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- रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने साझा की निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी जानकारीरायपुर / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि निर्वाचन की सफलता रिटर्निंग अधिकारियों की समन्वय क्षमता पर निर्भर करती है। निर्वाचन कार्य को पूरा करने के लिए विभिन्न स्तर पर टीम काम करती है और इन टीमों के बीच बेहतर समन्वय ही सफलता का आधार है। उन्होंने लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के लिए रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी.एस. ध्रुव सहित सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी आज प्रशिक्षण में शामिल हुए।निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के पाँच दिवसीय सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन आज निर्वाचन के दौरान एआरओ के दायित्वों तथा उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आदर्श आचरण संहिता, अभ्यर्थियों की योग्यता एवं अयोग्यता, नामांकन की प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जाँच, आपराधिक रिकार्ड की जानकारी, पोस्टल बैलेट, व्यय निगरानी, पेड न्यूज, मीडिया की शिकायतें, मीडिया निगरानी समिति जैसे सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) द्वारा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के सर्टिफिकेशन कार्यक्रम में आज सूचना प्रौद्योगिकी के निर्वाचन प्रक्रिया में बढ़ते उपयोग तथा निर्वाचन के दौरान इस्तेमाल में आने वाले विभिन्न एप्लीकेशनों की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को मोबाइल एप्लीकेशन निर्वाचन कार्य को किस प्रकार सुगम और अधिक पारदर्शी बना रहे हैं, इसके बारे में बताया गया।नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर श्री के.आर.आर. सिंह, श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री उज्जवल पोरवाल, श्री श्रीकांत वर्मा, श्री प्रणव सिंह, श्री पुलक भट्टाचार्य और श्रीमती गीता दीवान सहित उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनय अग्रवाल एवं श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो तथा सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रूपेश वर्मा द्वारा निर्धारित विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को निर्वाचन की बारीकियों के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें सर्विस वोटर पोर्टल, ऑब्जर्वर पोर्टल, ईएमएस जैसे कई पोर्टल्स के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
- -पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित है मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर-सीएचसी उदयपुर से ड्रोन से ब्लड सैम्पल एवं ओटी कल्चर जांच के लिए पहुंचाया गया मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर-आपातकालीन स्थिति में मरीजों को मिलेगी तत्काल सहायतारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में ड्रोन के माध्यम से दवाओं एवं ब्लड सेम्पल के परिवहन का अभिनव प्रयोग शुरू कर दिया गया है। 19 फरवरी सोमवार को ड्रोन के जरिए ब्लड सेम्पल एवं ओटी कल्चर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर से जांच के लिए ड्रोन के माध्यम से सफलता पूर्वक अंबिकापुर स्थित राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचाया गया।गौरतलब है कि भारत सरकार के पायलेट प्रोजेक्ट यूज ऑफ ड्रोन टेक्नॉलॉजी इन हेल्थ सर्विस डिलीवरी से देश की दूरदराज के इलाकों में लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके लिए स्वास्थ्य केन्द्र चिन्हित किए गए है। इस पायलेट प्रोजेक्ट में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भी चयन हुआ है।चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर द्वारा इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 19 फरवरी ड्रोन के माध्यम से ब्लड सेम्पल और ओटी कल्चर के परिवहन का पहला सफल ट्रायल किया गया। मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से 40 किलोमीटर दूर स्थित उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से ड्रोन के माध्यम से जाँच हेतु ब्लड सैम्पल एवं ओटी कल्चर हेतु सैंपल ड्रोन से महाविद्यालय मंगाये गये।छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा एवं बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों ऐसे है जहां की लैब में कई प्रकार की जांच की सुविधा नही है। जांच के लिए सेम्पल निकटतम रेफरल सेंटर्स में भेजना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ड्रोन सुविधा मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। ट्रायल परीक्षण में ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर से उदयपुर पहुचने मे 30 मिनट का समय लगा, जहां उदयपुर के झिरमिटी स्टेडियम ग्राउंड मे उसका सफल लैडिंग कराया गया। इनके द्वारा 15 मिनट के अंदर ब्लड सैपल जिसका वजन लगभग 600 ग्राम था, ड्रोन मे लोड किया गया व वापस ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर भेज दिया गया।इस प्रोजेक्ट हेतु दो स्व-सहायता समूह की ड्रोन दीदीयों को, ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग हेतु दिल्ली भेजा गया था। जिसमें से सैंपल लोडिंग एवं अनलोडिंग के कार्य हेतु एक ड्रोन दीदी को उदयपुर एवं एक ड्रोन दीदी अम्बिकापुर के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर राज्य के समस्त जिलों में इसे लागू किया जायेगा। दूरस्थ इलाके से भर्ती मरीज को तत्काल जांच एवं सैपल रिपार्टिग की जानकारी वायु परिवहन के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराना सरगुजा जिले के लिए एक वरदान साबित हो सकती है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को राहत देने बड़ा निर्णय लिया है। हितग्राहियों को लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी में अपने पीएम आवास के निर्माण में इस्तेमाल हेतु रेत ले जाने की छूट प्रदान की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रेत लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी में अपने आवास के निर्माण हेतु रेत ले जाने पर किसी तरह की रायल्टी नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री के निर्णय की घोषणा विधानसभा में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि बीते पांच सालों में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास नहीं बने। अब 18 लाख आवास बन रहे हैं। हितग्राही अपने मकान का काम जल्द पूरा कर सकें। इसके लिए हितग्राही प्रधानमंत्री आवास हेतु रेत लीज वाले स्थलों से छोटी गाड़ी से रेत ले जा सकेंगे।उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर में 18 लाख से अधिक आवास मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने स्वीकृत किये हैं। इनका निर्माण कार्य आरंभ हो गया है। निर्माण कार्यों में किसी तरह की असुविधा हितग्राहियों को न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने यह बड़ा निर्णय लिया है।
