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-अथक प्रयास से गांव में फिर से शुरू की ग्रिड से विद्युत आपूर्ति
- विगत 05 वर्षों में कुल 228 ग्रामों को किया गया ग्रिड से विद्युतीकृत
रायपुर। बस्तर संभाग के अतिसंवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में 56 गांवों को फिर बिजली से रोशन करने में सफलता पा ली गई है, जिनमें पूर्व में पहुंचाई गई विद्युत व्यवस्था को ध्वस्त कर, फिर से अंधेरे में डूबो दिया था। अब इन गांवों में निरंतर, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल रही है। पहले इन गांवों में सौर ऊर्जा और ग्रिड लाइन से बिजली पहुंचाई गई थी, लेकिन यहां के विद्युत लाइनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जहां सोलर पैनल थे, उन्हें भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था या उखाड़ दिया गया था। जिसके बाद से इन गांवों में बिजली पहुंचाना कठिन चुनौती बनी हुई थी। इन गांवों में पुनः विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके, इसके लिए विशेष प्रयास कर इन अतिसंवेदनशील 56 गांवों में एक बार फिर से बिजली कनेक्शन पहुंचा दिया गया है।
बस्तर संभाग के ये गांव वनाच्छादित, दूरस्थ-दुर्गम और अतिसंवेदनशील हैं। इन ग्रामों में बिजली लाइन बिछाना अत्यंत दुष्कर कार्य था, मुख्यालय से चिन्हांकित स्थल तक विद्युत सामग्री पहुंचाना पहली चुनौती थी, क्योंकि ये गांव घने जंगल में हैं और कहीं कहीं आवागमन भी कठिन था, साथ ही अतिसंवेदनशील क्षेत्र में स्थित हैं। इन गांवों में ग्रिड से सीधे बिजली पहुंचने से 6436 परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
विगत 05 वर्षों में दंतेवाड़ा जिले के ऐसे 24 गांव, (लाभान्वित परिवार-3,798) सुकमा के 07 गांव (लाभान्वित परिवार 683), बीजापुर के 18 ग्राम (लाभान्वित परिवार- 1,821 ) एवं नारायणपुर के 7 ग्राम (लाभान्वित परिवार -134 ) में फिर से बिजली पहुंचाई गई है। अब वहां लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और आर्थिक विकास की गतिविधियों में भागीदारी दे रहे हैं।
विगत पांच साल में उपरोक्त उल्लेखित 56 ग्रामों के अतिरिक्त अन्य 172 गांवों में भी सीधे ग्रिड से बिजली पहुंचाई गई है। इन गांवों में नई लाइन बिछाकर 10 हजार 107 परिवारों को कनेक्शन प्रदान किये गए हैं। इन गांवों में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह का संचार हुआ है। इसमें बस्तर जिले के 10, सुकमा जिले के 48, बीजापुर के 98, नारायणपुर के 16 गांव शामिल हैं।
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कुलपति डॉ. चंदेल ने बीस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, बेमेतरा में ‘‘बीस दिवसीय अलसी के रेशे से धागाकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम’’ का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना तथा उपरियोजना वेस्ट टू वेल्थ के अंतर्गत संचालित परियोजना ष्लिनेन फ्राम लिनसीड स्टाकष् के प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण भी किया। कुलपति डॉ. चंदेल ने इस अवसर पर कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत पूर्व में विकसित अलसी के डंठल से कपडा बनाने की तकनीक में आवश्यक परिशोधन कर औधोगिक स्तर पर कपडे बनाने की सुगम तकनीक विकसित की जाए और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस तकनीक से महिलाओं एवं किसानों की में आय में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत अलसी के डंठल से कपडा बनाने की तकनीक को इस तरह बढ़ावा दिया जाए कि भविष्य में बड उद्यमी इसमें रुचि दिखायें।
डॉ. चंदेल ने वैज्ञानिकों को सुझाव दिया कि अलसी के रेशे के साथ-साथ अन्य प्रचलित रेशा को मिलाकर कपडा बनाने की तकनीक विकसित कर उनकी गुणवत्ता जांच कर आम जनता के लिये उपलब्ध करायें और कपड़े की कीमत को कम करने का प्रयास करें। उन्होंने वैज्ञानिकों से आव्हान किया कि वे कृषि में रेशे वाली अन्य फसलें जैसे अरंडी, भिन्डी, आदि का धागा बनाने के लिये अनुसंधान करें जिससे इन फसलों का भी उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधारने में मदद मिलें। उन्होने प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की तथा संस्था में कार्य कर रही महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि इस काम को अपना कर वे अपनी आर्थिक परिस्थिति को सुधार सकते है। इस परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलायों को धागा एवं कपडा बनाने का प्रशिक्षण जिला खनिज संस्थान न्यास बेमेतरा के वित्तीय सहयोग से दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण उपरांत धागा बनाने का चरखा प्रदान किया जायेगा, जिससे ये महिलायें संस्था से अलसी का रेशा लेकर अपने-अपने घर में धागा बनाने का काम करेंगी। महिलाआें द्वारा निर्मित धागे को संस्था द्वारा एक हजार रुपये प्रति किलो की दर से क्रय किया जाएगा। महिलाओं को प्रति सप्ताह संस्था के मानक के अनुसार धागा तैयार कर देना होगा। इसमें महिलाओ को धागा बनाने के लिये अधिकतम मात्रा निर्धारित नहीं की गई है। इस तरह से प्रत्येक महिला तीन से चार हजार रुपये प्रति माह अपने घरेलू कार्य करते हुये कमा सकती हैं तथा अपने जीवन स्तर को खुशहाल बना सकती है। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. आर.एन. सिंह, नोडल आफिसर डॉ. के.पी. वर्मा, वैज्ञानिगण, कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ तथा छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
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दुर्ग / राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2023 के अंतर्गत 28 सितम्बर से 01 अक्टूबर 2023 तक भिलाई नगर दुर्ग के विभिन्न खेल मैदानों में लान टेनिस में 14,17,19 वर्ष के बालक-बालिका, कुरास में 14,17,19 वर्ष के बालक-बालिका, बाक्सिंग में 14,17,19 वर्ष के बालक, योगा में 14,17,19 वर्ष के बालक-बालिका और फुटबाल में 19 वर्ष के बालक-बालिका खेलों का आयोजन होना है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अभय कुमार जायसवाल से मिली जानकारी अनुसार प्रतियोगिता में दुर्ग, बस्तर, बिलासपुर, सरगुजा और रायपुर संभाग के लगभग 1275 स्कूली खिलाड़ी बच्चे तथा लगभग 200 ऑफिशियल हिस्सा लेंगे। खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन सेक्टर-2 भिलाई विद्यालय के खेल मैदान पर सुबह 11 बजे श्री देवेन्द्र यादव विधायक भिलाई, श्री नीरज पाल महापौर नगर पालिक निगम भिलाई, श्री गिरीवर बंटी साहू सभापति नगर पालिक निगम भिलाई और श्री आदित्य सिंह एलआईसी सदस्य नगर पालिक निगम भिलाई की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। लान टेनिस खेल भिलाई हॉटल के बगल में लान टेनिस कोर्ट में, कुरास रूंगटा पब्लिक स्कूल कुरुद में, योगा सेक्टर 2 भिलाई विद्यालय के सभागार में, बाक्सिंग जेआरडी दुर्ग में, बालिका फुटबाल एमजीएम स्कूल सेक्टर 6 में और बालक फुटबाल टर्फ फुटबाल मैदान मरौदा सेक्टर में आयोजित किया जाएगा।
