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- -पुलिस मुख्यालय ने किया परिपत्र जारीरायपुर /पुलिस कर्मचारियों की कार्य की प्रवृत्ति एवं कार्य के दबाव को दृष्टिगत रखते हुए मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ आरक्षक से निरीक्षक स्तर के पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक दिवस का साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ से जारी परिपत्र के अनुसार थाना एवं जिले में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल की कंपनियों में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश देने की प्रक्रिया तय कर दी गई है।थाने में पदस्थ कर्मियों के लिए एक दिवसीय साप्ताहिक अवकाश प्रारंभिक तौर पर आरक्षक से निरीक्षक स्तर के अधिकारियों/कर्मचारियों को देय होगा। नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्र में पदस्थ जिला पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश के स्थान पर 3 माह में एक बार 8 दिवस का अवकाश दिया जायेगा।थाने में पदस्थ कर्मियों को रात्रि ड्यूटी करने के पश्चात् पूरे 24 घंटे का अवकाश सप्ताह में एक बार दिया जायेगा। यानि कोई पुलिसकर्मी यदि रात्रि ड्यूटी करने के पश्चात् जाता है, तो उसे उस दिन एवं अगले दिन की प्रातः गणना तक उपस्थिति से छूट मिलेगी। यह साप्ताहिक अवकाश रात्रि ड्यूटी के पश्चात् प्रारंभ होकर अगले दिन प्रातः गणना/रोलकॉल तक के लिए रहेगा।प्रत्येक पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिले में थाना एवं चौकियों में पदस्थ कर्मियों का इस प्रकार से रोस्टर तैयार करेंगे, जिससे प्रत्येक पुलिसकर्मी को यह ज्ञात रहे कि उसे कौन से दिन का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। यानि कि मंगलवार को अवकाश दिया जाता है, तो उसे अगले प्रत्येक मंगलवार को ही साप्ताहिक अवकाश दिया जायेगा।यदि किसी कारणवश जैसे व्ही. व्ही.आई.पी. भ्रमण एवं कानून व्यवस्था की संगीन स्थिति के फलस्वरूप प्रत्येक कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जाता है, तो एक दिन की अधिकतम सीमा तक जमा होगी और सुनिश्चित किया जायेगा कि उसे उसी माह में यथासंभव यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाये। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विषम सुरक्षात्मक कारणों से यह अवकाश निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त परिस्थतियों में इकाई प्रमुख का निर्णय अंतिम होगा।अवकाश निरस्त करने की अनुमति संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा ही दी जायेगी एवं उसकी जानकारी संबंधित पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस महानिरीक्षक रेंज को दी जायेगी।छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल की जिलों में पदस्थ कंपनियों के कर्मियों के लिए यह एक दिवसीय साप्ताहिक अवकाश आरक्षक से निरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (कंपनी कमांडर) स्तर के अधिकारियों को देय होगा। नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्र में पदस्थ छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश के स्थान पर 3 माह में एक बार 8 दिवस का अवकाश दिया जायेगा। यह साप्ताहिक अवकाश रात्रि ड्यूटी के बाद से अगले दिन सुबह प्रातः गणना रोलकॉल तक रहेगा।प्रत्येक कंपनी में इस प्रकार का रोस्टर बनाया जाये, ताकि प्रत्येक कंपनी के प्रत्येक जवान को एक नियत दिनांक को साप्ताहिक अवकाश मिल जाये, यानि कि मंगलवार को अवकाश दिया जाता है, तो उसे अगले प्रत्येक मंगलवार को ही साप्ताहिक अवकाश दिया जायेगा।यदि किसी कारणवश जैसे व्ही.व्ही.आई.पी. भ्रमण एवं कानून व्यवस्था की संगीन स्थिति के फलस्वरूप प्रत्येक कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश नही दिया जाता है, तो 01 दिन की अधिकतम सीमा तक जमा होगी और सुनिश्चित किया जायेगा कि उसे उसी माह में यथासंभव यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाये। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विषम सुरक्षात्मक कारणों से यह अवकाश निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त परिस्थतियों में इकाई प्रमुख का निर्णय अंतिम होगा।विषम परिस्थतियों में पुलिस अधीक्षक/सेनानी द्वारा ही अवकाश निरस्त किया जायेगा। इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक/सेनानी एवं रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक को दिया जायेगा।परिपत्र में उल्लेख है कि अवकाश की गणना वर्तमान में प्रचलित प्रथा के अनुसार अपरान्ह में 12.05 पर रवानगी व पूर्वान्ह में 11.55 की वापसी प्रथा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाए एवं सामान्य अवकाश में रवानगी संध्या रोलकॉल के बाद दी जाये व प्रातः गणना/रोलकॉल के समय आमद करायी जाये।साप्ताहिक अवकाश के साथ अन्य अवकाशों का लाभ भी देय होगा परन्तु साप्ताहिक अवकाश पर रवानगी रात्रि ड्यूटी करने के बाद दी जायेगी एवं अन्य अवकाश की गणना अगले दिन से की जायेगी। साप्ताहिक अवकाश की सुविधा किसी अन्य अवकाश के साथ जोड़ी नहीं जायेगी एवं साप्ताहिक अवकाश को आगे नहीं बढ़ाया (Carry forward) जा सकेगा, एवं इसका नगदीकरण (Encashment) नहीं किया जावेगा।उपरोक्त आदेश उन पुलिसकर्मियों पर लागू नहीं होंगे जो पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय में पदस्थ है। इसी प्रकार यह अवकाश पुलिस मुख्यालय/छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल मुख्यालय/रेडियो मुख्यालय/ट्रेनिंग स्कूल एवं अकादमी में पदस्थ पुलिसकर्मियों पर लागू नहीं होंगे।
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-मुख्यमंत्री ने रथ के जरिये अयोध्या भेजा मनोकामना संदेश
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राज्य अतिथि गृह पहुना से राम रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने चिट्ठी में मनोकामना के रूप में 'जय श्री राम' लिखकर रथ के जरिये अयोध्या श्री राम लला के पास भेजा और प्रदेशवासियों के खुशहाल एवं सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ रायपुर कान्वेंट स्कूल की छात्राओं ने भी अपने संदेश ड्राप बॉक्स में डाले। कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के डायरेक्टर श्री मनोज राजपूत, डॉ. ओम माखीजा और श्री प्रेम देवांगन भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि 94.3 माय एफ एम रेडियो चैनल के द्वारा 'एक चिट्ठी सियाराम के नाम' अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत राम रथ राज्य भर में भ्रमण कर प्रदेशवासियों से उनकी मनोकामना हेतु लिखित संदेश चिट्ठी के रूप में एकत्रित करेगा। राम रथ प्रदेश भर से एकत्रित संदेश मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान श्री राम के पास अयोध्या पहुँचेगा और श्रद्धालुओं के लिए आशीर्वाद के रूप में अयोध्या से मिट्टी और प्रसाद लेकर वापस लौटेगा । -
भिलाई/ छ.ग. शासन के पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार नगर पालिक निगम, भिलाई सीमा के अन्तर्गत संचालित पशुवध गृह एवं समस्त मांस विक्रय की दुकानें जनवरी माह के 2 तिथियों में बंद रहेगी। शासन से जारी आदेश के तहत गणतंत्र दिवस 26 जनवरी दिन शुक्रवार एवं महात्मा गांधी पुण्यतिथि 30 जनवरी दिन मंगलवार को समस्त पशुवध गृह जीव हत्या एवं समस्त मांस बिक्री केन्द्र को बंद रखा जाएगा उक्त आदेश का कड़ाई से पालन कराने शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है।
