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- दुर्ग / जिला मुख्यालय दुर्ग में आईटी पार्क शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है, भवन एवं परिसर में सभी आवश्यक तैयारी द्रुत गति से पूरी की जा रही है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज आईटी पार्क का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने निगम आयुक्त दुर्ग को भवन की आवश्यक मरम्मत, रंग रोगन, कमरों में विद्युत कनेक्शन, परिसर में प्रकाश व्यवस्था एवं गाडनिंग, नेट सुविधाएं तथा आईटी कम्पनियों को आवश्यकता के मुताबिक कमरे आदि प्रबंध करने निर्देशित किया।उल्लेखनीय है कि विगत दिवस दुर्ग आईटी पार्क हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी की मौजूदगी में आईआईटी भिलाई और विभिन्न 40 आईटी कम्पनियों के मध्य एमओयू सम्पन्न हुआ है।कलेक्टर श्री सिंह ने दुर्ग में निर्माणाधीन नालन्दा परिसर, पुलगांव नाला एसटीपी और निर्माणाधीन वृद्धाश्रम के अद्यतन प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कांट्रेक्टरों को निर्माण कार्य को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये।इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता एवं निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - चेयरमेन डॉ रोहित यादव ने जी बधाई, प्रबंध निदेशक एसके कटियार ने लिया पुरस्काररायपुर । इंडियन पावर स्टेशन (ओ एंड एम) कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। रायपुर में एनटीपीसी व्दारा आयोजित इंडियन पावर स्टेशन ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली क्षेत्र की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। राजधानी के दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जनरेशन कंपनी के अंतर्गत संचालित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत केंद्र,(डीएसपीएम) कोरबा पूर्व को वर्ष 2024-25 के लिए “सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्युत केंद्र सम्मान” प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान कंपनी के प्रबंध निदेशक एस. के. कटियार ने ग्रहण किया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।यह सम्मान केंद्र के उत्कृष्ट उत्पादन, उच्च कार्यकुशलता तथा विश्वसनीय संचालन का प्रतीक है। सम्मेलन में विद्युत उत्पादन की गुणवत्ता, आपूर्ति की विश्वसनीयता, तापीय विद्युत केंद्रों की दक्षता तथा भविष्य में अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा संचयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर देशभर के विद्युत उत्पादन संगठनों के प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।विशेषज्ञों ने बदलते ऊर्जा परिदृश्य में आधुनिक तकनीक तथा बेहतर प्रबंधन व्यवस्था अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।इस उपलब्धि से न केवल छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ा है। आयोजन के दौरान उपस्थित अतिथियों ने केंद्र की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे राज्य के विद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और समर्पण का परिणाम बताया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के वीर जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है और यह क्षति अपूरणीय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक को कार ने टक्कर मार दी, जिसकी वजह से कार में सवार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तीन जवानों और एक चालक की मौत हो गई जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज सिंह परिहार ने बताया कि दुर्घटना जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धमतरी बाईपास के पास खपरी गांव में सुबह करीब आठ बजे हुई। उन्होंने कहा कि कार में सीआरपीएफ की विशिष्ट इकाई 'कोबरा' (कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) के कमांडो शामिल थे। उन्होंने बताया कि मृतक कोबरा की 201वीं बटालियन के जवान थे।अधिकारी ने कहा कि कोबरा के चार जवान और कार चालक बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर से रायपुर जा रहे थे ताकि वहां से छुट्टी पर अपने पैतृक स्थानों के लिए रवाना हो सकें। एसपी ने बताया कि कार खड़े ट्रक से टकरा गई और टक्कर इतनी भीषण थी कि एक जवान और चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य जवानों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। परिहार ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चालक को नींद आ गई होगी जिससे तेज रफ्तार वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराया। उन्होंने बताया कि मृतकों में सीआरपीएफ कर्मी सौरभ तोमर, मुकेश कुमार, राजकुमार गोड और चालक हीरालाल नगर शामिल हैं। वहीं, घटना में घायल कमांडो अभिमान राय (28) को इलाज के लिए रायपुर भेज दिया गया है।
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-रायगढ़ प्रवास के दौरान अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री, गुरु दर्शन कर लिया आशीर्वाद
