- Home
- छत्तीसगढ़
- -सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ निरंतर काम कर रही - श्री ओ.पी. चौधरी-उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने 70 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ देने की घोषणा कीबिलासपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में 70 करोड़ 54 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। उन्होंने रायगढ़ नगर निगम में 43 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत के सात कार्यों का शिलान्यास और 70 लाख रुपए के दो कार्यों का भूमिपूजन किया। इनके साथ ही लोक निर्माण विभाग के 22 करोड़ रुपए लागत के छह कार्यों का भूमिपूजन और चार करोड़ 24 लाख रुपए के दो कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री साव ने रायगढ़ शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए छह करोड़ रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र, निर्मित आवास के हितग्राहियों को चाबी तथा स्वच्छता दीदियों को पीपीई किट भी प्रदान किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ’हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बनते ही सबसे पहले 18 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास की स्वीकृति दी गई है। महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। श्री साव ने बताया कि अकेले रायगढ़ नगर निगम को पिछले 20 महीनों में 343 विकास कार्यों के लिए 222 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। हमारी सरकार प्रदेश के शहरों के सुनियोजित विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि छत्तीसगढ़ के सात शहरों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी बने। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 700 से अधिक टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जिससे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जीएसटी उत्सव मनाया जा रहा है। जीएसटी में सुधार से वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है और आर्थिक प्रणाली सुदृढ़ हुई है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। रायगढ़ जिले को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका लाभ लोगों को सीधे तौर पर मिल रहा है। रायगढ़ में सड़क, पुल-पुलिया, नालंदा परिसर और ऑक्सीजोन जैसे कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला जिला है। रायगढ़ को एक आदर्श एवं आधुनिक जिला के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर क्षेत्र में विकास के कार्य ईमानदारी, पारदर्शिता और गति के साथ संपन्न हों। श्री चौधरी ने कहा कि सरकार बनने के मात्र 12 दिनों के भीतर किसानों को दो वर्षों का बोनस प्रदान किया गया, जो सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। किसानों के हित में धान की खरीदी 2100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिससे राज्यभर के कृषक लाभान्वित हो रहे हैं। इनके साथ ही रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना जैसी कई योजनाएँ भी संचालित की जा रही है। सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में रायगढ़ तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। रायगढ़ नगर निगम के महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि रायगढ़ में विकास की गति को नई दिशा मिली है। नालंदा परिसर, मरीन ड्राइव रोड, सड़क चौड़ीकरण जैसी परियोजनाएं रायगढ़ के स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत के सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे और नगर निगम के आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ‘जोहार रायगढ़ तथा ‘कर्तव्य' पोर्टल का किया शुभारंभउप मुख्यमंत्री श्री साव तथा वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान नागरिक सुविधा पोर्टल 'जोहार रायगढ़' एवं कर्मचारी एप 'कर्तव्य का शुभारंभ किया। 'जोहार रायगढ़' एआई चैटबॉट के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे नगर निगम की अनेक सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इनमें संपत्ति कर भुगतान की जानकारी, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, भवन अनुज्ञा, दुकान किराया, ऑनलाइन स्पोर्ट्स बुकिंग, सफाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। इस एप में शिकायत निवारण और फीडबैक की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में ‘कर्तव्य एप’ की शुरुआत नगर निगम के नियमित एवं प्लेसमेंट सफाई कर्मियों, जल संयंत्र स्टाफ तथा स्वच्छता दीदियों के लिए की गई है। इस एप के माध्यम से अब सभी कर्मचारी अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह व्यवस्था कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं कार्यकुशलता को बढ़ाने की दिशा में एक अभिनव पहल है।
- -छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी-औषध निर्माण इकाइयों और मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी तेजरायपुर ।भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणालीछत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेजभारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।
