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- -मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों का होगा सत्यापन-आपराधिक प्रकरण एवं ब्लैक लिस्टेड पाये जाने पर होगी कड़ी कार्यवाहीरायपुर /सचिव सह आबकारी आयुक्त सह प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट कार्पाेरेशन लिमिटेड श्रीमती आर. संगीता ने विगत दिवस आबकारी आयुक्त कार्यालय में मैनपॉवर एजेंसी एवं सुरक्षाकर्मी एजेंसियों की बैठक लेकर सी.एस.एम.सी.एल. द्वारा प्रदेश में संचालित मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति, उपस्थिति, वेतन एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ली । उन्होंने मदिरा दुकानों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यक्तियों की नियुक्ति करने, बायोमेट्रिक पद्धति से उपस्थिति सुनिश्चित करने, प्रति माह वेतन संबंधितों के बैंक खातों में नियत समय पर भुगतान करने व समस्त मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों का नये सिरे से सत्यापन कर आपराधिक प्रकरण में लिप्त पाए जाने एवं ब्लैक लिस्टेड पाये जाने पर तत्काल सेवा से पृथक कर उन पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।बैठक में समस्त मेनपॉवर एजेंसी को मदिरा दुकानों में विधिवत् स्टाक रजिस्टर का अद्यतन संधारण करने, स्कैनिंग कर मदिरा का आमद एवं विक्रय करने, दुकानों के सी.सी.टी.व्ही. कैमरा सदैव चालू रखने तथा तकनीकी खराबी आने पर उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश के साथ-साथ दुकानों में संग्रहित खाली कार्टन को सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश दिये गये।बैठक में आबकारी विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार करने, ग्राहकों के मांग अनुरूप ब्राण्ड की मदिरा का विक्रय करने, ड्यूटी के दौरान निर्धारित यूनिफार्म में आई. कार्ड सहित उपस्थित रहने, निर्धारित समय पर ही दुकान खोलने एवं बंद करने तथा दुकान से प्रति व्यक्ति निर्धारित सीमा के भीतर मदिरा विक्रय किये जाने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की मिलावटी एवं अवैध शराब विक्रय नहीं करने, शराब कोचियों को शराब का विक्रय नहीं करने एवं अधिक दर पर मदिरा विक्रय पर कड़ाई से अकुंश लगाये जाने के संबंध में संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।बैठक में नॉन ड्यूटी पेड, अवैध शराब, बिना स्कैन के शराब पर कड़ाई से नियंत्रण कर अनियमितता पाये जाने पर संलिप्त कर्मचारियों के विरूद्ध गैर जमानती अपराध दर्ज करने के सख्त निर्देश दिये गये। समस्त मेनपॉवर एजेंसियों को मदिरा दुकानों से अधिक दर पर मदिरा विक्रय एवं मिलावटी विक्रय जैसी शिकायतों पर स्व-स्फूर्त कड़ी कार्यवाही करने के संबंध में निर्देशित किया गया। उपरोक्त निर्देशों के पालन नहीं करने वाली एजेंसियों के विरूद्ध नियमानुसार ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही कर अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही करने हेतु विभागीय अधिकारियो को निर्देशित किया गया। ऐसे प्रकरणों में ब्लैक लिस्टेड हुए एजेंसियों की जानकारी अन्य राज्यों से भी साझा करने के निर्देश दिये गये।बैठक में समस्त सुरक्षाकर्मी एजेंसियों को मदिरा दुकानों में निर्धारित यूनिफार्म में सुरक्षाकर्मी की नियमित उपस्थिति बनाये रखने, दुकानों के बाहर वाहनों को व्यवस्थित करने, ग्राहकों की भीड़ को नियंत्रित करने एवं मदिरा दुकानों में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सही तरीके से कार्य नहीं करने पर उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।बैठक में समस्त प्लेसमेंट एवं सुरक्षाकर्मी एजेंसी के विरूद्ध लंबित देयताओं को शीघ्र ही जिम्मेदार एजेंसियों से वसूल कर मदिरा दुकानों के कर्मचारियों का सत्यापन कर ब्लैक लिस्टेड एवं अनाधिकृत कर्मचारियों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में समस्त एजेंसियों को दिनांक 01 अप्रैल 2017 से अब तक ब्लैक लिस्टेड किये गये कर्मचारियों के नाम, पदनाम, मोबाईल नम्बर एवं अन्य विवरण दिनांक 20 फरवरी 2024 तक विभाग को उपलब्ध कराने एवं ऐसे कर्मचारी प्रदेश के किसी भी मदिरा दुकानों में कार्य न करें, इसको सुनिश्चित करते हुए निरंतर सघन जांच करने के निर्देश दिये गये। file photo
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रायपुर। रायपुर में नए एसपी संतोष सिंह ने मंगलवार को पदभार संभाल लिया। अपनी विशिष्ट पुलिसिंग शैली और नशे के खिलाफ 'निजात' अभियान को लेकर देशभर में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले संतोष सिंह इससे पहले बिलासपुर में पुलिस अधीक्षक पद का काम देख रहे थे। 2011 बैच के आईपीएस अफसर संतोष सिंह आईएसीपी पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने महासमुंद एसपी रहते हुए भी नशे के खिलाफ 'निजात' अभियान चलाकर खूब वाहवाही बटोरी है। इसके लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं।
आईपीएस संतोष सिंह का जन्म यूपी के गाजीपुर में हुई है। उन्होंने नवोदय विद्यालय से स्कूली शिक्षा हासिल की है। इसके बाद बीएचयू से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री हासिल की। संतोष सिंह ने जेनएयू से इंटरनेशनल रिलेशन से एमफिल किया। इसके बाद सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी। 2011 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईपीएस बन गए।
- रायपुर। आईपीएस अमरेश मिश्रा ने रायपुर रेंज के आईजी का कार्यभार संभाल लिया है। 2005 बैच के आईपीएस अमरेश मिश्रा इससे पहले रायपुर के एसपी भी रह चुके हैं। केंद्र सरकार में एनआईए में डीआईजी पद से रिलीव होने के बाद आईपीएस अमरेश मिश्रा को छत्तीसगढ़ में नई जिम्मेदारी मिली है। पदभार संभलाने पहुंचे आईजी अमरेश मिश्रा की रेंज मुख्यालय में रायपुर के नए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने अगुवानी की। आईपीएस अमरेश मिश्रा मूलत: बिहार से हैं। बक्सर के एक ब्राम्हण परिवार में 7 फरवरी 1980 को अमरेश मिश्रा का जन्म हुआ। बक्सर में उनकी स्कूलिंग और आईआईटी धनबाद से 2003 में पैट्रोलियम टेक्नोलॉजी में बीटेक की।
- -महिलाएं इसलिए खुश क्योंकि यह उनकी अपनी राशि जिसे वे अपनी रुचि से खर्च करेंगीरायपुर / महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी वंदन योजना लागू की गई है। योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को 1000 रूपए प्रतिमाह डीवीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नारा दिया है कि हमने ही बनाया है हम ही संवारेंगे। एक महिला जब मजबूत होती है तब एक परिवार संवरता है, परिवार के संवरने से समाज संवरता है और समाज के संवरने से राज्य संवरता है इसलिए मोदी जी ने महतारी वंदन योजना की गारंटी दी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे शुरू किया ताकि महिलाओं के परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें सम्मान स्वरूप स्नेह राशि भेंट की जाए।महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की परंपरा रही है कि यहां बेटियों को अगाध स्नेह और सम्मान दिया जाता है। बेटियों का हर घर में विशेष स्थान होता है। तीज-त्यौहारों में बेटियों और बहनों को स्नेह से भेंट और राशि दी जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की लाखों महिलाओं का मान-सम्मान बढ़ाया है। सरकार ने स्नेह स्वरूप महिलाओं को सालाना 12 हजार रूपए देने का निर्णय लिया है इससे महिलाओं में खासा उत्साह है। महतारी वंदन योजना लागू होने से महिलाओं के विश्वास की जीत हुई है। अब उनकी छोटी-छोटी ख्वाहिशें अधूरी नहीं रहेंगी। राज्य भर में महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में खुशी का माहौल है। महिलाओं को इस योजना ने उम्मीद की एक ऐसी किरण दी है जिससे उनके आगे की राह प्रशस्त होगी।बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम वेद परसदा निवासी श्रीमती प्रीति सिंह ने भी महतारी वंदन योजना के लिए आज फॉर्म भरा है। उन्होंने बताया कि वैसे तो उनके पति उनकी हर जरूरत पूरी करते हैं। उनसे स्नेह भी बहुत करते हैं, लेकिन कहीं न कहीं उन्हें इस बात की कसक थी कि उनकी स्वयं की कोई पहचान नहीं है। उनकी खुद की कोई आय नहीं है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि उन्हें पहचान दिलाएगी। वे अपनी-अपनी छोटी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेगी। श्रीमती गायत्री आदित्य का कहना है कि हम महिलाएं चौबीसों घंटे घर का काम करती हैं लेकिन इसके एवज में हमारे परिश्रम और त्याग के लिए हमें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हमारी सुध ली है और महतारी वंदन योजना के जरिए हमारे श्रम का सम्मान किया है। सरकार ने नाम भी कितना अच्छा रखा है महतारी वंदन, यह हमारे परिश्रम का सम्मान है। कुछ ऐसे ही विचार श्रीमती गणेशी देवांगन के भी हैं। वे कहती है इस योजना से निश्चित स्प से हमारी दशा और दिशा बदल जाएगी। हम आर्थिक रूप से सबल होंगे। श्रीमती वीरस सूर्यवंशी का कहना है कि कई बार पैसों के अभाव में हमारी ख्वाहिशें अधूरी रह जाती थीं, हमें परिस्थितियों से समझौता करना पड़ता था लेकिन महतारी वंदन योजना से हमारी ख्वाहिशें को पूरा करने सरकार हमें सम्मान राशि प्रदाय करेगी।
- - बलौदाबाजार जिले के 1 लाख 56 हजार 713 किसानों ने 8 लाख 72 हजार 163 मे.टन का बेचे अपना धान-किसानों को 19 सौ करोड़ 40 लाख रूपये से अधिक राशि का हुआ भुगतान-पिछली वर्ष की तुलना में 7 हजार 547 किसानों ने बेचे अपने धान, 2 लाख 53 हजार 557 में.टन की हुई अधिक धान की खरीदी-निर्विवाद रूप से धान खरीदी होने पर कलेक्टर ने जताया आभारबलौदाबाजार। धान खरीदी के अंतिम दिन 97 उपार्जन केन्द्रों में कुल 823 किसानों ने 13 हजार 660 क्विंटल धान बेचकर धान खरीदी त्यौहार का समापन किया। 1 नवम्बर से प्रारंभ हुई धान खरीदी के तहत जिले के 1 लाख 56 हजार 713 किसानों से 8 लाख 72 हजार 163 मे..टन धान खरीदी की गई है। जिसके एवज में सभी किसानों को कुल 19 सौ करोड़ 40 लाख 4 हजार 32 रूपये राशि का भुगतान किया गया है। इस वर्ष धान खरीदी की समुचित व्यवस्थाओं से किसान काफी गदगद हुए है। उन्होंने शासन की खरीदी व्यवस्था की तारीफ करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।जिले के खाद्य अधिकारी विमल दुबे ने बताया कि जिले में 1 लाख 60 हजार 817 किसान पंजीकृत थे। जिसमें 166 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 1 लाख 56 हजार 713 किसानों ने 8 लाख 72 हजार 163 मे.टन धान बेचे है। जो कि कुल रकबा का 97.45 प्रतिशत है। जिसमें मोटा धान 2 लाख 15 हजार 714 मे.टन, पतला 5 हजार 542में.टन एवं सरना 6 लाख 50 हजार 907 मे.टन शामिल है। इसके साथ ही 91 प्रतिशत धान का उठाव उपार्जनों केन्द्रों से किया जा चुका है। आने वाले दिनों में उक्त उठाव 100 प्रतिशत हो जायेगी।इसी तरह जिले के 15 सहकारी बैंक शाखाओं के माध्यम किसानों के खाते में 19 सौ करोड़ 40 लाख 4 हजार 32 रूपये राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है। लाभान्वित किसानों में शाखा कोसमंदी के 5923 किसानों को 67 करोड़ 86 लाख रूपये,पलारी 6159 किसानों को 70 करोड़ 9 लाख 83 हजार रूपये, निपनिया 11086 किसानों को 1 सौ 40 करोड़ 98 लाख 31 हजार रूपये, कोदवा 10182 किसानों को 1 सौ 22 करोड़ 81 लाख 51 हजार रूपये, वटगन 6532 किसानों को 83 करोड़ 72 लाख 9 हजार रूपये, भटभेरा 8457 किसानों को 99 करोड़ 44 लाख 2 हजार रूपये, कसडोल 13714 किसानों को 1 सौ 59 करोड़ 64 लाख 8 हजार रूपये, हथबंद 8346 किसानों को 100 करोड़ 85 लाख 79 हजार रूपये, भाटापारा 12415 किसानों को 1 सौ 46 करोड़ 95 लाख 1 हजार रूपये, लवन 13739 किसानों को 1 सौ 59 करोड़ 83 लाख 51 हजार रूपये, टुण्डरा नवीन 9838 किसानों को 1 सौ 14 करोड़ 58 लाख 4 हजार रूपये, बलौदाबाजार 17156 किसानों को 2 सौ 7 करोड़ 85 लाख 38 हजार रूपये, सिमगा 15679 किसानों को 1 सौ 80 करोड़ 56 लाख 43 हजार रूपये, बया 9442 किसानों को 1 सौ 52 करोड़ 79 लाख 56 हजार रूपये एवं रोहांसी 8046 किसानों को 96 करोड़ 4 लाख 67 हजार रूपये राशि का भुगतान किया गया है।गत वर्ष की तुलना में जिले में इस वर्ष 7 हजार 547 अधिक किसानों अपने धान बेचे है। इसी तरह पिछले वर्ष की तुलना में रिकार्ड तोड़ 2 लाख 53 हजार 557 मे.टन धान की खरीदी की गई है।कलेक्टर ने धान खरीदी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति जताया आभार कलेक्टर चंदन कुमार ने जिलें मे निर्विवाद पूर्ण तरीके से धान खरीदी होने पर खरीदी में लगे विभिन्न विभागों के सभी मैदानी कर्मचारी, अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशो के अनुरूप धान खरीदी में किसी भी किसान को कोई तकलीफ न हो इसका मैदानी कर्मचारियों ने विशेष ध्यान रखा। सभी ने बहुत मेहनत किया जिसका ही परिणाम है कि धान खरीदी में कोई बड़ी समस्याओं का सामना जिले में नहीं करना पड़ा। किसानों के लिए बारदानों से लेकर किसानों के पीने की पानी तक कि व्यवस्था सुचारू रूप से किया गया था जो कि काबिलेतारीफ है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत राजिमवाले का सोमवार को निधन हो गया है। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। कुछ साल पहले उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। आज मारवाड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। डॉ. श्रीकांत राजिमवाले ने लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दीं। वे छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिंल और फार्मेसी काउंसिल में रजिस्टार के पद पर भी रहे। कोरोना संक्रमण काल के दौरान वे प्रदेश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम के इंचार्ज थे।
- खेलों को बढ़ावा देने मद्कूद्वीप में बनाया जाएगा खेल परिसरउप मुख्यमंत्री ने कबड्डी प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साहरायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव रविवार को मुंगेली जिले के मद्कूद्वीप में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में शामिल हुए। श्री साव ने इस मौके पर कहा कि मद्कूद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने वहां खेल परिसर बनाने की भी बात कही। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल से टीम वर्क और नेतृत्व की भावना बढ़ती है तथा जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। खेल से स्वस्थ शरीर एवं मस्तिष्क का विकास होता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मद्कूद्वीप में कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता टीमों को पुरस्कृत किया। उन्होंने खिलाड़ियों को शील्ड एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। प्रतियोगिता की विजेता टीम को 15 हजार रुपए और उप विजेता टीम को 11 हजार रुपए प्रदान किए गए। