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- नई दिल्ली। सरकार ने कोविड की मार झेल रही कंपनियों को बचाने के लिए दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता-2016 को तीन और महीनों के लिए स्थगित कर दिया है।एक अधिसूचना में कहा गया है कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता की धारा 7, 9 और 10 को पहले 6 महीने के लिये स्थगित किया गया था जिसे 25 सितम्बर से और 3 महीने के लिये बढ़ा दिया गया है।
- नई दिल्ली। केंद्र ने पांच राज्यों को खुले बाजार से 9,913 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दे दी। कोविड-19 संकट के कारण राजस्व में कमी के बीच व्यय जरूरतों को पूरा करने के लिये राज्यों को यह अनुमति दी गयी है। ये राज्य हैं...आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक और त्रिपुरा हैं।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन राज्यों को एक देश एक राशन कार्ड व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर सुधार शर्तों का सफलतापूर्वक पालन करने के बाद यह मंजूरी दी गयी है। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला व्यय विभाग ने कर्नाटक के लिये 4,509 करोड़ रुपये, तेलंगाना के लिये 2,508 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश के 2,525 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज लेने को मंजूरी दी है। गोवा को 223 करोड़ रुपये और त्रिपुरा को 148 करोड़ रुपये बाजार से कर्ज लेने की मंजूरी दी गयी है।कोविड-19 संकट को देखते हुए केंद्र ने मई में राज्यों को वित्त वर्ष 2020-21 के लिये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी थी। यह कर्ज की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गयी थी। इसके तहत सभी राज्य कुल मिलाकर 4,27,302 करोड़ रुपये तक जुटा सकते हैं। कुल 2 प्रतिशत में से केवल 0.5 प्रतिशत बिना किसी शर्त के है। उसके बाद राज्यों को राज्य स्तर पर चार सुधारों को लागू करना होगा। इसमें प्रत्येक सुधार के लिये भारांश जीएसडीपी का 0.25 प्रतिशत रखा गया। यानी इसके आधार पर प्रत्येक सुधार के लिये 0.25 प्रतिशत की दर से कर्ज जुटाने की अनुमति होगी। ये चार सुधार हैं...एक देश एक राशन कार्ड व्यवस्था, कारोबार सुगमता में सुधार, शहरी स्थानीय निकाय/ उपयोगी सेवाओं में सुधार तथा वितरण कंपनियों के निजीकरण के जरिये बिजली क्षेत्र में सुधार। शेष एक प्रतिशत कर्ज सीमा दो किस्तों... 0.50 प्रतिशत-0.50 प्रतिशत... में जारी की जाएगी। पहले किस्त की अनुमति बिना किसी शर्त के सभी राज्यों को तुंरत मिलेगी। वहीं 0.50 प्रतिशत की दूसरे किस्त की अनुमति कम-से-कम उक्त सुधारों में से तीन को लागू करने पर मिलेगी। भारत सरकार पहले ही जून 2020 में खुले बाजार से कर्ज (ओएमबी) के जरिये 0.50 प्रतिशत की अनुमति दे चुकी है। इससे राज्यों के पास 1,06,830 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध हुई है। राज्यों के लिये 2020-21 के लिये शुद्ध रूप से 6.41 लाख करोड़ रुपये (3 प्रतिशत) कर्ज की सीमा तय है।
- नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा सात मई को वंदे भारत मिशन शुरू करने के बाद से अब तक 15.42 लाख भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस वार्ता में बताया कि वंदे भारत मिशन का छठा चरण एक सितंबर से शुरू हुआ है। 22 सितंबर तक भारत के 24 हवाई अड्डों पर 4 देशों से 630 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तथा142 फीडर उड़ानें परिचालित हुई जिसके माध्यम से 1 लाख 24 हजार लोगों को लाया गया । उन्होंने कहा, इस मिशन के शुरू होने के बाद से 23 सितंबर तक वंदे भारत मिशन के तहत लगभग 15.42 लाख भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है । श्रीवास्तव ने कहा कि वह बताना चाहते हैं कि सभी आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिये 8 अगस्त से एयर सुविधा प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। इस प्लेटफार्म के माध्यम से वंदे भारत मिशन के तहत आने वाले यात्रियों को संस्थागत पृथकवास से छूट देने की व्यवस्था की गई है। यह सेवा यात्रियों की बहुप्रतिक्षित मांग के मद्देनजर उपलब्ध करायी गई है जिसमें वे आरटी पीसीआर रिपोर्ट के आधार पर संस्थागत पृथकवास से छूट की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वंदे भारत मिशन का छठा चरण 30 सितंबर तक जारी रहेगा ।---
