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- -124 एकड़ में 325 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा कोरबा का स्व. बिसाहूदास महंत मेमोरियल मेडिकल कॉलेजरायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है।इस महाविद्यालय को सत्र 2022-23 के लिए एम.बी.बी.एस. की 100 सीट की प्रथम मान्यता दिनांक 09 सितंबर 2022 को प्राप्त हुई। वर्तमान में इस महाविद्यालय में 121 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। चिकित्सा महाविद्यालय में 23 विभागों में लगभग 130 चिकित्सक कार्यरत है।स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध इंदिरा गांधी चिकित्सालय कोरबा में 357 बिस्तर का चिकित्सालय संचालित है, जिसमें विभिन्न प्रकार के जटिल रोगों का ईलाज हो रहा है। पूर्व में बेहतर ईलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब जटिल से जटिल बीमारियों का उपचार मेडिकल कॉलेज कोरबा में हो रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने एक दिवसीय जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टरेट कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए जा रहे छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा 10 फीट ऊंची है, जिसकी कुल लागत 10 लाख रुपये है।
- -मुख्यमंत्री ने ई-लाइब्रेरी में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड देकर ई-लाइब्रेरी का किया शुभारंभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले के प्रवास के दौरान डिंगापुर में नवनिर्मित प्यारेलाल कवर स्मृति पुस्तकालय का डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने रीडिंग जोन में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रीडिंग जोन में कोरबा निवासी अध्ययनरत छात्रा के स्नेहा राव से लाइब्रेरी के बारे में जानकारी ली। जिस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लाइब्रेरी में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं स्वयं एक युवा और बेरोजगारी भत्ता योजना की हितग्राही हूं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए धन्यवाद दिया और बताया कि उन्हें तीन किस्त मिल चुके हैं और प्राप्त पैसों से उनके द्वारा किताबें, लाइब्रेरी का सब्सक्रिप्शन, आवागमन आदि अन्य खर्च के लिए उपयोग कर रही है। जिससे उन्हें काफी सुविधा मिल रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री से सारिका सिन्हा, अविनाश, लक्ष्मी नारायण तथा अन्य युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की और उन्हें सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया।
- -युवाओं को प्रतियोगी माहौल में तैयारी के लिए सभी जरूरी संसाधनों की गई है व्यवस्थारायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने एक दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान जिले को ई-लाइब्रेरी की सौगात दी है। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है। यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष फोकस करते हुए जरूरी किताबें और मासिक मैगजीन, ई बुक, ई न्यूज पेपर, प्रतियोगी परीक्षा के लिए लेटेस्ट उपयोगी किताबें उपलब्ध होगी।लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। यह छात्रों के लिए व्यक्तिगत स्टडी टेबल की तरह होगा। जिससे छात्र लाइब्रेरी में एकाग्रचित होकर पढ़ाई कर पाएंगे। तीन मंजिला इस लाइब्रेरी में फ्री वाईफाई की भी सुविधा दी गई है। जिससे शहर में बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एक अनुकूल जगह मिल पाएगी। यहां प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे। यहां एक साथ करीब 100-150 बच्चों के एक साथ बैठने की सुविधा है। साथ ही यहां छात्रों के लिए एक कैंटीन की व्यवस्था भी है।
- बिलासपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय श्री रमेश सिन्हा ने आज बिलासपुर स्थित केन्द्रीय जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान जेल स्थित पुरूष बंदीगृह तथा महिला बंदीगृह दोनों का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने बंदियों से बातचीत करते हुए मूलभूत सुविधाओं व व्यवस्था जैसे कि स्वास्थ्य, इलाज, दवाईयाँ आदि की जानकारी ली। बंदियों से उनको दिये जाने वाले भोजन तथा साफ-सफाई का जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने विचाराधीन बंदियों से जानकारी ली कि वह किन-किन अपराधों में बंद है। महिला बंदीगृह का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई की प्रशंसा की। बच्चों के साथ जेल में रहने वाली महिला बंदियों की एक सूची बनाने के निर्देश दिये। सीआरपीसी की धारा-432 के संबंध में कार्यवाही हेतु बंदियों की जानकारी भी ली गई। बच्चों के साथ जेल में रहने वाली महिला बंदियों से उनके बच्चों हेतु शिक्षा, खेलकूद व स्वास्थ्य संबंधी उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और उनमें आवश्यक सुधार करने हेतु निर्देशित किया।मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने जेल अधीक्षक से जेल की क्षमता तथा बंदियों की संख्या की जानकारी ली. उन्होनें बताया कि केन्द्रीय जेल बिलासपुर की क्षमता 2290 बदियों की है। वर्तमान में जेल में बंदियों की कुल संख्या 3153 है जिसमें से पुरुष बंदियों की संख्या 2946 तथा महिला बंदियों की संख्या 207 है। इस पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा छोटे अपराधों में बंद विचाराधीन बंदियों की एक सूची त्वरित बनाये जाने हेतु जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल, बिलासपुर को निर्देशित किया गया। