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- -4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभरायपुर ।प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं। उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
- -विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि की गई वितरितरायपुर ।श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा की अध्यक्षता में ऑडिटोरियम जांजगीर में आज श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियो को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि वितरित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र हितग्राही योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रमिकों को योजनाओं से सीधे जोडने और संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, श्री नंदकुमार चौधरी, श्री विकास शर्मा, श्री पंकज अग्रवाल, श्री अनिल शर्मा, श्री हितेश यादव, श्री पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती इंद्रावती जांगड़े, श्री संजय शर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिक उपस्थित थे।
- -एक माह में 1628.60 लाख रुपये अंतरितरायपुर। सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले में स्वीकृत कुल 1,02,210 आवासों में से 80,296 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जो 50 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि को दर्शाता है। इस माह 1,781 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। निर्माण कार्यों को गति देने के लिए हितग्राहियों को किश्तों की राशि आधार आधारित डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में समय-सीमा के भीतर अंतरित की जा रही है।वित्तीय वर्ष 2024-26 में स्वीकृत 36,306 आवासों में से 18,782 आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को 1.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृति, प्लिंथ एवं पूर्णता चरण में जियो-टैग आधारित सत्यापन के पश्चात प्रदान की जाती है। अब तक 35,125 हितग्राहियों को प्रथम किश्त (40,000 रुपये), 23,419 को द्वितीय किश्त (55,000 रुपये) तथा 10,367 हितग्राहियों को तृतीय किश्त (25,000 रुपये) जारी की जा चुकी है।विगत एक माह में 1,634 आवास पूर्ण करते हुए 1,349.05 लाख रुपये की राशि जारी की गई। साथ ही कुल मिलाकर 1,628.60 लाख रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए गए। इसके अतिरिक्त मनरेगा के अंतर्गत 90 मानव-दिवस का मजदूरी भुगतान तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण उपरांत 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा रही है।पीएम जनमन योजना के तहत जिले में 2,565 पहाड़ी कोरवा हितग्राहियों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 1,385 आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रति हितग्राही 2.00 लाख रुपये की सहायता राशि चार चरणों में जारी की जाती है। विगत एक माह में 73 जनमन आवास पूर्ण हुए तथा 217 लाख रुपये की राशि जारी की गई।मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में 1,024 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 214 आवास पूर्ण हो चुके हैं। पिछले एक माह में 74 आवास पूर्ण करते हुए 62.55 लाख रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई है।आवास निर्माण में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए 45 आवास मित्रों एवं 218 रोजगार सहायकों को कुल 61.97 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। वर्तमान में जिले में किसी भी हितग्राही की किश्त भुगतान हेतु लंबित नहीं है, जो प्रशासन की पारदर्शी एवं सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है। आवास निर्माण से संबंधित किसी भी समस्या या सुझाव के लिए हितग्राही राज्य शासन द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए की हो रही आमदनी, गांव की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणास्रोतरायपुर। अपने दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू सामान का विक्रय करती प्रीति गुप्ता महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता है। वह उत्साह से बताती है कि मुद्रा लोन की मदद से वह अपना व्यापार खड़ा कर पाई है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति ने बताया कि उन्हें 01 लाख रुपए मुद्रा लोन के रूप में मिला था। आज वह अपने व्यापार से सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए तक कमाई कर पाती है।जशपुर जिला के विकासखंड बगीचा के ग्राम बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता ने मुद्रा लोन लेकर दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान की शुरुआत की। प्रारंभ में छोटे स्तर पर दुकान संचालित करने वाली प्रीति ने धीरे-धीरे ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए दुकान का विस्तार किया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर हर जरूरत का सामान उनकी दुकान में उपलब्ध है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता एवं मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वे प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और बिहान योजना के सहयोग से लखपति दीदी बनने का सपना साकार किया है। प्रीति गुप्ता, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की वजह से आज मेरे जैसी कितनी महिलाएं आत्मनिर्भर हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि बिहान ने मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। प्रीति गुप्ता आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो अपनी मेहनत और संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (मुख्यतः छत्तीसगढ़ में सक्रिय) युवाओं और श्रमिकों को विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की राज्य स्तरीय पहल है। यह योजना 18-50 वर्ष के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों, ग्रामीण युवाओं और दिव्यांगजनों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और प्रमाण-पत्र देती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा उन्हें रोजगार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।