- Home
- छत्तीसगढ़
-
0- महाराष्ट्र मंडल रायपुर के हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की राधाकृष्ण भवन परिसर में हुई प्रभावशाली प्रस्तुति
0 महाराष्ट्र मंडल धमतरी की अध्यक्ष स्वाति सहित पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों को मंच पर किया सम्मानित
रायपुर। मायूसी भरा जख्मी चेहरा और नम आंखों के बीच सन्नाटे को चीरती हुई दर्दभरी तेज आवाज ‘मेरी आत्मा… मेरी बुद्धि… मेरा ह्रदय चीख-चीखकर कह रहे हैं यूअर ऑनर मैं अनिकेत हूं... मैं अनिकेत हूं... और मैं अनिकेत ही हूं के बाद राधाकृष्ण भवन परिसर में जो तालियां बजनी शुरू हुई, वो काफी देर तक बजते ही रही। बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल रायपुर के हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की। महाराष्ट्र मंडल धमतरी के इस नाट्य आयोजन को शहर के दर्शकों से भरपूर स्नेह मिला और लोगों ने 80 मिनट के इस नाटक के हर दृश्य और हर एक संवाद को खूब एंजॉय किया।
मराठी और हिंदी रंगमंच के वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर ने हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ में न केवल केंद्रीय भूमिका अनिकेत को जले चेहरे के साथ बेहद प्रभावशाली विविधता भरी संवाद अदायगी के साथ जीवंत किया, बल्कि उन्होंने इस नाटक से पहली बार अपने निर्देशन का भी लोहा मनवाया। नाटक में अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को दोबारा स्थापित करने के लिए भावनात्मक रूप से संघर्ष करते युवक की भूमिका में अपने सधे हुए अभिनय से शशि शुरू से अंत तक रंगप्रेमियों को बांधे रखते हैं।
अनुराधा दुबे ने अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी की भूमिका में परिपक्व अभिनय किया है। पूरे नाटक में अनिकेत के साथ दो- दो हाथ करते वकील भारद्वाज की आक्रामक भूमिका में चेतन दंडवते खूब जमे हैं। वरिष्ठ रंगसाधक प्रकाश खांडेकर, दिलीप लांबे, रंजन मोडक, डा. प्रीता लाल, रविंद्र ठेंगड़ी अपनी- अपनी भूमिकाओें में प्रभावित करते हैं। समीर टल्लू, भारती पलसोदकर, विनोद राखुंडे, पंकज सराफ, श्याम सुंदर खंगन, डा. अभया जोगलेकर को मंच पर पूरे आत्मविश्वास से अपने- अपने पात्र को जीते हुए देखो तो विश्वास ही नहीं होता कि ये कलाकार अपने नाट्य सफर की शुरुआत इसी नाटक से कर रहे हैं।
मंच पर प्रकाश गुरुव ने जो कोर्ट रूम का सेट खड़ा किया है, वह नाटक में वास्तविक कोर्ट रूम का एहसास कराता है। रूप सज्जा रंजन मोड़क, भारती पलसोदकर, प्रीता लाल, वेशभूषा डा. अभया जोगलेकर, प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था में प्रवीण क्षीरसागर का सहयोग प्रशंसनीय रहा। नाटक के सफल मंचन के बाद मनुराज पचौरी ने मंच का संचालन करते हुए सभी कलाकारों को महाराष्ट्र मंडल धमतरी की अध्यक्ष स्वाति बल्लाल सहित तमाम पदाधिकारियों के हाथों सम्मानित कराया। सफलतम नाट्य आयोजन के लिए मंडल के वरिष्ठतम सभासद जीबी पराड़कर की भूमिका अतुलनीय रही।
इस अवसर पर समाजसेवी राजेश शर्मा ने 'मैं अनिकेत हूं' की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस नाटक के मंचन से धमतरी के कलाकरों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने इस तरह के आयोजन यहां पर हमेशा होते रहने की बात कही। विशेष अतिथि राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अनिकेत के माध्यम से शशि वरवंडकर ने जो अभिनय किया है, वह यादगार है और लोगों तक उनकी संवदेनाएं पहुंचीं हैं। बाकी के कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा से नाटक को यादगार बनाया। डॉ. खालसा ने ‘मैं अनिकेत हूं’ टीम को नाटक के सफल प्रयोग के लिए बधाई दी। - -‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ थीम पर देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय का भव्य प्रदर्शन-राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में प्रेस प्रीव्यू का आयोजननई दिल्ली । गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष देशवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को भव्य रूप में प्रस्तुत करेगी।रक्षा मंत्रालय द्वारा आज राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित प्रेस प्रीव्यू के दौरान राष्ट्रीय मीडिया के समक्ष छत्तीसगढ़ की झांकी का प्रदर्शन किया गया। झांकी के माध्यम से उन अमर जनजातीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के विरुद्ध संघर्ष किया और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।इन महान बलिदानियों की स्मृति में नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला जनजातीय डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।