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- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 25 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत के प्रजातांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक परंपराओं और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत अपने सशक्त लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के लिए विश्वभर में जाना जाता है। लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मताधिकार केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में नागरिकों का महत्वपूर्ण दायित्व भी है।मुख्यमंत्री ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं और प्रत्येक चुनाव में मतदान कर भारत की लोकतांत्रिक परंपरा को और अधिक सुदृढ़ बनाएं।श्री साय ने कहा कि राष्ट्र के नवनिर्माण में प्रत्येक मत की अपनी विशेष महत्ता होती है। इसलिए सभी नागरिकों को अपने बहुमूल्य मताधिकार का प्रयोग पूरी जिम्मेदारी, जागरूकता और निर्भीकता के साथ करना चाहिए, ताकि एक सशक्त, समावेशी और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में सहभागी बना जा सके।
- रायपुर /रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में आज “नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में अभिनेता श्री सत्यजीत दुबे, अभिनेत्री सुश्री टी. जे. भानु, विधायक एवं प्रसिद्ध कलाकार श्री अनुज शर्मा तथा सुश्री सुविज्ञा दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।परिचर्चा के दौरान श्री अनुज शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा अत्यंत सरल और सहज है, जिसे संवाद के माध्यम से और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय महिलाओं की सशक्त भूमिका का है, जहां सिनेमा और समाज दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने फिल्म निर्माण प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिनेमा में निर्देशक की भूमिका प्रमुख होती है, रंगमंच में अभिनेता की प्रधानता होती है, जबकि धारावाहिकों में लेखक की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी रचनाकार की पहचान उसके पहनावे से नहीं, बल्कि उसकी रचनाओं से होती है।अभिनेता श्री सत्यजीत दुबे ने कहा कि किसी भी फिल्म में भावनात्मक तत्व होना आवश्यक है, तभी वह दशकों तक दर्शकों के मन में जीवित रहती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का साहित्य अत्यंत समृद्ध है और यहां अच्छी कहानियों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता केवल पाठक वर्ग को प्रोत्साहित करने की है कि वे पढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकजीवन और संस्कृति में असंख्य कथाएं समाहित हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।अभिनेत्री सुश्री टी. जे. भानु ने कहा कि डिजिटल माध्यमों, विशेषकर यूट्यूब, ने नए कलाकारों के लिए अवसरों के द्वार खोले हैं। छोटी कहानियां अब विभिन्न मंचों के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा का सुख केवल गंतव्य तक पहुंचने में नहीं, बल्कि पूरी यात्रा प्रक्रिया में निहित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिलाएं निर्माता की भूमिका निभाती हैं, तो वे सेट पर कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं और भावनाओं का ध्यान रखती हैं। उन्होंने सिनेमा में दृश्यात्मक प्रस्तुति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।सुश्री सुविज्ञा दुबे ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास का विकास घर से ही प्रारंभ होना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करें, जिससे उनमें सृजनात्मकता और आत्मबल विकसित हो सके।परिचर्चा में वक्ताओं ने नई पीढ़ी के सिनेमा, साहित्य और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव पर विचार साझा करते हुए कहा कि सशक्त कहानी, भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी ही भविष्य के सिनेमा की दिशा तय करेंगे।
- - रायपुर साहित्य उत्सव: दूसरे दिन लोकगीतों पर हुई जीवंत परिचर्चारायपुर / रायपुर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन प्रथम सत्र में लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोकगीतों पर परिचर्चा आयोजित हुई। इसमें डॉ. पीसी लाल यादव, श्रीमती शकुंतला तरार, श्री बिहारीलाल साहू और डॉ. विनय कुमार पाठक विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए तथा अपने विचार रखें।डॉ. पीसी लाल यादव ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के लोकगीत मानवता के पक्षधर हैं, जो हमें रास्ता दिखाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकगीतों को गर्व से संजोकर रखने का दायित्व अब युवा पीढ़ी का है।