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- रायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-2024 में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर सुझाव देने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 18 जुलाई को होगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में दोपहर 1.30 बजे से आहूत की गई है।मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में मंत्रीगणों के अलावा कृषि, वित्त, राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन, चिप्स, अपैक्स बैंक और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं फैसलों के कारण विगत चार सालों में किसानों की संख्या और रकबा में लगातार वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादन भी तेजी के साथ बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव के कारण धान का निष्पादन आसानी से संपन्न हुआ है। इस वर्ष भी किसानों को सहुलियत प्रदान करने और धान विक्रय के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही है।
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल नवागांव में कृषि सम्मेलन में पहुंचे
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया और विधायक श्री धनेन्द्र साहू भी हैं सम्मेलन में मौजूदमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का किया शुभारंभनवागांव पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया विभिन्न विभागों के स्टाल का अवलोकन. रीपा केंद्र में सेवागुड़ी एप्लीकेशन का उद्घाटन किया। रीपा के कैटलाग का विमोचन भी किया।. प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से चयनित 10 लोगों को सांकेतिक जाब आफर लेटर दिया, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सौंपा मार्जिन मनी अनुदान. कृषि विभाग के स्टाल में हितग्राहियों को किट वितरण और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल में सुपोषण टोकरी का वितरण किया. स्कूली बच्चों को भी किया यूनिफार्म का वितरण -
रायपुर। हरेली तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को पूरी तरह ग्रामीण परिवेश से सजाया गया था। जहां चारो-ओर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा दिख रही थी। छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़बा बाजा, राउत नाचा, गेड़ी नृत्य, रहचुली और विभिन्न छत्तीसगढ़ी पकवानों और व्यंजनों के आनंद के साथ मुख्यमंत्री निवास में मौजूद लोग उत्साह के साथ हरेली में शामिल हुए। इसके साथ-साथ पशुधन विकास विभाग द्वारा विभिन्न डेयरी उत्पादों तथा पशु आहार पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। परंपरागत कृषि उपकरणों का स्टॉल लोगों को खूब भाया और लोग खेती-किसानी के पुराने दिनों को याद करने लगे। इस अवसर पर लोक कलाकारों द्वारा राउत नाचा और गेड़ी चढ़कर नृत्य की प्रस्तति भी दी गई। इसे लोगों ने खूब सराहा।
- - मंदिर में शिव स्कंद विहार का निर्माण कर आकर्षक सज्जा की जाएगी- मनीष वोरारायपुर। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को रायपुर के प्राचीन बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इस सोमवार को विशेष संयोग बना है। इस दिन हरियाली अमावस्या है। सोमवार को अमावस्या का संयोग बनने के कारण इसे सोमवती अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन का खास महत्व है।सावन माह के दूसरे सोमवार को श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में चारों ओर हरियाली का दृश्य प्रस्तुत कर भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान शिव, प्रकृति के देव हैं इसलिए मंदिर में चारों ओर अशोक, कदम, आम, पीपल, जामुन आदि के पत्तों से पूरे सभामण्डप को आच्छादित करते हुए, शिव बाग का निर्माण किया जाएगा। साथ ही गर्भगृह में शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।श्री रायपुर पुष्टिकर समाज के ट्रस्टी मनीष वोरा ने बताया कि बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के गर्भ गृह में सोमवार को विशेष साज- श्रृंगार के साथ ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा, मानो भगवान शिव अपने पुत्र कार्तिकेय जिनका एक नाम स्कंद कुमार भी है, मयूर पर विराजमान होकर पृथ्वी का भ्रमण कर रहे हैं। परिक्रमा पथ में विभिन्न प्रकार के पत्तों से शिव बाग का निर्माण किया जाएगा। जिसमे प्रवेश करते ही भक्तों को वन में भ्रमण की अनुभूति होगी। चारों ओर मयूर की आवाज़ और विभिन्न पक्षियों का कलरव सुनाई देगा। मंदिर में भक्तों केे सुलभ दर्शन के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी।श्री वोरा ने बताया कि मंदिर में प्रात: 4.00 बजे भगवान शिव का भस्म से अभिषेक किया जाएगा , उसके बाद भक्तों के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। दोपहर 12 बजे भगवान भोलेनाथ को भोग लगाया जाएगा। ततपश्चात श्रृंगार हेतु मंदिर के पट बन्द कर दिए जाएंगे और संध्या 4.30, मिनट पर एक बार फिर भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खोले जाएंगे।
- -तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लाभांश की 466 करोड़ रूपए की राशि का होगा वितरण-नरवा विकास अंतर्गत वनांचल के 6 हजार 755 नालों में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में भू-उपचार का कार्य जारी-मुख्यमंत्री ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा कीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम यहां राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की छत्तीसगढ़ में वनों के सरंक्षण-संवर्धन सहित वनवासियों के उत्थान हेतु समन्वित होकर कार्य करने के लिए विशेष जोर दिया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि राज्य में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित वृहद स्तरीय कार्यक्रम में तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लाभांश लगभग 466 करोड़ रूपए की राशि का जिलों में हितग्राहियों को वितरण किया जाएगा। इनमें वन प्रबंधन समितियों के वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक की अवधि के 44 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। इसी तरह तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक अंतर्गत 422 करोड़ रूपए की राशि में से वर्ष 2021 के 163 करोड़ 59 लाख रूपए तथा वर्ष 2022 के अंतर्गत 258 करोड़ 17 लाख रूपए की राशि शामिल है।