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- -उप मुख्यमंत्री ने अंतिम दौर के कार्यों का किया निरीक्षण, लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे लोकार्पण-आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त विधानसभा के नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक-सदन की सीलिंग पर उकेरी गई हैं धान की बालियां, ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मितरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने सोमवार को नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के अंतिम दौर के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान इसके लोकार्पण की तैयारियों का भी जायजा लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगामी 1 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण करेंगे। आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त इस भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई देगी। विधानसभा के सदन की सीलिंग में धान की बालियां उकेरी गई हैं। सदन के भीतर के ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विधानसभा के नवनिर्मित संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर अंतिम चरण के कार्यों को देखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यहां स्थापित एयर कंडीशनिंग चीलर प्लांट का भी अवलोकन किया। श्री साव ने कहा कि नवीन विधानसभा भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे तीन सेक्टरों में विभाजित कर बनाया गया है। भवन के सिविल कार्य पूर्ण हो चुके हैं। फिनिशिंग कार्य भी अंतिम चरण में हैं। दीपावली के बाद शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।श्री साव ने कहा कि आगामी 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ नित नवीन आयाम तय कर रहा है। विधानसभा का यह नवनिर्मित भवन छत्तीसगढ़ के इतिहास में बहुमूल्य उपलब्धि होगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि 25 साल पहले वर्ष 2000 में रायपुर के राजकुमार कॉलेज में टेंट से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के विधानसभा को खुद का भव्य भवन मिलने जा रहा है। नवीन विधानसभा भवन सर्वसुविधायुक्त, सुसज्जित तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। भविष्य में पेपरलेस विधानसभा संचालित हो सके, इसका भी ध्यान रखा गया है। सदन के भीतर के ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए हैं। सीलिंग पर धान की बालियां उकेरी गई हैं। इस नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखेगी, जहां छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप फैसलों को आकार मिलेगा। श्री साव द्वारा विधानसभा परिसर के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।राज्योत्सव की तैयारियों का भी किया निरीक्षणउप मुख्यमंत्री श्री साव ने नए विधानसभा परिसर का अवलोकन करने के बाद नवा रायपुर स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर पहुंचकर राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नवा रायपुर में करेंगे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण-केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के अधिकारियों ने की संग्रहालय की भव्यता और जीवंत प्रस्तुति की सराहनारायपुर ।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में तैयार किए गए भव्य संग्रहालय सह-स्मारक का लोकार्पण राज्योत्सव के अवसर पर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाए जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय होगा। इस संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 16 आदिवासी विद्रोहों की झलक देखने और सुनने को मिलेगी। संग्रहालय के लोकार्पण के लिए साज-सज्जा का काम अंतिम चरण में है। भारत सरकार के केन्द्रीय जनजाति मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को इस संग्रहालय का अवलोकन कर इसकी भव्यता और जीवंत प्रस्तुति की सराहना की।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय की ओएसडी श्रीमती रंजना चोपड़ा और संचालक श्रीमती दीपाली मासिरकर को संग्रहालय का भ्रमण कराते हुए बताया कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। नई पीढ़ियों को आदिवासियों का स्वतंत्रता विद्रोह की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में डिजिटल माध्यम से आदिवासी समाज के विद्रोहों और उनके नायकों की गाथा की प्रस्तुति संग्रहालय का विशेष आकर्षण रहेगी। पूरे संग्रहालय परिसर को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर सरगुजा के कलाकारों द्वारा बनाए गए बेहद खूबसूरत नक्काशीदार पैनल लगाए जाऐंगे। वहीं मुख्य द्वार पर अंदर प्रवेश करते ही लगभग 1400 वर्ष पुराने साल वृक्ष की प्रतिकृति बनाई जा गई है, इसकी पत्तियों पर सभी 14 विद्रोहों का जीवंत वर्णन किया गया है। केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय की ओएसडी श्रीमती रंजना चोपड़ा ने संग्रहालय परिसर में तैयार हो रहे तालाब के चारों ओर सुन्दर पाथवे बनाने एवं लाईट की व्यवस्था और अंदर की गैलरी में ट्राईबल आर्ट का प्रयोग करने कहा। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम की बाहरी दीवारों पर शहीद वीर नारायण सिंह जी की शहादत संबंधी जानकारी जैसे जेल रिकॉर्ड, सुनाई गई सजा के आदेश की कॉपी इत्यादि सभी मूल अभिलेख संरक्षित कर डिस्प्ले करने के सुझाव दिए।