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- - विधानसभा प्रश्नों का जवाब समय पर भेजे अधिकारी- धान खरीदी के अंतिम दिन नोडल अधिकारी उपार्जन केंद्रों का भ्रमण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें- प्रकरण लंबित रहने पर कलेक्टर ने लगाई अधिकारियों को फटकारदुर्ग /कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन कार्य, राशन कार्ड नवनीकरण, धान खरीदी, राजस्व प्रकरणों के निराकरण की अद्यतन स्थिति, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, जनचौपाल और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही प्रकरण लंबित रहने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। कलेक्टर ने निर्वाचन कार्य अंर्तगत एएसडी की समीक्षा करते हुए संबंधित ईआरओ/एईआरओ को नगरीय निकाय/ग्राम पंचायतों से मतदाता की मृत्यु के संबंध में मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच कराने के पश्चात् वास्तविक होने पर ही सूची से नाम हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं संबंधी कार्यों में भी प्रगति लाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर सुश्री चौधरी ने फोटो सामान प्रविष्टियां और जनसांख्यिकी प्रविष्टियां के तहसीलवार कार्यों पर संतोष व्यक्त की। उन्होंने लोकसभा निर्वाचन हेतु नियुक्त सेक्टर अधिकारियों को मतदान केन्द्रों के भ्रमण पश्चात् वल्नरेबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा। वहीं संबंधित पुलिस अधिकारी के साथ क्रिटिकल केन्द्रों का भी जानकारी उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि सभी सेक्टरों के मतदान केन्द्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। मतदान केन्द्रों के बाहर केन्द्र का नाम एवं क्रमांक उल्लेखित करवायी जाए। कलेक्टर ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन ड्यूटी हेतु अधिकारी-कर्मचारियों के डाटाबेस तैयार किया जाना है। विगत विधानसभा में तैयार डाटाबेस से स्थानांतरित कर्मचारियों की एन्ट्री हटाये जाने तथा अन्य प्रविष्टियां संबंधी डाटाबेस तैयार कर निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख की होगी।विधानसभा प्रश्नों का जवाब समय पर भेजे अधिकारीकलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कतिपय विभागों द्वारा विधानसभा के प्रश्नों का जवाब अभी तक नहीं भेजे जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को समय पर विधानसभा के प्रश्नों का जवाब भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं।धान खरीदी की समीक्षाजिले के 102 धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जा रही है। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 5,75,605 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसमें 4,38,276 मेट्रिक टन का उठाव उपार्जन केन्द्रों से हो चुका है। जिले के 1,10,762 पंजीकृत किसानों में से 1,04,555 किसान धान बेच चुके हैं। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव की स्थिति में सुधार लाने डी.एम.ओ. को निर्देशित किया है। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों के मॉनिटरिंग हेतु नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को धान खरीदी के अंतिम तिथि को संबंधित उपार्जन केन्द्रों का भ्रमण कर धान उठाव हेतु कटे डी.ओ. की जानकारी एवं खरीदी व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन केन्द्रों में अंतिम तिथि में धान की अफरा-तफरी ना हो सके। राशन नवीनीकरण के संबंध में अवगत कराया गया कि इस हेतु 98 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। साथ ही निर्धारित अवधि तक राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य पूर्ण कर लिये जाएंगे। कलेक्टर ने सभी एस.डी.एम. को राशन कार्ड नवीनीकरण कार्य में लोगों को परेशानियां ना हो, इस पर विशेष ध्यान रखने कहा है।आधार प्रविष्टियों के लिए हल्का पटवारियों को सौपे जिम्मेदारीकलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने राजस्व प्रकरण, अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, वृक्ष कटाई, व्यवपर्तन एवं सीमांकन प्रकरणों की तहसीलवार अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रकरण लंबित होने पर बोरी, अहिवारा, दुर्ग एवं धमधा के अधिकारियों को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष कटाई तथा निजी खातेदार/सह खातेदार आधार प्रविष्टियां हेतु हल्का पटवारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारी सौंपी जाए और कार्यों में प्रगति लाए।31 दिसम्बर 2023 तक के सभी लंबित प्रकरण निराकृत करेंकलेक्टर ने विभागवार समय-सीमा प्रकरण, पी.जी.एन. एवं जनचौपाल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि 31 दिसम्बर 2023 तक के सभी लंबित प्रकरण का निराकरण करना सुनिश्चित करें अधिकारी। उन्होंने प्रकरणों के लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कामधेनु विश्वविद्यालय, टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग, बीएसएनल, राष्ट्रीय राजमार्ग के वरिष्ठ अधिकारियोें को लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु प्राप्त पत्र प्रेषित करने नोडल अधिकारी शिकायत शाखा को निर्देशित किया। समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री अन्य पत्र से संबंधित 4063 आवेदन, कलेक्टर जनचौपाल से संबंधित 5408 आवेदन तथा पी.जी.एन. से संबंधित 6088 आवेदन का निराकरण किया गया है।बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेन्द्र धु्रव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्री आशीष देवांगन, अपर कलेक्टर श्री गोकुल रावटे, श्रीमती योगिता देवांगन एवं श्री बी.के. दुबे सहित सभी एस.डी.एम., सभी जनपद सी.ई.ओ. एवं जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -हेलमेट न पहनने पर होगी कड़ी कार्रवाईदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों पर हुई दुर्घटनाओं की रोड, थाना तथा सड़कवार रिर्पाेट्स की गहन समीक्षा की तथा चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। इसमें विशेष रूप से सड़कों से अवैध कब्जे हटाना, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, रोड मार्किंग व गति नियंत्रक बोर्ड लगाना आदि शामिल है। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यातायात जागरूकता बढ़ाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही ध्वनि प्रदुषण पर नियंत्रण हेतु प्रेशर हॉर्न व मोडिफाई साइलेंसर्स पर प्रवर्तन कार्यवाही करने तथा इसकी ब्रिकी पर नियंत्रण हेतु मैकेनिक्स एवं ऑटोपाटर््स विक्रेताओं पर भी सक्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी प्रकार सेंट्रल एवेन्यु रोड व राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्ग-रायपुर में 1 तारीख से दोपहिया वाहनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा 2024 हेतु चिंहाकित ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी ली। जिस पर डी.एस.