- नई दिल्ली।. नागर विमानन मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को घरेलू यात्री उड़ानों के लिए सामान की सीमा तय करने की अनुमति दे दी है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी सामने आई।कोरोना वायरस महामारी के कारण दो महीने के अंतराल के बाद जब 25 मई को घरेलू यात्री उड़ान सेवा बहाल हुई तब मंत्रालय ने कहा था कि प्रत्येक यात्री को केवल एक चेक-इन बैग और हाथ से उठाने लायक एक बैग लेकर विमान में जाने की अनुमति होगी। मंत्रालय ने 23 सितंबर, 2020 को जारी एक आदेश में कहा कि विमानन कंपनियां अपनी नीति के तहत सामान की सीमा तय कर सकती हैं। कोविड-19 की स्थिति से पहले जितनी संख्या में घरेलू उड़ानें परिचालित होती थीं, वर्तमान में उसके 60 प्रतिशत से अधिक उड़ानों के परिचालन की अनुमति नहीं दी गई है।
- नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर ने बताया कि भारतीय रेलवे ने रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर शोध कार्यों को जारी रखने के लिए संस्थान के साथ समझौता अवधि का विस्तार किया है। समझौता ज्ञापन (एमओयू), आईआईटी-कानपुर में रेलवे शोध केन्द्र (सीआरआर) के जरिये विद्युत रेल इंजन, लोकोमोटिव नियंत्रण और संचार प्रणालियों, ट्रैक्शन इंस्टॉलेशन और ड्राइवर इंटरफेस सिस्टम के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान की सुविधा प्रदान करेगा।आईआईटी-कानपुर ने एक बयान में कहा, आईआईटी-कानपुर, गुरुवार को भारतीय रेलवे के साथ अपने एमओयू के विस्तार की घोषणा करता है ताकि रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और रेलवे शोध केन्द्र (सीआरआर) के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक संपत्तियों के कुशल उपयोग के लिए अत्याधुनिक सहयोगपूर्ण शोध को प्रोत्साहन दिया जा सके। आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने कहा, भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर नेटवर्क, इंटरनेट, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों के उत्पादक उपयोग के माध्यम से रेल प्रणाली को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- पलक्कड़,। मलयालम के मशहूर कवि अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी को उनके कुमारानाल्लूर स्थित आवास पर आयोजित किए गए एक विशेष कार्यक्रम में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह देश का साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार है। राज्य के संस्कृति मंत्री ए के बालन ने अक्कीतम को यह पुरस्कार दिया।मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विजयन ने कहा कि अक्कीतम का लेखन केरलवासियों के लिए मलयालम भाषा की कहावत बन गया है। मलयालम साहित्य के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले अक्कीतम छठे लेखक हैं। ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा पिछले साल नवंबर में की गई थी, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन के चलते पुरस्कार सौंपने के कार्यक्रम में देरी हुई।
- चंडीगढ़। पंजाब के मोहाली के डेरा बस्सी इलाके में दो मंजिला एक व्यावसायिक इमारत गिरने से 3 मजदूरों सहित 4 व्यक्तियों की मौत हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में चार व्यक्तियों की मौत हो गई है।इससे पहले तीन श्रमिकों के शव मलबे से निकाले गए थे जबकि इमारत के मालिक हरदेव सिंह (72) को अस्पताल ले जाया गया था। उसे सिर में चोट आयी थी। इमारत के मालिक की चंडीगढ़ में स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई।मोहाली के उपायुक्त गिरीश दयालन ने गुरुवार को बताया कि अन्य मृतकों की पहचान गोपी (60), राजू (46) और रमेश (45) के रूप में की गई है। बचाव अभियान चार घंटे चला और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को मलबे के नीचे फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मीरा मल्ली मोहल्ले में स्थित दो मंजिला इमारत सुबह करीब साढ़े नौ बजे गिर गई। इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गए हैं और डेरा बस्सी के एसडीएम कुलदीप बावा को 10 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