श्रीमती चोपड़ा ने शहीद वीर नारायण सिंह जी के संघर्ष से संबंधित समाज द्वारा उपलब्ध कराई गई तलवार को भी संग्रहालय में संरक्षित कर प्रदर्शित करने और सोनाखान विद्रोह को प्रदर्शित करने के लिए ऑडियो-वीडियो व डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था, संग्रहालय में ट्राईबल रिलेटेड डॉक्यूमेंट फिल्म का भी प्रदर्शन, प्रत्येक गैलेरी में ऑडियो विजुअल की व्यवस्था कहा, ताकि आगंतुकों को मोबाइल में स्कैन करने पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो और म्यूजिक को भी सुना जा सके। उन्होंने संग्रहालय में सेल्फी प्वाइंट भी बनाने भी कहा।शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।इस मौके पर आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सरांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, छत्तीसगढ़ आदिवासी अनुसंसाधन एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलसचिव श्री कपिलदेव दीपक ने सोमवार को पदभार ग्रहण किया. ।उन्होंने प्रभारी कुलसचिव डॉ सी पी खरे से कुलसचिव पद का प्रभार लिया. । पदभार ग्रहण करने के उपरांत श्री दीपक ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल से सौजन्य मुलाकात की. । डॉ चंदेल ने श्री दीपक को उनके सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं दी ।. श्री कपिल देव दीपक ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संवाद कर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. । इस अवसर पर उप कुलसचिव डॉ यमन देवांगन, डॉ श्रीकांत चितले, डॉ विजय सोनी सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. । उल्लेखनीय है कि श्री कपिल देव दीपक मूलतः कृषि विभाग में संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ है. ।
- -अजगरबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में है कार्यरतरायपुऱ ।छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे कोरबा जिले से एक प्रेरक कहानी सामने आई है- यह कहानी है पहाड़ी कोरवा जनजाति समाज की श्रीमती मंझनीन बाई की, जिन्हें लोग ‘राष्ट्रपति के दत्तक पुत्री समाज‘ की प्रतिनिधि के रूप में जानते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा ने डीएमएफ फंड के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित परिवारों को रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया, जिसका परिणाम परिलक्षित हो रहा है।मंझनीन बाई अज़गरबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरतमंझनीन बाई को ग्राम अज़गरबहार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मानदेय आधार पर नियुक्ति दी गई। उनके पति श्री किनारे लाल, जो स्वयं दसवीं पास हैं, को भी इसी योजना के तहत पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के हाई स्कूल एतमानगर में भृत्य के पद पर नियुक्ति मिली। अब दोनों पति-पत्नी आत्मनिर्भर हैं और अपने बच्चों व परिवार के लिए एक बेहतर भविष्य गढ़ रहे हैं। वह अब नियमित अस्पताल आती है। यहाँ नौकरी ने उनकी जिंदगी में खुशहाली ला दी है।मंझनीन बाई पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रेरणा बनी स्रोतकोरबा ब्लॉक के ग्राम टोकाभांटा की मंझनीन बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ जंगल ही जीवन का सहारा था। वन उपज एकत्र कर ही उनका परिवार गुज़ारा करता था। शिक्षा के लिए संसाधनों की कमी थी, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कक्षा दसवीं तक अध्ययन पूरा किया। यही पढ़ाई आगे चलकर उनके जीवन में परिवर्तन की कुंजी बनी। मंझनीन बाई बताती हैं -‘पहले हमारा जीवन बहुत कठिन था। जंगलों में वनोपज पर निर्भर रहना पड़ता था। रोज़ी-रोटी की चिंता हमेशा बनी रहती थी। लेकिन अब जब हमें नौकरी मिली है, तो जीवन में स्थिरता और सम्मान दोनों आए हैं। दो साल से काम कर रही हूँ और अब भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ गया है।‘ उनके परिवार में माता-पिता, पाँच बहनें और दो भाई हैं। मंझनीन बाई अब अपने समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा और दृढ़ निश्चय से हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर माह 9000 रूपए मानदेय के रूप में मिलता है।विशेष पिछडी जनजाति के 43 परिवार के जीवन में प्रशासन ने भरा उजालाप्रशासन के इस प्रयास ने न केवल एक परिवार के जीवन में उजाला भरा है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि विकास की असली रोशनी तब तक पूर्ण नहीं होती, जब तक वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक न पहुँचे। स्थानीय पहाड़ी कोरवाओं को रोजगार का अवसर मिलने के बाद समाज में उन परिवारों को भी प्रेरणा मिली है जो स्कूली शिक्षा से दूर हो जाते थे, अब वे परिवार भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे हैं। जिले में कलेक्टर कोरबा के मार्गदर्शन में पीवीटीजी के 43 लोगों को स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी में मानदेय पर डीएमएफ से नियुक्ति की गई है।
