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- रायपुर,। प्राथमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में सुधार करना और उनके पोषण स्तर को बढ़ाना था। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सुचारु संचालन के संबंध में समस्त जिलों को मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।राज्य शासन के संज्ञान में आने के फलस्वरूप योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोईया विगत 28 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कुछ शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पुनः अवलोकन करते हुए कलेक्टरों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में शालेय दिवसों में मध्यान्ह भोजन का संचालन अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। रसोईयों की हड़ताल, अस्वस्थता अथवा किसी अन्य विवाद की स्थिति में मध्यान्ह भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था करना संचालनकर्ता समूहों की अनिवार्य जिम्मेदारी होगी।यदि किसी शाला में रसोईया की अनुपस्थिति के कारण मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित रसोईया के साथ-साथ संचालनकर्ता समूहों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें कार्य से हटाए जाने, कुर्की कास्ट में कटौती तथा रसोईया के मानदेय में कटौती जैसी कार्यवाही शामिल है।सभी कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे अपने जिले में निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे।
- -मंत्रालय में कृषि विकास को लेकर करेंगे समीक्षा बैठकरायपुर। केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कल 31 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ दुर्ग जिले के कुम्हारी में युवा प्रगतिशील किसान एसोसिएशन द्वारा आयोजित किसान मेला में शामिल होंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे। साथ ही विधायक श्री डोमलाल कोर्सेवाड़ा एवं पूर्व विधायक श्री देवजीभाई पटेल भी उपस्थित रहेंगे।गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान 31 जनवरी को ही सुबह दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला एवं खपरी में कृषि फार्म भ्रमण एवं पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके पश्चात कुम्हारी में आयोजित किसान मेला में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य में संचालित कृषि, कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके आदर्श एवं विचार देश सहित पूरी दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों ने भी गांधी जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
- -सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा-नवा रायपुर में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठकरायपुर / नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई। उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।
- -गढ़बेेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप- मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला को सराहारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंटमुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की।इको-फ्रेंडली घोटुल:वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बालक आश्रम के निरीक्षण के दौरान मौके पर ही दी स्वीकृति-स्कूली बच्चों से किया संवाद कहा मन लगाकर करें पढ़ाई, खेलों पर भी दें ध्यानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अबुझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरुषनार स्थित बालक आश्रम पहुंचकर छात्रों से रूबरू हुए आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों की मांग पर यहां एक नए हॉस्टल निर्माण की स्वीकृति प्रदान की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यहां उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। इस मौके पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि कहा आप सभी खूब पढ़ाई करें और अपने माता पिता सहित देश प्रदेश का नाम गौरव करें। उन्होंने आश्रम में रहने वाले विद्यार्थी रामजी से कहा की आप पढ़ लिखकर क्या बनना चाहते हैं तब रामजी ने कहा की मैं बड़ा होकर शिक्षक बनना चाहता हूँ। तब मुख्यमंत्री ने उनकी प्रशंसा की और मेहनत से पढ़ाई करने की समझाइश दी। इसी तरह छात्र सोप सिंह ने मुख्यमंत्री को पहाड़ा सुनाया। स्कूली बच्चों से संवाद के दौरान कक्षा दूसरी में पढ़ने वाला आदित्य ने मुख्यमंत्री से पूछा आपको स्कूल जाने में कैसा लगता था? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे स्कूल जाना अच्छा लगता था। बचपन में पढ़ाई को भरपूर समय दे, बड़ा आदमी बनने के लिए पढ़ाई आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली और कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को अंतरिक्ष अभियान के मॉडल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मॉडल प्रदर्शित करने वाले सभी विद्यार्थियों को खूब पढ़ाई करने और वैज्ञानिक बनने का प्रयास के लिए बधाई दी।