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- प्रधानमंत्री मातृ वंदना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना से मिला 25 हजार रूपए का लाभ
राजनांदगांव । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा नवजात बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम ढारा निवासी श्रीमती आरती टाण्डेकर को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ मिलने से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। दोनों योजनाओं से प्राप्त कुल 25 हजार रूपए की राशि का उपयोग उन्होंने अपनी और अपनी बेटी के पोषण एवं आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में किया। इससे मां और बेटी दोनों के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाने में मदद मिली।
बेटी के जन्म पर मिली योजनाओं की सहायता, आरती के परिवार में आई खुशियां -
श्रीमती आरती टाण्डेकर ने अपनी प्रथम गर्भावस्था के दौरान पुत्री पूर्वी टाण्डेकर को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना के लिए आवेदन किया। पात्रता के अनुसार उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 5 हजार रूपए तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना से 20 हजार रूपए की सहयोग राशि प्राप्त हुई। श्रीमती आरती ने बताया कि योजनाओं से मिली राशि उनके परिवार के लिए काफी उपयोगी रही। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने एवं अपनी बेटी के पोषण तथा आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में किया। उन्होंने शासन की इन योजनाओं के प्रति खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से बेटी की देखभाल और पोषण में काफी मदद मिली है।
एक वर्ष पहले कराया था श्रम विभाग में पंजीयन -
श्रीमती आरती ने बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराया था, जिसके तहत मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ मिला है। बेटी के जन्म के बाद उन्हें इस योजना के तहत 20 हजार रूपए की सहयोग राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि समय पर मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई और इससे बेटी के पोषण एवं देखभाल में मदद मिली।
योजनाओं से मिला आर्थिक संबल, स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ रही पूर्वी -
श्रीमती आरती टाण्डेकर ने कहा कि शासन की योजनाएं पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने आरती को मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में आर्थिक संबल प्रदान किया। उन्होंने इस सहायता का उपयोग अपनी और अपनी बेटी पूर्वी के पोषण एवं देखभाल में किया। शासन की इन योजनाओं से मिली मदद से आरती अपनी बेटी के स्वस्थ एवं सुपोषित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए संचालित हो रही योजनाएं -
गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा नवजात बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा श्रम विभाग द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम बच्चे के जन्म पर 5 हजार रूपए तथा दूसरे बच्चे के जन्म पर बालिका होने की स्थिति में 6 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। वहीं श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक महिला को प्रथम दो प्रसव पर 20 हजार रूपए की सहयोग राशि प्रदान की जाती है। इन योजनाओं का उद्देश्य माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ गर्भावस्था, प्रसव एवं प्रसव के बाद मां और बच्चे के बेहतर पोषण तथा स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।
जिले में 4 हजार 690 महिलाओं को योजनाओं से जोडऩे की दिशा में प्रगति -
राजनांदगांव जिले में पात्र महिलाओं तक शासन की इन योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 4 हजार 139 महिलाओं तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 551 महिलाओं का लाभ के लिए पंजीयन किया जा चुका है। योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। -
राजनांदगांव । रक्षाबंधन के पावन पर्व के पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि खाते में पहुंचने से राजनांदगांव के दुर्गाचौक निवासी श्रीमती लक्ष्मी यादव के चेहरे में खुशी आ गई। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने बहनों की जरूरतों और खुशियों का ध्यान रखते हुए राखी के पहले यह राशि भेजकर त्योहार की खुशी बढ़ा दी है। श्रीमती लक्ष्मी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा विष्णु भैया राखी तिहार ला अच्छे से मनाए बर बहिनीमन ला महतारी वंदन योजना के राशि दे हे, जेकर खातिर आज राखी तिहार ल बहुत बढिय़ा से मनाए हन। एकर बर विष्णु भैया ल बहुत-बहुत धन्यवाद।
श्रीमती लक्ष्मी ने कहा कि विष्णु भैया बहनों की चिंता करते हुए त्योहार के पहले ही उपहार भेजे हैं। हर महीने समय पर मिलने वाली महतारी वंदन योजना की राशि हम बहनों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर-परिवार की अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। त्योहार के समय आर्थिक सहायता मिलने से घर की खुशियां और बढ़ जाती हैं। राखी के पहले राशि मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सहूलियत मिली और परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व खुशी से मनाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में अधिक सक्षम हो रही हैं। श्रीमती लक्ष्मी यादव ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। -
*रायपुर नगर निगम की पुनः अपील- मवेशी मालिक अपने मवेशियों को बांधकर रखें, उन्हें सड़को पर खुले में ना छोड़े, अन्यथा नियमानुसार जुर्माना कार्रवाई की जायेगी*
