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- रायपुर । राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ अब भिलाई टाउनशिप के हजारों उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य शासन के ऊर्जा विभाग ने आज इसका आदेश जारी कर दिया। पहले भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के टाउनशिप में निवासरत उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था, क्योंकि उन्हें बीएसपी प्रबंधन विद्युत आपूर्ति करता है। लंबे समय से वहां के उपभोक्ता हाफ बिजली बिल योजना के तहत छूट देने की मांग कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने बीएसपी कर्मियों को इसकी सौगात दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के सभी घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा प्रति माह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशाली विद्युत की दरों के आधार पर आंकलित बिल की राशि की आधी राशि देनी होती है। फरवरी 2019 से लागू इस योजना का लाभ 42.82 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है जिसमें अब तक 3900 करोड़ रूपए से अधिक राशि की छूट प्रदान की जा चुकी है। अब इसका लाभ बीएसपी क्षेत्र के 27 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।जारी आदेश में कहा गया है कि बी.एस.पी. के डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी एरिया में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 400 यूनिट तक की प्रति माह विद्युत खपत पर देय फिक्स्ड चार्ज, एनर्जी चार्ज एवं वेरियेबल कॉस्ट एडजस्टमेंट के मद में कुल देय राशि के 50 प्रतिशत की रियायत दी जाती है।यह योजना 01 सितम्बर 2023 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी। उपभोक्ताओं को रियायत के समतुल्य राशि का अग्रिम भुगतान प्रतिपूर्ति के रूप में राज्य शासन द्वारा बी. एस.पी. को बजट के माध्यम से किया जाएगा। रियायत की राशि का प्रावधान बजट में किए जाने हेतु बी.एस.पी. के द्वारा समुचित प्रस्ताव समय-समय पर ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान किया जायेगा।
- -आंजनेय विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपालरायपुर /विद्यार्थियों को कौशल, ज्ञान और बुद्धि से लैस करना समय की मांग है ताकि छत्तीसगढ़ के छात्र बाहर के बड़े शहरों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। हमारे छात्र उच्च अध्ययन के लिए महानगरों में न जाएं बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में पाठ्यक्रमों के मामले मेें समान गुणवत्ता, समान बुनियादी ढांचा और समान सुविधाएं मिले यह प्रयास होना चाहिए।राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज आंजनेय विश्वविद्यालय के उदघाटन अवसर पर यह उदगार व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि समय की मांग है कि ऐसे माहौल को बढ़ावा दिया जाए जहां नवाचार फलता-फूलता हो। विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का स्थान न बने बल्कि एक यह एक ऐसी जगह हो जहां विद्यार्थियों के सपनों को पोषित किया जाए, संम्भावनाओं को साकार और भविष्य को आकार दिया जाए। विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का संग्रह नही होना चाहिए। इसमें दुनिया और समाज को बेहतर बनाने के लिए नए-नए रिसर्च कर सकारात्मक बदलाव के लिए प्रतिबद्धता होनी चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समाने बहुत बड़ी चुनौती है। गरीब, पिछड़े और वंचित लोगों के बारे में सोचना और शासन की योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचा कर उन्हे विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। राज्यपाल ने कोविड-19 महामारी के दौरान हेल्थ वर्कर, डॉक्टर, नर्स एवं उन सभी फ्रन्ट लाइन वर्कर के योगदान को रेखांकित किया जिन्होने अपनी जान की परवाह न करते हुए जनता की सेवा की और महामारी को नियंत्रित करने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए अत्यन्त गर्व विषय है कि हमारा देश विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक उत्सव ‘उड़ान‘ के आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि विद्यार्थियों को यह ऊंची उड़ान के लिए प्रेरित करेगी ।कार्यक्रम को विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह विश्वविद्यालय अपने नाम के अनुरूप विद्यार्थियों को बल, बुद्धि, ज्ञान देने के साथ-साथ देश सेवा का रास्ता भी दिखाएगा।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल ने दिया। आभार प्रदर्शन कुलपति श्री टी.रामाराव ने किया। इस अवसर पर विश्विद्यालय की पत्रिका का विमोचन श्री हरिचंदन के हाथों किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विजेता क्रिकेट टीम को ट्राफी प्रदान की और संस्था के प्राचार्य और प्राध्यापकों को सम्मानित किया ।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष ड़ॉ उमेश मिश्रा, विश्वविद्यालय के डायरेक्टर श्री बी.सी जैन अन्य अधिकारी, फैकल्टी मेम्बर, डीन, प्राचार्य, प्राध्यापक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे ।
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-रायपुर के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से किया गया ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल, कोरबा के बिजलीघरों को पुनर्संचालित करने बांगो से भेजा गया पॉवररायपुर । प्रदेश में आकस्मिक ब्लैक आउट होने की स्थिति में ताप विद्युत गृहों को पुर्नसंचालित करने हेतु हसदेव बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट अप पॉवर सप्लाई करने संबंधी एक मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) छत्तीसगढ़ स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में सफलतापूर्वक किया गया। पॉवर कंपनी के फील्ड में तैनात कर्मचारियों एवं अभियंताओं द्वारा तत्परतापूर्वक दूसरी लाईन को आईलैण्डेड स्कीम में शामिल करते हुए कोरबा - पश्चिम के संयंत्रों को शुरू करने हेतु 1 घंटा 24 मिनट में बांगो जल विद्युत संयंत्र से बिजली पहुंचायी गयी।गौरतलब है कि अचानक ब्लैक आऊट होने की स्थिति में पावर प्लांटों को फिर से स्टार्ट करना कठिन होता है, इसके लिए तुरंत बिजली की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी तत्काल आपूर्ति जल विद्युत संयत्रों से ही हो सकती है। यह मॉकड्रिल छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल तथा जनरेशन कम्पनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार की विशेष उपस्थिति एवं कुशल मार्गदर्शन में 11 अगस्त 2023 को डंगनिया मुख्यालय स्थित लोड डिस्पैच सेंटर में किया गया।