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को क्रमशः 5100 रुपए और 3100 रुपए का पुरस्कार दिया गया। श्री साव ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजक समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा के विधायक श्री धरमलाल कौशिक और मुंगेली जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती अम्बालिका साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में कबड्डी प्रेमी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -ऑनलाईन आवेदन सिर्फ विभाग के वेब पोर्टल और मोबाइल एप्प से करें-आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत सचिव, सीडीपीओ और वार्ड प्रभारी के माध्यम से भी किया जा सकता है आवेदनरायपुर। महिला बाल विका विभाग ने महतारी वंदन योजना में आवेदन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहे फर्जी लिंक से महिलाओं को सावधान रहने की अपील की है। विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विभाग द्वाराwww.mahtarivandan.cgstate.gov.inऔर मोबाइल ऐप जारी किया गया है, इस लिंक और एप्प पर महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। आवेदन के लिए किसी भी तरीके का शुल्क नही देना है। इसके अलावा महिलाएं अपने इलाके के आगंनबाडी़ केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और वार्ड प्रभारी से संपर्क कर उनके लॉगिन यूजर आईडी से आवेदन कर सकती है।महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र आवेदकों को फॉर्म भरने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा फर्जी लिंक सोशल मीडिया में वायरल किया गया है। महिलाओं के मोबाइल, व्हाट्सअप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम सेhttps://www.mahtarivandanyojana.info/beneficiary-applyनाम से लिंक आएं तो इस लिंक का उपयोग नही करें। विभाग द्वारा आवेदन के लिए किसी भी निजी संस्था अथवा व्यक्ति को अधिकृत नही किया गया है।
- रायपुर ।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सोमवार को पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अम्बेडकर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड तथा गहन चिकित्सा इकाई (इंटेंसिव केयर यूनिट) का निरीक्षण कर उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्री जायसवाल ने मेडिसिन वार्ड में भर्ती एवं उपचाररत मरीजों के स्वास्थ्य के संबंध में उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के दौरान मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया कि उनका उपचार अस्पताल में बेहतर ढंग से हो रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अम्बेडकर अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण करते हुए वहां भर्ती गंभीर मरीजों के उपचार की जानकारी लेते हुए उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए यथासंभव हर प्रयत्न करने के निर्देश ड्यूटीरत चिकित्सकों को दिए। क्रिटिकल केयर यूनिट में विगत 28 दिसम्बर से भर्ती एवं गंभीर दुर्घटना के शिकार मरीज के परिजन ने स्वास्थ्य मंत्री को जानकारी दी कि मरीज जिस स्थिति में यहां आया था उसके बाद अब उसमें काफी सुधार हुआ है जिससे वे अस्पताल की उपचार व्यवस्था को लेकर संतुष्ट हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने डायलिसिस यूनिट का अवलोकन करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।वार्डों के निरीक्षण के उपरांत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों तथा विभागाध्यक्षों की बैठक लेते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विभाग का मंत्री बनने के बाद अम्बेडकर अस्पताल का यह दूसरी बार निरीक्षण है। प्रथम बार के औचक निरीक्षण के पश्चात् व्यवस्था में काफी बदलाव हुए हैं जो संतोषप्रद है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल की बेहतरी की दिशा में प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. तृप्ति नागरिया एवं अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के आने के पूर्व ही वाटर कूलर, पंखे एवं कूलरों की व्यवस्था वार्डों एवं ओपीडी में पर्याप्त संख्या में होनी चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो। उन्होंने चिकित्सालय में संचालित लिफ्ट की व्यवस्था को और भी बेहतर तथा सुगम बनाने के निर्देश दिए।श्री जायसवाल ने बैठक में कहा कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक मेडिकल उपकरण, ओटी काम्प्लेक्स के उन्नयन एवं रेडियोलॉजी के जांच की मशीन के संबंध में अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर मांग पत्र पुनः भेजें जाएं ताकि भविष्य में मरीजों को ऑपरेशन, पैथोलॉजी बायोकेमिस्ट्री व माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी जांच एवं रेडियोलॉजी जांच के लिए इंतज़ार न करना पड़े। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा के मद्देनज़र पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा अस्पताल के निरीक्षण एवं बैठक के दौरान विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग डॉ. निधि पांडे, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विनित जैन, विभागाध्यक्ष एनेस्थीसिया डॉ. प्रतिभा जैन शाह, विभागाध्यक्ष बायोकेमिस्ट्री डॉ. पी. के. खोडियार, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वी. कापसे, मेडिसिन विभाग के डॉ. योगेन्द्र मल्होत्रा, सर्जरी विभाग के डॉ. संतोष सोनकर समेत प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती रंजना ध्रुव उपस्थित रहीं।
- -रोजाना की आर्थिक जरूरतों का सहारा बनेगी महतारी वंदन योजना: नीता राठौर-महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साहरायपुर। महतारी वंदन योजना को लेकर प्रदेश की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों में बड़ी संख्या में योजना का फॉर्म भरने पहुंच रही हैं। रायगढ़ केलो विहार कालोनी की नीता राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं से जो वादा किया था, वह अब पूरा होने जा रहा है। महतारी वंदन योजना से हम जैसी विवाहित महिलाओं को अब एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना रोजाना की आर्थिक जरूरतों का सहारा बनेगी। बच्चों की ट्यूशन फीस से लेकर राशन, स्वयं के पोषण आहार सहित घरेलू अन्य चीजों के लिए इस राशि से बड़ी मदद मिलेगी।रायगढ़ की श्रीमती दुरपति बरेठ कहती हैं कि सालाना 12 हजार रुपए मिलेंगे। यह हमारी रोज की छोटी मोटी जरूरतों, बच्चों के लिए लगने वाले दवाई, उनकी कापी-पुस्तकों के लिए काफी मददगार साबित होगी। रंजीता प्रधान ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से हम अपनी स्वयं की जरूरतें पूरी कर लेंगे। साथ ही अब घर की छोटी-मोटी चीजों के लिए अपने पति को बार-बार बोलना नहीं पड़ेगा। महतारी वंदन योजना से आज हम जैसी महिलाओं में भारी उत्साह है। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं से जो कहा तथा उसे पूरा करके दिखा रहे है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है।
