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- -मुख्यमंत्री श्री बघेल से हरदिया साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात-भूमि आबंटन में रियायत प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से शुक्रवार को यहां उनके निवास कार्यालय में विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के हरदिया साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन एवं रायपुर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री पंकज शर्मा भी मौजूद थे।प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट के बैठक में हरदिया साहू समाज को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में सभी वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की भी सराहना की।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुलाकात के दौरान कहा कि हरदिया साहू समाज द्वारा सामूहिक विवाह के आयोजन को पूरी तरह से अपनाया जाना पूरे समाज के लिए एक मिसाल है, जो अन्य समाज के लिए भी प्रेरक है। आज के जमाना में शादी-व्याह का कार्यक्रम बहुत खर्चीला हो गया है। ऐसे दौर में हरदिया साहू समाज के हर घर-परिवार द्वारा सामूहिक विवाह को प्राथमिकता देना एक अनुकरणीय पहल है।प्रतिनिधिमंडल में हरदिया साहू समाज के पदाधिकारी सर्वश्री डेरहा राम साहू, भुवनलाल, भागीरथी, हेमंत, मुकेश साहू, ठाकुर राम, चोवा राम, श्रीमती गणेशा साहू, श्रीमती प्रेरणा साहू, श्रीमती निशा साहू, श्रीमती अनूपा साहू, श्रीमती शशि साहू, मनोज, विनय, प्रमोद साहू, पुनाराम, प्रहलाद, कृष्णा साहू, सुरेश, ललित साहू आदि उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल में 01 अक्टूबर को सिक्ख समाज द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय सिक्ख सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आमंत्रण के लिए सिक्ख समाज को धन्यवाद दिया।सिक्ख सम्मेलन का आयोजन अटल बिहारी बाजपेयी ऑटिडोरियम मेडिकल कॉलेज जेल रोड रायपुर में दोपहर 01 बजे से किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिक्ख समाज के पदाधिकारी सर्वश्री मलकीत सिंह गैदू, गुरप्रीत सिंह बाबरा, निरंजन सिंह खनूजा, गुरूबक्श सिंह छाबड़ा, इन्दरजीत सिंह छाबड़ा, इन्दरजीत सिंह भूप्पी, तेजीन्दर सिंह होरा, त्रिलोचन सिंह टूटेजा, हरजीत सिंह छाबड़ा, दिलीप सिंह छाबड़ा उपस्थित थे।
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इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह में संगोष्ठी आयोजित
*_विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी पुरस्कृत_*
रायपुर । इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में हिंदी पखवाड़ा के समापन के अवसर पर “कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में हिंदी की भूमिका“ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित नारा, कविता, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि रायपुर संभाग आयुक्त डॉ. संजय अलंग थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल के सदस्य श्री आनंद मिश्रा और श्रीमती वल्लरी चंद्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. संजय अलंग ने कहा कि कविता, कहानी, निबंध आदि के लेखन से भाषा का प्रसार नहीं होता, बल्कि व्यवहार में लाने से होता है। आज हम डिजिटल युग में संप्रेषण कर रहे हैं। हमारा संप्रेषण आसान हो गया है, लेकिन हमारी हिंदी कमजोर हो गई है और शब्दावली में कमी आ गई है। अच्छे संप्रेषण के लिए भाषा का चयन जरूरी है। कृषि विश्वविद्यालय और यहां के वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे नवीन कृषि अनुसंधानों को किसानों और हितग्राहियों तक संप्रेषित करने के लिए उनकी स्थानीय भाषा का प्रयोग लाना चाहिए। जिससे किसान और हितग्राही आसानी से समझ सकें और अपने उपयोग में शामिल कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि हमें अनुसंधान उपलब्धियों से किसानों को जोड़ना है तो यह आवश्यक है कि अपनी बातों को उनकी भाषा और बोली में उन तक पहुंचायी जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि भारत में हिन्दी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह देश की बहुसंख्यक आबादी द्वारा बोली एवं समझी जाने वाली प्रमुख भाषा है। इसलिए यह आवश्यक है कि कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में हिन्दी भाषा को बढ़ावा दिया जाए। कृषि के विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु हिन्दी भाषा में बड़ी संख्या में पुस्तकें लिखी जा रही हैं लेकिन और अधिक गुणवत्तायुक्त, स्तरीय पुस्तकें लिखे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनेक सर्वेक्षणों में भी यह साबित हुआ है कि विद्यार्थियों को अगर उनकी मातृ भाषा में शिक्षा दी जाए तो वे इसे शीघ्रता से ग्रहण कर लेते हैं। विदेशी भाषा में शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए अपेक्षाकृत कठिन कार्य होता है। इसी प्रकार विभिन्न सामाजिक सर्वेक्षणों में भी यह पाया गया है कि ग्रामीण जनता विशेषकर किसानों को अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के बारे में उनकी मातृ भाषा या स्थानीय बोली में जानकारी दी जाए तो वे इन्हें जल्दी समझ पाते हैं।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल सदस्य आनंद मिश्रा ने कहा कि मनुष्य मातृभाषा में जल्दी सीखता है। आज हमारा देश तकनीकी के साथ साथ सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अनुसंधान के क्षेत्र में आज भी दूसरे देशों के भरोसे है। इसका कारण सिर्फ भाषा है। ज्ञान को आत्मसात करने की शक्ति मातृभाषा से ही आती है। आज हमें किसानों की समस्या, उनकी बात को समझना होगा और उन्हे उन्ही की भाषा-बोली में समझाना होगा। श्रीमती वल्लरी चंद्राकर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिदिन अपनी कक्षाओं के साथ साथ रचनात्मक कार्यों में भी विद्यार्थियों को समय देना चाहिए। हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित प्रतियोगिताएं उन्हीं का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए हिन्दी संगोष्ठी के दौरान विश्वविद्यालय में 14 से 29 सितम्बर तक आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का सचांलन डॉ. राकेश बनवासी ने किया। कार्यक्रम के अंत में राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री संजय नैयर ने आभार प्रदर्शन किया।*विभिन्न प्रतियोगिताएं के विजेता हुए पुरस्कृत*