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा केन्द्रीय जेल, बिलासपुर में कैदियों को मिलने वाली विधिक सेवा की जानकारी ली तथा उन्होंने निर्देशित किया कि बंदियों को विधि का वास्तविक ज्ञान सरल भाषा में दिया जाये ताकि भविष्य में उनके जीवन में सुधार आये तथा वे अपराध की ओर अग्रसर नहीं हों।गौरतलब है कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति द्वारा यह औचक निरीक्षण का लगातार तीसरा दिन था औचक निरीक्षण में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर श्री अशोक कुमार साहू, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट श्री सौरभ कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह एवं न्यायाधिपति महोदय के एडिशनल रजिस्ट्रार कम प्रिंसिपल प्राईवेट सेकेटरी एन. सुब्रहमन्यम भी शामिल थे। ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुए मात्र 03 माह ही व्यतीत हुए हैं, उक्त 03 माह के कार्यकाल में ही जिला न्यायालय रायपुर बिलासपुर, कॉकेर, जगदलपुर दंतेवाड़ा, कोरबा, कटघोरा, मुंगेली व जांजगीर-चांपा का निरीक्षण कर मुलभूत सभी कार्य को शीघ्रातिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दे चुके हैं ।
- - 100 सीटर खेल अकादमी में तैयार होंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ीरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में आवासीय खेल अकादमी का शुभारंभ किया। खेल अकादमी में खिलाड़ियों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग जैसे खेल का प्रशिक्षण मिलेगा। आवासीय खेल अकादमी में फुटबॉल में बालक वर्ग में 20 खिलाड़ी, बालिका वर्ग में 20 खिलाड़ी, वॉलीबॉल में बालक वर्ग में 12 व बालिका वर्ग में 12 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है।इसी तरह बास्केट बॉल में बालक व बालिका वर्ग के 10-10 और स्विमिंग में 8-8 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सह- आवासीय व्यवस्था है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के घोषणा अनुरूप आवासीय खेल अकादमी के संचालन के लिए प्रियदर्शनीय इंदिरा स्टेडियम परिसर में सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से एकेडमी के संचालन के लिए सभी संसाधन विकसित किए गए हैं। अकादमी में 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व आवास की व्यवस्था की गई है जिससे खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार होंगे।
- -नवीन भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 40 लाख रूपये का प्रावधानरायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है।यह महाविद्यालय परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा। सुरक्षात्मक दृष्टि से सम्पूर्ण परिसर को सी.सी.टी.व्ही. कैमरा के निगरानी में रखा गया है । क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक गतिविधि हेतु आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गयी है। जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं बहुआयामी विकास हो सके।शासन द्वारा इस महाविद्यालय के संचालन हेतु प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, कीड़ाधिकारी तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 34 पद स्वीकृत किए गए हैं एवं नवीन भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 40 लाख रूपये का भी प्रावधान किया गया है।जिले में अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय के प्रारम्भ होने से जिले में संचालित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अन्य जगहों में जाकर अध्ययन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें उनके शहर में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।
- रायपुर। राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 14 अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। जितेन्द्र कुमार शुक्ला को पर्यटन मंडल का एमडी बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें खाद्द एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संचालक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बिलासपुर कलेक्टर सौरभ कुमार को कोरबा जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार कोरबा के कलेक्टर संजीव कुमार झा को बिलासपुर कलेक्टर बनाया गया है।देखें पूरी सूची-----


