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- राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध परिवहन के के मामले में खनिज विभाग ने एक माजदा वाहन और तीन ट्रैक्टर जब्त किया हैं। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से ईंट और रेत का परिवहन करते पाए गए वाहनों को संबंधित थानों के सुपुर्द किया गया है। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले के चांदो, बंशीबंजारी, खुज्जी, कुमरदा, साल्हे, छुरिया, बाबूटोला, चिचोला, तुमड़ीबोड़, सुकुलदैहान समेत विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया।निरीक्षण के दौरान ग्राम टप्पा में मडियान निवासी घनश्याम वर्मा के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 3103 से अवैध रूप से ईंट परिवहन किया जा रहा था। वाहन को जब्त कर थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द किया गया।इसी प्रकार ग्राम बाबूटोला क्षेत्र में तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों से बिना वैध अनुमति रेत का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए ट्रैक्टरों में सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक टेकराम पाल, ट्रैक्टर क्रमांक सीजी एआर 6853 के मालिक एवं चालक मनीष कुमार पाल तथा स्वराज ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक रितेश सिन्हा शामिल हैं। सभी वाहनों को जब्त कर थाना चिचोला को सौंप दिया गया है । खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- 0- नैनो उर्वरकों के उपयोग से बढ़ी उत्पादकता, किसान महेंद्र सिंह राजपूत ने बताई खेती की सफलताकोरबा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से कृषकों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज की सरल, सहज और सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर कर पा रहे हैं।इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी कृषक श्री महेंद्र सिंह राजपूत भी शासन की किसान हितैषी व्यवस्थाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उनके परिवार की परंपरागत आजीविका का प्रमुख साधन है। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री राजपूत वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे सहकारी समिति छुरीकला पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक खाद एवं बीज आसानी से उपलब्ध हो गया।श्री महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान कृषि कार्यों की तैयारियों में जुट जाते हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को व्यवस्थित रूप से सामग्री वितरित की जा रही है। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों का सुचारू वितरण तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं से खेती करना पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को खेती-किसानी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी.के.एस. रे का कल देर रात निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे और कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार एम्स में चल रहा था। । उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और साहित्य जगत में शोक की लहर है।
बी.के.एस. रे 1972 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने राजनांदगांव सहित कई जिलों में कलेक्टर के रूप में काम किया । अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने गृह, परिवहन और विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वे प्रशासन अकादमी के महानिदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे। शासन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों तथा नीतिगत प्रक्रियाओं में उनकी सक्रिय भूमिका रही। वे अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते थे।उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और 54 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जिसके लिए उन्हें 2019 में ग्रीस में 'सुकरात अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया था। - 0- क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु PPP मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना0- क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु PPP मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना0- इनडोर स्पोर्ट्स, जिम, स्विमिंग पूल, आधुनिक आवासीय सुविधाओं सहित होगा व्यापक आधुनिकीकरणरायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा राजधानी रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एजेंसी नियुक्त करने की महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित की गई है। यह पहल रायपुर को एक आधुनिक एवं प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी तथा वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।परियोजना के तहत क्लब परिसर में स्क्वैश कोर्ट, टेनिस कोर्ट, जिम, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, बिलियर्ड रूम तथा टेबल टेनिस हॉल जैसी आधुनिक खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित एवं संचालित की जाएंगी। साथ ही वर्तमान अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण भी किया जाएगा।वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह परियोजना रायपुर को एक नए प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की विशेष आवास योजना के अंतर्गत सांसद एवं विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की विशेष सदस्यता पूर्ववत जारी रहेगी। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान वर्तमान सदस्यों के हितों एवं सुविधाओं का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना को लाइसेंस, डेवलप, ऑपरेट एवं ट्रांसफर (LDOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार क्लब की मौजूदा सुविधाओं का बेहतर संचालन एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा तथा टेनिस कोर्ट क्षेत्र के रिक्त भूभाग पर लगभग 61 कमरों वाले आधुनिक आवासीय एवं हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना में लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास होने के साथ-साथ दीर्घकालिक राजस्व सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना की लाइसेंस अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें अतिरिक्त 10 वर्ष तक विस्तार का प्रावधान रहेगा।श्री देव ने कहा कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क एवं बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से राजधानी में उच्चस्तरीय आतिथ्य, खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का नया केंद्र विकसित होगा।
