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- -मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को वितरित किए विभिन्न योजनाओं के लाभ: ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद-सुशासन का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्रीरायपुर /प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है।जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -नैनो तकनीक से शैलेंद्र ने पकड़ी आधुनिक खेती की राह, बने मिसालरायपुर / पारंपरिक खेती के पुराने ढर्रे को छोड़कर जब कोई किसान आधुनिक तकनीकों का हाथ थामता है, तो वह न सिर्फ अपनी तकदीर बदलता है बल्कि पूरे अंचल के लिए प्रेरणा बन जाता है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम लटुवा के प्रगतिशील किसान शैलेंद्र कुमार कन्नौजे आज क्षेत्र में ऐसी ही एक अभिनव मिसाल बनकर उभरे हैं। पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरक (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) का लगातार उपयोग कर वे उन्नत और स्मार्ट खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। कृषक शैलेंद्र कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि खेती में लगातार बढ़ती लागत और पारंपरिक बोरी वाले खादों को दुकान से खेत तक लाने (परिवहन) तथा उनके छिड़काव में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों ने उन्हें कुछ नया सोचने पर मजबूर किया था। कृषि विभाग की सलाह पर जब उन्होंने नैनो तकनीक को अपनाया, तो इसके परिणाम बेहद चौंकाने वाले और संतोषजनक रहे। शैलेंद्र बताते हैं कि नैनो उर्वरक बाजार में पारंपरिक खाद की तुलना में बेहद कम दाम पर और आसानी से उपलब्ध हो जाता है, जिससे खेती के शुरुआती खर्च में ही बड़ी बचत हो जाती है।शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जहाँ पहले भारी-भरकम बोरियों को ढोने और संभालने में किसानों का पसीना छूट जाता था, वहीं अब महज आधे लीटर की छोटी बोतलें आसानी से जेब या थैले में रखकर खेत तक ले जाई जा सकती हैं। पानी में घोलकर फसलों पर सीधे छिड़काव करने से पौधों को पोषक तत्व सीधे और सही मात्रा में मिलते हैं, जिससे खाद की बर्बादी नहीं होती। इस तकनीक के प्रयोग से फसलों की गुणवत्ता में सुधार आया है और प्रति एकड़ पैदावार में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अपनी इस शानदार सफलता से उत्साहित होकर शैलेंद्र ने इस वर्ष भी अपनी फसलों में पूरी तरह से केवल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का ही उपयोग करने का निर्णय लिया है। लटुवा के इस जागरूक किसान की यह अनूठी पहल आज पूरे बलौदाबाजार जिले के किसानों को आधुनिक, कम लागत वाली और आत्मनिर्भर खेती की एक नई राह दिखा रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग भी शैलेंद्र की इस सफलता को रोल मॉडल के रूप में पेश कर अन्य ग्रामीण किसानों को नैनो तकनीक अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
- -समूह से मिली आर्थिक सहायता और मेहनत ने दिलाई नई पहचान-व्यवसाय से बढ़ी आय, अब दूसरी महिलाओं को कर रही प्रेरितकवर्धा ।महिलाएं यदि ठान लें तो अपनी मेहनत से जीवन की दिशा बदल सकती हैं। कभी परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करने वाली रानी यादव आज अपने गांव में आत्मनिर्भर महिला के रूप में पहचान बना चुकी हैं। स्व-सहायता समूह से मिली मदद और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू किया, जिससे उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई। अब वे दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत राम्हेपुर की रहने वाली श्रीमती रानी यादव जय मां शारदा स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। समूह से जुड़ने से पहले रानी यादव का जीवन काफी कठिनाइयों भरा था। परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें मजदूरी और खेती पर निर्भर रहना पड़ता था। खेती और मजदूरी से सालाना आय लगभग 35 हजार रुपये ही थी, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान रानी यादव जय मां शारदा स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह की बैठकों और प्रशिक्षण के दौरान उन्हें स्वरोजगार और बचत के बारे में जानकारी मिली। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता भी प्राप्त हुई। रानी यादव को चक्रीय निधि से 5 हजार रुपये, सीआईएफ से 60 हजार रुपये और बैंक ऋण से 1 लाख रुपये की सहायता मिली।मिली हुई राशि से रानी यादव ने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने छोटे स्तर पर काम शुरू किया, लेकिन मेहनत और लगन से धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ने लगा। आज रानी यादव की आय पहले से कई गुना बढ़ चुकी है। खेती से लगभग 30 हजार रुपये, मुर्गी पालन व्यवसाय से करीब 1 लाख 60 हजार रुपये और मजदूरी से लगभग 20 हजार रुपये की आय हो रही है। इस तरह अब उनके परिवार की कुल वार्षिक आय लगभग 2 लाख 10 हजार रुपये तक पहुंच गई है। रानी यादव बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गांव की दूसरी महिलाओं को भी समूह से जुड़कर अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- -पदमनी और मधु को मिला नया आत्मविश्वास, नई ताकतमहासमुन्द । पदमनी और मधु को मिला नया आत्मविश्वास, नई ताकतमां बनना हर महिला के जीवन का सबसे सुखद अनुभव होता है, लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य और आर्थिक जरूरतों की चुनौतियां भी सामने आती हैं। महासमुन्द शहरी परियोजना क्षेत्र अंतर्गत श्रीमती पदमनी यादव और श्रीमती मधु यादव के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ऐसे समय में सहारा बनकर आई। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य जांच एवं बच्चों की देखभाल में मदद मिली।महासमुन्द नगर के वार्ड 11 की रहने वाली श्रीमती पदमनी यादव ने बताया कि वे जब गर्भावस्था में थी तो उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला बाल विकास विभाग की सेक्टर सुपरवाईजर शीला प्रधान ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे जानकरी दी। आवश्यक पंजीयन के पश्चात उनकी पहली बेटी के जन्म के बाद उन्हें इस योजना की राशि 5 हजार रुपए मिली। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने बच्चे के पोषण और उनकी अच्छी देखभाल के लिए उपयोग किया।इसी तरह वार्ड 11 की ही श्रीमती मधु यादव को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का डबल फायदा मिला। पहले बच्चे के जन्म के समय 5 हजार और फिर बेटी के जन्म के बाद उन्हें 6 हजार की राशि योजना के माध्यम से प्रदान की गई। उनका कहना है कि इस सहायता ने मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाने में उन्हें आत्मविश्वास और संबल प्रदान किया।श्रीमती पदमनी यादव और श्रीमती मधु यादव दोनों ही अपने बच्चों का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर रही हैं और इसके लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को एक महत्वपूर्ण सहयोग मानती हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।महासमुंद शहरी क्षेत्र में 321 हितग्राहियों को इसका लाभ मिल चुका है, जबकि जिले में अब तक कुल मिलाकर 27 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।
- -100 से अधिक नामांकनों में देश की चुनिंदा 9 संस्थाओं में बनाया स्थान, छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय गौरवरायपुर । पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण, जैविक कृषि, वृक्षारोपण, नशामुक्ति जागरूकता एवं जनसहभागिता आधारित पर्यावरणीय अभियानों में उत्कृष्ट एवं नवाचारपूर्ण कार्यों के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधीनस्थ लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर को कल देहरादून में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित “पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नमामि गंगे परियोजना तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। देशभर से प्राप्त 100 से अधिक नामांकनों में से कठोर मूल्यांकन एवं बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के पश्चात केवल 9 संस्थाओं को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया, जिनमें एक विश्वविद्यालय, पांच विद्यालय एवं तीन महाविद्यालय शामिल थे।सम्मानित संस्थाओं में बिहार, झारखंड, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि शामिल थे। चयनित संस्थाओं में उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध सामुदायिक रेडियो “रेडियो केदार” भी सम्मिलित रहा। ऐसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी मंच पर नारायणपुर महाविद्यालय का चयन संस्था के उत्कृष्ट पर्यावरणीय कार्यों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। समारोह के दौरान सभी चयनित प्रतिभागियों एवं संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए कार्यों की वीडियो प्रस्तुति प्रदर्शित की गई। लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों एवं उपलब्धियों को उपस्थित विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों एवं प्रतिभागियों द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई।लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय को यह सम्मान ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर दिया गया। यह सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत, प्रख्यात पर्यावरणविद्, मैती आंदोलन के प्रणेता एवं जल-जंगल-जमीन संरक्षण के राष्ट्रीय प्रेरणास्रोत, तथा विशिष्ट अतिथि पद्मश्री श्रीमती मधुरी बर्थवाल, सुप्रसिद्ध लोकगायिका, लोकसंस्कृति संवाहक एवं उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की सशक्त प्रतिनिधि के करकमलों से प्रदान किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रुचि बडोला, डीन, फैकल्टी ऑफ वाइल्डलाइफ साइंसेज एवं नोडल अधिकारी परियोजना की गरिमामयी उपस्थिति रही।उल्लेखनीय है कि लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर द्वारा विगत वर्षों में जैविक खेती को बढ़ावा देने, व्यापक वृक्षारोपण अभियान, जल संरक्षण गतिविधियों, नशामुक्ति जनजागरूकता कार्यक्रमों, किसानों एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इन्हीं सतत, प्रभावशाली एवं समाजोपयोगी प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देते हुए संस्थान को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि केवल महाविद्यालय की नहीं, बल्कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिवार, बस्तर संभाग एवं संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरव का विषय है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि दूरस्थ अंचलों में भी समर्पण, नवाचार और जनसहभागिता के माध्यम से किए गए कार्य देशभर के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। “जब शिक्षा, समाज और प्रकृति संरक्षण का संकल्प एक साथ आगे बढ़ता है, तब परिवर्तन की नई इबारत लिखी जाती है। ‘पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026’ नारायणपुर की धरती से उठी उसी सकारात्मक पहल को मिला राष्ट्रीय सम्मान है।
