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- -सुकमा की नई मिठास बिहान बना रहा आत्मनिर्भररायपुर। वनांचल क्षेत्रों में अब तक छिंद के पेड़ों का उपयोग केवल रस (पेय) के रूप में किया जाता रहा है, जिससे ग्रामीणों को सीमित आय ही प्राप्त होती थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के ग्राम सामसेट्टी में इस परंपरागत संसाधन को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाने की अभिनव पहल की गई है। “नियद नेल्ला नार” कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाएं अब छिंद के रस से गुड़ का निर्माण कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।सामान्यतः बस्तर एवं सुकमा अंचल में आजीविका का मुख्य साधन धान की खेती एवं लघु वनोपज संग्रहण रहा है। धान की एकमात्र फसल होने के कारण वर्ष के शेष समय रोजगार के अवसर सीमित रहते थे। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए छिंद गुड़ निर्माण का नवाचार प्रारंभ किया गया। ग्राम सामसेट्टी की दंतेश्वरी महिला स्व-सहायता समूह की 10 दीदियों ने इस पहल को अपनाया और दंतेवाड़ा से आए विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से इस गतिविधि से महिलाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।इस पहल से प्रति परिवार औसतन 6 से 7 हजार रुपये की अतिरिक्त मासिक आय होगी। औषधीय गुणों से भरपूर छिंद गुड़ की बाजार में कीमत लगभग 350 रुपये प्रति किलोग्राम है। इससे पहले अनुपयोगी माने जाने वाले छिंद के पेड़ अब ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं।“नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत पहल इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय संसाधनों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। सामसेट्टी की दीदियों की सफलता से प्रेरित होकर अब अन्य महिलाएं भी इस गतिविधि से जुड़ने के लिए आगे आ रही हैं। छिंद की यह मिठास अब सुकमा के विकास की नई कहानी लिख रही है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का महत्वपूर्ण निर्णय-एसटीपीआई के सहयोग से नवा रायपुर में 04 नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की होगी स्थापनारायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ( Centres of Entrepreneurship ) की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एमओयू के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।मंत्रिपरिषद का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को आईटी-आईटीईएस, स्टार्ट-अप, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश में आईटी-आईटीईएस उद्योग एवं तकनीकी स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। वर्तमान में एसटीपीआई के देशभर में 68 परिचालित केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में स्थित हैं।एसटीपीआई द्वारा पूरे भारत में 24 डोमेन-विशिष्ट उद्यमिता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो स्टार्ट-अप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाजार से जुड़ने में सहयोग प्रदान करते हैं।नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित यह नगर थीम-आधारित सेक्टरों, अत्याधुनिक अधोसंरचना एवं शासकीय-शैक्षणिक संस्थानों से युक्त है।यहाँ महानदी भवन, इंद्रावती भवन, विधानसभा, आईआईआईटी, हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा आगामी भारत का प्रथम निजी एआई आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थित है। ऐसे में एसटीपीआई के सहयोग से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना नवा रायपुर को एक राष्ट्रीय तकनीकी हब के रूप में विकसित करेगी।मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के पश्चात एसटीपीआई राज्य शासन एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से नवा रायपुर अटल नगर में कुल चार नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित सेंटर, स्मार्ट सिटी सेंटर, स्मार्ट एग्री सेंटर की स्थापना करेगा। ये चारों आगामी 3 से 5 वर्षों में लगभग 135 डोमेन-विशिष्ट स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं नवाचारियों को बड़ा मंच मिलेगा।इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र राज्य में हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से एसटीपीआई के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को सहयोग देगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। 04 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना एवं संचालन हेतु कुल 105.30 करोड़ रूपए, जिसमें से 51.50 करोड़ रूपए राज्य बजट से, शेष राशि एसटीपीआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त की जाएगी।इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु कुल 78 करोड़, जिसमें से 35 करोड़ राज्य बजट से वहन किए जाएंगे। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-21 में 2 एकड़ भूमि अथवा 50 से 60 हजार वर्गफुट निर्मित स्थान एसटीपीआई को निःशुल्क लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा।नए आईटी-आईटीईएस टॉवर के निर्माण तक टॉवर-सी, सीबीडी, सेक्टर-21 में 25,000 वर्गफुट स्थान अस्थायी रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। एसटीपीआई द्वारा एमओयू की तिथि से 12 माह के भीतर सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में आईटी निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्टार्ट-अप एवं नवाचार का मंच मिलेगा। छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। हमारी यह पहल राज्य को डिजिटल, नवाचार एवं उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
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-खरीदारों और समूहों के बीच विभिन्न उत्पादों की 2.13 लाख मीट्रिक टन की डील
-जैविक चावल, चना बेसन, मसाला, उड़द दाल सहित कोदो-कुटकी और तिखूर की भारी मांगरायपुर, / नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीदार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीदार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीदारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। -
-एसवीकेएम के नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ को बहुआयामी लाभ
-मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट का महत्वपूर्ण निर्णयरायपुर, / नवा रायपुर अटल नगर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में श्री विले पारले केलावनी मंडल, मुंबई को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर प्रतिष्ठित नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी।श्री विले पारले केलावनी मंडल एक ख्यातिप्राप्त शैक्षणिक संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्था के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं, जहां प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्ष 2025 की एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इस संस्था को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम कोटराभाठा एवं कीटनी क्षेत्र में लगभग 40 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर आबंटित की जाएगी। निर्धारित प्रीमियम दर के अनुसार संस्था द्वारा लगभग 40 करोड़ 6 लाख रुपये का भूमि प्रीमियम देय होगा।इस संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। प्रबंधन, नवाचार, उद्यमिता और शोध आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के युवाओं को अब उच्च गुणवत्ता की प्रबंधन शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा अकादमिक, प्रशासनिक और सहायक सेवाओं में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को श्रेष्ठ शिक्षा, कौशल और अवसर यहीं उपलब्ध कराने का है। श्री विले पारले केलावनी मंडल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की नवा रायपुर में स्थापना से राज्य की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त होगी और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।यह संस्थान न केवल शिक्षा का केन्द्र बनेगा, बल्कि नवा रायपुर अटल नगर को नॉलेज सिटी के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे व्यवसायिक शिक्षा समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप संस्कृति को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। समग्र रूप से देखा जाए तो नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। - -छत्तीसगढ़ की कला आयरलैंड तक पहुँचना गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारत की सांस्कृतिक विविधता की एक सशक्त झलक देखने को मिली, जब स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर केंद्रित भव्य सांस्कृतिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और राज्य की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की विविधता को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हैं।आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ राज्य की कारीगरी की बारीकी और सौंदर्य को सराहा गया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुँचा दिया और दर्शकों से भरपूर प्रशंसा प्राप्त की।कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को राज्य की स्वादिष्ट पाक-परंपरा से परिचित कराया। कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल साबित हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आयरलैंड की राजधानी डबलिन में आयोजित छत्तीसगढ़ केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि प्रदेश की लोकसंस्कृति अब वैश्विक दर्शकों तक पहुँच रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के अंतर्गत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विविधता और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए भारतीय दूतावास और आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराएँ राज्य की पहचान का मूल आधार हैं। आयरलैंड में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की हस्तकला, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने सराहा, यह राज्य के कलाकारों और कारीगरों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ मिलती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलेगा और राज्य की विशिष्ट पहचान विश्व पटल पर और अधिक सुदृढ़ होगी।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पुलिस मितान सम्मेलन में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया।कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - किसानों को 98,303.74 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान- उपज का वाजिब दाम मिलने से 91354 किसान लाभान्वित- धान बेचने के बाद 51068 किसानों ने किया 1,686.66 हेक्टेयर रकबा समर्पणदुर्ग / राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी सुव्यवस्थित जारी है। साथ ही उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 1,09,464.81 लाख रूपए की लागत से 4,61,805.28 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 91354 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,74,493.22 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 51068 कृषकों ने 1,686.66 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 21,29,463 बारदाने उपलब्ध है।
- दुर्ग / जिले में ग्रीष्मकालीन धान की खेती के साथ कम पानी में अधिक लाभ देने वाली दलहन, तिलहन एवं मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्धता एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, जहां जिले के कई प्रगतिशील किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान के बजाय वैकल्पिक फसलों की खेती शुरू की है। दुर्ग विकासखंड के ग्राम घुघसीडीह एवं पाटन विकासखंड के ग्राम तरीघाट और धमधा विकासखंड के ग्राम भाटाकोकड़ी के किसानों द्वारा सरसों, मक्का एवं चना की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रीष्मकालीन धान की खेती से भू-जल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि वैकल्पिक फसलें कम सिंचाई में अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण के अनुकूल हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत जिले में रबी मौसम हेतु दलहन (चना, मसूर) एवं तिलहन (सरसों) फसलों का प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाकर जल संरक्षण के साथ-साथ अपनी आय में वृद्धि करें तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। file photo
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- अभनपुर थनौद में व्याख्यान.
अभनपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने अभनपुर थनौद,में ग्रामीणों एवम शासकीय काव्योपाध्याय हीरालाल महाविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है,जिससे निदान के लिए आम जन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की अत्यंत आवश्यकता है.डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कुछ लोग अंधविश्वास के कारण हमेंशा शुभ-अशुभ के फेर में पड़े रहते है। यह सब हमारे मन का भ्रम है। शुभ-अशुभ सब हमारे मन के अंदर ही है। किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध समाज के साथविद्यार्थियों को भी एकजुट होकर आगे आना चाहिए।डॉ. मिश्र ने कहा प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए। डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से नहीं डराएं क्योंकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता.डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन /टोनही के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड ,बिहार छत्तीसगढ़ ,ओडिशा में, राजस्थान,आसाम में हजारों मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जब कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैंडॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं को वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को आगे आना चाहिए। . ग्रामीणों व छात्रों के समक्ष वैज्ञानिक अभिक्रियाओं पर आधारित ट्रिक्स का प्रदर्शन किया गया . ग्रामीणों एवम छात्रों के प्रश्नों एवम उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया. कार्यक्रम को अनंत पांडे ने भी संबोधित किया.कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन डॉ मल्लिका सूर ने किया. ग्राम थानौद में अन्धविश्वास एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ़ अभियान चलाया गया , छात्रों एवं ग्रामीणों को पंपलेट किताबें प्रदान की गईं. - -कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव के 100 पदों पर की जाएगी भर्तीरायपुर / दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा 23 जनवरी 2026 को विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक विशेष रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, राजभवन के बाजू, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित होगा।इस प्लेसमेंट कैम्प में स्क्वेयर बिजनेस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा कस्टर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव के 100 पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 10,500 से 14,500 रुपए तक मासिक वेतन के साथ ईपीएफ, इंसेंटिव एवं मेडिकल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। चयनित उम्मीदवारों का कार्यक्षेत्र नया रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग, सेक्टर-21 रहेगा।इस कैम्प में छत्तीसगढ़ के ऐसे दिव्यांग महिला एवं पुरुष आवेदक शामिल हो सकते हैं, जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों, कम्प्यूटर संचालन का ज्ञान रखते हों तथा अंग्रेजी समझने और हिन्दी बोलने-लिखने में सक्षम हों। आवेदकों की आयु सीमा 18 से 27 वर्ष निर्धारित की गई है।इच्छुक दिव्यांगजन अपने साथ शैक्षणिक प्रमाण-पत्र (10वीं/12वीं/स्नातक), दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के मूल दस्तावेज एवं फोटोकॉपी, साथ ही दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर कैम्प में उपस्थित हो सकते हैं। कैम्प में आने-जाने हेतु कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा तथा भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था आवेदक को स्वयं करनी होगी।प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने के लिए आवेदकों का छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल e-rojgar.cg.gov.in पर पंजीयन अनिवार्य है। प्लेसमेंट स्थल पर भी ऑनलाईन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर संपर्क किया जा सकता है।
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-“प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत सहायक शिक्षक श्रीमती प्राची पाठक साहू बच्चों संग साझा की खुशियाँ
रायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज सहायक शिक्षक श्रीमती प्राची पाठक साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला रैता ब्लॉक धरसींवा में अपने पुत्र के जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। - -जिस गर्मी में बिजली बिल छूता था आसमान अब हुआ जीरो-इस क्रांतिकारी योजना के लिए जताया प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभाररायपुर / गर्मियों में बिजली बिल आसमान छूने लगता है जो सामान्य मौसम में 12 से 15 सौ आता है वह कभी 3 हजार से भी अधिक होता है। आम उपभोक्ता जो गर्मी से परेशान तो होता ही है उसके बाद बिजली बिल में अधिक खर्च कर और ज्यादा परेशान हो जाता है अब शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से यह परेशानी दूर हो रही है। तिल्दा के वार्ड 13 निवासी श्री कमल किशोर साहू इस योजना को अपनाकर, गर्मी में बिजली बिल से छुटकारा पा चुके हैं | साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन को ग्रिड में डिपॉजिट कर आने वाले महीने बिजली बिल में भी छूट पा रहे है।श्री कमल बताते हैं कि इस योजना के तहत अप्रैल 2025 में उनके घर की छत पर 3 kw का सोलर प्लांट इंस्टाल हुआ तथा इसके लिए सरकार से सब्सिडी भी प्राप्त हुई, जिससे यह व्यवस्था किफायती बन गई। उनके एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरण होने के बावजूद भी उन्हें बिजली के लिए अब एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ रहा। उन्होंने बताया कि मई 2025 से उनका बिजली बिल शून्य हो गया।श्री साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, “यह योजना अब धरातल पर उतर रही है और हमारा परिवार इसका प्रत्यक्ष लाभ उठा रहा है।”उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे भी इस योजना का लाभ लें क्योंकि यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर घरेलू सौर ऊर्जा प्रणाली को प्रोत्साहित कर रही हैं। केंद्र सरकार 78 हजार तथा राज्य सरकार 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। जिससे आम नागरिक ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें है।प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा।
