- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर । उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के छत्तीसगढ़ आगमन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया।उपराष्ट्रपति का स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री श्री दयालदास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, राज्य सभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने आत्मीय स्वागत की। इसी प्रकार कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री सुनील सोनी, श्री मोती लाल साहू और जनप्रतिनिधि श्री अशोक बजाज और मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, जनप्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में आत्मीय स्वागत किया।
-
0- मुंबई के मराठी नाटक ‘आता थांबावयचं कसं‘, भोपाल के हिंदी नाटक ‘गगन की ओर निशाना’ के अलावा महाराष्ट्र मंडल के नाटक ‘जस्टिस' का लुत्फ लेंगे रंगप्रेमी दर्शक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 90 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाले 10 दिवसीय गणेशोत्सव में इस बार हिंदी व मराठी के तीन नाटकों का धूम रहेगी। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर की ओर से पहली बार मुंबई के सुप्रसिद्ध कलाकारों की टीम मराठी नाटक ‘आता थांबावयचं कसं’ (अब रोकें कैसे?) का मंचन करेगी। वहीं भोपाल की भूमिका नाट्य समिति हिंदी नाटक ‘गगन की ओर निशाना’ मंचित करेगी। महाराष्ट्र मंडल की नाट्य समिति हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ का प्रयोग संत ज्ञानेश्वर सभागृह के स्व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर करेगी।मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि संदीप दंडवते द्वारा लिखित व निर्देशित ‘अब रोकें कैसे’ मराठी फिल्मों व टीवी सीरियल्स के जाने- माने कलाकारों से सजा और डिजिटल युग के गंभीर और ज्वलंत सामाजिक समस्या पर आधारित नाटक है। यह नाटक महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव में 21 सितंबर को मंचित किया जाएगा। इस नाटक में साइबर क्राइम, सोशल मीडिया पर होने वाले लैंगिक शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर रोशनी डाली गई है। नाटक में सुप्रसिद्ध फिल्म स्टार डॉ. गिरीश ओक मनोवैज्ञानिक और पिता की मुख्य भूमिका में होंगे। वहीं ख्याति प्राप्त वरिष्ठ अभिनेत्री सुकन्या कुलकर्णी मोने पीड़िता की मां की भूमिका को जीवंत करेंगी। ऐश्वर्या शेटे, जान्हवी पणशीकर, आकाश पाटील के भूमिकाएं भी कहानी को गति प्रदान करेंगी। इसमें संगीतकार समीर म्हात्रे सेट डिजाइनर संदेश बेंद्रे की भी अह्म योगदान है।परितोष डोनगांवकर के अनुसार भोपाल की नाट्य संस्था ‘भूमिका’ मंडल में 20 सितंबर को शाम 7:30 बजे ‘गगन की ओर निशाना’ मंचित करेगी। अहिल्या देवी होल्कर की जीवन गाथा पर आधारित नाटक के लेखक और निर्देशक गोपाल दुबे और संगीतकार संदीप शर्मा हैं। इस नाटक का यादगार अनुभव देने के लिए कलाकारों की वॉइस, स्पीच और डिक्शन मॉड्यूलेशन की विशेष थियेटर वर्कशॉप भी लगाया गया, जिसका प्रभाव महाराष्ट्र मंडल में नाटक के मंचन के दौरान दिखाई भी देगा।महाराष्ट्र मंडल की नाट्य समिति की ओर से पवन ओगले द्वारा लिखित और रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ मूलत: सस्पेंस- थ्रिलर नाटक है, जिसमें असली कातिल की पहचान करने की जद्दोजहद दिखाई गई है। चेतन दंडवते, पवन ओगले, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, समीर टल्लू, विनोद राखुंडे और अक्षदा मातुरकर के अभिनय से सजे ‘जस्टिस’ में अजय पोतदार पुराने हवेली का सेट खड़ा करेंगे। प्रवीण क्षीरसागर की प्रकाश व्यवस्था व परितोष डोनगांवकर का पार्श्व संगीत होगा। रंजन मोड़क के मुताबिक जस्टिस का मंचन संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 15 सितंबर को शाम की आरती के बाद 7:30 बजे होगा। -
-महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल की कक्षाओं में अधिकतम उपस्थिति और पढ़ाई में गंभीरता लाने के लिए प्राचार्य की अनोखी पहल
रायपुर। बच्चों की अगस्त माह में स्कूल में शत- प्रतिशत उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बच्चों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से कहा कि आप अपनी उपस्थिति इसी तरह बनाए रखें और अन्य बच्चों को भी प्रेरित करें। बच्चों को प्रोत्साहित करने का यह सिलसिला हर माह जारी रहेगा। इस अवसर पर प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे और प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले उपस्थित रहीं।अस्मिता ने बताया कि प्री प्राइमरी में कुछ बच्चों की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही। इसमें नर्सरी से यक्ष राजवाड़े, पीपी-वन से चैतन्य साहू, लक्ष्मीता निषाद, पीपी-टू से रुद्रांश, विद्या रोहिदास, विहान शामिल हैं। इतने छोटे बच्चों की कई दिनों की बारिश के बावजूद 100 प्रतिशत उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि बच्चे स्कूल आने के लिए कितने आतुर रहते हैं। इस अवसर पर बच्चों को जंक फूड और हेल्दी फूड के बारे में भी बताया गया, ताकि वे घर के खाने को प्राथमिकता दें जो उनके सेहत के लिए भी अत्यावशक है।प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले ने बताया कि इसी तरह कक्षा पहली से निकिता सोनवानी, रेयांश वर्मा, कक्षा दूसरी से गौरांश ध्रुव, गौरव राउत, निशिता यादव, रुद्र कुमार साहू और श्रेया वर्मा, तीसरी से दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू, पार्थ यादव, गीतांजलि राव, रुद्राक्षी राजवाड़े और चौथी से रोहन साहू, रौनक श्रीवास्तव, वेदांशी साईं की उपस्थिति प्रशंसनीय रही। इसी प्रकार पांचवीं से हर्षिता श्रीवास, लव पाठक, भावेश सोनवानी, सौरव राउत, नितेश बघेल ने अपनी शत- प्रतिशत उपस्थिति दी। इन सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया, ताकि इनसे प्रेरणा लेकर बाकी बच्चे भी नियमित शाला में आएं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। -
*- जिले में 1 लाख 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हुआ फसल बीमा*
*- गत वर्ष की तुलना में लगभग 5 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी*दुर्ग/ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में खरीफ 2026 में 1 लाख 5 हजार 181 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों का बीमा कराया गया है। इस वर्ष की मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा बीमा कंपनी के सहयोग से जिले की ग्राम पंचायतों में सघन फसल बीमा अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले है। धान सिंचित क्षेत्र में 90 हजार 247 हेक्टेयर तथा धान असिंचित क्षेत्र में 13 हजार 862 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा हुआ है। इसके अलावा सोयाबीन में 1 हजार 45 हेक्टेयर तथा अरहर में 27 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित हुआ है। सघन अभियान के परिणामस्वरूप खरीफ 2026 में धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के बीमा क्षेत्र में गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गत वर्ष लगभग 1 लाख 186 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा हुआ था, जबकि इस वर्ष 5 हजार हेक्टेयर अधिक अतिरिक्त क्षेत्र को फसल बीमा के दायरे में लाया गया है। खरीफ 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 3 लाख 44 हजार 682 ऋणी किसान के आवेदन एवं 5 हजार 600 अऋणी किसान के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसके माध्यम से लगभग 89 हजार 316 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है। इन किसानों की फसलों के बीमा के लिए कुल 13 करोड़ 40 लाख रूपए प्रीमियम राशि के रूप में बीमा कंपनी को प्राप्त हुई है।कृषि विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर किए गए व्यापक प्रचार-प्रसार, किसानों से सीधे संपर्क तथा बीमा कंपनी के मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों से किसानों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों और उनके फसल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाकर प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले संभावित फसल नुकसान के विरूद्ध किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। -
दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग एवं शासकीय महिला औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्था दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 11 सितम्बर 2026 को शासकीय महिला औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्था दुर्ग में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा।
उप संचालक रोजगार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस मेले हेतु निजी क्षेत्र के नियोजक जो अपने संस्थान में रिक्त पदों को इस रोजगार मेला के माध्यम से भरना चाहते हैं, वे 09 सितम्बर 2026 तक रिक्त पदों की जानकारी छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग को अधिसूचित करेंगे। छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से रिक्तियाँ प्रेषित करने के लिए नियोजकों का पोर्टल पर रोजगार मेला हेतु नियोक्त पंजीयन कराना अनिवार्य होगा जिसके लिए नियोक्ता का जीएसटी क्रमांक एवं डॉक्यूमेंट अपलोड करना आवश्यक होगा। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग में संपर्क कर सकतें है। -
दुर्ग/आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रभावी साबित होते जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत पहांदा (अ) की रहने वाली श्रीमती नेहा गेन्डरे का विवाह 19 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ था। शादी के बाद नई गृहस्थी की शुरुआत के साथ ही उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना था और बैंक से जुड़े जरूरी काम निपटाने थे। इन सभी कामों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज था, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र। नेहा ने बिना किसी देरी के ग्राम पंचायत में विवाह पंजीयन के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया। लेकिन अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका आवेदन प्रक्रिया में अटका रहा। विवाह प्रमाण पत्र न मिलने के कारण नेहा न तो बैंक के जरूरी काम पूरे कर पा रही थीं और न ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले पा रही थीं। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी जब कोई रास्ता नहीं दिखा, तो उन्होंने हार मानने के बजाय एक प्रभावी कदम उठाने का फैसला किया।
नेहा ने अपनी समस्या के समाधान के लिए ’सीएम हेल्पलाइन’ पर शिकायत दर्ज करा दी। प्रकरण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह पंजीयन संबंधी श्रेणी में दर्ज हुआ। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी। संबंधित स्तर पर प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया गया और नेहा का विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र तैयार कर दिया गया। प्रमाण पत्र हाथ में आते ही नेहा के चेहरे पर खुशी छा गई। सीएम हेल्पलाइन के इस त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण से न केवल उनकी समस्या का समाधान हुआ, बल्कि उन्हें बैंक और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में भी बड़ी राहत मिली। इस पूरी कार्यवाही पर नेहा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन से आम नागरिकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। -
दुर्ग/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष कर वीरता, शौर्य, साहस तथा महिलाओं में आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से “वीरांगना“ रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार वर्ष 2026 प्रदान किया जाना है। पुरस्कार के रूप में एक महिला को दो लाख रूपये की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप में प्रदान किया जाएगा।
उक्त पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को दिनांक 25 सितम्बर 2026 तक सीलबंद लिफाफे एवं लिफाफे के ऊपर “वीरांगना“ रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार वर्ष 2026 अंकित कर निर्धारित प्रपत्र में जमा करना होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जावेगा। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है। -
*- ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन की दिशा में दुर्ग जिले में जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने घरों से की बदलाव की शुरुआत*
दुर्ग/कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर यानी घरेलू गंदे पानी के सुरक्षित प्रबंधन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं स्वच्छताग्राहियों द्वारा श्रमदान से 3360 सोख्ता गड्ढों (सोक पिट) का निर्माण किया गया है। अभियान का उद्देश्य घरों से निकलने वाले निस्तारित एवं गंदे पानी को गलियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में बहने से रोकना है। इससे गांवों में गंदगी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ पानी के प्राकृतिक निस्तारण एवं भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं द्वारा स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों से इस अभियान की शुरुआत करना ग्रामीण समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।*‘पहले खुद से शुरुआत’ बनी अभियान की पहचान*इस पहल की खास बात है कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘नेतृत्व परिवर्तन और स्वयं से शुरुआत’ की प्रेरणादायक थीम के साथ अपने घरों से ही अभियान की शुरुआत की। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान को अपशिष्ट जल प्रबंधन सप्ताह के रूप में आगे बढ़ाया गया। महिलाओं ने संकल्प लिया कि यदि उनके घरों से निकलने वाला गंदा पानी खुले में बह रहा है, तो वे सबसे पहले अपने घर के आसपास सोख्ता गड्ढे का निर्माण करेंगी। इसके बाद अन्य ग्रामीण परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित किया गया।*श्रमदान से तैयार हो रहे सोख्ता गड्ढे*अभियान पूरी तरह जनभागीदारी और श्रमदान पर आधारित है। स्वच्छताग्राहियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आपसी सहयोग से घरों के आसपास लगभग 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे तैयार किए। इनमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ईंट, पत्थर और कंकड़ आदि सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे घरेलू पानी जमीन में सुरक्षित रूप से सोख सके और भू-जल पुनर्भरण में मदद मिले।*सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो पानी का भी सुरक्षित प्रबंधन*अभियान का दायरा केवल सामान्य घरेलू ग्रे-वाटर तक सीमित नहीं है। ऐसे ग्रामीण परिवार, जिनके घरों में सेप्टिक टैंक युक्त शौचालय हैं और टैंक के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी खुले में बह रहा था, उन्हें भी अभियान से जोड़ा गया है। ऐसे स्थानों पर विशेष सोक पिट एवं सोख्ता गड्ढों के माध्यम से पानी के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।सोख्ता गड्ढों का निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से हो, इसके लिए जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, करारोपण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायकों द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। गांवों के संकुल बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो अभियान की सतत मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पूर्व में भी ग्राम पंचायतों में वर्मी एवं नाडेप संरचनाओं की सफाई, कचरे का पृथक्करण तथा सार्वजनिक जलस्रोतों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं। ग्रे-वाटर प्रबंधन की यह पहल इन प्रयासों को और मजबूती प्रदान कर रही है। जिला प्रशासन और स्व-सहायता समूहों की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। वहीं, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की प्रभावी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। -
मंशाराम की पत्नी रामकली ने कहा - विष्णु भैया ने दिया पक्का आवास