बैठक में समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वन विभाग द्वारा राज्य में वनों संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य हो रहे हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप वृक्षारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसमें फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता से लिया गया है। राज्य में वर्ष 2023-24 में विभागीय वृक्षारोपण अंतर्गत समस्त योजनाओं में 7 हजार 695 हेक्टेयर रकबा में 70 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें कैम्पा मद के वृक्षारोपण के अंतर्गत 3 हजार 68 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 18 लाख पौधरोपण का लक्ष्य शामिल है। गौरतलब है कि इनमें चालू वर्षा ऋतु के दौरान 2 हजार 121 हेक्टेयर रकबा में 6 लाख 47 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’’ की प्रगति के संबंध में समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 23 हजार 603 कृषकों द्वारा 36 हजार 140 एकड़ रकबा में पौधरोपण किया जाएगा। इनमें प्रजातिवार सागौन, बांस, नीलगिरी, चंदन तथा मिलिया डूबिया के 2 करोड़ 25 लाख 52 हजार 941 पौधों का रोपण होगा। इसी तरह नरवा विकास के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में भी विस्तार से समीक्षा की गई। नरवा विकास अंतर्गत राज्य में वर्तमान में वनांचल के 6 हजार 755 नालों में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में भू-उपचार का कार्य प्रगति पर है। इसके लिए 1 करोड़ 80 लाख भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण जारी है।बैठक में आगे छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, वन्यप्राणी, संयुक्त वन प्रबंधन समिति, औषधि पादक बोर्ड और राज्य जैव विविधता बोर्ड के कार्यों तथा प्रगति के बारे में गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा श्री अंकित आनंद, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल राय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरूण पांडेय तथा श्री सुनील कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओपी यादव तथा श्री जे. ए. सी. एस. राव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज शाम उनके निवास कार्यालय में राजीव युवा मितान क्लब के शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में निर्धारित एजेंडे के अनुरूप खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली और महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। इस दौरान राजीव युवा मितान क्लब के कार्यकारिणी समिति द्वारा पारित संशोधन प्रस्तावों और अन्य शासी परिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। जिसमें योजनांतर्गत जिला स्तरीय समितियों को अंतरित 63 करोड़ 77 लाख रुपये का कार्याेत्तर अनुमोदन और राजीव युवा मितान क्लब के नियमावली में संशोधन हेतु कार्यकारिणी समिति द्वारा पारित 05 प्रस्ताव का अनुमोदन शामिल है।बैठक में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजीव युवा मितान क्लब के लिए आबंटित बजट से प्रशासनिक व्यय न कर अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों दिए। साथ ही जिला स्तरीय समितियों को चार किश्तों में जारी होने वाली राशि के लिए वर्तमान प्रावधानों को संशोधित करते हुए पहले किश्त के रूप में प्राप्त राशि में से समिति द्वारा 15 हजार रूपए खर्च करने के संबंध में ब्यौरा प्रस्तुत करने पर अगले किश्त की राशि जारी कर दी जाएगी। वर्तमान में पहले किश्त की राशि का शत-प्रतिशत खर्च न करने पर अगले किश्त की राशि जारी नहीं की जाती थी, जिसे अब संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देश पर राजीव युवा मितान क्लब के गतिविधियों का क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु राज्य स्तरीय समन्वय नामांकित करने का निर्णय भी लिया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों से कहा कि आगामी त्योहार परब को देखते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन मितान क्लबों को जारी होने वाली आगामी किश्त की राशि समय पर अंतरित की जाए।बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, भिलाई विधायक श्री देवेंद्र यादव, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अंकित आनंद तथा श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता सिन्हा उपस्थित रहे।शासी परिषद की बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल वर्चुअली शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के राजधानी रायपुर स्थित निवास में हर बार की तरह इस बार भी हरेली का पर्व पारंपरिक रूप में धूमधाम से मनाया जाएगा। हरेली पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।मुख्यमंत्री श्री बघेल हरेली तिहार पर तुलसी पूजा कृषि यंत्रों की पूजा में शामिल होने के बाद भंवरा, बांटी, गिल्ली डंडा, मटकी फोड़ और गेड़ी नृत्य जैसे आयोजन में शामिल होंगे। वे इस मौके पर गौ पूजन कर हरेली के अवसर पर तैयार किए गए लोंदी खिलाएंगे। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों द्वारा राउत नाचा, गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी तथा हरेली गीत भी गाए जाएंगे। इस मौके पर पशुधन विकास और पारंपरिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री निवास पर ग्रामीण परिवेश के अनुरूप सजाया जा रहा है। यहां रहचुली भी लगाई जा रही है।हरेली तिहार में राउत नाचा का कार्यक्रम दयालू राम यादव और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुित किया जाएगा। गेड़ी नृत्य प्रेम यादव तथा लोककला संस्कृति की प्रस्तुति अनुराग शर्मा की टीम द्वारा दी जाएगी। हरेली खेती का त्योहार है और साथ ही छत्तीसगढ़ में खेलों का सबसे बड़ा दिन। मुख्यमंत्री इस दिन छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (ल) में करेंगे और वहां आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रमुख 6 पर्वों पर सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, उनमें हरेली त्यौहार भी शामिल है।