- -डबरी निर्माण से बढ़ी सिंचाई सुविधा, फसल उत्पादन में हुआ सुधार-किसान तिरन एवं रूपधर ने डबरी निर्माण से बदली अपनी आर्थिक स्थितिरायपुऱ। डबरी निर्माण से सिंचाई सुविधा में वृद्धि हुई है क्योंकि ये वर्षा जल के संचयन का स्थायी साधन प्रदान करती हैं, जिससे किसानों को बारहों महीने खेतों की सिंचाई करने में मदद मिलती है। इससे फसल उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होती है, साथ ही यह मछली पालन जैसे अतिरिक्त आय के स्रोतों का अवसर भी देता है। मनरेगा के तहत डबरी निर्माण कार्य से कई ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सफलता मिली है। डबरी निर्माण से न केवल रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि सिंचाई की सुविधा भी बढ़ी है, जिससे कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है।गरियाबंद जिले से 67 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत मुड़ागांव स्थित है। यहां मनरेगा जॉब कार्डधारियों की संख्या 360 है। यहां के एक कृषक श्री तिरन जो कि बारिश के पानी से ही अपनी खेती-बाड़ी का कार्य करते थे। उन्हें प्रत्येक वर्ष बेमौसम बारिश और पानी की कमी के कारण खेती करने में मुश्किल हो रही थी। जैसे-जैसे फसलें अफसल हो रही थी। आत्मविश्वास टूटता जा रहा था। पानी की कमी के कारण उनके जैसे कई अन्य किसान भी पर्याप्त फसल नहीं ले पाते थे। ग्राम सभा के माध्यम से महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत व्यक्तिगत व हितग्राही मूलक कार्य जैसे डबरी निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ग्रामीणों को दी गई। जिसमें बताया गया कि मनरेगा योजना से हितग्राही मूलक कई कार्य किए जा सकते हैं। डबरी निर्माण होने से फसल उत्पादन ज्यादा किया जा सकता है।गरियाबंद जिले से ग्राम पंचायत मुड़ागांव के तिरन-रूपधर ने डबरी निर्माण कराने का मन बनाया और उत्सुकतापूर्वक मनरेगा योजना के जनकल्याण कारी कार्य का लाभ लेने हेतु आवेदन ग्राम पंचायत में ग्रामसभा में जमा कराया। इसके बाद पंचायत द्वारा प्रस्ताव तैयार कर जनपद पंचायत में प्रेषित किया गया। स्वीकृति होने के पश्चात् कार्य को प्रारम्भ किया गया। डबरी निर्माण से हितग्राही मछलीपालन एवं आस-पास के खेतों में सिंचाई कर, फसल लगाकर अपनी एवं परिवार की आजीविका अच्छे से कर रहे है।मछली पालन से अतिरिक्त आयहितग्राही श्री तिरन एवं रूपधर ने बताया कि डबरी निर्माण से आय के साधन में वृद्धि हुई जिससे ग्रामीण किसान आत्मनिर्भर बनते जा रहे है। कार्य से किसानों को फसल की उत्पादन क्षमता भी बढ़ती जा रही है, मछली पालन, खेती बाड़ी में अच्छी गुणवत्ता के साथ पैदावार हो रही है, जिसे बेचकर आय अर्जित करना एवं दैनिक रूप से जो भी खर्च है वह पूर्ति हो रही है। स्थल का सदुपयोग हुआ, खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ी, आजीविका के साधन में वृद्धि हुआ।कृषि ऊपज में वृद्धिहितग्राही श्री तिरन पूर्व में मेरी जमीन में कुछ भी फसल नहीं हो रही थी जिसके कारण पूरे खेत में सिंचाई सही तरीके से नहीं हो पा रही थी। जिससे फसल के उत्पादन में कमी हो रही थी। मुझे ग्राम सभा के माध्यम से पता चला की शासन द्वारा मनरेगा योजना से किसानों के कृषि ऊपज में वृद्धि हेतु बहुत सारे कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है। मैने भी ग्राम पंचायत में डबरी निर्माण हेतु आवेदन दिया जो शासन द्वारा स्वीकृत किया गया, डबरी होने से मेरी आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार आया है एवं वर्तमान में मैं अधिक मात्रा में फसल उत्पादन कर बेहतर कृषि करते हुए अपने आर्थिक स्थिति में सुधार महसूस कर रहा हूं। हमारा परिवार डबरी निर्माण कार्य से बहुत खुश है, और शासन के जन कल्याणकारी योजना के प्रति आभारी है एवं मै गांव के अन्य लोगों को भी डबरी निर्माण के महत्व को बताते हुए डबरी निर्माण कराने हेतु प्रोत्साहित करता हूं। मैं शासन को इस जन कल्याणकारी योजना के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।
- रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने लाखों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय जोड़ा है। इस योजना के अंतर्गत मुंगेली जिले के ग्राम पदमपुर निवासी श्री सौखीराम नट को पक्का घर प्राप्त हुआ, जिससे उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ।सौखीराम का परिवार पहले कच्चे और जर्जर मकान में कठिन परिस्थितियों में रह रहा था। बरसात के मौसम में टपकती छत और मिट्टी की दीवारों को संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। दिहाड़ी मजदूरी से परिवार का खर्च चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में पक्का मकान बनाना असंभव प्रतीत होता था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें स्वीकृत आवास मिलने से उनकी जिंदगी में खुशियों का नया सवेरा आया।उन्होंने बताया कि नया घर मिलने से अब परिवार सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में रह रहा है। यह आवास केवल छत नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है। श्री सौखीराम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के लिए जीवन बदलने वाला उपहार साबित हुई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 67 हजार 300 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
- रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक बन गई है। यह योजना नागरिकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर कर रही है। योजना के अंतर्गत नागरिक अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली का उत्पादन कर सकते हैं, जिससे न केवल घरेलू आवश्यकताएँ पूर्ण होती हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जमा होने से अतिरिक्त आय का सृजन हुआ है। कोरबा जिले में यह योजना नागरिकों के जीवन में स्थायी परिवर्तन ला रही है। यहाँ के श्री आयुष अग्रवाल और श्री अजय राज बेन इस योजना की सफलता के उदाहरण हैं। श्री अग्रवाल ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी की है और बचत से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। वहीं, भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त श्री अजय राज बेन ने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाकर अपने घर को पूर्णतः स्वच्छ ऊर्जा से संचालित किया है। यह योजना केवल बिजली की व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है, जो नागरिकों को उपभोक्ता से उत्पादक की भूमिका में ला रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना हर घर में उजाला और हर परिवार में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही है।