- - संत ज्ञानेश्वर स्कूल में बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चे सवालों को सही तरीके से उत्तर लिखना सीख रहेरायपुर। बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित हो चुकी है। कक्षा 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च तक और 12वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च तक होंगी। वहीं 5वीं बोर्ड परीक्षा 16 मार्च और 8वीं की 17 मार्च से शुरू होंगी। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के साथ परीक्षा हाॅल में उत्तर पुस्तिका लिखने के सही ढंग और क्रम मूल्यांकनकर्ता को जांच में सहायक होते है।प्राचार्य और माध्यमिक शिक्षा मंडल के विषय समिति के संयोजक मनीष गोवर्धन ने अपने 32 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहते हैं कि परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र मिलने पर पहले 10 मिनट पेपर अच्छे से पढ़ें, ताकि आप यह मार्क कर सकें कि आपको कौन-कौन से प्रश्नों को उत्तर बहुत अधिक अच्छे से याद है। प्रश्न पत्र हल करने का क्रम प्रारंभ से अंतिम यानी जिस क्रम में प्रश्न दिया उसी क्रम में उत्तर लिखें। क्योंकि मूल्यांकनकर्ता को उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अंक प्रविष्ठ करना होता है। अतः क्रम बदलने नहीं चाहिए।प्राचार्य के अनुसार पहले चरण में आसानी से बनने वाले या यूं कहें कि उन प्रश्नों को हल कीजिए, जो आपको बहुत अच्छे से याद हैं। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं बन रहा है, उसके लिए उत्तर की शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। प्रथम चरण के बाद बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, उसके बाद उन प्रश्नों को हल करना प्रारंभ कीजिए, जो आपको याद है। लेकिन समय का विशेष ध्यान रखें। दोनों चरणों के बाद बचे समय में उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें, जिसके लिए आपने स्थान छोड़ा है।गोवर्धन ने बताया कि उत्तर क्रमांक और आवंटित अंक का उल्लेख सभी प्रश्नों पर शीर्षक के रूप में अंकित करना चाहिए, ताकि मूल्यांकनकर्ता को नंबर देने में आसानी हो। वहीं हर प्रश्न को हल करने के बाद दो लाइन छोड़कर ही अगले प्रश्न को हल करना चाहिए। पृष्ठ की अंतिम लाइन या काफी नीचे से नये प्रश्न का उत्तर लिखना बिल्कुल भी शुरू नहीं करें। पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद एक बार उसका निरीक्षण अवश्य करें, तभी पेपर जमा करें।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग को स्वच्छता संबंधी प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिये गये आदेशानुसार एवं अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरूण ध्रुव के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत विवेकानंद नगर पेंशनबाड़ा क्षेत्र में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय के समीप मुख्य मार्ग की विशेष सफाई अभियान पूर्वक करके कचरा एकत्र कर तत्काल कचरे का उठाव कर मार्ग में स्वच्छता जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री विरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के सफाई मित्रो की सहायता से कायम की गई एवं प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया।
- - जोन 9 अध्यक्ष गोपेश साहू एमआईसी सदस्य खेम कुमार सेन, गणमान्यजनो, आमजनो की रही उपस्थितिरायपुर - आज धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने घरसीवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 9 अतर्गत पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 9 के क्षेत्र में 29 लाख 35 हजार में आमा सिवनी बाजार मे शेड व चबूतरा निर्माण करने 30 लाख में कचना में अपूर्ण मंगल भवन को पूर्ण करने आमा सिवनी राम जानकी मंदिर के पास 3 लाख 26 हजार की लागत से अपूर्ण भवन को पूर्ण करने श्रीफल फोडकर और कुदाल चलाकर नगर निगम जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य श्री खेमकुमार सेन, वार्ड पार्षद श्री मोहन कुमार साहू सहित गणमान्यजनो, सामाजिक कार्यकर्ताओ, नवयुवको, महिलाओ, आमजनो की उपस्थिति में भूमिपूजन किया।धरसीवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अशुल शर्मा सीनियर, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री संदीप तिवारी, उपअभियंता सुश्री अकिता जनार्दन को अधोसंरचना मद स्वीकृति अनुसार वार्ड 9 क्षेत्र के संबंधित स्थलो पर नवीन विकास कार्य तत्काल कार्य प्रारंभ कर सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता युक्त तरीके से पूर्ण किया जाना प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने निर्देशित किया। नये विकास कार्य पडित मोतीलाल नेहरू वार्ड में प्रारंभ करने जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू ने धरसीवा विधायक श्री अनुज शर्मा को नागरिको की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया।