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित 14 से 29 सितंबर के मध्य नारा लेखन, कविता लेखन, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रज्ञा चंद्राकार को प्रथम, मनभवन सिंह कंवर को द्वितीय तथा आदर्श चंद्राकर तृतीय स्थान पर रहे। कविता लेखन प्रतियोगिता में टोलिना विशाल शर्मा को प्रथम, हिमानी सिन्हा को द्वितीय और हिमांशु कुमार राणा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। निबंध लेखन प्रतियोगिता में बमलेश्वर सप्रे को प्रथम, खुशबु को द्वितीय और कीर्ति बैस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में हिमानी सिन्हा को प्रथम और रिया कटरे को द्वितीय तथा विपक्ष में सोमेश कुर्रे को प्रथम और संतोषी एक्का को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। - -छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरिज आफताब और तमिलनाडू के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सत्यब्रत साहू ने निर्वाचन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में दिया प्रशिक्षणरायपुर.। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के लिए राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरिज आफताब और तमिलनाडू के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सत्यब्रत साहू ने निर्वाचन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में प्रशिक्षण दिया। छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं स्टेट लेवल फोर्स को-ऑर्डिनेटर श्री विवेकानन्द सिन्हा, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले तथा स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर श्री ओ.पी. पाल भी इस दौरान उपस्थित थे।राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज के प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों के महत्व, इनकी आवश्यकता एवं आसन्न विधानसभा चुनाव में निर्वाचन संबंधी कानून का उपयोग कर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए पुलिस अधिकारियों की भूमिका को रेखांकित किया। पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने निर्वाचन के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिकोण से की जाने वाली पूर्व तैयारियों, आवश्यक कार्यवाहियों, निर्वाचन के लिए अन्य राज्यों से आए पुलिस बल के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को राज्य में सफल निर्वाचन संपन्न कराने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।आई.आई.आई.डी.ई.एम., नई दिल्ली की ओर से रिसोर्स पर्सन के रूप में आए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरिज आफताब ने अधिकारियों को निर्वाचन की घोषणा के पूर्व की जाने वाली तैयारियों, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, क्रिटिकलिटी विश्लेषण, मतदान दिवस के पूर्व, मतदान दिवस पर एवं मतदान के पश्चात की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बारे में गहन प्रशिक्षण दिया। तमिलनाडू के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सत्यब्रत साहू ने निर्वाचन के दौरान सशस्त्र बलों की आवश्यकता, उनके डेप्लॉयमेंट, स्थानीय पुलिस बल के डेप्लॉयमेंट, आदर्श आचार संहिता, निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण एवं कानून-व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्य के सी.ए.पी.एफ. नोडल ऑफिसर श्री साकेत कुमार, ई.ई.एम. नोडल ऑफिसर श्री एस.सी. द्विवेदी, कम्युनिकेशन नोडल ऑफिसर श्री रतनलाल डांगी और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर सहित राज्य के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण में शामिल हुए।
- दुर्ग / दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जिनमें से भिलाई नगर निगम क्षेत्र व दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अमले द्वारा डेंगू से संबंधित नियंत्रण व रोकथाम का कार्य निरंतर किया जा रहा है। आज आज 29 सितम्बर को 01 नये प्रकरण डेंगू एलिजा पॉजिटिव के मिले। वर्तमान में 10 मरीज भर्ती है एवं कोई भी मरीज की गंभीर स्थिति नहीं है। मरीजों के निवास क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले द्वारा मास्किटो सोर्स रिडक्शन का कार्य दैनिक रूप से किया गया है। डेंगू एलिजा पॉजिटिव के नया मरीज हार्डवेयर लाईन सुपेला का रहवासी है। नगर निगम भिलाई, चरोदा, रिसाली जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र,एवं नगर निगम दुर्ग की टीम के द्वारा लगातार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नष्टीकरण के लिए टेमीफॉस एवं एडिस मच्छर को नष्ट करने के लिए मेलाथियॉन से फागिंग का कार्य किया जा रहा है। डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दुर्ग, भिलाई, चरोदा, रिसाली नगर निगम जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र, स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण/शहरीय की टीम द्वारा कुल 111431 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जांच किये कुलर पानी टंकी व अन्य कंटेनर की संख्या-150720 जिनमें से 52760 खाली कराये गये। सभी कंटेनरों में 88728 स्थानों में टेमीफास डालकर लार्वा का नष्टीकरण किया गया, 114167 पाम्पलेट के माध्यम से डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम के अनुसार जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, सभी नगर निगम एवं मीडिया के द्वारा लगातार लोंगों से यह अपील की जा रही है कि सप्ताह में एक दिन शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाना डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए उचित होगा। उस दिन घर के सारे कन्टेंनर जैसे कुलर, पानी टंकी व अन्य जिसमें बारिश का पानी एकत्रित हो उसको समतल जगह में उस पानी की निकासी की जाये। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कारगर होगा। अपील नही मानने पर यदि किसी घर मे पहली बार लार्वा मिलता है तो नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा समझाईश दी जाएगी और दुसरी बार लार्वा मिलने पर 500 रूपए से लेकर 5000 रूपए तक का अर्थदंड वसूला जाएगा जिसकी जवाबदारी स्वंय की होगी।जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जे.पी.मेश्राम एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.सी.बी.एस.