- Home
- छत्तीसगढ़
- -कहा- छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं-विगत 7 वर्षों से आकाशवाणी के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ कार्यक्रम में दी जा रही हाथियों के विचरण की सूचनाएंरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में हाथियों के विचरण की सूचनाओं पर आधारित आकाशवाणी कार्यक्रम 'हमर हाथी-हमर गोठ' की सराहना की। मन की बात कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रेडियो की ताकत कितना बदलाव ला सकती है, इसकी एक अनूठी मिसाल छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। बीते करीब 7 वर्षों से यहाँ रेडियो पर एक लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है, जिसका नाम है ‘हमर हाथी-हमर गोठ’। नाम सुनकर आपको लग सकता है कि रेडियो और हाथी का भला क्या कनेक्शन हो सकता है। लेकिन यही तो रेडियो की खूबी है। छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के चार केन्द्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से हर शाम इस कार्यक्रम का प्रसारण होता है और आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ के जंगल और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले बड़े ध्यान से इस कार्यक्रम को सुनते हैं।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ‘हमर हाथी - हमर गोठ’ कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुण्ड जंगल के किस इलाके से गुजर रहा है। ये जानकारी यहाँ के लोगों के बहुत काम आती है। लोगों को जैसे ही रेडियो से हाथियों के झुण्ड के आने की जानकारी मिलती है, वो सावधान हो जाते हैं। जिन रास्तों से हाथी गुजरते हैं, उधर जाने का ख़तरा टल जाता है। इससे जहाँ एक ओर हाथियों के झुण्ड से नुकसान की संभावना कम हो रही है, वहीँ हाथियों के बारे में डेटा जुटाने में मदद मिलती है। इस डेटा के उपयोग से भविष्य में हाथियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। यहाँ हाथियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इससे जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो गया है। छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं।'हमर हाथी-हमर गोठ' कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता श्री अमलेन्दु मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य के चार आकाशवाणी केंद्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ केंद्रो से शाम 5:00 बजे प्रसारित किया जाता है। यह कार्यक्रम एंड्राइड मोबाइल के न्यूज on AIR और एफएम चैनल में भी उपलब्ध है जिसे गाड़ियों में भी आसानी से सुना जा सकता है।
- -08 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके खुशहाल दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी-समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने का दिलाया भरोसारायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज झेरिया यादव समाज द्वारा राजधानी रायपुर के महादेवघाट में आयोजित सामाजिक और युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य स्तर के विभिन्न जिलों से आए हुए यादव समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने परिचय सम्मेलन में शामिल होने आये युवक-युवतियों एवं उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह समाज की अच्छी पहल है, जिससे एक ही मंच पर विवाह योग्य युवक-युवतियां आपस में मिल जाते है, इससे वर-वधु ढूढंने में समय और धन की बचत होती है। उन्होंने आठ नवविवाहित जोड़ों को बधाई देकर उनके खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यादव समाज भारत के विकास में अपनी बराबर की भागीदारी दे रहा है व भारत के स्वाभिमान, मान-सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याणकारी कार्याे को पूरा करने तथा मोदी की गारंटी एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज द्वारा निर्मित सामाजिक भवन का अवलोकन भी किया, जिसमें 14 कक्ष बनाया गया है। समाज के अध्यक्ष श्री जगनिक यादव ने बताया कि सामाजिक भवन में रायपुर के अलावा अन्य जगह से आने वाले बच्चों के रहने की उचित व्यवस्था की गई है। श्री यादव ने समाज के रीति-रिवाजों एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। समाज के अध्यक्ष ने नवनिर्मित भवन के लिए फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए राशि की मांग की। जिस पर उप मुख्यमंत्री ने समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर श्री भगत सिंह यादव, श्री सुन्दरलाल, श्री जी.आर. यादव एवं सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष तथा समाज के अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
- -नाड़ी वैद्य हैं और जड़ी बूटियों से पांच दशकों से कर रहे हजारों लोगों का इलाज-मुख्यमंत्री ने किया प्रोत्साहित, कहा कि आने वाली पीढ़ी को भी अपनी विद्या का लाभ दें ताकि यह अमूल्य विद्या अगली पीढ़ी को भी ठीक कर सकेरायपुर, 28 जनवरी, 2024/आयुर्वेद में एक कहानी बताई जाती है। तक्षशिला विश्वविद्यालय में जब चरक और साथियों की गुरुकुल में शिक्षा पूरी हुई तो उनके गुरु ने अंतिम परीक्षा के लिए उन सभी को बुलाया। उनसे कहा कि ऐसे पौधे लाकर दें जिसमें औषधीय गुण हों और जिसके बारे में अब तक बताया न गया हो। सभी विद्यार्थी कुछ पौधे लेकर आये, केवल चरक कुछ नहीं लाये। जब चरक से गुरू ने पूछा कि पौधे क्यों नहीं लाए। चरक ने कहा कि मुझे सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण मिले, चूंकि सभी को लाना संभव नहीं था, इसलिए मैं खाली हाथ आया। गुरु जी ने कहा कि परीक्षा में केवल चरक उत्तीर्ण हुए। संसार में हर पौधे में कुछ न कुछ औषधीय गुण मौजूद हैं। यह कहानी बताती है कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अनुसंधान की बड़ी गुंजाइश होती है।छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रहने वाले वैद्य श्री हेमचंद मांझी ने अपना पूरा जीवन इन्हीं जड़ी-बूटियों की खोज की और लगभग पांच दशकों से हजारों लोगों को ठीक किया है। आम जनता की इस अहर्निश सेवा के चलते केंद्र सरकार ने इन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री मांझी का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। आपने परंपरागत जड़ी-बूटियों के माध्यम से अनेक बीमारियों में लोगों का उपचार किया है। अमेरिका जैसे देशों से भी पेशेंट आपके पास आये हैं। यह ऐसी विद्या है जिसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।उल्लेखनीय है कि श्री मांझी ने छोटे डोंगर में ऐसे समय में लोगों का जड़ी बूटियों से इलाज करने का निर्णय लिया जब यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल नहीं थी। परिवार में किसी के वैद्य के पेशे में नहीं होने के बावजूद उन्होंने सेवाभाव के चलते यह निर्णय लिया। उनके अनुभव के चलते उनका ज्ञान बढ़ता गया और नारायणपुर के अलावा दूसरे जिलों के मरीज भी उनके पास आने लगे।वैद्य श्री मांझी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम तो सेवा का कार्य कर रहे थे। लोगों का उपचार कर रहे थे और खुश थे। जब पता चला कि मोदी जी ने पद्मश्री के लिए चुनने का निर्णय लिया है तो पहले तो आश्चर्य हुआ। हमें लगा कि दिल्ली में भी बैठकर मोदी जी की सरकार पूरे देश में हो रहे अच्छे कामों पर नजर बनाये हुए हैं और सेवा का काम करने वालों को सम्मानित करते जा रही है।श्री मांझी ने बताया कि बस्तर की वनौषधियों में जादू है। हम जंगल से अलग-अलग तरह की जड़ी-बूटी इकट्ठी करते हैं। इन्हें उचित अनुपात में मिलाते हैं और अलग-अलग तरह की बीमारियों का इस तरह से उपचार करते हैं। नाड़ी देखकर मर्ज का पता लगाते हैं और इसके मुताबिक इलाज करते हैं। कई बार जब एलोपैथी से लोग कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के संबंध में हतोत्साहित हो जाते हैं तब वे यहां आते हैं और ईश्वर की अनुकंपा से हमारी औषधियों के कमाल से वो ठीक हो जाते हैं।श्री मांझी के पास हर दिन अमूमन सौ से अधिक मरीज पहुँचते हैं। कल भी असम और आंध्रप्रदेश से कुछ मरीज पहुंचे थे। श्री मांझी यह सब मामूली शुल्क में करते हैं। जो खर्च वे लेते हैं वो दवाइयों के बनाने में लगता है। उन्होंने बताया कि वनौषधियों में उपयुक्त मात्रा में शहद, लौंग एवं अन्य मसाले डालने होते हैं। उनका खर्च हम मरीजों से लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक साँसों में साँस हैं तब तक यह सेवा का काम करता रहूँगा।मुख्यमंत्री ने श्री मांझी से कहा कि आप सेवा का काम कर रहे हैं। ये बहुत पुण्य का काम है। आपकी विद्या से बहुत सारे लोग ठीक हो रहे हैं। आपको पद्मश्री मिलने से आपकी ख्याति और भी फैलेगी। आप आने वाली पीढ़ी को इसकी शिक्षा दें। यह बहुत मूल्यवान विद्या है इसे आपकी पीढ़ी में ही समाप्त नहीं होना चाहिए। श्री मांझी ने कहा कि आपसे मिले सम्मान से मेरा उत्साह और बढ़ गया है। अभी नई पीढ़ी को नाड़ी से मर्ज जानना सिखा रहा हूँ अब जड़ी-बूटी के गुणों के बारे में भी बताऊंगा।
- -88 साल की आयु में भी कत्थक का अभ्यास करते हैं, रायगढ़ घराने को देश भर में दी पहचान-पूर्व राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा और राष्ट्रपति एपीजे कलाम भी कर चुके हैं सम्मानित-स्वर्गीय बिरजू महाराज के रहे हैं गहरे स्नेह पात्र, रायगढ़ घराने से जुड़े सभी कत्थक नर्तकों से स्नेहिल संबंध-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बरेठ जी का सम्मान रायगढ़ घराने का सम्मान, स्वर्गीय महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को भी याद कियारायपुर, 28 जनवरी, 2024/ प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयनित रायगढ़ घराने के कत्थक नर्तक श्री रामलाल बरेठ जब केवल 4 साल के थे तभी महाराजा चक्रधर सिंह ने उनमें छिपी नृत्य की प्रतिभा पहचान ली थी। उन्होंने उनके पिता और इतने ही प्रतिभाशाली कत्थक कलाकार श्री कीर्तनराम से कहा कि इसके कत्थक की प्रशिक्षण की व्यवस्था मैं अपनी देखरेख में करूंगा। उन्होंने देश भर के जाने-माने कलाकारों से श्री बरेठ का प्रशिक्षण कराया।महाराजा चक्रधर सिंह ने उन पर जो भरोसा दिखाया, उसे श्री बरेठ ने पूरा किया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक का सफर तय कर उन्होंने रायगढ़ घराने को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें आज राज्य अतिथि गृह पहुना में आमंत्रित किया। श्री साय ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। मेरा सौभाग्य रहा है कि मैंने रायगढ़ की कला परंपराओं के बारे में काफी कहानियां सुनी हैं और महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में भी काफी कुछ सुना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में यह कहा जाता है कि जब वो तबला बजाते थे तो इसमें लीन हो जाते थे और बारिश होने लगती थी। ऐसे महान कलाकार के संरक्षण में आपने कत्थक सीखा है इस पर हम सब गौरव करते हैं।श्री बरेठ अभी 88 साल के हो चुके हैं। उनका आरंभिक जीवन आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा। रायगढ़ रियासत में महाराजा चक्रधर सिंह के जाने के बाद उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। श्री बरेठ बताते हैं कि कत्थक नृत्य अकेले का कर्म नहीं है। आपको इसके लिए कुशल संगतकार चाहिए। इसकी व्यवस्था करने और रायगढ़ घराने की प्रतिष्ठा को बनाये रखने मैंने कठिन परिश्रम किया।