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- गुरूवार को सुकमा जिले में आईईडी ब्लास्ट में घायल हुई थी महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गाचिकित्सकों को इलाज का बेहतर प्रबंध करने के निर्देशरायपुर/ सुकमा जिले में गुरुवार को आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल जिला पुलिस बल की महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां रायपुर स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से चर्चा की और कांस्टेबल सुश्री दुर्गा का हरसंभव बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने बताया कि सुश्री मुचाकी दुर्गा की स्थिति खतरे से बाहर हैं। गंभीर चोटों के कारण उन्हें स्वस्थ होने में समय लगेगा।गौरतलब है कि सुकमा जिले में डीआरजी और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त टीम के साथ महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन के लिए गोगुण्डा की पहाड़ी पर गयीं थी और जंगलों की ओर बढ़ रही थी। वहां नक्सलियों द्वारा लगाया गया एक प्रेशर इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सक्रिय अवस्था में था। अनजाने में उन्होंने आईईडी पर पैर रख दिया, जिससे हुए विस्फोट के चलते वह घायल हो गई। उनके पैर, हाथ, आंख और चेहरे पर चोट आयी, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रायपुर लाया गया था।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मुलाकात के दौरान उन्हें हौसला देते हुए उनके परिजनों से बात की। उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर सुश्री दुर्गा की बड़ी बहन मुचाकी करुणा से बात करते हुए शासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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मीलों की दूरी मिटा दी तकनीक ने—डिजिटल छत्तीसगढ़ की मानवीय मिसाल
भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त
छत्तीसगढ़ की डिजिटल व्यवस्था ने बनाया मुश्किल काम आसान
रायपुर/ डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली श्रीमती सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया।
विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी श्रीमती सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।
इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा
श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं।
डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — श्रीमती सोनम त्रिपाठी
श्रीमती सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया।
उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं।
डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।
सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है।
डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है।
छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय -
हेल्थकेयर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है अटल नगर
रायपुर/ स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।
नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं।
सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी।
मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।
उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है।
मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा। मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा।-वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी
नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय -
71.12 लाख रुपये के तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण और 1.21 करोड़ रुपये के हायर सेकंडरी स्कूल भवन का हुआ शिलान्यास
रायपुर/राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के
नगर पंचायत टुण्ड्रा में विकास का नया अध्याय लिखा। इस अवसर पीकर उन्होंने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का लोकापर्ण और शिलान्यास किया। टुण्ड्रा के हायर सेकंडरी स्कूल खेल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने 71.12 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हायर सेकंडरी स्कूल भवन का भी शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में चहुमुखी विकाश हो रहा है इसका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के किसान, महिला, युवा और व्यापारी सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं से उत्साह और संतोष का माहौल है। मंत्री ने कहा कि ये निर्माण कार्य क्षेत्र की प्रशासनिक क्षमता, शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूती प्रदान करेंगे। मंत्री श्री वर्मा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर तहसील कार्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा भी की।
इस अवसर पर सांसद जांजगीर-चांपा श्री कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहे। -
किसानों को मिल रहा त्वरित भुगतान
रायपुर/ धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन पूरी पारदर्शिता, सुगमता और मजबूत प्रशासनिक निगरानी के साथ सुचारू रूप से जारी है। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 उपार्जन केन्द्रों में कुल 1,27,851 किसानों द्वारा 1,19,541.09 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है, जिनमें 76,046 सीमांत, 49,493 लघु और 2,312 दीर्घ किसान शामिल हैं।