छत्तीसगढ के राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा निवासी श्री हर्ष साहू ने डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें निजी संस्था टेक्नोटास्क में रोजगार प्राप्त हुआ। श्री साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान एवं व्यवहारिक दक्षता के कारण उन्हें रोजगार हासिल करने में सफलता मिली। वर्तमान में वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जिला कौशल विकास प्राधिकरण, राजनांदगांव द्वारा जिले के युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में प्रभावी सिद्ध हो रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी दक्षता एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर युवा निजी संस्थानों में रोजगार अर्जित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।इसी प्रकार ग्राम अंजोरा (ख), जिला दुर्ग निवासी सुश्री आकांक्षा कुशवाहा ने भी डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त कर टेक्नोटास्क में रोजगार प्राप्त किया है। वहीं ग्राम थनौद, जिला दुर्ग के श्री आशीष कुमार पटेल ने प्रशिक्षण उपरांत वायडी फूड प्रोडक्ट में रोजगार प्राप्त किया है। वे भी अपने परिवार की आर्थिक उन्नति में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
- -विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वाररायपुर ।कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं।प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।
- -छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय शिक्षक एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभरायपुर ।योग भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने गहन शोध एवं अनुभव के आधार पर विकसित किया है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के स्वाभाविक व्यवहार का अध्ययन कर विभिन्न योग आसनों की रचना की गई, जो आज भी मानव जीवन को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।यह बात छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कही। वे श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोग एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।अध्यक्ष श्री सिन्हा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नियमित योगाभ्यास अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, जिसे योग के माध्यम से सहज रूप में प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्रप्रेम को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए भावी शिक्षकों से स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।उक्त सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र संकाय अंतर्गत संचालित बी.एड. तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत 289 विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को योग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें विद्यालय स्तर पर योग शिक्षण हेतु सक्षम बनाना है।इस अवसर पर आर्य समाज बैजनाथपारा रायपुर के प्राचार्य श्री योगीराज साहू, प्रति-कुलाधिपति प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, लेखा अधिकारी श्री गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी श्री रविकांत कुंभकार, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति साहू सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1340 घर हुए रोशन, हजारों को मिल रही बिजली बिल में राहतरायपुर। भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं। शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।
- -दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले पहुंचकर योजनाओं का किया निरीक्षण, पशुपालकों से की चर्चा-प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना कीरायपुर। भारत सरकार द्वारा नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान वे पशुधन विकास विभाग के केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की छत्तीसगढ़ प्रगति की जानकारी ली केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दल दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया और पशुपालकों से चर्चा की। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दल ने छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना की।केंद्रीय दल प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके पश्चात दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही एवं डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी पशु सखियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों तथा दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से संवाद किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में उपलब्ध दवाइयों व उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रवास के दौरान बालोद जिले में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले में भी दल ने सहभागिता की।राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत टीम ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग का भ्रमण किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मैत्री एवं एवीएफओ रिफ्रेशर ट्रेनिंग संस्थान तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। जिला बालोद के विकासखंड गुण्डरदेही एवं डौंडी में बिहान अंतर्गत कार्यरत 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन अंतर्गत ग्राम भरदा (दुर्ग) में श्री देवनाथ देशमुख, नवागांव (बेमेतरा) में श्रीमती मनीषा राजपूत तथा बालोद जिले के ग्राम गब्दी एवं बरही में संचालित बकरी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा एवं सुरहोली स्थित स्काईलार्क हैचरी तथा बालोद जिले की एबीस हैचरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया।नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट अंतर्गत टीम ने उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट का भ्रमण कर दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी एवं मक्खन निर्माण इकाई का अवलोकन कर जानकारी ली। बालोद जिले के अर्जुंदा तथा बेमेतरा जिले के सरदा एवं मौली भाठा स्थित दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से चर्चा की गई।इसी तरह लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत बेमेतरा जिले में कोल्ड केबिनेट एवं शीत श्रृंखला उपकरणों का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट में उपलब्ध दवाईयों, टीकाकरण सामग्री एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। ग्राम बोहारडीह (बेमेतरा) के उन्नत पशुपालक श्री मानसिंह वर्मा के डेयरी फार्म का भी अवलोकन किया गया। दौरे के दौरान जिला बालोद के ग्राम भेंगारी में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेला में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की टीम शामिल हुई। टीम ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ एवं पशुपालन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
- - 18 फरवरी से चित्रकोट महोत्सव-2026 का होगा भव्य आयोजन-एशिया के नियाग्रा चित्रकोट में बिखरेगी बस्तर की सांस्कृतिक छटारायपुर। विश्व प्रसिद्ध और एशिया के नियाग्रा के नाम से विख्यात चित्रकोट जलप्रपात के तट पर आगामी 18 फरवरी से दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राज्य शासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से आयोजित इस भव्य महोत्सव का उद्घाटन 18 फरवरी को संध्या 4 बजे चित्रकोट जलप्रपात ग्राउंड में होगा। यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर चमकाने का सुनहरा अवसर साबित होगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन मंत्री श्री केदार कश्यप रहेंगे, जबकि अध्यक्षता बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप करेंगे। अति विशिष्ट अतिथियों में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल शामिल होंगे। दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय, छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कॉर्पाेरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत बस्तर के उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी, केंद्रीय मर्यादित बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप तथा चित्रकोट के सरपंच श्री भंवर मौर्य भी इस गरिमामयी समारोह में उपस्थित रहेंगे।संस्कृति, कला और खेल का अनोखा संगममहोत्सव बस्तर की लोक संस्कृति को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा। स्थानीय लोक कलाकारों की मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियां, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसी रोमांचक खेल प्रतियोगिताएं इसकी मुख्य आकर्षण होंगी। चित्रकोट जलप्रपात के मनमोहक परिवेश में आयोजित यह उत्सव पर्यटकों को बस्तर की जनजातीय परंपराओं, नृत्य-गीत और हस्तशिल्प से रूबरू कराएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का पर्यटन मानचित्र और मजबूत बनेगा। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों कोे इस सांस्कृतिक उत्सव में सादर आमंत्रित किया है।
- -मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों के बेहतरी के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इसी क्रम में श्रम विभाग के अधीन संचालित छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत “मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना“ तहत पंजीकृत श्रमिक के मृत्यु उपरांत उनके वैध उत्तराधिकारी, नामिनी को योजनांतर्गत देय हितलाभ एक लाख रुपये का लाभ दिया जा रहा है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विभाग द्वारा एक सतत अभियान चलाकर इस योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवारों के घर पहुच जाँच कर उनको लाभ दिलाया जा रहा है। निर्माण श्रमिक, असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार को दुःख की घड़ी में आर्थिक सहायता प्रदान करना इस योजना का उद्देश्य है।अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम सोनसायटोला के पंजीकृत श्रमिक स्व. श्री शम्भू राम के मृत्यु उपरांत यह राशि उनके उत्तराधिकारी फिरंतिन बाई को उनके खाते में हस्तांतरित की गयी। योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर 1 लाख रूपए, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रूपए कार्यस्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यंगता होने पर 2 लाख 50 हजार रूपए एवं अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 1 लाख रूपए की अनुदान राशि प्रदान किया जाता है। योजना अंतर्गत निर्माण श्रमिक का हिताधिकारी के रूप में भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार न्यूनतम 90 दिवस पूर्व का पंजीयन होना अनिवार्य है। आवेदन के स्वीकृति उपरांत योजना की राशि डी.