श्री बरेठ के देश के महान कत्थक कलाकारों के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंडित बिरजु महाराज के साथ उनके बहुत स्नेहिल संबंध रहे हैं। पंडित बिरजु महाराज उन्हें बहुत स्नेह पात्र मानते थे। बिरजु महाराज का जन्म भी रायगढ़ में हुआ। अच्छन महाराज जैसे प्रतिभाशाली लोगों से सीखने का अवसर मिला और कत्थक की शानदार यात्रा रायगढ़ घराने के प्रोत्साहन से शुरू हुई।श्री बरेठ बताते हैं कि पहले फिल्मों में शास्त्रीय संगीत और नृत्य का बड़ा मान होता था। फिल्मों के लिए भी काम करने वाले अमीर खां साहब का बहुत निकट संबंध रायगढ़ घराने से रहा। अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित के पिता भी रायगढ़ घराने से संबद्ध रहे।अच्छी बात यह है कि श्री बरेठ अगली पीढ़ी को भी कत्थक के लिए दीक्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा जी, पिता जी कत्थक से जुड़े रहे और अब बेटे भी कत्थक से जुड़े हैं।श्री बरेठ ने कहा कि मोदी जी ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है। इसकी मुझे बहुत गहरी खुशी है। आज मुख्यमंत्री ने मुझे पहुना में आमंत्रित कर सम्मान किया। रायगढ़ घराने के माध्यम से कत्थक पूरे देश में मजबूत हो। यही हम चाहते हैं।
- -बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं, कोरोना की वैक्सीन लगवाने जब प्रशासन थकहार गया तब श्री यादव की ली मदद, उनके कहने पर टीके के लिए तैयार हुए बिरहोर, राष्ट्रपति के हाथों करेंगे पद्मश्री सम्मान ग्रहण-राज्य अतिथि गृह पहुना में मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जागेश्वर यादव को छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने के लिए किया सम्मानित-अपने कार्यों में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भी जोड़ा, बिरहोरों के साथ बैठकर पतरी में खाना खाते थे श्री सायरायपुर / राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर कुछ सालों पहले तक इतने संकोची थे कि जूते-चप्पल पहने हुए किसी को आता देखकर भाग जाते थे। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने श्री जागेश्वर यादव ने जीवन भर जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प किया ताकि वे मिलने से सकुचाये नहीं। धीरे-धीरे वे बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हुए और अभी बिरहोरों की पहली पीढ़ी शिक्षित हो गई है। वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आगे बढ़ रहे हैं। जब जागेश्वर यादव 21 वर्ष के थे तब उन्होंने बिरहोर जनजाति के लोगों की दुर्दशा देखी और उनकी सेवा का संकल्प लिया। आज चार दशक हो गये हैं और उनका सेवा कार्य अनवरत जारी है।संकल्पित भाव से बिरहोर जनजाति की सेवा करने वाले और पिछड़े वर्ग से आने वाले इस जननायक और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। श्री यादव ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे रास्ते में आपका भरपूर सहयोग मिला जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। आपने बिरहोर भाइयों के साथ बैठकर पतरी में चावल खाया। उनकी शिक्षा के लिए जो भी योजनाएं हम आपके पास लेकर गये। आपने कहा कि ये अच्छा काम है इसे आगे बढ़ाइये, मैं इसमें आपकी मदद करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों को आवास उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। उससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिल पाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जागेश्वर यादव को पद्मश्री के लिए सम्मानित किये जाने का केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान है। जब प्रदेश में कोरोना फैला और मोदी जी ने वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई तब बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं और प्रशासन के अनेक बार आग्रह करने पर भी उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। फिर श्री जागेश्वर यादव को इसके लिए बिरहोरों को तैयार करने भेजा गया। बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं। जब श्री जागेश्वर यादव ने आग्रह किया तो सब तैयार हो गये, ये उनकी बिरहोरों की बीच गहरी पैठ का प्रमाण है। पाली विकासखंड में उन्होंने 3 कार्यक्रम बिरहोरों के लिए कराए और हर बार मैं इन कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इनके सम्मान की जब जानकारी मुझे मिली तो मुझे बहुत खुशी हुई।उल्लेखनीय है कि श्री जागेश्वर यादव के प्रयासों से न केवल बिरहोर लोग शिक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने खेती भी करना आरंभ कर दिया है। जो बिरहोर भिक्षावृत्ति से जुड़े थे वे आज धान बेच रहे हैं। धरमजयगढ़ के ग्राम खलबोरा के केंदा राम अब धान बेच रहे हैं। बिरहोरों के लिए श्री जागेश्वर यादव ने धरमजयगढ़ में आश्रम भी आरंभ किया है। उनको पद्मश्री मिलने पर बिरहोरों में भी काफी खुशी का माहौल है।
-
रायपुर। 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित प्रदेश के प्रथम कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प में अध्यक्ष राजेन्द्र निगम के साथ विधुत मंडल के सेवानिवृत्त S E और बंगाली कालीबाड़ी समिति के उपाध्यक्ष श्री एस. के. घर जी ने ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर वृद्धाश्रम के संस्थापक स्व. कुलदीप निगम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में सचिव बिमल घोषाल , अजय राठौड़ , दुष्यंत साहू , सनित कुमार , पारुल चक्रवर्ती , लीला यादव , काजल दास अन्य सदस्य के साथ वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों की उपस्थिति रही इस अवसर पर सभी को मिस्ठान वितरण किया गया ।