- -23 जनवरी को होगा भव्य शिलान्यास; शिक्षा, सेहत और सुविधाओं का 'त्रिवेणी संगम' बनेगा नया नालंदा परिसर-चौपाटी के स्थान पर विकसित होगा प्रदेश का सबसे आधुनिक 'ऑल-इन-वन' स्टडी हब-मूणत का मास्टरप्लान: युवाओं को दिल्ली-इंदौर जैसी सुविधाएं अब रायपुर में ही मिलेंगीरायपुर | रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के शैक्षणिक कायाकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जीई रोड (एनआईटी के सामने) पर 21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक 'नालंदा परिसर फेज-2' का भव्य भूमिपूजन आगामी 23 जनवरी (शुक्रवार) को दोपहर 3:00 बजे संपन्न होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी होंगे, जो विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री राजेश मूणत की उपस्थिति में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखेंगे।शिक्षा और स्वास्थ्य का अभिनव प्रयोगइस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि, "हमें गर्व है कि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी के मार्गदर्शन में हम रायपुर के युवाओं को एक ऐसी सौगात दे रहे हैं, जो पूरे प्रदेश में मिसाल बनेगी। अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र मानसिक थकान का अनुभव करते हैं। उनकी इसी समस्या को समझते हुए हमने नालंदा फेज-2 में 'स्टडी विथ फिटनेस' का कॉन्सेप्ट लागू किया है। यहाँ छात्र लाइब्रेरी में पढ़ाई के साथ-साथ परिसर के भीतर ही आधुनिक जिम और स्पोर्ट्स जोन का लाभ उठा सकेंगे।"परियोजना की विस्तृत रूपरेखा और आधुनिक सुविधाएं:यह तीन मंजिला (G+3) भवन 5,615 वर्ग मीटर में फैला होगा, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है:विशाल अध्ययन केंद्र: यहाँ एक साथ 1,000 से अधिक छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही 90 सीटों का एक विशेष लेक्चर हॉल होगा जहाँ विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी: परिसर में 11,500 से अधिक किताबों का संग्रह होगा। इसके साथ ही एक हाई-टेक ई-लाइब्रेरी भी विकसित की जाएगी।फ्लोर-वाइज विशेष सुविधाएं:ग्राउंड फ्लोर: छात्रों के रिलैक्सेशन के लिए कैफेटेरिया, इंडोर गेम्स और प्ले-जोन।प्रथम एवं द्वितीय तल: शांत अध्ययन क्षेत्र और मुख्य पुस्तकालय।तृतीय तल: विशेष रूप से 'ग्रुप स्टडी' के लिए समर्पित, जहाँ छात्र आपस में विचार-विमर्श कर सकेंगे।अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा: 21 मीटर ऊंचे इस भवन में पार्किंग के लिए 3,500 वर्ग मीटर का क्षेत्र और हरियाली के लिए विशेष ग्रीन जोन बनाया जाएगा।चौपाटी से 'ज्ञान के केंद्र' तक का सफरश्री मूणत ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जिस स्थान पर पहले अव्यवस्थित चौपाटी थी, वहां अब ज्ञान का मंदिर बनेगा। इससे न केवल क्षेत्र का वातावरण बदलेगा, बल्कि हजारों छात्रों को एक सुरक्षित और शैक्षणिक माहौल मिलेगा। यह रायपुर का तीसरा नालंदा परिसर होगा, जो एनआईटी, आयुष विश्वविद्यालय और साइंस कॉलेज के आसपास रहने वाले हजारों छात्रों के लिए वरदान साबित होगा।इस भव्य भूमिपूजन समारोह में इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी होंगे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी, रायपुर दक्षिण के विधायक श्री सुनील सोनी जी, रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी, आरंग के विधायक श्री अनुज शर्मा जी एवं रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी विशेष रूप से उपस्थित रहकर युवाओं को प्रोत्साहित करेंगे।नगर निगम के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहेंगे।
- - सबंधित क्षेत्र में टैकरो से पेयजल आपूर्ति की जायेगीरायपुर- आज रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के जोन कमांक 1 क्षेत्र अंतर्गत गोगाव जलागार को भरने वाली राईजिगमेन पाईप लाईन प्रिंस ढाबा के समीप नाला कासिंग पर अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। इस बात की जानकारी मिलते ही नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जलविभाग के फिल्टर प्लांट की टीम तत्काल कार्यपालन अभियता फिल्टर प्लांट श्री नरसिंग फरेन्द्र के मार्गनिर्देशन में स्थल पर पहुंची एवं तत्काल पेयजल आपूर्ति रोककर आवश्यक सुधार कार्य स्थल पर प्रारंभ कर दिया।राईजिगमेन पाईप लाईन में अचानक आयी क्षति के कारण अत्यावश्यक सुधार हेतु नये राईजिंगमेन पाईप लाईन डालने का कार्य किया जाना है। इस अत्यावश्यक सुधार कार्य के दौरान आज दिनाक 21 जनवरी 2026 बुधवार को नियमित होने वाली संध्याकालीन जलापूर्ति दिनाक 22 जनवरी गुरूवार को प्रातः कालीन एव सध्याकालीन होने वाली नियमित जल आपूर्ति गोगाव जलागार से संबधित क्षेत्र एवं वार्डो के रहवासियों को नहीं की जायेगी। पेयजल आपूर्ति राईजिंगमेन पाईप लाईन का क्षतिग्रस्त सुधार कार्य पूर्ण करने उपरात की जायेगी। इस दौरान सबंधित क्षेत्र के रहवासी नागरिको को नगर निगम जलकार्य विभाग द्वारा व्यवहारिक माग व आवश्यकता के अनुरूप पेयजल टैंकरो के माध्यम से पेयजल आपूर्ति नगर निगम जोन 1 जलविभाग के सहयोग से संबंधित क्षेत्र में सुनिश्चित की जायेगी। इसके अलावा रायपुर शहर मे सभी जलागारो और पावर पपो से जलप्रदाय यथावत रहेगा।