- 0- मानसून से ठीक पहले भुगतान होने से वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों में मिलेगी मददबीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए संग्रहण पारिश्रमिक (मजदूरी) दर में भारी बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, चरणपादुका योजना फिर से शुरू करके संग्राहकों को सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलना शुरू हो गया है। राज्य शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अंतर्गत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन (डीबीटी के माध्यम से) हस्तांतरित की गई है।बीजापुर जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में कुल 40 हजार 716 संग्राहकों ने 65 हजार 430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जिले के संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है। इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भुगतान के पहले चरण में जिले की प्रमुख समितियों के बैंक खातों में राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) जमा की गई है। प्राथमिक वनोपज समिति लाभान्वित संग्राहक हस्तांतरित राशि गुडमा समिति के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली और चेरपल्ली सहित अन्य समितियों के संग्राहकों को भी लाखों रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। शेष समितियों में संग्रहित मात्रा का सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होते ही सभी पात्र संग्राहकों को भुगतान कर दिया जाएगा।वनोपज आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त इस राशि का उपयोग वनाश्रित परिवार अपनी खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले पारिश्रमिक राशि मिलने से किसानों और वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए खाद-बीज आदि की व्यवस्था करने में विशेष सहायता मिलेगी। शासन की इस पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
- 0- कम लागत में अधिक पैदावार और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा लाभकवर्धा। कृषि में नई तकनीकों और आधुनिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं।कबीरधाम जिले के धरमपुरा गांव के किसान श्री बालाराम साहू ने धान की खेती में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर बेहतर उत्पादन मिला है। किसान बालाराम ने बताया कि पिछले वर्ष शिविर में उन्हें नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग की जानकारी दी गई थी। उन्होंने अपने 6 एकड़ खेत में से 1 एकड़ में इन उत्पादों का प्रयोग किया। बीजोपचार के साथ फसल वृद्धि के दौरान नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का छिड़काव किया गया। उन्होंने बताया कि जिस खेत में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया गया, वहां फसल का विकास बेहतर हुआ और उत्पादन भी अन्य खेतों की तुलना में 2 से 3 क्विंटल अधिक मिला। अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।किसान बालाराम साहू ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने समिति से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, पोटाश और एसएसपी खरीदा है। उन्होंने कहा कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और उन्हें आसानी से खाद मिल गई है। श्री साहू का कहना है कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से कम लागत में अच्छा उत्पादन मिला है। इसी कारण वे अब आसपास के किसानों को भी इन उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक खाद के उपयोग से खाद का अधिकांश हिस्सा मिट्टी में ही पड़ा रह जाता है, जिससे जमीन कठोर एवं अम्लीय हो जाता है। इसके विपरीत नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से तरल होने के कारण सीधे पौधे के पत्तियों पर छिड़काव किया जाता है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से जमीन पर दुष्प्रभाव नही होता है, यह सीधे पौधे के पत्तियों द्वारा सोख लिया जाता है, जिससे मिट्टी में हानिकारक रसायनों का संचय नही होता है एवं भू-जल प्रदूषण से बचा जा सकता है।
- 0- जून भर चलाया जा रहा विशेष अभियान, जरूरतमंद बच्चों को मिल रही सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए 01 जून से 30 जून तक राज्यव्यापी विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। “बाल सक्षम नीति-2022” के तहत सड़क पर रहने वाले, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम एवं अपशिष्ट संग्रहण में संलग्न बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू और पुनर्वास किया जा रहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार बच्चों को सुरक्षित आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में गठित विशेष रेस्क्यू टीमों द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अभियान चलाकर बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी आवश्यकतानुसार संस्थागत देखभाल, पारिवारिक पुनर्स्थापन एवं अन्य पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं वित्तीय सहायता से भी जोड़ा जा रहा है।राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का पुनर्वास केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जा रही है तथा वर्षभर पुनर्वास की कार्यवाही जारी रखी जा रही है।
