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- -सुशासन की स्थापना में सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग पर चर्चा हेतु एक दिवसीय मीट अप का आयोजनरायपुर /राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा आगामी 24 फरवरी को क्रिएटर्स मीट अप का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद भवन के ऑडिटोरियम में होगा।आयुक्त जनसंपर्क श्री मयंक श्रीवास्तव ने इस संबंध में बताया कि मीट अप में सुशासन की स्थापना में सोशल मीडिया का महत्व, नई सरकार से युवाओं की उम्मीदें, सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर राय शुमारी की जाएगी। कार्यक्रम में राज्य शासन में विभिन्न पदों पर पदस्थ वरिष्ठ आई ए एस और आई पी एस अधिकारी भी शामिल होंगे, जिन्होंने आम जनता की मदद, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जनजागरुकता आदि में सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग किया है। साथ ही ऐसे सोशल मीडिया क्रिएटर भी आमंत्रित किया गया हैं, जिन्होंने प्रदेश की कला, संस्कृति, पर्यटन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स का सम्मान भी किया जायेगा।उल्लेखनीय है कि जनसम्पर्क विभाग द्वारा गूगल फॉर्म के माध्यम से सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सहभागिता का मौका दिया जा रहा है। यह गूगल फॉर्म विभाग की सोशल मीडिया साइट्स पर उपलब्ध होगा। क्रिएटर्स के चयन का अंतिम निर्णय जनसंपर्क विभाग द्वारा लिया जायेगा।
- -उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और सांसद श्री संतोष के प्रयासों से कबीरधाम जिला को मिला केन्द्रीय विद्यालय भवनरायपुर /प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगामी 20 फरवरी को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के महराजपुर स्थित नवीन केन्द्रीय विद्यालय भवन का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। इस लोकार्पण समारोह में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पाण्डेय को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। केन्द्रीय विद्यालय भवन एवं कर्मचारी आवासीय भवन सहित अन्य निर्माण कार्याे की लागत 20.56 करोड़ रूपए बताई गई है।कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने केन्द्रीय विद्यालय भवन के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर श्री महोबे और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने नवीन केन्द्रीय विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और सांसद श्री संतोष पाण्डेय के अथक प्रयासों से कबीरधाम जिले को केन्द्रीय विद्यालय का एक नया संयुक्त परिसर का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है।प्राचार्य श्री सुशील कुमार ने बताया कि केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण कार्याे की आधारशिला वर्ष 2017 में रखी गई थी। वर्तमान में केन्द्रीय विद्यालय कक्षा 11वीं तक संचालित है। जिसमें 486 विद्यार्थी अध्यनरत है। अध्यनरत विद्यार्थियों में 248 छात्र और 238 छात्राएं शामिल है। नवीन केन्द्रीय विद्यालय भवन में सभी कक्षाएं उच्च स्तरीय तरीके से बनाएं गए है। परिसर में खेल, संगीत सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त जगह तैयार किए गए है। केन्द्रीय विद्यालय वर्तमान में आउटडोर स्टेडियम परिसर में संचालित हो रही है।
- -प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति परिवारों के लिए पक्का मकान बनना शुरू-कबीरधाम जिले में बैगा परिवारों के पक्के आवास के लिए 3 हजार 554 आवास स्वीकृतरायपुर /विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने शुरू की गई प्रधानमंत्री जनमन योजना का छत्तीसगढ़ में तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कबीरधाम जिले में इस योजना के तहत बैगा परिवारों के लिए 3 हजार 554 आवासों की स्वीकृति दी गई है, इनमें से 2 हजार 996 पक्के आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में 11 करोड़ 98 लाख रूपए जारी कर दी गयी है।कबीरधाम जिले के विकासखण्ड बोड़ला में 179 और पंडरिया के 77 गांवों में बैगा परिवारों की बाहुलता है। इन परिवारों के लिए बोड़ला विकासखण्ड में 2081 और पंडरिया विकासखण्ड में 1474 आवासों की स्वीकृति दी गई है। बैगा परिवारों को प्रथम चरण में 2996 आवासों आवास निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 40-40 हजार रूपए की राशि जारी की गई है। इसके अलावा योजना में इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। जिससे विेशेष पिछड़ी जनजाति के सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार आएगा।योजना के तहत कबीरधाम जिले में पक्का मकान बनाने वाले श्री अंतराम बैगा को बीते दिनों श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। श्री अंतराम बैगा विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति परिवार से है। वह ऐसे पहले हितग्राही है, जिन्होंने पक्का आवास बनाने का काम शुरू कर दिया है। उन्हांेने बताया कि पक्का मकान बनाने के लिए दस कॉलम खड़े कर लिए है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा परिवारों को आवास निर्माण के लिए 2 लाख रूपए की राशि 4 किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त आवास शुरू करने के लिए 40 हजार रूपए, दूसरी किस्त लेंटर स्तर पर होने पर 60 हजार रूपए, तीसरी किस्त रूफ टॅाप के निर्माण पर 80 हजार रूपए और आवास पूरा होने पर 20 हजार रूपए दी जाएगी। इसके अलावा महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 95 दिनों का मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