विशेषज्ञ समिति से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने के बाद जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और कलाकारों ने बीते एक माह से दिन-रात परिश्रम कर झांकी को अंतिम रूप दिया है। इस वर्ष कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है।झांकी में उकेरे गए प्रेरणादायी दृश्यझांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया है। धुर्वा समाज के इस महानायक ने अन्याय के विरुद्ध जनजातीय समाज को एकजुट किया। भूमकाल विद्रोह के प्रतीक आम की टहनियां और सूखी मिर्च झांकी में विशेष रूप से प्रदर्शित हैं। विद्रोह की व्यापकता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया है। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के हित में संघर्ष किया तथा 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई। पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता के प्रति अटूट संकल्प को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती है।
-
- महाराष्ट्र मंडल के अवंती विहार केंद्र में छाया भवालकर ने सुनाई रखुमाई और संक्रांति की कथा
- रोचक गेम्स ने उत्सव को बनाया और भी खास, पुरस्कार जीतने के लिए मची होड़
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने सुदेशना मेने के निवास पर केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुदेशना मेने ने संक्रांति के महत्व और भारत के अलग-अलग इलाकों में इसे मनाने की तौर-तरीकों के बारे में बताया। वहीं इस अवसर पर केंद्र की सदस्या भारती देवरणकर महाराष्ट्रीय वेशभूषा, गीता हाटे गुजराती, जयश्री ब्राह्मणकर पंजाबी और अंजू फुंडे तमिल वेशभूषा में क्षत्रीय संस्कृति का अभिनय कर सभी का दिल जीत लिया।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि अवंती विहार केंद्र के हल्दी कुंकू कार्यक्रम में मराठी, गुजराती, पंजाबी और तमिल कल्चर एक साथ नजर आया। इस अवसर पर केंद्र की वरिष्ठ सदस्य छाया भवालकर ने भारूड़ के रूप में रखुमाई की संक्रांति कथा को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। संक्रांति पर पतंगों का विशेष महत्व होता है, इसलिए रंग-बिरंगी पतंगों पर आधारित रोचक गेम खेले गए। इसमें छाया और गीता हाटे विजेता व आनंदी ब्राह्णणकर व श्वेता फटाले उप विजेता रहीं। नंदिनी कोल्हे को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
दूसरे खेल में संक्रांति से जुड़े शब्दों को पहचान कर जल्दी से जवाब देना था। इसमें गीता दलाल में प्रथम, आनंदी ब्राह्मणकर द्वितीय और अंजू फूंडे तृतीय रही। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जागृति भाकरे ने कहा कि इस तरह के आयोजन से घर की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं को खुशी के पल मिलते हैं और हमारी संस्कृति और परंपरा का निर्वहन होता है, जिसे हम भावी पीढ़ी को सौंप सकते हैं।
इस अवसर पर मंडल शुभदा गिजरे, रेखा खूटे, मीना इंगलीकर, निशान उमाले, राजश्री कोल्टे, वसुधाताई हिरदे, शिल्पा चौधरी, भारती कुर्वे, मनीषा दासे, योगिनी मुजुमदार, आकांक्षा मोहदीवाले, सुदेशना मेने, छाया महाजन और शुभदा चौधरी मौजूद रहीं। -
राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में केस वर्कर के एक पद एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी व रसोइया के एक पद की पूर्ति के लिए 3 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ पिन 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किया गया है। उक्त पदों के लिए इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक आवेदन प्र्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
- राजनांदगांव । भारत सरकार की एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति योजना की शुरूआत की गई है। योजना के तहत जिले में राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र संचालन हेतु एक संविदा पद (जेण्डर विशेषज्ञ, अनुसूचित जनजाति) के लिए 3 फरवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास राजनांदगांव के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
- - साक्षात्कार हेतु राजनांदगांव जिले के 2135 आवेदकों का चयनराजनांदगांव । कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा 29, 30 एवं 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सेजबहार रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेला में निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर तकनीकी के लगभग 15 हजार पदों पर चयन हेतु साक्षात्कार लिया जाएगा। राज्य स्तरीय रोजगार मेला में 30 जनवरी 2026 को राजनांदगांव जिले के 2135 आवेदकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। रोजगार मेला में शामिल होने के लिए ऑनलाईन पोर्टल www.erojgar.cg.gov.in में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला के लिए पंजीयन आवश्यक है। जिन आवेदकों ने ऑनलाईन पोर्टल में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं किया है, वह पोर्टल पर अपना पंजीयन कर सकते हंै। रोजगार मेला में साक्षात्कार के लिए शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड, अनुभव प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज को साथ लाना होगा। इस संंबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव से प्राप्त की जा सकती है।