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दुर्ग / उपायुक्त (रा) वास्ते आयुक्त दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार विभागीय परीक्षा 29 जनवरी से 05 फरवरी 2024 तक आयोजित की गई है। विभागीय परीक्षा के सुचारू रूप से सम्पादन हेतु अधिकारी एवं कर्मचारी नियुक्त किया गया है, जिसमें डिप्टी कलेक्टर दुर्ग श्री लवकेश ध्रुव को परीक्षा केन्द्र एवं प्रश्न पत्र प्रभारी और लेखाधिकारी कार्यालय आयुक्त दुर्ग संभाग श्री आर. एल. तारम को सहायक परीक्षा केन्द्र प्रभारी बनाया गया है। इसी प्रकार नायब तहसीलदार दुर्ग श्री अविनाश चौहान एवं नायब तहसीलदार श्री चन्द्रशेखर चंद्राकर को वीक्षक (इन्वीजिलेटर), सहायक ग्रेड-03 श्री एस. अभिषेक एवं सहायक ग्रेड-03 श्री जितेन्द्र कुमार वर्मा को लिपिकीय हेतु, भृत्य श्री मेघनाथ साहू एवं भृत्य भू-अभिलेख शाखा श्री ईश्वरी साहू को उत्तर पुस्तिकाओं को पैकेट तैयार करने व डाकघर जाने एवं अन्य व्यवस्था हेतु नियुक्त किया गया है।
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दुर्ग/ भारतीय सैन्यबलों में अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन की प्रकिया आरंभ हो गई है। भारतीय वायुसेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 17 जनवरी 2024 से 06 फरवरी 2024 तक भारतीय वायुसेना के वेबसाईट http://agnipathvayu.cdac.in के माध्यम से इच्छुक आवेदक आवेदन कर सकते है। भारतीय वायुसेना में भर्ती हेतु आवेदक की शैक्षणिक योग्यता 10+2/ समकक्ष परीक्षा किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था या बोर्ड से गणित, भौतिकी एवं अंग्रेजी विषयों के साथ 50 प्रतिशत अंकों के साथ एवं अंग्रेजी में 50 प्रतिशत अंक अथवा इंजीनियरिंग में 3 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से 50 प्रतिशत अंकों के साथ तथा अंग्रेजी में 50 प्रतिशत (मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/आटोमोबाइल इल्स्ट्रूमेंटेशन इन्फोरमेशन टेक्नालॉजी) अथवा अव्यावसायिक कोर्सों के साथ 2 वर्ष का व्यावसायिक कोर्स भौतिकी या गणित विषयों में 50 प्रतिशत अंको के साथ तथा अंग्रेजी विषय में 50 प्रतिशत अंक किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से अथवा किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10$2 या समकक्ष परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों के साथ जिसमें अंग्रेजी उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 2 जनवरी 2004 से 2 जुलाई 2007 के बीच जन्म लिया हुआ होना आवश्यक है। आवेदक की उंचाई पुरुष 152.50 से.मी एवं महिला आवेदक 147 से.मी. होना आवश्यक है।
इसी प्रकार भारतीय थल सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हेतु इच्छुक आवेदक 08 फरवरी 2024 से 21 मार्च 2024 तक भारतीय थल सेना के वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in का आवेदन कर सकते है। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु आवेदकों की अर्हता अग्निवीर सामान्य ड्यूटी में 10वीं कक्षा 45 प्रतिशत अंकों से (प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक) अग्निवीर टेक्निकल में 12वीं कक्षा (भौतिक रसायन, गणित एवं अंग्रेजी के साथ 50 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण प्रत्येक विषय 40 प्रतिशत अंकों के साथ, मान्यता प्राप्त संख्या से आईटीआई/डिप्लोमा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अग्निवीर क्लर्क में 10$2 इंटरमीडिएट परीक्षा किसी भी विषय में 60 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अग्निवीर ट्रेडमेन में 8वीं/10वीं कक्षा पास (प्रत्येक विषय 33 प्रतिशत) होना आवश्यक है। अग्निवीर सामान्य ड्यूटी महिला में 10वीं मैट्रिक (प्रत्येक विषय 33 प्रतिशत) होना आवश्यक हैै। आवेदक की आयु सीमा साढ़े 17 से 21 वर्ष होना आवश्यक है। उपसंचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र से प्राप्त जानकारी अनुसार ऑनलाईन हेतु इच्छुक आवेदक अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से अथवा अध्ययनरत् छात्र-छात्राएँ अपने विद्यालय के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। विस्तृत जानकारी हेतु आवेदक भारतीय वायुसेना के वेबसाईट http://agnipathvayu.cdac.in एवं भारतीय थल सेना के वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in का अवलोकन कर सकते हैं। -
दुर्ग/ जिला चिकित्सालय में एक गर्भवती महिला निवासी स्टेशन मरोदा 17 जनवरी 2024 को समय दोपहर 12.00 बजे जिला चिकित्सालय दुर्ग के एमसीएच विंग में भर्ती हुई। सिविल सर्जन डॉ. साहू के अनुसार जांच में पाया गया कि उनक बच्चादानी फट गया है, चिकित्सालय के डॉ बी.आर साहू स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा 17 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे बिना किसी विलम्ब के उनका आपरेशन कर जननी की जान बचाई गई इस आपरेशन में डॉ बसंत चौरसिया निःश्चेतना विशेषज्ञ द्वारा मरीज को बेहोश कर आपरेशन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया साथ ही ओटी में कार्यरत स्टॉफ ने भी उपरोक्त आपरेशन में अपनी अहन भूमिका निभाई है। वर्तमान में महिला स्वस्थ है। आपरेशन के दौरान लगभग 02 लीटर रक्त पेट में स्स्रावित हो गया था। डॉ अरुण कुमार साहु सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने उपरोक्त जटिल सर्जरी को समय पर संपादित कर महिला की जान बचाने पर आपरेशन में सम्मिलित समस्त चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को सुभकामनाएं दी है।
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बिलासपुर/एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तूरी के अंतर्गत ग्राम बिनौरी के आंगनबाड़ी केन्द्र डिपरीपारा एवं ग्राम टिकरी के आंगनबाड़ी केन्द्र टिकरी 02 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त एक-एक पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 फरवरी है। इच्छुक आवेदिका अपना आवेदन कार्यालयीन समय में एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तूरी के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नही किया जाएगा।
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बालोद। गर्भधारण पूर्व प्रसव निदान तकनीक (पीसीपीएनडी) एक्ट अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक 29 जनवरी को दोपहर 02 बजे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बालोद मंे आयोजित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बैठक में पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों का नियमित भ्रमण, नवीन आवेदित संस्था के निरीक्षण के संबंध में चर्चा की जाएगी। उन्होंने सर्व संबंधितों को बैठक में निर्धारित तिथि एवं समय में उपस्थित होने को कहा है।
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बेलतरा विधायक श्री शुक्ला ने शीश गांव मंदिर परिसर में की साफ-सफाई