- -अनुशासन से ही लक्ष्यों की होगी प्राप्तिरायपुर / विद्यार्थी जीवन में अनुशासन जरूरी है। अनुशासन से ही हमें ज़िंदगी में सफलता की राह मिलती है। जब हम लक्ष्य तय करते हैं, तो अनुशासन ही हमें उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन ने आज शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में कहीं ।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अनुशासन हमें अपने समय का सदुपयोग करने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपना समय ज़रूरी कामों में लगाते हैं और व्यर्थ की गतिविधियों में समय बर्बाद नहीं करते हैं।अनुशासन हमारी एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और आसानी से विचलित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। अनुशासन हमें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में मदद करता है। जब हम अनुशासित होते हैं, तो हम नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, स्वस्थ भोजन करते हैं और पर्याप्त नींद लेते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि याद रखें, अनुशासन एक आदत है, इसे बनाने में समय लगता है। यह एक ऐसी आदत है जो आपको ज़िंदगी में सफलता प्राप्त करने में मदद करेगी। कॉलेज के दिन आपके जीवन के सबसे यादगार दिनों में होंगे। अनुशासन के साथ, आप इन दिनों का भरपूर आनंद ले सकते हैं और ज़िंदगी में सफलता भी प्राप्त कर सकते है।उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ एथिक्स, संस्कार, संस्कृति, अध्यात्म योग प्राणायाम के साथ ही गीत संगीत और खेल कूद भी शामिल करना चाहिए, यह विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने रुचि के अनुसार कैरियर का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का सपना देखा है, जिसको पूरा करने के लिए हमको पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी आगे आना होगा। उच्च शिक्षा शोध और नवाचार आदि से जुड़ी होनी चाहिए। सभी क्षेत्रों में हमको नंबर वन बनना होगा।इस अवसर पर श्री ज्ञानेश शर्मा, अलुमनई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, प्राचार्य डॉ पीसी चौबे, श्री एनबी सिंह, श्रीमती रेणु माहेश्वरी समेत कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- -अब पूरे प्रदेश में लागू होगी डायल 112 की सेवा-प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों में बनाया जाएगा ‘महिला सदन‘ एवं ‘अमृत सरोवर‘-देश का चौथा साईंस सेंटर खुलेगा रायपुर मेंरायपुर, / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की अनुदान मांगे पारित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुदान मांगों की चर्चा में कहा कि पिछले पांच वर्षाें में पुलिस विभाग का मनोबल गिरा हुआ था, हमारी सरकार ने पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को बढ़ाने की पहल की। साथ ही अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करने की दिशा में भी काम किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर पूरे प्रदेश में डायल 112 की सेवाएं शुरू करने, प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों को महिला सदन और अमृत सरोवर (तालाब) निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बालोद जिले के ग्राम चीचा के मृतक श्री तोरण साहू के परिजन को 5 लाख रूपए देने के साथ ही बिलासपुर में नये फायर स्टेशन की स्थापना की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नई पीढ़ी को मजबूत करने से ही समाज मजबूत होगा। पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण युवाओं और समाज में नशा का कारोबार बढ़ा था। हमारी सरकार नशे के विरूद्ध प्रबलता के साथ कार्रवाई कर रही है। नशे के चैनल को तोड़ने के लिए दिल्ली, मुम्बई तक जाकर नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की गई है। उन्होंने गृह एवं जेल विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा करते कहा कि हमारी सरकार ने बजट में ऐसा प्रावधान किया है कि जेल सिर्फ बंदी गृह ना रहे बल्कि सुधार गृह के रूप में आगे बढ़े। इसीलिए कैदियों को उनके रूचि के अनुरूप विभिन्न ट्रेडों में कौशल उन्नयन किया जा रहा है। ताकि वे जब जेल से बाहर निकलने तो उनके हाथ में कुछ पैसे हो, उनके पास हुनर हो और स्व-रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके। इससे जेल से निकलने के बाद कैदी सभ्य समाज में अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सदन में माओवादी आंतकवाद की समस्या पर कहा कि हमारे जवान विषम परिस्थितियों में भी बहादुरी से माओवादी-आतंक का सामना कर रहे है। इस समस्या के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑपरेशन में जाने वाले राज्य पुलिस बल के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त रेडी-टू-ईट फूड प्रदाय करने के लिए 01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवादी द्वारा जंगलों में लगाए गए स्पाईक एवं आईईडी से हमारे जवानों को पिछले कई वर्षाें से नुकसान हो रहा है। इसके निजात के लिए जवानों के गश्त के दौरान स्पाईक रेजिस्टेंस बूट उपलब्ध कराने के लिए 02 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना के लिए 60 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अधोसंरचना निर्माण के साथ-साथ नवीन हथियार गोला-बारूद उपकरण, ड्रोन एवं अन्य हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर क्रय किया जा सके। इसी तरह प्रतिपूर्ति योग्य सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 321 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सर्चिंग के दौरान पुलिस पार्टी घने जंगलों में गश्त करती है, जहां सामान्य रूप से उपलब्ध संचार के उपकरण कार्य नहीं करते इसको ध्यान में रखते हुए जवानों के लिए आईसेट फोन खरीदी हेतु 01 करोड़ 52 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। महिला संबंधी अपराधों के प्रति गंभीरता को देखते हुए अपराधों को देखते हुए राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, जशपुर और जगदलपुर जिलों में नवीन महिला थाना स्थापना के लिए 300 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। नवीन महिला थाना निर्माण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही आगामी वर्षाें में सभी जिलों में कम से कम एक-एक महिला थाना खोलने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि डायल 112 की सेवाओं को आम जनता को काफी सराहा जा रहा है। वर्तमानमें डायल 112, 16 जिलों मंे संचालित है। हमारी सरकार डायल 112 की सेवा का विस्तार पूरे राज्य में करने का प्रावधान किया है। इसके लिए 147.01 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिसकर्मियों केे कल्याण हेतु सरकार कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। पुलिस कर्मियों के आवास की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के लिए आवास निर्माण हेतु 140.97 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सायबर क्राईम वर्तमान में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ अपराध है। यह न केवल राज्य में बल्कि पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है। हमारी सरकार ने सायबर क्राईम की रोकथाम के लिए इस वित्तीय वर्ष में 4 नवीन सायबर नवीन पुलिस थाना के लिए 96 पदों का सृजन करते हुए सायबर क्राईम की रोकथाम के लिए 4.08 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कई इकाईयां ऐसी है जहां पर्याप्त बल स्वीकृत नहीं है, इस वित्तीय वर्ष में 1889 पदों का प्रावधान किया गया है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुदान मांगों के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार में आते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के गारंटियों को पूरा करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत स्व-सहायता समूह एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लाखों में महिलाएं समूह गठित कर पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ी है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में स्थापित किए गए 300 रीपा की स्थापना में हुए व्यय की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करके जांच की जाएगी, लेकिन रीपा से जुड़े स्व सहायता समूह का लंबित भुगतान नहीं रोका जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के 18 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में 8,369 करोड़ रूपए की बजट के साथ कुल 12,206 करोड़ रूपए का प्रावधान अब तक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत 14 हजार 818 आवासों की स्वीकृति प्रदान करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि 52.66 करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए इस वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। व्यक्तिगत शौचालय हेतु 120 करोड़ रूपए, सामुदायिक शौचालय हेतु 60.75 करोड़, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 109.13 करोड़ रूपए, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 52.35 करोड़ रूपए, गोबरधन योजना के लिए 3.29 करोड़ रूपए, 142 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए 37.67 करोड़ और बस्तर जिले में प्लास्टिक मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना केे लिए 16.80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग महात्मा गांधी नरेगा के तहत 2788.33 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष की तुलना में 46.60 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1,491 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री सड़क योजना एवं गौरव पथ के लिए 144 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की चर्चा करते हुए कहा कि देश में तीन साईंस सेंटर है, चौथा साईंस सिटी छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में बनाया जाएगा। इसके लिए 34 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जहां से कर्क रेखा गुजरती है वहां एस्ट्रोपार्क की स्थापना करने के लिए 02 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बड़े निर्माण कार्याें में सेटेलाईट फोटो खिचने की व्यवस्था की गई है। सेटेलाईट व्यवस्था के तहत 5 दिन के अंदर बड़े निर्माण कार्याें की प्रगति की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इसके साथ ही बजट में यह भी प्रावधान किया गया है कि ऐसे कोई व्यक्ति या विद्यार्थी अपने उत्पाद अथवा प्रक्रिया को पेटेंट कराना चाहते हैं तो सीजी रिजनल साईंस सेंटर में सम्पर्क कर सकते हैं, इसके लिए पृथक से मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा।तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभागउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में 310 आईटीआई संचालित हैं। इसमें 197 शासकीय आईटीआई है, इन शासकीय आईटीआई केन्द्रों के उन्नयन हेतु 52.59 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार 105 आईटीआई जो एससीव्हीटी स्तर के है, उसे एनसीव्हीटी के रूप में उन्नयन करने का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने सदन में बताया कि हमारी सरकार वर्तमान में रोजगार एवं बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 10 नवीन ट्रेड प्रारंभ किए हैं, ड्रोन टेक्निशियन, एडीटिव मैन्युफेक्चरिंग टेक्निशियन (उडी प्रिंटिंग), असिस्टेंट टेक्निशियन (ड्राई वाल एण्ड फाल्स सिलिंग), मैन्युफेक्चरिंग प्रोसेस कन्ट्रोल एण्ड ऑटोमेशन, मेकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग, मेकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, फूट एण्ड वेजीटेबल प्रोसेसिंग, मैकेनिक कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक अप्पलायंसेस, बैम्बू वर्क्स, 5जी नेटवर्क टेक्निशियन, नवीन ट्रेड नारायणपुर, अंबिकापुर, कुनकुरी, कांसाबेल, बस्तर सहित 13 संस्थाओं में प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में छत्तीसगढ़ रोजगार एप्प निर्माण के लिए भी प्रावधान किया है। इस एप्प के माध्यम से पंजीयन कराने पर एसएमएस अथवा टेलीफोन के माध्यम से ऑनलाईन सूचना प्राप्त हो सकेगी।
- -PM-USHA के तहत छत्तीसगढ़ को मिली सौगात-बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड़, रविवि रायपुर और अ.बि.वि.वि. बिलासपुर को 20-20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृतरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी दी कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने PM USHA के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात दी है। योजना के तहत राज्य के बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड रुपए, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को 20 करोड़ और अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर को 20 करोड़ के साथ दो कॉलेजों को पांच-पांच करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने कहा कि, विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए उच्च शिक्षा को विश्व स्तर का बनाना अति आवश्यक है। इसीलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लाया गया है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्यों को उच्च शिक्षा हेतु संचालित महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूर्व संचालित रूसा योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) योजना प्रारंभ की गई है। माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से (PM-USHA) योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का डिजिटल लॉन्च किया गया। इस योजना के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालयों एवं शासकीय तथा अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में समानता, पहुंच एवं उत्कृष्टता के लक्ष्य को पाने के लिए राज्य सरकारों को सहायता दी जाती है। (PM-USHA) योजना के कुल 05 घटक है। राज्य द्वारा उक्त सभी घटकों में भारत सरकार को 08 विश्वविद्यालयों एवं 69 महाविद्यालयों हेतु कुल 895 करोड का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रथम चरण में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों हेतु लागू 02 घटकों में राज्य के जिन विश्वविद्यालयों को अनुदान स्वीकृत किया गया हैउनमें शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में Multi-Disciplinary Education and Research Universities (MERU) component में 100 करोड़ रुपए शामिल है।वहीं Grants to Strengthen Universities (GSU) component में अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर को 20-20 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।बस्तर विश्वविद्यालय के लिए स्वीकृत उपरोक्त 100 करोड़ की राशि से नवीन संकाय, प्रयोगशाला कक्ष, स्मार्ट क्लास रूम इत्यादि नवीन निर्माण कार्य, पूर्व से उपलब्ध प्रयोगशाला, लाईब्रेरी, क्लास रूम, विद्यार्थियों के लिए अन्य सुविधाओं का सुसज्जिकरण किया जायेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के काम-काज का कंप्यूटराईजेशन अध्ययन-अध्यापन में सूचना प्रौद्योगिकी के नवीन तकनीकों का उपयोग उच्च स्तरीय हाईटेक लाईब्रेरी तथा उच्च स्तरीय शोध को प्रोमोट करने वाले संसाधनों का विकास किया जायेगा।उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की उपलब्धता हेतु वर्ष 2024-25 के राज्य बजट से 20 नवीन शिक्षण विभाग में 33 नवीन स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी प्रावधान किया गया है। ये सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मापदण्डों के अनुरूप प्रारंभ किये जायेंगे। इसके लिए बजट में 365 पदों का अतिरिक्त सेटअप का भी प्रावधान किया गया है। बस्तर विश्वविद्यालय के वार्षिक अनुदान की राशि 04 करोड़ से बढ़ाकर इस वर्ष के बजट में 10 करोड प्रस्तावित किया गया है।(PM-USHA) योजना अंतर्गत स्वीकृत राशि से रायपुर एवं बिलासपुर विश्वविद्यालयो में विभिन्न नये निर्माण कार्य एवं पूराने कार्यों का नवीनीकरण किया जायेगा। उपकरण मद की राशि से प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब तथा लाईब्रेरी को अपग्रेड करने का काम किया जायेगा। साल 2024-25 के राज्य बजट में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में वाणिज्य अध्ययन शाला एवं फोरेंसिक साइंस के नवीन विषय प्रारंभ करने की भी स्वीकृति दी गई है। राज्य शासन ने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के वार्षिक अनुदान बजट की राशि 39 करोड़ से बढ़ाकर 54 करोड कर दिया गया है। इसी प्रकार बिलासपुर विश्वविद्यालय के लिए वार्षिक अनुदान की राशि 02 करोड़ 27 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दी गई है।