इस "ब्लेक स्टार्ट मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) की मानीटरिंग मुंबई स्थित वेस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर के एक्सपर्ट इंजीनियर स्काडा सिस्टम से कर रहे थे। इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड और स्टेट ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुसार साल में दो बार इस तरह का मॉकड्रिल करना होता है। इस दौरान डंगनिया स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर में कार्यपालक निदेशक सर्व श्री आरके शुक्ला, डीके चावड़ा, केएस मनोठिया, एके वर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री गिरीश गुप्ता तथा जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक से एमएस कंवर एवं उनकी टीम उपस्थित थे ।राज्य भार प्रेषण केन्द्र के नियंत्रण कक्ष में अधीक्षण अभियंता श्री संजय चौधरी, अभिषेक जैन, कार्यपालन अभियंता श्री जीपी सिंह, सुदेशना पाल, प्रेम देवांगन तथा ड्यूटी पर उपस्थित श्री मनोज रावटे व सहायक अभियंता श्री प्रेम जायसवाल, श्री केतन मिश्रा, श्री विन्ध्याचल गुप्ता, सुश्री जुवेना गोम्स, श्रीमती रेखा शर्मा, श्री संदीप देवांगन, कनिष्ठ अभियंता श्री शुभम घोरे एवं तकनीकी सहायक दिनेश विश्वकर्मा आदि का मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही ।इसी तरह बांगो जल विद्युत संयंत्र के अधीक्षण अभियंता श्री ओपी पाण्डेय एवं उनकी टीम, कोरबा पश्चिम में अधीक्षण अभियंता श्री एस करकरेएवं उनकी टीम, पारेषण संकाय से कोरबा पूर्व, जमनीपाली, छुरीखुर्द एवं खरमोरा विदयुत उपकेन्द्रों से अधीक्षण अभियंता श्री डीएस पटेल एवं उनकी टीम, वितरण संकाय से कार्यपालन अभियंता श्री अनुपम सरकार एवं उनकी टीम का कोरबा पूर्व जमनीपाली एवं छुरीखुर्द तथा संचार एवं टेलीमीटरी संकाय से कार्यपालन यंत्री श्री जेएल उरांव एवं उनकी टीम की सक्रिय भूमिका इस मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में रही है ।ऐसे पूरी हुई मॉकड्रिल की प्रक्रिया-मॉक ड्रिल के दौरान सर्वप्रथम बांगो जल विद्युत गृह छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व के उपकेन्द्रों से फीड होने वाले क्षेत्रों को मिलाकर एक आईलैण्ड सब सिस्टम बनाया गया। इसके पश्चात् इस आईलैण्ड सब सिस्टम में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित की गई। इस तरह एक बनावटी बिजली संकट छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा क्षेत्र में निर्मित किया गया। इसके पश्चात् इजीनियरों की टीम ने युद्धस्तर पर बिजली सकट क्षेत्र में बिजली बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसके लिये बांगो में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट से बंद जल विद्युत इकाई कमांक 3 को सर्विस में लेकर बांगो उपकेन्द्र के बस को चार्ज किया गया और वहां उत्पादित बिजली को 132 केव्ही लाईनों के माध्यम से छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व 132 केव्ही उपकेन्द्रों तक क्रमशः पहुंचाया गया और पूर्व निर्धारित 33/11 केव्ही विद्युत फीडरों को एक के बाद एक चालू कर बांगों की जल विद्युत इकाई से करीब 23 मेगावाट लोड लिया गया । इसके पश्चात् आईलैण्ड सब-सिस्टम की फ्रिक्वेन्सी एवं वोल्टेज को मॉनीटर करते हुए बांगो जल विद्युत गृह की सप्लाई को कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह तक पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में 1 घण्टा 24 मिनट का समय लगा। - रायपुर। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय द्वारा रायपुर में “हेरिटेज वॉक” का आयोजन किया गया। जिसमें कृष्णा पब्लिक स्कूल के युवा पर्यटन क्लब के 30 सदस्यों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना और प्रतिभागियों को क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानने और सीखने का अवसर प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से, आयोजकों को स्थानीय इतिहास के प्रति गहरी सराहना को बढ़ावा देने और प्रतिभागियों के बीच सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की उम्मीद है।यह हेरिटेज वॉक लिली चौक से शुरू होकर नगरीदास मंदिर, बजरंगबली बावली, अखाड़ा, जैतुसाव मठ, जगन्नाथ मंदिर होते हुए तुरी हटरी पर समाप्त हुई। इस वॉक का नेतृत्व हेरिटेजवाला के संस्थापक श्री शिवम त्रिवेदी द्वारा किया गया और पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित विरासत स्थलों को बहुत ही खूबसूरती से समझाया गया। यहाँ स्थित जैतुसाव मठ की भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इस मठ में महात्मा गांधी वर्ष 1933 में आये थे और एक सभा ली थी। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय के प्रबंधक मयंक दुबे एवं सहायक प्रबंधक टी. बालामुरुगन, कृष्णा पब्लिक स्कूल के युवा पर्यटन क्लब की शिक्षक समन्वयक श्रीमती अर्पिता दुबे, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड से श्री संतोष रैदास शामिल हुए।
- -रीपा में महिलाओं को मिल रहा रोजगाररायपुर /टसर सिल्क, ये नाम तो आपने सुना ही होगा। टसर रेशम को जंगली रेशम भी कहा जाता है। टसर रेशम से बने कपड़े पहनने के शौकीनों की कमी नहीं हैं। सिल्क साड़ियां का बाजार आज भी गुलजार है। खास मौकों पर सिल्क कपड़ों का अपना अलग महत्व है। युवा से लेकर बुजुर्ग महिलाओं की पसंद में सिल्क साड़ियां पहले नंबर पर है। टसर सिल्क की समृद्ध बनावट और चटक गहरा रंग है, जो इसकी लोकप्रियता का कारण है।वर्तमान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न रीपा केंद्रों में रेशम धगाकरण का कार्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाएं इससे अपना जीवन बेहतर बना रहे हैं। राजनांदगांव जिले के ग्राम बघेरा की नारी शक्ति टसर सिल्क मटका स्पिनर स्व-सहायता की 15 महिलाओं ने जनवरी 2023 से रेशम धागाकरण का कार्य प्रारंभ किया। ये महिलाएं पहले खेती किसानी, मजदूरी और घर का काम करती थी। परिवार के साथ रहकर सीमित साधनों के साथ अपने जीवन का निर्वहन कर रही थी। समूह की महिलाओं द्वारा 4 लाख 50 हजार रुपए का रेशम धागा का उत्पादन किया गया, जिसमें इन महिलाओं को 1 लाख 40 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।इसी तरह रीपा योजनान्तर्गत बस्तर जिले के ग्राम तुमेनार के रेशम धागा समिति की 20 महिलाओं रेशम धागाकरण का कार्य कर रही है। समूह की महिलाओं द्वारा कुल 6 लाख रुपए का धागा उत्पादन किया गया, जिसमें इन महिलाओं को 1 लाख 80 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।रीपा केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को रेशम धागे का उत्पादन और विपणन करने में सक्षम बनाना है। इसके अलावा, उद्यम गरीबी को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के सृजन की सुविधा प्रदान करना है और ग्रामीण आबादी विशेष रूप से महिलाओं को स्व-रोजगार के ढेर सारे अवसरों के माध्यम से सशक्त बनाना है।