- -’मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया निरीक्षण, कहा - दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता’-’बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिजरू कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति’रायपुर ।जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।’कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक’भारतीय सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।’बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक’उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है।मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।’बदलते बस्तर की नई पहचान’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
- -निगम की संयुक्त टीम ने की बड़ी कार्रवाईभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर को व्यवस्थित, सुगम एवं यातायात बाधा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र अंतर्गत चौहान टाउन से शासकीय शाला जुनवानी चौक तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से संचालित दुकानों, सड़क किनारे किए गए अस्थायी कब्जों तथा यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले खड़े वाहनों को हटाया गया।कार्रवाई के दौरान जोन राजस्व विभाग, बेदखली दस्ता एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। टीम ने सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए टीन-शेड, गुमटी, दुकान विस्तार एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को हटाते हुए संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी। निगम अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों का सामान सड़क तक फैलाकर रखा गया था, जिससे आम नागरिकों एवं वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। वहीं सड़क किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों के कारण भी यातायात प्रभावित हो रहा था। अभियान के दौरान ऐसे वाहनों को हटवाकर मार्ग को सुचारू बनाया गया।निगम आयुक्त ने कहा है कि सार्वजनिक सड़कों, नालियों, फुटपाथों एवं शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था, स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अतिक्रमण हटाएं तथा सार्वजनिक स्थलों को अवैध कब्जे से मुक्त रखने में निगम प्रशासन का सहयोग करें। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सड़क चौड़ी एवं व्यवस्थित दिखाई देने लगी हैए वहीं आम नागरिकों ने भी निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाने की मांग की है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- - छत्रपति शिवाजी सभागृह में हुई सभासदों ने नशा न करने, लोगों को जागरूक करने की ली शपथरायपुर। अंतरराष्ट्रीय धुम्रपान दिवस पर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में नशामुक्ति को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर नशे से होने वाले स्वास्थ्गत नुकसान पर चर्चा करने के साथ इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की बात सभी वक्ताओं ने कही। वहीं इस अवसर पर उपस्थित जनों ने खुद नशा न करने और लोगों को नशा न करने देने के लिए जागरूक करने की शपथ ली।महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित सियान गुड़ी, दिव्यांग बालिका विकास गृह में शासन की ओर से जारी पत्र के परिप्रेक्ष्य में नशा मुक्ति कार्यशाला लगाई गई। इस अवसर पर अजय मधुकर काले ने नशे को उत्तम समाज का सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए कहा कि आए दिन अखबारों में नशे के बढ़ते कारोबार और उससे नुकसान को हम पढ़ते है। न जाने कितने घर आज इसके कारण बर्बाद हो रहे हैं। हमें इसे लेकर लोगों को जागरूक करना होगा।श्याम सुंदर खंगन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में डेंटल क्लीनिक और कैंसर हास्पिटल खुल रहे हैं। कहीं न कहीं इसका कारण गुटखा खाने वालों की बढ़ती संख्या है। खंगन ने उपस्थित जनों को नशा न करने औऱ लोगों को नशे से बचने के लिए जागरूक करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित तमाम कार्यकारिणी सदस्य, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी व सदस्य सहित बड़ी संख्या में सभासद उपस्थित रहे।
- ग्रामीणों को मिल रहा है समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल एवं निस्तारी हेतु पर्याप्त पानीबालोद/ विकासखण्ड डौंडी के ग्राम पंचायत सिंघोला के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और पंचायत द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। लगभग 70 परिवारों की 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र में पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया की ग्रामीणों को पानी के लिए किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए गांव में एक अत्याधुनिक सोलर पैनल आधारित पेयजल प्रणाली संचालित की जा रही है। इसके साथ ही एक बड़ी सिन्टेक्स टंकी और एक आईआरपी भी क्रियाशील है. पंचायत द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त व्यवस्था के तौर पर दो अन्य बोरवेल में मोटर पंप स्थापित किए गए हैं, जिससे सुचारू रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है. अधिकारियों और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में गांव में पेयजल के पर्याप्त स्रोत पाए गए है। उन्होंने बताया कि पेयजल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन अब नलों में नई टोंटियाँ (टैप) लगाने की तैयारी कर रहा है,जिससे पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो सके और बर्बादी को रोका जा सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों और निस्तारी कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा एक नए स्टॉपडैम का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका कार्य वर्तमान में तेजी से प्रगति पर है। क्षेत्र के विकास और पानी की उपलब्धता की निगरानी के लिए स्थानीय सरपंच श्रीमती कौशिल्या बाई ठाकुर ग्रामीणों के साथ सतत संपर्क में हैं। पंचायत स्तर पर भविष्य की किसी भी विशेष या आकस्मिक जरूरत से निपटने के लिए एक पानी का टैंकर भी सिंघोला मुख्यालय में आरक्षित रखा गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुकड़ीगुहान भेजा जा सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आपसी समन्वय से गांव में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
- परंपरा और तकनीक का संगम23 एकड़ में विविध खेती, ड्रिप सिंचाई और जी-9 केले की उन्नत खेती से लिखी सफलता की नई कहानी-कृषि छात्र संजना धीरज की रिपोर्टबिलासपुर/ जिले के मोपका ग्राम के किसान श्री भरत क्षेत्रपाल आज उन प्रगतिशील किसानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने अनुभव, नवाचार और मेहनत के बल पर खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय का स्वरूप दिया है। लगभग 30 से 35 वर्षों के कृषि अनुभव के साथ उन्होंने अपनी 23 एकड़ भूमि को विविधतापूर्ण और आधुनिक कृषि का सफल मॉडल बना दिया है।खेती के प्रति समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें क्षेत्र के किसानों के बीच एक अलग पहचान दिलाई है। वर्षों से खेती करते हुए उन्होंने विभिन्न फसलों के उत्पादन में दक्षता हासिल की है। अरबी (जिमीकंद) और हल्दी उनकी प्रमुख फसलें हैं, जिनकी खेती में उन्हें विशेष सफलता मिली है। इन फसलों के साथ उन्होंने केले की उन्नत खेती को भी अपनाया और उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए।वर्तमान में श्री क्षेत्रपाल अपनी 8 एकड़ भूमि पर जी-9 किस्म के केले की खेती कर रहे हैं। उनके खेत में केले की दूसरी फसल सफलतापूर्वक तैयार हो रही है, जो उनकी वैज्ञानिक खेती और बेहतर प्रबंधन क्षमता का प्रमाण है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की उनकी सोच ने उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की है। श्री क्षेत्रपाल अपने खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करते हैं। इस तकनीक से पानी की बचत होने के साथ-साथ फसलों को आवश्यकतानुसार नमी प्राप्त होती है। इससे उत्पादन लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उनकी कृषि उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2006 और 2011 में भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित “कृषिरत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी लगन, नवाचार और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक है।विपणन के क्षेत्र में भी वे सजग और जागरूक किसान हैं। वे अपनी उपज का विक्रय मंडी के माध्यम से करते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। खेती के साथ बाजार की समझ ने उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाया है। श्री भरत क्षेत्रपाल की सफलता यह संदेश देती है कि यदि पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ा जाए, तो खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। आज वे इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मेहनत, अनुभव, नवाचार और वैज्ञानिक सोच के बल पर खेती में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जायेंगे। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।यहां उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत रायपुर ग्रामीण एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम जोन 10 के वार्ड क्रमांक 49, 50, 52, 53, 54, 55 एवं 56 में दिनांक 5 जून 2026 को देवपुरी धर्मशाला (गुरुद्वारा) कमल विहार (कौशल्या विहार ) गेट के पास रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में नवें जनसमस्या निवारण शिविर का सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार क्रमानुसार आयोजन रखा गया है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- -- ‘मैं अनिकेत हूं’ के सफलतम मंचन के बाद मुख्य अतिथि एसएसपी शशि मोहन ने कहा- नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा हैरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने रायगढ़ में भयंकर आंधी, बारिश और ब्लैक आउट के बीच रायगढ़ के पांच सौ से अधिक रंगप्रेमी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। हाल ही में रायगढ़ के जिंदल ऑडिटोरियम में मंचित नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने दर्शकों के मन में यह सवाल छोड़ दिया कि कोर्ट रूम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा सामने खडे हुआ जले चेहरे वाला वह व्यक्ति आखिर कौन है? अनिकेत है या शशिकांत जाधव।नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के निर्देशक शशि वरवंडकर ने अनिकेत की केंद्रीय भूमिका में जान फूंक दी है। कोर्ट रूम में जज के सामने अनिकेत अपने पहले ही संवाद ‘ये मेरी जिंदगी को बर्बाद करने की यह सुनियोजित और घृणित साजिश है। दो महीने पहले हुई ट्रेन दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने के कारण मैं अपने ही लोगों के लिए करीब-करीब लापता था। इस वाक्या का फायदा उठाते हुए, जो लोग मुझे जिंदा नहीं देखना चाहते थे, उन्होंने मेरे अस्तित्व की संभावनाओं को नकारते हुए यह अफवाह फैलाई कि अब मैं इस दुनिया में नहीं रहा। मैं अनिकेत शर्मा, अगर लौट आने पर अपने ही घर में जाता हूं तो इसमें मेरा अपराध क्या है’ से दर्शकों पूरी तरह नाटक से जोड़ लेते हैं। सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका में शशि वरवंडकर अपनी अभिनय क्षमता से दर्शकों को पूरे 80 मिनट तक नाटक के हर एक फ्रेम में बांधे रखते हैं।