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- -ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यूरायपुर / श्रृंगी ऋषि पहाड़ी की तराई में स्थित खेतों में ग्रामीणों ने लगभग चार माह के तेंदुए के शावक को देखा। संभावना है कि शावक अपनी मां से बिछड़कर भटकते हुए रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गया था। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशों में धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र अंतर्गत बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के ग्राम छिपली पारा में तेंदुए के एक शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।रेस्क्यू के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत शावक को नगरी स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में शावक पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। रेंज अधिकारी श्री सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार शावक को आगे की देखभाल और सुरक्षित वातावरण के लिए नया रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया है।नगरी-सिहावा क्षेत्र सघन वनों और पहाड़ी भू-भाग के कारण तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास माना जाता है। वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिल रही है। गांव के ग्रामीणों की सूझबूझ और जिम्मेदारी की खुलकर सराहना की है। विभाग का कहना है कि यदि लोग इसी तरह जागरूकता और संवेदनशीलता दिखाएं, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इस घटना से यह भी साबित हुआ है कि सही समय पर सही कदम उठाने से वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है
- -उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यानरायपुर / हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है।यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास।उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
- -हुनर, कौशल और लघु उद्यम को मिल रहा सशक्त मंच, जीवन स्तर में हो रहा सुधाररायपुर/ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने स्वयं सहायता समूहों को ग्रामीण बाजार स्थापित करने के लिए अनुदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लकर महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित की है। इन बाजारों का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों के विपणन के लिए एक मंच प्रदान करना और उन्हें बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा संचालित ‘ग्राम दुकान’ पहल स्वसहायता समूह की महिलाओं के जीवन स्तर को उन्नत बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। राजनांदगांव स्थित पाताल भैरवी मंदिर के पास स्थापित ग्राम दुकान महिला समूहों के लिए अपने हुनर, कौशल एवं लघु उद्यम को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।इस ग्राम दुकान में महिला स्वसहायता समूह द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनमें पूजा सामग्री, अचार, पापड़, मुरकू, नड्डा, बिजौरी, मुरब्बा, मोमबत्ती, अगरबत्ती, साबुन, जिमीकंद, फूल, मशरूम, कपड़े, विविध खाद्य सामग्री, मसाले, दोना-पत्तल, डेकोरेशन आइटम्स तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। महिला समूह अपने उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग कर ग्राम दुकान के माध्यम से उनका विक्रय कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। ग्राम दुकान की संचालिका श्रीमती निशा मंडावी ने बताया कि पाताल भैरवी मंदिर के समीप स्थित होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं से उत्पादों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।ग्राम दुकान योजना के अंतर्गत समूह की महिलाओं को नाबार्ड ने नि:शुल्क दुकान उपलब्ध कराई गई है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए सुलभ और स्थायी मंच मिल गया है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।नाबार्ड की यह पहल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण बन रही है।
- रायपुर / राज्य शासन द्वारा गरियाबंद जिले के विकासखंड मैनपुर के ग्राम टोहेमेटा में एनीकट निर्माण कार्य के लिए 356.36 लाख (तीन करोड़ छप्पन लाख छत्तीस हजार रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रस्तावित एनीकट निर्माण से क्षेत्र में निस्तारी, पेयजल उपलब्धता तथा भू-जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा और कृषकों द्वारा लगभग 55 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी।परियोजना को वित्त एवं योजना विभाग की समिति द्वारा अनुशंसित किए जाने के पश्चात विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर, तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से तथा प्रचलित वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित कर पूर्ण किया जाए। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों के लिए जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