- -उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी एक्ट के राज्य पर्यवेक्षक मंडल की हुई बैठकरायपुर.। . उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने राज्य में पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मितानिनों और स्वसहायता समूहों की महिलाओं को जागरूक करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों वर्ग महिलाओं से सीधे जुड़े होते हैं और इस एक्ट के पालन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने एक्ट के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने शुक्रवार को रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट के राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक में ये निर्देश दिए।पीसीपीएनडीटी एक्ट के राज्य पर्यवेक्षक मंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में मंडल में शामिल नए सदस्यों का स्वागत किया गया। पीसीपीएनडीटी एक्ट के संयुक्त संचालक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि राज्य में संचालित 51 एफआरयू (First Referral Unit) में से 40 संस्थाओं में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध हैं। शेष 11 संस्थाओं में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन के माध्यम से मशीनों की आपूर्ति प्रक्रियाधीन है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पिछले कैलेंडर वर्ष 2022 में जनवरी से दिसम्बर के बीच कुल 960 सोनोग्राफी सेंटर्स का निरीक्षण किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में अप्रैल से जून के बीच 586 सेंटर्स का निरीक्षण किया गया है।राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक में सदस्यगण विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े और श्रीमती छन्नी साहू, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. महेन्द्र सिंह, एम्स (AIMS) रायपुर के डॉ. अतुल जिंदल, डॉ. अशोक भट्टर, डॉ. सुधीर शुक्ला, डॉ. रवि चौबे और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
- -मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात कीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान संघ द्वारा राज्य के बुनकरों को हाथकरघा वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल की सराहना की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बुनकरों को प्रोत्साहित करते हुए राज्य में हाथकरघा उद्योग न केवल हमारे नियमित रोजगार का साधन है, बल्कि ये हमारी धरोहर एवं संस्कृति भी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा उद्योग के माध्यम से रोजगार की असीम संभावना को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बुनकरों के हित में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बुनकरों को हाथकरघा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक तथा अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया, ताकि उन्हें अधिक से अधिक रोजगार और आय प्राप्त हो सके।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री विशाल राम देवांगन, शैलेश देवांगन, अवधराम देवांगन, लखनलाल, खोरबाहरा देवांगन, शंकरलाल डडसेना, कामता प्रसाद साहू तथा चेतनलाल देवांगन आदि उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ राज्यगीत के रचयिता डॉ. नरेंद्र देव वर्मा पर शोध करने वाली शोधार्थी सुश्री चंदन बाला ने सौजन्य मुलाकात की । सुश्री बाला ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह डॉ. नरेंद्र देव वर्मा पर शोध करने वाली पहली शोधार्थी हैं । मुख्यमंत्री ने सुश्री बाला को बधाई एवं शुभकामनाएं दी । बतौर शोधार्थी सुश्री बाला के डॉ. नरेंद्र वर्मा के जीवन और राज्यगीत से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को समर्पित कई खूबसूरत गीत लिखे गए हैं परन्तु 'अरपा पैरी के धार' जैसी कोई रचना नहीं, जो राज्य के सम्पूर्ण वैभव एवँ सुंदरता को व्यक्त कर सके । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यही कारण है कि जब मैंने अरपा पैरी के धार को राज्यगीत बनाने की घोषणा की तो सभी ने एक स्वर से इसका समर्थन किया ।सुश्री बाला ने बताया कि वे शासकीय दुधाधारी बजरंग कन्या महाविद्यालय, रायपुर में डॉ. सविता मिश्रा के अधीन अपना शोध कार्य कर रही हैं । इस अवसर सुश्री बाला के पिता श्री मनहरण लाल साहू और माता श्रीमती बीनू साहू भी उपस्थित रहे ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने हाल ही में अनुपूरक बजट के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा शासकीय कर्मियों के हित में की गई घोषणाओं के लिए उनका आभार जताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय कर्मियों के लिए चार प्रतिशत डीए में वृद्धि के साथ ही सातवें वेतनमान के मुताबिक गृह भाड़ा भत्ता देने की घोषणा की गई है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून तथा शंाति व्यवस्था बनाए रखने में हमेशा चौकन्ना रहकर तत्परतापूर्वक कार्य के लिए कहा। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री ओ.पी. शर्मा, उपाध्यक्ष श्री तारकेश्वर पटेल सहित सर्वश्री अभिषेक महेश्वरी, सुखनंदन राठौर, आकाश राव, पीताम्बर सिंह पटेल, धीरेन्द्र पटेल, सुशील नायक, मनोज ध्रुव, उदयन बेहार, जितेन्द्र चन्द्राकर, सुश्री कल्पना वर्मा, गुरू प्रधान, पंकज शुक्ला, सुश्री अमृता शोरी, सुमीत गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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-मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात
-राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जातियों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल किए जाने संबंधित विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के उनके प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है।गौरतलब है कि विगत दिवस 25 जुलाई को राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। इसके पहले पिछले साल दिसम्बर में लोकसभा ने इस विधेयक को पारित किया था। इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से मिली इस सफलता पर प्रतिनिधिमंडल को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य ध्येय राज्य में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य में हमारी सरकार के बनते ही आदिवासियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर मात्रात्मक त्रुटि के कारण आदिवासी समुदाय को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया गया और उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति आयोग को विभिन्न समाजों के माध्यम से जो ज्ञापन मिले, आयोग द्वारा उनकी सुनवाई कर ट्राईबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के माध्यम से अध्ययन के बाद प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया। राज्य सरकार की इस पहल पर जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने संबंधी विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री बी.एल. ठाकुर, भारत सिंह, प्रेमलाल सिदार, रवि सिदार, मदनलाल, हीरालाल, श्रीमती वेद्वती, डॉ. शंकरलाल उईके सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - -मुख्यमंत्री ने परिजनों को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि देने की घोषणा कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में खुज्जी विधानसभा के पूर्व विधायक श्री भोलाराम साहू तथा सड़क दुर्घटना में मृत चार व्यक्तियों के परिजनों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 17 जुलाई 2023 को हुए एक दुःखद सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर परिवार की आर्थिक परेशानियों को देखते हुए चारों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले के छुरिया में बोईरडीह स्थित एक पुल पर दो मोटर साइकिल की भिड़ंत में चार युवाओं श्री हितेश चावरे, श्री दिलीप मंडावी, श्री शिवेन्द्र नेताम और श्री मोमेन्द्र कुंजाम की मृत्यु हुई थी।
- -चिकित्सकों के नियमित पदों पर भर्ती हेतु की गई घोषणा के लिए व्यक्त किया आभाररायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में द इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रांच के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल के द्वारा भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी चिकित्सकों के नियमित पदों पर भर्ती हेतु की गई घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती, सचिव डॉ. अखिलेश साहू, डॉ. अविनाश कुशवाहा, डॉ. कार्तिक बघेल और डॉ. अवल प्रसाद भी उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने 28 जुलाई को हाईकोर्ट के मामलों की सुनवाई पश्चात् औचक निरीक्षण हेतु जॉजगीर-चांपा पहुंचे। उन्होंने वहां जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां पर उन्होंने परिसर में अस्त व्यस्त पार्किंग, कोर्ट प्रांगण में अवारा पशुओं का विचरण, भवन की दिवालों में जगह-जगह सीपेज होना तथा वॉशरूम को अत्यधिक अस्वच्छ होना पाया। उपरोक्त तथ्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की एवं सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु जिला न्यायाधीश को निर्देश दिये गये।ज्ञात हो कि मुख्य न्यायाधिपति द्वारा यह औचक निरीक्षण का लगातार दूसरा दिन था। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा अधिवक्ताओं के बाररूम का भी निरीक्षण किया गया तथा उनके समस्याओं को सुनकर शीघ्र निराकरण करने हेतु संबंधितों को निर्देश दिये। उनके द्वारा कॉन्फ्रेन्स हॉल में जिले के सभी न्यायाधीशों के साथ एक संयुक्त बैठक कर प्रकरणों को शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करने एवं 5 से 10 वर्ष के पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित गति से निराकृत करने हेतु निर्देश दिया गया। औचक निरीक्षण में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा भी शामिल थे।ज्ञात हो कि मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुए मात्र 03 माह ही व्यतीत हुए हैं। उक्त 03 माह के कार्यकाल में ही जिला न्यायालय रायपुर, बिलासपुर, कॉकेर, जगदलपुर दंतेवाड़ा, कोरबा, कटघोरा एवं मुंगेली का निरीक्षण कर मूलभूत सभी आवश्यक कार्य को शीघ्रातिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दे चुके हैं।इस प्रकार मुख्य न्यायाधिपति के लगातार औचक निरीक्षण करने से राज्य के समस्त जिला न्यायालयों एवं संबंधित अधिनस्थ न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं में सुधार होना प्रारंभ हो गया है।