बालोद/छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से सुदूर वनांचल के अंतिम छोर पर बसे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कुमुड़कट्टा में पारंपरिक रूप से कुम्हार का कार्य करने वाले श्री मंशाराम और उनकी पत्नी श्रीमती रामकली का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिले पक्के मकान ने न सिर्फ उनके परिवार को सुरक्षित छत दी है, बल्कि उनके पारंपरिक हुनर को भी नया संबल प्रदान किया है।कुम्हार श्री मंशाराम वर्षों से पारंपरिक कुम्हारी और कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे थे। तीज-त्यौहारों के समय, जो कि मुख्य रूप से बारिश के मौसम में आते हैं, उन्हें मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने और बर्तन तैयार करने होते थे। कच्चे घर में सीलन और टपकते पानी के कारण उनके बनाए उत्पाद खराब हो जाते थे, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। उम्र के इस पड़ाव में पक्का मकान बनाना उनके लिए एक सपना ही था, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना ने सच कर दिखाया। सहायता राशि और अपनी जमा पूंजी मिलाकर उन्होंने एक मजबूत पक्का मकान तैयार किया है। अब वे बिना किसी मौसमी रुकावट के सुरक्षित छत के नीचे मिट्टी के उत्पाद तैयार कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।मंशाराम के परिवार को शासन की कई प्रमुख योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से उन्हें सुरक्षित छत और कुम्हारी का कार्य बेहतर ढंग से करने की सुविधा मिली है। भूमिहीन होने के कारण उन्हें पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत् प्रतिवर्ष 10 हजार की आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो रही है। मंशाराम की पत्नी श्रीमती रामकली को महतारी वंदन योजना के तहत् प्रतिमाह आर्थिक संबलता भी मिल रही है। रामकली ने बताया कि वर्षों से कच्चे मकान में मुश्किलों के बीच काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार में पक्का आवास और महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने से हमारी जिंदगी आसान हो गई है। योजनाओं का लाभ देने के लिए विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद। योजनाओं के इस त्रिवेणी संगम से मंशाराम का परिवार अब स्वाभिमान और आर्थिक स्थिरता के साथ अपनी आजीविका संवार रहा है। -
विकसित भारत-जी राम जी योजना, पीएम आवास एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा की
पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में कार्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद/ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जनपदवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तथा स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिसके अंतर्गत प्रत्येक जनपद पंचायत से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया गया। इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण कार्य और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने अधिकारियों को लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुँचाने और किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान करने तथा पुराने वित्तीय वर्ष के प्रगतिरत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने संबंधी निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायतों में मांग अनुरूप कार्यों को प्रारंभ करते हुए श्रमिकों को नियोजित करने के निर्देश दिए। जिससे वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप मानवदिवस सृजित किया जा सके। उन्होंने विशिष्ट कार्य अंतर्गत स्वीकृत बालिका शौचालय निर्माण, मुक्तिधाम शेड सह प्रतिक्षालय निर्माण एवं डिफंग बोरवेल रिचार्ज कार्यों को यथाशीघ्र प्रारंभ कराते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने संबंधी निर्देश दिए। इसके साथ ही विकासखण्ड डौण्डी में पूर्व वर्ष के 13 आंगनबाड़ी भवनों के अपूर्ण होने के कारण जिला पंचायत सीईओ ने एक माह के भीतर पूर्ण कराने संबंधित ग्राम पंचायत को सौंपने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में पात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किए जाने की स्थिति पर चर्चा की गई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सीईओ ने कहा कि हर गरीब परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।बैठक में सामुदायिक शौचालयों, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और जनजागरुकता गतिविधियों की समीक्षा की गई। महिलाओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट जैसी पहल को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी योजनाएं समय पर और गुणवतापूर्ण तरीके से पूर्ण हों। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, जिला समन्वयक, जनपद पंचायत सीईओ, कार्यपालन अभियंता, एसडीओ (आरईएस), कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे। -
*विभागाध्यक्ष और जिला कार्यालयों को भी किया गया सम्मानित*
रायपुर/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को जुलाई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसी प्रकार से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग को दूसरा तथा ग्रामोद्योग विभाग को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया।मुख्य सचिव ने सभी सम्मानित प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में लगातार अच्छा प्रदर्शन करें यही अपेक्षा है। उन्होंने आई-गाट पर प्रत्येक माह कम से कम 3 से 4 कोर्स प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अपने विभाग की आवश्यकता के अनुसार अवश्य करें। मुख्य सचिव ने प्रदेश स्तर पर आई गाट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।संयुक्त सचिव से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में ई-ऑफिस रैंकिंग के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक प्रथम, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन द्वितीय, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर विभाग प्रथम स्थान, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल कुमार गुप्ता द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) के उप सचिव श्रीमती ऋतु वर्मा तृृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। गृह विभाग के अवर सचिव श्री पूरन लाल साहू प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-1) के अवर सचिव श्री कैलाश कुमार नेताम द्वितीय स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अनुभाग अधिकारी श्री वीरेन्द्र कुमार प्रथम स्थान, अनुभाग अधिकारी श्री जीवन लाल नेताम द्वितीय स्थान, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री योगेन्द्र कुमार साहू तृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती प्रिया बागड़े द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-4) के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री जलेश राम तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री गौरव कुमार राय द्वितीय स्थान, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती अंजू दत्ता तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री प्रभु सिंह राठिया प्रथम स्थान, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री संदीप कुमार तारम द्वितीय स्थान, नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री उमेश यादव तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 श्री शेष नारायण साहू प्रथम स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की डाटा एन्ट्री ऑपरेटर श्रीमती माया देवांगन द्वितीय स्थान, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सहायक ग्रेड-श्री तरूण कुमार धृतलहरे तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।