- -छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के साहित्यकारों की उपस्थिति में संपन्न हुआ विमोचनरायपुर /राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज यहां राजभवन में डॉ. भगवान जयसिंह द्वारा संपादित पुस्तक ‘‘द बर्डस् इन द स्टार्म‘‘ (The Birds in The Storm) का विमोचन किया। डॉ जयसिंह ओड़िया भाषा के प्रसिद्ध कवि एवं अनुवादक हैं। इस पुस्तक में अनेक विख्यात ओड़िया कवियों की लगभग 80 कविताओं का संकलन किया गया है। कार्यक्रम में श्री माधव कौशिक, अध्यक्ष केन्द्रीय साहित्य अकादमी सहित छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के अनेक साहित्यकार एवं लेखक उपस्थित थे।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने डॉ. जयसिंह को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि डॉ. जयसिंह एक बहुत अच्छे अनुवादक हैं। डॉ. जयसिंह ने राज्यपाल की आत्मकथा ‘‘बैटल नॉट यट ओवर‘‘ का ओड़िया से अंग्रेजी में उत्कृष्ट श्रेणी का अनुवाद किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के साहित्यकारों का अभिवादन किया और कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति पर खुशी व्यक्त की। डॉ. जयसिंह ने पुस्तक के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर डॉ. माधव कौशिक ने कहा कि यह हम सब के लिए सौभाग्य की बात है कि राज्यपाल श्री हरिचंदन कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही प्रख्यात लेखक, नाटककार, स्तंभकार भी हैं, जो साहित्य जगत के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वे राजनीति और साहित्य के मध्य सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने डॉ. जयसिंह के संबंध में कहा कि अनुवादक साहित्य जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अनुवाद के माध्यम से ही दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है। अनुवादक वास्तव में मिशनरी की तरह कार्य करते हैं। ‘‘द बर्डस् इन द स्टार्म‘‘ पुस्तक की समीक्षा डॉ. चितरंजन कर ने प्रस्तुत की।कार्यक्रम में श्रीमती शकुंतला कौशिक, प्रो. रामेन्द्रनाथ मिश्र, श्री चितरंजन कुमार शिक्षाविद्, श्री बलदेव भाई शर्मा कुलपति, श्री त्रिलोक चंद्र महावर, श्री संजीव बख्शी सहित अन्य साहित्यकार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री बिजयानंद सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री सुशीर कुमार स्वाइन ने किया।उल्लेखनीय है कि डॉ जयसिंह एक कवि, आलोचक, संपादक, अनुवादक ने साहित्यिक जीवन में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके ओडिया में कविता के नौ संग्रह, अंग्रेजी और अंग्रेजी अनुवाद में आठ, एक यात्रा वृतांत के अलावा अंग्रेजी में आलोचना की दो किताबें शामिल हैं।उनकी कविता की पुस्तकों में शामिल हैं: निरबासनरे पक्षी (निर्वासन में पक्षी), मायाघेरारे कालिदास (माया के घेरने वाले जाल में कालिदास), फेरंती घर (होमबाउंड ट्रैवलर)। अमेरिका स्थित प्रकाशक ने अंग्रेजी में कविताओं का एक संग्रह द डैपल्स ऑफ डार्कनेस प्रकाशित किया है। डॉ. जयासिंह को ओडिशा साहित्य अकादमी पुरस्कार, विष्णु "झंकार" पुरस्कार, उत्कल साहित्य समाज पुरस्कार के अलावा हाल ही में पंडित गोदाबरीश मिश्र सम्मान (सरला साहित्य संसद, कटक) पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
- रायपुर,। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज शाम रायपुर के एमएमआई अस्पताल पहुंचकर वहां उपचार के लिए भर्ती विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री कवासी लखमा से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा उनसे मिलने तत्काल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से विधायक श्री कवासी लखमा के इलाज की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने श्री लखमा को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दी।
- -क्षेत्रीय सरस मेला में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से 133 महिला स्व-सहायता समूह अपने उत्पादों के साथ मेले में हैं शामिल-देश भर के विभिन्न उत्पादों के 212 स्टाल्स के जरिए मिल रही है उत्पादों की जानकारीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के साइंस कालेज ग्राउंड में आज क्षेत्रीय सरस मेला का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मेले का आयोजन 28 फरवरी तक किया जायेगा। सरस मेले में छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों से कुल 133 महिला स्व-सहायता समूह शामिल हुए हैं। इसके साथ ही असम, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, झारखण्ड तथा बिहार से आए हुए महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा भी अपने उत्पादों के स्टाल लगाये गए हैं। मेले में आए लोगों को राज्य और अन्य प्रदेशों द्वारा मिलाकर सरस मेले में कुल 212 स्टाल्स के जरिए उत्पादों की जानकारी मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरस मेला को संबोधित करते हुए कहा की आज यहां उपस्थित सभी बहनों ने मुझे न सिर्फ जन्मदिन की अग्रिम बधाई दी बल्कि मुझे अपने उत्पाद भी उपहार स्वरूप दिए जिससे आज मेरा यहां आना सार्थक हो गया । उन्होंने कहा की ऐसे मेलों से बहुत लाभ होता है जिसे न सिर्फ लोग घूमने की नजर से आते हैं बल्कि इससे व्यापार में भी बढ़ावा होता है। इससे दुसरे लोगों को भी संबल मिलता है । उन्होंने कहा की देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की वजह से आज देश विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में है। विकसित भारत बनाना है तो हमे विकसित छत्तीसगढ़ भी बनाना होगा और इसमें हमारी माताओं और बहनों का बड़ा योगदान रहने वाला है।श्री साय ने कहा की छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए राज्य में महतारी वंदन योजना की शुरुवात की गई है। उन्होंने कहा की यह बड़ी बात है की राज्य के 28 लाख परिवारों की बहने बिहान योजना से जुड़ी हैं जो प्रदेश और देश को एक नई दिशा दिखाने में अपना योगदान दे रही हैं।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की योजना के अंतर्गत रियायती दर पर आम लोगों को भारत दाल और भारत आटा उपलब्ध कराने हेतु दो चलित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।मुख्यमंत्री ने कहा की स्व सहायता समूह की महिलाएं लघु वनोपजों का वैल्यू एडिशन कर उन्हें बाजार में उपलब्ध करा रही है जो इस बात का स्पष्ट इशारा करता है की छत्तीसगढ़ विकसित राज्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सरस मेला को संबोधित करते हुए कहा की ऐसे आयोजनों से बहुत सारे उत्पाद एक स्थान पर मिल जाते हैं, इससे समूहों को व्यापार मिलता है और दूसरे लोगों को को भी प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा की पहले के समय में गांव उत्पादन केंद्र और शहर व्यापार का केंद्र थे, आज इसी की आवश्यकता है जो बिहान के माध्यम से पूरी होकर भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं। ऐसे ही आयोजनों से समूहों को जोड़कर बड़ा काम किया जा सकते हैं। आज के ये समूह कल बड़ा रूप ले लेंगे और मोदी जी की लखपति दीदी की संकल्पना को साकार करेंगे।सरस मेला में छत्तीसगढ़ के महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा विभिन्न फूड, हैण्डीक्राफ्ट तथा हैण्डलूम प्रोडक्ट्स के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इन फूड प्रोडक्ट्स में कोदो, कुटकी, रागी कुकीज, मसाले, अचार, बड़ी, पापड़, तिल लड्डू, महुआ लड्डू, जीरा फुल चावल, सुगंधित चावल, ब्लैक राईस, इमली चपाती, मशरूम, काजू के प्रोडक्ट्स, शहद, चिक्की, नमकीन, मिलेट्स प्रोडक्ट, मिक्चर, छत्तीसगढ़ी व्यंजन इत्यादि उत्पाद लाये गए हैं।हैण्डीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स में बेलमेटल उत्पाद, रॉट आयरन उत्पाद, बांस के उत्पाद, विभिन्न प्रकार के साबुन (चारकोल, रोज, एलोविरा इत्यादि), मिट्टी के उत्पाद, एल.ई.डी. बल्ब, कास्ट मूर्तियाँ, अगरबत्ती, आर्टिफीशियल ज्वेलरी, टेराकोटा उत्पाद, पैरा आर्ट इत्यादि शामिल हैं।इसी तरह से हैण्डलूम प्रोडक्ट्स में कोसा प्रोडक्ट्स (साड़ी, सूट, शॉल, जैकेट, ड्रेस मटेरियल आदि), गोदना साड़ी एवं रूमाल, कालीन, सिल्क के प्रोडक्ट्स, काटन प्रोडक्ट्स इत्यादि उत्पाद लाए गए हैं।अन्य प्रदेशों से आए हुए स्व-सहायता समूहों द्वारा लाए गए प्रोडक्ट्स में कैन बैम्बू प्रोडक्ट्स, हैण्डलूम प्रोडक्ट्स (साड़ी, सूट, शाल, चादर, ड्रेस मटेरियल आदि), जूट प्रोडक्ट्स, ब्लाक प्रिंट साड़ियाँ, हैण्डीक्राफ्ट ब्रेसलेट, आँवला उत्पाद, अलसी, आचार, पापड़ इत्यादि प्रोडक्ट्स शामिल हैं।इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह समेत अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण के साथ स्व सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।