पी. ट्रैफिक श्री सतीश ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2021, 22 एवं 23 में घटित मृत्युजन्य/संघातिक सड़क दुर्घटनाओं के आधार पर सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ब्लैक स्पॉट के लिए परिभाषित मानक अनुसार सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्युदर में कमी लाये जाने हेतु 8 दुर्घटनाजन्य सड़क खण्डों को वर्ष 2024 हेतु ब्लैक स्पॉट्स चिन्हांकित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उपरोक्त सभी सड़कों पर सुधारात्मक कार्य हेतु सड़कों का भौतिक सत्यापन एवं दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की गई है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में चिन्हांकित जिले की 6 ब्लैक स्पॉट्स वाली सड़कों पर सुधारात्मक कार्य किए जाने के उपरांत मृत्युजन्य/संघातिक सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने से सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ब्लैक स्पॉट्स के लिए परिभाषित मानक अनुसार वर्ष 2024 हेतु ब्लैक स्पॉट्स की श्रेणी में नहीं आने के कारण सूची से हटाया गया है।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले के संभावित दुर्घटना क्षेत्रों को चिन्हांकित कर सड़क सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्गों को सहायक सड़कों से जोड़ने वाले पॉइंट पर गति अवरोधक रम्बल्ड स्ट्रिप बनाने को कहा। इस हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चिन्हांकित स्थानों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने दुर्घटनाजन्य वाले स्थानों पर गति नियंत्रण के लिए जिगजैग, आवश्यक स्थानों पर साईन बोर्ड लगाने, रात्रि में अंधेरे की वजह से हो रही दुर्घटनाओं वाले स्थानों में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित कराने पर जोर दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने लोक निर्माण विभाग सेतू संभाग अंतर्गत नेहरू नगर, शिवनाथ नदी, नेवई ओवर ब्रिज में डिवाईडर का निर्माण कराए जाने, समुचित प्रकाश व्यवस्था, जेल तिराहा से पुलगांव चौक तक रोड चौड़ीकरण एवं डिवाईडर का निर्माण कराये जाने, राजेन्द्र पार्क चौक एवं पटेल चौक पर फ्री लेफ्ट निर्माण करने, धमधा रोड चौड़ीकरण एवं चिखली से धमधा तक पड़ने वाले तीन पुलिया सक्रिय होने का बोर्ड, रिफ्लेक्टर एवं सड़क किनारे पड़ने वाले पेड़ों की छटाई करने का सुझाव दिया। बैठक में ए.डी.एम. श्री अरविन्द एक्का, आयुक्त नगर निगम भिलाई श्री देवेश ध्रुव, एस़डीएम पाटन श्री दीपक निकंुज, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, डीएसपी यातायात श्री सतीश ठाकुर, आरटीओ श्री शैलाभ साहू सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों हेतु नवचयनित 56 सहायक प्राध्यापकों एवं 18 विषय वस्तु विशेषज्ञों के लिए आज से 10 दिवसीय प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एस.के. चौधरी ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा, लगन एवं समर्पण के साथ अपनी कर्तव्यों का पालन करें। दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय स्वयं के साथ प्रतिस्पर्धा करें तथा प्रतिदिन अपने आप को बेहतर बनायें। उन्होंने कहा कि हमारे पौराणिक आख्यानों में व्यक्त सूत्र वाक्य ‘‘अप्प दीपो भवः’’ को अपने जीवन में चरितार्थ करते हुए स्वयं दीप की भांति प्रकाशित हों तथा अपने विद्यार्थियों के जीवन को भी आलोकित करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों से आव्हान किया कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने हेतु अपना श्रेष्ठतम योगदान दें।
स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में संचालित इस 10 दिवसीय प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नवचयनित प्रशिक्षुओं को शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उनकी सेवा संबंधी नियमों, आचरण संहिता, कार्य व्यवहार आदि से संबंधित विभिन्न विषयों के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण देश के जाने-माने प्रशिक्षकों - डॉ. के. हनुमंत राव, डॉ. वी.के.जे. राव, डॉ. एम.एम. अनवर आदि द्वारा दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षां तथा प्राध्यापकों द्वारा भी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कार्यक्रम निदेशक डॉ. हुलास पाठक, डॉ. जी.के. दास. तथा डॉ. एस.बी. वेरूलकर हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रामामोहन सावू तथा डॉ. नितीश तिवारी हैं। प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ. अजय वर्मा, स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय पाण्डेय उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बैनर्जी ने किया। - -वाणिज्य, श्रम और उद्योग मंत्री ने किया सब स्टेशन का उद्घाटन-1.76 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सब स्टेशन का हुआ लाइटअपरायपुर /प्रदेश के वाणिज्य, श्रम और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा जिले के खरमोरा में नवनिर्मित 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सब स्टेशन के शुरु हो जाने से कई वार्डों की बिजली की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। विशेष तौर पर दादरखुर्द, खरमोरा समेत अन्य वार्डाे में निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति हो पाएगी और लोगों को लो वोल्टेज को समस्या से छुटकारा मिलेगा।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सब स्टेशन से गर्मी के दिनों में लो वोल्टेज और कटौती से राहत मिलेगी। शहर के कई जगहों पर नवीन उपकेंद्र निर्माणाधीन है। हमारा प्रयास है कि सभी का निर्माण जल्द पूरा हो सके ताकि पूरे शहर में बिजली की समस्या से निदान मिल सके। इस सब स्टेशन से आसपास के 4 वार्डाे के 5 हज़ार उपभोक्तओ को इसका लाभ मिलेगा। वार्ड वासियों की मांग पर मंत्री श्री देवांगन ने वितरण विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया कि जिन भी वार्डों में अधिक बिजली बिल की शिकायत है, वहां जल्द शिविर लगाकर शिकायतों का निराकरण करें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के अधिकारी एवं आम नागरिक उपस्थित थे।
- बिलासपुर/केन्द्र सरकार द्वारा संचालित पीएमश्री विद्यालयों में योग शिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की अंशकालीन नियुक्ति के लिए 9 फरवरी तक आवेदन मंगाये गये हैं। इच्छुक आवेदक को जिला पंचायत के दूसरे तल में संचालित जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा में उक्त तिथि तक आवेदन करना होगा। आवेदन केवल डाक, स्पीड पोस्ट अथवा कोरियर के जरिए स्वीकार किये जायेगे। आवेदन प्रत्यक्ष रूप से स्वीकार नहीं किये जाएंगे। मिशन समन्वयक ने बताया कि इन पदों के लिए न्यूनतम शिक्षा डिग्री अथवा शारीरिक शिक्षा संबंधित क्षेत्र में स्नातक डिग्री अनिवार्य की गई है। गौरतलब है कि जिले में केन्द्र सरकार की पीएमश्री योजना के अंतर्गत 8 विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं।
- बिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों की छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। फिलहाल एक आवेदक ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया है।डीईओ ने बताया कि बिल्हा विकाखण्ड के छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला में प्रयोगशाला परिचायक के पद पर कार्यरत स्व. श्री रामप्रताप यादव के परिवार से उनके पुत्र श्री श्याम यादव ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है।आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित परिवारों में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे 7 दिवस के भीतर पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कक्ष क्र. 25, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक के जरिए जानकारी दे सकते हैं ताकि नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिया जा सके।