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-11.50 करोड़ रूपए की लागत से बनेगा सर्वसुविधायुक्त भवन
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बुधवार को राजधानी रायपुर में 11 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नवीन मार्डन रायपुर तहसील कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। रायपुर शहर के तात्यापारा नवीन मार्केट में आयोजित भूमिपूजन-शिलान्यास कार्यक्रम में नये तहसील का भूमिपूजन कर मुख्यमंत्री ने रायपुर वासियों को शुभकामनाएं दी। नया तहसील भवन अधिक सुसज्जित, व्यवस्थित और सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा।गौरतलब है कि नये तहसील भवन में अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के कार्यालय तथा कोर्ट और अर्जीनवीस, स्टाम्प वेंडर सहित रिकार्ड रूम का निर्माण कराया जाएगा। नया भवन बनने से कार्यालयीन कामकाज सुव्यवस्थित हो पाएगा, जिससे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी आएगी। रिकार्ड रूम की सुविधा से महत्वपूर्ण दस्तावेजों का रखरखाव भी बेहतर ढंग से हो सकेगा। मार्डन तहसील भवन को राजस्व विभाग और आमजनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए डिजाईन किया गया है।कार्यक्रम में लोक निर्माण व गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलाम रिजवी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी गण उपस्थित थे। - -खैरागढ़ के इंदिरा संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के रायपुर आफ कैंपस स्टडी सेंटर में अभी नहीं चलेंगे डिप्लोमा कोर्सरायपुर । खैरागढ़ इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय का आफ कैंपस स्टडी सेंटर रायपुर में 5 डिप्लोमा कोर्स आरंभ किये जाने के निर्णय को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़ की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए स्थगित कर दिया है।खैरागढ़ के निवासियों की जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में संवेदनशील निर्णय लिया। आज खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और डिप्लोमा कोर्स रायपुर में आरंभ किये जाने के निर्णय के प्रति खैरागढ़वासियों के विचार से मुख्यमंत्री को चर्चा के दौरान अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभावनाएं सर्वोपरि होती हैं। खैरागढ़ की जनता रायपुर के आफ कैंपस स्टडी सेंटर में डिप्लोमा कोर्स आरंभ करने के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी संतुष्टि हमारी पहली प्राथमिकता है। रायपुर के आफ कैंपस स्टडी सेंटर में प्रस्तावित अभी डिप्लोमा कोर्स आरंभ नहीं किये जाएंगे।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विधायक से बातचीत में कहा कि खैरागढ़ विश्वविद्यालय ललित कलाओं के संरक्षण और इनके विस्तार के लिए हमारी सबसे बड़ी धरोहर है और खुशी इस बात से है कि खैरागढ़ की जनता अपनी इस धरोहर को बहुत स्नेह से सहेजती है। शासन द्वारा कोई भी ऐसा निर्णय नहीं लिया जाएगा जिससे खैरागढ़ की जनता की थोड़ी भी असंतुष्टि झलके।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खैरागढ़ संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के निरंतर विकास के लिए कार्य कर रही है और यहां हर संभव सुविधाएं जुटाने के लिए कार्य कर रही हैं।इस संबंध में विधायक श्रीमती वर्मा ने बताया कि 12 अगस्त 2014 को विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए रायपुर मंु आफ कैंपस स्टडी सेंटर खोलने का निर्णय शासन ने लिया था। इस पर पांच डिप्लोमा कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया था ताकि विवि की ग्रेडिंग में सुधार हो सके। इसके पश्चात इस निर्णय पर जब कार्रवाई पर निर्णय लिया गया तो खैरागढ़ की जनता इससे असंतुष्ट थी। उन्होंने अपनी बात रखी और हमने उन्हें आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री के समक्ष इसे रखेंगे। आज मुख्यमंत्री ने मुलाकात में खैरागढ़ के निवासियों के सरोकारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाई और उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा निर्णय नहीं लिया जाएगा जिससे खैरागढ़ के निवासियों की थोड़ी भी असंतुष्टि झलके।
- -मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा समिति के गठन के संबंध में जारी आदेश तत्काल प्रभावशीलरायपुर.। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के लिए राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (Media Certification and Monitoring Committee) का गठन किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले की अध्यक्षता में सात सदस्यीय एमसीएमसी का गठन किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा समिति के गठन के संबंध में जारी आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर को राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर के उप निदेशक श्री रमेश जयभाये, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. सुमन गुप्ता और मंत्रालय, नवा रायपुर में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक श्री असीम कुमार थवाईत को समिति का सदस्य बनाया गया है। इनके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक और समिति द्वारा मनोनीत दक्ष प्रतिनिधि भी इसके सदस्य होंगे।राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति विज्ञापनों के प्रमाणन के संबंध में जिला तथा अपर/संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दोनों से प्राप्त अपील पर निर्णय लेगी। समिति जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के निर्णय के विरुद्ध अपील पर पेड न्यूज (Paid News) के सभी मामलों या स्वप्रेरणा से लिए गए मामलों की जांच करेगी। पेड न्यूज के मामले सही पाए जाने पर समिति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को अभ्यर्थियों को नोटिस जारी करने का निर्देश देगी।
