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- -अखिल विश्व गायत्री परिवार और शहर जिला साहू संघ की अनूठी पहल-16 से 35 वर्ष के युवा ले सकेंगे भागरायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में, गायत्री परिवार रायपुर तथा शहर जिला साहू संघ रायपुर के संयुक्त सहयोग से युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनमें नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक ज्ञान को जाग्रत करने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में दो चरणों में एवं दो अलग-अलग स्थानों पर चार दिवसीय आवासीय शिविरों का आयोजन किया गया है। शिविर का प्रथम चरण 04 से 07 जून तक 4 दिवसीय सत्र गायत्री प्रज्ञा पीठ, कुशालपुर में एवं द्वितीय चरण 8 से 12 जून तक 5 दिवसीय सत्र मां कर्मा धाम, कृष्णा नगर, संतोषी नगर, रायपुर में संपन्न होगा। गायत्री परिवार रायपुर के जिला समन्वयक श्री लच्छूराम निषाद एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री आशीष राय ने संयुक्त रुप से बताया कि यह सत्र सफल जीवन, तनाव मुक्ति, करियर और राष्ट्र निर्माण पर युवओं की भूमिका पर केंद्रित रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण के संकल्प को पूरा करना है। 16 से 35 वर्ष के युवाओं के लिए आयोजित इस शिविर में शिविरार्थियों को स्वास्थ्य और अध्यात्म योग विषय में - ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से तनाव मुक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के सूत्र, करियर और जीवन प्रबंधन विषय में - सफल एवं स्वस्थ जीवन के सूत्र, जीवन का सही लक्ष्य तय करना और करियर निर्माण, प्रकृति और पर्यावरण विषय में - औषधीय ज्ञान, जैविक कृषि, गौ संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपाय इत्यादि के बारे युवाओं को बताया जायेगा तथा सामाजिक सुधार के विषय में - व्यसन (नशे) से बचाव, चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक रहने के बारे बताया जायेगा। शिविर के माध्यम से युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ा जाएगा, ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना सक्रिय योगदान दे सकें।गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने बताया कि इस ज्ञानवर्धक शिविर का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और युवाओं का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कर रहे हैं। शिविर में शामिल होने के लिए युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जो युवा शिविर में सम्मिलित होना चाहते है वे गायत्री प्रज्ञा पीठ कुशालपुर एव संतोषीनगर में भी संपर्क कर सकते हैं।
- -जल संरक्षण, मछली पालन और सिंचाई से किसानों की बढ़ रही आय, सरगुजा के किसान देवानंद बने सफलता की मिसालरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) बहुआयामी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित ‘आजीविका डबरियां’ जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम अडची के किसान देवानंद इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति मनरेगा से निर्मित एक डबरी ने बदल दी है।जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अडची निवासी किसान देवानंद ने वर्ष 2025-26 में अपने खेत में आजीविका डबरी निर्माण का प्रस्ताव रखा था। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 2 लाख रुपये की लागत से 17×19 मीटर आकार की डबरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं देवानंद को खेती और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त हुए।आज यह डबरी वर्षा जल से भरकर उनके खेत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। डबरी के जल से वे अपनी फसलों और सब्जियों की समय पर सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू किया है। आगामी छह महीनों में पहली मछली फसल से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार एक ही परिसंपत्ति से सिंचाई और मत्स्य पालन दोनों के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।देवानंद की डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। मात्र 2 लाख रुपये के शासकीय निवेश से निर्मित यह परिसंपत्ति आगामी दो दशकों तक उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण और मत्स्य पालन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।सरगुजा जिले में किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में अब तक 487 आजीविका डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 422 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों के माध्यम से वर्षा जल का संचयन हो रहा है, भू-जल स्तर में सुधार आ रहा है, खेतों में नमी बनी रह रही है तथा किसानों को सिंचाई और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आजीविका साधन उपलब्ध हो रहे हैं।मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
- -नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती हुई अधिक लाभकारी, किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपीलरायपुर / कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान श्री पंकज राजवाड़े इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।श्री पंकज राजवाड़े पिछले दो वर्षों से अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का नियमित उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उन्नत तरल उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, उत्पादन में सुधार आया है तथा खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। कम खर्च में बेहतर परिणाम मिलने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। आलू, टमाटर, बैंगन, लहसुन, प्याज सहित अन्य व्यावसायिक फसलों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। तरल स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण इनका छिड़काव आसान है और पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार होता है।श्री पंकज ने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की आवश्यकता कम मात्रा में पड़ती है, जिससे परिवहन और भंडारण की सुविधा बढ़ती है तथा किसानों का खर्च भी कम होता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है।अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं और किसान भाई भी इसका लाभ लेकर अपनी खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बना सकते हैं।कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जगदीशपुर के किसान पंकज राजवाड़े की सफलता यह दर्शाती है कि नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
- -सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के मिला उर्वरक, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभाररायपुर /राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सखौली के किसान श्री कमलेश राजवाड़े ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।श्री कमलेश राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते हैं। इसके अलावा वे वर्ष के अन्य समय में आलू, गोभी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन भी करते हैं। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी इफको (उर्वरक) तथा 1 बोरी राखड़ खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता से प्रसन्न किसान श्री कमलेश राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