रायपु / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर के प्रिय शिष्य पूज्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन कर स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा हमारी सबसे बड़ी धरोहर है और अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यहाँ आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और नैतिक दिशा प्रदान करती है, जो जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की भावना पहुँचाना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रख्यात कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि (15 फरवरी 2026) पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान का जीवन और साहित्य राष्ट्रभक्ति, साहस और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणास्रोत है। उनकी अमर कविता “झाँसी की रानी” आज भी देशवासियों के हृदय में स्वाभिमान और वीरता की ज्योति प्रज्वलित करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुभद्रा जी ने अपने लेखन के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना को जन-जन तक पहुँचाया। उनकी रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम और आत्मगौरव की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
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-बढ़ी विकास की रफ्तार, दूरवर्ती क्षेत्रों में पहुंच रही विकास की रोशनी
रायपुर।,सड़कों और पुलों के निर्माण के बाद विकास व समृद्धि के रास्ते अब साफ नजर आने लगे हैं। सरकार ने अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे जिन इलाकों में पहले आवागमन कठिन था, वहां अब सालभर संपर्क बना हुआ है। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है और विकास कार्यों को नई गति मिली है।पिछले दो वर्षों में कांकेर जिले में 61 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 15 पुलों के काम पूर्ण किए गए हैं। इन पुलों के बनने से जिले के लगभग 100 गांवों और करीब 80 हजार आबादी का सीधा और बारहमासी संपर्क ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से हो गया है। अब ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसी सुविधाओं तक पहुंचने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। सरकारी योजनाएं भी तेजी से गांवों तक पहुंच रही हैं। आतुरबेड़ा–भैसगांव–निन्ना मार्ग पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मेंढ़की नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल इस बदलाव का बड़ा उदाहरण है। इस पुल के कारण सुदूरांचल के लोगों का आवागमन सुगम हुआ है और प्रशासनिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है। सड़क और पुल नेटवर्क के विस्तार से न सिर्फ विकास कार्य तेज हुए हैं, बल्कि माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में शासन की पकड़ भी मजबूत हुई है।सड़कों और पुलों के नेटवर्क लगातार मजबूत किए जा रहे हैं। कांकेर जिले के कोने-कोने को राज्य मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने पिछले दो वर्षों में 85 करोड़ रुपये की लागत से 9 नए वृहद पुलों को स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री राजेंद्र सोनकर ने बताया कि बासनवाही–टांहकापार मार्ग पर महानदी पर 28 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत पुल हजारों ग्रामीणों की सुविधा और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। सोनपुर–मरोड़ा मार्ग पर बेचाघाट में कोटरी नदी पर 15 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने से माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र का सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।राज्य शासन दूरस्थ अंचलों तक मजबूत सड़कों और पुलों के माध्यम से लोगों की सहूलियतें बढ़ाने तथा दुर्गम एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कांकेर में बन रहे ये पुल सिर्फ कांक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम हैं। इनके पूरा होते ही जिले के सुदूरवर्ती गांवों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से लाभ मिलेगा। इससे विकास की रफ्तार और तेज होगी। -
-3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हुई स्वीकृत
-रायपुर,। जंगलों के बीच बसे जिन टोलों ने पीढ़ियों तक अंधेरे को अपनी नियति मान लिया था, वहां अब उजाले की पहली किरण पहुंचने जा रही है।सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के तीन सुदूर ग्रामों में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार नियमित बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 6 लाख 92 हजार 670 रुपये की बड़ी स्वीकृति जारी की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से संभव हो पाई है।सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मसंकी, बांक और असुरा के कई मजरा-टोले अब तक मुख्य विद्युत लाइन से कटे हुए थे। रात ढलते ही यहां घना अंधेरा छा जाता था और ग्रामीण ढिबरी या सीमित सोलर लाइट के सहारे जीवन यापन करने को विवश थे। बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कार्य और सामान्य जनजीवन अंधेरे की मार झेल रहा था। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ऊर्जा विभाग और राज्य स्तर पर पहल कर इन टोलों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया।‘मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना’ के तहत स्वीकृत इस राशि से ग्राम मसंकी के लुकभुकिया और पतेरीपारा, ग्राम बांक के खासपारा और स्कूलपारा तथा ग्राम असुरा के खासपारा, पण्डोपारा और असुरा-1 में विद्युत विस्तार कार्य किया जाएगा। करोड़ों की लागत से होने वाला यह कार्य न केवल घरों को रोशन करेगा, बल्कि शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।सबसे बड़ी चुनौती वन भूमि की अनुमति थी। चूंकि संबंधित टोले घने जंगलों के बीच स्थित हैं, इसलिए विशेष स्वीकृति आवश्यक थी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर विभागीय स्तर पर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है और अब शीघ्र ही जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी घर अंधेरे में न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्युत सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों को अध्ययन में सुविधा मिलेगी, किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत होगी तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और लघु उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
- रायपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के तत्वावधान में माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में 870 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए एक अभिनव संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव द्वारा किया गया। इस पहल में पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रशिक्षणरत 537 उपनिरीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना के 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर तथा 68 उपनिरीक्षक (एसबी) शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ 03 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुआ था। वर्तमान में इनकी अंतिम परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी अधिकारियों को एक वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया जाएगा।इस विशेष संवादात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है।कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को शासन की नीतियों, प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसेवा के मूल्यों से सीधे परिचित कराना है।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भारत में पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों तथा आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना, महामारी एवं आपात स्थितियों में दोनों विभागों का संयुक्त प्रयास नागरिकों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा को उन्होंने राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि एक सशक्त और स्वस्थ पुलिस बल ही समाज को प्रभावी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी के लिए सतत अध्ययन, विधिक समझ, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन ही एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की पहचान है।कार्यक्रम में निदेशक श्री अजय यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि यह संवादात्मक पहल प्रशिक्षण को अधिक व्यवहारिक, प्रेरणादायक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस श्रृंखला के माध्यम से प्रशिक्षुओं को शासन की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक समन्वय तथा जन-अपेक्षाओं की गहन समझ प्राप्त होगी।इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक श्री इरफान काजी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता और सुशासन के मूल्यों को सुदृढ़ करना है, जिससे वे भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जनविश्वासयुक्त बना सकें।
- -गुजरात के बनासकांठा की डेयरी क्रांति से सीख लेने पहुँचा छत्तीसगढ़ का दलरायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बनासकांठा स्थित प्रसिद्ध दूधसागर डेयरी, बनास डेयरी एवं अमूल डेयरी का पशुपालकों एवं बिहान दीदियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने डेयरी की आधुनिक कार्यप्रणाली, तकनीकी नवाचारों और सहकारी मॉडल का विस्तृत अवलोकन किया।इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को डेयरी के अधिकारियों द्वारा संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने डेयरी प्लांट, बायो-सीएनजी प्लांट, खाद्य तेल इकाई, आटा प्लांट तथा शेरपुरा डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को करीब से समझा।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल अवलोकन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सीखकर छत्तीसगढ़ में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से सफल डेयरी मॉडल, दुग्ध संकलन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण तकनीक और विपणन व्यवस्था का गहन अध्ययन करने को कहा। उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को संतुलित चारा विकास, उन्नत पशुपालन तकनीक, दुग्ध प्रसंस्करण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आय संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।वन, पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि डेयरी सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। यदि इस मॉडल को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से अपनाया जाए तो पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि इस शैक्षणिक भ्रमण में 50 सदस्यीय दल ने उन्नत पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन सीखने के लिए भाग लिया है। जिसमें 25 पशुपालक एवं 25 बिहान (एनआरएलएम) समूह की दीदियाँ शामिल है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के साथ पूरे शैक्षणिक भ्रमण में उनके साथ शामिल हो रहे हैं।