- -प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मदन राम बने आत्मनिर्भर किसान-बायोफ्लॉक तकनीक से कर रहे हैं मछली पालन, हर साल कमा रहे हैं दो लाख से अधिक शुद्ध मुनाफारायपुर। ग्रामीण अंचलों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी योजना के तहत अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी के निवासी श्री मदन राम ने अपने खेत की 30 डिसमिल भूमि का सदुपयोग करते हुए बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण कराया है। यह तालाब पूर्णतः वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें जल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बायोफ्लॉक शीट, ऑक्सीजन मशीन, सबमर्सिबल पंप और जनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ लगाई गई हैं।मछली पालन को एक व्यवसाय के रूप में शासन द्वारा ऋण पर सब्सिडीश्री मदन राम ने बताया कि बायोफ्लॉक तालाब निर्माण पर कुल 14 लाख रुपए की लागत आई, जिसमें से उन्हें 60 प्रतिशत अर्थात 8 लाख 40 हजार रुपए की सब्सिडी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से मछलियों का विकास तेज़ी से होता है और उत्पादन अधिक मिलता है। तालाब को पूरी तरह बायोफ्लॉक शीट से ढंक दिया गया है, जिससे जल की गुणवत्ता एवं तापमान नियंत्रित रहता है और मछलियों की वृद्धि में अनुकूल वातावरण मिलता है। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया, जहाँ से उन्हें सभी आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता मिली। पहले जहाँ खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब मछली पालन से वे हर वर्ष लगभग दो लाख रुपए की शुद्ध आमदनी की है।श्री मदन राम ने बताया कि पहले मैंने एक बार मछली का बीज डाला था, अब तालाब में मछलियाँ खुद ही बीज तैयार कर रही हैं। इससे मछली पालन की लागत भी कम हो गई है और मुनाफा और बढ़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि खेती के मुकाबले मछली पालन में अधिक मुनाफा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर दिया है।मत्स्य पालन स्व-रोजगार के साथ नुकसान की भरपाई बीमा सेप्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना- मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति लाने के लिए शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना, निर्यात को दोगुना करना और रोजगार पैदा करना है। यह योजना मछुआरों और मछली पालकों को बुनियादी ढांचे, उपकरणों और वित्तीय सहायता के माध्यम से मदद करती है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु, विकलांगता या अस्पताल में भर्ती होने पर बीमा कवरेज भी शामिल है। मछली पालन को एक व्यवसाय के रूप में शुरू करने के लिए ऋण पर सब्सिडी प्रदान करना है। शासन की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषकों, युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए नई संभावनाएँ खोल रही है। बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सार्थक योगदान दे रहे हैं।
- रायपुर ।अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने लोगों को न केवल बिजली बिल के बोझ से मुक्त किया है, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से आय का अवसर भी प्रदान किया है।राजनांदगांव निवासी श्री सक्षम जैन ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया है। पहले उनका मासिक बिजली बिल लगभग 1500 रुपये तक आता था, जो अब पूर्णतः समाप्त हो गया है। अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने से यह विद्युत विभाग के ग्रिड में जमा हो रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त लाभ भी मिल रहा है।इस योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। इच्छुक उपभोक्ता चउेनतलंहींतण्हवअण्पद या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। यह योजना ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना लाखों महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता लाने में मददगार साबित हो रही है। दीपावली पर्व से पूर्व योजना की 20वीं किश्त जारी होने से पूरे प्रदेश की महिलाओं के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक उठा है।इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में सक्ती जिले की ग्राम पंचायत टेमर निवासी श्रीमती रजनी कुम्हार भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हुई हैं।श्रीमती रजनी ने बताया कि पहले परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें आर्थिक संबल और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने इस राशि का सदुपयोग करते हुए अपने पति श्री पीताम्बर कुम्हार के सहयोग से मिट्टी के दीये, मटके, घड़े, कलश और सुराही जैसे पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। दीपावली के अवसर पर वे प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 दीये तैयार कर रही हैं, जिससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है। श्रीमती रजनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल है। जिसने उनके जीवन में उजाला और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी फैलाई है।