उचित मूल्य दुकान का निरीक्षणमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत देखने कुरूषनार के शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचे। उचित मूल्य दुकान में मौजूद राशनकार्डधारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि उन्हें नियमित रूप से समय पर राशन मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य दुकान में मौजूद डुटाखार के मेहरो, दशरी, तिलो एवं सुनिता, गुमियाबेड़ा की रजनी बाई एवं अनिता और ग्राम कंदाड़ी की वीणाबाई से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की और उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी भी ली। इन सभी ने बताया कि उन्हें हर माह चांवल मिल रहा है और इसकी गुणवत्ता अच्छी है।मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकान में स्टॉक की उपलब्धता, रखरखाव , साफ सफाई, स्टॉक रजिस्टर, भंडारण क्षमता आदि की जानकारी ली। गौरतलब है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान से आसपास के 12 गांव आलवर, कंदाड़ी, कुरुषनार, कोडोली (विरान), गुमियबेड़ा, जिवलापदर, अरसगढ़, डुटाखार, कंकाल, जामपारा, कावड़वार और नदीपारा संलग्न है तथा 408 राशन कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सुकमा । सुकमा जिले में आज दो महिलाओं सहित चार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर आठ लाख रुपये का इनाम था। सुकमा जिला मुख्यालय में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चौहान और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा बल अधिकारियों के सामने आत्मसर्पण किया। इस दौरान एक एस.एल.आर. समेत चार हथियार भी सौंपे। ये माओवादी जिले के गोल्लापल्ली, कोंटा और किस्ताराम क्षेत्रों में सक्रिय थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने किया कुरूसनार से बस में यात्रियों के साथ सफर-मुख्यमंत्री बस सेवा के तहत दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रही परिवहन सुविधारायपुर/ राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा अब नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के प्रवास के दौरान कुरूसनार से लगभग 4 किमी तक ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा की।मुख्यमंत्री का बस सेवा से सफर करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है। उन्होंने अपने सह यात्रियों से अब इस नक्सल प्रभावित इलाके में बस सेवा शुरू होने से हुए फायदों के बारे में भी ग्रामीणों से पूछा। मुख्यमंत्री का यह दौरा और बस सेवा से किया जाने वाला सफर नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के अंतर्गत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें नियद नेल्ला नार मार्गों पर नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये बसें उन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे। पहला मार्ग नारायणपुर-नेलंगूर का है, जिसके अंतर्गत डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी तथा नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं। दूसरा मार्ग नारायणपुर-कुतूल का है, जिसमें कच्चापाल, कोडलियार एवं कुतूल के साथ कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है। तीसरा मार्ग नारायणपुर-गारपा का है, जिससे कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।यह बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें संचालन की जिम्मेदारी एक निजी बस ऑपरेटर को सौंपी गई है, जबकि शासन द्वारा मार्ग निर्धारण और निगरानी की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।
- -सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्रीरायपुर /किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।
- रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है।बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है। वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें 24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है।सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण -बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है।रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माणजिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है। इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
- -योजना का तेजी के साथ हो रहा है क्रियान्वयन-धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृतरायपुर /छत्तीसगढ़ में पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं l इसी कड़ी में मखाना की खेती किसानों के लिए एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आ रही है lछत्तीसगढ़ राज्य में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल करने की ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत राज्य में मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण कार्य की गतिविधियों में तेजी आई है lउद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 से उक्त योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 178 लाख 11 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के क्रियान्वयन हेतु धमतरी, बालोद, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों का चयन किया गया है।