अटेंडेंस रेंक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले में अवर सचिव श्री अनिल तिर्की, निज सचिव सुश्री आराधना साहू, अनुभाग अधिकारी श्री आशिष कुमार शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री आशुतोष वर्मा, अनुभाग अधिकारी श्री अश्वनी कुमार भतपहरी, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री भागेश कुमार ध्रुव, अवर सचिव श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, उप सचिव श्रीमती हेमिन बाघे, भृत्य श्री किशोर कुमार, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा, अनुभाग अधिकारी श्रीमती मंजूषा राजपूत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मेलू राम ध्रुव, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री मिर्जा मुस्कान बेग, अनुभाग अधिकारी श्री मुकेश कुमार शाकार, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री नरेश कुमार बाघमार, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री पवन कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती पुष्पांजली गजभिये, भृत्य श्री राज कुमार सोरी, सचिव (भारसाधक) श्री राजेश सिंह राणा, स्टैनो टायपिस्ट सुश्री राखी सिदार, स्टैनो टायपिस्ट श्री रमाकांत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सुश्री रूपाली तिवारी, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री शिवचरण राठौर, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे, सहायक ग्रेड-01 श्री तरूण कुमार धृतलहरे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री विवेक सोनी को रैंकिंग एक के लिए सम्मानित किया गया।तीन माह का ई-ऑफिस रैंकिंग में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव, श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम स्थान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक द्वितीय स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन तृतीय स्थान सम्मानित किया गया।तीन माह के लिए अडेंटेंस रैकिंग में उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य श्री राज कुमार सोरी द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मेलू राम ध्रुव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।तीन माह के लिए डिपार्टमेंट रैकिंग में प्रथम स्थान में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वितीय, गृह विभाग तृतीय स्थान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया।ई-ऑफिस रैंकिंग विभागाध्यक्ष के अधिकारियों में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सुश्री रीता यादव प्रथम स्थान, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री डी. राहुल वेंकट द्वितीय स्थान, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक श्री जॉन तिग्गा तृतीय स्थान, चिकित्सा शिक्षा विभाग सहायक ग्रेड-3 श्री वेद प्रकाश देवांगन चतुर्थ स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डाटा एन्ट्री ऑपरेटर श्री पीताम्बर प्रसाद पाचवें स्थान पर सम्मानित किया गया।ई-ऑफिस जिला कार्यालय में जिला रायपुर की सहायक परियोजना अधिकारी सुश्री अनिता जैन प्रथम स्थान, जिला सक्ती कार्यालय सहायक सह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर सुश्री नंदनी सोनी द्वितीय स्थान, रायपुर जिले के नोडल अधिकारी श्री पंकज कुमार शर्मा तृतीय स्थान, सक्ती जिला के ई-जिला तकनीकी प्रबंधक श्री तुलसी देवांगन चौथा स्थान, कबीरधाम जिले के अधीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह धु्रर्वे पांचवा स्थान पर सम्मानित किया गया।आई-गाट रैंकिंग में श्री गौतम कुमार देवांगन, चौकीदार, आयुक्त बिलासपुर को प्रथम स्थान, श्री प्रेम नारायण नायक, व्याख्याता, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार, द्वितीय स्थान और श्री दिनेश कुमार, पुलिस आरक्षक, पुलिस अधीक्षक बालोद, तृतीय स्थान सम्मानित किया गया। -
*समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल*
*सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका : मंत्री श्री अग्रवाल*रायपुर/ सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों तथा कैडेटों की प्रतिभा को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों तथा कैडेटों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी।समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर किया।मुख्य अतिथि श्री राजेश अग्रवाल ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। उन्होंने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।*उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित*समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी प्रदान की गई।विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्ति/सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।*कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित*मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ। -
*सर्व आदिवासी समाज और महिला आयोग ने दिए अहम सुझाव*
रायपुर/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आज यूसीसी समिति के समक्ष बस्तर से लेकर सरगुजा तक के प्रतिनिधियों की आवाज गूंजी। इस परिचर्चा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग और अध्यक्ष राज्य फिल्म विकास निगम ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त श्रीमती ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशिष्टता को नए कानून में पूर्ण संरक्षण देने की बात कही। इसके साथ ही विवाह पंजीयन, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी समिति के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ।महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने और धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के संदर्भ में यूसीसी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-कला और जनजातीय धरोहर को अक्षुण्ण रखने का सुझाव देते हुए कहा कि वैवाहिक और संपत्ति अधिकारों में समानता से समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को नया आत्मविश्वास और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समिति प्रदेशभर में व्यापक जन-संवाद चला रही है। प्रस्तावित संहिता का मूल उद्देश्य धर्म या समुदाय के भेदभाव से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत विवाह एवं तलाक,भरण - पोषण,उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव इन संबंध में विचार और सुझावों पर समिति मंथन करेगी। वर्तमान में समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम जनता, कानूनविदों और सामाजिक संगठनों की राय जुटा रही है, ताकि छत्तीसगढ़ में एक पारदर्शी, न्यायसंगत और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता लागू की जा सके। -
*संत गोबिंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं का दीक्षारंभ कार्यक्रम*
रायपुर/संत गोबिंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, रायपुर में वर्ष 2026-27 में नवप्रवेशित छात्राओं का दीक्षारंभ कार्यक्रम आज राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं का राज्यपाल ने सम्मान भी किया।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नवप्रवेशित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह अध्याय उन्हें केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि एक जागरूक, सशक्त और संवेदनशील नागरिक के रूप में तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में कदम रखते ही छात्राएं उस गौरवशाली परंपरा की उत्तराधिकारी बन गई हैं, जिसने दशकों से बालिकाओं को ज्ञान और शिक्षा का प्रकाश प्रदान किया है।