तेज़ी से हो रही खरीदी, किसानों को हर दिन भुगतान
15 से 28 नवम्बर 2025 के बीच 17,580 किसानों से 81,704.52 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीदी गई उपज का कुल मूल्य 193.86 करोड़ रुपये है, जिसका निर्वहन प्रतिदिन नियमित रूप से किसानों के खातों में किया जा रहा है।
100 केन्द्रों पर नोडल अधिकारी—व्यवस्था और पारदर्शिता पर पैनी नजर
जिले ने खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारी हर सप्ताह स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल रहे।
कोचियों पर नकेल—अवैध भंडारण व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई
अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग का संयुक्त उड़नदस्ता दल सक्रिय है। उड़ीसा सीमा से सटे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद और सांकरा चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है।अब तक अवैध परिवहन/भंडारण के 28 प्रकरण दर्ज, कुल 1,253 मीट्रिक टन धान और दो वाहन जप्त किए गए हैं। कार्रवाई निरंतर जारी है।
कस्टम मिलिंग में गति
विपणन वर्ष 2024-25 में अर्जित धान की मिलिंग हेतु जिले में 102 राइस मिलों का पंजीयन हुआ है। इनमें से 55 मिलों को 2,51,552 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है, जबकि 1,99,248 मीट्रिक टन का अनुबंध पूरा किया जा चुका है।
शिकायतों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय
कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 11 में जिले का कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित है। अभी तक प्राप्त 17 में से 14 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष 3 पर कार्यवाही जारी है।इसके लिए
07722-232808 पर सम्पर्क किया जा सकता है। धमतरी जिला प्रशासन किसानों को सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। -
प्रधानमंत्री आवास योजना अपूर्ण मकानों को पूर्ण दर्शाने के मामले में कार्रवाई
रायपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों की निर्माण की स्थिति की गलत रिपोर्टिंग के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इस मामले में दोषी पाए गए 4 ग्राम पंचायतों के आवास मित्रों एवं एक ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जिला प्रशासन ने इस मामले कड़ा रूख अपनाते हुए जनपद पंचायत के कई अन्य अधिकारियों सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद के निर्देशानुसार योजना अंतर्गत निर्मित आवासों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के लिए जिला स्तरीय टीम को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। टीम ने ग्राम पंचायत खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल का दौरा कर आवासों की स्थिति की विस्तृत जांच की।
निरीक्षण में पाया गया कि कुछ हितग्राहियों के आवास अभी भी अपूर्ण अवस्था में थे, जबकि आवास मित्र एवं रोजगार सहायकों द्वारा अन्य व्यक्तियों के आवास का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखाया गया था। इस गलत रिपोर्टिंग को गरियाबंद कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा ग्राम पंचायत धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इसके साथ ही आवास निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण; तकनीकी सहायक (मनरेगा); तथा ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल एवं धोबनमाल के सरपंच/सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तकनीकी सहायक को बिना परीक्षण किए जियोटैगिंग के सत्यापन में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।
कलेक्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और सख्त किया जाएगा। - -असुरक्षित कार्यप्रणालियों पर निर्णायक कार्रवाईभिलाई नगर । सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र में विगत दिनों कार्यस्थल पर हुई मृत्यु तथा कर्मियों की चोटिल होने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए संयंत्र के शीर्ष प्रबंधन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित कार्य एवं असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह आगे भी कड़ाई से लागू रहेगी।इसी संदर्भ में दुर्घटना-जनित परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूक की गंभीरता को देखते हुए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। जिसके अंतर्गत सिंटर प्लांट–3 के एक महाप्रबंधक तथा उर्जा प्रबंधन विभाग के एक महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालकों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं तथा प्लेट मिल के दो महाप्रबंधक को एडवाइजरी पत्र प्रदान किए गए हैं।सभी घटनाओं का मूल कारण विश्लेषण किया गया है, ताकि प्रत्येक पहलू का तथ्यपरक मूल्यांकन हो सके। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएँ पुनः न हों, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।