- नई दिल्ली। सरकार ने मंत्रालयों और विभागों से घरेलू और विदेश यात्राओं तथा अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए आबंटित राशि में बचे हुए कोष का अन्य कार्यों में उपयोग करने से पहले वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेने को कहा है।सरकार का कहना है कि कोविड-19 महामारी के चलते इन खर्चों के लिये निर्धारित राशि का हो सकता है, उपयोग नहीं हुआ हो। मंत्रालय के अधीन आने वाले व्यय विभाग ने इस संदर्भ में कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। यात्रा और प्रशासनिक मद के लिए निर्धारित राशि कोविड-19 महामारी के कारण बिना उपयोग के पड़ी रह सकती है। मंत्रालयों और विभागों को मिले वित्तीय अधिकार नियम, 1978 के तहत उनके पास उन मामलों में दूसरे मदों में आबंटन बढ़ाने की शक्ति हैं, जहां वृद्धि 5 करोड़ रुपये से कम है। कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न आसाधारण स्थिति के मद्देनजर वित्त मंत्रालय विदेश यात्रा व्यय, घरेलू यात्रा व्यय, विज्ञापन और प्रचार-प्रसार जैसे मदों में आबंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं होने पर उसका दूसरे मदों में आबंटन पर रोक लगाता है। कार्यालय ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पूंजी व्यय के संरक्षण की भी जरूरत है।इसमें कहा गया है कि मंत्रालयों और विभागों को घरेलू और विदेश यात्राओं और अन्य प्रशासनिक खर्चों में बची हुई राशि का दूसरे मदों में उपयोग से पहले वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी।
- नई दिल्ली। सरकार ने देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भविष्य के लिये तैयार करने तथा देश को एक प्रमुख निर्यातक बनाने की एक ठोस रणनीति तैयार करने के लिए पांच कार्य बलों का गठन किया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।एमएसएमई सचिव ए.के. शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अगले साल की शुरुआत तक भविष्य की पहल को लागू करने की राह पर होगा। शर्मा ने उद्योग व वाणिज्य संगठन फिक्की के द्वारा आयोजित एक आभासी सत्र में कहा कहा, हमने पांच प्रमुख कार्य बल का गठन किया है, जो हमारे प्रमुख अधिकारियों के नेतृत्व में होंगे। ये पांच कार्य बल ऐसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में एक महीने के लिये काम करेंगे, जिनके बारे में हमें लगता है कि भारतीय उद्योग विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र को इन क्षेत्रों में आगे बढऩा चाहिये। उन्होंने कहा कि पहचाने गये पांच क्षेत्रों में से एक उद्योग 4.0 है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 3 डी और आभासी वास्तविकता (वर्चुअल रियलिटी) जैसे आयाम शामिल हैं। इस कार्य बल का गठन भारत को उद्योग 4.0 में वैश्विक अगुवा बनाने के उद्देश्य से किया गया है।सचिव ने कहा, इस मिशन और उद्देश्य के साथ कार्यबल एक महीने के लिये काम करेगा, दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाएगा, विशेषज्ञों से राय प्राप्त करेगा और एक महीने के भीतर ठोस रणनीति व कार्रवाई के बिंदुओं के साथ मंत्रालय के पास पहुंचेगा। अन्य कार्य बलों पर विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरा क्षेत्र निर्यात संवर्धन और आयात में कमी है, जिसमें प्रमुख विनिर्माण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना और हमारे गुणवत्ता मानकों, डिजाइन व प्रौद्योगिकी तथा पैकेजिंग में सुधार करना शामिल है। अंतिम उद्देश्य यह देखना है कि भारत एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र और दुनिया में एक प्रमुख निर्यातक बन जाये। तीसरा क्षेत्र यह है कि हमारी मौजूदा क्लस्टर योजनाओं को कैसे नियोजित किया जाये कि वे सूक्ष्म-स्तरीय उद्यमों के साथ-साथ अत्याधुनिक उद्यमों की सहायता कर सकें। सचिव ने कहा कि चौथा कार्य बल हमारे प्रौद्योगिकी केंद्रों को एकीकृत करने के तरीके पर ध्यान केंद्रित करेगा। पांचवां कार्य बल जेडईडी (शून्य दोष और शून्य प्रभाव) और एलईएएन (विनिर्माण प्रतिस्पर्धा के लिये) जैसी विभिन्न आधुनिकीकरण योजनाओं, डिजाइन, बौद्धिक संपदा अधिकारों और विपणन योजना से संबंधित अन्य योजनाओं पर काम करेगा।