- -प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में औद्योगिक हित में संचालित कार्यक्रमों पर मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री बघेल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त माहौल के निर्माण पर सरकार की नीतियों और उद्योगों के हित में संचालित योजनाओं की सराहना की।प्रतिनिधिमंडल ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय क्षेत्र में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों का सम्पत्ति कर में छूट दिए जाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार भी व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्य में सुगम और तीव्र औद्योगिक विकास के लिए इसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताया गया।प्रतिनिधिमंडल द्वारा चर्चा के दौरान अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की पहल पर राज्य में औद्योगिक विकास के मद्देनजर लिए गए फैसले और उद्योगों के हित में बनाई गई योजनाओं से औद्योगिकीकरण में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसके फलस्वरूप प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही नये उद्योगों की स्थापना को बल मिला है।प्रतिनिधिमंडल में उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अश्विन गर्ग सहित सर्वश्री विनोद केजरीवाल, राजकुमार राठी, विक्रम जैन, नीरज अग्रवाल, विवेक अरोरा, संजय अग्रवाल, संजय जलान, राजेश अग्रवाल, रामकृष्ण केडिया, शिशिर अग्रवाल, अशोक गोयल, संतोष बैद, रविकांत यादव, सुनील कुमार जैन, सुभाष अग्रवाल, दीपक भिमसरिया, जे.पी. अग्रवाल और राजेन्द्र कुमार वर्मा आदि शामिल थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 28 सितम्बर को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की तहसील भाटापारा के ग्राम सुमाभाठा में आयोजित ’कृषक सह श्रमिक सम्मेलन’ में शामिल होंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री बघेल 28 सितम्बर को पूर्वान्ह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11.20 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट आयेंगे और वहां से दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.30 बजे ग्राम सुमाभाठा हेलीपेड पहुंचेंगेे। मुख्यमंत्री ग्राम सुमाभाठा में आयोजित ’कृषक सह श्रमिक सम्मेलन’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल कार्यक्रम पश्चात ग्राम सुमाभाठा से दोपहर 3.20 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 3.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट आएंगे।
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रायपुर ।केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कांकेर जिले के कोटरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के हतबंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और महासमुंद जिले के कौंसरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने विगत अगस्त और चालू सितम्बर माह में इन अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया था। उन्होंने इस संबंध में मरीजों से फीडबैक भी लिया था।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम के तहत केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मूल्यांकन में कोटरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 91 प्रतिशत, कौंसरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को 83 प्रतिशत और हतबंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 78 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान करने के पूर्व भारत सरकार के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। - -ई-ऑक्शन के माध्यम से राज्य में 3 लाईमस्टोन ब्लॉक्स का भाटापारा-बलौदाबाजार, बेमेतरा-दुर्ग जिले में सफल आबंटन-सलोनी लाइमस्टोन ब्लाक के लिए लगी 200 प्रतिशत की अधिकतम बोलीरायपुर /देश में पहली बार किसी लाइमस्टोन ब्लाक के लिए 200 प्रतिशत की अधिकतम बोली लगाई गई है। खनिज विभाग द्वारा जिला बलौदाबाजार स्थित देवरी एवं सलोनी तथा जिला बेमेतरा दुर्ग स्थित करेली चंडी लाईमस्टोन ब्लॉक्स को ई-नीलामी के माध्यम से कंपोजिट लायसेंस के रूप में आबंटन किया गया है।खनिज संचालनालय के संयुक्त संचालक एवं आक्शन अधिकारी नोडल श्री अनुराग दीवान ने बताया कि देवरी एवं करेली चंडी लाईमस्टोन ब्लाक्स हेतु मेसर्स रूंगटा सन्स प्राईवेट लिमिटेड द्वारा क्रमशः 141.05 प्रतिशत तथा 127.75 प्रतिशत की अधिकतम बोली लगाई गई। इसी प्रकार सलोनी लाईमस्टोन ब्लॉक हेतु मेसर्स स्टार सीमेंट मेघालय लि. द्वारा 200.00 प्रतिशत की अधिकतम बोली (फायनल प्राईस ऑफर) लगाई गई। उक्त तीनों ब्लॉक्स को जीएसआई द्वारा जी-4 लेवल पर अन्वेषण किया गया था। ई-नीलामी पध्दति से खानों का आबंटन पारदर्शिता एवं राज्य शासन को राजस्व में भागीदारी के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में खनिज अधिनियम में उपर्युक्त व्यवस्था हेतु किये गये संशोधन उपरांत छत्तीसगढ़ खनिज विभाग द्वारा अब तक इस प्रकार से चूनापत्थर, बाक्साईट, लौह अयस्क स्वर्णधातु, ग्रेफाईट एवं निकल, क्रोमियम एवं पीजीई के कुल 33 खनिज ब्लॉकों का सफलतापूर्वक आबंटन किया जा चुका है। इनसे आने वाले वर्षों में रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर के अतिरिक्त लगभग 1 लाख करोड़ से अधिक की अतिरिक्त आय राज्य शासन को होगी।
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-कुलपति डॉ. चंदेल ने बीस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ कियारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, बेमेतरा में ‘‘बीस दिवसीय अलसी के रेशे से धागाकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम’’ का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना तथा उपरियोजना वेस्ट टू वेल्थ के अंतर्गत संचालित परियोजना ष्लिनेन फ्राम लिनसीड स्टाकष् के प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण भी किया। कुलपति डॉ. चंदेल ने इस अवसर पर कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत पूर्व में विकसित अलसी के डंठल से कपडा बनाने की तकनीक में आवश्यक परिशोधन कर औधोगिक स्तर पर कपडे बनाने की सुगम तकनीक विकसित की जाए और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस तकनीक से महिलाओं एवं किसानों की में आय में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत अलसी के डंठल से कपडा बनाने की तकनीक को इस तरह बढ़ावा दिया जाए कि भविष्य में बड उद्यमी इसमें रुचि दिखायें।