बंजारे के द्वारा लोगों से यह अपील की जाती है कि बुखार आने पर मलेरिया एवं डेंगू की जॉंच की जाये। डेंगू एवं मलेरिया की जॉंच जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में जॉंच निःशुल्क किया जा रहा है। जॉच के उपरान्त ही डॉक्टर के परामर्श से दवा लेना उचित होगा।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बिरेभाठ तहसील धमधा जिला दुर्ग निवासी श्री विमल खुन्टेल की विगत 28 अगस्त 2021 को सतनामी पारा के तालाब में डूबने के कारण मृत्यु हो गई थी। कलेक्टर द्वारा मृतक स्व. विमल खुन्टेल की पत्नी श्रीमती ईश्वरी बाई खुन्टेल को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- - संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा को पेंशन प्रकरण लंबित होने की देनी होगी जानकारीदुर्ग / जिले की शासकीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने की प्रशासनिक पहल की गई है। ऑनलाईन फोटो के माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग होगी। कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आज शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने में विभागीय पहल की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के कार्यालयों में संलग्नीकरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का कार्य स्कूलों में अध्यापन कराने का है। उनकी सेवाएं स्कूलों में ली जाए ना कि कार्यालयों में। अधिकारियों ने अवगत कराया कि किसी भी कार्यालय में शिक्षक संलग्न नहीं है। विभागीय पेंशन प्रकरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 27 लंबित प्रकरण में से 5 पुराने प्रकरण संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय में लंबित है। कलेक्टर श्री मीणा ने पेंशन के लंबित प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा को जिले के समस्त लंबित पेंशन प्रकरण की विभागवार जानकारी उपलब्ध कराने निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि कोष एवं लेखा कार्यालय में लंबित पेंशन प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा समय-सीमा की बैठक में होगी। आवश्यक जानकारी के साथ कोष एवं लेखा कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी को समय-सीमा की बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा। कलेक्टर ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित मानिटरिंग ऑनलाईन फोेटो के माध्यम से की जा रही है। जिले के 583 शासकीय प्राथमिक, 337 अपर प्राथमिक, 50 हाई स्कूल, 85 हायर सेकेण्डरी स्कूल व 52 सजेस के प्रधानपाठक/प्राचार्य शिक्षकों एवं स्कूली बच्चों की नियमित उपस्थिति की फोटो अपलोड कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विभागीय प्रक्रिया की प्रतिदिन की रिपोर्ट होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से 16 जून 2023 से अब तक की कम्पलायन रिपोेर्ट उपलब्ध कराने कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता परखने मासिक टेस्ट के लिए प्रश्नावली हेतु शिक्षकों का पैनल तैयार करने तथा रिजल्ट ऑनलाईन एन्ट्री कराने कहा। उन्होंने कहा कि सजेस विद्यालयों की उपस्थिति की एन्ट्री पृथक से होनी चाहिए। कलेक्टर ने जिले में समावेशी शिक्षा और सुघ्घर पढ़वइया के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का आकलन, चिन्हांकन एवं नामांकन पश्चात् कुल 21 प्रकार की विविध बाधिता वाले 3080 बच्चों का चिन्हांकन किया गया है। समस्त दिव्यांग बच्चों के लिए बाधा मुक्त शिक्षा की परिकल्पना करते हुए चिन्हांकित समस्त बच्चों का प्रशस्त एप के माध्यम से यू-डाईस में प्रविष्टि कराया जा चुका है। इसी प्रकार जिले के 918 विद्यालयों में सुघ्घर-पढ़वइया में चुनौती लिया। जिसमें 4 विद्यालय ने प्लेटिनम, एक विद्यालय ने गोल्ड का सर्टिफिकेट प्राप्त किया है। file photo
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रायपुर, / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक के क्लस्टर विकास निधि और राष्ट्रीय आवास बैंक की शहरी अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों हेतु गठित हाई पावर कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में योजनांतर्गत विभिन्न कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वित्त विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद भी मौजूद थे।
बैठक में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक और राष्ट्रीय आवास बैंक के द्वारा स्वीकृत विभिन्न कार्यों के प्रस्तावों के संबंध में अधिकारियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी शिक्षा एवं जन शक्ति नियोजन विभाग के अंतर्गत 122 आईटीआई के उन्नयन हेतु मशीन औजार एवं उपकरण हेतु प्रस्ताव सिडबी को प्रेषित किए गए है। इसी तरह से राज्य के विभिन्न रीपा के अंतर्गत विभिन्न कार्यों के करीब 75 कार्यों हेतु प्रस्ताव भेजने की विस्तृत जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत 18 नगरीय निकायों के अधोसंरचना विकास के कार्यों की स्वीकृति हेतु राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा पात्र घोषित किया गया है। इस हेतु नगरीय निकायों में स्वीकृत करीब 433 करोड़ के कार्यों को चिन्हित किया गया है। इसी तरह से राष्ट्रीय आवास बैंक के अंतर्गत वर्तमान में बीजापुर एवं भैरमगढ़ जल आवर्द्धन योजनाएं स्वीकृत की गई है। इन जल आवर्द्धन योजनाओं के कार्य प्रगतिरत है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली, भारतीय लघु विकास बैंक नई दिल्ली की उप महाप्रबंधक ममता कुमारी, क्षेत्रीय प्रबंधक राष्ट्रीय आवास बैंक रायपुर के श्री सचिन शर्मा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, तकनीकी शिक्षा सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- -न्यायाधीशगणों, कर्मचारियों और सुदूर क्षेत्रों से आने वाले पक्षकारों एवं आगंतुको को मिलेगा लाभ-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति पर दी गई भावभीनी विदाईरायपुर, 29 सितंबर 2023/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने आज छत्तीसगढ़ के दूरस्थ सुदूर दंतेवाड़ा के जिला न्यायालय परिसर में प्राथमिक उपचार केन्द्र का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर दंतेवाड़ा जिले के पोर्टफोलियो जज श्री एन. के. व्यास उपस्थित रहे।प्राथमिक उपचार केन्द्र में जीवन रक्षक दवाईयाँ उपलब्ध रहेगीं तथा निःशुल्क प्रदान की जायेगी। दंतेवाड़ा के न्यायाधीशगण, कर्मचारीगण, सुदूर क्षेत्रों से आने वाले पक्षकारों एवं आगंतुको तथा अधिवक्तागणों को प्राथमिक उपचार केन्द्र का लाभ प्राप्त होगा। जिला न्यायालय परिसर दंतेवाड़ा में प्राथमिक उपचार केन्द्र का उद्घाटन होने से क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई।सेवानिवृत कर्मचारी को दी गई विदाईकल 30 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री लक्ष्मी ध्रुव सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति की पूर्व संध्या पर मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा द्वारा श्री लक्ष्मी ध्रुव को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने श्री लक्ष्मी ध्रुव के भावी स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा, एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम तथा प्रोटोकॉल ऑफिसर श्री आर. एस. नेगी भी उपस्थित थे।