संयंत्र प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना प्रत्येक स्तर पर सामूहिक उत्तरदायित्व है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- -कलेक्टर विनय लंगेह के औचक निरीक्षण में पाए गए थे अनुपस्थितमहासमुंद / वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पांडेय द्वारा वनरक्षक श्री शनि ठाकुर परिसर रक्षी, भलेसर बागबाहरा को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू रूप से संपादन हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला महासमुन्द के आदेश के द्वारा आपकी ड्यूटी चेक पोस्ट खट्टी में लगाई गई है। किन्तु आज दिनांक तक कर्तव्य स्थल में उपस्थित नहीं हुए हैं। आपका यह कृत्य वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही को दर्शाता है। आपके द्वारा बरती गई कदाचरण हेतु आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा)के तहत आवश्यक कार्यवाही किये बाबत् संदर्भित पत्र प्राप्त हुए हैं।अतः आप आज दिनांक तक चेक पोस्ट खट्टी में उपस्थित नही होने के संबंध में औचित्यपूर्ण कारणों का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण 03 दिवस के भीतर उचित माध्यम से प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। स्पष्टीकरण असंतोषजनक अथवा नियत समय सीमा के भीतर प्राप्त नही होने की स्थिति में आपके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। जिसके लिए आप व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। साथ ही निर्देशित किया जाता है कि पत्र प्राप्ति के तत्काल चेक पोस्ट खट्टी में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।उल्लेखनीय है कि गत दिवस कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा खट्टी चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया था। जिसमें शनि ठाकुर बिना वैध कारण के अनुपस्थित पाए गए थे।
- दंतेवाड़ा जिले में निष्क्रिय खातों के हकदारों को 0.72 करोड़ रुपए की राशि वापसी, में बड़ी सफलतादंतेवाड़ा, । जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को पुनः सक्रिय करने और नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए ( 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक) सभी ब्लॉकों में विशेष शिविर आयोजित के तहत कार्यषाला का आयोजन किया गया। डीईएएफ (जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष) योजना के तहत चल रहे इन कैंपों का उद्देश्य पिछले दस वर्षों से बंद पड़े खातों का त्वरित, पारदर्शी और सरल निपटान करना हैं।कार्यषाला में अभियान ’’आपकी पूंजी, आपका अधिकार के तहत निष्क्रिय बैंक खातों में जमा राशि वापस दिलाने में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अब तक जिले में 0.72 करोड़ रुपए की राशि हकदारों को लौटा दी गई है। जिला प्रशासन की सक्रियता और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता शिविरों के फलस्वरूप ऐसे खातों की पहचान की गई है, जिन पर वर्षों से कोई दावा नहीं किया गया था। इन निष्क्रिय खातों में कुल 12 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दर्ज है, जिसे हकदारों तक पहुंचाने के लिए दस्तावेज सत्यापन एवं दावा प्रक्रिया तेज गति से जारी है। अभियान के दौरान बैंकवार रिपोर्ट में सबसे अधिक निष्क्रिय उपभोक्ता भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े हुए पाए गए। शिविरों में 150 से अधिक नागरिक पहुंचे, जिनके दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके दावों का तत्काल निपटान किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। आधार, पैन सत्यापन, दावा फॉर्म भरने तथा निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने की पूरी प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूर्ण कराई गई।इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के महाप्रबंधक श्री गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक जगदलपुर श्री मोहित सिंगल, अग्रणी बैंक अधिकारी दंतेवाड़ा श्री शिवराम बघेल सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार / जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु ‘वाटरशेड महोत्सव’ का आयोजन बुधवार को कसडोल में किया गया।वाटरशेड महोत्सव आयोजन के दौरान माइक्रो वॉटरशेड मटिया में पानी की पाठशाला, संविधान शपथ, प्रभात फेरी, श्रमदान अंतर्गत साफ़- सफ़ाई, लोकार्पण , वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य रामकुमार टंडन, वाटरशेड कमेटी के अध्यक्ष, सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।परियोजना अधिकारी द्वारा जल ग्रहण प्रयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात जनप्रतिनिधियों के द्वारा वाटरशेड महोत्सव तथा जलग्रहण के विकास कार्यों की सराहना करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।बताया गया कि वाटरशेड महोत्सव में उत्कृष्ट रीलेप्रतियोगिता में रील श्रेणी के विजेता को 50,000 रुपए तथा फोटोग्राफी श्रेणी के विजेता को 1,000 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगी। प्रतिभागी जल संचयन संरचनाओं, बागवानी, कृषि वानिकी, सहित अन्य वाटरशेड योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं एवं उनके लाभों पर आधारित 30–60 सेकंड की रील,वीडियो बना सकते हैं।कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी नारद कुमार भारद्वाज, तकनीकी विशेषज्ञ शुभम किंडो , सर्वेयर गेस राम, डब्ल्यूटी शदीपक सिंह चौहान, सालिक राम यादव, सरिता साहू, रिखी राम वर्मा एवं समस्त वाटरशेड समिति सचिव एवं स्व सहायता समूह के. सदस्य उपस्थित रहे।
