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- -सुकमा के जनजातीय नाट्य ने बिखेरा जलवा-मुड़िया जनजाति पर आधारित नाट्य का मंचन-गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानितरायपुर। बस्तर संभाग की गौरवशाली संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण हेतु आयोजित 'बस्तर पंडुम 2026' में सुकमा जिले ने सफलता का परचम लहराया है। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में आयोजित इस भव्य संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल विधा को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य के मूल स्वरूप को सहेजना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त हो रही विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समूहों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी।मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे ताड़ का पत्ता, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल का कलात्मक प्रयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कोंटा विकासखंड में स्थित पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित किया है। कलाकारों की इस सफलता में नोडल अधिकारी श्री मनीराम मरकाम और श्री पी श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।
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-‘साहित्य पर्व’ नाम से 6 दिन दिखेगा तीन दिवसीय कार्यक्रम
रायपुर। रायपुर साहित्य महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन का दूरदर्शन पर प्रसारण कल 10 फरवरी से प्रारंभ होगा। यह विशेष कार्यक्रम ‘साहित्य पर्व’ शीर्षक से दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाएगा।कार्यक्रम का प्रसारण 10, 12, 15, 17, 19 एवं 22 फरवरी को शाम 3.30 बजे किया जाएगा। दर्शक इस कार्यक्रम को टाटा प्ले चैनल नंबर 1174, डीडी फ्री डिश तथा डीडी छत्तीसगढ़ चैनल पर पूरे देश में देख सकेंगे।इसके अलावा यह कार्यक्रम डीडी छत्तीसगढ़ के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहेगा। मोबाइल उपयोगकर्ता इसे ‘WAVES’ एप के माध्यम से भी देख सकते हैं, जिसे एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।‘साहित्य पर्व’ का निर्माण जनसंपर्क विभाग के सहयोग से इरा फिल्म्स द्वारा किया गया है। इस प्रसारण के माध्यम से रायपुर साहित्य महोत्सव के प्रमुख सत्रों, चर्चाओं और साहित्यिक प्रस्तुतियों को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा। - रायपुर। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय 'बस्तर पण्डुम' समापन समारोह में पहुंचे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव सहित महापौर श्री संजय पांडे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी केन्द्रीय गृह मंत्री का अभिवादन करते हुए उनका स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा मौजूद रहे।
- -- अवैध निर्माण कार्यों पर सख्त कार्यवाही करें, रायपुर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने कृत संकल्पित होकर कार्य करें पश्चिम विधायक राजेश मूणतरायपुर/रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड में डीडी नगर सेक्टर 2 उद्यान पहुंचकर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत और नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, एमआईसी सदस्य श्री दीपक जायसवाल श्री भोलाराम साहू, श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी, पार्षद श्रीमती मीना ठाकुर, पूर्व पार्षद श्री गोपी साहू, श्री रजयंत सिंह ध्रुव, वरिष्ठ पत्रकार श्री शंकर पाण्डेय, ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के श्री अमिताभ दुबे एवं पदाधिकारीगणों, मंडल अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, जिला उपाध्याय नवीन शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री श्रद्धा मिश्रा, जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, महिलाओं, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, रहवासियों, आमजनो की उपस्थिति में डीडी नगर में 2 उद्यानो के सौंदर्याकरण के कार्य का भूमिपूजन 20 लाख रू. की स्वीकृत लागत से श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर किया।पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने एजुकेशन हब की जगह मोमोस की दुकान खोले जाने के बाद उक्त स्थान से खाद्य पदार्थो की दुकाने हटाकर वहां नालंदा परिसर पार्ट 2 का कार्य प्रारंभ करने पर मंच से महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षो, पार्षदों अधिकारियों, कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। उन्होने कहा यह कार्य भावी पीढ़ी को दिशा देने एवं संवारने का कार्य होगा जिसे आगे लोग याद करेंगे। रायपुर पश्चिम विधायक ने कहा कि उन्होने अपने मंत्री के कार्यकाल के दौरान डीडी नगर में सड़क चौडीकरण जनहित में करवाने का जब निर्णय लिया तो कुछ लोगो ने इसका विरोध किया। उन्होने जनहित की दृष्टि से चौड़ीकरण कार्य करवाया। जिससे डीडी नगर कालोनी क्षेत्र विकसित हो सका और यहां की भूमि के दाम भी विकसित क्षेत्र होने के कारण बढ़े। उन्होने कहा कि रायपुर शहर को विकसित स्वच्छ सुन्दर बनाने कृत संकल्पित होकर कार्य करने और दृढ़ इच्छाशक्ति से कार्य करने की आवश्यकता है।पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर शहर को सुन्दर स्वच्छ विकसित बनाने कुछ कड़े फैसले लेने चाहिए एवं इसे पहल करके लागू करवाने का कार्य करना चाहिए। नगर निगम रायपुर के अधिकारियों को निगम अधिनियम के प्रावधानो के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माणो पर कारगर अंकुश लगाने नियमानुसार अवैध निर्माणो पर कडी कार्यवाही करनी चाहिए। आवासीय क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक दुकानो पर कडी कार्यवाही कर उसे सीलबंद करने की कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होने कहा कि शहर को सुन्दर बनाने के कार्य हेतु पार्किंग को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। इसमें कोई कोताही या लापरवाही कदापि सहन नहीं की जायेगी।रायपुर पश्चिम विधायक ने कहा कि डीडी नगर क्षेत्र में सुन्दर और विकसित लाईब्रेरी बनायी गयी है। इसका व्यवस्थित तरीके से संचालन व संधारण किया जाना चाहिए। यहां के रहवासी नागरिको को चाहिए कि सुन्दर और विकसित बनाये जा रहे उद्यानो का संचालन व संधारण कार्य नागरिक समिति बनाकर करें। इससे नागरिको को लंबे समय तक सुन्दर बनाये जा रहे उद्यानो का समुचित लाभ प्राप्त हो सकेगा। लाईब्रेरी व्यवस्थित होगी तो यहां के निवासी युवाओ का भविष्य संवरेगा, भावी पीढ़ी सकारात्मकता से अपना कैरियर आगे बढ़ा सकेगी। जब रायपुर विकसित सुन्दर और स्वच्छ बनेगा तो नागरिक रायपुर की अच्छे सकारात्मक कार्यों हेतु चर्चा व सराहना करेंगे।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि नागरिको को विभिन्न प्रमुख मार्गो में वाहन पार्किंग व्यवस्थित करने सहभागी बनना चाहिए। उन्होने गोल चौक डीडी नगर में व्यवस्थित पार्किंग कायम करने रहवासी नागरिको से सहभागी बनने अपील की। महापौर ने कहा कि नगर निगम रायपुर जनसमस्याओं का समाधान करने कृत संकल्पित होकर हर संभव प्रयास कर रहा है। साथ ही रायपुर नगर निगम निगम क्षेत्र अंतर्गत उद्यानो को व्यवस्थित कर सुन्दर और विकसित जनसुविधा हेतु बनाने लगातार प्रयास एवं कार्य कर रहा है। उन्होने पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी की सक्रियता एवं डीडी नगर वार्ड के रहवासी नागरिको की जागरूकता को सराहा एवं कहा कि यहां के रहवासियों की जागरूकता के कारण उद्यानो को सुन्दर और विकसित बनाने का कार्य किया जा रहा है। नागरिक कार्यों को गुणवत्ता युक्त करवाने इनकी निगरानी करके उद्यानो को सुन्दर बनाने सहभागी बने। गुणवत्ता में कमी दिखने पर वे सीधे महापौर को अथवा नगर निगम रायपुर में जानकारी दें ताकि तत्काल आवश्यक गुणवत्ता सुधार उसी समय करवाया जा सके।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने कहा कि पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत विकास पुरूष है एवं लगातार पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में नये विकास कार्य करवा रहे है। यह यहां के रहवासी नागरिको का दायित्व है कि वे डीडी नगर में उद्यानो को सुन्दर व विकसित बनाने के कार्य में सहभागी बने। जनसहयोग से सुव्यवस्थित विकास क्षेत्र में किया जा सकेगा। जिसका लंबे समय तक नागरिको को यहां लाभ प्राप्त हो सकेगा। यहां के रहवासी अनेक प्रबुद्धजनो को रायपुर शहर विकसित करने के कार्य में सकारात्मकता के साथ आगे आकर सहभागी बनना चाहिए। कार्यक्रम को वार्ड पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी ने भी संबोधित किया एवं गार्डन में नये विकास कार्य प्रारंभ करवाने पर पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ को वार्डवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया। ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के अध्यक्ष श्री अमिताभ दुबे एवं सभी पदाधिकारियों ने उद्यानो के विकास सहित नगर विकास तेजी से करवाने पर सराहते हुए रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड का मंच पर अभिनंदन किया। पासपोर्ट ऑफिस उद्यान में योगा शेड बनवाने पर योग शिक्षक श्री कमलेश शर्मा ने रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत का अभिनंदन किया एवं कंचनगंगा कालोनी के रहवासियों ने वहां उद्यान एवं विकास कार्य हेतु पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे को धन्यवाद दिया।
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रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे के विकास और माओवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार से वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खिलाफ लड़ाई में ठोस परिणाम सामने आए हैं। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।
