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- -7 सितंबर को तीर्थ यात्रा को अरदास के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगारायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 में शहीदी पर्व के अवसर पर तख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारा व राजगीर शीतल कुंड साहब बिहार के लिए तीर्थ यात्रा का आयोजन किया गया है। यह यात्रा 7 सितंबर को रायपुर से शुरू होकर 12 सितंबर को रायपुर में ही समाप्त होगी।यात्रा का नेतृत्वइस तीर्थ यात्रा का नेतृत्व छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज बेमेतरा जिला के अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा, यश सिंघ सलूजा और इंदर सिंह दत्ता कर रहे हैं। तीर्थ यात्रा को अरदास के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए विशेष आमंत्रितछत्तीसगढ़ सिख समाज बेमेतरा जिला के अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, वरिष्ठ समाज सेवक परविंदर सिंह भाटिया, बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा रायपुर के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत एवं छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा को आमंत्रण पत्र सौंपकर यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने का आग्रह किया है।यात्रा को रवाना करने के लिए विशेष आयोजनछत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने एक बयान में बताया कि इस तीर्थ यात्रा को रवाना करने के लिए विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, परविंदर सिंह भाटिया, गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहब के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत के साथ छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा सहित समाज के वरिष्ठ नागरिक रायपुर रेलवे स्टेशन में अरदास के उपरांत यात्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
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बिलासपुर। आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू के निरंतर प्रयासों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, कोविड-19 के दौरान बंद हुए सभी ट्रेन ठहराव पुनः बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
क्षेत्रवासियों की यह वर्षों पुरानी मांग थी कि उनके नज़दीकी स्टेशन पर सभी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव हो, ताकि यात्रा सुगम और सुविधाजनक हो। इस पर श्री साहू ने स्वयं रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर पत्र सौंपा और क्षेत्र की जनभावना को सामने रखा। आज यह प्रयास सफल हुआ, और बिलासपुर संसदीय क्षेत्र सहित पूरे बिलासपुर रेल मंडल में सभी ठहराव बहाल किए गए हैं।यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी नई गति देगा।पुनः बहाल किए गए ठहराव की सूची (ट्रेन नंबर एवं स्टेशन के नाम)18110 - एनएससी बोस इतवारी - टाटानगर एक्सप्रेस, ब्रजराजनगर18109 - टाटानगर - एनएससी बोस इतवारी एक्सप्रेस, ब्रजराजनगर20808 - अमृतसर - विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, बेलपहाड़20807 - विशाखापट्टनम - अमृतसर एक्सप्रेस, बेलपहाड़11752 - चिरमिरी - रीवा एक्सप्रेस, बाइहटोला11751 - रीवा - चिरमिरी एक्सप्रेस, बाइहटोला18204 - कानपुर - दुर्ग एक्सप्रेस, उमरिया18203 - दुर्ग - कानपुर एक्सप्रेस, उमरिया18756 - अम्बिकापुर - शहडोल एक्सप्रेस, अमलाई18755 - शहडोल - अम्बिकापुर एक्सप्रेस, अमलाई18204 - कानपुर - दुर्ग एक्सप्रेस, बिरसिंहपुर18203 - दुर्ग - कानपुर एक्सप्रेस, बिरसिंहपुर15160 - दुर्ग - छपरा एक्सप्रेस, चंडिया रोड15159 - छपरा - दुर्ग एक्सप्रेस, चंडिया रोड18236 - बिलासपुर - भोपाल एक्सप्रेस, बेलगहना18236 - बिलासपुर - भोपाल एक्सप्रेस, कारगी रोड18235 - भोपाल - बिलासपुर एक्सप्रेस, बेलगहना18235 - भोपाल - बिलासपुर एक्सप्रेस, कारगी रोड15160 - दुर्ग - छपरा एक्सप्रेस, बेलगहना15159 - छपरा - दुर्ग एक्सप्रेस, बेलगहना18478 - योगनगरी ऋषिकेश - पुरी एक्सप्रेस, बेलगहना18477 - पुरी - योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, बेलगहना18236 - बिलासपुर - भोपाल एक्सप्रेस, खोंगसारा18235 - भोपाल - बिलासपुर एक्सप्रेस, खोंगसारा18258 - चिरमिरी - बिलासपुर एक्सप्रेस, खोंगसारा18257 - बिलासपुर - चिरमिरी एक्सप्रेस, खोंगसारा18258 - चिरमिरी - बिलासपुर एक्सप्रेस, पेंड्रा रोड18257 - बिलासपुर - चिरमिरी एक्सप्रेस, पेंड्रा रोड18114 - बिलासपुर - टाटानगर एक्सप्रेस, गतोरा18113 - टाटानगर - बिलासपुर एक्सप्रेस, गतोरा18030 - शालीमार - लोकमान्य तिलक (T) एक्सप्रेस, बेलहा18029 - लोकमान्य तिलक (T) - शालीमार एक्सप्रेस, बेलहा12856 - एनएससी बोस इतवारी - बिलासपुर एक्सप्रेस, बेलहा12855 - बिलासपुर - एनएससी बोस इतवारी एक्सप्रेस, बेलहा18240 - एनएससी बोस इतवारी - कोरबा एक्सप्रेस, बेलहा18239 - गेवरा रोड - एनएससी बोस इतवारी एक्सप्रेस, बेलहा15160 - दुर्ग - छपरा एक्सप्रेस, बेलहा15159 - छपरा - दुर्ग एक्सप्रेस, बेलहा18110 - एनएससी बोस इतवारी - टाटानगर एक्सप्रेस, किरोडीमलनगर18109 - टाटानगर - एनएससी बोस इतवारी एक्सप्रेस, किरोडीमलनगर18756 - अम्बिकापुर - शहडोल एक्सप्रेस, कारोंजी18755 - शहडोल - अम्बिकापुर एक्सप्रेस, कारोंजी11752 - चिरमिरी - रीवा एक्सप्रेस, पराडोल11751 - रीवा - चिरमिरी एक्सप्रेस, पराडोल12852 - एमजीआर चेन्नई सेंट्रल - बिलासपुर एक्सप्रेस, मुल मारोरा12851 - बिलासपुर - एमजीआर चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस, मुल मारोरा11752 - चिरमिरी - रीवा एक्सप्रेस, धुरवासिन11751 - रीवा - चिरमिरी एक्सप्रेस, धुरवासिन18238 - अमृतसर - बिलासपुर एक्सप्रेस, हाथबन्ध18237 - बिलासपुर - अमृतसर एक्सप्रेस, हाथबन्ध18030 - शालीमार - लोकमान्य तिलक (T) एक्सप्रेस, देवबलोड़ा चारोड़ा18029 - लोकमान्य तिलक (T) - शालीमार एक्सप्रेस, देवबलोड़ा चारोड़ाश्री तोखन साहू का वक्तव्ययह निर्णय हमारे क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है। कोविड-19 के दौरान बंद हुए ठहरावों के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। मुझे अत्यंत खुशी है कि रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने क्षेत्र की जरूरतों को समझते हुए सभी ठहरावों की पुनर्बहाली की अनुमति दी। इससे *बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ रेल मंडल के यात्रियों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।"श्री साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को क्षेत्रवासियों की भावनाओं को समझने और उनका सम्मान करने के लिए आभार व्यक्त किया। -
-केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन
बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सांसद खेल महोत्सव अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय- भारत सरकार एवं सांसद, बिलासपुर के द्वारा मसाल जलाकर किया गया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री विजय कृष्ण पाण्डेय उपस्थित रहे।मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर आयोजित इस खेल दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता मात्र नहीं है बल्कि यह हमारे युवाओं के भीतर खेल में नेतृत्व की क्षमता, टीम भावना और उनके हुनर व योग्यता को समृद्ध करने का अवसर है। अगर राष्ट्र को विकसित करना है तो युवाओं को स्वस्थ और फिट रहना होगा क्योंकि खेल राष्ट्रनिर्माण का आधार होता है।उन्होंने भारत सरकार की योजनाओं जैसे-फिट इंडिया, खेलो इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं योजनाओं का परिणाम है कि आज भारत के खिलाड़ी एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं।माननीय राज्यमंत्री ने सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान- सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 29 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 20 सितंबर तक जारी रहेगा, जिस दौरान खेल पंजीयन किया जाएगा और 21 सितंबर 25 दिसंबर तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान, एनटीपीसी सीपत में खेलने आए आठों गांवों के खिलाड़ियों से मुलाकात की और इस अभियान में पंजीकरण कराने और हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।उद्घाटन समारोह के बाद माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों और दर्शकों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शपथ दिलाई, जिसमें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित रहने का संकल्प लिया गया।प्रतियोगिता में परियोजना प्रभावित आठ गांव—रांक, सीपत, गतौरा, कर्रा, देवरी, कौड़िया, रलिया और जांजी की आठ टीमों के कुल 96 खिलाड़ी भाग लिए।फाइनल मुकाबला सीपत की टीम स्वामी विवेकानंद क्लब और रलिया की टीम शिव शक्ति क्लब के बीच खेला गया। शाम तक चले रोमांचक खेल में रलिया ने सीपत को 62-23 से पराजित कर खिताब अपने नाम दर्ज किया। विजेता टीम रलिया और उपविजेता टीम सीपत को परियोजना प्रमुख श्री पाण्डेय ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया और बधाइयां दीं।इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल में आगे आना और खेल भावना से खेलना सबसे अहम है। टीमें खेलने आईं और फिट इंडिया अभियान का हिस्सा बनीं, इसके लिए उन्होंने आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल न केवल ग्रामीण युवाओं में टीम भावना और अनुशासन विकसित करने और प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए उन्होंने एनटीपीसी सीपत को भी बधाई दी और आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर, श्री डॉ. कृष्ण मूर्ति बांधी, पूर्व मंत्री (छत्तीसगढ़ शासन), जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सभी गांवों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि गण व मीडिया जन उपस्थित रहे। साथ ही, एनटीपीसी सीपत के सभी महाप्रबंधक गण, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी, यूनियन व एसोसिएशन के प्रतिनिधि और स्पोर्ट्स काउंसिल के सदस्य भी मौजूद रहे। एनटीपीसी सीपत में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए ‘खेलही गांव, बड़ही गांव’ की थीम दी गई थी। - रायपुर। जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास से लौटने के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश मिरी एवं महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या साय को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी भादो एकादशी पर्व पर आयोजित होने वाले करमा तिहार के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह आयोजन दिनांक 03 सितम्बर 2025 को नवा रायपुर, अटल नगर स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास परिसर में संपन्न होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के उपाध्यक्ष श्री थानसिंह दीवान, कोषाध्यक्ष श्री बसंत दीवान, कार्यकारिणी सदस्य श्री शिवकुमार कंवर, महानगर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री मनोहर पैंकरा, सचिव श्री मनहरण चंद्रवंशी, सदस्य श्री हेमलाल कंवर सहित युवा कंवर प्रभाग के युवा संरक्षक श्री तीरमेंद्रू सिंह कंवर एवं श्री टुकेश कंवर भी उपस्थित थे।
- - ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल- दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रमरायपुर -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी, जिससे लोग भी जुड़ सकेंगे।मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेशकार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।
- -इंजीनियरों की टीम हर हफ़्ते करेगी काम, महानदी पर बनेगा समन्वय का नया ढाँचारायपुर। भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है।इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा।बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे।अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।
