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बिलासपुर/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आज राज्य स्तरीय दल द्वारा बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत तखतपुर अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण किया गया। राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं डॉ. रूपेश राठौर, राज्य सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), रायपुर द्वारा ग्राम पंचायत खम्हरिया, देवरीखुर्द, लिदरी, जरौंधा, कुंआ एवं भरनी में सामुदायिक शौचालय, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) से संबंधित व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान स्वच्छाग्रहियों द्वारा किए जा रहे श्रमदान एवं जनजागरूकता प्रयासों की सराहना की गई। घर-घर कचरा संग्रहण कार्य से जुड़े स्वच्छाग्राही समूह के सदस्यों से संवाद कर स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
राज्य स्तरीय अधिकारियों ने ग्राम सरपंच को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों को पहले समझाइश दी जाए तथा समझाने के बाद भी नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्वच्छता नियमों के उल्लंघन की सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत की टीम, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, ग्रामीणजन एवं स्वच्छाग्राही उपस्थित रहे। -
रायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त गन्दगी से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत पुराना फायर ब्रिगेड चौक के पास सड़क पर पड़ी गन्दगी को तत्काल कचरा उठवाकर सफाई करते हुए जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में स्वच्छता कायम करते हुए प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
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प्रशासनिक दक्षता सुदृढ़ करने बड़ा कदम
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, क्षमता निर्माण एवं परिणामोन्मुख प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए iGOT कर्मयोगी का संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आज संभागायुक्त कार्यालय, कोनी बिलासपुर स्थित चेतना सभा कक्ष में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर राज्य स्तर से सुश्री अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी तथा मास्टर ट्रेनर (iGOT कर्मयोगी) द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण एवं विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को iGOT प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, भूमिका आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत द्वारा प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जारी निर्देशों की जानकारी साझा की गई। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री विकासशील के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस एवं नागरिक केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए iGOT कर्मयोगी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक सुधारों तथा सेवा गुणवत्ता में वृद्धि के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। संबंधित जिलों के नामित नोडल अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता की।
संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म शासन-प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से मॉड्यूल पूर्ण कर अपने कार्य में नवाचार एवं दक्षता बढ़ाने का आह्वान किया। उनके मार्गदर्शन एवं सक्रिय पहल से बिलासपुर संभाग में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो सका।
उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर प्रशासनिक क्षमता निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल सिद्ध हो रहा है। - -जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों ने की सहभागिताबलौदाबाजार / बलौदाबाजार वन परिक्षेत्र अंतर्गत परिक्षेत्र स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन सोनबरसा वन विहार केंद्र में किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों की सक्रिय सहभागिता रही।जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव ने वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, वहीं सरपंच श्रीमती रेणुका नायक ने भी वन अग्नि रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव द्वारा किया गया।जागरूकता के उद्देश्य से “जंगल के फूल” कला जत्था, धमनी के मिनेंद कुमार यादव एवं उनकी टीम द्वारा “जंगल बचाओ” विषय पर गीत एवं नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि जंगल और खेतों में आग न लगएं तथा वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें।कार्यशाला के समापन पर वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि जंगल हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने बताया कि वन अग्नि से न केवल पेड़-पौधों को क्षति पहुचती है, बल्कि वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, अनेक जीव-जन्तुओं की जान को खतरा होता है तथा प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे वन अग्नि रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएँ और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि बलौदाबाजार वनमण्डल को इस अग्नि सीज़न में सुरक्षित रखा जा सके।