- 0- तिलोखन गांव में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की त्वरित कार्रवाई, जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को मिली राहतमनेन्द्रगढ़। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विभिन्न गांवों में खराब एवं बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल रही है।इसी क्रम में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलोखन के ग्राम तिलोखन में विभागीय टीम द्वारा हैंडपंपों का निरीक्षण एवं मरम्मत कार्य किया गया। लंबे समय से प्रभावित पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुगम पेयजल उपलब्ध होने लगा है। गर्मी के मौसम में जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर खराब हैंडपंपों की पहचान की जा रही है। प्राप्त शिकायतों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी गांव में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मरम्मत दल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। हैंडपंपों की तकनीकी जांच, मरम्मत एवं आवश्यक पुर्जों के प्रतिस्थापन का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने समय पर की गई कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हैंडपंपों के सुधार से उन्हें दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है और दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन को पेयजल संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जानकारी देने की अपील की गई है, ताकि त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में हैंडपंप सुधार एवं पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण का कार्य लगातार जारी है, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
- 0- ’दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा’0- ’पोषण वाटिका, अतिरिक्त पोषण आहार और नियमित मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर’रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए 8 जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) के साथ विस्तृत बैठक ली। बैठक में गंभीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति, पोषण पुनर्वास तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान संचालित किया जा रहा है। इन जिलों में कुपोषण की चुनौती को दूर करने के लिए विशेष रणनीति के तहत पोषण सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता और सतत निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां केला, पपीता, मुनगा सहित अन्य पोषणयुक्त पौधों का रोपण किया जाए तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने अतिरिक्त पोषण आहार की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी संचालन, नियमित निरीक्षण और सुपोषण पाठशालाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा ै।ड एवं ड।ड बच्चों के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जाए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी, सामुदायिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी निगरानी, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकेगा। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।--
- 0- ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजनारायपुर। शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजना अंर्तगत जिले में 39 नवीन ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है। सभी नवीन 39 सहकारी समितियो को खाद के सुगमतापूर्ण वितरण हेतु पीओएस मशीन प्रदाय किया गया है। पीओएस मशीन उपलब्ध होते ही सभी नवीन समितियों में किसानों को सुगम खाद-बीज़ का वितरण किया जा रहा है।नवीन गठित 39 सहकारी समितियों के 89 पंचायतों में 112 ग्रामो के 43639 किसानो को इससे लाभ हुआ है। किसानों को खेती किसानी के लिये सुगमता पूर्वक त्वरित एवं अपने गृह ग्राम के निकट ही खाद बीज एवं नगद ऋण प्राप्त हो रहा है जिससे किसानो में ख़ुशी व्याप्त है। 39 नवीन समितियों में अभी तक 112 ग्रामों के 43639 किसानों को खाद प्रदाय हेतु 1876 टन का खाद का भंडारण एवं 353 टन खाद का वितरण के साथ कुल 48 करोड 99 लाख का ऋण वितरण किसानो को किया जा चुका है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में जिले के किसानों को आवश्यकता अनुसार सहकारी समितियों से खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो सके।
- 0- हजारों लोगों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प, दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरणएमसीबी/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड खड़गवां के ग्राम कटकोना में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण का भी प्रभावी केंद्र साबित हुआ। समाज कल्याण विभाग की सक्रिय भागीदारी से शिविर में नशा मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के संदेश ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हजारों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। लोगों ने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ग्रहण की।विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उपस्थित नागरिकों ने तंबाकू एवं धूम्रपान से दूरी बनाए रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि नशामुक्त जीवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।कार्यक्रम का एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पहलू दिव्यांग एवं वृद्धजन हितग्राहियों को सहायक उपकरणों का वितरण रहा। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चयनित दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए। उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।हितग्राहियों ने कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होगी और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। यह पहल शासन की संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित गतिविधियों ने शिविर को जन जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण का प्रभावी मंच बना दिया। नशा मुक्ति अभियान, धूम्रपान निषेध जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कटकोना शिविर में देखने को मिला कि जब शासन की योजनाएं जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधाएं नहीं देती, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रखती हैं। यह आयोजन सुशासन तिहार 2026 की उस भावना को साकार करता है, जिसमें शासन का उद्देश्य केवल सेवाएं देना नहीं, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करना भी है।
