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- - *इच्छुक बोलीकर्ताओं से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने का आग्रहबेमेतरा। गौण खनिज साधारण रेत खदानों के आबंटन की प्रक्रिया अब ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इसके तहत समस्त प्रक्रिया — निविदा जारी करना, बोलीकर्ताओं का पंजीयन, बोली लगाने की प्रक्रिया, तकनीकी अर्हता का परीक्षण, लॉटरी प्रक्रिया एवं अधिमानी बोलीदार का चयन — एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से संपन्न की जाएगी।संचालक, भू-संपदा विभाग के निर्देशानुसार ई-नीलामी प्रक्रिया की जानकारी एवं प्रशिक्षण हेतु दुर्ग संभाग के जिला अधिकारियों एवं इच्छुक बोलीकर्ताओं के लिए विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह प्रशिक्षण 10 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को समय दोपहर 12.00 बजे से अपरान्ह 3.00 बजे तक जिला पंचायत सभागार, दुर्ग में आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ई-नीलामी से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है ताकि इच्छुक बोलीकर्ता पोर्टल के माध्यम से नीलामी में सफलतापूर्वक भाग ले सकें।प्रशिक्षण के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा बताया गया है कि कार्यक्रम की अधिकतम जानकारी समाचार पत्र, कार्यालय नोटिस बोर्ड एवं जिला प्रशासन के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक बोलीकर्ता इस प्रशिक्षण में शामिल हो सकें। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रशिक्षण राज्य के सभी संभागों में क्रमवार रूप से आयोजित किया जा रहा है, रायपुर में 9 अक्टूबर, दुर्ग में 10 अक्टूबर, बिलासपुर में 13 अक्टूबर, सरगुजा में 14 अक्टूबर एवं बस्तर में 16 अक्टूबर 2025 को प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं इच्छुक बोलीकर्ताओं से अपील की है कि वे प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से शामिल होकर ई-नीलामी प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
- -छग राज्य नियामक आयोग के तहत अब 04 जिलों के विद्युत उपभोक्ता फोरम से संबंधित उपभोक्ता परिवेदना का त्वरित होगा समाधानराजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने श्री अश्वनी कुमार गौराहा सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता को विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, राजनांदगांव क्षेत्र का अध्यक्ष नियुक्त किया है। विद्युत नियामक आयोग के आदेश के परिपालन में श्री ए0के0 गौराहा ने आज क्षेत्रीय प्रशासनिक भवन स्थित कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट, अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री शंकेश्वर कंवर, कार्यपालन अभियंता श्री ए.डी. टण्डन, सुश्री, गीता ठाकुर, लेखाधिकारी भावेश बाल्दे सहित सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, राजनांदगांव क्षेत्र के नवपदस्थ अध्यक्ष श्री गौराहा को पदभार ग्रहण करने की बधाई एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, राजनांदगांव क्षेत्र हेतु अध्यक्ष नियुक्त होने से 04 जिलों क्रमषः राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम के अन्तर्गत आने वाले विभागीय संभाग राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, मोहला, खैरागढ़, कवर्धा एवं पंडरिया के उपभोक्ताओं के फोरम से संबंधित परिवेदना का त्वरित समाधान हो सकेगा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण और राज्य में विद्युत क्षेत्र के विनियमन के लिए काम करने वाला एक महत्वपूर्ण वैधानिक निकाय है।उल्लेखनीय है कि यह नियुक्ति आयोग के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (उपभोक्ता परिवेदना निवारण) विनियम, 2023‘‘ के तहत की गई है। विद्युत नियामक आयोग ने अपने पूर्व आदेश दिनांक 30/07/2025 द्वारा गठित चयन समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद श्री ए0के0 गौराहा के नाम को मंजूरी दी। इनका कार्यकाल नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से 03 वर्ष की अवधि अथवा 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो,के लिए होगी। वेतन और भत्ते इस पद के लिए देय वेतन एवं भत्ते के विनियमों तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के अंतर्गत प्रशासित होंगे।
- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा महासमुंद ज़िले की चारों विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का फोटोयुक्त मतदाता सूची मतदान केन्द्रवार मुद्रण, मतदान केन्द्रवार वर्किंग प्रतियों का मुद्रण (लेजर प्रिंट से) एवं आवश्यकतानुसार अन्य मुद्रण कार्य करने हेतु निविदा आमंत्रित की गई है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 दोपहर 01ः00 बजे तक निर्धारित है। निर्धारित अवधि में प्राप्त समस्त निविदाए समिति द्वारा इसी दिन दोपहर 02ः00 बजे खोली जाएगी। प्रपत्र नियम एवं शर्तें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय महासमुंद के निर्वाचन शाखा से 30 अक्टूबर 2025 दोपहर 12ः00 बजे तक 500 रुपए की राशि जमा कर प्राप्त किया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय कलेक्टर महासमुंद के सूचना पटल एवं वेबसाइट https://mahasamud.gov.in पर अवलोकन कर सकते है।