- -प्रत्येक माह जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन द्वारा आज चिप्स कार्यालय रायपुर से समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से ली गई। बैठक में मुख्य सचिव द्वारा जिलों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा उपरान्त आगामी कार्यवाही के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव श्री जैन द्वारा इसी क्रम में जिलों को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रतिमाह अनिवार्यतः आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में प्रतिमाह सड़क सुरक्षा को लेकर जन जागरुकता संबंधी कार्यक्रम भी आयोजित करने के लिए निर्देशित किया। इनमें सुगम यातायात संबंधी अलग-अलग विषयों जैसे- गुड सेमीरेटन, हेलमेट, सीटबेल्ट की अनिवार्यता ड्रंक एण्ड ड्राइव इत्यादि विषयों पर समुदाय के बीच उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने समीक्षा के दौरान राज्य में अतिरिक्त जेलों की आवश्यकता का आंकलन कर मौजूदा जेलों की क्षमता के विस्तार एवं नवीन जेलों की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता की समीक्षा भी की गई।उक्त वर्चुअल बैठक में सचिव गण सर्वश्री एस. प्रकाश, श्रीमती शम्मी आबिदी, श्री एन एन एक्का, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात श्री प्रदीप गुप्ता एवं अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) श्री संजय शर्मा के अलावा समस्त संभागायुक्त, सभी जिला कलेक्टर्स एवं विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -बच्चे खिल उठे, कहा थैंक्यू पीएम सर, थैंक्य सीएम सर और थैंक्य कलेक्टर सर-सोहर गीत गाकर श्रीमती साहू ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं-कलेक्टर ने किया आग्रह आम नागरिक भी मनाएं स्कूली बच्चों के साथ जन्मदिन करेंगे सम्मानितरायपुर / हमारे संस्कृत सुभाषित वाक्यों में शुभस्य शीघ्रम की बात कही जाती है अर्थात शुभ कार्य में शीघ्रता की जानी चाहिए। कल ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने न्योता भोजन के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे कि अपने जन्मदिन पर स्कूली बच्चों के साथ समय बताएं। उनके साथ भोजन करें। इस शुभ कार्य के लिए शीघ्रता से पहल करते हुए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने अपने जन्मदिन के अवसर पर शासकीय नवीन प्राथमिक शाला धरमपुरा के स्कूली बच्चों को न्योता भोज दिया।डॉ गौरव सिंह आज सुबह सपरिवार स्कूल पहुंचे सबसे पहले सरस्वती माता का वंदन किया। उसके बाद वे बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हे पंगत में बैठाया और वन बाई वन थाली लगाई। उसके बाद पूडी, सब्जी, दाल, चावल और खीर परोसा, यहीं नही वे बच्चों के पास जाते रहे और उनकी पसंद पूछकर व्यंजन को फिर से परोसा और अंत में बच्चों को केक खिलाया। उनके साथ एसपी श्री संतोष सिंह, डीएफओ श्री विश्वेश्वर राय, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत के सीईओ श्री विश्वदीप ने भी भोजन परोसा। साथ ही कलेक्टर ने इन स्कूली बच्चों के बीच बैठ पत्नी डॉ सुनिता सिंह और दोनो बच्चे आद्या सिंह और अक्षरा सिंह के साथ भोजन किया।भोजन करते समय बच्चों के चेहरे पर खुशियां झलक रही थी, वे खिल उठे और प्यार से कलेक्टर के पास जाकर उपहार स्वरूप पुष्प दिया। यहीं नही उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल और कलेक्टर को थैंक यू कहा। साथ ही उन्होंने उत्साहित होकर कलेक्टर बनने की भी इच्छा जाहिर की।इस खुशी के क्षण में श्रीमती बूंदा बाई साहू ने सोहर गीत गाकर कलेक्टर को जन्मदिन की बधाई दी। श्रीमती साहू सरस्वती महिला समूह की अध्यक्ष है वह जब से मध्याह्न भोजन योजना शुरू हुई है तब से स्कूल में भोजन आपूर्ति कर रही है।कलेक्टर ने अधिकारीगण और आम नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण दिन क्षण इत्यादि को स्कूल के बच्चों के साथ मनाएं। उन्हें इसी प्रकार से न्योता भोज देें। उन्हें इस प्रकार का भोजन करा सकते है या उनके भोजन में पौष्टिक भोज्य पदार्थ शामिल कर सकते है। यदि कोई इच्छुक हो तो हमसे संपर्क करें हम हर महीने में उनका पंजीयन कर एक सिस्टम बना देंगे, उन्हें बच्चों के साथ अपनी खुशी बाटने का मौका मिलेगा और हम उन्हें सम्मानित भी करेंगे।यह प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर यह आयोजन किया गया। सामुदायिक सहयोग से स्कूली बच्चों के खानपान में पोषण आहार की मात्रा बढ़ाने “न्यौता भोजन’’ की अभिनव पहल की जा रही है।
- - न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों का होगा निराकरणराजनांदगांव । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देेशानुसार 9 मार्च 2024 को पूरे देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला न्यायालय राजनांदगांव अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा नेशनल लोक अदालत हेतु जिला न्यायालय राजनांदगांव, व्यवहार न्यायालय-खैरागढ़, ड़ोंगरगढ़, अंबागढ़ चौकी, छुईखदान एवं राजस्व न्यायालय के विभिन्न प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन का निराकरण किया जायेगा। लोक अदालत में न्यायालय के लंबित राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण बड़े ही सौहाद्रपूर्ण माहौल में किया जाएगा। लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आलोक कुमार द्वारा संबंधित न्यायाधीशों, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा रहा है।लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों, धारा-138, परक्राम्य लिखत अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, सिविल प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों व पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाना है। इसके अतिरिक्त बैंक, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, नगरपालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किये जायेंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर लोक अदालत में निराकृत किये जायेंगे। यदि कोई भी व्यक्ति लोक अदालत के माध्यम से अपना प्रकरण निराकृत करना चाहता है, तो वह 9 मार्च 2024 को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना प्रकरण निराकृत करा सकते है।इस बार भी हाईब्रिड लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें पक्षकार व अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित होकर व अपने घरों से भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आपसी सहमति से प्रकरणों का निराकरण करेंगे। लोक अदालत के सफल संचालन हेतु राजनांदगांव जिला न्यायालय की वेब साइट http://ecourts.gov.in/rajnandgaon/rajnandgaon पर लिंक की सहायता से पक्षकारों को घर बैठे सीधे लोक अदालत की खण्डपीठ से जुडऩे में सहायता मिलेगी। यदि कोई पक्षकार लोक अदालत के माध्यम से अपना राजीनामा योग्य प्रकरण निराकृत करवाना चाहते है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव अथवा अपने अधिवक्ता से संपर्क कर सकते है। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कर सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा पक्षकारों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की गई है।