- 0- प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ वर्षों का सपना, परिवार में छाई खुशीसूरजपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने एक और जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण ला दी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले ग्राम निवासी चन्द्रदेव का वर्षों से पक्के मकान का सपना अब साकार हो गया है। अपने नए आवास की चाबी प्राप्त करते ही चन्द्रदेव और उनका परिवार खुशी से झूम उठा।चन्द्रदेव ने बताया कि उनका परिवार खेती और मजदूरी कर जीवन यापन करता है। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। बरसों से वे कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी उम्मीदों को नया जीवन दिया।उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें योजना का लाभ मिला। आवास स्वीकृत होने की सूचना मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।आवास निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए एक आवास मित्र की नियुक्ति की गई, जिसने समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया तथा निर्माण की प्रगति के अनुसार किस्तों की राशि उपलब्ध कराने में सहयोग किया। कुछ ही महीनों में चन्द्रदेव का पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। नए घर में प्रवेश कर चन्द्रदेव और उनका परिवार बेहद प्रसन्न है। उन्होंने अपने नए आशियाने को सजाया-संवारा और इसे अपने सपनों का घर बताया। चन्द्रदेव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और खुशहाली की नई कहानी लिख रही है।
- 0- संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण: आमजन की समस्याओं पर कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देशएमसीबी. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त मंच बनकर सामने आया। जिले के दूरस्थ गांवों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक के नागरिक अपनी समस्याएं, मांगें और अपेक्षाएं लेकर जनदर्शन में पहुंचे, जहां कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुनी।जनदर्शन में कुल 46 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, मजदूरी भुगतान, पेंशन, आधार कार्ड त्रुटि सुधार, सीमांकन, वन अधिकार पट्टा, आंगनबाड़ी नियुक्ति, लंबित भुगतान, पेयजल सुविधा सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे प्रमुख रहे। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।जनदर्शन के दौरान ग्राम चुटकी के ग्रामीणों ने लंबित मजदूरी भुगतान की समस्या रखी, जबकि पाराडोल निवासी ईश्वर प्रसाद ने भूमि संबंधी प्रकरण में समाधान की मांग की। चिरमिरी निवासी शालिनी कश्यप ने जर्जर भवन को शीघ्र हटाने का अनुरोध किया। वहीं बड़गांवखुर्द निवासी धनराजिया ने आधार कार्ड में मृत घोषित होने की त्रुटि सुधारने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।इसी प्रकार चैनपुर निवासी विमला टोप्पो ने सीमांकन आदेश के पालन की मांग की, जबकि मनेंद्रगढ़ निवासी गोपाल गुप्ता ने भूमि विवाद संबंधी आवेदन दिया। ओदारी निवासी देवती साहू ने दहेज प्रताड़ना एवं मारपीट की शिकायत प्रस्तुत की। मनेंद्रगढ़ निवासी जसबीर शर्मा ने नल कनेक्शन अपने नाम पर स्थानांतरित कराने की मांग रखी।पसौरी निवासी नसीम खान ने राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई, जबकि चिरमिरी निवासी राम बिहारी शर्मा ने पेंशन प्रकरण के शीघ्र निराकरण की मांग की। साल्ही निवासी अर्चना मिश्रा, लाखनटोला निवासी सूरज भान तथा कछौड़ निवासी सूर्यधन ने भूमि संबंधी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।भवरमहुआ निवासी सुमित्रा एवं धरमपुर निवासी फूलकुंवर ने आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। जनकपुर निवासी मोहम्मद जलील खान ने लंबित भुगतान का मामला उठाया, वहीं कछौड़ निवासी राम मनोहर ने वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की।कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जनदर्शन केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सुविधाएं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।जनदर्शन में उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश मिलने पर संतोष व्यक्त किया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशील प्रशासन और प्रभावी संवाद के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है।
- 0- ’राज्यभर में चल रहा विशेष टीकाकरण अभियान, 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क लगाया जा रहा टीका’बलरामपुर। किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य में एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाते हुए उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की नींव को मजबूत करना है।बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है। जिले में अब तक 2084 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी में 150 के लक्ष्य के विरुद्ध 142 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी है।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अभिभावकों एवं किशोरियों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने तथा निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर टीकाकरण ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है। समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम संभव है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। यह बीमारी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होती है। किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।बेटियों की सुरक्षा और स्वस्थ जीवन का मजबूत आधारस्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका न केवल उन्हें एक गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उनके स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।राज्य के जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कोल्ड-चेन सुविधा युक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण का लाभ दिलाने की अपील की है।
