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- रायपुर/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के पारंपरिक एवं लोक आस्था के प्रमुख पर्व पोरा तिहार के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमारी माटी, खेती-किसानी और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को प्रकट करता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव हैं। पोरा तिहार के माध्यम से हमारी परंपराएं, लोकमान्यताएं और संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते हैं। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी देता है।श्री ओपी चौधरी ने कामना की कि पोरा तिहार प्रदेश के सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। किसानों के खेतों में भरपूर फसल हो और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि की दिशा में आगे बढ़े।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में अभनपुर में हितग्राहियों की पेशी लेकर दिए गए निर्देशरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत जनपद पंचायत अभनपुर में आवास निर्माण में विलंब करने वाले हितग्राहियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई।ऐसे हितग्राही, जिन्हें आवास निर्माण के लिए किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विगत कई माह से आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है अथवा निर्माण कार्य अपूर्ण है, उन्हें समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर श्री रवि सिंह द्वारा संबंधित हितग्राहियों की पेशी ली गई। उन्होंने हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि निर्धारित अवधि में आवास निर्माण पूर्ण नहीं किए जाने की स्थिति में प्राप्त राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अभनपुर उपस्थित रहे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंदरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं को छोड़कर जिले के शेष क्षेत्रों में लागू होंगे।जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा पर रहेगा स्थानीय अवकाशरायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रायपुर एवं नया रायपुर अटल नगर क्षेत्र में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश शासन के अधीन समस्त शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए लागू होगा। नुआखाई पर्व पर 15 सितंबर 2026, महाअष्टमी पर 19 अक्टूबर 2026 तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली का दूसरा दिन) पर 9 नवंबर 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त स्थानीय अवकाश बैंकों, कोषालयों एवं उप कोषालयों के लिए लागू नहीं होंगे।
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने नगर निगम जोन 4 क्षेत्र के विभिन्न स्थानो का निरीक्षण अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर, जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पुरन तांडी श्री विरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में किया। प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानो पर गंदगी पाये जाने पर अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने गहन अप्रसन्नता व्यक्त की एवं गंदगी फैलाने वाले संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना करने और उन्हें स्वच्छता को लेकर हिदायत देने के निर्देश दिये।अपर आयुक्त के निर्देश पर जोन 4 जोन कमिश्नर के मार्गनिर्देशन में जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने गंदगी पाये जाने पर संबंधित 6 व्यक्तियों सोनू सोनकर पर 2000 रू., संतोष देवभोग मिल्क पार्लर पर 5000 रू., ऋषभ रक्सेल पर 2000 रू., सुनील लहरवानी, जलन सागर, चेतन मंडले पर 500-500 रू. कुल 6 व्यक्तियों पर 10500 रू. का ई चालान गंदगी पाये जाने पर किया एवं उन्हें भविष्य के लिये कडी चेतावनी के साथ स्वच्छता बनाये रखने की कडी हिदायत स्थल पर दी।
- भिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।टी सहदेव
- 0- सीएसवीटीयू भिलाई का बीआईटी दुर्ग में ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन0- कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिलदुर्ग. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग परिसर में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं प्रदेश़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राज्यपाल श्री डेका ने अपने कर कमलों से 72 महिला स्व-सहायता-समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट वितरण किया। समारोह में सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग महापौर श्रीमती अल्का बाघमार और सहकार भारती के श्री कलीराम शर्मा भी सम्मिलित हुए।मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। आज यहां दो महत्वपूर्ण यात्राओं का शुभारंभ हो रहा है, एक हमारी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर दूसरी हमारे युवा नवाचारकर्ताओं के सपनों को उद्यम में बदलने की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी है, जब वह समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़कर रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे। राज्यपाल ने कहा कि मिलेट से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है। छत्तीसगढ की कृषि परंपरा में मिलेट अर्थात मोटे अनाज का विशेष महत्व रहा है। आज वहीं पारंपरिक ’श्री अन्न’ (मिलेट) पोषण के साथ-साथ अब आय का नया जरिया बन रहा है। मिलेट पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों के लिए आय के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को निःशुल्क मिलेट हेल्थ कार्ट प्रदान किए जाने के साथ ही उन्हें एक सक्षम व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने के लिए उत्पाद निर्माण, एफएसएसएआई मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन का संपूर्ण प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता-समूहों को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की इस पहल पर बल देते हुए बताया कि जब एक महिला स्वावलंबी बनती है तो उसका परिवार मजबूत होता है और पूरे समुदाय में आत्मविश्वास पैदा होता है।राज्यपाल श्री डेका ने युवा नवाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 24 नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स को कुल ₹50 लाख की इग्निशन ग्रांट प्रदान की जा रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार के मार्ग में असफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनसे सीखकर निरंतर आगे बढ़ना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं परंपरागत रूप से श्रम, कौशल और उद्यमशीलता की मिसाल बन रही हैं; महिला स्व-सहायता-समूहों ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए।राज्यपाल श्री डेका ने तकनीकी विश्वविद्यालय के ज्ञान और संसाधनों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएसव्हीटीयू-फोर्टे (फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप) आने वाले समय में ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी महिला एसएचजी की बहनों और युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मिलेट को पारंपरिक अनाज ’श्री अन्न’ के रूप में इसे सहकारिता के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुॅचाया है। प्रधानमंत्री जी पहल पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूह को जोड़कर मिलेट खाद्यान को सभी के सहयोग से जन-जन तक पहुंचाना है। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने आज के इस आयोजन को विकसित भारत निर्माण की मजबूत शुरूआत बताते हुए कहा कि एसएचजी के माध्यम से महिलाएं सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत होने जा रहीं हैं। स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं में विश्वास जागृत हुआ है। उन्होंने सरकार की योजनाओं से जुड़कर युवाओं को स्वावलंबी बनने का आह्वान किया।विधायक श्री रिकेश सेन ने कहा कि स्टार्टअप योजना छत्तीसगढ़ के विकास में रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। कार्यक्रम को महापौर श्री अल्का बाघमार और सहकार भारती के श्री कलीराम शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के आरंभ में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूण अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन में आयोजन के उद्देश्य, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्रध्यापकगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता-समूह की बहनें व युवा वर्ग उपस्थित थे।
- 0- कापसी के उच्च स्तरीय जलागार में पहुंचा पानी, योजना की टेस्टिंग शुरूदुर्ग. जल जीवन मिशन के अंतर्गत दुर्ग जिले में 09 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इन योजनाओं के माध्यम से नदी के जल को फिल्टर प्लांट में शुद्ध कर 246 ग्रामों के उच्चस्तरीय जलागारों तक पहुंचाते हुए हर घर में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें से 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की निविदा जारी कर कार्य कराया जा रहा है, जबकि अमलेश्वर एवं पथरिया समूह जल प्रदाय योजनाएं शासन स्तर पर निरस्त हो चुकी हैं।पाटन विकासखंड के 17 ग्राम अमलेश्वर समूह योजना में शामिल थे। इनमें अमलेश्वर, मगरघटा, खुड़मुड़ा और भोथली सहित 04 ग्रामों के अमलेश्वर नगर पालिका में सम्मिलित होने के कारण समूह योजना निरस्त हो गई। समूह योजना में शामिल होने के कारण इन ग्रामों की व्यक्तिगत योजनाओं में राइजिंग मेन का प्रावधान नहीं था। कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी अनुसार अमलेश्वर समूह योजना में शामिल 08 ग्रामों में उपलब्ध राशि से जल वितरण प्रणाली के ठेकेदार द्वारा भू-जल स्रोत से योजनाओं को जोड़कर कार्य पूर्ण कर लिया गया था। वहीं शेष 05 ग्रामों में राशि की उपलब्धता नहीं होने से योजनाओं को पूर्ण करने में बाधा आ रही थी।जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में माननीय मुख्य सचिव द्वारा ऐसे ग्रामों, जहां जल स्रोत उपलब्ध है लेकिन किसी कारण से योजना पूर्ण नहीं हो सकी है, वहां जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि स्वीकृत करने का सुझाव दिया गया था। इसके परिपालन में कलेक्टर दुर्ग द्वारा डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत की गई।स्वीकृत राशि के बाद अमलेश्वर समूह योजना से जुड़े 05 ग्रामों सांकरा, कापसी, कोपेडीह, रूही और अमलीडीह में से रूही एवं कापसी में कार्यादेश जारी कर कार्य कराया जा रहा है। इसी क्रम में 09 सितंबर 2026 को कापसी ग्राम के उच्च स्तरीय जलागार में पानी पहुंचाया गया तथा योजना की टेस्टिंग प्रारंभ कर दी गई है।शेष 03 ग्रामों सांकरा, कोपेडीह एवं अमलीडीह के लिए प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अनुमति प्राप्त कर निविदा प्रक्रिया प्रगतिरत है। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द ही कार्यादेश जारी कर इन ग्रामों में भी पेयजल प्रदाय प्रारंभ किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी ।