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फर्रुखाबाद/लखनऊ। यूपी के फर्रुखाबाद जिले में 45 फुट गहरे बोरवेल से ईंट निकालने गये दो लोग मिट्टी धंसने से अंदर दब गये। उनमें से एक की मौत हो गयी। तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि अलेपुर पीत धौलेश्वर गांव निवासी अशरफ (65) अपने 45 फुट गहरे बोरबेल में गाँव के ही 60 वर्षीय नंदन राजपूत के साथ ईंट निकालने के लिए घुसे थे। काम के दौरान अचानक बोरवेल की मिट्टी धंस गयी जिससे अशरफ और नंदन दब गये। सूचना मिलने पर कायमगंज के तहसीलदार प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लगभग चार घंटे तक चले बचाव कार्य के बाद आखिर दोनों को निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने नंदन को मृत घोषित कर दिया। सूत्रों ने बताया कि अशरफ का इलाज किया जा रहा है। उनकी हालत नाजुक बतायी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस हादसे में घायल व्यक्ति का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 2018-19 के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना-एनएसएस पुरस्कार प्रदान किए। एनएसएस पुरस्कार 42 विजेताओं को तीन विभिन्न श्रेणियों-विश्वविद्यालय, एनएसएस इकाई और उनके कार्यक्रम अधिकारियों तथा एनएसएस स्वयंसेवकों को प्रदान किए गये। इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री किरेन रिजिजू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित थे।अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य सेवा से शिक्षा प्रदान करना है। श्री कोविन्द ने कहा कि युवा स्वयं सेवियों का चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास सेवा के द्वारा किया जाता है। योजना का उद्देश्य मैं नहीं बल्कि तुम हो। श्री कोविन्द ने कहा कि ये बड़े हर्ष का विषय है कि कई तकनीकी संस्थानों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के लगभग 40 लाख युवा छात्र राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर राष्ट्र और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग चार करोड़ स्वयं सेवकों ने इस योजना के तहत अपना योगदान दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से लड़ाई में एनएसएस स्वयंसेवकों ने समाज में सुरक्षित दूरी और मास्क के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा की है। इस अवसर पर केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने कोविड-19 महामारी के समय एनएसएस स्वयंसेवकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।युवा कार्यक्रम विभाग प्रत्येक वर्ष स्वयंसेवकों के समाज सेवा के अभूतपूर्व कार्यों को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान करता है। केन्द्रीय समाज सेवा योजना-एनएसएस की शुरूआत 1969 में हुई थी। इसका उद्देश्य समाज में स्वयंसेवा के जरिए युवा छात्रों का व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण करना है।---
- अमेठी (उप्र)। अमेठी जिले में खराब मौसम के बीच बिजली गिरने की घटनाओं में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गयी जबकि नौ अन्य लोग झुलस गए।अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम ने बताया कि बुधवार को गौरीगंज थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव में जानवर चरा रहे लोगों पर बिजली गिरने से लछना देवी (50) की मौत हो गयी जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गये। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।दयाराम ने बताया कि दूसरी घटना मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के पलिया गांव में हुई जहाँ बिजली की चपेट में आये वसीम खान (25) की मौत हो गयी तथा एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिये हैं।
- नई दिल्ली। लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफलतापूर्वक परीक्षण अहमदनगर में केके रेंज, आर्मर्ड कॉप्र्स सेंटर एंड स्कूल (एसीसीएंडएस) में एमबीटी अर्जुन टैंक से किया गया। इन परीक्षणों में, एटीजीएम ने 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्य को सफलतापूर्वक अपना निशाना बनाया। लेजर गाइडेड एटीजीएम डेज़िग्नेशन की सहायता से अपने निर्धारित लक्ष्य पर जाकर सटीकता से हमला करना सुनिश्चित करती है।