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*कलेक्टर ने की शिविर के तैयारी की समीक्षा की*
*समस्याओं के सार्थक निराकरण करने दिए निर्देश*
*जिला पंचायत सीईओ नोडल अधिकारी नियुक्त*
बिलासपुर/जिले में 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजस्व पखवाड़ा मनाया जायेगा। इस दौरान हर ग्राम पंचायत में राजस्व शिविर लगेंगे। शिविरों में राजस्व संबंधी कामों के अलावा विकसित भारत योजना में शामिल योजनाओं के लाभ पाने से छूटे हुए लोगों के आवेदन भी लिए जाएंगे। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अधिकारियों की बैठक लेकर आज इसकी तैयारी की समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ श्री अजय अग्रवाल को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार, एडीम श्री आरए कुरूवंशी, श्री शिवकुमार बनजी सहित सभी राजस्व अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
पखवाड़े के दौरान अवकाश के दिन भी शिविर लगेगी। ग्राम पंचायत भवन अथवा अन्य कोई सुविधाजनक स्थल पर शिविर लगाया जायेगा। मुनादी के जरिए शिविर के तिथि और होने वाले कामों की जानकारी ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गये है। प्रत्येक राजस्व अनुविभाग में 5 से 6 शिविर हर रोज लगाए जाएंगे। तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार में से कोई एक अधिकारी हर शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। कलेक्टर श्री शरण ने लोगों को इन शिविरों में पहुंचकर अपने छूटे हुए सरकारी काम करवा लेने की अपील की है।*शिविरों में ये काम होंगे*
इन शिविरों में बी-1 पठन, अविवादित नामांतरण, अविवादित बटवारा, अभिलेख अपडेट, त्रुटि सुधार संबंधी अभिलेख सुधार, नक्शा बटांकन, सीमांकन, डायवर्सन, वृक्ष कटाई की अनुमति, जाति, निवास एवं आय प्रमाण सहित अन्य कामों के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इसके साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाएं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, वन अधिकार मान्यता पत्र, नोनी सुरक्षा किसान क्रेडिट कार्ड आदि के लिए आवेदन की कार्यवाही की जायेगी।*इन पंचायतों में 1 फरवरी को लगेगा शिविर*
राजस्व पखवाड़े के अंतर्गत 1 फरवरी को 27 शिविर लगाये जायेंगे। इनमें बिलासपुर तहसील के अंतर्गत मोपका, सिरगिट्टी एवं तोरवा, बेलतरा तहसील में लिम्हा, बिल्हा तहसील के अंतर्गत निपनिया, अमेरीकापा, मुरकुटा, बोदरी तहसील में बोदरी, चकरभांठा, मस्तुरी तहसील के अंतर्गत गतौरा, भनेसर, सीपत में मचखंडा, नरगौड़ा, पचपेड़ी तहसील में ओखर एवं गिरपुरी, कोटा में सेमरिया, तेदुवा, बेलगहना में आमागोहन एवं केन्दा, रतनपुर तहसील में पुडू एवं तेन्दूभांठा, तखतपुर के अंतर्गत पाली, कंचनपुर, सोनबंधा तथा सकरी तहसील के अंतर्गत सकरी, अमेरी एवं बेलमुण्डी में शिविर आयोजित किया गया है। - -शहीद दिवस पर अमर सेनानियों को दी श्रद्धांजलिरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ राज्य अतिथि गृह पहुना में राष्ट्रपिता स्वर्गीय महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस अवसर पर तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी सहित देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर डटे रहकर किस तरह बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी विश्व के लिए न सिर्फ उपयोगी हैं, बल्कि उनके विचारों और दर्शन में अनेक समस्याओं का समाधान भी छिपा है। उन्हीं की प्रेरणा से नए और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। हम सभी गांधी जी के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का प्रण लें और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। यही गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- -समस्याओें के त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज अपने शंकर नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में आम जनों से मुलाकात की और लोगों की समस्याएं सुनी। वित्त मंत्री से मिलने के लिए राज्य भर के विभिन्न संगठनों के अलावा ग्रामीण, छात्र तथा आमजन पहुंचे थे। वित्त मंत्री ने सभी को समय देते हुए उनकी बातों को ध्यान पूर्वक सुना और उनके आवेदनों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कहते हुए आवश्यक आवेदनों के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। श्री ओपी चौधरी ने आम लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि वो आम लोगों की सेवा करने के लिए सदैव उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार आम लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उनकी सेवा में हमेशा उपस्थित है।
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-कविता संग्रह 'अंतरंगा तरंगालु' विमोचित- दो नाटिकाओं और एकांकी का जीवंत मंचन- चित्रा ने शास्त्रीय नृत्य पेश कर दिल जीताटी सहदेवभिलाई नगर। एसएनजी विद्याभवन में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय तेलुगु नाट्योत्सव के दूसरे दिन दो नाटिकाओं और एकपात्र अभिनय को कलाकारों ने जीवंत किया। दोनों नाटकों में आंध्रप्रदेश के फनकार, जबकि एकांकी में स्थानीय कलाकार ने अपनी भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। यह उत्सव दो सांस्कृतिक संस्थाओं कलांजलि और पीएमकेएम के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।कविता संग्रह 'अंतरंगा तरंगालु' विमोचितइस दौरान प्रख्यात लेखिका टी सुब्बालक्ष्मी के कविता संग्रह 'अंतरंगा तरंगालु' का विमोचन भी किया गया। उन्हें इस मौके पर सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल देकर सम्मानित किया गया। वहीं कलांजलि के संस्थापक एम माधव का भी सम्मान किया गया, अपने सम्मान से अभिभूत माधव ने मंच को जैसे ही चूमा, वैसे ही वहां पर मौजूद लोगों की आंखें भर गईं। इस उत्सव का मंगलवार को अंतिम दिन है। उत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश, बालाजी और नटराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।दो नाटिकाओं और एकांकी का जीवंत मंचननाट्योत्सव के दूसरे दिन ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति के बीच एल मुत्यालु राव के निर्देशन में श्री शिर्डी कल्चर क्रिएशन्स द्वारा पेश नाटिका 'मलिसंध्या' (गोधूलि बेला) के हास्य दृश्यों तथा पति-पत्नी के बीच की नोकझोंक का दर्शकों ने लुत्फ उठाया। वहीं एक और नाटिका पी वेंकट बाबू के निर्देशन में प्रस्तुत 'चौकीदार' में सत्तालोलुप राजनेता की कुटिलता और उसके अंत को दिखाया गया। जिसे एसवी रंगाराव कला श्रवंती एंड वेंकटेश्वरा नाट्य मंडली ने शानदार ढंग से प्रस्तुत किया। इसी कड़ी में एम माधव ने एकपात्र अभिनय करके 'कर्ण' की भूमिका अभिनीत की, जिसमें महाभारत की अहम पात्र कुंती जब महारथी कर्ण को बताती हैं कि वे उनके ज्येष्ठ पुत्र हैं। यह ज्ञात होने पर कर्ण के अंतर्मन में जो द्वंद्व चलता है, उसे बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश किया गया।