- रायपुर / राज्य शासन द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखंड राजनांदगांव स्थित जंगलेसर मौखला एनीकट के डाउनस्ट्रीम में बैंक प्रोटेक्शन (तटबंध संरक्षण) कार्य हेतु 469.99 लाख रुपए (चार करोड़ उनहत्तर लाख निन्यानबे हजार रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रस्तावित कार्य तटबंध निर्माण एवं सुरक्षा हेतु है, जिससे बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव रोकने में सहायता मिलेगी।इस परियोजना को छत्तीसगढ़ शासन, वित्त एवं योजना विभाग के स्थायी वित्त निर्देश के अंतर्गत गठित समिति द्वारा अनुशंसित किए जाने के पश्चात विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया है। शासन द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि कार्य स्वीकृत राशि एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरांत ही पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया अपनाई जाए तथा कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा आमंत्रित की जाए।कार्य में गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन एवं प्रचलित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अतिरिक्त दायित्व की स्थिति में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह परियोजना क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, तट संरक्षण एवं जन-धन की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
- - विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन-शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहलरायपुर, / छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है।इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे।इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- -उद्यानिकी स्टॉल में पाम फल बना आकर्षण का केंद्ररायपुर। राजिम कुंभ कल्प मेला में इस वर्ष कृषि एवं उद्यानिकी विभाग का स्टॉल किसानों एवं मेला दर्शनार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तिलहन, दलहन तथा सब्जी फसलों की प्रदर्शनी के साथ पाम (ऑयल पाम) की खेती संबंधी जानकारी लोगों में खासा उत्साह जगा रही है। पाम के फल को पहली बार नजदीक से देखकर अनेक लोग आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसके व्यावसायिक लाभ के संबंध में जानकारी लेते नजर आए।ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी ने बताया कि पाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर विभिन्न मदों में अनुदान प्रदान किया जा रहा है। फेंसिंग के लिए 54,485 रुपये, अंतरवर्ती फसल हेतु 10,250 रुपये, रखरखाव के लिए 6,550 रुपये तथा ड्रिप सिंचाई पर 22,765 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। वर्तमान में छुरा विकासखंड में लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में पाम की खेती की जा रही है। पाम के पौधे कंपनियों द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं तथा उत्पादित फल को कंपनी 17 रुपये प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य पर क्रय करती है। पौधरोपण के लगभग चार वर्ष बाद फल लगना प्रारंभ होता है, अतः किसान प्रारंभिक वर्षों में दलहन, तिलहन एवं सब्जियों की अंतरवर्ती खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। पाम से खाद्य तेल का उत्पादन होता है, जिससे इसकी बाजार में निरंतर मांग बनी रहती है। स्टॉल में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जैविक खेती प्रोत्साहन, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली तथा फलदार पौधों के रोपण पर उपलब्ध अनुदान के संबंध में किसानों को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। यह पहल किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
- - कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की ली बैठक- कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश- उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर करें मानिटरिंग- मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं के एनएनसी जांच, उपचार एवं देखभाल तथा निगरानी के दिए निर्देश- प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा को तीन दिन तक शासकीय एवं निजी हास्पिटल में डॉक्टर की देखरेख में रखने के लिए कहा- संवेदनशीलता के साथ करें जरूरतमंदों की मदद- कम वजन वाले नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की प्रारंभिक अवस्था से ही करें देखरेखराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समर्पित एवं प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सक्रियता एवं ईमानदारी से कार्य करें। जिले में किसी भी महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु न हो, इसके लिए हरसंभव कार्य करें। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर मानिटरिंग करें एवं समय पर गर्भवती माताओं को हॉस्पिटल लेकर जाएं। कलेक्टर ने सभी मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं के एनएनसी जांच, उपचार एवं देखभाल तथा मानिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती माताओं एवं उनके परिजनों की काउंसलिंग करें। उन्होंने शिशु एवं मां की देखभाल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं जागरूकता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानी एवं सतर्कता के बारे में बताएं। उन्होंने शिशु मृत्यु दर के कारणों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु का वजन कम होना एवं स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए गर्भवती माताओं के पौष्टिक आहार, गतिविधि और वजन बढ़ाने के लिए दी जाने वाली आवश्यक दवाई एवं आहार की पूर्ण जानकारी प्रदान करें। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की रोकथाम के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने के लिए कहा। ऐसे नवजात बच्चों का चिन्हांकन कम करें, जिनका वजन कम हो और प्रारंभिक अवस्था से ही उनके स्वास्थ्य की देखरेख पर ध्यान दें। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा तीन दिन तक शासकीय एवं निजी हास्पिटल में डॉक्टर की देखरेख में रखने के लिए कहा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने स्वस्थ रहने के लिए जीवन शैली में परिवर्तन लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग समन्वित तरीके से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी बीमारी को कम करने के लिए जनमानस में जागरूकता लाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों की मदद करें और उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जनमानस तक शासन की योजनाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाएं तथा स्वास्थ्य संबंधी मापदण्ड पर उत्कृष्ट कार्य करें। कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कंगारू मदर केयर के लिए प्रशिक्षण देने के लिए कहा। उन्होंने वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदन कार्ड, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना की जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों में शीघ्र निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में 102 एंबुलेंस की उपलब्धता, मानव संसाधन, आधार बेस्ट एटेंडेंस, एनएनसी रजिस्ट्रेशन एवं जांच की समीक्षा की। उन्होंने आभा कियोस्क सेंटर के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर ओपीडी के लिए किए जा रहे कार्यों का क्रियान्वयन करने के लिए कहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि मातृमृत्यु दर में कमी लाने के लिए सजग रहते हुए व्यवहार परिवर्तन की जरूरत है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत एमडीए अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी तक
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर जिले में फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को अभियान के दौरान दवा का वितरण करने के साथ ही दवा का सेवन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने कहा। कलेक्टर ने पात्र नागरिकों से फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करने की अपील की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान संचालित की जा रही है। फाइलेरिया रोग एक दीर्घकालिक एवं अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी है। जिसे नियमित दवा सेवन द्वारा प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि एमडीए अभियान अंतर्गत दी जाने वाली दवाएं पूर्णत: सुरक्षित, प्रभावी एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा घर-घर संपर्क कर पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जा रहा। उन्होंने बताया कि एमडीए की दवा लेने के बाद कभी-कभी हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली, थकान या बेचौनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह लक्षण दवा के प्रभाव या शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया के नष्ट होने के कारण होते हैं तथा सामान्यत: कुछ समय में स्वत: ठीक हो जाते हैं। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की गई फाइलेरिया रोधी दवा का अधिकारियों-कर्मचारियों ने सेवक कर आमजन को फाइलेरिया रोधी दवा सेवन के लिए प्रेरित किया। जिले के सभी विकासखंडों में ब्लॉक स्तर पर तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दवा सेवन कर एमडीए अभियान का शुभारंभ किया गया। - -984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बंदूक छोड़ कलम के माध्यम से विकास की नई राह का दिया संदेश-उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 4 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने दी परीक्षारायपुर,। छत्तीसगढ़ राज्य में 07 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुशंसित उल्लास -नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत महापरीक्षा अभियान का सफल आयोजन किया गया। परीक्षा का परिणाम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), नई दिल्ली द्वारा घोषित किया गया, जिसमें प्रदेश के प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इस अभियान में प्रदेश में पहली बार 984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से भाग लेकर बंदूक छोड़ कलम के माध्यम से विकास की नई राह चुनने का संदेश दिया।राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश भर से कुल 4 लाख 55 हजार 44 शिक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, इनमें से 4 लाख 13 हजार 403 शिक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम 90.85 प्रतिशत रहा, जो साक्षरता अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्गवार परिणाम के अनुसार एक लाख 37 हजार 350 पुरुष शिक्षार्थियों में से एक लाख 23 हजार 743 उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। 3 लाख 17 हजार 617 महिला शिक्षार्थियों में से 2 लाख 89 हजार 597 ने सफलता प्राप्त की है। वहीं 77 ट्रांसजेंडर शिक्षार्थियों में से 63 उत्तीर्ण हुए, जो समावेशी शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संकेत है।इस महापरीक्षा अभियान को सफल बनाने में शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही। जिला एवं जनपद स्तर पर कलेक्टर एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर अपील, बैठकों और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं, पंच-सरपंचों एवं ग्राम प्रभारियों द्वारा प्रभात फेरियों का आयोजन किया गया तथा सायंकाल जनप्रतिनिधियों द्वारा मशाल रैलियां निकालकर सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया गया। जिला एवं विकासखंड स्तर पर निरंतर वेबीनार और समीक्षा बैठकों के माध्यम से दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।