- -मोटर साइकिल, आइस बॉक्स और मछली जाल से बढ़ेगा कारोबार, आय में होगी वृद्धि’रायपुर ।सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के मत्स्य पालकों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न आधुनिक उपकरण एवं सामग्री प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम मालाकोट के श्री कमल सिंह नेताम एवं ग्राम जोबा के श्री नरेंद्र कश्यप को मोटर साइकिल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इन संसाधनों के माध्यम से अब दोनों हितग्राही अपनी मछलियों को सुरक्षित तरीके से दूरस्थ बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनके व्यवसाय को नई गति मिलेगी। हितग्राहियों ने बताया कि पहले मछलियों के परिवहन और संरक्षण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आइस बॉक्स उपलब्ध होने से अब मछलियों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। वहीं मोटर साइकिल मिलने से परिवहन आसान होने के साथ-साथ समय और लागत की भी बचत होगी।कार्यक्रम में ग्राम बड़ेकनेरा के श्री ललित बघेल एवं श्री रामलाल नेताम को मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल वितरित किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि नए जाल मिलने से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी तथा व्यवसाय को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मत्स्य पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है और सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय और जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से प्राप्त यह सहयोग उनके व्यवसाय के विस्तार और आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों की मदद से वे अपने मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे।
- -ड्रोन से लेकर जैविक खेती तक, कृषि के हर नवाचार को बढ़ावा दे रही है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती बनेगी अधिक लाभकारी और टिकाऊ : कम लागत, बेहतर उत्पादन और स्वस्थ मिट्टी का माध्यम है नैनो उर्वरक - मुख्यमंत्री-‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में किसानों से किया आत्मीय संवाद-ड्रोन तकनीक, नैनो उर्वरक, जैविक खेती और फसल विविधीकरण से कृषि को मिल रही नई दिशारायपुर। आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।
- -प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और सीनियर रेजीडेंट के पदों पर होगी भर्तीरायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग (Directorate of Medical Education) द्वारा प्रदेश के पांच नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन से प्राप्त सहमति के परिप्रेक्ष्य में, 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों—दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी (जशपुर), जांजगीर-चांपा और कबीरधाम—में प्राध्यापक (Professor), सह-प्राध्यापक (Associate Professor), सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) और सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident) के कुल 149 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं ।चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि *15 जून 2026* निर्धारित की गई है । इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट `https://monitoringcell.cgdme.in/mpas पर जाकर केवल ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं । अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा ।विभिन्न विभागों में पदों का विवरणजारी विज्ञापन के अनुसार, चिकित्सा महाविद्यालयों के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों (जैसे- एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसिन और कम्युनिटी मेडिसिन आदि) के लिए संविदा पदों का वर्गीकरण किया गया है:।प्राध्यापक (Professor):35 पद, सह-प्राध्यापक (Associate Professor):40 पद, सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor):50 पद तथा सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident): के 24 पदों के लिए विज्ञापन निकला गया है।चयन प्रक्रिया और पात्रता शर्तेंआवेदकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव और शोध कार्य राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के प्रचलित मानदंडों और 'मेडिकल इंस्टीट्यूशन (फैकल्टी क्वालिफिकेशन) रेगुलेशंस, 2025' के अनुरूप होना अनिवार्य है । इसके अलावा, किसी भी राष्ट्रीय या राज्य चिकित्सा परिषद (National/State Medical Council) में जीवित पंजीकरण (Live Registration) होना आवश्यक है ।प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी (दस्तावेज सत्यापन) के बाद पात्र पाए गए शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए आमंत्रित किया जाएगा । यह साक्षात्कार चिकित्सा शिक्षा संचालक की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा इन-पर्सन (भौतिक रूप से) या ऑनलाइन माध्यम से लिया जाएगा । अंतिम चयन साक्षात्कार में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा ।विस्तृत नियम, आयु सीमा, आरक्षण और आवश्यक दस्तावेजों के प्रारूप की जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं ।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय (3 जून से 5 जून तक) मेडिटेशन (ध्यान) शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, कार्यक्षमता तथा तनाव प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है। हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के सहयोग से आयोजित इस शिविर के प्रथम दिन ध्यान के महत्व और उसके व्यावहारिक लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति एकाग्रता में वृद्धि होती है, जिससे शासकीय कार्यों के निष्पादन में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।शिविर के दौरान लोकभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक घंटे का विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सचिवालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों को ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया तथा दैनिक जीवन में ध्यान को अपनाने के तरीकों की जानकारी दी गई।हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षक विकास पाठक एवं श्री डी.एम. शर्मा ने प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ध्यान को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की प्रभावी साधना बताया। उन्होंने कहा कि नियमित मेडिटेशन व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ कार्यस्थल पर उसकी उत्पादकता और सकारात्मकता को भी बढ़ाता है। तीन दिवसीय इस शिविर में आगामी दिनों में ध्यान, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