शाह ने ये टिप्पणी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की। यह बैठक माओवादी उग्रवाद को समाप्त करने की केंद्र की 31 मार्च की समयसीमा से कुछ सप्ताह पहले आयोजित की गई। गृहमंत्री शाह ने बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा, "आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार व अधिकारियों के साथ नक्सल रोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे का विकास, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आये हैं और 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।" एक अधिकारी ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर स्थित एक होटल में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक और गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक, साथ ही छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एवं कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमाओं से सटा हुआ है और लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यहां नक्सल रोधी अभियानों में तेजी आई है, जिससे उग्रवादी गतिविधियां कम हुई हैं। बस्तर क्षेत्र में सात जिले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ों के दौरान 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू जैसे शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस दौरान राज्य में करीब 1,900 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,500 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है। -
रायपुर/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत के विकास में अमूल्य योगदान दिया है जिसे कोई भी इतिहासकार नकार नहीं सकता। भारत प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'छत्तीसगढ़ 25 - शिफ्टिंग द लेंस' के अवसर पर आयोजित 'ऑर्गेनाइजर वीकली' के सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवकों का सकारात्मक योगदान राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा, ''राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत की (विकास) यात्रा में बहुत बड़ा योगदान दिया है, और कोई भी इतिहासकार इसे नकार नहीं सकता। देश या सामाजिक जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें संघ के स्वयंसेवकों ने योगदान न दिया हो।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यद्यपि प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है लेकिन आरएसएस एक संस्था के रूप में अपने कार्यों के लिए विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने कहा, ''जब हम संस्थानों के संदर्भ में बात करते हैं और उनका मूल्यांकन करते हैं, तो मैं बिना किसी संकोच के कह सकता हूं कि सभी संस्थानों में से संघ के स्वयंसेवकों का योगदान भारत की स्वतंत्रता के बाद से सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र और हर पहलू में सबसे प्रमुख रहा है।'' शाह ने कहा कि इस बारे में किसी को कोई संदेह करने की जरूरत नहीं है।
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रायपुर पश्चिम में स्मार्ट अधोसंरचना का नया अध्याय
85 लाख की लागत से तैयार 4500 वर्गफुट का अत्याधुनिक केंद्र, बच्चों के लिए खेल-खेल में शिक्षा और माताओं के लिए सम्मानजनक सुविधाएँ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं विधायक श्री राजेश मूरत की पहल से बनकर तैयार हुआ आंगनबाड़ी केंद्र एवं महतारी सदन
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विकास अब केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मानवीय संवेदना और भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विधायक श्री राजेश मूणत की पहल पर शहीद भगत सिंह वार्ड, टाटीबंध में प्रदेश का सर्वसुविधायुक्त ‘महतारी सदन सह आंगनबाड़ी केंद्र’ पूर्ण रूप से तैयार हो गया है।
लगभग 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित और 4500 वर्गफुट में फैला यह केंद्र छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ी व्यवस्था में एक नई पहचान स्थापित करेगा। यह भवन पोषण, शिक्षा और संस्कार का संगम बनकर माताओं एवं नौनिहालों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
कॉर्पोरेट स्तर की सुविधाएँ
इस अत्याधुनिक महतारी सदन में पृथक प्ले-एरिया, डिजिटल लर्निंग के अनुकूल कक्षाएँ, स्वच्छ किचन, डाइनिंग एरिया, स्टोर रूम एवं प्रशासनिक कार्यालय की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही महिला, पुरुष एवं दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग वाशरूम, आकर्षक पेवर ब्लॉक और सुरक्षित बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है।
‘लर्निंग विद फन’ की अवधारणा
बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए यहाँ फिसलपट्टी, झूला, बास्केटबॉल, शतरंज, कैरम, सांप-सीढ़ी एवं अन्य खेलों की व्यवस्था की गई है। यह केंद्र अब केवल आंगनबाड़ी नहीं, बल्कि बच्चों के लिए एक ‘ग्रोथ सेंटर’ के रूप में कार्य करेगा।
चार हाई-टेक केंद्र, कल डीडी नगर को मिलेगा नया उद्यान
रायपुर पश्चिम में ऐसे चार आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र शीघ्र ही लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इसी क्रम में विधायक श्री राजेश मूणत कल प्रातः डीडी नगर में 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन उद्यान का भूमिपूजन करेंगे, जो क्षेत्रवासियों के लिए हरित और स्वस्थ वातावरण का केंद्र बनेगा।
विकास की योजनाबद्ध सोच