- -लंबे समय से अधूरे सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने को लेकर मुख्यमंत्री सख्त-मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय कार्यों, संचालित परियोजनाओं तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है, इन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। खेती के बढ़ते रकबे और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई को प्रभावी ढंग से संचालित होते देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए जा रहे हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों से अवगत हो सकें।बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना है, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च और मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।इसी प्रकार अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा।बैठक में अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -नियमों के उल्लंघन पर जिला खाद्य अधिकारी मुंगेली निलंबितमुंगेली ।छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा धान खरीदी व्यवस्था में अनियमितता एवं लापरवाही को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में पदस्थ जिला खाद्य अधिकारी श्री हुलेश डड़सेना को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई धान खरीदी के दौरान शासन के निर्देशों और निर्धारित नियमों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर की गई है।जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारी द्वारा धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्था में लापरवाही बरतने, खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण नहीं करने, मिलर द्वारा उठाव की निगरानी नहीं करने और उठाव किए गए धान की जांच नहीं करने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान जिला खाद्य अधिकारी श्री डड़सेना का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग कार्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
- रायपुर। बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। बकुलाही स्थित ‘रियल इस्पात’ स्पंज आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, यह हादसा 22 जनवरी की सुबह तब हुआ जब फैक्ट्री में काम चल रहा था। अचानक स्पंज आयरन यूनिट में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के कारण प्लांट का एक हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और परिसर में चीख-पुकार मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।हादसे की सूचना मिलते ही भाटापारा ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर दीपक सोनी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है क्योंकि आशंका है कि कुछ मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।विस्फोट के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने पूरे फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम यह पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या सुरक्षा मानकों में कोई बड़ी लापरवाही हुई।
- रायपुर/ राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षदों ने समस्त नगरवासियों को आदि शक्ति देवी माता सरस्वती की विशेष पूजा- आराधना दिवस के प्रतीक महान सांस्कृतिक पर्व बसंत पंचमी दिनांक 23 जनवरी 2026 के पावन अवसर की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुये विद्या की प्रतीक देवी आदि शक्ति माता सरस्वती के दिव्य श्रीचरणों में समस्त नगरवासियों के जीवन में विद्या, बुद्धि, सुख, समृद्धि, सम्पन्नता, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्धि और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जाशक्ति प्रदान करने की विनम्र सामूहिक प्रार्थना की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों ने समस्त नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिक से अधिक संख्या में स्वच्छता एप में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करने का संकल्प लेने की पुनः विनम्र अपील की है।