- -200 से अधिक हितग्राही हुए लाभान्वितमहासमुंद, / छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना महासमुंद द्वारा ग्राम पंचायत बेमचा में महतारी मेगा हेल्थ कैम्प का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं से सीधे जोड़ना और कुपोषण उन्मूलन के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर के दौरान कुल 60 किशोरी बालिकाओं का सिकलिंग एवं हीमोग्लोबिन टेस्ट किया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। वहीं 29 गंभीर कुपोषित बच्चों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अलावा गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं सहित 204 हितग्राही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए। इस अवसर पर जनपद सदस्य संगीता राहुल चंद्राकर सारेंच देवेंद्र चंद्राकर ,परियोजना अधिकारी श्री शैल नाविक मौजूद थे। जनपद सदस्य श्रीमती संगीता राहुल चंद्राकर इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का रजत जयंती वर्ष हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर हम यह प्रयास कर रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाएँ हर जरूरतमंद तक पहुँचे। बेमचा में आयोजित महतारी मेगा हेल्थ कैम्प इसी संकल्प का हिस्सा है। हमारी प्राथमिकता है कि किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध हो। कार्यक्रम में सुपरवाइजर श्रीमती शीला प्रधान एवं श्रीमती कुंती यादव, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं एएनएम मौजूद रहे। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया। शिविर का लाभ लेने पहुंचे हितग्राहियों ने कैंप की सराहना की। यहां आए किशोरियों और माताओं ने बताया कि ऐसे शिविरों से उन्हें न केवल स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलती है बल्कि सही समय पर परामर्श और उपचार भी प्राप्त होता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार की पहल से गाँव की महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा। ग्राम पंचायत बेमचा में आयोजित यह शिविर राज्य शासन की उस भावना को भी प्रकट करता है जिसके अंतर्गत स्वस्थ छत्तीसगढ़ – समृद्ध छत्तीसगढ़ का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है।
- रायपुर ।आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शुक्रवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान चार नवीन साफ्टवेयर लांच किया इनमें आईओएस मनपसंद मोबाईल एप्लीकेशन, सैलरी केलकुलेशन, वेब एप्लीकेशन सेव सुविधा मोबाईल एप्लीकेशन, टोल फ्री एप्लीकेशन शामिल है। इस अवसर पर आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता एव आबकारी विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।नवीन सॉफ्टवेयर में शामिल हैंः-आईओएस मनपसंद मोबाईल एप्लीकेशन - पूर्णतया तैयार कर लिया गया है। आई.ओ.एस. मनपसद मोबाईल एप्पलीकेशन को एप्पल स्टोर में होस्ट करने हेतु एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु एन. आई सी. की ओर प्रेषित कर दिया गया है।सैलरी केलकुलेक्शन वेब एप्लीकेशन - पूर्व में मैनपॉवर एवं सिक्यूरिटी गार्ड एजेंसियों को सी एस एम सी एल में कार्यरत एवं कर्मचारियों के वेतन गणना हेतु एसओपी दिया जा रहा था। वर्तमान में AEBAS के अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति के आधार सैलेरी केलकुलेशन वेब में यह सुविधा स्वत हो रहा है जिसे मैनपॉवर/सिक्युरिटी एजेसियों द्वारा वेरिफाई कर बिल भुगतान किया जा रहा है। उक्त वेब एप्प का सिक्युरिटी ऑडिट पूर्ण कर लिया गया है, जिसे लाच किया गया।वेब एप्लीकेशन सेव सुविधा मोबाईल एप्लीकेशन - सी.एस.एमसीएल के मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए (अवकाश हेतु आवेदन, वेतन का विवरण, दुकान से सबंधित शिकायत) यह एप्प विकसित किया गया है, सिक्युरिटी ऑडिट पूर्ण कर लिया गया है, मोबाईल एप्पलीकेशन को प्ले स्टोर में होस्ट करने हेतु एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु एनआईसी को प्रेषित किया गया है।टोल फ्री एप्लीकेशन - शिकायतकर्ता को शिकायत करने पर मोबाईल नंबर पर शिकायत दर्ज का एसएमएस भेजने एवं शिकायत का निराकण होने पर शिकायतकर्ता को एसएम एस. के माध्यम से शिकायत के निराकरण की स्थिति से अवगत करानेे एवं मुख्यालय में अन्य प्रकार से प्राप्त शिकायतों को भी डिजिटलाईज किया गया है, पूर्णतया तैयार कर लिया गया है। उक्त वेब एप्प का सिक्युरिटी ऑक्सिट पूर्ण कर लिया गया है, जिसे लांच किया गया।
- रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को कोंडागांव जिले के मर्दापाल और बयानार में लगभग 01 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, जिसमें मर्दापाल क्षेत्र के लिए 55 लाख रूपए और बयानार क्षेत्र के लिए 45.99 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया ।वनमंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जिले के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन एवं प्रशासन सतत प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जर्जर विद्यालय भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने या नए भवनों का निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करें। मंत्री श्री कश्यप ने विद्यालयों में गठित समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों और पालकों को बच्चों की पढ़ाई की जानकारी लेने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में शासन-प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों एवं पालकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है।भूमिपूजन कार्यक्रम में वन मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्रवासियों को 01 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। जिसके तहत मर्दापाल के उसलीपारा के पास 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य, ग्राम हथकली में मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना अंतर्गत 5 लाख रूपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मूलनार में 16 लाख रूपए की लागत से अहाता निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत मटवाल में 6 लाख रूपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य, प्राथमिक शाला गदन तरई में 16 लाख रूपए की लागत से अहाता निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पदनार में 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य शामिल है।