बी.टी के माध्यम से नामिनी, वैध उत्तराधिकारी के खाते में स्थानांतरित की जाती है। इस योजना का लाभ लेने हेतु योजना के तहत् ऑनलाईन आवेदन करते समय पंजीयन प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी, आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक, पंजीकृत श्रमिक एवं नामिनी का आधार कार्ड एवं पूर्ण स्थायी पता के संबंध में प्रमाण पत्र, मोबाईल नंबर, मृत्यु प्रमाण पत्र तथा स्थायी दिव्यांगता होने पर डॉक्टर द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र इत्यादि मंडल द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशानुसार अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने पंचायत स्तर पर पंजीयन एवं नवीनीकरण का कार्य सतत् रूप से शिविरों के माध्यम से किया जा रहा है, इसका उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
- -गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन में आई तेजी,पदस्थापना से अब तक 16 सफल ऑपरेशनरायपुर। जिला अस्पताल बलौदा बाज़ार में नए जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ क़ादिर बेग की पदस्थापना से अस्पताल की क्षमताओं में इज़ाफ़ा हुआ है । अस्पताल में अब हर्निया, हाइड्रोसिल,बवासीर,फिमोसिस,सेलुलाइटिसब्रेस्ट एबिस,फाइब्रोडेमा,लिम्फोमा,सिबेशियस सिस्ट जैसी गंभीर बीमारियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है ।जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के अनुसार उक्त ऑपरेशन निःशुल्क किये जा रहे हैं साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड का भी उपयोग किया जाता है । भर्ती मरीज को भोजन नाश्ता भी दिया जाता है। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि,उक्त ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थित अनुसार कुछ दिन भर्ती किया जाता है बाद में छुट्टी हो जाती है। सर्जन की पदस्थापना से अब तक 16 ऐसे ऑपरेशन किये जा चुके हैं। सेलुलाइटिस का उपचार करा चुके भाटापारा निवासी 45 वर्षीय अनिता के परिजनों ने बताया कि,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रिफर किया गया था।उसके बाद वहां ऑपरेशन किया गया।इसमें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। एक हफ्ते भर्ती रहे उसके बाद छुट्टी हो गई। अभी स्थिति ठीक हैं ।
- -शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन-शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ—उच्च शिक्षा, कौशल और रोजगार को जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा तयरायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा।‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
- रायपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में अवरोध नहीं बनतीं। दृष्टि दिव्यांगता को चुनौती देते हुए श्री अभिनंदन नशीने ने आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐसी प्रेरक कहानी रची है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित रायपुर मठपुरैना स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में वर्ष 2006 में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले श्री अभिनंदन ने वर्ष 2019 में बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप “रोशनी” के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी मधुर आवाज से अनेक मंचों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।संगीत के प्रति गहरी लगन ने उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से संगीत विषय में स्नातक शिक्षा पूर्ण कर अपनी प्रतिभा को शैक्षणिक आधार प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और आज उसी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।वर्तमान में श्री अभिनंदन दृष्टि दिव्यांग बच्चों को संगीत की विधिवत शिक्षा देकर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके मार्गदर्शन में कई बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।श्री अभिनंदन द्वारा संचालित “अभिनंदन म्यूजिकल परिवार” ऑर्केस्ट्रा समूह दिव्यांग कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। यह समूह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मोहला-मानपुर जिले में समाज कल्याण विभाग के कार्यक्रमों हेतु जागरूकता गीतों की रचना कर सामाजिक सरोकारों से भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।श्री अभिनंदन की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि यदि संकल्प अडिग हो तो चुनौतियां भी सफलता की सीढ़ियां बन जाती हैं। उनका संघर्ष और उपलब्धियां प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।राज्य सरकार की समावेशी नीतियों और सशक्तिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज ऐसे अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं। श्री अभिनंदन की उपलब्धियां इसी सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।