- दुर्ग. प्राचार्य, संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग (कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे, पेंशन कार्यालय) द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक संचालित रहेगी। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग और संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, यह प्रशिक्षण लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। दिशानिर्देशों के तहत ऐसे लिपिक वर्गीय कर्मचारी, जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है (तकनीकी संवर्ग को छोड़कर) और जिन्होंने 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है, वे इसके पात्र होंगे। अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में अभ्यर्थियों के लिए कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य रखा गया है। संबंधित कार्यालय प्रमुखों को निर्धारित प्रपत्र में पूर्ण रूप से भरे आवेदन पत्र कार्यालयीन समय में 30 सितंबर 2026 तक संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग में प्रस्तुत करने कहा गया है। संस्थान द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि के पूर्व या पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन केवल विज्ञप्ति के साथ संलग्न छायाप्रति (स्वीकार्य) मानक आवेदन पत्र पर ही स्वीकार किए जाएंगे।
- दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग और शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 11 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला शासकीय महिला आईटीआई (पुलगांव चौक, दुर्ग) परिसर में आयोजित होगा। रोजगार कार्यालय के उपसंचालक श्री विष्णु कुमार केड़िया से मिली जानकारी के अनुसार, इस मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र के 05 नियोजकों द्वारा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी संवर्ग के कुल 382 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी। रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग योग्यताधारी आवेदक शामिल हो सकते हैं।रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in एवं 'छ.ग. रोजगार ऐप' पर उपलब्ध करा दी गई है। इच्छुक एवं योग्य आवेदक ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मेले में भाग लेने के लिए आवेदकों का रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक 11 सितंबर 2026 को अपने समस्त शैक्षणिक व आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थान शासकीय महिला आईटीआई, दुर्ग में उपस्थित होकर रोजगार मेले का लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी अथवा मार्गदर्शन के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग (मालवीय नगर चौक) में संपर्क किया जा सकता है।
- दुर्ग. सत्र 2021-22 से 2025-26 तक जिले में महतारी दुलार योजना अंतर्गत लाभान्वित विद्यार्थियों की पात्र/अपात्र सूची छात्रवृत्ति पोर्टल https://schoolscholarship.cg.nic.in/fhome.aspx के पब्लिक डोमेन में उपलब्ध करा दी गई है। जिला स्तर पर दावा आपत्ति प्राप्त कर योजना की अधिसूचनाओं के तहत दावा आपत्तियों का निराकरण किए जाने के लिए 12 सितम्बर तक निर्धारित किया गया है। दावा आपत्ति कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग में निर्धारित तिथि में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्रस्तुत आवेदनों पर विचार नही किया जाएगा।
- दुर्ग. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत 29 सितम्बर से 03 अक्टूबर 2026 तक प्रयाग, काशी विश्वनाथ, हनुमान मंदिर की यात्रा हेतु दुर्ग जिले के 445 वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या 60 वर्ष के ऊपर) को यात्रा पर भेजने की तैयारी थी। जिसकी तिथि में अपरिहार्य कारणों से संशोधन करते हुए उक्त यात्रा 03 से 07 दिसम्बर 2026 तक हो गई है। जिसमें 333 ग्रामीण व 112 शहरी क्षेत्र के यात्री को सम्मिलित करते हुए कुल 445 का कोटा निर्धारण किया गया है। जिसमें 80 प्रतिशत हितग्राही बी.पी.एल. अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी एवं 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के ऊपर (ए.पी.एल) के नागरिक होंगे, जो आयकर दाता न हो।उप संचालक समाज कल्याण के अनुसार आवेदक, संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों से आवेदन प्राप्त कर 05 नवम्बर 2026 तक स्वास्थ्य परीक्षण उपरान्त निर्धारित प्रपत्र में आवेदन संबंधित नगरीय निकाय / जनपद पंचायतों में जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरान्त आवेदन प्रस्तुत करने पर स्वीकार्य नही किया जाएगा।