इसके अलावा इसमें हीट (हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट) वारहेड के जरिए एक्सप्लोसिव रिऐक्टिव आर्मर (ईआरए) प्रोटेक्टेड वेहिकल्स (बख़्तरबंद वाहनों) को भी उड़ाने की क्षमता है। एटीजीएम को कई-प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है और वर्तमान में एमबीटी अर्जुन में लगी बंदूक से फायर कर इसका तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है।आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीई) पुणे ने हाई एनर्जी मेटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी (एचईएमआरएल) पुणे और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) देहरादून के सहयोग से यह मिसाइल विकसित की है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ को केके रेंज में एमबीटी अर्जुन से लेजर गाइडेड टैंक रोधी मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए बधाई दी है। रक्षा अनुसंधान और विकास निदेशालय के सचिव तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष ने डीआरडीओ कर्मियों के कठिन परिश्रम और इस सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए बधाई दी है।
- नई दिल्ली। .नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) योजना लागू हुए 15 साल होने के बाद भी सरकारी क्षेत्र के सभी पात्र कर्मचारी पूर्ण रूप से इसके दायरे में नहीं आ पाये हैं। साथ ही कटौती, बिल और प्रेषण में देरी के मामले भी सामने आये हैं। संसद में पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार एनपीएस में यह परिकल्पना की गयी है कि सभी पात्र सरकारी कर्मचारियों इसके दायरे में आएंगे और अंशधारकों तथा नियोक्ताओं का योगदान समय पर काटा जाएगा तथा उसे ट्रस्टी बैंकों में भेजा जाएगा।कैग ने कहा कि उसने तीन क्षेत्रों... योजना, क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर एनपीएस का प्रदर्शन ऑडिट किया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के अनुसार क्रियान्वयन के संदर्भ में यह पाया गया कि लागू होने के 15 साल बाद भी ऐसा कोई पक्का नहीं है कि सभी नोडल कार्यालय और 100 प्रतिशत पात्र कर्मचारी एनएपीएस के दायरे में हैं।रिपोर्ट में कहा गया है, स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (पीआरएएन) जारी करने, एनपीएस योगदान में पहली कटौती, पीएओ (पे एंड एकाउंट कार्यालय) तक बिलों के पहुंचने, अंशधारकों के योगदान फाइल के अपलोड होने और ट्रस्टी बैंक को योगदान राशि भेजने में देरी पायी गयी है। कैग ने कहा कि ऑडिट के लिये उसने जो नमूने लिये, उसमें केंद्र सरकार/केंद्रीय स्वायत्त निकायों के 5.20 करोड़ रुपये और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बरसमेंट ऑफिस) से 793.04 करोड़ रुपये एनपीएस से जुड़े नोडल कार्यालयों ने ट्रस्टी बैंकों को नहीं भेजे। योजना के बारे में कैग ने कहा कि 15 साल लागू होने के बाद भी सेवा शर्तों और सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
- नई दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का पदभार संभाल लिया। शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल के पिछले सप्ताह कृषि क्षेत्र से जुड़े विधेयकों के विरोध में मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तोमर को इस मंत्रालय की नई जिम्मेदारी दी गयी।एक आधिकारिक बयान के अनुसार बुधवार को तोमर का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने मंत्रालय में स्वागत किया। इस मौके पर सचिव पुष्पा सुब्रमणियम भी मौजूद थी। मंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और योजनाओं की समीक्षा की। तोमर के पास कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज्य मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकास के चरण में है। श्री तोमर ने बयान में कहा कि मंत्रालय युवाओं के लिए रोजगार सृजन, किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराकर उन्हें लाभ पहुंचाने तथा ग्राहकों को बेहतर सामान उपलब्ध कराने को लेकर हर संभव प्रयास और योगदान कर रहा है।----