बिलासपुर/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जिले के मंदिरों और तीर्थ स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने शीश गांव मंदिर परिसर व तालाब की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। शासन की मंशानुरूप जिले में मंदिर परिसरों की सफाई के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं। जिसके परिपालन में जिले के सभी ग्राम पंचायत के मंदिरों व सार्वजनिक स्थल पर स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा में बड़ी संख्या में जन भागीदारी की गई। इसके साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वच्छता पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं, युवा एवं ग्रामीणजन, जन प्रतिनिधि व स्कूली बच्चे व अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। - रायपुर। प्रदेश में गुरुवार को विभिन्न जिलों से 17 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई। इन्हें मिलाकर राज्य में कोरोना के एक्टिव मरीज़ों की संख्या 88 पहुंच गई है। प्रदेश में गुरुवार को 4 हजार 577 सैंपलों की जांच की गई।स्वास्थ्य विभाग ने अपने मेडिकल बुलेटिन में यह जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को दुर्ग और रायपुर जिले में 4-4, बस्तर और कांकेर में 3-3, बिलासपुर में 2, रायगढ़ जिले में 1 मरीजों की पहचान हुई।

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सच्चे इंसान गढ़ने की फैक्टरी होतेे हैं विश्वविद्यालय: श्री विश्वभूषण हरिचंदन
विश्वविद्यालयों के अस्तित्व के लिए नये-नये क्षेत्रों में रिसर्च जरूरी: राज्यपाल
विश्व राजनीति एवं समस्याओं के निपटारें में भारत की अहम भूमिका
बिलासपुर/राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने बिलासपुर के केन्द्रीय गुरू घासीदास विश्वविद्यालय में भारतीय विश्वविद्यालय संघ मध्य क्षेत्र द्वारा आयोजित कुलपतियों के दो दिवसीय समागम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सच्चे इंसान गढ़ने की फैक्टरी एवं प्रमुख केन्द्र हैं। नये-नये अनुसंधान एवं नवाचारों के माध्यम से नये ज्ञान का सृजन करना इनका महत्वपूर्ण काम है। विश्वविद्यालय के स्वयं के अस्तितत्व के साथ-साथ देश दुनिया की निरंतरता के लिए भी नित नये अनुसंधान किया जाना अनिवार्य माना गया है। राज्यपाल ने इस अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा प्रकाशित पत्रिका यूनिवर्सिटीस न्यूज के विशेषांक का विमोचन भी किया। शुभारंभ समारोह की अध्यक्ष संघ के अध्यक्ष श्री जीडी शर्मा एवं विशेष अतिथि के रूप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के सचिव श्री अतुल कोठारी उपस्थित थे। समागम में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उप्र, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं शिक्षाविद बड़ी संख्या में शामिल हुए।
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा किमध्य क्षेत्र के कुलपति सम्मेलन 2023-24 के अवसर पर आपके बीच आकर मुझे खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि इस बैठक से कुछ ठोस सिफारिशें सामने आएंगी जो सरकार और उच्च शिक्षा के शीर्ष निकायों और हमारे देश के भविष्य युवाओं और छात्रों के लिए मददगार साबित होंगी। उन्होंने कहा कि कि भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों खासकर प्रमुख संस्थानों ने अनुसंधान के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन इसमें और बहुत कुछ किये जाने की संभावना है। भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा अन्य देशों के विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों के सामने कहीं नहीं टिकती। विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में केवल 75 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हैं, लेकिन उनमें से कोई भी शीर्ष 200 रैंक तक नहीं पहुंच सका। इनमें सुधार के लिए एक अच्छी तरह से अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि देश में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम बनाने के लिए भारत सरकार ने एक ‘स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान‘ लॉन्च किया है जो मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को हैंडहोल्डिंग फंडिंग और इनक्यूबेशन के माध्यम से सहायता प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 रिपोर्ट में भी अनुसंधान और नवाचार पर पर्याप्त जोर दिया गया है। अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को जीवित रखने के लिए, प्रत्येक खिलाड़ी और हितधारक को एक भूमिका निभानी होगी। विश्वविद्यालय अनुसंधान को प्राथमिकता देकर उत्पादकता में सुधार के लिए कुछ उपाय अपना सकते हैं। विश्वविद्यालयों को उद्योगों, सरकार और अन्य हितधारकों के साथ संबंध मजबूत करने चाहिए।
श्री हरिचंदन ने स्वतंत्रता के बाद देश की विकास यात्रा पर रोशनी डाली। उन्होंने जय जवान, जय किसान से लेकर जय, जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान तक की विकास यात्रा के विभिन्न सोपानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोरोना वैक्सीन विकसित की। इससे न केवल हमारे देश के नागरिकों को जानलेवा कोरोना से बचाये अपितु 50 देशों को निःशुल्क वैक्सीन देकर उनकी भी प्राणरक्षा कर मानवता का परिचय दिया। उन्हांेने कहा कि हमारा देश आज विश्व राजनीति में अहम भूमिका अदा कर रहा है। बड़ी से बड़ी समस्याओं के निबटारे में भारत की राय पर विचार किया जा रहा है। श्री हरिचंदन ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। समस्याओं को आपसी विचार-विमर्श से निपटाने में हमारा विश्वास है। इसके अलावा हिंसा या अन्य कोई साधन से स्थायी शांति नहीं आ सकती है। समारोह को भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष श्री जीडी शर्मा, उपाध्यक्ष श्री विनयकुमार पाठक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के सचिव श्री अतुल कोठारी ने भी सम्बोधित किया। स्वागत भाषण केन्द्रीय गुरूघासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आलोक कुमार चक्रवाल एवं आभार ज्ञापन कुलसचिव श्री मनीष श्रीवास्तव ने किया। -
बालोद। बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 161 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 01 लाख 31 हजार 697 किसानों द्वारा कुल 06 लाख 39 हजार 196 मेट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 1399 करोड़ 57 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 05 लाख 18 हजार 305 मेट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 03 लाख 97 हजार 93 मेट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 02 लाख 42 हजार 103 मेट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 6084 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 21 हजार 189 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- -श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मंच द्वारा किया जाएगा दीप वितरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में मारवाड़ी युवा मंच की राजधानी शाखा के सदस्यों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री को मारवाड़ी युवा मंच के सदस्यों ने बताया कि मंच की राजधानी शाखा द्वारा 22 जनवरी को होने वाले प्रभु श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर छोटे-छोटे गांव के मंदिरों एवं असहाय लोगों के बीच दीप व तेल वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच द्वारा दीप वितरण कार्य की सराहना की।