परिचर्चा में दूसरी वक्ता श्रीमती शकुंतला तरार ने बस्तर के लोकगीतों और उनके महत्व को अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया। बस्तर के लोकगीत सुनाकर उन्होंने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने घोटुल के इतिहास, लिंगोपेन देवता की पूजा पद्धति में गाए जाने वाले ककसार गीत (जो महिलाओं द्वारा गाए जाते हैं) आखेट पर जाते पुरुषों के लिए महिलाओं द्वारा गाए मंगल गीत, छेरछेरा परंपरा, जगार धार्मिक पर्व में धनकुल गीत तथा 650 वर्षों से चली आ रही बस्तर दशहरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बस्तर पंडुम द्वारा सरकार के कार्यों की भी सराहना की।श्री बिहारी लाल साहू ने युवाओं को मार्गदर्शन देते हुए वर्तमान लोकगीतों, कहानियों एवं पहेलियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुराने समय में छत्तीसगढ़ी भाषा और लोकगीतों के महत्व को उदाहरणों सहित समझाया तथा बताया कि छत्तीसगढ़ी एक समृद्ध और पूर्ण भाषा है।अंत में डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि लोक साहित्य जन–जीवन की गहरी अनुभूतियों से उपजा समृद्ध साहित्य है। उन्होंने लोकगीतों को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को दूर करते हुए इसकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रचनात्मक महत्ता को रेखांकित किया।सत्र के अंत में डॉ. पीसी लाल यादव का छत्तीसगढ़ी गजल संग्रह ‘हमर का बने का गिनहा‘ तथा कविता संग्रह ‘दिन म घलो अंधियार हावय‘ का विमोचन किया। साथ ही श्रीमती वर्णिका शर्मा द्वारा निर्मित वीडियो ‘महतारी की आरती‘ का विमोचन किया गया।
- -डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा’ विषय पर लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित परिचर्चारायपुर/रायपुर साहित्य उत्सव 2026 “आदि से अनादि तक” के द्वितीय दिवस के पंचम सत्र अंतर्गत पुरखौती मुक्तांगन स्थित लाला जगदलपुरी मंडप में “डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा” विषय पर एक विचारोत्तेजक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात चिंतक डॉ. राजकुमार फलवारिया उपस्थित रहे।अपने वक्तव्य में डॉ. राजकुमार फलवारिया ने कहा कि भारत के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक क्षेत्र, मीडिया जगत तथा अनेक दलित संगठनों द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर को केवल दलितों का नेता मानने की धारणा अधूरी और सीमित है। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं, तथ्यों तथा बाबासाहेब के विचारों के माध्यम से स्पष्ट किया कि डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण समाज के नेता, चिंतक और मार्गदर्शक थे।डॉ. फलवारिया ने कहा कि बाबासाहेब केवल सामाजिक न्याय के प्रतीक ही नहीं थे, बल्कि वे महान अर्थशास्त्री, लेखक, बैरिस्टर, शिक्षक, पत्रकार, संपादक, स्तंभकार, श्रम मंत्री एवं कानून मंत्री के रूप में एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, श्रमिकों के हितों, आर्थिक नीतियों, कृषि एवं औद्योगिक विकास, नदी जल प्रबंधन तथा भारतीय संविधान के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर सम्पूर्ण समाज को केंद्र में रखकर कार्य किया।परिचर्चा के दौरान विचार व्यक्त किए कि डॉ. अम्बेडकर का चिंतन आज भी सामाजिक समरसता, लोकतंत्र और समानता के लिए पथप्रदर्शक है। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. अम्बेडकर के समग्र विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना तथा उन्हें केवल एक वर्ग तक सीमित करने की मानसिकता पर पुनर्विचार करना रहा।
- -फिल्म सिटी और कल्चरल कन्वेंशन सेंटर से युवाओं, कलाकारों और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री श्री साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि पूजन-फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में मिलेगी विशेष पहचान-150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 100 एकड़ में विकसित होगी फिल्म सिटीरायपुर । छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।गदर फिल्म के निर्माता श्री अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन श्री राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन श्री नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से श्री आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
- -प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण : मुख्यमंत्रीरायपुर /नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव की होनहार बेटी योगिता मंडावी को जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए वर्ष 2025 का प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हर्ष और गर्व व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योगिता मंडावी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और अनुशासन का परिणाम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की लाखों बेटियों के सपनों की जीत भी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी योगिता ने जिस समर्पण और संकल्प के साथ आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि योगिता मंडावी भविष्य में भी अपनी मेहनत और लगन से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती रहेंगी। उन्होंने योगिता के उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