कार्यशाला के दौरान वन अग्नि के प्रमुख कारणों, उससे होने वाली पर्यावरणीय एवं सामाजिक क्षति तथा रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं वन अमले को बताया गया कि मानवजनित लापरवाही, कृषि अवशेष जलाना, महुआ संग्रह के दौरान आग लगना, बीड़ी-सिगरेट के अवशेष फेंकना आदि कारणों से अधिकांश आग की घटनाएँ होती हैं, जिन्हें सामूहिक सतर्कता से रोका जा सकता है।वन विभाग द्वारा फायर सीज़न को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी भी साझा की गई। प्रत्येक परिक्षेत्र में समर्पित फायर कंट्रोल टीमों का गठन, वनमण्डलीय स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना, फायर लाइन कटाई, फायर वाचरों की तैनाती, स्ट्राइक फोर्स की सक्रियता तथा आधुनिक उपकरणों जैसे फायर ब्लोअर के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को फील्ड में ले जाकर अग्नि सुरक्षा उपकरणों का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए धमनी एवं चिचिरदा वन प्रबंधन समितियों को सम्मानित किया गया। साथ ही लटुआ हाई स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रंगोली एवं पेंटिंग के माध्यम से वन अग्नि सुरक्षा पर जनजागरूकता संदेश प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष एवं वन सभापति सुमन वर्मा, सरपंच लटुवा रेणुका गजेंद्र नायक, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक प्रखर नायक (परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार), प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल सुश्री सिमरन साहु,वन प्रबंधन समिति मोहतरा अध्यक्ष व सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर । भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड 13 से 15 फरवरी 2026 तक इंडियन पावर स्टेशन ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस (IPS 2026) का आयोजन करने जा रही है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन विद्युत क्षेत्र के विशेषज्ञों और पेशेवरों को संवाद, सीखने और सहयोग के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय तथा विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।यह वार्षिक सम्मेलन एनटीपीसी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो वर्ष 1982 में सिंगरौली में इसकी पहली थर्मल इकाई के वाणिज्यिक संचालन की स्मृति को चिह्नित करता है। यह उपलब्धि भारत के विद्युत क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता की नींव रखने वाला ऐतिहासिक मील का पत्थर थी।वर्षों के दौरान IPS एक विश्वसनीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, संयंत्र संचालक, निर्माता, शोधकर्ता और शिक्षाविद एकत्र होकर अनुभव साझा करते हैं, व्यावहारिक जानकारियों का आदान-प्रदान करते हैं और देश में विद्युत उत्पादन की दिशा तय करने के लिए सामूहिक रणनीति बनाते हैं।IPS 2026 का विषय ‘Optimising Thermal Generation with Quality & Reliability’ है, जो ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने में तापीय ऊर्जा की निरंतर महत्ता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से उस समय जब भारत स्वच्छ और विविधीकृत ऊर्जा मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुणवत्ता और विश्वसनीयता भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के मूल स्तंभ हैं, और यह सम्मेलन साझा सीख और व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से इन स्तंभों को और मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।तीन दिवसीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्षेत्र के विशेषज्ञ परिचालन चुनौतियों, बदलती आवश्यकताओं और उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में लचीला संयंत्र संचालन, सुरक्षा, एसेट प्रबंधन, जल एवं ईंधन प्रबंधन, डिजिटल अनुप्रयोग, दक्षता में सुधार तथा परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण समाधान जैसे नए ऊर्जा मार्गों की भूमिका शामिल है।IPS 2026 को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। कुल 466 से अधिक लेखकों ने तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिनमें नवीनतम प्रगति, सर्वोत्तम प्रथाएँ और विद्युत उत्पादन के भविष्य को आकार देने वाले नवाचार शामिल हैं। विभिन्न संगठनों, OEMs, IPPs, सरकारी नियामक एवं वैधानिक निकायों, विश्वविद्यालयों, EPRI तथा अन्य प्रतिष्ठित शोध संस्थानों द्वारा चयनित 107 तकनीकी शोध-पत्र सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।IPS 2026 का एक प्रमुख आकर्षण टेक्नो गैलेक्सी प्रदर्शनी होगी, जिसमें अनेक विक्रेताओं और निर्माताओं द्वारा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण और रचनात्मक समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। यह मंच उद्योग हितधारकों को ऐसी नवाचार तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर देगा, जो पावर प्लांट संचालन में दक्षता, सुरक्षा और सततता को बढ़ावा देती हैं। प्रदर्शनी में एनटीपीसी के विभिन्न क्षेत्रीय मुख्यालयों द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए संयंत्रों के मॉडल और उनके प्रदर्शन की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।एनटीपीसी देश को ऊर्जा प्रदान करते हुए सस्टेनेबिलिटी और नवाचार को अपनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। IPS 2026 का उद्देश्य परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ करना, सहयोग को बढ़ावा देना और विश्वसनीय एवं जिम्मेदार विद्युत उत्पादन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।वर्तमान में एनटीपीसी की स्थापित क्षमता 87 गीगावॉट से अधिक है और 32 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक 149 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