- -14 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री साव सहयोग केंद्र पहुँचेंगेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को कार्यकर्ताओं आमजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए लोगों के आवेदनों एवं शिकायतों के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।सोमवार को सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं की ओर से 100 से आवेदन आए। इस अवसर पर सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज सहित पदाधिकारीगण व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। कल मंगलवार 14 अक्टूबर को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहयोग केंद्र में उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करेंगे।
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रायपुर/संयुक्त राष्ट्र सतत विकास कार्यालय (UNOSD), जो संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UNDESA) के सतत विकास लक्ष्यों (DSDG) प्रभाग के अंतर्गत है, 2025 अंतर्राष्ट्रीय मेयर फोरम का आयोजन 14-16 अक्टूबर 2025 को टोयोटा सिटी, जापान में कर रहा है। यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय विकास केंद्र (UNCRD), UN-Habitat और टोयोटा सिटी, जापान के सहयोग से किया जा रहा है।
इस फोरम में राष्ट्रीय सरकारों, स्थानीय निकाय प्रमुखों, संघों, के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ये आमंत्रित प्रतिनिधि ऐसी सफलता के उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, जिनसे 2030 एजेंडा और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को शेष पाँच वर्षों में स्थानीय स्तर पर लागू करने की गति बढ़ाई जा सके।
इस फोरम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय और क्षेत्रीय सरकारों को नीति संवाद और ज्ञान साझा करने के लिए वार्षिक मंच प्रदान करना है, ताकि 2030 एजेंडा और एसडीजी के कार्यान्वयन से जुड़े मुख्य पहलुओं पर चर्चा की जा सके।
2025 का यह फोरम स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सरकारों के लिए एक रणनीतिक अवसर भी होगा, जहाँ वे भविष्य के लिए Financing for Development 2025 जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक एजेंडों को आगे बढ़ाने के तरीकों की खोज करेगा, जिससे 2030 एजेंडा और उसके एसडीजी का कार्यान्वयन तेज़ी से हो सके।
इस संदर्भ में रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे को इस फोरम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। कृपया अवगत रहें कि इस सम्मेलन में कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। इसके अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र सम्मिलित होने वाले प्रतिनिधियों की राउंडट्रिप हवाई टिकट, दैनिक भत्ता (DSA) और अन्य यात्रा संबंधी खर्चों की व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र के नियमों और विनियमों के अनुसार करेगा।
चुन क्युओ पार्क प्रमुख, संयुक्त राष्ट्र सतत विकास कार्यालय (UNOSD),
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामले विभाग (UNDESA) के आमत्रंण पर रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे दिनांक 14 से 16 अक्टूबर 2025 तक आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में सम्मिलित होने जापान की टोयोटा सिटी पहुंच चुकी हैँ. -
पाईप लाईन लीकेज, हैंड पम्प / पावर पम्प की मरम्मत तत्काल करने सहित दिए अनेक निर्देश0
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू द्वारा जल विभाग के कार्यों की रावणभाठा फिल्टरप्लांट में पहुंचकर बैठक लेकर समीक्षा की गयी।
समीक्षा बैठक में नगर निगम जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने नगर निगम रायपुर के सभी 10 जोनों में जल विभाग में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता एवं समय पर सभी कार्यों को पूर्ण करने, पाइप लाइन लीकेज, पावर पंप/हैंड पंप की मरम्मत का कार्य तत्काल करने के निर्देश दिये गये एवं नल कनेक्शन की जानकारी ली गयी। ग्रीष्मकाल में जलसंकट से ग्रस्त क्षेत्रों में किराए से चलाए गए टैंकरों की जानकारी ली जाकर आगामी वर्ष 2026 में ग्रीष्मकाल के पूर्व योजना बनाकर समस्या का समाधान करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश सभी जोनों के जल विभाग अभियंताओं को दिये गये।
बैठक में कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिंह फरेंद सहित सहायक अभियंता/ उप अभियंता फिल्टर प्लांट तथा सभी जोन के जल विभाग के सहायक अभियंता एवं उपअभियंतागण उपस्थित थे। -
पाईप लाईन लीकेज, हैंड पम्प / पावर पम्प की मरम्मत तत्काल करने सहित दिए अनेक निर्देश0
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू द्वारा जल विभाग के कार्यों की रावणभाठा फिल्टरप्लांट में पहुंचकर बैठक लेकर समीक्षा की गयी।
समीक्षा बैठक में नगर निगम जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने नगर निगम रायपुर के सभी 10 जोनों में जल विभाग में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता एवं समय पर सभी कार्यों को पूर्ण करने, पाइप लाइन लीकेज, पावर पंप/हैंड पंप की मरम्मत का कार्य तत्काल करने के निर्देश दिये गये एवं नल कनेक्शन की जानकारी ली गयी। ग्रीष्मकाल में जलसंकट से ग्रस्त क्षेत्रों में किराए से चलाए गए टैंकरों की जानकारी ली जाकर आगामी वर्ष 2026 में ग्रीष्मकाल के पूर्व योजना बनाकर समस्या का समाधान करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश सभी जोनों के जल विभाग अभियंताओं को दिये गये।
बैठक में कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिंह फरेंद सहित सहायक अभियंता/ उप अभियंता फिल्टर प्लांट तथा सभी जोन के जल विभाग के सहायक अभियंता एवं उपअभियंतागण उपस्थित थे। -
- लगभग 2 अवैध ठेले हटाये, लगभग 11 पसरा व्यापारियों के 11 टेबल, लगभग 2 बोरी जूता इत्यादि सामान सडक से जप्त कर यातायात मार्ग में पुनः बनाया सुगम 0