- -सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा-मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित मिनीमाता स्मृति दिवस एवँ प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, राजश्री सद्भावना समिति एवं समस्त सतनामी समाज रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में सामाजिक उत्थान की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सतनामी समाज के 11 महिलाओं को प्रतीक स्वरूप सम्मानित भी किया। साथ ही उन्होंने गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने मौके पर अकादमी के साहित्य प्रकाशन का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम में पूर्व सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए शोषण, भेदभाव तथा अत्याचार से मुक्त और समतामूलक समाज के निर्माण में उनका योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समाज की उन्नति तथा विकास के लिए निरंतर कार्य किया। मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला थी, जो सांसद बनी थी। वर्ष 1952 से 1972 तक सारंगढ़, महासमुंद तथा जांजगीर से वे सांसद रही। उन्होंने इस दौरान समाज की उन्नति के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य करती रहीं।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता ने अपना राजनीतिक जीवन शुरू होने के बाद सामाजिक उत्थान काम और तेज कर दिया। जिन बुराईयों और विसंगतियों को वे बचपन से देखती आई थीं, उन्हें मिटाने के लिए अब उनके पास लोकतंत्र और संविधान की ताकत भी थी। छुआछूत, नारी-उत्थान, श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में मिनीमाता ने अद्वितीय कार्य किए। लोक सभा में अस्पृश्यता निवारण विधेयक पारित कराने में मिनी माता के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता जिस तरह के समाज के निर्माण का सपना देख रही थीं, असल में वह हर छत्तीसगढ़िया का सपना था। पिछले पौने पांच वर्षों से हम लोग हमारी पुरखिन मिनीमाता और हमारे तमाम पुरखों के सपनों के छत्तीसगढ़ का निर्माण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि मिनीमाता का पूरा जीवन समाज के शोषित तथा वंचित लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. महंत रामसुंदर दास, अकादमी के अध्यक्ष श्री के.पी. खांडे, संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर / गौठान, बिहान और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक इकाई (रीपा) से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। महिलाएं अपनी मेहनत से लाभ अर्जित कर रही हैं। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम लेन्ध्रा (छोटे) के महिला समूहों के द्वारा गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अलावा मल्टीएक्टिविटी सेंटर सह-गोदाम कक्ष में कार्य कराई जा रही है। सीमेंट पोल विक्रय कर समूह की माहिलाएं 8 लाख रूपए की शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी है।रोशनी स्वसहायता समूह लेन्ध्रा (छोटे) के गौठान में सीमेंट पोल का निर्माण कार्य महिलाओं द्वारा बेहतर तरीके से किया जा रहा है। पोल निर्माण से महिलाएं अच्छी आमदनी अर्जित कर रही है । रोशनी समूह द्वारा उत्पादित सीमेंट पोल सामग्री का उपयोग अन्य गौठानों में बाउंड्री के लिए उपयोग करने की व्यवस्था की गई, जिसके कारण रोशनी समूह को बिक्री के लिए आर्डर मिलने लगे। रोशनी स्वसहायता समूह की अध्यक्ष हिरन कोशले ने बताया कि उनके समूह में 10 सदस्य हैं। मिक्चर मशीन 2 लाख रूपए में और बाइलरेटर मशीन ढाई लाख रूपए में खरीदी की है। समूह ने अब तक कुल 11 हजार सीमेंट खम्भा बनाया है, जिसमें से 10 हजार 430 खम्बे की बिक्री 16 लाख 68 हजार 8 सौ रूपए में हो चुकी है। खम्भों को बनाने में 8 लाख 34 हजार 4 सौ रूपए की लागत आई है। समूह को शुद्ध 8 लाख रूपए की आमदनी हुई है। रोशनी समूह के सभी सदस्य और उनका परिवार इस कार्य से खुश हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। रोशनी समूह के सभी सदस्यों की यह उपलब्धि अन्य महिला समूहों के प्रेरणादायी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रीपा और गौठान की सफलता का यह मॉडल है। उल्लेखनीय है कि लेन्ध्रा (छोटे) के गौठान में दीक्षा, सरस्वती, शिवानी, आशाकिरण आदि स्वसहायता समूह वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खाद का निर्माण कर रही हैं। अन्य स्वसहायता समूह सर्फ, अगरबत्ती आदि का भी निर्माण कर आत्मानिर्भरता की राह में चल रही हैं।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 620.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 11 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1070.1 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 291.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 559.2 मिमी, बलरामपुर में 520.0 मिमी, जशपुर में 492.9 मिमी, कोरिया में 604.5 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 629.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 734.8 मिमी, बलौदाबाजार में 628.4 मिमी, गरियाबंद में 585.6 मिमी, महासमुंद में 677.4 मिमी, धमतरी में 624.3 मिमी, बिलासपुर में 624.4 मिमी, मुंगेली में 790.2 मिमी, रायगढ़ में 686.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 542.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 501.0 मिमी, सक्ती में 510.1 मिमी, कोरबा में 621.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 583.1 मिमी, दुर्ग में 502.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 489.6 मिमी, राजनांदगांव में 683.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 787.7 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 652.4 मिमी, बालोद में 679.8 मिमी, बेमेतरा में 484.5 मिमी, बस्तर में 654.6 मिमी, कोण्डागांव में 478.7 मिमी, कांकेर में 561.8 मिमी, नारायणपुर में 566.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 760.2 मिमी और सुकमा में 895.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।file photo
- रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त के अवसर पर राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने राज्य के युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति से ही देश की उन्नति होती है। युवा दिवस मनाने का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनौतिक मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है और देश के विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम ‘‘युवाओं के लिए हरित कौशल: एक सतत् विश्व की ओर‘‘ घोषित की गयी है। युवाओं को हरित कौशल से जोड़कर पर्यावरण और वन क्षेत्र में कौशल विकास की एक अच्छी पहल केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा भी की जा रही है। जिससे आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे।