- -छत्तीसढ़िया ओलंपिक में इस बार 30 लाख से अधिक लोग बिखेरेंगे अपना जलवा-एकल और दलीय श्रेणी को मिलाकर 16 खेलों में होगी स्पर्धा-खेलों को और भी रोमांचक बनाने इस बार कुश्ती और रस्सीकूद भीरायपुर /लोक संस्कृति से जुड़े छत्तीसगढ़ के पहला तिहार हरेली को बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाली कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। हरेली में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गेड़ी का आनंद लेते हैं। लोगों के लिए इस बार यह दोगुनी खुशी की बात है की हरेली के दिन से ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरूआत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में लोग बडे़ उत्साह से भाग लेते हैं। खासकर गांवों में इसका अलग ही रौनक देखने को मिलता है।पिछले बार के ओलंपिक में पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाआंे एवं बच्चों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। गांव-गांव मंे पारंपरिक खेलों के प्रति एक अच्छा वातावरण निर्मित हुआ। इस प्रतियोगिता के कई ऐसे क्षण देखने को मिले जो लोगों के लिए एक प्रेरणादायी बनी। शादी के बाद जो महिलाएं ससुराल चली गई थी, उनकी भी इन खेलों में बड़ी संख्या में भागीदारी रही। घरेलु काम में उलझी महिलाएं जब गेंड़ी, लंगड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी और अन्य खेल प्रतियोगिताओं में खेलते हुए नजर आई तो लोगों ने भी उनकी खूब हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री की भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भी कई ऐसे प्रतिभागी मिले जिन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार व्यक्त किया और इसे जारी रखने का आग्रह किया। इस साल छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 में एकल श्रेणी में रस्सीकूद एवं कुश्ती को भी शामिल किया गया है। इस तरह एकल एवं दलीय श्रेणी को मिलाकर कुल 16 तरह के खेल प्रतियोगिता आयोजित होंगी।शारीरिक कमियां और उम्र की सीमा भी डिगा नहीं पाई हौसलों कोपिछले वर्ष अयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में 25 लाख से ज्यादा एवं नगरों में 01 लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। इस ओलंपिक में कई ऐसे क्षण भी आए जब उम्र की बाधा भी प्रतिभागियों के उत्साह के सामने फिकी पड़ गई तो किसी की शारीरिक अक्षमता भी उनके हौसलों को डिगा नहीं पाई। फुगड़ी में रायपुर संभाग के हरदी ग्राम पंचायत की 65 वर्षीय श्रीमती आशोबाई ने 01 घण्टा 31 मिनट 58 सेकेण्ड तक फुगड़ी खेलकर 40 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में जीत हासिल की। यह उनके जज्बे को दर्शाता है। हौसलों से भरपूर एक ऐसे ही कहानी है बस्तर जिला के ग्राम सरगीपाली की रहने वाली गुब्बारी की। जिन्होंने शारीरिक कमियों और विपरित परिस्थितियों के बावजूद पूरे दमखम के साथ इस ओलंपिक मेें शामिल होकर अपने आप को साबित किया। गुब्बारी की बाएं हाथ की हथेली नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर कई खेलों में भाग लिया और सामूहिक खेल कबड्डी और खो-खो में जीत भी हासिल की। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए खेलों में आगे कैरियर बनाने के रास्ते भी बना रहा है। इस ओलंपिक प्रतियोगिता के माध्यम से रायपुर की नबोनिता बैरा को बिलासपुर खेल अकादमी में प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर भी प्राप्त हुआ है।छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 में 16 खेल प्रतियोगिताएंछत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित होगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।राजीव युवा मितान क्लब से शुरू होगी प्रतियोगिताछत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सबसे पहले राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर प्रतियोगिता 17 जुलाई से 22 जुलाई तक नॉकआउट पद्धति से होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। इसका आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 04 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 सितंबर से 20 सितंबर तक होगा और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिसका की आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।प्रत्येक आयु वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्साछत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18-40 वर्ष आयु सीमा तक और तीसरा वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग में प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।विजेता प्रतिभागियों को दिया जाएगा पुरस्कारछत्तीसगढ़िया ओलंपिक में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर पर विजेता प्रतिभागियों से लेकर राज्य स्तर के विजेता प्रतिभागियों को प्रभाणपत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर प्रथम आने वाल विजेता खिलाड़ियों को 1000 रूपए, द्वितीय स्थान आने पर 750 रूपए एवं तीसरा स्थान आने पर 500 रूपए की पुरस्कार राशि एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह जिला स्तर पर प्रथम आने वाल विजेता प्रतिभागियों को 2000 रूपए की राशि, द्वितीय आने पर 1500 रूपए और तीसरे स्थान आने पर 1000 रूपए की राशि सहित प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। संभाग स्तर पर विजेता प्रतियोगियों को प्रथम आने पर 3000 रूपए, द्वितीय आने पर 2500 रूपए एवं तीसरे स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को 2000 रूपए एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। राज्य स्तर पर ओलंपिक के अंतिम आयोजन में प्रथम आने वाले प्रतिभागियों को 5000 रूपए, द्वितीय आने पर 4500 रूपए एवं तीसरे स्थान आने वाले खिलाड़ियों को 4000 रूपए की राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।प्राथमिक चिकित्सा सुविधा रहेगी उपलब्धप्रत्येक आयोजन स्तर पर फर्स्ट एड किट की व्यवस्था एवं स्थानीय स्तर पर यथासंभव आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता आयोजन समिति द्वारा की जाएगी। आयोजन स्थल पर एंबुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी आयोजन समिति पर होगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा जारी निर्देशानुसार महिला खिलाड़ियों के लिए रेफरी एवं निर्णायक महिलाएं ही रखी जाएंगी। इसके अलावा विभाग द्वारा आयोजन के सभी स्तर पर खिलाड़ियों से मान्य पहचान प्रमाण पत्र लिया जाना अनिवार्य किया गया है।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् द्वारा 18 जुलाई को संस्कृत विद्वानों का सम्मान वर्ष 2019 एवं 2020 तथा मेधावी छात्र सम्मान 2019 का आयोजन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल सभागार पेंशनबाड़ा रायपुर में दोपहर 2 बजे किया जाएगा। सम्मान समारोह में संस्कृति सचिव श्री चिन्तामणी महाराज, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदर दास की उपस्थित में होगा।सम्मान समारोह में वर्ष 2019 के लिए जिन संस्कृत विद्वानों को सम्मानित किया जाएगा, उनमें राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार महर्षि वेदव्यास सम्मान डॉ. निलिम्प त्रिपाठी प्रोफेसर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय भोपाल को प्रदान किया जाएगा। राज्य स्तरीय पुरस्कारों में महर्षि वाल्मीकि सम्मान डॉ. तोयनिधि वैष्णव रायपुर, लोमश ऋषि सम्मान श्री सुदीप्त किशोर पंडा प्राचार्य वासुदेव संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अडभार पेण्ड्रा, ऋषि ऋष्यश्रृंग सम्मान डॉ. संतोष कुमार तिवारी व्याख्याता शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर और माता कौशल्या सम्मान डॉ. गरिमा ताम्रकार व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बटंग वर्तमान में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर को प्रदान किया जाएगा।