- -वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी होंगे मुख्य अतिथि-पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजनरायपुर / विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा 05 जून 2026 को होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, रायपुर में विविध पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं और विद्यार्थियों में प्रकृति एवं जलवायु के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे पोस्टर प्रतियोगिता एवं इको क्लब के शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र के साथ होगा। पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को पर्यावरणीय चुनौतियों तथा उनके समाधान विषयक रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया जाएगा।दोपहर 3:30 बजे से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास विषय पर संगोष्ठी तथा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी होंगे।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजु अगसिमनि ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को पर्यावरण संरक्षण के साझा प्रयासों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।पुरस्कार वितरण समारोह में पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर इको क्लबों की गतिविधियों, नवाचारों एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रयासों पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही प्रदेश के उत्कृष्ट इको क्लबों द्वारा संचालित पर्यावरणीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विशेष प्रदर्शनी प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।
- -कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों एवं केंद्राध्यक्षों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देशमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ प्री डी.एल.एड. 2026 प्रवेश परीक्षा का आयोजन गुरुवार 04 जून 2026 को जिला मुख्यालय महासमुंद में एक पाली में किया जाएगा। परीक्षा का समय प्रातः 10ः00 बजे से 12ः15 बजे तक निर्धारित है। जिसमें जिले के 19 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में कुल 4849 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज परीक्षार्थियों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारू परीक्षा संचालन के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्रों के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों एवं केंद्राध्यक्षों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, नोडल अधिकारी श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, पर्यवेक्षक एवं केंद्राध्यक्ष मौजूद थे।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाए। प्रवेश द्वार पर व्यापम द्वारा जारी निर्देशानुसार कड़ाई से चेकिंग व्यवस्था हो तथा प्रतिबंधित सामग्री बिल्कुल न ले जाने दी जाए। परीक्षार्थियों के प्रवेश, बैठक व्यवस्था एवं प्रश्नपत्र वितरण में समय पालन का विशेष ध्यान रखा जाए। परीक्षा केंद्रों में पेयजल व प्राथमिक उपचार जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहें। नकल या अनुचित साधनों के किसी भी प्रयोग पर कड़ी निगरानी के लिए अभ्यर्थियों की फ्रिक्सिंग और वीडियोग्राफी की जाएगी तथा पुलिस पेट्रोलिंग दल भी तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और संयम का पालन कर परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराएं।कलेक्टर ने अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पूर्व प्रातः 9ः30 बजे बंद कर दिया जाएगा। तत्पश्चात परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश निषेध रहेगा। सभी अभ्यर्थी समय का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केन्द्रों में पहुंचना सुनिश्चित करें। जिससे फ्रिस्किंग (सुरक्षा जांच) एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।व्यापम के निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण और केन्द्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तीन सदस्यीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। जिले में 19 परीक्षा केन्द्रों के लिए (प्रत्येक 12 अभ्यर्थी के लिए 1 वीक्षक) कुल 405 वीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। मोबाईल फोन, वाई फाई और अन्य संचार उपकरण को ब्लॉक करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक कक्ष के लिए जैमर उपकरण की व्यवस्था तथा प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों में फ्रिक्सिंग एवं सुरक्षा संबंधी कार्य के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। व्यापम द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा, जहां उनकी फ्रिस्किंग एवं फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जाएगा। व्यापम द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले वस्त्र पहनकर परीक्षा में शामिल होना होगा। काले, गहरे नीले, हरे, मैरून, बैंगनी एवं अन्य गहरे रंग के कपड़े पहनना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचना होगा। फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी तथा कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना वर्जित रहेगा।परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी सहित किसी भी प्रकार के संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र के सभी पृष्ठों का एक तरफा प्रिंट साथ लाना होगा तथा पहचान के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पैन कार्ड जैसे फोटो युक्त मूल पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र नहीं होने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उत्तर पुस्तिका में उत्तर अंकित करने के लिए केवल काले अथवा नीले बॉल प्वाइंट पेन का ही उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि चयन एवं प्रवेश प्रक्रिया के दौरान इसकी आवश्यकता पड़ सकती है तथा व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन करने अथवा परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर अभ्यर्थी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी अभ्यर्थिता समाप्त की जा सकती है।
- -छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारीरायपुर / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की लिखित परीक्षा की समय-सारिणी घोषित कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार परीक्षा का आयोजन 06 जून से 09 जून 2026 तक निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में प्रातः 9.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक तथा दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक संपन्न होगी।जारी कार्यक्रम के अनुसार 06 जून 2026 को भाषा एवं निबंध, 07 जून को सामान्य अध्ययन-I एवं II, 08 जून को सामान्य अध्ययन-III एवं IV तथा 09 जून को सामान्य अध्ययन-V की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 सरगुजा (अंबिकापुर), बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर (जगदलपुर) एवं रायपुर के निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी।आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। आयोग ने स्प्ष्ट किया है कि प्रवेश पत्र दिनांक 25 मई 2026 को अभ्यर्थियों को जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाईट www.psc.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग कार्यालय द्वारा किसी भी अभ्यर्थी को पृथक से प्रवेश पत्र अथवा प्रवेश पत्र जारी किए जाने संबंधी कोई सूचना या SMS व्यक्तिशः नहीं भेजा जाएगा।