रायपुर/ टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार चलाये जाने वाले अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र जोन क्रमांक 4 अतर्गत गोलबाजार एंट्री मुख्य मार्ग चिकनी मंदिर मालवीय रोड होकर जवाहर बाजार होते हुए जयस्तम्भ चौक होकर सिटी कोतवाली चौक मुख्य मार्ग तक जनहित में जनसुविधा हेतु नागरिकों को मुख्य बाजार क्षेत्र मार्गो में सुगम आवागमन उपलब्ध करवाने अभियान नगर निगम के नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा और नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के मार्गदर्शन उप अभियंता नगर निवेश श्री हिमांशु चंद्राकर की उपस्थिति में चलाया गया।
नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम और नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता की टीम द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए आरएस शुक्ला मार्ग में मुख्य मार्ग एंट्री पाइंट चिकनी मन्दिर के दोनों ओर और जवाहर बाजार मार्ग होकर जयस्तम्भ चौक होकर सिटी कोतवाली चौक मुख्य मार्ग तक लगभग 2 अवैध ठेलों के कब्जे को हटाया गया और मार्ग के किनारे लगभग 11 पसरा व्यापारियो द्वारा सडक पर कब्जा जमाकर रखे गये टेबल सहित लगभग 2 बोरी जूता इत्यादि सामानों को व्यवस्था सुधारने नियमानुसार कडाई के साथ जप्त कर लिया गया। अभियान से गोलबाजार एंट्री पाइट मुख्य मार्ग से चिकनी मन्दिर जवाहर बाजार मार्ग होकर सिटी कोतवाली मुख्य मार्ग मालवीय रोड के यातायात जाम की समस्या त्योहारी सीजन में त्वरित रूप से दूर हुई और नागरिकों और व्यापारियों कोमुख्य बाजार मार्ग में सुगम आवागमन टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत त्वरित रूप से राजधानी शहर रायपुर में एक बार पुनः टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत उपलब्ध हुआ। -
-114 शासकीय एवं 134 अशासकीय विद्यालयों ने लिया भाग
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन के संबंध में जिले अंतर्गत ऐसे कार्यालय/विद्यालय जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां पोश एक्ट 2013 के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति का गठन करते हुए पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग किये जाने के निर्देश दिये है। निर्देश के परिपालन में गठित समिति की जानकारी पोर्टल पर ऑनर्बाेडिंग किये जाने के संबंध में विगत दिवस को कार्यशाला आयोजित की गयी। उक्त कार्यशाला दो पालियों (प्रथम पाली में शासकीय विद्यालय दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक एवं द्वितीय पाली में अशासकीय विद्यालय दोपहर 02.15 से 03.15 तक) आयोजित की गयी। जिसमें 114 शासकीय विद्यालय एवं 134 अशासकीय विद्यालयों ने भाग लिया। उक्त कार्यशाला का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग की प्रभारी अधिकारी श्रीमती प्रीति बाला शर्मा के द्वारा किया गया। उनके द्वारा पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग किये जाने के संबंध में लाइव जानकारी दी गयी। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग/धमधा/पाटन की सहायक संचालक श्रीमती गौरा शुक्ला, सहायक ग्रेड 03 श्रीमती प्रत्याक्षा सिंह चौहान एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर श्रीमती सीमा विश्वकर्मा और श्री चिंतामणी साहू भी उपस्थित रहें। -
-नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
दुर्ग/ आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किये गए है। नगर सेना दुर्ग के जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी श्री नागेन्द्र कुमार सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राप्त एडवायसरी में कहा गया है- पटाखा दुकाने किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी टेंट इत्यादि का न होकर, अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होने चाहिए। दुकाने एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी (साइड) पर एवं एक दूसरे के सामने न बनाई जाए। पटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल का लैंप गैस लैम्प एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबन्धित है। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबन्धित रहेगी। विद्युत तारों में ज्वाइंट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर मास्ट स्विच में फ्युज या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिए, जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बन्द हो जाए। दुकानें ट्रांसफार्मर के पास न हो और उनके ऊपर से हाई टेंशन पावर लाइन न गुजरती हो। प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किग्रा क्षमता का डीसीपी अग्नि शामक यन्त्र होना चाहिए। इसकी मारक क्षमता 6 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अंतराल में 200 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाइक /कार की पार्किंग प्रतिबंधित होना चाहिए। अग्निशमन विभाग एवं एम्बुलेंस का फोन नंबर, दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मूवमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किये गए है। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत् कार्यवाही की जाएगी।
क्या करें-