- -हर मौसम में ग्रामीणों को मिल रहा पानीरायपुर / छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं पहुंच विहीन दुर्गम स्थानों में स्थित ग्रामों में अब लोगों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल रहा है। केन्द्र सरकार के जल जीवन मिशन से अब ग्रामीणों को अन्य स्त्रोतों का पानी नहीं पीना पड़ता। शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश है।नारायणपुर जिले के विभिन्न ग्रामों तक जल जीवन मिशन के तहत् दूरस्थ अंचल के बसाहटों तक पहुंची शुद्ध पेयजल पहुंच रही है। नारायणपुर जिले के पहुंच विहीन ग्रामों तक टेपनल के माध्यम से ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसमें अधिकांश गांव घने जंगल, पहाड़, नदी, नालों, दुर्गम रास्तौं से घिरे हुए हैं। ऐसे में जल जीवन मिशन के तहत् सभी बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य राज्य शासन द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। हर घर नल-जल योजना से प्रत्येक ग्रामीण परिवारो को 24 घंटे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत 439 घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल दिया जा रहा है।पहले लोगों को हैंण्डपंप से पानी भरने में समस्या होती थी, वहीं बारिश के समय हैंण्डपंप से मटमैला पानी प्राप्त होता था। गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर कम हो जाने के कारण लोगों को हैण्डपंप से पानी निकालने में कठिनाई होती थी। जल जीवन मिशन के तहत् पानी टंकी निर्माण होने से हर मौसम में ग्रामीणों को शुद्ध स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर जिले में कुल 3275 हैंडपंप स्थापित किया गया। इनमें से 3253 हैंडपंप चालू हालत में है।
- -25 फरवरी तक नवीनीकरण कार्य किए जाएंगेरायपुर /छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी से जारी है। 17 फरवरी की स्थिति में 61 लाख 28 हजार 959 राशन कार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग द्वारा दी गई, ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं।गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 25 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट http://khadya.cg.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। राशनकार्डधारी अपने मोबाईल में इस एप्प के जरिए नवीनीकरण के लिए इलेक्ट्रानिक आवेदन ऑनलाईन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे हितग्राही जिनके पास एन्ड्राईड मोबाईल नहीं है अथवा जहां पर मोबाईल कनेक्टिविटी नहीं है वहां उचित मूल्य दुकान स्तर पर ऑनलाईन प्रक्रिया के जरिए राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु इलेक्ट्रानिक आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा भी दी जा रही है।
- रायपुर /राज्य सरकार द्वारा अब तक किसानों से 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर रिकार्ड खरीदी की जा चुकी है। कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। मार्कफेड के महाप्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 120 लाख 90 हजार 982 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 108 लाख 03 हजार 949 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
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ऑनलाइन राशनकार्ड नवीनीकरण की प्रक्रिया*
दुर्ग/ शासन से प्राप्त आदेशानुसार जिले में 25 जनवरी 2024 से राशनकार्डों का नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। नवीनीकरण आवेदन प्रस्तुत करने के 2 विकल्प है (अ) राशनकार्डधारी अपने एन्ड्रायड फोन से खाद्य विभाग के पोर्टल https://khadya.cg.nic.in/ अथवा गूगल प्ले स्टोर से राशनकार्ड नवीनीकरण "सिटीजन एप" डाउनलोड कर इन्सटाल कर सकते है।
एप ओपन करने पर स्क्रीन पर तीन विकल्प प्रदर्शित होंगे। पहला राशनकार्ड नवीनीकरण, दूसरा राशनकार्ड नवीनीकरण की स्थिति जांचे एवं तीसरा राशनकार्ड नवीनीकरण कैसे करें। राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन हेतु प्रथम विकल्य "राशनकार्ड नवीनीकरण" चुनें। राशनकार्ड नवीनीकरण हेतु दो विकल्प राशनकार्ड में प्रदर्शित क्यू आर कोड स्कैन कर तथा राशनकार्ड नम्बर एवं राशनकार्ड में दर्ज मोबाईल नम्बर सत्यापन द्वारा दिखेंगे। क्यूआर कोड स्कैन अथवा मोबाईल नम्बर सत्यापित होने पर राशनकार्ड की ई-केवाईसी सहित अन्य जानकारियां प्रदर्शित होंगी। जानकारियों के नीचे अंकित घोषणा पत्र के बॉक्स में चयन कर राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन बटन को दबाना होगा। (जिन सदस्यों का ई-केवाईसी अपूर्ण है ऐसे सदस्यों का आधार एवं राशनकार्ड की प्रति संबंधित उचित मूल्य दुकान में जमा करें)। राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन स्वीकार होने पर स्क्रीन पर संदेश प्रदर्शित होगा। जो उपभोक्ता उपरोक्त कार्यवाही नहीं कर सकते, वे उपभोक्ता राशनकार्ड तथा सदस्यों का आधार, मूल प्रति एवं छायाप्रति के साथ अपने शास.उ.मू. दुकानदार से संपर्क कर उपरोक्त प्रक्रिया पूर्ण करा सकेंगे, किन्तु राशनकार्ड एवं मोबाईल नम्बर विकल्प से नवीनीकरण किये जाने की स्थिति में राशनकार्ड में संलग्न मोबाईल भी लेकर जाना होगा। राशनकार्ड नवीनीकरण की अवधि 25 जनवरी 2024 से 29 फरवरी 2024 तक राशनकार्डों में संशोधन, नाम जोड़ने, नाम काटवाने एवं नया राशन कार्ड बनाने का कार्य बंद रहेगा। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री रिचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रभावी कियान्वयन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन 19 फरवरी 2024 को सुबह 11 बजे कार्यालय जिला कार्यकम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के "प्रेरणा' सभा कक्ष में आयोजित किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अधिनियम की धारा 04 के आलोक में प्रत्येक कार्यालय/कार्यस्थल जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) एवं धारा 06 के तहत स्थानीय परिवाद समिति (एलसीसी) का गठन जिले में किया गया है। प्रशिक्षण में आंतरिक परिवाद समिति तथा स्थानीय परिवाद समिति के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। ताकि यह समितियां अधिक प्रभावी रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सके। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए 17 फरवरी, शनिवार को महर्षि स्वामी विवेकानंद सभागृह पद्मनाभपुर, दुर्ग में सुबह 10 बजे से जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के संबंध में निराकरण किए जा सकते हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, अविवादित नामांतरण अविवादित खाता विभाजन और सीमांकन, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। जिलेवासी राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित हो सकते है। -