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रायपुर । कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन आचार्य पंथ श्री गृंध मुनि नाम साहब शासकीय स्नातकोत्तर कालेज कवर्धा में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा। गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह 26 जनवरी 2026 को प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं सलामी, परेड का निरीक्षण, मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, शहीद परिवार का सम्मान तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृति कार्यक्रम की प्रस्तुति एवं विभिन्न विभागों द्वारा झांकी प्रदर्शन किया जाएगा।
- –जिले में 54 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारितदुर्ग/ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने तथा स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 54 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।यह लक्ष्य जीआईएस बेस्ड प्लानिंग के तहत सेटेलाइट डेटा के आधार पर तय किया गया है, जिससे डबरी निर्माण के उपयुक्त स्थलों का वैज्ञानिक चयन सुनिश्चित किया जा सके। आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे। स्व-सहायता समूहों की दीदियों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी है। आजीविका डबरी निर्माण से खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में सहभागिता बढ़ेगी तथा आजीविका सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी। अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना का हिस्सा होंगे, जिनमें जल सुरक्षा, मूलभूत ढांचा तथा आजीविका आधारित गतिविधियाँ शामिल हैं।जिले में 54 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया। इस अवसर पर स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- बालोद/ जिला मुख्यालय बालोद स्थित स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस समारोह का सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने हेतु आज अंतिम अभ्यास सम्पन्न किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में समारोह का अंतिम अभ्यास सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- नये मतदाताओं का होगा सम्मानबालोद/राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 25 जनवरी 2026 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय आमापारा बालोद में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नये मतदाताओं का सम्मान कर सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इस दौरान निर्वाचन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ, बीएलओ सुपरवाईजर तथा महाविद्यालयीन एवं स्कूल स्तरीय मतदाता जागरूकता पर आधारित रंगोली, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
- कैबिनेट मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथिसमारोह में ध्वजारोहण कर परेड की लेंगे सलामीबालोद/ कैबिनेट मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब 26 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रम अनुसार 26 जनवरी को सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में सुबह 08.58 बजे माननीय मुख्य अतिथि का आगमन, 09 बजे गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण, गार्ड आॅफ आॅनर एवं राष्ट्रगान होगा। प्रातः 09ः10 बजे परेड का निरीक्षण, 09ः20 बजे माननीय मुख्यमंत्री जी का जनता के नाम संदेश का वाचन, 09ः35 बजे हर्ष फायर, 09ः40 बजे गुब्बारा उड़ान, 09ः45 बजे मार्चपास्ट, 09ः50 बजे परेड एवं प्लाटून कमाण्डर से परिचय, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से भेंट एवं शहीद परिवारों का सम्मान, 10 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10ः30 बजे जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों की झाँकी का प्रदर्शन, 11.10 बजे राष्ट्रीय धुन एवं 11ः11 बजे जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान, प्रशस्ति पत्र वितरण किया जाएगा।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के नाॅर्थ जोन गार्डन में माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती भी पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई। इन दोनों ही पर्वों पर श्रद्धा भाव और देश भक्ति का मिलाजुला जज्बा देखने को मिला। सबसे पहले पंडित प्रबीर भादुड़ी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा स्थल पर माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की। उसके बाद उन्होंने विधिविधान से पूजा संपन्न कराने के पश्चात हवन एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। विसर्जन शनिवार सुबह किया गया।