- भिलाई । आईआईटी भिलाई ने 14. से 28.सितबंर तक "हिंदी पखवाड़ा" मनाया गया । हिंदी दुनिया में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और इसने भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दिया है। भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को सम्मानित करने के लिए आईआईटी भिलाई में हर साल यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।यह आयोजन 14 सितंबर, 2023 को एक शपथ ग्रहण समारोह के साथ शुरू हुआ जिसमें सभी संकाय और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक आधिकारिक कामकाज के लिए हिंदी भाषा का उपयोग करने की प्रतिज्ञा ली। पखवाड़े के दौरान प्रश्नोत्तरी, कविता और निबंध लेखन, कविता पाठ और भाषण सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं और उत्साहपूर्ण भागीदारी हुई। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। कार्यक्रम के अंतिम दिन आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने समापन भाषण दिया।प्रोफेसर प्रकाश ने हिंदी पखवाड़ा के दौरान लोगों की भागीदारी बढ़ाने और उनके दैनिक जीवन में हिंदी के प्रति रुचि जगाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने की बात कही। सिर्फ एक पखवाड़ा मनाने के दायरे से आगे बढ़कर बड़ी भागीदारी होनी चाहिए। नियमित हिंदी बोलना, हिंदी फिल्में देखना, हिंदी समाचार पत्र पढ़ना और हिंदी में लिखना भी जरूरी है। सितबंर तक गया
- रायपुर / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों को रोजगार प्रदान करवाने एवं स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ कॉलेज, बैरन बाजार में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जॉब फेयर आयोजित है। इस जॉब फेयर के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजक टेक्नोटास्क बिजनेस सॉल्यूशन ( बीपीओ) रायपुर द्वारा 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती सी.एस.ए. के 300 पदो पर न्यूनतम वेतनमान 13 हजार प्रतिमाह के वेतनमान पर भर्ती की जाएगी। छत्तीसगढ़ शासन की बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों को रोजगार प्रदान करवाने विशेष प्राथमिकता प्रदान की जावेगी। जॉब फेयर में सम्मिलित होने योग्य एवं इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि एवं स्थल पर अपने बॉयोडाटा / आधार कार्ड एवं शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ उपस्थित हो सकते हैं। इसके लिए अधिक जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय में भी संपर्क कर सकते है।
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-इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह में संगोष्ठी आयोजित-विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी पुरस्कृतरायपुर । इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में हिंदी पखवाड़ा के समापन के अवसर पर “कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में हिंदी की भूमिका“ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित नारा, कविता, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि रायपुर संभाग आयुक्त डॉ. संजय अलंग थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल के सदस्य श्री आनंद मिश्रा और श्रीमती वल्लरी चंद्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. संजय अलंग ने कहा कि कविता, कहानी, निबंध आदि के लेखन से भाषा का प्रसार नहीं होता, बल्कि व्यवहार में लाने से होता है। आज हम डिजिटल युग में संप्रेषण कर रहे हैं। हमारा संप्रेषण आसान हो गया है, लेकिन हमारी हिंदी कमजोर हो गई है और शब्दावली में कमी आ गई है। अच्छे संप्रेषण के लिए भाषा का चयन जरूरी है। कृषि विश्वविद्यालय और यहां के वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे नवीन कृषि अनुसंधानों को किसानों और हितग्राहियों तक संप्रेषित करने के लिए उनकी स्थानीय भाषा का प्रयोग लाना चाहिए। जिससे किसान और हितग्राही आसानी से समझ सकें और अपने उपयोग में शामिल कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि हमें अनुसंधान उपलब्धियों से किसानों को जोड़ना है तो यह आवश्यक है कि अपनी बातों को उनकी भाषा और बोली में उन तक पहुंचायी जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि भारत में हिन्दी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह देश की बहुसंख्यक आबादी द्वारा बोली एवं समझी जाने वाली प्रमुख भाषा है। इसलिए यह आवश्यक है कि कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में हिन्दी भाषा को बढ़ावा दिया जाए। कृषि के विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु हिन्दी भाषा में बड़ी संख्या में पुस्तकें लिखी जा रही हैं लेकिन और अधिक गुणवत्तायुक्त, स्तरीय पुस्तकें लिखे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनेक सर्वेक्षणों में भी यह साबित हुआ है कि विद्यार्थियों को अगर उनकी मातृ भाषा में शिक्षा दी जाए तो वे इसे शीघ्रता से ग्रहण कर लेते हैं। विदेशी भाषा में शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए अपेक्षाकृत कठिन कार्य होता है। इसी प्रकार विभिन्न सामाजिक सर्वेक्षणों में भी यह पाया गया है कि ग्रामीण जनता विशेषकर किसानों को अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के बारे में उनकी मातृ भाषा या स्थानीय बोली में जानकारी दी जाए तो वे इन्हें जल्दी समझ पाते हैं।इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल सदस्य आनंद मिश्रा ने कहा कि मनुष्य मातृभाषा में जल्दी सीखता है। आज हमारा देश तकनीकी के साथ साथ सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अनुसंधान के क्षेत्र में आज भी दूसरे देशों के भरोसे है। इसका कारण सिर्फ भाषा है। ज्ञान को आत्मसात करने की शक्ति मातृभाषा से ही आती है। आज हमें किसानों की समस्या, उनकी बात को समझना होगा और उन्हे उन्ही की भाषा-बोली में समझाना होगा। श्रीमती वल्लरी चंद्राकर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिदिन अपनी कक्षाओं के साथ साथ रचनात्मक कार्यों में भी विद्यार्थियों को समय देना चाहिए। हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित प्रतियोगिताएं उन्हीं का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए हिन्दी संगोष्ठी के दौरान विश्वविद्यालय में 14 से 29 सितम्बर तक आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का सचांलन डॉ. राकेश बनवासी ने किया। कार्यक्रम के अंत में राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री संजय नैयर ने आभार प्रदर्शन किया।
