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- दुर्ग / विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय आयोजन बीआईटी दुर्ग के ऑडिटोरियम हॉल में 9 अगस्त 2023 को पूर्वान्ह 11 बजे किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास संसदीय कार्य, पशुधन विकास, मछली पालन, जल संसाधन, आयाकट, स्कूल शिक्षा व सहकारिता मंत्री श्री रविन्द्र चौबे होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छ.ग. स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन एवं विधायक श्री अरूण वोरा करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक भिलाई नगर श्री देवेन्द्र यादव, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा भुनेश्वर यादव, महापौर नगर निगम दुर्ग श्री धीरज बाकलीवाल, महापौर नगर निगम भिलाई श्री नीरज पाल, महापौर निगम निगम भिलाई चरौदा श्री निर्मल कोसरे और महापौर नगर निगम रिसाली श्रीमती शशि सिन्हा कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- -‘संवाद सेतु 2023’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर /छत्तीसगढ़ हमेशा से शांति का टापू रहा है, हमारे पुरखों ने इसे सहेजा है। हम भावी पीढ़ी के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी की इस धरा की सेवा करें और नवा छत्तीसगढ़ गढ़े। यह संदेश मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर प्रवास के दौरान आईएनएच न्यूज के संवाद 2023 कार्यक्रम के दौरान दिया।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चे सुपोषित हो, उन्हें शिक्षा और रोजगार मिले, पिछले पौने पांच सालों में हमने इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। पिछले पौने पांच सालों में हमने किसान, मजदूर, आदिवासी, महिलाओं और युवाओं के जेब में लगभग पौने 2 लाख करोड़ रूपए डाले हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आज बस्तर के सुदूर अंचलों में गाड़ियों के शोरूम खुल रहे हैं, इसका मतलब है कि लोगों की जेब में पैसे पहुंचे हैं।हमने कांक्रीट के जंगलों को बढ़ावा नहीं दिया, हम व्यक्ति को इकाई मानकर राज्य का विकास कर रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ में बच्चे सुपोषित हो रहे हैं, महिलाएं एनीमिया मुक्त हो रही हैं। बस्तर आज मलेरिया से लगभग मुक्त हो चुका है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमने अपने पुरखों की संस्कृति को सहेजने का काम किया है। बस्तर में 2400 से अधिक देवगुड़ियों का निर्माण किया। घोटुल का निर्माण कराया, बादल के माध्यम से जनजाति संस्कृति को संरक्षण और बढ़ावा दिया जा रहा है। आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति का गौरव और व्यापकता देश-दुनिया के सामने आई है।उन्होंने कहा कि हम राम वनगमन पथ के माध्यम से भगवान राम और माता सीता के प्रवेश स्थल कोरिया से लेकर सुकमा के रामाराम तक, जहां-जहां उनके कदम पड़े उन्हें जनभावना के अनुरूप आस्था स्थलों के रूप में विकसित करने का काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आज हम छत्तीसगढ़ के परंपरागत तीज-त्यौहारों को उमंग के साथ मना रहे हैं। अपनी संस्कृति से लोगों का जुड़ाव हो, इस उद्देश्य के साथ परंपरागत त्यौहारों पर शासकीय अवकाश की घोषणा की गई है। हमने विश्व आदिवासी दिवस पर भी शासकीय अवकाश घोषित किया है और प्रदेशवासी आज उत्सुकता के साथ गांव-गांव में आदिवासी दिवस मना रहे है।‘सार्थक संवाद’ पुस्तक का किया विमोचनमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सार्थक संवाद’ का विमोचन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री श्री केदार कश्यप मौजूद रहे।
- रायपुर /राज्य की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण अधिकारियों के विभिन्न रिक्त पदों की पूर्ति हेतु व्यापम के माध्यम से आयोजित चयन परीक्षा के परिणाम घोषित किये जा चुके है। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया ऑनलाईन काउंसलिंग के माध्यम से 9 अगस्त से 16 अगस्त 2023 रात्रि 11.59 बजे तक की जाएगी।ऑनलाईन काउंसलिंग की विस्तृत प्रक्रिया एवं कटऑफ मार्क्स की जानकारी संचालनालय की वेबसाइट cgiti.cgstate.gov.in पर देखी जा सकती है। अभ्यर्थी वेबसाइट का अवलोकन कर 09 अगस्त 2023 प्रातः से 16 अगस्त 2023 रात्रि 11.59 बजे तक उक्त वेबसाईट पर जाकर अभ्यर्थी ऑनलाईन काउंसलिंग की प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकते हैं। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से नियमित रूप से वेबसाईट का अवलोकन करने को कहा है।
- -आदिवासियों के लिए सक्रिय रूप से काम करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को दी बधाईरायपुर / सांसद श्री राहुल गांधी ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासियों के लिए सक्रिय रूप से काम करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि विश्व आदिवासी दिवस पर मैं हमारे आदिवासी समुदायों का सम्मान करना चाहूंगा, जो हमारी भूमि और परंपरागत ज्ञान के सच्चे संरक्षक हैं। हमारे आदिवासी समुदाय, आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी विरासत को सुरक्षित रखने में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। एक समाज के रूप में, हम अपने आदिवासी भाईयों और बहनों से, अपने मूल्यों की अंत तक रक्षा करने की शक्ति के बारे में बहुत कुछ सीख सकते हैं।मैं छत्तीसगढ़ सरकार को ‘विश्व आदिवासी दिवस‘ की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई की सरगुजा इस वर्ष उत्सव की मेजबानी कर रहा है। सरगुजा का छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक विशिष्ट गौरवपूर्ण स्थान हैै। विभिन्न नृत्य और संगीत परंपराओं से सराबोर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट आदिवासी संस्कृति हमें अपनी सांस्कृतिक विविधता पर गर्व करने के लिए प्रेरित करती है। मैं इस संस्कृति को दर्शकों के बड़े समूह तक पहुँचाने के छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करना चाहूँगा।