विधायक श्री राजेश मूणत नियमित रूप से बैठक कर क्षेत्र के विकास का रोडमैप तैयार करते हैं। इसी सुनियोजित कार्यप्रणाली के कारण रायपुर पश्चिम में विकास कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर रहे हैं। यह महतारी सदन न केवल एक भवन है, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। - - रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई : स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंटरायपुर। प्रेस क्लब खेल मड़ई के अंतर्गत आयोजित स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में दर्शकों को लगातार रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। सुभाष स्टेडियम में रविवार को खेले गए मैच में डीबी डिजिटल ने एशियन न्यूज़ को 21 रन से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।डीबी डिजिटल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 8 विकेट पर 105 रन बनाए। डीबी डिजिटल के टॉप ऑर्डर के दोनों ओपनर बल्लेबाज सूरी गणेश और नीरज मिश्रा बिना खाता खोले पैवेलियन लौट गए। लगातार दो झटके के बाद आए दीपक सिंह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाए और 3.3 ओवर में 9 रन के निजी स्कोर पर राहुल की गेंद पर कैच आउट हो गए। वहीं दूसरे छोर पर अंकुर शुक्ला ने पारी संभालने का प्रयास किया। दीपक के बाद आये दानिश अनवर भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाए और योगेश जायसवाल की गेंद पर एशियन न्यूज़ के कप्तान इम्तियाज अंसारी को कैच थमा बैठे। दानिश टीम के लिए सिर्फ 5 रन ही जोड़ पाए। इसके बाद आए अखिलेश जायसवाल ने अंकुर का साथ दिया, लेकिन 9 रन के निजी स्कोर पर गौरव सिंह की गेंद पर कैच आउट हो गए। अखिलेश के बाद कप्तान मोहित सिंह सेंगर भी शुभम की गेंद पर राहुल को कैच थमाकर चले गए। इसके बाद राजेश निषाद ने अंकुर के साथ पारी संभाली और दोनों बल्लेबाजों ने 33 रनों की साझेदारी की। संभलकर खेल रहे अंकुर अंतिम ओवर के दूसरे गेंद पर कैच आउट होकर पैवेलियन लौट गए। टीम के लिए सर्वाधिक 25 रन बटोरने वाले अंकुर ने 21 गेंदों में 2 चौके व 2 छक्के जड़े। अगले बल्लेबाज तोपेश भी कैच थमाकर शून्य पर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद आए श्रीशंकर ने एक चौका व एक छक्का जड़कर नाबाद 11 रन बनाए। राजेश निषाद भी 23 रन बनाकर नाबाद रहे। एशियन न्यूज़ की ओर से राहुल ने 3 और गौरव सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि शुभम व योगेश को एक-एक सफलता मिली।जवाब में 106 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एशियन न्यूज़ की टीम निर्धारित 10 ओवर में 8 विकेट पर 84 रन ही बना सकी। टीम की ओर से ओपनर बल्लेबाज राजेश बेहरे ने सर्वाधिक 22 रन बनाए। इसी तरह कप्तान इम्तियाज अंसारी 11, पंकज साहू 10, राहुल मंडेरिया 8, अनंत बागेश्वर 6, गौरव सिंह व भीष्म सिंह 2-2 रन जोड़े। डीबी डिजिटल की ओर से तोपेश ने 2 विकेट लिए। अंकुर, राजेश व दीपक ने एक-एक खिलाड़ी को पैवेलियन भेजा।कार्यक्रम की अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और वरिष्ठ पत्रकार बृजेश चौबे थे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों टीमों के खिलड़ियों के साथ ही महिला पत्रकारों की टीम से मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया और बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामना दी। बता दें कि महिला पत्रकारों की टीम के बीच 18 फ़रवरी को प्रदर्शन मैच खेला जाएगा।कार्यक्रम में शानदार प्रदर्शन के लिए डीबी डिजिटल के राजेश निषाद को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू व भूपेश जांगड़े, खेल मड़ई के संयोजक विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और खेलप्रेमी मौजूद थे। मैच में वैदुर्य निगम और अनुराग ने अंपायरिंग की। वहीं पी रामाराव नायडू स्कोरर रहे। आज भी विजय मिश्रा की छत्तीसगढ़ी कमेंट्री को दर्शकों की खूब सराहना मिली।सोमवार 9 फरवरी को सुबह 7.30 बजे पत्रिका और हरिभूमि/आईएनएच 24 के बीच मैच खेला जाएगा।
- रायपुर/रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई के अंतर्गत स्व. कुलदीप निगम इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता कई विशेषताओं के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है. टूर्नामेंट में हर दिन अलग अलग टीम के बीच रोमांचक मैच तो हो ही रहे हैं. पहली बार महिला पत्रकारों की टीम भी मैदान पर गेंद और बल्ले के साथ जौहर दिखाती नजर आ रही है. रायपुर प्रेस क्लब के इंटर प्रेस क्रिकेट कंपीटीशन में इस बार महिलाओं की दो टीमें 'शक्ति' और 'तेजस्वी' भाग ले रही हैं. दोनों टीम मैदान पर लगातार पसीना बहा रही है. आज क्रिकेट स्पर्धा में अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं. उन्होंने महिलाओं के प्रैक्टिस मैच का भी आनंद लिया. रायपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष बृजेश चौबे भी टीमों के उत्साहवर्धन के लिए मैदान पर मौजूद रहे. महिला टीम के मैच में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने का आग्रह मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सहर्ष स्वीकार किया. क्रिकेट स्पर्धा के शानदार आयोजन के लिए मैं प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी और हमारी पूरी टीम की तरफ से खेल आयोजन समिति को हृदय से धन्यवाद देता हूं.विजय मिश्रा, पी. रामाराव नायडू, राजेंद्र निगम, वैदुर्य निगम, अख्तर भाई, लविंदर भाई समेत हमारे कई प्रिय साथी लगातार टूर्नामेंट को सफल बनाने में जुटे हैं. उनके परिश्रम और सद्प्रयासों के बगैर यह आयोजन सफल नहीं हो पाता. मैं सभी साथियों का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं.
- रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर/रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई के अंतर्गत स्व. कुलदीप निगम इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता कई विशेषताओं के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है. टूर्नामेंट में हर दिन अलग अलग टीम के बीच रोमांचक मैच तो हो ही रहे हैं. पहली बार महिला पत्रकारों की टीम भी मैदान पर गेंद और बल्ले के साथ जौहर दिखाती नजर आ रही है. रायपुर प्रेस क्लब के इंटर प्रेस क्रिकेट कंपीटीशन में इस बार महिलाओं की दो टीमें 'शक्ति' और 'तेजस्वी' भाग ले रही हैं. दोनों टीम मैदान पर लगातार पसीना बहा रही है. आज क्रिकेट स्पर्धा में अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं. उन्होंने महिलाओं के प्रैक्टिस मैच का भी आनंद लिया. रायपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष बृजेश चौबे भी टीमों के उत्साहवर्धन के लिए मैदान पर मौजूद रहे. महिला टीम के मैच में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने का आग्रह मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सहर्ष स्वीकार किया. क्रिकेट स्पर्धा के शानदार आयोजन के लिए मैं प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी और हमारी पूरी टीम की तरफ से खेल आयोजन समिति को हृदय से धन्यवाद देता हूं.विजय मिश्रा, पी. रामाराव नायडू, राजेंद्र निगम, वैदुर्य निगम, अख्तर भाई, लविंदर भाई समेत हमारे कई प्रिय साथी लगातार टूर्नामेंट को सफल बनाने में जुटे हैं. उनके परिश्रम और सद्प्रयासों के बगैर यह आयोजन सफल नहीं हो पाता. मैं सभी साथियों का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं.
- बेमेतरा। बेमेतरा निवासी, कमल ज्वेलर्स बेमेतरा के स्वामी श्री पन्नालाल सोनी (पैतृक ग्राम - खंडसरा) के ज्येष्ठ पुत्र, नीलकमल सोनी "गुड्डु" का 46 वर्ष की अवस्था में 8 फरवरी को स्वर्गवास हो गया है । स्व.नीलकमल सोनी चन्द्रशेखर सोनी "सोनू", सुरेखा सोनी, निर्मला सोनी, सरिता सोनी के भाई तथा यश सोनी, पूजा सोनी के पिता थे ।
- रायपुर,। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमले द्वारा विगत दिनों कोसीर एवं सरिया तहसील क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। सारंगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम मल्दा, दहिदा एवं जसपुर क्षेत्र में गौण खनिज रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 02 ट्रैक्टरों को जब्त कर उन्हें थाना कोसीर के सुपुर्द किया गया, जबकि सरिया तहसील के पिहरा क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 03 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना सरिया के सुपुर्द किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण हेतु यह जांच-पड़ताल और कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की पहल एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर ने युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इस संस्थान के 12 छात्र-छात्राओं का चयन वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कांस्टेबल जनरल ड्यूटी (एसएससी जीडी) परीक्षा के माध्यम से विभिन्न अर्धसैनिक बलों में हुआ है।ज्ञातव्य है कि एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा फरवरी-मार्च 2025 में आयोजित की गई थी, जिसमें नव संकल्प शिक्षण संस्थान के 36 विद्यार्थी सफल हुए। इसके पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं मेडिकल परीक्षण नवंबर-दिसंबर 2025 में सम्पन्न हुए। सभी चरणों में सफल होने के उपरांत हाल ही में घोषित अंतिम परिणाम में संस्थान के कुल 12 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की।चयनित विद्यार्थियों में 5 का चयन केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), 3 का केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), 2 का सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), 1 का भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा 1 का सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हुआ है। सीआईएसएफ में बालेश्वर नाग, नोवेल टोप्पो, सोंकेश्वर प्रधान, नेहरू लाल एवं अरुण कुमार पैकरा, बीएसएफ में ब्रिन्देश्वर एवं सृष्टि तिर्की, सीआरपीएफ में रोहित केरकेट्टा, अरविंद केरकेट्टा एवं सुरेन्द्र राम, एसएसबी में देव प्रसाद नाग तथा आईटीबीपी में चन्दन कालो का चयन हुआ है।उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में भी नव संकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन होता रहा है। केवल वर्ष 2025 में ही संस्थान के 125 विद्यार्थियों का चयन होमगार्ड्स, जिला पुलिस बल एवं केन्द्रीय पुलिस बलों में हुआ है। पूर्व में जशपुर जैसे सुदूर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, किंतु अब नव संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के युवाओं के लिए शासकीय सेवाओं में प्रवेश का एक सशक्त, भरोसेमंद एवं प्रेरणादायी माध्यम बनकर उभरा है।