- 0- प्राकृतिक आपदा और मछलियों में बीमारी से होने वाले नुकसान की होगी भरपाईजशपुर। जिले के मत्स्य पालकों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित एक्वा इंश्योरेंस योजना आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत मछली पालन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, आकस्मिक घटनाओं एवं मछलियों में फैलने वाली बीमारियों से होने वाले नुकसान की भरपाई की सुविधा उपलब्ध है।मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मत्स्य पालक किसानों से जुलाई-अगस्त माह में मत्स्य बीज संचयन के समय एक्वा इंश्योरेंस कराने की अपील की है। विभाग के अनुसार बीमा कवरेज मिलने से किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी तथा उनके मत्स्य व्यवसाय को सुरक्षा प्राप्त होगी।योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है, ताकि किसान जोखिमों की चिंता किए बिना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। एक्वा इंश्योरेंस से मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदा अथवा रोग प्रकोप के कारण होने वाली क्षति की भरपाई प्राप्त हो सकेगी।योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए मत्स्य पालक अपने विकासखंड के मत्स्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- 0- आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहलगरियाबंद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित यह प्रणाली नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।कलेक्टर श्री बीएस उइके के मार्गदर्शन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सुशासन के अभिहित अधिकारी श्री राकेश गोलछा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत पंजीयन, मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं शिकायत निराकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल एवं डैशबोर्ड संचालन, शिकायतों के वर्गीकरण, ट्रैकिंग एवं समयसीमा आधारित निराकरण की तकनीकी प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से बताया।उन्होंने बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप अथवा लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत 24×7 दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक यूनिक शिकायत क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, संबंधित विभाग एवं अधिकारी की जानकारी तथा समाधान की समयसीमा देख सकेगा। सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। जिससे नागरिकों को किसी भी समय अपनी समस्या दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस सुविधा का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।शिकायत दर्ज होने के पश्चात संबंधित विभाग एवं अधिकारी तक प्रकरण तत्काल ऑनलाइन माध्यम से पहुंच जाएगा। पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी तथा शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना कम होगी। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि शिकायतों के निराकरण के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा। शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही शिकायत का अंतिम निराकरण माना जाएगा। यदि शिकायतकर्ता असंतोष व्यक्त करता है, तो शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय होकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेज दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
- 0- 11 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाले पदों पर मिलेगा रोजगार का अवसर0- विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा योग्यतानुसार किया जाएगा चयनरायगढ़। अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 5 जून 2026 को रायपुर में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के तत्वावधान में आयोजित यह रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में संपन्न होगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के सहयोग से आयोजित इस रोजगार मेले में क्रेडालिस केपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जीपीएस, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रांसफॉर्मर्स, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा स्काई ऑटोमोबाइल (मारूति नेक्सा) रायपुर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित निजी संस्थान शामिल होंगे। इन संस्थानों द्वारा योग्यतानुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों का चयन कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।चयनित अभ्यर्थियों को पद एवं योग्यता के अनुसार लगभग 11 हजार रुपये से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। रोजगार का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से रायपुर जिला रहेगा। रोजगार मेले में छत्तीसगढ़ के ऐसे अस्थिबाधित दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं, जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों तथा जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बीई, आईटीआई, डीसीए, पीजीडीसीए अथवा अन्य तकनीकी एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति एवं एक-एक छायाप्रति तथा दो पासपोर्ट आकार के फोटो लाने होंगे। आयोजकों ने बताया कि रोजगार मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने का कोई यात्रा व्यय देय नहीं होगा। भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर 0प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर। किसानों को खेती-किसानी के सीजन में नकली और अवैध खाद-बीज से बचाने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के आरंग विकासखंड में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण और वितरण करने वाले दो संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है, जहां भारी मात्रा में अवैध खाद जब्त की गई है।कृषि विभाग के उप संचालक श्री सतीश अवस्थी ने बताया कि आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार द्वारा अपने उर्वरक प्राधिकार पत्र में बिना जरूरी स्त्रोत प्रमाण पत्र दर्ज कराए ही खाद का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। मामले की शिकायत मिलते ही क्षेत्रीय उर्वरक निरीक्षक ने बीते 26 मई को मौके पर दबिश देकर 35.05 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त कर लिया। इस मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह को रिपोर्ट सौंप दी गई है।इसी तरह आरंग के ही ग्राम कलई में अवैध रूप से खाद का स्टॉक जमा कर किसानों को बेचने का एक और बड़ा मामला सामने आया। यहां मेसर्स पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड (गुड़गांव, हरियाणा) द्वारा अवैध रूप से खाद बेचने की शिकायत ग्रामीणों से मिली थी। शिकायत पर त्वरित एक्शन लेते हुए उर्वरक निरीक्षक दल, क्षेत्रीय पटवारी और आरंग थाने के सहायक उप निरीक्षक की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए बंद गोदाम का ताला तुड़वाया और भीतर से 46 क्विंटल दानेदार खाद तथा 35 लीटर लिक्विड (तरल) उर्वरक जब्त किया।