- बारनवापारा अभयारण्य में वर्षों बाद नजर आयारायपुर /बारनवापारा अभयारण्य से पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। हाल ही में अभ्यारण्य में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान दुर्लभ 'ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन' (ट्रेरॉन बाइसिंक्टस) की उपस्थिति दर्ज की गई है। ऐतिहासिक रूप से इस पक्षी की उपस्थिति बारनवापारा में पहले भी दर्ज की गई थी, जब वर्ष 2015-16 में विख्यात पक्षी विशेषज्ञ ए.एम.के. भरोस ने इसे देखा था। उसके बाद से यह प्रजाति यहाँ से ओझल रही थी, जिससे अब इसकी पुनः वापसी वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा रिकॉर्ड मानी जा रही है।इस दुर्लभ पक्षी की साइटिंग पकरीद टीम द्वारा की गई, जिसमें बर्डर एवं वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा और प्रतीक ठाकुर सहित कर्नाटक, बिहार और ओडिशा के विशेषज्ञ शामिल थे। टीम को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब इस पक्षी का एक जोड़ा उनके ठीक ऊपर पेड़ पर बैठा पाया गया, जिससे उड़ने से पहले उनकी विस्तृत फोटोग्राफी और रिकॉर्डिंग करना संभव हो सका। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह साइटिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस प्रजाति को कई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस क्षेत्र में देखा गया है।भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला यह पक्षी मुख्य रूप से अंजीर और जंगल के अन्य रसीले फलों पर निर्भर रहता है। इसे एक निवासी प्रजाति माना जाता है जो स्थानीय मौसमी बदलावों के साथ अपनी गतिविधियां संचालित करता है। छत्तीसगढ़ के अन्य वनों में भी इसकी मौजूदगी समय-समय पर दर्ज होती रही है, लेकिन बारनवापारा में इसकी वापसी पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।सर्वे टीम ने इस पक्षी की पहचान इसकी विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं के आधार पर की है। ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन की नीली-धूसर गर्दन, पीले-हरे रंग का सिर और शरीर का निचला हिस्सा इसे विशेष बनाता है। इसके लाल पैर और स्लेटी-धूसर केंद्रीय पूंछ के पंख इसे आमतौर पर दिखने वाले 'येलो-फुटेड ग्रीन-पिजन' (हरियल) से स्पष्ट रूप से अलग करते हैं। विशेष रूप से नर पक्षी की पहचान उसके सीने पर मौजूद गहरे नारंगी रंग के पैच से की गई। कई वर्षों बाद इस प्रजाति का कैमरे में कैद होना न केवल फोटोग्राफर्स के लिए उत्साह का विषय है बल्कि यह अभयारण्य में पक्षियों के अनुकूल वातावरण और विविधता का एक सशक्त प्रमाण भी है।
- प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए का नकद पुरस्कारपंजीयन एवं शोध पत्र प्रस्तुति 15 फरवरी तकरायपुर/ छत्तीसगढ़ के युवा वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को शोध, नवाचार और अकादमिक पहचान का सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 21वां छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवायएससी - 2026) का आयोजन 17 एवं 18 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर में किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपल आईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।सीवायएससी - 2026, छत्तीसगढ़ के उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसके माध्यम से उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शोध अनुभव तथा वैज्ञानिक समुदाय में पहचान प्राप्त होगी। यह सम्मेलन राज्य की विकास आवश्यकताओं से जुड़े मौलिक, नवोन्मेषी एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. कवीश्वर प्रशांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। सीवायएससी-2026 के माध्यम से राज्य में हो रहे मौलिक एवं नवाचारी शोध को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान किया जाएगा।ट्रिपल आईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि संस्थान में 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन शोध-केंद्रित दृष्टिकोण और युवा वैज्ञानिकों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं को विशेषज्ञों से संवाद, मार्गदर्शन और अनुसंधान क्षमता के विकास का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।सीवायएससी - 2026 के प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पुरस्कार विजेताओं को भारत की किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, प्रतिष्ठित शोध संस्थान अथवा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में दो माह तक उन्नत शोध कार्य करने का अवसर भी मिलेगा। सम्मेलन में कृषि विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी, जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन, जैव सूचना विज्ञान एवं जैव चिकित्सा विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी एवं वायुमंडलीय विज्ञान, रासायनिक अभियांत्रिकी, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, उपकरण विज्ञान, सिविल एवं वास्तुकला अभियांत्रिकी, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी, यांत्रिकी, मेकाट्रॉनिक्स एवं उत्पादन अभियांत्रिकी, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण अभियांत्रिकी एवं वानिकी, गृह विज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणितीय एवं सांख्यिकीय विज्ञान, वैदिक गणित, चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान, भौतिकी, पशु चिकित्सा विज्ञान, पशुपालन एवं दुग्ध प्रौद्योगिकी, खनन, धातुकर्म एवं अनुप्रयुक्त भूविज्ञान, छत्तीसगढ़ की स्वदेशी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कुल 20 विषय धाराओं को शामिल किया गया है।