- -अब तक 730 युवाओं ने सीखी डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेनदेन और साइबर सुरक्षा वित्तीय साक्षरताबलौदाबाजार / वर्तमान समय में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। आम नागरिकों को इन खतरों से बचाने और उन्हें वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर दीपक सोनी की पहल पर जिला-स्तरीय "अर्थशाला" (फाइनेंस लैब)। यह फाइनेंस लैब आम नागरिकों को साइबर खतरों से बचाव,आधुनिक वित्तीय प्रणाली, सुरक्षित लेनदेन के तरीके, डिजिटल बैंकिंग के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। जिला फाइनेंस लैब पण्डित चक्रपाणि शुक्ल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलौदाबाजार में 2 नवम्बर नवम्बर 2025 से संचालित है।एक महीने से भी कम समय में लगभग 730 युवा इस फाइनेंस लैब से जुड़ चुके हैं जो इसकी सफलता को परिलक्षित करता है। इस लैब के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को समझने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार विकसित करने के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ी है।फाइनेंस लैब की मुख्य उद्देश्य-फाइनेंस लैब का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय शिक्षा से जोड़ना है। आज के समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है — वित्तीय साक्षरता और व्यावहारिक समझ भी उतनी ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ फाइनेंस लैब को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छात्र, युवा और जिले के नागरिक खेलों, गतिविधियों और नवाचार आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को आसानी से सीख सकें।फाइनेंस लैब की अवधरणा- यह एक ऐसा समर्पित स्थान या प्लेटफॉर्म है जो छात्रों, निवेशकों या आम जनता को वास्तविक जीवन के वित्तीय परिदृश्यों और उपकरणों के साथ अभ्यास करने का अवसर देता है।यह बजट बनाने, बचत करने, बीमा लेने और निवेश करने के बारे में सूचित और विचारशील निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देता है।वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और आर्थिक नियोजन जैसे जीवन-भर काम आने वाले कौशल सीख सकते हैं।फाइनेंस लैब में बिजनेस और स्टार्ट अप में रुचि लेने वाले विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए लक्ष्य क़क्ष, आकांक्षा क़क्ष ,उड़ान क़क्ष इत्यादि निर्मित है जहाँ हर ज़रूरी पहलू पर युवाओं का मार्गदर्शन किया जाएगा।यहाँ ग्रुप एक्टिविटीज के माध्यम से ऑक्शन प्रक्रिया की भी जानकारी मिलेगी। ग्रामीण अंचल के युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करने के लिए काफ़ी फायदेमंद है ।फाइनेंस लैब के लाभ-नागरिक सही वित्तीय और डिजिटल लेनदेन के तरीके सीख सकेंगे।साइबर फ्रॉड, फ़िशिंग, एटीएम स्कैम और फर्जी निवेश जैसे जाल से बचाव में मदद मिलेगी। लोग सही निवेश और वित्तीय प्रबंधन सीख सकेंगे।वित्तीय साक्षरता से ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को मजबूती मिलेगी।युवाओं को नई तकनीक एवं सुरक्षित वित्तीय सेवाओं से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।बलौदाबाजार की यह पहल पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी।
- -कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्नबलौदाबाजार, /कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की तिमाही बैठक संयुक्त जिला कार्यालय के सभाक़क्ष में सम्पन्न हुईं। बैठक में बैंको के क्रेडिट रेशियो सहित विभिन्न योजनाओं के तहत बैंको में लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाले योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी से प्रगति लाने के लिये बैंक अपने दावा निपटान प्रक्रिया को सुगम बनाएं। बैंक में आने वाले हितग्राहियों एवं आम जनता के साथ सकारात्मक व्यवहार रखते हुए बैंक की छवि बेहतर बनाएं। वर्तमान में समर्थन मूल्य में धान खरीदी जारी है किसान धान बेचकर अपनी जमा राशि निकासी के लिये बैंक एवं एटीएम जायेंगे, इस दौरान बैंको एवं एटीएम में पर्याप्त करेंसी उपलब्ध हो। बैंको में भीड़ को सुव्यवस्थित करने रणनीति बनाएं। इसीतरह वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा हेतु अलग काउंटर बनाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियो को भी निर्देशित किया कि बैंक सम्बंधित कार्यों के समन्वय के लिये एक कोर्डिनेटर नामित करें। कोआर्डिनेटर बैंक द्वारा आवेदनों के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही या निरस्तीकरण की लिखित जानकारी प्राप्त करें ताकि आवेदनों की कमी को पूरा कर पुनः स्वीकृति हेतु भेजा जा सकें।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में तहत हितग्राही के बैंक खाता में जमा राशि को बैंको द्वारा ऋण वसूली के लिये काटे जाने की शिकायत पर स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि योजना के तहत जारी राशि को ऋण वसूली के लिए न काटा जाए।