-
रायपुर । 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के मुख्य कार्यालय के साथ ही सभी संचालित संस्थाओं में भी ध्वजारोहण किया गया । सप्रे शाला परिसर में स्थित परिषद कार्यालय एवं वाणी वाचन ,श्रवण एवं बहुप्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र , रायपुर में परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चंद्रेश शाह जी , महासचिव डॉ अशोक त्रिपाठी जी , मानसिक दिव्यांग बाल गृह (बालिका) पुरानी बस्ती रायपुर में उपाध्यक्ष डॉ कमल वर्मा जी , मानसिक दिव्यांग बाल गृह (बालक) माना कैम्प एवं खुला आश्रय गृह माना कैम्प रायपुर में संयुक्त सचिव श्रीमती इंदिरा जैन जी , संयुक्त सचिव राजेन्द्र निगम , बाल गृह (बालिका) कोंडागांव में संयुक्त सचिव श्री प्रकाश अग्रवाल जी ने ध्वजारोहण किया । सभी संस्थाओं में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत , कविता , नृत्य प्रस्तुत किया किंतु खुला आश्रय गृह के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों में होने वाले दुष्प्रभाव और परिवार में बढ़ती आपसी दूरी को प्रहसन के माध्यम से प्रस्तुत किया और सोशल मीडिया पर कटाक्ष किया गया बच्चों की इस प्रस्तुति कि बहुत सराहना हो रही है । ध्वजारोहण कार्यक्रम में सभी संस्थाओं के कर्मचारियों की उपस्थिति रही इस अवसर पर मिस्ठान का वितरण किया गया ।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज उड़ीसा के बरगढ़ जिले में अपने प्रवास के दौरान ग्राम घेस में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद माधो सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। घेस गांव के शहीद माधो सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्हें उनके तीन बेटों के साथ ब्रिटिश सरकार ने फांसी दे दी थी।
- स्वास्थ्य और शोध की चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहे चिकित्सकरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देशभक्तिपूर्ण वातावरण में गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एम्स को स्वास्थ्य और शोध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया।वरिष्ठतम चिकित्सा शिक्षक प्रो. रामांजन सिन्हा ने ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स की स्थापना से अब तक प्राप्त उपलब्धियों का जिक्र करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्णतः तैयार रहने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने टीबी के रोगियों को एनटीईपी के अंतर्गत पौष्टिक आहार किट भी वितरित की।कार्यक्रम में उप-निदेशक (प्रशासन) कुणाल शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे। इस अवसर पर सुरक्षा अधिकारी उपासना सिंह के निर्देशन में सुरक्षाकर्मियों ने मार्चपास्ट भी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनिता सिंह और सुश्री सुगन्या पी. ने किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 जनवरी को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 28 जनवरी को सुबह 9.30 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर से प्रस्थान कर सुबह 9.40 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पीछे ग्राम सेड़ीखेड़ी पहुंचेंगे और वहां सुबह 9.45 बजे से आयोजित राधास्वामी सत्संग ब्यास के वार्षिक सत्संग कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम पश्चात सुबह 10.40 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना लौट आएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर से दोपहर 1.50 बजे प्रस्थान कर दोपहर 2 बजे सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगे और वहां आयोजित कंवर महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 4 बजे कचहरी चौक के निकट राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाएंगे और वहां शासकीय अनुदाप प्राप्त शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन के सम्मान सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात मुख्यमंत्री शाम 5.05 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर लौट आएंगे और शाम 6 बजे वहां से प्रस्थान कर शाम 6.10 बजे समता कालोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज पहुंच कर वहां मैक कार्निवाल संस्कार 2023-24 के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय कार्यक्रम पश्चात शाम 7.25 बजे राज्य अतिथि गृह पहुना शंकर नगर लौट आएंगे।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया-उसलापुर-बिलासपुर के बीच रेल फ्लाईओवर का काम पूरारायपुर। बिलासपुर रेलवे फ्लाईओवर के प्रारम्भ होने से कटनी की दिशा में चलने वाली गाड़ियां मुंबई-हावड़ा मार्ग पर निर्बाध दौड़ सकेंगी। इस फ्लाईओवर के पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।उसलापुर-बिलासपुर के बीच रेल फ्लाईओवर का काम पूरा हो गया है और इसे शुरू कर दिया गया है। इस ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इसे लेकर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया है। इसके जरिए उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क में यह महत्वपूर्ण क्षमता जोड़ेगा। वहीं इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रेलमंत्री का आभार जताया है।