- -पात्र हितग्राही से 10 प्रतिशत अंशदान जमा कर लाॅटरी में होंगे शामिलभिलाईनगर। मोर मकान मोर आस प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही को दस प्रतिशत अंशदान राशि जमा कर 18 अगस्त को होने वाले लाॅटरी पद्धति के आबंटन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। प्रधानंत्री आवास योजना के अंतर्गत मोर मकान मोर आस घटक अंतर्गत शासन से स्वीकृति विभिन्न स्थलों में निर्मित व निर्माणाधीन आवासों के आबंटन हेतु जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन पश्चात हितग्राहियों से 10 प्रतिशत अंशदान की राशि जमा कराया गया है एवं मोर मकान मोर चिन्हारी घटक अंतर्गत जिन हितग्राहियों द्वारा समानुपातिक अंशदान की राशि एकमुश्त जमा कर दिया गया है। ऐसे सभी हितग्राहियों का दिनांक 18 अगस्त को सुबह 10ः30 बजे निगम मुख्यालय सुपेला मे लाॅटरी पद्धति से आवास आबंटन किया जाना है। आवास आबंटन हेतु हितग्राही योजना शाखा से लाॅटरी सूचना पत्र प्राप्त कर लेवे। पात्र आवेदक दिनांक 16 अगस्त तक आवास का अंशदान की राशि जमा कर लाॅटरी में सम्मिलित हो सकते है। निर्धारित तिथि के पश्चात राशि जमा करने पर आगामी लाॅटरी में शामिल किया जावेगा।लाॅटरी में शामिल होने हेतु हितग्राही अपना अंशदान जमा रसीद की मूलपति, मूल आधार कार्ड, आवेदन पत्र की पावती तथा लाॅटरी का सूचना पत्र के साथ निर्धारित स्थल एवं समय में स्वंय उपस्थित रहेंगे, हितग्राही यदि दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकजन हो तो प्रमाण पत्र की मूल प्रति आवास शाखा कक्ष क्रं. 16 में पुष्टि हेतु 16 अगस्त तक प्रस्तुत करेंगे अन्य जानकारी हेतु नगर पालिक निगम, भिलाई के मुख्य कार्यालय के कक्ष क्रं. 16 प्रधानमंत्री आवास शाखा के प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन से संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर /जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों से घुमन्तू पशुओं को हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में बड़ी संख्या में आवारा पशुओं को जप्त कर रखने के लिए जिले के रहंगी और मोपका गौठान प्रमुख केन्द्र बनाया गया है। जप्त किए गए पशुओं को उनके मालिकों द्वारा निर्धारित समयावधि में नहीं ले जाने पर इन्हें विशेष पिछड़ी जनजातियों को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें स्वस्थ नर सांड पशुओं को जिले के बैगा बिरहोर जनजातियों के सदस्यों को कृषि कार्य में उपयोग हेतु बैलजोड़ी इकाई के रूप में निःशुल्क वितरण किया जाएगा। बैलजोड़ी मिलने से उन्हें कृषि कार्य में बहुत मदद मिलेगी और उनके जीविकोपार्जन में भी वृद्धि होगी। कलेक्टर द्वारा उक्त कार्य के समुचित क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बैलजोड़ी इकाई का चयन एवं हितग्राहियों को इकाई वितरण का कार्य किया जाएगा। नगर निगम को बैलजोड़ी इकाईयों को वितरण हेतु काउ कैचर वाहन से रहंगी गौठान से वितरण स्थल तक पहुंचाने का कार्य दिया गया है, वहीं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को शिविर आयोजन कर वितरण में आवश्यक सहयोग एवं नवीन हितग्राहियों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- भिलाईनगर। शहर के बाजार क्षेत्र को हरा भरा करने व खूबसूरत बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई, चेम्बर आफ काॅमर्स एवं व्यापारिक समिति के सहयोग से बड़े बाजार क्षेत्र के दुकानो के सामने रखने गमले में पौधा का वितरण करेगा यह अभियान 15 अगस्त से होगा प्रारंभ।आयुक्त रोहित व्यास ने निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा की राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त से निगम क्षेत्र के व्यापारियों के सहयोग से शहर के बाजार क्षेत्र के दुकानों के सामने गमले में पौधा रखने के अभियान की शुरूवात किया जाना है। जिसके लिए चेम्बर आफ काॅमर्स तथा व्यापारिक समिति से निगम द्वारा आवश्यक सहयोग लिया जायेगा। शुरूवात में आकाशगंगा, सुपेला, गोल मार्केट वैशाली नगर, सर्कुलर जवाहर मार्केट पावर हाउस, न्यू खुर्सीपार मार्केट तथा ए मार्केट सेक्टर 06 के दुकानों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। दुकानदार अपने दुकान के सामने गमले में पौधा रखेगें ताकि मार्केट क्षेत्र हरा भरा और खुबसुरत दिखे, उन्होने जोन आयुक्तों से कहा की सड़क प्रकाश व्यवस्था का जायजा लेकर बंद पड़े लाईट को बदल कर मार्ग को प्रकाशमय बनाएं विशेष रूप से जी.ई.रोड को तत्काल रोशनी से युक्त करें।आयुक्त श्री व्यास ने 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के मद से चल रहे कार्यो की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए की प्रगतिरत कार्य को शीध्र पूर्व करे तथा अप्रारंभ कार्यो को इसी माह प्रारंभ कर लें। उन्होने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि जोन आयुक्त ये सुनिश्चित कर ले कि जोन क्षेत्र के वार्ड से निकलने वाले कचरे का निष्पादन उसी जोन में स्थापित एस.एल.आर.एम. सेंटर में ही हो। मतदान केन्द्रो का भ्रमण कर केन्द्रो में लाईट पानी रैम्प, शौचालय की स्थिति दुरूस्त कर लेवें। मुख्यमंत्री स्कुल जतन योजना के कार्यों की प्रगति से अवगत होकर अपूर्ण कार्य को शीध्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए है।बैठक में अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, संजय बागड़े, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं विभाग प्रमुख आदि उपस्थित थे।
- दुर्ग, / उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक, दुर्ग में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में पी.पी.टी. व नान- पी.पी.टी. तथा लेटरल एंट्री के माध्यम से सत्र 2023-24 में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। आबंटित संस्था में प्रवेश प्रक्रिया 18 अगस्त 2023 से आरंभ होगी। उ.प्र.उ शासकीय पॉलीटेक्निक, दुर्ग के प्राचार्य से मिली जानकारी अनुसार प्रवेश के समय विद्यार्थी ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन की प्रति, पीपीटी का स्कोर कार्ड (डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए), अंकसूची (दसवीं, बारहवीं, आई.टी.आई.) अनु. जनजाति/अनु. जाति/अ.पि.व. के लिए स्थाई जाति प्रमाण-पत्र, अनु. जनजाति/अनु. जाति/अ.पि.व. के छात्र यदि शिक्षण शुल्क में छूट प्राप्त करना चाहते हैं तो सत्र 2022-23 का समस्त स्रोतों से पालक की आय प्रमाण-पत्र, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र, यदि कोई छात्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सैनिक अथवा निःशक्तजन की सीट प्राप्त करता है तो उससे सम्बन्धित निर्धारित प्रपत्र में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, गेप सर्टिफिकेट (पढ़ाई के दौरान कोई व्यवधान उपस्थित हुआ हो), आधार कार्ड, बैंक पास बुक के प्रथम पेज की फोटो कापी, स्वयं का तीन पासपोर्ट साईज का रंगीन फोटो इत्यादि दस्तावेजों के साथ उपस्थित होंगे।