डॉ. चंदेल ने वैज्ञानिकों को सुझाव दिया कि अलसी के रेशे के साथ-साथ अन्य प्रचलित रेशा को मिलाकर कपडा बनाने की तकनीक विकसित कर उनकी गुणवत्ता जांच कर आम जनता के लिये उपलब्ध करायें और कपड़े की कीमत को कम करने का प्रयास करें। उन्होंने वैज्ञानिकों से आव्हान किया कि वे कृषि में रेशे वाली अन्य फसलें जैसे अरंडी, भिन्डी, आदि का धागा बनाने के लिये अनुसंधान करें जिससे इन फसलों का भी उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधारने में मदद मिलें। उन्होने प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की तथा संस्था में कार्य कर रही महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि इस काम को अपना कर वे अपनी आर्थिक परिस्थिति को सुधार सकते है। इस परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलायों को धागा एवं कपडा बनाने का प्रशिक्षण जिला खनिज संस्थान न्यास बेमेतरा के वित्तीय सहयोग से दिया जा रहा है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण उपरांत धागा बनाने का चरखा प्रदान किया जायेगा, जिससे ये महिलायें संस्था से अलसी का रेशा लेकर अपने-अपने घर में धागा बनाने का काम करेंगी। महिलाआें द्वारा निर्मित धागे को संस्था द्वारा एक हजार रुपये प्रति किलो की दर से क्रय किया जाएगा। महिलाओं को प्रति सप्ताह संस्था के मानक के अनुसार धागा तैयार कर देना होगा। इसमें महिलाओ को धागा बनाने के लिये अधिकतम मात्रा निर्धारित नहीं की गई है। इस तरह से प्रत्येक महिला तीन से चार हजार रुपये प्रति माह अपने घरेलू कार्य करते हुये कमा सकती हैं तथा अपने जीवन स्तर को खुशहाल बना सकती है। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. आर.एन. सिंह, नोडल आफिसर डॉ. के.पी. वर्मा, वैज्ञानिगण, कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ तथा छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। - -रक्तदान शिविरों एवं अंगदान के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन-प्रदेशभर में अब तक 6770 स्वास्थ्य मेला और 174 रक्तदान शिविर हो चुके हैं आयोजित-321 लोगों द्वारा अंगदान के लिए पंजीयन भी, 31 दिसम्बर तक चलेगा अभियानरायपुर। आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर्स में हर सप्ताह स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर चिकित्सा परामर्श और उपचार ले रहे हैं। स्वास्थ्य मेलों में न सिर्फ चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है, बल्कि लोगों को आयुष्मान कार्ड भी बनाकर दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें अंगदान और रक्तदान करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक श्री भोसकर विलास संदीपान ने बताया कि 13 सितम्बर से प्रारम्भ हुए आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत पूरे राज्य में अब तक कुल 6770 स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इनमें चार लाख 87 हजार से अधिक लोगों ने विभिन्न रोगों के लिए चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया है। इस दौरान 2310 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के साथ ही 3973 हितग्राहियों की आभा आईडी भी जेनेरेट की गई है। अभियान के दौरान अब तक 321 लोगों ने स्वेच्छा से मृत्यु उपरांत अपना अंगदान करने के लिए नोट्टो (NOTTO) पोर्टल पर प्रतिज्ञा-पत्र भरकर पंजीयन करवाया है।श्री संदीपान ने बताया कि आयुष्मान भव अभियान के तहत पूरे राज्य में अब तक कुल 174 रक्तदान शिविर लगाकर 1171 यूनिट रक्त एकत्र किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान 31 दिसम्बर 2023 तक निरंतर चलता रहेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री संदीपान ने लोगों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान मिल रही सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य को पूरा करने में सहयोग प्रदान करें।
- -कृषक सह श्रमिक सम्मेलन: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को मिलेगी 266 करोड़ रुपए विकास कार्यों सौगात-मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक योजना का होगा शुभारंभ-दस साल पंजीकृत रहे और 60 वर्ष पूरी कर चुके श्रमिकों को जीवन पंर्यन्त मिलेगी 500 रूपए की पेंशनरायपुर / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुमाभाठा में गुरुवार 28 सितंबर को कृषक सह श्रमिक सम्मेलन का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के मुख्य आतिथ्य में होने वाले इस कार्यक्रम में कृषकों और श्रमिकों को न्याय योजनाओं एवं श्रमिक योजनाओं की राशि का वितरण किया जाएगा। इस मौके पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 266 करोड़ रुपए के 264 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण होगा। इनमें 176 करोड़ रुपए के 150 कार्यों का लोकार्पण एवं 90 करोड़ रुपए की राशि के 114 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।सम्मेलन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत प्रदेश के 24 लाख 52 हजार 592 किसानों को उनके बैंक खातों में 1895 करोड़ रुपए और गोधन न्याय योजना के 65 हजार गोबर विक्रेताओं को 5 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। इसे मिलाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना में अंतरित की जाने वाली राशि बढ़कर 23 हजार 893 करोड़ रूपए और गोधन न्याय योजना में अंतरित की जाने वाली राशि बढ़कर 507.14 करोड़ रूपए हो जाएगी। इसके अलावा 33 हजार 642 गन्ना उत्पादक किसानों को 57 करोड़ 18 लाख रुपए प्रोत्साहक राशि भी दी जाएगी।सम्मेलन में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना का शुभारंभ भी होगा। इस योजना अंतर्गत दस साल तक पंजीकृत रहे एवं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके निर्माणी श्रमिकों को जीवन पर्यंत 15 सौ रुपए की पेंशन सहायता दी जाएगी।सम्मेलन में 1 लाख 2 हजार 889 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 55 करोड़ 76 लाख 26 हजार रुपए राशि का वितरण किया जाएगा। इनमें छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा मंडल के 2881 हितग्राहियों को 3 करोड़ 86 लाख रुपए, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के 3236 हितग्राहियों को 1 करोड़ 65 लाख रुपए तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के 96 हजार 772 हितग्राहियों को 50 करोड़ 24 लाख रुपए की राशि का वितरण किया जाएगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुस्लिम भाईयों सहित प्रदेशवासियों को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है। पैगम्बर साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी के पवित्र मौके पर उन्होंने देश-दुनिया में अमन-चैन और लोगों की खुशहाली की कामना की है।मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हजरत मोहम्मद साहब दुनिया में अमन और भाईचारे का संदेश लेकर आए। उनके संदशों ने लाखों लोगों के विचारों और जीवन मूल्यों पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला। उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के संदेश हमेशा समाज को सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