छोटे-छोटे बच्चों ने किया अक्षराभ्यासइस अवसर पर अपने माता-पिता के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित छोटे-छोटे बच्चों से पंडित द्वारा अक्षराभ्यास करवाकर विद्यारंभ संस्कार कराया गया, जिसे बांग्ला परंपरा में “हाथे खोड़ी” कहा जाता है। पूजा के उपरांत भिलाई की प्रतिष्ठित ‘राग मंजरी’ ग्रुप द्वारा भक्ति गीतों एवं देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी भक्ति गीतों की प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण रही।रागमंजरी ने दी संगीतमय प्रस्तुति‘राग मंजरी’ ग्रुप की ओर से जगदीश बामनिया, प्रमोद ताम्रकार, रौशनी निर्वाण, जीवनंदन वर्मा, किशोर जाटव, महेश विश्वकर्मा, तपन कुमार नाथ तथा मनीषा भट्ट ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात भोग-प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से ग्रहण किया। इसके बाद कॉलोनी की महिला भजन मंडली द्वारा भजन गायन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मुख्य रूप से सरिता खरे, निशा चौधरी, सुशीला, सरोज तिवारी, तरुणा देशमुख, रानी, बसवम्मा एवं निर्मला ने सहभागिता निभाई। भजन कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा।निःशुल्क शास्त्रीय गायन का प्रशिक्षणकार्यक्रम का समापन संध्या आरती के साथ माता सरस्वती की पुनः पूजा-अर्चना कर किया गया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में तपन कुमार नाथ, बी. सनमुख राव, कुलदीप कौर, स्वप्ना नाथ, बी. तुलसी राव, तिलोत्तमा गजभिये, राधे लाल, आर. एस. अग्रवाल, राजऋषि गुप्ता, के. टी. अनिल, सुभाष नायर, जीतेन्द्र नायर, विनोद मरार सहित अनेक कॉलोनीवासियों का सक्रिय योगदान रहा। इस अवसर पर ‘राग मंजरी’ ग्रुप द्वारा यह घोषणा भी की गई कि कॉलोनी के बच्चों को उनके द्वारा निःशुल्क शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम एवं कथक का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
- बिलासपुर/भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ, बिलासपुर द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में नेताजी के राष्ट्रवादी विचारों, अद्वितीय नेतृत्व क्षमता, ओजस्वी व्यक्तित्व एवं देशभक्ति से परिपूर्ण जीवन संघर्ष को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस साहस, वीरता और पराक्रम के प्रतीक थे, जिनका जीवन युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर उपस्थित स्काउटदृगाइड, रोवरदृरेंजर सदस्यों ने नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय टांडे, ए.पी.सी., समग्र शिक्षा श्रीमती आरती राय, खण्ड लिपिक श्री सुनील यादव, जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री महेंद्र बाबू टंडन, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट श्री संतोष कुमार त्रिपाठी, स्काउट मास्टर विकास लहरे, रोवर लीडर श्री सूर्यकांत खूंटे सहित जिले के स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
- बिलासपुर/राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को कोचिंग प्रदान करने हेतु 28 दिसम्बर को प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा उपरांत मेरिट सूची विभागीय वेबसाईट में अपलोड कर दी गई है। मेरिट सूची के आधार पर दस्तावेज सत्यापन हेतु आमंत्रित किये जाने वाले वर्गवार अभ्यर्थियों की सूची एवं कार्यक्रम का विवरण विभागीय वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित अभ्यर्थियों को मूल अभिलेख सहित निर्धारित तिथि एवं समय में मुख्यालय इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर स्थित मीटिंग हॉल क्र 4, तृतीय तल में उपस्थित होना होगा। अनुपस्थित अभ्यर्थी एवं अपूर्ण अभिलेखों पर विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि एवं समय उपरांत दस्तावेज सत्यापन नहीं किया जाएगा और न ही कोई अभ्यावेदन मान्य नहीं किया जाएगा।
- पुलिस परेड ग्राउन्ड में हुआ आज फुल ड्रेस रिहर्सलमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे ध्वजारोहणबिलासपुर /जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल आज सवेरे पुलिस परेड ग्राउंड में किया गया। फाइनल रिहर्सल में मुख्य अतिथि का आगमन, स्वागत, ध्वजारोहण, परेड सलामी, मार्च पास्ट, मुख्य अतिथि द्वारा परेड कमाण्डों से परिचय, पुरस्कार वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का रिहर्सल किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जिला मुख्यालय के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। आईजी श्री रामगोपाल गर्ग भी मौजूद थे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने अंतिम रिहर्सल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी। आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। तेरह टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट कर अनुशासन का परिचय दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ के विकास की झलक दिखाती विभागीय झांकी भी लोगों को देखने को मिलेगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य समारोह का संचालन हमेशा की तरह व्याख्याता द्वय सौरभ सक्सेना और मुकुल शर्मा करेंगे। अंतिम रिहर्सल को देखने बड़ी संख्या में शहर के नागरिक, छात्र-छात्राएं, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने (रजत महोत्सव) के अवसर पर, वित्त विभाग के निर्देशानुसार एवं संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन, बिलासपुर संभाग श्री नित्यानंद सिन्हा के मार्गदर्शन में, जिला बिलासपुर में लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष कैम्प दिनांक 27 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2026 तक कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। कैम्प का उद्देश्य सेवानिवृत्त एवं सेवारत कर्मचारियों से संबंधित लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों का त्वरित, सरल एवं प्रभावी निराकरण करना है।