मुख्यमंत्री को संरक्षक श्री संजय रामविलास चौधरी एवं संयोजक श्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि शाखा द्वारा 2100 किट तैयार किया गया है, जिसमें 101 दीपक, रुई की बत्ती, हनुमान चालीसा और दिया जलाने के लिए तेल शामिल किए गए हैं। इस मौके संस्था के अध्यक्ष श्री शेखर गोयल, संरक्षक श्री योगेश अग्रवाल, श्री संजय रामविलास चौधरी, श्री सुनील रामदास, श्री मुकेश अग्रवाल, श्री नितिन अग्रवाल, श्री शुभम चौधरी, श्री नीरज बिरमीवाल, श्री आयुष मित्तल, श्री अनिल अग्रवाल, श्री आकाश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री रमन सराफ सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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मरीजों का समुचित ईलाज एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जिला चिकित्सालय में ईलाज हेतु आने वाले मरीजांे का समुचित ईलाज करने के साथ-साथ उन्हें अस्पताल में मिलने वाली जरूरी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ जेएल उइके, सिविल सर्जन डाॅ आरके श्रीमाली सहित जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने जिला चिकित्सालय के पंजीयन कक्ष, ओपीडी कक्ष के अलावा ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, सर्जिकल वार्ड, महिला एवं पुरुष वार्ड सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या एवं उनके ईलाज के व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों से आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं तथा हमर लैब आदि की सुविधा के संबंध मंे भी जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल के औषधि वितरण कक्ष का निरीक्षण कर वहाँ उपस्थित कर्मचारी से आज औषधि वितरण कक्ष से दवाई लेने वाले मरीजों की कुल संख्या के संबंध मंे भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने जिला चिकित्साल श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स में पहुँचकर दवाईयों की समुचित उपलब्धता एवं जेनेरिक दवाईयों के निर्धारित दर आदि के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित 100 बिस्तर वाले मातृ शिशु अस्पताल में पहुँचकर वहाँ की सुविधाआंे एवं व्यवस्थाओं का पड़ताल किया। इस दौरान उन्होंने मातृ शिशु अस्पताल के प्रसव कक्ष, आॅपरेशन कक्ष आदि का निरीक्षण कर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों से अस्पताल में प्रसव हेतु प्रतिदिन आने वाले गर्भवती माताओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उनकी सुरक्षित प्रसव एवं सर्जरी हेतु उपलब्ध टेबल एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने मातृ शिशु अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष, होम्योपैथी एवं आयुर्वेद विभाग के अलावा पोषण पुनर्वास केंद्र आदि का भी निरीक्षण किया। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों से पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होेने वाले बच्चों की कुल संख्या आदि के संबंध में जानकारी ली तथा बच्चों की समुचित ईलाज एवं देखभाल हेतु जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10-10 बिस्तर का पोषण पुनर्वास केंद्र प्रारंभ करने के संबंध में शासन को पत्र लिखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वहाँ पर विशेष नवजात देखभाल इकाई का भी निरीक्षण किया। श्री चन्द्रवाल ने सिविल सर्जन डाॅ. श्रीमाली को मातृ शिशु अस्पताल में मरीजों के लिए समुचित मात्रा में दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। -
कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित संजीवनी धान के तीन इम्यूनोबूस्टर उत्पादों का लोकार्पण करेंगे
कृषि स्टार्टअप तथा पोषण एवं लोक स्वास्थ्य पर केन्द्रित दो संगोष्ठियों का शुभारंभ भी करेंगे
रायपुर। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 38वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। श्री धनखड़ इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में कारगर धान की नवीन किस्म संजीवनी से निर्मित तीन उत्पादों का लोकार्पण भी करेंगे। यह किस्म इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भाभा अटॉमिक रिसर्च सेन्टर, मुम्बई के साथ किये गये अनुसंधान द्वारा विकसित की गई है। उपराष्ट्रपति इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो एक दिवसीय संगोष्ठियों का शुभारंभ भी करेंगे जिनमें से एक कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता विकास पर केन्द्रित होगी तथा एक अन्य संगोष्ठी कृषि, पोषण एवं लोक स्वास्थ्य पर केन्द्रित होगी। श्री धनखड़ इस मौके पर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित किसानोपयोगी ‘‘कृषि पंचांग 2024’’ का विमोचन भी करेंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन करेंगे। समारोह में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव तथा श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद रायपुर श्री सुनील सोनी, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा तथा रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू भी उपस्थित रहेंगे।
स्थापना दिवस समरोह में उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित धान की इम्यूनोबूस्टर एवं कैंसर रोधी किस्म संजीवनी से निर्मित तीन उत्पादों संजीवनी इंस्टैन्ट, संजीवनी मधु कल्क तथा संजीवनी राइस बार का लोकार्पण करेंगे। उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करते हुए धान की एक नवीन औषधीय किस्म ‘‘संजीवनी’’ विकसित की है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कैंसर कोशिकाओं की रोक-थाम में उपयोगी पाई गई है। संजीवनी का विकास छत्तीसगढ़ की पारंपरिक देशी औषधीय धान की किस्मों से चयन द्वारा किया गया है। इसके औषधीय गुणों के वैज्ञानिक आधार का विस्तृत विश्लेषण कर एक ऐसी प्रजाति का विकास किया गया है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सक्षम है तथा केवल 10 दिन तक इसका उपयोग करने पर प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह किस्म भाभा अटॉमिक रिसर्च सेन्टर, मुम्बई के सहयोग से विगत छह वर्षां तक किये गये अनुसंधान के द्वारा विकसित की गई है।
विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर कृषि के क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यम की संभावनाओं एवं चुनौतियों पर विचार विमर्श के लिए एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें कृषि आधारित स्टार्टअप एवं नवाचार से संबंधित विभिन्न विषयों पर देश एवं प्रदेश के विख्यात विशेषज्ञ युवाओं एवं छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। संगोष्ठी में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए शासकीय नीतियों, नवाचार में स्टार्टअप की भूमिका, कृषि उद्योगों का उन्नयन, नवाचार के प्रोत्साहन के लिए औद्योगिक नीति, कृषि निर्यात के माध्यम से उद्यमिता का विकास, आदि पर विचार-मंथन किया जाएगा। इस संगोष्ठी में स्टार्टअप उद्यमी, नवाचारी विद्यार्थी, उद्योग प्रतिष्ठान, निवेशक, शासकीय संस्थाएं, कृषि उत्पादक संघ, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि उद्यमी शामिल होंगे। संगोष्ठी में र्स्टाटअप एवं उद्यमिता विकास, बाजार एवं उद्योगों से संबंध, नेटवर्किंग के अवसर, ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उन्नयन विषयों पर चर्चा की जाएगी एवं नवीन स्टार्टअप द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। संगोष्ठी के दौरान सफल स्टार्टअप की सफलता की कहानी भी बताई जाएगी।