- -बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहींरायपुर /छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे। राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है।राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
- रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्याे की प्रगति से राज्यपाल को अवगत कराया।
- - सर्वाधिक वेंडर पंजीयन श्रेणी में मिली उपलब्धि, नई दिल्ली में होगा सम्मान- 4 जून को दिल्ली में मिलेगा अवार्डरायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में छत्तीसगढ़ का चयन "माह का सौर अभियान – सर्वाधिक वेंडर पंजीयन" श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि"छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित 'मंथ ऑफ सोलर' अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य के सतत प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है।"भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष सारंगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पत्र में उन्हें 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम "प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के दो वर्ष : एक करोड़ सौर छतों की ओर बढ़ता भारत" में शामिल होने तथा राज्य की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) तथा पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ऩे इस उपलब्धि के लिये अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।यह सम्मान राज्य में सौर ऊर्जा अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक वेंडर पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किया जा रहा है। इस श्रेणी में एक महीने में छत्तीसगढ़ ने 86 वेंडर पंजीयन दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इस तरह छत्तीसगढ़ में 1222 वेंडर पंजीकृत हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ ने महिला स्वसहायता समूहों को भी वेंडर बनाया है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उपभोक्ताओं को सस्ती, स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली बिल में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 1 जून 2026 की स्थिति में राज्य में 1 लाख 93 हजार 371 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 61 हजार 700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 32 हजार 28 स्थापना कार्य प्रगति पर हैं। 16 हजार उपभोक्ताओं के शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है। योजना के तहत 45 हजार 978 हितग्राहियों को केंद्र शासन से 353.20 करोड़ रुपये तथा 40 हजार 910 हितग्राहियों को राज्य शासन से 122.62 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हो चुकी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं।
- -टैंकर अनलोडिंग के दौरान कुछ घंटों के लिए लगी थी वाहनों की कतार-वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्यरायपुर / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम गिधौरी स्थित लक्ष्मी पेट्रोलियम में सामान्य रूप से डीजल की आपूर्ति हो रही है। टैंकर अनलोडिंग के दौरान कुछ घंटों के लिए वाहनों की कतार लगी थी वर्तमान में पेट्रोल पंप पर पेट्रोल एवं डीजल का वितरण पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।बलौदाबाजार-भाटापारा जिला से प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मी पेट्रोल पंप के प्रबंधक श्री हेमंत पटेल से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि 22 मई 2026 को ईंधन टैंकर के अनलोडिंग कार्य के दौरान कुछ घंटों के लिए वितरण प्रभावित हुआ था, जिसके कारण पेट्रोल पंप पर वाहनों की कतार लग गई थी। हालांकि टैंकर से ईंधन उतारने की प्रक्रिया पूर्ण होते ही वितरण कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया गया और कुछ ही घंटों में सभी उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध करा दिया गया।अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लक्ष्मी पेट्रोलियम सहित क्षेत्र के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा मांग के अनुरूप नियमित आपूर्ति की जा रही है। किसी प्रकार की कमी अथवा संकट की स्थिति नहीं है। एक जून को खाद्य निरीक्षक द्वारा लक्ष्मी पेट्रोलियम, गिधौरी का स्थल निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल एवं डीजल का वितरण सुचारू रूप से जारी है तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। पंप प्रबंधन और कर्मचारियों द्वारा सामान्य रूप से ईंधन वितरण किया जा रहा है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नियमित एवं पर्याप्त है। समाचार में वर्णित स्थिति टैंकर अनलोडिंग के दौरान उत्पन्न हुई अस्थायी परिस्थिति थी, जो शीघ्र ही सामान्य हो गई थी। वर्तमान में जिले में कहीं भी ईंधन संकट जैसी स्थिति नहीं है और सभी पेट्रोल पंपों पर सामान्य रूप से वितरण कार्य संचालित हो रहा है।
- -गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य-नागरिकों को नहीं हो रही कोई परेशानीरायपुर / बलरामपुर-रामानुजगंज जिला में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फ्यूल-गैस जैसी कोई इमरजेंसी नहीं है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिले में निर्बाध रूप से इंधन की आपूर्ति हो रही है, किसी भी नागरिक को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जिले में किसी भी प्रकार की ईंधन या गैस की किल्लत नहीं है तथा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।जिला प्रशासन खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों के पास घरेलू एवं व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को नियमानुसार नियमित वितरण किया जा रहा है और कहीं भी आपूर्ति बाधित नहीं हुई है।इसी प्रकार भारतीय तेल निगम (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) एवं भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) सहित विभिन्न तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। मुख्य डिपो से ईंधन के टैंकर लगातार जिले में पहुंच रहे हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो रही है।जिला प्रशासन ने बताया कि जिले के किसी भी क्षेत्र में गैस एजेंसियों अथवा पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी, लंबी कतारें या आपूर्ति संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। आम नागरिक, वाहन चालक, किसान एवं अन्य उपभोक्ता सामान्य दिनों की तरह अपनी आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