इस फ्लाईओवर के शुरू होने से बिलासपुर यार्ड में ट्रेनों के क्रॉस होने की बड़ी परेशानी भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। सबसे बड़ी उपलब्धि ट्रेनों के परिचालन की स्थिति रहेगी, जिसमें सुधार होगा। वर्तमान में ट्रेनों को कटनी दिशा की ओर जाने में बिलासपुर यार्ड को क्रॉस करना पड़ता है। इसमें काफी समय लगता है। इसके साथ ही इस समय तक रायपुर से बिलासपुर और बिलासपुर से रायपुर दिशा की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को नियंत्रित भी करना पड़ता है। इसके चलते ट्रेनें लेट होती रही हैं।इस फ्लाईओवर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने के बाद बिलासपुर से कटनी की दिशा की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इस मार्ग से अविलंब उसलापुर होते हुए कटनी दिशा की ओर जाने लगेंगी। साथ ही बिलासपुर-रायपुर दिशा की ट्रेनों को नियंत्रित नहीं करना पड़ेगा, साथ ही उसलापुर स्टेशन पर यात्री सुविधा विकास के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों का बेहतर संचालन करने में मदद मिलेगी।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में केन्द्रीय ग्रामीण विकास और इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केन्द्रीय मंत्री श्री कुलस्ते को उपहार स्वरुप शाल भेंट कर सम्मानित किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय (पहुना) में मुलाकात के लिए दूरभाष और ईमेल पर समय लिया जा सकता है। आगंतुकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री निवास कार्यालय द्वारा दो मोबाइल नंबर 7024529444, 7024826444 तथा दूरभाष नम्बर 0771-2331001 जारी किया गया है। इसके अलावा ईमेल के पते [email protected] पर पत्र भेजकर मुलाकात के लिए समय लिया जा सकता है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में वाटरपोलो स्पोर्ट्स के खिलाड़ी श्री अभिजीत राज सोनी ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को श्री अभिजीत ने बताया कि उनका चयन अंडर-19 राष्ट्रीय वाटर पोलो प्रतियोगिता के लिए हुआ है। विगत वर्ष सितंबर माह में कोरबा में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तहत अंडर-19 वाटरपोलो स्पर्धा में उनके नेतृत्व में सरगुजा की टीम ने काँस्य पदक हासिल किया था। मुख्यमंत्री ने श्री अभिजीत की खेल प्रतिभा की सराहना करते हुए शाल पहना कर उनका अभिनन्दन किया और आगामी खेल प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री संजीव सेठ सोनी, श्री अम्बिकेश स्वर्णकार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में दैनिक नव प्रदेश के वर्ष 2024 के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर दैनिक नव प्रदेश के प्रधान संपादक श्री यशवंत धोटे, डायरेक्टर श्री सौरभ धोटे सहित श्री हेमंत धोटे और श्री अगस्ती तांडी भी उपस्थित थे।
- -देशभर से आए लोक-कलाकारों को आमंत्रित कर प्रधानमंत्री ने की बातचीत-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुभकामनाओं के साथ छत्तीसगढ़ की टीम को नई दिल्ली रवाना किया थारायपुर। नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड से पूर्व 24 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न प्रदेशों से झांकी के प्रदर्शन के लिए राजधानी आए लोक-कलाकारों को आमंत्रित कर उनसे मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इसी दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की झांकी ‘‘बस्तर की आदिम जनसंसद: मुरिया दरबार‘‘ में शामिल लोक-कलाकारों से भी मुलाकात की। इन कलाकारों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी शुभकामनाओं के साथ छत्तीसगढ़ से नई दिल्ली रवाना किया था।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सभी राज्यों से आयीं महिला कलाकारों को अच्छे एवं जीवंत प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्यों से नई दिल्ली पहुंचे एनसीसी और एनएसएस के बच्चों से भी मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, सूचना एंव प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा, तथा अन्य मंत्रिगण मौजूद थे।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड देश की नारी शक्ति को समर्पित है। मैं आज यहां इतनी बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई बेटियों को देख रहा हूं। आप यहां अकेले नहीं आए हैं बल्कि आप सभी अपने साथ अपने राज्यों के रीति रिवाज और अपने समाज की समृद्ध सोच भी लेकर आए हैं। आज आप सब से मिलना भी एक विशेष अवसर बन गया है। कड़ाके की ठंड में आप सभी ने घने कोहरे के बीच दिन-रात रिहर्सल किया और गजब की परफॉर्मेंस दे रहे हैं। मुझे पक्का विश्वास है कि जब आप यहां से अपने घर जाएंगे तो आपके पास गणतंत्र दिवस के अनुभवों के बारे में बताने के लिए काफी कुछ होगा और यही तो इस देश की विशेषता है। विविधताओं से भरे हमारे देश में सिर्फ एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने से ही जीवन में नए अनुभव जुड़ने लग जाते हैं।
