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- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2954 किसानों से 1 लाख 59 हजार 527.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 71016 किसानों से 33 लाख 99 हजार 063.20 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है। file photo
- -दानदाताओं ने अब तक दी 6600 से अधिक पुस्तकेंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीमती मंजू चौबे ने इंजीनियरिंग, मार्केटिंग एवं एसएससी सहित अन्य पुस्तक दान की है । इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 6600 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में बढ़ते अकेलेपन की समस्या न केवल भावनात्मक रूप से, बल्कि उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए “सियान गुड़ी योजना” (डे केयर सेंटर) की परिकल्पना की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं सक्रिय वातावरण प्रदान किया जा सके।छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिक डे केयर सेंटर “सियान गुड़ी” का शुभारंभ 30 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। इस हेतु महाराष्ट्र मंडल, रायपुर द्वारा समता कॉलोनी स्थित अपने दिव्यांग बालिका विकास गृह का पुनर्निर्माण कर यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है।प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गदर्शिका के अनुसार यह केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग एवं व्यायाम, नाश्ता एवं चाय, मनोरंजन, कौशल विकास गतिविधियां, परामर्श, स्वास्थ्य जांच एवं टेली-कंसल्टेशन, समूह चर्चा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। निर्धारित समयावधि के उपरांत वरिष्ठ नागरिक अपने-अपने घर वापस लौट सकेंगे।“सियान गुड़ी” का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को एक आत्मीय, सुरक्षित और सक्रिय सामाजिक वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे स्वयं को अकेला न महसूस करें और स्वस्थ, सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
- -कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की-तांदुला के पुनरूद्धार एवं जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपीलबालोद । जिले की प्रमुख एवं जीवनदायिनी तांदुला नदी को सहजने एवं संवारने तथा इसके पुराने वैभव एवं स्वच्छता के साथ इसका पुनरूद्धार करने हेतु 31 दिसंबर को श्रमदान के माध्यम से नीर चेतना अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर 31 दिसंबर को सुबह 08 बजे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद श्रमदान अभियान के आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने समाज के सभी वर्ग के लोगों से जीवनदायिनी तांदुला नदी के पुनरूद्धार एवं जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस नीर चेतना अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु 31 दिसंबर को सुबह 08 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर तांदुला नदी के पुल के नीचे निषाद सामुदायिक भवन के पास अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर श्रमदान के इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, नगर पालिका परिषद बालोद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आयोजन से जुड़े सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को नीर चेतना अभियान के अंतर्गत 31 दिसंबर को आयोजित इस वृहद श्रमदान अभियान को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पूरे देश एवं प्रदेश की भाँति बालोद जिले में भी तेजी से घटते भूजल स्तर एवं भविष्य में भयावह जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में जिले वासियों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से जिले में वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत 20 जुलाई को 01 लाख 74 हजार पौधरोपण किया गया है। श्रीमती मिश्रा ने ग्रीष्मकाल के दौरान घटते भूजल स्तर की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण एवं जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होेंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने हेतु शासन-प्रशासन के साथ-साथ जिले के जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता की सक्रिय सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जल तथा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिले में चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव भी लिया।बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होेंने नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा स्वच्छता अभियान के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संपूर्ण जिलेवासियों को इस लोक कल्याणकारी कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। श्री चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित सभी आवासों में अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाने के साथ-साथ सार्वजनिक नलों में टोटी लगाने की आवश्यकता बताई। बैठक में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपना सुझाव दिए।