श्री डेका ने महिलाओं की तुलना पानी से करते हुए कहा कि जिस प्रकार पानी के बिना जीवन अधूरा है, उसी प्रकार महिलाओं के बिना समाज भी अधूरा है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने पास जो कुछ है, उससे संतुष्ट रहें, लेकिन अपने भविष्य को लेकर निरंतर प्रयास करती रहें। जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर और क्षेत्र हैं। यदि किसी एक क्षेत्र में सफलता नहीं मिलती है तो निराश होने के बजाय अन्य अवसरों का लाभ उठाकर कर आगे बढ़ना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि जीवन सतत सीखने की प्रक्रिया है और हम जीवनभर विद्यार्थी बने रहते हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं , तकनीक ने ज्ञान के नए द्वार खोले हैं, लेकिन तकनीक पर पूर्ण निर्भरता उचित नहीं है। इंटरनेट से बहुत कुछ सीखा जा सकता है, लेकिन यह मानव बुद्धि और विवेक का स्थान नहीं ले सकता। जीवन को सरल, सार्थक और बेहतर बनाने के लिए ज्ञान प्राप्त करना तथा उसका विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि हमें केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमें क्या दिया, बल्कि यह भी विचार करना चाहिए कि हम समाज, अपने पड़ोस और देश की बेहतरी के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। जीवन अनमोल है, इसलिए इसे अनावश्यक चिंताओं में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हुए कठोर परिश्रम करना चाहिए। निरंतर प्रयासों से भविष्य निश्चित रूप से बेहतर बनेगा।राज्यपाल ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षकों का योगदान अमूल्य है, जिसे पैसों में नहीं मापा जा सकता। शिक्षकों को भी अपने आचरण और व्यवहार से विद्यार्थियों के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे वे उनसे प्रेरणा ले सकें।उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने समाज के लिए छोटे-छोटे सकारात्मक योगदान करें। उनके ये छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।कार्यक्रम में महाविद्यालय की उन प्रतिभाशाली छात्राओं को राज्यपाल ने सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और कुशाग्रता से महाविद्यालय का नाम रोशन किया।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, संत श्री युधिष्ठिर लाल, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उषा किरण अग्रवाल, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। -
*सेक्टर-18 में 40 एकड़ में आकार लेगा राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी*
*छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी शिक्षा के मिलेंगे राष्ट्रीय स्तर के अवसर**दो से तीन वर्षों में शुरू होगा पहला बैच, पूर्ण विकसित होने पर लगभग 10 हजार विद्यार्थी होंगे लाभान्वित**नवा रायपुर को एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी पूर्ण कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर न जाना पड़े तथा उन्हें अपने ही प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान अवसर मिलें, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार उपस्थित थे।*40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस*नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई।संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।*युवाओं के लिए खुलेंगे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए द्वार*NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। प्रदेश के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास तथा आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही राज्य में प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे नवा रायपुर में विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।*शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी मिलेगी गति*NMIMS की स्थापना का प्रभाव केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार मिलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल युवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी।*नवा रायपुर की राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी पहचान*राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से युक्त शहर के साथ ही एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां स्थापित होना इस परिकल्पना को नई गति देगा।देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवेश का विस्तार होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इससे नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में और मजबूत होगी।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान न केवल प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा, कौशल और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। -
- बेतर (दाढ़ी) में 132/33 केवी उपकेंद्र ऊर्जीकृत
- 80 एमवीए की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति होगी मजबूत
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश की पारेषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बेमेतरा जिले के बेतर (दाढ़ी) में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र का आज प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने ऊर्जीकरण किया। उपकेंद्र में स्थापित 40-40 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मरों को भी सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। दोनों ट्रांसफार्मरों के ऊर्जीकरण से उपकेंद्र में कुल 80 एमवीए की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी उपलब्ध हुई है।
नए उपकेंद्र के निर्माण से बेमेतरा जिले के 72 तथा कवर्धा के 25 गांवों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन संभव होगा तथा क्षेत्र में घरेलू, कृषि एवं अन्य उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नए उपकेंद्र की कुल परियोजना लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है।
इस उपकेंद्र को विद्युत आपूर्ति से जोड़ने के लिए 220 केवी उपकेंद्र गेन्दपुर से 132 केवी उपकेंद्र जाने वाली पारेषण लाइन को LILO (Loop In Loop Out) किया गया है। इसके लिए लगभग 8.8 करोड़ रुपये की लागत से 5 किलोमीटर नई पारेषण लाइन का निर्माण किया गया। इस व्यवस्था से नए उपकेंद्र को पारेषण नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता एवं पारेषण क्षमता में वृद्धि होगी।
प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने उपकेंद्र के ऊर्जीकरण पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए पारेषण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नए उपकेंद्रों एवं पारेषण लाइनों के निर्माण से न केवल वर्तमान विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में सुविधा होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाले विद्युत भार के लिए भी आवश्यक अधोसंरचना तैयार होगी। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में स्थापित यह नया उपकेंद्र क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर उपकेंद्र परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रबंध निदेशक सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री एम. एस. चौहान, श्री संजय पटेल, श्री के. एस. मनोठिया, श्री वीरेंद्र दीक्षित एवं श्री शिरीष शैलेट, मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीस, श्री संजय तिवारी एवं श्री प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री राजेश तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री आई. एस. कंवर, श्री करुणेश यादव, श्री सुनील भूआर्य, श्री धनेश देवांगन, श्री तरुण ठाकुर, श्री विक्रम मंधान एवं श्री ललित देवांगन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
- धान खरीदी 2026-27 संस्थागत और सह-खातेदार किसानों के लिए एकीकृत किसान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक बकेट क्लेम अनिवार्य
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक एवं सभी समिति प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली।
कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। सहखातेदार सभी का पंजीयन होना चाहिए। बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन लंबित है जिसके लिए कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि इस वर्ष धान बिक्री के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन एवं सह-खातेदारों का बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) अनिवार्य रहेगा। बकेट क्लेम जब किसी कृषि भूमि में एक से अधिक हिस्सेदारी दर्ज होते हैं, तो उसे संयुक्त खाता कहते है। प्रत्येक हिस्सेदार के नाम से बकेट आई डी बनता है, इस बकेट को एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना ही बकेट क्लेम कहा जाता है।