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बिलासपुर /समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर सर्वाेत्तम दिव्यांग कर्मचारी (दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, अस्थि बाधित, प्रमष्तिक अंगाघात) कुल 04 श्रेणी, दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, अस्थि बाधित, प्रमस्तिष्क अंगाघात, बहुदिव्यांग दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं कुल 04 श्रेणी, नियोक्ताओं के अतिरिक्त निःशक्तता के क्षेत्र में कार्य कर रही सर्वाेत्तम जिला संवर्ग को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है।
इसी अनुक्रम में इस वर्ष भी दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदाय किया जाएगा। दिव्यांगजनों के क्षेत्र में किये गये कार्यों का विस्तृत विवरण के साथ वर्ष 2025 हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन दो प्रतियों में संयुक्त संचालक, समाज कल्याण विभाग, पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग, कमरा नं. 04 बिलासपुर में 10 अक्टूबर 2025 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं एवं आवेदन पत्र के प्रारूप एवं मापदण्ड हेतु उपस्थित होकर अवलोकन कर सकते हैं। - - जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देशबिलासपुर, /गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने के लिए सीएमएचओ कार्यालय में जिला स्तरीय कॉल सेन्टर स्थापित किया जायेगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तरीय स्वास्थ्य समिति की बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग के नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा अमला इस विषय को लेकर बेहद संवेदनशील होकर काम करें। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सहायक कलेक्टर अरविन्थ कुमारन डी, सीएमएचओ डॉ.शुभा गढ़ेवाल, डीपीओ सुरेश सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी से लेकर जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के पंजीयन में ढिलाई बरतने पर बीएमओ एवं बीपीएम को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि एक भी महिला गर्भवती होने के उपरांत अपंजीकृत नहीं होने चाहिए। पंजीयन होने के उपरांत ही उन्हें सभी जरूरी टीका, प्रसव आदि सुविधाएं मिलना सुनिश्चित होती हैं। उन्होंने स्वस्थ नारी, सुरक्षित परिवार अभियान को आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए। इस अभियान के अंतर्गत चिन्हित महिलाओं के आगे उपचार की कार्य-योजना पर भी चर्चा की।
- बिलासपुर /आईटीआई कोनी के सीओई भवन मे 13 अक्टूबर को सवेरे 10 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जाएगा। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, मैकेनिक डीजल, मशीनिष्ट, वेल्डर, टर्नर एवं कोपा के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस मेले में भाग ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए आदर्श आद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी बिलासपुर में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकतें हैं।
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बिलासपुर /खारंग जलाशय निषाद मछुवा सहकारी समिति मर्यादित सीस की सदस्यता सूची का प्रथम प्रकाशन 8 अक्टूबर को कर दिया गया है तथा सदस्यता सूची पर दावा-आपत्ति 15 अक्टूबर 2025 तक आमंत्रित किया गया है। जारी सूची कार्यालय के नोटिस बोर्ड, उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बिलासपुर के कार्यालय, विकासखण्ड कोटा के कार्यालय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या शाखा रतनपुर के सूचना पटल पर चस्पा कर दिया गया है। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे किया जाएगा।
- -बेनिफिशयरी सत्यापन ऐप से कर सकते है सत्यापनबिलासपुर /भारत सरकार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सामाजिक सहायता कार्यक्रम अन्तर्गत संचालित पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों का सत्यापन के लिये मोबाईल एप ‘‘बेनिफिशयरी सत्यापन ऐप’’ तैयार कराया गया है। जिसके माध्यम से प्रथम चरण में केन्द्रीय पेंशन योजनाओं-इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजनो का मोबाइल एप के माध्यम से सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। किन्तु अब तक पेंशनधारियों द्वारा सत्यापन का कार्य नहीं कराया गया है। ऐसे केन्द्रीय पेंशनधारी योजनाओं के हितग्राही का पेंशन वितरण प्रभावित हो सकता है। अतः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के हितग्राही अपना सत्यापन कार्य ग्राम पंचायत के हितग्राही अपनी-अपनी जनपद पंचायत में एवं नगरीय निकाय अपने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में मोबाइल एप के माध्यम से करा लेंवे ताकि आगामी माह से आपकी पेंशन राशि प्रभावित न हो।
- बिलासपुर /केन्द्रीय जेल में छत्तीसगढ़ में 3 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की रजत जयंती के अवसर पर प्रतिदिन जेल सुधारात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में केन्द्रीय जेल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सिम्स अस्पताल से ब्लड सेंटर स्टाफ से डॉ मनोज क्षत्रिय, डॉ असीम आनंद मसीह, श्री विवेक कुमार शर्मा, श्री किशोर सिदार, श्री सुमन गिरी, श्रीमती कौशल्या पात्रे, श्रीमती आँचल शास्त्री, श्री अजय कुमार, श्री आनंद अग्निहोत्री, श्री सुरेश वर्मा, एवं रेडक्रास सोसायटी बिलासपुर से श्री सौरभ सक्सेना, श्री सुशील राजपूत, अन्नू पटेल, लेमा देवांगन, आरती गुप्ता उपस्थित हुए। जेल स्टाफ ने काफी उत्साह के साथ रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्तदान किया गया। इसके अलावा बंदी भाइयों के द्वारा शहीदों के नाम कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री खोमेश मंडावी जेल अधीक्षक, श्रीमती कोकिला वर्मा, प्रभारी उप जेल अधीक्षक, श्री रामपाल सिंह कंवर, परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी तथा अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