कृषि पोषण एवं लोक स्वास्थ्य विषय पर संगोष्ठी का आयोजन पौष्टिक आहार, सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व एवं पोषक तत्वों से परिपूर्ण आहार के प्रति जनजागरूकता उत्पन्न करने हेतु किया जा रहा है। इस संगोष्ठी में फूड फोर्टिफीकेशन, बायोफोर्टिफीकेशन एवं फंक्शनल फूड, पोषक खाद्य पदार्थां के उत्पाद एवं पोषण सुरक्षा, लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में खाद्य उद्यगों की भूमिका, वितरण एवं उपयोग संबंधित नीतियों एवं नियमों पर चर्चा की जाएगी। संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा (मध्यान्ह भोजन) के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालय, विज्ञान महाविद्यालय एवं अन्य विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, यूनाईटेड नेशन्स वर्ल्ड फूड प्रोगाम, बिल एवं मिलीण्डा गेट्स फऊण्डेशन के प्रतिनिधि, प्रगतिशील कृषक, खाद्य एवं कृषि उद्योगों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की स्थापना 20 जनवरी 1987 को हुई थी। इस विश्वविद्यालय को छत्तीसगढ़ प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे विश्वविद्यालय अपने 28 महाविद्यालयों, 08 अनुसंधान केन्द्रों एवं 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से संचालित कर रहा है। विश्वविद्यालय की स्थापना के पश्चात् 52 फसलों की लगभग 162 प्रजातियों का विकास किया गया है एवं कृषि से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए 100 से अधिक तकनीकें विकसित की गई है। स्थापना दिवस समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव श्री जी.के. निर्माम सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रगतिशील कृषकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहेंगे। -
नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने किया शास्त्री बाजार, मालवीय रोड, जवाहर बाजार का निरीक्षण
रायपुर स्मार्ट सिटी का बहुमंजिला शास्त्री मार्केट मार्च तक होगा पूरा
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित स्वच्छता अभियान के तहत आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने आज शहर के पुराने बाजारों में से एक शास्त्री मार्केट, मालवीय रोड, जवाहर बाजार का निरीक्षण किया एवं व्यापारी संघ के पदाधिकारियों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने रायपुर स्मार्ट सिटी लि. व नगर निगम द्वारा निर्मित महिला एवं पुरुष प्रसाधन गृहों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। श्री मिश्रा ने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सार्वजनिक स्थलों, बाजारों आदि में सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों को साथ लेकर स्वच्छता जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन प्रत्येक सप्ताह किए जाए।
विशेष स्वच्छता अभियान के तहत इस समय नगर निगम का जोन और स्वच्छता अमला सभी वार्ड में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में जुटा हुआ है। आयुक्त श्री मिश्रा ने सभी अपर आयुक्त व स्वास्थ्य अधिकारियों व जोन कमिश्नरों को भी व्यवस्था में सुधार के लिए मिशन मोड पर काम करने के लिए जिम्मेदारी भी तय की है। स्वयं नगर निगम कमिश्नर भी लगातार औचक निरीक्षण कर रहे है एवं आम लोगों से सीधे संवाद कर स्वच्छता के महा-अभियान में सभी की सहभागिता की अपील भी कर रहे हैं।
निगम आयुक्त श्री मिश्रा ने शास्त्री बाजार का दौरा किया और निर्माणाधीन शास्त्री मार्केट कॉम्पलेक्स में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। रायपुर स्मार्ट सिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री उज्जवल पोरवाल, महाप्रबंधक (ई. एंड टी.) श्री पी.के. पंचायती, असिस्टेंट मैनेजर श्री योगेन्द्र साहू इस दौरान साथ थे। निर्माण एजेंसी ने अवगत कराया कि आगामी मार्च तक यह प्रोजेक्ट पूरा कर सुव्यवस्थित बाजार संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के मार्ग को भी सुव्यवस्थित करने हेतु निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है। थोक व चिल्हर सब्जी मार्केट के निरीक्षण के दौरान वे लघु व्यवसायियों से भी मिले और निकलने वाले कचरे को व्यवस्थित तौर पर निपटान करने के लिए कहा है। उन्होंने जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा को निर्देशित किया है कि जोन स्वास्थ्य अधिकारी की निगरानी में सब्जी व मटन मार्केट में अपशिष्ट के निपटारे के लिए यदि अतिरिक्त वाहन की आवश्यकता प्रतीत होती है, तो इसकी भी व्यवस्था निर्धारित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि बाजार के समीप मुक्कड़ नहीं बनने दिए जाएंगे और सभी बाजारों में स्वच्छता बरतने व्यापारियों की भी सक्रियता बढ़ाई जाए। इस दौरान जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री सुभाष बजाज, उपाध्यक्ष श्री अविनाश चिठानी, श्री कैलाश सचदेव, श्री सुशील कृष्णानी, श्री राजेश विधानी, श्री जगदीश गुडवानी, मालवीय रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री तरल मोदी, महामंत्री श्री राजेश वासवानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। - -महिला बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने दिए निर्देश, विभागीय कामकाज की समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ के चुने हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों में कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए आंगनबाड़ी कम क्रेच (झूलाघर) की स्थापना की जाएगी। राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1500 झूलाघर की स्थापना करने का लक्ष्य दिया गया है। महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने महिला बाल विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि झूलाघर की स्थापना के लिए गांवों में सर्वे कर बच्चों का चिन्हाकन कर लिया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बनाए जाने वाले झूलाघरो में काम-काजी महिलाओं के 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों की देखभाल की जाएगी।महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने आज इन्द्रावती भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सभी मैदानी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण करें और इन केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गंभीर कुपोषण वाले बच्चों का चिन्हांकन करके उनके पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें। पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से ही इसकी निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री बाल सन्दर्भ योजना का लाभ अधिक से अधिक बच्चों लाभ दिलाया जाए। योजना के तहत गंभीर बीमारी दिल की बिमारी, मानसिक रूप से दिव्यांग, कटें-फटे होंठ वाले आदि अन्य बिमारियों से प्रभावित बच्चों का चिरायु टीम के माध्यम से उच्च स्तरीय ईलाज की व्यस्था कराए।समीक्षा बैठक में श्रीमती आबिदी ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों का डोर-टू-डोर सर्वे कर आंगनबाड़ी की सेवाओं से लाभान्वित किया जाए। सभी आंगनबाड़ी केंद्र में साफ-सफाई की जाए जहां रंग-रोगन की जरूरत है वहां रंग-रोगन का कार्य कराया जाए। पोषण वाटिका तैयार किए जाए। जहां पोषण वाटिका तैयार हैं वहां बच्चों को पौष्टिक सब्जियां दी जाए। इसी प्रकार जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युती की सुविधा उपलब्ध नही है, उन केन्द्रों में विद्युतीकरण का कार्य कराया जाए। बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भय योजना, चाईल्ड हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री बाल उदय योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, मिशन शक्ति, महिला जागृति शिविर आदि अन्य योजनाओं समीक्षा की गई।