मैं आदिवासियों के लिए सक्रिय रूप से काम करने के लिए भी छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई देना चाहता हूं। वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में अग्रणी रहने से लेकर गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने तक, छत्तीसगढ़ की प्रगतिशील नीतियां हमारे आदिवासी समुदायों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। अंत में, मैं अपने आदिवासी भाईयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मैं समाज में आपके अमूल्य योगदान के लिए आपको एक बार फिर धन्यवाद देना चाहूंगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर और सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सीतापुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जगदलपुर सर्किट हाउस से सवेरे 10.45 बजे कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे शासकीय काकतीय महाविद्यालय ग्राउंड जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’ के कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री बघेल इस कार्यक्रम के बाद दोपहर 12.45 बजे जगदलपुर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर दोपहर 1.45 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.05 बजे सोनतराई हेलीपेड सीतापुर पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री सीतापुर के स्टेडियम ग्राउंड में दोपहर 2.10 बजे विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल सीतापुर से अपरान्ह 3.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.05 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर आएंगे और वहां से विमान द्वारा रवाना होकर शाम 4.35 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगे।
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रायपुर /जगदलपुर के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज जगदलपुर के सर्किट हाउस में माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मात्रात्मक त्रुटि में सुधार कर जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बस्तर संभाग के माहरा समाज की ओर से उनके प्रति आभार जताया।
- - आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गयारायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बडग़ांव में डेयरी की आड़ में शराब का धंधा करने वाला आरोपी 33 वर्षीय आरोपी प्रेमू यादव को सोमवार को मंदिर हसौद थाना अमला ने 35 पौव्वा शराब ले जाते रास्ते में पकड़ा। शराब की मात्रा 5 लीटर से अधिक होने की वजह से आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34( 2 ) के गैरजमानतीय अपराध के लिये जुर्म कायम कर गिरफ्तारी पश्चात न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।ज्ञातव्य हो कि ग्राम बडग़ांव में अवैध शराब बिक्री की शिकायत काफी अरसे से है। बेखौफ कोचिये ग्रामीणों को चुनौती देते हुए खुलेआम शराब बेचते हैं। शाम ढले तो बडग़ांव से टेकारी व गोढी सडक़ मार्ग में राहगीरों का चलना दूभर हो जाता है । ग्रामीण सूत्रों के अनुसार इस ग्राम में प्रमुख रूप से 3 कोचिये सक्रिय हैं जिसमें से तो 2 पूर्व में पकड़े जा चुके थे । इन्हीं सूत्रों के अनुसार पूर्व में पकड़े जा चुके 2 कोचियों में से एक ने तो फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे अभियान को देखते हुये अपना धंधा समेट लिया है पर दूसरा आरोपी कोचिया प्रेमू यादव बेखौफ धंधा चला रहा था । शाम ढले इस ग्राम में बडग़ांव सहित आसपास के ग्राम टेकारी, कुंडा, तोडग़ाव व मुनगेसर के पियक्कड़ जुटते थे । इसकी शिकायत लगातार पुलिस प्रशासन को मिल रही थी व वे इसे पकडऩे ताक में बैठे थे । इधर इस सडक़ मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों ने इसकी जानकारी क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा को दी । श्री शर्मा ने बीते कल थाना प्रभारी रोहित मालेकर सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल का ध्यान बडग़ांव सहित इसके नजदीकी ग्राम कुटेसर में बिक रही अवैध शराब व इसकी वजह से ग्रामों में व्याप्त अशांति की ओर दिलाया। श्री अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी श्री मालेकर को निर्देशित किया। इसके बाद हरकत में आये थाना अमला ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी प्रेमू यादव को बडग़ांव जाने वाले सडक़ मार्ग पर छतौना मोड़ में अवैध शराब के साथ धर दबोचा ।
- -रागी से बने इडली, ब्राउनी, दोसा, पुड़ी तथा कोदो खीर का आनंद लेकर की सराहनाजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान आज मंगलवार शाम दलपत सागर के सामने नव निर्मित ’सेहत बाजार’ मिलेट्स कैफे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहेदव सहित रागी पुड़ी, रागी दोसा, रागी ब्राउनी, रागी इडली एवं कोदो खीर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने कैफे संचालक महिलाओं से चर्चा कर उन्हें शुभकामनाएं भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने मिलेट्स से बने उत्पादों की सराहना भी की।सेहत बाजार का संचालन मॉम्स फूड संस्था जगदलपुर द्वारा किया जा रहा है। इस कैफे में जरूरतमंद महिलाएं जो पूर्व में टिफिन बनाने का कार्य किया जाता था उनके द्वारा संचालन किया जाएगा। ऐतिहासिक दलपत सागर के सामने पर्यटकों की सुविधा एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दंतेश्वरी मंदिर समिति द्वारा दुकान संचालन हेतु प्रदान किया गया है। इस कैफे में रागी चीला, रागी दोसा, रागी इडली, रागी उपमा, रागी पकोड़ा, रागी पूरी, रागी खिचड़ी, महुआ चाय, काढ़ा चाय इत्यादि पौष्टिक खाद्य सामाग्री की सुविधा उपलब्ध होगी। लोगों के लिए जिसमें स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर व्यजंनों की सुविधा भी उपलब्ध होगी।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आदिवासी इलाकों में मोटे अनाज जैसे रागी, कोदो, कुटकी का पहले से ही प्रयोग किया जाता रहा है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है, इसलिए अब दूसरे इलाकों में भी इन अनाज का काफी इस्तेमाल किया जा रहा हैै। इन मिलेट्स में पोषक तत्वों भी होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभप्रद होते है। विशेषज्ञों के अनुसार कोदो, कुटकी और रागी को प्रोटीन एवं विटामिन युक्त अनाज माना गया है। इसके सेवन से शुगर, बीपी जैसे रोग में लाभ मिलता है। सरगुजा और बस्तर के आदिवासी संस्कृति एवं खानपान में कोदो, कुटकी, रागी जैसे फसलों का महत्वपूर्ण स्थान है। मोटे अनाजों में कुटकी में आयरन एन्टीऑक्सीडेन्ट गुण होते हैं। यह एनीमिया रोगी के लिए भी लाभदायक होता है तथा इसके सेवन से माटापा नहीं होता। इसी प्रकार मोटे अनाज कोदो की विशेषता है कि यह पेट की नमी बनाये रखता है। इससे ब्लड सरकुलेशन बेहतर होता है तथा इसके सेवन से कैंसर की संभावना कम हो जाती है। रागी कैल्सियम और आयरन से भरपुर होता है। यह मधुमेह एवं एनीमिया रोगी के लिए लाभकारी होता है। इस प्रकार मोटे अनाजों में अनेक लाभकारी गुण