वकील भारद्वाज के रोल में चेतन दंडवते, अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी के रोल में डॉ. अनुराधा दुबे, जज के किरदार में दिलीप लांबे और डॉ. गजानन ब्रह्रमानंद शिरोडकर के रूप में रंजन मोड़क अपने सधे व संतुलित अभिनय से अनिकेत के साथ नाटक में अपनी सामूहिक पकड़ को मजबूत करते हैं। रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, प्रकाश खांडेकर, समीर टल्लू, डॉ. प्रीता लाल, डॉ. अभया जोगलेकर, डॉ. शुचिता देशमुच, श्याम सुंदर खंगन, पंकज सराफ और विनोद राखुंडे अपने पात्रों के साथ न्याय करते हुए नाटक की गति को लगातार बनाए रखते हैं। मंच सज्जा से लेकर प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था में अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरव की मेहनत नाटक में दिखाई देती है।नाटक शुरू होने से पहले रायगढ़ के एसएसपी शशिमोहन सिंह, विशिष्ट अतिथि और रोटरी स्टील सिटी के अस्टिटेंट गवर्नर विजय अग्रवाल, डिस्ट्रिक 3261 के डीएसजी सुशील रामदास अग्रवाल, जिंदल स्कूल के प्राचार्य आरके त्रिवेदी, जिंदल स्टील के ईवीपी संजीव चौहान ने दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम के पूर्व दर्शकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा कि तेज अंधड़ और बारिश के चलते पूरे शहर की लाइट गुल है। उसके बाद भी आडिटोरियम में लोगों की इतनी अधिक उपस्थिति यह बता रही है कि रायगढ़ में रंगमंच और नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा है। तमाम विशिष्ट अतिथियों ने भी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की जमकर प्रशंसा करते हुए इसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह नाटक स्थानीय नाट्य प्रतिभाओं को भी प्रेरित कर रंगमंच की ओर लौटने में सहायक होगा।
- 0- सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में कालाबाजारी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्यवाहीरायपुर। जिले में किसी भी प्रकार के खाद की कमी नहीं है एवं किसान जिले के सहकारी समितियों और निजी दुकानों से यूरिया प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी कृषि विभाग के उप संचालक श्री सतीश अवस्थी द्वारा दी गयी| श्री अवस्थी ने बताया कि रायपुर जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भंडारण किया गया है एवं कृषि विभाग द्वारा सभी सहकारी समितियों और निजी दुकानों में पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों के विक्रय के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भंडारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इस हेतु लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की निगरानी की जा रही है|जिले में 31 हजार 600 मीट्रिक टन यूरिया के लक्ष्य के विरुद्ध 32 हजार 549 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है एवं भंडारित यूरिया में से 31 हजार 123 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कुल भंडारण का 96 प्रतिशत है।विभाग द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर हरी खाद के लिए ढैंचा एवं मूंग के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में 1000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर बीज वितरण किया जा रहा है।उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की शिकायत मिले तो इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दें, ताकि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
- 0- खाते में कर रहीं नियमित बचत, मिला बेटी के उज्जवल भविष्य का भरोसारायपुर. सुकन्या समृद्धि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत श्रीमति फनिता साहू की बेटी लेकिशा के उज्जवल भविष्य हेतु खाता खुलवाया गया। श्रीमति साहू आरंग विकासखण्ड के ग्राम रानीसागर की रहने वाली हैं। उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से इस योजना की जानकारी मिली। खाता खुलने के पश्चात् उन्होंने आपनी बेटी के खाते में नियमित रूप से बचत करना शुरू किया। इस योजना से उनके परिवार को यह भरोसा मिला है कि भविष्य में उनकी बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए आवश्यक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध रहेगी।
- रायपुर. आर्थिक रूप से कमजोर श्री ईश्वर साहू की बेटी लीलीमा का भविष्य अब सुरक्षित है, क्योंकि छत्तीसगढ़ शासन की योजना नोनी सुरक्षा योजना के तहत उनकी बेटी का बीमा किया गया है।श्री साहू एवं उनका परिवार आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनरसी में निवारत हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपनी बेटी के भविष्य की चिंता रहती थी। इसी बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें इस योजना के बारे में पता चला और आपनी बेटी के नाम से बीमा कराया। अब उनकी बेटी विद्यालय में पढ़ाई और उज्जवल भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ यह विश्वास भी मिला है कि उनकी बेटी आगे चलकर अपनी शिक्षा पूरी करेगी और अपने सपने को साकार करेगी।उल्लेखनीय है कि नोनी सुरक्षा योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार तथा भ्रूण हत्या रोकने के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है| इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्मी बेटियों के नाम पर राज्य सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से 5 वर्षों तक हर साल ₹5,000 जमा करती है|