- - विभाग प्रमुख एवं अन्य स्टाफ से कार्यों के संबंध में ली जानकारी- कार्यालय में साफ-सफाई रखने तथा व्यवस्थित तरीके से फाईल एवं रिकार्ड संधारित करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को कलेक्टोरेट स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयों में पहुंचकर विभाग प्रमुख एवं अन्य स्टाफ से कार्यों के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कार्यालय में साफ-सफाई रखने तथा व्यवस्थित तरीके से फाईल एवं रिकार्ड संधारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों में संधारित की जा रही पंजी एवं ई-ऑफिस के कार्यों का भी अवलोकन किया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव आधार सेवा केन्द्र में आधार कार्ड बनवाने एवं आधार अपडेशन के लिए आए जनसामान्य से रूबरू हुए और उनसे दी जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लोकहित में कार्य करते हुए शासन की योजनाओं के तहत जनमानस को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए कहा। उन्होंने जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति में लंबित कार्यों को पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक ऋण स्वीकृति देकर उद्यमिता विकास के लिए कार्य करने कहा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कोषालय, सांख्यिकीय, निर्वाचन शाखा, आपदा एवं राहत शाखा, भूमि रिकार्ड, नजूल जांच न्यायालय, खनिज शाखा, उद्यानिकी, सहायक भूमि संरक्षण, आबकारी विभाग, छात्रवृत्ति शाखा, जिला शहरी विकास अभिकरण, भू-अभिलेख शाखा, भू-अर्जन शाखा, जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, पीएम स्वनिधि, अल्प बचत शाखा सहित विभिन्न विभागों का अवलोकन किया एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । नगर पंचायत छुरिया क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 4, 14 एवं 15 हेतु अतिरिक्त शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 17 अक्टूबर 2025 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए इच्छुक एवं पात्र वृहदाकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समिति (लेम्स), प्राथमिक कृषि शाख समिति, महिला स्वसहायता समूह, अन्य सहकारी समिति, वन सुरक्षा समिति, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम, स्थानीय नगर पंचायत निर्धारित तिथि तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगांव में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए इच्छुक संस्था को दुकान आबंटित किये जाने की दशा में भवन का रख-रखाव, सीसीटीवी कैमरा एवं भवन को तिरंगा रंग-रोगन स्वयं के व्यय से करना होगा तथा संस्था के बैंक खाते में 1 माह के खाद्यान्न की डीडी एवं कैरोसीन की राशि हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होना अनिवार्य होगा। शासकीय उचित मूल्य दुकान आबंटन पश्चात संचालक एजेंसी राज्य सरकार के पक्ष में विहित प्रारूप में अनुबंध पत्र निष्पादित करेगा तथा 5000 रूपए प्रतिभूमि राशि एफडीआर के माध्यम से जमा करेगा। शासकीय उचित मूल्य दुकान आबंटन प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत की जाएगी। -
राजनांदगांव । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के दृष्टिगत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति के संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय राजनांदगांव में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली से प्राप्त निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के लिए जिले के प्रत्येक मतदान केन्द्रों हेतु नियुक्त बूथ लेवल एजेन्ट (बीएलए) का प्रशिक्षण विधानसभा स्तर पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से कराया जाएगा। आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संक्षिप्त जानकारी दी गई। जिले में मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण के तहत नवीन 69 मतदान केन्द्रों हेतु प्रस्ताव दिया गया था। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली से प्राप्त सहमति अनुसार नवीन मतदान केन्द्रों में भी बूथ लेवल एजेन्ट (बीएलए) नियुक्त की जाएगी। बूथ लेवल एजेन्टों (बीएलए) की नियुक्ति हेतु प्रावधान एवं नियुक्ति संबंधी निर्धारित फार्म तथा बूथ लेवल एजेन्टों (बीएलए) के दायित्वों की संक्षिप्त जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में मतदान केन्द्रों की संख्या 1006 एवं नवीन मतदान केन्द्रों की संख्या 69 है, इस तरह जिले में कुल 1075 मतदान केन्द्र है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 74-डोंगरगढ़ (अनुसूचित जाति) अंतर्गत मतदान केन्द्रों की संख्या 270 एवं नवीन मतदान केन्द्रों की संख्या 23 है, इस तरह कुल 293 मतदान केन्द्र है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 75-राजनांदगांव अंतर्गत मतदान केन्द्रों की संख्या 223 एवं नवीन मतदान केन्द्रों की संख्या 20 है, इस तरह कुल 243 मतदान केन्द्र है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 76-डोंगरगढ़ अंतर्गत मतदान केन्द्रों की संख्या 252 एवं नवीन मतदान केन्द्रों की संख्या 20 है, इस तरह कुल 272 मतदान केन्द्र है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 77-खुज्जी अंतर्गत मतदान केन्द्रों की संख्या 261 एवं नवीन मतदान केन्द्रों की संख्या 6 है, इस तरह कुल 267 मतदान केन्द्र है। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी से जिले अंतर्गत आने वाले 4 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्रों हेतु बीएलए 2 फार्म में बीएलए नियुक्त कर नियुक्ति पत्र एवं विधानसभावार प्रत्येक मतदान केन्द्रों हेतु नियुक्त बीएलए की सूची पूर्ण कर जमा करने के लिए आग्रह किया गया। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अंकित चौहान, भारतीय जनता पार्टी के श्री अरूण कुमार शुक्ला, इंडियन नेशनल कांग्रेस के श्री कमलजीत पिन्टु सहित अन्य प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे। -
- आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ग्राम विजन प्लान 2030 का हुआ अनुमोदन
राजनांदगांव । सेवा पर्व और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर सेवा पखवाड़ा अंतर्गत जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के ग्राम पंचायत कलकसा में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वच्छता का संदेश दिया गया। ग्राम सभा में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि सहयोगी एवं साथियों द्वारा तैयार की गई ग्राम विजन प्लान 2030 का अनुमोदन कर गांव को आगामी 2030 तक विकसित बनाने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण स्वीकृत हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं का निराकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रेषित पाती का वाचन किया गया। ग्राम सभा में सरपंच श्रीमती उमा विनोद धुर्वे, उपसरपंच श्री राज धृतलहरे, पंच श्री चंद्रेश, श्री मोतीलाल, जितेश्वरी, ढेला बाई, संकुल समन्वयक राजेश राजेकर, प्रधान पाठक भैंसरा श्री रावते, श्री मति मेड़े, श्रीमति सीमा प्रधान पाठक एवं ग्राम रोजगार सहायक नरोत्तम कुंजाम, आवास मित्र, मनोहर साहू, आदि कर्मयोगी कार्यकर्ता, वालिंटियर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरजा नेताम, तुलसी यादव, सहायिका हीरो बाई, मितानिन, हेमा, कौशल्या, स्वच्छता दीदी, बिहान समूह, सदस्य, ग्रामीणजन, विनोद कुमार धुर्वे, सेवाराम साहू, विजय, परमानंद, सोनू व नागरिक उपस्थित थे। - राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के आंगनबाड़ी केन्द्र ग्राम जंगलपुर में कन्या भोज का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा अभिभावकों को स्थानीय उपलब्ध पौष्टिक आहार के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। इसी तरह सेक्टर शीतला माता के आंगनबाड़ी केंद्र बलदेव बाग क्रमांक 1 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत पोषण माह के तहत गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, अन्नप्राशन, स्वस्थ शिशु और माता का सम्मान किया गया। साथ ही हितग्राहीयों को विभागीय योजनाएं सुकन्या समृद्धि, सक्षम योजना, प्रधानमंत्री मातृव वंदन योजना, महिला सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव, घरेलू हिंसा कानून, पोषण एवं स्वास्थ्य की जानकारी, उचित खान पान गर्भावस्था देखभाल, मिलेट्स तिरंगा भोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान गर्भवती, शिशुवती माता, समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आरोग्य समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।
- -नक्सल पुनर्वास नीति के तहत बड़ेसट्टी में 1.10 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर प्रशासन की सतत निगरानी जारीसुकमा। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार बुधवार को ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। प्रशासनिक टीम ने ग्राम स्तर पर जारी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।बड़ेसट्टी ग्राम पंचायत को यह गौरव प्राप्त है कि यह छत्तीसगढ़ की पहली नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बनी है। इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा पंचायत में 1रू करोड़ 10 लाख के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका कार्य तेजी से प्रगति पर है।निरीक्षण के दौरान समग्र योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र, सीसी रोड, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। गांव के सर्वांगीण विकास की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की भी शुरुआत की गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त हो रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि “बड़ेसट्टी पंचायत की विकास यात्रा अब नई दिशा में अग्रसर है। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह ग्राम पंचायत आदर्श विकास मॉडल के रूप में उभरे।” निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ सुकमा सुश्री निधि प्रधान, तहसीलदार सुकमा श्री अम्बर गुप्ता तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। file photo