आर बी आई के प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि आरबीआई द्वारा अपना पूंजी अपना अधिकार शिविर के माध्यम से जमकर्ताओ के निष्क्रिय खातो में जमा राशि को उनके वैध वारिसानों को भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के साथ सतत संपर्क बनाए रखें और खाते को जारी रखने प्रोत्साहित करें।बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, लीड बैंक. मैनेजर प्रतीक आनंद सहित विभागीय अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के अधिकारी उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार /कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सोनी के निर्देश पर एसआईआर कार्य में रूचि नहीं लेने,डिजिटाईजेशन की प्रगति में कमी एवं गणना पत्रक को बीएलओ एप्प के माध्यम से आंनलाइन एन्ट्री का कार्य नहीं करने पर तीन शिक्षकों क़ो निलंबित कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखंड पलारी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बम्हनी में पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी प्रितम कुमार ध्रुव द्वारा निर्वाचन नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 हेतु गणना पत्रक वितरण, वापसी पश्चात गणना पत्रक को बीएलओ एप्प के माध्यम से आंनलाइन एन्ट्री का कार्य नहीं करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पलारी में नियत किया गया है।इसी प्रकार विकासखण्ड भाटापारा अंतर्गत ईतवारी राम यादव शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भाटापारा में पदस्थ शिक्षक अजय प्रकाश बंजारे एवं शासकीय प्राथमिक शाला निपनिया में पदस्थ सहायक शिक्षक द्रोपति ध्रुव को एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति लापरवाही एवं उच्च कार्यालय द्वारा दियेे गये आदेशों का अवहेलना पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 ख (2) तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होने के फलरूवरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 नियम 9(1) के खण्ड(क) के तहत निलंबित कर मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी भाटापारा में नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता क़ी पात्रता होगी।
- -जिला अस्पताल बलौदाबाजार बना देश का दूसरा क्वालिटी सर्टिफाइड लैबबलौदाबाजार। बलौदाबाजार भाटापारा जिले ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बनी है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित लैब सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमाणित करती है। जिले को मिली इस उपलब्धि के लिये जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं कलेक्टर दीपक सोनी ने बधाई दी है।बलौदाबाजार की आईपीएचएल का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। टीम ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। मूल्यांकन उपरांत बलौदाबाजार आईपीएचएल को 88% स्कोर के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। यह स्कोर स्वास्थ्य गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।बलौदाबाजार की IPHL भी सेवा गुणवत्ता के मामले में तेजी से उभरती हुई लैब है। यहां प्रतिदिन 1,000 से 1,200 जांचें की जाती हैं और 100 से अधिक प्रकार की लैब टेस्टिंग उपलब्ध है। लैब में अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित तकनीशियनों और समयबद्ध रिपोर्टिंग की वजह से जिले के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अब जांच के लिए शहर या निजी लैब्स में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे न केवल जांच की गति और विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि लोगों को महंगी निजी जांच लैब्स पर अनावश्यक निर्भरता से भी राहत मिलती है। एकीकृत मॉडल होने के कारण, मरीजों को एक ही स्थान पर किफायती और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो पाती है। NQAS के मानकों में साफ-सफाई, सुरक्षा, रोगी संतुष्टि, रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी गुणवत्ता, उपकरण कैलिब्रेशन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और स्टाफ क्षमता निर्माण जैसे बिंदुओं का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। दोनों लैब्स ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि अर्जित की है।
- -समय पर टोकन भी कटा सुविधा देखकर संतुष्ट हुएरायपुर /धान विक्रय हेतु पहुंचे कृषक श्री संतोष यादव ने केंद्र की व्यवस्थाओं से संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों के हित में बेहतर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि “समय पर ऑनलाइन टोकन प्राप्त होना, बारदाना उपलब्धता, सुचारू तौल एवं खरीदी प्रक्रिया होने से हमें काफी राहत मिल रही है। वर्तमान शासन में किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है, इसके लिए मुख्यमंत्री जी को हृदय से आभार।”