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*ग्यारह हजार से अधिक मवेशियों को सड़कों से हटाया गया, 45 हजार रूपये से अधिक जुर्माना भी वसूला*
*संभागायुक्त ने सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की समीक्षा की, पांचों जिलों के कलेक्टर वीडियो काॅफ्रेसिंग में हुए शामिल*
रायपुर / संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग ने आज वीडियो काॅफ्रेसिंग के माध्यम से रायपुर संभाग में सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने, पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की कार्रवाई गहन समीक्षा की। वीडियो काॅफ्रेसिंग से हुई इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री रतन लाल डांगी सहित संभाग के पांचों जिलों रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी और महासमंुद के कलेक्टर एवं अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में संभागायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों, शहरी क्षेत्रों की सड़कों के साथ संभाग की मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा हटाने के लिए की जा रही कार्रवाई की जिलावार समीक्षा की। डाॅ. अलंग ने आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाकर गौठानों, कांजी हाउस या गौशालाओं में रखने के साथ-साथ ग्रामीणों और मवेशियों के पालकों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए। रायपुर संभाग में पिछले एक सप्ताह में 11 हजार से अधिक मवेशियों को सड़कों से हटाया गया है। इन मवेशियों को बड़े गौठानों, गांव के कांजी हाउस या गौशालाओं में सुरक्षित रखा गया है। मवेशियों के मालिकों से 45 हजार रूपये से अधिक जुर्माना भी वसूला गया है। अब तक की गई कार्रवाईयों पर संतोष जताते हुए संभागायुक्त ने आगे भी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए।
बैठक में संभागायुक्त ने गांव-गांव में बने सभी कांजी हाउसों को सक्रिय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मवेशियों को रखने वाले गौठानों, गौशालाओं और कांजी हाउसों में चारा-पानी के साथ-साथ पशुओं के इलाज की सुविधा भी सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टरों ने बताया कि आवारा और सड़क पर बैठे मवेशियों की धर-पकड़ के दौरान उनके गले में रेडियम बेल्ट बांधा जा रहा है, ताकि पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही पशुओं की टैगिंग कर उनके मालिकों की पहचान भी की जा रही है, ताकि भविष्य में सड़क पर बैठे पाये जाने पर पशु टैग से मालिक को चिन्हांकित कर कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही बैठक में नये गौशालाओं के पंजीयन के काम में भी तेजी लाने के निर्देश संभागायुक्त ने दिए। उन्होंने गांव स्तर पर पशुपालकों से चर्चा कर मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने और उससे होने वाले नुकसान के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने के निर्देश भी दिए।बैठक में रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रतन लाल डांगी ने भी अधिकारियों को सड़कों को मवेशियों से मुक्त कराने के लिए पुलिसकर्मियों का सहयोग करने को कहा। उन्होंने बताया कि गाय स्वभाव सुखी जगहों पर बैठने का होता है, इसीलिए बरसात के दिनों में ज्यादातर गाये सड़कों पर बैठती है। उन्होंने बारिश होने वाले दिनों में सड़कों पर मवेशियों के बैठने पर ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। श्री डांगी ने संभाग के सभी जिलों में सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए सेन्ट्रल कंट्रोल रूम स्थापित करने और उसकी जानकारी व्यापक रूप से आमलोगों तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
- बिलासपुर/हाईकोर्ट के निर्देश पर जिले के राजमार्गों में घुमंतू पशुओं को रात्रि में होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने हेतु लगातार रेडियम कॉलर बेल्ट एवं ईयर टैगिंग का कार्य जा रहा है। साथ ही सिंग वाले पशुओं में एक परत रेडियम पट्टी चिपकाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि पशु रात्रि में दूर से ही दिखाई दे सके। इसके लिए पशु चिकित्सा विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उक्त कार्यों के लिए पशु चिकत्सा विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के अलग-अलग हिस्से हेतु टीम बनाकर नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें भोजपुरी-पेण्ड्रीडीह-बोदरी एवं बोदरी-बिलासपुर मार्ग के लिए डॉ. ए.के. त्रिपाठी, नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले मार्गों के लिए डॉ. रामनाथ बंजारे एवं डॉ. अमित तिवारी, सेंदरी-रतनपुर मोड़ के लिए डॉ. अजय अग्रवाल, पेंडारी-बिल्हा-दर्रीघाट मोड़ के लिए डॉ. रंजना नंदा, दर्रीघाट-पाराघाट मार्ग के लिए डॉ. पी.के. अग्निहोत्री, पेंड्री-सकरी-सेंदरी मार्ग के लिए डॉ. अजय पटेल, सकरी-तखतपुर मार्ग के लिए डॉ. हेमंत नेताम एवं रतनपुर मोड़-बेलतरा के लिए डॉ. बीपी साहू को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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*कलेक्टर ने की शिविर का लाभ उठाने की अपील*
बिलासपुर/मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपित करने तथा संशोधन करवाने के लिए अवकाश के दिनों में भी विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 12, 13, 19 एवं 20 अगस्त को आयोजित होगा। इस दौरान शिविर में बीएलओ एवं अभिहित अधिकारी पूरे समय मतदान केंद्रों में मौजूद रहकर दावा-आपत्तियों का निराकरण करेंगे। कोई भी नागरिक जो 1 अक्टूबर 2023 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है, वह मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त युवाओं से शिविर का लाभ उठाकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अपील की है। अब तक हजारों लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपित एवं संशोधन करवाने आवेदन किया है।
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य जारी है। यह कार्य 31 अगस्त तक चलेगा।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तूरी के आंगनबाड़ी केन्द्र पाराघाट-1 एवं कुकुर्दीकला-2 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु 22 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए हैं। इसी प्रकार एकीकृत बाल विकास परियोजना सीपत के आंगनबाड़ी केन्द्र उड़गी-1 में आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 24 अगस्त है। इच्छुक आवेदिका अपना आवेदन बंद लिफाफे में निर्धारित तिथि तक संबंधित परियोजना कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
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-पांच शहरों के जल प्रदाय योजनाओं को मिली मंजूरी
रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में कल यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की छठवीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के छह शहरों की जल प्रदाय योजनाओं की विस्तार से चर्चा के उपरांत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की स्वीकृति दी गई। इन जल प्रदाय योजनाओं से करीब 26 हजार 603 से अधिक घरों में नल कनेक्शन दिए जाएंगे। जल प्रदाय परियोजनाओं की लागत करीब 354 करोड़ रूपए होगी। बैठक में मिशन अमृत-2 के अंतर्गत नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा तैयार स्टेट एक्शन प्लान को भी अनुमोदित किया गया।बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के जरिए मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत पंाच शहरों की जल प्रदाय योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण, कोण्डागांव जिले की कोण्डागांव, कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर, जशपुर जिले की कुनकुरी, सुकमा जिले की सुकमा और धमतरी जिले की आमदी जल प्रदाय योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया कि अमृत मिशन एक के तहत स्वीकृत परियोजनाओं पर तेजी से काम किया गया है, इनमें ज्यादातर योजनाओं के कार्य पूर्णता की ओर है। अमृत मिशन के अंतर्गत बेहतरीन कार्य करने पर केन्द्र सरकार द्वारा 69 करोड़ 77 लाख रूपए की रिफार्म इंसेंटिव छत्तीसगढ़ को प्रदाय किया गया है। इसी तरह से अमृत मिशन-2 के अंतर्गत स्वीकृत कार्य प्रगति पर है। अमृत मिशन 2 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य देश में पांचवे स्थान पर है। बैठक में अमृत मिशन-2 के तहत नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 10 शहरों में भाटापारा, चिरमिरी, महासमुंद, दल्ली-राजहरा, डोंगरगढ़, कवर्धा, नैला-जांजगीर (एम), चांपा (एम), कांकेर और धमतरी हेतु 5 करोड़ 65 लाख 92 हजार रूपए के स्टेट एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया।वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित इस बैठक में वित्त विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण एवं आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्री जनक प्रसाद पाठक सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। - -शिक्षामंत्री के कर कमलों से पुस्तिका का हुआ विमोचनरायपुर /स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ने अभूतपूर्व कार्य करते हुए बालवाड़ी एवं आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए गतिविधि पुस्तिका एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के लिए दैनिक कार्य योजना का निर्माण किया है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जिसने इस क्षेत्र में पुस्तिका का निर्माण किया है। मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ग्रामीण विकास एवं पंचायत संस्थान निमोरा के सभागार में आयोजित पुस्तिका विमोचन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने पुस्तिका के लिए दोनों विभाग और उनके संचालकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में इसके धरातल में क्रियान्वयन पर जोर दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ के छोटे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए इसे नितांत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण बताया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस भारती दासन द्वारा इसके महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा गया कि इससे हमारी शिक्षा की नीव मजबूत होगी जिसका लाभ हमें आगे मिलेगा।यह पुस्तिका राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ईसीसीई के अनुरूप यूनिसेफ के सहयोग से 03 से 06 वर्ष के बच्चो के लिए तैयार की गई है। जिसके लिए एससीईआरटी की विशेषज्ञ टीम द्वारा पिछले एक वर्ष से लगातार इसमें मेहनत की है। इस अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ एस भारतीदासन, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा एवं संचालक एससीईआरटी श्री राजेश सिंह राणा, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, यूनीसेफ के विशाल वासवानी की गरिमामय उपस्थित थे।कार्यक्रम में संचालक एससीइआरटी श्री राजेश सिंह राणा द्वारा इस पुस्तिका के निर्माण, महत्व और आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आगे की कार्य योजना बताई। इस मौके पर खिलौना आधारित शिक्षण शास्त्र पर खिलौना प्रर्दशनी भी लगाई गई। इस अवसर पर एससीईआरटी की उप संचालक श्रीमती पुष्पा किष्पोट्टा सहित अधिकारी कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षिकाए आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में यूनिसेफ से श्रीमती गार्गी परदेसी, एससीईआरटी से सुनील मिश्रा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी, गिरजा शंकर शुक्ला प्रशिक्षण समन्वयक सहित पूरे टीम का कार्य व सहयोग रहा।
- -ठाकुर प्यारे लाल उद्यान में किया पौधरोपण-ठाकुर प्यारे लाल सिंह के परिवारजनों से की मुलाकातरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सेम्हरादैहान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस दौरान ठाकुर प्यारे लाल सिंह उद्यान में पौधरोपण किया। उन्होंने ठाकुर प्यारे लाल सिंह के परिवारजनों से भी मुलाकात की। इस अवसर पर संसदीय सचिव एवं विधायक मोहला-मानपुर श्री इन्द्रशाह मंडावी, राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं विधायक डोंगरगांव श्री दलेश्वर साहू, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं विधायक डोंगरगढ़ श्री भुनेश्वर बघेल, समाज सेवी श्री पदम कोठारी, समाज सेवी श्री रतन यादव, सरपंच श्री दिनेश सिंह ठाकुर अन्य जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आईजी श्री राहुल भगत, कलेक्टर श्री डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री अभिषेक मीणा, जिला पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार, एसडीएम राजनांदगांव श्री अरूण वर्मा सहित ठाकुर, प्यारे लाल सिंह के परिजन श्री नीलकांत सिंह, श्री आशीष सिंह, श्री श्रीकांत सिंह, श्री विश्वजीत सिंह, श्री सौमित्र सिंह, श्री नरेन्द्र सिंह सहित अन्य सदस्य, पंचगण, अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। इसके अलावा ठाकुर प्यारे लाल सिंह के अन्य परिजन इंदौर, श्रीनगर, भोपाल, बीना, दुर्ग, रायपुर से भी इस अवसर पर उपस्थित हुए।उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह का जन्म 21 दिसम्बर 1891 को राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सेम्हरादैहान में हुआ था। इनके पिता ठाकुर दीनदयाल सिंह एवं माता श्रीमती नर्मदा देवी सिंह थी। इन्होंने वर्ष 1914 में नांदगांव रियासत के दीवान हटाओ आंदोलन तथा वर्ष 1919, 1924 एवं 1933 में बीएनसी मिल मजदूरों की हड़ताल का नेतृत्व करते हुए मजदूरों के अधिकार के लिए संघर्ष किया। वर्ष 1920 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उनके द्वारा चलाए जा रहे असहयोग आंदोलन के दौरान वकालत का त्याग कर दिया। वे वर्ष 1924 में राजनांदगांव नगर पालिका तथा वर्ष 1936, 1940 एवं 1944 में रायपुर नगर के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 1930 में किसान आंदोलन का नेतृत्व करने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस आंदोलन में सतत रूप से शामिल होने के कारण उन्हें वर्ष 1932 में पुन: रायपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।ठाकुर प्यारे लाल सिंह वर्ष 1933 में रायपुर से विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। उन्होंने वर्ष 1936 में रायपुर में छत्तीसगढ़ कॉलेज की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ एजुकेशन सोसायटी का गठन किया। जिसमें इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने छत्तीसगढ़ में अनेक सहकारी संघों की स्थापना के लिए विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 1946 में छत्तीसगढ़ के देशी रियासतों के भारत संघ में विलय के लिए चलाये गये अभियान का नेतृत्व किया। वर्ष 1952 में पुन: रायपुर से विधायक निर्वाचित होकर नागपुर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। ठाकुर प्यारे लाल सिंह का 20 अक्टूबर 1954 को देहावसान हो गया और भू-दान आंदोलन के प्रथम शहीद घोषित किए गए।
- -पंचायत एवं ग्रामीण विकास की समीक्षा बैठकरायपुर /प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने राज्य में विकसित किए जा रहे रीपा में स्थानीय जरूरतों के मुताबिक आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित की जाए। यहां पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। रीपा में ग्रामीण उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की अधोसंरचना तैयार की जाए जिससे यहां उद्योग लगाने वाले युवाओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हों। उन्होंने रीपा केंद्रों में परंपरागत व्यवसायों से जुड़े परिवारों के साथ ही सभी वर्गों के लोगों को जोड़ने कहा। श्री चौबे आज राजधानी रायपुर के ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत निमोरा के सभागार में पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने यहां 3 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से बने जिला पंचायत संसाधन केन्द्र के भवनों का लोकार्पण भी किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना में राज्य को कुल 11,76,146 आवास का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरूद्ध 8,68,223 आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष 3,07,923 आवास निर्माणधीन है। निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा कराया जाए। राज्य में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्याें को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य आगामी दो माह के भीतर पूर्ण कर लिए जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गौठान से जुड़ी सभी महिलाओं को रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा इसके लिए शासन की विभिन्न योजनाओं विशेषकर उनको श्रम विभाग की योजनाओं से भी जोड़ा जाए। स्व-सहायता समूह की सभी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के संबंध में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिया जाए।समीक्षा बैठक में श्री चौबे ने अधिकारियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से जुड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को प्रेरित करने को कहा। इससे लोगों की आमदनी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने गौठानों में आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ ग्रामीण उद्योग के लिए निरंतर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष हेतु लक्षित ग्रामों को दिसम्बर 2023 तक ओ.डी.एफ. प्लस के किसी एक श्रेणी में व 50 प्रतिशत ग्रामों को ओ.डी.एफ. मॉडल के रूप में विकसित करने हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्याें को स्वीकृत करते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने हेतु सभी जिलों को निर्देशित करें।बैठक में पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. गौरव सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री रजत बंसल, पंचायत संचालक श्री कार्तिकेय गोयल, संचालक एससीईआरटी श्री राजेश राणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -स्टेटकॉन 2023 एवं सम्मान समारोह में किया आमंत्रितरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में क्रेडाई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल को क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा 21 अगस्त को एक निजी होटल में आयोजित स्टेटकॉन 2023 एवं सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री संजय रहेजा ने बताया की मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के रियल स्टेट सेक्टर में पिछले लगभग 5 वर्षों में अच्छी प्रगति हुई है। शासन प्रशासन के सहयोग से इस सेक्टर में आशातीत प्रगति होने के साथ ही रोजगार भी बढ़े हैं। उन्होंने बताया की इस स्टेटकॉन में प्रदेश के सभी रियल स्टेट डेवलपर उपस्थित रहेंगे।इस अवसर पर क्रेडाई के नेशनल वाइस प्रेसीडेंट श्री आनंद सिंघानिया और क्रेडाई छत्तीसगढ़ के सदस्यगण श्री विजय नथनानी, श्री रवि फतनानी एवं श्री मृणाल गोलछा मौजूद थे।
- -प्रदेश के 7 जिलों में फाइलेरिया से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान, 67 लाख से अधिक लोगों को खिलाई जाएगी दवा-उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने सभी अभिभावकों से बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का किया आह्वानरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस तथा फाइलेरिया से बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को कृमिनाशक दवा खिलाने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री ने फाइलेरिया से बचाव के लिए सात जिलों में चलाए जा रहे सामूहिक दवा सेवन अभियान को भी सक्रिय सहभागिता से सफल बनाने की अपील संबंधित जिलों के लोगों से की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत और फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. जी.