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-लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में योजना की प्रगति में तेजी लाने के उद्देश्य से संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अंतर्गत विभागवार एवं बैंकवार प्रगति, प्राप्त आवेदनों, लंबित प्रकरणों तथा स्वीकृत एवं निराकृत प्रकरणों की समीक्षा की गई। योजना की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रगति में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि योजना से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाए। बैंक स्तर पर अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित न रखें तथा पात्र आवेदनों में आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए।
साथ ही सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना से जुड़ सकें। विभागीय मैदानी अमले, शिविरों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों के माध्यम से योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर देने को कहा गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। - रायपुर / छत्तीसगढ़ के पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम दुर्ग जिले के उरला (कुम्हारी) स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित (देवभोग) द्वारा आयोजित दुग्ध किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देवभोग ब्रांड गुणवत्ता और अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है, जिसने अपनी शुद्धता के बल पर देश में एक विशिष्ट पहचान कायम की है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री नेताम ने उरला दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया तथा दुग्ध संयंत्र की विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का जायजा लिया।पशुधन विकास मंत्री श्री नेताम ने पशुपालकों के लिए तैयार विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं, देवभोग के रेडियो जिंगल, रिंगटोन एवं प्रेरक गीत का औपचारिक विमोचन किया। डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।पशुधन विकास मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए डेयरी विकास की कार्ययोजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप ’’देवभोग’’ को पूरे देश में गुणवत्ता और विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक उत्पादन व्यवस्था, विपणन नेटवर्क और किसानों की भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय, आत्मनिर्भरता और समृद्धि में निरंतर वृद्धि होगी। सम्मेलन में पशु चिकित्सा सेवाएं के संचालक श्री चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान एवं महिला पशुपालक उपस्थित थे।
- -रेत एवं ईंट निर्माण के लिए मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 4 ट्रैक्टर जब्तरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देते हुए प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रेत एवं मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 4 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी दौरान विभागीय टीम ने सिलपहरी क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते हुए 3 ट्रैक्टर वाहनों तथा ज्योतिपुर तिराहा में ईंट निर्माण के लिए मिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए 1 ट्रैक्टर वाहन को पकड़ा।सभी 4 वाहनों को जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें 3 ट्रैक्टर वाहनों को अमरपुर थाना परिसर तथा 1 ट्रैक्टर वाहन को नगर सैनिक परिसर में सुरक्षित रखा गया है। जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(5) एवं 23(क) के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले के प्राकृतिक संसाधन जनता की सामूहिक संपत्ति हैं और इनके अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा खनिज संपदा के संरक्षण के साथ-साथ वैध खनन एवं परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।राज्य सरकार की सुशासन नीति के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग नियमों के दायरे में हो और अवैध गतिविधियों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। खनिज विभाग की लगातार कार्रवाई से अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना, शासन के राजस्व की सुरक्षा करना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी है।खनिज विभाग ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं खनिजों के अनधिकृत उपयोग की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभागीय अमला विभिन्न क्षेत्रों में नियमित जांच एवं कार्रवाई कर रहा है। आने वाले दिनों में भी अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई में खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, श्री शिवकुमार लहरे, श्री सतीश साहू एवं सैनिक श्री साहिब गनी शामिल रहे।
- -वन मंत्री ने किया पौधरोपण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान-तेंदूपत्ता संग्राहकों, छात्राओं और वन समितियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं सम्मानरायपुर। प्रदेश में हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी (बड़ेराजपुर) में आयोजित वनमंडल स्तरीय वन महोत्सव-2026 में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मैंदा प्रजाति का पौधा रोपकर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संकल्प दिलाते हुए प्रत्येक परिवार से वृक्षारोपण कर उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में वन संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार और जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों की जिम्मेदारी लेने और प्रत्येक शासकीय संस्थान में हरित परिसर विकसित करने का आग्रह किया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने ’हमारा संकल्प-एक पेड़, एक जीवन; हरित भारत, स्वस्थ भारत’ की शपथ ली। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए पौधों को राखी भी बांधी गई।वन मंत्री ने कहा कि बस्तर अब विकास और शांति के नए दौर में प्रवेश कर रहा है तथा लघु वनोपजों के संग्रहण एवं प्रसंस्करण से वनवासियों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से वृक्षों की कटाई रोकने और अधिकाधिक पौधे लगाने की अपील की।इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को आर्थिक सहायता भी वितरित की गई। राज मोहिनी देवी अनुदान योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को 2.30 लाख रुपये, प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के तहत छह छात्राओं को 1.20 लाख रुपये, तेंदूपत्ता संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। वहीं वन संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और 11 वन कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, वन मंडलाधिकारी श्रीमती दिव्या गौतम, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -मांदरी एवं ढोलक की थाप पर लोक संस्कृति के रंग में रंगा 'रंग तरंग' कार्यक्रम का अंतिम दिवसरायपुर । पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र मांदरी एवं ढोलक की थाप से तीसरे एवं अंतिम दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। लोक वाद्ययंत्रों की मनमोहक धुनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से पूरा परिसर लोक संस्कृति एवं परंपरा के रंग में सराबोर रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।कार्यक्रम के दौरान मांदरी एवं ढोलक की पारंपरिक ताल पर कलाकारों ने उत्साहपूर्ण लोक प्रस्तुतियां दीं। उनकी कला, लय और ताल ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे परिसर में लोक संगीत की अनूठी छटा देखने को मिली और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहपूर्वक तालियों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के उद्बोधन में संस्कृति संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि लोक वाद्ययंत्र और पारंपरिक लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें संरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध लोक परंपराओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ कलाकारों को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।तीसरे एवं अंतिम दिवस के ‘रंग तरंग’ वाद्ययंत्र आधारित कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में रायपुर के वायलिन वादक डॉ. के. रोहन नायडू, अंबिकापुर के तबला वादक श्री नासिर खान, बालोद के पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र कलाकार श्री संजू कुमार सेन तथा गरियाबंद के पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र कलाकार श्री प्रेम यादव ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों से खूब सराहना मिली।‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, संगीत और कला को मंच प्रदान करने का यह प्रयास संस्कृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पारंपरिक लोक वाद्यों की धुनों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी समाजसेवी उदयभान, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए पारंपरिक लोक कलाओं एवं लोक वाद्ययंत्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयोजित ऐसे आयोजनों की सराहना की। लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया।
- -वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज-राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानितरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।राज्यपाल श्री डेका से आज लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने पर उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका सुश्री के. शारदा के नेतृत्व में हुई। सुश्री शारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक- शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस कार्य में योगदान दे रहे हैं।राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए।दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें। वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित थे।
- -निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में नैक ग्रेडिंग, पीएचडी की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों और सामाजिक दायित्वों की समीक्षारायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।श्री डेका ने कहा कि पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए।श्री डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। श्री डेका ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए।डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।राज्यपाल ने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित हैं, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए। उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव श्री अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी. के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से महिलाओं को मिल रही बड़ी आर्थिक राहत-रायगढ़ की शर्मिला मिश्रा ने जमीन की रजिस्ट्री में बचाए करीब 25 हजार रुपये, मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभार-महिलाओं के नाम अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटकर हुआ 2 प्रतिशतरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का सीधा लाभ अब प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। रायगढ़ की श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जमीन की रजिस्ट्री कराई, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार महिलाओं के नाम पर जमीन एवं अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क की दर को आधा कर दिया गया है। पहले संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे अब महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने को प्रोत्साहन मिल रहा है।रायगढ़ निवासी श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने सरकार की इस सुविधा का लाभ लेते हुए जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने बताया कि सरकार का यह निर्णय महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला है। इससे न केवल रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है, बल्कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति होने से उनके आर्थिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होती है। श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति को प्रोत्साहित करने का यह निर्णय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