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा के श्री चंद्रकुमार ने पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ दिलाने, ग्राम तमोरा की याचिका ने आधार कार्ड में सुधार कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के आदिमजाति सहकारी समिति मर्यादित खेरथा ने विद्युत पोल का स्थानांतरण करने, डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बिटाल के श्री राम सिंह कोठारी ने भूमि पट्टा दिलाने एवं सुरडोंगर के बसंती साहू ने बोर खनन की अनुमति प्रदान करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।--
- 0- सहकारी समिति में खाद बीज लेने पहुंचे बहुर सिंह ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री का जताया आभारबालोद. छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और जिले में कृषि की सुचारू व्यवस्था से किसानों का जीवन सँवर रहा है। बालोद जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को समय पर अपनी सहकारी समितियों से उच्च गुणवत्ता वाले बीज और खाद मिल रहे हैं। शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान अब आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम अरमरीकला के प्रगतिशील किसान श्री बहुर सिंह की कहानी अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है। किसान श्री बहुर सिंह ने शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाया है। धान बेचने के बाद समय पर मिले भुगतान और कृषक उन्नति योजना की राशि के सही प्रबंधन से उन्होंने अपनी खेती को और मजबूत करने का फैसला किया। इसी का परिणाम है कि उन्होंने खेती के कार्यों को आसान और आधुनिक बनाने के लिए स्वयं का नया ट्रैक्टर खरीद लिया है।श्री बहुर सिंह कुल 07 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। अपनी मेहनत, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत किस्म के बीजों की बदौलत वे हर साल बंपर पैदावार ले रहे हैं। समय पर सोसायटी से खाद-बीज मिलने के कारण उन्हें कभी भी खेती के सीजन में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। आज वे अपने क्षेत्र में एक उन्नत और जागरूक किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। किसान श्री बहुर सिंह ने बताया कि पहले खेती के लिए दूसरों के ट्रैक्टर और संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों का नुकसान होता था। लेकिन सरकार की नीतियों और समय पर मिलने वाली सुविधाओं के कारण आज मेरा खुद का ट्रैक्टर लेने का सपना पूरा हो सका है।बालोद जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग के प्रयासों से इस बार सोसायटियों में खाद-बीज का अग्रिम उठाव तेजी से हुआ है। किसानों को लाइनों में नहीं लगना पड़ रहा है, जिससे वे बिना किसी समस्या के अपनी बोआई और थरहा की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें धान की खेती में भरपूर सहयोग मिल रहा है। किसान श्री बहुर सिंह ने कृषक उन्नति योजना और किसान सम्मान निधि जैसी किसान हितैषी योजनाओं के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत एक गार्डन परिसर में अवैध रूप से भैंस खटाल संचालित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर निगम प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि खटाल संचालक द्वारा गार्डन परिसर का उपयोग पालतू पशुओं को रखने एवं खटाल संचालन के लिए किया जा रहा था, जिससे सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता एवं सौंदर्य प्रभावित हो रहा था।निगम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित खटाल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया तथा गार्डन परिसर से सभी पालतू पशुओं को तत्काल हटवाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उद्यानों एवं शासकीय परिसरों का उपयोग निजी व्यवसाय अथवा पशुपालन गतिविधियों के लिए करना नियमों के विरुद्ध है और भविष्य में ऐसी गतिविधियां पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम द्वारा नागरिकों से भी अपील की गई है कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण या नियम विरुद्ध गतिविधि की जानकारी निगम प्रशासन को दें। कार्रवाई के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेन्द्र बंजारे, अतिक्रमण प्रभारी हरिओम गुप्ता एवं उनकी टीम उपस्थित रही।
- फाइल फोटोरायपुर. विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा अस्थिबाधित, बौने, कम सुनने (श्रवणयंत्र की सहायता से) एवं देखने में कठिनाई (चश्मे की सहायता से) वाले दिव्यांगजनों के लिए 5 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित होगा।उपसंचालक रोजगार डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के तत्वाधान में आयोजित इस रोजगार मेले में विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। रोजगार मेले में क्रेडालिस केपिटल प्रा. लि., आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जीपीएस रामा उद्योग प्रा. लि., बारबर्रिक ट्रांसफॉर्मर्स, अविनाश डेवलपर्स प्रा. लि. एवं स्काई ऑटोमोबाइल (मारुति नेक्सा) तथा विश्वभारती ऑटोमोबाइल प्रा. लि. रायपुर आदि प्रतिष्ठान शामिल होंगे। चयनित आवेदकों को उनकी योग्यता एवं पद के अनुसार प्रतिमाह लगभग 11 हजार रुपये से 30 हजार रुपये तक का वेतन प्रदान किया जाएगा एवं उनका कार्यक्षेत्र रायपुर एवं सिलतरा क्षेत्र रहेगा।ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो तथा जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों, रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों द्वारा erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना अनिवार्य है।इच्छुक दिव्यांगजन अपने प्रमाण-पत्र, 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आईटीआई, डीसीए, पीजीडीसीए आदि उत्तीर्ण की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के मूल एवं फोटोकॉपी की एक प्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ रोजगार मेले में उपस्थित हो सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर अथवा कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- मजदूर से व्यवसायी बनी सुशीला, 10 हजार के ऋण से खड़ा किया फल का व्यवसाय, आज 50 हजार तक पहुंचा टर्नओवररायपुर। कोरोना महामारी संक्रमण काल में जब पूरा देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तब संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 डबरापारा सूर्यानगर गोगांव की महिला श्रमवीर श्रीमती सुशीला जंघेल के लिए पीएम स्वनिधि योजना जीवन बदलने वाली साबित हुई। इस योजना से उन्हें न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच की नई राह भी मिली।लॉकडाउन से पहले श्रीमती सुशीला जंघेल रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती थीं। कोरोना काल में काम बंद होने से परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट आ गया। घर की जमा पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो गई। ऐसे समय में नगर पालिक निगम रायपुर की टीम ने उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी दी। चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने के कुछ ही दिनों बाद बैंक ऑफ बड़ौदा गुढियारी शाखा से उन्हें 10,000 रुपये का ऋण मिला। इसी पूंजी से उन्होंने सड़क किनारे फल का ठेला लगाया। मेहनत, ईमानदारी और ग्राहक सेवा के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से बढ़ा।पहले चरण का ऋण समय पर चुकाने पर उन्हें द्वितीय चरण में 20,000 रुपये और तृतीय चरण में 50,000 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। आज वे फल व्यवसाय के साथ जूता-चप्पल का व्यापार भी शुरू करने की तैयारी में हैं।श्रीमती सुशीला जंघेल ने बताया कि पहले सिर्फ मजदूरी का इंतजार करती थी। पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया। आज मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी खुद उठा रही हूं। बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट चल रही है। इस योजना ने मेरे विचार बदल दिए और जिंदगी में आगे बढ़ने का हौसला दिया।महिला उद्यमी श्रीमती सुशीला जंघेल ने समय पर सहायता पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
- 0- हर महीने 1500 रुपये की पेंशन से श्रीमती बेला जयंती का आसान हुआ जीवन यापनरायपुर. मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का कारण बनता जा रहा है। इसी क्रम में 60 वर्ष पूर्ण कर चुकी श्रीमती बेला जयंती ठाकुर के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह 1500 रूपए प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी दैनिक जरूरतें पूर्ण करने में आसानी हो रही है।श्रीमती ठाकुर पुरानी बस्ती की निवासी हैं। वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत सदस्य हैं एवं पूर्ण में वे रेजा का कार्य करती थीं। उनकी उम्र 60 वर्ष होने के बाद उन्हें जीवन यापन करने में कठिनाई आने लगी। इसके पश्चात् उन्हें श्रम विभाग द्वारा इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।बिना देर किए श्रीमती ठाकुर ने जिला कार्यालय रायपुर में संपर्क कर योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया एवं श्रम विभाग से जांच उपरांत जुलाई 2025 से उन्हें पेंशन सहायता प्राप्त हो रही है।श्रीमती ठाकुर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम विभाग का धन्यवाद करना चाहती हूँ जो हम मजदूर वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को श्रमिक पंजीयन कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद भी पेंशन सहायता से लाभान्वित कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनका छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत 10 वर्ष पूर्व पंजीकृत हितग्राहियों को लाभ दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु श्रम विभाग के वेब पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं एवं समस्या आने पर जिला कार्यालय सहायक श्रमायुक्त रायपुर छ.ग. में संपर्क कर सकते हैं।