- 0- उपस्वास्थ्य केन्द्र की मरम्मत कराने दिया आवेदन, जनदर्शन में 109 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगाें से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 109 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में पाटन तहसील के ग्राम औंधी निवासी कृषक ने अपने मृतक बहन के नाम दर्ज भूमि का फौती नामांतरण वैध वारिसों के नाम दर्ज कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि फौती नामांतरण के लिए नायब तहसीलदार पाटन के समक्ष आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। ग्राम औंधी की भूमि ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के कारण इस क्षेत्र में प्रतिबंध लगा हुआ है। नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वारिसों का एग्रीस्टैक पंजीयन एवं सेवा सहकारी समिति में धान विक्रय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अनुमति प्रदान कर फौती नामांतरण आदेश पारित कराने की मांग की है। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत चंगोरी के सरपंच ने उपस्वास्थ्य केन्द्र की मरम्मत कराने आवेदन दिया। ग्राम चंगोरी में संचालित उपस्वास्थ्य केंद्र भवन के जर्जर होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार भवन की छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है, जिससे कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। सुरक्षा को देखते हुए उपस्वास्थ्य केंद्र का संचालन फिलहाल अन्य स्थान पर किया जा रहा है। जर्जर भवन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। इस पर अपर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- दुर्ग. जिले के ग्राम चन्द्रखुरी एवं कुथरेल में संयुक्त आयुक्त भू अभिलेख श्री अतुल विश्वकर्मा द्वारा डीसीएस के सर्वे का निरीक्षण किया गया। श्री विश्वकर्मा ने ग्राम चन्द्रख़ुरी एवं कुथरेल में हल्का पटवारी एवं सर्वेयर के साथ फ़ील्ड में जाकर सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे पर श्री विश्वकर्मा ने संतोष ज़ाहिर की। उन्होंने सर्वे के दौरान सर्वेयर्स से भी उनको आ रही समस्याओं के संबंध में चर्चा की। श्री विश्वकर्मा ने ज़िले में डीसीएस के कार्यों के अप्रूवल की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक शीतल दस एवं नायब तहसीलदार श्री वसुमित्र दीवान उपस्थित थे।
- 0- सम्बंधित दुकान संचालकों को दी कड़ी चेतावनी0- निगम जोन 7 स्वास्थ्य, नगर निवेश, राजस्व की संयुक्त टीम फील्ड में उतरी0- रामनगर के आसपास की व्यवसायिक सम्पतियों में की पुर्नमूल्यांकन की कार्रवाईरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग, नगर निवेश विभाग, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में फील्ड पर उतरी और जोन क्षेत्र अंतर्गत रामनगर कर्मा चौक के आसपास क्षेत्र में अभियान चलाकर गन्दगी फैलाने और सड़कों पर कब्जा करने पर सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लगभग 35000 रूपये का ई जुर्माना किया.नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में जोन क्षेत्र अंतर्गत कर्मा चौक रामनगर के आसपास के व्यवसायिक भवनों में पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई अभियान चलाकर की. पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई में 1लाख 42414 रूपये की वृद्धि सम्पतिकर में नियमानुसार दर्ज की गयी, बढ़े सम्पतिकर की राशि की प्रक्रिया के अंतर्गत वसूली हेतु सम्बंधित सम्पतिकरदाता नागरिकों को नोटिस नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग ने जारी कर दी और बढ़े हुए सम्पतिकर की अंतर की राशि की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जा रही है.
- रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में तिलापिया क्लस्टर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने एवं तिलापिया मछली के निर्यात को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को तिलापिया मछली का देश एवं विदेश में निर्यात करने हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तिलापिया मछली का अधिक मात्रा में उत्पादन होता है, जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रोसेसिंग प्लांट में कार्य करने के लिए प्रथम चरण में 100 किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों का एफएफपीओ (फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) में पंजीयन कराया जाएगा, जिससे उन्हें संगठित रूप से उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सहायता मिल सकेगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत भारत सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में कुल 18 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिसमें से एक क्लस्टर प्राथमिक निर्यात-उन्मुख तिलापिया क्लस्टर के रूप में जिला रायपुर को नामित किया गया है। इसका उद्देश्य मीठे पानी की तिलापिया मछली के उत्पादन को बढ़ावा देना एवं विदेश में निर्यात को प्रोत्साहित करना है।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला मत्स्य अधिकारी श्री मनोज कुमार पैकरा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- नगर निगम ने जोन 8 क्षेत्र में शहीद भगत सिंह वार्ड 21 में कार्रवाई कीरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गनिर्देशन एवं कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता श्री लोचन चौहान की उपस्थिति में जोन 8 नगर निवेश विभाग टीम द्वारा नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत शहीद भगत सिंह वार्ड कमांक 21 क्षेत्र के अंतर्गत टाटीबंध सरोवर पोर्टिको होटल के पास दत्ता किचन के बाजू मुख्य मार्ग में लगभग 2000 वर्गफीट में किए जा रहे व्यवसायिक अनुमति विपरीत निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की गयी | अन्य वार्डों में सड़क बाधा शुल्क एवं ग्रीन नेट की कार्रवाई करते हुए ई पेनाल्टी के माध्यम से रसीद काटी गयी.