- बिलासपुर, /डराने के लिए कैंसर का नाम ही काफी है शुरूआती अवस्था में कोई तकलीफ दर्द नहीं होने के कारण बिलासपुर निवासी मरीज इसे नजरअंदाज या लापरवाही के चलते ध्यान नहीं देता है, परन्तु जब तक कुछ तकलीफ हो तब तक मरीज का कैंसर बहुत आगे की चरण तक पहुंच चुका होता है तब यह जानलेवा और खतरनाक भी हो जाता है। कुछ ऐसी परिस्थिति से संघर्ष करते हुए बिलासपुर निवासी मरीज लक्ष्मण 61 वर्षीय मुंह में कैंसर के ग्रसित सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग में इलाज के लिए पहुंचा। तंबाकू के कई वर्षों का सेवन करने से उसके मुंह में कैंसर हो गया था, लेकिन सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने जटिल इलाज व सर्जरी से मरीज की जान बचाने के सफल हुए है। चूंकि उम्र अधिक होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है। इस स्थिति में इलाज करना चुनौती पूर्ण हो जाता है।मरीज का कैंसर इतना बढ़ गया था, कि गले में उपस्थित लिंफ नोड में सूजन काफी बड़ा हो गया था। जिसका साइज 7x6 सेमी बढ़ गया था। जांच में पाया गया की कैंसर की अंतिम स्टेज से ग्रसित होने की पुष्टि हो गई। दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने सर्जरी का निर्णय लिया, इलाज के लिए आवश्यक खून जांच एक्स-रे और सिटी स्केन कराकर सुनियोजित तरीके से 7-8 घंटे की जटिल सर्जरी कर पूरा किया गया। इस सर्जरी को तीन भागों में किया गया। इसमें कैंसर के साथ संक्रमित जबड़े के हिस्से को निकाला गया। कैंसर जो गर्दन में फैल गया था, उसको निकाला गया और अंत में कैंसर को निकालने के बाद खाली जगह पर छाती से मांस जिसे पीएमएमसी फ्लैप कहते हैं, का टुकड़ा निकालकर लगाकर सर्जरी पूरी की गई।सर्जरी को डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. संदीप प्रकाश (ओरल एवं मैक्जिलोफेसियल सर्जन) विभागाध्यक्ष, डॉ. जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ. केतकी किनिकर, डॉ. हेमलता राजमणी, डॉ. प्रकाश खरे, डॉ. सोनल पटेल, के अलावा निश्चेतना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, एवं मेजर ओटी के अन्य चिकित्सक, स्टाफ, वार्ड बॉय तथा रेडियोडायग्नोसिस की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह एवं उनके अन्य स्टाफ सहित, सबके संगठित सहयोग से किया गया है। छ.ग. आयुर्विज्ञान सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन से दंत चिकित्सा विभाग कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। समय समय पर दंत चिकित्सा विभाग श्रेष्ठता साबित कर रहा है।
- -माँ कौशल्या धाम जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित संत राजयोगी श्री रामजानकी दास महात्यागी के श्रद्धाजंली सभा में होंगे शामिलबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार 07 अक्टूबर को बालोद जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय कल 07 अक्टूबर को जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम बड़े जंुगेरा स्थित माँ कौशल्या धाम श्री जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित संत राजयोगी श्री रामजानकी दास महात्यागी के श्रद्धांजली सभा में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 02.35 बजे पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर हेलीपेड से हेलीकाप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 03.10 बजे डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम बड़े जुंगेरा हेलीपेड में पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 03.10 बजे बड़े जुंगेरा हेलीपेड से सड़क मार्ग से प्रस्थान कर दोपहर 03.15 बजे माँ कौशल्या धाम श्री जामड़ी पाटेश्वर आश्रम पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय श्री जामड़ी पाटेश्वर आश्रम पहुँचकर दोपहर 03.15 बजे से अपरान्ह 04.15 बजे तक जामड़ी पाटेश्वर धाम में आयोजित संत राजयोगी श्री रामजानकी दास महात्यागी के श्रद्धांजली सभा में शामिल होंगे। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 04.15 बजे सड़क मार्ग द्वारा माँ कौशल्या धाम श्री जामड़ी पाटेश्वर आश्रम से बड़े जुंगेरा हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री साय बड़े जुंगेरा हेलीपेड पहुँचकर अपरान्ह 04.20 बजे हेलीकाप्टर द्वारा पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे।
- भिलाईनगर। सांसद खेल महोत्सव 2025 का शुभारंभ आज हुआ। इसका मुख्य उदद्ेश्य संसदीय क्षेत्र में जमीनी स्तर पर खेल आंदोलन का नेतृत्व करने हेतु सशक्त बनाना। यह महोत्सव मंत्रालय की दृष्टि के अनुरूप खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, स्वदेशी एवं मुख्यधारा खेल को प्रोत्साहित करने, युवाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा फिट इंडिया आंदोलन का समर्थन करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह खेल संसदीय क्षेत्रों में योजना, क्रियान्वयन, प्रचार-प्रसार एवं विरासत निर्माण के लिए एक समान एवं उच्च मानक सुनिश्चित करेगा तथा जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान पर विशेष ध्यान देगा।सांसद खेल महोत्सव के लिए पंजीयन की तिथि 11 सितम्बर से 25 सितम्बर 2025 तक किया जा चुका है। इसमें व्यक्तिगत खेल एथेलिटिक्स, गेड़ी, योगासन, वेटलिफ्टििंग, कुश्ती, फुगड़ी एवं सुरीली कुर्सी एवं सामूहिक खेलों में वालीबाॅल, खो-खो एवं कबड्डी को शामिल किया गया है। इस खेल में महिला, पुरूष, दिव्यांग प्रतिभागी की आयु 9 से 15 वर्ष, 15 से 30 वर्ष व 30 से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागी शामिल हो सकते है। खेल का लेवल ग्राम पंचायत व नगरीय प्रशासन वार्ड में 6 से 10 अक्टूबर, कलस्टर व नगरीय में 11 से 17 अक्टूबर, विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 नवम्बर एवं लोकसभा क्षेत्रों में 23 से 25 दिसम्बर तक खेला जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में प्रतियोगिता आयोजन के नोडल अधिकारी आयुक्त एवं नगर पालिक अधिकारी होगें। खेल के दौरान विधानसभा भिलाईनगर-65 के लिए ड्रेस कलर लाल-निला एवं वैशालीनगर-66 के लिए गुलाबी रखा गया है।नगर पालिक निगम भिलाई शहर के प्रतिभागी एवं इच्छुक महिला/पुरूष से अपील करती है कि इस खेल महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने हुनर को आगे बढ़ाने का लाभ उठावें। खेल में विजेता खिलाड़िको को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित भी किया जाएगा।
- - नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव का किया गया हार्दिक स्वागत- संस्कारधानी में सभी से मिला स्नेह एवं सहयोग : निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे- शासन की योजनाओं के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए टीम करे अच्छा कार्य : नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादवराजनांदगांव । निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे को केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर ज्वाइंट कमिश्रर टेक्सटाईल्स के पद पर नियुक्त होने पर आज उन्हें कलेक्टोरेट सभाकक्ष में भावभीनी विदाई दी गई तथा नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव का हार्दिक स्वागत किया गया।निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि लगभग पांच माह की अल्प अवधि में अनुशासन एवं टीम भावना के साथ सभी ने कार्य किया। उन्होंने कहा कि संस्कारधानी में सभी से स्नेह एवं सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अच्छा कार्य किया गया। राजनांदगांव जिले की प्रशासनिक टीम बहुत अच्छी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप लोकहित से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए गए। नवनियुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव कार्य के प्रति मेहनती एवं समर्पित है। ऐसे कार्य जो प्रारंभ हो गए है, उन्हें परिणाम तक ले जाने का दायित्व उन पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने तत्परता एवं निष्ठा के साथ कार्य किया तथा इस छोटे से कार्यकाल को यादगार बनाया। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा वृहद अभियान चलाकर नागरिकों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र बनाया गया। राजनांदगांव जिले को माँ बम्लेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त है। डोंगरगढ़ में परिक्रमा पथ का शुभारंभ हो गया है। शिक्षा विभाग के सहयोग से नीट, जेईई के लिए कोचिंग प्रारंभ की गई है। एजुकेशन हब में प्रयास हास्टल प्रारंभ हो गया है। सिंचाई विभाग, खेल विभाग, शिक्षा विभाग, गृह निर्माण मंडल, कौशल विकास, दिग्विजय स्टेडियम में निर्माण कार्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्य को दिशा देने तथा निर्धारित लक्ष्य तक ले जाने के लिए कोशिश की गई।नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे को केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर ज्वाइंट कमिश्रर टेक्सटाईल्स के पद पर पदस्थ होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कम अवधि में राजनांदगांव जिले में बहुत अच्छा कार्य किया है और आगे भी उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उन्होंने सभी से कहा कि शासन की योजनाओं के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए टीम अच्छा कार्य करें। उन्होंने कहा कि लोकहित के लिए टीम भावना के साथ सभी अच्छा कार्य करेंगे।एसडीएम डोंगरगांव आईएएस श्री एम भार्गव ने कार्यक्रम को संबोधित किया। अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के कार्यकाल में जल शक्ति अभियान, वृहद सेवा स्वास्थ्य शिविर व आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र शिविर एवं उनके योगदान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अल्प अवधि में उनके द्वारा अविस्मरणीय कार्य किया गया है। जिसमें ई-ऑफिस का शुभारंभ, नीट-जेईई की ऑनलाईन कोचिंग तथा सुशासन तिहार में विभिन्न आयामों में कार्य किया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम चंद पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-
राजनांदगांव । जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज अपरान्ह कलेक्टोरेट पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव को कार्यभार सौपा।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव वर्ष 2019 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। कलेक्टर ने जिले में चल रहे विभिन्न कार्यों के संबंध में चर्चा की। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम चंद पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर । बस्तर संभाग के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने, उनकी रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को निखारने तथा बस्तर क्षेत्र की जनता का शासन से प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने पिछले वर्ष की भांति इस साल भी “बस्तर ओलंपिक” का आयोजन किया जा रहा है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में विकासखंड स्तर से लेकर संभाग स्तर तक इसका आयोजन किया जाएगा। “बस्तर ओलंपिक” में एथलेटिक्स (100 मी., 200 मी., 400 मी., लम्बी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस-थ्रो, जैवलिन-थ्रो, 4X100 मी. रिले रेस), तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, कराते, वॉलीबॉल तथा महिला सीनियर वर्ग के लिए रस्साकसी सहित जिला स्तर पर हॉकी एवं वेट लिफ्टिंग की स्पर्धाएं होंगी।