सम्मेलन हेतु पंजीकरण एवं एकल लेखक शोध पत्र प्रस्तुति की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तुत शोध पत्र मौलिक होना चाहिए, छत्तीसगढ़ में किया गया होना चाहिए तथा पूर्व में प्रकाशित नहीं होना चाहिए। सभी शोध पत्रों की प्लेज़रिज़्म जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। सम्मेलन से संबंधित अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइटcgysc2026.iiitnr.ac.inपर विज़िट किया जा सकता है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलो में महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कार्यों को कराने के लिए स्वीकृति जारी की गई है।इसी कड़ी में रजत जयंती के विशेष मौके पर क्षेत्रीय लोगों के आवागमन सुगम कराने धमतरी जिले के दो सड़को के कार्य कराने के लिए 16 करोड़ 04 लाख 15 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यों में धमतरी जिले के मेघा से खैरझिटी मार्ग लंबाई 3.50 किलोमीटर ग्रामीण सड़के चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किये गयें हैं। इसी तरह से धमतरी के भोथली मेंढ़रका मार्ग निर्माण कार्य लम्बाई 3 किलोमीटर के लिए 5 करोड़ 64 लाख 51 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। क्षेत्र में इन महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों की स्वीकृति मिलने से लोगो का आवागमन और सुविधा जनक हो जाएगा। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगो के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी।
- रायपुर/राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैै। कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास ने 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय जशपुर के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया है।विदित हो कि उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी जशपुर कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को 08 जनवरी 2026 को शाम 8:30 बजे गिरफ्तार कर 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है। निलंबन अवधि मे श्री गिरीश कुमार वारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
- रायपुर/गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे। गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह जिला मुख्यालय कवर्धा में आयोजित होगा।
- रायपुर/जल जीवन मिशन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने प्रतिनिधित्व किया। वी सी के माध्यम से आयोजित इस संवाद में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत साल्हेभाट के प्रतिनिधियों से पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों, जल वहिनियों द्वारा एफटीके के माध्यम से जल परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पेयजल हेतु मासिक शुल्क निर्धारण, योजना के संचालन एवं संधारण की व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर कोंडागांव श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी तथा जल सेवा आकलन एवं जल अर्पण दिवस को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में जेरेना/GRAMG द्वारा पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं, मिशन संचालक जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ शासन श्री जितेन्द्र शुक्ला ने राज्य स्तर पर योजना की प्रगति से अवगत कराया।
- महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश एवं तहसीलदार सरायपाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर उड़ीसा राज्य से अवैध धान खपाने से संबंधित मामले में सरायपाली के धान व्यापारी सोनू अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। तहसीलदार सरायपाली द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन एवं अनियमितता की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान दस्तावेजों का परीक्षण एवं संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें तथ्यों की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।