इसी प्रकार वर्ष 2020 के लिए जो संस्कृत विद्वान सम्मानित होंगे उनमें राज्य स्तरीय पुरस्कार में महर्षि वाल्मीकि सम्मान डॉ. बालकृष्ण तिवारी रायपुर, ऋषि ऋष्यश्रृंग सम्मान श्री चन्द्रभूषण शुक्ला श्री महामाया मंदिर देवी पुरानी बस्ती रायपुर और माता कौशल्या सम्मान श्रीमती गीता शर्मा रायपुर को प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार में 51 हजार रूपए और राज्य स्तरीय पुरस्कार में 31-31 हजार रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती है।सम्मान समारोह में वर्ष 2019 में कक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में शीर्ष 10 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में श्री रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सामरबार की छात्रा कुमारी अनुराधा यादव, एम. के. गांधी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हालाहुली की श्रीमती अनिता राठौर, सावित्री फुले संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर की कुमारी प्रतिमा, श्री रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट के श्री चन्द्रेश पैकरा, श्री रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सामरबार की छात्रा कुमारी गायत्री बाई, कुमारी रूक्मणी, कुमारी लीलाबती, श्री रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट के छात्र बुधेश्वर पैकरा, संस्कृत विद्यालय श्री दुर्गा सेवाश्रम जमड़ी के छात्र अविनाश कुमार और छात्रा कुमारी प्रिया जायसवाल शामिल हैं। इन सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को 3001-3001 रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
- -गौमूत्र से बन रहा है जैविक कीटनाशक एवं जीवामृतरायपुर /गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर खरीदी के साथ-साथ 4 रूपए लीटर की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में अब तक 8 लाख 57 हजार 88 रूपए में 2 लाख 14 हजार 272 लीटर गौमूत्र क्रय किया जा चुका है, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 91,630 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और 34,590 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत का उत्पादन किया जा चुका है, जिसका विक्रय किया जा रहा है। इससे राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य के किसानों द्वारा अब तक 88,227 लीटर जैविक कीटनाशक ब्रम्हास्त्र और 32,765 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत क्रय कर खेती में उपयोग किया गया है।
- -2.10 लाख लीटर प्राकृतिक पेंट के विक्रय से 4.34 करोड़ आयरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित गौठान तेजी से ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित होने लगे हैं। गौठानों में विविध आयमूलक गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ नवाचार के रूप में गोबर से प्राकृतिक पेंट का उत्पादन तेजी से होने लगा है। वर्तमान में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए 51 यूनिटें स्थापित की जा चुकी है, जिसमें से 47 यूनिटों में गोबर से प्राकृतिक पेंट उत्पादन का काम शुरू हो गया है। क्रियाशील यूनिटों के माध्यम से अब तक 2,74,313 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 2,10,843 लीटर प्राकृतिक पेंट के विक्रय से 4 करोड़ 34 लाख 79 हजार रूपए की आय हुई है। राज्य में फिलहाल 64 प्राकृतिक पेंट की इकाईयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 51 यूनिट स्थापित हो चुकी है, जबकि 47 इकाईयों में पेंट उत्पादन किया जा रहा है। निर्माणाधीन 13 पेंट यूनिटों की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि हरेली तिहार सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए। अपने शुभकामना संदेश में श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ का लोक तिहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है। इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं।श्री बघेल ने कहा कि हरेली तिहार को गांवों में बड़े उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई और पूजा की जाती है। प्राचीन मान्यता के अनुसार सुरक्षा के लिए घरों के बाहर नीम की पत्तियां लगाई जाती हैं। पारंपरिक तरीके से लोग गेड़ी चढ़कर हरेली की खुशियां मनाते हैं। इस वर्ष वन विभाग के माध्यम से सी-मार्ट में गेड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई है। इससे अपनी पुरातत्व परंपराओं से शहरी लोग भी जुड़ सकेंगे और ग्रामीणों की आर्थिक उन्नति में सहभागी बनेंगे। श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। इसके पीछे राज्य सरकार की मंशा छत्तीसगढ़ के लोगों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना है। यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के लोक पर्व हरेली का उत्साह और उमंग अब विदेशों में भी रंग जमाने लगा है। प्रवासी भारतीय हर साल इसे उत्साह से मनाकर अपनी संस्कृति को दूर-दूर तक पहुंचा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी संस्कृति और परम्परा को सहेजने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। हरेली के दिन ही तीन साल पहले प्रदेश की महत्वाकांक्षी और अनूठी ‘गोधन न्याय योजना’ का शुभारंभ हुआ है। पिछले साल 2022 में हरेली तिहार के दिन से प्रदेश में जैविक खेती और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरूआत करते हुए ‘‘गो-मूत्र खरीदी’’ प्रारंभ की गई है। इसे आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष हरेली तिहार के दिन से छत्तीगढ़िया ओलंपिक शुरू किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि जब किसान खुशहाल और समृद्ध होता है, तो आम लोगों के जीवन मे भी खुशहाली और संपन्नता आती है। छत्तीसगढ़ में नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना, गोधन न्याय योजना, और रोका-छेका अभियान के माध्यम से पारंपरिक संसाधनों को पुनर्जीवित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। गौठानों को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विकास के साथ-साथ परंपराओं का भावी पीढ़ी तक प्रवाह सामूहिक उत्तरदायित्व का काम है। आशा है सभी प्रदेशवासी गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए सहभागी बनेंगे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में मोहला-मानपुर-चौकी जिले के मानपुर ब्लॉक से आए गोंड समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने कल हरेली पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और विभिन्न सामाजिक तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री बघेल को प्रतिनिधिमंडल ने मानपुर में गोंडवाना भवन और आस्था के केंद्र रायताल देव देवकोंडाई के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण के विषय मे ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने गोंड समाज द्वारा की गयी मांगों पर सहमति प्रदान की। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों से बारिश और खेती किसानी का हाल भी जाना और सभी को हरेली पर्व की बधाई दी। इस अवसर पर गोंड समाज मानपुर ब्लॉक के अध्यक्ष श्री दिनेश उसेंडी, श्री भानुराम तुलावी, श्री मंगुराम, श्री चिमन सहवालको, श्री बारसाय सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
