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- -कलेक्टर-एसपी की बैठक में सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों ने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ पर जतायी सहमति-सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ली आजीवन सदस्यता-उमेश अग्रवाल और आदित्य साहू रेडक्रॉस सोसायटी के बने संरक्षकगौरैला । गौरैला पेंड्रा मरवाही जिले में सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से होती है। इसे ध्यान में रखते हुए दुर्घटनाओं में मृत्यु की रोकथाम के लिए दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक श्री एस आर भगत द्वारा कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों ने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ पर सहमति जतायी। बैठक में दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलने के संबंध में पेट्रोल पंपों में चेतावनी फ्लैक्स लगाकर एक सप्ताह तक जागरूकता अभियान चलाने और सभी पेट्रोल पंपों के साथ ही शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में चौक-चौराहों, तिराहों में हेलमेट की अनिवार्यता के संबंध में जागरूकता हेतु फ्लैक्सी लगाने तथा मुनादी कराने का निर्णय लिया गया।हेलमेट की अनिवार्यता के लिए एक सप्ताह तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालने की समझाईश दी जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा हेलमेट की अनिवार्यता का सख्ती से पालन कराने आदेश जारी किया जाएगा। इस कार्य में सहयोग के लिए सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों ने अपनी सहमति, सुझाव एवं विचार व्यक्त किए। बैठक में मानवता की सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी का अधिक से अधिक सदस्य और संरक्षक बनने पर भी चर्चा की गई। सोसायटी का आजीवन सदस्य बनने के लिए 1000 रूपये और संरक्षक के लिए 25 हजार रूपये सेवा शुल्क निर्धारित है। इस जानकारी पर सभी पेट्रोल-डीजल संचालकों ने मौके पर ही रसीद कटाकर आजीवन सदस्यता ग्रहण किया। सदस्यता के साथ ही मथुरा पेट्रोल पंप गौरेला के संचालक श्री उमेश अग्रवाल और काव्या पेट्रोल पंप पेंड्रा के संचालक आदित्य साहू ने निर्धारित शुल्क जमाकर संरक्षक भी बने।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन से गोयल ऑटोमोबाइल पेण्ड्रारोड, राधा कृष्णा फ्यूल्स पेण्ड्रा, काव्या पेट्रोल पंप पेण्ड्रा एवं एचपी उर्मिला पेट्रोलियम केंवची-गौरेला, इंडियन ऑयल कार्पोरेशन से राधे श्याम केडिया पेण्ड्रारोड, मथुरा फिलिंग स्टेशन टीकरकला-गौरेला, बाबूलाल फ्यूल्स अंजनी-गौरेला, माताजी फ्यूल्स लालपुर-गौरेला, जीएस फ्यूल पॉईंट न्यू बस स्टैंड पेण्ड्रा, अमित फ्यूल्स कुम्हारी-मरवाही, जी एस ऑटोकेयर सेखवा-मरवाही, अरूणा पेट्रोलियम बेलझिरिया-मरवाही एवं शिव शक्ति त्रिष्ठा फ्यूल्स निमधा-मरवाही और भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन से ज्योति राय एण्ड सन्स पेण्ड्रा, मां नागेश्वरी पेट्रोलियम मरवाही एवं मरवाही पेट्रोलियम्स लोहारी-मरवाही के संचालक-प्रतिनिधि मौजूद थे।
- धमतरी। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली पुलिस ने रिसाईपारा स्थित कोडूमल धर्मशाला के पास दबिश देकर तीन युवकों को हेरोइन (चिट्टा) बेचते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 13.06 ग्राम हेरोइन, नकदी, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और अन्य सामग्री सहित कुल 98,340 रुपये का माल जब्त किया।मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाईपुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ युवक अवैध रूप से हेरोइन की बिक्री कर रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपितों की पहचान मुकेश कुमार (सोरिद वार्ड), मुज्जमिल उर्फ मज्जु खान (रिसाईपारा) और सैय्यद नसीम खान (अधारी नवागांव) के रूप में हुई। गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेने पर हेरोइन, तीन मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नकदी व अन्य सामान बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 206/25 धारा 21(ए), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपितों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।लगातार जारी है नशा विरोधी अभियान:धमतरी पुलिस द्वारा नशे और अवैध गतिविधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। हाल ही में भखारा, कुरूद और रूद्री पुलिस ने गांजा और नशीली टैबलेट की तस्करी करने वाले कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।पुलिस का संदेश:पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि जिले में नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही जनता से अपील की गई है कि नशे से संबंधित कोई भी जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