प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध कारोबार करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। इसके साथ ही कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी खाद विक्रेता निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम पर उर्वरक बेचता है या फिर खाद की कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने क्षेत्र के उर्वरक निरीक्षक या कृषि कार्यालय को दें, ताकि ऐसे तत्वों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- 0- जनहित की योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे करें, ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें - कलेक्टररायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सोमवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति डीएलसीसी की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी बैंकों को जनहित से जुड़ी योजनाओं के लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और ऋण से जुड़े सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ऋण के आवेदनों को प्रक्रियाओं में न उलझाया जाए। इन आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि समूहों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके और आजीविका गतिविधियां शुरू हो सकें।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि सभी बैंक जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन करते हैं। बैंकिंग सेवाओं का जनता से सीधा जुड़ाव होता है। इसलिए बैंक अधिकारी और कर्मचारी जनता को योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करें।उन्होंने बैंकों को शासकीय योजनाओं जैसे मुद्रा ऋण, स्टैंडअप इंडिया, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड आदि के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश भी दिए।बैठक जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, RBI के उप महाप्रबंधक श्री प्रदीप गोधूले, RBI प्रबंधक श्री अविनाश टोप्पो, एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री नितिन हेडउ, सहित बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी श्री शैलेश कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- केन्द्राध्यक्ष करें परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण, ठंडा पेयजल, ओआरएस, कूलर इत्यादि सुविधाएं सुनिश्चित करें: कलेक्टर डॉ सिंहरायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 6, 7, 8 एवं 9 जून 2026 को निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में प्रथम पाली सुबह 9 बजे से 12 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से षाम 5 बजे तक आयोजित होगी। इसकी संपूर्ण तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में बैठक ली।कलेक्टर ने कहा कि सभी केन्द्राध्यक्ष परीक्षा केन्द्र में किसी प्रकार समस्या न हो, परीक्षार्थियों की सुविधा पर ध्यान दें। साथ ही परीक्षा केन्द्रों मे मूलभूत सुविधा, बिलजी पेयजल इत्यादि सुनिष्चित करें। साथ ही गर्मी को देखते हुए, कूलर, ओआरएस और ठंडे पेयजल की भी व्यवस्था करें। सभी केन्द्राध्यक्ष परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं का होना सुनिष्चित करें। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का मिला लाभभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 के समापन अवसर पर खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक में भव्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों ने पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। पूरे दिन चले इस शिविर में लोगों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।शिविर में नगर निगम, राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। नागरिकों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। शिविर के माध्यम से आमजन को शासकीय सेवाएं उनके घर के समीप उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। इस अवसर पर निगम अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविर में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और समाधान की प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनती है।शिविर में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, स्वच्छता जागरूकता, कर संबंधी जानकारी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रमाण.पत्रों की जानकारी तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। बड़ी संख्या में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने शिविर में भाग लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक आवेदन प्रस्तुत किए। सुशासन तिहार 2026 के समापन शिविर के सफल आयोजन से क्षेत्र के नागरिकों में उत्साह देखा गया। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आयोजित इस पहल को जनसुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के मंशानुसार स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के निर्देशानुसार शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में जुटे स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मचारियों के प्रोत्साहन के लिए एक विशेष सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जोन-3 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 34 (मिलन चौक, कैंप-2) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया गया।इस गरिमामयी कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 34 के जनप्रतिनिधि व जोन अध्यक्ष जालंधर सिंह एवं वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद प्रतिनिधि राजू, पार्षद प्रतिनिधि भोला साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने वार्ड में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले कर्मचारियों को गुलाब का फूल, गमछा और प्रतीक चिह्न भेंट कर उनके समर्पण की सराहना की।निगम आयुक्त ने कहा है "सफाई कर्मचारी हमारे शहर के असली हीरो हैं। सुबह उठकर शहर को चमकाने वाले इन हाथों का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।" कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक सी.एम. यादव, जोनल सुपरवाइजर विनोद समेत निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सफाई मित्रों में ऊर्जा का संचार होता है और वे अधिक कड़े परिश्रम के साथ शहर की स्वच्छता में अपना योगदान देते हैं।
- -महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़रायपुर / सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।बैठक में विधायक अंतागढ़ श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



