ये प्रतियोगिताएं दो वर्गों - जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) बालक-बालिका और सीनियर वर्ग महिला-पुरुष जिसमें आयु सीमा नहीं रखी गई है, में होंगी। विकासखंड स्तर पर चयनित खिलाड़ी जिला स्तरीय स्पर्धाओं में भाग लेंगे। “बस्तर ओलंपिक-2025” के तहत विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर के बीच होंगी। कांकेर जिले में विकासखंड स्तरीय आयोजन के बाद दो दिनों के भीतर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागियों के पंजीयन फॉर्म, प्रतिभागियों की सूची, अंक विवरण तथा संबंधित अभिलेख जिला खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, इण्डोर स्टेडियम कांकेर को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- -योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश-राज्यपाल रमेन डेका ने आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में ली अधिकारियों की बैठकरायपुर,। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान सोमवार को आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के जनपद पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।राज्यपाल श्री डेका ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पीएम आवास, सामाजिक विकास, वित्तीय समावेशन एवं बुनियादी ढांचे के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी विकासात्मक कार्यों को शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने पर जोर देते कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाएं एवं मुख्यधारा में जोड़ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में ली अधिकारियों की बैठकश्री डेका ने जल संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में जल संचयन के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने डबरी निर्माण, शोख पिट (सोखता गड्ढा), इंटकवेल जैसे संरचनात्मक कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संग्रहण हो सके और भू-जल स्तर में सुधार हो सके। बैठक में पर्यटन, संस्कृति ,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षण से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावाराज्यपाल ने पशुपालन को ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह पोषण सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पहल की जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाए। उन्होंने हेलमेट और यातायात नियमों के प्रति सतत् जागरूकता लाने के निर्देश भी दिए।महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना कीराज्यपाल श्री डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समूहों की आर्थिक गतिविधियों का ओर विस्तार किया जाए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले। स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण, राज्य एवं जिला स्तर पर विषय-विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने निर्देशित किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए मैदानी भ्रमण करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।एक पेड़ मां के नाम लगाने प्ररित करेंएक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिशन बताते हुए राज्यपाल ने सभी को पेड़ लगाने और दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सभी सरकारी कार्यालयों में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जनपद परिषद में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधा रोपित किए। राज्यपाल श्री डेका ने आकांक्षी ब्लाक अंतर्गत दसवीं कक्षा में जिले में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने पर कुमारी भूमिका रजवाड़े को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
- रायपुर।, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज भटगांव विधानसभा अंतर्गत ग्राम गणेशपुर में आयोजित कर्मा नृत्य प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कर्मा तिहार हमारी सांस्कृतिक एकता और श्रम संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए लोक परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, महिला समूह और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
-
-स्व-सहायता समूह की दीदियों के द्वारा उत्पादित सामग्री का किया अवलोकन, आगे बढ़ने किया प्रेरित
रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान ग्राम जुड़वानी नवापारा की मीरा प्रजापति एवं पहाड़ी कोरवा हितग्राही ग्राम लब्जी की नमिता को शॉल प्रदान कर सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं गई। वहीं दो हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड, दो हितग्राहियों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत अतिरिक्त पोषण आहार का वितरण किया गया।राज्यपाल श्री डेका इस दौरान स्व-सहायता समूह की दीदियों से मिले। उन्होंने दीदियों द्वारा निर्मित की गई सामग्रियों का अवलोकन किया। ग्राम पंचायत कुन्नी की गायत्री महिला समूह द्वारा बनाए गए खाद्य सामग्रियों का अवलोकन कर आय की जानकारी ली। इसी प्रकार उन्होंने दीदियों द्वारा बनाए गए सजावटी सामग्रियों, बेकरी उत्पादों, कोसा शॉल, बोरा आदि का अवलोकन कर लागत एवं आय की जानकारी ली तथा आवश्यकताओं के बारे में पूछा। राज्यपाल श्री डेका ने महिलाओं को अन्य गतिविधियों का संचालन कर आगे बढ़ने प्रेरित किया। इस दौरान लोसंगी की बीसी सखी श्रीमती बालेश्वरी यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 से अब तक 11 करोड़ रुपए का ट्रांसेक्शन किया है, राज्यपाल श्री डेका ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। - -युवा कार्यकर्ताओं ने मनाया ’’स्वच्छोत्सव’’-प्रज्ञा प्रकाश निगमरायपुर।’’