- -बीज निगम द्वारा किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराये जा रहे आधुनिक कृषि यंत्र-इस वित्तीय वर्ष में अब तक 882 किसानों को मिला आधुनिक कृषि यंत्र-किसान विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर हो रहे अग्रसररायपुर, / प्रदेश के किसान खेती-किसानी में आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं। वहीं विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर अग्रसर हो रहे हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसका बड़ी संख्या में किसान लाभ ले रहे हैं। किसान सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर खेती किसानी के उन्नत एवं आधुनिक तौर तरीके अपना रहे हैं, जिससे किसानों को पारंपरागत किसानी से अधिक फायदा हो रहा है।शासकीय अनुदान पर आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्र किसानों कोकृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कृषि के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित हैं जिनसे किसान लगातार लाभान्वित हो रहे हैं, चाहे वो उन्नत बीज हो या अन्य विभागीय योजनाएं। इसी क्रम में बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों के हित में शासकीय अनुदान पर आधुनिक एवं उन्नत किस्म में विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को किसानों को उपलब्ध कराया जाता है l खेती किसानी के विभिन्न चरणों जुताई, बुआई, रोपाई, फसल कटाई जैसे सभी चरणों के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र किसान के द्वारा चयन आधार पर उपलब्ध कराया जाता है, इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। बीज निगम द्वारा किसानों को शक्ति चलित कृषि यंत्र जैसे - रोटावेटर, स्व चलित रीपर, पैडी ट्रांसप्लांटर, लेज़र लैंड लेवलर, पावर वीडर, मल्चर, थ्रेशर, सीड ड्रिल, सहित अन्य आधुनिक कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुईइन कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों को समय की बचत के साथ-साथ श्रम लागत में भी कमी हो रही है। किसानों का कहना है कि आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से खेती का कार्य कम समय में और अधिक सटीक तरीके से हो पा रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। परिणाम स्वरूप बाजार में उन्हें उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।882 किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों से किया गया लाभान्वितबता दें कि बीज निगम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। निगम द्वारा किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराने की योजना क्रियान्वित है। जिससे कृषि क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है।वर्ष 2025-26 में अभी तक 882 किसान को अनुदान पर कृषि यंत्रों से लाभान्वित हो चुके हैं।स्व-चलित रीपर से कटाई हुई आसानबिलासपुर जिले के किसान नारायण दल्लू पटेल ने बीज निगम के माध्यम से अनुदान पर स्व-चलित रीपर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि पहले एक एकड़ फसल की कटाई में 10-12 मजदूर और पूरा दिन लगता था, जबकि अब वही कार्य 2-3 घंटे में पूरा हो जाता है। इससे कटाई लागत में 50-60 प्रतिशत तक कमी आई है और समय पर कटाई संभव हो सकी है।रोटावेटर से खेत की तैयारी हुई तेजरायपुर जिले के किसान हीरालाल साहू ने बताया कि रोटावेटर के उपयोग से खेत की जुताई एक ही बार में हो जाती है। पहले जहाँ खेत तैयार करने में 3-4 दिन लगते थे, अब कुछ घंटों में कार्य पूर्ण हो जाता है। इससे फसल उत्पादन में 20-25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।सीड ड्रिल से बीज की बचत और बेहतर उत्पादनखैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के किसान लेखूराम छेदईया ने अनुदान पर सीड ड्रिल मशीन क्रय किए है। उन्होंने बताया कि इस मशीन का प्रयोग बोआई में करने पर बीज की 15-25 प्रतिशत तक बचत होती है। समान दूरी और गहराई पर बोआई से अंकुरण बेहतर हुआ है और उत्पादन में 20-30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।
- -हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार एक वर्ष में 1022 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का विक्रयरायपुर / छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वर्ष 2025 में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मंडल द्वारा जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 4689 संपत्तियों का विक्रय किया गया, जिनका कुल मूल्य 1022 करोड़ रुपये से अधिक है। यह छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के गठन के बाद अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विक्रय है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के नेतृत्व में मंडल द्वारा किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्य किया जा रहा है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस अभूतपूर्व सफलता के रूप में सामने आया है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रारंभ से ही समाज के कमजोर एवं निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता दी जाती रही है। अब तक निर्मित कुल आवासों में लगभग 70 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए बनाए गए हैं। विगत पांच वर्षों में जहां मंडल द्वारा औसतन 1387 संपत्तियों का प्रतिवर्ष विक्रय हुआ और औसत मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4689 संपत्तियों एवं 1022 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह मंडल की कार्यप्रणाली में हुए सुधार, नीतिगत सरलीकरण और आम नागरिकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।