सायरीस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें। यह सुनिश्चित करें कि आप गुणा वाले पटाखे खरीद रहे हैं जो दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए अनुमोदित हो। इमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाती निकट रखे। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपडे आसानी से आग पकड़ सकते है। पटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे है। पटाखे फोड़ने के बाद इस्तेमाल किए गए पटाखों का पानी की बाल्टी में सुरक्षित तरीके से निपटान करें, ताकि किसी बची हुई चिंगारी से अग्नि दुर्घटना ना हो। एक बार में एक ही पटाखा जलाएं, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई पटाखे जलाने से बचें। पटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी रखें। पटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिससे कि उसकी चिंगारी घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़े।
क्या ना करें-
घर के अन्दर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी पटाखे ना जलाएं। पटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखों का उपयोग ना करें, पटाखों को सूखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर या वाहनों जैसी वस्तुओं से दूर रखें। यदि कोई पटाखा जलने में विफल रहता है तो उसे पुनः जलाने का प्रयास ना करें, अपितु कुछ देर प्रतीक्षा करने के उपरांत उसका सुरक्षित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में न जलाए जाएं जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दियों या मोमबत्तियों को जलते हुए उपेक्षित ना छोड़ें, विशेष रूप से पर्दा या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह की चोट लगने या जलने पर तुरन्त चिकित्सक की सलाह लें तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार ना करें। -
- भिलाई में सम्पन्न हुई 13वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप-2025
दुर्ग/ भिलाई, सेक्टर-06 गुरुनानक स्कूल में 13वीं राष्ट्रीय गतका चैम्पियनशिप-2025 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रतियोगिता में विजेताओ को पुरस्कृत किये और खिलाड़ियों में खेल भावना और अनुशासन को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिये।
स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधी एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शौर्य, अनुशासन और वीरता का प्रतीक गतका खेल के राष्ट्रीय चैंपियनशिप-2025 भव्य आयोजन से जिले के खिलाड़ियों में खेल भावना को नई ऊँचाइयाँ दी हैं, बल्कि नगर का गौरव भी बढ़ा है। भारत सरकार के खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश की सरकार निरंतर प्रयासरत है। इन योजनाओं के परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सौजन्य से भिलाई में आयोजित नेशनल गतका चैम्पियनशिप में 16 राज्यों के 500 गतका खिलाड़ियों ने सहभागिता दी। 3 दिवसीय चैम्पियनशिप के भव्य समापन समारोह में सब जूनियर, जूनियर, सीनियर सहित 3 वर्ग में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में गतका एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह, महासचिव श्री जसवंत सिंह खालसा, कोषाध्यक्ष श्री मलकित सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री मनीष पाण्डेय, श्री जसबीर सिंह, श्रीमती कल्पना स्वामी, श्री जोगा राव एवं साजन जोसफ सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। -
- पीएम आवास की राशि स्वीकृत करने दिया आवेदन
- धान पंजीयन न होने की शिकायत लेकर जनदर्शन पहुंचा कृषक
- जनदर्शन में प्राप्त हुए 92 आवेदन
दुर्ग/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 92 आवेदन प्राप्त हुए।
वार्ड नं. 16 जयंती नगर निवासियों ने बताया कि सिकोला बरती के जयंती नगर में पब्लिक स्कूल के पास स्थित वर्षों पुराने रास्ते को अज्ञात लोगों द्वारा मार्किंग कर बंद की जा रही है। यह मार्ग सार्वजनिक शौचालय के बाजू से होकर गुजरता है और मोहल्लेवासियों के लिए मुख्य आवाजाही का जरिया है। यदि इस रास्ते को बंद किया गया तो लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जमीन की सही मापजांच कराकर रास्ते की स्थिति स्पष्ट करने और आमजन को राहत दिलाने की मांग की। इस पर एडीएम ने तहसीलदार दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
ग्राम गनियारी के कृषक ने कृषि धान का पंजीयन नहीं होने की शिकायत की। किसान ने बताया कि वह लंबे समय से अपनी स्वयं की भूमि पर खेती कर रहा है और इस वर्ष भी धान उपज कर विक्रय करना चाहता है, लेकिन पंजीयन नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान ने मांग की है कि उसे अस्थायी रूप से पंजीयन की अनुमति दी जाए ताकि वह अपनी उपज बेच सके। इस पर एडीएम ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसी प्रकार जिले के बटाई व रेघ अनुबंध पर खेती करने वाले किसानों ने मांग की है कि उन्हें भी एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अनुमति दी जाए।
दुर्ग शहर के गया नगर निवासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके नाम पर राम नगर उरला में रिक्त भूमि पर मकान निर्माण हेतु पीएम आवास योजना की राशि पूर्व में स्वीकृत हो चुकी थी। लेकिन पति के निधन के कारण वे समय पर मकान निर्माण नहीं करवा सकीं। अब वे दोबारा उसी भूमि पर पक्का मकान बनवाना चाहती है। इस योजना के तहत राशि स्वीकृत किए जाने की मांग कर रही हैं। इस पर एडीएम ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग शहर विधानसभा के कुल 06 कार्याे के लिए 39 लाख 95 हजार 422 रूपए स्वीकृत किया है। प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित 02 कार्य तथा विधायक (स्कूल शिक्षा मंत्री) श्री गजेन्द्र यादव द्वारा अनुशंसित 04 कार्यों के संपादन का क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा किया जाएगा।