विशेष शिविर लगाकर पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिये है कि बकेट क्लेम और किसानों के पंजीयन का कार्य समय-सीमा में पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से स्थल पर ही सह खातेदारों का सत्यापन, ओटीपी आधारित सहमति और पंजीयन प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा।
संस्थागत छूट समाप्त, पंजीयन अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को जो विशेष छूट दी गई थी, उसे इस वर्ष पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब संस्थागत सहित सभी श्रेणियों के किसानों का पोर्टल पर पंजीयन होना अनिवार्य है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं होगा, वे धान बिक्री से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं संबंधित अमले को सभी लंबित बकेट क्लेम का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सह-खातेदारों का ओटीपी के माध्यम से सत्यापन
संयुक्त खाते की स्थिति में सभी सह-खातेदारों (जैसे भाई, बहन या अन्य हिस्सेदार) का बकेट क्लेम अनिवार्य किया गया है। यदि सह-खातेदार बाहर या दूसरे शहर में रहते हैं, तो उनका भौतिक रूप से उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। समिति या केंद्र से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर ऑनलाइन सहमति प्राप्त की जा सकती है। जब तक सभी सह-खातेदारों का सत्यापन पूर्ण नहीं होगा, तब तक धान खरीदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
पंजीयन न कराने वालों से घोषणा पत्र अनिवार्य
जो किसान या संस्थागत खाताधारक इस वर्ष धान नहीं बेचना चाहते हैं, उनसे लिखित घोषणा पत्र लिया जाएगा। इसमें यह दर्ज रहेगा कि वे स्वेच्छा से पंजीयन नहीं करा रहे हैं और भविष्य में धान न बिकने पर समिति की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
दस्तावेजों की जांच और नोटिस की तामीली
समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि लंबित बकेट क्लेम वाले किसानों को जारी नोटिस की विधिवत तामीली कराएं। तामीली रसीद पर अधिकृत व्यक्ति का नाम, पद, हस्ताक्षर और तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति न बने।
पंजीयन के आसान विकल्प
किसान अपना पंजीयन और बकेट क्लेम निकटतम प्राथमिक कृषि साख समिति, तहसील कार्यालय या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि समय पर अपना पंजीयन और सह-खातेदारों का सत्यापन पूर्ण कराएं ताकि धान खरीदी शुरू होने पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। -
बालोद/जिला कार्यालय बालोद में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री नरोत्तम सिंह टेमार्य के अर्द्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर 31 अगस्त 2026 को जिला कार्यालय स्थित सभाकक्ष में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने श्री टेमार्य को सेवानिवृत्ति के अवसर पर अवकाश नगदीकरण एवं भविष्य निधि की राशि भेंट कर उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री नरोत्तम सिंह टेमार्य ने वर्ष 1995 से विभिन्न शासकीय कार्यालयों में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कीं। नवीन जिला बालोद के गठन के पश्चात वे स्थानांतरित होकर जिला कार्यालय बालोद में पदस्थ हुए। वर्ष 2014 से वे कलेक्टर के निज पदस्थापना शाखा में कार्यरत रहे तथा जिले में पदस्थ विभिन्न कलेक्टरों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए सेवानिवृत्त हुए।
समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला कार्यालय परिवार की ओर से श्री नरोत्तम सिंह टेमार्य को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने श्री टेमार्य के सरल, सहज एवं अनुशासित व्यक्तित्व तथा कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा एवं समर्पित कार्यशैली की सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय सेवा में ईमानदारी, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ लंबे समय तक सेवाएं देना अपने आप में सराहनीय है। उन्होंने श्री टेमार्य के स्वस्थ, सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर कलेक्टर ने सेवानिवृत्ति के अवसर पर अवकाश नगदीकरण एवं भविष्य निधि की राशि प्रदान करने की पहल के लिए वित्त स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी एवं वित्त शाखा के कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को उनके देय स्वत्वों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना कार्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकड़ा सहित जिला कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री नरोत्तम सिंह टेमार्य के दीर्घ शासकीय सेवाकाल की सराहना करते हुए उन्हें भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
गृहग्राम सहगांव में भी हुआ भव्य स्वागत
कार्यालय में सम्मान समारोह के पश्चात जिला कार्यालय बालोद के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा श्री नरोत्तम सिंह टेमार्य को सम्मानपूर्वक उनके गृहग्राम सहगांव पहुंचाया गया। गृहग्राम पहुंचने पर ग्राम के सरपंच श्री भुषण लाल देवागन, ग्राम पटेल, ग्रामवासियों एवं परिवारजनों द्वारा उनका आत्मीय एवं भव्य स्वागत-सम्मान किया गया। इस दौरान ग्रामवासियों एवं परिजनों ने उनके शासकीय सेवाकाल की सराहना करते हुए सेवानिवृत्ति के पश्चात सुखमय एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं। -
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए मोहल्लों तक पहुंची इलाज की सुविधा
घर के नजदीक इलाज, जांच और दवाइयां — जरूरतमंद नागरिकों के लिए बनी बड़ी राहत
रायपुर/राजधानी शहर रायपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों को उनके मोहल्ले और घर के नजदीक ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों—इसी उद्देश्य के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू ) स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने का काम कर रही हैं।
रायपुर में संचालित 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, लैब टेस्ट और आवश्यक दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में नागरिकों तक पहुंचा है।
एमएमयू की बड़ी उपलब्धियां--
लाभार्थियों की संख्या
???? कुल ओपीडी - 16,88,768
???? लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या - 3,57,296
???? दवा वितरण किए गए मरीजों की संख्या - 14,83,515
16.88 लाख से अधिक ओपीडी का आंकड़ा बताता है कि नागरिकों ने अपने नजदीक उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े स्तर पर लाभ उठाया है। वहीं 3.57 लाख से अधिक मरीजों के लैब टेस्ट के जरिए विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच में मदद मिली और 14.83 लाख से अधिक लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मोहल्ले तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा
अस्पताल तक पहुंचने में दूरी, समय और खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। विशेषकर मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कई बार छोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए भी अस्पताल जाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
एमएमयू मॉडल इसी समस्या को कम करने की दिशा में काम करता है। मेडिकल टीम लोगों के नजदीक पहुंचती है और वहीं डॉक्टर की सलाह, प्राथमिक उपचार, जांच तथा आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराती है।
महिलाओं के लिए खास पहल — दाई-दीदी क्लीनिक
महिला मरीजों के लिए महिला डॉक्टर और स्टाफ के साथ विशेष स्वास्थ्य सेवा
एमएमयू व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेष पहलों में से एक है “दाई-दीदी क्लीनिक”, जिसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए तैयार किया गया है।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिला डॉक्टर, महिला फार्मासिस्ट, महिला लैब टेक्नीशियन और एएनएम सहित महिला स्टाफ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को बिना संकोच अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताने और उपचार प्राप्त करने का सुरक्षित एवं सहज वातावरण देना है।
यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो समय की कमी, दूरी, आर्थिक परेशानी या संकोच के कारण अपनी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं करा पाती थीं।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भावस्था, स्त्री स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
सिर्फ इलाज नहीं, जांच भी
एमएमयू का उद्देश्य केवल मरीज को डॉक्टर की सलाह देना नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लैब जांच की सुविधा भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रायपुर में अब तक 3,57,296+ मरीजों के लैब टेस्ट किए जा चुके हैं।
इससे मरीजों की बीमारी को समझने, आवश्यक उपचार तय करने और समय पर आगे की चिकित्सा सलाह देने में मदद मिलती है।
राज्य की एमएमयू व्यवस्था में विभिन्न प्रकार की नियमित जांचों के साथ बीपी, ब्लड शुगर और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य जांचों की सुविधा का भी उल्लेख किया गया है।
दवा भी, इलाज भी
डॉक्टर से जांच और परामर्श के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना एमएमयू की महत्वपूर्ण विशेषता है।
रायपुर में 14,83,515+ लोगों को दवा वितरण किया गया है।
इससे विशेष रूप से ऐसे परिवारों को राहत मिलती है, जिनके लिए इलाज के बाद दवाइयों का खर्च भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।
15 एमएमयू — शहर के अलग-अलग क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को अलग-अलग बस्तियों और जरूरतमंद क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य साफ है—
“अस्पताल तक मरीज पहुंचे” के साथ-साथ “स्वास्थ्य सेवा मरीज तक पहुंचे।”
यही मॉडल शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एमएमयू से नागरिकों को यह मिला:-
घर के नजदीक इलाज
दूर अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हुई और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा लोगों के करीब पहुंची।
जांच की सुविधा
लैब टेस्ट के माध्यम से बीमारी की पहचान और उपचार में सहायता मिली।
निःशुल्क/उपलब्ध दवाओं से राहत
डॉक्टर की सलाह के अनुसार आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
* महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
दाई-दीदी क्लीनिक के जरिए महिलाओं को महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सहज वातावरण में उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया।
कमजोर वर्गों तक पहुंच
स्लम एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का मॉडल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें नियमित स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
आंकड़ों में रायपुर की स्वास्थ्य सेवा
कुल 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स
16,88,768- कुल ओपीडी
3,57,296 - लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या
14,83,515 को दवा वितरण
एमएमयू ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है
रायपुर में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है। ओपीडी से लेकर लैब जांच और दवा वितरण तक, एक ही व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए दाई-दीदी क्लीनिक जैसी विशेष पहल इस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील बनाती है—जहां महिला मरीजों को महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपनी समस्याएं साझा करने और उपचार प्राप्त करने का सहज अवसर मिलता है।
15 एमएमयू 16.88 लाख से अधिक ओपीडी , 3.57 लाख से अधिक लैब टेस्ट और 14.83 लाख से अधिक दवा वितरण—ये आंकड़े बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवा को नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है। -
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 स्वास्थ्य विभाग को गन्दगी एवं कचरे से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चन्द्रवंशी के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर के मार्गनिर्देशन में जोन क्षेत्र अंतर्गत नेहरूनगर बूढातालाब बायपास मार्ग में तत्काल टीम भेजकर बायपास मार्ग पर पड़े कचरे को उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वच्छता कायम की गयी और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
-
वर्चुअल बैठकों के जरिए लगातार संगठन का कर रहे मार्गदर्शन
'हर घर तिरंगा' और 'मन की बात' जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में रहे सक्रिय
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वे बहुत जल्द पूरी सक्रियता के साथ सीधे कार्यकर्ताओं के बीच लौटेंगे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि अस्वस्थ होने के बावजूद वे संगठन के कामकाज से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और लगातार डिजिटल माध्यमों से पार्टी की सभी गतिविधियों का संचालन व मार्गदर्शन कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव प्रदेश कार्यालय में आयोजित होने वाली तमाम महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों में नियमित रूप से ऑनलाइन जुड़ रहे हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरक रही, वहीं पार्टी के आगामी अभियानों की रूपरेखा तय करने और कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए वे पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। श्री देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को भी सुना और देशहित में किए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त किया। संगठन के सभी अभियानों की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे प्रदेश अध्यक्ष श्री देव जल्द ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने चिकित्सकीय बुलेटिन के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि श्री देव के कमर के ऊपरी हिस्से में किसी प्रकार की कोई चोट नहीं लगी थी। कमर के निचले हिस्से में एक छोटा सा फ्रैक्चर था, जिसके उपचार हेतु एक छोटी-सी सफल सर्जरी की गई थी। डॉ. मिश्रा ने बताया कि चिकित्सकीय बुलेटिन के अनुसार फ्रैक्चर अब तेजी से ठीक हो गया है और रिकवरी की स्थिति बेहद संतोषजनक है। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य में हो रही इस त्वरित प्रगति पर पूर्ण प्रसन्नता जताई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि श्री देव अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और लाखों कार्यकर्ताओं की प्रार्थनाओं के बल पर जल्द ही पूर्णतः स्वस्थ होकर रायपुर लौट रहे हैं। वे शीघ्र ही रायपुर पहुँचकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व पर पुनः पूर्ण ऊर्जा के साथ कार्य करने वाले हैं। -
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में किसानों के हित व संगठन विस्तार पर हुआ मंथन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि ने किसानों को धान खरीदी के लिए अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 354 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाएंगे। श्री साय ने किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को गांव-गांव और किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय सोमवार को यहाँ भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में पार्टी के किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को मुख्य वक्ता की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि करीब 11 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं से जुड़े कार्यों को आगामी दो वर्षों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश लगातार नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विकास कार्यों के विस्तार, शिक्षा के स्तर में सुधार और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी श्री साय ने साझा की।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के सामने रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश में शौचालय निर्माण की बात सामने रखी गई थी, तब विपक्ष द्वारा इसका विरोध किया गया, लेकिन आज वही पहल महिलाओं, बेटियों और माताओं के सम्मान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन चुकी है। श्री साहू ने वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक देश में हुए विकास कार्यों को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनकी बेदाग छवि को भी संगठन के समक्ष प्रमुखता से रखा।