- -रोगों की निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए पुख्ता व्यवस्था बनाने के दिए निर्देशरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक ली। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत सूचीबद्ध सभी बीमारियों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निगरानी और रिपोर्टिंग की पुख्ता व्यवस्था बनाने को कहा। श्री सिंहदेव ने राज्य स्तरीय निगरानी समिति की अगली बैठक शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान भी बैठक में शामिल हुए।एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने बैठक में बताया कि राज्य में सिंड्रोमिक (Syndromic) सर्विलेंस, प्रिज्मटिव्ह (Presumptive) सर्विलेंस और लैबोरेटरी सर्विलेंस के माध्यम से रोगों की निगरानी की जा रही है। रोगों पर त्वरित नियंत्रण और रोकथाम के लिए अलग-अलग स्तरों पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन भी किया गया है। राज्य स्तर पर एक, क्षेत्रीय स्तर पर छह, जिला स्तर पर 33 और विकासखंड (सीएचसी/पीएचसी) स्तर पर 926 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित हैं।डॉ. गहवई ने बताया कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में एस-फॉर्म (सिंड्रोमिक सर्विलेंस) में 69 प्रतिशत, पी-फॉर्म (प्रिज्मटिव्ह सर्विलेंस) में 82 प्रतिशत और एल-फॉर्म (लैबोरेटरी सर्विलेंस) में 78 प्रतिशत रिपोर्टिंग हुई है। इन तीनों फॉर्म्स में रिपोर्टिंग भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य क्रमशः 61 प्रतिशत, 66 प्रतिशत और 62 प्रतिशत से अधिक है। राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आऱ. भगत और राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के संचालक श्री समीर गर्ग भी मौजूद थे।
- -मतदाता जागरूकता के लिए सभी का सहयोग जरूरी : सीईओ श्रीमती कंगालेरायपुर /भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2023 का शुभारंभ 2 अगस्त से हो रहा है। इस दिन राज्य के सभी मतदान केंद्रों में मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। पुनरीक्षण के संबंध में दावा-आपत्ति 31 अगस्त तक प्राप्त किए जाएंगे। इसी क्रम में 12 और 13 अगस्त तथा 19 और 20 अगस्त को मतदान केंद्रों में विशेष शिविर भी आयोजित किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले की अध्यक्षता में आज पुनरीक्षण कार्यक्रम में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न एनजीओ के साथ बैठक आयोजित की गई। सीईओ श्रीमती कंगाले ने आसन्न विधानसभा निर्वाचन 2023 के दृष्टिगत सभी पात्र एवं पंजीकृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए संस्थाओं कोे सहयोग करने के निर्देश दिए।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण बहुत सारे मतदाता मतदान से वंचित हो जाते हैं, और यह जागरूकता की कमी से होता है। सीईओ श्रीमती कंगाले ने 2 अगस्त से प्रारंभ होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के द्वितीय चरण के प्रारंभिक दिवस पर जिला मुख्यालयों में युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, तृतीय लिंग और शासकीय कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों में वॉकाथॉन और सायकल रैली का आयोजन करने के निर्देश दिए। अधिक से अधिक लोगों तक इस कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील भी की गई। साथ ही श्रीमती कंगाले ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में बल्क मोबाईल एसएमएस, सोशल मीडिया पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और पोस्टर व होर्डिंग्स के माध्यम से पुनरीक्षण अवधि के दौरान सतत रूप से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में स्मार्ट सिटी रायपुर, जिला पंचायत, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय रायपुर एवं अन्य विभागों के अधिकारी सहित नेहरू युवा केंद्र, स्काउट गाइड, एनएसएस, एनसीसी एवं अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -अब तक 23 हजार से अधिक कृषकों ने वृक्षारोपण के लिए दी सहमति-चालू वर्ष में 36 हजार एकड़ भूमि में होगा वृक्षारोपण-पांच एकड़ से अधिक वाले किसानों का 09 हजार एकड़ रकबा पंजीकृतरायपुर /छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना’’ लागू की गई है। राज्य में योजनांतर्गत अब तक 23 हजार से अधिक हितग्राहियों द्वारा लगभग 36 हजार एकड़ निजी भूमि में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत वृक्षारोपण के लिए सहमति प्रदान कर दी गई है। इनमें पांच एकड़ से अधिक रकबा वाले किसानों का 09 हजार एकड़ रकबा में वृक्षारोपण का पंजीयन भी शाामिल है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में वृक्षों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने की अपार संभानाओं को देखते हुए यह योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषकों की सहमति पर उनके भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाना है।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में किसानों द्वारा विशेष रूचि दिखाई जा रही है। मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत अब तक पंजीकृत रकबा में टिशू कल्चर सागौन के लिए 2 हजार 600 एकड़, साधारण सागौन- 5 हजार एकड़ तथा टिशू कल्चर बांस के लिए 600 एकड़ शामिल है। इसके अलावा साधारण बांस-700 एकड़, क्लोनल नीलगिरी-18000 एकड़, चंदन-1300 एकड़, मिलिया डूबिया-825 एकड़ सम्मिलित है।राज्य में योजनांतर्गत 36 हजार एकड़ रकबे में वृक्षों का होगा रोपणइस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजनांतर्गत राज्य में इस वर्ष विभिन्न प्रकार के प्रजाति के वृक्ष का 36 हजार एकड़ रकबे में रोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी पात्र होंगे। इसके अलावा शासकीय, अर्धशासकीय तथा शासन के स्वायत्व संस्थान जो अपने स्वयं के भूमि पर रोपण करना चाहते हैं, पात्र होंगे। इसी तरह निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, भूमि अनुबंध धारक, जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते हैं, वे पात्र होंगे।मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है। इसके तहत राज्य के सभी कृषकों, शासकीय, गैर शासकीय, अर्धशासकीय, पंचायतें, अथवा स्वायत्व संस्थानों की भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण उपरांत सहयोगी संस्था, निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वनोपज के क्रय की व्यवस्था करते हुए एक सुदृढ़ बाजार व्यवस्था आदि सुनिश्चित करना है।