- -सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है।इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, श्री कृष्णा राय, श्री पवन साय, श्री भरत सिंह, श्री अरविन्द प्रसाद साय, श्री कपिल देव साय, सरगुजा आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -प्राकृतिक धरोहरों पर बढ़ीं सुविधाएँ, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला नया संबलरायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएँ थीं, वहाँ अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है।विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। साथ ही, पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्यों से इन स्थलों की भव्यता और बढ़ी है। जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम बनाया गया है।पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और होम-स्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोटा और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक स्थलों से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक बस्तर की अनूठी परंपराओं से परिचित हो रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा बस्तर के समग्र विकास हेतु दीर्घकालीन मास्टर प्लान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में पहल जारी है।स्थानीय नागरिकों, पर्यटन व्यवसायियों और आगंतुकों ने इन विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।
- ई-गवर्नेंस को मजबूती देने जिला प्रशासन का ‘प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट)’रायपुर/ डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप शासकीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, दक्ष एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा “प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट)” की शुरुआत की गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को डिजिटल दक्षता से सुसज्जित करने हेतु सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 16 जुलाई 2025 से प्रारंभ किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 25-25 प्रतिभागियों के दो बैच नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।अब तक इस परियोजना के अंतर्गत कुल 132 बैचों में 2245 अधिकारी एवं कर्मचारी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी है, जिससे अधिकाधिक अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल टूल्स, ई-ऑफिस, ऑनलाइन प्रक्रियाओं एवं आधुनिक तकनीकी माध्यमों का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें।इसी कड़ी में आज आरंग एवं अभनपुर ब्लॉक से विभिन्न जनपदों के रोजगार सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रोजेक्ट दक्ष (हम होंगे स्मार्ट) का उद्देश्य शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय प्रक्रिया एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
- नमन हृदय रोग से पूर्ण रूप से स्वस्थ : माता-पिता ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारजिला प्रशासन की पहल रंग लाई, हृदय रोग से जूझ रहे नमन की लौटी मुस्कानरायपुर। नमन अब मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ लुका-छुपी, क्रिकेट जैसे खेल खेल रहा है और शरारतें भी कर रहा है। उसकी किलकारियां और हंसी अब फिर से सुनाई दे रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उसे किसी प्रकार की शारीरिक तकलीफ या सांस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। नमन पूर्ण रूप से स्वस्थ है और उसके माता-पिता विनोद एवं रोशनी के चेहरे पर अब चिंता का कोई भाव नहीं है।यह सब संभव हुआ है प्रोजेक्ट धड़कन के माध्यम से, जिसके अंतर्गत नमन के हृदय रोग का निःशुल्क उपचार किया गया। यह प्रोजेक्ट विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल और सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।नमन पीएम श्री आर.डी. तिवारी स्कूल में कक्षा चौथी का छात्र है और पढ़ाई में हमेशा से अच्छा रहा है। उसकी माता रोशनी बताती हैं कि नमन पढ़ाई में तो अच्छा था, लेकिन खेलते समय अक्सर हृदय में दर्द होने की शिकायत करता था। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समझा, लेकिन एक दिन स्कूल से लौटने के बाद नमन ने बताया कि खेलते समय उसे सीने में तेज दर्द हुआ। इसके बाद परिवार चिंतित हो गया और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच के बाद विशेषज्ञों ने हृदय की विस्तृत जांच की सलाह दी।प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नमन को सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर ले जाकर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में उसके हृदय में छेद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने तत्परता से उपचार की प्रक्रिया शुरू की और जल्द ही ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की गई। नमन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दो-तीन दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और आज वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहा है।नमन के पिता श्री विनोद कहते हैं कि जिला प्रशासन रायपुर का यह प्रोजेक्ट धड़कन, समाज के ऐसे बच्चों एवं परिजनों के लिए मददगार है जिन बच्चों को हार्ट के जन्मजात समस्या से गुजरना पड़ता हैं। मैं और मेरा पूरा परिवार इस संवेदनशील मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति धन्यवाद देता हूं।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 3 बोरियाकला में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र खोखोपारा एवं अयोध्या नगर मठपुरैना में 130 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 एवं 17 बीरगांव में 129 बच्चों की स्क्रीनिंग, अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1,2,3 लमकेनी में 141 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र धर्म नगर, छत्तीसगढ़ नगर, सुदामा नगर में 167 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र गनियारी, मटियाडीह, पीकारीडीह में 128 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बाना में 138 बच्चों की स्क्रीनिंग, व पूरे जिले में आज कुल 967 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- 0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई: स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंटरायपुर। रायपुर प्रेस खेल मड़ई के अंतर्गत आयोजित स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबला जारी है। नेताजी सुभाष स्टेडियम में खेले गए तीसरे क्वार्टर फाइनल मैच में एस जर्नो इलेवन ने डीबी डिजिटल को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया । सेमीफाइनल में उनका मुकाबला 16 फरवरी को इलेक्ट्रानिक संयुक्त की टीम से होगा । आलराउंड प्रदर्शन करने वाले एस जर्नोस के लविंदर पाल सिंह मैन ऑफ द मैच रहे।