इसी प्रकार बयानार क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोंगेरा में 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य, ग्राम मड़ागांव बावड़ी-चमाईपारा में 10 लाख 99 हजार रूपए की लागत से 02 आर सीसी स्लैब कल्वर्ट निर्माण कार्य, ग्राम चेमा में 5 लाख 49 हजार रूपए की लागत से स्पॉन पुलिया निर्माण कार्य और ग्राम तोड़म में 23 लाख 51 हजार की लागत से 5 बाजार शेड निर्माण कार्य, सीसी कार्य एवं गार्बेज डिस्पोजल कार्य का भूमिपूजन शामिल है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मर्दापाल में मिनी स्टेडियम निर्माण, पंचायत भवन के पास रंगमंच निर्माण, मध्यमिक शाला मर्दापाल के लिए वाद्ययंत्र बैड पार्टी प्रशिक्षण एवं समाग्री व्यवस्था, कांगा-पुसपाल पुलिया निर्माण, गोलावंड से हगवा रोड कुरुलुबहार नाला में पुलिया निर्माण, महिषासुर महिला मंडली के लिए वाद्ययंत्र सामाग्री व्यवस्था, स्वास्थ्य केन्द्र भवन से मुख्य मार्ग मर्दापाल के लिए सीसी रोड निर्माण एवं किचन शेड निर्माण की घोषणा की। इसी प्रकार बयानार में जोगी आलवाड में माता गुड़ी निर्माण, गणेश मंदिर राजबेड़ा के लिए मंदिर निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति, स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में भूमि का समतलीकरण, बयानार में खेल मैदान समतलीकरण, पनका समाज के लिए बयानार में समाजिक भवन निर्माण हेतु पांच लाख की घोषणा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम, जनपद सदस्य श्री रूद्रपताप, श्री मनोज जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को बाल संरक्षण कानून, सुरक्षा उपायों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा चलाई जा रही इस पहल के तहत सूरजपुर जिले सहित सभी विकासखंडों में जागरूकता अभियान चलाया गया। आज हायर सेकेंडरी स्कूल सोनगरा प्रतापपुर में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्पॉन्सरशिप योजना, नशा मुक्ति योजना, किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी गई।विशेषज्ञों ने बताया कि अल्पायु में विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ती है और कुपोषण की समस्या गहराती है। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों जैसे लैंगिक शोषण, मानव तस्करी और अंग तस्करी के खतरों से भी छात्राओं को सचेत किया गया।इन कार्यक्रमों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रियंका सिंह और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों ने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। सूरजपुर जिले के भैयाथान, प्रेमनगर, ओड़गी और रामानुजनगर सहित अन्य विकासखंडों में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। बालिका सुरक्षा माह के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनाना है, ताकि वे हर परिस्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के रजत महोत्सव वर्ष के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में पोषण मेला, महिला जागृति शिविर, बाल मेला तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत पंजीयन शामिल रहे।जशपुर जिले के पत्थलगांव परियोजना के करमीटिकरा सेक्टर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र पकरीढाप में बाल मेला आयोजित हुआ, जिसमें बच्चों ने चित्रकला, अक्षर पहचान प्रतियोगिता, खेलकूद और खिलौना निर्माण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।इसी तरह पुराइनबंध सेक्टर में बैठक लेकर प्रथम गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण आहार की जानकारी दी गई। पोषक ट्रैकर ऐप के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का पंजीयन किया गया और प्रथम गर्भाधान करने वाली 7 महिलाओं का आवेदन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत भरा गया। अन्य महिलाओं को भी योजना के लाभ और प्रक्रिया से अवगत कराया गया।दुलदुला विकासखंड में कौशल विकास केंद्र सोकेडीपा में पोषण मेला एवं महिला जागृति शिविर आयोजित किया गया। यहां महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दी गई तथा स्थानीय सब्जियों, भाजियों और व्यंजनों से पोषण लाभ प्राप्त करने पर चर्चा हुई। साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री वंदना योजना (PMVVY) जैसी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया।प्रदेशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में पोषण, स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देना तथा मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करना है।
- रायपुर,। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 870.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1259.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 430.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 735.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 612.9 मि.मी., गरियाबंद में 729.0 मि.मी., महासमुंद में 646.1 मि.मी. और धमतरी में 777.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 833.0 मि.मी., मुंगेली में 814.2 मि.मी., रायगढ़ में 1023.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 700.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1015.4 मि.मी., सक्ती में 893.8 मि.मी., कोरबा में 843.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 847.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 712.9 मि.मी., कबीरधाम में 612.0 मि.मी., राजनांदगांव में 783.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1090.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 654.6 मि.मी. और बालोद में 940.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 621.2 मि.मी., सूरजपुर में 955.0 मि.मी., जशपुर में 863.7 मि.मी., कोरिया में 982.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 877.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1248.0 मि.मी., कोंडागांव में 804.0 मि.मी., कांकेर में 1013.9 मि.मी., नारायणपुर में 1108.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1194.7 मि.मी., सुकमा में 939.0 मि.मी. और बीजापुर में 1169.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- -प्रेरक महतारियों को किया सम्मानित-वन मंत्री ने 39 लाख 26 हजार रूपये के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजनरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव वर्ष 2025 के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भाटपाल में जिला स्तरीय महतारी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल प्रदान किया है। आज ग्रामीण अंचल की माताएं इस योजना की राशि का उपयोग कर स्वरोजगार, बच्चों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी रही है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए सतत् प्रयासरत है। वनमंत्री श्री कश्यप ने सम्मेलन में महतारी वंदन योजना के तहत आत्मनिर्भर बनी प्रेरणादायी महिलाओं और नारायणपुर जिले की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर वनमंत्री श्री कश्यप ने 39 लाख 26 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें पुलिया, सामुदायिक भवन एवं घोटूल निर्माण शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले की 27 हजार 84 महिलाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिनमें से भाटपाल पंचायत की 434 महिलाएं भी शामिल हैं। अब तक जिले में 44 करोड़ 89 लाख 32 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है।कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मण्डावी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, जिला स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।