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यकर्ताओं को उनके दायित्वों का बोध कराया और किसान और कृषि के महत्व को बारीकी से कार्यकर्ताओं तक पहुँचाने का प्रयास किया। श्री नेताम ने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, नीतियों और उनके प्रभावों की उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने अपने उद्घाटन भाषण में कार्यकर्ताओं में उत्साह और संगठन के प्रति समर्पण का भाव जगाया। श्री साय ने कहा कि किसान मोर्चा केवल एक अलग संगठनात्मक इकाई नहीं, बल्कि भाजपा के मुख्य संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मोर्चा में सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए मुख्य संगठन में नेतृत्व की संभावनाओं के द्वार खुले हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभालने से लेकर अब तक किसान मोर्चा द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष रखा। उन्होंने मोर्चा को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए आगामी कार्ययोजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि कार्यसमिति में किसान हित, संगठन को मजबूत करने, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यसमिति में किसान हित से जुड़े विषयों को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें प्रदेश में किसानों के लिए और बेहतर एवं श्रेष्ठ कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रस्ताव को प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त हुआ।
कार्यसमिति के दौरान किसान मोर्चा के पदाधिकारी, प्रदेश एवं जिला स्तर के कार्यकर्ता तथा भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने तथा किसानों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाने को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। -
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बुधवार, 2 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर में ओम हॉस्पिटल, रायपुर के डॉ. योगेश धाबर्डे (एमडी मेडिसिन), डॉ. प्रवीण साहू, डॉ. गोविंद साहू एवं उनकी टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा रायपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, रामकुंड, रायपुर की टीम भी शिविर में सेवाएं देगी। टीम में डॉ. दिलीप मुकुंद पिंपले, प्राचार्य, डॉ. निर्मल भोई, उप प्राचार्य, डॉ. योगेश श्रीवास्तव, मेडिकल ऑफिसर एवं शिविर प्रभारी, डॉ. हर्षिता मेहता, मेडिकल ऑफिसर, डॉ. पद्मश्री बक्शी, आरएमओ, डॉ. पंकज कटारिया, मेडिकल ऑफिसर एवं उनकी टीम शामिल रहेगी।
रायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाएं।
स्थान : रायपुर प्रेस क्लब
दिनांक : 2 सितंबर 2026, बुधवार
समय : दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक
आयोजक : रायपुर प्रेस क्लब -
- जमीन आवंटन के लिए बनेगी वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी
- नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने सरकार से संवाद करेगी कमेटी
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने प्रेस क्लब के सदस्यों के लिए नवा रायपुर में जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। राजनांदगांव और बिलासपुर की तर्ज पर रायपुर के पत्रकारों को भी आवास के लिए जमीन अथवा आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रेस क्लब लगातार शासन स्तर पर संवाद और पत्राचार कर रहा है।
इसी क्रम में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव एवं अब तक हुए संवाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने का प्रकरण आवास एवं पर्यावरण विभाग को भेजा जा चुका है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा शासन के साथ प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने वरिष्ठ पत्रकारों के समक्ष जमीन आवंटन को लेकर अब तक शासन के साथ हुए पत्राचार, संवाद और प्रकरण की प्रगति की विस्तृत जानकारी रखी। जिसमें फरवरी, जून और अगस्त माह में सरकार से हुए पत्राचार और प्रकरण की अद्यतन स्थिति बताई गई
बैठक में पूर्व अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, रामावतार तिवारी और बृजेश चौबे, नवभारत के वाइस प्रेसीडेंट उमाशंकर व्यास , वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा, नवप्रदेश के प्रधान संपादक यशवंत धोटे, हरिभूमि से संपादक ब्रह्मवीर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार , शेख स्माइल, राजेश जॉन पॉल, प्रफुल्ल पारे एवं संदीप पुराणिक उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारों के आवास से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक पहल की आवश्यकता जताते हुए वरिष्ठ पत्रकारों की एक कमेटी गठित करने पर सहमति व्यक्त की। यह कमेटी शासन के संबंधित विभागों और सरकार के साथ संवाद कर जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रायपुर प्रेस क्लब के अधिक से अधिक सदस्यों को इस योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी के सुझावों के आधार पर प्रस्ताव और कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों के लिए आवास की सुविधा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का प्रयास है कि शासन के सहयोग से इस दिशा में ठोस और परिणामदायी पहल हो। नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रेस क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए वरिष्ठ पत्रकार जनों की सलाह पर जल्द एक कमेटी गठित कर सरकार से निरंतर संवाद किया जाएगा। - *नमो दीदी ड्रोन योजना ने खोला रोजगार का नया रास्ता*बिलासपुर/जिले के मस्तुरी विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी सीमा वर्मा आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी आजीविका को नई दिशा दी है। नमो दीदी ड्रोन योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर अब ड्रोन दीदी के रूप में किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से कीटनाशक, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं।सीमा वर्मा ने बताया कि ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके लिए रोजगार का एक नया अवसर खुला है। वे आसपास के किसानों के संपर्क में रहकर उनकी आवश्यकता के अनुसार खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं नैनो उर्वरकों का छिड़काव करती हैं। इससे किसानों को कम समय में खेतों में छिड़काव की सुविधा मिल रही है और सीमा को भी इस कार्य से अच्छी आय प्राप्त हो रही है। आधुनिक तकनीक से जुड़कर काम करने से उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि ड्रोन से छिड़काव का कार्य उनके लिए आजीविका का बेहतर माध्यम बन गया है। इससे प्राप्त होने वाली अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। पहले जहां आय के सीमित साधन थे, वहीं अब ड्रोन संचालन के साथ उन्होंने अपनी आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता तैयार किया है। सीमा का कहना है कि बिहान योजना और नमो दीदी ड्रोन योजना ने उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।सीमा वर्मा केवल ड्रोन संचालन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मशरूम उत्पादन का कार्य भी कर रही हैं। मशरूम उत्पादन के माध्यम से भी वे अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं। एक ओर वे किसानों के खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। इस तरह विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शासन की योजनाओं से मिले इस अवसर के लिए श्रीमती सीमा वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।




.jpg)
.jpeg)
.jpg)
.jpeg)


.jpg)




.jpg)