मखाना की बाजार में अच्छी मांगमखाना की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अगर केवल कच्चे बीज न बेचकर, बीज को प्रोसेस कर मखाना बनाकर बाजार में बेचें, तो उन्हें कहीं अधिक लाभ मिलता है l बीज को सुखाकर, भूनकर और प्रोसेस कर मखाना तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है lमखाना उत्पादन में कृषकों की रुचियोजना अंतर्गत मखाना उत्पादन एवं मखाना बीज उत्पादन की गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कृषकों के पूर्व से निर्मित तालाबों में 96.438 हेक्टेयर तथा किसानों की भूमि पर 37.424 हेक्टेयर, इस कुल 133.862 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय तथा विभागीय रोपणियों में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।मखाना उत्पादन में धमतरी जिले के 43 कृषक सम्मिलितवर्तमान में धमतरी जिले में महिला स्व-सहायता समूहों का चयन कर मखाना उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें शैल पुत्री स्व-सहायता समूह, नई किरण स्व-सहायता समूह, जय माँ नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह एवं प्रगतिशील कृषक समूह प्रमुख हैं। जिले में 55 एकड़ क्षेत्र में तालाबों में मखाना बीज की बुवाई पूर्ण की जा चुकी है तथा 15 एकड़ में तैयारी प्रारंभ है, जिसमें 43 कृषक सम्मिलित हैं। भूमि पर मखाना उत्पादन हेतु चयनित 55 एकड़ क्षेत्र में भी बुवाई की तैयारी प्रारंभ की गई है, जिसमें 20 कृषक शामिल हैं।2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावितउल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है, जिसके अंतर्गत 75 हेक्टेयर में तालाबों में तथा 30 हेक्टेयर भूमि पर मखाना उत्पादन, 10 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 5 हेक्टेयर में अतिरिक्त मखाना उत्पादन प्रस्तावित है।मखाना उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षणपिछले पांच वर्षों से मखाना की खेती कर रही ओजस फार्म की संचालक श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु एवं मिट्टी मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य में सर्वप्रथम आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा व्यावसायिक मखाना उत्पादन प्रारंभ किया गया था तथा दिसंबर 2021 में पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र स्थापित हुआ। वर्तमान में उनकी संस्था न केवल उत्पादन एवं प्रसंस्करण कर रही है, बल्कि राज्य एवं राज्य के बाहर के किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करने पर अधिकतम लाभश्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। यदि किसान स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करता है, तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
- -बारनवापारा में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षणरायपुर / बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गत दिवस किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों, आईटी आधारित वन प्रबंधन तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण से भावी वन सेवा के अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर उपयोग में आने वाली तकनीक एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से परिचित हुए।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अखिल भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि आप सभी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी कौशल को विकसित करें और छत्तीसगढ की वन संपदा की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सतत कार्य करे l उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारी को अपनी शुभकामनाएं दीं lप्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्रीय निदेशक सुश्री स्तोविषा समझदार ने डीज़ीपीएस की कार्यप्रणाली, उसकी उपयोगिता तथा वन सर्वेक्षण, सीमांकन एवं प्रबंधन में इसके महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीज़ीपीएस आधारित सर्वेक्षण से वन क्षेत्रों में सटीक डेटा संग्रह संभव होता है जो दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसी क्रम में उप-निदेशक, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व वरुण जैन ने “गज संकेत” मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एप हाथी मॉनिटरिंग, मूवमेंट ट्रैकिंग, मानव–हाथी संघर्ष प्रबंधन तथा त्वरित सूचना साझा करने में एक प्रभावी डिजिटल टूल के रूप में कार्य करता है। प्रशिक्षु अधिकारियों को एप के फील्ड उपयोग, डेटा एंट्री एवं प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी एवं फील्ड आधारित प्रशिक्षण भावी वन सेवा के अधिकारियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल टूल्स एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होंगे।अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य कृषानू चन्द्राकार ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बारनवापारा अभ्यारण्य की भौगोलिक, पारिस्थितिक एवं संरक्षण संबंधी विशेषताओं की जानकारी दी । इसके साथ ही अधिकारियों को अभ्यारण्य में संचालित वनभैंसा संरक्षण केंद्र, ब्लैकबक रिलोकेशन एवं संरक्षण केंद्र, ग्रासलैंड विकास क्षेत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जिससे उन्हें संरक्षण कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