विस्तारीकरण व सौदर्यीकरण मे बाधक अनियमित कब्जो को निगम ने हटाएं
भिलाईनगर। केन्द्र सरकार की अमृत भारत योजना के तहत रेल्वे प्रशासन द्वारा प्रस्तावित पावर हाउस रेल्वे स्टेशन के सौदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण में बाधक बन रहे स्टेशन के सामने अनियमित रूप से लगाए 14 ठेला, गुमटी को भिलाई निगम ने पुलिस प्रशासन एवं रेल्वे अधिकारियों की उपस्थिति में बेदखल किया।पावर हाउस रेल्वे स्टेशन में जी.ई.रोड की ओर स्टेशन पहुॅच के रास्ते में अनियमित लगाये गये ठेले, गुमटी, टीन टप्पर से निर्मित 14 दुकानों को बेदखल किया गया है। जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि रेल्वे स्टेशन पावर हाउस के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के लिए रेल्वे प्रशासन ने निगम को उक्त स्थल को रिक्त करवाकर सौंपने पत्र दिया था, जिस पर निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने कार्यवाही कर बेदखली किये जाने के आदेश दिए थे जोन-3 कार्यालय द्वारा स्टेशन गेट पर लगे दुकानदारो को नोटिस देकर स्वयं से अपने कब्जे को हटाने कहा था। नोटिस की समय सीमा समाप्त होते ही जोन-3 का राजस्व अमला शुक्रवार को पुलिस व रेल्वे के अधिकारियो के साथ दो जे.सी.बी. लेकर मौके पर पहुँची निगम प्रशासन ने सबसे पहले अवैध रूप से चल रहे सायकल स्टेण्ड के घेरा तथा कमरे को ध्वस्त किया कार्यवाही को देखकर अन्य ठेला, गुमटी संचालक अपने दुकान से सामान हटाना प्रारंभ किये। दुकान खाली होते ही सभी ठेला, गुमटी को चैन से बांध कर जे.सी.बी. द्वारा स्थल से बेदखल किया गया। कार्यवाही में व्यापारियों का तथा आम नागरिको का सहयोग प्रशंसनीय रहा।कार्यवाही के दौरान तहसीलदार गुरूदत्त पंचभाई, जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ,छावनी सी.एस.पी. आशीष बंछोर सहायक राजस्व अधिकारी बाल कृष्ण नायडू, छावनी थाना टी.आई. सोनम ग्वाला, कुम्हारी टी.आई. संजय मिश्रा, जामुल टी.आई. कोसले, गति शक्ति योजना से जुड़े रेल्वे के कार्यपालन अभियंता सुनील कुमार, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अरूण चौधरी, रेल्वे पुलिस फोर्स के इंसपेक्टर पूर्णिमा राय बंजारे, सब इंसपेक्टर आर.के.राठौर, निगम का तोड़फोड़ दस्ता महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे। -
भिलाईनगर। विकसित भारत संकल्प यात्रा के डायरेक्टर सर्वेश्वर मांझी गृह मंत्रालय भारत सरकार शुक्रवार को सेक्टर-1 में आयोजित संकल्प यात्रा शिविर आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के साथ पहुॅचे और शिविर स्थल पर लगाये गये प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला गैस योजना, पी.एम. विश्वकर्मा, महतारी वंदन, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण, टी.बी.रोग निदान, मुद्रा लोन स्वनिधि लोन सहित सभी काउन्टर में घूम-घूम कर जानकारी प्राप्त किये। उन्होने उज्जवला गैस योजना के हितग्राही जमुना बाई, के.एम. उषा आनंदन, कलपना, अर्चना कुमारी, अंजू साहू, कृष्णा को गैस किट प्रदान किया और पुछा की आपको आवेदन करने में कोई परेशानी तो नही हुई सभी हितग्राही इस बात पर खुशी व्यक्त किये कि बहुत आसानी से हमे आज गैस मिल गया, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद। श्री मांझी एवं पार्षद शकुन्तला साहू, ईश्वर साहू व नोमिन साहू ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने वाले सामुदायिक संगठिका को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किये। श्री मांझी ने आयुष्मान कार्ड लोगो तक पहुॅचे यह सुनिश्चित करने को कहा शिविर की व्यवस्था को देखकर उन्होने निगम भिलाई के कार्यो पर संतोष व्यक्त किया।
शिविर का शुभारंभ प्रातः 9 बजे भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्यचित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। इसके बाद शिविर स्थल पर उपस्थित नोडल अधिकारी प्रीति सिंह, अभियंता आलोक पसीने, शंकर सुमन मेश्राम, अमित एक्का, बसंत प्रधान, जे श्रीनिवास राव, उपासना साहू, अशोक यादव, प्रमोद मिश्रा, सूर्यकांत पाण्डेय, बाल राजू, कुलदीप रोशन सहित उपस्थित नागरिको ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। -
8 जिलों के साढे़ 3 सौ बच्चों ने लिया हिस्सा
जाजगीर जिले ने हासिल किया पहला स्थान*
बिलासपुर/स्कूली बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली से वाकिफ कराने के लिए संसदीय कार्यविभाग छत्तीसगढ़ द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन आज त्रिवेणी भवन में किया गया। प्रतियोगिता में आठ जिलों के साढ़े तीन सौ बच्चों ने हिस्सा लिया।
युवा संसद में प्रश्नकाल से लेकर ध्यानाकर्षण तक में देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चाएं होती रही। एक बारगी तो यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि यह बच्चे सांसद नहीं बल्कि स्कूलों के विद्यार्थी हैं। कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चों ने कार्यक्रम को लेकर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर हमें लोकतंत्र की महत्ता का पता चला और हमें इस बात का एहसास हुआ कि कैसे देश को सुचारू रूप से चलने के लिए सदन का अपना योगदान है और कैसे वह देश की दशा और दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है ।
कार्यक्रम के विषय में बताते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आर. पी. आदित्य ने कहा कि प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों में लोकतंत्र की समझ और उसके प्रति आस्था उत्पन्न करना था। सदन में जिस प्रकार अलग-अलग मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा होती है ठीक वैसे ही आज देखने का मौका मिला। इस कार्यक्रम में अलग-अलग 8 जिलों के 350 विद्यार्थियो ने भाग लिया और सदन के सदस्य के रूप में अपनी प्रस्तुति दी ।
*प्रतियोगिता में इस टीम ने मारी बाजी-*
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जिला जांजगीर-चांपा ने हासिल किया उन्हें 300 में से 193 अंक प्राप्त हुए। द्वितीय स्थान पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की टीम रही उन्हें 300 में से 185 अंक प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर जिला मुंगेली की टीम रही जिसे 300 में से 179 अंक मिले।
कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर श्री निखिल केशरवानी, जय श्री चैकसे, श्री महर्षि बाजपेयी, श्री नितिन छाबड़ा, श्री अंकित गुप्ता और जिला पंचायत एपीओ सुश्री भाग्य श्री मिश्रा रही। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के तौर पर जमुना प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य निराला सर, पीजीबीटी कॉलेज के प्राचार्य मनोज सिंह, पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनीष साव रहे ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम प्रभारी सहायक संचालक श्री दिलावर और सहयोगी के तौर पर सहयोगी श्री भूपेंद्र कौशिक, श्री जे. के. बावरे श्री मुकेश मिश्रा सहायक संचालक के साथ स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य और कई शिक्षक और कर्मचारी जुटे रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकुल शर्मा ने किया। मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी श्री विवेक दुबे निभायी। - -शिविरों में महिलाओं की उमड़ रही भीड़-आवेदन की अंतिम तारीख 20 फरवरी तकरायपुर /प्रदेश में महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करने के लिए पहुंच रही हैं। महिलाओं द्वारा आवेदन भरने का सिलसिला बीते 05 फरवरी से अनवरत रूप से जारी है। इस योजना के तहत अब तक 62 लाख 15 हजार 183 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। राज्य शासन द्वारा इस योजना के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं द्वारा 15 फरवरी को एक दिन में ही 02 लाख 41 हजार से अधिक आवेदन किया गया है। आवेदन भरने की अंतिम तारीख 20 फरवरी निर्धारित की गई है।गौरतलब है कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं को आगामी मार्च महीने से मिलने लगेगा। फिलहाल योजना से लाभान्वित करने के लिए पात्र महिलाओं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। सभी जिलों में पंचायत और आंगनबाड़ी स्तर पर फॉर्म भरवाने के लिए आयोजित किए जा रहे शिविरों में महिलाओं की काफी भीड़ उमड़ रही हैै। योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश में अब तक ऑफलाइन आवेदन और पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन को मिलाकर कुल 62 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष महिलाओं को 12 हजार रूपए दिये जाएंगे।जिलावार ऑफलाइन प्राप्त आवेदन- महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक बलरामपुर जिले में 01 लाख 86 हजार 147, रायगढ़ में 02 लाख 59 हजार 328, जशपुर में 01 लाख 74 हजार 200, सूरजपुर में 01 लाख 78 हजार 529, कोरबा में 02 लाख 20 हजार 144, गरियाबंद में 01 लाख 53 हजार 388, कोण्डागांव में 01 लाख 24 हजार 264, जांजगीर-चांपा में 02 लाख 74 हजार 268, कवर्धा में 01 लाख 99 हजार 341, बस्तर में 01 लाख 60 हजार 423, बलौदाबाजार में 02 लाख 41 हजार 935, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 63 हजार 73, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 01 लाख 51 हजार 818, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में 92 हजार 60, राजनांदगांव में 02 लाख 33 हजार 50, धमतरी में 01 लाख 90 हजार 323, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 78 हजार 493, सक्ती में 01 लाख 49 हजार 60, दुर्ग में 02 लाख 92 हजार 12, रायपुर में 05 लाख 97 हजार 987, बेमेतरा में 02 लाख 34 हजार 526, बालोद में 02 लाख 32 हजार 353, सरगुजा में 02 लाख 06 हजार 613, मुंगेली में 02 लाख 27 हजार 724, बिलासपुर में 02 लाख 91 हजार 579, दंतेवाड़ा में 65 हजार 984, कोरिया में 55 हजार 660, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 75 हजार 252, कांकेर में 01 लाख 37 हजार 875, महासमुंद में 03 लाख 13 हजार 127, सुकमा में 47 हजार 599, नारायणपुर में 22 हजार 278, बीजापुर में 26 हजार 946 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। file photo
- -खाद्य विभाग एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैंरायपुर /छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी से जारी है। 16 फरवरी की स्थिति में 60 लाख 19 हजार 196 राशन कार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग द्वारा दी गई, ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं।गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 25 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोेक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट http://khadya.cg.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। राशनकार्डधारी अपने मोबाईल में इस एप्प के जरिए नवीनीकरण के लिए इलेक्ट्रानिक आवेदन ऑनलाईन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे हितग्राही जिनके पास एन्ड्राईड मोबाईल नहीं है अथवा जहां पर मोबाईल कनेक्टिविटी नहीं है वहां उचित मूल्य दुकान स्तर पर ऑनलाईन प्रक्रिया के जरिए राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु इलेक्ट्रानिक आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा भी दी जा रही है।
- रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विधानसभा सदन में एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों का अटैचमेंट खत्म करने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ऐसी जानकारी मिली है कि बिना किसी कारण के ही दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं चिकित्सकों को अन्यत्र मनचाही जगहों पर अटैच किया गया है जिससे आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।श्री जायसवाल ने कहा है कि यदि कहीं ऐसी विशेष परिस्थिति है जहां स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की कमी है और अटैचमेंट करना अनिवार्य हो तो विभागीय अनुमति लेकर उसे जारी रखा जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आम जनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में अकारण ही अटैचमेंट जैसी व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों में स्टाफ की कमी से आम लोगों को परेशानी होती है जिसे खत्म करना आवश्यक है।