डीबी डिजिटल पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 7 विकेट खोकर 94 रन ही बना पाई। टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही और ओपनर बल्लेबाज अंकुर शुक्ला 3 गेंद खेलकर बिना रन बनाए आउट हो गए, वहीं मोहित भी 13 रनों का योगदान देकर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद भी मैदान में उतरे दानिस अनवर 18 रन, दीपक 11,श्रीशंकर 5, राजेश 17,गनेश 5, तोपेस 14 एवं निरज 3 रन का व्यक्तिगत योगदान टीम को दे पाएं। एस जर्नोस की ओर से सार्थक बेहरा एवं टिकेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए। संदीप, अख्तर, लविंदर ने भी 1-1 विकेट लिए।95 रन के लक्ष्य को एस जर्नोस ने आसानी से 6.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जर्नोस की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे ओपनर जोड़ी में संदीप इस बार ज्यादा कुछ कर नहीं पाए और 5 रन बनाकर आउट हो गए, वहीं अभिषेक भी 26 रनों का योगदान देकर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद उतरे लविंदर पाल लगातार दूसरे मैच में नॉट आउट अर्धशतकीय पारी खेलकर इस मैच को आसानी से जीत की ओर ले गए। लविंदर का साथ देने उतरे अख्तर भी 1 रन बनाकर नॉट आउट रहे।मैच में शानदार आलराउंड प्रदर्शन के लिए एस जर्नोस के लविंदर पाल को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया, साथ ही दोनों टीमों को ट्रॉफी भी प्रदान की गई।आज मैच के दौरान मुख्यअतिथि धरसींवा के विधायक व छालीवुड के सुपर स्टार अनुज शर्मा थे । विशेष अतिथि वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी और सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष धरमचंद भंसाली थे । एसोसिएशन के सचिव और कोषाध्यक्ष भी इस अवसर पर उपस्थित थे । अतिथियों ने प्रेस क्लब के खेल आयोजन की भूरी भूरी प्रशंसा की।दौरान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू व भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार खेल मड़ई के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर व अख्तर हुसैन, राजेंद्र निगम सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और खेलप्रेमी मौजूद थे। मैच अंपायर वैदुर्य निगम व अनुराग और स्कोरर पी. रामाराव नायडू व महेंद्र सिंह रहे।रविवार 15 फरवरी को सुबह 7.30 बजे टूर्नामेंट का चौंथा क्वार्टर फाइनल मैच विस्तार न्यूज और पत्रिका के बीच खेला जाएगा। विजेता टीम सेमीफाइनल में 17 फरवरी को आईबीसी 24 के साथ भिड़ेगी ।
- - ट्रांसमिशन कंपनी के 1700 कर्मचारियों के लिए उन्नत बैंक सुविधाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी एवं बैंक आफ महाराष्ट्र के बीच ट्रांसमिशन कंपनी के नियमित कर्मचारियों के लिए उन्नत सैलरी पैकेज (gov pride salary savings scheme) हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन श्री आरके शुक्ला और बैंक आफ महाराष्ट्र के जोनल मैनेजर श्री वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कंपनी के नियमित कर्मचारियों को बैंकिंग की व्यापक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से प्रबंधन द्वारा यह एमओयू किया गया। इस योजना से ट्रांसमिशन कंपनी के नियमित 1700 कर्मचारियों को अब न केवल बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी बल्कि व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, हवाई दुर्घटना बीमा, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर, टर्म इंश्योरेंस, गोल्डन आवर कैशलेस ट्रीटमेंट, बालिका विवाह लाभ, बच्चों की उच्च शिक्षा लाभ जैसे अतिरिक्त सुविधाएं भी प्राप्त किए जा सकेंगे।नियमित कर्मचारियों को इस ‘‘गवर्नमेंट प्राइड सेविंग्स सैलरी स्कीम’’खाते से जोड़ कर उन्हें एक ही छत के नीचे उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं दिया जाएगा। कंपनी के कर्मचारियों को चार श्रेणियों जैसे सिल्वर(30,000-60,000), गोल्ड(60,000-1,00,000), प्लेनिटनम(1,00,000-1,50,000) एवं डायमंड(1,50,000 से उपर) वेतनभोगियों को श्रेणी अनुसार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रूपये तक का टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ 25 लाख रूपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर एवं हवाई दुर्घटना बीमा में 1 करोड़ रूपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य बीमा पर टाॅप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर उपलब्ध होंगी।इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक वित्त श्री एमएस चैहान, अतिरिक्त महाप्रबंधक वित्त श्री मुकेश कश्यप, उपमहाप्रबंधक वित्त सुश्री अनिका मैरी खलखो, प्रबंधक वित्त श्री भूषण साहू एवं बैंक आफ महाराष्ट्र से आए जोनल मैनेजर श्री वेंकटेश एवं मुख्य प्रबंधक श्री राहुल बिकरवार उपस्थित थे।