- -बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लेने पहुंचे दोनों उप मुख्यमंत्री-विवेकानंद विद्यापीठ के सामने कोटा, गुढियारी में आयोजित श्री हनुमान कथा का लाखो श्रद्धालुओं ने किया श्रवणरायपुर ।राजधानी रायपुर के विवेकानंद विद्यापीठ के सामने कोटा, गुढियारी में बागेश्वर धाम मंदिर के महंत धीरेंद्र शास्त्री द्वारा श्री हनुमान कथा का वाचन किया गया। प्रदेश के दोनो उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवम श्री अरूण साव आशीर्वाद लेने कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए भी आशीर्वाद लिया। इस अवसर जनप्रतिनिधि गण, मेला समिति के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित थे। बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में शामिल होने तथा कथा श्रवण के लिए लाखों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कार्यक्रम के अंतिम दिवस समापन अवसर पर कहा की आज कथा पूर्णता की ओर है।महंत श्री धीरेंद्र शास्त्री जी को पहले टीवी और यूट्यूब पर देखते थे। आज जीवन में प्रत्यक्ष दर्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि बाबा में गजब का ऊर्जा का स्रोत है। वे सनातनी परंपरा को मजबूत करने, स्थापित करने में लगे हुए हैं। उनका अगला कथा वाचन कवर्धा में है ,मैं बाबा जी को इसके लिए आमंत्रित करता हूं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से भारत का परिदृश्य बदलने लगा है। उन्होंने कहा कि बाबा का आशीर्वाद और मार्गदर्शन हम प्रदेशवासियों को मिलता रहे।
- रायपुर । राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज गायत्री परिवार महिला प्रकोष्ठ द्वारा गायत्री शक्तिपीठ बलौदाबाज़ार में आयोजित पाँच दिवसीय "आवासीय नारी सशक्तिकरण प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर" के प्रथम दिवस पर उपस्थित होकर माता गायत्री की वंदना की। इस अवसर पर उन्होंने गायत्री परिवार की माताओं-बहनों से संवाद भी किया।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री श्री दयालदास बघेल बेमेतरा जिले के नवागढ़ शंकर नगर में आयोजित रामायण मानस गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रामायण मानस मण्डली महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह हमारी संस्कृति की धरोहर है। रामायण मानस मंडलियां प्रदेश में प्रभु श्री राम के आदर्शो और उनके जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है।
- रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षकों को नए पाठ्यक्रमों के लिए तैयार करने और नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करने में एससीईआरटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री परदेशी कल एससीईआरटी कार्यालय में ध्वजारोहण के बाद अधिकारियों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।स्कूल शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने कहा कि हम सबको टीम वर्क के जरिए कार्य करते हुए नई शिक्षा नीति के लिए पाठ्यक्रम तैयार करना है। यह पाठ्यक्रम आने वाले कई वर्षों तक बच्चों के भविष्य निर्धारित करेगा। पाठ्यक्रम तैयार करते समय यह ध्यान रखने की जरूरत है कि यह न केवल यह बच्चों का भविष्य तैयार करेगा, बल्कि देश का भविष्य भी बनाएगा। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में भी मदद करेगा।श्री परदेशी ने कहा कि सभी शिक्षकों का दायित्व है कि हम भावी पीढ़ी को अच्छा नागरिक बनाने के लिए अच्छी से अच्छी शिक्षा दें और इसके लिए बच्चों में अनुशासन और उन्हें संस्कारवान बनाएं। उन्होंने कहा कि समाज में बड़े से बड़े और छोटे से छोटे व्यक्ति की इच्छा होती है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार मिले और आगे चलकर वह परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें। शिक्षक का दायित्व भावी पीढ़ी का निर्माण करना होता है।कार्यक्रम को समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव कुमार झा एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक श्री जयप्रकाश रथ व समग्र के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री क.े सी. काबरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन स्टेट मीडिया सेंटर के नोडल अधिकारी प्रशांत पांडेय ने व आभार प्रदर्शन उप संचालक प्रोफसर पुष्पा किस्पोट्टा ने किया। इस अवसर पर बीएड कॉलेज के शिक्षक, छात्र सहित स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
- -ग्राम भितघरा में पारंपरिक तरीके से किया स्वागत-घर पर बधाई देने वालों का तांता-बिरहोर, पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोग मना रहे उत्सवरायपुर । जशपुर जिले के रहने वाले श्री जागेश्वर यादव को वर्ष 2024 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। जिले के बिरहोर आदिवासियों के उत्थान हेतु बेहतर कार्य के लिए उन्हें यह अवार्ड दिया जायेगा। बगीचा ब्लॉक के भितघरा गांव में पहाड़ियों व जंगल के बीच रहने वाले श्री जागेश्वर यादव 1989 से ही बिरहोर जनजाति के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए जशपुर में एक आश्रम की स्थापना की है।श्री जागेश्वर यादव का पद्मश्री अवार्ड के लिए चयन होने के बाद से उनके घर, गांव खासकर बिरहोर और विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्रामों में खुशी का माहौल है। साथ ही लोगों का बधाई देने के लिए उनके घर आने का सिलसिला जारी है। भितघरा के निवासी ख़ुशी से झूम-नाच रहे है। जब जशपुर से श्री जागेश्वर यादव अपने गांव पहुंचे तो उनका उत्साह के साथ ग्राम वासियों ने स्वागत किया। पारम्परिक गीत-नृत्य के साथ नाचते-गाते हुए लोगों ने उन्हें घर पहुँचाया ।श्री जागेश्वर यादव का पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित है। श्री जागेश्वर यादव जशपुर के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने हाशिए पर पड़े बिरहोर और पहाड़ी कोरवा लोगों के लिए काम किया। उन्होंने जशपुर में आश्रम की स्थापना की और निरक्षरता को खत्म करने के साथ-साथ आदिवासियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं। कोरोना के दौरान जागेश्वर ने आदिवासियों को वैक्सीन लगवाईं। इन कामों में आर्थिक तंगी तो आड़े आई, लेकिन इसके बावजूद जागेश्वर यादव ने कभी भी सेवा में कमी नहीं आने दी। अपने अथक प्रयासों से वो बिरहोर के भाई बन गए।