- -छत पर लगा 03 किलोवाट सोलर पैनल से हो रही बिजली की बचतरायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना से आम नागरिकों के घरों को सूर्य की किरणों से रोशनी मिल रही है। इस योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनल के माध्यम से नागरिकों का घर रोशन हो रहा है। मुंगेली जिले के लोरमी नगर की निवासी श्री प्रेम कुमार मिश्रा ने भी इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 03 किलोवाट क्षमता वाला रूफटॉप सोलर पैनल संयंत्र लगवाया है।श्री प्रेम कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन किया था, जिसे स्वीकृति प्रदान कर अग्रसेन वार्ड क्रमांक 08, लोरमी स्थित उनके मकान की छत पर सोलर पैनल स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आम नागरिकों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। सूरज की रोशनी से घर रोशन करना अब सपना नहीं, हकीकत बन चुका है।”गौरतलब है कि यह योजना केंद्र सरकार की ग्रीन एनर्जी पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने पर आकर्षक सब्सिडी दी जाती है। इससे न केवल बिजली बिलों में कमी आती है, बल्कि स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलता है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। आमजनों को योजना के लिए प्रोत्साहित करने शासन के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे योजना का लाभ लेने उपभोक्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
- -सेटेलाईट जीआईएस इमेजरी और मैप से हो रहा सटीक मूल्यांकन-डेढ़ लाख से अधिक महिलाएं नीर-नारी जल यात्रा से जुड़ीरायपुर। , भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित सुजलाम भारत - जल संचय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के जल रक्षा मिशन मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रशंसा मिली है। नई दिल्ली स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में जल रक्षा के राजनांदगांव जिले में किए जा रहे प्रयासों-नवाचारों का पूरा प्रजेंटेशन अधिकारियों ने दिया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के जल संरक्षण, भू-जल प्रबंधन एवं जल साक्षरता से जुड़े नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की डायरेक्टर श्रीमती अर्चना वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। श्रीमती अर्चना वर्मा ने राजनांदगांव जिले के मिशन जल रक्षा मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो जल संरक्षण की दिशा में सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा जिले के अभिनव मिशन जल रक्षा मॉडल का प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नीति आयोग के प्रतिनिधि, जल विशेषज्ञ एवं विभिन्न राज्यों के अधिकारीगण उपस्थित थे।राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा मॉडल जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है। जिले के चार में से तीन ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन अर्थात जल स्तर के विषय में गंभीरता की स्थिति में थे। इन क्षेत्रों में निरंतर प्रयास करते हुए जिले में परकोलेशन टैंक, रिचार्ज शाफ्ट और जल संरचनाओं का निर्माण हाइड्रोजियोलॉजिकल मैप एवं जीआईएस आधारित विश्लेषण के माध्यम से किया गया है। जिससे वर्षा जल का अधिकतम उपयोग संभव हुआ है। इस मॉडल के अंतर्गत स्थानीय सामग्री से कम लागत वाले जल संरचनाएं तैयार कर निर्माण लागत मे कमी लाई गई है।मिशन जल रक्षा के अंतर्गत जल स्वच्छता एवं फसल संगोष्ठी अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से ग्राम स्तर पर जल साक्षरता, वर्षा जल संचयन और सामुदायिक स्वच्छता एवं फसल चक्र परिवर्तन जागरूकता को प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही जिले में महिला सशक्तिकरण से जल संचय के लिए कार्य कर रहे 1.5 लाख से अधिक महिलाओं के बड़े समूह एवं पद्मश्री फुलबासन बाई और उनके द्वारा चलाई जा रही नीर और नारी जल यात्रा के निरंतर प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा मनरेगा अंतर्गत निर्मित किया जा रहे भू-जल संरक्षण संवर्धन संरचनाओं के लो कॉस्ट तकनीक के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सैटेलाइट जीआईएस इमेजरी और मैप के माध्यम से जल संरचनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव देखे जाने लगे है। पॉलिसी गैप्स और लो-कॉस्ट स्ट्रक्चर डेवलपमेंट के विषय पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। राजनांदगांव जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नीति सुधार कर प्रभावी जल प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है और भविष्य में भी राज्य शासन से समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक जल संरक्षण संवर्धन संबंधित संरचनाओं को निर्मित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि सुजलाम भारत-जल संचय कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण, जल निकायों के पुनर्जीवन, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है। यह कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य हर बूंद का संचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा के दूसरे चरण में अब माइक्रो रिचार्ज मैपिंग, संस्थागत वर्षा जल संचयन प्रणाली और जल गुणवत्ता निगरानी तंत्र पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह मॉडल भविष्य में सुजलाम भारत अभियान के अंतर्गत अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