रायपुर - माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा - निर्देश के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के माध्यम से राजधानी शहर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सड़क मार्गों में काउकेचर टीम एवं विशेष टीम के श्रमवीरों की सहायता से आवारा मवेशियों की धरपकड़ करने का अभियान प्रतिदिन नियमित रूप से सतत निरंतर जारी है। आज आवारा मवेशियों की सड़कों से धरपकड़ के अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर निगम के विभिन्न जोनो में भिन्न क्षेत्रों पेंशनबाड़ा, संतोषी नगर चौक से अंतर राज्यीय बस टर्मिनल भाठागांव, दुर्गा चौक, मतपारा रोड, तरुण बाजार, सहित अन्य क्षेत्रों में सड़को से आवारा मवेशियों की धरपकड की गई। आवारा मवेशियों की धरपकड का अभियान सतत निरतर जारी रहेगा।रायपुर नगर पालिक निगम ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी मवेशी मालिको से पुनः एक बार अपील की है कि वे अपने मवेशियों को बाधकर रखें और उन्हें सड़कों पर खुले में ना छोडें। कारण कि उनके द्वारा ऐसा करने से सडक दुर्घटनाओ की निरन्तर आशंका बनी रहती है। अन्यथा की स्थिति में मवेशी मालिकों पर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए संबंधित मवेशी मालिक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुले में छोड़ने के कारण स्वतः जिम्मेदार रहेंगे। - -ग्रामीण आजीविका को मिली नई उड़ानरायपुर। धमतरी जिले में पशुपालन अब केवल जीवनयापन का सहायक जरिया नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और मुनाफा देने वाले मुख्य व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। पशुपालकों को समय पर आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए जिले में पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन और पशुधन विकास विभाग के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 93 पशुपालकों के कुल 98.62 लाख रूपए के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस पहल से पशुपालकों को अपनी दैनिक वित्तीय जरूरतों के लिए महंगे अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।इस योजना की सफलता में बैंकिंग संस्थाओं का विशेष योगदान रहा है, जिसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सबसे आगे बढ़कर 82 पशुपालकों को 83.92 लाख रूपए से अधिक का ऋण प्रदान किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 5 पशुपालकों को 5.60 लाख रूपए, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 4 पशुपालकों को, यूको बैंक ने 1 हितग्राही को 2 लाख रूपए और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 हितग्राही को 1.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया है। समय पर पूंजी उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालक अब पशुओं के लिए बेहतर दाना-पानी, जरूरी दवाइयां, टीकाकरण और चिकित्सा जैसी देखभाल बिना किसी आर्थिक तंगी के कर पा रहे हैं।कलेक्टर ने योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का मुख्य आधार बताते हुए मैदानी अमले को गांव-गांव जाकर हर पात्र हितग्राही तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों पर अमल करते हुए पशुधन विकास विभाग की टीम ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दे रही है। ऋण सुविधा के साथ-साथ पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वित्तीय मदद और तकनीकी मार्गदर्शन के इस बेहतर समन्वय से जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
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रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ती पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन एव जोन 7 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में जनशिकायतो की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 7 क्षेत्र अतर्गत समता कालोनी श्री श्याम खाटु मंदिर के समीप एवं अग्रसेन चौक श्री गणेश मंदिर के समीप भैसथान क्षेत्र आवासीय क्षेत्र में संचालित 4 डेयरी सचालको को भविष्य के लिए नियमानुसार कडी चेतावनी देते हुए सड़क पर डेयरी के पालतु मवेशियों को खुले में छोडने एवं गंदगी फैलाने पर कुल 14000 रु. का ई जुर्माना किया गया।
नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर के मार्गनिर्देशन में जोन 7 स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज अग्रसेन चौक, मंगलम प्लाजा, श्री गणेश मंदिर के समीप रायपुर नगर निगम कालोनी में डेयरी संचालक राहुल सिंग ठाकुर पर 5000 रू, श्री श्याम खाटु मंदिर के समीप समता कालोनी मार्ग में डेयरी संचालक राजू सोनकर, होरीलाल यादव, संतोष सोनकर पर 3000-3000 रू कुल 4 डेयरी सचालको पर डेयरी के पालतू मवेशियों को सडक पर खुले में छोडने पर कुल 14000 रू का ई जुर्माना स्थल पर जनशिकायते सही मिलने पर किया गया एवं प्राप्त जनशिकायतो का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया। -
*शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु विशेष आयोजन*