- बिलासपुर /शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगांव में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए सत्रांत एवं आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। साथ ही कक्षा ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने अपने वरिष्ठ सहपाठियों को गमगीन माहौल में भावभीनी विदाई दी।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से शुरू हुआ। कुमारी पायल यादव एवं रोशनी यादव ने सरस्वती वंदना ‘हे शारदे मां‘ की प्रस्तुति दी। कक्षा ग्यारहवीं के छात्र प्रशांत जायसवाल ने प्राचार्य श्री पांडेय का एवं कुमारी दीप्ति ने वरिष्ठ व्याख्याता श्री शोभाराम पालके का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। स्वागत गीत कुमारी गायत्री यादव एवं साथी ने प्रस्तुत किया। विदाई भाषण प्रांजल जायसवाल एवम अंतिम मिश्रा कक्षा ग्यारहवीं ने दिया। छात्र-छात्राओं से कुमारी साधना जायसवाल एवं शाला नायक तोलाराम यादव ने स्कूल के अपने अनुभवों एवं विचारों को सबके साथ साझा किया। मुस्कान मिश्रा ने कविता ‘स्कूल में खूब मस्ती करते थे‘ के माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त किये। वरिष्ठ छात्रों को मनोरंजन की दृष्टि से कुछ टास्क भी दिया गया जैसे कि चुटकुला, शायरी, गीत, रोने की आवाज एवं डांस आदि। वरिष्ठ व्याख्याता श्री पालके ने छात्रों से आह्वान किया कि जीवन का आयु वर्ग 14 से 18 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी नीव पर आगे का अध्ययन का मार्ग सुगम होता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य शैलेश कुमार पांडेय ने छात्रों को स्कूल की परीक्षा के साथ-साथ जिंदगी की परीक्षा में भी हमेशा सफल होने की शुभकामनाएं दी एवं छात्रों के अनुशासित आचरण की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन कुमारी रोमा मरावी ने तथा आभार प्रदर्शन कुणाल खुसरो ने किया। अंत मे सभी के लिए स्वल्पाहार रखा गया। इस अवसर पर शाला के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्रगण उपस्थित थे ।
- -हर घर नल से जल के लिए छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान-राज्य के 75 प्रतिशत घरों में पहुंच रहा शुद्ध पेयजलरायपुर / बस्तर से लेकर सरगुजा अंचल तक की महिलाओं को अब अपने घरेलू उपयोग के लिए पनघट में जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं होगी और न ही झिरिया के पानी पीने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हर घर नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।हर घर तक स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी के नेतृत्व में देश भर में जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के उनकी दैनिक जरूरत के लिए 55 लीटर जल नल से उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को तेजी से पूरा किया जा रहा है। राज्य के 49.98 लाख घरों तक नल से जल पहुंच रहा है। इस मिशन के अंतर्गत 75 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने का काम सफलता पूर्वक किया जा रहा है। शेष 25 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए तेजी से काम हो रहा है।जल जीवन मिशन विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए एक क्रांतिकारी अभियान है। इस मिशन के जरिए बच्चो के स्वास्थ्य को सुरक्षा मिलेगी। बच्चों और बड़ो में होने वाली जलजनित बीमारियों से निजात मिलेगी। वहीं महिलाओं को भी उनके घरेलू कामकाज के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। इस वक्त का उपयोग महिलाएं अपने आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेगी।शुद्ध पानी मिलना हुआ आसानबस्तर और सरगुजा अंचल के कई गांवों में शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर निवासी श्री मनोहर टोप्पो ने बयाता कि पहले इस गांव में पानी की बहुत बड़ी समस्या थी। यहां के लोगों को पानी लाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था अपने घर से दूर लगे हैंडपंप कुएं से पानी लाना पड़ता था। कई बार हैंडपंप के खराब होने पर व कुएं में पानी नहीं होने पर तो कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन आज जल जीवन मिशन योजना के तहत शुध्द पेयजल लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है। श्री टोप्पो ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।महिलाएं हैं सबसे ज्यादा प्रसन्नबस्तर जिले के ग्राम पंचायत सौतपुर के ग्रामीण खासकर महिलाएं अब खुश हैं कि उनके गांव के हर घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इस बारे में ग्राम पंचायत सौतपुर के युवा सरपंच सुश्री मैना कश्यप बताती हैं कि गांव के प्रत्येक मोहल्ले में सभी को पानी मिल रहा है जिससे पूरे गांव में खुशहाली का माहौल है।
- -कोण्डागांव जिले के 377 गांवों में लगाया गया शिविर-9041 नए किसानों का बना केसीसी कार्ड, 8670 किसानों का पीएम किसान सम्मान निधि योजना में हुआ पंजीयनरायपुर / किसान कल्याण और आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर राज्य के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में किसानों के शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि मंत्री श्री नेताम ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दूरस्थ वनांचलों में निवासरत किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाकर सभी किसानों का केसीसी कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिला प्रशासन द्वारा जिले के 377 गांवों में शिविर लगाकर 9041 नये किसानों का क्रेडिट कार्ड बनाया गया है। वहीं 8670 किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए भी पंजीयन किया गया है।कोण्डागांव जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के 377 ग्रामों में शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन करने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के तहत केसीसी कार्ड के साथ पीएम किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान जिले में अब तक केसीसी निर्माण हेतु कुल 9227 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 9041 को आवेदन को पात्र पाए जाने पर उनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 9356 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 8670 पात्र हितग्राहियों का योजनांतर्गत पंजीयन किया गया।अधिकारियों ने बताया कि केसीसी योजना अंतर्गत कोण्डगांव विकासखण्ड में आयोजित 105 शिविरों के माध्यम से 2163, फरसगांव विकासखण्ड में आयोजित 69 शिविरों के माध्यम से 770, माकड़ी विकासखण्ड में आयोजित 77 शिविरों के माध्यम से 731, केशकाल विकासखण्ड में आयोजित 74 शिविरों के माध्यम से 1067, बड़ेराजपुर विकासखण्ड में आयोजित 52 शिविरों के माध्यम से 4496 पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।
- -राज्य के आदिवासी बाहुल इलाकों में नये केन्द्रीय और नवोदय विद्यालय प्रारंभ करने सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा*रायपुर / भारत सरकार के शिक्षा सचिव श्री संजय कुमार और अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार श्री बिपिन कुमार ने आज रायपुर में शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में नए केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय खोलने की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 फीसदी आबादी आदिवासी है। राज्य का करीब 50 फीसदी भू-भाग जंगल है। ऐसे में यहां पर शिक्षा क्षेत्र में खास ध्यान देने की जरूरत है। जिसके लिए अंबिकापुर, सरगुजा, जशपुर, बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा आदि आदिवासी इलाकों में शिक्षा सुविधाएं बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से बड़ा है और माओवादी आंतक के कारण यहां के बच्चे ज्यादा दूर स्कूल नहीं जा सकते है। ऐसे में 9वीं तक की सभी वर्गों की लड़कियों को साईकिल देने की कार्य योजना पर चर्चा की। उन्होंने स्कूल को इंटरनेट के माध्यम से स्मार्ट क्लास, आईसीटी की जरूरत को बताते हुए वहां डिजिटल लर्निंग एंड डिजिटल लाइब्रेरी बनाने भी कहा, इसके लिए फाइबर या सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए जरूरी सहयोग प्रदान करने को कहा।