- बालोद ।जनपद पंचायत बालोद क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवारभाट में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरेसटी बालोद द्वारा मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व हितग्राहियो की काउंसलिग कर उनकी अभिरूची के अनुसार चयन किया गया। 26 दिसम्बर से प्रारंभ हुए इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 20 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके अंतर्गत उन्हें प्रधानमंत्री आवास निर्माण को गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप करने मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में 05 महिलाएं एवं 15 पुरुष शामिल है। जिसमें 05 महिला हितग्राही राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है जो कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण अवधी के दौरान प्रशिक्षनार्थियों को मनरेगा अंतर्गत प्रतिदिवस 261 रूपये की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। डी.एस.टी ट्रेनर ललीता नाग के द्वारा आवास निर्माण में प्रयुक्त सामाग्री के उचित अनुपात, निर्माण कार्य की समय-सीमा, संरचनात्मक मजबूती आवश्यक सावधानियों व तकनीकि पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीणो को आत्मर्निभर बनाया जा रहा है।
- बालोद । पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने बताया कि क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर के द्वारा एसआईएस लिमिटेड की ओर से जिले के 10वीं पास अथवा फेल युवकों को रोजगार प्रदान करने रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत कर प्रशिक्षणोपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा गार्ड में स्थाई रोजगार दिया जाएगा। जिसके अंतर्गत पंजीयन शिविर का आयोजन थाना गुण्डरदेही में 24 जनवरी एवं 01 अपै्रल, थाना अर्जुंदा में 25 जनवरी एवं 02 अपै्रल, थाना डौण्डीलोहारा में 27 जनवरी एवं 03 अपै्रल, थाना देवरी में 28 जनवरी एवं 04 अपै्रल, थाना मंगचुवा में 29 जनवरी एवं 05 अपै्रल, चैकी पिनकापार में 30 जनवरी एवं 06 अपै्रल, थाना सुरेगांव में 31 जनवरी एवं 07 अपै्रल, थाना पुरूर में 01 फरवरी एवं 08 अपै्रल, थाना गुरूर में 02 फरवरी एवं 09 अपै्रल, थाना रनचिरई में 03 फरवरी एवं 10 अपै्रल एवं थाना बालोद में 04 फरवरी एवं 11 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को भर्ती से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
- -22 जनवरी से शुरू होगा प्रशिक्षण शिविरबालोद। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के प्रथम संस्करण का आयोजन 14 फरवरी 2026 से अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के दल गठन के लिए 06 से 08 जनवरी तक रायपुर में हॉकी, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग व कुश्ती एवं बिलासपुर में एथलेटिक्स, तीरंदाजी व तैराकी हेतु चयन ट्रायल आयोजित किए गए थे। चयन ट्रायल समिति द्वारा योग्य खिलाड़ियों के चयन उपरांत चयनित खिलाड़ियों की आधिकारिक सूची भी जारी कर दी गई है। खेलो इंडिया ट्राइबल्स गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत चयनित खिलाड़ियों का 22 जनवरी से 05 फरवरी 2026 तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। उक्त संबंध में विस्तृत सूचना और दिशा-निर्देश पृथक से जारी की जाएगी।
- -जिले में अब तक 01 लाख 34 हजार 778 किसानों से 63 लाख 85 हजार 959 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई-1516 करोड़ 14 लाख 08 हजार रूपये से अधिक की राशि का किया गया भुगतान, समय पर राशि की भुगतान होने से किसान हुए प्रसन्नचितबालोद। राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिसके अंतर्गत जिले में अब तक 01 लाख 34 हजार 778 किसानों से 63 लाख 85 हजार 959 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी कर 1516 करोड़ 14 लाख 08 हजार 832 रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य का सतत माॅनिटरिंग कर रहे है। इसके साथ ही धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर कार्य की सतत माॅनिटरिंग कर रहे हैं।
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- रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्य अवतार भारती बागल, पार्षद कृतिका जैन सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आमजनो ने किया सादर नमन
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 2 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर के कचहरी चौक में स्थित शहीद हेमू कालाणी की मूर्ति के समक्ष उनके शहादत दिवस पर उन्हें नमन करने रखे गये संक्षिप्त व गरिमापूर्ण आयोजन में पहुंचकर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मूर्ति स्थल पर सभी राजधानीवासियों की ओर से सादर नमन करते हुए शहीद हेमू कालाणी को आदरांजलि अर्पित की।
नगर निगम संस्कृति विभाग के आयोजन में रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने शहीद हेमूकालाणी को शहादत दिवस पर सादर नमन किया। प्रमुख रूप से पूर्व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल, सामान्य प्रशासन विभाग डॉ. अनामिका सिंह, शहीद हेमूकालाणी वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, छ.ग. राज्य ब्रेवरेज कार्पोरेशन के पूर्व अध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने, साहित्यकार सांई जलकुमार मसंद, सामाजिक कार्यकर्ता श्री किशोर आहूजा, श्री अनेश बजाज सहित बडी संख्या में गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवको, महिलाओ, आमजनो ने शहीद हेमू कालाणी को उनके शहादत दिवस पर मूर्ति स्थल पर पहुंचकर सादर नमन किया। -
-अधिकारी आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी गंभीरता से ईमानदारी पूर्वक करें - दक्षिण विधायक सुनील
-कार्यशाला से खारून नदी में नालो का गंदा पानी जाने से रोकने एवं शहर में जलभराव की समस्या दूर करने की दिशा में कार्य करने प्रेरणा मिलेगी- महापौर श्रीमती मीनल