स्वच्छ भारत मिशन’’ में आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था अखिल विश्व गायत्री परिवार ने भी सहभागीता की है। भारत को स्वच्छ और स्वस्थ्य बनाने के गुरुदेव के दृष्टिकोण को साकार करने के लिये युगतीर्थ-गायत्रीतीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार रायपुर के युवा प्रकोष्ठ एवं वरिष्ठ परिजनों के द्वारा दिनांक 05 अक्टूबर 2025 रविवार की प्रातः गायत्री शक्ति पीठ समता कॉलोनी रायपुर के परिसर में साफ सफाई की गई। गायत्री परिवार द्वारा विगत कई वर्षों से विभिन्न शहरों और गांवों में स्वच्छता अभियान चला रहा है, जिसमें नदियों व तटों, जल स्त्रोतों, तीर्थ स्थान/धार्मिक स्थान/पूजा स्थल एवं सार्वजनिक स्थानों सफाई की जाती है। स्वच्छता अभियान में गायत्री परिजनों द्वारा सामुदायिक सहभागिता का परिचय देते हुए युवा और वृद्ध सभी आयु वर्ग के महिला-पुरुष स्वैच्छिक रुप से भाग लेते हैं और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।गायत्री परिवार रायपुर के युवा प्रकोष्ठ प्रभारी श्री आशीष राय ने कहा कि मंदिर केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और श्रद्धा का प्रतीक हैं इसलिये रायपुर में युवा प्रकोष्ठ द्वारा स्वच्छता अभियान की शुरुआत ’’स्वच्छोत्सव’’ के रुप में सर्वप्रथम अपने ही मंदिर परिसर की सफाई कर करेंगे। स्वच्छोत्सव के तहत मंदिर परिसर में निर्मित यज्ञ शाला के चारो ओर, भोजनशाला, सभागार एवं नालियों की सफाई की गई।गायत्री परिवार रायपुर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी ने इस अवसर पर कहा कि परप पूज्य ने गुरुदेव का कथन है कि ’’हम बदलेंगे-युग बदलेगा, हम सुधरेंगे-युग सुधरेगा’’ इसी आधार पर प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता अभियान की शुरुआत अपने अपने घरों से करनी चाहिए। सर्वप्रथम वह अपने-अपने घरों एवं घर के आसपास की सफाई स्वयं से करे। यदि ऐसा हो गया तो सभी घर से मोहल्ला, मोहल्ला से गांव, गांव से शहर, शहर से राज्य एवं राज्य से देश अपने आप स्वच्छ होता चला जायेगा।स्वच्छता अभियान के बाद युवा कार्यकर्ता दिलेश्वर, श्रद्धा, मेघा, प्रगति एवं मनीषा के द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरुक किया गया। नाटक के द्वारा बताया गया कि हमें पॉलिथिन एवं अन्य कचड़ा को कूड़ेदान में ही डालना है साथ ही सार्वजनिक स्थल में थूकना नहीं है। इससे अनेक बिमारियां फैलती है।अंत में गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने स्वच्छता अभियान में भागीदारी देने हेतु उपस्थित सभी जनों का आभार प्रदर्शन किया साथ ही सभी परिजनों से प्रति सप्ताह अपने अपने मोहल्लों में एक साथ एकत्रित होकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई करने एवं वहां के स्थानीय वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने के लिये कहा गया साथ ही सत्संकल्प का पाठ करवाया गया।स्वच्छता अभियान में उक्त के अलावा विशेष रुप से नारायण सिंह यदु, जगन्नाथ साहू, गीता शर्मा, गायत्री, हंसराम (सपरिवार), नंदकिशोर, ऐश्वर्य, तोरण, कोमल, नीलम सिन्हा, अजय व संजय उपस्थित थे।
- रायपुर,। आज राज्यपाल श्री रमेन डेका से महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रतापपुर स्थित विश्राम भवन में सौजन्य भेंट की। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय गतिविधियों एवं प्रदेश में संचालित महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी राज्यपाल को दी।राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उन्हें निरंतर प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुभकामनाएँ दीं। भेंट के दौरान राज्यपाल और मंत्री श्रीमती राजवाड़े के बीच पोषण अभियान, आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा महतारी वंदन योजना के सकारात्मक प्रभाव पर भी चर्चा हुई।
-
- कड़ी मेहनत, मन लगाकर पढ़ने बच्चों को किया प्रेरित
-विद्यालय को 5 कम्प्यूटर सिस्टम प्रदान करने घोषणा की गईरायपुर।, राज्यपाल श्री रमेन डेका सरगुजा जिला प्रवास के दौरान सोमवार को विकासखण्ड लखनपुर के रजपुरीकला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां बालिकाओं से मिलकर कहा कि कड़ी मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। राज्यपाल श्री डेका ने इस दौरान विद्यालय को 5 कम्प्यूटर सिस्टम प्रदान करने की घोषणा की।जब राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों से पूछा कि भविष्य में क्या बनना चाहती हैं, तो बच्चों ने अपनी-अपनी इच्छा जाहिर की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आप जो सपना देख रहें हैं, उसे साकार करने के लिए कडी मेहनत करनी होगी। अपना लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी के साथ आगे बढ़े, मन लगाकर पढ़ाई करें, सफलता जरूर मिलेगी। श्री डेका ने शिक्षकों सेे कहा कि शिक्षक बच्चों को राह दिखाते हैं, इसलिए शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझें, बच्चों के प्रति अच्छा व्यवहार रखें। उन्होंने बच्चों को शिक्षक के साथ अच्छा व्यवहार करने, उनका आदर करने कहा। उन्होंने कहा कि हमें गिरने पर खड़े होने की ताकत शिक्षक से ही मिलेगी। इसी प्रकार उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने माता-पिता का सम्मान करें, आवश्यकतानुसार ही मोबाईल का उपयोग करें। - -रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाएरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