पाए जाते हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मिलेट मिशन शुरू किया गया है। जिसके कारण अब छत्तीसगढ़ देश का मिलेट हब बनता जा रहा है। यहां राज्य सरकार द्वारा मिलेट की खेती को प्रोत्साहन देने के फलस्वरूप किसानों का रूझान कोदो, कुटकी और रागी की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने इसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना में भी शामिल किया गया है। जिसके अंतर्गत मिलेट्स उत्पादक कृषकों को प्रोत्साहन के लिए प्रति एकड़ की दर से 09 हजार रूपए की आदान सहायता भी दी जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ-साथ इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर 03 हजार प्रति क्विंटल तथा रागी की खरीदी 3 हजार 377 रूपए प्रति क्विंटल तय की गई है। इसका परिणाम है कि अब जो मिलेट का रकबा 69 हजार हेक्टेयर था वह बढ़कर 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गई है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है।मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने मिल चुका है राष्ट्रीय अवार्डज्ञात हो कि राज्य में मिलेट की खेती को प्रोत्साहन, किसानों को प्रशिक्षण, उच्च क्वालिटी के बीज की उपलब्धता तथा उत्पादकता में वृद्धि के लिए मिलेट मिशन अंतर्गत 14 जिलों हेतु आईआईएमआर हैदराबाद के साथ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रयास से त्रिपक्षीय एमओयू भी किया गया है ताकि मिलेट की उत्पादकता को दोगुना किया जा सके। मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर का पोषक अनाज अवार्ड 2022 सम्मान प्राप्त हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट क्रॉप वर्ष घोषित किया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलेट्स से बने व्यंजनो को लोगों की थाली तक पहुँचाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में मिलेट्स कैफे खोले जा रहे हंै। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, अध्यक्ष क्रेड़ा मिथलेश स्वर्णकार, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर नगर निगम श्रीमती सफीरा साहू, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा, जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -मोतियाबिंद के ऑपरेशन वाले मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जानारायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम जगदलपुर जिला चिकित्सालय (महारानी अस्पताल) में नेत्र रोग विंग ‘अम्बक’ का शुभारंभ किया। जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग के भवन को 35 लाख रुपए की लागत से रिनोवेट कर वहां ऑपरेशन थिएटर में नई मशीनें स्थापित की गई हैं तथा यहां मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। ‘अम्बक’ में दो विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित आंख के विभिन्न तरह के ऑपरेशन की सुविधा है। यहां की आईपीडी में 20 बिस्तर उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा भी शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए।जगदलपुर जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग विंग के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल यहां की आईपीडी में उपचाररत मरीजों से मिले और उनसे बातचीत कर उनके स्वास्थ्य व आंख की रोशनी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को फल भी भेंट किए। मुख्यमंत्री ने यहां का सर्वसुविधायुक्त आपरेशन थिएटर भी देखा। संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, विधायक श्री राजमन बेंजाम और श्री विक्रम मंडावी, क्रेडा के अध्यक्ष श्री मिथिलेश स्वर्णकार, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राजीव शर्मा और महापौर श्रीमती सफीरा साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।जगदलपुर जिला चिकित्सालय में इस साल अब तक 1052 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशनजगदलपुर जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग द्वारा राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम (एनपीसीबी) के अंतर्गत मोतियाबिंद मुक्त बस्तर अभियान के तहत प्रतिदिन औसतन 140-160 ओपीडी तथा 25-30 आईपीडी की जा रही है। इस साल अप्रैल से जुलाई तक कुल 5745 ओपीडी मरीजों के इलाज के साथ ही 1052 मोतियाबिंद के मरीजों का निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया है। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम (एनपीसीबी) के अंतर्गत जिले के विभिन्न स्कूलों में चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 5439 छात्र-छात्राओं के आंखों की जाँच की गई है। दृष्टि दोष वाले 52 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मा भी प्रदान किया गया है।
- -देवगुड़ियों के विकास से अवैध कटाई तथा अतिक्रमण पर हुआ नियंत्रणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा राज्य के सुदूर वनांचल में वनवासियों के आस्था का केन्द्र ‘‘देवगुड़ियों’’ का संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य तेजी से जारी है। इस तारतम्य में जगदलपुर वनवृत के अंतर्गत बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर वनमंडल के वन क्षेत्रों में ग्रामीणों की आस्था के प्रतीक देववन, देवगुड़ी तथा देव सरना आदि का संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इनमेें वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक 94 देवगुड़ियों में संरक्षण एवं संवर्धन कार्य अंतर्गत उनके बाउण्ड्रीवॉल तथा चैनलिंक फैंसिंग इत्यादि का कार्य शत-प्रतिशत् पूर्ण कर लिया गया है।इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.श्रीनिवास राव ने जानकारी दी कि इनके विकास कार्य के लिए कैम्पा (छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) के तहत 4 करोड़ 58 लाख रूपए की राशि स्वीकृत थी। मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर श्री मोहम्मद शाहिद ने बताया कि देवगुड़ियों के संरक्षण एवं संवर्धन से स्थानीय वनवासियों के विश्वास तथा आस्था को मजबूती मिली है। जिससे स्थानीय वनवासी आज वन विभाग को अवैध कटाई, अतिक्रमण पर रोकथाम सहित अग्नि सुरक्षा आदि के कार्यों में वनों के विकास के लिए परस्पर सहयोग प्रदान करने में जुटे हुए हैं।गौरतलब है कि जगदलपुर वनवृत जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर निवासरत जनजातियों में विभिन्न प्रकार की स्थानीय मान्यताओं के साथ-साथ कई देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है। इन देवी-देवताओं के पूजा स्थल सुदूर वन क्षेत्र में स्थित है। जिसे वे पवित्र स्थल के रूप में मानते हैं तथा वहां किसी प्रकार की अवैध कटाई, अतिक्रमण अन्य निषिद्ध कार्य को नहीं करते हैं। इन स्थलों पर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहता है। इन स्थलों पर उनकी मनोभावनाएं जुड़ी रहती है। राज्य सरकार की मंशानुसार स्थानीय ग्रामीणों तथा वनवासियों के इन मान्यताओं को बनाए रखने हेतु देवगुड़ियों का संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य कराया जा रहा है।