*आडिशन टाउनहाल रायपुर में 30 अगस्त को प्रातः 11 बजे से रात्रि 7 बजे तक*रायपुर - रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग एवं कला केन्द्र रायपुर द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग सहित संशोधित कार्यक्रम अनुसार शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर दिनांक 3 सितम्बर 2026 को शहीद स्मारक भवन में तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 गुरू वन्दन उत्सव ग्रेंड फिनाले का आयोजन रखा गया है.शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु यह विशेष आयोजन रखा गया है. पूर्व में यह कार्यक्रम दिनांक 5 सितम्बर 2026 को आयोजित किया गया था, जो अब संशोधन अनुसार दिनांक 3 सितम्बर 2026 को होगा.इस विशेष आयोजन में दो आयु वर्ग जूनियर वर्ग में 5 वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग तक के मध्य के प्रतिभागियों और सीनियर वर्ग में 15 वर्ष से 70 वर्ष आयु वर्ग तक के प्रतिभागियों के मध्य गायन और नृत्य की प्रतियोगिता रखी गयी है, जिसके लिए आडिशन दिनांक 30 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे से रात्रि 7 बजे तक के मध्य टाउनहाल रायपुर में रखा गया है. प्रतियोगिता के माध्यम से गीत और नृत्य के क्षेत्र में हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों को अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करने सहित कला की प्रतिभा को निखारने का सुअवसर रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग और कला केन्द्र रायपुर एवं स्कूल शिक्षा विभाग के इस गरिमामयी आयोजन में सुअवसर सहजता और सरलता से प्राप्त हो सकेगा. -
*सयुंक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्षं (मोबाईल नंबर9425447233) से कर सकते हैं संपर्क*
बालोद/ नेपाल में आए बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे जिले के नागरिक अथवा उनके परिजनो के सहायता एवं सूचना के लिए जिले की संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्षं को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन बालोद की अपील है कि जिले के नागरिक अथवा उनके परिजन यदि नेपाल में फंसे हुए हैं, तो आप नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्षं के मोबाईल नंबर पर 9425447233 संपर्क कर जानकारी दर्ज करा सकते हैं।जिला प्रशासन बालोद, नेपाल में प्रभावित जिले के नागरिकों के संबंध में लगातार जानकारी जुटा रही है तथा उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। - -दो के परिजनों से संपर्क-रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित लौट रहे-मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने बढ़ाई निगरानीरायपुर । नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां गए प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और राहत प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की लगातार जानकारी जुटा रही है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रदेश से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति का पता चला है। इनमें 2 के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है, रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं और वापस लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि बिलासपुर और सुरगुजा से जुड़े 2 नागरिकों के लापता होने की सूचना है।रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। नेपाल में बाढ़ के बाद उनके लापता होने और संपर्क टूटने की सूचना सामने आई थी। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मोनिका यादव के परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। उनकी स्थिति को लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। उनके संबंध में भी अब परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। प्रशासन उनके संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन और आवश्यक समन्वय कर रहा है।बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की सूचना है। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। उनके परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षित तलाश के प्रयास जारी हैं।सरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, भी नेपाल में लापता हैं। उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा बताया गया है। उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों नागरिक 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। आपदा के बीच राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटाने के साथ उनके परिजनों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है। सरकार नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाए हुए है।राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि नेपाल गए छत्तीसगढ़ के किसी नागरिक के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।हेल्पलाइन: टोल फ्री 1070 | कंट्रोल रूम 0771-2223471
- -चौगेल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों ने डी आर जी जवानों को बांधी राखी, कहा—अब बंदूक नहीं, हुनर से संवारेंगे भविष्यकांकेर। कभी जंगलों में बंदूक के साथ आमने-सामने रहने वाले हाथ आज भाईचारे और विश्वास के धागे से जुड़ गए। भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित पुनर्वास केंद्र में आज आत्मसमर्पित माओवादियों ने जिला रिजर्व गार्ड डी आर जी के जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। यह दृश्य संघर्ष से शांति, हिंसा से मुख्यधारा और हथियार से हुनर की ओर बढ़ते बदलाव की भावुक तस्वीर बन गया। आत्मसमर्पित माओवादी शांति कवाची ने बताया कि वह पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार मना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने राखी बनाना सीखा और आज उन्हीं हाथों से तैयार की गई राखी पुलिस जवानों की कलाई पर बांधना उनके लिए बेहद खास और भावुक अनुभव है।उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद अब ऐसा महसूस हो रहा है कि वे वास्तव में समाज की मुख्यधारा में लौट आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। पुनर्वास केंद्र में उन्हें सिलाई, काष्ठ शिल्प कला और राखी निर्माण सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में इन हुनरों के माध्यम से सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकें और अपने परिवार के साथ समाज में सामान्य जीवन जी सकें। वहीं डी आर जी जवान टेकेश्वर हिचामी ने कहा कि पहले परिस्थितियां ऐसी थीं कि दोनों पक्ष बंदूक लेकर आमने-सामने रहते थे। आज वही हाथ राखी के पवित्र धागे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, आज उनकी बांधी राखी हमारी कलाई पर है, जो भाई की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना का प्रतीक है। यह अपने आप में एक अलग और भावुक अनुभव है। यह रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि बदलाव की उस कहानी का प्रतीक है, जिसमें कभी संघर्ष का हिस्सा रहे लोग आज विश्वास और भाईचारे के रिश्ते को स्वीकार कर रहे हैं। पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से आत्मसमर्पित माओवादी अब अपने हाथों में हथियार की जगह हुनर लेकर नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।कल तक आमने-सामने थे, आज एक-दूसरे की कलाई पर विश्वास का धागा है। बंदूक से राखी तक का यह सफर, शांति और पुनर्वास की नई कहानी लिख रहा है।
- -राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन-वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को मिलेंगे पुरस्कार व सम्मान-उप मुख्यमंत्री अरुण साव समारोह की अध्यक्षता करेंगे-केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में होंगे शामिलरायपुर. । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव राज्य खेल अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
- रायपुर । रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं फर्स्ट लेडी श्रीमती रानी डेका काकोटी ने आज रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर रक्षासूत्र बांधा। राज्यपाल श्री डेका ने इस अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी सौहार्द का पावन पर्व है, जो समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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रायपुर - आज भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं ) ट्रेनिंग सेंटर, रायपुर में हॉकी के जादूगर, महान खिलाड़ी एवं पद्म भूषण मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा सम्मिलित हुए
कार्यक्रम की शुरुआत हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर रायपुर नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर हाई परफॉर्मेंस कोच श्री के.सी. त्रिपाठी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि रायपुर नगर निगम जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा का आत्मीय स्वागत किया गया।इस अवसर पर उपस्थित युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, कठिन परिश्रम, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी मिसाल है। उनके आदर्शों और पदचिह्नों पर चलकर हमारे युवा खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं।साईं सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बालक एवं बालिका वर्ग के प्रतिभावान खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद जी के गौरवशाली खेल जीवन एवं उपलब्धियों से अवगत कराया गया तथा खेल भावना,अनुशासन और निरंतर मेहनत के लिए प्रेरित किया गया।रायपुर नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष ने कहा कि रायपुर शहर और छत्तीसगढ़ राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिले और युवा खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाएं। -
छै आगर छै कोरी तरिया और बूढ़ा नरवा की अनोखी जल विरासत से रूबरू होंगे प्रतिभागी
धमधा। धर्मधाम गौरवगाथा समिति, धमधा द्वारा आयोजित धमधागढ़ विरासत यात्रा (हेरिटेज वॉक) का आयोजन 29 अगस्त, शनिवार को किया गया है। पुरखौती विरासत यात्रा के नाम से आयोजित यह विशेष भ्रमण धमधा की प्राचीन जल विरासत तथा पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली पर केंद्रित होगा। यात्रा का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा।विरासत यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को धमधा के प्रसिद्ध “छै आगर छै कोरी तरिया” अर्थात 126 तालाबों की श्रृंखला तथा इन्हें जल से जोड़ने वाले ऐतिहासिक बूढ़ा नरवा की अनोखी व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। यात्रा का प्रमुख आकर्षण लगभग 50 लबालब भरे तालाबों का एक साथ विहंगम दृश्य होगा। प्रतिभागी उस बूढ़ा नरवा को भी देखेंगे, जो खेतों से वर्षाजल को एकत्रित कर उसे तालाबों तक पहुँचाने वाली पारंपरिक जल प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बताया जाएगा कि किस प्रकार यह जल तंत्र लगभग 20 तालाबों तक पानी पहुँचाने में भूमिका निभाता है।धर्मधाम गौरवगाथा समिति के अनुसार, यह केवल पर्यटन या भ्रमण का आयोजन नहीं, बल्कि धमधा की प्राचीन जल संरचनाओं, उनके निर्माण की तकनीक और स्थानीय समाज-जीवन से उनके संबंध को समझने का प्रयास है। यात्रा के दौरान यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि 126 तालाबों की श्रृंखला किस प्रकार विकसित हुई, बूढ़ा नरवा का निर्माण कब और किस उद्देश्य से हुआ तथा खेतों से तालाबों तक पानी पहुँचाने की पारंपरिक तकनीक कैसे काम करती थी। साथ ही इस जल तंत्र के धमधा की खेती, समाज और संस्कृति पर पड़े प्रभाव तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर भी चर्चा होगी।इस पुरखौती विरासत यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने रूचि दिखाई है। इसमें रायपुर, भिलाई दुर्ग के प्रोफेसर, शोधार्थी व पर्यटक शामिल होगे। -