- दुर्ग। यातायात पुलिस दुर्ग के द्वारा विशेष जांच अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 250 वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही की गई। इस दौरान पुलिस के द्वारा 35000 रुपए का वसूल किया गया। “Sashakt App और Operation Suraksha के तहत व्यापक वाहन जांच, अपराध और उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। जिला पुलिस प्रवक्ता श्रीमती पद्मश्री तंवर ने बताया कि 28 अगस्त 2025 को दुर्ग जिले में यातायात पुलिस द्वारा Sashakt App के माध्यम से वाहनों की जांच की गई। इस दौरान विशेषकर ऑटो डीलरों के पास खड़े वाहनों की विस्तृत जाँच की गई। पूर्व में इस ऐप के माध्यम से कई ऐसे वाहन पकड़े गए हैं जो चोरी के थे अथवा आपराधिक गतिविधियों में उपयोग किए गए थे। इस जांच व्यवस्था से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है।Sashakt App की विशेषता यह है कि किसी भी वाहन का नंबर दर्ज करते ही उसके संबंध में उपलब्ध समस्त आपराधिक अभिलेख तुरंत प्रदर्शित हो जाते हैं। यदि वाहन चोरी का है अथवा किसी अपराध में प्रयुक्त हुआ है तो उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है। यह अभिनव सॉफ़्टवेयर सिस्टम दुर्ग पुलिस द्वारा विकसित किया गया है।इसी के साथ Operation Suraksha के अंतर्गत जिलेभर में चालानी कार्रवाई भी की गई। विशेष जांच अभियान नेहरू नगर चौक, मालवीय नगर चौक, पुलगांव चौक, सिरसा गेट चौक, कुम्हारी टोल प्लाज़ा तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर संचालित किया गया। इस दौरान यातायात नियम उल्लंघन पर निम्नानुसार कार्रवाई की गई–• ड्रिंक एंड ड्राइव – 28• रेश ड्राइविंग – 15• बिना सीट बेल्ट – 26• नो पार्किंग – 32• अन्य उल्लंघन – कुल मिलाकरकुल 250 चालान किए गए तथा ₹35,000 का जुर्माना वसूला गया।यातायात पुलिस की अपीलसभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि यातायात नियमों का पालन करें। सुरक्षित एवं अनुशासित ड्राइविंग से दुर्घटनाओं की रोकथाम संभव है। “सावधानी ही सुरक्षा है” – कृपया स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा में सहयोग दें।
- भिलाई । नंदिनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज ग्राम हरदी के नहर के तेज बहाव में 1 बुजुर्ग बह गया। रेस्क्यू के बाद एसडीआरएफ दुर्ग की टीम द्वारा बुजुर्ग के शव को बाहर निकाल कर नंदिनी पुलिस के सुपुर्द किया गया।जिला सेनानी अग्निशमन अधिकारी एवं एसडीआरएफ प्रभारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना नंदिनी के ग्राम हरदी के नहर में व्यक्ति के बह जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। तत्काल एसडीआरएफ दुर्ग की टीम को मौका स्थल के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पहुंचकर एसडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन कर बुजुर्ग व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। मृतक मिलन पटेल पिता स्व. खेरू राम पटेल उम्र 65 वर्ष साकिन हरदी थाना नंदनी का रहने वाला था।
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बेमेतरा । संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन मे जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी, अधिक कीमत पर विक्रय, अमानक एवं नकली खाद के विक्रय पर रोक लगाने हेतु सतत् निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में उर्वरक निरीक्षक डॉ. श्याम लाल साहू द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान विभिन्न खाद विक्रय केन्द्रों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
पाए गए प्रकरणों में स्कंध पंजी एवं बिल बुक का संधारण नहीं करना, स्कंध एवं निर्धारित दर का प्रदर्शन नहीं करना, उर्वरक निरीक्षक को आवश्यक जानकारी उपलब्ध न कराना तथा पीओएस मशीन से खाद वितरण न करना प्रमुख रूप से शामिल है। कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। प्राधिकृत अधिकारी सह उप संचालक कृषि मोरध्वज डड़सेना ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा-31 के तहत खाद विक्रय केन्द्रों के उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त करने का आदेश जारी किया है जिसके अंतर्गत मेसर्स रेवेन्द्र कृषि केन्द्र, ग्राम हथमुड़ी, वि.खं. बेमेतरा | मेसर्स ओम कृषि केन्द्र, ग्राम पड़कीडीह, वि.खं. बेमेतरा | मेसर्स समृद्धि सुमन कृषि केन्द्र, ग्राम खण्डसरा, वि.खं. बेमेतरा शामिल हैं |निरस्तीकरण के बाद इन केन्द्रों पर भंडारण एवं विक्रय से संबंधित किसी भी प्रकार का व्यवसाय प्रतिबंधित रहेगा। जिला कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस हेतु जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों द्वारा खाद वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में 2 उर्वरक विक्रय केन्द्रों के लाइसेंस निलंबित भी किए जा चुके हैं। - -फुटबॉल, तीरंदाजी और मलखंभ में खिलाड़ी दिखाएंगे अपने जौहरकोण्डागांव। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने स्थानीय विकास नगर स्टेडियम में 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 28 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें राज्य के रायपुर, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के लगभग 570 खिलाड़ी फुटबाल, तीरंदाजी और मलखंभ खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। कार्यक्रम में विधायक सुश्री उसेण्डी ने प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुश्री उसेण्डी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए खेल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के खिलाड़ी तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर नई पहचान बना रहे हैं। सुश्री उसेंडी ने विश्वास जताया कि क्षेत्र के खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा के दम पर जिले और क्षेत्र का नाम, प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। अंत में विधायक ने सभी संभाग के खिलाड़ियों से मिलकर संवाद किया और उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।शुभारंभ कार्यक्रम को श्री मनोज जैन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेण्डी, राज्य तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष श्री दीपेश अरोरा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