इस संबंध में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, जिला कोषालय बिलासपुर श्री बसंत गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों से संबंधित कर्मचारी/पेंशनर को व्यक्तिगत रूप से सूचित करते हुए, निर्धारित तिथि एवं स्थान पर पूर्ण दस्तावेजों सहित कैम्प में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।उन्होंने बताया कि इस विशेष कैम्प के माध्यम से पेंशनरों एवं कर्मचारियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- -रायपुर साहित्य उत्सव में श्री शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण-'स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां' विषय पर हुई परिचर्चा-छत्तीसगढ़ ने बीते 200 वर्षों में हिंदी साहित्य को बार-बार नई दिशा दी, इनमें श्री शुक्ल भी शामिल : डॉ. सुशील कुमार त्रिवेदीरायपुर । नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन देश के शीर्षस्थ साहित्यकार स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण किया गया। ‘स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में साहित्य, प्रशासन, पत्रकारिता और फिल्म से जुड़े वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर भावपूर्ण संवाद किया। वक्ताओं ने श्री शुक्ल और उनकी रचनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उनके साहित्य को मानवीय संवेदना और मौलिक अभिव्यक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया।परिचर्चा के प्रथम वक्ता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार त्रिवेदी ने कहा कि वे वर्ष 1973 से लगातार विनोद कुमार शुक्ल से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 200 वर्षों में हिंदी साहित्य को बार-बार दिशा दी है। ठाकुर जगमोहन सिंह, माधवराव सप्रे, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, मुकुटधर पांडेय से लेकर विनोद कुमार शुक्ल तक की परंपरा ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि श्री शुक्ल ने किसी विचारधारा या कवि का अनुगमन नहीं किया, उनका संपूर्ण लेखन मौलिक है। उनकी रचनाओं में साधारण मनुष्य अपनी पूरी गरिमा और संवेदना के साथ उपस्थित होता है। शोषितों का जीवन, खुद के गढ़े हुए मुहावरे, सरल भाषा और गहरी अनुभूति उनके साहित्य की पहचान है। उनके उपन्यासों में ‘घर’ सबसे खूबसूरत और मानवीय प्रतीक के रूप में उभरता है।नई दिल्ली की युवा कथाकार एवं पत्रकार सुश्री आकांक्षा पारे ने कहा कि कई लोग विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं को दुरूह कहकर खारिज कर देते हैं, लेकिन बहुत से पाठकों को इन्हीं रचनाओं से गहरा और आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि श्री शुक्ल मनुष्यता के पुजारी थे, उनकी रचनाएं मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती हैं।जनसंपर्क विभाग के उप संचालक एवं युवा साहित्यकार श्री सौरभ शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य यह सिखाता है कि सामान्य जीवन जीते हुए भी मनुष्य कैसे खुश रह सकता है। वे बड़े कवि और लेखक तो थे ही, उससे भी बड़े इंसान थे। उन्होंने श्री शुक्ल के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि उनके साथ बैठना सुकून से भर देता था, समय का पता ही नहीं चलता था। उन्होंने बताया कि ‘स्मृति’ का प्रयोग श्री शुक्ल के साहित्य में विपुलता से हुआ है। उनकी रचनाएं पाठकों में कौतुक और उत्सुकता जगाती हैं।राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं लेखक श्री अनुभव शर्मा ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को पढ़ने के बाद उन्होंने उनके साहित्य को जिया है। उनकी रचनाओं में आए प्रतीक और बिंब हमें अपने आसपास के जीवन में दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि श्री शुक्ल ने उन्हें भी लिखने के लिए प्रेरित किया। ‘पेड़ों का हरहराना, चिड़ियों का चहचहाना’ जैसे छोटे-छोटे प्रतीक उनकी रचनाओं में हर जगह मिलते हैं। उनकी कथाएं हमारी मिट्टी से उपजे शब्दों में अपनी बात कहती हैं और प्याज की तरह परत-दर-परत खुलती जाती हैं।अभिनेत्री सुश्री टी.जे. भानु ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि साहित्य उन्हें बचपन से संबल देता रहा है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार श्री विनोद कुमार शुक्ल की कविता पढ़ी, तो लगा कि यही वे बातें हैं, जिन्हें वे स्वयं कहना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वे हर वर्ष 1 जनवरी को श्री शुक्ल के जन्मदिन पर रायपुर आती थीं और उनसे मिलती थीं। उनकी किताबों में जनमानस की सच्ची और आत्मीय बातें हैं।