- -नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से बचा रहे हैं जमीन की उर्वरता, विविधीकरण से बदली किस्मतरायपुर । छत्तीसगढ़ के दूरदराज के गांवों में अब आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की बयार बहने लगी है। इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है, नारायणपुर के ग्राम केरलापाल के प्रगतिशील किसान कालेंद्र कुमेटी ने। कभी पारंपरिक खेती के कारण आर्थिक तंगी और बढ़ती लागत से जूझने वाले कालेंद्र आज अपनी मेहनत, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। कुछ वर्ष पहले तक कालेंद्र कुमेटी भी अन्य किसानों की तरह पारंपरिक ढर्रे पर खेती कर रहे थे। लागत लगातार बढ़ रही थी और उत्पादन उस अनुपात में बेहद कम हो रहा था, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल था। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने लीक से हटकर कुछ नया करने की ठानी। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की बारीकियों को समझा।कालेंद्र की सफलता का सबसे बड़ा राज रासायनिक खादों का अनियंत्रित उपयोग बंद कर वैज्ञानिक विकल्पों को चुनना रहा। उन्होंने बताया कि फसल उत्पादन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग सबसे बेहतर है। इससे न केवल फसलों को भरपूर पोषण मिलता है, बल्कि जमीन की प्राकृतिक उर्वरकता (उपजाऊ क्षमता) भी नष्ट नहीं होती।इसके अलावा, उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' (समन्वित कृषि) को अपनाया। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ वे अब सब्जियों, फलदार पौधों की खेती, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी (Horticulture) भी कर रहे हैं। कालेंद्र अपने खेतों में पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली (टपक सिंचाई) का उपयोग कर रहे हैं। इससे पानी की भारी बचत हो रही है और पौधों को जरूरत के अनुसार ही नमी मिल रही है। वे नियमित रूप से अपने खेतों का मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) करवाते हैं, ताकि जमीन में जिस पोषक तत्व की कमी हो, केवल वही खाद दी जा सके।कालेंद्र की इस सफलता ने ग्राम केरलापाल की सूरत बदल दी है। उनसे प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं। कालेंद्र खुद आगे बढ़कर अपने अनुभव और ज्ञान को साथी किसानों के साथ साझा करते हैं। कालेंद्र कुमेटी ने कहा कि अगर खेती को पारंपरिक ढर्रे के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नई तकनीक और सीखने की इच्छाशक्ति के साथ किया जाए, तो यह घाटे का सौदा नहीं बल्कि बेहद लाभकारी व्यवसाय बन सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कालेंद्र के इस जज्बे और दूरदर्शिता की सराहना की है, जो आज छत्तीसगढ़ के समृद्ध किसान की एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।
- महासमुंद / सुशासन तिहार के दौरान आमजन की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण की दिशा में जिला प्रशासन महासमुंद लगातार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बागबाहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणा को मात्र 10 दिवस के भीतर पूरा कर प्रशासन ने सुशासन और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है।विगत 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में मुक्तिधाम निर्माण की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तत्काल मुक्तिधाम निर्माण कार्य की घोषणा की थी।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने घोषणा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई।मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिवस के भीतर स्वीकृति जारी होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त जनसमस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु लगातार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शासन की योजनाओं और घोषणाओं का लाभ सीधे आमजन तक समय पर पहुंच सके।
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- 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से प्राप्त हुए 1170 आवेदन, मौके पर कई प्रकरणों का किया गया निराकरण
- हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए किया गया सामग्री वितरण
- ग्राम पंचायत गर्रापार के किसानों को फसल चक्र परिवर्तन तथा जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास करने के लिए किया गया सम्मानित
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार को ग्राम पंचायत कुहीकला में छठवें जनसमस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुहीकला क्लस्टर की 18 ग्राम पंचायत आलीवारा, भकुर्रा, पठानढोडग़ी, दैहान, दामाबंजारी, फाफामार, गैंदाटोला, गर्रापार, गेरूघाट, घोटिया, जयसिंगटोला, जोशीलमती, कल्लूबंजारी, केशाल, टिपानगढ़, कोलिहालमती, कुहीकला एवं मेटेपार के ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। शिविर में पंचायत, राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। शिविर के दौरान कुल 1170 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1163 मांग संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल है। प्राप्त आवेदनों में से मौके पर निराकरण योग्य प्रकरणों का तत्काल समाधान कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई तथा शेष आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को अभिनंदन पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही पात्र परिवारों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए तथा स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण स्वीकृति चेक प्रदान किए गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, स्वच्छता सामग्री किट तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। वही कृषि एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ग्राम पंचायत गर्रापार के किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने तथा जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में विशेष प्रयास करने के लिए सम्मानित किया गया। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय सिन्हा, जनपद पंचायत सदस्य श्री बालमुकुन्द कुंजाम, श्री उभेराम मण्डावी, श्रीमती रेखा गंधर्व, श्रीमती राधिका चंद्रवंशी, श्रीमती हेमिन साहू, एसडीएम श्री श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। - -सुशासन तिहार-2026 की ऐतिहासिक सौगात, विद्युत नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तार-घने जंगलों और लालटेन युग के अंधेरे से मुक्त होंगे ग्रामीण- 48 किमी नई लाइन और 11 ट्रांसफार्मर से बदलेगी इलाके की तस्वीरखैरागढ़। प्रदेशव्यापी “सुशासन तिहार-2026“ के अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। ”मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना” के तहत जिले के बिजली विहीन 10 मजरा-टोलों में रोशनी पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 83 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से जल्द ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी कर जमीनी स्तर पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।