- रायपुर। ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है lछत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती। ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।
- - जाँच एवं न्यूमोकोकल टीकाकरण शिविर का आयोजन 16 से 23 फरवरी तक बाल्य एवं शिशु रोग विभाग की ओपीडी मेंरायपुर ।पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के बाल्य एवं शिशु रोग विभाग द्वारा सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष दवाई वितरण, आवश्यक जाँच तथा न्यूमोकोकल (Pneumococcal) वैक्सीनेशन हेतु एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 16 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक विभाग के नियमित ओपीडी समयावधि में आयोजित किया जाएगा।शिविर के दौरान सिकल सेल रोगियों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाएगा तथा आवश्यक स्वास्थ्य जाँच भी की जाएगी। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन भी लगाई जाएगी, जो सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की समुचित जांच कर परामर्श दिया जाएगा तथा अभिभावकों को रोग प्रबंधन, पोषण एवं संक्रमण से बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया अभिभावक, निर्धारित तिथियों में अपने बच्चों को शिविर में अवश्य लाएं, ताकि समय पर उपचार एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सिकल सेल रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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नारायणपुर :- नक्सल विरोधी अभियान के तहत दिनांक 12 फरवरी को ओएंगर के जंगल पहाड़ क्षेत्र में संयुक्त सर्च ऑपरेशन संचालित किया गया। यह अभियान 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट श्री विकास पाचर द्वारा किया गया। विश्वसनीय सूचना के आधार पर संयुक्त बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी एवं क्षेत्र प्रभुत्व अभियान चलाया।कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में गहन सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं हथियार बरामद करने में सफलता मिली।
बरामद सामग्री का विवरण:1. 175 मीटर इंडस्ट्रियल प्राइमा कॉर्ड (लगभग 3.5 रोल)2. 10 मीटर सेफ्टी फ्यूज3. 10 रोल इलेक्ट्रिक वायर4. 01 नग IED मैकेनिज्म5. 01 देशी तमंचा (पिस्टल)6. 02 स्टील कंटेनर7. 01 नग 5 फीट लंबा भारी बोरिंग पाइपप्राथमिक आकलन के अनुसार उक्त सामग्री का उपयोग आईईडी तैयार करने एवं सुरक्षा बलों को क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से किया जाना था। सुरक्षा बलों की सतर्कता, कुशल रणनीति एवं त्वरित कार्रवाई के कारण नक्सलियों की इस साजिश को विफल कर दिया गया।बरामद सभी सामग्री को विधिवत सुरक्षित कर निष्क्रियकरण/आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। भविष्य में इस प्रकार के सर्च अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा , ताकि किसी भी प्रकार की शेष नक्सली गतिविधि को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं नारायणपुर पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सुरक्षा बलों को दें। - -चौकी चिखली पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, हथियार लहराकर लोगों को डरा-धमका रहे थे आरोपीराजनांदगांव। चौकी चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हथियार लहराकर लोगों में दहशत फैलाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपितों के कब्जे से दो पिस्टल, दो देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सभी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट व धारा 111 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस के अनुसार जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 12 फरवरी 2026 को शंकरपुर क्षेत्र से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति इंदिरा मैदान कालीस्थान के पास पिस्टल व कट्टा दिखाकर लोगों को डरा-धमका रहे हैं। सूचना पर चौकी चिखली प्रभारी ने टीम के साथ घेराबंदी कर मौके से चार संदिग्धों को पकड़ा।पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने अपने नाम शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली, दिगंबर साहू उर्फ छोटे, सेवक कश्यप उर्फ डाला और गुंजन वर्मा उर्फ शिवा बताए। तलाशी के दौरान शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली के कब्जे से एक पिस्टल व जिंदा कारतूस तथा दिगंबर साहू उर्फ छोटे के कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद हुआ। चारों के विरुद्ध विधिवत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।विवेचना के दौरान शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली ने अपने अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश क्षेत्र से हथियार खरीदकर क्षेत्र में रौब जमाने एवं बिक्री करने की बात कबूल की। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुर्ग में दबिश देकर विक्की देशमुख उर्फ मोनू के कब्जे से एक देशी कट्टा जब्त किया। वहीं राजनांदगांव आने की सूचना पर उमेश साहू और जतीनदास माणिकपुरी को मोहारा पुल के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया, जहां जतीनदास माणिकपुरी के कब्जे से एक पिस्टल बरामद हुई।प्रकरण में सभी सातों आरोपितों को अवैध रूप से हथियार रखने एवं लोगों को भयभीत करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न थानों में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।गिरफ्तार आरोपित:शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली, निवासी शंकरपुर वार्ड नं. 09, चौकी चिखली, जिला राजनांदगांवदिगंबर साहू उर्फ छोटे, निवासी पेंड्री, जिला राजनांदगांवसेवक कश्यप उर्फ डाला, निवासी शंकरपुर, जिला राजनांदगांवगुंजन वर्मा उर्फ शिवा, निवासी शंकरपुर, जिला राजनांदगांवविक्की देशमुख उर्फ मोनू, निवासी चंद्रखुरी, जिला दुर्गजतीनदास माणिकपुरी, निवासी गोकुल वाटिका, थाना कोतवाली, जिला धमतरीउमेश साहू उर्फ बटाल, निवासी गोकुलपुर, थाना कोतवाली, जिला धमतरी