- रायपुर,। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन रविवार 08 फरवरी को नगर निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 87 लाख 24 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत भी मौजूद रहेंगी।निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्री श्री देवांगन चारपारा कोहड़िया कोरबा से दोपहर 2 बजे रवाना होकर 2:15 बजे कोरबा स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में आचार्य इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। अपरान्ह 3 बजे कोरबा के टैगोर उद्यान टी पी नगर में भूमिपूजन करेंगे। जिनमें वार्ड क्रमांक 09 में ईमलीडूग्गू अशोक घर से पूजा पाण्डेय घर तक बायपास रोड, नागेश ठाकुर घर से आंगनबाड़ी एवं रेल्वे मोहल्ला टीका घर से आंगनबाड़ी तक ओपीव्हीसी पाईप लाईन कार्य लागत राशि 14.01 लाख रूपए, महाराजा होटल से पावर हाउस रोड टीपी नगर चौक से बंगाली चॉल तक डीआई पाइप लाईन कार्य लागत राशि 73.28 लाख रूपए है।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन अपरान्ह 4:30 बजे माली मरार पटेल समाज के सामुदायिक भवन लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। सायं 5.30 बजे राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल होंगे कार्यक्रम पश्चात श्री देवांगन 8.35 बजे चारपारा कोहड़िया लौट आएंगे।
- रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ का इनाम घोषित था।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक और ठोस परिणाम है। बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस विकासात्मक पहल ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विज़न, माननीय अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर आज भय और हिंसा से निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर एक विकसित, शांत और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और लंबे समय तक संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ ने शनिवार को अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के नन्हे खिलाड़ियों ने देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के समक्ष मल्लखंब की अद्भुत प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।यह पहला अवसर था जब अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने एक साथ राष्ट्रपति के समक्ष मल्लखंब का जीवंत और साहसिक प्रदर्शन किया। लकड़ी के खंभे पर जब इन नन्हे कलाकारों ने असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों का प्रदर्शन किया, तो मैदान में मौजूद दर्शक विस्मय से भर उठे। जोश, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक से सजी इस प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्वयं बच्चों की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित हुईं । उन्होंने न केवल उनके साहस, कला और अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रदान कीं।इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव नारायणपुर जिले के उन दुर्गम और बीहड़ इलाकों में पड़ी है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही भौगोलिक सीमाओं की।इस संघर्षपूर्ण यात्रा के प्रेरणास्रोत मनोज प्रसाद हैं, जो एकेडमी के संस्थापक होने के साथ-साथ 16वीं बटालियन में आरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अभावों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।इन नन्हे मल्लखंब खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में 40 से 50 से अधिक टेलीविजन शो, देशभर में सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों, तथा अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर यह टोली निरंतर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है।अब यह दल अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक-संस्कृति और अद्वितीय कौशल को और अधिक सशक्त रूप में सात समंदर पार ले जाने के लिए तैयार है। एकेडमी का अगला लक्ष्य भविष्य में ‘अमेरिकाज गॉट टैलेंट’ और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का प्रदर्शन करना है। जगदलपुर में हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन ‘बदलते बस्तर’ की उस सशक्त तस्वीर को प्रस्तुत करता है, जहां संघर्ष की जमीन से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं।
- रायपुर। शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
- रायपुर । बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की।बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं।प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया। एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया।जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों द्वारा प्रदर्शित किए गए।बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया।लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।
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- रथ आगमन से लेकर समारोह स्थल तक तैयारियों की सभी समाजों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
- मार्ग सजावट, रूटमैप तय, तात्यापारा में शिवाजी प्रतिमा के समक्ष होगा जोशीला स्वागत