- -हरेली तिहार मनाने के लिए खरीदी गेड़ीदुर्ग /संभागायुक्त दुर्ग संभाग श्री महादेव कावरे आज अचानक दुर्ग जिले के जिला पंचायत परिसर स्थित सी मार्ट पहुंचे यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ी संस्कृति में वर्ष के प्रथम त्योहार के रूप में मनाए जाने वाले हरेली त्योहार के लिए गेड़ी खरीदी। इस अवसर पर उन्होंने बताया की हरेली त्यौहार पर बड़ी मात्रा में गेड़ी निर्माण कर विक्रय किया जाता है, गेड़ी की मांग के आधार पर बसोड़ो द्वारा इसका निर्माण किया जाता है, इसके निर्माण के लिए वन विभाग द्वारा डिपो के माध्यम से बांस प्रदाय किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन के मंशा अनुरूप इस वर्ष बसोडो की आमदनी बढ़ाने हेतु इनके द्वारा बनाई गई गेडियों को सी मार्ट में विक्रय हेतु रखवाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोगों को गेड़ी उपलब्ध हो सके तथा इसके विक्रय से बसोडो को ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके।संभाग आयुक्त दुर्ग संभाग श्री महादेव कावरे ने बताया कि गेड़ी निर्माण का कार्य बसोडो के द्वारा शासन से सस्ती दर पर बांस प्राप्त कर बनाए गए हैं, उन्होंने आमजन और गेड़ी खेल प्रेमियों से अपील की है कि छत्तीसगढ़ राज्य के इस पारंपरिक त्यौहार को उत्साह पूर्वक मनाने एवं सस्ती दर पर सी मार्ट के माध्यम से अधिक से अधिक गेड़ी खरीद कर श्रमिकों के आर्थिक उन्नयन में सहयोग करे।स्व सहायता समूह द्वारा निर्मित सामग्रियों की खरीदीसी मार्ट पहुंचे श्री कावरे ने स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री कोदो, बिजौरा, ब्राउन राइस, सेमीखुइला, मूंगा पावडर एवं अन्य सामग्री क्रय की साथ ही स्व सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित सामग्रियों की सराहना की। संभाग में स्थापित सी मार्ट में सर्वाधिक राजनांदगांव जिले द्वारा कुल 2 करोड़ 14 लाख की सामाग्री विक्रय किया गया जो कि प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है, इसी प्रकार बालोद जिले द्वारा सी मार्ट में 2 करोड़ 7 लाख की सामाग्री का विक्रय किया गया है। संभागायुक्त ने आम जनता से अपील किया कि वे अपने परिवार के साथ सी मार्ट पहुंच कर खरीदी करे।
- -बिलासपुर में संसदीय सचिव श्री उपाध्याय बहतराई स्टेडियम में करेंगे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ-छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में रचे बसे हैं परंपरागत खेल-छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों में खासा उत्साहबिलासपुर / छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में यहां के परंपरागत खेल रचे बसे हैं। यह हमारी संस्कृति की बहुमूल्य धरोहर है। पारंपरिक खेलों के व्यवस्थित आयोजन हेतु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। 17 जुलाई सोमवार को हरेली तिहार के शुभ अवसर पर पूरे प्रदेश में एक साथ छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ हो रहा है।संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय स्व. बी. आर. यादव बहतराई स्टेडियम में सवेरे 11 बजे जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ करेंगे और हरेली कार्यक्रम में भी शमिल होंगे। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी एवम बांटी (कंचा) और एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में तीन आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकेगें। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18 से 40 वर्ष और तीसरे वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी होंगे।कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के निर्देशानुसार जिले में सभी स्तरों पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के सफल आयोजन की तैयारियां पूरी हो गई है। कार्यक्रम में राजीव युवा मितान क्लब के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर जिले में बच्चों, युवाओं एवं हर वर्ग का जोश देखते ही बनता है।खेलप्रेमियों में इस अयोजन को लेकर खासा उत्साह है।छह चरणों में आयोजित होगी प्रतियोगिता -राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 17 जुलाई से 22 जुलाई 2023 तक इसके बाद दूसरा स्तर जोन होगा, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक जोन होगा। इसका आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। ब्लॉक व नगरीय क्लस्टर स्तर पर 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 4 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 सितंबर से 20 सितंबर तक होगा। अंत में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी जिसका आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।
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दुर्ग /15 जुलाई 2023 को मोबाईल डेमोंस्ट्रेशन वेन के माध्यम से इवीएम एण्ड वी.वी.पैड मशीन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु तहसील दुर्ग अंतर्गत आने वाले विधानसभा दुर्ग ग्रामीण 63 दुर्ग शहर 64 भिलाई नगर 65 एवं वैशालीनगर 66 के मास्टर ट्रेनर द्वारा जनपद पंचायत दुर्ग में दुर्ग ग्रामीण 63, दुर्ग शहर 64 एवं कलेक्टर सभागार दुर्ग में मिलाई नगर 65 एवं वैशालीनगर 66 के मास्टर ट्रेनर का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण की उपस्थिति में प्रशिक्षण दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचक रजि. अधिकारी दुर्ग ग्रामीण ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण में मतदाताओं को इवीएम एण्ड वी.वी.पैड मशीन के बारे में जागरूकता एवं जानकारी के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय किया गया। इवीएम एण्ड वी.वी.पैड मशीन को मोबाईल डेमोंस्ट्रेशन वेन में 18 जुलाई 2023 से सितंबर 2023 तक दुर्ग तहसील के सभी मतदान केन्द्रों में तिथिवार इवीएम एण्ड वी.