- -नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना से किसानों की आय बढ़ेगी - कलेक्टर-महासमुंद जिले में किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगामहासमुंद / पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार भारत सरकार द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना के संबंध में आज कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर में उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, योगेश्वर चंद्राकर, आर एल शर्मा, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में अंचल के किसान उपस्थित थे।कार्यशाला में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि पाम ऑयल की खेती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारे यहाँ धान की खेती सर्वाधिक होती है। और धान की फसल के लिए पानी की आवश्यकता बड़ी मात्रा में होती है इसलिए बदलते समय के साथ हमें ऐसी फसलों की ओर रूख करना होगा जिसमें पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाकर बेहतर फसल ले सकें। परंपरागत खेती के अलावा फल, सब्जियों एवं मछली पालन जैसे ढेरों विकल्प हैं जिसके माध्यम से आज किसान अधिक से अधिक लाभ ले सकते हैं। भारत सरकार की भी यही मंशा है कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो। पाम ऑयल के ऊपर आज हमारा देश दूसरे देशों पर निर्भर है, उसी निर्भरता को कम करने के लिए यह योजना लायी गई है। साथ ही इस खेती से जुड़े सवालों पर किसानों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसानों को पहले इस खेती से जुड़े कृषकों के खेतों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि इस खेती से जुड़ी शंकाओं एवं तकनीकी पहलुओं पर किसानों को स्पष्टता हो सके।जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि हम धान की खेती करते हैं लेकिन देखने में यहाँ आता है कि सब्ज़ी एवं अन्य फसलों में फायदा ज़्यादा है। विदेशों से बच्चे बड़ी बड़ी नौकरी छोड़कर युवा अपने देश लौटकर खेती करते हैं लेकिन शायद ही कोई परंपरागत धान की खेती नहीं करता है, हर कोई नगदी फसल ही लेते हैं। उन्होंने बताया कि हम आज तो तेल खाते हैं उसमें से एक बड़ा हिस्सा बाहर से आता है, तो इसमें सरकार की मंशा यह है कि खाद्यान्न तेल का आयात कम हो और इसमें हमारी आत्मनिर्भरता कम हो। इसलिए पाम ऑयल की खेती को सरकार इस योजना के माध्यम से बढ़ावा देना चाह रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें इस फसल को अपनी प्राथमिकता में रखना चाहिए।कृषक की जुबानीकिसान सिदार चंद्राकर जिन्होंने ख़ुद 32 एकड़ में पाम ऑयल की खेती की है उन्होंने इसकी खेती के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाम ऑयल कीट और बीमारियों, श्रम आवश्यकताओं, उपज के विपणन के मामले में सभी बाधाओं से मुक्त फसल है और उपज के चरण से ही नियमित मासिक आय प्रदान करता है। साथ ही अपने अनुभवों एवं लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि पाम ऑयल के उत्पादन की सीमा 4-5 साल तक की है, और बढ़ते उत्पादन के चरम तक पहुंचने के लिए 2-3 साल की अतिरिक्त अवधि की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए, यह सुझाव दिया गया था कि किसान शुरुआती वर्षों में सब्जियों के साथ अंतर फसलों पर स्विच कर सकते हैं।इसके अलावा कार्यशाला में अधिकतम उपज प्राप्त करने में बाधाओं का कारण बनने वाले कारक, सब्सिडी एवं बाज़ार की उपलब्धता, अनुचित अंतर-फसल पद्धतियां, अपर्याप्त, असामयिक वितरण, उर्वरकों के उपयोग, अपर्याप्त सिंचाई, तकनीकी ज्ञान की कमी आदि, पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।उल्लेखनीय है कि योजना के तहत पहले केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा (60ः40 के अनुपात में) अनुदान दिए जा रहे हैं। इसके तहत 1.30 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर के अनुदान के साथ अब राज्य सरकार द्वारा राशि 69,620 रूपए का अतिरिक्त अनुदान चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 से देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत रख-रखाव के लिए 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 1500 रुपये टॉप अप के रूप में राज्य शासन द्वारा अनुदान प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह अंतरवर्तीय फसल लेने पर 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 5000 रुपये प्रति हेक्टेयर टॉप अप के रूप में अनुदान प्रदाय किया जाएगा।
- -कलेक्टर श्री लंगेह ने की विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की समीक्षामहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय रिव्यु समिति की संयुक्त बैठक गुरुवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित हुआ। बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग, वित्तीय एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, आरबीआई के प्रतिनिधि श्री दीपेश तिवारी, नाबार्ड के प्रबंधक श्री प्रियव्रत साहू, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे एवं जिले के अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं शासकीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने शैक्षिक ऋण, एसएमआई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) वित्त पोषण तथा मुद्रा ऋण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित बैंकों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को आवश्यकता अनुसार आसान और सरलीकृत तरीके से ऋण उपलब्ध कराएं तथा किसानों को केसीसी लोन, छोटे व्यवसायियों के लिए मुद्रा एवं शासकीय विभागों द्वारा संचालित लोन को अविलंब स्वीकृति दें। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत डेयरी एवं मत्स्य पालन से संबंधित ऋण प्रकरणों की स्वीकृति पर चर्चा करते हुए मत्स्य पालन, डेयरी एवं पशुपालन गतिविधियों को विशेष महत्व देने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि बैंक आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय साक्षरता शिविर का सतत आयोजन करें तथा उनका प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करें। लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताएं ताकि उनकी जमा पूंजी बैंकों में सुरक्षित रहे। साथ ही कहा कि बैंक किसी भी तरह के फ्रॉड गतिविधियों में संलिप्त न हो और न ही बिना नियमानुसार कोई भी प्रकरण स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र केसीसी खातों के शत-प्रतिशत कवरेज के निर्देश दिए गए। साथ ही भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संचालित “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान की तीन माह की समीक्षा भी की गई।बैठक में भारतीय स्टेट बैंक की बिछिया शाखा को तहसील बसना के ग्राम भंवरपुर में स्थानांतरित किए जाने संबंधी अनुमोदन प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। जिला स्तरीय रिव्यु समिति की बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनाएवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। नाबार्ड द्वारा आकांक्षी जिलों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्र प्रधानमंत्री जनधन योजना खाताधारकों के नामांकन को बढ़ाने हेतु विशेष पहल पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना एवं बचत खातों में आधार एवं मोबाइल सीडिंग, रूपे कार्ड वितरण की प्रगति तथा मुद्रा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।बैठक में एनयूएलएम, एनआरएलएम, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंक ऋण लिंकेज, पीएमईजीपी, सीएमईजीपी, अंत्यावसायी एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाए तथा लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बैंकों से संबंधित जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे ने विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से बैंकों के प्रगति की जानकारी प्रस्तुत किया।
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मोहला । आंगनबाड़ी केंद्र मोहला-बी, सेक्टर मोहला की नन्ही बच्ची हिमांशी कोवाची कभी अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित की गई थी। प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में उसका वजन मात्र 9.2 किलोग्राम पाया गया, जो उसकी आयु के अनुरूप अत्यंत कम था और उसके शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा था।
नन्ही बच्ची हिमांशी की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत कर विशेष निगरानी में रखा गया। हिमांशी की मां श्रीमती कनक कोवाची ने इस चुनौती को जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया और डाइट कैलेंडर का नियमित पालन सुनिश्चित किया। उन्होंने बच्चे के आहार में विविधता लाते हुए दाल, हरी सब्जियां, अंडा, दूध जैसे पोषक तत्वों को शामिल किया, साथ ही समय पर पूरक आहार देना और स्वच्छता बनाए रखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा कृषक ने भी निरंतर गृह भ्रमण कर परिवार को मार्गदर्शन दिया, नियमित टेक होम राशन का वितरण किया, मासिक वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की। लगातार 16 सप्ताह तक चली इस समन्वित देखभाल और पोषण प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम सामने आया हिमांशी का वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 11.50 किलोग्राम हो गया, उसकी सक्रियता और भूख में स्पष्ट सुधार हुआ और वह अति गंभीर कुपोषण श्रेणी से निकलकर सामान्य श्रेणी में आ गई। यह कहानी दर्शाती है कि जब समय पर पहचान, मां की सजगता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सतत निगरानी और टीएचआर जैसे पोषण कार्यक्रम एक साथ प्रभावी रूप से लागू होते हैं तो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर भी सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है। - दुर्ग। शहर के विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज दुर्ग शहर के भीतर पहली फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति में यह महत्वपूर्ण कार्य शुरुआत की गई। ₹267.89 लाख की लागत से धमधा-बेमेतरा अंडरब्रिज से अग्रसेन चौक तक लगभग 480 मीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क के बन जाने से शहर की बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। लोगों को सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। यह सड़क दुर्ग शहर के यातायात तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने 5 स्थान पर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है जिसके अंतर्गत पहले फोरलेन सड़क का आज भूमिपूजन किया गया। यह कार्य केवल एक सड़क निर्माण नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान किए गए विकास के वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम है। भाजपा सरकार शहर के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। दुर्ग की जनता का भाजपा के प्रति स्नेह, विश्वास और सहयोग ही दुर्ग शहर को निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर कर रहा है।