- बालोद। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में आज तांदुला जलाशय आदमाबाद में बाढ़ आपदा से बचाव हेतु एन.डी.आर.एफ की तीसरी वाहिनी बटालियन मुण्डली कटक(ओडिशा) के द्वारा माॅकड्रिल का आयोजन किया गया। तांदुला जलाशय में एन.डी.आर.एफ. कटक की टी और नगर सेना की टीम द्वारा बाढ़ में फंसे व्यक्ति को कैसे बचाया जाए, इस संबंध में डेमो का प्रदर्शन किया गया। रेस्क्यू टीम के गोताखोरों द्वारा पानी की गहराई में जाकर डमी व्यक्ति को बाहर निकालकर दिखाया गया। एन.डी.आर.एफ. के मेडिकल सहायक टीम द्वारा सी.पी.आर. का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। माॅकड्रिल में चार मोटरबोट का प्रयोग किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव, डिप्टी कलेक्टर सुश्री ठाकुर, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी श्री दिनेश रावटे, तहसीलदार श्री परमेश्वर मण्डावी सहित अन्य अधिकारी, रेडक्राॅस बालोद के सदस्य व स्कूली विद्यार्थी आदि मौजूद थे।
- -बालोद में पशुओं के कारण उत्पन्न समस्या की रोकथाम हेतु किए गए पुख्ता उपाय-सड़कों में घूमने वाले पशुओं को ले जाया जाएगा गौठानबालोद। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के निर्देश पर कल शाम नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा नगर की सड़कों पर विचरण कर रहे घुमंतू पशुओं के कारण उत्पन्न समस्या के रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय किया गया। अब पशु मालिकों द्वारा अपने अहाते में पशुओं को न रखने पर होगी कड़ी कार्रवाई। सड़कों में घूमने वाले पशुओं को गौठान ले जाने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध मे नगर के सभी वार्डों में मुनादी कर सूचना प्रसारित की गई है। 27 जुलाई की संध्या से नगर पालिका परिषद बालोद अंतर्गत अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद श्री सुनील अग्रहरि सहित नगर पालिका बालोद, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी युवाओं द्वारा नगर के मुख्य मार्गों में घूम रहे पशुओं को एकत्रित करते हुए गौठान ले जाया गया। गौठान में पशुओं के रखरखाव हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई का अवलोकन करने गौठान पहुंचे। उन्होंने वहां टीम द्वारा की गई कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए सभी सहभागी लोगों का उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा वे इस प्रकार की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें। नगर में घुमंतू पशुओं के विचरण के कारण लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या नही होनी चाहिए।
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-रोगियों को आसान उपचार और शोध एवं अनुसंधान पर विशेष ध्यान दें चिकित्सक
रायपुर ।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नए निदेशक के रूप में एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने शुक्रवार को संस्थान का दौरा कर चिकित्सा शिक्षकों, अधिकारियों और छात्रों के साथ संवाद कर संस्थान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रोगियों के उपचार के लिए हर संभव कदम उठाने और दवाइयों एवं अन्य किट्स की खरीद को सरल बनाकर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराने और शोध एवं अनुसंधान पर विशेष जोर दिया।उन्होंने महत्वपूर्ण उपकरणों और दवाइयों को अपेक्षाकृत आसानी के साथ विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराकर रोगियों को आसान उपचार के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को निर्देशित किया। उनका कहना था कि सभी आवश्यक दवाइयां रोगियों को अमृत फार्मेसी के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत के रोगियों को भी सरल प्रक्रिया के माध्यम से तुरंत उपचार मिलना चाहिए।प्रो. सिंह ने शिक्षकों और छात्रों के मध्य शोध और अनुसंधान की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने और उन्हें हर संभव मदद प्रदान करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के बारे में भी जानकारी ली और दीक्षांत समारोह की तैयारियों के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता, अधिष्ठाता (अकादमिक) प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल, प्रो. सरिता अग्रवाल, वित्त सलाहकार बी.के. अग्रवाल सहित वरिष्ठ शिक्षक और अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर /लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों को आई फ्लू आंखों की बीमारी और मौसमी बीमारी के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिन स्कूलों के बच्चों में आई फ्लू की समस्या है उनको स्कूल आने से मना करने एवं उन्हें घर में रहने की सलाह देने कहा गया है। साथ ही मौसमी बीमारी से बचाव के उपाय और उन्हें जागरूक करने के लिए सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में जानकारी देने कहा गया है।