रायपुर/ आज स्थानीय पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में शहरी आपदा प्रबंधन में प्रतिरोधक क्षमता विषय पर आधारित 2 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से रायपुर नगर पालिक निगम के तत्वावधान में प्रारंभ हुआ। इसका शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजू एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव श्री अरविंद एक्का, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप एवं यूएनडीआरआर प्रमुख श्री संजय भाटिया, नगर निगम रायपुर के एमआईसी सदस्य सर्वश्री मनोज वर्मा, दीपक जायसवाल, अमर गिदवानी, अवतार भारती बागल की उपस्थिति में हुआ।
रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शहर में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी होनी चाहिए। जिस प्रकार नदी को रोकने बड़े बड़े बांध बनाये जाते है उसी प्रकार शहर में नीचली बस्तियों में गंदे पानी की निकासी का समुचित प्रबंधन तालाबो में ओव्हर फ्लो होने से रोकने सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए। कार्यशाला में सार्थक चर्चा होगी एवं शहर में अच्छे आपदा प्रबंधन हेतु योजना रणनीति बनायी जा सकेगी।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि जब वे रायपुर नगर निगम के महापौर थे तब उन्होने शहर में वाटर सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम, डक्ट सिस्टम पर कार्य करके योजना तैयार की थी। छत्तीसगढ़ शासन में अच्छे आपदा प्रबंधन हेतु राशि की कोई कमी नहीं है। अभियंताओं और अधिकारियों को मिलकर रायपुर शहर में अच्छा आपदा प्रबंधन करने गंभीरता से ईमानदारी पूर्वक कार्य करना चाहिए। अच्छे आपदा प्रबंधन को किये जाने अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम शहर में तैयार करने और शहर में वर्तमान में ओपन ड्रेनेज की समस्या को दूर करने कार्यशाला में चर्चा कर प्रभावी समाधान को प्रस्ताव दिया जाना चाहिए।
रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि समय समय पर शहर क्षेत्र में भी तेज बारिश में आपदा जैसी स्थिति निर्मित होती है। इसे दूर करने पहले से ही आपदा प्रबंधन व्यवस्थित करने तैयारी सहित आपदा आने की स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जानी चाहिए। शहर में जलभराव की समस्या बस्तियों व नीचले क्षेत्रो से दूर करने ठोस योजना देने का कार्य चर्चा करके किया जाना चाहिए।
धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का विषय छत्तीसगढ़ राज्य के सशक्तिकरण की दृष्टि से आवश्यक है ताकि संभावित आपदाओ पर कारगर नियंत्रण पर कार्य किया जा सके और शासन के विकास कार्यों व योजनाओं का आमजनो को भरपूर लाभप्राप्त हो सके। सभी अधिकारियों और अभियंताओं को दो दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला के सभी सत्रों में गंभीरता से प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञो से प्राप्त कर भविष्य की आपदा प्रचंधन की ठोस योजनाएं विकसित करने की दिशा में कार्य करने प्रण लेना चाहिए।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दो दिवसीय कार्यशाला में पहुंचे देश विदेश के प्रतिनिधियों सहित राज्य के विभिन्न निकायो और नगरीय प्रशासन एवं विकास संवालनालय से आए अधिकारियों का आत्मीय स्वागत किया। महापौर ने विश्वास व्यक्त किया कि दो दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला रायपुर शहर में खारून नदी में नालो का गंदा पानी जाने से रोकने का कार्य करने और तालाबो को ओव्हर फ्लो रोककर गंदा पानी जाने से रोकने महत्वपूर्ण चर्चा कर आवश्यक रणनीति बनाने सुझाव प्रस्तुत करने में भूमिका अदा करेगी। इससे शासन द्वारा आपदा प्रबंधन का कार्य करने दी गई राशि का पूर्ण एवं सही दिशा में रायपुर शहर के हित में महत्वपूर्ण उपयोग प्रशासन के माध्यम से किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास सचिव श्री बसवराजू एस ने कहा कि शहर में आपदा प्रबंधन कुशलता से करने हेतु नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होने अधिकारियों से कहा कि वे योजना में प्रस्ताव देते समय यह तय कर लेवें कि कौन सा कार्य शहर के लिए महत्वपूर्ण है और ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों को वे प्राथमिकता देना तय करे। नगर निगम एवं नगरीय निकाय की शहर क्षेत्र में आने वाली आपदाओ के कुशल प्रबंधन हेतु भूमिका महत्वपूर्ण है एवं इसके लिए नगरीय निकाय अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों की जानकारी में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी होनी चाहिए ताकि आपदा आने की स्थिति में त्वरित कार्यवाही शहर क्षेत्र में वे मिलकर प्रशासनिक दृष्टि से कर सके। उन्होने अधिकारियों और अभियंताओ को कार्यशाला में आए विषय विशेषज्ञों से कुशल आपदा प्रबंधन के गुर पूरी गंभीरता के साथ सीखने कहा ताकि इसका लाभ नगरीय निकायो एवं शहरो को कियान्वयन के समय प्राप्त हो सके।
रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने अधिकारियों एवं अभियंताओं को सुझाव दिया कि कार्यशाला में सिद्धांत के साथ-साथ व्यवहार पर भी चर्चा की जानी चाहिए एवं भविष्य में संभावित आपदाओ के प्रबंधन को लेकर भी समस्या समाधान हेतु तैयारी करने चर्चा होनी चाहिए। वर्तमान में दुनिया में कई देशो में इलेक्ट्रानिक गजेट्स का निष्पादन बहुत बड़ी समस्या बन गया है। हमारे देश में भी 10 वर्षों बाद इलेक्ट्रानिक गजेट्स के निष्पादन की बडी समस्या आ सकती है। इस कार्यशाला में इस भविष्य की संभावित समस्या का निदान कैसे होगा इस पर सार्थक की जानी चाहिए। कार्यशाला में अधिकारीगण और अभियंतागण बहुमंजिली ईमारत में 24 वें माले में आने वाली संभावित विपदा के कुशल निदान व प्रबंधन की रणनीति बनाने विचार करे।