बिलासपुर/प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला बिलासपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र नवम्बर 2026 से फरवरी 2027 तक के लिए आवेदन-पत्र दिनांक 01 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। बिलासपुर संभाग अधीनस्थ समस्त कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने विभाग एवं कार्यालय में पदस्थ लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिन्होंने तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके, लेखा प्रशिक्षण हेतु इच्छुक लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, तृतीय तल बिलासपुर को प्रेषित करें। आवेदन पत्र इस प्रकार भेजने की व्यवस्था करें कि दिनांक 01 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक निर्धारित कार्यालयीन समय में इस कार्यालय को प्राप्त हो जावे। पूर्व में आवेदन कर चुके सभी कर्मचारियों को भी इस सूचना के प्रकाशन उपरांत प्रवेश हेतु पुनः आवेदन करना अनिवार्य है।
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बिलासपुर/जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) अंतर्गत स्वीकृति अनुसार जिला चिकित्सालय बिलासपुर में भेषज विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ की भर्ती के लिए वॉक इन इंटरव्यू का आयोजन 3 सितम्बर को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में सवेरे 11 बजे से किया जाएगा। नियम, शर्ते एवं आवेदन पत्र का प्रारूप जिले की वेबसाईट http://bilaspur.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है।
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-संस्कृति समिति पहली बार गैर मराठी समाजों के प्रतिभागियों को भी अवसर दे रही प्रतियोगिता में भागीदारी का
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल परिसर में 11 सितंबर को तान्हा पोळा पर्व पर बैल सजाओ स्पर्धा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संस्कृति समिति की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के अलावा पहली बार बाहरी समाज व संस्थाओं के प्रतिभागियों को भी शामिल होने का अवसर मिलेगा।
नए कार्यकाल की पहली बैठक में संस्कृति समिति की प्रमुख गौरी क्षीरसागर ने अपने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार प्रतियोगिता आयु के आधार पर तीन वर्गों में होगी। पहला वर्ग पांच साल के बच्चों तक के लिए होगा। दूसरा वर्ग 11 साल तक के बच्चों के लिए होगा और तीसरा ओपन कंपटीशन रहेगा। प्रतियोगिता के लिए बैल की सजावट, प्रसाद, प्रतिभागी के परिधान से लेकर अन्य कई केटेगरी में अंक निर्धारित किए गए हैं। उसी के आधार पर प्रतियोगिता के निर्णायक विजेता, उप विजेता और तीसरे स्थान के प्रतिभागी के नाम घोषित करेंगे। बैठक में कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण क्षीरसागर, समीर टल्लू, डॉ. बबीता बिठले, प्रेम उपवंशी, प्रशांत बक्षी विशेष रूप से उपस्थित रहे। - -महिला सशक्तिकरण संबंधी विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभारबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पावन पर्व रक्षाबंधन के पूर्व ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में सीधे अंतरित कर दी है। समय से पूर्व ही खाते में राश्षि पहुॅचने पर प्रदेशभर की महिलाओं के चेहरे खिल उठे हैं और उन्होंने अपने विष्णु भैया का सहृदय आभार व्यक्त किया है। यह आर्थिक संबल न केवल त्योहार की खुशियों को दोगुना कर रहा है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त भी बना रहा है। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम कुमुड़कट्टा की श्रीमती जयश्री मंडावी ने बताया कि रक्षाबंधन के पूर्व उनके बैंक खाते में महतारी वंदन की राशि आ चुकी है। इससे वे इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहतर रूप में मना पाएंगी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से इस अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदेगी। जयश्री ने कहा कि इस सौगात से उनके त्यौहार का उत्साह दोगुना हो गया है। त्यौहार से पूर्व मिली इस आर्थिक सहायता के लिए जयश्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए हृदय से कहा - धन्यवाद विष्णु भैया।जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कलकसा की श्रीमती बेनी बाई साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के साथ ही अन्य महिला हितैषी योजनाओं से महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में आगे बढ़ने का बेहतर माध्यम मिला है। उन्होंने बताया कि वे सबला स्वसहायता समूह का संचालन करती हैं। उन्होंने समूह के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत 01 लाख रूपए का ऋण लिया है। जिससे उन्होंने गांव के ही 04 अंागनबाड़ी केन्द्रों में खाद्य सामाग्री प्रदान करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से न केवल उनका व्यवसाय बढ़ा है, बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार के साथ ही आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विष्णु भैया कहकर, उनका आभार व्यक्त किया है।
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-भूमिका उपाध्याय को शहीद पंकज विक्रम सम्मान
-वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को दिए जाएंगे पुरस्कार और सम्मान
-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण
बिलासपुर/ राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।----देखें सूची...

- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा में रक्षाबंधन का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यलो हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम का संचालन 8वीं की प्रगति यादव ने किया। इसके पश्चात 11वीं की काव्या रेड्डी ने प्रतिज्ञा दिलाई। 12वीं के समर्थ नाथवानी ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।इसके बाद रक्षाबंधन पर आधारित एक सुंदर नाट्य प्रस्तुति दी गई। इसमें श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पवित्र भाई- बहन के रिश्ते को दर्शाया गया। प्रस्तुति का वाचन 12वीं की हिमांशी लोढ़ा ने किया। श्रीकृष्ण की भूमिका आठवीं के ओजस तिवारी तथा द्रौपदी की भूमिका 12वीं की उमा निर्मलकर ने निभाई। इस प्रस्तुति ने प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और भाई- बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हमारे विभिन्न त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, मानवता और एकता के सूत्र में बांधते हैं।
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- चौबी कॉलोनी महिला केंद्र के पर्व में घुली रिश्तों की मिठासरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी महिला केंद्र ने महाराष्ट्र मंडल भवन में ‘कड़ू भात’ का जोशीला आयोजन किया। सावन और तीज के पूर्व यह कार्यक्रम सभी महिलाओं के लिए मजेदार और यादगार रहा।केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि कार्यक्रम की खूबसूरत शुरुआत गुलाब की पंखुड़ियों से भरे गुब्बारों को महिला सभासदों के ऊपर फोड़ने से हुई।इससे पंखुड़ियों की वर्षा के बीच उनका मुस्कुराते हुए चेहरों के साथ स्वागत किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी को हल्दी-कुमकुम लगाया गया व स्मृति चिह्न के रूप में मेहंदी का कोन और बिंदी का पैकेट भेंट किया गया।सजावट का मुख्य आकर्षण सावन माह में आने वाले प्रमुख त्योहारों की जीवंत झांकी रही। इस सुंदर और कलात्मक सजावट को पल्लवी मुकादम, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, रंजना काठोटे, अक्षता पंडित, अनुपमा बोधनकर और गौरी क्षीरसागर ने मिलकर साकार किया। कार्यक्रम में धार्मिक और पौराणिक रंग तब घुल गया, जब दीपाली, संध्या पांडे, धनश्री पेंडसे, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, संगीता निमोणकर और अनुपमा बोधनकर श्री राधा, कृष्ण और माता पार्वती के सुंदर रूप में सज-धज कर पहुंचीं।गौरी क्षीरसागर और प्राची डोनगांवकर ने ‘तीज विशेष’ मनोरंजक खेल करवाए। इनमें से एक सिक्कों पर आधारित रोचक गेम था, तो दूसरा म्यूजिक और डांस गेम रहा। प्रतियोगियों के शानदार प्रदर्शन के बीच अवंती अग्निहोत्री और वर्षा चौधरी ने गौरी मोकाजदार ने बाजी मारते हुए विजेताओं का खिताब अपने नाम किया।हरित श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं के बीच सावन की सुंदरता का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंजलि को ‘सावन क्वीन’ चुना गया। इसके साथ ही, मनीषा वरवंडकर के महिला सह-प्रमुख पद पर मनोनीत होने पर सभी सदस्यों ने गरिमापूर्ण माहौल में उनका सम्मान किया। केंद्र की नई सदस्य पल्लवी जोशी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी सदस्यों ने मिलकर लजीज और स्वादिष्ट 'कड़ू भात' के भोजन का आनंद लिया। अपनों के साथ, हंसी-ठहाकों और मीठी यादों के संग इस आयोजन का समापन हुआ। - - विधायक मोतीलाल साहू ने कहा- नए उपकेंद्र बनने से उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्तिरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के नगर संभाग (उत्तर) व्दारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत भनपुरी स्थित उमिया मार्केट में निर्मित 33/11 केवी नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण हुआ। पांच एमवीए क्षमता वाले इस उपकेंद्र से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री मोतीलाल साहू थे। इस अवसर पर जोन क्रमांक 1 के अध्यक्ष श्री गज्जू साहू सहित पार्षद श्री नंद किशोर साहू, श्री भगत राम हरवंश, श्री मनमोहन मनहरे, श्रीमती अंबिका साहू तथा एल्डरमैन श्री विक्रम सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि उपकेंद्र के निर्माण में 5 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के साथ 0.6 किलोमीटर 33 केवी लाइन तथा 1.7 किलोमीटर 11 केवी लाइन का निर्माण किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 2.31 करोड़ रुपये की लागत आई है। उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से घरेलू एवं व्यावसायिक निम्नदाब उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।