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप जशपुर जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में विगत दिवस कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बासनतला धान खरीदी केन्द्र में धान उपार्जन कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। कृषक श्री संतोष यादव का पुष्पमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा धान, तौल मशीन एवं सामग्री की विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक श्री संतोष गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार केंद्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। केंद्र में पेयजल सुविधा, बारदाना उपलब्धता, टोकन तथा तौल मशीनों की तकनीकी जांच जैसे सभी प्रबंध दुरुस्त रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में खरीदी कार्य की सतत् निगरानी की जा रही है, ताकि प्रत्येक किसान को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा जिले में धान खरीदी को पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं किसान हित में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी केंद्रों में अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं और व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
- भारी गन्दगी और साफ - सफाई का पूर्ण अभाव देखकर गहन नाराजगी व्यक्त की, तत्काल सफाई अभियान चलाकर कचरा, गन्दगी हटवाकर स्वच्छता कायम करने दिए सख्त निर्देशजोन 4 अधिकारी सम्बंधित ठेकेदार से इंडोर स्टेडियम में तत्काल स्वच्छता सुनिश्चित करवाएं,अन्यथा की स्थिति में ठेका निरस्त कर ठेकेदार को काली सूची में डालेंसभापति ने दिए सीवरेज लाईन चेम्बरों के टूटे हुए ढक्कनों को तत्काल सुधरवाने के निर्देशरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर पालिक निगम के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान इंडोर स्टेडियम परिसर में भारी गन्दगी और साफ - सफाई का पूर्ण अभाव देखकर सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने इस पर गहन नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सम्बंधित जोन 4 के कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह को इंडोर स्टेडियम बुलवाया और कार्यपालन अभियंता सहित निरीक्षण कर उन्हें तत्काल नगर निगम जोन 4 की टीम को इंडोर स्टेडियम में भेजकर सफाई अभियान चलाकर कचरा एकत्र करने और गन्दगी हटाकर इंडोर स्टेडियम में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता कायम करने के सम्बन्ध में सख्त निर्देश दिए.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह को निर्देश दिए कि नगर निगम जोन 4 इंडोर स्टेडियम में सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार से तत्काल अभियान चलवाकर स्वच्छता सुनिश्चित करवाए, अन्यथा की स्थिति में सम्बंधित ठेकेदार का ठेका तत्काल नियमानुसार कार्यवाही कर निरस्त किया जाकर उन्हें नगर निगम रायपुर की काली सूची में डालें. इंडोर स्टेडियम परिसर में गन्दगी और कचरा कदापि बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने निरीक्षण के दौरान इंडोर स्टेडियम परिसर में सीवरेज लाईन के चेम्बरों को खुला और उनके ढक्कन टूटे देखकर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल टीम लगाकर इंडोर स्टेडियम की सीवरेज लाईन के चेम्बरों के टूटे हुए सभी ढक्कनों को तुरंत सुधरवाकर लगवाया जाना जनहित में जनसुरक्षा की दृष्टि से सुनिश्चित करवाने कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया
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बालोद/जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज सुबह जिले के डौण्डी विकासखण्ड के उप स्वास्थ्य केंद्र पचेड़ा का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उप स्वास्थ्य केन्द्र में औषधि वितरण केन्द्र, चिकित्सक कक्ष, लेबर रूम आदि का निरीक्षण किया। इस मौके पर श्री चंद्रवंशी ने उप स्वास्थ्य केन्द्र में रखे गए स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों, दवाइयां आदि का भी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को चिकित्सालय में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
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बालोद/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान तहत प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत खरीफ 2024-25 से प्रारंभ किया गया है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 दलहन (अरहर, उड़द, मूंग) एवं रबी 2026-27 में दलहन (चना, मसूर), तिलहन (सरसों) फसल का कृषकों द्वारा समिति के माध्यम से 01 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2026 तक किए जाने का प्रावधान किया गया है। उक्त फसल उपार्जन हेतु कृषकों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बालोद जिले के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति सांकरा (ज), निपानी, लाटाबोड, पीपरछेडी, फागूनदाह, गुरूर, सनौद (पलारी), डौण्डी, चिखलाकसा, डॉडीलोहारा, सुरेगांव, देवरी, नाहंदा, गुण्डस्देही, अर्जुन्दा, भाठागांव (ब), कसौदा का उपार्जन केन्द्र अधिसूचित किया गया है। उन्होेने जिले के किसानो से अरहर, उड़द, मूंग, चना, मसूर एवं सरसों का फसल रकबा का पंजीयन नजदीकी उपार्जन केन्द्रों में एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन सुनिश्चित करने की अपील की है।
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दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए विधानसभा क्षेत्र 67 अहिवारा अंतर्गत श्री चन्द्रशेखर कंवर नायब तहसीलदार के स्थान पर श्रीमती योगिता बंजारे नायब तहसीलदार अहिवारा को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया है। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार श्रीमती बंजारे आयोग के निर्देशानुसार एवं विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 67 अहिवारा के मार्गदर्शन में समय-सीमा में कार्य सम्पादित करना सुनिश्चित करेंगी।