- मोदी की गारंटी अंतर्गत महिला सशक्तीकरण के लिए विष्णु देव साय सरकार द्वारा उठाये गये सबसे बड़े कदम का लाभ लेने पहले ही दिन उमड़ी महिलाओं की भीड़सविता साहू ने कहा कि जिस तरह भाई तीज की राशि देते हैं उसी तरह मुख्यमंत्री श्री साय ने दी महतारी वंदन की राशिरायपुर ।महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आरंभ की गई महतारी वंदन योजना का लाभ लेने पहले ही दिन 1 लाख 81 हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक मद्द को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह दिखाई देने लगा है। आज रायपुर जिले में 13 हजार से अधिक आवेदन आये वहीं सुकमा जैसे प्रदेश के जनजातीय इलाकों में भी पहले ही दिन 1592 महिलाओं ने आवेदन भरा।महिलाओं को आवेदन भरने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए पुख्ता तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा कराई गई थीं। सभी जिलों में कलेक्टरों ने अधिकारियों की बैठक ली थी और निर्देशित किया था कि न्यूनतम समय में आवेदन लेने का काम पूरा किया जाए। प्रक्रिया में अधिक समय न लगे इसके लिए प्रशासन ने पात्रता संबंधी नियमों को बताने के लिए भी कर्मचारी नियुक्त किये थे। साथ ही इसके लिए आवेदन के वक्त लगने वाले जरूरी दस्तावेज बताने के लिए भी कर्मचारी तैनात किए गए है, ताकि आवेदक का आवेदन विधिवत पूरा हो जाए और स्क्रूटनी में किसी तरह की दिक्कत न आये।प्रदेश में हर तरफ महतारी वंदन का माहौल है। धमतरी में रुद्री निवासी लोमेश्वरी ओझा जब फार्म भरने आई तो उन्होंने कहा कि मेरी छोटी-छोटी खुशियां इस राशि से पूरी होगी। मैं अपने बच्चों के लिए भी राशि खर्च कर सकूंगी। रायपुर की सविता साहू ने बताया कि तीज-त्यौहार में उन्हें, मायके से जो भेंट मिलती है, उसको वह मनचाहा खर्च करती हैं। ऐसे में मुझे मुख्यमंत्री श्री साय भी भाई की तरह लग रहे हैं, जो हर महीने तीज की राशि हजार रुपए देंगे।कसडोल विकासखंड के बल्दाकछार के विशेष पिछड़ी जनजाति की तीजबाई कमार ने कहा कि आज मैं आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। आवेदन जमा कर दिया है। मैं मजदूरी भी करती हूँ और अब महतारी वंदन का पैसा भी मुझे मिलेगा। हम सब महिलाएं बहुत खुश हैं और सरकार को धन्यवाद देती हैं।इन जिलों से आये इतने आवेदन- आज महतारी वंदन योजना के लिए बालोद से 3226, बलौदाबाजार से 523, बलरामपुर से 783, बस्तर से 12503, बेमेतरा से 3863, बीजापुर से 710, बिलासपुर से 9329, दंतेवाड़ा से 3980, धमतरी से 3682, दुर्ग से 13997, गरियाबंद से 3723, जांजगीर से 20186, जशपुर से 5367, कांकेर से 2441, कवर्धा से 5796, कोंडागांव से 6836, कोरबा से 5101, कोरिया से 2035, महासमुंद से 7040, मुंगेली से 3263, नारायणपुर से 406, रायगढ़ से 1530, रायपुर से 13155, राजनांदगांव से 8403, सरगुजा से 1089, सुकमा से 1592, सूरजपुर से 13588, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 4605, सक्ती से 1885, खैरगढ़-छुईखदान-गण्डई से 1552, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 955, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1654, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 16656 आवेदन भरे गये।
- रायपुर lविधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय,नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित समिति के सदस्य उपस्थित हैं l
- -विदेशी अधिकारियों को खूब भाया छत्तीसगढ़-अंडर स्टैंडिंग इंडिया मॉड्यूल के तहत छत्तीसगढ़ पहुंचा 16 अधिकारियों का दल-अमेरिका, कजाकिस्तान, सऊदी अरब, बांग्लादेश और नेपाल से आए मित्र देशों के अधिकारी भी हैं शामिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां पहुना स्थित उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे अधिकारियों के अध्ययन दल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पहुंचे सभी अधिकारियों का राज्य में स्वागत किया। मुख्यमंत्री को अध्ययन दल के अधिकारियों ने बताया कि महाविद्यालय में एक वर्षीय पाठ्यक्रम में शामिल 6 सप्ताह के अंडर स्टैंडिंग इंडिया मॉड्यूल के तहत 120 अधिकारियों का दल 8-8 अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रहा है। इसी क्रम में 16 अधिकारियों का दल छत्तीसगढ़ पहुंचा है, जो प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं सहित राज्य में हो रहे विकास कार्याें और गतिविधियों का अध्ययन करेगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने अध्ययन दल के अधिकारियों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताओं सहित जनजातीय बाहुल्य इलाकों के विशेष संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग, महिला सशक्तिकरण के साथ ही विकास से जुड़े विषयों पर अध्ययन दल से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ बहुत सुन्दर प्रदेश है। यहां खनिज सम्पदाओं, वन सम्पदाओं के विपुल भण्डार मौजूद है। प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध छत्तीसगढ़ में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। हम छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं कोे विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रहे है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और अदंरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यो और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से माओवादी आतंकवाद का दायरा सिमट गया है। हमनें माओवादी आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में तेजी लाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजाति बाहुल्य इलाकों में विकास को गति देने के लिए आदिवासी विकास प्राधिकरण बनाए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जनजातीय मंत्रालय बनाया गया था, जो आदिवासी बाहुल्य इलाकों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है। हमने इसी रास्ते पर आगे बढ़ते हुए इन इलाकों के समावेशी की कार्ययोजना तैयार की है, जिसका जल्द ही क्रियान्वयन भी किया जाएगा। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। सड़कों के विस्तार को भी बढ़ावा देना है, जिससे आवागमन सुगम होगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूह बड़ी संख्या में कार्यरत है। पंचायत स्तर पर 10 से 12 महिलाओं का समूह विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ा है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। श्री साय ने कहा कि हमने निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार की महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिए राज्य में महतारी वंदन योजना की शुरूआत की दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दंतेवाड़ा के जावंगा एजुकेशन सिटी और राम कृष्ण मिशन द्वारा आदिवासी युवाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्याें का विशेष रूप जिक्र किया। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि वे इन इलाकों का भ्रमण करेंगे।मुख्यमंत्री से हुई सार्थक चर्चा पर अधिकारियों ने कहा कि भारत को जानने समझने में छत्तीसगढ़ की उनकी यह यात्रा बड़ी लाभदायक सिद्ध होगी। छत्तीसगढ़ से वे नये अनुभव साथ लेकर जाएंगे, जो उनके कार्य क्षेत्र में भी उपयोगी साबित होगी।भारत को जानने निकले विदेशी दल को खूब भाई छत्तीसगढ़ की सुन्दरतामुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से चर्चा के दौरान अध्ययन दल के प्रभारी मेजर जनरल श्री सामर्थ्य नागर ने बताया कि हमने जैसा सोचा था, छत्तीसगढ़ उससे कही अधिक सुन्दर है। उन्होंने बताया कि अध्ययन दल में शामिल पांच मित्र देशों - अमेरिका, कजाकिस्तान, सऊदी अरब, बांग्लादेश और नेपाल के साथी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य खूब भाया है। उन्होंने बताया कि साथी अधिकारी छत्तीसगढ़ की इस सुन्दर यात्रा को लेकर बहुत उत्सुक और खुश हैं।अध्ययन दल में आईपीएस श्री मानविन्दर सिंह भाटिया, एयर कमोडोर श्री भुवन माथुर, ब्रिगेडियर श्री वैभव मिश्रा, श्री वैभव अग्रवाल, श्री एस. सेन, श्री विक्रांत पाटिल, श्री टी. के. मिश्रा, श्री व्ही. गणपति, बांग्लादेश से आए कमोडोर मोहम्मद फैजल हक, सऊदी अरब से कर्नल श्री युसुफ बिन गाजी अल ओतैबी, नेपाल से कर्नल श्री बिमल कुमार बासनेत, कजाकिस्तान से कर्नल श्री जोल्डस नेसिपबायेव, अमेरिका से कर्नल श्री डाना डेमर, डीआरडीओ से डॉ. कमल किशोर पंत, आईएनएएस से श्री कवल सिंह शामिल रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा के नेतृत्व में ध्रुव गोंड समाज बलौदा बाजार के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कोलियारी, जिला बलौदा बाजार-भाटापारा में आगामी 24 फरवरी को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए आमंत्रण दिया। इस अवसर पर श्री मेमसिंह उईके, श्री हेमसिंह ध्रुव, श्री खुमान सिंह मरकाम, श्री सहस नेताम सहित समाज के अन्य सदस्य शामिल थे।