विगत एक वर्ष के दौरान शासन द्वारा लागू की गई ओटीएस-2 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना के तहत हितग्राहियों को 30 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 1452 संपत्तियों का विक्रय हुआ। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 220.16 करोड़ रुपये रहा, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के बड़ी संख्या में नागरिकों को सीधा लाभ मिला।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर इस वर्ष 23 से 26 नवंबर 2025 तक रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 भी अत्यंत सफल रहा। इस मेले के दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 26 जिलों में 2080 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया। साथ ही मेले के दौरान ही 305 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय हुआ, जिससे मंडल की योजनाओं के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में 1022 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का विक्रय एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सरकार की जनहितैषी नीतियों और आम नागरिकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव तथा मंडल के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि एक वर्ष में 1022 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय राज्य के आवास क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच, स्पष्ट आवास नीति तथा हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का परिणाम है। शासन का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक को किफायती, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि वर्ष 2025 की यह सफलता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन, मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व और मंडल की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मंडल पारदर्शिता, नई सोच और जनहित को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी आवासहीनों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
- -जनभागीदारी से जिले में 20 प्रतिशत बच्चों को मिली कुपोषण से मुक्तिरायपुर / बालोद जिला प्रशासन द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन समुचित उपलब्धता एवं उनके उचित देखभाल सुनिश्चित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने हेतु शुरू की गई मिशन गोद अभियान बालोद के परिणामों ने सभी को चौंका दिया। बालोद जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों में से 20.80 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिला दी गई है। यह अभियान जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं कारगर अभियान सिद्ध हुआ है।जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के अंतर्गत जिले के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को समुचित पौष्टिक आहार एवं देखरेख के लिए समुचित राशि एवं अन्य जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मिशन गोद के अंतर्गत क्षेत्रीय सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिले के सभी गणमान्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी अधिकारियों को इन बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी।अतिरिक्त आहार राशि के लिए 4.48 लाख रूपये से अधिक हुए जमाबालोद जिले में 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जारी इस अभियान के अंतर्गत गोद लेने वाले सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन एवं अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता के लिए न्यूनतम 500 रूपये की राशि जमा की। जिसके फलस्वरूप कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार राशि के लिए 04 लाख 48 हजार रूपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चूका है।जनप्रतिनिधियों ने 300 बच्चों को लिया गोदउल्लेखनीय है कि 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जिले में 03 माह की समयावधि के लिए लागू इस अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 300 गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया था। जिसमें से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसी तरह जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा कुल 184 बच्चों को गोद लिया गया है। इसमें से वर्तमान में 51 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसके अलावा जन सामान्य के द्वारा 180 बच्चों को गोद लिया गया हैै। जिसमें 36 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। जिले में इन बच्चों की समुचित देखभाल एवं इनके लिए समुचित पौष्टिक आहार की व्यवस्था के फलस्वरूप बालोद जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में आशातीत कमी आई है।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत मिले उल्लेखनीय सफलता की सराहना करते हुए इस अभियान को जिले के नवनिहालों को कुपोषण से मुक्ति प्रदान करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान बताया है। इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित समाजसेवियों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की ओर सभी का आभार जताया।