- -राज्यपाल श्री रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल-1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गईरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक श्री विजय मिश्रा को श्री डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की।राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।श्री डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ मंे लगे हुए हैं। श्री डेका ने कहा कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढ़ना है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।श्री डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अतः उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है। श्री डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
- रायपुर ।ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं।इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।
- -सिरपुर महोत्सव का 1 से 3 फरवरी तक होगा भव्य आयोजनरायपुर । सिरपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं सिरपुर साडा द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल,छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी 2026 को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को महोत्सव में शामिले होने आमंत्रित किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।उद्घाटन अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दयाल दास बघेल, वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बसना श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव श्री बलरामकांत साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव एवं भारत स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।सिरपुर महोत्सव का समापन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल शामिल होंगे तथा अध्यक्षता सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी करेंगी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुन्द श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ छत्तीसगढ़ श्री इन्द्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव तथा जिला अध्यक्ष भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री येतराम साहू तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।सिरपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं सिरपुर साडा द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर साडा द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता करें।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से हमें सीख दी की दृढ़ संकल्प से जीवन की सभी चुनौतियों को परास्त किया जा सकता है। गांधी जी के विचार हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और श्री राम गर्ग भी उपस्थित थे।
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निर्वाण दिवस पर महात्मा गाँधी को मूर्ति स्थल पर सभापति सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष अवतार भारती बागल ने किया सादर नमन
रायपुर/आज महात्मा गाँधी के 78वें निर्वाण दिवस पर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर निगम जोन 4 के सहयोग से ऐतिहासिक टाउनहाल के प्रांगण में मूर्ति स्थल के समक्ष उन्हें सादर नमन करने संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन रखा गया, जिसमें पहुंचकर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने महात्मा गांधी को निर्वाण दिवस शहीद दिवस पर सादर नमन किया.
नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में और नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में प्रमुख रूप से रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल सहित राजधानी शहर रायपुर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, आमजनों ने महात्मा गाँधी को 78वें निर्वाण दिवस शहीद दिवस पर मूर्ति स्थल पर पहुंचकर आदरांजलि अर्पित की. -
- छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से 7वें वर्ष “मंडी की देवी मड़ई” का भव्य आयोजन
रायपुर।छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और योद्धा परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कोसरिया अहीर यादव सेवा समाज द्वारा “मंडी की देवी मड़ई (गहिरा मड़ई)” का आयोजन वर्ष 2026 में सातवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से 30 जनवरी 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा।इस संबंध में आयोजन समिति द्वारा मोतीबाग स्थित मधुकर खेर स्मृति प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जहाँ समाज के पदाधिकारियों एवं संयोजकों ने गहिरा मड़ई के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।