 में गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी द्वारा जिले के 605 किसानों के साथ अनुबंध कुल 1763 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कराई गई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने 1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मक्का की खरीदी करते हुए 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का मक्का खरीदा, इसमें से अब तक 3.73 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है तथा शेष भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव ललित कुमार को
छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान श्री ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 6 लाख 95 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। इसी प्रकार राजनांदगांव विकासखंड के किसान श्री वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर 32.66 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 5 लाख 27 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। वहीं ग्राम जमलेश्वर के किसान श्री देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर लगभग 4 लाख 67 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की।
फसल विविधीकरण को मिला बढ़ावा
इन किसानों की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को अधिक लाभ मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता तथा फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिले के किसानों की यह सफलता अन्य किसानों को भी फसल चक्र परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। -
विश्व पर्यावरण पर राज्यपाल ने दिया जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रायपुर/विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पानी रहेगा तो पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे और यदि पेड़ रहेंगे तो जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा।
राज्यपाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में योगदान है। वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और भूजल स्तर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि देश और दुनिया के अनेक क्षेत्रों में जल स्रोत लगातार घट रहे हैं। भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे प्रयास सामूहिक रूप से किए जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
लोक भवन और नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन में करेंगे वृक्षारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका लोक भवन तथा नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, जल बचाएं और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्यपाल श्री डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट किए तथा उन्हें अपने घरों एवं आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर लोक भवन के सभी कर्मचारियों के लिए निशुल्क पौधों के वितरण की व्यवस्था की गई है। -
लोक भवन में तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया ध्यान अभ्यास
रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि मेडिटेशन (ध्यान) को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आज के तनावपूर्ण और व्यस्त जीवन में ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। लोक भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन राज्यपाल श्री रमेन डेका भी उपस्थित रहे। इस दौरान हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर से आए प्रशिक्षकों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी दी तथा उनका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कार्यभार के कारण तनाव एक सामान्य समस्या बन गया है। ऐसे में ध्यान व्यक्ति को मानसिक संतुलन बनाए रखने, तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने में सहायता करता है। राज्यपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रतिदिन कुछ समय ध्यान के लिए निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान का अभ्यास व्यक्ति के जीवन में आत्मिक संतोष, सकारात्मकता और अद्भुत आनंद का अनुभव कराता है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है।
शिविर में हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के प्रशिक्षकों ने ध्यान के महत्व, उसकी प्रक्रिया और दैनिक जीवन में उसके लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को ध्यान के व्यावहारिक सत्र में शामिल कराकर उसका अनुभव भी कराया। इस अवसर पर प्रशिक्षकों ने राज्यपाल श्री डेका को मेडिटेशन और आत्मिक विकास से संबंधित पुस्तकें भी भेंट कीं। - 0- मानसून की पहली बारिश के पूर्व जोन के सभी वार्डो के नालो, नालियों की तले तक सघन सफाई करवाकर निकास सुगम बनाने दिये निर्देश0- सभी विकास कार्यो को तेजी से गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने के निर्देश0- बारिश में स्ट्रीट लाईट प्रबंधन सुचारु रूप से करवाने और मॉनिटरिंग कर कलोरीनयुक्त शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने दिए निर्देश, जोन नगर निवेश विभाग के कार्यों की मॉनिटरिंग कर मूल्यांकन करने जोन कमिश्नर को सभापति के निर्देशरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति नगर निगम जोन 2 के पदेन अध्यक्ष श्री सूर्यकांत राठौड़ ने नगर निगम जोन 2 कार्यालय में जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियता श्री पीडी घृतलहरे, सहायक अभियंता श्री गोविन्द साहेब बंजारे, उपअभियंता श्री सुधीर भट्ट, सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया सहित अन्य सम्बंधित जोन अधिकारियों की उपस्थिति में जोन के कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर की एवं आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड ने मानसून की पहली बारिश के पूर्व जोन 2 क्षेत्र के सभी 7 वार्डो के नालो व नालियों की तले तक सघन सफाई करवाकर गंदे पानी का निकास सुगम बनाने के निर्देश दिये ताकि कही भी बारिश में जल भराव की समस्या से नागरिको को असुविधा का सामना ना करना पड़े।सभापति ने अधिकारियों को प्रगतिरत विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर उसकी समीक्षा करते हुए तय समय सीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सहित जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु शीघ्र प्राथमिकता से विकास कार्यों को पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये, सभापति ने जोन अधिकारियों को समीक्षा बैठक में मानसून के दौरान सुचारु स्ट्रीट लाइट प्रबंधन करने और सतत मॉनिटरिंग कर नागरिकों को सतत कलोरीनयुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैँ, सभापति ने जोन कमिश्नर को जोन नगर निवेश विभाग के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर मूल्यांकन करने निर्देशित किया है और नगर निवेश विभाग के सभी कार्यों को पारदर्शिता से गुणवत्तापूर्ण करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैँ।