-
बलौदाबाजार/ कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को क़ृषि, खाद्य, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर छूटे हुए किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन एवं आगामी खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने छूटे हुए किसानों का शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने एवं सुचारु रूप से धान खरीदी के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि अब तक सर्वाधिक किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन बलौदाबाजार -भाटापारा जिले में हुआ है फिर भी कुछ किसान पंजीयन के लिए छूटे है। इनमे नगरीय निकाय, अन्य राज्यों के एप्प में पंजीयन एवं वनाधिकार पत्र वाले किसान शामिल हैं। उन्होंने समितिवार छूटे हुए किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने आगामी खरीफ सीजन हेतु समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी के लिए समितियों एवं संग्रहण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था, धान उठाव, निगरानी, किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने बताया कि इस बार लगभग 39 नये खरीदी केंद्र बनाए जा रहे है। नवीन केंद्रों में भी सभी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। - रायपुुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कबीरधाम जिले के चिल्फी घाटी में हुए हादसे पर शोक व्यक्त किया है।श्री साय ने सोशल मीडिया पर अपने संवेदना संदेश में लिखा- इस दुर्घटना में 3 महिला शिक्षिकाओं सहित कुल 5 लोगों के असमय निधन एवं कुछ के घायल होने से मन व्यथित है। घायलों के उपचार हेतु तत्काल उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया है। मेरी संवेदनाएं पीडि़तों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।गौरतलब है कि कबीरधाम जिले में रविवार को एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और ट्रक की टक्कर में तीन महिलाओं व एक नाबालिग लड़की समेत पांच लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये लोग मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान घूमने के बाद कोलकाता जाने वाली ट्रेन में सवार होने के लिए बिलासपुर जा रहे थे।
- रायपुर, /खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
-
मुंगेली । लोरमी-सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख संगठन द्वारा निकाली गई शहादत यात्रा आज लोरमी पहुंची। स्थानीय सिख समाज ने यात्रा का अत्यंत भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया, जो गुरु साहिब के बलिदान की अमर गाथा को समर्पित है।
रायपुर से प्रारंभ हुई यह यात्रा सिख समाज के गौरवशाली इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पूरे भारत में सिख समुदाय का इतिहास हमेशा से देशभक्ति और सेवा का प्रतीक रहा है। मुगल काल से लेकर अंग्रेजी शासन, 1965-71 के युद्धों, पड़ोसी देशों के छद्म हमलों और कोरोना महामारी के दौरान की सेवा कार्यों में सिख समाज ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है, भले ही देश की कुल आबादी में उनका प्रतिशत मात्र 2% हो।गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों की पुकार पर धर्म, तिलक-जनेऊ की रक्षा के लिए अत्याचारी मुगल बादशाह औरंगजेब की नीतियों का डटकर मुकाबला किया। परिणामस्वरूप, दिल्ली लाए गए गुरु साहिब को उनके तीन वफादार साथी भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला जी सहित सैकड़ों अनुयायियों के साथ गिरफ्तार किया गया। चांदनी चौक में सैकड़ों शिष्यों को शहीद करने के बाद, भाई सती दास जी को आरी से चीर दिया गया, भाई मति दास जी को जीवित जला दिया गया और भाई दयाला जी को उबाल कर मार डाला गया। अंत में, गुरु साहिब का शीश धड़ से अलग कर दिया गया। आज दिल्ली के चांदनी चौक में शीश गंज और रकाब गंज गुरुद्वारा इन शहीद स्थलों की साक्षी खड़े हैं।इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा रायपुर से निकाली गई शहादत यात्रा आज लोरमी पहुंची, जहां लोरमी सिख समाज ने उनका हार्दिक स्वागत किया। पंज प्यारों की अगुवाई में शबद कीर्तन करते हुए नगर कीर्तन निकाला गया। सड़कों पर फूल बिछाकर यात्रा का स्वागत किया गया, जो आस्था और श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। कीर्तन का समापन लोरमी गुरुद्वारा में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के दर्शन किए।गुरुद्वारा परिसर में आयोजित सभा में सिख समाज के मीडिया प्रभारी आकाश सलूजा ने मंच संचालन किया। रायपुर से आए इंदरपाल सिंह अजमानी ने यात्रा के उद्देश्य, मार्ग और महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा गुरु साहिब के बलिदान की याद दिलाती है और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। सिख समाज के अध्यक्ष अनिल सलूजा ने सभी सहयोगियों, यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का बलिदान आज भी हमें एकता, साहस और मानवता की सेवा का संदेश देता है।