वी. पैड मशीन का प्रदर्शन किया जायेगा, संबंधित क्षेत्र के मतदाता मतदान केन्द्र में पहुंच कर उक्त मशीन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। - - विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ पशुपालन विकास के लिए भी करे प्रेरित - श्री कावरे-- किसी भी शोध का लाभ समाज के लोगो को अवश्य होना चाहिए -- श्री दक्षिणकरदुर्ग /दुर्ग संभाग के संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा 15 जुलाई 2023 को अपरान्ह दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया गया। विश्वविद्यालय के निर्वृत्तमान कुलपति डॉ दक्षिणकर ने उन्हें अपना पदभार दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री सोनवाने, वित्त अधिकारी श्री काले, विभिन्न कॉलेज के अधिष्ठाता श्री मुखर्जी, श्री दत्ता, श्रीमती गुप्ता एवं अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। पदभार ग्रहण पश्चात संभागायुक्त एवं कुलपति श्री महादेव कावरे एवं निर्वृत्तमान कुलपति श्री दक्षिणकर द्वारा वृक्षारोपण किया गया।विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ पशुपालन विकास के लिए भी करे प्रेरित - कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेज के अधिष्ठाताओ द्वारा श्री दक्षिणकर द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य की प्रशंसा की गई साथ ही विश्वविद्यालय के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान में के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसके पश्चात श्री महादेव कावरे, कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में भी शासन की महत्वपूर्ण योजना नरूवा गरुवा घुरुवा बाड़ी के लिए भी काफी सहयोग किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी अनुसंधान, अधोसंरचना एवं विद्यार्थियों की शिक्षा के क्षेत्र में भी अनवरत रूप से विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे साथ ही पशुपालन क्षेत्र में बनाई गई योजना का लाभ शहर से गांव के अंतिम छोर में रहने वाले किसानों एवं हितग्रहियों को मिले इस योजना से ही निरंतर कार्य किया जावेगा।टीम वर्क के रूप में किए जाने वाले कार्य से मिलती है सफलता - श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि किसी भी टीम की सफलता में टीम के कैप्टन के साथ साथ सभी खिलाड़ियों का योगदान होता है उसी प्रकार विश्वविद्यालय में भी सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम के रूप में मिलकर कार्य करेंगे जिससे कि विश्वविद्यालय को प्रदेश ही नहीं देश में नई ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है।विश्वविद्यालय के विभिन्न उपलब्धियों के लिए सहयोगियों को दिया धन्यवाद - किसी भी शोध का लाभ समाज के लोगो को अवश्य होना चाहिए। निर्वृत्तमान कुलपति श्री दक्षिणकर ने अपने उद्बोधन में कर्मचारियों को विश्वविद्यालय को प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिष्ठाता, प्राध्यापको एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया उन्होंने सोनकुकरी नस्ल एवं पोशली नस्ल, फाडर कैफेटेरिया के अनुसंधान में मिले उपलब्धि के लिए भी धन्यवाद एवं बधाई दी। श्री दक्षिणकर ने अधिष्ठाताओं एवं प्राध्यापको को कहा की शोध इस प्रकार का हो कि किसी शोध का लाभ समाज को मिले। इसके साथ ही उद्यमिता विकास एवं शिक्षा के अभिसरण से पशुपालन क्षेत्र में भी उपलब्धि प्राप्त किए जाने हेतु किए गए विशेष कार्य से अवगत कराया एवं इस हेतु अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
- रायपुर । कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रोद्योगिकी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने 17 जुलाई को मनाये जा रहे छ.ग. के पारंपरिक पर्व हरेली तिहार के अवसर पर आम नागरिकों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। हरियाली अमावस्या को मनाया जाने वाला हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है। इस दिन किसान भाई नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते है, जो हमारे कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हरेली पर्व का महत्व धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए पेड़-पौधे की महत्ता को भी प्रदर्शित करता है। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने नागरिकों एवं किसानों की खुशहाली की कामना की है। केबिनेट मंत्री श्री साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा तीन वर्ष पूर्व 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत हरेली तिहार के दिन से गोबर खरीदी कार्य की शुरुआत की की गई थी। इससे ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत हो रही है। इस योजना से गौ पालक एवं महिला स्व-सहायता समूह को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। केबिनेट मंत्री ने कहा है कि गत वर्ष 2022 में हरेली तिहार के दिन प्रदेश सरकार द्वारा 4 रु प्रति लीटर की दर से गो मूत्र की ख़रीदी अभियान की शुरुआत की थी । इससे पशुधन संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है साथ ही जैविक खेती को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
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--छत्तीसगढ़ के कलाकारों से की भेंट-मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के कलाकारों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कार्यक्रम में पद्मश्री पुरुस्कार विजेता, राज्य पुरुस्कार विजेता, लोक कलाकार, फ़िल्म आर्टिस्ट, तकनीशियन और निर्माता - निर्देशकों से मुलाकात कर विभिन्न मुददों पर चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ख्यातिलब्ध कलाकार यहां उपस्थित हैं, आप सबका मैं स्वागत अभिनंदन करता हूँ। आया हूँ तो आप सबके साथ सेल्फी खिचवाऊंगा। छत्तीसगढ़ राज्य के सांस्कृतिक एवं पारंपरिक धरोहरों को बचाने और संवारने में कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है।मुख्यमंत्री ने नाचा के पुरोधा स्वर्गीय हबीब तनवीर, चन्दैनी गोंदा के संस्थापक स्व. खुमान साव का स्मरण करते हुए उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा लोक कला के जरिए छत्तीसगढ़ को विशेष पहचान दिलाई। इस मौके पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, पद्मश्री श्री भारती बंधु, पद्मश्री श्री मदन चौहान, पद्मश्री श्री उषा बारले, निर्माता निर्देशक श्री मनोज वर्मा, श्री सतीश जैन, श्रीमती रजनी रजक समेत प्रदेशभर के कलाकार उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि कलाकार जब अपनी प्रस्तुति देते हैं तो वह समाज की जनभावना को रेखांकित और प्रस्तुति के माध्यम से अभिव्यक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि लोक विधा कर्मा के अनेकों शैलियां प्रचलित हैं, अनेक विधाओं में नई शैलियां कलाकारों ने निकाली हैं। छत्तीसगढ़ में गायी जाने वाली पंडवानी पूरे देश में नहीं गायी जाती। भरथरी, पंथी जैसी विधाओं को अंतर्राष्ट्रीय पहचान देने का काम हमारे छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खानपान, हमारी बोली भाखा, संगीत, गीत, नृत्यशैली सबको उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक जोड़ने का काम कलाकारों ने किया है। जब एक दौर था जिसमें नाचा मशाल जलाकर किया जाता था। फिर माईक सेट का दौर आया। उन्होंनेे कहा कि रायगढ़ में राष्ट्रीय रामायण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राम वन गमन परिपथ को विकसित करने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के हर विकासखण्ड मुख्यालय में मॉडल जैतखाम बनाने की बात दोहराई।