- -मन चंगा तो कठौती में गंगा, अब विकास की आस में मन रंगा, अपने उद्यम को विस्तार दे रहे रविदास समाज के लोग-सोनाधर के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना बनेगा आजीविका का नया आधार-विशाखा बाई बोली महतारी वंदन योजना से सपने होंगे साकाररायपुर ।मन चंगा तो कठौती में गंगा, यह संत शिरोमणि श्री रविदास ने कहा था। यदि ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के आरंभ होने से रविदास समाज के सपनों को पूरा करने की दिशा में आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो गये हैं। अपने व्यवसाय को आगे ले जाने के लिए समाज के लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और अपने उद्यम को विस्तार दे रहे हैं।अभी हाल ही में महासमुंद के झलप में हुए गुरु रविदास महासभा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आपका समाज छोटा जरूर है, लेकिन ताकतवर समाज है, अगर मन में ठान लिया जाए तो हर कार्य संभव हो जाता है। उन्हें सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में महासभा के लोग और प्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर लोग गदगद हो रहे थे।महासम्मेलन में पहुंचे झलप निवासी श्री सोनाधार रौतिया ने कहा कि अब हमें उम्मीद ही नहीं विश्वास है, हम अपने समाज को आगे बढ़ाएंगे। पहली बार कोई मुखिया हमारे महासम्मेलन में पहुंचे हैं। इससे हमें गर्व की अनुभूति हो रही है, इससे हम आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वे एक छोटे से जूते-चप्पल की दुकान के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। लेकिन अब प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से एक नई उम्मीद जगी है।मुझे आसानी से लोन मिलेगा और अपने व्यवसाय को नया रूप दे सकूंगा। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सुधा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। प्रयास विद्यालय में पढ़कर उन्होंने सफलता पाई है। सुधा कहती है कि अब मेरे डॉक्टर बनने का सपना भी जल्द ही पूरा होगा। उन्होंने बताया कि इस अंचल में उनके समाज की वे एकमात्र डॉक्टर हैं। जिस दिन डिग्री मिल जायेगी मैं मुख्यमंत्री से मिलने जाऊंगी।इसी तरह समाज के किसान सफेद सिंह मिर्धा ने बताया कि वे खेती किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 5 एकड़ जमीन है। यहां पानी की समस्या है, वर्तमान सरकार सिकासेर जलाशय से पानी लाने की व्यवस्था करेगी। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में यह काम जरूर पूरा होगा और हम यहां भी खेती को एक उन्नत खेती के रूप में विकसित करेंगे।इसी तरह विशाखाबाई ने कहा कि चिटफंड कंपनी में लगा पैसा मिलने की उम्मीद बन गई है। उन्होंने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब हमें साल में 12 हजार रुपए मिलेंगे। मैं बहुत खुश हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हम गरीब महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आए हैं। उन्हें गाड़ा-गाड़ा जोहार करते है।कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों की आंखों में उम्मीद और नए विश्वास के सपने साफ झलक रहे थे।उत्सुकता और उत्साह के साथ वे मुख्यमंत्री को सुन रहे थे। सभा मे पहुंची सुखवंतीन बाई ने कहा कि मुख्यमंत्री सहज, सरल और विनम्र है। वह हम सबके के मुखिया हैं। सच कहूं तो इस सरकार में विकास की नई उम्मीद बंधी है।
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कलेक्टर ने जारी किया आदेश
बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने शहर में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न मार्गाें से शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के परिवहन एवं उनके समय का निर्धारण किया है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आपातकालीन एंबुलेंस, फायर ट्रक एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की आवागमन को सुचारू रूप से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार ट्रक, मेटाडोर, पिकअप आदि सभी प्रकार के छोटे-बड़े ऐसे वाहन जो व्यापार विहार से आते-जाते है एवं शहर के भीतर सामान खाली करने वाले वाहन रात्रि 11 बजे से सवेरे 6 बजे तक एवं दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक परिवहन कर सकेंगे। इसी प्रकार सभी प्रकार के भारी वाहन एक्सल, मल्टी एक्सल, कोयला परिवहन, कैप्सूल, टेªलर, ट्राला, ट्रक और मेटाडोर जैसे ऐसे मालवाहक वाहन जिन्हें बिलासपुर से आगे की ओर जाना है वे बाईपास मार्ग का प्रयोग करेंगे।
आवश्यक वस्तुओं के परिवहन कार्य में लगे वाहन जैसे पीडीएस, धान, सब्जी, फल, दूध, गैस सिलेण्डर, रेल्वे रेक, डीजल, पेट्रोल एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यक वस्तुओं के परिवहन कार्य में लगे वाहन ट्रक, मेटाडोर, पिकअप आदि सभी प्रकार के वाहन बिलासपुर शहरी क्षेत्र एवं माननीय उच्च न्यायालय मार्ग पर आवासीय परिसर से शहरी क्षेत्र तक के मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। इनके लिए शहरी क्षेत्र सहित माननीय उच्च न्यायालय मार्ग पर परिवहन सवेरे 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक एवं रात्रि 8 बजे से सवेरे 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। भवन निर्माण सामग्रियों का परिवहन करने वाले वाहन बिलासपुर शहरी क्षेत्र किन्तु दिन के समय दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच लिंकरोड में तथा सवेरे 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक मंगला चैक से नेहरू चैक तक भवन निर्माण सामग्री परिवहन वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। इनके लिए सवेरे 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक एवं रात्रि 11 बजे से सवेरे 5 बजे तक का समय निर्धारित किया है। इसी प्रकार सीएसपीडीसीएल (सीएसईबी), नगर निगम, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, पुलिस वाहनों को उपरोक्त प्रतिबंध से छूट होगी साथ ही समय-समय पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा जनहित एवं लोकहित के दृष्टिकोण से छूट प्रदाय वाहनों को भी नियमानुसार परिवहन की सुविधा होगी। -
लम्बे अरसे से नदारद शिक्षकों की सूची तलब
शहर में 12-13 को आयुष्मान कार्ड बनाने अभियान
10 फरवरी को बच्चों को खिलाई जायेगी कृमिनाशक दवा
कलेक्टर ने टीएल बैठक में की महतारी वंदन योजना की समीक्षा