- दुर्ग, । छत्तीसगढ़ शासन के भुइंया सॉफ्टवेयर को हैक करने वाले, पर अपराध दर्ज कर की कार्यवाही की गई। ग्राम मुरमुंदा के जमीन के खसरा का बटांकन कर अवैध तरीके से बैंक से लोन निकालकर रकम का दुर्विनियोग किया गया था। बैंक से लोन की रकम प्राप्तकर अपने कम्पनी में उपयोग करने वाले 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया।जिला पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तोमर ने बताया कि थाना नंदिनी नगर क्षेत्रान्तर्गत पटवारी हल्का नम्बर 16 के ग्राम अछोटी एवं मुरमुंदा तहसील अहिवारा जिला दुर्ग के भुइंया साफ्टवेयर को अज्ञात आरोपियों व्दारा हैक कर छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से भारतीय स्टेट बैंक शाखा नंदिनी नगर से 36 लाख रुपए का आहरण किया गया था| बैंक से रकम निकालने वाले आरोपी दिनू राम यादव पिता सूरज राम यादव निवासी 818 पप्पू किराना स्टोर के पास अमरपुरी सुंदर नगर वार्ड सिलतरा रायपुर व एस राम बंजारे पिता बुधराम बंजारे निवासी ग्राम अछोटी एवं अन्य के व्दारा एक राय होकर षडयंत्र पूर्वक अवैध लाभ अर्जित करने के लिए आनलाईन राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ कर मूल खसरा नम्बर के रकबा में कूटरचित तरीके से नए खसरा नम्बर का बटांकन कर नया खसरा सृजित कर दुरूपयोग किए जाने के संबंध में प्रस्तुत आवेदन पर अपराध क्रमांक 201/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बी एन एस एवं 66(सी) आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया दौरान विवेचना प्राप्त दस्तावेज एवं साक्ष्य के आधार पर मुख्य आरोपी दिनू राम यादव के व्दारा बैंक के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से बैंक से 36,00,000/- रुपए निकाल कर उक्त रकम को विभिन्न खातो में हस्तांतरित कर दिया गया था| जिसमे से 20,26,547/- रूपए को नन्द किशोर साहू निवासी सेक्टर 05 सड़क 33 क्वाटर नम्बर 4-बी भिलाई जिला दुर्ग के खाता में आया था| जिसे आरोपी नन्द किशोर साहू व्दारा अपने प्रायवेट कम्पनी भिलाई – दुर्ग फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी में इन्वेस्ट कर रकम का दुर्विनियोग किया जाना पाए जाने से 27 अगस्त को गिरफ्तार किया गया है| जिसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है|*नाम आरोपी :- नन्द किशोर साहू निवासी सेक्टर 05 सड़क 33 क्वाटर नम्बर 4-बी भिलाई जिला दुर्ग
- भिलाई। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग की 61वीं छमाही बैठक गुरुवार को सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) भोपाल के उपनिदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह मेहरा उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं नराकास अध्यक्ष श्री चित्त रंजन महापात्र ने की, जबकि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार विशिष्ट अतिथि रहे।कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके उपरांत महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा नराकास सचिव श्री राजीव कुमार और महाप्रबंधक श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंटकर स्वागत किया।मुख्य अतिथि श्री मेहरा ने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग ने हिंदी के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने वर्ष 2023-24 में मध्य क्षेत्र स्तर पर प्राप्त ‘नराकास राजभाषा सम्मान-प्रथम पुरस्कार’ पर बधाई दी और भविष्य में और ऊँचाइयाँ छूने की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सदस्य संस्थानों से हिंदी में कार्यालयीन कार्य और बढ़ाने का आह्वान किया।निदेशक प्रभारी श्री महापात्र ने कहा कि हिंदी में काम करना राष्ट्रीय कर्तव्य है और सभी संस्थान इस दिशा में प्रयासरत हैं। विशिष्ट अतिथि श्री पवन कुमार ने कहा कि कलम और की-बोर्ड दोनों पर हिंदी का प्रयोग ही वास्तविक अनुकरणीयता है।बैठक में 50 सदस्य संस्थानों के प्रमुख, हिंदी अधिकारी एवं ‘राजभाषा विशिष्ट सेवा पुरस्कार’ प्राप्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर की राजभाषा समिति ने गुरुवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व पर जागरूकता फैलाना और यूनिकोड आधारित हिंदी टाइपिंग के प्रयोगों से प्रतिभागियों को अवगत कराना था।कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे भूपेंद्र पांडे, वरिष्ठ अनुवादक अधिकारी, केंद्रीय माल एवं सेवा कर, रायपुर। उन्होंने हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में टाइपिंग के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी तथा यूनिकोड के उपयोग से डिजिटल दुनिया में हिंदी की उपयोगिता समझाई। छात्रों की सुविधा हेतु उन्होंने अपनी वेबसाइट की जानकारी भी साझा की।कार्यक्रम में डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. मनोज कुमार चोपकर, संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यशाला का आयोजन डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. शारदा नंदन राव के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।सत्र का समापन प्रतिभागियों से प्राप्त फीडबैक के साथ हुआ। समापन अवसर पर डॉ. संजय कुमार ने संस्थान के निदेशक का आभार व्यक्त किया और सभी से हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में हाल ही में आयोजित “मुंशी प्रेमचंद जयंती—पत्र लिखो प्रेमचंद को” प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