लोक शिक्षण संचालनालय से जारी पत्र में कहा गया है कि आई फ्लू आंखों की एक बीमारी है, जिसे आंख आना, आंखों का गुलाबी होना या पिंग आई भी कहते हैं। आई फ्लू बरसात के मौसम में आंखों का इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। आंखों के होने वाले इंफेक्शन को आई फ्लू या कंजक्टिवाइटिस कहते हैं, इसमें इंफेक्शन होने वाले बच्चों की आंखें लाल हो जाती है। इसके साथ ही आंखों से पानी निकलता रहता है और सूजन आ जाती है। जिस कारण आंखों से साफ नहीं दिखता।आई फ्लू से बचने के उपाय- थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों की सफाई करें, आंखों को बार-बार न छूए, अपने आसपास सफाई रखें, अपनी आंखों को समय-समय पर धोए, अगर बाहर जाना ज्यादा जरूरी है तो काला चश्मा पहनकर जाएं, पीड़ित व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचें, संक्रमित व्यक्ति के बेड, तौलिया या कपड़े का इस्तेमाल न करें तथा समस्या अधिक होने पर अपने नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर से ईलाज कराएं।शासकीय और अशासकीय स्कूलों में यह सभी जानकारी संबंधित अधिकारियों को प्रेषित करने निर्देशित किया गया है। इस संबंध में संचालक, महामारी नियंत्रण ने अपने परिपत्र में कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों, उपचार और इससे बचाव के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि कंजक्टिवाइटिस आंख की आम बीमारी है जिसे हम आँख आना भी कहते हैं। इस बीमारी में रोगी की आँख लाल हो जाती है, कीचड़ आता है, आँसू आते हैं, चुभन होती है तथा कभी-कभी सूजन भी आ जाती है।कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप जैसे जेंटामिसिन (Gentamicine), सिप्रोफ्लॉक्सिन (Ciprofloxacine), मॉक्सीफ्लॉक्सिन ( Moxifloxacin) आई ड्रॉप आँखों में छह बार एक-एक बूंद तीन दिनों के लिए मरीज को देना चाहिए। तीन दिनों में आराम न आने पर किसी अन्य बीमारी की संभावना हो सकती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस की जाँच एवं उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।कंजक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आँखों को हाथ न लगाने की सलाह देनी चाहिए। रोगी से हाथ मिलाने से बचकर एवं उसकी उपयोग की चीजें अलग कर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आँख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।
- -कृषि छात्रों हेतु कैरियर की संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजितरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षां में कृषि क्षेत्र का व्यवसायीकरण होने के कारण अब कृषि छात्रों के लिए अच्छे कैरियर की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद भी कई वर्षां तक कृषि की भूमिका देश की जनता को भोजन उपलब्ध कराने तक की सीमित थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षां में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपरान्त बाजार आधारित कृषि व्यवस्था का विकास होने लगा है, जिससे कृषि छात्रों के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों तथा निजी क्षेत्र में कैरियर विकास के अवसर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत से कृषि छात्र अपना स्टार्टअप प्रारंभ कर स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित हो रहे हैं। डॉ. चंदेल आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कैरियर डेवलपमेन्ट सेन्टर द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘‘कृषि छात्रों के लिए कैरियर संभावनाएं’’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विस्तार शिक्षा संस्थान आणनंद गुजरात के डॉ. केयुर गरधरिया ने छात्रों को संवाद कौशल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर विकास में संवाद की अहम भूमिका होती है। आपके पास जितनी अच्छी संवाद क्षमता होगी जीवन के हर क्षेत्र में आप उतने ही अधिक सफल हो सकेंगे। कार्यशाला के दूसरे मुख्य वक्ता एजुकेशन एलायन्स एग्रीकल्चर भिलाई के संचालक अभिषेक सिंह राजपूत ने कृषि स्नातकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाआें एवं कैरियर विकास के संबंध में जानकारी दी। दोनो मुख्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सामाधान भी किया। कार्यशाला को कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने भी संबोधित किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेन्ट प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. अकरम खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बैनर्जी ने किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कृषि महाविद्यालय रायपुर के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध छात्र उपस्थित थे।