विद्युत नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तारवनांचल क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए इस योजना के तहत भारी-भरकम बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इस राशि से प्रभावित इलाकों में 48 किलोमीटर लंबी 11 के.वी. (KV) लाइन, 13 किलोमीटर एल.टी. (LT) केबल, 63 केवीए (KVA) के 2 नग और 25 केवीए के 9 नग वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। सुशासन तिहार के दौरान मिली यह सौगात जिले के इन दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।लालटेन युग का होगा अंत, फैलेगी विकास की नई किरणआजादी के 78 वर्षों के बाद भी दूसरे राज्यों की सीमाओं से सटे इन दुर्गम और घने जंगलों वाले इलाकों में लोग पाषाण युग के अंधेरे और लालटेन के भरोसे जीने को मजबूर थे। बिजली पहुंचने की इस खबर से ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी हर्षोल्लास का माहौल है। इस योजना के तहत निजामडीह, तुम्हादाह, बलरामपुर, कोहकझोरी, संजारी-टाटीघाट, झिलमिली, गाताभर्री, घाघरा, लमरा, रिहाडबरा और टिंगीपुर जैसे वनांचल ग्रामों के मजरा-टोलों में बिजली नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। आने वाले समय में इन मजराटोलों में जगमगाती रोशनी के साथ विकास की नई किरण पहुंचेगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को मिलेगी नई रफ्तारइस ऐतिहासिक कदम से न केवल ग्रामीणों के घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू होगी और कृषि व छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीणों की आजीविका और शासकीय सेवाओं की पहुंच में एक क्रांतिकारी सुधार आएगा।अधिकारियों के साझा प्रयासों से सपना हुआ साकारवर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर लाने में जिले के कलेक्टर श्री इंद्रजीत चन्द्रवाल तथा विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर का विशेष मार्गदर्शन और सतत प्रयास रहा है। साथ ही, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट एवं विभागीय अधिकारियों के साझा नेतृत्व की बदौलत इस बजट को मंजूरी दिलाने में बड़ी सफलता हासिल हुई है।
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- 6712 परीक्षार्थी होंगे शामिल, सुबह 9.30 बजे बंद हो जाएंगे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार
- परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक
- निष्पक्ष एवं सुचारू परीक्षा संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा 4 जून 2026 को डी.एड. प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 6712 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं परीक्षा संचालन समिति द्वारा परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। व्यापम के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार सुबह 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। इसके पश्चात किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए प्रवेश पत्र एवं फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग, कैलकुलेटर, इयरफोन, धात्विक वस्तुएं तथा किसी भी प्रकार की नकल सामग्री लाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल नीले अथवा काले बॉल पेन की अनुमति होगी। साथ ही परीक्षार्थियों को आधी बाँह वाले सादे एवं हल्के रंग के वस्त्र पहनकर परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना होगा।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला पुलिस कर्मियों द्वारा तथा पुरूष परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा की जाएगी। परीक्षार्थियों के प्रवेश, सत्यापन एवं फ्रिस्किंग की प्रक्रिया परीक्षा प्रारंभ होने के लगभग दो घंटे पूर्व से शुरू कर दी जाएगी, ताकि सभी अभ्यर्थियों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा की सतत निगरानी के लिए उडऩदस्ता दल, नोडल अधिकारी, पुलिस नोडल अधिकारी एवं पर्यवेक्षक दल की नियुक्ति की गई है। जो पूरे परीक्षा संचालन तक सतत निरीक्षण करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे, आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा के सुचारू, सुरक्षित एवं अनुशासित संचालन में सहयोग प्रदान करें। इससे व्यापम द्वारा आयोजित डी.एड. प्रवेश परीक्षा का सफल एवं निष्पक्ष आयोजन सुनिश्चित किया जा सकेगा। -
- विधानसभा अध्यक्ष ने दिव्यांजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में शिरकत की
- दिव्यांगजनों के खुशियों का साक्षी बना वक्त
- विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 नि:शुल्क सहायक उपकरण का किया वितरण
- जिला प्रशासन द्वारा की गई एक जीवंत, सजग एवं संवेदनशील पहल
- सीआरसी ठाकुरटोला जाने के लिए पहुंच मार्ग सड़क निर्माण हेतु की जाएगी राशि स्वीकृत
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में शिरकत की। यह वक्त दिव्यांगजनों के खुशियों का साक्षी बना जब विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 नि:शुल्क सहायक उपकरण का वितरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया के दूररराज क्षेत्रों से दिव्यांगजन आए हैं। भारत सरकार की एडिप योजना, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के सहयोग से 252 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च से 13 मार्च 2026 तक शिविर लगाकर दिव्यांजनों का चिन्हांकन किया गया था। कार्यक्रम में 113 मोट्राराइज्ड ट्रायसाईकिल, 69 ट्रायसाईकिल, 49 व्हील चेयर, 28 बैसाखी, 38 वाकिंग स्टिक, 2 स्मार्ट फोन, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 2 सिलिकॉन कुशन, 8 सीपी चेयर का दिव्यांगजनों को नि:शुल्क वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव पहला जिला है, जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदाय किया जा रहा है और सर्वाधिक उपकरण भी राजनांदगांव जिले के दिव्यांगजनों को प्रदाय किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है, जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। जिला प्रशासन द्वारा एक जीवंत, सजग एवं संवेदनशील पहल की गई है। ऐसे दिव्यंागजन जो शेष रह गए हैं, उनके लिए शिविर आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सीआरसी ठाकुरटोला जाने के लिए पहुंच मार्ग सड़क निर्माण हेतु डीएएमएफ अंतर्गत राशि की स्वीकृति की जाएगी। ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें पेंशन प्राप्त नहीं होता, उन्हें वीबीरामजी के तहत कार्ड प्रदान किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने दिव्यांगजनों से कहा कि अपनी क्षमता का उपयोग रोजगार सृजन के लिए करेंगे। आत्मनिर्भर बनते हुए अपने परिवार की मदद करें। उन्होंने दिव्यांगजनों को बैंक से ऋण लेकर विभिन्न कार्यों के लिए सहायता करने के लिए भी कहा।