विभिन्न प्रतियोगिताएं के विजेता हुए पुरस्कृतइस अवसर पर अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित 14 से 29 सितंबर के मध्य नारा लेखन, कविता लेखन, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रज्ञा चंद्राकार को प्रथम, मनभवन सिंह कंवर को द्वितीय तथा आदर्श चंद्राकर तृतीय स्थान पर रहे। कविता लेखन प्रतियोगिता में टोलिना विशाल शर्मा को प्रथम, हिमानी सिन्हा को द्वितीय और हिमांशु कुमार राणा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। निबंध लेखन प्रतियोगिता में बमलेश्वर सप्रे को प्रथम, खुशबु को द्वितीय और कीर्ति बैस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में हिमानी सिन्हा को प्रथम और रिया कटरे को द्वितीय तथा विपक्ष में सोमेश कुर्रे को प्रथम और संतोषी एक्का को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी में मुख्य अभियन्ता (मानव संसाधन) श्री विनय दुबे को सेवानिवृत्ति पश्चात् भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल एवं पॉवर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस.के.कटियार ने उन्हें सेवानिवृत्ति के लिए शुभकामनाएं दी एवं पाॅवर कंपनी की ओर से प्रतीकात्मक भेंट, प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।पॉवर कंपनी के डंगनिया स्थित सेवाभवन में आयोजित समारोह में मुख्य अभियंता श्री विनय दुबे को सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने बधाई दी। एम.डी. श्री कटियार ने कहा कि सेवा यात्रा के दौरान मिली जिम्मेदारियों का श्री दुबे ने बखूबी निर्वहन किया। कंपनी हित में उन्हें जो लक्ष्य दिये गए उसे अपनी बेहतर कार्यशैली से हासिल किया और अच्छी कार्यसंस्कृति विकसित की।इस अवसर पर श्री दुबे ने भी अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशकगण श्री एम.एस.कंवर, श्री सी.एल.नेताम, श्री संदीप मोदी, श्री एम.आर.बागड़े उपस्थित थे।इसी प्रकार एक अन्य कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव को प्रबंध निदेशक(जनरेशन) कार्यालय में एवं अति.मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से स्टाफ नर्स श्रीमती नीलमणि पंचारी को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल व सहायक प्रकाशन अधिकारी श्रीमती अनामिका मंडावी ने किया। - -वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट और लाइसेंस जारी की प्रक्रिया को बनाया पारदर्शी: मंत्री श्री अकबररायपुर, /छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज बेमेतरा जिले के नवनिर्मित ज़िला परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने नया कार्यालय भवन मिलने पर अधिकारियों और जिले वासियों को बधाई दी। लोकार्पण के अवसर पर विधायक श्री आशीष छाबड़ा, कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है। ताकि लोगों को अधिक बेहतर सुविधा मिले। उन्होंने आवश्यकतानुसार ड्राइविंग टेस्ट और प्राइवेट फिटनेस सेंटर्स की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया। मंत्री श्री अकबर ने इस मौके पर परिवहन विभाग द्वारा संचालित की जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग नवाचारी पहल से नागरिक सुविधाएं बढ़ी है और इससे लोग आसानी से अपना काम करा पा रहें है।इस दौरान मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कार्यालय भवन के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और परिसन की व्यवस्था व साफ़-सफ़ाई बनाएं रखने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को परिसर में छायादार-फलदार पौधों का रोपण करने को कहा।सर्वसुविधायुक्त है नया परिवहन कार्यालय - ज़िला परिवहन अधिकारी श्री अरविंद भगत ने बताया कि कार्यालय भवन कुल 3.8 एकड़ क्षेत्र में फैला है और जिसे 1.76 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। दो मंजिला नए भवन में स्टोर रूम, रिकॉर्ड रूम, प्रशासनिक शाखा सहित अधिकारियों तथा कर्मियों के लिए कक्ष बनाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा कर्मियों के रहने के लिए भी बैरक बने है। कार्यालय में भू-तल पर कॉन्फ्रेन्स हॉल और दूसरी मंज़िल पर मीटिंग कक्ष बनाया गया है। लर्निंग लायसेंस, स्थायी लायसेंस, बस परमिट व अन्य कार्य के लिए परिसर में खुलने वाली विंडो से काग़ज़ात जमा करने की व्यवस्था की गई है।
- -पुराने पम्प हाऊस में हुई गायों की मौत-साजिश की आशंका, अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर-गोठान में चरवाहा एवं चारे-पानी का है समुचित इंतजामबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजीव झा ने तखतपुर ब्लॉक के ग्राम नेवरा में 13 पशुओं के कथित तौर पर भूख से मरने की खबर को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी है। जिसके अनुसार पशुओं की मौत गोठान में न होकर बाजार स्थल के समीप एक पुराने पम्प हाऊस में हुई है जो कि गोठान से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं इस घटना पर साजिश की आशंका जाहिर करते हुए नेवरा गोठान समिति के अध्यक्ष श्री रामचंद्र यादव ने भी कोटा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाने में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 429, पशुओं के प्रति कु्ररता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 एवं छग कृषिक पशु परिरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।गोठान समिति के अध्यक्ष श्री रामचंद्र यादव द्वारा आज दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत नेवरा के बाजार स्थल के पानी टंकी के पास पुराने पम्प हाऊस के अंदर 15 मवेशी मृत हालत में एवं 1 पशु जीवित हालत में था जिसे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा लगभग 7-8 दिन पूर्व लाकर पम्प हाऊस के अंदर भरकर बाहर से दरवाजा लगा दिया गया था। मवेशियों को बिना खाना पानी के कु्ररता पूर्वक पम्प हाऊस के अंदर छोटे से कमरे में भर दिया गया। इसमें 15 मवेशी मृत हालत में एवं एक पशु जीवित हालत में पाया गया। जिला पंचायत सीईओ ने गोठान में पशुओं की मौत को सिरे से नकारते हुए खबर को असत्य एवं भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि नेवरा गोठान में चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था आज भी उपलब्ध है। गोठान में चरवाहे की भी व्यवस्था की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मदद से बंद कमरे से मृत पशुओं को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया और उन्हें दफनाया गया।