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अपने बचपन से जुड़े अपने अनुभव भी सुनाए। उन्होंने कहा कि मेरा बचपन कलाकारों से जुड़ा रहा, लोक कला के ज्यादातर विधाओं का प्रभाव मेरे जीवन में पड़ा। छत्तीसगढ़ की पहले जब चर्चा होती थी तो नक्सल घटना, जवानों की शहादत की खबरें आती थी। अब यहां की संस्कृति और परंपरा की चर्चा होती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई, कलाकारों को भी इसका लाभ मिल रहा है, मुझे इसकी खुशी है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, हमने अरपा पैरी के धार को राजगीत बनाया। तीज-तिहार की छुट्टियां घोषित की, अब सब तीज-तिहार मना रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जेब में पैसा रहता है तो तीज-तिहार का आनंद ही अलग होता है, इसलिए हमने किसानों को उऋण किया और अब समय-समय पर विभिन्न योजनाओं का पैसा भी दे रहे हैं। पहले लोग बोरे बासी खाने में संकोच करते थे, लेकिन अब श्रमिक दिवस 1 मई को बोरे-बासी दिवस घोषित करने के बाद से सब लोग न केवल बोरे-बासी खाते हैं बल्कि सोशल मीडिया में फ़ोटो भी अपलोड करते हैं। - राजनांदगांव । डोंगरगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय शराब तस्करी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मध्यप्रदेश की 48 बोतल विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी गुरुद्वारा रोड मानगो जिला पूर्वी सिंहभुम टाटा नगर झारखंड निवासी रंजन सिंह (34 वर्ष) है जो हाल में डोंगरगढ़ कुम्हारपारा में रहता है। आरोपित अपने एक साथी के साथ मोटर साइकिल से महाराष्ट्र बार्डर के रास्ते से बोरतलाव होकर डोंगरगढ़ की ओर आ रहा था। इसकी सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ थाना प्रभारी राम अवतार ध्रुव ने अपनी टीम के साथ बोरतलाव रोड में नाकाबंदी की, जिसे देख आरोपी रंजन सिंह का भांजा आरोपी गुरवीराज सिंह अपने मामा को उतारकर भाग गया। पुलिस ने आरोपी रंजन सिंह के पास से दो थैला में शराब बरामद की। जिसे आरोपी अपने भांजे के साथ मध्यप्रदेश से लेकर आ रहे थे। फरार आरोपी को पुलिस तलाश रही है।
- राजनांदगांव । मारपीट कर चाकूबाजी करने वाले तीन आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना देर रात साढ़े 12 बजे की है। जब चिखली वार्ड सात निवासी देवेश रेड्डी अपने दोस्त दीनदयाल चंदेल के साथ घर लौट रहे थे। देवेश बार में काम करता है। पुराना रेस्ट हाउस के पास बाइक खराब होने से वे खड़े थे, तभी आरोपित शंकरपुर निवासी कौशेंद्र साहू (20 वर्ष), स्टेशन पारा वार्ड आठ निवासी मोहम्मद सोहेल (30 वर्ष) और स्टेशन पारा वार्ड 11 में रहने वाला मोहम्मद सोहेब रजा (26 वर्ष) अपने दोस्त आरोपी कालू सेन व अन्य साथियों के साथ रेस्ट हाउस के पाए अाए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर चाकू से जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की। चाकू से भी वार किया, जिससे देवेश के कमर के नीचे और दीनदयाल के पैर में गंभीर चोट लगी है। दोनों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रार्थी देवेश की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें जुर्म कबुल करने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों से लोहे का धारदार चाकू बरामद किया। जिसके बाद आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने कहा कि प्रकरण के अन्य आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की टीम आरोपितों की पता तलाश में जुटी है।
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-सभी बीमारियों से बचाव के लिए अंधविश्वास की बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें - डाॅ. दिनेश मिश्र
रायपुर / अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति हरेली पर विशेष जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसमें जादू टोने के संबंध में टोनही प्रताडऩा के विरोध में जागरूक करने, टोनही प्रताडऩा के विरोध में शपथ, गांव के निर्जन स्थानों में रात्रिभ्रमण, अंधविश्वास पर पम्पलेट वितरण किया जाएगा, टोनही प्रताडऩा के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर वितरित किए जायेंगे तथा यह पोस्टर ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए जायेंगे। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति भ्रमण कर ग्रामीणजनों से सम्पर्क करेगी.
डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उसम, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारकों बैक्टीरिया व कीटाणु अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते है। गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ जाती है। जिससे गांव गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए साफ-सफाई,सावधानी, मास्क पहिनना, सोशल डिस्टेन्स रखना ,बार बार हाथ धोना अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे।
डाॅ. मिश्र ने कहा पिछले कुछ वर्षो से यह देखा जा रहा है कि हरेली अमावस्या को दिन में भी बच्चे व कई लोग जादू-टोने व नजर लगने से बचने के लिए नीम की टहनी, साइकिलों, रिक्शे व गाड़ियों में लगातार घूमते दिखाई देते है। पालकों व शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वास से बचने की सलाह देना चाहिए। नीम की टहनी तोड़-तोड़कर वृक्ष को नुकसान पहुंचाने के बजाय घर के आसपास नीम के पौधे लगाये ताकि वातावरण शुद्ध हो। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है ।