जे. राव भी शुभारंभ कार्यक्रम में ऑनलाइन मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने दोनों अभियानों का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य शासन फाइलेरिया रोग के सम्पूर्ण उन्मूलन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज से सात जिलों दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद और मुंगेली में सामूहिक दवा सेवन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 21 अगस्त तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वेक्टरजनित रोगों के उन्मूलन के लिए हम गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। श्री सिंहदेव ने उम्मीद जताई कि केंद्र स्तर, राज्य स्तर, विकासखंड स्तर और ग्राम स्तर पर किए जा रहे समन्वित प्रयासों से राज्य से फाइलेरिया का सम्पूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित होगा।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत आज राज्य के सभी जिलों में एक वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोरों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाज़ॉल 400 मि.ग्रा. की गोली का सेवन कराया गया। आज़ दवा खाने से छूट गए बच्चों को 17 अगस्त को माप-अप दिवस पर इसका सेवन कराया जाएगा। प्रदेश भर में बच्चों को दवा खिलाने के लिए 48 हजार 717 शि़क्षकों और 45 हजार 374 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का कुपोषण मुक्त भारत एवं एनीमिया मुक्त भारत में अहम योगदान है।फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सेंसिटाइज किया गया है। इसकी दवा के सेवन से प्रतिकूल घटना होने की संभावना बहुत कम होती है। जिन लोगों में कृमि या फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, आमतौर पर उन्हें ही जी मिचलाने, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त, थकान जैसे साइड इफेक्टस होते हैं। किसी भी तरह की प्रतिकूल घटना से निपटने सभी स्तर के अधिकृत अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। अभियान के तहत सात जिलों के 67 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है।
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-बालोद जिले में अब तक संपन्न कुल 240 इवेंट में 162 शिलापलकम् की स्थापना
बालोद। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर ‘‘मेरी माटी, मेरा देश‘‘ अभियान के तहत 09 अगस्त से 15 अगस्त तक ’’शिलापलकम्, वसुधा वंदन, वीरों का वंदन आदि विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक गांव में 75 पौधे का वृक्षारोपण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में ‘‘मेरी माटी, मेरा देश‘‘ अभियान के तहत 10 अगस्त 2023 की स्थिति में कुल 240 इवंेट आयोजित किया गया है। जिसमें 162 शिलापलकम की स्थापना, 9685 पौध रोपण, 98 अमृत वाटिका की रचनाएॅ तथा 1322 व्यक्तियों द्वारा संकल्प लिया गया है।जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि जिसमें वसुधा वंदन कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत वृक्षारोपण हेतु कार्यस्थल का चयन अमृत सरोवर तालाब के पास ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा के अनुमोदन के उपरांत किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक गांव में 75 पौधे का वृक्षारोपण किया जाएगा एवं ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर नहीं होने की स्थिति में ऐसे ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन, स्कूल परिसर में शिलापलकम् बनाये जाएगें। इस शिलापलकम् में तीनों सेनाओं के व्यक्ति में से कोई भी, स्वतंत्रता सेनानी, शहीद परिवार के मुखिया एवं अन्य का नाम लेखन की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री का संदेश, अमृत सरोवर का लोगो व ग्राम पंचायत का उल्लेख भी किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत की मिट्टी को देश के मुख्य कार्यक्रम स्थल दिल्ली कर्तव्य पथ में ‘‘अमृत वाटिका‘‘ बनाये जाने हेतु उपयोग की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत से मिट्टी को एक मिट्टी के कलश में एकत्रित कर विकासखण्ड स्तर से एक युवा व्यक्ति द्वारा प्रतिनिधित्व करते हुए नई दिल्ली में लेकर जाएंगे। - -विनोबा ऐप के माध्यम से शिक्षा में होगा नवाचार-मिलेगी शिक्षण सामाग्री, आवश्यक सर्कुलररायपुर / जिला प्रशासन द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जिला प्रशासन एवं ओपन लिंक फॉउण्डेशन संस्थाएक समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए गये। इस समझौते अनुसार विनोबा एप्प के माध्यम से जिले में शिक्षक सहायक कार्यक्रम संचालित की जाएगी। फाउंडेशन के कर्मचारी शिक्षकों को मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा ओपन लिंक फॉउण्डेशन के ट्रस्टी श्री राजीव कुमार एवं फाउंडर ट्रस्टी श्री संजय डालमिया उपस्थित थे।कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने बताया कि यह शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के नवाचार किए जाते रहे हैं परंतु यह नवाचार अपने आप में विशिष्ट है। यह शिक्षकों को उनकी दक्षता बढ़ानें में सहयोग करेगा। साथ ही उन पर उनके कार्याें को सुगम बनाते हुए उनपर अनावश्यक कार्यों के बोझ को कम करेंगा। यह शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा।श्री संजय डालमिया ने बताया कि विनोबा ऐप न केवल शिक्षकों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगी बल्कि इसके माध्यम से टीचर रिकॉग्निशन एवं मोटिवेशन का कार्य भी किया जा सकेगा। इस ऐप के माध्यम से फील्ड की मॉनिटरिंग एवं विभिन्न तरह के कार्यक्रमों की डाटा विश्लेषण एवं समीक्षा भी संभव हो पाएगा। इस एप में जिले के सभी स्कूलों एवं शिक्षकों की जानकारी फीड की जायेगी। सभी शिक्षकों को इसमें लोगों के माध्यम से अपने स्कूल एवं कक्षागत गतिविधियों एवं फोटो वीडियों आदि शेयर करने की सुविधा होगी। जिसे संकुल ब्लॉक एवं जिला लेवल के अधिकारियों द्वारा देखा जा सकेगा तथा निर्देश दिए जा सकेंगें। इस ऐप में तीन मॉडयूल है। पहला टीएलएम जिसमें पढ़ाने के तरीके और पाठ्य सामाग्री, दूसरा टीचर स्टोरी जिसमें शिक्षकों के द्वारा किए गए अच्छे कार्य और उनका सम्मान तथा तीसरा विभिन्न प्रकार के न्यूनतम संख्या में सर्कुलर जो उन्हें आवश्यक हो।श्री डालमिया ने बताया कि यह कार्यक्रम पूर्णतः स्व प्रेरणा पर आधारित है। कलेक्टर महोदय द्वारा यह बताया गया कि यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नवाचार है। इस एप्प के माध्यम से अकादमिक सभी कार्य एक ही फ्लेटफार्म में किये जा सकेंगें। यह कार्य पूर्णतः निःशुल्क है।आज के इस कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा, ए.डी.पी.ओ. आर.एम.एस.ए. सहायक परियोजना समन्वयक, समग्र शि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासख स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, प्राचार्य, संकुल समन्वयक, शिक्षक एवं ओपन लिंक फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे। सभी उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को कार्यशाला में ही मोबाइल पर विनोबा एप्प डाउनलोड करवाते हुए इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गई।








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