- 0- रायपुर में पीएम राहत योजना से 124 मरीजों का सफल सत्यापन0- पीएम राहत योजना में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल, डी.के.एस. अस्पताल राज्य के लीडिंग अस्पतालों में शामिल0- दुर्घटना के 7 दिन तक फ्री इलाज: रायपुर में पीएम राहत योजना से लोगों को मिल रही राहतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय से जिले में पीएम राहत योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। योजना के क्रियान्वयन में पुलिस विभाग से पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, एसपी ग्रामीण श्रीमती श्वेता सिन्हा, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा, एएसपी ग्रामीण श्रीमती चंचल तिवारी, एसीपी श्रीमती सीमा अहिरवार एवं जिला प्रबंधक श्रीमती अर्चना राजपूत का विशेष सहयोग रहा।जिला नोडल अधिकारी ट्रॉमा डॉ. सार्थक नंदा ने बताया कि जिले के 20 निजी एवं शासकीय अस्पतालों के सहयोग से अब तक 200 से अधिक जरूरतमंद लोगों को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया जा चुका है, जिनमें से लगभग 124 मरीजों का सफल सत्यापन किया गया है। इस उपलब्धि में डी.के.एस. अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में उच्च स्थान प्राप्त किया है। योजना की शुरुआत से ही अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा एवं डॉ. हेमंत शर्मा के मार्गदर्शन में डी.के.एस. के अधिकारी एवं कर्मचारी इस योजना के क्रियान्वयन में लगे हुए हैं।उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहाँ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के विशेष निर्देशन में दिनांक 30 अप्रैल 2026 को प्रथम हितग्राही को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया गया था।योजना के बारे में :- प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक राष्ट्रीय कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है, जो सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। यह योजना किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य सड़क या शहर की सड़क पर हुए हादसे पर लागू है। इसके लिए 112 पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा का अनुरोध कर नजदीकी अस्पताल में इलाज शुरू किया जा सकता है।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर द्वारा वर्ष 2026 की नवंबर सत्र में आयोजित होने वाली हाईस्कूल (10वीं) एवं हायर सेकण्डरी (12वीं) परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश एवं परीक्षा आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी सामान्य शुल्क के साथ 10 अक्टूबर 2026 तक अपना परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। जो छात्र-छात्राएं नियत अवधि में आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें ₹500/- विलंब शुल्क राशि के साथ दिनांक 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने का अवसर प्रदान किया गया है।छात्र प्रवेश एवं परीक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए अपने समीपस्थ मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा आवेदन फॉर्म छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.sos.cg.nic.in से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित अध्ययन केंद्र में जमा करना होगा।
- 0- GRM एवं MRM पोर्टल पर बैंक अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजितरायपुर. साइबर ठगी एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा ठगी की राशि की प्रभावी ढंग से वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.09.2026 को दोपहर 12:30 बजे यातायात पुलिस कार्यालय, कालीबाड़ी, रायपुर में जिले में संचालित विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों हेतु GRM (Grievance Redressal Module) एवं MRM (Money Restoration Module) पोर्टल संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।उल्लेखनीय है कि साइबर ठगी/धोखाधड़ी के मामलों में ब्लॉक किए गए बैंक खातों एवं होल्ड किए गए बैंक खातों में उपलब्ध राशि को पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा GRM एवं MRM पोर्टल की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षण कार्यशाला में बैंक अधिकारियों को इन पोर्टलों के माध्यम से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, बैंक खातों में होल्ड/ब्लॉक की गई राशि की जानकारी, प्रकरणों के निस्तारण तथा पीड़ितों को राशि वापस किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंक स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए संबंधित जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट की जाए, ताकि ठगी की राशि को सुरक्षित रखने एवं पात्र पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।प्रशिक्षण में बैंक अधिकारियों को GRM एवं MRM पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग, प्रकरणों की निगरानी, लंबित मामलों के निराकरण तथा पुलिस एवं बैंक के बीच प्रभावी समन्वय के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित मामलों में बैंक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका एवं दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यशाला में उपस्थित बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने बैंक की शाखाओं में साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा पुलिस विभाग एवं संबंधित साइबर सेल के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें।इस अवसर पर नागरिकों को भी साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई। नागरिकों से कहा गया कि वे OTP, PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज एवं ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी की घटना होने पर नागरिकों से बिना विलंब 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने तथा संबंधित साइबर अपराध पोर्टल/पुलिस को शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई, जिससे ठगी की राशि को तत्काल रोकने एवं पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना बढ़ाई जा सके। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बैंकिंग संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ितों को राहत प्रदान करने की दिशा में इस प्रशिक्षण कार्यशाला को महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल सर उपस्थित थे