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-मंदिर हसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीन आने वाली 7 सोसायटियों में से 6 में यूरिया खाद नहीं
- रायपुर जिले की कई सोसायटियों से प्रभावी परिवहन न होने के कारण भी खाद न मिलने की शिकायत -किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मारायपुर । मंदिर हसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीन आने वाली 7 सोसायटियों में से 6 में यूरिया खाद नहीं है । इसकी कमी के चलते किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है और किसान सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं जहां से सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है कि हमने विपणन संघ के अधिकारियों को मांग पत्र भेज दिया है , खाद आते ही वितरित कर दिया जावेगा ।इस शाखा के अधीन आने वाले खुटेरी ( उमरिया ) सोसायटी को छोड़ अन्य 6 सोसायटियों में किसानों को मांग के अनुरूप यूरिया खाद नहीं मिल रहा । पलौद में लगभग 250 बोरी , गनौद में 200 बोरी , टेकारी व बरौदा में 150 - 150 बोरी , मंदिर हसौद व गोढ़ी में 350 - 350 सौ बोरी के आसपास खाद की मांग है । किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने किसानों व सोसायटियों से संपर्क करने के बाद यह जानकारी देते हुये कहा है कि शासन -प्रशासन प्रदेश में पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है यदि यह सच है तो फिर यह वितरण में कुप्रबंधन का मामला है । जिले की कई सोसायटियों से प्रभावी परिवहन न होने के कारण भी किसानों को खाद न मिलने की शिकायत मिलने की भी उन्होंने जानकारी दी है । इधर गोढ़ी सोसायटी के प्राधिकृत अधिकारी दिलीप बैस व टेकारी के प्राधिकृत अधिकारी विश्वनाथ नायक ने खाद हेतु मांगपत्र भेज दिये जाने की जानकारी दी है । - - 9977222564 टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है शिकायतरायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं नगर निगम रायपुर द्वारा "वॉटर फॉर ऑल – निःशुल्क शुद्ध पेयजल हर नागरिक का अधिकार" अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैफे और खाद्य प्रतिष्ठानों में आने वाले ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में यह अनिवार्य किया गया है कि ग्राहकों को गैर-बोतलबंद शुद्ध पेयजल निःशुल्क प्रदान किया जाए।बोतलबंद पानी केवल तभी परोसा जाएगा जब ग्राहक स्वयं उसकी स्पष्ट माँग करेंगे। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जनजागरूकता को बढ़ाने हेतु नगर निगम द्वारा सभी जोनों में टीमों के माध्यम से पोस्टर और स्टिकर लगाए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए नागरिक रायपुर जिला कॉल सेंटर 9977222564 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला जशपुर जिले के 1632 रामभक्तों कोरायपुर,। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में स्थित भगवान श्री रामलला के दर्शन का सुअवसर प्रदान करना है। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।जशपुर जिले में योजना प्रारंभ से अब तक 1632 रामभक्तों ने अयोध्या जाकर भगवान श्री राम का दर्शन लाभ ले चुके हैं। जिसमें जनपद पंचायत क्षेत्र जशपुर से 134 जनपद पंचायत क्षेत्र मनोरा से 95 रामभक्त शामिल हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत क्षेत्र बगीचा से 168, नगर पालिका क्षेत्र जशपुर से 83, नगर पंचायत क्षेत्र बगीचा से 58, जनपद पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 172, जनपद पंचायत क्षेत्र दुलदुला से 110, जनपद पंचायत क्षेत्र फरसाबहार से 179, नगर पंचायत क्षेत्र कुनकुरी से 109, जनपद पंचायत क्षेत्र पत्थलगांव से 220, जनपद पंचायत क्षेत्र कांसाबेल से 165 राम भक्त शामिल हैं स नगर पालिका क्षेत्र पत्थलगांव से 82 और नगर पंचायत क्षेत्र कोतबा से 57 रामभक्त अयोध्या में भगवान श्री राम का दर्शन कर चुके हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलता है, जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहती है।छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, यहां के लोग उन्हें भांचा राम के नाम से भी जानते हैं। भगवान श्री राम के प्रति आस्था प्रदेश के कण-कण में व्याप्त है। अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के बाद लोग अपने आप को धन्य महसूस करते हैं। दर्शन के बाद रामभक्तों के चेहरे पर झलकती संतुष्टि और आत्मिक खुशी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार के प्रति कृतज्ञता का भाव उनमें साफ झलकता है। श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और श्री राम के आदर्शों को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रेन रवाना करते समय बजते भजन, भगवान श्री राम की जयकारे की गूंज, यात्रियों के चेहरे से झलकती खुशी आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण रचते हैं।श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का ऐसा आध्यात्मिक अभियान है, जो छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में नए उत्साह और विश्वास का संचार कर रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई, जो उनकी दूरदर्शिता और लोककल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीरामलला के जन्मस्थान के दर्शन कर चुके हैं।श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री राम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को अपने जीवन मूल्य में अपनाने की एक पहल भी है।