- 0- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जनसमस्याओं के समाधान का मंच, समय-सीमा में शिकायत निराकरण करने जवाबदेह होंगे अधिकारी0- सचिव मुख्यमंत्री श्री राहुल भगत ने किया कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन, व्यवस्थाओं की सराहनारायपुर. कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के संचालन, शिकायतों के पंजीयन और उनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सचिव, माननीय मुख्यमंत्री श्री राहुल भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे शासन तक अपनी बात पहुंचाने का मंच मिलेगा।श्री भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द ही शुरू होने वाला है और इसके लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण का अंतिम चरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े जिलों में शिकायतों की संख्या अधिक होती है, इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के बेहतर प्रबंधन और त्वरित निराकरण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का माध्यम भी है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निराकरण किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिकायतों के विभिन्न प्रकारों को ध्यान में रखते हुए लगभग 1200 शिकायत श्रेणियां चिन्हित की गई हैं। विभागवार शिकायतों के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है तथा करीब 8 हजार अधिकारियों की मैपिंग की गई है, ताकि प्राप्त शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंच सकें।प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री अशोक चौबे एवं श्री अनुराग दीवान ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने शिकायत पंजीयन, पोर्टल संचालन, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया, समय-सीमा का पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।प्रशिक्षकों ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरों की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नोडल विभाग सुशासन एवं अभिसरण विभाग होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सूचना के अधिकार, मांग संबंधी प्रकरण, विभागीय स्थापना से जुड़े अधिकांश मामले तथा केंद्र सरकार से संबंधित विषय इस व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाएंगे।अधिकारियों को बताया गया कि आम नागरिक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर, वेबसाइट एवं व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के पंजीयन एवं मार्गदर्शन के लिए कॉल सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदक को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इस दिशा में एक प्रभावी व्यवस्था साबित होगी।कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्री राहुल भगत को रायपुर ज़िले में संचालित हो रहे कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन भी करवाया, श्री भगत ने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की सराहना की।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जिला हेल्पलाइन नंबर "कॉल सेंटर" का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान हेतु मोबाइल नंबर 9977222564, 9977222574, 9977222584 एवं 9977222594 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- समय-सीमा की बैठक में ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड एवं धान खरीदी से जुड़े प्रकरणों की समीक्षारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन आवेदनों का निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समय के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही निराकृत प्रकरणों की जानकारी आवेदकों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने ई-केवाईसी कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने पात्र परिवारों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।बैठक में धान खरीदी से संबंधित लंबित वसूली प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकाया राशि की वसूली के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां राजस्व वसूली प्रमाण-पत्र (आरआरसी) के माध्यम से वसूली की जाए तथा गंभीर अनियमितता वाले मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।बैठक में रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर. शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रायपुर (सड्डू) में संचालित व्यवसाय-कोपा, स्टेनो हिन्दी, इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन में रिक्त सीटों व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था माना, जिला रायपुर तथा राज्य की अन्य शासकीय आईटीआई में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।इच्छुक अभ्यर्थी 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। प्रवेश संबंधी आवश्यक जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रशिक्षण विवरणिका में देखी जा सकती है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एएनएम श्रीमती पार्वती नेताम ने आंगनबाड़ी केंद्र हांडीपारा एवं एमपीडब्लू श्री राज कुमार साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र किराना में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- ग्रामीणों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास की चाबी एवं हितग्राहियों को प्रदान किया राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्डरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुटेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में कौशल विकास, तकनिकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री व आरंग विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे|शिविर में कुल 1657 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 567 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। 01 हितग्राही को नरेगा चेक वितरण, 35 हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड, 05 लोगों को पीएम आवास की चाबी, 02 हितग्राहियों जन्म प्रमाण पत्र, 05 आयुष्मान कार्ड, 01 ग्रीन पालना, 24 होनहार प्रमाण पत्र, 10 अन्न प्राशन गोद भराई, 05 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मान किया गया|इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री गुरु सौरभ साहेब, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



