- 0- माना बस्ती की सड़क से हटाए गए आवारा मवेशीरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर जिले में तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में माना बस्ती, ब्लॉक धरसींवा निवासी श्री अंशु कुमार द्वारा सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि पूरे रोड पर आवारा गाय-बैल एवं अन्य पशुओं के विचरण के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है तथा आवागमन में बाधा एवं अन्य परेशानियां हो रही हैं। शिकायतकर्ता ने पशुओं के गले में दूर से दिखाई देने वाले बेल्ट लगाने सहित आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। शासकीय पशु चिकित्सालय, माना बस्ती द्वारा मवेशियों जो रेडियम बेल्ट पहनाया गया तथा शिकायत का त्वरित निराकरण कर दिया गया है। इस कार्रवाई से सड़क पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली परेशानी और दुर्घटना की आशंकाओं को कम करने में मदद मिलेगी।जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से दर्ज कराएं, ताकि संबंधित विभागों द्वारा उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
- 0- समय सीमा में कार्य न करने पर कलेक्टर ने की कार्रवाई0- लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आम जनता से जुड़ी सेवाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने हेतु लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत क्रियान्वयन करना सुनिश्चित किया जा रहा है।सेवा सेतु पोर्टल के अंतर्गत ऑनलाइन प्राप्त आवेदन में रायपुर जिले के नगर पालिका निगम जोन 3 के जोन आयुक्त श्रीमती प्रीति सिंह पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 100 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। एक हितग्राही का राशन कार्ड में बनाने का आवेदन प्राप्त हुआ था। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इसके लिए 30 दिन की समय सीमा निर्धारित है। परंतु निर्धारित समय सीमा के भीतर नाम सुधार का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, जिसके कारण जोन आयुक्त के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि सभी विभाग लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिस विभाग में निर्धारित समय सीमा के भीतर आम जनता को लाभ नहीं दिया जाएगा, संबंधित अधिकारी पर शासन के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सिंह ने समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ बिना विलंब के मिल सके।
- 0- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर की पहलरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए विभिन्न नवाचारी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है।निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन 12 एवं 13 सितंबर 2026 को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार का अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें साक्षात्कार की प्रक्रिया, प्रश्नों के प्रभावी उत्तर, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, आत्मविश्वास और संवाद कौशल से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।मॉक इंटरव्यू के माध्यम से अभ्यर्थियों को विशेषज्ञों के समक्ष साक्षात्कार का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उनके प्रदर्शन का आकलन कर आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक भी दिया जाएगा, जिससे वे वास्तविक परीक्षा के साक्षात्कार चरण के लिए स्वयं को अधिक बेहतर ढंग से तैयार कर सकें।इच्छुक अभ्यर्थी 11 सितंबर 2026 तक निर्धारित Google Sheet में अपनी आवश्यक जानकारी भरकर पंजीयन करा सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से CGPSC राज्य सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल -9425502970, श्री चंद्रेश 7389931878. से भी संपर्क कर सकते है।
- 0- प्रसूता माताओं को हरियाली की भेंटरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा" प्रोजेक्ट ग्रीन पालना" अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा हैं। इस अभिनव पहल के तहत् शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहें हैं ताकि नई जिंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती में जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत् आज एमसीएच कालीबाड़ी अस्पताल 11, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग 01, कुरूद कुटेला 01, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंगोराभाटा 01, अभनपुर 03, तिल्दा 03, उरला 01, आज कुल 21 प्रसूतियों को 105 पौधें भेंट किए गए। अब तक कुल 13191 माताओं को 65955 पौधे भेंट किए गए। यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता हैं।




