- -सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बने बाल विकास और सामाजिक जागरूकता के मॉडल केंद्ररायपुर ।छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र अब पोषण और देखभाल के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनते जा रहे हैं। महासमुंद जिले के शहरी सेक्टर-1 अंतर्गत संजय नगर-2, दलदली रोड और विश्वकर्मा वार्ड स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र इस परिवर्तन की सजीव मिसाल हैं। रंग-बिरंगी दीवारों, शैक्षणिक चित्रों, खेल-खेल में सीखने के तरीकों और खिलखिलाते बच्चों की उपस्थिति ने इन केंद्रों की छवि पूरी तरह बदल दी है।सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बने बाल विकास और सामाजिक जागरूकता के मॉडल केंद्रदीवारों पर उकेरी गई चित्रकारी और संदेश “जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना अच्छा बच्चा देखा”, “लड़का-लड़की एक समान” न केवल बाल देखभाल का संदेश दे रहे हैं बल्कि समाज में समानता और स्वास्थ्य जागरूकता का प्रसार भी कर रहे हैं। यहां बच्चों के साथ गर्भवती माताएं और किशोरी बालिकाएं भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो रही हैं।सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान के अनुसार मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, नोनी सुरक्षा, महतारी वंदन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन इन केंद्रों में हो रहा है। इन पहलों से माताओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रों में स्वच्छता और व्यवस्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आरओ वाटर प्यूरीफायर, स्वच्छ किचन रूम, खेल सामग्री और खेलघर जैसी सुविधाएं बच्चों को सुरक्षित और प्रोत्साहनकारी वातावरण दे रही हैं। अर्ली चाइल्डहुड केयर के तहत बच्चों को भाषा, गणित और व्यवहारिक ज्ञान की बुनियादी शिक्षा रोचक तरीकों से दी जा रही है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रूपा भारती और श्रीमती अंजू चंद्राकर बताती हैं कि बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार से लेकर किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता तक के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महतारी समितियों की नियमित बैठकें माताओं की सहभागिता सुनिश्चित कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य और माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य में अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों से छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदल रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी अब केवल पोषण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और सामाजिक विकास का आधार बन चुकी हैं।
- -30,512 आवास पूर्ण कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्तरायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नवगठित सक्ती जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वर्ष 2024-25 में तीस हजार पांच सौ बारह आवासों का निर्माण पूर्ण किया है। इस सफलता के साथ सक्ती जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।सक्ति जिले में वर्ष 2016 से वर्ष 2023 तक कुल 44 हजार 319 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो 95 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। इनमें जिला गठन के उपरांत 10 हजार 182 आवास शामिल हैं। इसी क्रम में वर्ष 2024-25 की कार्ययोजना के अंतर्गत 30 हजार 512 आवास पूर्ण कर, सक्ती जिला राज्य का तीसरा ऐसा जिला बना है जिसने 30 हजार से अधिक आवास निर्माण कार्य पूरे किए हैं। इस प्रकार अब तक कुल 74 हजार 831 आवास निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास और जीवन स्तर सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है। जिले में शासन की योजनाओं को पात्र परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुँचाने की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए निरंतर कार्य किया जा रहा है।यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। नवगठित सक्ति जिले में सफलता टीमवर्क, समर्पण और ग्रामीणों के सहयोग का परिणाम है। यह उपलब्धि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही यह सफलता संभव हुई है।
- -शहर के 31 स्कूलों में स्मार्ट टीवी का वितरण, 1100 स्कूलों को मिलेगा लाभरायपुर ।शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन बिलासपुर ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। अब जिले के मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के बच्चे स्मार्ट टीवी के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। इस पहल की शुरुआत नगर निगम क्षेत्र से की गई है।जिला प्रशासन ने ऐसे 1100 स्कूलों की पहचान की है, जहाँ स्मार्ट क्लास हेतु कोई टीवी या प्रोजेक्टर उपलब्ध नहीं है। इन सभी स्कूलों को जनसहयोग से स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस मुहिम में उद्योगपति, व्यापारी, बैंक, निजी संस्थाएँ, और जनप्रतिनिधि अपना सहयोग दे रहे हैं।नगर निगम क्षेत्र के 31 स्कूलों में हुआ शुभारंभगत दिवस इस अभियान की शुरुआत नगर निगम क्षेत्र के 31 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से की गई। नगर निगम द्वारा एक निजी बैंक के सहयोग से इन स्कूलों को स्मार्ट टीवी वितरित किए गए।