- -कचरा संग्रहण से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता बलरामपुररायपुर।स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के साथ ही बाजार परिसर, समुदायिक स्थलों, चौक-चौराहों की साफ-सफाई कार्य जारी है। इसी कड़ी में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के ताम्बेश्वरनगर के बाजार परिसर में सफाई करते हुए कचरा संग्रहण किया गया।ग्रामीण एवं नगरीय निकाय में डोर-टू-डोर सूखा एवं गीला कचरा घरों से एकत्रित किया जा रहा है, ताकि कचरे का निपटारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा सके। समूहों की महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को क्रियान्वयन कर रही हैं। साथ ही दीदियों के द्वारा जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये आम नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन के महत्वों को बताते हुए गीले एवं सूखे कचरे को अलग करने के बारे में जानकारी देते हुए अपने आस-पास के क्षेत्र में सफाई रखने का आग्रह किया गया।स्वच्छाग्राही दीदियां बताती है कि पहले लोग कचरा लेने पर गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। लोगों को समझ है कि गिला और सूखा कचरा अलग करने में सफाई में आसानी होती है। साथ ही बिमारियों से बचाव भी होता है। वे बताती हैं कि हम महिलाएं पहले सिर्फ अपने घरों का ही काम करती थी। लेकिन अब गांव, शहर का साफ-सफाई का जिम्मा भी हमें मिला है। इससे हमें आय भी मिलती है। शासन-प्रशासन का प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मंशानुरूप स्वच्छता के क्षेत्र में जिला, राज्य, देश मिसाल बने। इसके लिए हर नागरिक को स्वच्छता के क्षेत्र में सहयोग करते हुए सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी,सीधे खाते में राशि मिलने से बढ़ रहा आत्मविश्वासरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार की महतारी वंदन योजना से उन्हें हर महीने सीधे खाते में आर्थिक सहायता मिल रही है, जिसके कारण वे आज महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। कबीरधाम जिले के ग्राम चिमरा की महिला श्रीमती सरोज साहू के जीवन में इस बार तीज का त्यौहार खास बन गया है। कुछ समय पहले तक सरोज को घर के छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी अपने पति से पैसे मांगने पड़ते थे। गांव की यात्रा हो या बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी खर्च, हर बार उन्हें इंतजार करना पड़ता था। लेकिन जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने महतारी वंदन योजना शुरू की, उनकी जिंदगी बदल गई। अब राशि सीधे उनके खाते में आती है, जिससे वे बिना किसी झिझक के अपनी जरूरतें पूरी कर पा रही हैं।श्रीमती सरोज साहू इस तीज पर खास खुशी से झूम रही हैं। कुछ समय पहले तक तीज का त्यौहार उनके लिए केवल घर-परिवार तक सीमित था, लेकिन महतारी वंदन की राशि से इस बार उन्होंने तीज के अवसर पर अपने लिए श्रृंगार का सामान, मायके वालों के लिए मिठाई और बच्चों के लिए खाने की वस्तुएं खरीदी है। सरोज बताती हैं कि अब मैं न केवल मायके जा रही हूँ, बल्कि अपने परिवार के लिए कुछ खास ले जाने की खुशी भी है। यह मेरे लिए तीजा का सबसे बड़ा तोहफा है। सरोज के चेहरे की चमक और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि आज वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं। तीज का त्यौहार अब उनके लिए केवल धार्मिक और पारंपरिक पर्व ही नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का उत्सव बन गया है।यह कहानी केवल सरोज तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन योजना ने जिले और प्रदेश की हजारों ग्रामीण महिलाओं को तीज जैसे पारंपरिक त्यौहारों पर आत्मनिर्भरता का अहसास कराया है। महिलाएँ अब परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में साझेदारी निभा रही हैं और अपने पैसों से अपने प्रियजनों के लिए कुछ कर पाने की गर्व भरी खुशी उनके जीवन में नए रंग भर रही है। तीज का यह पर्व महतारी वंदन योजना के कारण महिलाओं के आत्मसम्मान और स्वावलंबन का पर्व बन चुका है।
- रायपुर। देश के सामाजिक सुरक्षा ढाँचे को और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए SPREE 2025 योजना (Scheme for Promotion of Registration of Employers and Employees) की शुरुआत की है। यह विशेष पंजीकरण अभियान 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसके तहत नियोक्ताओं और श्रमिकों को ईएसआई (Employees' State Insurance) योजना से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए कहा, “हमारी सरकार सभी श्रमिकों के लिए उदार और व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।”इस योजना का उद्देश्य लाखों असंगठित, अस्थायी और ठेका श्रमिकों को ईएसआई दायरे में लाना है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, मातृत्व सहायता, आर्थिक सुरक्षा और अन्य सामाजिक लाभों का लाभ मिल सके। नियोक्ताओं के लिए भी कई राहतें दी गई हैंकृ पिछले बकाया अंशदान पर कोई पेनल्टी या मांग नहीं होगी, पुराने मामलों में निरीक्षण नहीं होगा और पंजीकरण उसी तारीख़ से मान्य होगा जो नियोक्ता घोषित करेगा।