- -गंगरेल बांध के खुले 3 गेट, महानदी तटीय गांवों में अलर्ट जारीरायपुर । धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है, वहीं क्षेत्र के सभी प्रमुख जलाशय अब पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। कैचमेंट एरिया से हो रही पानी की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में बह रहा है, जबकि 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है।मौसम विभाग द्वारा आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने तटीय और निचले इलाकों में स्थित गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। वर्तमान में जिले के जलाशयों की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। मुरूमसिल्ली जलाशय अपनी क्षमता का 98.61 प्रतिशत भर चुका है और उसमें 362 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। वहीं गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत भरकर 3,365 क्यूसेक आवक दर्ज कर रहा है। इसके अलावा दुधावा जलाशय 86.86 प्रतिशत (437 क्यूसेक आवक) और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत (167 क्यूसेक आवक) तक भर चुके हैं। जलाशयों में लगातार बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए ही महानदी में जलप्रवाह बढ़ाया गया है।बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर धमतरी ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं तथा उफनती नदी को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल अधिकृत प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है।
- स्ट्रांग रूम में रखे बीयू, सीयू एवं वीवीपैट मशीनों का किया निरीक्षणकवर्धा/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम का आंतरिक निरीक्षण किया। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम का ताला खोला गया और स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे गए बैलेट यूनिट (बीयू), कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं वीवीपैट मशीनों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने स्ट्रांग रूम में रखी निर्वाचन सामग्री एवं ईवीएम मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम को खोला गया तथा निरीक्षण के उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनः सील किया गया।कलेक्टर ने निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल एवं सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ईवीएम एवं निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री सागर सिंह राज, पर्यवेक्षक श्री चंद्राकर, भारतीय जनता पार्टी से श्री विक्की अग्रवाल तथा बहुजन समाज पार्टी से श्री रामप्रसाद मिरी उपस्थित थे।
- कवर्धा/हाल ही में प्राकृतिक आपदा के रूप में आई भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही हुई है। इस आपदा के कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और बड़ी संख्या में नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां एवं पुनर्वास सहायता पहुंचाना हम सभी का मानवीय दायित्व है।कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कबीरधाम जिले के समस्त नागरिकों, उद्यमियों, व्यवसायियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा शासकीय एवं अशासकीय कर्मचारियों से अपील की है कि नेपाल के बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित लोगों की सहायता के लिए यथाशक्ति वित्तीय सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी सदैव आपदा की स्थिति में पीड़ितों की सहायता के लिए तत्पर रहती है। आपका छोटा सा अंशदान भी किसी संकटग्रस्त परिवार के लिए नई उम्मीद और सहारा बन सकता है। मानवता की भावना से किए गए सहयोग से आपदा प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत एवं सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।सहयोग राशि जमा करने के लिए श्री बालाराम साहू, जिला रेडक्रॉस अधिकारी, कबीरधाम मोबाईल नंबर 9407995031 पर संपर्क कर सकते है। राशि संकलित कर रेडक्रॉस राज्य कार्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ को उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी ने यह भी बताया है कि रेडक्रॉस को दी जाने वाली दान राशि नियमानुसार आयकर में छूट की पात्रता रखती है। सहयोग राशि जमा करने के पश्चात दानदाता अपनी रसीद कार्यालय भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, कबीरधाम में जमा कर सकते हैं। कलेक्टर एवं अध्यक्ष ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि आइए, मिलकर मानवता के इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाएं और नेपाल के बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाएं।