श्री जागेश्वर यादव का जन्म जशपुर जिले के भितघरा में हुआ था। बचपन से ही इन्होंने बिरहोर आदिवासियों की दुर्दशा देखी थी। जानकारी के मुताबिक घने जंगलों में रहने वाले बिरहोर आदिवासी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से वंचित थे। श्री जागेश्वर ने इनके जीवन को बदलने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने आदिवासियों के बीच रहना शुरू किया। उनकी भाषा और संस्कृति को सीखा। इसके बाद उन्हें शिक्षा की अलख जगाई और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया।श्री जागेश्वर यादव ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से चर्चित हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बुलाया था तो वह उनसे मिलने नंगे पाव ही चले गए थे। जागेश्वर को 2015 में शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान मिल चुका है।आर्थिक कठिनाइयों की वजह से यह काम आसान नहीं था। लेकिन उनका जुनून सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक रहा। श्री जागेश्वर बताते हैं कि पहले बिरहोर जनजाति के बच्चे लोगों से मिलते जुलते नहीं थे। बाहरी लोगों को देखते ही भाग जाते थे। इतना ही नहीं जूतों के निशान देखकर भी छिप जाते थे। ऐसे में पढ़ाई के लिए स्कूल जाना तो बड़ी दूर की बात थी। लेकिन अब समय बदल गया है। श्री जागेश्वर यादव के प्रयासों से अब इस जनजाति के बच्चे भी स्कूल जाते हैं। श्री जागेश्वर यादव के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद से ही परिवार और पूरा गांव खुशियां मना रहा है।
-
कलेक्टर चन्द्रवाल ने शक्कर कारखाना करकाभाट में किया दाल-भात केंद्र का शुभारंभ
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने शक्कर कारखाना करकाभाट में 26 जनवरी को दाल-भात केंद्र का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि शक्कर कारखाना परिसर करकाभाट में शुरू किए गए इस दाल-भात केंद्र में कारखाना में आने वाले मजदूरों एवं आम नागरिको को बहुत ही कम दर पर बेहतर खाना उपलब्ध कराया जाएगा। कारखाना के मजदूरों के द्वारा लगातार शक्कर कारखाना परिसर मंे दाल-भात केंद्र खोलने की मांग की जा रही थी। जिसे देखते हुए कलेक्टर ने 26 जनवरी को दाल-भात केंद्र का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर कलेक्टर एवं गन्ना किसान संघ के पदाधिकारियों ने दाल-भात केंद्र परिसर में वृक्षरोपण भी किया। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास, गन्ना फैक्ट्री के प्रबंध संचालक श्री आरपी राठिया एवं अन्य अधिकारियों के अलावा गन्ना कृषक उपस्थित थे। -
बच्चों की अच्छी शिक्षा-दीक्षा एवं कुपोषण दूर करने के समुचित उपाय सुनिश्चित करने ग्रामीणों से मांगा वचन
शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के साथ-साथ ग्रामीणों के मांगों का निराकरण करने का दिया आश्वासन
बालोद। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम केरीजुंगेरा के वनाधिकार पत्रधारी कृषकों एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाआंें का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु उनके गांव में पहुंचकर चौपाल लगाया। कलेक्टर ने कहा कि शासन प्रशासन के द्वारा गांव के विकास हेतु अनेक कार्य एवं योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके साथ ही जिला प्रशासन के द्वारा भी गांव के विकास के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बदले में उन्होंने ग्रामीणों को अपने बच्चांे को स्कूल और आंगनबाड़ी भेजने तथा बच्चों के कुपोषण दूर करने के उपाय तथा उनकी समुचित शिक्षा-दीक्षा उपलब्ध कराने हेतु वचन देने को कहा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि शिक्षा समाज की विकास की रीढ़ है। इसलिए हम सभी को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा-दीक्षा व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने ग्रामीणों से बारी-बारी से चर्चा कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राशनकार्ड, सामाजिक पेंशन, आयुष्मान कार्ड आदि शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत उन्हें मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित किसान श्री फिरतूराम ने बताया कि उन्हें वनाधिकार पत्र मिल गया है लेकिन उनका ऋण पुस्तिका नही बना है। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे को संबंधित किसान का तत्काल बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने ग्राम किल्लेकोड़े मरदेल बांध का निर्माण करने की मांग की। इसी तरह केरीजुंगेरा से लोहारटोला तक सड़क निर्माण, करने आदि की मांग की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांगांे पर विचार करते हुए उनके निराकरण हेतु शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। श्री चन्द्रवाल ने ग्राम केरीजुंगेरा के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की नियमित उपस्थिति आदि के बारे में जानकारी लेते हुए बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल एवं आंगनबाड़ी भेजने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा एवं जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोशनी भगत में ग्राम केरीजुंगेरा के वनाधिकार पत्रधारी कृषकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कराए गए लाभ के संबंध में भी जानकारी दी। जनपद पंचायक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोशनी भगत ने कहा कि ग्रामीणों एवं वनाधिकार पत्रधारी कृषकों एवं ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बुधवार 31 जनवरी को विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतर्गत शिविर आयोजित करने की जानकारी दी। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही से चर्चा कर लिया फीडबैक