जिला कलेक्टर ने रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित रायपुर के अपर कलेक्टर एवं होमगार्ड कमाण्डेंट के विगत वर्ष गुढियारी में ट्रांसफार्मरो में लगी भीषण आग के दौरान फील्ड में त्वरित निर्णय लेकर बडी दुर्घटना को आपदा बनने से रोकने किये गये कार्य का उल्लेख करते हुए तब अधिकारियों के त्वरित निर्णय की सराहना की। जिला कलेक्टर ने कहा कि कार्यशाला में दुर्घटना को शहर में आपदा बनने से रोकने हेतु रणनीति तैयार करने प्रभावी चर्चा को सम्मिलित किया जाना चाहिए। एक दुर्घटना को आपदा बनने से कैसे रोका जा सकता है और यदि आपदा आती ही है तो आपदा के कुशल प्रबंधन हेतु क्या रणनीति त्वरित अपनायी जानी चाहिए। उन्होने कहा कि दुर्घटना के समय फील्ड में उपस्थित अधिकारी को व्यवहारिक परिस्थितियों का ध्यान रखकर त्वरित निर्णय लेना होता है।
नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने आपदा प्रबंधन के विषय विशेषज्ञो सहित जनप्रतिनिधियों अधिकारियों एवं अभियंताओ का दो दिवसीय कार्यशाला में आत्मीय स्वागत किया। आयुक्त ने कहा कि यह कार्यशाला भविष्य में आपदा प्रबंधन कुशलता से करने योजना और रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होने अधिकारियों और अभियंताओं से पूरी कार्यशाला में गंभीरता से भाग लेने कहा ताकि वे मजबूती से आपदा प्रबंधन की समस्या के समाधान की दिशा में कार्य कर सके एवं शहर को भविष्य ने सकारात्मक परिणाम आज योजना बनाकर कार्य किये जाने पर प्राप्त हो सके।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनडीएमए के सदस्य श्री कृष्णा वत्स ने ऑनलाईन प्रस्तुति दी। उन्होने शहर में बारिश के दौरान जल भराव की समस्या को कारगर ढंग से दूर करने कुशल आपदा प्रबंधन की रणनीति तैयार किया जाना आवश्यक बतलाया एवं इस संबंध में उपयोगी सुझाव अधिकारियो और अभियंताओं को दिये। प्रारंभिक सत्र के अंत में केपीएनजी के संचालक श्री प्रबल भारद्वाज ने आभार व्यक्त किया। दो दिवसीय कार्यशाला में सम्मिलित होने वृहंन मुंबई महानगर पालिका के आपदा प्रबंधन संचालक श्री महेश नार्वेकर, आईआईएसएम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संतोष कुमार, एडीपीसी के किलियन मूर्फी, टीईआरआई के श्री शरीयन पंडित सहित अन्य विषय विशेषज्ञ सम्मिलित है और इसमें राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय एवं नगर पालिक निगम रायपुर के अधिकारीगण एवं अभियंतागण भाग ले रहे है। -
समृद्धि की राह पर अग्रसर जिले के किसान
बिलासपुर/राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसान समृद्धि की राह पर अग्रसर है। धान खरीदी की समुचित व्यवस्था एवं किसान हितैषी विभिन्न योजनाओं से किसानों के जीवन में सकरात्मक बदलाव आ रहे हैं। धान खरीदी की सुव्यवस्थित प्रक्रिया न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दिला रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। जिसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं।
राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी से किसान सशक्त हो रहे है। बेलगहना धान उपार्जन केन्द्र में आए किसानों ने बताया कि केन्द्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध है और वे आसानी से बिना किसी परेशानी के धान बेच रहे हैं। धान खरीदी के लिए धान उपार्जन केन्द्रों में प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही धान के उठाव की व्यवस्था भी केन्द्रों में की गई है। बेलगहना धान उपार्जन केन्द्र में धान बेचने आए किसान श्री लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वे 29 क्विंटल 20 किलो धान लेकर केंद्र आए है। केंद्र में तौल प्रक्रियाओं सहित अन्य व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से चल रही है।किसानों को राशि का भुगतान भी त्वरित रूप से किया जा था है। सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार के किसानों के हित में लिए गए कई निर्णयों से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है जिससे किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। -
-दुर्ग जिले के आवेदकों का साक्षात्कार 30 जनवरी को
दुर्ग/ शासन द्वारा जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा आगामी 29, 30 और 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, सेजबहार रायपुर में तीन दिवसीय ’राज्य स्तरीय रोजगार मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक से मिली जानकारी के अनुसार इस आयोजन के माध्यम से निजी क्षेत्र के तकनीकी और गैर-तकनीकी श्रेणी के लगभग 15,000 रिक्त पदों पर चयन हेतु साक्षात्कार लिए जाएंगे। विशेष रूप से दुर्ग जिले के आवेदकों के लिए विभाग द्वारा 30 जनवरी 2026, दिन शुक्रवार की तिथि निर्धारित की गई है। मेले में सम्मिलित होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर अपना रोजगार पंजीयन तथा रोजगार मेला हेतु पंजीयन कराना अनिवार्य है। जिन आवेदकों ने अब तक पोर्टल पर पंजीयन नहीं कराया है, वे तत्काल अपनी प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। पंजीकृत आवेदक 30 जनवरी को अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता के मूल दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र और अनुभव प्रमाण पत्र के साथ रायपुर स्थित निर्धारित स्थल पर उपस्थित हो सकते हैं। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग (मालवीय नगर चौक) से संपर्क किया जा सकता है या फोन नंबर 0788-2323504 पर कॉल किया जा सकता है।








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