रायपुर। 16 फरवरी को रायपुर पहुंचने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज की राष्ट्रीय गौरव यात्रा का टाटीबंध चौक पर शानदार स्वागत किया जाएगा। उसके बाद यात्रा का रूट मैप, सभा स्थल और महाराष्ट्र से आने वाले लगभग 500 यात्रियों के रुकने- भोजन की व्यवस्था सहित हर तरह की तैयारियों की जवाबदारी सुनिश्चित कर दी गई है। महाराष्ट्र मंडल में शुक्रवार देर शाम तक चली बैठक में सभी समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। उन्हें कार्यक्रम की भव्यता के मद्देनजर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि गौरव यात्रा के टाटीबंध प्रवेश से लेकर कृषि मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय तक का रूपमैट, प्रशासन से अनुमति, मार्ग सजावट, ध्वजा आदि की जिम्मेदारी मराठा समाज, कुर्मी समाज, कुनबी समाज, अग्रवाल दाऊ समाज, महाराष्ट्रियन तेली समाज के प्रमुखों को सौंपी गई है। वहीं तात्यापारा चौक पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा की पूजा- अर्चना, माल्यार्पण का जिम्मा सभी समाजों के महिला मंडल का होगा। इस अवसर पर सभी समाजों की महिलाएं एक ड्रेस कोड में नजर आएंगी।
कृषि विवि में आयोजित स्वागत समारोह में आवास और भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी धनंजय शर्मा, अजय शर्मा, धनंजय वर्मा और अजय मधुकर काले ने अपने जिम्मे ली। वहीं कार्यक्रम स्थल पर स्टेज सजावट, लाइट, माइक, स्वागत- सत्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी डॉ कुलदीप सोलंकी, सुबोध टोले, सभी समाज की महिला प्रमुख को सौंपी गई।
बताते चलें कि छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जिजाऊ बाई के मायके सिंधखेड़ से 12 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज के भव्य रथ को लेकर शुरू होने वाली राष्ट्रीय गौरव यात्रा नासिक, जालना, अमरावती, नागपुर, राजनांदगांव, दुर्ग - भिलाई से होते हुए 16 फरवरी शाम चार बजे रायपुर पहुंचेगी। टाटीबंध चौक से मुख्य मार्ग होते हुए यात्रा तात्यापारा चौक पहुंचेगी। जहां शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष पूजा- अर्चना की जाएगी। इसके उपरांत शाम छह बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय में स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इधर गौरव यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। रथ के रायपुर आगमन से लेकर स्वागत समारोह तक सब कुछ खास और यादगार बनाने की तैयारी में सर्व समाज जुटा हुआ है।
बैठक में डा. कुलदीप सोलंकी, लोकेश पवार, धनंजय सिंह वर्मा, ललित कांकडे, सविता बघेल, डा. मुक्ति बैस, शंकर वर्मा, भरत भूषण चंद्रवंशी, पराग दलाल, अभय भागवतकर, दीपक राव इंगले, सुमीत ढिंगे, गणेशा जाधव पाटिल, मालती मिश्रा, नमिता शेष, अमित डोये, चंद्रिका परगहनिया, पुष्पलता वर्मा, केएस वर्मा, अतुल गद्रे, श्याम सुंदर खंगन, सुकृत गनोदवाले सहित विभिन्न समाजों के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जाणता राजा का मंचन 19 से
बैठक में अजय काले ने महत्वपूर्ण जानकारी दी कि युवा आयोग और सर्व समाज के सौजन्य से 19 से 22 फरवरी तक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित एशिया के सबसे बड़े महानाट्य 'जाणता राजा' का मंचन रायपुर के सप्रे शाला मैदान में किया जाएगा। इस चार दिवसीय नाट्यमंचन में रायपुर के रंगकर्मियों को भी अपनी कला प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। इसके लिए बाकायदा 'जाणता राजा' की टीम से जुड़े विशेषज्ञ 10 फरवरी को रायपुर आएंगे और स्थानीय कलाकारों का नाटक के लिए न केवल चयन करेंगे, बल्कि उनके साथ रिहर्सल भी करेंगे। -
बीजापुर/सुकमा. बस्तर मंडल के दो जिलों में शनिवार को कुल 1.61 करोड़ रुपये के इनामी 51 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सलवाद को खत्म करने की 31 मार्च, 2026 की समय सीमा नजदीक आने के साथ छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या लगभग 300 हो गई है। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम 2026' उत्सव का उद्घाटन किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 34 महिलाएं शामिल हैं।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि बस्तर पुलिस की 'पूना मारगेम पुनर्वास पहल' के तहत बीजापुर जिले में 20 महिलाओं समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि पड़ोसी सुकमा जिले में 14 महिलाओं समेत 21 अन्य नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है। सुंदरराज ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 30 नक्सलियों में से बोटी पोडियम उर्फ मल्ला (23), सुखराम मदकम (24), और रीना पुणेम (25) शामिल हैं जिनपर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि पांच अन्य पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था, 14 नक्सलियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम था, और आठ अन्य पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। इन 30 नक्सलियों पर कुल मिलाकर 85 लाख रुपये का इनाम था। सुकमा में माओवादियों के दरभा मंडल, दक्षिण बस्तर मंडल और कालाहांडी-कंधमाल-बौद्ध-नयागढ़ (केकेबीएन) मंडल (ओडिशा) के 21 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें सोढ़ी महेश (35), पोडियम राजू (30) और करम ममता (30) शामिल हैं जिनपर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच अन्य सदस्यों पर पांच-पांच लाख रुपये, 12 अन्य पर दो-दो लाख रुपये और एक अन्य पर तीन लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि सुकमा में नक्सलियों ने तीन एके-47 राइफल (8 मैगजीन के साथ), दो सेल्फ लोडिंग राइफल (दो मैगजीन के