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बिलासपुर/भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को समर्पित दो दिवसीय भव्य शास्त्रीय नृत्य व संगीत समारोह का आयोजन 21 और 22 फरवरी को देवकीनंदन दीक्षित सभागार में किया जाएगा। संस्कृति विभाग के सहयोग से कला विकास केंद्र द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से होगा। यह आयोजन रायगढ़ घराने के स्तंभ एवं प्रख्यात नृत्याचार्य पंडित फ़िरतु महाराज जी की पावन स्मृति में समर्पित है। समारोह का उद्देश्य रायगढ़ घराने की गौरवशाली सांगीतिक एवं नृत्य परंपरा को जन-जन तक पहुँचाना है।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना और कला विकास केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती वासंती वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ना व वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है। दो दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक, वादक और नृत्य कलाकार अपनी उच्चकोटि की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को सुर, ताल, लय और भाव की अद्भुत अनुभूति कराएँगे।उल्लेखनीय है कि पंडित फ़िरतु महाराज जी ने अपने जीवन को कला-साधना को समर्पित करते हुए रायगढ़ घराने की विशिष्ट शैली को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाया। उनके संरक्षण और मार्गदर्शन में अनेक शिष्यों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की। उनका योगदान केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखते हुए कला के संस्कारों को नई पीढ़ी में स्थापित किया। समारोह के दौरान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियाँ होंगी, जिनमें पारंपरिक बंदिशें, राग-रागिनियों की सुमधुर प्रस्तुति तथा भावप्रधान नृत्यांजलि विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन स्थल को सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप सजाया जाएगा, जिससे श्रोताओं को एक सजीव और सौंदर्यपूर्ण वातावरण में कला का आनंद मिल सके।आयोजक मंडल द्वारा शहरवासियों, कला-प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस गरिमामय आयोजन को सफल बनाएँ और भारतीय शास्त्रीय कला की इस विरासत को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें। -
*रोजगार सहायकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआर*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज 47 रोजगार सहायकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है। -
बिलासपुर/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 28 फरवरी 2026 तक रात्रि 12 बजे तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार एएनएम, फिजियोथेरेपिस्ट, फॉर्मासिस्ट, डेंटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, स्टाफ नर्स, एमपीडब्ल्यू, काउंसलर, फीडिंग डेमोनस्ट्रेटर, टीबीएसव्ही, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, ब्लॉक डाटा मैनेजर, सेक्रेटियल असिस्टेंट, एकाउंटेंट, चतुर्थ श्रेणी, क्लीनर, आया बाई, हाउसकीपिंग स्टाफ, अटेंडेंट, कुक जैसे विभिन्न संविदों पदों पर जिले की वेबसाईट http://bilaspur.gov.in के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। ऑनलाईन आवेदन, नियम व शर्ते जिले की वेबसाईट में देखा, भरा या डाउनलोड किया जा सकता है।
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*उपभोक्ताओं को जागरूक करने विभाग द्वारा चलाया जा रहा है, स्मार्ट मीटर पखवाड़ा*
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के संबंध में पूरी जानकारी देने के लिए विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उपभोक्ताओं की जिज्ञासा एवं भ्रांतियों को दूर करते हुये अवगत कराया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह स्वचालित है, इसमें किसी भी प्रकार का कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा और न ही गलत रीडिंग या बिलिंग की समस्या होगी। साथ ही बिजली चोरी से भी निजात मिलेगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य मेसर्स जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बिलासपुर शहर के लगभग 1 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं में से 96 हजार उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य किया जा चुका है। मीटर स्थापना के उपरांत स्मार्ट मीटर का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जाता है, जिसके उपरांत नवीन स्मार्ट मीटर के रीडिंग के अनुसार बिलिंग किया जाता है। स्थापित किये गये 96 हजार में सें लगभग 99 प्रतिशत मीटरों का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जा चुका है तथा स्मार्ट मीटर के रीडिंग के अनुसार ही बिलिंग हो रही है एवं शेष स्मार्ट मीटरों के विवरण को सैप सिस्टम में दर्ज करने की कार्यवाही सतत् प्रक्रियाधीन है जिन्हे आगामी माह के बिल में पूर्ण कर लिया जावेगा। कतिपय प्रकरणों में मानवीय त्रुटिवश मीटर विवरण दर्ज नही होने संबंधी शिकायत विद्युत कार्यालयों में प्राप्त होने पर पूर्व मेें किये गये औसत बिलिंग को समायोजित करते हुये त्वरित सुधार की कार्यवाही की जाती है, यदि उपभोक्ता को एकमुश्त बिल जारी होता है तो नियमानुसार स्लैबिंग की सुविधा प्रदाय करते हुये बिल जारी किया जाता है।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के. अम्बस्ट द्वारा अवगत कराया गया है कि स्मार्ट मीटर में बिलिंग संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित मैदानी कार्यालय से संपर्क किया जावे ताकि विभागीय अधिकारियों द्वारा जीनस कंपनी के साथ सामंजस्य स्थापित कर तत्काल सुधार कार्य किया जा सके। -
बिलासपुर/जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार तथा जिला सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में आज जिला बिलासपुर से जिला पंचायत के माननीय अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, माननीय उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित 14 जिला पंचायत सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दुरंतो एक्सप्रेस के माध्यम से मुंबई के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सहभागी होगा। यह प्रशिक्षण चौथे बैच के रूप में बिलासपुर संभाग के जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया है।
यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मुंबई स्थित प्रसिद्ध रामभाऊ महालाँघि प्रबोधनी संस्थान में दिनांक 18 फ़रवरी से आयोजित किया जा रहा है, जहाँ पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, आजीविका संवर्धन, डिजिटल पंचायत व्यवस्था तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के आदर्श ग्रामों का अध्ययन भ्रमण भी करेगा। दल रालेगण सिद्धि(समाजसेवी अन्ना हज़ारे का ग्राम) तथा पुणे के समीप स्थित हिवरे बाज़ार जैसे उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का अवलोकन करेगा। इन ग्रामों में जल संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता, पारदर्शी प्रशासन, कृषि उन्नयन एवं सतत विकास के सफल मॉडलों का अध्ययन कर प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर लागू करने योग्य नवाचारों की जानकारी प्राप्त करेंगे।माननीय अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने प्रस्थान पूर्व कहा कि यह प्रशिक्षण बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव एवं नवीन कार्यपद्धतियाँ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विकास की गति को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।उक्त कार्यक्रम से लौटने के उपरांत प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिले की अन्य पंचायतों के साथ अपने अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे पूरे जिले में नवाचार एवं सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर श्रीमती शिवानी सिंह, उप संचालक पंचायत, ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इस प्रकार के अंतर राज्य आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी एवं परिणामकारी सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे जनप्रतिनिधियों को जब देश के अन्य राज्यों के सफल मॉडल ग्रामों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलता है, तो उनकी कार्यदृष्टि और अधिक व्यापक एवं व्यावहारिक बनती है। -
*25.37 करोड़ के प्राक्कलन पर स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में*
बिलासपुर/जिला बिलासपुर के बहुप्रतीक्षित खमरिया–सोंठी–नवापारा मार्ग (लंबाई 12.00 कि.मी.) के उन्नयन कार्य को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के बजट में शामिल 25.37 करोड़ के इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, लोक निर्माण विभाग, नया रायपुर को प्रेषित कर दिया गया है।लोक निर्माण विभाग के ईई सीएस विंध्यराज ने बताया कि मंत्रालय स्तर पर आवश्यक तकनीकी सुधार एवं औपचारिकताओं की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इस संबंध में उप अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी को मंत्रालय स्तर पर बुला कर आवश्यक संशोधन कराए गए, जिसके बाद प्रकरण अब प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने के अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस मार्ग के निर्माण/उन्नयन से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों एवं दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क की स्थिति बेहतर होने से परिवहन सुगम होगा, कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने इस सकारात्मक प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने की अपेक्षा जताई है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। -
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में 12वीं के विद्यार्थियों का फूलों की वर्षा से किया गया स्वागत
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 12वीं के बच्चों के लिए आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाला प्रभारी परितोष डोनगांवकर, प्राचार्य मनीष गोवर्धन सहित टीचर्स स्टाफ ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं अपनी खट्टी- मीठी यादों के साथ बच्चे अपने टीचर्स के प्यार और डांट को सहेजते नजर आए। छात्र व छात्राएं पारंपरिक परिधान में पहुंचे, जिनका पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा आधार मेहनत होती है। अभी आप सभी की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं होगी। इसमें सफलता का परचम लहराने के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है। मेहनत का फल सिर्फ परीक्षा में नहीं, बल्कि जीवन के हर पल में आपको मिलेगा। 12वीं के बाद आप लोगों के सामने आगे की पढ़ाई चुनने का बड़ा मौका मिलेगा। यह वह पल होगा, जहां से आप अपने भविष्य के निर्माण की नींव रखेंगे। इसलिए यह आवश्यक है, काफी सोच समझकर और सही मार्गदर्शन के साथ कदम आगे बढ़ाएं।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने विगत वर्ष विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का स्मरण किया। उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बच्चों को उनकी छोटी-छोटी शरारत याद दिलाते हुए माहौल को हल्का किया। हेड गर्ल श्रद्धा ईश्वर ने प्राचार्य और सभी शिक्षकों को धन्यवाद दिया और आगे भी सहयोग की आकांक्षा की। शिक्षिका चित्रा जाऊलकर, तृप्ति अग्निहोत्री, सुनिधि रोकड़े, अपर्णा आठले, सरिता पांडे आदि शिक्षकों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दी। -
*स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ऑपरेशन, छठवें दिन हुई डिस्चार्ज*
*परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को दिया धन्यवाद*