बिलासपुर/कलेक्टर जनदर्शन की तर्ज पर अब सभी एसडीएम भी साप्ताहिक जनदर्शन करेंगे। प्रति बुधवार को सवेरे 11 से 2 बजे तक वे अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, उनका निराकरण करेंगे। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने टीएल की बैठक में आज इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में महतारी वंदन योजना, पीएम जनमन योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य विभागीय लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानदेय एवं कलेक्टर दर पर विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। बैठक में डीएफओ श्री संजय यादव,नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने स्कूलों से लम्बे समय से नदारद शिक्षकों की सूची तलब की है। डीईओ से अगले टीएल की बैठक में लेकर आने को कहा है। कई शिक्षक बरसों से बिना अवकाश स्वीकृति के ड्यूटी से गायब हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। उन पर शिक्षा विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की है। कलेक्टर ने बोर्ड एवं कॉलेज की परीक्षा को ध्यान में रखते हुए कोलाहल नियंत्रण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। श्री शरण ने मिडिल स्कूलों में स्मार्ट पढ़ाई के लिए आये उपकरणों के सेट-अप कर इनका लाभ बच्चों को दिलाने को कहा है। इन्हें स्थापित करने में हो रहे विलंब पर सप्लायर के प्रति रोष प्रकट किया। कलेक्टर ने कोटा ब्लॉक के बैगा आदिवासी बहुल ग्राम कुरदर की उप स्वास्थ्य केन्द्र में बिजली पहुंचाने के निर्देश ऊर्जा विभाग को दिए हैं। कलेक्टर ने 1 जनवरी 2019 से निःशक्तजन कोटा के अंतर्गत चयनित शासकीय कर्मियों के निःशक्तता की जांच मेडिकल बोर्ड से कराने के निर्देश दिए। राज्य शासन द्वारा इस आशय के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि डीएमफ के शासी परिषद की बैठक में जिन कामों को अनुमोदन किया गया है, उनकी प्रशासकीय स्वीकृति के प्रस्ताव संबंधित विभागों को एक सप्ताह में भेजने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 फरवरी को डिवर्मिंग दिवस मनाया जायेगा। स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्रों में 19 साल तक के बच्चों को कृमिनाशक दवाई खिलाई जायेगी। इन दवाईयों को खाली पेट में नहीं खाने और चबाकर खाने की समझाइश दी गई है। प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के अंतर्गत बिलासपुर शहर में 12 एवं 13 फरवरी को आयुष्मान कार्ड बनाने का दो दिवसीय अभियान चलाया जायेगा। राशन दुकानों में भी ये कार्ड बनाये जाएंगे। केवल बिलासपुर शहर में ही फिलहात 2.14 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड अभी नहीं बना है। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक लेकर भी कलेक्टर ने कार्यों की समीक्षा की और कई प्रस्तावों का अनुमोदन किया। उन्होंने महतारी बंदन योजना के पहले दिन के हालात की जानकारी ली। उन्होंने इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना बताते हुए गंभीरता से पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करने कहा है। -
होंगे 3 काउंटर मंगलवार से शुरू होगा
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट से महत्वकान्क्षी महतारी वंदन योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब योजना को लागू किया जा रहा है। इसके लिए भिलाई निगम के मुख्य कार्यालय तथा सभी पांच जोन कार्यालय में फाॅर्म वितरण एवं जमा लेना प्रारंभ किया जाएगा।
निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने आदेश जारी कर सभी जोन कार्यालय में 3 काउंटर लगाने के निर्देश दिए है। योजना के तहत विवाहित महिलाओं को शासन की तरफ से हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ शासन ने महतारी वंदन योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे लागू किया जा रहा है। भिलाई निगम क्षेत्र के महिला हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के लिए निगम मुख्य कार्यालय सुपेला , जोन 01 नेहरूनगर, जोन 02 वैशालीनगर, जोन 03 मदर टेरेसा नगर, जोन 04 शिवाजी नगर खुर्सीपार, जोन 05 सेक्टर 06 कार्यालय सहित परियोजना कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग जुनवानी में तीन काउंटर लगाए जाएंगे। कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से 4 बजे तक हितग्राहियों की सुविधा के लिए काउंटर खुले रहेगे। पहले काउंटर पर फाॅर्म वितरण, दूसरे काउंटर पर हितग्राही द्वारा दिए गए फाॅर्म की स्क्रूटनी एवं तीसरे काउंटर में फॅार्म को जमा लिया जाएगा।
इस योजना के तहत राज्य की विवाहित महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह यानि कि वर्ष मे 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। योजना के लागू होने से महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ आगे बढ़ेगा।
आवश्यक दस्तावेज
हितग्राहियों को आवेदन के जन्म प्रमाण पत्र, निवास हेतु सक्षम प्राधिकारी से जारी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, आवेदिका का आधार कार्ड, विधवा होने की स्थिति मे पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आवेदिका के पति का पेन कार्ड व आधार कार्ड, परित्यक्ता/ तलाक शुदा होने की स्थिति मे प्रमाण पत्र, विवाहित महिला द्वारा स्वघोषणा शपत पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना होगा। -
विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल
रायपुर। उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य व स्कूली व शालेय शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नव निर्मित “स्वामी विवेकानंद सरोवर-बूढ़ातालाब पथ“ का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में विधायक (उत्तर) श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक (ग्रामीण) श्री मोतीलाल साहू, नगर निगम आयुक्त व स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक श्री अबिनाश मिश्रा, नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चौबे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व जे.आर. दानी स्कूल के शिक्षक व छात्र-छात्राएं शामिल रहें। इस मार्ग के प्रारंभ हो जाने से अब स्कूली छात्राओं व अन्य लोगों को कम दूरी तक गंतव्य तक जाने सुरक्षित व सुगम पथ उपलब्ध हो गया है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी व छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय जन सुविधाओं को आम नागरिकों तक त्वरित गति से पहुंचाने संकल्पित भाव से अग्रसर है। स्वच्छता व अन्य बुनियादी जन सुविधाओं को पूरा करने शहरी प्रशासन अब केन्द्र व राज्य शासन के मार्गदर्शन में तेजी से काम कर रही है। अपने उद्बोधन में कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जन आकांक्षाओं के अनुरूप केवल एक माह के भीतर इस मार्ग का निर्माण कर इसे आम लोगों को लोकार्पित करने के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी की सराहना की और उन्होंने विश्वास दिलाया कि सुशासन की राह में तेज चलकर जनता की सेवा में जुटी राज्य सरकार रायपुर सहित अंचल के विकास में राशि की कभी कोई कमी नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस पथ निर्माण से अब आम नागरिक भी राह चलते बूढ़ातालाब की विरासत को करीब से देख पाएंगे। नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चौबे ने छात्राओं व उनके पालकों की अपेक्षाओं को पूरा करने बूढ़ातालाब परिसर के भीतर इस पथ निर्माण के लिए मंत्री श्री अग्रवाल के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि नगर विकास में उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री श्री साव का पूर्ण सहयोग रायपुर की शहरी प्रशासन को हमेशा मिलेगा। कार्यक्रम में जे.