पूर्व में गोंदवारा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गाजी नगर उपकेंद्र तथा गोंदवारा उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। गाजी नगर उपकेंद्र से गोंदवारा क्षेत्र की दूरी अधिक होने तथा दोनों फीडरों पर 100 एम्पियर से अधिक भार होने के कारण विद्युत आपूर्ति और व्यवधानों के निराकरण में कठिनाई आती थी। नवीन उमिया मार्केट उपकेंद्र से तीन नए 11 केवी फीडर बनाए गए हैं, जिससे फीडरों की लंबाई कम होने के साथ भार का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।नवीन उपकेंद्र से गोंदवारा, न्यू गोंदवारा इंडस्ट्रियल क्षेत्र, सरदार पटेल मार्केट, भनपुरी सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही गोंदवारा उपकेंद्र के विजय लक्ष्मी फीडर तथा गाजी नगर उपकेंद्र के उमिया मार्किट एवं भनपुरी उपकेंद्र से टिम्बर मार्केट फीडर का भार सामान्य होने से संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इस उपकेंद्र के निर्माण में मुख्य अभियंता(रायपुर शहर) श्री संजीव सिंह, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सलिल खरे, अधीक्षण अभियंता श्री महेश ठाकुर, सीएच मरकाम, एम विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शिव गुप्ता, पीके सिंह, राजेश मिश्रा का योगदान रहा।
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-मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कृषि विभाग ने सख्त तेवर दिखाए है। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत मेसर्स बालाजी कृषि केन्द्र में बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के अलग-अलग 34 कंपनियों के उत्पादन भंडारित पाए जाने पर नोटिस जारी कर कारण बताने कहा है। इसके साथ ही कीटनाशक उपलब्ध 34 कंपनियों को भी नोटिस जारी कर 02 सितंबर 2026 तक जवाब देने कहा गया है। यह कार्रवाई 20 अगस्त 2026 को राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा मेसर्स बालाजी कृषि केन्द्र नवागढ़ के निरीक्षण के बाद की गई है। यह कार्रवाई कीटनाशी अधिनियम 1968 तथा कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों का उलघंन करने पर किया गया है।जिन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है इनमें रायपुर स्थित मेसर्स पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड श्री वासु लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, मेसर्स आईपीएल ओवरसीज गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स कॉर्टेवा एग्रीसाइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में ई.आई. डुपोंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) मानव वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड, गायत्री इंसेक्टिसाइड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बायरा क्रॉप साइंस लिमिटेड, मेसर्स स्वाल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड कृष्णा केयर शामिल है।इसी प्रकार मेसर्स सिनजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड वासु लॉजिस्टिक लिमिटेड, मेसर्स रालिस इंडिया लिमिटेड आशा एंटरप्राइजेज, मेसर्स अतुल लिमिटेड, मेसर्स धर्माज क्रॉप गार्ड लिमिटेड, मेसर्स एमबीएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सेफेक्स केमिकल्स इंडिया लिमिटेड दिनेश एग्रो, मेसर्स इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड, मेसर्स नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, मेसर्स अनु प्रोडक्ट्स लिमिटेड, मेसर्स जीएसपी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स इंडो स्विस केमिकल्स लिमिटेड दिनेश एग्रो, मेसर्स क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड एस.एल. लॉजिस्टिक्स कंपनी शामिल है।इसी प्रकार मेसर्स मेधनी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स विलोवुड केमिकल्स लिमिटेड, मेसर्स निचिनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जे.बी., मेसर्स केमिनोवा इंडिया लिमिटेड, मेसर्स श्रीराम बायोकैम कॉर्पाेरेशन गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स जय सी लाइफ साइंसेज, मेसर्स इंडो स्विस केमिकल्स लिमिटेड, दिनेश एग्रो, मेसर्स भगवती ओवरसीज, मेसर्स श्रीराम बायोकैम कॉर्पाेरेशन, गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स सरस्वती एग्रो केमिकल्स (इंडिया) प्राइवेट, मेसर्स जीवाग्रो लिमिटेड, श्री वासु लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, मेसर्स एचपीएम केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड एवं मेसर्स आईपीएल बायोलॉजिकल लिमिटेड, मेसर्स ब्लू चिप मार्केटिंग कंपनी शामिल है। इसी प्रकार बिलासपुर स्थित मेसर्स आलोक एग्रो केमिकल्स, राजनांदगांव स्थित मेसर्स खंडेलवाल पेस्टिसाइड्स प्राइवेट लिमिटेड तथा तेलंगाना स्थित मेसर्स श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। - रायपुर / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों तथा मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आज लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधीं। बच्चों ने रक्षा सूत्र बांधकर राज्यपाल के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखियों की विशेषता भी बताई। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह मीठा कराया। मासूम हाथों से बनाई गई राखियां जब राज्यपाल श्री डेका की कलाई पर सजीं तो रक्षाबंधन का यह अवसर आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।लोक भवन पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से कोपल वाणी के दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर सम्मान, आत्मविश्वास और गौरव से भरा रहा। अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण रहा। इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का यह आत्मीय स्नेह मन को छू लेने वाला है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कोपल वाणी की संस्थापिका श्रीमती पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू एवं सोनिया दामनी उपस्थित रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती अनुभूति श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
- -महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से विनीता केवट के घर आई रक्षाबंधन की खुशियांरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम झगड़ाखाड़ निवासी विनीता केवट भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।विनीता केवट ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्यौहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्यौहार मनाएंगी।उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्यौहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।विनीता केवट ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्यौहार की खुशियां और बढ़ी हैं।
- रायपुर / बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में घोटुल परंपरा आदिवासी संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक शिक्षा का एक अनूठा और जीवंत केंद्र है। अब अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों (जैसे झारावाही) में ग्रामीण अपनी प्राचीन संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय लकड़ियों और प्राकृतिक सामग्रियों से दोबारा पारंपरिक घोटुल तैयार कर रहे हैं। बुजुर्गों द्वारा युवाओं को समाज के नियम, परंपराएं, संगीत, नृत्य और जीवनोपयोगी दायित्व सिखाए जाते हैं। अबूझमाड़ की शाम अब भय के साये से मुक्त होकर अपनी पौराणिक और सांस्कृतिक लय में लौटने लगी हैं। जिस अंचल में कभी गोलियों की तड़तड़ाहट और सन्नाटे का खौफ हुआ करता था, वहां अब सूर्य ढलते ही मांदर की थाप और 'चेलिक-मोटियारिन' के सुरीले लोकगीत गूंजने लगे हैं। सुरक्षा वातावरण में आए सकारात्मक बदलाव के साथ ही आदिवासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर 'घोटुल' की रौनक फिर से लौट आई है।घोटुल केवल एक सामाजिक केंद्र नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, अनुशासन, लोककला और सामुदायिक मूल्यों की महत्वपूर्ण जीवन-पाठशाला है। नक्सली हिंसा और अनिश्चितता के दौर में गांव वाले शाम ढलते ही अपने घरों में दुबकने को मजबूर थे, जिससे घोटुल की गतिविधियां लगभग थम सी गई थीं। सुरक्षा बलों के प्रभावी अभियानों और नक्सल प्रभाव में आई कमी के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है। अब युवा बेझिझक घोटुल पहुंच रहे हैं, जहां वे अपने बुजुर्गों से लोक परंपराएं, नृत्य और गीत सीखकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।घोटुलों का पुनर्जीवन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के सांस्कृतिक अस्तित्व और आत्मसम्मान की वापसी का प्रतीक है। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से ग्रामीणों की आवाजाही, खेती-किसानी, हाट-बाजार और त्योहारों का उत्साह फिर से लौट आया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस शांति को स्थायी बनाने के लिए अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क कनेक्टिविटी, रोजगार और संचार सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। घोटुलों से आती मांदर की थाप इस बात की जीवंत गवाही दे रही है कि जब डर का अंधेरा छंटता है, तो परंपराएं और सामूहिक उल्लास अपने आप मुस्कुरा उठते हैं।





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