अभियान का विशेष जोर छत्तीसगढ़ पर है, जहाँ ईएसआईसी (ESIC) अपने क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग के माध्यम से जागरूकता अभियान, हेल्प डेस्क और संगोष्ठियों का आयोजन कर रहा है। 10 या अधिक कर्मचारियों वाले वे नियोक्ता, जो अब तक ईएसआई अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों को शामिल नहीं किया है, वे ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल या एमसीए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।रायपुर स्थित ईएसआईसी के उपनिदेशक श्री रत्नेश राजन्य ने कहा, SPREE 2025 नियोक्ताओं के लिए स्वैच्छिक रूप से अनुपालन करने और अपने श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा, मातृत्व सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ दिलाने का सुनहरा अवसर है। हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सभी हितधारकों के लिए लाभकारी बनाना है।”इसके साथ ही, सरकार ने अमनेस्टी स्कीम 2025 को भी मंजूरी दी है, जो 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत नियोक्ताओं को ईएसआई अधिनियम से संबंधित विवादों और लंबित मुकदमों का निपटारा करने का एकमुश्त अवसर मिलेगा। ईएसआईसी ने प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, सेवा क्षेत्र की इकाइयों और व्यापारिक संगठनों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाएँ। पंजीकरण के लिए नियोक्ता वेबसाइटwww-esic-gov-inपर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-2526 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार माना स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवालरायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रयासों से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) की 8वीं बैठक में चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र में सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने तथा संयंत्रों के उन्नयन एवं विकास की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर कुल 6 करोड़ 26 लाख 27 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे।स्वीकृत परियोजना के तहत सूखे कचरे के लिए उन्नयन एवं विकास हेतु 12 एमआरएफ प्लांट तथा गीले कचरे हेतु 12 नवीन विंड्रो कंपोस्ट प्लांट की स्थापना की जाएगी। संयंत्र निर्माण, उपकरण लागत और अतिरिक्त कार्यों को मिलाकर परियोजना की कुल लागत 4 करोड़ 51 लाख रुपए होगी, जबकि पांच साल के संचालन व संधारण पर 1 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बड़ी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के जरिए चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में कचरा निस्तारण और रीसाइक्लिंग को नई दिशा मिलेगी। इससे शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
- -तीन गांवों के हजारों लोग हो रहे लाभान्वित, ग्रामीण विकास को मिली गतिरायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में बहतराई से परसाही व्हाया बिजौर तक 6.400 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से हुआ है। इस सड़क ने क्षेत्र के ग्रामीणों को जर्जर सड़क की समस्या से मुक्ति दिला दी है। सड़क निर्माण से रहवासियों को आवागमन में सुविधा हो रही है। सड़क निर्माण से तीन गांवों के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह सड़क पूरी तरह गड्ढों से भरी और उखड़ी हुई थी। वर्ष 2023 में सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हुआ, अच्छी गुणवत्ता और लगातार मेंटेनेंस के कारण सड़क अच्छी स्थिति में है। पहले बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी भरने से मार्ग और भी दुर्गम हो जाता था। स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार लोगों और शहर में कामकाज के लिए जाने वाले ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।स्थानीय किसान सहदेव कौशिक ने बताया सड़क बनने से हमें फसल शहर तक ले जाने में बहुत सुविधा होती है, पहले खराब रास्ते के कारण ट्रॉली और वाहन फँस जाते थे, जिससे समय और पैसा दोनों का नुकसान होता था। अब सीधा शहर से जुड़ाव हो गया है। वहीं छात्र युग भार्गव का कहना है कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़या और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो गया है। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए “जीवन रेखा”की तरह है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क बन जाने से बहतराई, परसाही और बिजौर क्षेत्र के ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी झलक रही है। आवागमन आसान हो गया है, समय की बचत हो रही है, और दुर्घटनाओं में कमी आ गई है साथ ही, किसानों को अपनी फसल बिना रुकावट के सीधे शहर तक ले जाने में अब सुविधा हो रही है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना रू ग्रामीण विकास की जीवनरेखाभारत सरकार ने 25 दिसंबर 2000 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण इलाकों को सड़कों से जोड़ने का सपना देखा था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 500 या उससे अधिक आबादी वाले गाँवों (पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 आबादी वाले गाँव) को हर मौसम में उपयोगी सड़कों से जोड़ना है। इसके तहत सड़कों का न सिर्फ निर्माण किया जाता है, बल्कि उनकी देखरेख और रख-रखाव की भी जिम्मेदारी तय की जाती है ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक सुविधा मिल सके।