वितरण कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, सभापति श्री विनोद सोनी और निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार उपस्थित रहे।महापौर ने कही प्रेरणादायक बातमहापौर श्रीमती पूजा विधानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल काबिले तारीफ है, जो बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर शिक्षा को और सशक्त बनाएगी। जहां की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, वही शहर प्रगति करेगा। स्मार्ट टीवी के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य दोनों बेहतर होंगे।”निगम आयुक्त ने बताई पहल की उपयोगितानिगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने कहा कि “जिला प्रशासन की इस पहल से अब उन स्कूलों में भी तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा जहाँ संसाधनों की कमी थी। स्मार्ट टीवी के माध्यम से पढ़ाई अधिक प्रभावी और रोचक बनेगी। शिक्षक की अनुपस्थिति में भी विद्यार्थी ई-कंटेंट के जरिए पढ़ाई जारी रख सकेंगे। उन्होंने नागरिकों, संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस शैक्षणिक अभियान में अधिक से अधिक सहयोग करें। इस अवसर पर डीएमसी श्री ओम पांडे, यूआरसी श्री वासुदेव पांडे, स्कूलों के प्राचार्यगण, निगम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।संपर्क फाउंडेशन का योगदानइस अभियान में संपर्क फाउंडेशन द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। फाउंडेशन वितरित किए जा रहे स्मार्ट टीवी में निःशुल्क ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहा है, जिससे बच्चे अपने सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई कर सकेंगे। जिला प्रशासन बिलासपुर की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की दिशा में कदम है, बल्कि यह समाज और प्रशासन के साझा सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
- -अब बिजली बिल लगभग शून्य- नीलकण्ठसाहूरायपुर।, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कारगर साबित हो रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार नगर के वार्ड क्रमांक 5 निवासी नीलकंठ साहू ने इस योजना से जुड़कर न केवल अपने घर की बिजली खर्च में भारी बचत की है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सुरक्षित पहलश्री साहू ने बताया कि “मैं कुछ महीने पहले रिश्तेदार के घर अभनपुर गया था, जहां मैंने पहली बार पीएम सूर्यघर योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनल को देखा। इससे प्रेरित होकर मैंने भी करीब तीन महीने पहले अपने घर की छत पर 2 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाया तब से मेरे घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है।” उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत शासन से सब्सिडी भी प्राप्त हुई है। यह बहुत ही सराहनीय पहल है, जिससे न केवल आम जनता को आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण भी सुरक्षित हो रहा है।” श्री नीलकंठ साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मुझे गर्व है कि मैं ‘मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ उठा रहा हूं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे रहा हूं। मैं आमजनों से भी अपील करता हूं कि वे इस योजना का लाभ अवश्य लें।”
- रायपुर। सूर्य की किरणों से घर की छत केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं, बल्कि बचत और स्वावलंबन का प्रतीक बन गई है। यह पहल पाकरगांव के मनोज जायसवाल सहित आसपास के ग्रामों में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण निर्मित कर रही है।लैलूंगा विकासखंड के पाकरगांव निवासी श्री मनोज जायसवाल ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने घर की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की है, बल्कि बिजली बिल से भी मुक्ति प्राप्त कर ली है। श्री जायसवाल ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कराया है। अगस्त 2025 माह में उनके सोलर पैनल से कुल 290 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इस उत्पादन पर उन्हें 1552 रुपए की छूट प्राप्त हुई, जिसके परिणामस्वरूप उनका बिजली बिल ऋणात्मक 1753 रुपए रहा। अब उन्हें बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता, बल्कि भविष्य के बिलों में इस राशि का समायोजन भी किया जा रहा है।श्री मनोज जायसवाल बताते हैं कि पहले हर माह बढ़ते बिजली बिल से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ जाता था। किंतु प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा अपनाने के बाद अब वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भूमिका निभा रहे है।योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उपभोक्ता स्वयं चउेनतलंहींत.हवअ.पद पोर्टल या पीएम सूर्य घर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप और टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उपभोक्ता ऑनलाइन ही अपने पसंद के वेंडर का चयन भी कर सकते हैं। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल में हर महीने हजारों रुपए की बचत करा रही है, बल्कि जिले के हितग्राही पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा उत्पादन में भी सक्रिय भागीदार बन रहे हैं।