- ”पारिस्थितिक तंत्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण‘‘ विषय पर हुई कार्यशालारायपुर / 31 वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2023 के तहत ”पारिस्थितिक तंत्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण” विषय पर 33 जिला समन्वयकों एवं शिक्षकों की एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन आज रीजनल साईंस सेन्टर रायपुर में किया गया। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन जिला एवं राज्य पर प्रतिवर्ष किया जाता है। राज्य स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भाग लेकर अपने मॉडल प्रदर्शित करते हैं। यह कार्यक्रम 10 से 17 वर्ष के बच्चों को एक अवसर प्रदान करता है, जहां वे अपने वैज्ञानिक संकल्पनाओं को मुख्य विषय एवं उपविषयों पर शोध परियोजनाओं मॉडल आदि के द्वारा प्रस्तुत करते हैं। यह कार्यक्रम बच्चों को प्रयोग, आंकड़ा संकलन, शोध, विश्लेषण एवं नवाचार प्रक्रिया से परिणाम तक पहुंचकर स्थानीय समस्याओं का समाधान तलाशने का अवसर प्रदान करता है।इसी कड़ी में आयोजित इस कार्यशाला में प्रबुद्धजनों ने पारिस्थितिक तंत्र के क्षय से होने वाले दुष्प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए इसे बचाने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यशाला में जिला समन्वयकों एवं शिक्षकों से कहा कि बच्चों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर पारस्परिक समन्वय से बहुविषयक परियोजना बनाने हेतु प्रेरित करें। छ.ग. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा रीजनल साईंस सेन्टर, रायपुर के महानिदेशक श्री एस.एस. बजाज ने विभिन्न जिलों से आये जिला समन्वयकों एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि ”पारिस्थितिक तंत्र, स्वास्थ्य और कल्याण” मुख्य कथानक एवं उनके उप-विषयों से संबंधित अपने स्थानीय समस्याओं को चिन्हित कर उसके निराकरण हेतु नवाचारी परियोजनाओं के निर्माण हेतु बच्चों को मार्गदर्शन प्रदान करें, जो भविष्य में समाज के लिये उपयोगी हों।कार्यशाला के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग के सचिव, डॉ. आर.के. सिंह ने कहा कि पारिस्थितिक तंत्र में सभी जीव और भौतिक वातावरण सम्मिलित होते हैं यह एक् जटिल तंत्र है आज के औद्योगिक युग में इसे समझना एवं इसके सुधार के लिए काम करना अत्यंत आवश्यक है। परिस्थिकीय तंत्र की समझ के लिए सैद्धांतिक, व्यावहारिक एवं संस्कारिक ज्ञान की आवश्यकता है। यह ज्ञान शिक्षकों से अच्छा कोई नहीं दे सकता है। श्री सिंह ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को नवाचार के लिए प्रेरित करें एवं उन्हे पारस्परिक समन्वय से बहुविषयक परियोजना बनाने हेतु प्रेरित करें, क्योंकि पारिस्थिकीय तंत्र में सभी विषयों का समन्वय है एवं मानव के सभी कार्य से यह प्रभावित होता है।कार्यशाला के विशिष्ठ अतिथि राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम ने कहा कि पारिस्थितिक तंत्र का क्षय रहा है इसे बचाने के लिए वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिकी पुनरूद्धार के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने को प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। आज वैश्विक स्तर पर मुख्य रूप से परितंत्र, स्वास्थ्य एवं कल्याण प्राथमिक केन्द्र बिन्दु है जिन पर समाज को ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा की छात्रों को महत्वपूर्ण समस्याओं पर विचार करने, समाज की भलाई के लिये नवीन विचारांे के साथ विज्ञान की पद्धति का उपयोग कर समस्या को हल करने हेतुु प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिये। डॉ. श्रीमती जे. के. राय, वैज्ञानिक “ई”. सीकॉस्ट एवं राज्य समन्वयक द्वारा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा एवं गाईडलाईन्स पर प्रकाश डाला गया।कार्यशाला के तकनीकी सत्र में मुख्य विषय एवं चिन्हित विभिन्न उपविषयों-अपने पारिस्थितिकी तंत्र को जाने; स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण को बढ़ावा देना;पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रथाएं; आत्मनिर्भरता के लिए पारिस्थितिकी तंत्र आधारित दृष्टिकोण; पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य के लिए तकनीकी नवाचार पर डॉ. के. के. साहू, डॉ. वी. के. कानूनगों, डॉ. अभया जोगलेकर, डॉ. दिपेन्द्र सिंह, डॉ. मंजु जैन एवं डॉ. भानुश्री गुप्ता द्वारा विस्तार से प्रेजेन्टेशन दिया गया। जिसमें उन्होंने बताया कि बच्चों से विभिन्न चिन्हित उपविषयों पर कैसे परियोजनाएं स्थानीय समस्या के आधार पर बनाई जा सकती है। साथ ही नवीन परियोजनाओं के निर्माण, प्रस्तुतिकरण पद्धति तथा मूल्यांकन प्रक्रिया से भी अवगत कराया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं रीजनल सांईस सेटर के वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ अमित दुबे, वैज्ञानिक ‘डी‘ ने किया।
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रायपुर।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग विंग के शुभारंभ के बाद वहां मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आपरेशन के बाद मरीजों के आई-साइट (नेत्र दृष्टि) में सुधार की परीक्षा ली। उन्होंने मरीजों के सामने अपनी हाथ की उंगलियां दिखाकर उन्हें गिनने को कहा। श्री बघेल ने अलग-अलग मरीजों के सामने अलग-अलग संख्या में अपनी उंगलियां दिखाई। इस पर सभी मरीजों ने आपरेशन के बाद अपनी दृष्टि में सुधार की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री की उंगलियों को गिनकर एकदम सही-सही जवाब दिए।