- 03 से 05 सितम्बर तक रात 11.59 बजे तक कर सकेंगे आवेदनकवर्धा/शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, कवर्धा (ग्राम तारों) में युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 03 नवीन व्यवसाय प्रारंभ किए गए हैं। इनमें ड्रोन टेक्निशियन (छः माह), असिस्टेंट टेक्निशियन ड्राईवाल एंड फॉल्स सीलिंग (छः माह) एवं मैकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग (एक वर्षीय) शामिल हैं। इस प्रकार संस्था में वर्तमान में कुल 08 व्यवसायों का संचालन किया जा रहा है। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्राइवर कम मैकेनिक, वेल्डर (फैब्रिकेशन एंड फिटिंग), फिटर, विद्युतकार, ड्रोन टेक्निशियन (छः माह), असिस्टेंट टेक्निशियन ड्राईवाल एंड फॉल्स सीलिंग (छः माह) एवं मैकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग (एक वर्षीय) शामिल हैं।प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए उक्त 08 व्यवसायों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के अष्टम चरण हेतु 03 सितम्बर 2026 से 05 सितम्बर 2026 की रात्रि 11.59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई कवर्धा में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट की 09, ड्राइवर कम मैकेनिक की 05, वेल्डर (फैब्रिकेशन एंड फिटिंग) की 29, फिटर की 03, विद्युतकार की 01, ड्रोन टेक्निशियन (छः माह) की 18, असिस्टेंट टेक्निशियन ड्राईवाल एंड फॉल्स सीलिंग (छः माह) की 23 तथा मैकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग (एक वर्षीय) की 18 सीटें रिक्त हैं।पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को अष्टम चरण की काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए पुनः विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा। प्रवेश संबंधी किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी के लिए अभ्यर्थी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, कवर्धा, ग्राम तारों (खैरबना) में उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा प्रवेश प्रभारी के दूरभाष नंबर 9972974779 एवं 8103022953 पर संपर्क किया जा सकता है।
- पात्र एवं इच्छुक महिलाएं 25 सितंबर तक प्रस्तुत कर सकेंगी आवेदनकवर्धा/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण एवं उनके उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 के लिए मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान), वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार एवं माता बहादुर कलारिन सम्मान प्रदान किया जाना है। इन पुरस्कारों के लिए पात्र एवं इच्छुक महिलाओं से निर्धारित प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की एक महिला अथवा अशासकीय संस्था को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत चयनित महिला अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाती है।इसी प्रकार महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस एवं आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की महिला को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के तहत चयनित महिला को 2 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका से सम्मानित किया जाएगा। महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने वाली राज्य की महिला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से माता बहादुर कलारिन सम्मान वर्ष 2026 प्रदान किया जाना है। इसके अंतर्गत चयनित महिला को 2 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाएगी।उपरोक्त सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्ति के लिए इच्छुक एवं पात्र महिलाएं निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन जिला कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-कबीरधाम में 25 सितंबर 2026 को कार्यालयीन समय शाम 05.30 बजे तक प्रस्तुत कर सकती हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। सम्मान एवं पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी तथा निर्धारित आवेदन प्रारूप कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-कबीरधाम के सूचना पटल पर उपलब्ध है। आवेदक जिले की वेबसाइट पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- डिप्लोमा/लेटरल प्रवेश के लिए 03 से 06 सितम्बर तथा बी.टेक./लेटरल प्रवेश के लिए 05 से 08 सितम्बर तक पंजीयनकवर्धा/संचालक तकनीकी शिक्षा के ऑनलाइन सूचना के अनुसार सत्र 2026-27 में तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कबीरधाम में डिग्री एवं डिप्लोमा के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित हैं। संस्था में बी.टेक. (डिग्री) पाठ्यक्रम के अंतर्गत डेटा साइंस की 60 तथा वीएलएसआई की 60 सीटें उपलब्ध हैं। इसी प्रकार डिप्लोमा पाठ्यक्रम में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) की 30, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (ईई) की 30, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन (ईटी एंड टी) की 30 तथा कॉस्ट्यूम डिजाइन एवं ड्रेस मेकिंग (सीडीडीएम) की 60 सीटें निर्धारित हैं।उक्त डिप्लोमा/लेटरल पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अंतिम चरण में पंजीयन 03 से 06 सितम्बर 2026 तक निर्धारित किया गया है। वहीं बी.टेक./लेटरल पाठ्यक्रमों में अंतिम चरण के लिए पंजीयन 05 से 08 सितम्बर 2026 तक किया जा सकेगा। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन कर पंजीयन एवं प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मोबाइल नंबर 9981373136 एवं 8770935274 पर संपर्क कर सकते हैं। तकनीकी शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों से निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन पंजीयन कर काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की गई है।