- -दुर्ग जिले के गोढ़ी में लगाया गया है संयंत्र-छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया है संयंत्र का तकनीकी डिजाईनरायपुर / छत्तीसगढ़ में बायोफ्यूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुर्ग जिले के ग्राम गोढ़ी में अत्याधुनिक बायो एथेनाल प्रदर्शन संयंत्र स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज इस संयंत्र का वर्चअल रूप से लोकार्पण किया। भारत सरकार के सीएसआईआर और सीएसएमआरआई के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा संयंत्र की तकनीकी डिजाईन और ड्राईंग तैयार की गई है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस वर्चुअल लोकार्पण समारोह में उप मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और ऊर्जा सचिव श्री अंकित आनंद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।सीबीडीए द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम गोढ़ी स्थित बायोफ्यूल काम्प्लेक्स परियोजना परिसर में स्थापित 1जी बायो-एथेनॉल प्रदर्शन संयंत्र में विशुद्ध रूप से जैवईंधन अनुसंधान एवं विकास गतिविधियॉं जैसे कि जैवईंधन उत्पादन, प्रसंस्करण और रूपांतरण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कार्य हेतु स्थापित किया गया है। संयंत्र में स्थानीय कच्चा माल के रूप में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध स्टार्च युक्त कम्पाउन्ड जैसे कि अधिशेष धान, अनाज जैसे गेहूॅं, चावल के खराब दाने जो कि खाने योग्य न हो, गन्ने का रस, मोलासेस, मक्का आदि का उपयोग किया जायेगा।गौरतलब है कि बायो-एथेनॉल संयंत्र में प्रारंभिक तौर पर मार्कफेड में उपलब्ध खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के फीड 2 श्रेणी के अधिशेष धान का क्रय कर बायो-एथेनॉल उत्पादन का प्रयोगमूलक (अनुसंधान) कार्य जारी है। बायोफ्यूल काम्प्लेक्स परियोजना परिसर में एक अत्याधुनिक बायो-टेक्नोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना भी की गई है। प्रयोगशाला में बायो-एथेनॉल का भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार गुणवत्ता परीक्षण, सह-उत्पाद का उपयोग की क्षमता बढ़ाने के लिये दक्षता सुधार और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा जहॉ संभव हो पेंटेन्ट पंजीकृत किये जायेंगे।
- -मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के समापन समारोह में हुए शामिल, विजेता टीमों और खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत-छत्तीसगढ़ के पहले टेनिस अकादमी का किया लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए। रायपुर के चार खेल मैदानों में पिछले तीन दिनों से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय मुकाबले चल रहे थे। इसमें राज्यभर के खिलाड़ियों ने 16 खेलों में अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समापन समारोह में विजेता टीमों और खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने समारोह में छत्तीसगढ़ की पहली टेनिस अकादमी का लोकार्पण भी किया। रायपुर के लाभांडी में चार एकड़ में करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से यह अकादमी बनाई गई है। संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन और रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा भी समारोह में शामिल हुईं।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इसके आयोजन से प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को सहेजने और संवारने में मदद मिल रही है। यहां हरेली में खेलों की बहुत सुंदर परंपरा थी जो विलुप्त होती जा रही थी। अब इसे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से जोड़ दिया गया है। इससे जो उत्साह पनपा है उससे प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का संवर्धन हो रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस वर्ष हरेली त्योहार के दिन 17 जुलाई को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की गई थी।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों को लगातार दूसरे वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के शानदार आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के माध्यम से खेलबो जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करते हुए हमने राज्य के पारंपरिक खेलों को जीवंत करने का काम किया है। श्री बघेल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमने राज्य में खेल अधोसंरचनाओं और खेल सुविधाओं के विकास के लिए लगातार काम किए हैं। राज्य में छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है ताकि खेलों की समुचित अधोसंरचना खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में प्रदेश में केवल दो गैर आवासीय खेल अकादमी थे। अब इनकी संख्या आठ हो गई है। साथ ही आठ नई अकादमी प्रस्तावित भी हैं।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी और एथलेटिक एकेडमी आरंभ की गई हैं। रायपुर में तीरंदाजी की आवासीय अकादमी शुरू की गई है। नारायणपुर में मलखम्भ अकादमी बना रहे हैं। क्याकिंग और कैनोइंग अकादमी जगदलपुर में आरंभ की गई है, ताकि इन खेलों को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 24 नए खेलो इंडिया सेंटर आरंभ होंगे। इनका प्रस्ताव हमने भारतीय खेल प्राधिकरण को भेजा था। इसके माध्यम से खेल प्रतिभाओं को और भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आज इस मंच से हमने छत्तीसगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचनाओं के विकास में एक और अध्याय जोड़ा है। लाभाण्डी में नवनिर्मित टेनिस अकादमी के प्रशासनिक भवन और छात्रावास को आज राज्य के लोगों को समर्पित किया है। जल्द ही यहां टेनिस की विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी और टेनिस अकादमी के माध्यम से खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य का निर्माण होगा। रोड सेफ्टी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट प्रतियोगिता जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों से भी हमने राज्य में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने का काम किया है।