आर. दानी छात्रसंघ अध्यक्ष ईशिता शर्मा, उपाध्यक्ष तालेश्वरी ध्रुव ने भी शाला आगमन पर अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त व स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक श्री मिश्रा ने बताया कि आम नागरिकों की सुविधा हेतु लगभग 85 लाख रुपए की लागत से इस आंतरिक पथ का निर्माण रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने लगभग 1 माह के भीतर पूर्ण किया है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के ए.एच.पी. एवं बी.एल.सी. के 22 हितग्राहियों को आबंटन संबंधी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, साथ ही अतिथियों द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के व्यक्तिगत व समूह लोन हेतु राशि अंतरण के 15 चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में जे.आर. दानी स्कूल के प्राचार्य डॉ. विजय खंडेलवाल ने छात्राओं की प्रतीक्षित मांग को त्वरित रूप से पूरा करने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री साव, कैबिनेट मंत्री श्री अग्रवाल व समस्त जनप्रतिनिधियों व स्मार्ट सिटी प्रबंधन के प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में उपनेता प्रतिपक्ष श्री मनोज वर्मा, पार्षद डॉ. सीमा मुकेश कंदोई, श्रीमती सरिता वर्मा, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, श्री मृत्युंजय दुबे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सूर्यकांत राठौर, श्री सुभाष तिवारी, पूर्व सभापति श्री संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, दानी स्कूल के उप प्राचार्य श्री रितेश दीवान, शिक्षक श्री सुरेश अवस्थी सहित स्कूली छात्राएं भी सम्मिलित हुए। -
फॉर्म वितरण के पहले ही दिन रायपुर ज़िले में बंटे 20 हज़ार से ज्यादा आवेदन पत्र
15 हजार 913 महिलाओं ने जमा भी किये आवेदन
रायपुर। राज्य में महतारी वंदन योजना के लिए आज से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे जिले में आज बड़ी संख्या में महिलाएं महतारी वंदन योजना के फॉर्म लेने और जमा करने के लिए केंद्र और शिविर में पहुंची। महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार, परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है।
जिले में ऑनलाईन फॉर्म एवं ऑफलाईन पंजीयन शुरू हो गया है। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर फॉर्म भरने के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो। महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन पत्र भरने की संपूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क है। आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव, बाल विकास परियोजना कार्यालय, नगरीय क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय में फार्म भरे जा रहे हैं। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 है।
योजना हेतु फॉर्म वितरण शुरू होने के पहले ही दिन लगभग 15 हज़ार 913 महिलाओं ने महतारी वंदन योजना हेतु भरे हुए आवेदन पत्र जमा किया है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया है कि जिले भर से कुल 13 हजार 155 आवेदन पहले दिन ही प्राप्त हुए हैं। वहीं रायपुर नगर निगम क्षेत्र में ज़ोन एक से 404 आवेदन, जोन दो से 104, ज़ोन तीन से 702, ज़ोन चार से 215, ज़ोन पाँच से 103, ज़ोन छः से 161, ज़ोन सात से 303, ज़ोन 8 से 189, ज़ोन नौ सें 337 और ज़ोन दस से 240 आवेदन पत्र शिविर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जमा हुए हैं। इस प्रकार कुल 15 हजार 913 आवेदन पत्र पहले ही दिन प्राप्त हुए।
पुरानी बस्ती निवासी श्रीमती रमा सोनकर आज लोक सेवा केन्द्र में महतारी वंदन योजना का फॉर्म लेने पहुंची। उन्होंने बताया कि आज से महतारी वंदन योजना के आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो रही है और इसकी जानकारी मिलने पर वह लोक सेवा केन्द्र में फॉर्म लेने आई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के विषय में बहुत अच्छी पहल है और इस योजना के लिए वह राज्य सरकार का धन्यवाद करती है। श्रीमती सोनकर कहती हैं कि वह योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपने बच्चे के कॉपी-किताब खरीदने और छोटे-छोटे घरेलू खर्चों में उपयोग करेंगे।
महतारी वंदन योजना के तहत फॉर्म आंगनबाड़ी केंद्रों पंचायत स्तर पर शहरी क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी स्तर पर सहित परियोजना कार्यालय जिला कार्यालय में उपलब्ध हैं। विवाह पंजीयन नहीं होने पर स्वघोषणा शपथ पत्र जमा किया जा सकता है। महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि महिला के विवाहित होने के संबंध में यदि उनके पास दस्तावेज उपलब्ध न हो तो वह अपना स्वघोषणा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सकती है। मोबाइल नंबर नहीं होने पर राशन कार्ड की छायाप्रति कर सकते हैं जमा यदि महिला हितग्राही के पास मोबाइल नम्बर नहीं है तो इसके स्थान पर हितग्राही के द्वारा राशन कार्ड की छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर सकती है। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिला को विवाह प्रमाण पत्र राशन कार्ड आधार कार्ड मतदाता परिचय पत्र निवास प्रमाण ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र को शामिल किया गया है। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होंगे। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा तलाकशुदा परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजना अंतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रुपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।
महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र, दस्तावेज स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी वार्ड ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय, पत्र ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। -
रायपुर। हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य को पूरे विश्व में समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस ने मैट्स यूनिवर्सिटी के कला एवं मानविकी अध्ययनशाला, हिन्दी विभाग के प्राध्यापक और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलेश गोगिया के रिसर्च पेपर को विश्व हिन्दी पत्रिका-2023 में भी प्रकाशित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की यह शोध पत्रिका हाल ही में जारी की गई जिसमें विश्व के कोने-कोने से हिंदी विद्वानों, रचनाकारों, शिक्षाविदों, भाषाविदों, तकनीकविदों, अध्येताओं, पत्रकारों आदि के मौलिक शोध पत्र आमंत्रित किये गये थे। इनमें छत्तीसगढ़ से एकमात्र डॉ. कमलेश गोगिया के शोध पत्र ’हिन्दी के प्रचार-प्रसार में भारतवंशियों के योगदान’ को प्रमुखता के साथ स्थान दिया गया है। इस पत्रिका में पूरे विश्व के 35 विद्वानों के शोध आलेख शामिल किए गए हैं। वर्ष 2021 और वर्ष 2022 में भी डॉ. कमलेश गोगिया के अलग-अलग विषयों से संबंधित मौलिक शोध पत्र को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। विश्व हिंदी सचिवलाय, मॉरीशस सरकार और भारत सरकार की द्विपक्षीय संस्था है जिसके द्वारा वर्ष में एक बार प्रकाशित होने वाली वार्षिक शोध पत्रिका में पूरे विश्वभर से शोध आलेख आमंत्रित कर श्रेष्ठ व मौलिक शोध पत्रों को चयनित कर प्रकाशित किया जाता है। डॉ. कमलेश गोगिया हिन्दी पत्रकारिता, हिन्दी भाषा और साहित्य सहित विभिन्न समसामयिक सामाजिक विषयों पर अनुसंधानरत हैं। यह जानकारी मैट्स यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ. रेशमा अंसारी ने दी।.jpeg)