- -डिग्री हासिल करने वाले 246 एमबीबीएस एवं 21 विशेषज्ञ चिकित्सकों को दी गयी नियुक्ति, इनमें से पचास फीसदी की नियुक्ति बस्तर एवं सरगुजा संभाग के लिए-स्वास्थ्य विभाग में 5 हजार से ज्यादा पदों पर पीएससी और व्यापम के जरिए होगी भर्तीः स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल-एमबीबीएस एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों को आवेदन करने के 24 घंटे के भीतर मिलेगी नियुक्तिः श्री जायसवालरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में मेडिकल आफिसर्स एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विधानसभा में यह जानकारी दी है कि हाल ही में अपनी डिग्री पूरी करने वाले 246 एमबीबीएस डाक्टरों को मेडिकल आफिसर के पद पर तथा 21 डाक्टर्स को विशेषज्ञ चिकित्सक के तौर पर पदस्थ किया गया है। इनमें से पचास फीसदी चिकित्सक बस्तर एवं सरगुजा संभाग में दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगे।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत किसी भी हास्पिटल में जहां भी खाली पद है उसके विरूद्ध यदि कोई एमबीबीएस डाक्टर या विशेषज्ञ डाक्टर आवेदन देता है तो उसे 24 घंटे के भीतर राज्य शासन से नियुक्ति मिलेगी।श्री जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में निचले कर्मचारियों से लेकर चिकित्सकों के 5 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं जिन्हें जल्द ही व्यापम और पीएससी के जरिए भरा जाएगा।श्री जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक डाक्टरों की नियुक्ति होने जा रही है ताकि आम लोग एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो सकें।
- रायपुर /दुर्ग जिले के पार्श्वतीर्थ नगपुरा स्थित श्री पार्श्व जीव मैत्रीधाम में नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन कल वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा फीता काटकर किया गया। वाणिज्य मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गौमाता की सेवा करना बहुत ही पुण्य का काम है। गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। हमारे दैनिक जीवन में गाय की उपयोगिता को नकारा नही जा सकता। गाय जीवन भर लाभान्वित करने वाला पशु है जिसके सहारे एक परिवार अपना भरण-पोषण कर सकता है। सर्वसुविधायुक्त शेडयुक्त गौशाला में अभी 65-70 पशु हैं और यहां 400 पशुधन रखने की क्षमता हैं। आज बहुत सारे गौशालाओं का संचालन जैन समाज द्वारा किया जा रहा है। यह बहुत हर्ष की बात है।गौमाता से हमें दूध, दही, पनीर, गौ मूत्र इत्यादि प्राप्त होते हैं, जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। गौमूत्र से कई बीमारियों का उपचार होता है। राज्य सरकार द्वारा गौ संरक्षण की दिशा में लगातार सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। गौशाला निर्माण से शहर के लोगों के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी। इस गौशाला में दुर्घटना से घायल, बीमार एवं ज्यादा उम्र होने जाने पर किसान पशुओं का भरण-पोषण नही कर पाते हैं और उसे ईधर उधर छोड़ देते हैं। जैन समाज द्वारा निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त गौशाला में गायों का उपचार और उनकी देख-रेख व उनका भरण-पोषण किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक श्री धरमजीत सिंह ने कहा कि जैन मंदिर का दर्शन, पूजा-अर्चना कर व उनके सिद्धांतों को सुनकर मन को काफी शांति प्राप्त होती है। जैन समाज सादगी, करूणा, ममता और दया पर विश्वास रखने वाला समाज है। जैन समाज का मानवीय कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इस अवसर पर श्री रितेश बैस, ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री गजराज पागरिया सहित समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय का विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास पर है विशेष जोर-बजट में 300 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधानरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार किये गये बजट में विशेष पिछड़ी जनजाति के सदस्यों के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इस बजट प्रावधान से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। घास-फूस के घरों की जगह वे पक्के घरों में रह सकेंगे। पेयजल की अच्छी सुविधा होगी। अभी अधिकांश विशेष पिछड़ी जनजाति की बस्तियों में पानी दूर से लाना होता है। कई बार इस जनजातीय समुदाय के लोग झिरिया आदि से पानी पीते हैं। अशुद्ध पेयजल की वजह से बीमारियां पनपती हैं।देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस पर सीधी नजर रख रहे हैं। बीते माह मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले में बिरहोर बस्तियों का दौरा भी किया। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन की स्थिति देखी। मुख्यमंत्री ने इन बस्तियों में रहने वाले लोगों से संवाद भी किया। इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ मिलते रहे, इसके लिए लगातार कैंप लगाये जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध हो जाने से अब इन इलाकों में तेजी से विकास हो सकेगा। यह योजना इसलिए भी आवश्यक थी क्योंकि इन जनजातियों का भौगोलिक परिवेश बहुत कठिन है। जहां पर बस्तियां बसी हैं वहां तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध करा पाना तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं दे पाना चुनौती होती थी लेकिन मुख्यमंत्री श्री साय के दृढ़ संकल्प के आगे रास्ता आसान हो गया है।जनमन योजना के माध्यम से न केवल बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं अपितु इनके लिए रोजगार के अवसर भी इसके माध्यम से सृजित किये जा रहे हैं। सरगुजा और बस्तर की ओर फोकस की सरकार की नीति भी इन अवसरों को बढ़ाने की दिशा में काफी उपयोगी होगी। स्थानीय उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर इन जनजातियों के लिए रोजगार सृजन हो सकेगा। इन योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने के लिए जनमन मित्र तथा सखी विशेष रूप से उपयोगी साबित हुए हैं। वे घर-घर जाते हैं पीवीटीजी से उनकी भाषा में बात करते हैं। सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हैं और फार्म भी भरवाते हैं। इसके बाद वे प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को देना सुनिश्चित कराते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ विधानसभा कार्यालय कक्ष में संस्कृति विभाग द्वारा निर्मित राजिम कुम्भ कल्प 2024 के लोगो और छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पंचांग का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री अनुज शर्मा, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री जितेंद्र शुक्ला भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि राजिम में आगामी 24 फरवरी से 5 मार्च तक राजिम कुम्भ कल्प आयोजित है। मंत्री श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को कुम्भ कल्प के लिए की जा रही तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने सांस्कृतिक पंचांग की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि पंचांग में प्रदेश में आयोजित होने वाले सभी 84 मेले एवं महोत्सवों की जानकारी दी गई है।