डाॅ. मिश्र ने कहा हरेली अमावस्या पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने, टोनही की मान्यता के विरोध में जरूरी चलाया जा रहा ‘‘कोई नारी टोनही नहीं अभियान’’ जारी रहेगा। जिसमें टोनही, भूत-प्रेत का खौफ मिटाने के लिए व भ्रम दूर करने के लिए समिति के सदस्य रात्रि में भ्रमण कर ग्रामीणों से सम्पर्क कर भ्रम व अंधविश्वास दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करेंगे । - - चिचोला पुलिस ने नाकाबंदी कर झिंझारी रोड पर पकड़ी शराब की तस्करीराजनांदगांव। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश से शराब की तस्करी का मामला अभी तक थमा नहीं है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद भी सीमा पार से शराब की तस्करी जारी है। एक ऐसे ही मामले में चिचोला पुलिस ने नाकाबंदी कर कार्रवाई की है, जिसमें दुर्ग संतरा बाड़ी के दो आरोपी शराब तस्करों को का में मध्यप्रदेश के खरगोन से 13 पेटी विदेशी शराब की तस्करी करते पकड़ा है। आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि बेमेतरा बेरला के ग्राम कोहड़िया में रहने वाले आरोपी मुकेश वर्मा (32 वर्ष) शराब मंगाई है। जिसके बाद पुलिस ने शराब मंगाने वाले आरोपी मुकेश वर्मा को भी गिरफ्तार किया है।चिचोला पुलिस चौकी प्रभारी उमेश बघेल ने बताया कि देहात क्षेत्र में गश्त के दौरान ग्राम बागरेकसा व मड़ियान के रास्ते से कार में बड़ी मात्रा में शराब लेकर मक्काटोला की ओर आने की सूचना मिली। जिसके बाद थाना बोरतलाब, बागनदी, डोंगरगढ़ और छुरिया में नाकाबंदी पाइंट लगवाकर ग्राम मक्काटोला चौक के पास भी नाकाबंदी की गई। संदेही कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपित भागने लगे। जिसे घेराबंदी कर पकड़ा। कार में सवार दुर्ग संतरा बाड़ी वार्ड 26 निवासी आरोपी सुधाकर बनवासी (45 वर्ष) और आरोपी भूपेंद्र अहिर (30 वर्ष) को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। कार की पीछे सीट आश्र डिक्की में 13 कार्टून में खरगोन मध्यप्रदेश निर्मित विदेशी शराब थी। पुलिस ने शराब को जप्त कर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं शराब मंगाने वाले आरोपी मुकेश वर्मा को भी गिरफ्तार कर पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है। आरोपितों के पास से पुलिस ने कार के अलावा एक मोबाइल फोन जप्त किया है।
- - विमोचन कार्यक्रम में अनेक महत्वपूर्ण हस्तियां थी मौजूदरायपुर / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन द्वारा लिखित आत्मकथा बैटल नॉटयटओवर का विमोचन आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष श्री ऋतुराज अवस्थी और ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री वी गोपाल गौडे ने किया।मूल रूप से उड़िया भाषा में लिखी गई इस आत्मकथा का अंग्रेजी में अनुवाद प्रसिद्ध लेखक और अकादमी पुरस्कार विजेता प्रोफेसर भगवान जय सिंह ने किया है। केन्द्रीय साहित्य अकादमी के सचिव श्री के श्रीनिवास राव, प्रख्यात लेखक प्रो.डॉ.विजयानंद सिंह समेत कई गणमान्य हस्तियां, मीडियाकर्मी और दिल्ली के गणमान्य नागरिक मौजूद थे. इंडियन कॉन्फ्रेंस आफ इंटेलेक्चुअल द्वाराइस सेमिनार का आयोजन किया गया था।इस अवसर पर श्री हरिचंदन ने कहा कि इस आत्मकथा में उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और उनसे मिली सीख को साझा किया है। उन्होंने कहा कि मेरे रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की प्रेरणा से यह पुस्तक इस रूप में सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता स्वर्गीय श्री परशुराम हरिचंदन की देशभक्ति से प्रेरित थे • उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया। राज्यपाल ने कहा कि वह जिस भी पद पर रहे, उन्होंने हमेशा न्याय के लिए काम किया और अन्याय के खिलाफ मुखर रहे। पुस्तक में उनके राजनीतिक संघर्षों, आपातकाल के दौरान संघर्ष, उस समय ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य, लोगों के कल्याण के लिए मंत्री के रूप में उनके द्वारा की गई पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इस सेमिनार को डॉ विजयानंद सिंह ने संबोधित किया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राज्यपाल श्री हरिचंदन की पुस्तक के बारे में दिए गए संदेश को पढ़ा।सेमिनार को ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री गोपाल गावड़े, राष्ट्रीय कानून आयोग के अध्यक्ष श्री ऋतुराज अवस्थी, ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशश्री विश्वनाथ रथ, श्री भगवान जय सिंह, और श्री श्रीनिवास राव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री हरिचंदन का अभिनंदन भी किया गया।
- रायपुर, / शैक्षणिक संस्थाओं में सड़क सुरक्षा के नियमों का सुनिश्चितीकरण कराने के लिए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। इस संबंध में आवश्यकतानुसार नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही करने कहा गया है। जिससे स्कूली विद्यार्थियों के यातायात में जोखिम और दुर्घटना की संभावना शून्य हो सके।छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखने में आ रहा है कि विशेषकर शहरों में मोपेड़, दो पहिया वाहन, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, मिनी बस आदि में ओवरलोड होकर स्कूली विद्यार्थियों की आवाजाही हो रही है। वाहनों में क्षमता से अधिक संख्या में लटककर विद्यार्थी आवागमन कर रहें है। इसके पीछे शैक्षणिक संस्थाओं, वाहन मालिकों, चालकों, पालकों एवं स्वयं विद्यार्थियों द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात के सामान्य नियमों एवं मानदंडों का पालन नही किया जाना मुख्य कारण हैं। अक्सर ऐसी चुकें स्कूली विद्यार्थियों के लिए यह जानलेवा भी साबित होती रही है।इस परिपेक्ष्य में स्मरण हो कि पूर्व में भी मुख्य सचिव द्वारा सड़क दुर्घटना रोकने, सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंधन करने, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक और समीक्षा नियमित रूप से करने, सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के उपाय और प्रयास तथा सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के संबंध में निर्देश दिए गए है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश पर राज्य में अंतरविभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के माध्यम से सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है।अतः जिलों में खासकर शहरी और नगरीय इलाकों में स्कूली विद्यार्थियों को जोखिमपूर्ण दुर्घटना से बचाने की दिशा में परिवहन, पुलिस, शिक्षा, उच्च शिक्षा, नगरीय विकास, जनसम्पर्क विभाग सहित संबंधित हितधारकों जैसे- शाला प्रबंधन समिति, पालक समिति, स्काउट एवं गाईड, एनसीसी, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों, निजी शैक्षणिक संस्थाओं आदि के संयुक्त प्रयासों के साथ एक सुदीर्घ कार्ययोजना एवं रणनीति बनाकर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसकी समयबद्ध तरीके से मानिटरिंग भी होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही भी की जाए, जिससे स्कूली विद्यार्थियों के यातायात में जोखिम और दुर्घटना की संभावना शून्य हो सके।

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