जांच प्रतिवेदन के अनुसार सरायपाली विकासखंड अंतर्गत व्यापारी श्री सोनू अग्रवाल द्वारा अवैध रूप से धान का परिवहन एवं खपाने की गतिविधियां पाई गईं। जांच के दौरान कुल 04 माजदा वाहनों से 864 पैकेट (कुल 345 क्विंटल) धान बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करते हुए पकड़ा गया। यह धान ओडिशा से लाकर समितियों एवं किसानों को अवैध रूप से खपाने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में संबंधित सोनू अग्रवाल के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सरायपाली के न्यायालय में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया है। जांच से यह भी ज्ञात हुआ कि अवैध धान परिवहन व खपत के कारण शासन को 8 लाख 17 हजार 305 रुपए की आर्थिक क्षति हुई है।
- कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामदमहासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में मंगलवार को आबकारी विभाग द्वारा अवैध महुआ मदिरा निर्माण तथा विक्रय पर बड़ी कार्रवाई की गई। गश्त के दौरान आबकारी जिला स्तरीय टीम द्वारा ग्राम पलसापाली, थाना बलौदा एवं ग्राम सुखापाली, थाना सरायपाली तथा ग्राम पैकिन, थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में संघन जांच करते हुए गैर जमानती के 08 प्रकरण तथा 01 जमानती प्रकरण कायम कर कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामद किया गया। जिसका अनुमानित कुल बाजार मूल्य 2 लाख 7 हजार 500 रुपए है। उपरोक्त प्रकरणों में 03 व्यक्तियों क्रमशः अनिल निराला, विजय रत्नाकर एवं खगेश्वर रत्नाकर को गिरफ्तार किया गया है। उपरोक्त आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) तथा 34(2), 59(क) के तहत न्यायालय से रिमांड लेकर जेल भेजा गया।उक्त कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक मिर्ज़ा जफ़र बेग, श्री हृदय कुमार तिरपुडे, नीरज कुमार साहू, शिवशंकर नेताम व अनिल कुमार झरिया तथा आबकारी आरक्षक-देवेश मांझी, प्रधान आरक्षक संजय मरकाम एवं वृत्त सरायपाली, बसना, सांकरा, महासमुन्द शहर/ग्रामीण के स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- महासमुंद/छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के चलते महासमुंद जिले में एक बच्चे के साथ क्रूरता के गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। यह प्रकरण बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के एक गांव में समाज के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की सूचना आयोग को मिली थी। बच्चे पर 600 रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाया गया। सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं देर रात गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के साथ मारपीट के बाद उसके पिता को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल पुलिस महानिदेशक से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।आयोग ने प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा थानेदार को निंदा की शास्ति दी गई, जिसे आयोग ने अपर्याप्त मानते हुए पुलिस मुख्यालय से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई है।उल्लेखनीय है कि इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत कर दिया गया है तथा प्रमुख आरोपी को जनवरी माह के मध्य तक जेल में रखा गया है। आयोग की अनुशंसा पर आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके साथ ही आयोग ने बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण दल को निर्देशित किया है कि पीड़ित बच्चे की संपूर्ण देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। आयोग ने न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 तथा यदि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत निषेधित श्रम पाया जाता है, तो उससे संबंधित सुसंगत धाराओं को अभियोग पत्र में शामिल करने के भी निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- उत्तर बस्तर कांकेर/कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है। उक्त दिवस को जिले में स्थित समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों, देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकान से संलग्न आहातों एवं एफ.एल. 4(क) व्यावसायिक क्लब व एफ.एल.7, सैनिक कैन्टीन को पूर्णतः बंद रखे जाने आदेशित किया गया है। कलेक्टर ने शुष्क दिवस के दौरान जिले में अवैध मदिरा संग्रहण, विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया है।