- -छत्तीसगढ़वासियों को राष्ट्रीय राजधानी में ठहरने की मिलेगी बेहतरीन सहूलियत : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल-60 करोड़ 40 लाख की लागत से तैयार हुआ है सर्वसुविधायुक्त छत्तीसगढ़ निवास-नई दिल्ली में दिखेगी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं की झलकरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से आज राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका में नवनिर्मित छत्तीसगढ़ निवास का वर्चुअल शुभारंभ कर छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को नई दिल्ली में ठहरने के लिए छत्तीसगढ निवास के रूप में नया भवन मिल गया है। इससे प्रदेश के जरूरतमंदों को सहित सभी के रूकने-ठहरने की दिक्कत दूर हो जाएगी।गौरतलब है कि नई दिल्ली द्वारका के सेक्टर 13 में बने इस नए छत्तीसगढ़ निवास भवन की कुल लागत लगभग 60 करोड़ 42 लाख रुपये है। भवन में 61 कमरे, 13 सूट है जो की आधुनिकतम सुविधाओं से सुसज्जित है।पिछले तीन सालों में विभिन्न बाधाओं (जिसमें कोरोना काल) को पार कर छत्तीसगढ़ के निवासियों की सेवा के लिये देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका में एक नवनिर्मित “छत्तीसगढ़ निवास” तैयार किया गया है। विभिन्न सरकारी गैर सरकारी कार्य एवं चिकित्सा हेतु छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले निवासियों की सुविधा हेतु इसकी परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की थी। हालांकि, पहले से छत्तीसगढ़ शासन के दो भवन “छत्तीसगढ़ भवन “चाणक्यपुरी व “छत्तीसगढ़ सदन“ सफ़दरजंग हॉस्पिटल के पास नई दिल्ली में अवस्थित है। परंतु आधुनिक एवं छत्तीसगढ़ की बढ़ती हुई आवश्यकता की पूर्ति के लिए तीसरे भवन की आवश्यकता काफी दिनों से महसूस की जा रही थी।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तीन वर्ष पूर्व इसका शिलान्यास किया था। इसके लिए नई दिल्ली के द्वारका में नये “छत्तीसगढ़ निवास“ के निर्माण की परिकल्पना की गई और इसकी आधारशिला 19 जून 2020 को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास कर रखी थी। यह पहला मौका है कि जब पहली बार इस प्रकार की महत्वपूर्ण अत्याधुनिक भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से बाहर सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई है, जो छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक मील का पत्थर है।“छत्तीसगढ़ निवास“ भवन है खासलोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, छत्तीसगढ़ निवास के निर्माण के लिए 43 हजार 803 वर्गफीट भूमि 22.50 करोड़ रुपए में क्रय की गई है। नवा छत्तीसगढ़ निवास छत्तीसगढ़ संस्कृति और परंपराओं की स्पष्ट झलक दे रहा है। इसमें 13 स्यूट रूम, 61 कमरे, डायनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए आवासीय टावर का निर्माण किया गया है। भवन के निर्माण में पर्यावरण का भी ख्याल रखा गया है।प्राइम लोकेशन- नवनिर्मित छत्तीसगढ़ निवास द्वारका के प्राइम लोकेशन में स्थित है। इसके आस-पास भव्य माल, फ़ाइव स्टार होटल, ख़ूबसूरत पार्क, नया उत्तर प्रदेश भवन, अरुणाचल भवन, दिल्ली का सबसे बड़ा इस्कॉन टेंपल आदि के अलावा कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी इसकी लोकेशन शानदार है। मात्र 13-15 मिनट में आप कनॉट प्लेस पहुँच सकते हैं। द्वारका सेक्टर 13 का मेट्रो इस नवनिर्मित भवन के पास में ही है।
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रायपुर/ कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंन्द्र भुरे ने विधानसभा निर्वाचन के परिपेक्ष्य में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी शहरी क्षेत्रों में मतदाता प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निरंतर चलाया जाए। सभी संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में आने वाले मतदान केन्द्र में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। डाक मतपत्र के लिए वितरण और प्रशिक्षण के लिए प्रभारी अधिकारी कार्ययोजना बनाएं। खाद्य विभाग मतदान कार्य में लगे हुए कर्मचारियों के लिए भोजन, स्वास्थ्य विभाग दवाईयों इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अबिनाश मिश्रा तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- राज्य के प्रवासी श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए हुआ मंथनरायपुर /छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और यूएनडीपी के संयुक्त तत्वाधान में आज यहां राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में प्रवासी श्रमिकों के विशेष संदर्भ में श्रमिक कल्याण को सशक्त बनाना और राज्य में सामाजिक सुरक्षा को प्रशस्त करना विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल शामिल हुए। श्री अग्रवाल ने कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच है कि वे राज्य के श्रमिक और किसान सशक्त हो, सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ श्रमिकों को सामाजिक सम्मान मिले। इसके लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री की पहल पर श्रमिक हितैषी योजनाओं के माध्यम से उनके सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है, ताकि अंतिम छोर के श्रमिक और किसान को इसका लाभ मिल सके।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि योजना बनाना आसान है लेकिन योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन करना चुनौतीपुर्ण कार्य है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिक एवं श्रमिकों के परिवारों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं उत्थान के लिए लगभग 72 योजनाएं संचालित की जा रही है। सभी योजनाएं बेहतर ढंग से संचालित हो रही है। इससे श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। इसके लिए मैं विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को बधाई देता हूॅ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकासखण्डों में श्रम संसाधन केंद्र बनाए गए है। कोई भी श्रमिक यदि किसी समस्या को लेकर आते है तो वह निराश व हताश नहीं होना चाहिए। अधिकारी कर्मचारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए ऐसे श्रमिकों के समस्याओं का शीघ्र निराकरण की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को निःशुल्क पंजीयन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। कुछ सुविधाकेंद्रों मंे श्रमिकों से तय की गई राशि से अधिक राशि लिये जाने की शिकायत आ रही है उस पर नियंत्रण रखने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने श्रम संसाधन केंद्रों में भी पंजीयन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।