- -महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में शिशुओं को कराया अन्नप्राशन, गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट, किशोरियों को उपहार प्रदान किया-वन विभाग में स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कोदो, कुटकी और रागी से बनी लड्डू, कुकीज भेंट कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम कुसुमघटा में किसान सम्मेलन एवं अभिनंदन कार्यक्रम स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग और वन विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में शिशुओं को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया। उन्होंने स्टॉल में गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट तथा किशोरियों को उपहार प्रदान किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी मुख्यमंत्री के साथ स्टालों का अवलोकन किया।महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा रेडी टू ईट से विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए हैं। रेडी टू ईट से ही खुरमी, सलोनी, गुलगुला, अनरसा, अइरसा, बर्फी, सोहरी, चीला, सलोनी, हलवा, लड्डू सहित विटमिन से भरपूर फलों की प्रदर्शनी लगाई गई। स्टॉल में पोषण अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की भाजी पालक, गोभी भाजी, तिवारा भाजी, लाल भाजी, मेथी भाजी, करामता, चना भाजी, मूलीभाजी, चौलाई भाजी, सुनसुनिया भाजी सहित फलों की प्रदर्शनी लगाई गई।वन विभाग के स्टाल में मुख्यमंत्री श्री साय को स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कोदो, कुटकी और रागी से बनी लड्डू, कुकीज भेंट की। विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री वनधन योजना अन्तर्गत ज़िले की आदिवासी महिला समूह शिव शक्ति द्वारा अन्नपूर्णा माहुल पत्ता से दोना पत्तल और नाश्ता प्लेट बना कर आमदनी अर्जित कर रही हैं। वहीं वन धन योजना में जय देव ठाकुर, जय माँ शीतला महिला समूह और नई किरण स्व सहायता समूह हाट बाज़ार से कच्चे लघु वनोपज से संग्रहण के बाद साफ़-सफ़ाई कर विभिन्न प्रकार के खाने की सामग्री बना रही हैं। समूह की महिलाएं कोदो, कुटकी, रागी से लड्डू, कुकीज़, चावल और आटा का निर्माण करती हैं। समूह शहद प्रसंस्करण का कार्य भी करता है।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय के साथ सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री बिसराम यादव, श्री पवन साय, श्री अजय जामवाल उपस्थित रहे।
- -छत्तीसगढ़ के युवाओं की अग्निवीर योजना में भागीदारी बढ़ाने संभाग स्तरीय कार्यशालारायपुर /देश की सुरक्षा में लगे जवानों का शौर्य युवा शक्ति को सेना में जाने के लिए प्रेरित करती है। किसी भी देश की रक्षा का दारोमदार युवा शक्ति के हाथों में होती है, इसे देखते हुए हमने छत्तीसगढ़ के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में अग्निवीर के रूप में सेना में सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया है। मुझे विश्वास है कि युवाओं के लिए यह कार्यशाला उपयोगी होगी। सेना में उनकी सहभागिता बढ़ेगी। साथ ही राज्य के युवा अग्निवीर योजना से जुडेंगे। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां स्थानीय शहीद स्मारक भवन में अग्निवीर की भर्ती के संबंध में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को याद करते हुए कहा कि सरकारें आती हैं, जाती हैं, सरकारें आती, जाती रहेंगी, किंतु लोकतंत्र सदैव अमर रहता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए शांति और सुरक्षा आवश्यक है। हमारी सेनाएं यह कार्य बखूबी से कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएं किसी अन्य देश की सीमाओं से ज्यादा विविधता और चुनौती भरा है। सेना में जाकर युवा ही इस चुनौती को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी देश की सीमाओं की रक्षा करने का भाव है आप सभी देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान करने तैयार है। इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेनाओं को हमें भरपूर सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी वे ट्रेन में सफर करते हैं और उनके सामने कोई जवान आता है, तो सबसे पहले मैं अपने स्थान से खड़े होकर उस जवान के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करता हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि इसी प्रकार का सम्मान का भाव सेना के जवानों के प्रति व्यक्त करें।इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों से छत्तीसगढ़ राज्य से अधिक से अधिक युवाओं का चयन अग्नि वीर भर्ती के लिए हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि अग्निवीर भर्ती परीक्षा हेतु सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीयन, आवेदन, वेबसाइट की जानकारी, लिखित परीक्षा, भर्ती रैली एवं चिकित्सा परीक्षण सहित अन्य आवश्यक निर्देशों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से युवाओं तक पहुंचाई जाए। जिस राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके। उन्होंने अग्निवीर योजना में ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिए चॉइस सेंटर के संचालकों को भी ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।रोजगार और प्रशिक्षण विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि भारतीय सैन्य बलों में छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक युवा सम्मिलित हो, इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीनस्थ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्रों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि अपने कार्य क्षेत्र में सेना भर्ती की जानकारी युवओं को देते हुए ऑनलाईन पोर्टल में पंजीयन कराएं। सभी संभागों में अग्नि वीर भर्ती हेतु कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।इस अवसर रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कार्यशाला में भारतीय वायु सेना भोपाल से विंग कमान्डर श्री पारस अग्रवाल एवं भारतीय थल सेना रायपुर से मेजर श्री पी. के. माथुर द्वारा अग्निवीर भर्ती के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। रोजगार विभाग जिला रायपुर के उप संचालक श्री ए.ओ. लॉरी ने भारतीय वायु सेना के अग्निवीर भर्ती के लिए 17 जनवरी 2024 से 06 फरवरी 2024 तक एवं भारतीय थल सेना के अग्निवीर भर्ती के लिए 08 फरवरी 2024 से 21 मार्च 2024 तक होने वाले ऑनलाईन पंजीयन, भर्ती के लिए आवश्यक मापदण्ड एवं तैयारियों आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में प्रदेश के सभी जिलों के जिला रोजगार अधिकारी, रायपुर संभाग के जिला शिक्षा अधिकारी, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, अधीक्षक, महाविद्यालयों के प्राचार्य, हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्य, पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के प्राचार्य सहित शिक्षण संस्थाओं के छात्र उपस्थित थे।
- -आधुनिक एवं तकनीकी विधि से संचालित होगा माँ रूखमणी गुड़ उद्योगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शुक्रवार को कबीरधाम जिले के ग्राम कुसुमघटा में आधुनिक एवं तकनीकी विधि से संचालित माँ रूखमणी गुड़ उद्योग का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री संतोष पाण्डेय एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय को संचालक श्री चन्द्रशेखर वर्मा ने बताया कि यह गुड़ उद्योग नई तकनीकी विधि से संचालित है। इसकी पेराई क्षमता प्रतिदिन 1200 सौ क्विंटल है। इसमें सामान्य गुड़ उद्योग की तुलना में मजदूरी अथवा कुशल श्रमिक कम लगता है। सिर्फ 25 से 30 मजदूर एवं कुशल श्रमिक की मौजूदगी में गुड़ बनने का काम शुरू हो जाएगा। इस तरह की आधुनिक एवं नई तकनीकी से संचालित गुड़ उद्योग जिले में 7-8 ही संचालित है। इसकी पेराई क्षमता अधिक होने के क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा साथ ही जिले में गुड़ उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय के साथ डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री बिसराम यादव, श्री पवन साय, श्री अजय जामवाल उपस्थित रहे।
- रायपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 19 जनवरी को बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे अपने निवास कार्यालय में सवेरे दस बजे से दोपहर सवा 12 बजे तक ‘जनदर्शन’ करेंगे। वे दोपहर साढ़े 12 बजे बिलासपुर में गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय कुलपति सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर दो बजे सीएमडी कॉलेज के वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव शाम सात बजे होटल यश पैलेस में साधना न्यूज चैनल के ‘छत्तीसगढ़ के विकास की बात’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे रात आठ बजे न्यू होराइजन डेंटल कॉलेज (New Horizon Dental College) के वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे। वे बिलासपुर में रात्रि विश्राम करेंगे।
- -शासन द्वारा मार्च 2024 के पहले तक इस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देशरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में ई-पंजीयन साफ्टवेयर के स्थान पर राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (एन.जी.डी.आर.एस.) चरणबद्ध रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत् मार्च-2024 के पहले तक सभी पंजीयन कार्यालयों में एन.जी.डी.आर.एस. साफ्टवेयर अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एन.जी.डी.आर.एस. साफ्टवेयर को तीन पंजीयन कार्यालयों अभनपुर, महासमुन्द एवं धमतरी में प्रारंभ किया गया था। ई-पंजीयन प्रणाली की बीओटी अवधि समाप्ति उपरान्त अब सभी पंजीयन कार्यालयों में एन.जी.डी.आर. एस. साफ्टवेयर लागू करने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। इसके लिए पंजीयन विभाग द्वारा सभी प्राथमिक तैयारी की जा रही है, जिसमें हार्डवेयर उपकरणों, नेटवर्क लाईन की व्यवस्था के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।एनजीडीआरएस प्रणाली के पायलट रन के दौरान तीन पंजीयन कार्यालयों में अब तक लगभग 45 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। द्वितीय चरण में धमतरी एवं महासमुन्द जिले के पंजीयन कार्यालयों सराईपाली, बसना, पिथौरा, कुरूद एवं नगरी में 11 जनवरी 2024 से लागू किया गया है। शीघ्र ही एनजीडीआरएस प्रणाली को राज्य के सर्वाधिक व्यस्तता वाले रायपुर पंजीयन कार्यालय में लागू किया जाना है, जिसके सफल संचालन उपरान्त, आवश्यक हार्डवेयर सह-उपकरण स्थापन कर शेष सभी पंजीयन कार्यालयों में एनजीडीआरएस प्रणाली लागू की जाएगी।भारत सरकार द्वारा पंजीयन प्रणाली को और अधिक कारगर एवं सुविधाजनक बनाये जाने हेतु एन.आई.सी. पुणे के माध्यम से एक कॉमन जेनरिक सॉफ्टवेयर (एनजीडीआरएस) विकसित किया गया है। राज्यों के आवश्यकता के अनुरूप इस सॉफ्टवेयर को कस्टमाईज कर एनआईसी के माध्यम से लागू किया जाता है। इस प्रणाली को लागू करने के लिए एन.आई.सी. द्वारा केवल साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाता है, शेष सभी संशाधनों तथा परिचालन का कार्य संबंधित विभाग के द्वारा किया जाता है। इस परियोजना में अब तक देश के 11 राज्यों में एनजीडीआरएस प्रणाली से पंजीयन कार्य किया जा रहा है।एनजीडीआरएस प्रणाली में सभी राज्यों का डाटा एनआईसी के क्लाउड सर्वर में सुरक्षित रूप से संधारित होता है। केन्द्रीय रूप से डाटा संधारित होने से वेबसाईट के माध्यम से कहीं से भी सुरक्षित आई०डी० पासवर्ड के माध्यम से सभी प्रकार की आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधा है। एनजीडीआरएस साफ्टवेयर के क्रियान्वयन से पंजीयन प्रक्रिया सरलीकृत होने के साथ ही पंजीयन में लगने वाले समय में भी कमी आयेगी। राजस्व विभाग के भू-अभिलेख, ई-स्टाम्पिंग, आयकर विभाग, ई-चालान व बैंकिंग प्रणाली से जुड़े होने से विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक सहूलियतें होंगी।एनजीडीआरएस प्रणाली में ऑनलाईन आधार एवं पैन वेरिफिकेशन के लिए संबंधित एजेन्सी से इंटीग्रेशन की कार्यवाही की जाएगी। पंजीयन शुल्क ऑनलाईन जमा करने की सुविधा हेतु बैकों से इंटीग्रेशन की कार्यवाही भी शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी। पक्षकारों को पंजीयन कार्यालय में कम से कम समय लगे एवं सुविधाजनक रूप से पंजीयन कार्य संपादित हो इसके लिए एनजीडीआरएस प्रणाली का सरलीकरण किया गया है।एनजीडीआरएस प्रणाली में ऑनलाईन आधार एवं पैन वेरिफिकेशन के लिए संबंधित एजेन्सी से इंटीग्रेशन की कार्यवाही की जाएगी। पंजीयन शुल्क ऑनलाईन जमा करने की सुविधा हेतु बैकों से इंटीग्रेशन की कार्यवाही भी शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी। पक्षकारों को पंजीयन कार्यालय में कम से कम समय लगे एवं सुविधाजनक रूप से पंजीयन कार्य संपादित हो इसके लिए एनजीडीआरएस प्रणाली का सरलीकरण किया गया है।एनजीडीआरएस प्रणाली में राजस्व विभाग के साथ इंटीग्रेशन किया गया है। जिसके तहत् पंजीयन के दौरान अचल संपत्ति के खसरा नम्बर से स्वत्त्व की रीयलटाईम जांच करने का प्रावधान है। पंजीयन के उपरान्त नामांतरण की कार्यवाही के लिए आवश्यक जानकारी राजस्व विभाग के पोर्टल में ऑनलाईन प्रेषित किये जाने का प्रावधान है।NGDRS प्रणाली आमजनता के लिए सुविधाजनक -एनजीडीआरएस प्रणाली में दस्तावेजों के पंजीयन के लिए पक्षकार अथवा उसके प्रतिनिधि द्वारा प्रथम बार वेबसाईट https://www.ngdrs.cg.gov.in/NGDRS_CG के सिटीजन पार्ट में ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करने के उपरान्त सिटीजन लॉगिन कर ऑनलाईन उपलब्ध फार्म में पक्षकारों तथा संपत्ति विवरण को भरने पर स्वतः बाजार मूल्य, स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क की गणना हो जाती है। इसके उपरान्त पक्षकारों द्वारा पंजीयन हेतु सुविधानुसार समय एवं तिथि का चयन कर स्वेच्छापूर्वक अपाइन्टमेंट लिया जाकर निर्धारित तिथि में पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होकर मूल दस्तावेज प्रस्तुत किया जाएगा। पंजीयन की सभी कार्यवाही पंजीयन अधिकारियों के द्वारा पंजीयन कार्यालय में संपादित की जायेगी। दस्तावेज के पंजीयन की कार्यवाही अल्प समय में पूर्ण की जाकर, दस्तावेज की स्केनिंग उपरान्त पक्षकार को मूल दस्तावेज की वापसी की जाती है।पक्षकारों को दस्तावेज के पंजीयन की स्थिति से संबंधित समस्त जानकारी वेबसाईट https://www.ngdrs.cg.gov.in/NGDRS_CG तथा एसएमएस एलर्ट के माध्यम से दिये जाने का प्रावधान है। एनजीडीआरएस साफ्टवेयर को वर्तमान प्रचलित ई-पंजीयन प्रणाली की अपेक्षाकृत सरल बनाया गया है, नागरिकों के लिए सिटीजन पार्ट में प्रविष्टि की प्रक्रिया को समझने के लिए यूजर मैन्युअल भी उक्त वेबसाईट पर उपलब्ध कराया गया है। दस्तावेज तैयार करने का कार्य करने वाले वकील, दस्तावेज लेखकों के लिए भी साफ्टवेयर के संचालन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना है। विभाग द्वारा सभी उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ ऑनलाईन विडियों भी जारी किया गया है। जिसके क्यूआर कोड को स्कैन किया जाकर कोई भी उपयोगकर्ता ऑनलाईन प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है, क्यूआर कोड़ सभी पंजीयन कार्यालयों में चस्पा किया गया है।