इस अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिला जेलों के लगभग 795 बंदियों ने भी परीक्षा में सम्मिलित होकर अंधकार से उजाले की ओर बढ़ने की प्रेरणादायक पहल की। 77 ट्रांसजेंडर शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लेकर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।दुर्ग जिले के मोहलनाय गांव की 98 वर्षीय दुधी बाई तथा जरवई के 82 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने परीक्षा में भाग लेकर यह सिद्ध किया कि शिक्षा की कोई आयु सीमा नहीं होती। कई स्थानों पर पति-पत्नी, देवरानी-जेठानी, दादा-पोता एवं तीन पीढ़ियों ने एक साथ परीक्षा देकर पारिवारिक सहभागिता की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की। दिव्यांग शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने उल्लास कार्यक्रम से जुड़े सभी शासकीय-अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने आगामी मार्च में आयोजित होने वाले परीक्षा अभियान में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि सभी राज्यवासी मिलकर छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर राज्य बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन पर्यावरण एवं नगरीय प्रशासन विकास विभाग के आदेशानुसार नगर पालिक निगम, भिलाई सीमा अंतर्गत संचालित पशुवध गृह एवं समस्त मांस, मटन विक्रय की दुकानें 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पर्व के अवसर पर बंद रखी जाएगी। उक्त तिथि को समस्त पशुवध गृह, जीव हत्या एवं समस्त मांस बिक्री केन्द्र को बंद करते हुए शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन किया जावे।
- भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संपत्तियों के सटीक निर्धारण और डेटा अपडेट करने के उद्देश्य से जोन क्रमांक 5 में ड्रोन सर्वे का कार्य विधिवत प्रारंभ कर दिया गया है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से किए जा रहे इस सर्वे से क्षेत्र की संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।सर्वे कार्य के शुभारंभ के अवसर पर निगम और सर्वे टीम के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें मुख्य रूप से जोन क्रमांक 5 के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, गणित बघेल, टेकराम हरिन्द्रवार सहित आई.आई.टी (IIT) के सर्वे प्रभारी शैलेश कुमार एवं उनकी तकनीकी टीम शामिल थी।ड्रोन सर्वे के जरिए संपत्तियों के क्षेत्रफल और निर्माण की सटीक जानकारी मिल सकेगी।डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से राजस्व वसूली में पारदर्शिता आएगी और विसंगतियां दूर होंगी। यह डेटा भविष्य में शहरी नियोजन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।निगम प्रशासन ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान करें ताकि यह कार्य समय सीमा के भीतर और शुद्धता के साथ पूर्ण किया जा सके।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठकरायपुर/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।3.मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।
- बिलासपुर/जिले के रतनपुर तहसील के ग्राम रतनपुर में हेलीपेड से बादल महल तक सड़क निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम रतनपुर में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया। मूल्यांकन में पाया गया कि रतनपुर में भू-अर्जन से 0.12 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है जिसका समाघात दल ने क्षेत्रवासियों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि लोक निर्माण विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। समाघात दल ने ग्राम रतनपुर में सड़क निर्माण हेतु रकबा 0.12 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए जाने की अनुशंसा की है। रतनपुर में हेलीपेड से बादल महल तक सड़क निर्माण होने से रतनपुर के 5 वार्डों का आवागमन हेतु एक सुगम एवं वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के समय यातायात को सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए पहुंच मार्ग का उपयोग बायपास के रूप में हो सकेगा।
- बालोद/छत्तीसगढ़ शासन के कौषल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा 14 एवं 15 फरवरी को रूंगटा इंजीनियरिंग काॅलेज कोहका भिलाई में संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य श्री नूतन कुमार साहू ने बताया कि रोजगार मेले मे निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों में चयन हेतु साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भाग लेने वाले आवेदकों का ई-रोजगार पोर्टल की वेबसाईट ईरोजगार डाॅट सीजी डाॅट इन में पंजीयन एवं प्रोफाइल में शैक्षणिक जानकारी पूर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही संस्था में पंजीयन एवं मोबिलाइजेषन कार्यषाला का आयोजन 11 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जिसमें आई.टी.आई. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ उक्त मोबिलाइजेशन कार्यशाला में उपस्थित होकर रोजगार मेला हेतु पंजीयन एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हंै।