- -लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजनरायपुर ।आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें।बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 862.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 428.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 732.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 612.0 मि.मी., गरियाबंद में 725.0 मि.मी., महासमुंद में 639.1 मि.मी. और धमतरी में 767.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 830.7 मि.मी., मुंगेली में 814.0 मि.मी., रायगढ़ में 1018.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1013.8 मि.मी., सक्ती में 893.3 मि.मी., कोरबा में 841.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 843.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 706.0 मि.मी., कबीरधाम में 596.2 मि.मी., राजनांदगांव में 770.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1076.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 646.2 मि.मी. और बालोद में 925.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 617.2 मि.मी., सूरजपुर में 953.3 मि.मी., जशपुर में 861.0 मि.मी., कोरिया में 981.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 875.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1247.0 मि.मी., कोंडागांव में 792.1 मि.मी., कांकेर में 1002.7 मि.मी., नारायणपुर में 1068.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1178.8 मि.मी., सुकमा में 924.9 मि.मी. और बीजापुर में 1137.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- -432 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा-दौड़, कूद और गोला फेंक स्पर्धाओं में दिखाएंगे दमखमरायपुर। सरगुजा संभाग स्तरीय दो दिवसीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता (एथलेटिक्स) का शुभारंभ आज पीजी कॉलेज खेल मैदान में कलेक्टर श्री विलास भोसकर द्वारा किया गया। कलेक्टर श्री भोसकर ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर की ये प्रतियोगिताएं प्रतिभाओं को निखारने और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, निष्ठा और निरंतर अभ्यास के साथ खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।इस प्रतियोगिता में संभाग के सभी जिलों से 14, 17 एवं 19 वर्षीय बालक-बालिकाओं सहित कुल 432 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय प्रतियोगिता के अंतर्गत एथलेटिक्स की विभिन्न विधाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दौड़ वर्ग में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3 हजार मीटर एवं 5 हजार मीटर दौड़ शामिल हैं। इसी प्रकार फेंक स्पर्धा में गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक एवं हमर फेंक का आयोजन होगा। वहीं कूद स्पर्धा में लंबी कूद, ऊंची कूद तथा ट्रिपल जंप (त्रिकूद) की प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिता की शुरुआत 400 मीटर दौड़ से हुई, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव कविता पाठ समारोह में हुए शामिल, कहा कविता से देश और समाज के लिए काम करने की मिलती है प्रेरणा-'एक भारतीय आत्मा’ के नाम से मशहूर श्री माखनलाल चतुर्वेदी ने वर्ष 1922 में बिलासपुर जेल में लिखी थी 'पुष्प की अभिलाषा'रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित कालजयी कविता ’पुष्प की अभिलाषा’ का आज केन्द्रीय जेल बिलासपुर में सामूहिक पाठ किया गया। स्वर्गीय श्री चतुर्वेदी ने बिलासपुर केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रहने के दौरान 18 फरवरी 1922 को इस देशभक्तिपूर्ण काव्य की रचना की थी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में कैदियों ने इसका सामूहिक पाठ किया। केन्द्रीय जेल प्रशासन द्वारा एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह के सहयोग से इस प्रेरणादायी कविता पाठ समारोह का आयोजन किया गया था। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सतीश जायसवाल तथा संपादक एवं कवि श्री देवेन्द्र कुमार सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कैदी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समारोह में ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से मशहूर साहित्यकार स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के इस ऐतिहासिक जेल में देशभक्त साहित्यकार श्री माखनलाल चतुर्वेदी के प्रति श्रद्धा एवं आदरभाव व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। देश के लिए बलिदान का क्या महत्व है, इस कालजयी रचना के जरिए बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक फूल की इच्छा है कि वह सम्राट अथवा देवता के सिर पर नहीं, बल्कि उस मार्ग में सेनानियों के पैरों तले कुचला जाना मंजूर करता है जिस पथ से होकर सेनानी देश को आजाद करने की लड़ाई में आगे बढ़ें। यह देश के लिए महती त्याग और बलिदान की भावना है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री चतुर्वेदी की आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका थी। देशभक्ति की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। वे 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक सात माह 27 दिन इस जेल में निरूद्ध रहे। इसी जेल में रहकर उन्होंने 18 फरवरी 2022 को यह कालजयी रचना सेनानियों को सौंपी थी। बिलासपुर के साथ ही संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए यह कविता बड़ी धरोहर है। इससे हम सबको अच्छा काम करने की प्रेरणा मिलेगी।