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम भरदा लो में पहुँचकर राशन कार्ड का नवीनीकरण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्याें का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्राम भरदा लो के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राही से चर्चा कर योजना के समुचित क्रियान्वयन के संबंध में उनका फीडबैक लिया। श्री चन्द्रवाल ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान भरदा लो में राशन कार्ड के नवीनीकरण कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों एवं मौके पर उपस्थित खाद्य निरीक्षक श्री धरमू किरंगे से राशनकार्ड के नवीनीकरण कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से नवीनीकृत राशन कार्ड बनाने हेतु आवेदन करने की निर्धारित प्रक्रिया आदि के संबंध मंे भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आवेदकों के द्वारा आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात् हितग्राहियों को नवीनीकृत राशनकार्ड प्रदान करने की अवधि के संबंध में भी जानकारी ली। खाद्य निरीक्षक श्री धरमू किरंगे ने बताया कि नवीनीकृत राशनकार्ड बनाने हेतु आॅनलाईन आवेदन करने की तिथि 25 जनवरी से 15 फरवरी तक निर्धारित है। इसके साथ ही हितग्राहियों को राशनकार्ड वितरण की अंतिम तिथि 29 फरवरी को निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बीपीएल हितग्राहियों को नवीनीकृत राशनकार्ड निःशुल्क एवं एपीएल हितग्राहियों को नवीनीकृत राशनकार्ड के साथ 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
इस दौरान कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राही श्रीमती कुमारी बाई के नवनिर्मित प्रधानमंत्री आवास में पहुँचकर उसका अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने श्रीमती कुमारी बाई से बातचीत कर योजना के समुचित क्रियान्वयन के संबंध में फीडबैक ली। उन्होंने श्रीमती कुमारी बाई से उसके आवास की सभी किश्तों की राशि प्राप्त होने के संबंध में भी जानकारी ली। श्रीमती कुमारी बाई ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी किश्तों की कुल 01 लाख 20 हजार रुपये तथा 90 मानव दिवस की राशि समय पर प्राप्त हो गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित पक्का आवास मिलने से श्रीमती कुमारी बाई बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रही थी। इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास, एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, तहसीलदार श्री गोविन्द सिन्हा, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोशनी भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
निगम मे हर्षोउल्लास से मना 75 वाँ गणतंत्र दिवस
भिलाई नगर/ भिलाई निगम के 70 वार्ड से स्वच्छ परिवार चुने जायेंगे जिसे आगामी गणतंत्र दिवस पर स्मृति चिन्ह एवं प्रसस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा । महापौर नीरज पाल ने निगम में ध्वाजारोहण पश्चात अपने उदबोधन में घोषणा करते हुए कहा कि भिलाई को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में नागरिकों को स्वच्छता में जनभागीदारी जरूरी है। प्रतिस्पर्धा की भावना से स्वछता पर कार्य करेंगे तो बेहतर परिणाम भी आएगा। इसी उद्देश्य से निगम क्षेत्र के सभी वार्ड मे अपने घर व आस पास स्वछता बनाये रखने, कचरे को व्यवस्थित तरिके रखने वाले परिवार की ग्रेडिंग की जाएगी जिसमे सभी वार्ड के उत्कृष्ट परिवार को आगामी गणतंत्र दिवस पर निगम मुख्यालय मे जनप्रतिनिधि व अधिकारियो की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।
भिलाई निगम मे 26 जनवरी पर मुख्यालय कार्यालय, जोन कार्यालय एवं यूनियन कार्यालय मे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। सुपेला मे महापौर नीरज पाल, जोन अध्यक्ष राजेश चौधरी, एम.आई.सी.सदस्य मालती ठाकुर आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव,अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी ,अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति मे ध्वजारोहण किया गया। इसके पूर्व सभी जोन कार्यालय मे जोन अध्यक्ष पार्षद अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति मे ध्वज फहराया गया।
शहीद उद्यान - नेहरू नगर चौक मे ध्वजारोहण
नेहरूनगर चौक मे वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन तथा शहीद पार्क सेक्टर 5 मे विधायक देवेंद्र यादव महापौर ,जोन अध्यक्ष, पार्षद जोन आयुक्त अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति मे ध्वाजारोहण किया गया । शहीद उद्यान मे देशभक्ति गीतो का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया
10 विभूतियों को मिला सम्मान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहीद पार्क में 10 विभूतियों को शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। खेल, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य सहित 10 क्षेत्रों में भिलाई का नाम आगे बढ़ाने वाले विभूतियों को विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, एमआईसी मेंबर ने सम्मान किया।



























.jpg)