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दुर्ग/ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत शुक्रवार 28 नवम्बर को 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में 13257 किसानों से 70,178.32 मे. टन धान खरीदी की गई है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के अंतर्गत किसानों को सहुलियतें मिल रही है और वे निर्धारित तिथि अनुसार धान बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों के लिए समुचित प्रबंध की गई है। धान खरीदी हेतु केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था है।
- - किसान श्री वैभव ने धान खरीदी केन्द्र रामपुर में 75 क्विंटल धान का किया विक्रय- पिछले वर्ष धान विक्रय की राशि से खरीदा नया इलेक्ट्रानिक स्कूटर तथा सेकंड हैण्ड कार और पुराने घर को कराया रेनोवेशनराजनांदगांव । डोंगरगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र रामपुर में बेचने आए ग्राम जंगलपुर के किसान श्री वैभव कुमार ने राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सराहना की। किसान वैभव ने बताया कि वे मोबाईल एप्प से ऑनलाईन टोकन कटाकर धान उपार्जन केन्द्र रामपुर में 75 क्ंिवटल धान विक्रय किया है। उन्होंने बताया कि शासन की ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ एप्प और धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रानिक तौल मशीन उपलब्ध होने से उनका शीघ्रता एवं आसानी से धान बिक्री हो पाया इसके साथ-साथ धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से हुई है। उन्होंने धान खरीदी के लिए सरल प्रक्रिया और बेहतर व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है। इससे किसानों के श्रम और समय की भी बचत हो रही है। किसान श्री वैभव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि किसानों के वास्तविक उपज को खरीदने के लिए शासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के वास्तविक जरूरतों और उनकी मेहनत का सम्मान करते हुए 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी सराहनीय है। शासन धान उपज की बहुत अच्छी कीमत दे रही है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए पेयजल, छांव, विश्राम जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध है।किसान श्री वैभव ने बताया कि उनके पास 12 एकड़ जमीन है। जिसमें वे खरीफ सीजन में धान की फसल लिया था और बहुत अच्छी उपज मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी धान का विक्रय किया था। जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हुई थी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय की राशि से नया इलेक्ट्रानिक स्कूटर और सेकंड हैण्ड कार खरीदा है। इसके साथ ही पुराने घर का रेनोवेशन भी कराया है। उन्होंने कहा कि शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों की आर्थिक स्थिति अच्छी हो रही है और अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की धान खरीदी नीति से वे बहुत प्रसन्नचित हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया।
- - धान के बदले कम पानी उपयोग वाली फसल लेने के लिए किया गया प्रोत्साहितराजनांदगांव । जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत किसानों को ग्रीष्मकालीन फसल में धान के बदले कम पानी उपयोग वाली फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत मुसरा में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत मुसरा के ग्रामसभा में ग्रीष्मकाल में जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी मौसम में धान उत्पादन को पूर्णत: प्रतिबंध करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसकी जगह कम पानी उपयोग वाली अन्य दलहन-तिलहन फसल ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पानी बचाने के लिए ग्राम पंचायत में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायत में सामुदायिक सोख्ता का निर्माण किया जाएगा। वर्षा जल संचयन के लिए मिनी परकोलेशन टैंक, निजी सोकपीट का निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करने कहा गया। ग्राम सभा में नागरिकों को कम पानी की आवश्यकता तथा अधिक उत्पादन वाली फसलों के संबंध में जानकारी दी गई। धान के बदले कम पानी से लेने वाले फसल लेने वाले किसान को सम्मानित करने की बात कही गई।