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद के उद्धरण नर सेवा ही नारायण सेवा है का स्मरण करते हुए कहा कि दूरदराज से आज यहां दिव्यांगजन आए हैं। उन्होंने एलिम्को एवं अन्य सभी सहयोगी संस्थानों को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों की चिंता करते है। जिले में शेष रह गए दिव्यांगजनों को आगामी शिविर में सहायक उपकरण प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) ठाकुरटोला स्थित है, जहां दिव्यांगजनों के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि सेवा कार्य के तहत आज 113 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मोट्राइज्ड ट्रायसाईकिल दी गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हांकन करते हुए उनके लिए सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनका ब्लू प्रिंट तैयार कर उनकी आवश्यकता के संबंध में जानकारी रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार दिव्यांगजनों को सहयोग मिलेगा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 12 हजार 673 दिव्यांगजन चिन्हांकित हैं। अब तक 11 हजार 726 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बन गया है। यूडीआईडी कार्ड ही वह आधार है, जिससे शासन की सभी योजनाओं का लाभ सीधे दिव्यांगजनों को मिलता है। जिले में 5442 दिव्यांगजनों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। 137 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पिछले वर्ष 14 दिव्यांग दम्पत्तियों को 50 हजार रूपए की राशि दी गई, ताकि वे सम्मान के साथ गृहस्थ जीवन शुरू कर सकें। जिला स्तरीय कार्य योजना 2026-27 तैयार है और क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इस योजना का फोकस सिर्फ उपकरण देना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में राजनांदगांव जिले ने सीआरसी केन्द्र की वजह से पूरे राज्य में दिव्यांग पुनर्वास के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी को आगे ले जाते हुए अब जिला प्रशासन का प्रयास होगा कि राजनांदगांव जिले को सुगम्य भारत अभियान के तहत दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाया जाये। पिछले 10 माह में हजार से अधिक सहायक उपकरण ट्राईसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर विभिन्न शिविरों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किए हैं। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि वृद्ध और दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सम्मानजनक बना है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। आज 113 को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और शेष 138 को अन्य ट्रायसाईकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी आदि आवश्यक उपकरण दिए जाएंगे। सीएसआर और एडीआईपी योजना के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) एवं एलिम्को के माध्यम से कुल 73.53 लाख रूपए के उपकरण वितरित हो रहे हैं। इस अवसर पर श्री संतोष अग्रवाल, श्री शिव वर्मा, श्री गोलू सूर्यवंशी, वर्षा सिन्हा, राजेश श्यामकर, भावेश बैद, उत्तम साहू, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, बड़ी संख्या दिव्यांगजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री दिलीप श्रीवास्तव ने किया। - 0- तीन प्रतिष्ठानों का धान बीज जब्त, विक्रय प्रतिबंधितगरियाबंद। खरीफ के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला गरियाबंद में देवभोग और मैनपुर विकासखंड में कृषि विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई बीज विक्रय केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई के तहत तीन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध धान बीज जब्त कर सील किया गया, जबकि कुल 666 बैग धान बीज के विक्रय पर 10 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।सहायक संचालक अनिल कुमार कौशिक तथा बीज निरीक्षक की टीम ने देवभोग और मैनपुर ब्लॉक के चार बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीनापाली स्थित मेसर्स विकास ट्रेडर्स एवं मेसर्स शारदा बीज उत्पाद तथा मैनपुर विकासखंड के ढोर्रा स्थित मेसर्स लच्छु धान बीज एवं मक्का भंडार और धनौरा स्थित मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स में बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।निरीक्षण में विकास ट्रेडर्स सीनापाली द्वारा अघोषित परिसर में बीज भंडारण, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज विक्रय, विक्रय संबंधी अभिलेखों का संधारण नहीं करना तथा मासिक प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को प्रस्तुत नहीं करना पाया गया। वहीं अन्य तीन प्रतिष्ठानों में भी अघोषित भंडारण, मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं करना, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज बेचना, अभिलेखों का संधारण नहीं करना, मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करना और बिना लाइसेंस के बीज विक्रय जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों को निर्धारित दर पर प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद और बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने कहा है कि बिना लाइसेंस या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद-बीज बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल अधिकारियों को सूचित करें।प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा है। किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए किसान संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर +91-9977106777, +91-7987538588 और +91-9131198044 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
- 0-'डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई, मौके पर मिला ट्राइसाइकिल’रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कोरबा जिले के विकासखंड पाली के ग्राम डोंगानाला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में संवेदनशील प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मानवीय पहल का प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। ग्राम मादन निवासी दिव्यांग युवक श्री कपिल ट्राइसाइकिल की मांग लेकर शिविर में पहुंचा था। मंच पर उपस्थित उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वे स्वयं मंच से उतरकर उसके पास पहुंचे और आत्मीयता से उसकी समस्या सुनी। श्री कपिल ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उसे आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक समाधान के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की तत्परता से कुछ ही समय में उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। ट्राइसाइकिल मिलने पर उनके के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका आवागमन सुगम होगा और वे अपने दैनिक कार्य अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर सकेंगे।