- - महिला भजन मंडली की सदस्यों ने प्रस्तुत किए सुमधुर लयबद्ध भजन- दासबोध का परायण करने के साथ ही करुणाष्टक का किया गया पाठरायपुर। तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में माघ कृष्ण नवमीं पर दास नवमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर तात्यापारा की भजन मंडली ने मराठी भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। वहीं दासबोध का परायण और करुणाष्टक के पाठ ने आयोजन को भक्तिमय कर दिया।बताते चले कि छत्रपति शिवाजी महाराज के गुरु समर्थ रामदास स्वामी की पुण्यतिथि (माघ कृष्ण नवमी) पर महाराष्ट्रीयन समाज की ओर से दास नवमी महोत्सव मनाया जाता है। स्वामी रामदास को 'दासबोध' के रचयिता के रूप में जाना जाता है। इस अवसर पर विशेष पूजा, कीर्तन और सत्संग का आयोजन होता है, जो भक्त के समर्पण को दर्शाता है। यह महोत्सव समर्थ रामदास स्वामी को याद करने और उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है।महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्यवक आस्था काले ने बताया कि रामदास महोत्सव पर हनुमान मंदिर तात्यापारा में भजन राम नामावली पाठ हुआ। इस अवसर पर छाया भवालकर ने समर्थ रामदास स्वामीजी की जीवनी के बारे में बताते हुए कहा कि परमार्थ प्रसार के साथ ही राष्ट्र जागरण के लिए 1100 हनुमान मंदिर स्थापित किए।चारुशीला देव ने दासबोध की प्रासंगिकता पर कहा कि प्रपंच और परमार्थ दोनों का तालमेल रखकर कार्य करना चाहिए, आलस्य को त्यागकर कठिन परिश्रम से ही सफलता मिलती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य मानव जीवन को कृतार्थ बना सकते हैं। प्रभा हिशीकर, निशा राहटगांवकर और तात्यापारा भजन समूह द्वारा दासनवमी उत्सव वर्षों से मनाया जाता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की आस्था काले और नमिता शेष भी उपस्थित थीं।इस अवसर पर तात्यापारा भजन मंडल की कुमुद कान्हे, अल्पना मोहदीवाले, अलका संत, ज्योति कान्हे ओर दासबोध अध्ययन वर्ग के सदस्य भी उपस्थित थे। हर मंगलवार शाम 6.30 बजे चारूशीला देव दासबोध अध्ययन वर्ग संचालित करतीं हैं, जिसमें समर्थ साहित्य का अध्ययन किया जाता है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी से सौजन्य भेंट की।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से सौजन्य भेंट की।
- - नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सरकार की उपलब्धियों एवं आगामी रणनीतियों को लेकर पत्रकारों से हुए रूबरूरायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं। इस अवसर पर एसीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, एडीजी श्री अमित कुमार, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री विवेकानंद, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, आईजी श्री ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ-मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा-सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।विधायक श्री राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात-मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
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- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल की विषय विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को दिए तकनीकी टिप्स
रायपुर। 12वीं केमिस्ट्री की तैयारी करते समय विद्यार्थियों को सबसे पहले ब्लूप्रिंट का ध्यान रखना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस यूनिट से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। ब्लूप्रिंट के अनुसार अध्ययन करने से तैयारी व्यवस्थित और प्रभावी बनती है। 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए रसायन शास्त्र विषय पर विशेष मार्गदर्शन सत्र में इस आशय के टिप्स केमिस्ट्री की शिक्षिका रीता संभरकर ने दिए।
रीता ने बताया कि केमिस्ट्री में थ्योरी के साथ- साथ रासायनिक समीकरण, अभिक्रियाएं, नामकरण और न्यूमेरिकल प्रश्नों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। ऑर्गेनिक, इनऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री, तीनों भागों को संतुलित रूप से पढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रोजाना निर्धारित समय पर अध्ययन करें और प्रत्येक यूनिट के लिए अलग-अलग समय तय करें।
कठिन अध्यायों के शॉर्ट नोट्स बनाएं और महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं और सूत्रों की अलग सूची तैयार करें। उन्होंने कहा कि नियमित रिवीजन, सैंपल पेपर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी से 12वीं केमिस्ट्री बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। -
रायपुर/ पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के बाल्य एवं शिशु रोग विभाग द्वारा सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष दवाई वितरण, आवश्यक जाँच तथा न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन हेतु एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 16 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक विभाग के नियमित ओपीडी समयावधि में आयोजित किया जाएगा।
शिविर के दौरान सिकल सेल रोगियों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाएगा तथा आवश्यक स्वास्थ्य जाँच भी की जाएगी। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन भी लगाई जाएगी, जो सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की समुचित जांच कर परामर्श दिया जाएगा तथा अभिभावकों को रोग प्रबंधन, पोषण एवं संक्रमण से बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया अभिभावक, निर्धारित तिथियों में अपने बच्चों को शिविर में अवश्य लाएं, ताकि समय पर उपचार एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सिकल सेल रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




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