इस मौके पर श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप श्रमिकों के प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से अब श्रमिकों के पंजीयन और योजनाओं के आवेदन सरल और सुगम माध्यम से प्राप्त होंगे। साथ ही श्रम संसाधन केंद्रों से प्राप्त होने वाले आवेदनों को सीधा विभागीय पोर्टल में जोड़ा गया है जिससे श्रमिकों को इसका त्वरित लाभ मिलेगा। कार्यशाला को श्रम आयुक्त श्री भीम सिंह और यूएनडीपी के छत्तीसगढ़ हेड श्री अमित कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में अपर श्रमायुक्त श्रीमती सविता मिश्रा, श्री एस. एल. जांगडे़ सहित प्रदेशभर के श्रम अधिकारी, श्रम निरीक्षक और यूएनडीपी व अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।कार्यशाला में चर्चा के दौरान बताया गया कि श्रम विभाग द्वारा कोविड-19 महामारी के समय लगभग 5.29 लाख प्रवासी श्रमिक राज्य में वापस आए उनके रहने-खाने, आवागमन, स्वास्थ्य, सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया। हेल्पलाईन सेंटर के माध्यम से श्रमिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। फंसे हुए श्रमिकों को रेल और बस के माध्यम से राज्य में वापसी कर उनके गंतव्य तक पहुुंचाया गया। प्रवासी श्रमिकों के समस्याओं को ध्यान में रखते हुए 20 हजार 744 श्रमिकों को असंगठित और 58 हजार 709 श्रमिकों को निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन किया गया। प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पंजीयन शिकायतों का निराकरण एवं डाटाबेस तैयार करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य प्रवासी श्रमिक नीति 2020 बनाकर 19 जुलाई 2021 को लागू किया गया है।अधिकारियों ने चर्चा के दौरान बताया कि मुख्यमत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत निर्माण श्रमिकों को नये आवास क्रय या स्वयं के भूखण्ड पर आवास निर्माण के लिए 1 लाख रूपए का अनुदान प्रदान किया जाता है। वहीं ऐसे निर्माण श्रमिक जिन्होंने 60 वर्ष पूर्ण कर लिया हो और मंडल में निर्माण श्रमिक के रूप में कम से कम 10 वर्षों तक पंजीकृत है, उनके लिए 1500 रूपए प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान किया गया है। निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू में मेघावी शिक्षा सहायता योजना के तहत विदेश में स्नातकोत्तर की अध्ययन को जोड़ा गया है। जिसमें 50 लाख रूपए तक की राशि का प्रावधान किया गया है। शैक्षणिक सहायता योजना के तहत 3 से 30 हजार रूपए, मेघावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहज 5 हजार से 1 लाख रूपए तक और खेल-कूद प्रोत्साहन योजना के तहत 5 हजार से 1.5 लाख रूपए तक का प्रावधान किया गया है।
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बिलासपुर /राजीव युवा उत्थान योजना के तहत सिविल सेवा परीक्षा की कोचिंग हेतु राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों के चयन हेतु प्राक्चयन परीक्षा 1 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक रायपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई है। परीक्षा की तिथि, समय, रोल नंबर तथा प्रवेश-पत्र से उक्त जानकारी का अवलोकन बिलासपुर जिले के वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर किया जा सकता है।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने बताया कि परीक्षा हेतु पात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विभागीय वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in तथा https://hmstribal.cg.nic से परीक्षा केंद्र, रोल नंबर की जानकारी के साथ फोटो युक्त प्रवेश-पत्र डाऊनलोड कर निर्धारित परीक्षा केंद्र में ले जाना होगा। प्रश्न पत्र संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन एवं द्वितीय प्रश्न पत्र एप्टिट्यूड टेस्ट सीसेट हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम से सम्मिलित कर एक प्रश्न पत्र प्राक्चयन परीक्षा में प्रदान किया जाएगा।
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दुर्ग / जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, योजनांतर्गत स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी, हिन्दी माध्यम उत्कुष्ट विद्यालय के रिक्त पदों की पदपूर्ति हेतु सविदा, प्रतिनियुक्ति पर्दों पर इच्छुक आवेदकों से 6 अक्टूबर 2023 शाम 5ः00 बजे तक केवल स्पीडपोस्ट/पंजीकृत डाक द्वारा कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के पते पर आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सचिव स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक संचालन एवं प्रबंधन समिति से प्राप्त जानकारी अनुसार आवेदन पत्र का प्रारूप जिले के वेबसाईड durg.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जावेगा।
- बिलासपुर, /ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरूष) एवं ड्रेसर ग्रेड 1 के रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदनों के जांच उपरांत प्रारंभिक पात्र एवं अपात्र सूची में प्राप्त दावा आपत्ति के निराकरण की जानकारी एवं अनंतिम वरीयता सूची जिले के वेबसाईट https://bilaspur.gov.in/ एवं www.cghealth.nic.in पर अपलोड एवं सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। अंनतिम वरीयता सूची में दावा आपत्ति 28 सितम्बर को शाम 5 बजे तक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के ईमेल आईडी ड्रेसर पद हेतु [email protected] एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पद हेतु [email protected] के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे। डाक द्वारा या अन्य किसी माध्यम से तथा निर्धारित तिथि समय सीमा पश्चात प्राप्त दावा-आपत्ति अभ्यावेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
- -लूडो, मटकी फोड़, कुर्सी दौड़ में वरिष्ठजनों ने लिया भागबिलासपुर /अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के पूर्व आज तिलकनगर के अनुभव भवन में वरिष्ठजनों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। गोला फेंक, मटकी फोड़, थ्रो बाल, लूडो, कुर्सी दौड़, सांप सीढ़ी और जंपिग बाल जैसे खेलों में पुरूष एवं महिला वर्ग के वरिष्ठजनों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में श्री धन्नू यादव, श्री डीपी गुप्ता, श्री एलआर गुप्ता, श्री किशोर भुरंगी, श्री अरविंद दिवाकर, श्री श्यामलाल शर्मा, श्री जीपी देवांगन, श्री रामनारायण राव, श्रीमती सत्यभामा अवस्थी, श्रीमती विद्या गोवर्धन, श्रीमती प्रेमलता राजपूत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निर्णायक के रूप में श्री प्रशांत द्विवेदी एवं श्री संजय खुराना उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा एस मैथ्यू, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री प्रशांत मोकासे, अध्यक्ष ज्येष्ठ नागरिक संघ श्रीमती विद्या गोवर्धन, श्रीमती सत्यभामा अवस्थी, श्री जमील खान, श्री राजेश सिंह, श्री बसंत श्रीवास एवं श्री रामेश्वर रजक उपस्थित थे।