- रायपुर।, नीट यू जी की काउंसलिंग में एक अभ्यर्थी द्वारा प्रथम चरण की काउंसलिंग में CGDME द्वारा दिए गए श्रेणी, संवर्ग इत्यादि में एडिट ऑप्शन को चुनौती देते हुए माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी। जिसमें अभ्यर्थी द्वारा एडिट ऑप्शन के उपरांत कैटिगरी, संवर्ग इत्यादि को बदलने की सुविधा को अमान्य करते हुए एवम् इसके आधार पर 12 अगस्त को जारी मेरिट लिस्ट को अमान्य करने की याचना की गई थी।CGDME द्वारा न्यायालय में अपना पक्ष रखे जाने एवम् पूरी सुनवाई के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका को खारिज कर दिया गया है । माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा CGDME द्वारा जारी मेरिट लिस्ट को वैद्य मानते हुए उसके आधार पर किए गए आवंटन प्रक्रिया को मान्य किया गया है ।वर्तमान में दिनांक 23 अगस्त 2025 को काउंसलिंग का प्रथम चरण सम्पन्न हो गया है। केंद्रीय एजेंसी,चिकित्सा काउंसलिंग समिति ( MCC) द्वारा काउंसलिंग की द्वितीय चरण की तिथि आगे बढ़ाई गई है । अतः राज्य की काउंसलिंग के दूसरे राउंड जो कि पूर्व में 27 अगस्त से प्रारम्भ होने वाला था, को भी MCC द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार आगे बढ़ाया गया है ,जिसकी सूचना CGDME के वेबसाइट पर दिनांक 26 अगस्त को ही MCC द्वारा जारी सूचना के साथ प्रकाशित कर दी गई थी ।MCC से नई तिथि के दिशा निर्देश प्राप्त होने पर द्वितीय चरण एवं आगामी चरणों की नई समय सारणी CGDME द्वारा तत्काल जारी की जाएगी । नई समय सारणी हेतु अभ्यर्थियों को CGDME के वेबसाइट को समय – समय पर अवलोकन करते रहने की सलाह दी जाती है। CGDME द्वारा वर्तमान सत्र की संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया राज्य शासन द्वारा 16 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना के "छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथैरेपी) स्नातक प्रवेश नियम-2025 " के अनुसार संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए ऑनलाइन माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराई जा रही है ।
- -आंगनबाड़ी और स्कूल में गैस चूल्हे से भोजन के साथ बनने लगी है सेहत-खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवई का मिल रहा स्वादरायपुर। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए भोजन गैस चूल्हे में बनने लगा है। जिससे बच्चों को धुऐं से मुक्ति और आहार से शक्ति मिल रही है, कोरबा जिले में संचालित आंगनबाड़ी और प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अब पहले से बहुत खुश है। समय पर स्कूल तथा आंगनबाड़ी खुलने के साथ यहां मिलने वाले नाश्ते खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवईयां और भोजन से उन्हें ऊर्जा मिल रही है, वहीं गैस सिलेण्डर की व्यवस्था से आंगनबाड़ी सहित स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान उत्पन्न होने वाले धुएं से भी मुक्ति मिल गई है। इससे विद्यार्थियों से लेकर रसोईयों तक को राहत मिली है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश और मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कोरबा जिले के सभी आंगनबाड़ी और प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में सुबह के नाश्ते की व्यवस्था डीएमएफ से की गई है। नाश्ते और सिलेण्डर की व्यवस्था ने आंगनबाड़ी तथा विद्यालय आने वाले बच्चों की रूचि बढ़ा दी है। अलग-अलग दिनों में निर्धारित मेनू के आधार पर उन्हें नाश्ता और भोजन परोसा जाता है। नाश्ते में खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया दी जाती है। विद्यार्थी नाश्ता खाने बहुत उत्सुक रहते हैं और समय पर विद्यालय भी पहुंच जाते हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम धोबघाट प्राथमिक शाला में कक्षा एक की छात्रा प्रियांशी,छात्र विनय, कक्षा दो की नेहा, तीसरी की रोशनी, नर्मदा, कक्षा पांचवी के भूपेश ने बताया कि आज नाश्ते में अलग-अलग दिनों में उन्हें अलग-अलग खाने को मिलता है। खीर, पूड़ी,हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवईयां मिलती है। विद्यालय में प्रधानपाठक चौनसिंह पुहुप ने बताया कि नाश्ते का प्रभाव बच्चों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेण्डर की व्यवस्था होने से गैस में जल्दी खाना पक जाता है। नाश्ता हो या मध्यान्ह भोजन दोनों को पकाने में आसानी हो गई है। कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम लामपहाड़ में निवास करने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चों में भी नाश्ते का प्रभाव पड़ा है। आंगनबाड़ी केंद्र हो या स्कूल दोनों स्थानों पर उनकी उपस्थिति नजर आती है। अन्य दिनों में सुबह से ही अपने परिवार के सदस्यों के साथ जंगल की ओर प्रस्थान कर जाने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चे अब समय से पहले स्कूल पहुंचते हैं। आंगनबाड़ी लामपहाड़ की कार्यकर्ता सुशीला तिर्की और सहायिका सुलोचनी यादव बताती है कि केंद्र में ज्यादातर बच्चे पहाड़ी कोरवा जनजाति के है। कई बच्चों को घर पर पर्याप्त आहार उपलब्ध नहीं हो पाता, ऐसे में नाश्ता और भोजन उनके शारीरिक विकास के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे के आसपास नाश्ता देने के साथ ही दोपहर को एक बजे भोजन दिया जाता है। आंगनबाड़ी में आने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चों सम्पति, रवीना, सुखमनिया, सुशील, कविता ने बताया कि उन्होंने सुबह नाश्ते में दलिया खाया और दोपहर को दाल, भात और सब्जी खाई है। हर दिन गरम भजिया, पोहा, खीर, पूड़ी, उपमा का नाश्ता मिलता है और इसे खाना भी अच्छा लगता है। यहां भोजन पकाने वाली सहायिका सुलोचनी यादव का कहना था कि पहले बारिश के दिनों में चूल्हा जलाना बहुत मुश्किल हो जाता था। सूखी