- रायपुर ।ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वयं- सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर, उन्हें कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और आजीविका के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का एक सरकारी कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और सामाजिक रूप से सशक्त करना एवं गरीबी उन्मूलन है। स्वयं- सहायता समूहों को बैंकों से ऋण दिलाने और कम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुकमा जिले में कलेक्टर के निर्देशन और जिला पंचायत के सीईओ के मार्गदर्शन में यह कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित विकासखंड कोंटा की राधा कृष्णा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती अर्पणा बोस ढोेंद्रा, निवासी कोंटा का 17 अक्टूबर 2025 को आकस्मिक निधन हो गया। इस दुःखद घटना के बाद जिला प्रशासन के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से अर्पणा बोस के बैंक खाते से जुड़ी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा दावा तैयार किया गया। आवश्यक दस्तावेजों के साथ यह प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक, शाखा कोंटा में विधिवत जमा किया गया।बैंक द्वारा सभी औपचारिकताएं समय पर पूर्ण कर बीमा दावा उच्च कार्यालय भेजा गया। इसके परिणामस्वरूप 26 दिसम्बर 2025 को मृतक सदस्य के नामिनी टिंकू बोस (पुत्र) को 2 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत कर उनके खाते में जमा की गई। इस पूरी प्रक्रिया में बिहान परियोजना की पीआरपी, एफएलसीआरपी तथा भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। समय पर मिली इस सहायता से शोकाकुल परिवार को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ।उल्लेखनीय है कि शासकीय योजनाएं, विशेषकर बिहान और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, संकट के समय जरूरतमंद परिवारों के लिए मजबूत सहारा बन रही हैं। 18-50 आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों को 2 लाख रूपए का जीवन कवर देती है, जिसमें किसी भी कारण से मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
- -गणतंत्र दिवस के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयनरायपुर। आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी में जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की अद्भुत झलक प्रदर्शित की जाएगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन किया गया है।उल्लेखनीय है कि यह डिजिटल संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में लोकार्पित किया जा चुका है।गणतंत्र दिवस समारोह हेतु झांकी के चयन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से देशभर के नागरिकों को आदिवासी समाज की अटूट देशभक्ति, अनुपम वीरता और अपने सिद्धांतों के लिए बलिदान की गौरवशाली परंपरा को देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व और उत्साह का विषय बताया।जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने बताया कि सभी राज्यों द्वारा अपनी झांकियों के प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजे गए थे। लगभग चार महीने तक चली विस्तृत और कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ की झांकी भी शामिल है। विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की विषयवस्तु, प्रस्तुति शैली और अभिनव डिज़ाइन की विशेष सराहना की।जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। झांकी में उन जनजातीय वीर नायकों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष को दर्शाया गया है, जिनके सम्मान में देश का पहला डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय जनजातीय आंदोलनों और विद्रोहों की वीरगाथाओं को रोचक, इंटरैक्टिव और प्रेरणादायक रूप में नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह चयन न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का राष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व है, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान को उचित सम्मान देने का भी सशक्त माध्यम है।"गणतंत्र दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। झांकी के माध्यम से देश के पहले डिजिटल संग्रहालय में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देशभक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। यह झांकी केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
- -सर्वाधिक समर्थन मूल्य से किसान बन रहे आत्मनिर्भर-किसान तुहंर टोकन ऐप से घर बैठे 24×7 टोकन, समय और लागत दोनों की बचतरायपुर,। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए समृद्धि का माध्यम बनता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा घोषित धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था से किसानों को सीधा और त्वरित लाभ मिल रहा है। धान उपार्जन केंद्रों में लागू डिजिटल टोकन प्रणाली ने खरीदी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पूरी तरह परेशानी मुक्त बना दिया है।अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत रामपुर धान उपार्जन केंद्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम पंचायत इंदरपुर निवासी लघु किसान श्री महेंद्र यादव ने डिजिटल व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उनके पास कुल 120 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही 60 क्विंटल धान का डिजिटल टोकन कटवाया। श्री यादव ने कहा कि अब टोकन के लिए समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च की बचत हो रही है।उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्रता से पूरी की गईं तथा समय पर बारदाना भी उपलब्ध कराया गया। तौल प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित रही और धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।कृषक महेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी किए जाने से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने मोटरसाइकिल खरीदी थी। वर्तमान में वे खेती-बाड़ी का विस्तार करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। कृषक श्री यादव ने धान खरीदी की सुचारु, पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया।
- -कवर्धा विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र को मिली बड़ी सौगातरायपुर।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 5 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ विकास को भी नई गति मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सर्वप्रथम मेन रोड से ग्राम कटगो तक 3 करोड़ 35 लाख रूपए लागत की 6.81 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से निजात मिलेगी और ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा।इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेन रोड से खिरसाली तक 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रूपए लागत के 4 किमी लंबी सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं मेन रोड से लाटा तक 1 करोड़ 02 लाख 90 हजार रूपए लागत की 2.80 किमी लंबे सड़क निर्माण कार्य का भी विधिवत भूमिपूजन किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम कटगो में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 263 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि गांवों में अधोसंरचनात्मक विकास को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा हैउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि आगामी नववर्ष के अवसर पर 01 जनवरी को भोरमदेव कॉरिडोर का भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और कवर्धा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी ग्रामवासियों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री राम किंकर वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर ।प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की मेहनत को उचित दाम मिल रहा है साथ ही शासन की किसान हितैषी नीतियां और योजनाएं उन्हें समृद्धि की ओर अग्रसर कर रही है। कोंडागांव जिले के ग्राम मसौरा की कृषक आयती बाई यादव ने धान विक्रय से प्राप्त राशि ने न केवल उनके आर्थिक बोझ को कम किया, बल्कि नई उम्मीद के साथ आगे की खेती की तैयारी में जुट गई है।आयती बाई यादव ने मसौरा उपार्जन केंद्र में अपनी 4 एकड़ भूमि की उपज 50 क्विंटल धान बेचा है, जिससे प्राप्त राशि से उन्होंने पहले से लिए गए ऋण का भुगतान कर आर्थिक रूप से राहत पाई। शेष राशि का उपयोग वे अब मक्के की खेती के लिए तैयारी में कर रही हैं। इसके साथ ही आयती बाई को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी निरंतर लाभ मिल रहा है। योजना के अंतर्गत उन्हें वर्ष में तीन किस्तों में 6,000 रुपये प्राप्त होते हैं, जिससे खेती कार्यों में छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ जरूरत के समय में परिवार के दैनिक जीवन-यापन में काफी सहूलियत मिल रही है। शासन द्वारा संचालित योजनाएं जैसे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, फसल बीमा योजना से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं और खेती को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा पा रहे हैं। शासन की किसान कल्याणकारी नीतियाँ जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और किसानों के जीवन को खुशहाल बना रही हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-कुसमी की बिनगंगा जलाशय योजना के कार्यों हेतु 25 करोड़ 41 लाख 42 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। जलाशय योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर 500 हेक्टेयर खरीफ और 230 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों की सिंचाई की जायेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा योजना के कार्यों को पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -सीमांत किसान ज्ञानेश्वर वैष्णव ने पारदर्शी व्यवस्था की सराहना कीरायपुर। प्रदेश में धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। डिजिटल टोकन प्रणाली के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया न केवल सरल और सहज हुई है, बल्कि किसानों के समय, श्रम और खर्च में भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुडेसा निवासी सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल बेहतर रही है। उनके पास कुल 45.60 क्विंटल धान था, जिसके लिए उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही पहला टोकन काटा। डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें टोकन कटवाने के लिए बार-बार उपार्जन केन्द्र जाने की जरूरत नहीं पड़ी।