- -मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राम मंदिर पहुंच प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित किए पीले अक्षत और निमंत्रण पत्र-राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर-राजिम कुंभ की लौटेगी भव्यता, देशभर के साधु-संत शामिल होंगे-24 फरवरी से 8 मार्च तक होगा भव्य आयोजन-राजिम कुंभ कल्प को रामोत्सव के रूप में मनाने की अपीलरायपुर/ छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम में त्रिवेणी संगम पर राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। राजिम कुंभ कल्प का आयोजन आगामी 24 फरवरी से 8 मार्च तक होगा। धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प में पधारने का प्रथम निमंत्रण आज रायपुर के वीआईपी चौक स्थित श्री राम मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर उनके चरणों में पहला निमंत्रण पत्र अर्पित किया।हिंदू धर्म में लोग अपने मांगलिक कार्यों का निमंत्रण सबसे पहले अपने ईस्ट देवता व कुल देवता को देते हैं। इसका कारण कुल परंपरा व शास्त्रीय विधान है। उद्देश्य है कि हम जो मांगलिक कार्य करने जा रहे हैं उसे सभी देवी-देवता सफल बनाएं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प का पहला न्यौता प्रभु श्री राम को देते हुए राजिम कुंभ के सफल आयोजन की कामना की।संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन के दौरान तीन पुण्य स्नान क्रमशः 24 फरवरी माघ पूर्णिमा, 4 मार्च माता जानकी जयंती और 8 मार्च महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होंगे। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद राजिम कुंभ की भव्यता फिर से लौटेगी। राजिम कुंभ में देशभर से बड़ी संख्या में साधु-संतों पीठाधीश्वर, मठाधीश, महात्मा, शंकराचार्य राजिम कुंभ में पधारेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्षों बाद अयोध्या में श्री रामलला की घर वापसी हुई है। इसको पूरे देशभर में उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने राजिम कुंभ कल्प को भी रामोत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। देश-प्रदेश के श्रद्धालु गणों के आगमन से राजिम कुंभ कल्प का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ होगा।
- -सामुदायिक भागीदारी से भोजन को अधिक पोषक बनाने की पहल-न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगारायपुर / छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की अभिनव पहल की गई है। शाला अवधि में विद्यार्थियों को भोजन प्रदाय करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना गाईडलाईन में सामुदायिक आधार पर तिथि भोजन के प्रावधान के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में इसे ‘न्योता भोजन’ के नाम से लागू करने का निर्णय लिया गया है।न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन, स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं अथवा अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकेंगे। न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगा, बल्कि यह विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन का पूरक होगा।राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महानदी भवन नवा रायपुर, अटल नगर से आज इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ‘न्योता भोजन’ के संबंध में विस्तृत निर्देश प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के दिशा निर्देश के अध्याय 12 में ‘तिथि-भोजन’ के नाम से दिये गये हैं, इसका पालन करना भी सुनिश्चित करें।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि ‘न्योता भोजन’ की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों/त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते है। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। ध्यान रहे न्योता भोजन शाला में दिये जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल शाला में प्रदान किये जाने वाले भोजन का पूरक है।प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिये छत्तीसगढ़ राज्य में न्योता भोजन की अवधारणा रखी गई है, जिसमें प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना से लाभांवित हो रहे बच्चों को अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान किया जा सकेगा। इसके तहत समुदाय के सदस्य किचन के बर्तन भी उपलब्ध करा सकते है।संभावित दाताओं की पहचान- समुदाय में ऐसे दान दाताओं की पहचान की जा सकती है जो रोटेशन में माह में कम से कम एक दिन शाला में ‘न्योता भोजन’ करा सके। दान दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें शाला की प्रार्थना सभा अथवा वार्षिक दिवस में सम्मानित किया जाए। भोजन दान की प्रकृति को महादान के रूप में प्रचारित किया जाना चाहिए, जिसमें पूरे विद्यालय अथवा किसी कक्षा विशेष के बच्चों को ‘न्योता भोजन’ कराया जाता है। ‘न्योता भोजन’ के दिन दान-दाता को शाला में आमंत्रित किया जाए। ‘न्योता भोजन’ की घोषणा प्रार्थना के दौरान की जाए। घोषणा में दान-दाता के नाम की भी घोषणा की जा सकती है अथवा उन्हें आमंत्रित किया जा सकता है। file photo‘न्योता भोजन’ के अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली सामग्रियां- प्रदान की जाने वाली सामग्री में शाला के लिये पूर्ण भोजन, कक्षा विशेष के लिये पूर्ण भोजन अथवा अतिरिक्त पोषण आहार हो सकता है। इसके अतिरिक्त पूर्ण या अतिरिक्त पोषण हेतु सामग्री प्रदान की जा सकती है जिसे शाला के रसोईयों के द्वारा बनाकर बच्चों को परोसा जा सकता है। दान-दाताओं द्वारा प्रदान किया जाने वाला खाद्य पदार्थ अथवा सामग्री उस क्षेत्र के खान-पान की आदत (फुड हैबिट) के अनुसार होनी चाहिए। पूर्ण भोजन की स्थिति में नियमित रूप से दिये जाने वाले भोजन के समान बच्चों को दाल, सब्जी और चावल सभी दिया जाना है। फल, दूध, मिठाई, बिस्किट्स, हलवा, चिक्की, अंकुरित खाद्य पदार्थ जैसे सामग्री, जो बच्चों को पसंद हो का चुनाव अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। पौष्टिक एवं स्वादिष्ट मौसमी फलों का चयन भी पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। मौसमी फल अपेक्षाकृत सस्ते एवं पौष्टिक होते है। शाला में बच्चों से पूछकर भी ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची तैयार की जानी चाहिये जो बच्चे ‘न्योता भोजन’ में खाना चाहते हो। इस सूची को दान-दाताओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे बच्चों के पसंद की खाद्य सामग्री का अपने बजट के अनुसार चयन कर बच्चों को ‘न्योता भोजन’ में उपलब्ध करा सकें। ‘न्योता भोजन’ हेतु किसी प्रकार की कैश, चेक शाला द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।