- दुर्ग /कलेक्टर व अध्यक्ष, इंडियन रेडक्रास सोसायटी श्री पुष्पेन्द्र सिंह मीणा प्रेरणा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सचिव श्री डॉ.जे.पी. मेश्राम इंडियन रेडक्रास सोसायटी तथा श्री जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग एवं जिला आपदा प्रबंधन समिति (होम गार्ड) के संयुक्त आयोजन में एक दिवसीय बाढ़ एवं आपदा प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम दुर्ग नगर स्थित शास.प्रा.शाला पोटिया के पिछे स्थित ‘‘माता तालाब’’ में 28 जुलाई 2023 को किया गया । उक्त कार्यकम में जिले के लगभग शासकीय व अशासकीय विद्यालय एवं महाविद्यालय केएक हजार युथ व जुनियर रेडक्रास के छात्र-छात्राएं एवं प्रभारीगण सम्मिलित हुए । इसके साथ उक्त कार्यक्रम में आसपास क्षेत्र के रहवासीयों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई । उक्त बाढ़ एवं आपदा प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम के उद्घाटन में श्री नागेन्द्र कुमार सिन्हा, जिला सेनानी दुर्ग, कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती सरिता अग्रवाल, डॉ. रेशमा लकेश गर्ल्स कॉलेज दुर्ग एवं श्रीमती संगीता वर्मा घनश्याम कॉलेज दुर्ग के द्वारा किया गया। इस दौरान नागेन्द्र कुमार सिन्हा ने उपस्थित जुनियर एवं युथ रेडक्रॉस के छात्र-छात्राओं को अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण हर नागरिक को लेना चाहिए । आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण प्राप्त नागरिक अपने के साथ इससे जरूरतमंद नागरिक की जन हानि को बचाता है । आपदा में फंसे उस व्यक्ति का दृढ़ निष्चय बहुत मजबुत होना चाहिए । श्री सिन्हा ने एस.डी.आर.एफ. के द्वारा चलाये गये कठिन रेस्क्यू मिशन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम को सहा. परियोजना अधिकारी श्री विवेक शर्मा ने भी संबोधित किया। सरिता अग्रवाल ने कार्यक्रम का स्वागत उदबोधन दिया ।उक्त प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम पोटिया स्थित छः एकड़ में फैला हुआ माता तालाब में जिला आपदा प्रबंधन समिति के प्रमुख श्री नागेन्द्र कुमार सिन्हा जिला कमाण्डेट एवं उनके प्रशिक्षको के द्वारा लाइव प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षकों के द्वारा जुनियर रेडक्रास के छात्र-छात्राओं एवं जन मानस को बाढ में प्रभावित एवं फंसे हुए व्यक्तियों को बचाने एवं पानी में डूबते हुए व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक सहायता एवं प्रभावित व्यक्ति के पेट से पानी निकालने की विधि बताई गई । श्री घनीराम यादव टीम प्रभारी के द्वारा सिमित एवं घरेलू संसाधनो का उपयोग करते हुए कैसे बाढ़ से बचा जाए इसकी जानकारी दी गई । इसके अंतर्गत जैसे खाली 05 प्लास्टिक के पानी बॉटल, 02 खाली टीपा, 2 मटका राफ्ट, गेलन राफ्ट, आदि से बाढ़ से बचा जा सकता है। कार्यशाला के दौरान आपदा प्रबंधन के सदस्यांे द्वारा बाढ एवं आपदा में उपयोग किये जाने वाले आधुनिक उपकरणो एवं सिमित संसाधनों द्वारा बचाव की जानकारी दी गई तथा एस.डी.आर.एफ. के द्वारा स्कोबा डाईविंग करके लाईव डेमो दिया गया जिसके अंतर्गत पानी में डुबे हुए व्यक्ति को कैसे ढूंढा जा सके । इसके पश्चात फायर फाईटिंग के अंतर्गत आग को बुछाने के भी उपाय छात्र-छात्राओं एवं प्रभारियों को डेमो करके दिखाया गया तथा छात्र-छात्राओं को भी डेमो करने को कहा गया । जिसके अंतर्गत गैस सिलेण्डर में लगी आग को गीले चादर, प्लास्टिक बाल्टी बड़ा, तथा हाथ से बंद करना सिखाया गया। इसके साथ-साथ शास.उ.मा.वि. उरला के जुनियर छात्र लिकेश साहू ने अपना आज के कार्यक्रम के उपरांत अनुभव बताया कि बाढ़ तथा आग लगने पर कैसे सावधानी रखनी चाहिए तथा अपने आस पास के साधन से इनसे कैसे अपने जीवन को बचाया जा सकता है। इसी प्रकार तिलक कन्या दुर्ग की छात्रा मिली साहू ने बताया कि आग लगने पर हमे अपनी सुरक्षा के साथ-साथ आग कैसे बुझाए इसकी जानकारी प्राप्त हुई। यूथ रेडक्रॉस हरप्रीत सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रभावित व्यक्ति को सी.पी.आर. देना है ।उक्त कार्यक्रम में विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्रा एवं प्रभारियों ने भाग लिया जिसमें शास.आदर्श कन्या दुर्ग, शास.उ.मा.वि. तितुरडीह, सरस्वती शिशु मंदिर कसारीडीह दुर्ग, शास. महात्मागांधी उ.मा.वि. दुर्ग, विश्वदीप उ.मा.वि. दुर्ग, तुलराम आर्य कन्या उ.मा.वि. दुर्ग, शहीद भगत सिंह स्कुल, रूआंबांधा स्कुल, साईंस कॉलेज दुर्ग, रानीलक्ष्मी बाई स्कुल, सेजस जे.आर.डी. दुर्ग, नेशनल स्कुल दुर्ग, दुर्ग पब्लिक स्कुल, घनश्याम सिंह आर्य महाविद्यालय, अशरफिया पब्लिक स्कुल, देव संस्कृति कॉलेज खपरी, श्री महावीर जैन विद्यालय, सनसाईन स्कुल, सुराना कॉलेज, मदर कान्वेंट स्कुल, तितुरडीह स्कुल, तकियापारा स्कुल, गर्ल्स कॉलेज दुर्ग, सांई कॉलेज से.-6, बोरसी स्कुल, धनोरा स्कुल, सिकोलाभांठा स्कुल, सेजस दीपक नगर, उरला स्कुल, भारतीय महाविद्यालय दुर्ग आदि सम्मिलित हुए।उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री युवराज देशमुख रेडक्रास जिला संगठक, श्रीमती नीतु रॉय, श्री आर.के. साहू, श्रीमती गायत्री देशमुख, श्री सचिन कुमार शर्मा, श्री संतोष कुमार बघेल, अजय नारायण, कीर्तन पटेल, हिमोनी बघेल, मनोरमा पाण्डेय, रेखा शर्मा, अनिल साहू, संतोषी सोनी, गंगा देवांगन, प्रणिता साहू, श्याम शंकर त्रिपाठी शशी किरण बघेल, अनिता सोनी, राममिलन उर्वाशा, अनिता अरोड़ा, संगीता वर्मा, प्रीति जंघेल, लोमन साहू, कुमुद साहू, डॉ. उमेश वैद्य दानेश्वर प्रसाद, संगीता चौधरी रितेश रहंागडाले, सुशील असाटी, अनिल देवांगन, सुनैना यादव, श्रद्धा साहू, एवं युथ रेडक्रास टीम आदि का सराहनीय सहयोग रहा । कार्यक्रम का संचालन अनिता बर्वे द्वारा किया गया ।








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