- नई दिल्ली। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और कर्नाटक से भाजपा सांसद सुरेश अंगड़ी का आज एम्स में निधन हो गया। वो 65 साल के थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर ट्वीट कर कहा है, श्री सुरेश अंगड़ी एक प्रतिबद्ध कार्यकर्ता थे जिन्होंने पार्टी को कर्नाटक में मज़बूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। वो एक समर्पित सांसद और प्रभावी मंत्री थे। सभी तबक़ों में उनकी सराहना की जाती थी। उनका निधन दुखदायी है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ है। ओम शांति।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री बघेल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दु:ख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट किया-केंद्रीय रेल राज्यमंत्री श्री सुरेश अंगाड़ी जी के आकस्मिक निधन का बेहद दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिजन व शुभचिंतकों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति !!गौरतलब है कि 11 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। उन्होंने ख़ुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, मेरी कोरोना रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। मैं अभी ठीक हूं, डॉक्टरों से सलाह ले रहा हूं। पिछले कुछ दिनों में जो लोग मेरे कऱीब संपर्क में आए वो अपनी सेहत का ख्याल रखें और किसी भी लक्षण के दिखने की हालत में अपना टेस्ट करवाएं।

- जयपुर। राजस्थान के करौली जिले के टोडाभीम थाना क्षेत्र में आज खेत में काम करने के दौरान दो महिलाओं की करंट लगने से मौत हो गई जबकि व्यक्ति झुलस गया।पुलिस ने बताया कि जैसनी गांव में महिलाएं सिर पर सामान लेकर खेत से गुजर रही थीं। उसी दौरान एक महिला ऊपर से गुजर रहे तारों के संपर्क में आ गयी, उसे बचाने के प्रयास में दोनों महिलाएं करंट की चपेट में आ गयीं। उन्हें बचाने के प्रयास में एक व्यक्ति भी झुलस गया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान शिमला और मनीषा के रूप में हुई है। दोनों रिश्तेदार हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। संसद ने श्रमिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए श्रम संहिता संबंधी तीन विधेयक पारित कर दिए हैं। राज्यसभा ने इन विधेयकों को आज स्वीकृति दी जबकि लोकसभा में कल ही यह विधेयक पारित कराया जा चुका है ।पहले विधेयक में व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-स्थिति संहिता 2020 में किसी प्रतिष्ठान में नियुक्त व्यक्तियों की व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य करने की दशाओं को विनियमित करने का प्रावधान है। दूसरे विधेयक, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 में कर्मचारी संघ, औद्योगिक प्रतिष्ठान या उपक्रम में रोजग़ार की दशाओं, औद्योगिक विवादों की जांच और निपटान संबंधी कानून को संशोधित किया गया है।जबकि तीसरे विधेयक में सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत देश में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा संबंधी कानूनी को संशोधित किया गया है। विधेयकों पर चर्चा के उत्तर में श्रम और रोजग़ार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि इन ऐतिहासिक विधेयकों से समयबद्ध शिकायत समाधान प्रणाली के ज़रिये श्रमिकों के हितों पर दूरगामी असर होंगे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के लिए विधेयकों में कई प्रावधान किए गए हैं। श्री गंगवार ने आगे कहा कि सरकार कामगारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में पिछले छह वर्ष में कई कदम उठाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने मज़दूरों से विरोध का अधिकार नहीं छीना है। मज़दूरों की समस्याओं के सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने के लिए हड़ताल से पहले 14 दिन का नोटिस देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अन्य जगहों पर जाकर काम करने वाले मज़दूरों के कल्याण के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं।
- जम्मू। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में एक वाहन सड़क से फिसल कर गहरी खाई में गिर गया जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टाटा मोबाइल वाहन मंगलवार रात उस समय हादसे का शिकार हुआ जब वह जिले में स्थित कस्तीगढ़ से कुमेते जा रहा था। पुलिस और स्थानीय लोग दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने घायलों को यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया।
- नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 83 हजार 347 नये मामले आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 56 लाख को पार कर गई है। वहीं एक दिन में 89 हजार 746 मरीज स्वस्थ हुए हैं। अब तक 45 लाख 87 हजार 6 सौ 13 लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ठीक होने वालों की दर 81.25 प्रतिशत हो गई है। इस दौरान एक हजार 85 मरीजों की इस संक्रमण से मौत हुई है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 90 हजार 20 हो गई है और मरने वालों की दर कम होकर 1.59 प्रतिशत पर आ गई है।इस समय देश में कुल 9 लाख 68 हजार 377 सक्रिय मामले हैं, जो कुल मामलों का 17.15 प्रतिशत है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-आईसीएमआर के अनुसार कल एक दिन में 9 लाख 53 हजार 683 नमूनों की जांच की गई। अब तक कुल 6 करोड़ 62 लाख 79 हजार 462 कोविड नमूनों की जांच की जा चुकी है।
- गया। तीस वर्षों तक अथक परिश्रम कर पहाड़ी के पानी को गांव के तालाब तक पहुंचाने के लिए नहर बनाने वाले बिहार के कैनाल मैन लौंगी भुईयां को औद्योगिक घराना महिंद्रा ग्रुप का सम्मान मिला है। ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा के निर्देश पर गया के स्वराजपुरी रोड स्थित महिंद्रा के डीलर ने लौंगी भुईयां को ट्रैक्टर सौंपा है।दरअसल कुछ समय पहले यह खबर सोशल मीडिया और अखबारों में प्रमुखता से सामने आई कि बिहार के गया जिले के बांकेबाजार के लुटुआ के कोठीलवा गांव के 70 वर्षीय लौंगी भुईयां ने 30 साल की अथक मेहनत से अकेले ही करीब 3 किमी लंबी नहर खोद डाली। इस तरह से पहाड़ों का पानी गांव में पानी पहुंचा और खेतों की सिंचाई संभव हो सकी। यह खबर छत्तीसगढ़आजडॉटकॉम ने भी प्रकाशित की थी।लौंगी भुईयाां के बारे में जब आनंद महिंद्रा को जानकारी मिली तो उन्होंने ट्वीट करते हुये लौंगी मांझी की सराहना की थी और उनके द्वारा खोदे गये कैनाल की तुलना ताज से की थी। आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करते हुए हाथ से ही नहर खोद डालने वाले लौंगी भुईयां को ट्रैक्टर देने का ऐलान करते हुये लिखा था कि उनको ट्रैक्टर देना मेरा सौभाग्य होगा। उनके द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए गया में अपनी कंपनी के डीलर को निर्देशित किया गया, जिसके बाद डीलर द्वारा लौंगी भुईयां से संपर्क स्थापित कर गया बुलाया गया और उन्हें ट्रैक्टर सौंपा गया।ट्रैक्टर पाकर लौंगी भुईयां काफी खुश दिखे और कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसा भी होगा। लौंगी ने कहा कि पहले मुझे गांव वाले भला बुरा कहते थे, पागल समझते थे घर वाले भी खाना नहीं देते थे, लेकिन आज मीडिया के कारण हमें इतना सम्मान मिला, अब घरवाले सहित गांव के लोग भी काफी खुश हैं।इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी लौंगी भुइयां के घर पहुंचे थे और उन्होंने नगद राशि देने के बाद माला पहनाकर सम्मानित किया था। जीतन राम मांझी ने कैनाल मैन को जल पुरुष का नाम दिया है साथ ही उन्होंने कहा कि लुटुआ से उनके गांव तक कच्ची सड़क को पक्का बनाया जाएगा, जिसे लौंगी भुइयां के नाम से जाना जाएगा। मांझी ने लुटुआ में सरकारी स्कूल का नाम भी लूंगी भैया के नाम से रखे जाने की मांग सरकार से की।
- नई दिल्ली। भारतीय रेल की बडी लाइनों के मार्गों को वर्ष 2023 तक शत-प्रतिशत विद्युतीकृत किए जाने की योजना है। आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि इस वर्ष एक अप्रैल तक कुल 63 हजार 631 किलोमीटर रेल मार्गों में से लगभग 63 प्रतिशत बड़ी लाइनों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। रेलमंत्री ने बताया कि देश में 23 हजार 765 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण होना बाकी है।----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि लोकसभा से कल पारित तीन श्रम सुधार विधेयक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले साबित होंगे। ये विधेयक हैं- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-स्थिति संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 ।