- रायपुर, /छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं सर्टिफिकेट पूरक हायर परीक्षा वर्ष 2023 का परीक्षा परिणाम आज अपरान्ह 4 बजे घोषित किए गए। परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर देखे जा सकते हैं।हाईस्कूल सर्टिफिकेट पूरक परीक्षा वर्ष 2023 में कुल 31.563 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 30,664 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिनमें से 16,228 बालक तथा 14,436 बालिकायें सम्मिलित हुई। इनमें से 30,649 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गये। घोषित परीक्षा परिणाम में से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 6,213 है अर्थात् कुल 20.27 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 22.26 तथा बालकों का प्रतिशत 18.49 है। सम्मिलित परीक्षार्थियों में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 453, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 4,958 तथा तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 802 है। कुल 16 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये हैं, जिनमें 7 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गये हैं तथा 9 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किये जाएंगे।हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट पूरक परीक्षा वर्ष 2023 में कुल 29,230 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। इनमें से 28,209 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिनमें से 15,591 बालक तथा 12,618 बालिकायें सम्मिलित हुईं। इनमें से 28,185 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गए। घोषित परीक्षा परिणाम में से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 7,115 है अर्थात् कुल 25.24 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 27.20 तथा 1 बालकों का प्रतिशत 23.65 है। सम्मिलित परीक्षार्थियों में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 339, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 5,519 तथा तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 1,257 है। कुल 24 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये हैं, जिनमें 11 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गए हैं तथा 13 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किये जायेंगे।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी परीक्षा सितम्बर-अक्टूबर 2023 में सम्मिलित होने के लिए सामान्य शुल्क के साथ 30 जून 2023 एवं विलम्ब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2023 निर्धारित की गयी थी। छात्रहित में विलम्ब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2023 निर्धारित की गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के प्रदेश में स्थित 33 जिला समन्वय केन्द्रों में छात्र आवेदन फार्म जमा कर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते है। आवेदन फार्म एवं समन्वय केन्द्रों की जानकारी कार्यालयीन वेबसाइट sos.cg.nic.in से प्राप्त की जा सकती है। - रायपुर / शिक्षक सीधी भर्ती-2023 में व्याख्याता पद के लिए द्वितीय चरण अभ्यर्थियों की ऑनलाईन काउंसिलिंग 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे से 15 अगस्त को रात्रि 12 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट eduportal.cg.nic.in में प्रारंभ की जा रही है।इस काउंसिलिंग में व्यापम परीक्षा परिणाम के अनुसार व्याख्याता (गणित) अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 9586 से 1000 रैंक, व्याख्याता (भौतिक) अनुसूचित जाति श्रेणी में 162 से 163 रैंक तथा अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 1179 से 1272 रैंक और व्याख्याता (वाणिज्य) अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 335 रैंक के अभ्यर्थियों को ऑनलाईन काउंसिलिंग में शामिल होने का अवसर प्रदान किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभाग की वेबसाइट eduportal.cg.nic.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- -अब पंजीकरण की अंतिम तिथि 17 अगस्त तथा फिल्म प्रविष्टि की अंतिम तिथि 19 अगस्तरायपुर /अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क सुरक्षा जन जागरूकता के लिये आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव में सहभागिता हेतु अनेक फिल्म निर्माताओं/गणमान्य नागरिको के अनुरोध पर, वर्षा ऋतु में फिल्म निर्माण मे होने वाली कठिनाईयों को देखते हुए, फिल्म महोत्सव छत्तीसगढ़ 2023 में पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2023 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2023 तथा फिल्म प्रविष्टि की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2023 से बढ़ाकर 19 अगस्त 2023 की गई है।उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में अब तक देश के विभिन्न राज्यों, उत्तर प्रदेश गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट, बिहार, पंजाब, असम, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, झारखण्ड, दिल्ली, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रो के लगभग 300 प्रतिभागियों के पंजीकरण हुए है।प्रतिभागियों के लिये दिशा-निर्देशफिल्म एक डॉक्यूमेंट्री, प्रयोगात्मक, कथात्मक, काल्पनिक, गैर कॉल्पनिक या एनीमेशन हो सकती है। मूल फिल्म यथासंभव उच्चतम गणवत्ता (1920x1080 या उससे ऊपर) की सड़क सुरक्षा थीम पर आधारित होनी चाहिए। प्रतिभागियों को सर्वप्रथम https://forms.gle/6fjxo79kCbuzbydh8 में पंजीकरण अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव, छत्तीसगढ़ में भाग लेने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है और आयोजक टीम से कोई भी कभी भी किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं मांगेगा। प्रतिभागी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। एक प्रतिभागी के लिए अधिकतम तीन प्रविष्टियों की पात्रता है। फिल्म की कुल अवधि क्रेडिट सहित (फ्रंट और एण्ड) अधिकतम 140 सेकण्ड (2.20 मिनट) हो सकती है।राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव, छत्तीसगढ़ 2023 में दो श्रेणियों में प्रस्तुतियां स्वीकार की जावेगी - (1) छत्तीसगढी भाषा (छत्तीसगढ़ी, गोडी, धुर्वा, भतरी, दोरली, संबलपुरी, कुड़ख, सदरी, बैगानी, कमारी, औरिया, सरगुजिया, दंतेवाड़ा गोड़ी आदि) और (2) अन्य भारतीय भाषा, सभी प्रविष्टियों के लिए हिंदी में उपशीर्षक अनिवार्य है। प्रस्तुत की जाने वाली लघु फिल्में प्रवेशकत्ताओं की मूल रचना होनी चाहिए एवं किसी भी कॉपीराइट या किसी तीसरे पक्ष के किसी अन्य अधिकार का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। प्रतियोगी इस बात से सहमत है कि उन्होंने अपनी लघु फिल्मों में प्रस्तुत संगीत, ध्वनि और या छवियों के संबंघ में सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली हैं।किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव और अश्लील/वयस्क फिल्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव छत्तीसगढ़ से अयोग्य घोषित कर दिया जायेगा। छत्तीसगढ़ पुलिस एवं अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ को अधिकार होगा कि महोत्सव के प्रचार उद्देश्यों के लिए प्रविष्टियों (प्रेषित चयनित/नामांकित फिल्में) एवं फिल्म की सामग्री का उपयोग छत्तीसगढ़ पुलिस एवं अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा सकेगा, और प्रत्येक फिल्म की प्रतियों को अपने महोत्सव पुस्तकालय के हिस्से के रूप में रखा जा सकेगा। सभी प्रविष्टियां चाहे पुरस्कृत हों या नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा व्यावसायिक हित के बिना सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिये उपयोग की जा सकती है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर 9040834734 अथवा 9479191791 में संपर्क किया जा सकता है।
- -चावल के करौरी जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट गुणवत्ता के साथ आकर्षक पैकेजिंग में उपलब्ध करा रहे हैं निपुण-प्रोड्क्ट और प्रचार के तरीके की मुख्यमंत्री ने भी की है प्रशंसा, 2 लाख रुपए की दी है सहायतारायपुर / श्री निपुण रायपुर जिले के गांव निलजा निवासी हैं और वहीं रीपा में अपना छोटा सा उद्यम कर रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की रीपा योजना से सहयोग मिल रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि अपने प्रोडक्ट को प्रमोशन करने का और इसकी गुणवत्ता के लिए उनका काम बेहद खास है। वे सिर्फ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को प्रमोट कर रहें हैं और देश-विदेश के बाजारों में स्थापित करने की इच्छा रखते है।निपुण ने ऐसे क्षेत्र में कदम रखा है जिसके बारे में कोई भी उद्यमी नहीं सोचता। उन्होंने विशेष कर करौरी तथा चावल से बने अन्य उत्पादों को लेकर अपना उद्यम शुरू किया है। करौरी लोग भोजन के साथ अथवा खाने के साथ बड़े शौक से खाते हैं लेकिन पहली बार किसी ने इसे आकर्षक पैकेजिंग में बाजार में लाने का निश्चय किया है। वे भात बड़ी मुरकू, चावल से बना मिक्चर और चावल और रागी से बने बिस्किट बना रहें है। विशेष रूप से मेक्सिकन डिस नाचोस जो बाजार में डारिटोस के नाम से बिकता है। उसका छत्तीसगढ़िया चावल से निर्मित और हेल्दी रूप में प्रस्तुत कर रहें है।निपुण को रायपुर जिले के निलजा रीपा में जगह और शेड सहित मशीन मिला है जिसमें उद्यम संचालित कर रहें है। निपुण एग्रीकल्चर इंजीनियर है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने युवा उदयमिता के लिए अच्छा माहौल बनाया है। रीपा में अधोसंरचना है। बिजली है। पानी है। बैंक से लिंकेज है। मैंने मुख्यमंत्री को अपने कार्य के बारे में बताया। उन्होंने मेरे कार्यों को सराहना करते हुए दो लाख रुपए की मदद की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री युवाओं को बहुत हौसला देते हैं। इससे सभी रीपा में युवा उद्यमी बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं के लिए उल्लेखनीय काम किए है।निपुण ने बताया कि हमारे यहां चावल के व्यंजन ही लोकप्रिय हैं। बिना चावल के भोजन होता ही नहीं। पहले लोग चावल के साथ करौरी भात बड़ी आदि चीजें भी खाते थे। अब बिजौरी जैसे उत्पाद तो बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन करौरी, भात बड़ी जैसे व्यंजन नहीं मिलती इसलिए लोगों ने इसे खाना भी कम कर दिया है।हमने इसे विशेष रूप से बनाया है ताकि यह और भी स्वादिष्ट हो सकें। हाइजिन का ध्यान रखा है और इसे आकर्षक पैकेज में प्रस्तुत किया है। अपनी यूनिट का नाम उन्होंने राइस बाउल रखा है। निपुण ने इसके लिए वेबसाइट भी बनाई है और डिलीवरी पार्टनर भी तैयार किये हैं जिसके माध्यम से ग्राहकों तक प्रोडक्ट सप्लाई की जा रही है।उन्होंने बताया कि अभी मेरी शुरूआत हुई है और अभी तो आठ दृदस हजार रुपए ही लाभ हो रहा है लेकिन यह बिल्कुल शुरूआत है और लंबे सफर की शुरूआत है। अंकल चिप्स बनाने वालों ने भी ऐसे ही शुरूआत की होगी। मेरा सपना है कि मैं इससे भी आगे जाऊं। मैंने यूट्यूब में और सोशल मीडिया के सभी माध्यमों में इसका प्रचार किया है। धान के कटोरे के निवासी देश-विदेश में बसे हैं उन तक भी प्रोडक्ट प्रमोशन हो रहा है। अच्छी चीजें रूकती नहीं, बढ़ती ही जाती हैं। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के माध्यम गावों में आत्मनिर्भरता आई है। राज्य सरकार की इस नवाचारी पहल से उद्यमियों को बड़ा सहारा मिला है। गावों के गौठानों में अब तक 300 रीपा का निर्माण हो चुका है, जहां लोगों को आजीविका की गतिविधियों के लिए पर्याप्त साधन और सुविधाएं मिली है। ग्रामीण उद्यमियों के अपने पसंद का उद्यम संचालित करना आसान हो गया है।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा हाईकोर्ट कें मामलों की सुनवाई पश्चात् औचक निरीक्षण हेतु महासमुंद पहुंचे। उनके द्वारा न्यायालय परिसर के समस्त कक्षों, पार्किंग, उद्यान, अधिवक्ताओं व पक्षकारों हेतु बैठक व्यवस्था इत्यादि का निरीक्षण किया गया। न्यायालय की अधोसंरचना पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया गया। निरीक्षण में उद्यान का रख-रखाव उचित नहीं पाये जाने पर चिंता जाहिर की तथा सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने महासमुंद जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय से लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में कुल 13,997 प्रकरण लंबित है। माननीय मुख्य न्यायाधीश ने लंबित जमानत आवेदनों की भी जानकारी ली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महासमुंद ने जानकारी दी कि जमानत आवेदन पत्रों पर त्वरित सुनवाई की जा रही है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा पुराने प्रकरणों को भी प्राथमिकता के साथ निराकृत करने हेतु निर्देश दिए गए। जिला एवं सत्र न्यायधीश, महासमुंद द्वारा जानकारी दी गयी कि वर्तमान में 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के कुल 1200 प्रकरण लंबित है। माननीय मुख्य न्यायाधीश ने 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम व ऐसे प्रकरण, जिनमें राजीनामा हो सकता है, के भी त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया। मुख्य न्यायाधीश द्वारा निर्देश दिए गए कि प्रकरणों में अनावश्यक स्थगन न दिए जाए।माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से भी चर्चा की व उनकी समस्याएं सुनी। औचक निरीक्षण में उनके साथ रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा तथा एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.वी.एल.एन. सुब्रहमन्यम भी उपस्थित थे। - -कुछ दिन पूर्व श्री जैन के छोटे भाई के निधन पर शोक संवेदना प्रकट कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर के प्रवास के दौरान संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन के घर कर संसदीय सचिव श्री जैन और उनके परिजनों से मुलाकात कर कुछ दिन पूर्व संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन के छोटे भाई श्री संतोष बुरड़ के निधन पर शोक संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव भी उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को विशेषकर आदिवासी समाज के लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासी जनजातियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया में 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। जनजाति बाहुल्य प्रदेश होने के कारण छत्तीसगढ़ को जनजातियों की प्राचीन कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर विरासत में मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों की प्राचीनतम विरासत और संस्कृति को सहेजते हुए उनके विकास और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रकृति के करीब जीवन जीने वाली यहां की आदिवासी आबादी को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के सभी साधन सुलभ कराने का हर संभव प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।श्री बघेल ने कहा कि जनजातियों के विकास और हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिये हैं। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की 4200 एकड़ जमीन की वापसी, जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा के लिए समिति का गठन, जिला खनिज न्यास की राशि से आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार का निर्णय, बस्तर और सरगुजा में कर्मचारी चयन बोर्ड की स्थापना और यहां आदिवासी विकास प्राधिकरणों में स्थानीय अध्यक्ष की नियुक्ति से आदिवासी समाज के लिए बेहतर काम करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा है कि आदिवासी समाज की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाओं से उनका जीवन अधिक सरल हो सका है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 2500 से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करने, 67 तरह के लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर संग्रहण और विक्रय के साथ ही इनका स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से हजारों आदिवासियों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार ने वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर अधिकार को मजबूत किया है। वन अधिकार पट्टों के मिलने से हजारों आदिवासियों की आवास और आजीविका की चिंता दूर हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आदिवासी संस्कृति का परिचय देश-दुनिया से कराने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव जैसे आयोजनों की शुरूआत की गई है। विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश घोषित किया गया हैै। देवगुड़ियों और घोटुलों के संरक्षण और संवर्धन से आदिम जीवन मूल्यों को सहेजने और संवारने का काम राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। विगत साढ़े चार वर्षों में देवगुड़ी ठाकुरदेव एवं सांस्कृतिक केंद्र, घोटुल निर्माण, मरम्मत योजना के तहत दी जाने वाली राशि में उल्लेखनीय रूप से पांच गुना वृद्धि की गई है। साथ ही आदिवासी तीज-त्यौहारों के उत्साहपूर्ण आयोजन के लिए आदिवासी परब सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। आदिवासी पर्वों के गरिमामय आयोजन के लिए ग्राम पंचायतों को 10 हजार रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। इससे लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृतियों को समझने का अवसर मिला है।
- - कभी चहारदीवारी पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को लेकर बनाई गईं कलाकृतियां आकर्षित करती थींटी सहदेवभिलाई नगर। रिसाली नगर निगम ने मंगलवार को इंटर नेशनल कॉलोनी तालपुरी की चहारदीवारी और सड़क के बीच लगे गोबर के ढेरों को जेसीबी की मदद से हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी। यह कार्यवाही तब तक जारी रहेगी, जब तक गोबर पूरी तरह हट नहीं जाता। गोबर को ट्रॉली में लादकर गोठान में डंप किया जाएगा, जहां वर्मी कंपोस्ट बनाया जाएगा। मालूम रहे कि रुआबांधा बस्ती के लोग लंबे अरसे से झिरिया तालाब से लेकर इस ब्लॉक के मैनगेट तक गोबर के बड़े-बड़े ढेर लगा रहे थे, जिससे न केवल कॉलोनीवासी बदबू से त्रस्त थे, बल्कि बारिश के दिनों में गोबर के कारण सड़क पर फिसलन भी हो गई थी। लेकिन, अब निगम के सुध लेने से लोगों ने थोड़ी बहुत राहत की सांस ली है।यहां के लोगों का मानना है कि यह अच्छी बात है कि निगम ने हमारी सुध ली, लेकिन भविष्य में गोबर के ढेर फिर से लगने की संभावना है। क्योंकि इससे पहले भी निगम ने गोबर हटा दिया था। मगर कुछ दिनों बाद यह सिलसिला फिर शुरू हो गया। लोगों के अनुसार यदि सड़क के किनारे तारबंदी की जाए, तो बहुत हद तक गोबर डालने वालों पर अंकुश लग सकता है। इस मामले को लेकर कई बार मीडिया में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। एक वक्त था, जब यहां की चहारदीवारी पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को लेकर बनाई गईं कलाकृतियां लोगों को आकर्षित करती थीं। लोगों को अभी भी उम्मीद है कि फिर वही झलक देखने को मिलेगी।यहां यह जिक्र करना जरूरी है कि पिछले माह तालपुरी में जलभराव की स्थिति का मुआयना करने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री जितेंद्र साहू और रिसाली नगर निगम के आयुक्त आशीष देवांगन का ध्यान रुआबांधा बस्ती के लोगों द्वारा गोबर के ढेर लगाने की ओर भी खींचा गया था। इस सिलसिले में जितेंद्र साहू ने आशीष देवांगन को ठोस पहल करने के लिए कहा था। इस पर आयुक्त ने शीघ्र ही यहां से गोबर हटाकर गोठान में डंप करने की बात कही थी। जब कॉलोनी में प्रथम जनचौपाल आयोजित किया गया था, तब भी लोगों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने 15 अगस्त 2023 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में मदिरा दुकानों के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 अगस्त, मंगलवार को जिले में संचालित सभी प्रकार की मदिरा दुकानें एवं लायसेंस अर्थात् सी.