चित्रा ने शास्त्रीय नृत्य पेश कर दिल जीताएक निश्चित अंतराल में कलांजलि ऑर्केस्ट्रा के गायक-गायिकाओं ने संगीतमय प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर भिलाई की तिरुमला महिला मंडली के कलाकारों के शारदा, एस ललिता, पी अनिता, आशा और सृजना ने जहां फिल्मी गानों की धुन पर समूह नृत्य पेश किया, वहीं पी चित्रा ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर ऑडिटोरियम में बैठे हर दर्शक का दिल जीत लिया। इससे पहले गायक बी वेंकट रमन ने सुंदरकांड के द्वितीय भाग का पाठ किया। - रायपुर / राजस्व एवं खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने स्वदेशी मेला के आयोजन की तारीफ करते हुए कहा कि यह मेला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को साकार करने जैसा है। उन्होंने स्वदेशी मेले में राज्य सरकार की विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों तथा स्वदेशी उत्पाद के की बिक्री के लिए स्टालों का अवलोकन किया।गौरतलब है कि स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा राजधानी रायपुर के विज्ञान महाविद्यालय मैदान में 25 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों का विक्रय भी किया जा रहा है। मेला स्थल में प्रतिदिन विभिन्न संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं। हजारों की संख्या में लोग परिवार के साथ प्रतिदिन यहां पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों की खरीदी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।
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रायपुर। प्रशासन द्वारा सोसायटियों को शेष बचे 3 दिनों के भीतर हर हाल में किसानों के शेष बचे धान को खरीदने की जद्दोजहद के बीच खरीदी केंद्रों में अफरातफरी का मौहौल देखा जा रहा है, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सोमवार को दोपहर को गोढ़ी सोसायटी के धान उपार्जन केन्द्र गोढ़ी में भी किसानों व खरीदी केंद्र के कर्मियों के बीच तनातनी हो गई। खबर मिलने पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित पुुलिस अमला भी मौके पर पहुंच गया । किसानों व कर्मियों से चर्चा कर जनप्रतिनिधियों ने खरीदी अवधि बढ़ाने शासन को ज्ञापन सौंपने का भरोसा दिलाते हुए विश्वास व्यक्त किया कि शासन व्यापक किसान हित में अविलंब धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की घोषणा करेगा।किसानों व कर्मियों के बीच तनातनी होने की खबर मिलते ही भाजपा जिला किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष कुलेश्वर बैस , क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य माखन कुर्रे , क्षेत्रीय जनपद सदस्य पवन धीवर , किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा व सिवनी के जागरूक युवा युवराज वर्मा आदि मौके पर पहुंच गये । समिति प्रबंधक बद्री प्रसाद तिवारी ने जानकारी दी कि केंद्र की बफर लिमिट 10 हजार 320 क्विंटल के मुकाबले 18 हजार 93 क्विंटल धान जाम है और परिवहन न होने की वजह से केन्द्र में धान रखने जगह नहीं है। चबूतरे भरे पड़े हैं और जमीन पर धान रखने की मनाही है। इसके बावजूद किसानों के दबाव में मजबूरन धान खरीदी कर जमीन में रखना पड़ रहा है और अब खरीदी ठप्प होने के कगार पर है । धान खरीदी की शुरूआती लिमिट 1936 क्विंटल को बढ़ाकर 4700 क्विंटल कर दिये जाने व हमाल नहीं मिलने की वजह से भराई , सिलाई व स्टेकिंग की भी समस्या आने की जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए 3 दिनों के भीतर किसानों के शेष बचे धान करीबन 14 हजार क्विंटल को खरीद पाना संभव नहीं है और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गयी है । इधर किसानों ने धान खरीदी अवधि न बढऩे पर धान न बिक पाने की चिंता को लेकर आक्रोश व्यक्त किया है। श्री बैस सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने शासन से अविलंब खरीदी तिथि बढ़ाने की घोषणा का आग्रह किया गया है ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से हो सके । -
रायपुर:।- श्री परसराम साहू से.नि. उप महाप्रबंधक भारत संचार निगम लिमिटेड (बी.एस.एन.एल.) द्वारा पद्यानुवाद की पुस्तक ’’श्री सीता चरितम’’ पुस्तक का विमोचन 29 जनवरी सोमावार को वृंदावन हॉल सिविल लाईन रायपुर में दुधाधारी मठ के महंत श्री राजे डॉ. रामसुन्दर दास के मुख्य आतिथ्य, श्री विजय कुमार छबलानी (आई.टी.एस.) मुख्य महाप्रबंधक, बी.एस.एन.एल छ.ग., मेजर डॉ श्री जी.के. श्रीवास्तव, प्राफेसर एवं डीन इंदिरा गांधी कृषी महाविद्यालय के विशिष्ट आतिथ्य में एवं डॉ. श्री राजेश दुबे, प्राचार्य शहीद राजीव पाण्डेय शास. महाविद्यालय रायपुर की अध्यक्षता में किया गया।श्री परसराम साहू ने बताया कि अमेरिकन महिला डेना मरियम जो स्वमी योगानन्द की शिष्या है वर्ष 2015-16 में सांस्कृतिक यात्रा में भारत की धार्मिक नगरी अयोध्या आई और वहां से हरिद्वार के ऋषिकेश पहुची। ऋषिकेश में पवित्र गंगा नदी के तट पर ध्यान में बैठी तब उन्हे प्रभु श्रीराम और सीता के दर्शन हुए एवं ध्यान के दौरान माता सीता से उनका सीधा संवाद हुआ। मां सीता से हुए सीधे संवाद केा उन्होने आत्मसात किया और इस आध्यात्मिक अलौकिक अनुभूति कोे उन्होने अंग्रेजी भाषा में ’’द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सीता’’ पुस्तक में लिखा, जिसे बाद में दिल्ली की श्रीमती कविता गुप्ता ने हिन्दी भाषा में रुपांतरित कर ’’सीतायन’’ नाम से प्रकाशन करवाया। वर्ष 2021 में जब श्री साहू कोरोना महामारी के शिकार हुए एवं 14 दिन के क्वारांईटाईन अवधि में थे तब ब्रम्हर्षि पितामह सुभाष पत्री जी के संस्था पिरामिड स्प्रिच्युअल सोसायटी मूवमेन्ट से ऑनलाईन माध्यम से जुड़े एवं एक दिन संस्था के सांयकालीन ध्यान सत्र में ’’सीतायन’’ पुस्तक पर चर्चा चल रही थी तब ईश्वरीय चेतना से प्रेरित होकर ’’सीतायन’’ के पद्यानुवाद का विचार श्री साहू के मन में आया और उन्होने सीतायन का पद्यानुवाद ’’श्री सीता चरितम’’ पुस्तक में किया। इस पुस्तक में माता सीता जो जगत जननी है नारायणी है के धरती से प्रकट होने व उसके पश्चात मिथिला नरेश महराज जनक व माता सुनयना के लालन पोषण में बड़े होने, बाल्यावस्था के दौरान अपने पिता के साथ राजदरबार में जाने, मिथिला के समीप निवासरत ऋषि मुनियों के समूहों के समीप जाने, धर्म चर्चा करने, ध्यान लगाने, उनकी सेवा करने, और प्रभु राम से विवाह व विवाह उपरांत जो संस्कार व शिक्षा मिथिला नगरी में अपने पिता व माता से प्राप्त की उसका पालन अयोध्या में राजा दशरथ के यहां करना व व उस संस्कार एवं शिक्षा को अयोध्या में भी फैलाना, प्रभु श्रीराम के साथ वनगमन, रावण द्वारा सीता हरण, वन में राम-हनुमान मिलन व हनुमान जी का लंका प्रवेश, अशोक वाटिका में हनुमान की रक्षा करना, राम रावण युद्व के दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने की जानकारी मां सीता को ध्यान से ही जानकारी प्राप्त होना व ध्यान में ही उनका यमराज से संवाद, यु़द्ध में राम को विजय की प्राप्ति, राम-सीता का लक्ष्मण जी व हनुमान के साथ वनवास के बाद अयोध्या वापस आना, अग्निपरीक्षा, गर्भावस्था में माता सीता का वाल्मिकी आश्रम में रहना और बाद में पुनः धरती पर विलय हो जाना इस प्रकार पूरे जीवनकाल में उनके समर्पण, प्रेम, करुणा, दिव्य शक्ति, आंतरिक उर्जा, त्याग, सेवा एवं समाजवाद को जीवन उन्होनें जिया उसका वर्णन किया गया है।