- कवर्धा/छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के आदेश के अनुपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026 को कबीरधाम जिले में शुष्क दिवस घोषित किया है। जारी आदेश के अनुसार शुष्क दिवस के अवसर पर कबीरधाम जिले में संचालित देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानें तथा एफ.एल.-3 (क) प्रीमियम मदिरा दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। साथ ही जिले में मदिरा की बिक्री, परिवहन, वितरण एवं धारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शुष्क दिवस के दौरान शासन द्वारा जारी निर्देशों एवं आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शुष्क दिवस के दौरान किसी भी प्रकार की मदिरा की अवैध बिक्री, धारण अथवा परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- कोण्डागांव/जिला कार्यालय कलेक्टर (आबकारी) के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार राज्य शासन के निर्देशानुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 04 सितम्बर 2026 को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस संबध में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना द्वारा जारी आदेशानुसार जिले की समस्त देशी मदिरा दुकान सी.एस.2 (घघ), विदेशी मदिरा एफ.एल.1 (घघ), तथा एफ.एल.7 सैनिक केन्टीन फुटकर दुकानों को बंद रखने तथा अवैध शराब बिक्री, धारण, परिवहन आदि पर समुचित नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- धमतरी में भारी बारिश से उफान पर नदियांरायपुर/धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है, वहीं क्षेत्र के सभी प्रमुख जलाशय अब पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। कैचमेंट एरिया से हो रही पानी की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में बह रहा है, जबकि 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है।मौसम विभाग द्वारा आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने तटीय और निचले इलाकों में स्थित गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।वर्तमान में जिले के जलाशयों की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। मुरूमसिल्ली जलाशय अपनी क्षमता का 98.61 प्रतिशत भर चुका है और उसमें 362 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। वहीं गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत भरकर 3,365 क्यूसेक आवक दर्ज कर रहा है। इसके अलावा दुधावा जलाशय 86.86 प्रतिशत (437 क्यूसेक आवक) और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत (167 क्यूसेक आवक) तक भर चुके हैं। जलाशयों में लगातार बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए ही महानदी में जलप्रवाह बढ़ाया गया है।बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर धमतरी ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं तथा उफनती नदी को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल अधिकृत प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है।
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से महिलाओं को मिल रही बड़ी आर्थिक राहतरायगढ़ की शर्मिला मिश्रा ने जमीन की रजिस्ट्री में बचाए करीब 25 हजार रुपये, मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभारमहिलाओं के नाम अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटकर हुआ 2 प्रतिशतरायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का सीधा लाभ अब प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। रायगढ़ की श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जमीन की रजिस्ट्री कराई, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार महिलाओं के नाम पर जमीन एवं अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क की दर को आधा कर दिया गया है। पहले संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे अब महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने को प्रोत्साहन मिल रहा है।रजिस्ट्री के खर्च में मिली सीधी आर्थिक राहतरायगढ़ निवासी श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने सरकार की इस सुविधा का लाभ लेते हुए जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने बताया कि सरकार का यह निर्णय महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला है। इससे न केवल रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है, बल्कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति होने से उनके आर्थिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होती है।श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति को प्रोत्साहित करने का यह निर्णय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
- सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया को वित्त मंत्री ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर/वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लैक्रॉस टूर्नामेंट में भारतीय महिला लैक्रॉस टीम द्वारा कांस्य पदक जीतने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने रायगढ़ जिले की तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन कर देश और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। भारतीय महिला लैक्रॉस टीम ने टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को पराजित कर कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम की इस सफलता में रायगढ़ की तीनों खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया की सफलता प्रदेश की अन्य बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
- -पंचदेवरी, सांकरा और मुडपार में बनेंगे नए भवन-बच्चों को मिलेगी सुरक्षित और बेहतर सुविधा, ग्रामीणों को रोजगारभी