साथ), एक इंसास राइफल, पांच एक नली बंदूक, तीन बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) (20 राउंड के साथ), दस जिलेटिन की छड़ें और 20 गैर-विद्युत डेटोनेटर भी जमा कराया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से हर एक को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई और सरकार की नीति के अनुसार उनका आगे पुनर्वास किया जाएगा। सुंदरराज ने कहा कि सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क, लगातार सफल नक्सल-विरोधी अभियानों और सरकार की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच के कारण माओवादियों का आधार तेजी से सिकुड़ रहा है। उन्होंने शेष माओवादी कार्यकर्ताओं से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि 'पूना मारगेम' अभियान शांति, गरिमापूर्ण जीवन और एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। गौरतलब है कि 15 जनवरी को पड़ोसी बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। छत्तीसगढ़ में 2025 में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। सुकमा और बीजापुर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह घटनाक्रम बस्तर क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पिछले दो वर्षों में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शांति बहाल करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का ठोस परिणाम है। -
न्याय तक पहुंच सशक्त करने की दिशा में अहम पहल
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (CGSLSA) द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी (CSJA) के सहयोग से लीगल एड डिफेंस कौंसिल के लिए एक दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम का तीसरा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, ने कहा कि लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम न्याय तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत प्रदत्त संवैधानिक जनादेश को साकार करता है।
मुख्य न्यायाधीश ने चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंचितों को दी जाने वाली विधिक सहायता की गुणवत्ता न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता को सीधे प्रभावित करती है। उन्होंने प्रतिभागियों से सक्रिय भागीदारी, अनुभव साझा करने और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा करने का आह्वान किया। उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण — न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू,श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में राज्य भर से चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल सहित कुल 74 प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्वागत भाषण छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा दिया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण उपस्थित रहे। -
- बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका आराधना लाल ने दिए अहम टिप्स
रायपुर। 10वीं-12वीं, 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे बच्चों के लिए जितना जरूरी पढ़ाई करना या परीक्षा की तैयारी करना है, उतना ही जरूरी है कि वे अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान भी रखें। पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलन भी आवश्यक है।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 12वीं के बच्चों की अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाली शिक्षिका आराधना लाल ने कहा कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों को पैकेट फूड से दूरी बनानी चाहिए और हल्का व संतुलित भोजन करना चाहिए। वहीं बदलते मौसम के बीच खुद की सेहत को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
आराधना ने कहा कि बच्चों को नियमित अध्ययन, प्रापर टाइम टेबल और रिवीजन वर्क पर ध्यान देना चाहिए। परीक्षा के दिन पहले अपने दिमाग को शांत रखते हुए समय से पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचकर अपने स्थान पर पहुंचना चाहिए। परीक्षा में इस्तेमाल होने वाली पेन से एक दिन पहले ही एक- दो पेज लिखकर निश्चित फ्लो में लेना चाहिए, जिससे न सिर्फ लिखावट बेहतर हो, बल्कि लिखने की गति भी अच्छी बनी रहे।
परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने के बाद कौन सा प्रश्न छूट गया, क्या लिख पाए- नहीं लिख पाए... आदि बिल्कुल भी नहीं देखना चाहिए, न ही किसी से चर्चा करनी चाहिए, बल्कि अगले पेपर के लिए पूरी सकारात्मक ऊर्जा के साथ तैयारी में जुट जाना चाहिए। विद्यार्थियों को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अगर कुछ गलती हुई है तो भावी परीक्षा में हमें उसे सुधारने का मौका मिलेगा। - रायपुर/बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की।बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं।प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया। एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया।जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों द्वारा प्रदर्शित किए गए।बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया।लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।



