- 0- राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने की 2 करोड़ की लागत की विद्युत सब स्टेशन के निर्माण की घोषणारायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भूमिया में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं मुख्य अतिथि राजस्व एवं आपदा पुर्नवास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।मंत्री श्री टंकराम वर्मा द्वारा ग्राम पंचायत भुमिया में लो वोल्टेज की समस्या को देखते हूए ग्रामीण जनता की मांग अनुसार 2 करोड़ रुपये लागत की विद्युत सब स्टेशन निर्माण करने की घोषणा की गई।शिविर में कुल 973 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें से 165 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया एवं शेष लंबित आवेदनों का आगामी 1 माह के भीतर निराकरण किया जायेगा| निराकृत आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।कार्यक्रम में मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम कार्ड नवीनीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई के कार्यक्रम संपन्न हुए। कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थय विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल व ट्राईसिकल प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री आशुतोष देवांगन, सीईओ जनपद श्री रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 14 हितग्राही, कृषि विभाग द्वारा 03 किसानों को खाद बीज वितरण किया गया, परिवहन विभाग द्वारा 03 लोगों को लर्निंग लाइसेंस, समाज कल्याण विभाग द्वारा 22 लोगों का पेंशन प्रकरण निपटाया गया, खाद्य विभाग द्वारा 50 राशन कार्ड एवं 03 उज्जवला कनेक्शन वितरण किए गया, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 05 आयुष्मान कार्ड बनाए गए एवं 12 प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को आवास की चाबी दी गई।इस अवसर पर एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती पूजा पिल्ले सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए नियमित अधिकारी एवं कर्मचारियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में निगम मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त डी के कोसरिया एवं उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम के सम्मानित कर्मचारी वामन राव, शशिकांत साहू, ईमान सिंह कन्नौजे, मंत राम यादव सहित गणेश राम वर्मा अपना शासकीय सेवा अवधि पूर्ण कर सेवा निवृत हुए । सभी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा, समर्पण और निगम के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की कामना की। आयुक्त ने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति में उसके कर्मचारियों की मेहनत और अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन किया है, जिसके लिए निगम परिवार सदैव उनका ऋणी रहेगा। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए निगम परिवार के सहयोग और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें कार्यालय अधीक्षक शालिनी गुरुव, श्रवण ठाकुर शशिभूषण मोहन्ती, राज सच्चर, सागर दुबे, हेमचंद बंजारे, गिरधर वर्मा, नलनीश मिश्रा सहित निगम के अन्य सम्मानित कर्मचारी गण उपस्थित रहे ।सभी ने सेवानिवृत्त साथियों को उनके जीवन के नए अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सीएम हेल्पलाईन के प्रभावी संचालन हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के अधिकारियों ने दी जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण0- प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों को विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राज्य में आम जनता को अपनी शिकायत दर्ज कराने सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उनके शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने हेतु शीघ्र ही सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत होने वाली है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों विशष्ेा प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं।इस मौके पर आज राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के निराकरण के संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत को आम जनता के शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने हेतु एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा शुरू किए जा रहे अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।इस मौके पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे ने सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आॅनलाईन शिकायतों का पंजीयन, विभिन्न स्तर पर इसकी माॅनिटरिंग के साथ-साथ चरणबद्ध प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन का उद्देश्य आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना है। इसके साथ ही सीएम पोर्टल के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का निर्धारित समयावधि में लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। श्री चैबे ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं 24 घण्टा संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 एवं 18002333300 के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक माध्यमों में से किसी भी एक माध्यम से किसी भी समय आसानी से अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के साथ ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को उनके शिकायत से संबंधित विभाग, अधिकारी के पास लंबित होने की जानकारी तथा कार्यवाही की प्रक्रिया के अलावा समाधान में लगने वाले समय आदि से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी।उन्होंने कहा कि इसी पूरी तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होगी। श्री चैबे ने कहा कि इसमें नागरिकों का फीडबैक की भी सुविधा होगी। इसके साथ ही आवेदकों के समस्याओं के समाधान होने के बाद संबंधित आवेदक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत यदि आवेदक समाधान से पूरी तरह से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा सकेगा। इसके साथ ही श्री चैबे ने बताया कि जिले मे हर सप्ताह होने वाले जनदर्शनो मे प्राप्त आवेदनों को भी सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली मे शामिल किए जाएंगे।



