दुर्ग/ विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (जी-राम-जी) योजना के तहत जिले के जनपद पंचायत धमधा क्षेत्र में तीन नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं अनुमोदन के बाद जिला पंचायत दुर्ग द्वारा कुल ₹35.07 लाख के तीन निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री बजरंग दुबे ने बताया कि स्वीकृति के तहत ग्राम पंचायत पंचदेवरी, सांकरा और मुडपार में एक-एक आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक भवन के लिए ₹11.69 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इन भवनों के निर्माण से आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर आधारभूत सुविधा मिलेगी और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार होगा। प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार तीनों भवनों की कुल अनुमानित लागत ₹35.07 लाख है। इसमें सामग्री मद के लिए ₹19.89 लाख तथा अकुशल श्रम मद के लिए ₹11.07 लाख का प्रावधान किया गया है। योजना के माध्यम से निर्माण कार्य के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त सीईओ श्री दुबे ने बताया कि जी-राम-जी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में आवश्यक सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त मांग एवं आवश्यकता के आधार पर इन कार्यों को स्वीकृति दी गई है। निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। - दुर्ग/ डिजिटल तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था से शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुँचाने में सेवा सेतु अत्यंत कारगर माध्यम साबित हो रहा हैं। इसी कड़ी में नगर पालिका अहिवारा की निवासी जागृति साहू को सेवा सेतु के माध्यम से रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर आय प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।हितग्राही जागृति साहू ने बताया कि उन्हें विभिन्न आवश्यक एवं शासकीय कार्यों के लिए आय प्रमाण पत्र की तत्काल आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने विगत 20 अगस्त 2026 को सेवा सेतु केंद्र, नगर पालिका अहिवारा में आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा किया था। केंद्र के ऑपरेटर द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद अगले ही दिन 21 अगस्त 2026 को उनका आय प्रमाण पत्र स्वीकृत होकर जारी कर दिया गया। जागृति साहू ने बेहद कम समय में कार्य पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले किसी भी प्रमाण पत्र को बनवाने में काफी समय लगता था और बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब सेवा सेतु के माध्यम से घर के समीप ही सुगम और त्वरित सेवा मिल रही है। 24 घंटे के भीतर डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र मिल जाने से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। उन्होंने नागरिकों को एक ही छत के नीचे पारदर्शी और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -सार्वजनिक आयोजनों एवं विसर्जन हेतु बीएसपी, पुलिस व नगरीय निकायों की सहमति से तय हुए कड़े प्रावधान-दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा आयोजकों एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक गाइडलाइन्स जारीदुर्ग/ दुर्ग जिले में आगामी त्यौहारों एवं सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने नगरीय क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों पर पंडालों एवं अस्थाई संरचनाओं के निर्माण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मार्गदर्शिका के तारतम्य में जारी इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है। विगत मंगलवार को कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभा कक्ष में नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाएगा। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की भूमि पर किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पूर्व बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, नगरीय निकायों द्वारा क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर कार्यालय में दी जाएगी और दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इसी क्रम में, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए प्रत्येक अनुमति से पूर्व पुलिस विभाग का अभिमत अनिवार्य किया गया है। मार्ग बाधित होने की स्थिति में पुलिस की सहमति से वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण कर इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस, तहसीलदार एवं एसडीएम को दी जाएगी और इसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति आदेश में भी रहेगा; वैकल्पिक मार्ग न होने पर आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आयोजकों से क्षेत्रफल एवं संभावित भीड़ के आधार पर ष्स्वच्छता सुरक्षा निधिष् जमा कराई जाएगी, जिसे आयोजन के बाद स्थल की साफ-सफाई कर वापस सौंपने पर एक सप्ताह के भीतर बिना ब्याज लौटा दिया जाएगा, अन्यथा सफाई न कराने पर राशि राजसात कर सफाई कार्य कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आयोजकों को अनुमानित संख्या के आधार पर पर्याप्त महिला एवं पुरुष शौचालय बनाने होंगे अथवा नगरीय निकाय पृथक शुल्क लेकर यह व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सुरक्षा के लिहाज से 5000 वर्ग फीट तक के आयोजन में न्यूनतम 8 तथा उससे अधिक क्षेत्रफल के आयोजनों में उसी अनुपात में अच्छी गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे (कम से कम 3 दिन के रिकॉर्डिंग बैकअप के साथ) प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल व मनोरंजन क्षेत्रों को कवर करते हुए लगाने अनिवार्य होंगे।तकनीकी सुरक्षा एवं परिसंपत्ति की सुरक्षा के संबंध में, नगरीय निकाय के अभियंताओं द्वारा संरचनात्मक स्थायित्व एवं विद्युत सुरक्षा का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। बिजली कंपनी या बीएसपी विद्युत विभाग से अनापत्ति, अस्थाई कनेक्शन (मीटर सहित) तथा सुरक्षा निधि वापसी से पूर्व नो-ड्यूस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति या विरूपण से बचाने के लिए 5000 वर्ग फीट तक के आयोजनों हेतु 10,000 रुपये तथा उससे अधिक के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से अग्रिम सुरक्षा निधि जमा ली जाएगी, जिसे आयोजन समाप्ति के 1 सप्ताह बाद स्थल निरीक्षण व पंचनामा उपरांत नुकसान न पाए जाने पर लौटा दिया जाएगा। अग्निशमन उपायों के तहत, पंडालों को स्थिर एवं अग्निरोधी सामग्री से निर्मित करने, बिजली तारों के नीचे निर्माण न करने तथा नगर सेना एवं अग्निशमन सेवाओं से फायर ऑडिट कराकर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है; साथ ही अग्निशामक यंत्र, रेत एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी।आपातकालीन प्रबंधन एवं पार्किंग व्यवस्था पर जोर देते हुए, पार्किंग, पंडाल, मूर्ति एवं झूला का ले-आउट ऐसा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए निर्बाध पहुंच मार्ग उपलब्ध रहे। पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए कुल आवेदित स्थल का न्यूनतम 50 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है, जो आयोजन स्थल से अधिकतम 50 मीटर की दूरी पर स्थित हो और इसके लिए कोई अवैध पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इसके अलावा, झूलों, मनोरंजन यंत्रों एवं 15 फीट से ऊंची झांकियों/गुफाओं के लिए लोक निर्माण विभाग या संबंधित निकाय के इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था के संदर्भ में, निर्देश दिया गया है कि केवल निर्धारित मापदंडों के भीतर ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग होगा तथा अश्लील, आपत्तिजनक या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गानों, भाषणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा; उल्लंघन पर पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। व्हीकल माउंटेड डी.जे., एम्पलीफायर तथा बेस का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा एवं रात्रि 10 बजे के पश्चात किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर/साउंड बॉक्स का उपयोग वर्जित रहेगा, नियम तोड़ने पर उपकरण जब्त कर राजसात किए जाएंगे। साथ ही, आयोजन स्थल एवं विसर्जन यात्रा मार्ग के आसपास पटाखे या आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से, केवल मिट्टी से निर्मित प्राकृतिक रंगों वाली मूर्तियों की ही स्थापना की जाएगी; पीओपी, प्लास्टिक, थर्माकोल एवं केमिकल डाई का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।आयोजन समितियों की जिम्मेदारी तय करते हुए, पुरुष एवं महिला वालंटियर्स तथा सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिनकी सूची परिचय पत्र सहित स्थानीय पुलिस, निकाय व एसडीएम कार्यालय में जमा होगी; रात्रि में भी समिति के कम से कम 2 सदस्य मूर्ति स्थल पर तैनात रहेंगे। पंडालों में मापदंडों के अनुरूप पृथक कतारें बनाई जाएंगी तथा मादक द्रव्यों का सेवन कर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसी क्रम में, पूजा हेतु चंदा पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा और अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी; जबरन वसूली की शिकायत पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी। विसर्जन प्रक्रिया के तहत, मूर्तियों का विसर्जन केवल स्थानीय निकाय द्वारा निर्मित अस्थायी कुंडों या चिन्हित स्थलों पर, पूजा सामग्री हटाकर, पितृपक्ष प्रारंभ होने से पूर्व निर्धारित तिथि पर ही किया जाएगा। विसर्जन के 24 घंटे के भीतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कचरे का निपटान किया जाएगा।अंतिम चरण में विसर्जन व्यवस्था एवं झांकियों के संबंध में, विसर्जन स्थलों पर निकाय, बीएसपी एवं नगर सेना द्वारा प्रकाश, क्रेन व गोताखोर/बचाव दल की व्यवस्था रहेगी। झांकियों के विसर्जन हेतु पावर हाउस-मुर्गा चौक-सेक्टर 9-तालपुरी चौक-ठगड़ा बांध मार्ग तथा दुर्ग से गंजपारा-मिनीमाता चौक-पुलगांव होते हुए शिवनाथ नदी का मार्ग निर्धारित किया गया है, किसी अन्य मार्ग से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार, विसर्जन झांकी में केवल 3 वाहन (मूर्ति वाहन, झांकी वाहन, जनरेटर) ही शामिल हो सकेंगे और झांकी की अधिकतम ऊंचाई वाहन सहित 15 फीट निर्धारित की गई है। विसर्जन यात्रा में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, भाला, तलवार, डंडा, नकली हथियार या पटाखे रखना व चलाना पूर्णतः वर्जित रहेगा, उल्लंघन पर आयुध अधिनियम के तहत जब्ती व कार्यवाही होगी। प्रत्येक झांकी के साथ 8 वालंटियर्स रहेंगे और केवल धार्मिक भजनों की अनुमति होगी। अंततः, शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर आयुक्त अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी अनुमति को निरस्त किया जा सकेगा।
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0- पंचदेवरी, सांकरा और मुडपार में बनेंगे नए भवन
0- बच्चों को मिलेगी सुरक्षित और बेहतर सुविधा, ग्रामीणों को रोजगारभीदुर्ग. विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (जी-राम-जी) योजना के तहत जिले के जनपद पंचायत धमधा क्षेत्र में तीन नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं अनुमोदन के बाद जिला पंचायत दुर्ग द्वारा कुल ₹35.07 लाख के तीन निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री बजरंग दुबे ने बताया कि स्वीकृति के तहत ग्राम पंचायत पंचदेवरी, सांकरा और मुडपार में एक-एक आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक भवन के लिए ₹11.69 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इन भवनों के निर्माण से आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर आधारभूत सुविधा मिलेगी और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार होगा। प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार तीनों भवनों की कुल अनुमानित लागत ₹35.07 लाख है। इसमें सामग्री मद के लिए ₹19.89 लाख तथा अकुशल श्रम मद के लिए ₹11.07 लाख का प्रावधान किया गया है। योजना के माध्यम से निर्माण कार्य के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त सीईओ श्री दुबे ने बताया कि जी-राम-जी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में आवश्यक सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त मांग एवं आवश्यकता के आधार पर इन कार्यों को स्वीकृति दी गई है। निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। - 0- पट्टे की भूमि पर अवैध निर्माण रोकने की मांग0- रसमड़ा धान उपार्जन केंद्र में भूमि समतलीकरण कराने दिया आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 129 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में खुर्सीपार निवासी ने अपने नाम आबंटित पट्टे की भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनकी गैर मौजूदगी में भाई ने उनकी पट्टे की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा वहां बने झोपड़े को तोड़कर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। विरोध करने पर मारपीट और गाली गलौच करता है। आवेदक ने निर्माण तत्काल रुकवाने और भूमि वापस दिलाने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम भिलाई को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।