- 0- उपमुख्यमंत्री श्री साव के आतिथ्य में डोंगा नाला में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन0- 159 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्या की दी सौगातकोरबा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में मंगलवार को कोरबा जिले के विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ।शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने शिविर में 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार की राशि के 18 विकास कार्याे की सौगात दी। जिसके अंतर्गत 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार के कुल 8 कार्याे का भूमिपूजन, 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार के 10 विकास कार्याे का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक पाली तनाखार श्री तुलेश्वर मरकाम, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत अध्यक्ष पाली श्री अजय जायसवाल, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास के कार्यों को दुगनी गति से पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सरकार गठन के साथ ही 18 लाख पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा 2 साल के धान का बकाया बोनस, 3100 रुपए प्रति क्विंटल व 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर किसानों का मान बढ़ाया। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब महिलाएं लखपति दीदी बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है।उन्होंने कहा कि कोरबा जिला सहित पाली तानाखार क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पाली तानाखार विधानसभा में सभी प्रकार के निर्माण व अन्य प्रशासनिक काम तेजी से हो रहा है। अनेक विकास कार्याे के लिए डीएमएफ से पर्याप्त राशि क्षेत्र को मिल रहा है। श्री साव ने कहा सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की चिंता की जा रही है, इस हेतु जनता की समस्याओं का जनता के द्वार पर समाधान कर लाभ दिलाने शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में विभागीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनों को योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे एवं उनकी समस्याओं का निराकरण भी कर रहे। इससे अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। साथ ही लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने नही पड़ रहे। उन्होंने आमजनों से योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है। 01 मई से जगह जगह सुसाशन तिहार का आयोजन कर आमजनों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही सरकार के कार्याे का फीडबैक भी लिया जा रहा। सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो को मुफ्त राशन, टेपनल के माध्यम से हर घर जल, शौचालय , सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि शिविरों में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाना नहीं पड़ रहा। श्री देवांगन ने डीएमएफ राशि के उपयोग की सुविधा देने हेतु प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिले में डीएमएफ की राशि से लगातार पिछड़े क्षेत्रों व आवश्यक स्थानों में अनेक पुल, पुलिया, सड़क, भवन सहित अन्य आवश्यक चीजों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन व अधोसंरचना सुविधा का तेजी से विकास हुआ है। आगे भी शासन प्रशासन द्वारा जनहित में सदैव कार्य किया जाएगा।विधायक पाली तानाखार श्री मरकाम ने कहा कि लोगों को कार्यालयों का चक्कर लगाने की परेशानी से बचाने के लिए शिविरों का आयोजन हो रहा है। जहां जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनो की समस्याओं को गम्भीरता से सुनते व निराकृत करते है। ऐसे आयोजनों से आम जनता का शासन पर विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि पाली तानाखार विधानसभा में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। डीएमएफ से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन , पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे दूर दराज के लोगों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप प्रशासन द्वारा आमजनों की परेशानियों का समाधान एवं योजनाओं से लाभान्वित करने जिले में नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे है। शिविरों में विभागीय अधिकारी आमजनों की समस्याओं की गम्भीरता से सुनते है एवं उन्हें विभागीय योजनाओं से लाभांवित करते है। शिविरों में प्राप्त आवेंदनो में से निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को लाभ दिलाया जा रहा है। साथ ही मांग एवं शिकायत से सम्बन्धित आवेंदनो का पूर्ण परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से अनेक जनहित के कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।शिविर में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री साव द्वारा अनेक विकास कार्याे का घोषणा भी गई जिसमें प्रमुख रूप से पाली ब्लाक के मुनगाडीह व दमिया में स्कूल भवन निर्माण, दमिया में आंगनबाड़ी भवन, पाली के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए भवन हेतु 3 करोड़ की राशि,डोंगानाला पंचायत के लिए पंचायत भवन हेतु 20 लाख, डोंगानाला में नहर मरम्मत की स्वीकृति, चाकाबुड़ा में कोनार नाला में नया पुल एवं कोराई नाला में नया पुलिया निर्माण की स्वीकृति, डोंगानाला में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख, गणेशपुर से बांका मार्ग में पुलिया निर्माण हेतु 15 लाख ,बक्साही में सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख, प्राथमिक शाला मांझी पारा में अहाता निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति की घोषणा की।शिविर में विभिन्न विभागों को आमजनों से अपनी समस्याओं मांगो व शिकायतो से सम्बंधित कुल 1552 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें कुल 547 आवेंदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया एवं शेष आवेंदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।शिविर में उपमुख्यमंत्री श्री साव सहित अन्य अतिथियों द्वारा विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिसमें डोंगानाला की माँ गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाओं को एनआरएलएम के तहत 10 लाख लोन की स्वीकृति आदेश वितरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा बकसाही के श्री बून्द राम मरकाम व खैरा डुबान के कृष्णा सिंह को 7-7 एच पी का पावर वीडर, बकसाही के शशि टेकाम को 3 एचपी का पेट्रोल चलित पंप एवं 2 हितग्राहियों को ढेंचा बीज प्रदान किया गया। इसी प्रकार खाद्य विभाग द्वारा अनेक हितग्राहियों को राशन कार्ड, जनपद पंचायत विभाग से पेंशन स्वीकृति, समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण व ट्राय सायकिल, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, वन विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टा, एवं 14 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मत्स्य विभाग द्वारा एक हितग्राही को मत्स्य जाल व आइस बॉक्स प्रदान किया गया।--










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