चुनाव के दौरान दुर्गवासियों से किए गए विकास के वादों को पूर्ण करने की दिशा में ठोस पहल है। उन्होंने आगे कहा कि सुशासन की सरकार में दुर्ग का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना एवं यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार शहर के समग्र विकास हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। दुर्ग की जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही शहर को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रहा है। भूमिपूजन में उपस्थित क्षेत्र के व्यापारियों ने बाजे गाजे के साथ मंत्री गजेन्द्र यादव का स्वागत अभिनन्दन कर फोरलेन सड़क की स्वीकृति दिलाने आभार जताते हुए उन्होंने बताया की शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फोरलेन सड़क की मांग सालों से की जा रही थी, जिसे लेकर मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता दिखाई और प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण कराकर आज भूमिपूजन कर फोरलेन सड़क की सौगात दिए है।अग्रसेन चौक में डोमशेड -अग्रसेन चौक के पास राम मंदिर के पीछे एक तरफ ₹15 लाख की लागत से दो स्थान पर डोम शेड लगेगा। एक तरफ व्यापारियों के बैठने के लिए और दूसरी तरफ सार्वजनिक आयोजनों के लिए डोम शेड का निर्माण किया जाएगा। इससे सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।भूमिपूजन में जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, सभापति श्याम शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष अरविंदर खुराना, भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह, पार्षद श्रीमति मनीषा सोनी, मनीष साहू, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, देवनारायण तांडी, मनोज सोनी, युवराज कुंजाम, आशीष चंद्राकर, श्रीमति लोकेश्वरी ठाकुर, मनीष कोठारी, गुलशन साहू, मंडल अध्यक्ष बंटी चौहान, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।
- -16 फरवरी से गांव- गांव में लगेगा एग्रीस्टेक पंजीयन शिविरबिलासपुर / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को लाभ सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर जिले में 16 फरवरी से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर एक माह तक संचालित होंगे और जिले के प्रत्येक गांव में लगाए जाएंगे।कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर आयोजित इन शिविरों में एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन एवं किसानों का ई-केवाईसी किया जाएगा। जिले में लगभग 25 हजार किसान अभी भी एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन से वंचित हैं, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिविर पूर्णतः निःशुल्क होंगे और ग्राम पंचायत अथवा अन्य शासकीय भवनों में आयोजित किए जाएंगे। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एवं लोक सेवा केंद्र के प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित रहेंगे। शिविर दो चरणों में संचालित किए जाएंगे तथा अधिकारी सप्ताह में दो बार प्रत्येक गांव का दौरा करेंगे। किसानों को शिविर में केवल अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर साथ लाना होगा। मौके पर ही उनका पंजीयन और ई-केवाईसी पूर्ण कर दी जाएगी, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिलना प्रारंभ हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोटवारों के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कर किसानों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि वे शिविरों में पहुंचकर पंजीयन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कर योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें।
- -मुख्यमंत्री विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन सुश्री हज़्ज़ाज़ मा'अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सुश्री अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सुश्री अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक श्री राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक श्री व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर // छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर जन-सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है।आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण तथा पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी।आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है तथा इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी 2026 को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई होगी। जबकि 18 फरवरी 2026 को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जन-सुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
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जोन 3 में जोन कमिश्नर ने बैठक लेकर स्वच्छता अमले को दिए आवश्यक निर्देश
रायपुर -रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा स्वच्छ रैंकिंग 2025-26 में रायपुर शहर को श्रेष्ठ स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने की प्रशासनिक तैयारी प्रारम्भ कर di गयी है.आज नगर निगम जोन 3 शंकर नगर जोन कार्यालय में जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिँह ने स्वच्छ रैंकिंग 2025-26 की तैयारी बैठक कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी, स्वच्छता निरीक्षकों, वार्ड स्वच्छता प्रभारियों, वार्ड सुपरवाइजरों, सफाई ठेकेदारों की बैठक ली और उन्हें स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की जोन 3 के सभी 7 वार्डों में पुख्ता प्रशासनिक तैयारी रायपुर शहर को श्रेष्ठ स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा - निर्देश अनुसार कार्य कर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने कहा. -