श्री साहू ने कहा कि आज जो समाज व परिवार बिखर रहा है ऐसे समय में पुनः सीता जैसी नारी की आवश्यकता है। सतयुग की मां सीता के जीवन को पढ़कर और आत्मसात कर आज की नारी शक्ति इस कलयुग में भी अपने परिवार के साथ-साथ दूसरेे कुल और परिवार को भी तार सकती है। और यह केवल नारी से ही संभव नही होगा इसके लिये प्रत्येक पुरुष को भी स्वयं भगवन राम को पढ़कर प्रेरणा लेकर मर्यादित जीवन जीना होगा तभी समाज में पुनः संस्कारवान व सुव्यवस्थि परिवार स्थापित होगा। और अच्छे परिवार से गांव, गांव से शहर, शहर से राज्य और राज्य से अच्छे राष्ट्र निर्माण का सपना पूरा होगा और हमारा भारत पुनः विश्व गुरु बन पायेगा। इस पुस्तक के माध्यम से वे स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम राम और माता सीता ने जिस अलौकिक प्रेम व आदर्श राम राज्य की नींव रखे थे, उस प्रेममयी सुनहरी सृष्टि का आह्वान करते है। - - रायपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने आवेदन के माध्यम से बताई समस्याएं-आज जनचौपाल में प्राप्त हुए 78 आवेदनरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में अतिरिक्त कलेक्टर श्री बीबी पांचभाई ने जनचौपाल के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। जन चौपाल में आज नागरिकों की मांग एवं समस्याओं से संबंधित 78 आवेदन आए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।आज जन चौपाल में आज रायपुर निवासी तारा शर्मा ने अपनी भूमि के खसरा एवं नक्शा को ऑनलाइन दर्ज कराने और सेरीखेड़ी निवासी जगरबती ने अपनी भूमि का नक्शा बटांकन कर ऑनलाइन पोर्टल एवं पटवारी नक्शे में दुरुस्त करने आवेदन दिया। इसी प्रकार पंडरी रायपुर निवासी पंडरी रायपुर निवासी प्रीतम महानंद ने अपने पुत्र की मार्कशीट में जन्मतिथि में त्रुटि सुधार करने गुरुघासीदास वार्ड निवासी भगवती साहू ने अपनी भूमिका पट्टा दिलाने, ग्राम मोहदी निवासी राकेश शर्मा ने गांव की सड़क का डामरीकरण कराने एवं ग्राम बिरोदा निवासी इतवारी राम साहू ने अपनी भूमि का मुआवजा दिलवाने, ग्राम पाड़ाभाट निवासी राजा राम टंडन ने विकलांग पेंशन दिलवाने, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश दीवान ने गांव में हो रहे अवैध ईट निर्माण कार्य को रूकवाने और बिजली खंभे लगवाने के लिए आवेदन दिया।उल्लेखनीय है कि प्रत्येक सोमवार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर जन चौपाल का आयोजन किया जाता है। जिसमें नागरिक अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -रायगढ़ और रायपुर के निजी उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मिलेगा रोजगार-दिव्यांग आवेदकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण से स्नातक व उससे अधिक रखी गई हैरायपुर, / दिव्यांगों के लिए राजधानी रायपुर में रोजगार मेले का अयोजन किया जा रहा है। यह मेला राजभवन के पास स्थित विशेष रोजगार कार्यालय में 31 जनवरी को लगाया जाएगा। इस मेले में निजी उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा विभिन्न पदों पर दिव्यांगों को भर्ती के लिए चयनित किया जाएगा। रोजगार मेला सुबह 10.30 बजे से प्रारंभ होगा। इस मेले में चयनित होने वाले दिव्यांग आवेदकों को रायगढ़ एवं रायपुर के विभिन्न निजी उद्योगों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. (श्रीमती) शशीकला अतुलकर द्वारा अवगत कराया गया है कि मेले में शामिल होने वाले दिव्यांग आवेदकों को जिला रोजगार कार्यालय पंजीयन कार्ड, जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, शिक्षा एवं आयु से संबंधित प्रमाण पत्र, आधार कार्ड मोबाईल नंबर, जाति प्रमाण-पत्र, (यदि आरक्षित श्रेणी से है) तथा पासपोर्ट आकार के 2 फोटो लाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त अनुभवी दिव्यांगजनों के लिए 1 से 5 वर्ष के अनुभव के आधार पर भी रिक्तियों की पूर्ति मेले में की जायेगी। अनुभव प्रमाण पत्र साथ में लाना अनिवार्य है।उप संचालक डॉ. श्रीमती शशीकला अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में पात्र दिव्यांगजनों का डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, क्लर्क, सुपरवाइजर, भृत्य, असिस्टेंट, सेल्स मेन, हेल्पर, फिल्ड मार्केटिंग, फिल्ड एक्सेक्यूटिव, डिलीवरी एक्सेक्यूटिव, रिसेप्शनिस्ट एवं सेल्स एक्सेक्यूटिव पदों पर साक्षात्कार लिया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 08वीं उत्तीर्ण से स्नातक व उससे अधिक योग्यताधारी निर्धारित की गई है। मेले में आवेदक को स्वयं के व्यय पर उपस्थित होना है, कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। रहने एवं खानपान की व्यवस्था भी आवेदक को स्वयं करनी है।रोजगार मेले में बालाजी फायनेंस एण्ड कंसलटेंसी के लिए 12 पद, रोटोकास्ट इंडस्ट्रीस लिमिटेड क्लर्क एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 02 पद, शांता टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड के लिए क्लर्क का 1 पद, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का 1 पद, भृत्य का 1 पद सुनिल स्पांज प्राइवेट लिमिटेड में असिस्टेंट का 1 पद, एस्केयर फूड एंड बेवरेजेस प्रा० लि० रायपुर में हेल्पर का 5 पद, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड रिसेप्शनिष्ट का 1 पद, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का 1 पद, सुपरवाइजर का 1 पद, टचस्टोन ग्रुप भाठागांव रायपुर के लिए सेल्स मेन का 4 पद पर भर्ती की जाएगी।इसी प्रकार डॉ. रेडीस फॉउडेशन द्वारा रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट अम्बुजा मॉल के लिए सेल्स एसोसिएट के 3 पद सिटी सेंटर मॉल में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 4 पद करेंसी टॉवर में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 6 पद, कलर्स मॉल में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 6 पद एवं फ्लिपकार्ट रायपुर में डिलीवरी एक्सेक्यूटिव के लिए 20 पदों पर भर्ती की जाएगी।
- रायपुर / लाइवलीहुड कॉलेज जोरा में महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लिमिटेड द्वारा ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज में नवीन तकनीक से सुसजित लैब स्थापित किया गया है। इस प्रशिक्षण की अवधि 220 घण्टे तथा आवश्यक योग्यता 10वीं पास है। रायपुर जिले में निवासरत् 18 से 45 वर्ष के युवाओं से आवेदन आमंत्रित है। अधिक जानकारी हेतु कार्यालयीन नम्बर-0771-244306 एवं अन्य नम्बर-9109321845, 9399791163 में संपर्क कर सकते है। file phpto
- -दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में किया गया गन्ना उत्पादक संगोष्ठी का आयोजन-किसानों को समुचित बिजली एवं पानी की आपूर्ति के अलावा गन्ना के परिवहन के लिए मदद के साथ-साथ मनरेगा के तहत गन्ने की खेती से संबंधित स्वीकृत किए जाएंगे कार्यबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि शक्कर कारखाना करकाभाट में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बालोद जिले में गन्ना उत्पादन हेतु अनुकूल भूमि एवं जलवायु होने के कारण गन्ना की पैदावार की भी बहुत अच्छी संभावनाएं है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले के करकाभाट शक्कर कारखाने मंे समुचित उत्पादन हो सके इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक कृषकों को जरूरी मदद उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री चन्द्रवाल 26 जनवरी को दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना करकाभाट परिसर में आयोजित गन्ना उत्पादक कृषक संगोष्ठी के अवसर पर अपना उदगार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने किसानों की मांग पर किसानों को गन्ना के उत्पादन हेतु समुचित मात्रा में पानी एवं बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा उन्होंने गर्मी के दिनों में गन्ना फसल के लिए विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार के अवरोध उत्पन्न न हो इसके लिए निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की भी बात कही। संगोष्ठी में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि किसानों की मांग पर खेत से शक्कर कारखाना करकाभाट तक गन्ने की परिवहन हेतु किसानों को मदद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही किसानों की मांग पर सहमति व्यक्त करते हुए गन्ने की खेती के अंतर्गत भूमि सुधार के कार्य तथा गन्ना कटाई के कार्य के अलावा गन्ने के समुचित उत्पादन हेतु पड़त भूमि की सुधार हेतु मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत कराने पर विचार करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने गन्ना किसानों को अस्थाई विद्युत कनेक्शन को स्थायी कराने का आश्वासन भी दिया। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि बालोद जिले मंे गन्ने का पैदावार पर्याप्त मात्रा में होने पर दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना में एथेनाॅल प्लांट लगाने पर भी विचार किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने गन्ना कृषकों को उनके बिजली एवं पानी से संबंधित मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु 30 से 40 कृषकों को सामुहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया। जिससे उनके मांगों का आसानी से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक श्री डाॅ. निलेश वर्मा, उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे, दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक श्री राजेन्द्र प्रसाद राठिया, सहायक संचालक कृषि श्री एसएन ताम्रकार सहित गन्ना उत्पादन कृषक संघ के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में गन्ना कृषक उपस्थित थे।संगोष्ठी मंे कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने उपस्थित कृषकों से जिले मंे गन्ने के पैदावार को बढ़ाने एवं उनकी मांगों एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक श्री डाॅ. निलेश वर्मा एवं उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे ने बालोद जिले में गन्ना के पैदावार को बढ़ाने के उपायों के संबंध मंे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक श्री राठिया ने बालोद जिले के जलवायु को गन्ना उत्पादन के लिए उपयुक्त बताते हुए किसानों द्वारा मौजूदा वर्ष में उत्पादन किए गए गन्ना की कुल मात्रा के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर किसान श्री रमेश उईके, श्री सतभुज देवांगन, श्री भोजराम, श्री बनवारी लाल आदि किसानों ने अपना विचार रखते हुए गन्ना के उत्पादन बढ़ाने एवं गन्ना किसानों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के संबंध में अपना सुझाव दिया।
- -विद्यार्थियों को आत्म विश्वास बनाए रखने तथा चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहने की दी सीख-शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर श्री चन्द्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारियों के अलावा शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी-कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी की दी समझाईशबालोद । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत शासन के वार्षिक कार्यक्रम ’’परीक्षा पे चर्चा’’ के दौरान पूरे देश के विभिन्न स्थानों के विद्याथियों से चर्चा कर उन्हें परीक्षा एवं जीवन में सफल होेने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण टीप्स दिए। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के दौरान तनाव से मुक्त रहकर सफलता हासिल करने के उपायों के संबंध में रोचक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद जानकारियां दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संघर्ष एवं चुनौतियों को मनुष्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों को विपरित समय में भी आत्मविश्वास एवं धैर्य बनाए रखने तथा चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहने की सीख दी। जिला मुख्यालय बालोद के शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ’’परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम के अवसर पर आज कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं आला अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, श्री राकेश यादव, श्री केसी पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिका एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा एवं जीवन में सफल होने के लिए दिए गए महत्वपूर्ण टिप्स को पूरे मनोयोग से सुनकर भूरी-भूरी सराहना की।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ’परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में पूरे देश से जुड़े विद्यार्थियों एवं उनके माता-पिता, अभिभावकों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को परीक्षा के मुश्किल दिनों को खुशनुमा एवं तनाव मुक्त बनाने के संबंध में सारगर्भिक एवं ज्ञानवर्धक जानकारियां दी। श्री मोदी ने विद्यार्थियों के माता-पिता एवं अभिभावकों को परीक्षा के दौरान किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों पर दबाव नहीं बनाने की अपील की। इस दौरान उन्हांेने विद्यार्थियों को भय एवं चिंताओं से दूर रहने तथा शांत मन से पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दिलाने को कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों द्वारा जीवन में आने वाली चुनौतियों से सामना करने के उपायों के संबंध में पूछे गए प्रश्नांे का सारगर्भित जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि जीवन मंे यदि चुनौतियां एवं प्रतिस्पर्धा नहीं होंगी तो जीवन का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य के समुचित विकास के लिए जीवन में चुनौतियां एवं प्रतिस्पर्धा अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में अगर चुनौतियां है तो उसका समाधान भी है। श्री मोदी ने रोचक कहानियां एवं प्रेरक प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को एक-दूसरे का सहयोग करते हुए स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा करने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने से अधिक प्रतिभाशाली लोगों से कभी भी ईष्या नहीं करने तथा प्रतिभाशाली लोगों से सदैव दोस्ती करने को कहा।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु पूरे मनोयोग के साथ पढ़ाई-लिखाई के अलावा व्यायाम एवं शारीरिक श्रम उचित पोषण एवं भरपूर नींद को भी अत्यंत आवश्यक बताया। जिससे सेहत पर भी प्रतिकुल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान लगातार पढ़ाई-लिखाई के अलावा बीच-बीच में रिचार्ज होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नींद के समय भरपूर नींद एवं काम के समय पूरी तरह से जागृत रहकर काम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों के कम्प्यूटर, लैपटाॅप, मोबाईल आदि ज्ञान-विज्ञान के आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इसका आवश्यकतानुसार सही समय पर सही उपयोग करना चाहिए।