सेवा सहकारी समिति रसमड़ा ने धान उपार्जन केंद्र के लिए आबंटित भूमि को उपार्जन योग्य बनाने और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। समिति के अनुसार ग्राम पंचायत ने अगस्त 2025 में भूमि आबंटन का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन अब तक भूमि का पटाव एवं समतलीकरण नहीं हो सका है। वर्तमान में स्थल पर 5-6 फीट तक जलभराव और ऊबड़-खाबड़ स्थिति बनी हुई है। समिति से करीब 427 किसान जुड़े हैं। समिति ने प्रशासन से भूमि विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम रवेली, तहसील पाटन के किसानों ने कृषि कार्य के लिए विद्युत कनेक्शन दिलाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि विद्युत मंडल जामगांव एम द्वारा पोल लगाया गया है, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी अब तक ट्रांसफार्मर एवं कनेक्शन नहीं दिया गया है। किसानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा करने के बावजूद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों ने ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन दिलाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- 0- अधिकारियों को सौपे गये विभागीय दायित्वों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने दिये गये निर्देशदुर्ग. जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक विगत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर एवं एसएसपी ने संयुक्त रूप से एजेंडावार विभागों को सौंपे गये दायित्वों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को साैंपे गये विभागीय दायित्वों को प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। एसएसपी श्री विजय अग्रवाल ने कहा कि वाहन दुर्घटना की रोकथाम हेतु साैंपे गये दायित्वों एवं किये जा रहे उपायों की प्रतिमाह समीक्षा से विगत कुछ माह से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है। इसका सुखद परिणाम जिले में वाहन दुर्घटना से होने वाली मृत्यु दर कम हुई है। सभी विभागीय अधिकारी सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु बेहतर कार्ययोजना के साथ सामजस्यपूर्वक कार्य सुनिश्चित करें। बैठक के प्रारंभ में विगत बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। जिसमें एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, लोक निर्माण विभाग भ./स., लोक निर्माण विभाग दुर्ग वि./यां., भिलाई इस्पात संयंत्र, नगर पालिक निगम भिलाई, नगर पालिक निगम चरौदा-भिलाई, नगर पालिक निगम रिसाली, आबकारी विभाग, कार्यपालन अभियंता, सीएसपीडीसीएल दुर्ग, जिला परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, रेल्वे विभाग, कार्यपालन अभियंता सेतु संभाग (लो.नि.वि. दुर्ग), क्रेडा विभाग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा एवं वाहन दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु विभाग को साैंपे दायित्वों के कार्यपूर्णता, अद्यतन प्रगति एवं शासन को प्रस्तावित कार्यों के संबंध में अवगत कराया।जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु किये गये प्रयास के तहत विभागों द्वारा चिन्हित स्थानों पर हाईमॉस्क लाईट, क्रश बेरियर, रम्बल स्ट्रीट, पार्क कटिंग प्रारंभ एवं बंद करने, डिवाइडर कटिंग बंद करने, डिवाइडर निर्माण, सांकेतिक बोर्ड लगाने, सर्विसलेन निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, रेडियम स्टीकर लगाने, बोर्ड मार्किंग, मुख्य मार्ग से शराब दुकान हटाने, वाहन पार्किंग व्यवस्था, अंडरब्रिजों की सफाई व्यवस्था आदि बेहतर कार्य किये गये हैं। अधिकारियों को कार्यपूर्णता पश्चात् समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। नगर निगम, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को मुख्य मार्गों एवं मार्केट स्थलों से अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। जिला यातायात प्रभारी एएसपी सुश्री ऋचा मिश्रा ने मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों तथा सुपेला आकाशगंगा मार्केट में आवश्यक सुधार हेतु अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया।कलेक्टर श्री सिंह ने नेहरू नगर अंजोरा बायपास रोड पर कतिपय पैलेस स्वामियों द्वारा सर्विस रोड निर्माण में असहयोग को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई के अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये।जिला स्तरीय नाकोर्ड समन्वय समिति द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री नियंत्रण पर जोरकलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नाकोर्ड समन्वय समिति की बैठक में सभी सार्वजनिक स्थलों, शासकीय कार्यालयों एवं स्कूलों में मादक पदार्थों की बिक्री पर कड़ी नजर रखने विशेष जोर दिया गया। विशेषकर स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री को गंभीरता से लेते हुए ऐसे दुकानों को छत्तीसगढ़ नगर पालिका एक्ट के तहत हटाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। नशीले पदार्थों के परिवहन करते जब्त वाहनों पर कार्यवाही हेतु जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया।बैठक में नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम दुर्ग के प्रभारी आयुक्त श्री मोहेन्द्र साहू सभी एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. भट्टाचार्य सहित विद्युत मंडल एनएचएआई, एनएच, बीएसपी, रेलवे एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।




