- रायपुर ।सूरज की किरणें केवल रोशनी नहीं, बल्कि आमजन की जिंदगी में ऊर्जा और आय का नया स्रोत बन रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना ने कोरिया जिले के बैकुंठपुर की निवासी श्रीमती लता गुप्ता के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कभी बढ़ते बिजली बिल से परेशान रहने वाली लता अब बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बन गई हैं।शून्य बिजली बिल, सौर ऊर्जा का कमालश्रीमती गुप्ता ने अपने घर की छत पर 3 केवी का सोलर प्लांट लगाया है, जिस पर उन्हें 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। पहले हर महीने हजारों रुपये का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, जबकि अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य है।आसान प्रक्रिया, बड़ा लाभश्रीमती गुप्ता का कहना है कि योजना की आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल रही। ऑनलाइन आवेदन के बाद पूरी प्रक्रिया स्वतः पूर्ण हुई और सोलर पैनल समय पर स्थापित कर दिए गए। उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। लता गुप्ता कहती हैं कि अब मैं सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी हूँ। यह योजना आम लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।सरकार का प्रयास, लोगों की भागीदारीश्रीमती गुप्ता केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सब्सिडी व्यवस्था ने इस योजना को आमजन के लिए सुलभ बनाया है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र के लोग सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।ऊर्जा सुरक्षा में नागरिकों की भागीदारीयह योजना न केवल बिजली बिलों का बोझ घटा रही है, बल्कि लोगों को राज्य की ऊर्जा सुरक्षा में भागीदार बना रही है। वास्तव में, सूरज की किरणें अब लता गुप्ता जैसे घरों में रौशनी और खुशहाली लेकर आ रही है।
- रायपुर ।आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा राज्योत्सव 2025 में विभागीय थीम जनजातीय गौरवशाली इतिहास एवं 25 वर्षों की विकास गाथा के विभिन्न आयामों के प्रदर्शन हेतु सुसज्जित स्टॉल/प्रदर्शनी स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। संचालक, आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, नवा रायपुर अटल नगर के पते पर 17 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3 बजे तक प्राप्तकर एवं जमा किया जा सकता है। 17 अक्टूबर को सायं 4 बजे विभागीय समिति के समक्ष प्रस्ताव खोला जायेगा। सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास विभाग, संचालक, आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, नवा रायपुर अटल नगर सेक्टर-24 में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है ।
- -स्व-सहायता समूह से जुड़कर सुनीता ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानीरायपुर।, ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान महिलाओं की आर्थिक उन्नयन की दिशा में सार्थक साबित हो रही है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं बिहान के माध्यम से लघु उद्यम प्रारंभ कर आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर के ग्राम जिगड़ी की लखपति दीदी श्रीमती सुनीता सिंह ने समूह से जुड़कर अपनी सीमित आजिविका को स्थाई व्यवसाय में बदल लिया है। वर्षा महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता सिंह आज एक सफल लखपति दीदी बनकर अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रही है।श्रीमती सुनिता सिंह बताती है कि समूह में जुड़ने से पहले उनका जीवन खेती और मजदूरी पर आधारित था। उनके परिवार की कुल वार्षिक आय लगभग 70,000 थी जो परिवार की बढ़ती जरुरतों के सामने कम थी। सीमित आय के कारण बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर खर्च कर पाना कठिन था, जिससे उन्हें हमेशा आर्थिक निर्भरता का सामना करना पड़ता था।सुनीता सिंह ने अपने जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए वर्षा महिला स्वयं सहायता समूह से नाता जोड़ा। इस समूह के माध्यम से, उन्हें एनआरएलएम के तहत 15,000 की सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) और 60,000 का बैंक ऋण (सीसीएल) प्राप्त हुआ। इस वित्तीय सहयोग का उपयोग करते हुए सुनीता ने एक साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने गांव में होटल-ढाबा संचालन करने का निर्णय लिया। इस नए उद्यम को उन्होंने अपनी कृषि आय के साथ जोड़ दिया। समूह से जुड़ने के बाद उनके परिवार की कुल वार्षिक आय 70,000 से बढ़कर अब 1,12,000 हो गई है। आय में इस वृद्धि ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है और वे अब विविधीकृत आय स्रोतों के कारण आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। आज सुनिता सिंह सिर्फ एक सफल व्यवसायी नहीं हैं बल्कि एक सशक्त लीडर भी है। समूह की अध्यक्ष के रूप में उनकी निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल में वृद्धि हुई है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के बाद वह अब अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिला पा रही हैं और परिवार के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन की क्षमता रखती हैं।सुनीता सिंह बताती है कि एनआरएलएम के सहयोग और समूह की एकजुटता ने उन्हे आत्मनिर्भर बना दिया है। पहले वे केवल दूसरों पर निर्भर थी, अब स्वयं वे अपना भाग्य लिख रही हैं और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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