इस अवसर पर कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरंेद्र मोदी के द्वारा ’परीक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से विद्यार्थियों से चर्चा कर उन्हें रोचक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने पर सराहना व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पूरे देश के विद्यार्थियों को दी गई जानकारी हमारे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले के विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहकर पूरे मनोयोग से परीक्षा की तैयारी में जुट जाने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल साव, डीएमसी श्री अनुराम द्विवेदी, जिला खेल अधिकारी श्री किशोर मेहरा सहित संस्था के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिका और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- बालोद। बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 161 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 01 लाख 40 हजार 548 किसानों द्वारा कुल 07 लाख 09 हजार 503 मीट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 1553 करोड़ 31 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 05 लाख 72 हजार 339 मीट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 04 लाख 75 हजार 794 मीट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 02 लाख 33 हजार 708 मीट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 9815 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 22 हजार 500 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- -कृषि विश्वविद्यालय में समन्वित कृषि प्रणाली पर तीन दिवसीय अखिल भारतीय वार्षिक समूह बैठक प्रारंभ-समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर विचार मंथन होगारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज समन्वित कृषि प्रणाली पर अखिल भारतीय समन्वित कृषि अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ किया गया। 31 जनवरी तक चलने वाली इस समूह बैठक में इस परियोजना के अंतर्गत संचालित देश के 74 अनुसंधान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। वार्षिक समूह बैठक के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एस.के. चौधरी थे तथा समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का आयोजन भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मोदीपुरम, मेरठ) तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस बैठक में समन्वित कृषि प्रणाली परियोजना के अंतर्गत देश भर के विभिन्न केन्द्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों, समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विचार-मंथन किया जाएगा तथा भविष्य हेतु रणनीति तैयार की जाएगी।वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ करते हुए उप महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. एस.के. चौधरी ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली आज के दौर में पूरे विश्व की आवश्यकता है और दुनिया के विभिन्न देशों में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। उन्हांने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से कृषि के उपलब्ध संसाधनों का समुचित तथा प्रभावी उपयोग हो पाता है, उत्पादकता बढ़ती है तथा खेती की लागत कम होती है। समन्वित कृषि प्रणाली फसल उत्पादन के साथ-साथ उद्यानिकी, वानिकी, पशुपालन, मछली पालन तथा कृषि से संबंधित सभी पहलुओं का समन्वित उपयोग कर अधिक उत्पादन एवं आय प्राप्त करने का उपयुक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि समन्वित समन्वित कृषि प्रणाली के द्वारा ही कृषि के क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों जैसे खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी असंतुलन आदि का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष पूर्व शुरू की गई यह परियोजना उस समय भी प्रासंगिक थी और आज और भी ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संचालित देश के विभिन्न केन्द्रों में समन्वित कृषि प्रणाली के विविध मॉडलों पर अनुसंधान किया जा रहा है तथा जलवायु सहनशील मॉडलों का विकास किया जा रहा है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि एवं कृषकों के विकास के समन्वित कृषि प्रणाली एक बेहतरीन मॉडल है। इस प्रणाली के तहत किसान के पास उपलब्ध समस्त संसाधनों - मानव संसाधन, पशु संसाधन, यंत्र एवं उपकरण, बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई जल आदि का समुचित उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को और अधिक सफल बनाने के लिए इसमें कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स आदि का भी उपयोग किया जाना चाहिए। डॉ. चंदेल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों एवं उनके उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली के क्षेत्र में किये जा रहे अनुसंधान कार्यां के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. एन. रविशंकर, परियोजना समन्वयक, अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परियोजना (समन्वित कृषि प्रणाली), डॉ. सुनील कुमार, निदेशक, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, डॉ. पी.के. घोष, निदेशक, राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर तथा डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने भी अपने विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो किसानों श्री नरसिंह राठौर, पिपरहटा, आरंग तथा श्री निरंजन जांगडे, परसदा, आरंग को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समन्वित कृषि प्रणाली अनुसंधान परियोजना के तहत उल्लेखनीय कार्य करने वाले कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली विषय पर प्रकाशित विभिन्न प्रकाशनों, वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख सस्य वैज्ञानिक एवं कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. आदिकांत प्रधान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- रायपुर /भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एचएनएलयू में प्रतिष्ठित न्यायविद प्रोफेसर श्री न्यायमूर्ति यू.यू. ललित 30 जनवरी को हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) में ’आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में विधि एवं नैतिकता: ’गांधीवादी परिप्रेक्ष्य’ विषय पर तृतीय महात्मा गांधी मेमोरियल व्याख्यान देंगे।एचएनएलयू में विगत दो वर्षों से 30 जनवरी को महात्मा गांधी मेमोरियल व्याख्यान आयोजित की जाती रही है। इस वर्ष का स्मृति व्याख्यान शाम 4.30 बजे विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित किया जाएगा। मुख्य वक्ता के रूप में जस्टिस यू. यू. ललित रहेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन, कुलपति एचएनएलयू करेंगे।मेमोरियल लेक्चर का उद्देश्य विधि के छात्रों और विधिक बिरादरी को प्रेरित और लाभान्वित करने के लिए विधि और सामाजिक विज्ञान के साथ जुड़े और गांधीवादी मूल्यों का प्रसार करने के लिए न्यायविदों को आमंत्रित करना है।इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान में सम्मिलित होने के लिए सभी छात्रों, प्राध्यापक सदस्यों और विधिक अध्ययन के प्रति उत्साही लोगों को सादर आमंत्रित करते हैं। मेमोरियल लेक्चर एचएनएलयू के आधिकारिक यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/watch?v=5logn9bdoBs पर भी लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।