परिचर्चा की सूत्रधार डॉ. नीलम वर्मा ने समापन करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल के साहित्य की एक नहीं, अनेक खिड़कियां हैं। उनके लेखन में गहरी मानवीय करुणा और संवेदना समाई हुई है। वे किसी एक राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी रचनाएं पूरी दुनिया को जोड़ती हैं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म एवं टीवी अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री नीतीश भारद्वाज का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट से निर्मित महुआ वृक्ष की कलाकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों की जानकारी भी साझा की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 1017 सीटर नए नालंदा परिसर का किया भूमिपूजन-21 करोड़ से अधिक की लागत से बनेगा नया परिसररायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन रायपुर में नए नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया। एनआईटी के सामने जीई रोड के किनारे 21 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से इस 1017 सीटर नालंदा परिसर फेज-2 का निर्माण किया जा रहा है। इससे शहर में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को तैयारी का अच्छा माहौल मिलेगा। उन्हें ऑनलाइन तथा ऑफलाइन लाइब्रेरी के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री भी मिल सकेगी। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा तथा रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बसंत पंचमी की बधाई दी। उन्होंने भारतमाता के वीर सपूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर फेज-2 में आने वाले विद्यार्थियो को माता सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी। श्री साव ने कहा कि नालंदा परिसर फेज-2 इस बात का उदाहरण है कि श्री विष्णु देव साय की सरकार युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए सभी संसाधन मुहैया कराने के लिए तत्पर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में संचालित नालंदा परिसर की तरह ही यह नया परिसर भी युवाओं के लिए बहुत लाभप्रद होगा और यहां अध्ययन करने वाले युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का नया इतिहास गढ़ेंगे। श्री साव ने कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को चेक भी वितरित किए।वन एवं पर्यावरण तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि आज बसंत पंचमी के शुभ और पावन अवसर पर राज्य सरकार की ओर से राजधानीवासियों को शानदार सौगात मिल रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में तथा स्थानीय विधायक श्री राजेश मूणत की लगातार कोशिशों के परिणाम शहर को मिल रहे हैं। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री राजेश मूणत ने नालंदा परिसर फेज-2 के निर्माण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस एजुकेशन हब में हम शिक्षा का विकास करने का संकल्प पूरा करेंगे। यहां चारों ओर शिक्षण संस्थाएं हैं। पिछले दो सालों में रायपुर शहर सहित पूरे छत्तीसगढ़ का अच्छा विकास हुआ है। निर्माण और विकास के कार्यों में तेजी आई है।रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि यह जगह शहर का हृदय स्थल है और यहां चारों ओर बड़ी शिक्षण संस्थाएं हैं। इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को नए नालंदा परिसर का भरपूर लाभ मिलेगा। यह उनके कैरियर के निर्माण में बहुत उपयोगी साबित होगा।ऐसा होगा नया नालंदा परिसररायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने बताया कि 21 करोड 7 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 1017 सीटर नालंदा परिसर फेज-2 में 90 सीटों वाला व्याख्यान कक्ष भी रहेगा जो किराए पर उपलब्ध रहेगा। साथ ही 24 घंटे को-वर्किंग स्पेस, 950 से अधिक दोपहिया वाहनों तथा 75 से अधिक चार पहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता, कैफेटेरिया, जिम, स्पोर्ट्स जोन, बच्चों का खेल क्षेत्र, इंडोर गेम्स इत्यादि की भी सुविधाएं मिलेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की कड़ी मॉनिटरिंग में पूर्ण गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में इसका निर्माण पूर्ण किया जाएगा।राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू, रायपुर नगर निगम लोककर्म विभाग के अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल और जोन-7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा सहित एमआईसी सदस्यगण, जोन अध्यक्षगण, पार्षदगण तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -प्रशस्ति पत्र और डेढ़-डेढ़ लाख की सम्मान राशि से 239 विद्यार्थी सम्मानितरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ये 2024 एवं 2025 के टॉप 10 मेधावी और विशेष पिछडी जनजाति के टॉप 01 विद्यार्थी है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।