न्योता भोजन’ की आवृति एवं भागीदारी की भावना- समुदाय की शाला में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिये समुदाय के सदस्यों के मध्य माह में कम से कम एक दिन स्वच्छता एवं स्वच्छता प्रोटोकाल का पालन करते हुये ‘न्योता भोजन’ को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। ‘न्योता भोजन’ में बच्चे एक साथ बैठ सकते है और सही मायने में भोजन, अतिरिक्त खाद्य पदार्थों का आनंद उठा सकते है।शाला प्रबंधन समिति की भूमिका- शाला प्रबंधन समिति की बैठकों के दौरान ‘न्योता भोजन’ के प्रावधान, दान-दाताओं की पहचान, ‘न्योता भोजन’ की समय सारणी पर चर्चा की जाए। ‘न्योता भोजन’ के दौरान बच्चों को प्रदान किये जाने वाले खाद्य पदार्थों के प्रकार और मात्रा पर बैठकों में चर्चा की जाए। सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य खाद्य पदार्थों को उपलब्ध कराने में पर्याप्त सावधानी बरती जाए।‘सबका प्रयास’- सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु, ‘न्योता भोजन को बढ़ाने के लिये ‘सबका प्रयास’ अवधारणा का उपयोग किया जाना चाहिये। सबका प्रयास, समुदाय का एक प्रयास हो सकता है। इसके लिये समुदाय को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों के लिये अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के प्रावधान के पोषण संबंधी लाभ से अवगत कराया जाए। इसमें मौसमी फल जो कम कीमत वाले और विटामिन तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर हों, बच्चों को दिया जा सकता है। ‘न्योता भोजन’ के तहत अतिरिक्त भोजन प्रदान करने में रूचि रखने वाले सभी समुदाय के सदस्यों के लिये शाला स्तर पर एक रोस्टर तैयार किया जा सकता है। अधिकतम योगदान देने वाले समुदाय के सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया जा सकता है। वास्तव में सबका प्रयास के माध्यम से सभी समुदाय के सदस्य या तो पूर्ण भोजन के रूप में खाद्य पदार्थ या फल, मिष्ठान आदि उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। न्योता भोजन की अवधारणा को सफलतापूर्वक जनांदोलन बनाया जाए।पहल की निगरानी- प्रदान किये गये भोजन की संख्या और प्रकार, अतिरिक्त खाद्य सामग्री और आवधिकता की जानकारी, संधारित करने के लिये, एक रजिस्टर रखा जाए। शाला से विकासखण्ड कार्यालय में भेजे जाने वाले मासिक प्रपत्र में न्योता भोजन की जानकारी दी जाए। जिस तिथि में ‘न्योता भोजन’ प्रदान किया जाता है उस तिथि में विकासखण्ड स्तर पर न्योता भोजन अन्तर्गत विस्तृत जानकारी की प्रविष्टि की की जाए। इसकी प्रविष्टि राज्य साफ्टवेयर में की जाएगी। ‘न्योता भोजन’ तीन प्रकार के हो सकते है- पूर्ण भोजन (शाला की सभी कक्षाओं हेतु), आंशिक पूर्ण भोजन (शाला के किसी कक्षा विशेष हेतु), अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री।
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*2.92 लाख आवेदन मिले, 70 प्रतिशत ऑनलाईन एण्ट्री*
*पर्याप्त आवेदन उपलब्ध, बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं*
*खरीदी-बिक्री करते पाये गये तो होगी कठोर कार्रवाई*
बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बैठक लेकर महतारी वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को अवकाश के दिन में भी निर्धारित केन्द्रों पर भरे-भराये आवेदन लिये जाएंगे। उन्हें आवेदन उपलब्ध भी कराए जाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में महतारी वंदन योजना के फार्म महिला एवं बाल विकास विभाग के पास उपलब्ध हैं। वितरण केन्द्रों में इन्हें फ्री में उपलब्ध कराया जा रहा है। इन्हें शुल्क लेकर उपलब्ध कराये जाने संबंधी यदि शिकायत मिली तो संबंधित पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। च्वाईस सेन्टर अथवा सीएससी द्वारा शुल्क लिये जाने की सूचना मिली तो उनका आईडी जब्त कर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी। केन्द्रों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालयों में भी आवेदन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
बैठक में बताया गया कि जिले में योजना के अंतर्गत 15 फरवरी तक 2.91 लाख आवेदन मिले हैं। इनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा आवेदनों की ऑनलाईन एण्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। नगर निगम बिलासपुर सहित तखतपुर, बिल्हा में एण्ट्री की अत्यंत धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए अतिरिक्त मेनपाॅवर लगाकर दो दिन में 90 प्रतिशत तक ले जाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नगर निगम को योजना के अंतर्गत 69 हजार 619 आवेदन मिले हैं, उनमें केवल 12 हजार की एण्ट्री हुई है जो कि केवल 17 प्रतिशत बैठता है। कलेक्टर ने कहा कि ये राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने वाली योजना है। इसमें किसी तरह की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार्य नहीं की जायेगी। उन्हेांने ऑनलाईन मोड में भरे गये आवेदनों के सत्यापन में विशेष गंभीरता बरतने की हिदायत दी। आॅफलाईन मोड पर आवेदन सत्यापन का मुख्य जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत सचिव को सौंपी गई है। डीपीओ श्री तारकेश्वर सिन्हा ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार आवेदनों के सत्यापन, दावा आपत्ति तथा पात्र हितग्राहियों की सूची प्रकाशन के लिए अपनायी गई रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन अब 15-17 हजार के लगभग आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। आवेदन लेने की अंतिम तिथि 20 फरवरी तक निर्धारित की गई है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त श्री आरके जायसवाल सहित सभी जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी बैठक में शामिल थे।

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