- -राज्य सरकार ने जारी किया परिपत्ररायपुर /भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी 2024 को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह दिवस महात्मा गांधी का निर्वाण दिवस भी है। इस संबंध में मंत्रालय नवा रायपुर के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों, सभी जिला पंचायत के सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए एक परिपत्र जारी किया गया है।परिपत्र में कहा गया है कि 30 जनवरी 2024 को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन आयोजन किया जाना है और अन्य काम तथा गतिविधियों को रोक दिया जाना चाहिए। जहां कहीं संभव हो, दो मिनट के मौन की अवधि शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना सायरन बजाकर या आर्मी गन से दी जानी चाहिए।इस आयोजन के संबंध में शैक्षणिक संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को जिला प्रशासन द्वारा समुचित अनुदेश जारी किए जाए। इस दिन के महत्व को प्रसारित करने हेतु भारत की स्वतंत्रता में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका तथा राष्ट्रीय एकता से संबंधित विषय पर हाइब्रिड या आनलाइन मोड़ में भाषण और वार्ताएं आयोजित किए जाए।
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रायपुर / उच्च शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में आयोजित की जा रही अंतर विद्यालयीन सांस्कृतिक प्रतियोगिता का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
उच्च शिक्षा और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। शिक्षा के जरिए हम अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि हमे शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी शामिल होना चाहिए। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री को उनका रेखाचित्र भी भेंट किया।शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री डी.के. अग्रवाल, डॉ. वाई.के. राजपूत, डॉ. के.के. अवस्थी, शिक्षक, विद्यार्थी समेत गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -उप मुख्यमंत्री कबीरधाम जिला के ग्राम केजादाह में आयोजित मेला-मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए-श्री शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाए कीरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिला के ग्राम केजादाह में आयोजित छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति से जुड़े मेला-मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेश की सुख समृद्धि ,शांति और खुशहाली की कामना की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा जी के कार्यक्रम में पहुंचने पर छत्तीसगढ़ के लोक पारंपरिक वेशभूषा में तैयार यादव समाज के नर्तक दलों द्वारा वाद्ययंत्रों के मधुर धुन से आत्मीय स्वागत किया गया। श्री शर्मा ने क्षेत्रवासियों को मड़ई मेला के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी तथा क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की।उन्होंने बड़ौदा कला में सर्वसमाज के सामुदायिक भवन एवं मंच के लिए 15 लाख रुपए, ग्राम सिंगारपुर मे सीसी सड़क के लिए 5 लाख रुपए तथा ग्राम सोनपुर में सीसी सड़क के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की।उन्होंने ग्रामीणों की सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का विश्वास दिलाया। उन्होने साहू, यादव समाज औऱ क्षेत्र के विकास के लिए सौपे गए सभी मांग पत्रों पर कहा कि क्षेत्र विकास के लिए मेरा प्रयास निरन्तर जारी रहेगा।उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि मेला मड़ई गांव की पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा हुआ है। गांव की सुख समृद्धि और एकजुटता के लिए इसका आयोजन किया जाता है। मेला मंड़ई कार्यक्रम पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा है। जिसे समाज द्वारा अभी भी जीवंत रखा गया है। इस पारंपरिक संस्कृति को सहेज के रखते हुए आगे बढ़ाना है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य के अतिरिक्त अंतर की राशि जल्द ही किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के लिए बजट में प्रावधान कर लिया गया है। प्रतिवर्ष 12 हजार रूपए की राशि माताओं के खाते में डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि सभी वादो को मोदी की गारंटी में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक छत्तीसगढ़ की सरकार ने मोदी की गारंटी में शामिल दस बड़े गारंटी को पूरा किया है। इस अवसर पर श्री कैलाश, श्री ईश्वरी साहू, श्री मनीराम साहू, श्री संतोष मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी उपस्थित थे।
- -उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य स्तरीय खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का किया शुभारंभ-गायन डांस आदि कंपटीशन के साथ 4000 प्रतिभागी विभिन्न खेल में लेंगे हिस्सा-खेल से हमें टीम भावना और अनुशासन की मिलती है सीख: श्री बृजमोहन अग्रवालरायपु /उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि पढ़ाई के साथ ही खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थी जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं। जहां खेलकूद से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। वहीं अनुशासन के साथ आपसी समझ और टीम भावना विकसित होती है। संस्कृति गतिविधियों से रचनात्मकता और सामाजिक कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। वे आज श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में सात दिवसीय राज्य स्तरीय खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव ‘आरोहण - 2024’ के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।उच्च शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि, खेल और संस्कृति गतिविधियां जैसे गायन, डांस आदि वर्तमान समय में आजीविका का साधन भी बन गई हैं। इतना ही नहीं यह हमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाती है। खेल हमें सीखाता है कि जिंदगी में हार भी जरूरी है, हार से हमें अपनी कमियों का पता चलता है। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर आरोहण 2024 का शुभारंभ किया और सभी छात्र-छात्राओं को ‘’मैं को हम बनायेंगे, हम नया भारत बनायेंगे’’ की शपथ दिलाई। उन्होंने इस मौके पर रंग बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर आरोहण-2024 का शुभारंभ किया।रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों और शिक्षकों ने शुभारंभ अवसर पर फ़्लैश माब नृत्य का प्रस्तुत किया। सात दिनों तक चलने वाले आरोहण 2024 में देश भर से करीब 4000 प्रतिभागी तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के साथ ही गायन डांस आदि कंपटीशन में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हर्ष गौतम, कुलपति प्रो. एस.के. सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उनके परिजन शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।







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