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भिलाई । भिलाई 3 स्थित आवास में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गणपति जी की सपरिवार पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
- रायपुर / दूरदराज के गांवों के लोगों को पीने के लिए शुद्ध जल अब उनके घर में ही मिल रहा है। जल जीवन मिशन योजना के तहत कोरबा जिले के प्रत्येक ग्राम बसाहट के हर घर में नल कनेक्शन दिया जा रहा है। जिससे लोगों की पेयजल प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंडरीपानी में ग्रामीणों को उनके घर तक पाइप लाइन बिछाकर नल कनेक्शन के द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया गया है। इस व्यवस्था से गांव के सभी लोग बहुत खुश हैं। योजना से पूर्व पंडरीपानी गांव के लोग पीने के पानी के लिए पहले मुख्य रूप से हैंडपंप, कुंआ अदि पर निर्भर रहना पड़ता था हर घर में नल जल मिलने से ग्रामीणों में उत्साह है। लोगो मे जन जागरूकता लाने ग्राम सभा में जल सम्बंधित चर्चा व व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाने लगा। जिससे यहां के लोग में स्वच्छ पीने के पानी की शुद्धता एवं अच्छे स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता आई है।पंडरीपानी की रहने वाली श्रीमती पुष्पांजलि सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत अपने घर में ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि घर बैठे ही उन्हें शुद्ध जल मिल जाने से उन्हें एवं उनके परिवार के लोगों को राहत मिली है। घर पर ही पर्याप्त मात्रा में जल मिलता है। पुष्पांजलि कहती है कि पहले उन्हें अपने घर वालो के लिए पेयजल लाने के लिए दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। अब घर के आंगन में ही पानी भरने की सुविधा उपलब्ध हो जाने से उन्हें पानी लाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने बताया कि जल का उपयोग खाना पकाने के साथ ही अन्य घरेलू कार्याे में किया जाता है। पानी के बिना बहुत सारे कार्य प्रभावित होते है। दूषित जल पीने से अनेक प्रकार की बीमारियां होने की संभावना होती है। वह साफ पानी के उपयोग से होने वाले फायदों के बारे में अपने आस पास के लोगों को भी बताती है। जिससे सभी पीने के लिए साफ पानी का उपयोग कर स्वस्थ रहे।इसी प्रकार योजना से लाभान्वित 74 वर्षीय श्रीमती लक्ष्मी बाई ने बताया कि पहले अपने दैनिक आवश्यकता के लिए पानी भरने के लिए हैंडपंप जाना पड़ता था जहां पानी भरने के लिए लंबी कतार में अपनी बारी का इंतिजार करना पड़ता था। लेकिन अब घर में ही नल से जल मिलने से उनका जीवन सहज हो गया है। घर में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त किया है।
- -सक्षम योजना में ऋण लेने हेतु पात्रता की शर्तों को किया गया शिथिल-परिवार के स्थान पर अब महिला की वार्षिक आय से होगा पात्रता का निर्धारण-महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने छत्तीसगढ़ महिला कोष की योजनाओं में हुआ संशोधन-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा पर राज्य सरकार ने जारी किया आदेशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई निर्णय लिए है। इसी कड़ी में विगत 02 मई को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मितानिनों के आभार सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महिला समूहों को 6 लाख रूपए तक ऋण देने और महिलाओं के लिए ऋण लेने की पात्रता शर्तों को सरल करने की घोषणा की थी। इस संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया है।छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना अन्तर्गत ऐसे महिला समूह जिन्होंने प्रथम बार ऋण लेकर पूरा पटा दिया है, उन्हें 04 लाख के स्थान पर अब अधिकतम 06 लाख रूपए ऋण की पात्रता होगी। साथ ही 04 से 06 लाख रूपए तक के ऋण की अदायगी, महिला स्व-सहायता समूहों से ऋण प्राप्ति के 6 माह पश्चात् 60 मासिक किश्तों में की जाएगी। पुनः ऋण की पात्रता का लाभ नियमित किश्त अदा करने वाले हितग्राहियों को ही दिया जायेगा ।इसके अतिरिक्त सक्षम योजना के अन्तर्गत पात्रता की शर्तों को शिथिल बनाया गया है। महिला हितग्राही की ऋण लेने की पात्रता परिवार की वार्षिक आय के स्थान पर उसके स्वयं के वार्षिक आय के आधार पर निर्धारित होगी। पारिवारिक वार्षिक आय राशि रूपये 01 लाख के स्थान पर अब जिस महिला की वार्षिक आय की सीमा राशि रूपये 02 लाख रूपए तक होगी उसे ऋण की पात्रता होगी।गौरतलब है कि महिला कोष द्वारा ऋण योजना व सक्षम योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला कोष का बजट इस वित्तीय वर्ष में लगभग 10 गुना बढ़ाकर 25 करोड़ रूपए कर दिया है। साथ ही नवीन कौशल्या समृद्धि योजना के लिए भी 25 करोड़ रूपए का आबंटन दिया गया है।