प्रशस्ति पत्र और डेढ़-डेढ़ लाख की सम्मान राशि से 239 विद्यार्थी सम्मानितइस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाएं हमारे जीवन के लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रथम सीढ़ी है। आपने एक पड़ाव पार किया है अब अगले पड़ाव की ओर जा रहे है। जहां एक ओर इस सफलता की प्रेरणा आपको नवीन ऊर्जा के साथ प्रगति का रास्ता प्रशस्त करती है और वहीं यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों को मेहनत, लगन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपार संभावनाओं का प्रदेश है। ‘‘धान का कटोरा‘‘ कहा जाने वाला हमारा राज्य अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति बहुत उन्नत है। हमें अपने राज्य की सनातन संस्कृति पर गर्व का भाव होना चाहिए।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थी आईआईटी, नीट की परीक्षा देकर इंजीनियरिंग और मेडिकल मे जाना चाहते है लेकिन सभी को सफलता नहीं मिलती है। इसके लिए निराश होने की जरूरत नहीं हैं। नए-नए विषय है जहां आप कैरियर की ऊची उड़ान भर सकते है। धैर्य के साथ आगे बढ़े। गिरना बडी बात नहीं है गिर कर खड़े होना महत्वपूर्ण है। सपना बड़ा होना चाहिए। सपनें को पूरा करने के लिए साधना और अभ्यास करना होता है। उन्होंने मौलिकता और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चें शिक्षा में आगे बढ़ रहे है, यह बहुत सराहनीय है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी हमारे देश एवं प्रदेश के भविष्य हो। आप लोगों के कंधे पर देश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आज जो सफलता आप सभी छात्रों को मिली है निश्चित ही इस सफलता के पीछे आपके शिक्षक गुरुओं एवं माता पिता के आशीर्वाद है। उनके आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने सभी प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन और बसंत पंचमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा हम सब पर सदैव मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहें।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सत्र 2024 एवं 2025 के 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के 239 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप मेडल, प्रशस्ति पत्र और प्रत्येक विद्यार्थी को डेढ़-डेढ़ लाख की राशि सीधे उनके खाते में दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दिए इस प्रोत्साहन सेे शिक्षा के प्रति उनका रूझान बढ़ेगा और दूसरे विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी।कार्यक्रम में वर्ष 2024 के 110 और वर्ष 2025 के 129 टापर विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले ने दिया एवं आभार प्रदर्शन सचिव श्रीमती पुष्पा साहू ने किया।इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री आशाराम नेताम, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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-पहले दिन चार सत्रों में 75 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
-देश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित रहा ओपन माइक का मंच*रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित ओपन माइक मंच पर पहले दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 75 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। इस मंच पर कविता, कहानी, गायन, वादन, सामूहिक नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य जैसी विविध विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।ओपन माइक सत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह विशेष मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सुसज्जित किया गया था, जहाँ बाँसुरी, गिटार और वायलिन वादन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। नन्ही नृत्यांगनाओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं सरगुजा से लेकर बस्तर तक के युवा कवियों और ग़ज़लकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, महंत कॉलेज के प्राचार्य श्री देवाशीष महंत तथा संयुक्त संचालक, जनसंपर्क श्रीमती इस्मत जहाँ दानी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ओपन माइक सत्र ने न केवल नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि साहित्य, कला और संस्कृति के प्रति युवाओं के उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा को भी प्रभावी रूप से उजागर किया। -
- 90 से अधिक रचनाकारों की सहभागिता
रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव 2026 पूरे उत्साह और साहित्यिक गरिमा के साथ जारी है। उत्सव के अंतर्गत सुरजीत नवदीप मंडप में महिला साहित्यकारों के विशेष काव्य-पाठ सहित काव्य एवं व्यंग्य के कई सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए 90 से अधिक नवोदित एवं समकालीन रचनाकारों ने सहभागिता की।रायपुर साहित्य महोत्सव के वृहद आयोजन के अंतर्गत जय जोहार साहित्य-संस्कृति संस्थान, छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति संस्थान एवं छत्तीसगढ़ मित्र के संयुक्त तत्वावधान में महिला साहित्यकारों के विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन जय जोहार साहित्य-संस्कृति संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सीमा निगम द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान की संरक्षक डॉ. रश्मिलता मिश्रा, श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे एवं छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला तरार विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहीं। मंच संचालन डॉ. सीमा अवस्थी एवं सुमन शर्मा बाजपेयी ने किया।महिला साहित्यकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, नदियों की महिमा, सामाजिक सरोकार, नारी सशक्तिकरण एवं राष्ट्रभक्ति जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस सत्र में विमला माहेश्वरी, भारती यादव मेधा, पूर्वा श्रीवास्तव, पल्लवी झा, नंदिनी लहेज, दिलशाद सैफी, अनिता झा, अनामिका शर्मा ‘शशि’, प्रमदा ठाकुर, सुषमा प्रेम पटेल, पूर्णिमा तिवारी, शुभ्रा ठाकुर, धरा देवांगन, शकुंतला तिवारी, सीमा पांडेय, डॉ. ज्योति दीवान, डॉ. संध्या रानी शुक्ला, नलिनी बाजपेयी, अंजना भाके ‘कनुप्रिया’, शशि तिवारी, डॉ. तुलेश्वरी धुरंधर, प्रतिमा बनर्जी, दुर्गा पाठक, आभा श्रीवास्तव, मंजूषा अग्रवाल, कल्याणी तिवारी, प्रीति मिश्रा, चंद्र प्रभा दुबे, चंद्रकला त्रिपाठी, अर्चना जैन, खिलेश गौर सहित अनेक साहित्यकारों ने सहभागिता की। आभार प्रदर्शन डॉ. मृणालिका ओझा ने किया।उत्सव के अंतर्गत सुरजीत नवदीप मंडप में आयोजित अन्य साहित्यिक सत्रों में सामूहिक काव्य-पाठ एवं व्यंग्य प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। धमतरी से श्री डूमनलाल ध्रुव के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल ने ग्रामीण एवं लोक संवेदनाओं से जुड़ी कविताएं प्रस्तुत कीं।रायपुर से श्री राजशेखर चौबे के नेतृत्व में 9 रचनाकारों ने समकालीन विषयों पर व्यंग्यात्मक रचनाएं प्रस्तुत कीं, जबकि महासमुंद से श्री अशोक शर्मा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय समूह ने आंचलिक संस्कृति को स्वर दिया। वहीं रायपुर के श्री आशीष सिंघानिया के 7 सदस्यीय समूह ने युवा सोच और नवीन प्रयोगों से युक्त कविताओं का पाठ किया।दिनभर चले इन सत्रों में साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। प्रत्येक प्रस्तुति पर श्रोताओं की करतल ध्वनि ने रचनाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों के अनुसार रायपुर साहित्य उत्सव अब एक सांस्कृतिक आयोजन से आगे बढ़कर एक सशक्त बौद्धिक एवं साहित्यिक आंदोलन का रूप ले चुका है, जो छत्तीसगढ़ की साहित्यिक विरासत को निरंतर समृद्ध कर रहा है। - रायपुर ।रायपुर के नवनियुक्त प्रथम पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राजधानी रायपुर की कानून-व्यवस्था, शहरी सुरक्षा की चुनौतियों तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने नागरिक सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन एवं प्रशासनिक समन्वय को प्रभावी बनाने जैसे बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राजधानी रायपुर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने राजधानी की सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर श्री हरिवंश का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि श्री हरिवंश शुक्रवार को पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। -
*पॉश एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम*
बिलासपुर/ महिला एवं बाल विकास विभाग, द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (POSH Act) के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न शासकीय परिसरों, चौक चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया और पॉश एक्ट सहित विभिन्न कानूनी अधिकार और विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई।नुक्कड़ नाटक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय परिसर, जिला पंचायत परिसर स्थित न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर किया गया। गुरुघासीदास विश्व विद्यालय के आर्चिस ग्रुप द्वारा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कार्यस्थल पर महिलाओं को होने वाली समस्याओं, पॉश एक्ट के तहत शिकायत की प्रक्रिया, आंतरिक समिति एवं स्थानीय समिति के गठन तथा संबंधित पोर्टल के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान , सखी वन स्टाप सेंटर, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, लैंगिक समानता, राष्ट्रीय बालिका दिवस सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों की सहायता हेतु उपलब्ध 112 पुलिस हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन एवं 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।










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