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार विख दुर्ग अंतर्गत प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर वार्ड क्र. 01 से 30 तक एवं वार्ड क्र. 31 से 60 तक प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाईट लगाने संबंधी कार्य हेतु कुल 19 लाख 97 हजार 374 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार विधायक श्री गजेन्द्र यादव की अनुशंसा पर वार्ड क्र. 01 से 15 तक, 16 से 30 तक 31 से 45 तक एवं वार्ड क्र. 46 से 60 तक प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाईट लगाने संबंधी कार्य हेतु कुल 19 लाख 98 हजार 48 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। - - भाजपा प्रदेश कार्यालय के सहयोग केंद्र में मंत्रीगण कार्यकर्ताओं और जनता से भेंट मुलाक़ात करेंगेरायपुर। विष्णुदेव साय सरकार का सुशासन की तरफ़ एक और बढ़ता क़दम सहयोग केंद्र। भाजपा के प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक की रूपरेखा जारी की है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार से आगामी दिनों के लिए अलग-अलग मंत्रियों का सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं और जनता से भेंट मुलाक़ात करेंगे। उनकी समस्याओं को सुनेंगे और जो त्वरित ही निपटाने वाले कार्य होंगे उनका तुरंत निराकरण किया जाएगा। बाक़ी के विषयों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। सरकार की इस पहल का सभी सराहना कर रहे हैं । कार्यालय में उपस्थित होकर मंत्रीगण जनता और कार्यकर्ता के बीच उनकी समस्याओं का निदान करेंगे। यह एक स्वागत योग्य क़दम है। भाजपा रायपुर के मीडिया प्रभारी रोहित द्विवेदी ने यह जानकारी हुए बताया कि जिला अध्यक्ष रायपुर रमेश ठाकुर ने सभी से अपील की है कि इस अवसर का लाभ उठाएं।
- -स्व-सहायता समूह की बहनों को मिल रहा है स्वावलंबन का अवसररायपुर। बिहान योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा निर्मित खाद्य सामग्री एवं हस्तनिर्मित उत्पादों को दीपावली एवं त्योहारों के शुभ अवसर पर परिवारजनों एवं मित्रों को भेंट करने हेतु आकर्षक “उत्सव गिफ्ट हैंपर” तैयार किया गया है।क्षेत्रीय सरस मेला 2025 का आयोजन जिला प्रशासन एवं पंचायत विभाग द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक पहल है | इस मेले में भाग लेने के लिए देशभर से महिलाएं पहुंची है जिसमें 202 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं | महिलाएं इसमें आत्मनिर्भर बन रही है और अपना गृह उद्योग का व्यवसाय कर रही है | इन गिफ्ट हैंपरों में प्रदेश के विभिन्न जिलों :- जैसे कोंडागांव, सरगुजा, बस्तर, जशपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, कोरिया सहित अन्य जिलों की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद शामिल हैं। बिहान के माध्यम से इन उत्पादों को सुंदर गिफ्ट पैक के रूप में तैयार कर बाजार में बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। यह हैंपर वर्तमान में साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में आयोजित क्षेत्रीय सरस मेला 2025 के स्टॉल पर उपलब्ध है।समूह की सदस्य हेमलता कुर्रे ने बताया कि हमारे समूह की बहनों द्वारा तैयार किए गए होममेड कुकीज़, सत्तू लड्डू, महुआ लड्डू, काजू, एक्सॉटिक टी, घी, ढोकरा आर्ट नंदी, दीये, मोमबत्तियाँ, शॉल, ब्लैक राइस, मिलेट्स के नाश्ते सहित अनेक आकर्षक सामग्री वाले गिफ्ट हैंपर लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों की बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग दिया जा रहा है। हमें अपने गृह उद्योग से निर्मित सामग्रियों को आम जनता तक पहुँचाने का अवसर मिला है, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त करती हूँ।
- -लगातार तीसरे दिन प्रशासन ने अतिक्रमण पर की सख्त कार्रवाईरायपुर, / रायपुर जिले में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। राजस्व विभाग द्वारा ग्राम कांदूल और ग्राम काठाडीह में बड़ी कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कांदूल में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग 5–5 एकड़, कुल 10 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को राजस्व टीम ने ध्वस्त किया। यहां मुरूम रोड काटी गई और पिलर तोड़कर अवैध निर्माण को हटाया गया।इसी तरह ग्राम काठाडीह में 1.77 एकड़ भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई।पूरी कार्रवाई कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे के नेतृत्व में अतिरिक्त तहसीलदार श्री राकेश देवांगन एवं उनके राजस्व की टीम ने की।गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह में राजस्व विभाग ने रायपुर जिले के कई क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की है।
- -कलेक्टर के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाईरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायपुर जिले में अवैध रेत खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने आरंग ब्लॉक के ग्राम गुदगुदा में बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध रेत उत्खनन करने पर 2 बोट एवं 2 चैन माउंटेन मशीन जब्त की। यह कार्रवाई आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार श्री जी.एन. सिदार, राजस्व अमला तथा खनिज अधिकारी श्री हेमंत क्षेरपा एवं उनकी टीम द्वारा की गई।
- -स्कूल के सहायक शिक्षकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज मल्टीलेवल पार्किंग कलेक्ट्रेट, चौथा फ्लोर रायपुर में 26 सहायक शिक्षकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।



























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