- रायपुर/बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित इस्पात संयंत्र में हुए दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे। श्री जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में बलौदाबाजार कलेक्टर से चर्चा की गई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के द्वारा 29 से 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सेजबहार रायपुर में ‘राज्य स्तरीय रोजगार मेला‘ का आयोजन किया जा रहा है। इस रोजगार मेला में निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर तकनीकी लगभग 15000 पदों में चयन हेतु साक्षात्कार लिया जायेगा।राज्य स्तरीय रोजगार मेला हेतु रायपुर जिले के आवेदकों का साक्षात्कार 29 जनवरी 2026 सोमवार को निर्धारित है। उक्त मेला में सहभागिता हेतु ऑनलाईन पोर्टल erojgar.cg.gov.in में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं करवाया है, वे पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकतें हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं मार्गदर्शन केंद्र कार्यालय रायपुर से सम्पर्क कर सकते हैं।
- रायपुर ।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा कक्षा 5 वीं एवं कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा वर्ष 2026 की समय-सारणी जारी कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य में यह परीक्षाएँ मार्च से अप्रैल 2026 के मध्य आयोजित की जाएँगी।कक्षा 5वीं की परीक्षा का कार्यक्रमलोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी समय सारणी अनुसार कक्षा 5वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएँ प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जाएँगी। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार गणित विषय की परीक्षा 16 मार्च 2026 (सोमवार), अंग्रेजी विषय की परीक्षा 19 मार्च 2026 (गुरुवार), हिंदी विषय की परीक्षा 23 मार्च 2026 (सोमवार) तथा पर्यावरण अध्ययन विषय की परीक्षा 25 मार्च 2026 (बुधवार) को आयोजित की जाएगी।कक्षा 8वीं की परीक्षा का कार्यक्रमइसी प्रकार कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएँ प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार गणित विषय की परीक्षा 17 मार्च 2026 (मंगलवार), हिंदी विषय की परीक्षा 20 मार्च 2026 (शुक्रवार), अंग्रेजी विषय की परीक्षा 24 मार्च 2026 (मंगलवार), सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा 30 मार्च 2026 (सोमवार), विज्ञान विषय की परीक्षा 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) तथा संस्कृत/उर्दू विषय की परीक्षा 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) को आयोजित की जाएगी।दिए गए आवश्यक निर्देशशिक्षा विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संस्कृत विद्यामंडलम् एवं मदरसा बोर्ड से संबंधित विषयों के प्रश्नपत्रों के लिए भी इसी समय-सारणी का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -मैनपाट में बनेगा पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर-मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल आवंटितरायपुर ।मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, अपनी वादियों, झरनों और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन, आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। इन्हीं अद्भुत स्थलों में से एक है जलपरी पर्यटन बिंदु। जलपरी प्वाइंट का मनोहारी दृश्य मानो किसी परीकथा की दुनिया में ले जाता है। यहां बहती ठंडी हवाएं, गहरी घाटियां और झरनों की मधुर ध्वनि यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बादलों से खेलती पहाड़ियां और हर मौसम में बदलते रंग यहां की विशेष पहचान हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता इस स्थल की सुंदरता किसी जलपरी की तरह आकर्षक है। शांत वातावरण, झरनों से गिरती जलधारा और हरियाली से भरे जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को ऐसा अनुभव कराती हैं, मानो वे किसी परियों की कहानी में प्रवेश कर गए हों। श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।मैनपाट में प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। मैनपाट के समग्र विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।सरगुजा की पहाड़ियों में बसे छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में वर्षभर ठंड पड़ती है. यहां सैर-सपाटे के लिए कई खूबसूरत जगहें है,जिसमें बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, टाइगर पॉइंट, जलजली, मेहता पॉइंट, चाय बगान के अलावा कई अन्य स्थान शामिल है। यहां घूमने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से पर्यटक पहुंचते है,इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोगों का आना होता है। वहीं अब पर्यटन विभाग की ओर से मैनपाट में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन, आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।




.jpg)



.jpg)

.jpg)


.jpg)
.png)

.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpg)