श्री वैष्णव ने बताया कि उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी धान विक्रय प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रों में किसानों के लिए पीने के पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे सुविधाजनक वातावरण मिला।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने धान खरीदी की वर्तमान पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस व्यवस्था से किसान संतुष्ट और खुश हैं।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमाारी की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिडे एवं राज्य के अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने केन्द्र की गतिविधियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया और आवश्यक सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्यपाल श्री डेका ने रायपुर स्थित विवेकानंद केन्द्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 10 कम्प्यूटर प्रदान करने की स्वीकृति दी। इस अवसर पर राज्य संगठक सुश्री रचना जानी, सह प्रांत संगठक सुश्री ऋतुमणि दत्त, नगर संचालक, रायपुर श्री चेतन तारवानी, नगर प्रमुख, रायपुर श्री आशीष दुबे, संपर्क प्रमुख, रायपुर श्री सिद्धार्थ जैन भी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिया तैयारियों का जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देशरायपुर।, 01 जनवरी को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाले भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल से लगभग 146 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न होगा।आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मुख्य मंच एवं बैठक व्यवस्था, जनसमुदाय के बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित आयोजन से संबंधित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ वीरेंद्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, एएसपी श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम श्री विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। भोरमदेव कॉरिडोर इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन न केवल नए साल की शुरुआत को खास बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। यह परियोजना राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग को बैरन बाजार क्षेत्र की सफाई से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही द्वारा संबंधित क्षेत्र के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। निर्देश के परिपालन में संबंधित जोन के जोन स्वास्थ्य अधिकारी एवं सफाई टीम द्वारा त्वरित रूप से मौके पर पहुंचकर सड़क पर फैले कचरे का उठाव कराया गया तथा क्षेत्र में समुचित सफाई कार्य संपादित कराया गया। सफाई कार्यवाही उपरांत उक्त क्षेत्र की स्थिति सामान्य एवं स्वच्छ पाई गई है। नगर पालिक निगम द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित निगरानी एवं सतत सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश संबंधित जोन को दिए गए हैं।
- 0निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने मोती महल होटल संचालक को शीघ्र होटल के आउटलेट में मिनी एसटीपी निर्माण करवाने पुनः नोटिस देकर दिया स्मरण पत्ररायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर नगर निगम जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत शास्त्री बाजार मुख्य मार्ग में कचरा डालने, आउटलेट में गन्दगी और खाद्य सामग्रियों को नाली में फेंकने की जनशिकायत नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में किये गए औचक निरीक्षण के दौरान स्थल पर सही मिलने पर सम्बंधित मोती महल होटल के संचालक पर तत्काल नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर स्थल पर 10 हजार रूपये का ई जुर्माना किया गया और सम्बंधित होटल मोती महल के संचालक को होटल के आउटलेट में मिनी एसटीपी का निर्माण शीघ्र करवाने पुनः नोटिस देकर स्मरण पत्र दिया गया. अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी सम्बंधित होटल मोती महल के संचालक को दी गयी है.
- - हाथी-मानव द्वंद रोकने में मददगार 6 वनकर्मी हुए सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने निज निवास बगिया में गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव-हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का विस्तार से समावेश किया गया है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी-मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक श्री दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयना-स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए।मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री श्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
-बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को करेगा जागरूकरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के रोकथाम में सहभागी बनें।इस अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकें। सूचना प्राप्त होते ही बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया और आज राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे है। प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनरों का अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा के कारण ही प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री रविवार को पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के वक्त जिन शासकीय सेवकों ने कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वे आज भले ही सेवानिवृत हो चुके है लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन नए अधिकारियों के लिए हमेशा काम आएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस श्री महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित किताब करमडार एवं अन्य कथनी तथा महुवा के फूल का विमोचन किया। उन्होंने पेंशनर संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पेंशनर संघ सम्मलेन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