रायपुर/ तीन वर्षीय नम्रता बड़ी खुश है। अपने टेडी बियर से बतिया रही थी, साथ ही साथ अपनी फरारी टॉय कार को भी तेजी से घुमा रही थी। यह महसूस हो रहा था कि वह अपने दोस्त टेडी बियर के साथ किसी खूबसूरत जगह जाने का विचार कर रही है। इस खुशी का राज़ वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है उसे किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं है। क्योंकि उसकी हृदय संबंधी समस्या का गतमाह सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो चुका है वह भी स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ही।यह ऑपरेशन प्रोजेक्ट धड़कन के तहत हुआ है जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा है। नम्रता चंगोराभांटा में रहती है उसके पिता प्रशांत कुमार यादव बहुत ही सामान्य परिवार से हैं जो वाहन चालक हैं। माता मेघा यादव गृहणी हैं। पास के ही आंगनबाड़ी में उनकी बच्ची नम्रता जाती थी। आम बच्चों के साथ खेलती भी थी तभी आंगनबाड़ी में आई प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने 22 जनवरी को स्क्रीनिंग किया। उनके स्पेशल स्टेथोस्कोप में विशेषज्ञों को कुछ लक्षण दिखाई दिए। टीम ने नम्रता के माता-पिता को इसकी सूचना देकर एडवांस चिकित्सकीय परीक्षण की सलाह दी। पिता प्रशांत ने नम्रता को बिना देरी किए सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल ले गए। 23 जनवरी को सत्य सांई हॉस्पिटल नवा रायपुर में ईको करवाया गया जहां हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि हुई और ऑपरेशन की सलाह दी गई। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने सत्य सांई हॉस्पिटल के प्रबंधन के साथ समन्वय किया, तारीख तय हुई एवं तीन दिन के भीतर ही 24 जनवरी को बच्ची का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो गया। वह फिर से आंगनबाड़ी जा रही है व अन्य बच्चों के साथ खेल रही है।उसके पिता प्रशांत एवं माता मेघा ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अंदाजा भी नहीं था हमारी बच्ची को ऐसी तकलीफ है। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने इस समस्या के बारे में बताया ही नहीं बल्कि उसके ऑपरेशन के लिए सत्य साई हॉस्पिटल में प्रबंध भी किया। हमें यह लगा था कि इस इलाज के लिए लंबा समय लगेगा मगर स्क्रीनिंग के महज तीन दिन के भीतर ही ऑपरेशन हो गया 27 जनवरी को डिस्चार्ज भी हो गई। आज हमारी बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल से जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट धड़कन का संचालन किया जा रहा है। जिसमें आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। विशेष स्टेथोस्कोप से जांच की जाती है और हृदय में जन्मजात छिद्र की समस्या को चिन्हित को किया जाता है एवं उसका सत्य साई हॉस्पिटल में निःशुल्क इलाज किया जाता है। - -9,473 ग्रामीणों को मिला सीधा लाभरायपुर ।शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुकमा जिले में व्यापक स्तर पर जन सुविधा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में 4 फरवरी से प्रारंभ यह अभियान प्रशासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।अब तक कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में 23 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 40 ग्रामों के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ही उन्हें पात्रतानुसार लाभान्वित किया गया है। यह जन-अभियान 28 फरवरी तक सतत रूप से संचालित होगा। शिविरों में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी समीक्षा कर रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।जन सुविधा शिविरों में ग्रामीणों को एक ही स्थान पर आधार अपडेट एवं नवीन पंजीयन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, आभा आईडी जनरेशन, वय वंदन योजना कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, किसान पंजीयन एवं उसका अद्यतन, ई-केवाईसी सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एकीकृत व्यवस्था से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। अब तक कुल 9,473 ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बैकुंठपुर निवासी 92 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी डॉ. निर्मल घोष के निवास पहुंचे और उनसे सौजन्य भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. घोष का शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया। साथ ही उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा डॉ. घोष का संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और जीवटता आज भी हमारे लिए प्रेरणादायी है। इस आयु में भी उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान हम सभी के लिए अनुकरणीय है। लोकतंत्र सेनानी से मिलना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।इस अवसर पर डॉ. घोष ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव मुख्यमंत्री से साझा किए। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय उन्हें लगभग 19 माह तक विभिन्न जेलों में निरुद्ध रखा गया था। डॉ. घोष ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मिशन स्कूल, माधव राव सप्रे स्कूल तथा नागपुर में अध्ययन किया। वर्ष 1955 में वे आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लिए और सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री प्राप्त की। सरकारी सेवा में न जाकर उन्होंने वर्ष 1960 में बैकुंठपुर में निजी चिकित्सालय प्रारंभ किया और लंबे समय तक जनसेवा करते रहे। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री भइया लाल राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -अधोसंरचना सुदृढ़ होने से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम — मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।








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