गहिरा मड़ई केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि योद्धाओं की वीरता, साहस और आत्मबल का प्रतीक है। चंडी ताल की तेज लय पर लाठी और तलवार के साथ कलाकार जिस शौर्य का प्रदर्शन करते हैं, वह छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक युद्ध परंपरा की याद दिलाता है। माना जाता है कि पुराने समय में योद्धा युद्धभूमि की ओर इसी प्रकार गाते-बजाते और ललकारते हुए जाते थे।समय के साथ गहिरा मड़ई में रास नृत्य और कथात्मक प्रस्तुतियों का भी समावेश हुआ है। राधा-कृष्ण एवं गोप-गोपियों से जुड़े संयोग-वियोग और श्रृंगार रस पर आधारित दोहों के साथ किया जाने वाला यह नृत्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। इसके साथ ही नीति-निर्देशक दोहे समाज को सदाचार और नैतिक मूल्यों का संदेश भी देते हैं।इस आयोजन का एक विशेष पहलू परेतीन दाई से जुड़ी लोकमान्यता है। मान्यता के अनुसार बाजार-हाट की पहली बोहनी परेतीन दाई द्वारा किए जाने से समृद्धि आती है। ग्रामीण अंचलों में आज भी नवजात शिशु के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर यह परंपरा निभाई जाती है, लेकिन शहरीकरण के कारण यह लोक-विरासत धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।इसी लोकपरंपरा के संरक्षण के लिए गहिरा मड़ई का शुभारंभ रायपुर स्थित श्री हरदेव लाला मंदिर प्रांगण से विधि-विधानपूर्वक किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन बाबा हटकेश्वर नाथ धाम, महादेवघाट में होगा, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राऊत नाच और गहिरा मड़ई दलों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।इस अवसर पर प्रथम पुरस्कार ₹16,000, द्वितीय ₹11,000, तृतीय ₹7,000, चतुर्थ ₹5,000 तथा अन्य सभी दलों को ₹3,000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। गहिरा मड़ई आज छत्तीसगढ़ की पहचान बनते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। -
विधायक निधि जनता की निधि है, जिसका सदुपयोग जनहित में किया जाता है- सुनील सोनी
रायपुर/ आज रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 4 अंतर्गत पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के अंतर्गत पंजाबी कॉलोनी अरविन्द नगर के पास रायपुर दक्षिण विधायक निधि मद से 5 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से जनहित में जनउपयोग हेतु नवीन सामुदायिक भवन बनाने श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर भूमिपूजन किया.भूमिपूजन पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के पार्षद और रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी सहित महिलाओं, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति में रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने किया. रायपुर दक्षिण विधायक ने कहा कि रायपुर दक्षिण विधायक निधि आम जनता की निधि है और इसका आम जनता सुविधा के लिए जनहित में सदुपयोग किया जाता है. दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने तत्काल स्वीकृति अनुसार नया सामुदायिक भवन दक्षिण विधायक निधि मद से अरविन्द नगर पंजाबी कॉलोनी में सम्बंधित स्थल पर बनाया जाना प्रारम्भ करवाते हुए तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता सहित प्राथमिकता से जनहित में शीघ्र पूर्ण करवाना सुनिश्चित करवाने नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव को निर्देशित किया. वार्ड 57 पार्षद एवं नगर निगम एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी ने वार्ड 57 क्षेत्र में रायपुर दक्षिण विधायक निधि मद से नया सामुदायिक भवन बनाने भूमिपूजन कर कार्यरम्भ किये जाने पर सभी वार्डवासियों की ओर से रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी को हार्दिक धन्यवाद दिया. -
कार्यक्रम के माध्यम से घर-घर पहुंचेगी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं
बालोद/छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा दुर्ग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन जिलों दुर्ग, बालोद और बेमेतरा में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 30 जनवरी से शुरू होकर 06 फरवरी 2026 तक चलेंगे, जिसमें संभागीय और वितरण केंद्र स्तर पर विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उपभोक्ताओं का सम्मान किया जाएगा। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बिजली विभाग की सेवाओं को जनता तक पहुंचाना है। जिसके अंतर्गत बीपीएल कनेक्शन, कृषक जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम योजना, केन्द्रीकृत विद्युत कॉल सेंटर, मोर बिजली एप और ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाओं की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन और सहायता हेतु ऑन-स्पॉट हेल्प डेस्क उपलब्ध होगा। डिजिटल जागरूकता अंतर्गत ऊर्जा विकास पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। पीएम सूर्यघर योजना, बीपीएल कनेक्शनधारी, महिला उपभोक्ता, कृषि पंप और जन-मन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्रों का वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बालोद जिला में 30 जनवरी को वितरण केंद्र बालोद टाउन, पॉलीटेक्निक कॉलेज बालोद, दल्लीराजहरा टाउन, डौंडी लोहारा, गुरूर, 31 जनवरी को वितरण केंद्र दल्लीराजहरा ग्रामीण, पुरुर, सुरेगांव, 02 फरवरी को वितरण केंद्र देवरी, डौंडी, जेवरतला, झलमला, करहीभदर, 03 फरवरी को वितरण केंद्र भर्रीटोला, खपरी, पलारी, रेंगाडबरी एवं सेजस स्कूल बालोद में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह संभागीय स्तर पर 30 जनवरी को संचारण-संधारण संभाग बालोद में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड बिजली विभाग के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने समस्त नागरिकों और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे उक्त आयोजनों में भाग लेकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें। -
विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए किया जा रहा है प्रेरित एवं दिलाई जा रही स्वच्छता हेतु शपथ
बालोद/ जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत जिले के स्कूलों में स्वच्छता के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्कूलों के छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, विद्यालय एवं घर की साफ-सफाई, शौचालय के सही उपयोग कचरे के पृथक्करण, खुले में शौच न करने जैसे विषयों पर जानकारी दी जा रही है। सभी विद्याथियों को स्वच्छता बनाए रखने, गंदगी न फैलाने एवं दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने की शपथ भी दिलाई जा रही है। इस दौरान स्कूली बच्चें भी उत्साहपूर्वक शपथ लेते हुए अपने विद्यालय और गांव को स्वच्छ रखने का संकल्प ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले के 36 स्कूलों के लगभग 3500 छात्र-छात्राओं को स्वच्छता हेतु प्रति प्रेरित किया गया है। समन्वयकों द्वारा बताया गया कि बचपन से स्वच्छता की आदतें विकसित करने से ही स्वच्छ समाज का निर्माण संभव है बच्चे समाज की नींव है वे अपने परिवार एवं समाज को भी प्रेरित करते हैं। - -प्रशिक्षण के दौरान ही बाजार से जुड़ी सीधी कड़ीरायपुर ।सुकमा जिले में पारंपरिक छिंदगुड़ निर्माण को आजीविका के सशक्त साधन के रूप में विकसित करने हेतु आयोजित दो माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही प्रतिभागियों को स्थानीय बाजार से जोड़ा गया। परिणामस्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने उत्पाद का विक्रय कर 6-7 हजार रुपये तक की आय अर्जित की गई।प्रशिक्षण के लिए दंतेवाड़ा से एक अनुभवी प्रशिक्षक को दो माह की अवधि हेतु नियुक्त किया गया, जिन्होंने छह गांवों में रहकर व्यवहारिक एवं गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। यह प्रशिक्षण चिंदगढ़ ब्लॉक के लिट्टिरास, साउतनार, कंकपाल एवं कोडरीपाल, सुकमा ब्लॉक के कोर्रा तथा कोंटा ब्लॉक के सामसेट्टी गांव में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण दो चरणों में संचालित हुआ। प्रथम चरण में छिंद के पेड़ों की सफाई, संरक्षण एवं रस संग्रहण की तकनीक सिखाई गई, जबकि द्वितीय चरण में छिंद रस से गुणवत्तापूर्ण गुड़ निर्माण की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर जिला कलेक्टोरेट कार्यालय में छिंदगुड़ का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। प्रशिक्षण सफलता में एनआरएलएम एवं वन विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
- -राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध-राज्यपाल श्री रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में रहेंगे उपस्थित-रायपुर। राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर श्री बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है।राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए।शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवि, साहित्यकार एवं ‘पद्मभूषण’ सम्मान से अलंकृत श्री माखनलाल चतुर्वेदी की 30 जनवरी को पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने माखनलाल चतुर्वेदी के साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी ओजस्वी और प्रभावशाली लेखनी ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय सहभागिता के लिए जनमानस को प्रेरित किया। उनकी रचनाओं में प्रकृति-प्रेम के साथ त्याग, बलिदान और देशभक्ति का अद्भुत एवं प्रेरणादायी संगम दृष्टिगोचर होता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिलासपुर की सेंट्रल जेल में रचित उनकी अमर कृति ‘पुष्प की अभिलाषा’ आज भी देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर प्रत्येक पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती है। श्री साय ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी जी का साहित्यिक अवदान और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा और साहित्य साधना की प्रेरणा देता रहेगा।
- -शहीद दिवस पर अमर सेनानियों को अर्पित की श्रद्धांजलिरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी की 30 जनवरी को पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया है। इस अवसर पर उन्होंने शहीद दिवस पर देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले समस्त अमर शहीदों को भी श्रद्धासुमन अर्पित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके कारण आज हम स्वतंत्र भारत में स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहे हैं। file photo

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