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में मिड डे मील के साथ ही स्कूल में बच्चों को सुबह पौष्टिक नाश्ता देने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में केंद्र से मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर केंद्र सरकार राशि बढ़ती है तो राज्य सरकार अपने मद की राशि समय पर जारी कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र से स्कूल यूनिफॉर्म की दर बढ़ाने की मांग की अभी जो राशि दी जाती है वह साल 2011 में तय दर के अनुसार है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 10000 स्कूल इमारतें जर्जर हो चुकी हैं जिनके जीर्णाेधार और पुनर्निर्माण करना अतिआवश्यक है। इसके लिए केंद्र से अतिरिक्त राशि आवंटन की मांग की।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में समग्र और विद्या समीक्षा केंद्र को बेहतर बनाने के लिए राज्य के अधिकारियों को केंद्र के साथ मिलकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त किताबें देने पर भी चर्चा की और कहा कि अगले 5 सालों में 25 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम का निर्माण किया जायेगा इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और निजी कंपनियों से सीएसआर मद से सहयोग किया जाएगा।इस अवसर पर शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव झा, संयुक्त सचिव शिक्षा श्रीमती फरिया आलम सिद्दकी, संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या मिश्रा, प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम श्री कुलदीप शर्मा, संचालक एससीईआरटी श्री राजेंद्र कटारा भी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 20 फरवरी को करेंगे मेले का शुभारंभसाइंस कॉलेज मैदान में करें भारतीय कलाओं का आकर्षण अनुभवरायपुर। साइंस कॉलेज मैदान, जीई रोड के खेल परिसर में क्षेत्रीय सरस मेला 2024 का 19 से 28 फरवरी तक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 20 फरवरी को शाम 7 बजे मेले का शुभारंभ करेंगे। उनके साथ मंत्रिमंडल उपस्थित रहेंगे। मेले में महिला स्व सहायता समूह एवं कलाकारों उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। मेला सुबह 10 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक चलेगा, जिसमें आप भारतीय कलाओं का अनुभव कर सकते हैं।क्षेत्रीय सरस मेला 2024 में मध्यप्रदेश, झारखंड, पंजाब, कश्मीर समेत 11 राज्य की महिलाएं शामिल होंगी। मेले में 200 से ज्यादा स्टालों में देशभर से समूहों के सदस्य अपने हथकरघा उत्पादों को विक्रय के लिए प्रदर्शित करेंगे। सरस मेले का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य आजीविका मिशन 'बिहान' की ओर से किया जा रहा है।क्षेत्रीय सरस मेले का आयोजन महिलाओं के सशक्तीकरण तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार देने के उद्देश्य से किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित सरस मेला 28 फरवरी तक चलेगा।
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-400 एकड़ रकबे में है आईआईटी परिसर
रायपुर 4/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आईआईटी भिलाई के स्थायी परिसर का वर्चुअल माध्यम से मंगलवार को सुबह 10 बजे शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय मंत्री शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय श्री धर्मेंद्र प्रधान, सांसद श्री विजय बघेल भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर कवर्धा तथा कुरुद में केंद्रीय विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी करेंगे। इस मौके पर आईआईटी के अभिशासी मंडल के अध्यक्ष श्री के. वेंकटरमण तथा निदेशक आईआईटी प्रोफेसर राजीव प्रकाश भी मौजूद रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि आईआईटी के निर्माण की आधारशिला प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 14 जून 2018 को रखी थी। इसके निर्माण का कार्य 8 जुलाई 2020 को आरंभ हुआ। आईआईटी भिलाई का परिसर 400 एकड़ में फैला है। आरंभिक रूप से इसके निर्माण के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 1090 करोड़ 18 लाख रुपए स्वीकृत किए गए बिल्डिंग में लेक्चर हाल, सेमिनार रूम, क्लास रूम आदि बनाये गये हैं। भिलाई आईआईटी में निर्मित भवनों के नाम छत्तीसगढ़ के प्रमुख नदियों और पर्वतों के नाम पर रखे गये हैं।सांइस कॉलेज मैदान में क्षेत्रीय सरस मेला का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आईआईटी भिलाई परिसर के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर से सुबह 10.35 बजे हेलीकॉप्टर से देव संस्कृति कॉलेज ऑफ एजूकेशन एण्ड टेक्नोलॉजी खपरी जिला दुर्ग जाएंगे। मुख्यमंत्री वहां से कार द्वारा आईआईटी कैम्पस भिलाई पहुंचेंगे और 11 बजे से 12.30 बजे तक शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात् दोपहर 12.50 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संध्या 7 बजे रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान खेल परिसर में आयोजित क्षेत्रीय सरस मेला का शुभारंभ करेंगे। यह मेला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग जिला पंचायत द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों के उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी सह-विक्रय के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। -
पांच जिलो के गायत्री परिजन हुए सम्मिलित*
*रायपुर*:- रायपुर के मां बंजारी धाम के गुरुकुल विद्यालय में बीते 18 फरवरी दिन रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार उपजोन स्तरीय त्रैमासिक सम्मेलन एवं मार्गदर्शन का आयोजन किया गया। जिसमें 5 जिले - रायपुर ,बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद के गायत्री परिवार के कार्यकर्ता एवं शांतिकुंज प्रतिनिधी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम हर तीन महीने में अलग-अलग जिले में आयोजित किया जाता है। इस गोष्ठी के माध्यम से गायत्री परिवार के जिला समन्वयकों द्वारा विगत 3 माह में अपने अपने जिले के गायत्री शक्ति पीठ, प्रज्ञा पीठ, प्रज्ञा मण्डलों के गायत्री परिजनों द्वारा किये गये कार्यक्रमों जैसे - यज्ञ, निःशुल्क संस्कार, समाज सेवा के कार्य एवं गायत्री परिवार के संस्थापक परम पूज्य आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा जन जागरण हेतु चलाये गये सप्त सूत्रीय आंदोलन जिसमेें साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वालंबन, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण और नशा मुक्ति शामिल है को अपने स्थानीय क्षेत्रों में किस प्रकार से कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण किया गया की जानकारी प्रस्तुत किया जाता है और आगामी 3 महीने की कार्य योजना बनाई जाती है।
*रायपुर जिला के समन्वयक श्री लच्छूराम निषाद ने बताया कि* गायत्री परिवार का मुख्य उद्देश नैतिक संस्कारों का पुर्नस्थापन अर्थात मानव में देवत्व का उदय, सत्प्रवृत्ति संवर्धन , दुषप्रवृत्ति उन्मूलन, धर्म तंत्र से लोक शिक्षण एवं पर्यावरण के प्रति नागरिकों को जागृत करना है। चूंकि समाज में धार्मिक कर्मकांडों का विशेष महत्व है इसलिए गायत्री परिवार के द्वारा कर्मकाण्ड के साथ-साथ लोक शिक्षण का कार्य कराया जाता है। गायत्री परिवार की बहने शहर के साथ-साथ गांव गांव जाकर महिलाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ रही हैं एवं उन्हें संस्कारों की परंपरा से जोड़ते हुए उनके घरों में गायत्री यज्ञ के माध्यम से विभिन्न संस्कार संपन्न करा रहीं हैं। गायत्री परिवार के केन्द्र शांतिकुज हरिद्वार के निर्देशन पर इस प्रकार की त्रैमासिक गोष्ठी पिछले कई वर्षों निरंतर किया जा रहा है। इस गोष्टी के माध्यम से सभी कार्यकर्ता एक जगह एकत्रित होकर अपने अनुभवों को भी साझा करते है, जिससे कार्यकर्ताओं को अपनी समीक्षा करने एवं दूसरे क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से सीखने का अवसर मिलता है। गोष्ठी का शुभारंभ गायत्री माता, गुरुदेव, माता जी के पूजन ,दीप प्रज्वलन एवं प्रज्ञा गीतों द्वारा हुआ। इस गोष्ठी में जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा, उप जोन समन्वयक सी पी साहू, संगठन प्रभारी मनहरण लाल साहू,ओमप्रकाश साहू नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद न.पा.निगम वीरगांव, बंजारी धाम गुरुकुल विद्यालय के प्रबंधक श्री हरीश भाई जोशी ने अपना मार्गदर्शन प्रदान किया।