- बालोद/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आदेश जारी कर जिले में बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रो के उपयोग पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगाया है। जारी आदेश में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 (2) के अन्तर्गत लोकहित में स्कूल एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 18 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण बालोद जिले में बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित किया गया है। उक्त अवधि में विशेष समारोह, सम्मेलन, विवाह एवं अन्य सार्वजनिक सभाओं के अवसर पर ध्वनि प्रसारण यंत्र के उपयोग की अनुमति दिये जाने हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी को उनके क्षेत्राधिकार हेतु अधिकृत किया गया है।
- जनगणना कार्य हेतु राज्य एवं जिला स्तर पर 18 तकनीकी सहायक एवं 1 बहु कार्य कर्मचारी की नियुक्ति एजेंसी के माध्यम से पारिश्रमिक आधार पर की जाएगीबालोद/भारत की जनगणना 2027 के कार्य हेतु मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ऑकड़ो का संग्रह, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल का उपयोग, मकान सूचीकरण ब्लॉक निर्माण वेब एप्लिकेशन, स्व-गणना पोर्टल जैसे कार्यो को समूचित रूप से संपादन के लिए राज्य, जिला स्तर पर 18 तकनीकी सहायक व 01 बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नियुक्ति 2027 तक के लिए एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कार्यालय बालोद द्वारा इस कार्य के लिए इच्छुक फर्म एवं प्लेसमेंट एजेंसियों से 12 फरवरी 2026 को दोपहर 01.30 बजे तक निविदा आमंत्रित की गई है। अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा ने बताया कि निविदा प्रपत्र समाचारों पत्रों में प्रकाशन की तिथि से 11 फरवरी तक संयुक्त जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 48 में सुबह 10.30 बजे से संध्या 05 बजे तक 02 हजार रूपये नगद भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्राप्त निविदा को 13 फरवरी 2026 को अपरान्ह 03 बजे कलेक्टर द्वारा गठित समिति के सदस्यों की उपस्थिति में निविदाकर्ताओं के समक्ष खोली जाएगी। निर्धारित तिथि एवं नियत समयावधि के पश्चात् प्राप्त किसी भी निविदा पर विचार नही किया जाएगा। निविदा का प्रारूप एवं शर्त आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी बालोद जिले के वेबसाईट बालोद डाट जीओवी डाट इन पर प्राप्त की जा सकती है।जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के कार्य 02 चरणों में आयोजित की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में मकान सूची एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक और द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना (पीई) का कार्य फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी।
- -रायपुर उत्तर विधानसभा के वार्डो में पार्षदो की अनुशंसा से 15 वें वित्त आयोग मद से ढाई करोड़ में सड़क डामरीकरण के नये विकास कार्य शीघ्र करवाकर मार्गो को यातायात हेतु सुगम और सुव्यवस्थित स्वरूप देने का कार्य-महापौर मीनल चौबे और सभापति सूर्यकांत राठौड ने एमआईसी सदस्यों, पार्षद सहित करके नागरिको सहित दी शानदार सौगात, सडक निर्माण के दौरान ढाल का विशेष ध्यान रखने दिये निर्देशरायपुर/ रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न वार्डो में जनप्रतिनिधि वार्ड पार्षदो की अनुशंसा से शीघ्र वार्डो के विभिन्न प्रमुख मार्गों में 15 वें वित्त आयोग मद अंतर्गत ढाई करोड रू. की स्वीकृत लागत से सड़क डामरीकरण के नये विकास कार्य करवाकर विभिन्न प्रमुख मार्गो को यातायात सुगम व सुव्यवस्थित बनाया जायेगा।आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने निगम वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार, निगम राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल, शहीद हेमूकालाणी वार्ड क्रमांक 28 की पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, श्रीमती पुष्पा रोहित साहू, श्री कैलाश बेहरा, पूर्व पार्षद श्री भावेश पिथालिया, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि श्री सुभाष अग्रवाल, महिलाओं, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों, आमजनों सहित नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान, जोन 2 कार्यपालन अभियंता श्री पी.डी घृतलहरे एवं अन्य संबंधित अभियंताओं की उपस्थिति में नगर निगम जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत नहर पारा झूलेलाल चौक में रोड टारींग मशीन के समक्ष श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर सडक डामरीकरण के नये विकास कार्यों को भूमिपूजन करते हुए शुभारंभ किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड ने नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर और अधीक्षण अभियंता को तत्काल संबंधित स्वीकृत मार्गों में सडक डामरीकरण के नये विकास कार्य प्रारंभ करवाकर शीघ्र सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता युक्त तरीके से जनहित में जनउपयोग हेतु प्राथमिकता से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया। अधिकारियों को सडक डामरीकरण के नये विकास कार्य करवाने के दौरान सड़क की ढाल का विशेष ध्यान रखने महापौर और सभापति ने निर्देशित किया ताकि सड़क किनारे निकास सुगमता से कायम हो सके और लंबे समय तक नये सड़क डामरीकरण कार्यों का वांछित लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके।
- - सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस का हो संचालन- राशन दुकानों में 20 तारीख को चावल उत्सवदुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक में लंबित समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्हांेने कहा कि अधिकारी बायोमेट्रिक अटेडेंस पर विशेष ध्यान देवें। निर्धारित समय के पूर्व कार्यालय पहुंचकर स्वयं की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेडेंस के माध्यम से सुनिश्चित करें। साथ ही अधिनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को भी समय पर कार्यालय पहुंचकर और उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेडेंस में दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने मौके पर जिला कार्यालय में अधिकारी/कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का अवलोकन किया। विलम्ब से पहुंचने वाले और प्रक्रिया के प्रति उदासीन बरतने वालों पर नाराजगी व्यक्त किये। उन्हांेने कहा कि सभी कार्यालयों मंे अधिकारी स्वयं सुबह 10 बजे से पूर्व पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि मातहत कर्मचारी भी समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें। कलेक्टर ने कार्यालयों की संचालन प्रणाली हेतु ई-ऑफिस पर जोर देते हुए कहा कि सभी कार्यालयों में नई फाइले ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनायी जाए। अधिकारी अधिनस्थ कार्यालयों में भी अधिकारी/कर्मचारी व ऑनबोर्डिंग की व्यवस्था कर ई-ऑफिस प्रणाली संचालित करें। विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों की गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनेगी। कलेक्टर ने अगवत कराया कि जिले के राशन दुकानों में 20 तारीख को चावल उत्सव मनाया जाएगा। उन्हांेने नान और खाद्य विभाग के अधिकारियों को समय पूर्व सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल का भण्डारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों और स्कूली बच्चों का जिनका अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है, उसके लिए शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाये जाएंगे। इस दौरान ऐसे बच्चे जिनका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पाया, उन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन की जानकारी ली। साथ ही निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को शीघ्र निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में बालिका शौचालय की व्यवस्था हो, ऐसे स्कूल जहां बालिका शौचालय नहीं है, वहां निर्माण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी शासन को प्रस्तावित करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र में संचालित खदानों का सीमांकन करने तथा अवैध खनिज उत्खनन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदार को अवैध उत्खनन के मौका-निरीक्षण के दौरान जितना उत्खनन हुआ है घनमीटर माप कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन के माप अनुसार ही जुर्माना अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व के सभी अविवादित प्रकरण ग्राम पंचायत से हस्तांतरित होना है। सभी एसडीएम इस हेतु आवश्यक पहल करना सुनिश्चित करें। पीएचई विभाग द्वारा जिन गांवों में नल-जल योजना अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुकी है, उसे पंचायत को हैण्डओवर किया जाना है। योजना के संचालन हेतु संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से नल-जल मित्र का चयन किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत के अधिकारी आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पानी की समस्या वाले गांवों को चिन्हांकित कर आवश्यक व्यवस्थाएं हेतु अभी से पहल करना सुनिश्चित करंे। कलेक्टर ने प्राधिकरण के कार्याें की समीक्षा के दौरान अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के स्वीकृत निर्माण कार्य प्रारंभ कराने तथा जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ऐसे कार्यों पर यु.सी./सी.सी. सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रेषित करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कार्य दो माह में पूर्ण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंजीयक सहकारी समितियां को 31 नई सहकारी समितियों के लिए जमीन आबंटन एवं अन्य व्यवस्था हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। उन्होंने विगत 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित कलेक्टर कांफ्रेस के दौरान विभागों को दिये गये निर्देशों के संबंध में पालन प्रतिवेदन तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में एसआईआर के दौरान नोटिस उपरान्त दस्तावेज सत्यापन कार्य की विधानसभावार समीक्षा की गई एवं सभी ई.आर.ओ. को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान समय-सीमा के प्रकरणों को समयावधि में निराकृत करने के निर्देश दिये। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, अपर कलेक्टर श्री बिरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरत राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती शिल्ली थामस, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग तथा संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संयुक्त तत्वावधान में संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन 14 एवं 15 फरवरी 2026 को किया जा रहा है। यह मेला संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन (आर-2) कोहका भिलाई परिसर में आयोजित होगा।इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र के 20 से अधिक प्रतिष्ठित नियोक्ता भाग लेंगे, जिनके माध्यम से 3000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, बीई, बीटेक, डिप्लोमा, आईटीआई, एमबीए सहित विभिन्न शैक्षणिक योग्यताधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। पदों के अनुसार वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रूपए प्रतिमाह तक निर्धारित है। रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी एवं संभाग स्तरीय रोजगार मेला हेतु पंजीयन छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट erojgar.cg.gov.in अथवा प्लेस्टोर पर उपलब्ध Chhattisgarh Rojgar App के माध्यम से किया जा सकता है। मेले में भाग लेने के लिए रोजगार कार्यालय में पंजीयन एवं रोजगार मेला पंजीयन अनिवार्य होगा।इच्छुक आवेदक उक्त दिवस को शैक्षणिक मूल प्रमाण पत्र एवं अंकसूची, पहचान पत्र (आधार कार्ड/मतदाता परिचय पत्र/पैन कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस/राशन कार्ड), रोजगार कार्यालय पंजीयन पत्रक, छत्तीसगढ़ निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेजों की छायाप्रति लेकर उपस्थित हो सकते हैं।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ प्रदेश राइफल संघ के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि राज्य के प्रतिभाशाली निशानेबाज श्री दिव्यांशु शैलेंद्र देवांगन का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित ISSF जूनियर वर्ल्ड कप शूटिंग प्रतियोगिता 2026 के लिए हुआ है, जो मिस्र की राजधानी Cairo में आयोजित की जाएगी।राष्ट्रीय राइफल संघ भारत (NRAI) द्वारा जारी चयन सूची के अनुसार, श्री दिव्यांशु शैलेंद्र देवांगन का चयन 10 मीटर एयर राइफल (जूनियर पुरुष) स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया है। यह चयन उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्राप्त उपलब्धियों का प्रतिफल है।यह उपलब्धि न केवल श्री दिव्यांशु के खेल जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी अत्यंत गौरव का क्षण है। यह चयन इस तथ्य को रेखांकित करता है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शूटिंग मानचित्र पर भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है।छत्तीसगढ़ प्रदेश राइफल संघ श्री दिव्यांशु शैलेंद्र देवांगन, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों तथा सहयोगी स्टाफ को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता है। संघ को पूर्ण विश्वास है कि वे Cairo में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश एवं राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगे।संघ राष्ट्रीय राइफल संघ भारत (NRAI), खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा राज्य में शूटिंग खेल के विकास से जुड़े सभी हितधारकों के सतत सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता है।छत्तीसगढ़ का समस्त खेल जगत श्री दिव्यांशु शैलेंद्र देवांगन को ISSF जूनियर वर्ल्ड कप 2026 के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता है तथा आशा करता है कि उनकी यह उपलब्धि राज्य के युवाओं को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।
- -खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग सलाहकार समिति की बैठक अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू ने ली-संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तावित सांगीतिक स्पर्धा आयोजन बच्चो की बोर्ड परीक्षा उपरांत रखने निर्देश-मूर्तियों की साफ सफाई समुचित संधारण मरम्मत प्राथमिकता से करवाने के निर्देश, नगर वासियों को समृद्ध विरासत से अवगत करवाने हेरिटेज वाक आयोजन पर चर्चा 0-खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शीघ्र इंटर जोन किकेट स्पर्धा आयोजन करवाने का निर्देश- बॉक्स किकेट स्पोर्ट्स जोन के समुचित संधारण को लेकर आवश्यक चर्चा की गयीरायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में संस्कृति विभाग की विभागीय सलाहकार समिति की बैठक विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी की अध्यक्षता एवं सदस्य पार्षद श्रीमती ममता सोनू तिवारी, श्री आनंद अग्रवाल, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, श्री महेश कुमार ध्रुव सहित अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कवर, उपअभियंता सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में हुई।संस्कृति विभाग सलाहकार समिति की बैठक में बच्चो की बोर्ड परीक्षाओ के उपरांत संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तावित सांगीतिक स्पर्धा आयोजन करवाने के निर्देश दिये गये। रायपुर नगर निगम क्षेत्र स्थित शहीदो, महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो की मूर्तियो, प्रतिमाओं की साफ सफाई आवश्यक रंगरोगन, संधारण, सुवार मरम्मत, छत्र लगवाने का कार्य एवं नवीन प्रस्तावो के संकल्प अनुसार तय स्थलो पर मूर्ति की ससम्मान स्थापना एवं नामकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये और नगर वासियों को रायपुर शहर की समृद्ध विरासत से अवगत करवाने हेरिटेज वाक के आयोजन पर आवश्यक चर्चा और विचार- विमर्श किया गया।इसी प्रकार आज खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग की विभागीय सलाहकार समिति की बैठक अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू की अध्यक्षता एवं सदस्य पार्षद श्रीमती ममता सोनू तिवारी, श्री राजेश कुमार देवांगन, जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, पार्षद श्री महेश कुमार ध्रुव, अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर, उपअभियंता सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में हुई। बैठक में नगर निगम खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शीघ्र इंटर जोन किकेट स्पर्धा का आयोजन रखने और 15 सदस्यीय किकेट दलो में महिला कर्मचारियों को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिये गये। बैठक मे नगर निगम रायपुर क्षेत्र में शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर विभिन्न स्थानो पर निर्मित बॉक्स किकेट स्पोर्टस जोन का समुचित संधारण करने के सम्बन्ध में आवश्यक चर्चा एवं विचार- विमर्श किया गया, वहीं नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों हेतु खेलकूद स्पर्धा के आयोजन को लेकर आवश्यक चर्चा और विचार- विमर्श किया गया।