एस.-2 (घघ), सी.एस.-2 (घघ कम्पोजिट), एफ.एल.-1 (घघ), एफ.एल.-1 (घघ कम्पोजिट), एफ.एल.-3 (होटल बार), एफ.एल.-3 (क), एफ.एल.-4 (असैनिक विनोद गृह), एफ.एल.-4ए (व्यवसायिक क्लब), एफ.एल.-7/8 (सैनिक कैंटीन), एफ.एल.-9/9ए एवं भण्डारण भाण्डागार भिलाई पूर्णतः बंद रहेंगे। संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक एवं प्रभारी अधिकारियों को उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने ग्राम सभा निर्णय मोबाइल एप में विडियो अपलोड करने के संबंध में संबंधित सचिव एवं अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। ग्राम सभा के निर्णयों में जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने में ग्राम सभा की अहम भूमिका होती है। ग्राम सभा जनसमुदाय के विचारों, सुझावों को साझा करने का उपयुक्त स्थान हैं, जो पूरे ग्राम की भलाई के लिए ग्राम पंचायत में उपलब्ध संसाधन को बेहतर उपयोग करने में सक्षम बनाता है। वर्तमान में ’’ग्राम सभा निर्णय’’ मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड किये गये विडियो में परिलक्षित हो रही कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए है। जिसके अनुसार रिकॉर्डेड/अपलोड विडियों निर्धारित प्रपत्र अनुसार हो एवं निर्धारित समयावधि का हो। नियमानुसार 15 मिनट का गुणवत्तापूर्ण विडियो, जिसमें ग्राम सभा द्वारा ग्राम पंचायतों के कार्यों में परदर्शिता, प्रभावशीलता, जवाबदेहिता को बढ़ाने के लिए गए निर्णय शामिल हो, को उपलोड किया जाना है। भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय द्वारा निर्मित वाइब्रेट ग्राम सभा पोर्टल को ग्राम सभा निर्णय मोबाइल एप इंटीग्रेट किया गया है। वाइब्रेट पोर्टल में सभा शेड्यूल करने उपरांत विडियो रिकॉर्डिंग के लिए पंचायत सचिव एवं अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी जायेगी, जो एप के माध्यम से ग्राम सभा वाले दिन गुणवत्तापूर्ण विडियो अपलोड करेगा। ग्राम सभा निर्णय मोबाइल एप व वाईब्रेट इंटीग्रेटड पार्टल का एसओपी (मानक संचालन प्रकिया) संलग्न कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।
- दुर्ग, । खरीफ वर्ष 2023 में जिले के कृषकों हेतु उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाते हुए जिले के निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ रायपुर से उड़नदस्ता के रूप में सहायक संचालक कृषि डॉ. सुमित सोरी एवं श्री विकास साहू सहायक संचालक कृषि, कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखण्ड निरीक्षक श्री नवीन खोब्रागड़े विकासखण्ड दुर्ग एवं दल द्वारा विकासखण्ड दुर्ग के मधुबन ट्रेडर्स नगपुरा का औचक निरीक्षण किया गया। उप संचालक कृषि श्री एल.एम. भगत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान के अनुज्ञप्ति पत्र, समस्त दस्तावेज-स्कंध पंजी, बिल बुक, प्रतिष्ठान में विक्रय हेतु उपलब्ध कृषि आदान सामग्री आदि का अवलोकन किया गया। संबंधित विक्रेता के अनुज्ञप्ति में 24ः24ः0 कंपनी स्मार्टकेम एवं जैव उत्प्रेरक बायोस्टेट, इफको आदि का स्त्रोत नहीं होने के कारण उर्वरक (नियंत्रक) आदेश 1985 के खण्ड 8 का उल्लंघन मानते हुए कारण बताओं नोटिस के साथ विक्रय प्रतिबंध किया गया है। निरीक्षण के दौरान उर्वरक के 05 नमूना भी लिये गए साथ ही कौशिक एग्रीकल्चर नगपुरा का निरीक्षण फलस्वरूप सूक्ष्म पोषक तत्व एवं जैव उत्प्रेरक का स्त्रोत नहीं पाये जाने पर कारण बताआंे नोटिस व विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। वहीं प्रतिष्ठानों में स्कंध पंजी अपूर्ण एवं बिल बुक निर्धारित प्रारूप में नहीं होेने तथा उर्वरक का भण्डारण सही तरीके से नहीं किये जाने के फलस्वरूप संबंधित विक्रेता को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर संबंधितों का अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण दल ने उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर ही अच्छी गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री बेचने हेतु निर्देश दिये गये हैं।
- दुर्ग / एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई -01 द्वारा नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत आगनबाड़ी केन्द्र अटल आवास कुरूद (वार्ड क्र. -22) तथा अम्बेडकर नगर कैंप - 01 (वार्ड क्र. -28) (कार्यकर्ता के कुल 02 पदों) तथा आंगनबाड़ी केन्द्र संतोषी पारा 02 ( वार्ड क्र. -33) खुर्सीपार जोन 03 क्रमांक - 01 ( वार्ड क्र. -48) आनंद चौक सुपेला (वार्ड कं.-17), सुन्दर नगर -कोहका ( वार्ड क्र. - 11) तथा वृन्दानगर 01 ( वार्ड क्र. -29). (सहायिका के कुल 05 पदों) एवं नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र उत्कल नगर (वार्ड कं.-20) (सहायिका के कुल 01 पद) पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे। इसी प्रकार नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र अहमद नगर (वार्ड क्र.-36) तथा गणेश नगर सुपेला (वार्ड क्र. 10) (सहायिका के कुल 02 पद) भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे । एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 के परियोजना अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार 19 जुलाई 2023 को मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसके पश्चात 31 जुलाई 2023 को दावा आपत्ति जारी किये जाने हेतु समिति की आयोजित बैठक में अनुमोदित अंतरिम मूल्यांकन पत्रक सर्व साधारण की सूचना हेतु बाल विकास परियोजना कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई जिला दुर्ग (छ0ग0) तथा नगर पालिक निगम भिलाई एवं नगर पालिक निगम रिसाली के कार्यालय परिसर में निर्धारित स्थान पर चस्पा किया गया है। यदि उक्त अंतरिम मूल्यांकन पत्रक में वरियता/प्राथमिकता के संबंध में किसी आवेदिका को दावा आपत्ति हो तो मय साक्ष्य के 21 अगस्त 2023 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई -01 जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई जिला दुर्ग (छ0ग0) में अपनी लिखित दावा/आपत्ति कार्यालयीन समय में दर्ज करा सकते हैं। उक्त समय सीमा के पश्चात कोई भी दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किये जायेंगे।



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