यात्रा मर शामिल रायपुर से आये इंद्रजीत सिंह छाबड़ा,कुलदीप सिंह चावला,सतपाल सिंह खनूजा,इंदरपाल सिंह अजमानी,आशीष सिंह खनूजा,अर्श सिंह,रायपुर से आये ग्रंथी जी वही लोरमी सिख समाज के प्रधान अनिल सलूजा,मंजीत सलूजा,शैलेंद्र सलूजा,आकाश मोंटी सलूजा,रिक्की सलूजा,गुरमीत सलूजा,अमित सलूजा,रितेश सलूजा,बबलू छाबड़ा बंटी छाबड़ा पप्पू छाबड़ा, इंद्रजीत छाबड़ा,पप्पू सलूजा राजू सलूजा पिंटू उपवेजा रितु छाबड़ा बंटी उपवेजा राजू उपवेजा अशोक सलूजा रंजीत सलूजा, मिंटू छाबड़ा,राम छाबड़ा,रानू राहुल साहनी राजवीर बग्गा देवेंद्र सलूजा आशुतोष सलूजा विकास सलूजा नवीन सलूजा,गगन सलूजा,अमन सलूजा,शुभम सलूजा, सनी सलूजा शैम्पी सलूजा, रौनक सलूजा पवन सलूजा,सागर सलूजा सिद्धार्थ छाबड़ा राज सलूजा एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई.. - बेमेतरा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आगामी 9 अक्टूबर को प्रस्तावित बेमेतरा प्रवास एवं विभिन्न लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम जिले के ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रणबीर शर्मा ने आज सुबह 10 बजे बेसिक स्कूल मैदान पहुँचकर मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा परिधि, यातायात नियंत्रण एवं आमजन की सुविधा से संबंधित तैयारियों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएँ ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के समय किसी भी प्रकार की कमी न रहे।मैदान में बैठक एवं तैयारी की समीक्षाकलेक्टर ने अधिकारियों के साथ मैदान में ही बैठक आयोजित कर पंडाल, मंच, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, मीडियाकर्मियों के लिए स्थान, पार्किंग व्यवस्था तथा आम जनता की बैठने की सुविधा की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत, रंग-रोगन और सजावट के कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। नगर पालिका को मैदान की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, और शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था स्थल पर रखने के निर्देश दिए गए।कलेक्टरेट में विस्तृत समीक्षा बैठकइसके पश्चात कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कलेक्टरेट स्थित दिशा सभाकक्ष में सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आगमन कार्यक्रम के विस्तृत प्रोटोकॉल और अधिकारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत, मंच संचालन, सुरक्षा, मीडिया समन्वय और नागरिक सुविधा से जुड़ी हर व्यवस्था पूर्व निर्धारित समय से पहले पूर्ण होनी चाहिए। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों के प्रति सजग रहें और समन्वय बनाकर कार्य करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह अवसर जिले के लिए गौरवपूर्ण है, इसलिए तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को टीम बनाकर कार्य की मॉनिटरिंग करने और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रवास के दौरान जिले में कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जलप्रदाय और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और जिले के विकास हेतु नई योजनाओं की घोषणाएँ भी कर सकते हैं।
- बेमेतरा । जिला बेमेतरा में 108 संजीवनी एक्सप्रेस टीम की तत्परता और सूझबूझ ने एक बार फिर मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश की है। रविवार की रात बेरला विकासखंड के ग्राम ढाबा निवासी गर्भवती महिला हेमवती निषाद (26 वर्ष) पत्नी विकास निषाद को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने घबराहट की स्थिति में रात लगभग 10:30 बजे 108 संजीवनी एक्सप्रेस को कॉल किया। सूचना मिलते ही पायलट भूपेन्द्र कुर्रे और ईएमटी रामगोपाल देवांगन तत्काल एम्बुलेंस लेकर गांव ढाबा पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गर्भवती महिला को सावधानीपूर्वक एम्बुलेंस में बैठाया गया और टीम तेजी से पीएचसी गुधेली की ओर रवाना हुई।रास्ते में कुछ ही दूरी तय करने के बाद हेमवती की प्रसव पीड़ा असहनीय रूप से बढ़ गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए ईएमटी रामगोपाल देवांगन ने तत्काल ईआरसीपी के माध्यम से ड्यूटी डॉक्टर से संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। डॉक्टर की सलाह और परिजनों की सहमति से एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका गया और प्रसव प्रक्रिया प्रारंभ की गई। ईएमटी रामगोपाल ने अपने अनुभव और शांतचित्त निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए सफलतापूर्वक प्रसव कराया। कुछ ही क्षणों बाद एम्बुलेंस में नवजात बच्ची की किलकारी गूंज उठी, जिससे पूरे वातावरण में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रसव के पश्चात मां और बेटी दोनों को सुरक्षित रूप से पीएचसी गुधेली में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की स्थिति स्वस्थ बताई गई है। परिजनों ने 108 संजीवनी टीम के त्वरित कार्य, मानवीय संवेदना और समर्पण के लिए हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया।
- -दो साल में विकास की नई उंचाई छू रहा है जिला जशपुर-6 करोड़ 19 लाख से होगा आठ स्कूलों भवनों का निर्माणरायपुर ।पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्रजिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल सकेगा।आठ स्कूल भवन का होगा निर्माणसीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।