- -166 करोड़ रूपए के कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन-पीएम आवास के 950 हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी भेंट की-सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये की घोषणा-पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज, देश और दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है, जो सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री रविवार को बेमेतरा जिले में आयोजित गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 165 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत वाले 44 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित लगभग 950 पूर्ण आवासों का गृह प्रवेश के लिए हितग्राहियों को घर की चाबी भेंट की। उन्होंने बेमेतरा जिले में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये, नवागढ़ की 10 ग्राम पंचायतों को सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाएं गए नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नवागढ़ के जैतखाम में विधिवत श्वेत ध्वज चढ़ाया और वहां 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सतनाम मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन भी किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त जाति-पाति, ऊँच-नीच, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का कार्य किया। उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाते हुए मानवता को एक सूत्र में बाँधने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके संदेशों के अनुरूप जनता के हित में अनेक क्रांतिकारी और जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान खरीदी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना तथा आवासहीन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और समर्पण के प्रतीक थे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गिरौदपुरी में निर्मित दुनिया का सबसे ऊँचा जैतखाम आज वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक बाबा के जीवन दर्शन के लिए आते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी में उन्होंने लाभार्थी हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री दीपेश साहू, ईश्वर साहू, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले सहित अनेक जन प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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बीजापुर . जिले में सुरक्षा की कमी को दूर करने और विकास कार्यों को सुगम बनाने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक स्थान पर पुलिस शिविर स्थापित किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि फरसेगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत डोडीमार्का गांव में शुक्रवार को 'सुरक्षा एवं जन सुविधा शिविर' की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि यह शिविर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की सातवीं बटालियन के लिए एक 'फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस' (एफओबी) के रूप में कार्य करेगा। अधिकारी ने बताया कि दुर्गम भूभाग, भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण ठंड के बावजूद, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), सीएएफ और जिला पुलिस की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ गहन अभियानों के तहत शिविर स्थापित करने में अनुकरणीय साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह शिविर छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर माओवादियों की अंतरराज्यीय आवाजाही और गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। अधिकारी ने बताया कि इससे भोपालपटनम (बीजापुर) को फरसेगढ़ और सेंद्रा होते हुए गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में भी सुविधा होगी और इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से बीजापुर जिले में कुल 29 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं, जबकि निरंतर नक्सल विरोधी अभियानों के परिणामस्वरूप 923 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 221 मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 1,100 को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों की स्थापना का उद्देश्य राज्य सरकार की "नियद नेल्ला नार" योजना के तहत ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ये शिविर सुनिश्चित करते हैं कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पीने का पानी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़कें और पुल उपलब्ध हों।