- 01 अक्टूबर को 01 घंटे का से स्वच्छता ही सेवा है विशेष अभियानभिलाईनगर/ स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत 01 अक्टूबर को निगम भिलाई के संपूर्ण 70 वार्डों में महापौर, पार्षद, स्कूल काॅलेज के छात्र, समाजसेवी, व्यवसायिक संगठन, स्वयं सेवी संस्था महिला समूह तथा शहर के आम नागरिकों द्वारा वृहद स्वच्छता अभियान में 01 घण्टा अपना श्रमदान कर महात्मा गांधी को स्वच्छता श्रद्धांजलि अर्पित करेगें। भिलाई निगम के महापौर नीरज पाल, सभापति गिरवर बंटी साहू, महापौर परिषद के सदस्य सहित समस्त वार्ड के पार्षद 01 घंटा श्रमदान कार्यक्रम में शामिल होकर स्वच्छता से संबंधित कार्यक्रम को सफल बनायेगें।निगम आयुक्त रोहित व्यास ने बताया की भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा जारी परिपत्र के तहत 01 अक्टूबर को स्वच्छता से नागरिकों को जोड़ने विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। जिसमें सम्पूर्ण निगम क्षेत्र में प्रातः 10 से 11 बजे 1 घंटा स्वच्छता श्रमदान से शहर के जनप्रतिनिधि, नागरिक एवं संस्थाएॅ साफ-सफाई कर भिलाई को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में अपनी सहभागिता देंगे। अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी ने सभी कर्मचारियों को अलग अलग कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसे पूरी निष्ठा व गंभीरता से क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करने कहा है। अभियान के तहत रहवासी क्षेत्र, खेल मैदान, बाजार क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र, मुक्तिधाम, कब्रिस्तान, मंदिर, गुरूद्वारा, गिरिजाघर, स्कूल, तालाब, उद्यान जैसे स्थलों को चयन किया गया है साथ ही गली मोहल्लों में भी सफाई अभियान चलाया जायेगा। इस प्रकार 01 अक्टूबर को निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्ड में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वार्ड सुपरवाईजर लोगो के घर-घर जाकर स्वच्छता श्रमदान में भाग लेने आमंत्रित कर रहे है तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुनादी भी करवाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग सफाई श्रमदान में भाग लें।सफाई के प्रति जनभागीदारी जरूरी -शासन के निर्देश अनुसार भिलाई निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत भिलाई को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए नागरिकों को जोड़ने के उददेश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। 15 सितंबर से शुरू हुए पखवाड़ा में निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में रैली, पाम्पलेट, नुक्कड़ नाटक जैसे आयोजनों से सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, सोकपिट का निर्माण, कम्पोस्ट पिट का निर्माण, प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रीकरण, घर-घर कचरा एकत्रीकरण के लिए सामूहिक श्रमदान किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों की जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- बालोद. जिले में बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के देवरी बंगला थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसना गांव में बुधवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन महिलाओं चमेली निषाद, चमेली की बहू कामीन निषाद और बसंती साहू की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि किसना गांव में बुधवार को महिलाएं खेत में काम करने गई थीं। जब महिलाएं खेत में थीं तब तेज बारिश होने लगी, बारिश से बचने के लिए तीनों महिलाएं एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। कुछ देर बाद पेड़ में बिजली गिरी और तीनों महिलाएं वहीं गिर गईं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों ने तीनों महिलाओं को देवरी गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
- -संयुक्त राष्ट्र संघ उपलब्ध कराएगी 31.404 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता-संयुक्त राष्ट्र संघ और कृषि विभाग के बीच हुआ एमओयूरायपुर, / छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और दंतेवाड़ा जिले में गेहूं और चावल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 31.404 करोड़ रूपए की सहायता दी जाएगी। शत-प्रतिशत सहायता से चलने वाले इस कार्यक्रम में चावल और गेहूं के उत्पादन के साथ-साथ डिजिटल एग्रीकल्चर को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 5 वर्षों तक संचालित किया जाएगा।नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आज राज्य शासन के कृषि विभाग तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन के मध्य एमओयू हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में राज्य शासन की ओर से संचालक कृषि श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि श्री ताकायूकी हाजीवारा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में खाद्य एवं कृषि संगठन के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर श्री प्रशांत कुमार स्वाईं, संयुक्त सचिव कृषि श्री के.सी. पैकरा, अपर संचालक कृषि श्री सी.बी. लोढेकर, श्री आर. एल. धुरंधर, संयुक्त संचालक कृषि श्री कपिलदेव दीपक, श्री अमित सिंह के साथ ही अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश से नॉन बासमती धान के निर्यात, कॉफी एवं चाय उत्पादन की अपार संभावनाओं, प्रदेश के कृषकों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मछलीपालन हेतु शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराने तथा सामान्य धान के स्थान पर सुगंधित धान एवं अन्य फसल लेनेे वाले किसानों को अतिरिक्त आदान सहायता राशि उपलब्ध कराने की जानकारी संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि को दी।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिंह ने प्रदेश में मिलेट फसलों जैसे कोदो-कुटकी, रागी के उत्पादन एवं रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए संचालित मिलेट मिशन और गोधन न्याय योजना के माध्यम से तैयार वर्मी कम्पोस्ट किसानों को वितरित कर जैविक खेती को बढ़ावा देने के राज्य शासन के अभिनव प्रयासों से अवगत कराया। साथ ही राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा) के माध्यम से लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की जानकारी देते हुए खाद्य एवं कृषि संगठन की परियोजनाओं राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की पूर्ति हेतु उत्प्रेरक के रूप बताया।