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज आरंग टीम बी द्वारा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गुल्लु एवं मिडिल स्कूल बाना में 240 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 2 एवं 8 छेरीखेड़ी में 173 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 6 एवं 7 मठपुरैना में 165 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा लायंस हैंडिकैप्ड स्कूल भनपुरी में 103 बच्चों की स्क्रीनिंग, अभनपुर टीम बी द्वारा प्राथमिक शाला अभनपुर में 137 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा संतोषी नगर के आंगनबाड़ी केंद्र ताज नगर, इमामबाड़ा एवं शिवनगर में 133 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल जलसो में 184 बच्चों की स्क्रीनिंग व पूरे जिले में आज कुल 1032 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- - एक्सपर्ट पैनल में शामिल संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन किसी बच्चे की समस्या का कर रहे समाधान, तो किसी के सवाल का दे रहे जवाबरायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी से प्रारंभ होने वाली हैं। परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं के मन से भय और अन्य दिक्कतों को दूर करने के लिए माशिमं ने हेल्प लाइन नंबर जारी किया है। इसमें छात्र-छात्राएं विषयवार तैयारी की जानकारी ले रहे हैं। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी को लेकर हर तरह के सवाल पूछ रहे हैं। वहीं कुछ छात्र अपनी समस्याएं भी बता रहे हैं। एक्सपर्ट के इस पैनल में शामिल संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन भी बच्चों की शंकाओं का समाधान कर रहे हैं और उन्हें प्रोत्साहित भी।गोवर्धन ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर पर बच्चों के साथ अभिभावकों के भी कॉल आ रहे हैं। कई बच्चों के यह सवाल होते हैं कि लास्ट ईयर के पेपर से कितना प्रश्न इस वर्ष आएगा। ऐसे में हम बच्चों को यह बताते हैं कि शायद कोई आ जाए, यह सोचकर पूरे प्रश्नों की तैयारी करो और फिर कोई नहीं आएगा, सोचकर भिन्न प्रश्नों की तैयारी अलग से कर लो। ऐसे में तुम्हें परेशानी नहीं होगी।हेल्प लाइन सेंटर में बैठे मनोवैज्ञानिक, डॉक्टर और शिक्षक परीक्षार्थियों की काउंसिलिंग कर उन्हें मोटिवेट कर रहे हैं। हेल्प लाइन पर खासतौर पर महासमुद, जांजगीर- चांपा, धमतरी, रायपुर, रायगढ़ और दुर्ग जिलों के 12वीं कक्षा के छात्र- छात्राएं विषयों की तैयारी को लेकर ज्यादा सवाल पूछ रहे हैं। कई विद्यार्थी समय प्रबंधन, याद करने की तकनीक और परीक्षा के डर से जुड़े सवाल भी कर रहे हैं। छात्रों के इन प्रश्नों का जवाब मनोवैज्ञानिक और विषय विशेषज्ञ गंभीरता से दे रहे हैं।डेस्क में बैठे विशेषज्ञ न केवल विषय से जुडी समस्याओं और शंकाओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि छात्रों को तनाव से उबरने और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी कार्य कर रहे हैं। हेल्पलाइन के माध्यम से मिले मार्गदर्शन से छात्र संतुष्ट हो रहे हैं।
- भिलाई नगर। पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग की सलाहकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विभाग की प्रभारी सदस्य श्रीमती नेहा साहू एवं सचिव तिलेश्वर साहू की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक का मुख्य एजेंडा वार्ड क्रं. 04, नेहरू नगर जी. ई. रोड स्थित उद्यानों सहित अन्य उद्यानों का बेहतर संचालन एवं सुव्यवस्थित रखरखाव रहा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि निगम क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य उद्यानों के संचालन एवं रखरखाव हेतु रुचि की अभिव्यक्ति के तहत दिए जाने हेतु आगामी कार्यवाही की जाए।सभी सदस्यों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। प्रभारी सदस्य नेहा साहू ने चर्चा के दौरान कहा कि "उद्यान शहर की फेफड़े होते हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ नागरिकों के टहलने के लिए सुरक्षित पथ और बच्चों के मनोरंजन के लिए बेहतर खेलकूद के संसाधन उपलब्ध कराना है।" बैठक में इस बात पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया कि उद्यानों को किस प्रकार अधिक व्यवस्थित और सुंदर बनाया जा सकता है। उद्यानों में बैठने के लिए बेंच, लाइट व्यवस्था और नए पौधों का रोपण, नियमित सफाई और पौधों की छंटाई के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक के अंत में सचिव तिलेश्वर साहू ने चर्चा में आए विषयों पर तत्काल प्रभाव से कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन हेतु आश्वस्त किए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें।बैठक में मुख्य रूप से सलाहकार समिति के सदस्य पार्षद उषा शर्मा, सरिता देवी, गिरजा बंछोर, रवि शंकर कुर्रे, उमेश साहू सहित उद्यान विभाग के कर्मचारी त्रिवेणी देशपांडे, गोपाल यादव एवं अन्य उपस्थित रहे।





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