*छत्तीसगढ़ की जोन समन्वयक श्रीमती आदर्श वर्मा ने कार्यक्रम के पश्चात आगामी 21 से 25 फरवरी 2024 को अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मुम्बई के सेन्ट्रल पार्क ग्राउण्ड सेक्टर 19, खारघर में आयोजित होन वाले अश्वमेध महायज्ञ में छत्तीसगढ़ के गायत्री परिजनों से भाग लेने हेतु आह्वान किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ठीक एक माह बाद अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान एवं मार्गदर्शन में मुम्बई में किया जाने वाला यह अश्वमेध यज्ञ देश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होगा। जिसमें देश के प्रधानमंत्री सहित अनेक राजनेतागण व देश एवं विदेशों के भक्तगण तथा गायत्री परिजन हिस्सा लेने मुम्बई पहुंचेंगे। छत्तीसगढ़ के गायत्री परिजनों की भी इसमें विशेष हिस्सेदारी रहेगी।*
इस कार्यक्रम में रायपुर गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार, जिला के समन्वयक क्रमश लच्छूराम निषाद, टीकम राम साहू, दिलीप नाग, बोधराम साहू, कौशल प्रसाद साहू सहित वरिष्ठ परिजन सदाशिव हथमल, डॉ घनश्याम पटेल, शंकर साहू, घनश्याम केशरवानी, मनमोहन साहू, हेमलता साहू, आर एस चौरसिया, जगमोहन चंद्राकर, सुदर्शन वर्मा, एस.एन. राय, धनलक्ष्मी दुबा, नारायण सिंह यदु, उर्मिला नेताम, कस्तूरी साहू, पूर्णिमा साहू, अनोखी निषाद, कमल साहू, आशीष राय, अमित डोये, आर एस राहंगडाले, सहित हजारों गायत्री परिजन उपस्थित थे।
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बालोद. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज जिला मुख्यालय बालोद में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन की स्व. माता जी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बालोद के महावीर भवन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचकर स्व. श्रीमती कमला बाई के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने श्री यशवंत जैन के साथ शोकाकुल परिवार से भंेटकर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा श्री यशवंत जैन के परिजन मौजूद थे।
- भिलाईनगर। निगम भिलाई ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश पर सस्ता मार्केट पावर हाउस में अवैध कब्जाधारियो को बेदखल कर पाॅच आबंटितो को कब्जा दिलवाया। पावर हाउस में सुभाष सब्जी मार्केट के प्रारंभ में लगने वाले सस्ता मार्केट में पाॅच आबंटितो को जिनके आबंटित दुकान के स्थान पर अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाने माननीय उच्च न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया गया था। जिस पर मान. न्यायालय ने आबंटितो को कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया था। जिसके परिपालन में सोमवार को जोन-3 का राजस्व अमला, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में अवैध कब्जाधारियो को बेदखल कर आबंटित गुलाबचंद, सुरेश, रमेश, विष्णु, अनिल को कब्जा दिलाया गया। उक्त आबंटितो द्वारा निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव से मिलकर कब्जा दिलाने का गुहार लगाये थे।कार्यवाही के दौरान जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा, तहसीलदार गुरूदत्त पंचभाई, सहायक राजस्व अधिकारी बाल कृष्ण नायडू, सी.एस.पी. छावनी आशीष बंछोर, छावनी थाना टी.आई. सोनम ग्वाला, कुम्हारी टी.आई. संजय मिश्रा, जामुल टी.आई. कोसले, निगम का तोड़फोड़ दस्ता, जोन-3 का राजस्व अमला सहित महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे।
- महतारी वंदन के लिए आवेदन करने आज अंतिम दिनकलेक्टर ने टीएल बैठक में की योजनाओं की समीक्षाबिलासपुर/ स्कूलों में बच्चों की अब दो बार हाजिरी ली जायेगी। पहली हाजिरी स्कूल खुलने पर प्रथम पीरियड में और दूसरी हाजिरी मध्यान्ह भोजन के बाद ली जायेगी। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने साप्ताहिक टीएल की बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से स्कूल अवधि में एक-एक बच्चे की निगरानी समुचित तरीके से करने को कहा है। टीएल बैठक में लंबित मामलों के साथ ही सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं मंे प्रगति की समीक्षा की गई। नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बैठक में कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत आवेदन लेने के लिए अब एक ही दिन बचा है। प्रथम चरण के लिए आवेदन लेने की अंतिम तिथि कल 20 फरवरी तक है। बताया गया कि 18 फरवरी तक जिले में योजना के तहत 3 लाख 38 हजार आवेदन मिल चुके हैं। इनमें से 90 प्रतिशत की आॅनलाईन एण्ट्री का कार्य भी हो चुका है। कलेक्टर ने आज तक प्राप्त आवेदन सहित सभी आवेदनों की सौ फीसदी एण्ट्री कर लेने को कहा है ताकि कल के लिए काम लंबित न रहे। उन्होंने बताया कि 21 तारीख को आवेदनों की सूची प्रकाशित करके दावा-आपत्ति मंगायी जायेगी। सूची को गांव एवं वार्डों में सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा करने और इसकी मुनादी करने को भी कहा है। कलेक्टर ने बताया कि 24 फरवरी को विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ के तहत कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगायी जायेगी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 8345 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें अब प्रशिक्षण देने की तैयारी के निर्देश दिए गए। कुष्ठ रोगियों को सुपोषण में मदद के लिए निक्षय मित्र बनाने के काम में तेजी लाने को कहा है। अब तक 639 लोग ही निक्षय मित्र बने हैं। एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में गति लाने और अग्निवीर भर्ती रैली में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शामिल करने को कहा है। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय के कई मामलों का भी समाधान किया गया।
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*ऊर्जा एवं जल संरक्षण पर किसानों से चर्चा*
बिलासपुर/कृषि विज्ञान केन्द्र में 15 फरवरी को छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा एक दिवसीय कृषक कार्यशाला एवं ऊर्जा एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के 80 किसानों ने भाग लिया तथा वैज्ञानिकों से परिचर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.के. एस. तिवारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पानी और ऊर्जा का संरक्षण बहुत जरूरी है ताकि बाद में पछतावा ना करना पड़े क्योंकि लगातार धान की फसल लेने से जल की बर्बादी होती है इसलिए हमें फसल चक्र को अपनाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल एवं ऊर्जा संरक्षण किया जा सके। जैविक एवं रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का प्रयोग समन्वित रूप से करें जिससे मृदा की उर्वरता बनी रहे। क्रेडा के कार्यपालन अभियंता श्री संतोष धु्रव ने क्रेडा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा किसानों को इसे अपनाने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी ने किसानों को संबोधित करते हुए जल संरक्षण क्यों और कैसे करना चाहिए विषय पर जानकारी प्रदान की एवं के. व्ही. के द्वारा किसान हित में संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कृषि विज्ञान केन्द्र की सस्य वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक ने टपक सिंचाई द्वारा जल संरक्षण कैसे करें विषय पर अपना व्याख्यान दिया। कार्यशाला के.व्ही. के. के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने किसानों को सघन बागवानी कर कैसे ऊर्जा एवं जल का संरक्षण करते हुए कैसे अधिक लाभ कमाया जा सकता है इस पर विस्तृत जानकारी किसानों का प्रदान की परिचर्चा में क्रेडा के असिस्टेंट इंजीनियर श्री एन.के. राय ने भी किसानों को ऊर्जा संरक्षण के बारे में बताया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिक इंजी. पंकज मिंज ने यंत्रीकरण द्वारा कैसे ऊर्जा का संरक्षण कर कृषि को लाभप्रद बताया जा सकता है इस पर विस्तारपूर्वक कृषकों को समझाया। कृषक परिचर्चा के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के वैज्ञानिकों ने कृषकों द्वारा उठाए गए कृषि संबंधित समस्याओं का निराकरण निराकरण किया। कार्यक्रम का मंच संचालन वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने प्रदान किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री जयंत साहू, हेमकांती बंजारे, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. चंचला रानी पटेल तथा श्रीमती सुशीला ओहदार उपस्थित थीं।
- बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में जिले के दूर-दराज से आए ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं एवं बुजुर्गो की समस्याओं को इत्मीनान से सुना। इस दौरान उन्होंने जनदर्शन में आयी महिलाओं से महतारी वंदन योजना के फार्म भरने की जानकारी ली। उन्होंने महिलआंें से पूछा कि फार्म भरने में किसी प्रकार की दिक्कत तो नही आ रही है। जनदर्शन में आज लगभग सवा सौ लोगो ने कलेक्टर से मुलाकात कर निजी और सामुदायिक मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन दिया।जनदर्शन में चिंगराजपारा शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पालक शिकायत लेकर पंहंुचे। पालकों का कहना था कि स्कूल में न ही पढ़ाई हो रही है और न ही किसी तरह का अनुशासन है स्कूल में बच्चों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है जिससे बच्चे परेशान हैं। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच कर तत्काल प्रतिवेदन सौपने के निर्देश दिए है। ग्राम पंचायत आमगांव के आश्रित गांव आमकोनी के ग्रामीणों ने जनदर्शन में अपने गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग की है। ग्राम खजुरी थाना हिर्री के श्री मनीराम यादव ने बेटे को पंजाब में बंधुआ मजदूर बनाए जाने की शिकायत करते हुए मदद की गुहार लगाई। आवेदक का कहना है कि अच्छी मजदूरी का झांसा देकर बेटे को ले जाने के बाद उसका शोषण किया जा रहा है और उसे मजदूरी तो दूर ठीक से खाने को भी नही दिया जा रहा, न ही उसे छत्तीसगढ़ आने दिया जा रहा। कलेक्टर द्वारा प्रकरण को पुलिस अधीक्षक के पास जांच के लिए भेजा गया है।घोंघा जलाशय बांध के डूब प्रभावित गांव परसदा, मानपुर, कोरी के ग्रामीणों ने गरीबों की भूमि पर असामाजिक तत्वों के जबरिया कब्जे की शिकायत कलेक्टर से करते हुए अवैध कब्जा रोकने की मांग की है। तखतपुर ब्लॉक के विचारपुर गांव के किसान नारद प्रसाद ने सहकारी बैंक के खाते से अवैध तरीके से राशि आहरण की शिकायत कर कलेक्टर से मदद मांगी है। कलेक्टर ने मामले को जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी को सौंप कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
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*नागरिकों ने आवेदन के साथ अधिकारियों को बताई अपनी समस्याएं*
*आज जनचौपाल में आये 67 आवेदन*
रायपुर/ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्टोरेट परिसर के सभाकक्ष में जन चौपाल का आयोजन हुआ। जन चौपाल में संबंधित विभाग के अधिकारियों को आम जनों ने अपनी मांग और समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।
आज चौपाल में जिले के धरमपुरा गांव के सरपंच ने तालाब की सफाई हेतु राशि की किश्त प्रदान करने, धनेली निवासी सुधीर कुमार वर्मा ने अपने मकान के सामने वाले रास्ते को पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत, छछानपैरी के सरपंच ने गांव की शासकीय भूमि को आबादी घोषित भूमि घोषित करने, गुढ़ियारी निवासी मधु लहरे ने मजदूर कार्ड बनवाने, गुढ़ियारी के ही सुरेखा नागदेव ने अपने पति की मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने, प्रोफेसर कॉलोनी निवासी प्यारेलाल साहू ने कॉलोनी स्थित अपनी जमीन के बटांकन करने और समता कॉलोनी निवासी पल्लवी हरपाल ने अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन दिया। इसी प्रकार अन्य लोगों ने भी अपनी मांग और समस्याओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। आज जनचौपाल में कुल 67 आवेदन आए जिन पर यथासंभव निराकरण करने के आदेश कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे कार्यक्रम में शामिलदुर्ग /प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा भिलाई में आईआईटी का करेंगे शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से 20 फरवरी 2024 को 11.00 बजे उद्घाटन किया जायेगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे कार्यक्रम में शामिल। जिसमें केन्द्रीय मंत्री श्री धर्मेंन्द्र प्रधान, राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह, उपराज्यपाल, जम्मू और कश्मीर श्री मनोज सिन्हा एवं लोकसभा सांसद दुर्ग श्री विजय बघेल की गरिमामय उपस्थिति में होगा।
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दुर्ग/महिला एवं बाल विकास विभाग व्दारा जिला कार्यकम अधिकारी महोदय श्री अजय शर्मा के मार्गदर्शन में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013“ अंतर्गत विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक शिकायत समितियों के अध्यक्ष/सदस्यों एवं जिले में गठित शिकायत समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला 19 फरवरी 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग के प्रेरणा सभा कक्ष में आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण सह कार्यशाला में, जिला कार्यकन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अजय शर्मा व जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में अधिवक्ता, जिला न्यायालय दुर्ग श्रीमती उमा भारती साहू, तथा संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीति बाला शर्मा, नवा बिहान महिला एवं बाल विकास विभाग उनके साथ-साथ विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक शिकायत समितियों के अध्यक्ष/सदस्यों एवं जिले में गठित शिकायत समिति के अध्यक्ष / सदस्यों की भी उपस्थिति रही। उक्त बैठक में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए विषय विशेषज्ञ व्दारा बताया गया कि जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां के नियोक्ता के लिए आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है तथा 10 से कम कर्मचारी होने की दशा में शिकायत स्थानीय परिवार समिति को प्रेषित की जायेगी। अधिनियम के उपबंधो के पालन न किए जाने पर पच्चास हजार रूपये तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। साथ ही साथ मिथ्या या द्वेषपूर्ण परिवाद और मिथ्या साक्ष्य के लिए नी दण्ड का प्रावधान किया गया है। समिति को जांच प्रकिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। तत्पश्चात धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षण सह कार्यशाला समापन किया।
- -कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने दिए निर्देशरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह आज सुबह अभनपुर तहसील के नयापारा पहुंचे। उन्होंने वहां रायपुर जिले के क्षेत्र में राजिम कल्प कुंभ की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो इस बात का ध्यान रखे। उन्होंने नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिया कि साफ सफाई की व्यस्था दुरस्त रखे और इसके लिए मॉनिटरिंग टीम बनाए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने खाद्य विभाग को निर्देश दिया कि दाल-भात सेंटर की पूरी प्रक्रिया पूर्ण करें ताकि समय से शुरुआत की जा सके। साथ ही पीएचई विभाग को पेयजल, शौचालय की व्यवस्था एवं दुकान का आवंटन सुव्यस्थित ढंग से करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के लिए जिले में बनने वाले कुंड की साफ - सफाई अच्छे ढंग से हो। सड़कों के किनारे पुराने वाहन को हटाया जाए। निर्माण सामग्री भी भीतर रखें ताकि यातायात सुव्यवस्थित रहे। उन्होंने कहा कि नदी के पास सड़कों के किनारे जाली और बेरिकेंडिंग लगाया जाए। डॉ. सिंह ने रेलवे से कहा कि रेल पात को व्यवस्थित करें ताकि पार्किंग में दिक्कत ना हो। उन्होंने राजिम कुंभ मेले की सतत निगरानी करने पुलिस प्रशासन, राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने अभनपुर में राजिम-अभनपुर हाईवे के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप उपस्थित थे।












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