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*महिलाओं में दिख रहा है उत्साह*
*मोबाइल नम्बर नहीं होने पर राशन कार्ड की छायाप्रति कर सकते हैं जमा**विवाह पंजीयन नहीं होने पर स्वघोषणा शपथ पत्र जमा किया जा सकता है*पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा*रायपुर/ राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। आज से राज्य के सभी जिलों में ऑनलाईन फॉर्म एवं ऑफलाईन पंजीयन शुरू हो गया है। महिलाओं में योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है और फॉर्म भर रहे हैं। जिला स्तर पर फॉर्म भरने के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि महिलाओं फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाएं। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 हैं। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि महिला के विवाहित होने के संबंध में यदि उनके पास दस्तावेज उपलब्ध न हो तो वह अपना स्वघोषणा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सकती है। यदि महिला हितग्राही के पास मोबाइल नम्बर नहीं है तो इसके स्थान पर हितग्राही के द्वारा राशन कार्ड की छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर सकती है। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिला को विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, निवास प्रमाण, ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र को शामिल किया गया है।योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होंगे। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजनांतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रूपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दस्तावेज, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी, वार्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र, शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। -
*सभी ग्राम पंचायतों में लगाया गया शिविर*
रायपुर/ महतारी वंदन योजना का लाभ देने के लिए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में महिलाओं का पंजीयन शुरू कर दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मैदानी अमलों के माध्यम से घर-घर सर्वे कर ऑफलाइन आवेदन भरवा रहे हैं। सभी आवेदनों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में शिविर लगाया गया है। सर्वे के दौरान आधार कार्ड, बैंक खाता आदि दस्तावेजों की कमी होने पर शिविर में ही यह दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ग्राम पंचायतों को 10 हजार फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं।उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होंगी। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र हैं। योजना अंतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रुपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने पर शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।महतारी वंदन योजना अंतर्गत 5 फरवरी से ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन का पंजीयन प्रारंभ हो गया है। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी हैं। अनंतिम सूची 21 फरवरी को जारी की जाएगी। अनंतिम सूची पर आपत्ति 21 से 25 फरवरी तक की जा सकती है। आपत्ति का निराकरण 26 से 29 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 1 मार्च को होगा एवं स्वीकृति पत्र 5 मार्च को जारी होगा तथा पात्र महिला हितग्राही को राशि का अंतरण 8 मार्च को किया जाएगा। -
शिविर में बी वन पाठन सहित राजस्व प्रकरणों का होगा निराकरण
महासमुंद। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने सभी अनुभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को हल्का पटवारी स्तर पर ग्राम वार शिविर लगाकर राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए है। जिसके तहत महासमुंद अनुविभागीय अधिकारी श्री उमेश साहू ने महासमुंद अंतर्गत बी-1 पठन पाठन/ अन्य कार्य हेतु शिविर आयोजन करने ग्राम तिथि वार सूची जारी की है। उन्होंने समस्त हल्का पटवारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ ग्रामों के कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर निर्धारित तिथि में आयोजित शिविर में बी-1 पठन पाठन एवं अपने दायित्व से संबंधित कार्य कराएं। साथ ही अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा के मामलो की ऑनलाईन भूईया में दर्ज करना, नवीन ऋणपुस्तिका बना कर प्रदाय करना, भू-अभिलेखो की नकल प्रदाय करना, नक्शा बटांकन एवं सीमांकन हेतु आवेदन प्राप्त कर निराकरण करना,जाति प्रमाण हेतु वशांवली तैयार कर प्रदाय करना एवम राजस्व से संबंधित अन्य कार्य संपादित करना सुनिश्चित करे।
महासमुंद अनुविभाग में जारी सूची के अनुसार 6 फरवरी को निम्न ग्रामों में शिविर लगाया जाएगा। इनमें बरबसपुर, परसकोल, परसट्ठी, घोड़ारी, सोरिद, पाली, सोरम, सिरगिड़ी जामली, बनसिवनी, कुकराडीह, कौवाझर, बेलटुकरी, तुमगांव, भोरिंग, लभराकला, खरोरा, मुढ़ेना, साराडीह, चिंगरौद, गौरखेड़ा, मुरकी, सिंघुपाली, कुर्रूभाठा, झलप, जोरातराई, सिंधौरी, सिंघनपुर, गुढ़ेलाभाठा, पण्डरीपानी, बरेकेलकला, सराईपाली, बिरबीरा, खिरसाली, अमोरा, सिंघनगढ़, भावा, पटेवा, बोडरा, सलीहाभाठा, कोकड़ी, नवागांव, बंबूरडीह, मुड़ियाडीह, सेनकपाट, अछोला, खट्टीडीह, गुढे़लाभाठा एवं मोहकम शामिल है।
बागबाहरा अनुभाग अंतर्गत कल से शिविरों का आयोजन
अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती सृष्टि चंद्राकर ने बताया कि बागबाहरा अनुभाग अंतर्गत 6 फरवरी को ग्राम बंसुलाडबरी, मोंगरापाली (रे), खेमड़ा, बोड़रीदादर, सुवरमाल, घोयनाबाहरा, बकमा, टेका, कोसमर्रा, टोंगोपानीकला, बोईरगांव, खुर्सीपार, झिटकी, पंडरीपानी, मुनगासेर, पटपरपाली, अरण्ड, खल्लारी, हाड़ाबंद, घूचापालीकला, कोमा, सुखरीडबरी, गबौद, कलमीदादर, सिर्रीपठारीमुड़ा, कमरौद, शिकारीपाली, छुईहा, तेन्दूकोना, बिराजपाली, पतेरापाली, भालूचुंवा, आंवराडबरी, एम.के. बाहरा, बिहाझर, खुटेरी, डुमरपाली एवं धरमपुर में शिविर लगाया जाएगा। इसी तरह ग्राम स्तर पर प्राप्त आवेदनों का निराकरण पश्चात तहसीलदारों द्वारा ग्राम पंचायतों में 1 मार्च से शिविर लगाए जायेंगे। शिविर में समस्याओं के निराकरण एवं जाति प्रमाण पत्र वितरण की कार्रवाई की जायेगी। -
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के विद्यार्थियों का पंजीयन, स्वीकृति व भुगतान विभागीय पोर्टल
https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/
के माध्यम से किया जा रहा है। आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त ने बताया कि पात्रता रखने वाले ऐसे विद्यार्थी जो संस्था परिवर्तन, संस्था व पाठ्यक्रम दोनों में परिवर्तन करना चाहते हैं। वे 07 फरवरी तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी कांकेर (कलेक्ट्रेट कांकेर) की छात्रवृत्ति शाखा में आवेदन कर सकते हैं।



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