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- चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आधी रात को जिले में अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए बनाए गए डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाव का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अन्य राज्यों से आने वाले सभी वाहनों की जांच कर रजिस्टर में एण्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध धान परिवहन की निगरानी करते हुए कार्रवाई निरंतर जारी रखें। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव को चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए। - बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में इस वर्ष शैक्षणिक विस्तार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष संस्थान में MD एवं MS की कुल 68 सीटें स्वीकृत थीं, वहीं इस सत्र में 21 नई सीटों की वृद्धि के साथ सिम्स में कुल सीट संख्या बढ़कर 89 हो गई है। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।सिम्स में नवीन MD कोर्सों की शुरुआत की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।फिजियोलॉजी विभाग और टीबी एंड चेस्ट विभाग को 4–4 सीटों के साथ नए MD पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने की मंज़ूरी मिल गई है। राज्य शासन द्वारा इन दोनों विषयों के लिए Essentiality Certificate (अनिवार्यता प्रमाण पत्र) जारी कर दिया गया है।टीबी एंड चेस्ट विभाग को पुनः मान्यता मिलने की प्रक्रिया तेजपूर्व में टीबी एवं चेस्ट विभाग को NMC ने अमान्य कर दिया था, क्योंकि विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पुनीत भारद्वाज का दुखद निधन हो गया था, जिसके कारण विभाग में प्रोफेसर-स्तरीय फैकल्टी का अभाव हो गया था।अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा इस विषय में NMC से पुनर्विचार हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात शासन ने डॉ. प्रतीक कुमार को पदोन्नत कर प्रोफेसर के पद पर नियुक्त कर दिया, जिससे विभाग फिर से NMC मानकों के अनुरूप हो गया है। इसी के आधार पर अब विभाग के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र भी प्राप्त हो गया है।मेडिसिन विभाग में सीट वृद्धिशासन ने मेडिसिन विभाग में संचालित MD कोर्स की क्षमता भी बढ़ाई है। पहले यहां 8 सीटें स्वीकृत थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 13 सीटें कर दिया गया है। इस विभाग के लिए भी अनिवार्यता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।अब विश्वविद्यालय एवं NMC की अंतिम प्रक्रिया शुरूसिम्स प्रशासन अब आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में इन तीनों विभागों—फिजियोलॉजी, टीबी एंड चेस्ट और मेडिसिन—के पाठ्यक्रम संबद्धता हेतु आवेदन प्रस्तुत कर रहा है।विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त होते ही इन विषयों के लिए NMC (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के समक्ष अंतिम अनुमोदन हेतु आवेदन भेजा जाएगा।इन नए कोर्सों और सीट वृद्धि से न केवल संस्थान की शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा—“नए MD कोर्सों की स्वीकृति और सीटों में वृद्धि सिम्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हमारे संस्थान की शिक्षा-व्यवस्था, संसाधनों और शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। हमने टीबी एंड चेस्ट विभाग के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी समय पर कदम उठाए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब हमारा ध्यान विश्वविद्यालय संबद्धता और NMC अनुमोदन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर है, ताकि छात्रों को जल्द ही इन विषयों में प्रवेश का अवसर मिल सके। हमारा लक्ष्य सिम्स को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करना है।”
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ में कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण क्षेत्र) के कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा समेत छह कर्मियों को सेवानिवृत्ति उपरांत विदाई दी गई। डंगनिया मुख्यालय स्थित विद्युत सेवा भवन में आयोजित विदाई समारोह में जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार, ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर दीर्घ सेवा के लिए सम्मानित किया।इस अवसर पर ईडी श्री संदीप वर्मा ने अपनी सेवायात्रा के अनुभव सुनाए और इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के लिए उनका आभार जताया। प्रबंध निदेशकों ने उन्हें सफल सेवाकाल के लिए बधाई दी और दीर्घायु जीवन व उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री जेएस नेताम, श्री केएस मनोठिया, श्री एमएस चौहान, श्री रामायण नामदेव, श्री एमएस कंवर, श्री संदीप मोदी, एवं मुख्य अभियंता श्री एएम परियल, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्री केबी पात्रे, श्री संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीस, सीएमओ डॉ. एचएल पंचारी उपस्थित थे। संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक(जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।पॉवर कंपनी में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पांच कर्मियों को सेवानिवृत्ति के उपरान्त प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने प्रशस्ति पत्र देकर विदाई दी। इसमें अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री हेमंत कुमार रहंगडाले, प्रबंधक (औद्योगिक संबंध) श्री अतुल तिवारी, सहायक अभियंता (सिविल) श्री सलीम बेग बिलासपुर, लाइन सहायक (श्रेणी-02) कुरूद एवं वाहन चालक श्री जवाहर लाल साहू भिलाई को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।


















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