श्री साव ने कहा कि श्री माखनलाल चतुर्वेदी प्रकाण्ड विद्वान और देशभक्त थे। ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से उन्हें जाना जाता है। देश की आजादी के बाद उन्हें प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। ‘पुष्प की अभिलाषा’ शीर्षक से रचित कविता का एक-एक शब्द देशभक्ति के भावों से भरा हुआ है। यह हम सबको देश और समाज के लिए समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करता है। श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल और जेल अधीक्षक श्री खोमेश मंडावी भी समारोह में मौजूद थे।
- -प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण - मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा के दौरान दिए दिशानिर्देशरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा) निवासी श्रीमती संध्या वर्मा का 68 वर्ष$ की आयु में आज आकस्मिक निधन हो गया। वे गैदराम वर्मा की पत्नी , मनोज , निवेदिता व रेणुका की माता थीं। उनका अंतिम संस्कार टेकारी मुक्तिधाम में किया गया ।
- रायपुर । वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बलौदाबाजार वनमण्डल द्वारा अवैध शिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। सिमगा परिक्षेत्र अंतर्गत कचलोन बीट में प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्यवाही में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।वनमण्डलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में उपवनमण्डलाधिकारी श्री निश्चल शुक्ला एवं परिक्षेत्र अधिकारी श्री बसंत खांडेकर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में आरोपी से जंगली सुवर का मांस, कत्तल, हंसिया, जंगली सुवर की अंतड़ी, जी.आई. तार, विद्युत तार एवं खूंटियां बरामद की गईं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सभी आरोपी संगठित रूप से अवैध शिकार की गतिविधियों में संलिप्त थे।गिरफ्तार आरोपी परमानंद निषाद (आयु 40 वर्ष, निवासी कचलोन) के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं संशोधन अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अपराध क्रमांक 1966/13 दिनांक 25 अगस्त 2025 कायम किया गया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।वनमण्डलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील ने कहा है कि वन्यप्राणी हमारे पर्यावरण एवं पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। अवैध शिकार जैसे वन्य अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को दें एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्य में सहयोग प्रदान करें।इस कार्रवाई में प्रशिक्षु वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्री अनिरुद्ध कश्यप, उपवनक्षेत्रपाल श्रीमती सरिता एक्का, वनरक्षक रजनीश वर्मा, मनबोधन टंडन, वनपाल संतराम कुंद्रे, वनरक्षक राकेश ध्रुव, गोविंद सिंह पटले, वन चौकीदार इमेश्वर शर्मा सहित विभागीय अमले एवं सुरक्षा कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- रायपुर ।प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाकर हितग्राही अपने पक्के घर का सपना साकार कर रहे हैं। ऐसी ही एक हितग्राही नारायणपुर जिले की निवासी श्रीमती पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ वर्षों से एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बरसात के मौसम में टपकती छत और मिट्टी की दीवारें उनके जीवन की रोजमर्रा की कठिनाइयों को और बढ़ा देती थीं। पार्वती की आय का एकमात्र स्रोत सब्जी बेचने का छोटा व्यवसाय था, जिससे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से हो पाता था।आर्थिक तंगी के चलते वे कभी भी पक्का घर बनवाने की सोच नहीं सकीं। लेकिन 2023 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुई पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख मकानों को स्वीकृति दी गई। इसी के तहत् मोर जमीन मोर मकान अभियान शुरू किया गया, जो पार्वती के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया।सपनों का घर बना हकीकतनगरपालिका परिषद कार्यालय की सक्रिय भूमिका से उन्हें योजना में पंजीकृत किया गया। योजना के तहत केंद्रांश, राज्यांश और हितग्राही अंशदान के माध्यम से मकान निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। आज पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में सुरक्षित, ससम्मान और खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर रही हैं। अब उन्हें बरसात का डर नहीं है, वे आत्मविश्वास से पक्के मकान में खुशी-खुशी परिवार के साथ निवास कर रही हैं।पार्वती बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे जैसे गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना हमें सिर्फ छत ही नहीं देती, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा की भावना भी देती है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आभारी हूँ, जिन्होंने हमारे सपनों को साकार किया है।





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