- -साहित्यकारों से साहित्य उत्सवों की प्रासंगिकता पर भी संवाद-रायपुर में साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तकनई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के रचना-कर्म और साहित्यिक अवदान को याद किया गया। इस अवसर पर साहित्य उत्सवों की प्रासंगिकता पर भी गहन संवाद स्थापित किया गया।रायपुर में 23- 25 जनवरी को आयोजित होने वाले साहित्य उत्सव 2026 के परिप्रेक्ष्य में राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर साहित्य उत्सव की वैचारिक दिशा को विस्तार देने के साथ साथ साहित्य से जुड़े ज्वलंत प्रश्नों पर सार्थक चर्चा की।कार्यक्रम में डॉ सच्चिदानंद जोशी ने विनोद कुमार शुक्ल से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा कि इतने बड़े साहित्यिक व्यक्तित्व से मिलने की अपेक्षा कुछ और थी, लेकिन जब वे उनसे मिले तो अत्यंत आश्चर्य हुआ कि वे कितने सरल और सहज हैं।उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत आत्मीयता से भरी होती थी, जिसमें कहीं भी कोई अतिरेक नहीं होता। बिना लाग-लपेट के वे सीधे और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात कहते यही उनकी व्यक्तित्व और लेखन की सबसे बड़ी विशेषता थी।छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने विनोद कुमार शुक्ल को याद करते हुए कहा कि युवा उनसे गहराई से आकर्षित रहते थे और उनके यहाँ हमेशा युवाओं की भीड़ लगी रहती थी।श्री शर्मा ने कहा कि अपनी एक मुलाकात के दौरान उन्होंने उनसे पूछा कि आपने युवावस्था में अत्यंत गंभीर लेखन किया और अब बाल साहित्य की ओर क्यों आए। इस पर विनोद कुमार शुक्ल ने उत्तर दिया कि उन्हें लगता है वे बहुत गंभीर लेखन कर चुके हैं, लेकिन नई पीढ़ी के साथ शायद न्याय नहीं कर पाए। अब उन्हें लगता है कि नई पीढ़ी के साथ न्याय करने का अवसर उन्हें बाल साहित्य के माध्यम से मिला है।साहित्यकार अलका जोशी ने विनोद कुमार शुक्ल के रचना-कर्म पर बात करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि वे मामूली और साधारण स्थितियों में भी सौंदर्य खोज लेते थे।उन्होंने कहा कि नौकर की कमीज में विनोद कुमार शुक्ल ने अत्यंत सहजता के साथ सत्ता के प्रति रोष को व्यक्त किया है, बिना किसी आडंबर के। उनकी रचनाओं में वह अदृश्य व्यक्ति दिखाई देता है, जो अपने गुम हो जाने से बचने की कोशिश करता है।अलका जोशी ने कहा कि चाहे नौकर की कमीज हो या एक दीवार में खिड़की रहती है, उनकी रचनाओं में ऐसे दृश्य आते हैं जहाँ पात्र अपनी सीमित परिस्थितियों के भीतर भी हाथी पर सवारी करने जैसा सपना देखता है। उनकी लेखन-खूबसूरती यह थी कि रचनाओं में दृश्य और परिस्थितियाँ इतनी जीवंत होती थीं कि पाठक धीरे-धीरे उनसे जुड़ता चला जाता था। पाठक की यह इन्वॉल्वमेंट ही उनकी रचनात्मक सफलता का मूल आधार रही।इसके पहले के सत्र में साहित्य उत्सवों में कितना साहित्य विषय पर अपनी बात रखते हुए लेखकअनंत विजय ने कहा कि साहित्य में गहराई अनिवार्य है। गहराई होगी तभी साहित्य को उसके पाठक मिलेंगे और वही साहित्य समय के साथ अपनी स्थायी छाप छोड़ पाएगा।उन्होंने साहित्य उत्सवों की संरचना पर जोर देते हुए कहा कि सत्रों की संरचना में ठोस कंटेंट होना चाहिए, तभी श्रोता और पाठक उनसे जुड़ पाएंगे।अनंत विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि रायपुर साहित्य उत्सव पूरी तरह व्यावसायिकता से दूर रहेगा। यदि किसी सत्र में फिल्म जगत से कोई व्यक्ति आमंत्रित किया जाता है, तो उसके साथ मंच पर एक साहित्यकार की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि साहित्य केंद्र में बना रहे।उन्होंने कहा कि सेल्फी संस्कृति साहित्य की दुश्मन है। कई बार साहित्य उत्सवों में फिल्मी हस्तियों को केवल इसलिए बुलाया जाता है ताकि लोग उनके साथ सेल्फी लेने आएं, जबकि इससे साहित्य का मूल उद्देश्य पीछे छूट जाता है।वहीं, साहित्यकार अनिल जोशी ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी एक बार फिर किताबों और साहित्य से जुड़ रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि साहित्य उत्सवों की उपयोगिता अत्यधिक हो सकती है, बशर्ते उनके उद्देश्य स्पष्ट हों।अनिल जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी साहित्य सम्मेलन की शुरुआत से पहले उसकी प्रासंगिकता पर गंभीर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही आयोजन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि साहित्य केंद्र में रहे और आवश्यक सावधानियों व मूल्यों का पालन हो, ताकि ऐसे उत्सव वास्तव में साहित्य-संवाद को समृद्ध कर सकें।विनोद कुमार शुक्ल पर बोलते हुए अनिल जोशी ने कहा उनकी लेखनी एब्स्ट्रैक्ट पेंटिंग की तरह है, जिसे समझने के लिए पाठक को ठहरकर देखना और महसूस करना पड़ता है।कार्यक्रम में नई शैली के लेखन पर टिप्पणी करते हुए पूर्व संपादक एवं लेखक प्रताप सोमवंशी ने कहा कि समय के साथ लेखन के स्वरूप में बदलाव आया है और आज नई शैली में साहित्य रचा जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही पारंपरिक शैली में लेखन भी निरंतर हो रहा है, जिसे पाठक आज भी पसंद कर रहे हैं और वह समान रूप से पढ़ा जा रहा है।इस अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव समिति के सदस्य एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, रायपुर साहित्य उत्सव समिति के सदस्य संजीव सिन्हा सहित देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार और विचारक शामिल हुए।


























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