नगर निगम जोन 7 के वार्ड क्रमांक 24 में वार्डवासियों से घर पर गीला - सूखा कचरा पृथक करके सफाई मित्र को प्रतिदिन नियमित सफाई मित्र को देने की गयी अपील, दिलवाया गया सामूहिक स्वच्छता संकल्प
रायपुर- स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में रायपुर शहर को श्रेष्ठ स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने अभियान नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर चलाया जा रहा है.आज इस क्रम में स्वच्छता जागरूकता अभियान में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 24 की पार्षद श्रीमती दीप मनीराम साहू, नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के मार्गनिर्देशन और जोन 7 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 24 के क्षेत्र में अनुबंधित सफाई कम्पनी रामकी प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर घर - घर जाकर रहवासियों को सूखा और गीला कचरा प्रतिदिन नियमित रूप से घर पर पृथक कर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देने और सेनेटरी कचरा और घरेलू खतरनाक कचरा पृथक रखने की समझाइश दी गयी. वार्ड के रहवासी नागरिकों को स्वच्छता जागरूकता पम्पलेट वितरित किये गए और डोर टु डोर कचरा कलेक्शन नहीं होने पर रामकी के टोल फ्री नम्बर पर तत्काल शिकायत दर्ज करवाकर व्यवस्था अंतर्गत त्वरित समाधान प्राप्त करने अपील की गयी. नागरिकों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 जागरूकता अभियान अंतर्गत नगर निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रायपुर शहर को स्वच्छ बनाने सामूहिक स्वच्छता संकल्प दिलवाया गया. -
*गढ़वट के रोजगार सहायक को शो कॉज नोटिस*
*कलेक्टर जनदर्शन में ग्रामीणों ने की थी शिकायत*बिलासपुर/ बिल्हा विकासखंड के ग्राम पंचायत गढ़वट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राही की मजदूरी राशि के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया है।कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर रोजगार सहायक को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।जिला पंचायत कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार चन्द्रप्रकाश बैसवाड़े एवं अन्य ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत पर जांच दल ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जांच में पाया गया कि बिना हितग्राही की लिखित सहमति के अन्य व्यक्तियों को 35,415 रुपये की राशि का भुगतान नियम विरुद्ध तरीके से किया गया। इस संबंध में ग्राम रोजगार सहायक राकेश सिदार को नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने दो टूक कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में प्राप्त जवाब एवं तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -
*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार*
बिलासपुर/ प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय से किसानों में खुशी की लहर है। होली के अवसर पर किसानों को राज्य सरकार की ओर से विशेष सौगात मिल रही है। राज्य मंत्रिपरिषद ने धान का लंबित बोनस होली से पहले किसानों को एकमुश्त देने के निर्णय लिया है। विष्णु सरकार के इस फैसले से किसानों में हर्ष है किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल के लिए आभार जताया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए इस निर्णय को किसानों ने संवेदनशील और किसान हितैषी कदम बताया है। किसानों का कहना है कि बोनस राशि एकमुश्त मिलने से उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी। त्योहार के समय मिलने वाली इस राशि से न केवल पारिवारिक जरूरतों की पूर्ति होगी, बल्कि कृषि कार्यों व अन्य बड़े कामों को करने में मदद मिलेगी।जिले के मल्हार निवासी राष्ट्रीय कृषक सम्मान से सम्मानित प्रगतिशील किसान श्री जदूनंदन वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरतों और भावनाओं को समझते हुए समय पर यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि एकमुश्त बोनस से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा आगामी फसल की तैयारी में भी सुविधा होगी साथ ही एकमुश्त राशि का उपयोग किसान अपने कुछ बड़े कामों को पूरा करने में कर सकते हैं। इसी तरह ग्राम ओछिनापारा, रतनपुर के किसान श्री मेलाराम भारद्वाज और महिला किसान श्रीमती रोशनी भारद्वाज ने भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया। उन्होंने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व से पहले बोनस राशि मिलने किसानों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। इससे त्योहार की रौनक बढ़ेगी और परिवार के साथ खुशियां मनाने का आनंद मिलेगा। साथ ही इस राशि का उपयोग कृषि उपकरणों की खरीद, बीज-खाद की व्यवस्था, ऋण भुगतान एवं अन्य आवश्यक कार्यों में कर सकेंगे। किसानों ने कहा कि राज्य सरकार लगातार कृषि और कृषक कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। धान बोनस देने का यह निर्णय सरकार की किसान-केन्द्रित सोच और संवेदनशीलता का प्रमाण है। - कांकेर ।छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मण्डावी (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) आगामी 19 एवं 20 फरवरी को जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे 19 फरवरी को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में खनन क्षेत्र का अवलोकन करेंगे, साथ ही ग्राम पेवारी में सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन तथा निरीक्षण कर जनजातीयमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। अगले दिन वे 20 फरवरी को सुबह 11.30 बजे नियद नेल्लानार योजनांतर्गत निर्माण कार्यों का निरीक्षण तथा लाइवलीहुड कॉलेज कांकेर में पुनर्वास प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन करेंगे। श्री मंडावी इसी दिवस दोपहर 2.30 बजे जिला स्तरीय बैठक लेकर अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के संदर्भ में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। तदुपरांत वे रायपुर के लिए रवाना होंगे।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर के रायपुरा महादेवघाट में स्थित अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक पण्डित श्यामा चरण शुक्ल के समाधि स्थल (श्याम घाट) रायपुरा महादेवघाट के प्रांगण में उनकी पुण्यतिथि दिनांक 14 फरवरी 2026 शनिवार को सुबह 11 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। कार्यक्रम में पण्डित श्यामा चरण शुक्ल से सम्बंधित समाधि स्थल (श्याम घाट) में नियत दिवस को समाधि स्थल परिसर का संधारण और समाधि स्थल परिसर सहित उसके आसपास के क्षेत्र की विशेष सफाई, समाधि स्थल की पुष्प सज्जा सहित आवश्यकतानुसार पेयजल की व्यवस्था रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 8 के सहयोग से की जायेगी।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत के के मार्ग मौदहापारा में श्री महाबीर गौशाला के सामने रोड के किनारे नाला की जेसीबी मशीन की सहायता से और मेन्युअल सफाई करवाई और लगभग 6 डम्पर कचरा निकालकर उसको उठवाकर तत्काल परिवहन करवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम की. नाला सफाई अभियान का जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया ने प्रत्यक्ष निरीक्षण किया.
- -191 रिक्त पदों पर होगी भर्ती, विभिन्न निजी संस्थानों में चयन-इच्छुक अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों सहित कार्यालय परिसर में उपस्थित हों सकते हैगरियाबंद ।छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण, रायपुर के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, गरियाबंद द्वारा 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक कार्यालय परिसर में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी प्रतिष्ठान फायर, सेफ्टी एवं डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, भिलाई दुर्ग (छ.ग.) एवं प्रेरक स्वयं सेवी संस्था, गरियाबंद (छ.ग.) में कुल 191 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। जिन पदों पर भर्ती की जानी है, उनमें फायर मेन, सिक्योरिटी गार्ड, फूड पैकेजिंग, ड्राइवर (हेवी लाइसेंस), वार्ड बॉय, वार्ड गर्ल, केयर टेकर, विशेष शिक्षक (मानसिक मंदता), प्रबंधक, स्पीच थेरेपिस्ट, व्यावसायिक प्रशिक्षक तथा स्वच्छता कर्मी शामिल हैं। इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक एवं डिप्लोमा (फायर सेफ्टी), एमएसडब्ल्यू, पीजीडीसीए, बीएड उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक दो पासपोर्ट साइज फोटो तथा समस्त शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैम्प का लाभ उठा सकते हैं।प्लेसमेंट कैम्प में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल ईरोजगार डॉट सीजी डॉट गवर्नमेंट इन अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन दूरभाष क्रमांक +91-07706-241269 एवं मोबाइल नंबर +91-93295-59607 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का हुआ समापनरायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम गुरूवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह हुए। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में संपन्न हुआ। 10 से 12 फरवरी 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव ने ग्रामीण और शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने अपने प्रतिभाओं प्रदर्शन किया। उन्होंने समापन समारोह के अवसर पर कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने को एक सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने चयनित सभी खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दी। सरगुजा ओलंपिक में 67,380 प्रतिभागियों ने भाग लिया।मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर खेल मैदान में उतर कर खिलाडियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शंकरगढ़ एवं बलरामपुर के मध्य हो रहे बालिका रसाकस्सी प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को मंत्री श्री रामविचार नेताम ने शील्ड एवं मेडल देकर सम्मानित किया।समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीइओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर व बलरामपुर एसडीएम श्री अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी श्री मारकूस कुजूर, संबंधित अधिकारीगण एवं खिलाड़ी तथा आमनागरिक मौजूद थे।जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय ओलंपिक में खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया, जिसमें व्यक्तिगत खेलों के अंतर्गत एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती एवं कराटे तथा दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल शामिल रहे। प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष, बालक/बालिका) एवं सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) में आयोजित की गई।














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