- -प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा बीजापुर जिले में और कम वर्षा सरगुजा जिले मेंरायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 1055.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 29 सितंबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1679.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 479.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 773.8 मिमी, बलरामपुर में 968.7 मिमी, जशपुर में 900.8 मिमी, कोरिया में 919.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 902.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 1189.3 मिमी, बलौदाबाजार में 1203.7 मिमी, गरियाबंद में 930.8 मिमी, महासमुंद में 1035.7 मिमी, धमतरी में 966.6 मिमी, बिलासपुर में 1258.1 मिमी, मुंगेली में 1360.1 मिमी, रायगढ़ में 1231.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 978.9 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1198.9 मिमी, सक्ती में 1050.1 मिमी, कोरबा में 1045.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1113.3 मिमी, दुर्ग में 896.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 925.6 मिमी, राजनांदगांव में 1152.2 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1267.4 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1085.4 मिमी, बालोद में 1012.5 मिमी, बेमेतरा में 934.7 मिमी, बस्तर में 1039.1 मिमी, कोण्डागांव में 1051.5 मिमी, कांकेर में 989.0 मिमी, नारायणपुर में 938.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1053.3 मिमी और सुकमा में 1401.9 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई। file photo
- रायपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत मंडपम, प्रगति मैदान,नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के सरोदा दादर ग्राम को सर्वश्रेष्ठ ग्रामों की सिल्वर कैटेगरी में सम्मानित किया गया।छत्तीसगढ़ राज्य अपने नयनाभिराम स्थलों,पर्यटन नवाचारों और पर्यटन विकास गतिविधियों के साथ पर्यटकों को उत्तम सेवा प्रदान करने में सक्षम है। ग्रामीण पर्यटन , सस्टेनेबल टूरिज्म एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की अवधारणा को विकसित करने में छत्तीसगढ़ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता चला आ रहा है।सरोदा दादर को ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है जिसका प्रतिसाद आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को अवश्य मिलेगा। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन की ओर से डॉ.शुभदा चतुर्वेदी, नोडल ऑफिसर, रूरल टूरिज्म तथा श्री मंगल सिंह धुर्वे, सरोधा दादर ग्राम द्वारा ग्रहण किया गया। इस अवसर पर सुश्री कुमुद मिश्रा एवं सरोदा ग्राम को बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण सहयोगी श्री कृष्णा केवट भी उपस्थित थे।
- -योजना से प्रतिवर्ष हो रही है लगभग 4 लाख रूपए की सालाना आयरायपुर। हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह आर्थिक रूप से सक्षम हो। इस सपना को पूरा करने के लिए वह नए रास्तों की तलाश भी करता रहता है। लेकिन इन रास्तों में आर्थिक दिक्कतें रुकावट पैदा करती हैं। ऐसी स्थिति में शासकीय योजनाएं उसके जीवन में उम्मीदों की किरण बनकर आती है और उसका सपना पूरा करने का जरिया बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ श्री सुरेश कुमार यादव के साथ।श्री सुरेश कुमार यादव विकासखण्ड महासमुंद के ग्राम बिरबिरा के निवासी है। वे बताते है कि वर्ष 2019-20 में उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। वे आय का नया जरिया तलाश करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के संपर्क में आए जिससे उन्हें राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना के बारे में पता चला। जिसके तहत विभाग तथा प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता के द्वारा हितग्राहियों के घर पर जा कर उन्नत नस्ल के सांड के वीर्य के द्वारा पूर्णतः निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है।श्री सुरेश कुमार यादव अपने घर की गाय जो कि बहुत कम दुग्ध उत्पादन करती थी, पशुधन विकास विभाग द्वारा उन्नत नस्ल के साहीवाल सांड के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान करवाया। उन्होंने पशुधन विकास विभाग के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी गाय का खान-पान एवं रख-रखाव किया। साथ ही समय-समय पर विभाग द्वारा चलाए गए निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम का भी लाभ लिया।कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा उन्नत नस्ल की बछिया पैदा हुई। जो वर्ष 2020-21 से दुग्ध देना प्रारम्भ की हैं। श्री यादव ने बताया कि अब लगभग 4.00 लाख रुपए की सालाना आय हो रही है।श्री सुरेश कुमार यादव के घर की महिलाएं भी गाय पालन में रूचि लेकर कार्य कर रही है। पशुधन विकास विभाग के दिशा निर्देश का पालन करते हुए श्री यादव अब और गाय रखकर राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना का फायदा लेते हुए छोटे पैमाने पर डेयरी फार्म स्थापित कर अपना एवं अपने घर की महिलाओं की आर्थिक उन्नयन करने के इच्छुक है। श्री यादव के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ शासन का पशुधन विकास विभाग पूरा सहयोग दे रहा है।
- टी सहदेवभिलाई नगर। टाउनशिप के सेक्टर 07 स्थित आवास में दुर्लभ प्रजाति का फूल ब्रह्मकमल खिलने से आसपास का माहौल कौतूहलपूर्ण हो गया। जैसे ही खबर लगी, आस्था के प्रतीक इस दैवीय फूल के दर्शन के लिए लोग जमा हो गए। इस फूल की खासियत है कि यह सिर्फ मध्यरात्रि में ही खिलता है, वह भी एक रात के लिए। दिन में मुरझा जाता है। परिवारजनों ने बताया कि उनके यहां इस तरह के दो फूल पल्लवित हुए हैं। पहले फूलों की पूजा की गई और उसके बाद उन्हें माता वरलक्ष्मी को अर्पित किए गए। परिवारवालों को इन्हें खिलने में दो वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। वैसे तो कमल के फूल पानी, कीचड़ या पानी के आसपास उगते हैं। लेकिन, ब्रह्मकमल जमीन पर उगते हैं। आम तौर पर ये फूल हिमालय के ऊंचे शिखरों में पाए जाते हैं।श्रीमती सी कावेरी ने कहा कि जब उन्होंने अपने आंगन में ब्रह्मकमल खिले हुए देखा, तो मन में खुशी की लहर दौड़ गई। जब लोगों, खासकर आसपास रहने वाली महिलाओं को यह बात पता चली, तो वे पलभर में जमा हो गईं। कावेरी के अनुसार उनके यहां खिले ब्रह्मकमल की सुगंध बहुत कुछ मोगरे एवं कमल-सी है और रंग बिल्कुल सफेद है, जो बहुत आकर्षक है। उन्होंने ब्रह्मकमल पौधा लगाने की विधि भी बताई। सबसे पहले उन्होंने गमला लिया। गमले में मिट्टी एवं गोबर की खाद डाली और उसके बाद उसमें उच्च गुणवत्ता वाले ब्रह्मकमल के पत्ते रोपे गए। पत्ते रोपने के बाद गमले में उचित मात्रा में पानी डालने के बाद उसे ऐसे स्थान पर रखा, जहां सूर्य की किरणें सीधी न पड़ती हों। जब तक कोपलें नहीं फूटीं, तब तक नियमित रूप से देखभाल की गई। कोपलें फूटने में चार माह लग गए।






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