- रायपुर। कभी जंगलों में बंदूक थामे रहने वाली जैमेर निवासी श्रीमती नीला कवासी आज विकास और शांति की मिसाल बन चुकी हैं। गरीबी और मजबूरी ने उन्हें नक्सल रास्ते पर धकेल दिया था, लेकिन दिल के किसी कोने में वह हमेशा एक शांतिपूर्ण जीवन का सपना देखती थीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में नक्सलियों को नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया, तब नीला ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने आत्मसमर्पण कर न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ा बल्कि अपने परिवार के लिए नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।आत्मसमर्पण के बाद शासन-प्रशासन ने नीला को विभिन्न पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्हें एक पक्का घर और शौचालय की सुविधा मिली। यह घर उनके लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि जीवन के संघर्ष पर विजय का प्रतीक बन गया। तकनीकी व रोजगार सहायक ने घर निर्माण की निगरानी और बैंकिंग प्रक्रियाओं में उनका पूरा सहयोग किया। आज नीला अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन जी रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।भावुक नीला कहती हैं कि पहले हमारे कच्चे घर में बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार तो सोने की जगह नहीं बचती थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत हमें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। मैं अपने परिवार के साथ चौन की नींद सो पाती हूँ। लोग उन्हें मिसाल के रूप में देखते हैं कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। नीला कवासी प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री जी का तहे दिल से अभारी हूँ। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने हमारे जीवन में उजाला भर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मुझे नया जीवन मिला है, यह उपकार मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी। जिला प्रशासन नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत ऐसे सभी व्यक्तियों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा है। सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जा रहा है।
- -रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन-जहाँ कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँजरायपुर ।कभी नक्सल प्रभाव के कारण वीरान पड़ा जगरगुंडा अब फिर से जीवन और उल्लास से भर उठा है। डेढ़ दशक पहले यहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था वहीं अब जगरगुंडा में बदलाव की बयार दिखने लगी है। जहां गोली बारूद की भयानक आवाज से लोग दहशत में आ जाते थे अब नवरात्रि में रास-गरबा की गूंज सुनाई दे रही है। 2006 के बाद सलवा जुडूम अभियान के चलते यहां का सामाजिक जीवन लगभग ठहर सा गया था। न तो सड़कें थीं, न बिजली, न स्वास्थ्य सेवाएँ। चारों ओर सुरक्षा घेरे और कंटीले तारों से घिरा यह इलाका एक समय “प्रवेश वर्जित क्षेत्र” माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शासन-प्रशासन की निरंतर कोशिशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जगरगुंडा में फिर से रौनक लौट आई है। सड़के, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ अब इस क्षेत्र को तीन जिलों से जोड़ रही हैं।नवरात्र पर्व बना पुनर्जागरण का प्रतीकइस वर्ष जगरगुंडा में डेढ़ दशक बाद नवरात्र का भव्य आयोजन किया गया। पूरे ग्राम ने मिलकर माता की प्रतिमा स्थापित की, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत की युवा सरपंच नित्या कोसमा ने पूरे आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति गीतों और सामाजिक मेलजोल का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद जगरगुंडा में ऐसा उल्लास देखा है मानो भय के अंधेरे को उजाले की रोशनी ने मिटा दिया हो।पहली बार जगरगुंडा में रास-गरबा का आयोजनइतिहास में पहली बार जगरगुंडा में रास गरबा का आयोजन किया गया यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम था बल्कि जगरगुंडा के सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। सरपंच नित्या कोसमा ने स्वयं महिलाओं और छात्राओं को गरबा का प्रशिक्षण दिया और देर रात तक चले इस आयोजन में सबको शामिल किया।अब जगरगुंडा में डर नहीं, विकास की गूंज हैआज जगरगुंडा में नई सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी योजनाओं की पहुंच से विकास की नई सुबह हो चुकी है। अब यह क्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण संपर्क बिंदु बन रही है। स्कूलों में बच्चों की आवाज़ें गूंजती हैं, बिजली की रौशनी से घर जगमगाते हैं, और लोग फिर से तीज-त्योहार मनाने लगे हैं।जगरगुंडा पंचायत की महिलाओं ने बताया कि पहले जहां शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में संगीत और ताल की गूंज सुनाई देती है। ग्रामीणों ने सरपंच नित्या कोसमा का आभार जताते हुए अगले वर्ष इसे और भी भव्य रूप में मनाने की बात कही।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1191.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 1618.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 546.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1132.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 985.7 मि.मी., गरियाबंद में 1213.4 मि.मी., महासमुंद में 1035.5 मि.मी. और धमतरी में 1138.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1184.7 मि.मी., मुंगेली में 1157.5 मि.मी., रायगढ़ में 1370.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1098.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1381.9 मि.मी., सक्ती में 1254.4 मि.मी., कोरबा में 1168.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1094.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 932.0 मि.मी., कबीरधाम में 856.6 मि.मी., राजनांदगांव में 1002.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1454.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 890.0 मि.मी. और बालोद में 1288.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।


.jpg)

.jpg)






















.jpg)