लोकसभा में विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए श्री गंगवार ने कहा कि ये कानून देश के 50 करोड़ से अधिक कामगारों के लिए हितकारी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्ष में श्रमिक संघों, नियोक्ताओँ, राज्य सरकारों और श्रम क्षेत्र के विशेषज्ञों सहित विभिन्न पक्षों से इस बारे में व्यापक विचार-विमर्श हुआ। नए श्रम कानूनों के प्रावधानों में उनकी राय शामिल की गई है। लोकसभा सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर श्री गंगवार ने कहा कि 29 श्रम कानूनों को सरल, सुगम्य और पारदर्शी चार श्रम कानूनों में समाहित किया गया है। इनमें से पारिश्रमिक संहिता 2019 में संसद पहले ही पारित कर चुकी है।सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत अधिकतम श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा अधिकार उपलब्ध कराने और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया गया है। व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-स्थिति संहिता 2020 के अंतर्गत निशुल्क स्वास्थ्य जांच सुविधा और नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का कानूनी अधिकार पहली बार श्रमिकों को उपलब्ध कराया गया है। औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के अंतर्गत कामगारों के लिए विवादों के शीघ्र निपटान की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके तहत नियत अवधि रोजगार विकल्प उपलब्ध होगा जिससे कामगार, नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ये श्रम संहिताएं महिलाओं को उनकी सहमति से प्रत्येक क्षेत्र में रात के समय काम करने की अनुमति देती हैं। श्रम और रोजगार मंत्री ने कहा कि देश के श्रम क्षेत्र में इन महत्वपूर्ण सुधारों से घरेलू निवेश के साथ-साथ विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और इंस्पेक्टर राज का अंत होगा।
- नई दिल्ली। भारतीय वैज्ञानिकों के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने ब्लैक होल के चारों ओर अदृश्य चारदीवारी की पहचान से जुड़े ब्रह्मांडीय एक्स-किरणों के एक विशिष्ट साक्ष्य का पता लगाया है। यह खोज मुंबई स्थित टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के सुदीप भट्टाचार्य सहित अन्य तारा-भौतिकविदों ने की है जिसमें उपग्रह द्वारा ब्रह्मांडीय एक्स किरणों पर जुटाई गई जानकारी का सहारा लिया गया।वैज्ञानिकों ने कहा कि यद्यपि ब्लैक होल की कोई सतह नहीं होती, लेकिन यह अदृश्य चारदीवारी के दायरे में कैद होता है जिससे कोई चीज, यहां तक कि प्रकाश भी बचकर नहीं जा सकता और सब कुछ इसमें समा जाता है। इन तारकीय द्रव्यमान वाले ब्लैक होल का अस्तित्व साबित करने के क्रम में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इन्हें न्यूट्रॉन तारों से अलग करने की आवश्यकता है जो कठोर सतह के साथ ब्रह्मांड में सबसे घनी वस्तुओं के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान अध्ययन में वैज्ञानिकों ने अब सेवानिवृत्त हो चुके उपग्रह रोसी एक्स-रे टाइमिंग एक्सप्लोरर द्वारा जुटाए गए आंकड़ों की मदद ली और उपग्रह द्वारा देखी गईं ब्रह्मांडीय एक्स किरणों से अब तक के छोटे, लेकिन अत्यंत कठोर ब्लैक होल के मजबूत साक्ष्य का पता लगाया।
- पटना। बिहार सरकार ने नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए 28 सितंबर से सरकारी और निजी दोनों स्कूलों को दोबारा खोलने का फैसला किया है।बिहार के शिक्षा विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय विभाग के प्रधानसचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। हालांकि आदेश में विद्यार्थियों को कक्षाओं में भाग लेना अनिवार्य नहीं किया गया है। छात्रों को केवल लिखित रूप में अपने माता-पिता/अभिभावकों द्वारा दी गई सहमति पर कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति होगी। आदेश में कहा गया है कि केवल 50 प्रतिशत शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी स्कूल में दैनिक कार्य भाग लेंगे जबकि एक तिहाई विद्यार्थियों को प्रति दिन कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त सचिव-सह-निदेशक गिरवर दयाल सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है स्कूल प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए कार्यक्रम के अनुसार, एक विद्यार्थी सप्ताह में दो दिन अपनी कक्षाओं में भाग ले सकेगा । आदेश में कहा गया है कि निषिद्ध क्षेत्र के किसी भी छात्र या शिक्षक को विद्यालय आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


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