लकड़ियों की व्यवस्था करना फिर चूल्हा जलाकर धुएं के बीच खाना पकाना बहुत परेशानी वाला काम था। अब तो गैस से मिनटो में बिना परेशानी के खाना बनने लगा है। लामपहाड़ के प्राथमिक और माध्यमिक शाला में भी विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के बच्चों की उपस्थिति और नाश्ते और मध्याह्न भोजन में रूचि नजर आने लगी है। कक्षा चौथी की देवशीला, फूलमनिया ने बताया कि स्कूल में मिलने वाला नाश्ता उन्हें अच्छा लगता है। पाली ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पण्डोपारा में प्राथमिक शाला में लगभग 25 बच्चे हैं। नये भवन में आंगनबाड़ी संचालित है। इन दोनों स्थानों में बच्चों को समय पर नश्ता और भोजन मिलता है। गांव में रहने वाली पूजा पण्डों ने बताया कि उनके पांच बच्चे है। एक आंगनबाड़ी में और दो स्कूल में पढ़ाई करते हैं। तीनों को सुबह नाश्ता और दोपहर का खाना मिलता है। पहले वे बहाना बनाकर स्कूल जाने में आनाकानी करते थे, अब नियमित जाते हैं। खास बात यह भी है कि कलेक्टर द्वारा सभी स्कूलों में नाश्ते का मीनू लिखवाने और स्थानीय उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के पसंद के अनुरूप नाश्ता परोसने के निर्देश दिए हैं।सवा दो लाख बच्चे हो रहे लाभान्वितलगभग एक वर्ष पहले 14 अगस्त 2024 को कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड सहित कोरबा ब्लॉक के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों के थाली में गरम नाश्ता परोसने का सिलसिला प्रारंभ किया गया। लगभग ढ़ाई माह तक नाश्ता परोसने और इससे हुए सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने जिले के सभी विकासखण्डों में इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आखिरकार दीपावली अवकाश के पश्चात स्कूल खुलते ही कोरबा, पाली, करतला, कटघोरा के शेष स्कूलों में भी नाश्ता देना प्रारंभ कर दिया गया। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी और विद्यालयों, छात्रावासों में सिलेण्डर की व्यवस्था कर प्रतिमाह गैस रिफलिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है। कोरबा जिले के 02 हजार 602 आंगनबाड़ी में 06 माह से 03 वर्ष के 48 हजार 217 और 03 से 06 वर्ष के 56 हजार 477 बच्चे दर्ज है। इसी तरह एक हजार 502 प्राइमरी स्कूल के 73 हजार 810 और 537 मिडिल स्कूल के 47 हजार 122 विद्यार्थी है। जो नाश्ते और मध्यान्ह भोजन से लाभान्वित हो रहे हैं। यहां नाश्ते और भोजन पकाने के लिए डीएमएफ से गैस सिलेण्डर की व्यवस्था भी की गई है।
- -पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाईरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा वनों की अवैध कटाई व तस्करी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में केशकाल वनमंडल के परिक्षेत्र बड़ेराजपुर अंतर्गत परिसर विश्रामपुरी में 28 अगस्त को पुलिस विभाग की टीम द्वारा गश्ती के दौरान जंगल से अवैध रूप से कटा हुआ सागौन लट्ठा पाया गया। बरामद लकड़ी को वाहन क्रमांक सीजी 03-9778 में थाना विश्रामपुरी लाकर वन विभाग को सूचना दी गई।वनकर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लकड़ी की नापजोख एवं जब्ती की कार्यवाही की। इस संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। जप्त किए गए कुल 11 नग सागौन लट्ठा (1.553 घन मीटर) को रक्षक विश्रामपुरी परिसर के सुपुर्द किया गया। उक्त लकड़ी को पुलिस विभाग के वाहन से ही कार्टिंग चालान के तहत उपभोक्ता डिपो केशकाल के लिए रवाना किया गया। इसी दौरान केशकाल परिक्षेत्र अंतर्गत कोहकामेटा के पास वनकर्मचारियों ने वाहनों की आकस्मिक जांच की। वाहन को रोके जाने पर चालक घबराकर मौके से फरार हो गया। जब्त सागौन को सुरक्षित रूप से केशकाल वन डिपो में जमा कराकर कार्यवाही की जा रही है।
- -मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृतरायपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार कोउच्च न्यायालय के सभागार में अधिवक्ताओं के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता एक अत्यंत प्रासंगिक विषय ‘‘नैतिक मूल्यों से समझौता किए बना क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) न्याय को अधिक प्रभावी बना सकती है?’’ पर आधारित थी। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग पर गहन एवं सशक्त विचार प्रस्तुत किए।प्रतिभागियों ने कार्यकुलता में वृद्धि और डेटा प्रबंधन में एआई की संभावनाओं पर प्रकाश डाला साथ ही इससे जुड़ी नैतिक चिंताओं पर भी विचार व्यक्त किए, जिनमें पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और न्यायिक निर्णय में मानव हस्तक्षेप की अनिवार्यता शामिल रही।मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने प्रतियोगिता के अंत में शीर्ष तीन प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। अधिवक्ता श्री प्रशून भादुडी को प्रथम पुरस्कार, अधिवक्ता श्रीमती दिक्षा गौरहा को द्वितीय पुरस्कार तथा अधिवक्ता सुश्री इशिता को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने अन्य प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उत्साह वर्धन किया।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती वर्ष के तहत् यह वाद-विवाद प्रतियोगिता ने एक विधिक संवाद, पेशेवर विकास, और समकालीन विधिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने की न्यायालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।
- -आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सरगुजा में जिला स्तरीय उन्मुखी कार्यक्रम सम्पन्नरायपुर। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय क्षेत्रों के लिए एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है। यह अभियान सब का साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास के ध्येय को लेकर शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के जनजाति क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं, केन्द्र और राज्य सरकार के कार्यक्रमों को और बेहतर ढंग से क्रियान्वयन के लिए सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। श्री अग्रवाल शुक्रवार को अम्बिकापुर में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनजातीय क्षेत्रों में प्रभावी एवं उत्तरदायित्वपूर्ण सेवा प्रदान करने हेतु प्रेरित करना और उन्हें सुशासन, नैतिकता एवं उत्तरदायित्व की दिशा में प्रशिक्षित करना है, जिससे जनजातीय परिवारों को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जा सके। लुण्ड्रा विधायक श्री प्रमोद मिंज ने कहा कि यह नई योजना जनजातीय समुदाय के लिए नई उम्मीदें और सपने लेकर आई है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति तभी संभव है जब सभी लोग सामुदायिक प्रयासों से मिलकर कार्य करें।कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने आदि कर्मयोगी अभियान को उपयोगी बताते हुए कहा कि यदि हम आज बेहतर कार्य करेंगे तो आने वाला समय भी उज्ज्वल होगा। उन्होंने सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों से परस्पर समन्वय स्थापित कर योजना को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि जनजातीय समुदायों की संस्कृति, अधिकारों और आवश्यकताओं को समझने की एक संवेदनशील पहल भी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव सहित जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि सरगुजा जिले में कुल 416 आदिवासी बहुल ग्राम चिन्हित किए गए हैं, जहां लगभग 8320 ग्राम स्तर पर चेंज लीडर कैडर तैयार किए जाएंगे। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान 2024-25 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत या 500 से अधिक आदिवासी जनसंख्या वाले ग्रामों को प्राथमिकता से चुना गया है। इनमें अंबिकापुर ब्लॉक के 66, लुण्ड्रा के 85, बतौली के 49, सीतापुर के 43, मैनपाट के 39, लखनपुर के 87 और उदयपुर ब्लॉक के 47 ग्राम सम्मिलित हैं। इन सभी 416 ग्रामों में योजनाओं का क्रियान्वयन सामूहिक प्रयासों और सहभागिता के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा कार्यक्रम में जनजातीय अधिकार, लोक सेवा मूल्य और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
- -अनुपस्थित अवधि को माना जाएगा "कार्य नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत"-उपस्थिति ना दिए जाने की अवस्था में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने पर "काम नहीं तो वेतन नहीं" के सिद्धांत का पालन होगा। आदेश के अनुसार समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस माह के अनुपस्थित दिवस का वेतन आहरित नहीं करने का निर्देश जारी किया गया है।सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि 18 अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित पाए जा रहे एनएचएम अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी तत्काल राज्य कार्यालय को भेजी जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि सभी अनुपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए जिसमें इस बात का उल्लेख हो कि अपने कार्यालय में उपस्थिति ना दिए जाने की अवस्था में उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके अंतर्गत उन्हें सेवा से पृथक भी किया जा सकता है।गौरतलब है कि एनएचएम द्वारा पहले भी आदेश जारी करने के बावजूद कई जिलों में अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस स्थिति को "लोक हित के विरुद्ध और पूर्णतः अनुचित" मानते हुए शासन स्तर से आदेश जारी किया गया है।
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रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में स्मृति पुस्तकालय योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत सिविल लाइन निवासी सुश्री ऋषिका श्रीवास्तव ने जिला प्रशासन को इतिहास एवं कंप्यूटर सहित अन्य पुस्तकें दान की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने यह पुस्तकें ग्रहण की तथा दानदाता को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।
जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत दानदाताओं द्वारा 2 हजार से अधिक पुस्तकें दान में दी जा चुकी है। ये पुस्तकें जरूरतमंदों के भविष्य निर्माण में लाभकारी साबित होगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तक दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। पुस्तकें दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। - रायपुर।, व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठक, पूर्व माध्यमिक शाला को प्राचार्य (टी संवर्ग), उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर में पदोन्नति समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक उपरांत 1335 पदोन्नति आदेश जारी किए गए। यह आदेश स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से प्राप्त अनुमोदन के आधार पर जारी किया गया है।काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से पदस्थापना की स्थिति इस प्रकार रही - कुल 1335 पदोन्नत प्राचार्यों में से 1222 ने संस्था चयन कर पदस्थापना सुनिश्चित की। शेष 113 में से 20 पदोन्नत प्राचार्य काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहे, 20 ने पदोन्नति लेने से इंकार किया, 02 ने विद्यालय चयन से इंकार किया तथा 91 सेवानिवृत्त, मृत, निलंबित एवं अन्य श्रेणी में रहे।इस प्रकार कुल 1222 व्याख्याताओं, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठकों को प्राचार्य (टी संवर्ग), उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नति उपरांत पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। मंत्री श्री गजेन्द्र ने कहा है कि इस पद स्थापना में पूर्ण पारदर्शिता का पालन किया गया। साय सरकार जीरो टॉलरेंस के लिए कटिबद्ध है। पात्र कर्मचारियों ने काउंसलिंग स्थल पर अपने स्थान का स्वयं चयन किया एवं चयन उपरांत उक्त स्थान पर अपनी पद स्थापना की सहमति प्रदान की।
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*शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ*
बिलासपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 सितम्बर तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया जा रहा है। एक माह तक चलने वाले अभियान का शुभारंभ बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने जिला अस्पताल में बच्चों को विटामिन ए सिरप पिलाकर किया। अभियान के तहत 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप एवं 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए सिरप पिलाई जाएगी।जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में नगर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उन्हें विटामिन ए एवं आयरन सिरप अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य पर ही भविष्य की नींव है। उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना हम सबकी जिम्मेदारी है। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी सभी से अभियान में सहभागी बनने की अपील की। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने भी नन्हें बच्चों को विटामिन ए की सिरप पिलाई। उन्होंने जिले के अभिभावको से अपील की वे अपने और अपने आसपास के 06 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण जनित बीमारियों से बचाने के लिये अपने बच्चों को नजदीक के शासकीय अस्पताल/टीकाकरण सत्र में ले जाकर विटामिन ए तथा आयरन सिरप का घोल आवश्यक रूप से पिलाएं साथ ही टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण अवश्य करायें। कार्यक्रम में बच्चों के नियमित टीकाकरण, कुपोषण से बचाव एवं गर्भवती माताओं में होने वाली खून की कमी को दूर करने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।शुभारंभ कार्यक्रम में सीएमएचओ डा. शुभा गढ़ेवाल, जिला टीकाकरण अधिकारी, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, डीपीएम सुश्री पीयूली मजूमदार, प्रभारी आरएमएनसीएचए, डीपीएचएन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। -
बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा अंतर्गत स्वीकृत नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर भरती हेतु आवेदन मंगाए गए हैं। ग्राम पंचायत पोड़ी स क्र 03, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्र 08 चित्रकांत जायसवाल एवं वार्ड क्र 07 कालिका नगर में कार्यकर्ता एवं सहायिका के एक-एक रिक्त पदों हेतु आवेदन किया जा सकता है। कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर आवेदन करने की तिथि 1 सितम्बर से 15 सितम्बर 2025 तक है। इच्छुक आवेदिका निर्धारित प्रपत्र में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से कार्यालयीन समय में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा में आवेदन कर सकती है। आवेदन के संबंध में अधिक जानकारी आयुक्त, नगर पालिक निगम बिलासपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा के सूचना पटल से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- जगदलपुर । सोमवार से हुई मूसलाधार बारिश ने बस्तर जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। भारी बारिश के कारण जिले के 91 गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। बिजली के तार और खंभे कई जगहों पर टूट गए थे, जिससे इन गांवों में अंधेरा छा गया और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, विद्युत वितरण कंपनी ने तत्काल प्रभाव से बहाली का काम शुरू कर दिया था। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिकूल मौसम की परवाह किए बिना युद्ध स्तर पर काम किया। उनके अथक परिश्रम का परिणाम यह रहा कि अब तक 65 गांवों में बिजली की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। इनमें मांदर गांव भी शामिल है, जहाँ बिजली बहाल होने से ग्रामीणों ने राहत की साँस ली है। हालांकि, अभी भी 26 गांवों में बिजली की आपूर्ति बाधित है। ये ऐसे गांव हैं जहाँ बारिश और भूस्खलन के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की टीमें इन दुर्गम क्षेत्रों में भी पहुंच चुकी हैं और वे जल्द से जल्द बिजली बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं। इस बीच, जिला प्रशासन ने भी प्रभावित गांवों में आवश्यक सहायता पहुँचाने के लिए कदम उठाए हैं। लोगों से धैर्य रखने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
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पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ शासन का एक उपक्रम छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा प्रत्येक वर्ष खरीफ मौसम में कृषकों को बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान कर अन्य किसानों की तुलना में प्रति एकड़ अधिक लाभ कमाने का मौका देता आ रहा है लेकिन इसकी जानकारी कुछ ही किसानों को होती है।आइए आपको इसके बारे मे विस्तार से बताते हैं. यदि आप भी अधिक लाभ कमाने के इच्छुक है तो इस खबर को पढ़ना जारी रखें।प्रमाणित बीज के उपयोग से पुराने बीज की तुलना में 10 से 15% अधिक उपज प्राप्त होता है। फ़सल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। प्रदेश के किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार किस्मों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए बीज निगम बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजित करता है। जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक ज़मीन है वो छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में मामूली शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते है। इसके लिए आपको अपने जिले के बीज प्रकिया केंद्र में संपर्क करना होगा। बीज उत्पादन कैसे किया जाता है, इसकी पूरी जानकारी बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों द्वारा दी जाती है। फ़सल कटने पर अपना बीज प्रक्रिया केंद्र में देने पर आपको एक सप्ताह में बीज की अग्रिम राशि दे दी जाती है जो कुल बीज की कीमत का लगभग 60% राशि है, शेष 40% राशि बीज परीक्षण परिणाम आने पर दे दी जाती है. इस प्रक्रिया में लगभग 2 माह लगते है।पिछले खरीफ में धान मोटा किस्म की किसानों बीज खरीदी दर 3043+800(बोनस)= 3843 रुपये प्रति क्विंटल, धान पतला किस्म- 3211+800(बोनस) = 4011 रुपये प्रति क्विंटल, सुगंधित किस्म- 3644+800(बोनस)= 4444 रुपये प्रति क्विंटल थी।इस प्रकार, पिछले खरीफ में जिन किसानों ने बीज निगम में उत्पादन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था उन्हें शासन द्वारा निर्धारित धान की खरीदी दर 3100/- प्रति क्विंटल की तुलना में मोटे किस्म की 743 रुपये प्रति क्विंटल अर्थात 15603 रुपए प्रति एकड़ अधिक मिले मतलब 1 हेक्टर वाले किसान को लगभग 40,000 रुपये अधिक मिले।हालांकि किसानों को बीज का 40% राशि मिलने में 2-2.5 माह लगता है किन्तु तब भी किसी अन्य निवेश से अधिक लाभ प्राप्त होने से किसान इस कार्यक्रम के प्रति उत्साहित रहते हैं।अभी शासन स्तर पर उत्पादन अनुदान बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है जिसे अंतिम रूप मिलने पर लाभ और अधिक होगा। इसके लिए किसानों को 31 अगस्त तक पंजीयन कराना होगा।






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