- -शासकीय कार्यक्रम छोड़कर ट्रैफिक में फंसे एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए खुद मंच से खड़े हो गए मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम रोककर पहले एंबुलेंस को ट्रेफिक से निकलवाया फिर वापस मंच पर बैठेरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अक्सर अपने प्रोटोकाल से इतर लोगों से मिलने के लिए रूक जाते हैं और बच्चों के प्रति उनके स्नेह से सभी वाकिफ हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का मानवीयता से भरा एक और चेहरा देखने को मिला। दरअसल तात्यापारा के नवीन मार्केट में लोक निर्माण विभाग के भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंच से देखा कि एक एंबुलेंस वाहनों के जाम में फंस गयी है और उसे निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है। जैसे ही मुख्यमंत्री की नजर एंबुलेंस पर पड़ी उन्होंने अपने प्रोटोकाल के विपरीत जाकर तुरंत ही कार्यक्रम को रोकने का इशारा किया और खुद ही अपनी कुर्सी छोड़कर एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील करने लगे। मुख्यमंत्री के खड़े होने के बाद तुरंत ही वाहनों ने एंबुलेंस को रास्ता दिया इसके बाद मुख्यमंत्री वापस अपनी कुर्सी पर बैठे और कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री के इस मानवीय पहल से वहां उपस्थित हर किसी ने उनकी जमकर तारीफ की और मुख्यमंत्री के सहृदयता की खूब सराहना भी की।
- -महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी पहल-स्कूल बस और यात्री बस में लगेंगे जीपीएस और पैनिक बटन-जीपीएस से आपराधिक घटनाओं पर लगेगा अंकुश-बसों के रूट की मिलेगी पल-पल की जानकारी-आपातक़ालीन स्थिति में पैनिक बटन दबाने से मिलेगी डायल 112 के माध्यम से पुलिस सहायतारायपुर /छत्तीसगढ़ में यात्री बसों में महिलाओं एवं स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए निर्भया फ्रेमवर्क के अंतर्गत सभी स्कूल बस में पैनिक बटन लगाया जाएगा और व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से गाड़ियो की ट्रैकिंग किया जाएगा। पैनिक बटन लगने से बस में किसी प्रकार की दुर्घटना, छेड़छाड़ होने पर पैनिक बटन दबाने से तुरंत निर्भाया कमांड सेंटर और पुलिस विभाग के डायल 112 को सूचना मिल जाएगी। इसके साथ ही बसों का लोकेशन, स्पीड आदि का भी पता चलता रहेगा। इससे बसे नियंत्रित गति से चलेगी, जिससे हादसे की आशंका भी कम हो जाएगी। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम डायल 112 के कार्यालय में बनाया गया है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से आज परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसमें महिला सुरक्षा हेतु निर्भया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (जीपीएस) शामिल है। परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था के शुरू होने से जनता को किसी तरह के खतरे तथा अनहोनी से निपटने में काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 हजार बसें संचालित हो रही हैं, जो अलग-अलग रूट से प्रदेश के कोने-कोने तक जा रही हैं। इसी तरह राज्य में लगभग 6000 स्कूल बस भी संचालित है। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस के लगने से बसों की पल-पल की जानकारी मिलेगी। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी उपस्थित रहे।गौरतलब है कि राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा सुगम यातायात व्यवस्था के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नवीन व्यवस्था के तहत स्कूल बस के रूट में भी मैप रहेगा ताकि स्कूल बस यदि बच्चों को लेकर निर्धारित रूट के अलावा कहीं जाये तो ऑटोमैटिक अलर्ट आ जाये। इसके लिए कंट्रोल रूम में शिफ्ट के हिसाब से चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी जो लगातार सभी बस को मॉनिटर करते रहेंगे और इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस विभाग को सूचित करेंगे।क्या है पैनिक बटनपैनिक बटन लगने से दुर्घटना या कोई समस्या होने पर बस में सवार यात्री पैनिक बटन को दबाएंगे। बटन के दबते ही पुलिस कंट्रोल रूम व परिवहन कंट्रोल रूम को जानकारी मिलेगी और नजदीकी पुलिस थाने के कर्मचारी तुरंत बस तक पहुंचकर यात्रियों की मदद करेंगे।दिल्ली में हुए निर्भया प्रकरण के बाद से ही केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा की दिशा में कदम उठाने के लिये निर्देश दिए थे ताकि इस तरह के प्रकरण की पुनरावृत्ति न हो। इसी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में निर्भया फण्ड के अंतर्गत सभी यात्री वाहनो को ट्रैक करने के लिए यात्री वाहनों में जीपीएस लगवा कर व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफ़ार्म के माध्यम से ट्रैकिंग करने का निर्णय लिया गया। व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेर को चिप्स के माध्यम से बनाया गया है और समस्त गाड़ी के लाइव ट्रैकिंग देखने और त्वरित कार्यवाही करने के लिए सिविल लाइंस रायपुर में स्थित डायल 112 भवन में ही कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है ।जानिए क्या है जीपीएसग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस एक ऐसा उपकरण है, जिसे अगर गाड़ी में फिट कर दिया जाए तो एक निर्धारित सर्वर पर गाड़ी का लोकेशन पता लगाया जा सकता है। जीपीएस सिस्टम लगने से आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा। बसों के सही रूट की जानकारी मिल सकेगी। महिला और बच्चों के सुरक्षा के लिए राज्य के सभी स्कूल बस और यात्री बस को पैनिक बटन सुसज्जित जीपीएस के माध्यम से मॉनिटर किया जायेगा। इसके लिए निर्भया कमांड सेंटर बन कर तैयार हो चुका है।वर्जनप्रदेश में चलने वाली निजी बसों में जीपीएस सिस्टम और पैनिक बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे बस की पल-पल की जानकारी मिल सकेगी।-दीपांशु काबरा, आयुक्त, परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़






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