कम्पूयटरीकृत पंजीयन प्रणाली की विशेषतापक्षकार को ऑनलाईन डाटा की प्रविष्ट कर अपॉईन्टमेंट लेना होता है। कार्यालय मे किसी प्रकार की डाटा एन्ट्री नही होती है। उप पंजीयक द्वारा पंजीयन की सभी प्रक्रिया ऑनलाईन की जाती है। ऑनलाइन संपत्ति के बाजार मूल्य की सटीक गणना के साथ नियम आधारित मूल्यांकन होने से एनजीडीआरएस प्रणाली पारदर्शी है। पक्षकार द्वारा ऑनलाईन सभी जानकारी स्वतः प्रविष्टि किये जाने से, त्रुटि की संभावना कम एवं दस्तावेज की पर्याप्त जांच संभव। डिजीटल फोटो एवं हस्ताक्षर लिये जाने का प्रावधान होने से पंजीयन प्रणाली सुरक्षित एवं भरोसेमंद है। राजस्व विभाग से इंटीग्रेशन के फलस्वरूप विक्रयशुदा खसरे तथा मालिकाना हक की जांच करना आसान हो जाएगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रत्येक तीन मास में कम से कम एक सम्मिलन आयोजित करने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त प्रतिवर्ष माह जून एवं नवम्बर में सुविधाजनक तिथियों में प्रत्येक ग्राम में ग्राम सभा का आयोजन अनिवार्य रूप से कराये जाने के निर्देश है। पंचायत विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं उनके आश्रित ग्रामों में ग्रामसभा का आयोजन करने के लिए एक समय-सारिणी तैयार कर स्थानीय आवश्यकता अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी देने के निर्देश दिये है।पंचायत संचालनालय द्वारा जारी निर्देशानुसार आगामी 23 जनवरी से आयोजित ग्रामसभा में विशेष रूप से चर्चा करने के लिए 17 बिन्दु तय किए हैं। इनमें ग्राम सभा की पूर्व बैठक में पारित सकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के विगत तिमाही के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, पिछली छमाही में विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्य के नाम प्राप्त राशि स्वीकृत राशि व्यय राशि एवं कार्य की अद्यतन स्थिति का वाचन करने कहा गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत ग्राम पंचायतों में ग्रामीण परिवारों द्वारा रोजगार की मांग तथा उपलब्ध कराये गये रोजगार की स्थिति की समीक्षा, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन के संबंध में कार्यवाही करने, जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पंचायतों द्वारा वितरित खाद्यान्न एवं उसके लाभान्वितों के नामों का वाचन करने तथा जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों के लंबित निराकृत एवं वितरित प्रमाण पत्रों की जानकारी, मौसमी बीमारियों के निदान एवं निवारण पर चर्चा एवं उससे निपटने चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन करना एवं इस संबंध में जागरूकता फैलाना, ग्राम पंचायतों में अनिवार्य कर के आरोपण एवं वसूली के प्रगति की समीक्षा, पंचायतों के वर्तमान पदाधिकारियों तथा अधिकारी कर्मचारियों जिनसे पंचायतों के लेखा हिसाब लेना है, अथवा बकाया राशि है, उनके नामों का वाचन किया जाए। राज्य की समस्त सड़को पर, मवेशियों (आवारा एवं पालतू) के कारण हो रहे दुर्घटनाओं में जान-माल की क्षति को रोकने हेतु उस ग्राम पंचायत क्षेत्र से गुजरने वाली समस्त सड़कों (विशेषतः राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा मुख्य जिला मार्गाे) के संबंध में सभी संभव उपायों एवं प्रभावी व्यवस्था की चर्चा, आमजनों में जागरूकता बढ़ाना एवं अपने मवेशियों को सड़कों पर खुले नहीं छोड़ने का संकल्प पारित कर चर्चा की जाए।इसके अतिरिक्त अनुसूचित क्षेत्र (संविधान के पाँचवीं अनुसूची अंतर्गत शामिल अनुसूचित क्षेत्र) की ग्राम सभाओं में पेसा नियम 19 एवं 20 के तहत् संसाधन योजना और प्रबंधन समिति तथा शांति एवं न्याय समिति पर चर्चा की जाए। ग्राम सभा में पेसा नियम 23 (1.2) के तहत् प्रस्ताव पास कर सरपंच एवं सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम सभा कोष के नाम से निकटतम कोर बैकिंग सुविधायुक्त राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खुलवाने, पेसा नियम 2022 के कंडिका 24 एवं 25 के प्रावधानों के अंतर्गत मानव संसाधनों एवं स्थानीय संस्थाओं के समीक्षा के संबंध में चर्चा की जाए। पेसा नियम 2022 के अंतर्गत लघु जल निकायों के लीज एवं बाजारों के नीलामी, छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत का उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम, 2023 अंतर्गत साधारण रेत के उत्खनन एवं व्यवसाय के संबंध में चर्चा की जाए। इन बिन्दुओं के अतिरिक्त जनपद एवं ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये अन्य विषयवस्तु को ग्रामसभा के एजेण्डे में सम्मिलित कर चर्चा की जा सकती है।ग्राम सभा की बैठक आयोजन हेतु नोडल अधिकारी दल प्रभारी एवं सदस्य का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधितों से कहा गया है कि जिस ग्राम पंचायत में सचिव अतिरिक्त प्रभार में है, उस स्थिति में नोडल अधिकारी ग्रामसभा की कार्यवाही सम्पन्न करेंगे। एक समय-सारिणी तैयार कर संबंधित ग्रामों एवं ग्राम पंचायतों के मुख्यालयों में ग्राम सभा आयोजित करें।
- -उप मुख्यमंत्री स्मृति दिवस एवं आदिवासी सम्मेलन में हुए शामिल-मोहबंधा में सांस्कृतिक भवन के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा कीरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के मोहबंधा में अमर शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति दिवस एवं आदिवासी सम्मेलन में शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने आदिवासी समाज का गमछा तथा पुष्पाहार से उनका भव्य स्वागत किया। श्री साव ने शहीद वीर नारायण सिंह के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने मोहबंधा में सांस्कृतिक भवन के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह देश के वीर सपूत थे। उन्होंने देश और समाज के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। शहीद वीर नारायण के जीवन से प्रेरणा लेकर आप सभी अपने जीवन में आगे बढ़े।श्री साव ने कहा कि आदिवासियों का इतिहास गौरवशाली रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत शिविर भी लगाए जा रहे हैं। लोरमी के पूर्व विधायक श्री तोखन साहू और जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती शीलू साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -ढनढनी में जूनी सरोवर मेला स्थल का किया निरीक्षणरायपुर / खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम ढनढनी में मेला स्थल का निरीक्षण किया। जूनी सरोवर मेला का आयोजन 25 जनवरी को होगा। मंत्री श्री बघेल ने जूनी सरोवर मेला की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 17 जनवरी से 25 जनवरी तक छेर-छेरा पुन्नी के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण एवं विशाल मेला का आयोजन किया जा रहा है। जूनी मेला का परिसर 14 एकड़ में फैला हुआ है। इस परिसर पर मेला अवधी में विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं मनोरंजन केन्द्र सजा होता है। इस मेले में आस-पास के क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर-दूर के आस्थावन पर्यटक भी पहुंचते हैं ।उन्होंने मेला स्थल,सरोवर,हेलीपेड,मंच व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत व्यवस्था आदि की जानकारी ली। सरोवर की साफ सफाई कराने,मंदिर परिसर और सरोवर के चारो तरफ पौधे लगवायें। मंदिर के टूटे हुए गेट एवं रेलिंग को सही करवाने के निर्देश दिए।










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